सामयिक - 18 September 2026
‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ अभियान का शुभारंभ
17 सितंबर, 2026 को आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय और जल शक्ति मंत्रालय के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने नई दिल्ली में ‘स्वच्छता ही सेवा (SHS) 2026’ अभियान का शुभारंभ किया। अभियान 17 सितंबर से 2 अक्टूबर, 2026 तक आयोजित किया जा रहा है।
मुख्य बिंदु
- थीम: इस वर्ष अभियान की थीम ‘स्वच्छता में सहभाग; स्वच्छ भारत, विकसित भारत’ है, जिसमें स्वच्छता को सरकार और समाज की साझा जिम्मेदारी के रूप में रेखांकित किया गया है।
- संयुक्त शुभारंभ:अभियान की शुरुआत नई दिल्ली के इंडिया गेट स्थित चिल्ड्रन्स पार्क में ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल के तहत संयुक्त वृक्षारोपण अभियान के साथ हुई।
- पांच प्रमुख स्तंभ:अभियान में स्वच्छता लक्षित इकाइयों एवं सार्वजनिक स्थलों का कायाकल्प, स्वच्छ पाठशाला, सफाईमित्र सुरक्षा एवं सम्मान शिविर, जनभागीदारी और स्वच्छता से समृद्धि को प्रमुख स्तंभ बनाया गया है।
- कचरे का पृथक्करण:अभियान में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 और स्रोत पर कचरे को चार श्रेणियों में अलग करने के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है। ये नियम 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी हैं।
छठे राष्ट्रीय फार्माकोविजिलेंस सप्ताह का शुभारंभ
17 सितंबर, 2026 को भारतीय फार्माकोपिया आयोग (IPC) ने गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश में छठे राष्ट्रीय फार्माकोविजिलेंस सप्ताह (NPW) का शुभारंभ किया। यह सप्ताह 17 से 23 सितंबर, 2026 तक देशभर में मनाया जा रहा है।
मुख्य बिंदु
- थीम: इस वर्ष की थीम ‘फार्माकोविजिलेंस के माध्यम से दवाओं के तर्कसंगत उपयोग को बढ़ावा देना–सुरक्षित स्वास्थ्य सेवा की दिशा में एक कदम’ है।
- मुख्य उद्देश्य:अभियान का उद्देश्य स्वास्थ्य पेशेवरों, शोधकर्ताओं और आम लोगों कोप्रतिकूल औषधि प्रतिक्रिया (ADR) की रिपोर्टिंग के प्रति जागरूक करना है।
- IPC की भूमिका:भारतीय फार्माकोपिया आयोग, फार्माकोविजिलेंस प्रोग्राम ऑफ इंडिया (PvPI) के लिए नेशनल कोऑर्डिनेशन सेंटर (NCC) के रूप में कार्य करता है।
- फार्माकोविजिलेंस नेटवर्क:देश में दवाओं की सुरक्षा निगरानी को मजबूत करने के साथ आकांक्षी जिलों में कम-से-कम एक ADR निगरानी केंद्र और एक चिकित्सा उपकरण निगरानी केंद्रस्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
- सुरक्षा संबंधी आंकड़े:फार्माकोविजिलेंस से प्राप्त आंकड़ों के प्रभावी विश्लेषण और उपयोग को नियामकीय एवं चिकित्सकीय निर्णयोंतथा दवाओं के तर्कसंगत उपयोग के लिए महत्वपूर्ण बताया गया।
PM विश्वकर्मा योजना के 3 वर्ष पूरे, 30 लाख लाभार्थी पंजीकृत
17 सितंबर, 2026 को पीएम विश्वकर्मा योजना के तीन वर्ष पूरे होने पर कोलकाता के धोणो धान्यो सभागार में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। योजना के तहत अब तक 30 लाख लाभार्थी पंजीकृत हो चुके हैं।
मुख्य बिंदु
- योजना की शुरुआत:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को व्यापक सहायता प्रदान करने के लिए17 सितंबर, 2023 को पीएम विश्वकर्मा योजना शुरू की थी। यह18 पारंपरिक व्यवसायोंको कवर करती है।
- कौशल प्रशिक्षण:पंजीकृत 30 लाख लाभार्थियों में से लगभग 24.50 लाख विश्वकर्माओं को बुनियादी कौशल प्रशिक्षणदिया जा चुका है।
- आधुनिक टूलकिट:इंडिया पोस्ट के माध्यम से18.15 लाख आधुनिक टूलकिटलाभार्थियों तक पहुंचाई गई हैं।
- ऋण सहायता:लगभग 6.18 लाख विश्वकर्माओं को 5% वार्षिक रियायती ब्याज दर पर ₹1 लाख तक का ऋण दिया गया है, जिसकी कुल राशि ₹5,297 करोड़ है।
- योजना का उद्देश्य:योजना के तहत कारीगरों को पहचान, कौशल उन्नयन, आधुनिक उपकरण, संस्थागत ऋण, डिजिटल लेनदेन प्रोत्साहन और बाजार से जुड़ाव जैसी सहायता प्रदान की जाती है।
भारत-नेपाल व्यापार एवं पारगमन पर IGSC बैठक
