पशुधन क्षेत्र में सुधार के लिए समझौता ज्ञापन


पशुपालन विभाग (DAHD) और डेयरी और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय (MoFPI) के बीच 17 नवंबर, 2021 को एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।

  • यह समझौता ज्ञापन पशुपालन और डेयरी विभाग की विभिन्न योजनाओं के अभिसरण के माध्यम से डेयरी उद्यमियों और डेयरी उद्योगों को लाभ के विस्तार की सुविधा प्रदान करेगा।
  • यह ऋण सहायता प्रदान करके, गुणवत्ता नियंत्रण को मजबूत करके और आवश्यक प्रौद्योगिकी प्रदान करके ग्रामीण गरीबों के सतत विकास के लिए आय सृजना करने में भी मदद करेगा।

अगरतला के विकास हेतु भारत सरकार और एडीबी ने किए 6.1 करोड़ रुपए ऋण पर हस्ताक्षर


भारत सरकार और एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने बेहतर सेवा वितरण के लिए सरकारी एजेंसियों की क्षमता को मजबूत करते हुए 15 नवंबर, 2021 को अगरतला शहर में बढ़ती आबादी को समायोजित करने के लिए रहने योग्य स्थिति में सुधार, प्रौद्योगिकी के उपयोग और नए विकास कार्यों को बढ़ावा देने के लिए 6.1 करोड़ डॉलर के ऋण पर हस्ताक्षर किए।

  • महत्वपूर्ण तथ्य: इस परियोजना के तहत 48 किलोमीटर नए या मौजूदा तेज जल निकासी वाले नाले का निर्माण किया जाएगा और उसका उन्नयन किया जाएगा तथा इसके तहत 23 किलोमीटर की जलवायु-अनुकूल शहरी सड़कों का निर्माण किया जाएगा।
  • ‘स्मार्ट सिटी मिशन’ पहल के सिद्धांतों का पालन करते हुए अगरतला के मध्य और उत्तरी क्षेत्रों को क्षेत्र-आधारित विकास मॉडल के रूप में विकसित करने से शहरी क्षेत्रों को अधिक रहने योग्य, नागरिक-अनुकूल, लचीला और टिकाऊ बनाया जाएगा।

राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन और वॉश इंस्टीट्यूट समझौता ज्ञापन


राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (NMCG) ने गंगा बेसिन के कस्बों और शहरों में मल गाद और सेप्टेज प्रबंधन मुद्दों का कुशलता के साथ समाधान करने के लिए 'मल गाद और सेप्टेज प्रबंधन' (FSSM) में क्षमता निर्माण के लिए 8 अक्टूबर, 2021 को वॉटर, सैनिटेशन एंड हाइजीन इंस्टीट्यूट (वॉश इंस्टीट्यूट) के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।

(Image Source: NMCG and WASH Twitter profile)

  • परियोजना को अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय विकास एजेंसी (USAID) द्वारा वित्त पोषित किया जाएगा और ‘बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन’ द्वारा समर्थन दिया जाएगा।
  • इसका उद्देश्य भारतीय कस्बों और शहरों में 'मल गादऔर सेप्टेज प्रबंधन' और अपशिष्ट जल प्रबंधन की तैयारी में सुधार करना है।
  • प्रधानमंत्री की दूरदर्शी पहल स्वच्छ भारत मिशन के तहत 62 लाख से अधिक शौचालय बनाए गए हैं। इनमें से आधे शौचालय ऑन-साइट स्वच्छता प्रणाली पर निर्भर हैं। इन शौचालयों से एकत्रित कचरे का प्रबंधन के लिए व्यवस्थित क्षमता निर्माण की पहल करने की आवश्यकता है।

अंतरिक्ष विभाग का एयरोस्पेस स्टार्ट-अप अग्निकुल कॉसमॉस के साथ समझौता ज्ञापन


अंतरिक्ष विभाग ने अंतरिक्ष प्रक्षेपण यान की उप-प्रणालियों और प्रणालियों के विकास और परीक्षण की दिशा में इसरो सुविधाओं और विशेषज्ञता तक पहुंच के लिए एयरोस्पेस स्टार्ट-अप 'अग्निकुल कॉसमॉस' (Agnikul Cosmos) के साथ 17 सितंबर, 2021 को एक फ्रेमवर्क समझौता ज्ञापन (एमओयू) में प्रवेश किया है।

(Source: ISRO)

  • एमओयू अग्निकुल को उसके '3डी प्रिंटेड सेमी क्रायो इंजन' और अन्य प्रणालियों के परीक्षण और अर्हता के लिए विभिन्न इसरो केंद्रों पर कई परीक्षण और सुविधाओं तक पहुँच में सक्षम करेगा।
  • 'अग्निकुल' आईआईटी-मद्रास (चेन्नई) के राष्ट्रीय दहन अनुसंधान एवं विकास केंद्र (National Centre for Combustion R&D) में स्थित है।

नीति आयोग और गुजरात विश्वविद्यालय के बीच आशय पत्र पर हस्ताक्षर


कृषि में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए नीति आयोग और गुजरात विश्वविद्यालय के बीच 7 सितंबर, 2021 को एक आशय पत्र (Statement of Intent: SoI) पर हस्ताक्षर किए गए।

उद्देश्य: कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में सहयोग को प्रोत्साहित करना और बढ़ावा देना।

  • आशय पत्र भारत में ‘ज्ञान-साझाकरण’ और ‘नीति विकास’ को मजबूत करने के लिए दो संस्थानों के बीच तकनीकी सहयोग पर केंद्रित है।
  • ‘कृषि उद्यमिता’ और ‘मूल्य शृंखला प्रबंधन’ में एक एमबीए कार्यक्रम भी शुरू किया गया है, जिसे गुजरात विश्वविद्यालय के ‘इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ सस्टेनेबिलिटी’ द्वारा पेश किया गया है।
  • विशिष्ट रूप से डिजाइन किया गया यह एमबीए कार्यक्रम, कृषि पारिस्थितिकी तंत्र को समझने में छात्रों को वैश्विक अनुभव प्रदान करेगा।

अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान और वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर


आयुष मंत्रालय के तहत अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान ने आयुर्वेद में एक अकादमिक पीठ (Academic Chair) की स्थापना के लिए 7 सितंबर, 2021 को वर्चुअल मोड में 'एनआईसीएम वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी' (NICM Western Sydney University), ऑस्ट्रेलिया के साथ समन्वय में एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

  • नई अकादमिक पीठ ‘हर्बल औषधि’ तथा ‘योग’ सहित, आयुर्वेद के क्षेत्र में अकादमिक और संबद्ध अनुसंधान गतिविधियों को शुरू करने के साथ-साथ ‘शैक्षिक मानदंडों’ और अल्पकालिक/मध्यकालिक पाठ्यक्रमों तथा शैक्षिक मार्गनिर्देशों की रूपरेखा तैयार करेगा।
  • इस अकादमिक पीठ की स्थापना के लिए आयुष मंत्रालय और वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी द्वारा संयुक्त रूप से वित्तपोषण किया जाएगा और 2022 के प्रारंभ में इसके शुरू होने का अनुमान है।

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद और स्विट्जरलैंड के फाउंडेशन फॉर इनोवेटिव न्यू डायग्नोस्टिक्स के बीच समझौता ज्ञापन


केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 18 अगस्त, 2021 को भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) और स्विट्जरलैंड के फाउंडेशन फॉर इनोवेटिव न्यू डायग्नोस्टिक्स (Foundation for Innovative New Diagnostics- FIND) के बीच समझौता ज्ञापन को मंजूरी प्रदान की।

  • इस समझौता ज्ञापन पर फरवरी 2021 में हस्ताक्षर किए गए थे।
  • यह समझौता ज्ञापन अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक और तकनीकी सहयोग के ढांचे के भीतर भारत और स्विट्जरलैंड के बीच आपसी हित के क्षेत्रों में संबंधों को और मजबूत बनायेगा।
  • ICMR 1,00,000 डॉलर तक का फंड उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है, जबकि FIND 4,00,000 डॉलर का फंड चिन्हित स्थानीय भागीदारों और शोधकर्ताओं को उपलब्ध कराएगा।
  • अन्य समझौता: केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने ICMR और रोगाणुरोधी प्रतिरोध अनुसंधान और नवाचार पर जीएआरडीपी फाउंडेशन (GARDP Foundation on Antimicrobial Resistance Research and Innovation), स्विट्जरलैंड के बीच समझौता ज्ञापन को भी मंजूरी दी।
  • ICMR आतंरिक (Intramural) एवं बाह्य (Extramural) अनुसंधानों के माध्यम से देश में जैवचिकित्सा शोध (biomedical research) को बढ़ावा देता है।

आयुर्वेद शिक्षण और अनुसंधान संस्थान और गुजरात सरकार के बीच समझौता ज्ञापन


15 जुलाई 2021, को 'आयुर्वेद शिक्षण और अनुसंधान संस्थान' (Institute of Teaching and Research in Ayurveda- ITRA) और गुजरात सरकार के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।

  • आयुष मंत्रालय के अधीन आयुर्वेद शिक्षण और अनुसंधान संस्थान जामनगर में स्थित है।
  • इस समझौता ज्ञापन के माध्यम से जामनगर में आयुर्वेद परिसर में कार्यरत सभी संस्थानों को ITRA के अंतर्गत लाया गया है।
  • ITRA आयुष मंत्रालय के तहत एकमात्र संस्थान है, जिसे 'राष्ट्रीय महत्व के संस्थान' का दर्जा दिया गया है।

पर्यटन मंत्रालय और यात्रा डॉट कॉम में समझौता


भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय ने भारत के आतिथ्य और पर्यटन उद्योग को मजबूत बनाने के लिए 2 जुलाई, 2021 को यात्रा डॉट कॉम (Yatra.com) के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

  • समझौता ज्ञापन का प्राथमिक उद्देश्य उन आवासीय इकाइयों (accommodation units) को विस्तृत दृश्यता प्रदान करना है, जिन्होंने खुद को ऑनलाइन ट्रैवल एजेंसी (ओटीए) प्लेटफॉर्म पर ‘साथी’ (System for Assessment, Awareness & Training for the Hospitality Industry- SAATHI) पर स्वयं को प्रमाणित किया है।
  • समझौता ज्ञापन दोनों पक्षों को ‘निधि’ (National Integrated Database of Hospitality Industry- NIDHI) और ‘साथी’ पर पंजीकरण करने के लिए इकाइयों को प्रोत्साहित करने और कोविड-19को फैलने से रोकने के लिए उचित सुरक्षा उपायों के साथ स्थानीय पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने को भी रेखांकित करता है।

भारत और फिजी के बीच कृषि क्षेत्र में सहयोग


22 जून, 2021 को भारत और फिजी के बीच कृषि एवं सहायक क्षेत्रों में सहयोग के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।

सहयोग के क्षेत्र: डेयरी उद्योग विकास, चावल उद्योग विकास, रूट क्रॉप विविधीकरण (Root crop diversification), जल संसाधन प्रबंधन, नारियल उद्योग विकास, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग विकास, कृषि यंत्रीकरण, बागवानी उद्योग विकास, कृषि अनुसंधान, पशुपालन, कीट एवं रोग, जुताई, मूल्य संवर्धन एवं विपणन, कटाई के बाद व पिसाई (Post-Harvest and Milling), प्रजनन और कृषि विज्ञान।

  • भारत सरकार का कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय और फिजी गणराज्य का कृषि मंत्रालय दोनों पक्षों की तरफ से कार्यकारी एजेंसियां होंगी।
  • 5 साल की अवधि के लिए सहयोग कार्यक्रम सुझाने हेतु एक ‘संयुक्त कार्यकारी समूह’ की स्थापना की जाएगी।

राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड और राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान


राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड (NMPB) और राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान (CSIR-NBRI) ने भारत में औषधीय पौधों और जड़ी-बूटियों की खेती और उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए संयुक्त सहयोगात्मक प्रयासों को बढ़ाने के लिए 4 जून, 2021 को एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।

  • एमओयू NMPB द्वारा पहचाने गए औषधीय पौधों और जड़ी-बूटियों की गुणवत्ता रोपण सामग्री (Quality Planting Material- QPM) के विकास की सुविधा प्रदान करेगा तथा गुणवत्ता रोपण सामग्री के लिए उनकी नर्सरी की स्थापना, बहुत ऊंचाई वाले क्षेत्रों के लिए संकटग्रस्त औषधीय पौधों की प्रजातियों और पौधों सहित विभिन्न कृषि-जलवायु क्षेत्रों में उपयुक्त औषधीय पौधों के विकास, संवर्धन, संरक्षण और खेती में मदद करेगा।

राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान: यह लखनऊ में स्थित CSIR का एक शोध संस्थान है। मूल रूप से उत्तर प्रदेश राज्य सरकार द्वारा राष्ट्रीय वनस्पति उद्यान (NBG) के रूप में स्थापित किया गया था, इसे 1953 में CSIR द्वारा अधिग्रहित किया गया था। 1978 में NBG का नाम बदलकर राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान कर दिया गया।

  • वर्तमान राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान की उत्पत्ति अवध के नवाबों के युग से हुई है, जब नवाब सआदत अली खान ने 1800 ई. में एक शाही उद्यान की स्थापना की थी। बाद में इस उद्यान को अवध के अंतिम नवाब वाजिद अली शाह द्वारा ‘सिकंदर बाग’ नाम दिया गया था।

राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड: औषधीय पौधों के क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए, भारत सरकार ने 24 नवंबर, 2000 को राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड की स्थापना की है। वर्तमान में बोर्ड आयुष मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करता है।

ट्राइफेड और द लिंक फंड के बीच एमओयू


29 अप्रैल, 2021 को ट्राइफेड ने "भारत में जनजातीय परिवारों की टिकाऊ आजीविका" संबंधी एक परियोजना पर सहयोग के लिए जनहित में कार्यरत संस्था ‘द लिंक फंड’ (The LINK Fund) के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं।

उद्देश्य: जनजातीय समूहों में अति गरीबी को दूर करना और जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को कम करना।

इसके अंतर्गत दोनों संगठन साथ मिलकर जनजातीय समूहों के विकास और उनके द्वारा निर्मित किए जा रहे उत्पादों में गुण संवर्धन हेतु मदद उपलब्ध कराकर रोजगार सृजन, टिकाऊ आजीविका के लिए कार्य करने के साथ-साथ उनकी आय बढ़ाने हेतु मूल्य संवर्धन, कौशल प्रशिक्षण और सूक्ष्म वन उत्पादों के लिए गुण संवर्धन, उनके द्वारा तैयार किए जा रहे वन उत्पादों में विविधिकरण के लिए तकनीकी हस्तक्षेप से सहायता उपलब्ध कराएंगे।

‘द लिंक फंड’ संस्था का मुख्यालय स्विट्जरलैंड के जेनेवा में स्थित है, जो अत्यंत पिछड़े समुदायों में गरीबी उन्मूलन तथा जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए काम करती है।

कृषि मंत्रालय और माइक्रोसॉफ्ट के बीच एमओयू


केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने 14 अप्रैल, 2021 को छ: राज्यों के 100 गांवों में एक पायलट प्रोजेक्ट के लिए माइक्रोसॉफ्ट के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।

  • माइक्रोसॉफ्ट फसलोपरांत प्रबंधन एवं वितरण सहित स्मार्ट एवं सुव्यवस्थित कृषि के लिए किसान इंटरफेस विकसित करेगा।
  • 6 राज्यों उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, हरियाणा, राजस्थान व आंध्र प्रदेश के 10 जिलों में चयनित 100 गांवों में पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा।
  • इस प्रोजेक्ट से चयनित 100 गांवों में किसानों की बेहतरी के लिए विविध कार्य होंगे, जो उनकी आय बढ़ाएंगे। ये प्रोजेक्ट किसानों की आदान लागत (input costs) को कम करेगा व खेती में आसानी सुनिश्चित करेगा।

अटल नवाचार मिशन और डसॉल्ट सिस्टम्स फाउंडेशन में समझौता


अटल नवाचार मिशन (एआईएम), नीति आयोग ने 14 अप्रैल, 2021 को भारत में डिजिटली रूप से समृद्ध माहौल उपलब्ध कराने और पूरे देश में युवाओं में विज्ञान प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) आधारित नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए संयुक्त रूप से कार्य करने हेतु डसॉल्ट सिस्टम्स फाउंडेशन (Dassault Systems Fondation) के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए।

  • अटल टिंकरिंग लैब्स ने स्कूली बच्चों के बीच रचनात्मकता और कल्पनाशीलता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
  • डसॉल्ट सिस्टम्स फाउंडेशन भारत में शिक्षा और अनुसंधान के भविष्य को 3D तकनीकों के साथ बदलने के लिए समर्पित है।
  • यह परियोजना तीन व्यापक क्षेत्रों में अटल टिंकरिंग लैब्स कार्यक्रम में योगदान करेगी- परियोजना आधारित, स्व-शिक्षा विषय सामग्री तथा हैकाथॉन और चुनौतियाँ और अंतर-देशीय शैक्षिक सहयोग।

एपीडा और राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम लिमिटेड में समझौता


कृषि तथा प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) ने 17 मार्च, 2021 को सूक्ष्म, लघु तथा मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) द्वारा तैयार कृषि तथा प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों की निर्यात संभावनाओं हेतु विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम लिमिटेड (एनएसआईसी) के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

