सामयिक - 12 June 2026
भारत देगा फिलिस्तीन को 25 लाख डॉलर की सहायता
10 जून, 2026 को भारत ने घोषणा की कि वह अपने वार्षिक योगदान के हिस्से के रूप में जल्द ही ‘फिलिस्तीनी शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र राहत एवं कार्य एजेंसी’ (UNRWA) को 25 लाख अमेरिकी डॉलर (USD 2.5 Million) प्रदान करेगा।
मुख्य बिंदु
- द्वि-राष्ट्र सिद्धांत (Two-State Solution) का समर्थन: भारत ने एक संप्रभु, स्वतंत्र और व्यावहारिक फिलिस्तीन राष्ट्र के गठन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, जो सुरक्षित और मान्यता प्राप्त सीमाओं के भीतर इजराइल के साथ शांति और सुरक्षा से सह-अस्तित्व में रह सके।
- गजा में युद्धविराम की अपील: भारत ने गजा में एक दीर्घकालिक और स्थायी युद्धविराम की आवश्यकता पर जोर दिया और जारी संघर्ष के कारण उत्पन्न गंभीर मानवीय संकट व दुष्परिणामों को रेखांकित किया।
- फिलिस्तीन के साथ विकास साझेदारी: भारत ने फिलिस्तीन के साथ अपने लंबे समय से चले आ रहे विकासात्मक सहयोग और मानवीय सहायता के मजबूत ऐतिहासिक संबंधों पर प्रकाश डाला।
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क्या 2026-27 में भी भारत विश्व की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रहेगा?
हाँ। विश्व बैंक के अनुसार, चुनौतीपूर्ण वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद भारत 2026-27 में 6.6% की अनुमानित GDP वृद्धि दर के साथ विश्व की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रहेगा।
वर्तमान संदर्भ
- 11 जून, 2026 को विश्व बैंक ने भारत की आर्थिक वृद्धि को लेकर अपना नवीनतम अनुमान जारी किया है।
भारत की GDP वृद्धि दर का अनुमान
- 2025-26: 7.0% (अनुमानित)
- 2026-27: 6.6%
- 2027-28: 7.2%
- 2028-29: 7.0%
भारत की वृद्धि के प्रमुख आधार
- मजबूत घरेलू मांग
- ग्रामीण उपभोग में स्थिरता
- शहरी मांग में सुधार
- कर संग्रह में निरंतर वृद्धि
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर चिंता
- विश्व बैंक ने भू-राजनीतिक तनावों और ऊर्जा की बढ़ती कीमतों का हवाला देते हुए वर्ष 2026 के लिए वैश्विक विकास दर के अनुमान को घटाकर 2.5% कर दिया है (जो वर्ष 2025 में 2.9% था)।
वैश्विक मंदी के मुख्य कारण
- मध्य पूर्व (Middle East) में जारी संघर्ष और तनाव।
- कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की बढ़ती कीमतें।
- वैश्विक वित्तीय बाजारों में बढ़ती अनिश्चितता।
- सप्लाई चेन (आपूर्ति श्रृंखला) और ऊर्जा आपूर्ति में व्यवधान।
उच्चतम न्यायालय ने PCPNDT अधिनियम के कठोर पालन पर क्यों जोर दिया है?
क्योंकि कानूनी प्रतिबंधों के बावजूद लिंग-चयन और कन्या भ्रूण हत्या की प्रथाएं अभी भी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई हैं तथा बेटियों के प्रति सामाजिक पूर्वाग्रह अब भी मौजूद हैं, जिससे बाल लिंगानुपात में असंतुलन बना हुआ है। इसी को ध्यान में रखते हुए उच्चतम न्यायालय ने देश में लिंग-चयन की प्रथाओं के जारी रहने पर गहरी चिंता व्यक्त की है।
वर्तमान संदर्भ
- 11 जून, 2026 को उच्चतम न्यायालय ने अपने एक निर्णय में कहा कि जब तक बेटियों के प्रति सामाजिक दृष्टिकोण में बड़ा बदलाव नहीं आता, तब तक ‘गर्भधारण-पूर्व और प्रसव-पूर्व निदान तकनीक (लिंग चयन प्रतिषेध) अधिनियम, 1994’ [PCPNDT Act] को सख्ती से लागू करना अनिवार्य है।
न्यायालय की प्रमुख टिप्पणियां
- बेटों के प्रति गहरी पितृसत्तात्मक मानसिकता आज भी समाज में मौजूद है, जिसके कारण कानूनी प्रतिबंधों के बावजूद लिंग-चयन की प्रथाएं धड़ल्ले से चल रही हैं।
- कई राज्यों में जन्म के समय लिंगानुपात अभी भी राष्ट्रीय औसत से काफी नीचे है, जो समाज में गहरे तक जमे लैंगिक पूर्वाग्रह को दर्शाता है।
- कन्या भ्रूण हत्या और लिंग-चयनात्मक प्रथाओं को रोकने तथा बेटियों की सुरक्षा के लिए PCPNDT अधिनियम, 1994 का कड़ाई से पालन कराया जाना बेहद जरूरी है।
बाल लिंगानुपात
- 1991: प्रति 1,000 लड़कों पर 945 लड़कियां
- 2001: प्रति 1,000 लड़कों पर 927 लड़कियां
- 2011: प्रति 1,000 लड़कों पर 919 लड़कियां
PCPNDT अधिनियम, 1994
- यह अधिनियम लिंग-निर्धारण एवं लिंग-चयन से संबंधित गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाता है।
- इसका उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या को रोकना तथा बालिकाओं के अधिकारों की रक्षा करना है।
- भ्रूण के लिंग की जानकारी देना, उसका प्रचार करना अथवा लिंग-चयन हेतु तकनीकों का उपयोग करना दंडनीय अपराध है।
| विश्व बैंक के अनुसार वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की GDP वृद्धि दर कितनी रहने का अनुमान है? -- वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की GDP वृद्धि दर 6.6% रहने का अनुमान व्यक्त किया गया है |
| हाल ही में भारत में लिंग-चयन की प्रथाओं पर रोक लगाने के लिए उच्चतम न्यायालय ने किस अधिनियम के सख्त क्रियान्वयन पर जोर दिया है? -- उच्चतम न्यायालय ने गर्भधारण-पूर्व एवं प्रसव-पूर्व नैदानिक तकनीक (लिंग चयन प्रतिषेध) अधिनियम, 1994 [PCPNDT Act] के सख्त क्रियान्वयन पर जोर दिया है |
| हाल ही में केंद्र सरकार ने कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के अन्वेषण एवं उत्पादन के लिए असम तथा किस अन्य राज्य के साथ त्रिपक्षीय समझौता किया है? -- केंद्र सरकार ने यह ऐतिहासिक त्रिपक्षीय समझौता असम और नगालैंड सरकार के साथ किया है |
| हाल ही में असम के गुवाहाटी में असम सरकार तथा यूरोपीय संघ द्वारा शुरू किए गए ‘ब्लू वैली क्लस्टर’ का फोकस किन तीन क्षेत्रों के विकास पर है? -- ब्लू वैली क्लस्टर का फोकस फ्लेवर, फ्रेगरेंस तथा आयुष क्षेत्रों के पारिस्थितिक तंत्र विकास और मूल्य श्रृंखला एकीकरण पर है |
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