सामयिक - 13 June 2026
13वें ब्रिक्स अर्बनाइजेशन फोरम का आयोजन
12 जून, 2026 को नई दिल्ली के सुषमा स्वराज भवन में 13वां ब्रिक्स अर्बनाइजेशन फोरम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इसमें समावेशी, लोचशील और जन-केंद्रित शहरी विकास पर ‘शहरी मंत्रिस्तरीय घोषणा-पत्र’ (Urban Ministerial Declaration) को सर्वसम्मति से अपनाया गया।
मुख्य बिंदु
- घोषणा-पत्र का उद्देश्य: यह घोषणा-पत्र सदस्य देशों द्वारा साझा की गई प्रमुख प्राथमिकताओं को रेखांकित करता है और जन-केंद्रित शहरी विकास को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता को दोहराता है।
- आयोजक और अध्यक्षता: भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत, इस मंच का आयोजन केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा किया गया।
- थीम: ‘सिटीज फॉर पीपल: ब्रिक्स कोऑपरेशन फॉर इन्क्लूसिव एंड रेजिलिएंट अर्बन फ्यूचर’।
- उद्घाटन: 11-12 जून, 2026 के मध्य आयोजित इस फोरम का औपचारिक उद्घाटन केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल द्वारा किया गया था।
- भारत की मेजबानी: भारत ने चौथी बार इस मंच की मेजबानी की है। इससे पहले भारत 2013 (नई दिल्ली), 2016 (विशाखापत्तनम) और 2021 (वर्चुअल माध्यम) में इसकी मेजबानी कर चुका है।
- समावेशी शहरों पर बल: 13वें ब्रिक्स अर्बनाइजेशन फोरम ने ऐसे समावेशी, संधारणीय, लोचशील और रहने योग्य शहरों के निर्माण के महत्व पर जोर दिया, जो शहरी सेवाओं तक सभी की न्यायसंगत पहुंच सुनिश्चित कर सकें, विशेष रूप से वंचित व हाशिए पर रहने वाले समूहों के लिए।
- प्रतिभागी देश: इस मंच में ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के प्रतिनिधिमंडलों ने भाग लिया।
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स्वदेशी वीडियो स्टोरी जनरेटिंग एआई मॉडल ‘वार्या’ का शुभारंभ
12 जून, 2026 को एआई-नेटिव ट्रांसफॉर्मेशन कंपनी ‘अवतार’ ने भारत के अगली पीढ़ी के उपयोगकर्ताओं के लिए फ्रंटियर वीडियो एआई को किफायती, सुलभ और प्रासंगिक बनाने के लिए एक डिस्टिल्ड वीडियो मॉडल ‘वार्या’ (Varya) के शुभारंभ की घोषणा की।
मुख्य बिंदु
- ‘वार्या’ को भारत की विविध भाषाई, सांस्कृतिक एवं सामाजिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है।
- यह मॉडल भारत के विभिन्न क्षेत्रों, त्योहारों, समुदायों, भोजन, परिधानों, सार्वजनिक स्थलों एवं दैनिक जीवन से जुड़े सांस्कृतिक संदर्भों को समझने और उनके अनुरूप दृश्य सामग्री तैयार करने में सक्षम है।
- इसका उपयोग गांवों के विद्यालयों में शिक्षक द्वारा दृश्य-आधारित पाठ तैयार करने, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) द्वारा उत्पाद विज्ञापन बनाने तथा नागरिकों तक वीडियो के माध्यम से सार्वजनिक सूचना पहुंचाने जैसे कार्यों में किया जा सकता है।
- ‘अवतार’ उन कंपनियों में शामिल थी, जिन्हें इंडिया एआई मिशन द्वारा स्वदेशी आधारभूत AI क्षमताओं के विकास हेतु चुना गया था।
- इंडिया एआई मिशन के सहयोग से विकसित ‘वार्या’ में डिस्टिलेशन तकनीक का उपयोग किया गया है, जिसके माध्यम से वीडियो निर्माण प्रक्रिया को 50 चरणों से घटाकर केवल 4 चरणों में किया गया है, जबकि आउटपुट की गुणवत्ता लगभग समान बनी रहती है।
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डिस्टिल्ड वीडियो जेनरेशन क्या है?
