जल जीवन मिशन का विस्तार दिसंबर 2028 तक
- 11 Mar 2026
11 मार्च, 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जल जीवन मिशन (JJM) को दिसंबर 2028 तक बढ़ाने को मंजूरी दी।
- इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति को सुदृढ़ करना तथा कार्यक्रम को सतत सेवा वितरण मॉडल में परिवर्तित करना है।
मुख्य बिंदु
- वित्तीय प्रावधान में वृद्धि: मिशन का कुल वित्तीय प्रावधान बढ़ाकर ₹8.69 लाख करोड़ कर दिया गया है, जिसमें ₹3.59 लाख करोड़ केंद्रीय सहायता (Central Assistance) शामिल है।
- तुलना: 2019 में मिशन शुरू होने पर ₹2.08 लाख करोड़ राशि स्वीकृत की गयी थी।
- उपयोगिता मॉडल की ओर परिवर्तन: कार्यक्रम को अवसंरचना-आधारित दृष्टिकोण से नागरिक-केंद्रित उपयोगिता मॉडल में परिवर्तित किया जाएगा।
- सुजलम भारत डिजिटल फ्रेमवर्क: प्रत्येक गाँव को एक विशिष्ट “सुजल गाँव/सेवा क्षेत्र आईडी” प्रदान की जाएगी।
- जल स्रोत से लेकर घर के नल तक पूरी जल आपूर्ति श्रृंखला का डिजिटल मानचित्रण किया जाएगा।
- सामुदायिक भागीदारी: “जल अर्पण पहल” के माध्यम से ग्राम पंचायतें और ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियाँ (VWSCs) जल योजनाओं के संचालन और हस्तांतरण में भाग लेंगी।
- हर घर जल प्रमाणन: ग्राम पंचायतें “हर घर जल” की घोषणा तभी करेंगी जब संचालन एवं रखरखाव की उचित व्यवस्था सुनिश्चित हो।
- जल उत्सव पहल: स्थानीय जल अवसंरचना की समीक्षा और रखरखाव के लिए हर वर्ष “जल उत्सव” आयोजित किया जाएगा।
- मिशन की प्रगति: 2019 में स्थिति केवल 3.23 करोड़ ग्रामीण परिवार (17%) के पास नल से जल कनेक्शन था। वर्तमान स्थिति के अनुसार अब तक कुल 19.36 करोड़ ग्रामीण परिवारों में से 15.80 करोड़ (81.6%) परिवारों को नल जल उपलब्ध है।
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