पारंपरिक चिकित्सा पद्धति और होम्योपैथी में सहयोग हेतु भारत-जिम्बाब्वे समझौता

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 29 जुलाई, 2020 को पारंपरिक चिकित्सा पद्धति और होम्योपैथी के क्षेत्र में सहयोग पर भारत और जिम्बाब्वे के बीच हस्ताक्षर किए गए समझौता ज्ञापन को पूर्वस्वीकृति प्रदान की है। समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर 30 नवंबर, 2018 को हस्ताक्षर किए गए थे।

उद्देश्य: समानता और आपसी लाभ के आधार पर दोनों देशों के बीच पारंपरिक चिकित्सा पद्धति के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करना,बढ़ावा देना और विकसित करना है।

  • एमओयू में सहयोग के निम्न प्रमुख क्षेत्रों की पहचान की गई है:

  1. शिक्षण,अभ्यास और औषधि तथा बिना औषधि के रोगों के इलाजको बढ़ावा देना;
  2. निर्दिष्ट उद्देश्यों को प्राप्त करने में प्रदर्शन और संदर्भ के लिए सभी आवश्यक औषधि सामग्री और दस्तावेजों की आपूर्ति करना;
  3. तथा चिकित्सकों, चिकित्सा सहायकों, वैज्ञानिकों, शिक्षण पेशेवरों और छात्रों के प्रशिक्षण के लिए विशेषज्ञों का आदान-प्रदान करना।

स्रोत : सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल ऑनलाइन. जुलाई 2020