उद्देश्य: एमएसएमई क्लस्टरों के लिए हरित तथा स्थायी विनिर्माण प्रौद्योगिकी को प्रोत्साहित करने में समर्थन देना।

  • सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों में एपीडा से पंजीकृत सदस्यों को एनएससीआई की सभी योजनाओं के अंतर्गत सहायता में सक्षम बनाना शामिल है।
  • समझौता ज्ञापन में प्रौद्योगिकी, कौशल, गुणवत्ता संपन्न उत्पाद तथा बाजार पहुंच जैसे मामलों का समाधान कर एमएसएमई का विकास सुनिश्चित करना शामिल है।

छात्रों को क्लाउड कंप्यूटिंग में प्रशिक्षण हेतु नीति आयोग और अमेजॉन वेब सर्विसेज में समझौता


अटल इनोवेशन मिशन (एआईएम), नीति आयोग और अमेजॉन वेब सर्विसेज (एडब्ल्यूएस) ने नवाचार और उद्यमिता को सशक्त करने हेतु स्कूली छात्रों को क्लाउड कंप्यूटिंग में प्रशिक्षणके लिए 18 मार्च, 2021 को एक नई पहल की घोषणा की।

  • भारत में अमेजॉन वेब सर्विसेज क्लाउड सेवाओं की बिक्री और विपणन का काम देखने वाली अमेजॉन इंटरनेट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड (एआईएसपीएल) और नीति आयोग के बीच इस संबंध में एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।
  • समझौते के अंतर्गत अटल इनोवेशन मिशन शिक्षा क्षेत्र में अमेजॉन वेब सेवाओं को बढ़ावा देगी, जो अमेजन के उस वैश्विक कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसमें छात्रों और शिक्षकों को क्लाउड संबंधी शिक्षण से जुड़े संसाधन उपलब्ध कराये जाते हैं।
  • इस कार्यक्रम के अंतर्गत क्लाउड कम्प्यूटिंग से संबंधित विभिन्न सुविधायें क्लाउड स्टोरेज से लेकर वर्चुअल कंप्यूटर पावर, वेब होस्टिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), मशीन लर्निंग (एम एल) और वर्चुअल रियलिटी से जुड़ा प्रशिक्षण भारत में 7000 अटल टिंकरिंग लैब्स के माध्यम से छात्रों को उपलब्ध कराया जाएगा।

संमिश्रित रॉ मैटेरियल हेतु समझौता


हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) और मिश्र धातु निगम लिमिटेड (MIDHANI) ने फरवरी 2021 को बेंगलुरु में एयरो इंडिया 2021 के दौरान ‘संमिश्रित रॉ मैटेरियल’ (Composite raw materials) के विकास और उत्पादन के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए।

  • ‘संमिश्रित रॉ मैटेरियल’ मुख्य रूप से लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एलसीए), एडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर (एएलएच), लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर (एलसीएच) और लाइट युटिलिटी हेलिकॉप्टर (एलयूएच) जैसे प्लेटफार्मों में प्री-प्रेग्स (prepregs) के रूप में इस्तेमाल होने वाले मैटेरियल हैं, जिन्हें वर्तमान में आयात किया जाता है।
  • ‘संमिश्रित रॉ मैटेरियल’ में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) सहयोग करेगा। संमिश्रित रॉ मैटेरियल का उपयोग एयरोस्पेस में, विशेषकर लड़ाकू विमान/ हेलीकाप्टर के लिये, मौजूद रहेगा और बढ़ेगा क्योंकि धातु के रॉ मैटेरियल की तुलना में इसके अंतर्निहित लाभ हैं।

भारत और फिजी के बीच कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में सहयोग


केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 3 मार्च, 2021 को भारत और फिजी के बीच कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किये जाने की मंजूरी दी।

  • भारत और फिजी के बीच समझौता ज्ञापन निम्न प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग प्रदान करेगा:
  1. अनुसंधान कर्मियों, विज्ञान विशेषज्ञों, विशेषज्ञों और तकनीकी प्रशिक्षुओं का आदान-प्रदान;
  2. प्रौद्योगिकी संवर्धन और हस्तांतरण;
  3. कृषि विकास के लिए अवसंरचना का विकास;
  4. कृषि वस्तुओं के विपणन और मूल्य संवर्धन / डाउनस्ट्रीम प्रसंस्करण में निवेश को बढ़ावा देना;
  5. बाजार तक पहुंच के माध्यम से कृषि उत्पादों के प्रत्यक्ष व्यापार को बढ़ावा देना;
  6. विकास तथा अनुसंधान परियोजनाओं और कार्यक्रमों का कार्यान्वयन;
  7. पादप स्वच्छता के मुद्दों से निपटने के लिए भारत-फिजी कार्यकारी समूह का गठन।
  • यह समझौता ज्ञापन, हस्ताक्षर किये जाने की तारीख से प्रभावी होगा और 5 वर्षों की अवधि तक लागू रहेगा।

डिजिटल खुफिया इकाई की स्थापना का निर्णय


फरवरी 2021 में दूरसंचार मंत्रालय द्वारा देश में बढ़ती वित्तीय अनियमितताओं एवं धोखाधड़ी के खिलाफ सख्त कार्रवाई हेतु एक डिजिटल खुफिया इकाई (Digital Intelligence Unit) की स्थापना करने का निर्णय लिया गया।

  • इसका मुख्य कार्य दूरसंचार संसाधनों से संबंधित किसी भी धोखाधड़ी की गतिविधि की जांच करने वाले विभिन्न कानून प्रवर्तन एजेंसियों, वित्तीय संस्थानों और दूरसंचार सेवा प्रदाताओं के साथ समन्वय करना होगा।
  • लाइसेंस सेवा क्षेत्र स्तर पर, धोखाधड़ी प्रबंधन और उपभोक्ता संरक्षण प्रणाली के लिए दूरसंचार विश्लेषिकी (Telecom Analytics for Fraud Management and Consumer Protection system) भी बनाई जाएगी। यह मुख्य रूप से मोबाइल के माध्यम से, अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय डिजिटल वित्तीय लेनदेन करने में मदद करेगा।

