कृषि से उत्सर्जन कम करने हेतु ‘ग्रीन एजी पायलट परियोजना’

केंद्र सरकार ने 28 जुलाई, 2020 को कृषि क्षेत्र में उत्सर्जन कम करने और सतत कृषि पद्धतियों को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मिजोरम में ‘ग्रीन एजी परियोजना’ (Green-Ag Project) की शुरुआत की।

महत्वपूर्ण तथ्य: मिजोरम उन पांच राज्यों में शामिल है, जहां परियोजना लागू की जानी है। मिजोरम के अलावा राजस्थान, मध्य प्रदेश, ओडिशा और उत्तराखंड इस परियोजना का हिस्सा हैं।

  • मिश्रित भूमि उपयोग प्रणालियों के साथ परियोजना को पांच परिदृश्यों में कम से कम 1.8 मिलियन हेक्टेयर भूमि में कई वैश्विक पर्यावरणीय लाभ प्राप्त करने के लिए डिजाइन किया गया है।
  • इसका उद्देश्य कम से कम 1,04,070 हेक्टेयर कृषि भूमि को सतत भूमि और जल प्रबंधन के तहत लाना है। कृषि की सतत विकास पद्धतियां 49 मिलियन कार्बन डाइऑक्साइड के बराबर उत्सर्जन में कमी को सुनिश्चित करेगी।
  • यह पायलट परियोजना 31 मार्च, 2026 तक समाप्त होगी। मिजोरम के दो जिलों- लुंगलेई और मामित में 1,45,670 हेक्टेयर भूमि इसके दायरे में आएगी। दो संरक्षित क्षेत्रों- दंपा टाइगर रिजर्व और थोरंगलांग वन्यजीव अभयारण्य सहित कुल 35 गांव इसके तहत कवर करने का लक्ष्य है।
  • ग्रीन एजी परियोजना को ‘वैश्विक पर्यावरण सुविधा’ (Global Environment Facility) द्वारा वित्त पोषित किया गया है। इस परियोजना को क्रियान्वित कराने की जिम्मेदारी कृषि, सहकारिता एवं किसान कल्याण विभाग पर है।

स्रोत : सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल ऑनलाइन. जुलाई 2020