16-17 सितंबर, 2026 को नई दिल्ली के वाणिज्य भवन में आयोजित ‘व्यापार, पारगमन और अनधिकृत व्यापार पर नियंत्रण हेतु सहयोग से संबंधित भारत-नेपाल अंतर-सरकारी उप-समिति (IGSC)’ की बैठक में दोनों देशों ने व्यापार, पारगमन और संपर्क से जुड़े अनेक मुद्दों की समीक्षा की।
मुख्य बिंदु
- प्रतिनिधिमंडल:भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वाणिज्य विभाग के संयुक्त सचिव उज्ज्वल कुमार घोष और नेपाली प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उद्योग, वाणिज्य एवं आपूर्ति मंत्रालय के संयुक्त सचिवबुद्ध बहादुर गुरुंगने किया।
- द्विपक्षीय तंत्र: IGSC दोनों देशों के बीच व्यापार एवं व्यापार-संबंधी मुद्दों की विस्तृत समीक्षा तथा द्विपक्षीय व्यापार और पारगमन को सुविधाजनक बनाने वाला संस्थागत तंत्र है।
- बाजार पहुंच:दोनों पक्षों ने कृषि एवं डेयरी उत्पाद, खाद्य उत्पाद, फार्मास्यूटिकल्स, चिकित्सा उपकरण और आयुष उत्पादों के लिए बाजार पहुंच बढ़ाने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।
- सीमा शुल्क सहयोग:बैठक में आगमन-पूर्व सूचना के आदान-प्रदान, सर्टिफिकेट ऑफ ओरिजिन के इलेक्ट्रॉनिक सत्यापन, सीमा शुल्क स्वचालन और डिजिटलीकरण पर चर्चा हुई।
- पारगमन एवं कनेक्टिविटी:दोनों देशों ने रेल एवं सड़क संपर्क, माल ढुलाई, इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट (ICP) और लैंड पोर्ट अवसंरचना की समीक्षा की तथा परिचालन संबंधी बाधाओं को दूर करने पर जोर दिया।
- अनधिकृत व्यापार:दोनों पक्षों ने वैध सीमा-पार व्यापार को सुविधाजनक बनाने के साथअनधिकृत व्यापार और वाणिज्यिक धोखाधड़ीसे निपटने के लिए संबंधित एजेंसियों के बीच सहयोग मजबूत करने पर जोर दिया।
- भारत-नेपाल व्यापार:भारत नेपाल का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदारऔर निवेश का एक महत्वपूर्ण स्रोत बना हुआ है।
WTO के अंतर्गत बहुपक्षीय समझौतों के लिए भारत की शर्तें
16 सितंबर 2026 को भारत ने विश्व व्यापार संगठन (WTO) सुधारों पर एक प्रस्ताव रखा, जिससे बहुपक्षीय (प्लुरिलेटरल) समझौतों को WTO ढांचे में शामिल करने में सुविधा हो सकती है।
- यह प्रस्ताव मार्च 2026 में कैमरून में हुए WTO के 14वें मंत्रिस्तरीय सम्मेलन में बहुपक्षीय समझौतों के प्रति भारत के कड़े विरोध के बाद आया।
बहुपक्षीय (प्लुरिलेटरल) समझौते क्या हैं?
- बहुपक्षीय समझौता WTO के सभी सदस्यों के बीच नहीं, बल्कि सदस्यों के एक समूह के बीच होने वाला व्यापार समझौता होता है।
- कोई भी बहुपक्षीय समझौता WTO की आधिकारिक नियमपुस्तिका का हिस्सा तभी बन सकता है, जब सभी WTO सदस्य इस पर सहमत हों।
भारत के विरोध का कारण
- भारत की चिंता है कि ये समझौते विकासशील देशों (जिसमें भारत भी शामिल है) के हितों के खिलाफ काम करेंगे।
- कई विकसित देशों ने भारत के सार्वजनिक स्टॉकहोल्डिंग कार्यक्रम का विरोध इस आधार पर किया है कि ये व्यापार को प्रभावित कर रहे हैं।
WTO बहुपक्षीय समझौतों के लिए भारत की शर्तें
- बाहर रहने का अधिकार: सदस्यों को बिना मौजूदा WTO अधिकारों को खोए समझौते से बाहर रहने की स्वतंत्रता होनी चाहिए।
- विकासशील देशों के सुरक्षा उपाय: विशेष एवं विभेदक व्यवहार (S&DT) केंद्र में बना रहना चाहिए।
- WTO के मूल कार्यों की रक्षा: संसाधनों को विकासशील देशों के लिए तकनीकी सहायता और क्षमता निर्माण से हटाया नहीं जाना चाहिए।
| 16-17 सितंबर, 2026 को नई दिल्ली में आयोजित भारत-नेपाल अंतर-सरकारी उप-समिति (IGSC) की बैठक का प्रमुख उद्देश्य क्या था? -- बैठक का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार एवं व्यापार-संबंधी मुद्दों की समीक्षा करना तथा द्विपक्षीय व्यापार और पारगमन को अधिक सुगम बनाना था |
| गल्फूड 2027 में भारत की क्या भूमिका होगी और इसका आयोजन कब होगा? -- भारत लगातार दूसरी बार आधिकारिक भागीदार देश होगा और गल्फूड 2027 का आयोजन 15 से 19 मार्च, 2027 तक UAE में होगा |
| स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियान कब आयोजित किया जा रहा है और इसकी थीम क्या है? -- यह अभियान 17 सितंबर से 2 अक्टूबर, 2026 तक ‘स्वच्छता में सहभाग; स्वच्छ भारत, विकसित भारत’ थीम के साथ आयोजित किया जा रहा है |
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