स्टार्स परियोजना हेतु समझौता


राज्यों में शिक्षण, सीखने और परिणामों को बेहतर बनाने की शिक्षा मंत्रालय की ‘स्टार्स परियोजना’ (Strengthening Teaching-Learning and Results for States- STARS) के क्रियान्वयन को वित्तीय मदद प्रदान करने के लिए 29 जनवरी, 2021 को आर्थिक मामलों के विभाग और विश्व बैंक के बीच समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।

  • स्टार्स परियोजना की कुल लागत 5718 करोड़ रुपए है। पांच वर्ष की अवधि में विश्व बैंक इसमें 50 करोड़ डॉलर (करीब 3700 करोड़ रुपए) की वित्तीय सहायता देगा। शेष राशि योजना में भागीदारी कर रहे राज्यों द्वारा राज्य अंश के रूप में दी जाएगी।
  • स्टार्स परियोजना शिक्षा मंत्रालय के ‘स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग’ के अंतर्गत नई केन्द्रीय सहायता प्राप्त योजना के रूप में क्रियान्वित की जाएगी। इस परियोजना में छ: राज्य हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, केरल और ओडिशा शामिल हैं।
  • स्टार्स परियोजना आरंभिक बाल्यावस्था शिक्षा और आधारभूत शिक्षण, शिक्षण आकलन सुधार प्रणाली, शिक्षा में आईसीटी सक्षम उपागम, शिक्षक विकास और व्यवसायिक शिक्षा जैसी राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की विभिन्न अनुशंसाओं को लागू करने में सहायक होगी।

भारत और उज्‍बेकिस्‍तान के बीच सौर ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग हेतु समझौता


केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने 20 जनवरी, 2021 को भारत और उज्बेकिस्तान के बीच सौर ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए जाने को मंजूरी प्रदान की।

  • समझौता ज्ञापन के तहत भारत के राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान तथा उज्बेकिस्तान के अंतरराष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान के बीच परस्पर पहचान किए गए ‘सोलर फोटोवोल्टिक’, ‘भंडारण प्रौद्योगिकियों’ और ‘प्रौद्योगिकी के हस्तांतरण’ वाले क्षेत्रों में अनुसंधान/प्रदर्शन/पायलट परियोजनाओं की पहचान की जाएगी।
  • परस्पर अनुबंध के आधार पर दोनों पक्ष अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) सदस्य देशों में पायलट परियोजना के कार्यान्वयन और तैनाती के लिए कार्य करेंगे।

खादी कारीगरों और जनजातीय आबादी को सशक्त करने हेतु समझौता


खादी और ग्रामोद्योग आयोग और जनजातीय मामलों के मंत्रालय ने स्थानीय रोजगार पैदा करने, खादी कारीगरों और जनजातीय आबादी को सशक्त करने के लिए 19 जनवरी, 2021 को समझौता किया।

उद्देश्य: प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत के आह्वान के अनुरूप खादी दस्तकारों और देशभर में जनजातीयों लोगों की बड़ी आबादी के बीच तालमेल बढाकर स्थानीय रोजगार के अवसर सृजित करना।

  • खादी और ग्रामोद्योग आयोग और जनजातीय मामलों के मंत्रालय ने दो समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए। इनमें जनजातीय विद्यार्थियों के लिए ‘खादी वस्त्र की खरीद’ और ‘प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के लिए क्रियान्वयन एजेंसी’ के रूप में भागीदारी करने की व्यवस्था है।
  • जनजातीय कार्य मंत्रालय 2020-21 में अपने एकलव्य आवासीय विद्यालयों के जनजातीय विद्यार्थियों के लिए 14 करोड़ 77 लाख रुपए मूल्य के (6 लाख मीटर से अधिक) खादी वस्त्र खरीदेगा।
  • भारत में जनजातियों के आर्थिक विकास के लिए काम करने वाली जनजातीय मामलों के मंत्रालय की एक एजेंसी ‘राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त विकास निगम’ (एनएसटीएफडीसी) को प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना को लागू करने के लिए एक भागीदार के रूप में शामिल किया जाएगा।

सूचना और संचार प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत-जापान सहयोग


भारत और जापान ने 15 जनवरी, 2021 को सूचना और संचार प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

  • दूरसंचार विभाग और जापान के संचार मंत्रालय 5G प्रौद्योगिकियों, दूरसंचार सुरक्षा, भारत के द्वीपों के लिए पनडुब्बी ऑप्टिकल फाइबर केबल प्रणाली, स्पेक्ट्रम प्रबंधन, स्मार्ट शहरों, बिना कनेक्टिविटी वाले क्षेत्रों में ब्रॉडबैंड के लिए अधिक ऊंचाई वाले प्लेटफॉर्म, आपदा प्रबंधन और सार्वजनिक सुरक्षा आदि में आपसी सहयोग बढ़ाएंगे।

आंध्र प्रदेश में राजमार्ग नेटवर्क और जिला सड़क नेटवर्क हेतु ऋण समझौता


भारत सरकार, आंध्र प्रदेश सरकार और न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) ने 6 जनवरी, 2021को दो परियोजनाओं के लिए 646 मिलियन डॉलर के ऋण समझौतों पर हस्ताक्षर किए।

  • पहली परियोजना 'आंध्र प्रदेश सड़क और पुल पुनर्निर्माण परियोजना' में राज्य राजमार्ग के 1,600 किमी. हिस्से का डबल लेन चौड़ीकरण और जीर्ण-शीर्ण पुलों का पुनर्निर्माण शामिल है।
  • दूसरी परियोजना 'आंध्र प्रदेश मंडल कनेक्टिविटी और ग्रामीण कनेक्टिविटी सुधार परियोजना'में जिला सड़क के 1,400 किमी. का डबल लेन चौड़ीकरण और जिला सड़क नेटवर्क पर जीर्ण-शीर्ण पुलों का पुनर्निर्माण शामिल है।
  • आंध्र प्रदेश सरकार 'सड़क और भवन विभाग' के माध्यम से परियोजनाओं को लागू करेगी।

