बैंकों के लाभांश वितरण पर RBI के नए मानदंड
- 11 Mar 2026
10 मार्च, 2026 को भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने “भारतीय रिजर्व बैंक (वाणिज्यिक बैंक–लाभांश की घोषणा और लाभ प्रेषण पर विवेकपूर्ण मानदंड) निर्देश, 2026” जारी किए।
मुख्य बिंदु
- ये निर्देश वित्त वर्ष 2026-27 से प्रभावी होंगे।
- लाभांश वितरण सीमा: एक बैंक निर्धारित सीमा तक लाभांश घोषित और भुगतान कर सकता है, लेकिन कुल मिलाकर उस अवधि के शुद्ध लाभ के 75 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए जिसके लिए लाभांश प्रस्तावित किया जा रहा है।
- पूंजी पर्याप्तता शर्त: लाभांश भुगतान के बाद भी बैंक की पूंजी लागू विनियामक पूंजी आवश्यकता से कम नहीं होनी चाहिए।
- नियामकीय प्रतिबंध: यदि RBI या अन्य नियामक संस्था द्वारा कोई प्रतिबंध लगाया गया है तो बैंक लाभांश घोषित नहीं कर सकते।
- विदेशी बैंक: भारत में शाखा मोड में काम कर रहे किसी विदेशी बैंक का उस अवधि के लिए शुद्ध यानी कर पश्चात लाभ (Profit After Tax–PAT) सकारात्मक होना चाहिए जिसके लिए लाभांश प्रधान कार्यालय को भेजा जाना है।
- स्मॉल फाइनेंस बैंक और पेमेंट बैंक: ये भी नियामकीय शर्तों के अधीन PAT का 75% तक लाभांश घोषित कर सकते हैं।
- क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक: क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (RRBs) और स्थानीय क्षेत्रीय बैंकों (Local Area Banks) PAT का 80% तक लाभांश घोषित कर सकते हैं।
- निदेशक मंडल की जिम्मेदारी: बैंक का निदेशक मंडल (Board of Directors) पात्रता शर्तों, भुगतान सीमा और रिपोर्टिंग आवश्यकताओं का पालन सुनिश्चित करेगा।
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