नासा ‘मार्स 2020 पर्सिवेरेन्स रोवर मिशन’

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने 30 जुलाई, 2020 को फ्लोरिडा के केप कनेरवल अंतरिक्ष स्टेशन से मंगल मिशन ‘मार्स 2020 पर्सिवेरेन्स रोवर मिशन’ लॉन्च किया।

महत्वपूर्ण तथ्य: मिशन के तहत शक्तिशाली ‘एटलस वी’ रॉकेट के जरिये अब तक के सबसे बड़े कार के आकार वाले रोवर ‘पर्सिवेरेन्स’(Perseverance) को मंगल ग्रह के लिए रवाना किया गया।

  • कैमरे, माइक, ड्रिल और लेजर लाइट से लैस रोवर करीब 30 करोड़ मील की दूरी तय कर सात महीने बाद फरवरी 2021 में मंगल पर पहुंचेगा और प्राचीन जीवन के साक्ष्य तलाशेगा तथा वहां से चट्टानों और मिट्टी के नमूने को धरती पर भेजेगा।
  • रोवर के एस्ट्रोबायोलॉजी मिशन में मंगल पर पिछले सूक्ष्म जीवन के संकेतों की तलाश करना, इसके लैंडिंग स्थल जेजेरो क्रेटर के विविध भू-विज्ञान का पता लगाना और भविष्य के रोबोट और मानव अन्वेषण की तैयारी में मदद हेतु महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन करना शामिल है।
  • नासा ने रोवर के साथ ‘इनजिन्युटी’ (Ingenuity) नामक एक छोटा हेलिकॉप्टर भी मंगल पर भेजा। रोवर इसे मंगल की सतह पर छोड़ेगा। इसका लक्ष्य अकेले उड़ान परीक्षण का है। इसमें कोई वैज्ञानिक उपकरण नहीं है।
  • रोवर का वजन 2,260 पाउंड (1025 किग्रा.) तथा यह10 फीट लंबा है। इस मिशन की लागत 8 बिलियन डॉलर से अधिक की है।
  • नासा द्वारा मंगल पर पूर्व में भेजे गए रोवर्स 'क्यूरियोसिटी' (Curiosity), 'ओपुर्च्युनिटी' (Opportunity) स्पिरिट’(Spirit) और 'सोजॉर्नर' (Sojourner) थे।

स्रोत : सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल ऑनलाइन. जुलाई 2020