भारत सरकार और न्यू डेवलपमेंट बैंक


भारतीय अर्थव्यवस्था को कोविड-19 से तेजी से उबरने में मदद करने हेतु भारत सरकार और न्यू डेवलपमेंट बैंक (एनडीबी) के बीच 16 दिसंबर, 2020 को 100 करोड़ डॉलर ऋण के समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।

  • इस राशि का इस्तेमाल ‘प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन (एनआरएम) से संबंधित ग्रामीण आधारभूत संरचनाओं में निवेश और ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार सृजन हेतु ‘महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना’ के लिए किया जाएगा।
  • 100 करोड़ डॉलर का ऋण 30 वर्ष के लिए है, जिसमें 5 वर्ष की छूट अवधि भी शामिल है।
  • एनडीबी का गठन15 जुलाई, 2014 को ब्रिक्स देशों की सरकारों के मध्य हुए समझौते के तहत किया गया है। इस बैंक के गठन का उद्देश्य ब्रिक्स और अन्य उभरती बाजार अर्थव्यवस्थाओं और विकासशील देशों में बुनियादी ढांचे और सतत विकास परियोजनाओं के लिए संसाधन जुटाना है।

भारतीय विज्ञान संस्‍थान और भारतीय तेल निगम


ईंधन सेल (Fuel cell) श्रेणी के सस्ते हाइड्रोजन के उत्पादन के लिए बेंगलुरु स्थित भारतीय विज्ञान संस्थान और भारतीय तेल निगम ने एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।

  • दोनों संस्थान बायोमास गैस आधारित हाइड्रोजन उत्पादन तकनीक का फरीदाबाद स्थित इंडियन ऑयल के अनुसंधान और विकास केन्द्र में प्रदर्शन करेंगे।
  • यह तकनीक इंडियन ऑयल द्वारा प्रस्तावित ईंधन सेल चालित बसों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे हाइड्रोजन के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।

डीआईपीएएम और विश्व बैंक में समझौता


निवेश और सार्वजनिक परिसम्पत्ति प्रबंधन विभाग –डीआईपीएएम (Department of Investment and Public Asset Management- DIPAM) ने विश्व बैंक के साथ 16 नवम्बर, 2020 को एक समझौते पर हस्ताक्षर किए।

  • इसके तहत विश्व बैंक, विभाग को परिसंपति मुद्रीकरण के लिए परामर्शदात्री सेवाएं उपलब्ध कराएगा।
  • वित्त मंत्रालय द्वारा स्वीकृत विश्व बैंक की इस परामर्शदात्री परियोजना का उद्देश्य भारत में सार्वजनिक परिसंपति मुद्रीकरण का मूल्यांकन करना है।
  • डीआईपीएएम, विनिवेश प्रक्रिया के तहत भारत सरकार के सार्वजनिक उपक्रमों की गैर जरूरी परिसंपत्तियों (non-core assets) और शत्रु संपत्तियों की (100 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा की मूल्य वाली) बिक्री की जिम्मेदारी संभालता है।
  • विनिवेश विभाग की स्थापना 10 दिसंबर, 1999 को एक अलग विभाग के रूप में की गई थी और बाद में 6 सितंबर, 2001 को इसका नाम बदलकर विनिवेश मंत्रालय कर दिया गया।
  • 27 मई, 2004 से, विनिवेश विभाग वित्त मंत्रालय के अधीन विभागों में से एक है। विनिवेश विभाग का नाम बदलकर 14 अप्रैल, 2016 से निवेश और सार्वजनिक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) कर दिया गया।

‘डीकार्बोनाइजेशन एंड एनर्जी ट्रांजिशन एजेंडा’ समझौता


नीति आयोग और नई दिल्ली स्थित नीदरलैंड्स के दूतावास ने 28, सितंबर 2020 को स्वच्छ और अधिक ऊर्जा को समायोजित करने को समर्थन देने हेतु ‘डीकार्बोनाइजेशन एंड एनर्जी ट्रांजिशन एजेंडा’

(Decarbonization and Energy Transition Agenda) समझौते पर हस्ताक्षर किए।

उद्देश्य: दोनों संस्थाओं की विशेषज्ञता का लाभ उठाते हुए नवीन तकनीकी उपायों का सह-निर्माण करना।

प्रमुख तत्व: उद्देश्य को ज्ञान और सहयोगी गतिविधियों के आदान-प्रदान के माध्यम से प्राप्त किया जाएगा। इसके प्रमुख तत्व हैं- औद्योगिक और परिवहन क्षेत्रों में शुद्ध कार्बन फुटप्रिंट को कम करना; प्राकृतिक गैस की लक्ष्य क्षमता को समझना और जैव-ऊर्जा प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देना;

  • निगरानी के जरिए वास्तविक कणों (actual particulates को कम करने के लिए स्वच्छ प्रौद्योगिकियों को अपनाना; हाइड्रोजन, कार्बन कैप्चर उपयोग और क्षेत्रीय ऊर्जा दक्षता के लिए भंडारण के जरिए भावी पीढ़ी की तकनीकों को अपनाना।
  • नीदरलैंड भारत का छठा सबसे बड़ा यूरोपीय संघ व्यापार साझेदार है।

इफको और प्रसार भारती में समझौता


  • विश्व की सबसे बड़ी उर्वरक सहकारी संस्था, भारतीय कृषक उर्वरक सहकारी लिमिटेड (इफको) और प्रसार भारती ने 5 अक्टूबर, 2020 को नई कृषि प्रौद्योगिकी एवं नवाचारों को प्रसारित और प्रोत्साहित करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
  • समझौते के अनुसार, किसानों के लाभ के लिए डीडी किसान 30 मिनट की कार्यक्रम श्रृंखला के जरिए कृषि क्षेत्र में अपनाई जा रही विभिन्न नवीन तकनीकों के बारे में आसान भाषा में जानकारी प्रसारित करेगा।
  • इफको की स्थापना 1967 में की गई थी।

