भद्राचलम को आईआरसीटीसी की रामायण सर्किट ट्रेन में एक गंतव्य के रूप में जोड़ा गया


रेल मंत्रालय द्वारा 11 नवंबर, 2021 को तेलंगाना में भद्राचलम को आईआरसीटीसी की रामायण सर्किट ट्रेन में एक गंतव्य के रूप में जोड़ा गया।

(Image Source: https://twitter.com/kishanreddybjp)

  • रामायण सर्किट ट्रेन का उद्देश्य भगवान राम के जीवनकाल की यात्रा के सभी महत्वपूर्ण स्थानों को जोड़ना है, भद्राचलम रोड स्टेशन (कोठागुडेम स्टेशन) को शामिल करने से रामायण सर्किट पूरा हो जाएगा।
  • भगवान राम के भक्तों का मानना है कि देवी सीता और लक्ष्मण के साथ भगवान राम ने अपने वनवास के करीब 10 साल पंचवटी में बिताए थे, जो कि आधुनिक समय में भद्राचलम के आसपास के क्षेत्र में है।
  • अयोध्या के साथ-साथ तेलंगाना में भद्राचलम, परनाशाला, जटायुपाका, दुम्मुगुडेम और गुनाडाला राम के जीवन में बहुत महत्वपूर्ण हैं।
  • रामायण सर्किट ट्रेन ‘नई दिल्ली’ से ‘रामेश्वरम’ के लिए शुरू होगी और भगवान राम के जीवनकाल से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण स्थानों पर रुकेगी।

गांधी स्मृति और दर्शन समिति


भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय गोयल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'गांधी स्मृति और दर्शन समिति' (Gandhi Smriti and Darshan Samiti) का उपाध्यक्ष नियुक्त किया है।

  • गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति का गठन 1984 में राजघाट स्थित गांधी दर्शन एवं ‘5, तीस जनवरी मार्ग’ स्थित गांधी स्मृति के विलय द्वारा 1984 में एक स्वायत्त निकाय के रूप में किया गया था।
  • यह भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के रचनात्मक सुझाव और वित्तीय सहायता के तहत कार्यशील है।
  • भारत के प्रधानमंत्री गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति के अध्यक्ष हैं।
  • समिति का मूलभूत उद्देश्य और लक्ष्य विभिन्न सामाजिक-शैक्षणिक तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिये महात्मा गांधी के जीवन, मिशन एवं विचारों को प्रचारित करना है।

वांचुवा त्योहार


18 अगस्त, 2021 को तिवा जनजाति द्वारा द्वारा अच्छी फसल होने के उपलक्ष्य में वांचुवा त्योहार (Wanchuwa festival) मनाया गया।

  • वांचुवा, पहाड़ियों में रहने वाले तिवा जनजातीय समुदाय के सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है, इसका कृषि से संबंध है, जो उनकी अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार है।
  • इस त्योहार पर समुदाय के लोग अपना पारम्परिक परिधान धारण करते है और नृत्य, गान और अनुष्ठानों का आयोजन किया जाता है।

तिवा जनजाति: इस जनजाति को ‘लालुंग’ के नाम से भी जाना जाता है और यह असम तथा मेघालय राज्यों में रहने वाला स्वदेशी समुदाय है। इसकी कुछ आबादी अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर के कुछ हिस्सों में भी पाई जाती है।

  • तिवा जनजाति के लोग भरपूर फसल के लिए प्रकृति की महान शक्ति की कृपा मानते हैं। ये लोग सूअरों की खोपड़ी और हड्डियों को देवी- देवताओं के रूप में स्थापित करते हैं और मानते हैं कि ये कई पीढ़ियों तक इनकी सुरक्षा करेंगे।
  • तिवा झूम या स्थानांतरित खेती करते हैं, परिणामस्वरुप अधिक उपजाऊ मिट्टी होती है, जो ताजा पोटाश से समृद्ध होती है।

5वां पूर्वोत्तर भारत पारंपरिक फैशन सप्ताह 2021


केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री, डॉ. वीरेंद्र कुमार ने 24 जुलाई, 2021 को ‘5वें पूर्वोत्तर भारत पारंपरिक फैशन सप्ताह 2021’ (5th North-East India Traditional Fashion Week: NEIFW 2021) का उद्घाटन वर्चुअल माध्यम से किया।

