सामयिक - 19 June 2026
आसियान और रूस ने कज़ान घोषणा-पत्र को अपनाया
18 जून, 2026 को रूस और दक्षिण-पूर्व एशियाई राष्ट्रों के संगठन (ASEAN) ने आसियान-रूस स्मारक शिखर सम्मेलन में कज़ान घोषणा-पत्र (Kazan Declaration) को अपनाया। यह सम्मेलन दोनों पक्षों के बीच संवाद संबंधों के 35 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था, जो उनकी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करता है।
मुख्य बिंदु
- कज़ान घोषणा-पत्र: “आसियान-रशियन फेडरेशन: यूनिटी इन डाइवर्सिटी - 35 इयर्स टुगेदर” शीर्षक वाला यह घोषणा-पत्र ASEAN और रूस के बीच सहयोग के विस्तार हेतु एक व्यापक रोडमैप प्रदान करता है।
- चार प्रमुख दस्तावेज़ अपनाए गए: शिखर सम्मेलन में निम्नलिखित दस्तावेज़ों को स्वीकृति दी गई -
- कज़ान घोषणा-पत्र 2026;
- ऊर्जा सहयोग पर संयुक्त वक्तव्य;
- सांस्कृतिक सहयोग पर संयुक्त वक्तव्य; तथा
- ASEAN-रूस रणनीतिक साझेदारी (2026-2030) के कार्यान्वयन हेतु कार्ययोजना।
- बहुपक्षवाद के प्रति प्रतिबद्धता: घोषणा-पत्र में अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर पर आधारित एक न्यायसंगत, लोकतांत्रिक और बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था के समर्थन की पुनः पुष्टि की गई।
- यूरेशियाई सहयोग: ASEAN नेताओं ने शंघाई सहयोग संगठन (SCO) तथा यूरेशियन आर्थिक आयोग (EEC) के प्रतिनिधियों के साथ यूरेशियाई एकीकरण से संबंधित चर्चाओं में भी भाग लिया।
सुप्रीम कोर्ट ने गृहिणियों के योगदान को दी मान्यता
जून 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक महत्वपूर्ण निर्णय में गृहिणियों को “राष्ट्र निर्माता” एवं “आर्थिक इकाई” के रूप में मान्यता देते हुए, किसी दुर्घटना में मृत गृहणियों से जुड़े मोटर दुर्घटना दावों में निष्पक्ष मुआवजा सुनिश्चित करने के लिए ‘घरेलू देखभाल कार्य की हानि’ (Loss of Domestic Care) नामक एक नया मुआवजा घटक पेश किया है।
मुख्य बिंदु
- आधारभूत मुआवजा: नए मुआवजा घटक के अंतर्गत क्षतिपूर्ति की गणना के लिए ₹30,000 की एक आधारभूत काल्पनिक मासिक आय (Notional Monthly Income) निर्धारित की गई है।
- पात्रता की शर्तें: यह मुआवजा उन मामलों में लागू होगा, जहाँ -
- गृहिणी परिवार एवं घरेलू प्रबंधन में योगदान देती थी।
- बच्चों को मातृ देखभाल एवं मार्गदर्शन की हानि हुई हो।
- पति अथवा माता-पिता घरेलू सहयोग से वंचित हुए हों।
- भविष्य में संशोधन: ₹30,000 के इस मानक में प्रत्येक तीन वर्ष पर 10% की वृद्धि की जाएगी, ताकि यह कंसोर्टियम मुआवजे में होने वाले संशोधनों के अनुरूप बना रहे।
- कार्यरत गृहिणियों के लिए अतिरिक्त लाभ: यदि मृत गृहणी कहीं नौकरी/रोजगार भी करती थी, तो मुआवजे की गणना करते समय उसकी वास्तविक आय में यह ₹30,000 अतिरिक्त रूप से जोड़े जाएंगे।
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जिंक-आयन बैटरियों की क्षमता बढ़ाने हेतु नये एडिटिव का विकास
जून 2026 में इंस्टीट्यूट ऑफ नैनो साइंस एंड टेक्नोलॉजी (INST), मोहाली के वैज्ञानिकों ने एक नवीन इलेक्ट्रोलाइट एडिटिव विकसित किया है, जो जलीय जिंक-आयन बैटरियों (Aqueous Zinc-Ion Batteries - AZIBs) के प्रदर्शन, सुरक्षा तथा जीवनकाल में उल्लेखनीय सुधार करता है। यह ऊर्जा भंडारण के लिए एक किफायती एवं सतत समाधान प्रदान करता है।
मुख्य बिंदु
- नवाचार: शोधकर्ताओं ने BDIM [1,3-bis(1,3-dicarboxypropyl)-1H-imidazole-3-ium chloride] नामक एक नवीन इलेक्ट्रोलाइट एडिटिव विकसित किया है, जो जलीय जिंक-आयन बैटरियों के प्रदर्शन को बेहतर बनाता है।
- आवश्यकता: जलीय जिंक-आयन बैटरियों को लिथियम-आयन बैटरियों की तुलना में अधिक सुरक्षित एवं सस्ता माना जाता है, किंतु इनमें जिंक डेंड्राइट (Zinc Dendrite) निर्माण, हाइड्रोजन उत्क्रमण अभिक्रिया (HER), संक्षारण (Corrosion) तथा कमजोर चक्रण स्थिरता (Cycling Stability) जैसी चुनौतियाँ मौजूद हैं।
- कार्यप्रणाली: BDIM एडिटिव जिंक की सतह पर अधिशोषित होकर विद्युत-रासायनिक अंतरापृष्ठ (Electrochemical Interface) से जल अणुओं को विस्थापित करता है तथा हाइड्रोजन उत्क्रमण, संक्षारण एवं डेंड्राइट निर्माण को नियंत्रित करता है। इससे बैटरी की स्थिरता और जीवनकाल में वृद्धि होती है।