आईएसएलआरटीसी और एनसीईआरटी के बीच समझौता


'भारतीय सांकेतिक भाषा अनुसंधान और प्रशिक्षण केंद्र’ (आईएसएलआरटीसी) और एनसीईआरटी के बीच 6 अक्टूबर, 2020 को एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।

उद्देश्य: बधिर बच्चों के लिए संचार के उनके पसंदीदा प्रारूप अर्थात भारतीय सांकेतिक भाषा में शिक्षा सामग्री सुलभ कराना।

  • समझौता ज्ञापन के तहत, शैक्षिक प्रिंट सामग्री जैसे एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों, शिक्षकों की हैंडबुक और अन्य पूरक सामग्री और हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों के कक्षा एक से कक्षा बारहवीं तक के सभी विषयों के संसाधनों को डिजिटल प्रारूप में भारतीय सांकेतिक भाषा में परिवर्तित किया जाएगा।
  • 2011 में स्थापित भारतीय सांकेतिक भाषा अनुसंधान और प्रशिक्षण केंद्र, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के अंतर्गत दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग का एक स्वायत्त राष्ट्रीय संस्थान है।
  • यह संस्थान भारतीय सांकेतिक भाषा के उपयोग को लोकप्रिय बनाने, भारतीय सांकेतिक भाषा में शिक्षण और अनुसंधान के संचालन के लिए मानव-शक्ति के विकास के लिए समर्पित है।

सीएसआईआर और एफएसएसएआई के बीच समझौता


विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के बीच 7 अगस्त, 2020 को एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।

उद्देश्य: खाद्य एवं पोषण के संबंध में सहयोगात्मक अनुसंधान एवं सूचना का प्रसार करना।

  • एमओयू भारतीय व्यवसायों की तैनाती के लिए और/ या अनुपालनों के विनियमन के लिए सीएसआईआर के पास उपलब्ध नवोन्मेषी प्रौद्योगिकियों के साथ-साथ खाद्य सुरक्षा एवं पोषण अनुसंधान के क्षेत्र में विकसित की जाने वाली प्रौद्योगिकियों एवं कार्यक्रमों की पहचान करने में सक्षम बनायेगा।
  • इसके अलावा यह खाद्य उपभोग, जैवकीय जोखिम की घटना, खाद्य में संदूषणों (Contaminants in food), उभरते जोखिमों की पहचान तथा उन्हें कम करने की कार्यनीतियों और त्वरित अलर्ट प्रणाली के संबंध में डेटा संग्रह का प्रयास भी करेगा।

एनएचएआई और आईआईटी दिल्ली समझौता


सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के तहत भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने 6 अगस्त, 2020 को राजमार्गों के लिए डाटा प्रेरित निर्णय प्रक्रिया में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) तथा उन्नत डाटा प्रबंधन प्रणाली के उपयोग हेतु एक उत्कृष्टता केंद्र के गठन के लिए आईआईटी दिल्ली के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।

  • समझौते के तहत, आईआईटी दिल्ली एआई एवं मशीन लर्निंग पर आधरित उन्नत एनालिटिक्स (Advance analystics) के विकास पर एनएचएआई के साथ कार्य करेगी, सिमुलेशन माडल तैयार करेगी, डाटा स्टोरेज बढ़ाएगी तथा एनएचएआई की डाटा प्रेरित निर्णय प्रक्रिया क्षमताओं को और अधिक बढ़ाएगी।
  • सहयोग से परियोजना प्रबंधन एवं डाटा प्रबंधन, राजमार्ग नेटवर्क ट्रैफिक मांग एवं घटना प्रबंधन, राजमार्ग सुरक्षा तथा राजमार्ग कार्य-क्षेत्र प्रबंधन जैसे चिन्हित क्षेत्रों पर जोर दिया जाएगा। आईआईटी दिल्ली एनएचएआई डाटा प्रबंधन नीति के लिए इनपुट भी देगी।

जनशिकायतों के निपटारे हेतु रक्षा मंत्रालय ने किया त्रिपक्षीय समझौता


जनशिकायतों के प्रभावी निपटारे के लिए रक्षा मंत्रालय ने प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग तथा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, कानपुर के साथ 4 अगस्त, 2020 को एक त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

  • समझौते के तहत आईआईटी कानपुर की ओर से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और मशीन लर्निंग (एमएल) तकनीकों का इस्तेमाल करते हुए एक ऐसी प्रणाली विकसित किए जाने की परिकल्पना की गई है, जो वेब आधारित केंद्रीकृत लोक शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली (सीपीजीआरएएमएस) पर रक्षा मंत्रालय से जुड़ी जन शिकायतों का पूर्व विश्लेषण कर उनका प्रभावी तरीके से निपटारा कर सके।
  • प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG) जन शिकायतों को निपटाने की भारत सरकार की नोडल एजेंसी है।
  • डीएआरपीजी शिकायत निपटान के लिए रक्षा मंत्रालय से संबधित डेटा आईआईटी कानपुर को उपलब्ध कराएगा, ताकि वह उनका व्यापक विश्लेषण कर सके।



पारंपरिक चिकित्सा पद्धति और होम्योपैथी में सहयोग हेतु भारत-जिम्बाब्वे समझौता


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 29 जुलाई, 2020 को पारंपरिक चिकित्सा पद्धति और होम्योपैथी के क्षेत्र में सहयोग पर भारत और जिम्बाब्वे के बीच हस्ताक्षर किए गए समझौता ज्ञापन को पूर्वस्वीकृति प्रदान की है। समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर 30 नवंबर, 2018 को हस्ताक्षर किए गए थे।