उद्देश्य: पूर्वोत्तर के विभिन्न जनजातियों और विशिष्ट संस्कृति वाले समूहों के दिव्यांगजनों को सशक्त बनाना एवं उनका उत्थान करना तथा वस्त्र एवं शिल्प उद्योग के प्रति समावेशी दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना।

  • इसका आयोजन केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत प्रमुख संगठन ‘राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तीकरण संस्थान, देहरादून’ (NIEPVD) द्वारा किया गया, जिसका उद्देश्य पूर्वोत्तर की दिव्यांग आबादी और हितधारकों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ‘पूर्वोत्तर भारत की कलाओं’ और ‘कारीगरों’ को बढ़ावा देना है।
  • NEIFW 2021 द्वारा कौशल एवं उद्यमिता निर्माण; कारीगर प्रशिक्षण कार्यशाला; दिव्यांग कारीगरों की प्रदर्शनी; पारंपरिक ड्रेस शो और पारंपरिक सांस्कृतिक महोत्सव पर ध्यान केंद्रित किया गया।

आदर्श स्मारक


संस्कृति मंत्री जी. किशन रेड्डी ने 20 जुलाई, 2021 को राज्य सभा को 'आदर्श स्मारक' के बारे में जानकारी दी।

  • वाई-फाई, कैफेटेरिया, विवेचन केंद्र (Interpretation centre), ब्रेल संकेतक, प्रकाश व्यवस्था आदि जैसी अतिरिक्त सुविधाएं प्रदान करने के लिए आंध्र प्रदेश के 3 स्मारकों को ‘आदर्श स्मारक’ (Adarsh Smarak) के रूप में चिह्नित किया गया है।
  • आंध्र प्रदेश के तीन स्मारक (i) नागार्जुनकोंडा (जिला- गुंटूर)(ii)सलीहुंडम में बौद्ध अवशेष(जिला- श्रीकाकुलम) और (iii) वीरभद्र मंदिर, लेपाक्षी (जिला- अनंतपुरम) हैं।
  • इसके अलावा 'गंडीकोटा का किला' सरकार की 'एक धरोहर गोद लें योजना' (Adopt-a-Heritage scheme) में शामिल किया गया है।
  • आंध्र प्रदेश राज्य में 135 केंद्रीय संरक्षित स्मारक/स्थल हैं।

भारतीय विरासत संस्थान


19 जुलाई, 2021 को संस्कृति मंत्रालय द्वारा लोक सभा में दी गई जानकारी के अनुसार सरकार ने भारत की समृद्ध मूर्त विरासत के संरक्षण और अनुसंधान पर ध्यान केंद्रित करने के लिए नोएडा, गौतम बुद्ध नगर में 'भारतीय विरासत संस्थान' (Indian Institute of Heritage) स्थापित करने का निर्णय लिया है।

  • ‘भारतीय विरासत संस्थान’ को निम्न संस्थानों के शैक्षणिक स्कंध (Academic wing) को एकीकृत करके मानद विश्वविद्यालय के रूप में स्थापित किया जा रहा है।
    • पुरातत्व संस्थान (पं. दीनदयाल उपाध्याय पुरातत्व संस्थान);
    • राष्ट्रीय अभिलेखागार, नई दिल्ली के तहत अभिलेखीय अध्ययन विद्यालय;
    • राष्ट्रीय सांस्कृतिक संपदा संरक्षण अनुसंधानशाला (NRLC) लखनऊ;
    • कला, संरक्षण और संग्रहालय के इतिहास का राष्ट्रीय संग्रहालय संस्थान;
    • और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्र, नई दिल्ली
  • ये सभी ‘भारतीय विरासत संस्थान’ के विभिन्न विद्यालय बन जाएंगे।

काशी अन्नपूर्णा मंदिर


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने काशी अन्नपूर्णा मंदिर के महंत रामेश्वर पुरी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। महंत रामेश्वर पुरी का 10 जुलाई, 2021 को निधन हो गया। वे 67 वर्ष के थे।