- अनुप्रयोग: इस प्रौद्योगिकी का उपयोग नवीकरणीय ऊर्जा भंडारण, ग्रिड-स्तरीय ऊर्जा भंडारण प्रणालियों, बैकअप विद्युत समाधान तथा अगली पीढ़ी की रिचार्जेबल बैटरियों में किया जा सकता है।
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ICAR-IIOR ने विकसित की स्मार्ट सीड कोटिंग प्रौद्योगिकी
जून 2026 में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के भारतीय तिलहन अनुसंधान संस्थान (IIOR), हैदराबाद ने एक स्मार्ट सीड कोटिंग प्रौद्योगिकी (Smart Seed Coating Technology) विकसित की है, जो बीजों की गुणवत्ता में सुधार, फसल स्थापना को सुदृढ़ करने तथा जलवायु-संबंधी तनावों के प्रति उनकी सहनशीलता बढ़ाने में सहायक है।
मुख्य बिंदु
- नवाचार: यह प्रौद्योगिकी जैव-अपघटनीय (Biodegradable) बायोपॉलिमर-आधारित बीज कोटिंग का उपयोग करती है, जिससे प्रतिकूल पर्यावरणीय परिस्थितियों में बीजों के प्रदर्शन एवं फसल उत्पादकता में सुधार होता है।
- उद्देश्य: इसका उद्देश्य अनियमित वर्षा, सूखा, तापमान में उतार-चढ़ाव, मृदा क्षरण तथा कीट एवं रोगों के प्रकोप जैसी चुनौतियों का समाधान करना है। यह प्रारंभिक वृद्धि चरणों में बीज की गुणवत्ता को बेहतर बनाकर फसल विकास को समर्थन प्रदान करती है।
- कार्यप्रणाली: बायोपॉलिमर कोटिंग बीज एवं मृदा के संपर्क क्षेत्र (Seed-Soil Interface) पर लाभकारी सूक्ष्मजीवों, पोषक तत्वों, सूक्ष्म पोषक तत्वों, फसल संरक्षण एजेंटों तथा पौध वृद्धि को प्रोत्साहित करने वाले यौगिकों के लिए एक ‘डिलीवरी प्लेटफॉर्म’ के रूप में कार्य करती है।
- लाभ: यह प्रौद्योगिकी बीजों के शीघ्र अंकुरण, मजबूत पौध वृद्धि, बेहतर जड़ विकास, प्रभावी फसल स्थापना तथा जैविक (Biotic) एवं अजैविक (Abiotic) दोनों प्रकार के तनावों के प्रति सहनशीलता को बढ़ावा देती है।
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QS रैंकिंग 2027 में IIT दिल्ली भारत में शीर्ष पर
18 जून, 2026 को जारी QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में IIT दिल्ली भारत का सर्वोच्च रैंक प्राप्त करने वाला संस्थान बना। इसने वैश्विक स्तर पर 118वाँ स्थान प्राप्त किया, जो इसकी अब तक की सर्वश्रेष्ठ उपलब्धि है तथा QS रैंकिंग में किसी भारतीय संस्थान द्वारा हासिल की गई सर्वोच्च रैंक भी है।
मुख्य बिंदु
- नियोक्ता प्रतिष्ठा: IIT दिल्ली ने इस मानदंड में 11 स्थानों की छलांग लगाते हुए वैश्विक स्तर पर शीर्ष 39 संस्थानों में स्थान प्राप्त किया।
- रोजगार परिणाम: इस मानदंड में IIT दिल्ली ने 60 स्थानों का उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया।
- वैश्विक शीर्ष 200 में केवल तीन भारतीय संस्थान: QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में IIT दिल्ली के अलावा केवल दो अन्य भारतीय संस्थान वैश्विक शीर्ष 200 में शामिल रहे - IIT बॉम्बे (134वाँ स्थान) और IIT मद्रास (170वाँ स्थान)।
- निरंतर प्रगति: पिछले चार वर्षों में IIT दिल्ली ने अपनी वैश्विक रैंकिंग में 79 स्थानों का सुधार किया है। यह QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2024 में 197वें स्थान से बढ़कर वर्ष 2027 में 118वें स्थान पर पहुँच गया।
| हाल ही में वैज्ञानिकों ने किस प्रकार की बैटरियों के प्रदर्शन में सुधार हेतु 'BDIM' नामक इलेक्ट्रोलाइट एडिटिव विकसित किया है? -- वैज्ञानिकों ने जलीय जिंक-आयन बैटरियों (AZIBs) के प्रदर्शन में सुधार हेतु BDIM नामक एक नवीन इलेक्ट्रोलाइट एडिटिव विकसित किया है |
| हाल ही में ASEAN और रूस ने संवाद संबंधों के 35 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में किस घोषणा-पत्र को अपनाया? -- आसियान और रूस ने कज़ान घोषणा-पत्र को अपनाया, जो ASEAN और रूस के बीच ऊर्जा, संस्कृति, व्यापार और बहुपक्षीय सहयोग के क्षेत्रों में संबंधों के विस्तार के लिए एक रोडमैप प्रदान करता है |
| हाल ही में QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में सर्वोच्च रैंक प्राप्त करने वाला भारतीय संस्थान कौन-सा बना है? -- QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में आईआईटी दिल्ली भारत का सर्वोच्च रैंक प्राप्त संस्थान है |
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