उद्देश्य: समानता और आपसी लाभ के आधार पर दोनों देशों के बीच पारंपरिक चिकित्सा पद्धति के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करना,बढ़ावा देना और विकसित करना है।

  • एमओयू में सहयोग के निम्न प्रमुख क्षेत्रों की पहचान की गई है:

  1. शिक्षण,अभ्यास और औषधि तथा बिना औषधि के रोगों के इलाजको बढ़ावा देना;
  2. निर्दिष्ट उद्देश्यों को प्राप्त करने में प्रदर्शन और संदर्भ के लिए सभी आवश्यक औषधि सामग्री और दस्तावेजों की आपूर्ति करना;
  3. तथा चिकित्सकों, चिकित्सा सहायकों, वैज्ञानिकों, शिक्षण पेशेवरों और छात्रों के प्रशिक्षण के लिए विशेषज्ञों का आदान-प्रदान करना।

ट्राइफेड और आईआईटी दिल्ली साझेदारी


जनजातीय मामलों के मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले ट्राइफेड द्वारा मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार के एक प्रमुख राष्ट्रीय कार्यक्रम ‘उन्नत भारत अभियान’ (यूबीए) के लिए आईआईटी दिल्ली के साथ 24 जुलाई, 2020 को साझेदारी की गई है।

  • ट्राइफेड, आईआईटी दिल्ली और विज्ञान भारती (विभा, एक स्वदेशी विज्ञान आंदोलन) के बीच एक त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।
  • ट्राइफेड के वन धन कार्यक्रम के अंतर्गत, जनजातीय उद्यमियों को अब उन्नत भारत अभियान (यूबीए) के अंतर्गत 2600 से अधिक शैक्षणिक और अनुसंधान संस्थानों के पूरे नेटवर्क की विशेषज्ञता प्राप्त हो सकेगी।
  • इसके अलावा आदिवासियों को नई प्रसंस्करण प्रौद्योगिकी, उत्पाद नवाचार, मेंटरशिप और परिवर्तनकारी डिजिटल प्रणाली से अवगत कराया जाएगा।
  • 2014 में शुरू किया गया ‘उन्नत भारत अभियान’ एक समावेशी भारत के निर्माण करने में मदद करने के लिए ज्ञान संस्थानों का लाभ उठाकर ग्रामीण विकास प्रक्रियाओं में परिवर्तन की कल्पना करता है।

माले में 'आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं' की स्थापना हेतु भारत - मालदीव समझौता


  • भारत और मालदीव ने मालदीव की राजधानी माले में 'आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं' की स्थापना के लिए 21 जुलाई, 2020 को एक समझौते पर हस्ताक्षर किए।
  • यह परियोजना कई छोटी और मध्यम परियोजनाओं में से एक है, जिसे भारत द्वारा पड़ोसी देश के लिए लगभग 20 मिलियन डॉलर की अनुदान सहायता के तहत वित्तपोषित किया जा रहा है।
  • 'आपातकालीन चिकित्सा सेवा इकाई' गुणवत्ताफरक आपातकालीन देखभाल के लिए समय पर पहुंच को सुनिश्चित करेगी।

एनटीपीसी और एनआईआईएफ समझौता


भारत में व्यापार अवसरों का पता लगाने के लिए एनटीपीसी और राष्ट्रीय निवेश एवं अवसंरचना कोष (एनआईआईएफ) के बीच 16 जुलाई, 2020 को समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।

उद्देश्य: देश में चिरस्थायी और मजबूत ऊर्जा अवसंरचना का निर्माण करने वाले भारत के दृष्टिकोण में सहयोग प्रदान करना।

  • इस समझौते के माध्यम से एनटीपीसी की तकनीकी विशेषज्ञता और एनआईआईएफ की पूंजी जुटाने की क्षमता को एक साथ लाया जाएगा और व्यापार अवसरों का पता लगाने के लिए वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने का प्रयास किया जायेगा।

  • एनआईआईएफ लिमिटेड अपने तीन फंडों- मास्टर फंड, फंड ऑफ फंड्स और स्ट्रैटेजिक फंड (Strategic Fund) में 4.3 बिलियन अमेरिकी डॉलर से ज्यादा इक्विटी पूंजी प्रतिबद्धताओं का प्रबंधन करता है।

  • एनआईआईएफ मास्टर फंड देश का सबसे बड़ा बुनियादी ढांचा वाला फंड है और परिवहन और उर्जा जैसे मुख्य बुनियादी ढ़ांचा वाले क्षेत्रों में निवेश करता है।

ईईएसएल और नोएडा प्राधिकरण


विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत सार्वजनिक उपक्रमों के एक संयुक्त उद्यम ‘एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड’ (ईईएसएल) ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और सार्वजनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशनों और उससे संबंधित बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए न्यू ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण (नोएडा) के साथ 9 जुलाई, 2020 को एक समझौते पर हस्ताक्षर किए।

  • ईईएसएल कुशल जनशक्ति के माध्यम से सार्वजनिक चार्जिंग अवसंरचना का संचालन और रख-रखाव के साथ-साथ समझौते से संबंधित सेवाओं पर अग्रिम निवेश करेगा। जबकि नोएडा प्राधिकरण चार्जिंग अवसंरचना के लिए स्थान उपलब्ध कराने के लिए जिम्मेदार होगा।

  • इस पहल से, प्रति वर्ष प्रति ई-कार से 3.7 टन से ज्यादा कार्बन डाईआक्साइड उत्सर्जन कम होने का अनुमान है।

सीबीडीटी और सेबी


केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) और भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने दोनों संगठनों के बीच डेटा-साझा करने के उदेश्य से 8 जुलाई, 2020 को एक औपचारिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।

  • डेटा के नियमित आदान-प्रदान के अलावा, सेबी और सीबीडीटी विभिन्न कानूनों के तहत अपने कार्यों को पूरा करने के उद्देश्य से, अनुरोध पर या अपने आप डेटाबेस में उपलब्ध जानकारी का आदान-प्रदान भी करेंगे।