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ड्राफ्ट दूरसंचार (टेलीविजन, रेडियो एवं संबद्ध सेवाएं) नियम
12 जून, 2026 को केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने ‘दूरसंचार (टेलीविजन, रेडियो एवं संबद्ध सेवाएं) नियम, 2026’ [Telecommunications (Television, Radio and Associated Services) Rules, 2026] का मसौदा जारी किया। इसका लक्ष्य दूरसंचार अधिनियम, 2023 के तहत प्रसारण सेवाओं के लिए एक एकीकृत नियामक ढांचा स्थापित करना है।
मुख्य बिंदु
- मसौदा नियमों का उद्देश्य टेलीविजन, रेडियो और संबद्ध सेवाओं से संबंधित विभिन्न दिशानिर्देशों को एकीकृत करना है, जिनका संचालन पहले भारतीय तार अधिनियम, 1885 के अंतर्गत किया जाता था।
- संसद द्वारा पारित दूरसंचार अधिनियम, 2023 ने औपनिवेशिक काल के भारतीय तार अधिनियम, 1885 का स्थान लिया है तथा यह दूरसंचार सेवाओं के लिए एक व्यापक कानूनी ढांचा प्रदान करता है।
- प्रस्तावित नियमों में विभिन्न मौजूदा नीतिगत ढांचों को एकीकृत किया गया है, जिनमें शामिल हैं:
- सैटेलाइट टेलीविजन अपलिंकिंग एवं डाउनलिंकिंग
- डायरेक्ट-टू-होम (DTH) प्रसारण सेवाएं
- हेडएंड-इन-द-स्काई (HITS) सेवाएं
- निजी FM रेडियो प्रसारण
- सामुदायिक रेडियो स्टेशन
- इंटरनेट प्रोटोकॉल टेलीविजन (IPTV) सेवाएं
- मसौदा नियम विभिन्न दिशानिर्देशों के स्थान पर एकीकृत नियामक ढांचा स्थापित करने तथा औपचारिक अनुमति प्रक्रिया के डिजिटल क्रियान्वयन का प्रावधान करते हैं।
- इनमें अनुमोदन प्रक्रियाओं का सरलीकरण, अनुमति प्रदान करने संबंधी समझौते (GOPA) पर हस्ताक्षर की अनिवार्यता समाप्त करना तथा पारदर्शी निर्णय-निर्धारण व्यवस्था लागू करना शामिल है।
- इन नियमों से प्रसारण उद्योग को एकल एवं सरल नियमावली उपलब्ध होगी तथा मौजूदा नियामक ढांचे में सामंजस्य स्थापित होगा।
- साथ ही कारोबार सुगमता (Ease of Doing Business) को बढ़ावा मिलेगा और प्रसारण क्षेत्र में सुधारों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार होगा।
मध्य एशिया भारत का विस्तारित पड़ोस और रणनीतिक साझेदार: भारत
12 जून, 2026 को शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर दुशांबे में “सेंट्रल एशिया - द कोर ऑफ द एससीओ: ए स्पेस ऑफ पीस एंड शेयर्ड डेवलपमेंट” शीर्षक से एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया।
मुख्य बिंदु
- इस सम्मेलन का आयोजन ताजिकिस्तान के विदेश मंत्रालय, ताजिकिस्तान की लोक प्रशासन अकादमी और ताजिकिस्तान स्थित SCO मैत्री एवं सहयोग केंद्र द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
- भारत की ओर से विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह इस सम्मेलन में शामिल हुए। उन्होंने मध्य एशिया और शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के साथ भारत की साझेदारी के प्रति प्रतिबद्धता की पुनः पुष्टि की।
- भारत ने मध्य एशिया को अपना ‘विस्तारित पड़ोस’ और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, सुरक्षा तथा समृद्धि में एक प्रमुख भागीदार बताया।
- विदेश मंत्रालय ने अपने प्रेस वक्तव्य में कहा कि भारत मध्य एशिया को क्षेत्रीय संपर्क, सुरक्षा और समृद्धि को बढ़ावा देने में एक महत्वपूर्ण साझेदार के रूप में देखता है।
| हाल ही में नई दिल्ली में 13वें ब्रिक्स अर्बनाइजेशन फोरम का आयोजन किस विषय (Theme) पर किया गया? -- इसका विषय ‘सिटीज फॉर पीपल: ब्रिक्स कोऑपरेशन फॉर इन्क्लूसिव एंड रेजिलिएंट अर्बन फ्यूचर’ था |
| हाल ही में जारी दूरसंचार (टेलीविजन, रेडियो एवं संबद्ध सेवाएं) नियम, 2026 के मसौदे का मुख्य उद्देश्य क्या है? -- इसका उद्देश्य प्रसारण सेवाओं हेतु एकीकृत नियामक ढांचा स्थापित करना है |
| 12 जून, 2026 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने DRDO के किस परिसर में एडवांस्ड वेपन सिस्टम कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया? -- रक्षा मंत्री ने DRDO की डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट लेबोरेटरी (DRDL), डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम मिसाइल कॉम्प्लेक्स में इसका उद्घाटन किया |
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