  • अन्नपूर्णा देवी मंदिर पवित्र शहर वाराणसी में सबसे प्रसिद्ध हिंदू मंदिरों में से एक है।
  • यह मंदिर पोषण (अन्न) के लिए हिंदू देवी अन्नपूर्णा को समर्पित है और देवी पार्वती का एक रूप है।
  • वर्तमान अन्नपूर्णा मंदिर का निर्माण 18वीं शताब्दी में मराठा पेशवा बाजीराव प्रथम द्वारा किया गया था।
  • मंदिर का निर्माण नागर वास्तुकला में किया गया है।

डॉ. भीमराव आंबेडकर स्मारक और सांस्कृतिक केंद्र


राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 29 जून, 2021 को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा स्थापित किये जाने वाले ‘डॉ. भीमराव आंबेडकर स्मारक और सांस्कृतिक केंद्र’ की आधारशिला रखी।

  • उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लखनऊ स्थित ऐशबाग ईदगाह के सामने 5,493 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में इस स्मारक एवं सांस्कृतिक केंद्र का निर्माण किया जा रहा है।
  • इस परियोजना में अंबेडकर की 25 फीट ऊंची प्रतिमा होगी और इसमें 750 व्यक्तियों की क्षमता वाला एक सभागार, एक शोध केंद्र और एक संग्रहालय शामिल होगा। इसकी अनुमानित लागत लगभग 45 करोड़ रुपये होगी।

ज्येष्ठ अष्टमी


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 18 जून, 2021 को ज्येष्ठ अष्टमी के पावन अवसर पर सभी को, विशेषकर कश्मीरी पंडित समुदाय को बधाई दी।

  • जम्मू और कश्मीर में, स्थानीय कश्मीरी पंडित समुदाय की कुल देवी ‘रज्ञा देवी’ के सम्मान में तुल्लमुला में ‘खीर भवानी मंदिर’ में ज्येष्ठ अष्टमी मनाई जाती है। हर साल ज्येष्ठ महीने की अष्टमी तिथि पर यहां विशेष पूजा और मेले का आयोजन किया जाता है।
  • इस दिन प्रसाद के रूप में 'खीर' तैयार की जाती है। खीर भवानी मंदिर जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले के तुल्लामुल्ला गांव में है।

अतुल्य भारत पर्यटक सुविधाकर्ता प्रमाणन कार्यक्रम


केंद्रीय संस्कृति व पर्यटन राज्य मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने 5 जून, 2021 को विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार के प्रतिष्ठित कार्यक्रर्मों में से एक ‘अतुल्य भारत पर्यटक सुविधाकर्ता प्रमाणन कार्यक्रम’ (Incredible India Tourist Facilitator Certification Programme- IITFC) संचार संगोष्ठी का वर्चुअल उद्घाटन किया।

  • अतुल्य भारत पर्यटक सुविधाकर्ता प्रमाणन कार्यक्रम भारत के नागरिकों हेतु तेजी से बढ़ते पर्यटन उद्योग का हिस्सा बनने के लिए पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार की एक डिजिटल पहल है।
  • यह एक ऑनलाइन कार्यक्रम है, जहां कोई भी अपने समय और स्थान के अनुसार पर्यटन के बारे में सीख सकता है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को पूरा करने के बाद शिक्षार्थी पर्यटन मंत्रालय का एक प्रमाणित पर्यटक सुविधा प्रदाता बन सकेगा।
  • 'अतुल्य भारत', भारत में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 2002 से भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहे एक अंतरराष्ट्रीय पर्यटन अभियान का नाम है।

द एक्लिप्स एंड आफ्टर


महिलाओं द्वारा महिलाओं पर बनाई गई फिल्मों का एक महोत्सव 'द एक्लिप्स एंड आफ्टर' (The Eclipse and After) 28 से 30 मई, 2021 तक ऑनलाइन प्रस्तुत किया गया।

  • महिला फिल्मकारों द्वारा बनाई गई इन दस फिल्मों के समूह में ऐसी महिलाओं की कहानियां थी, जो गैर-बराबरी और अन्याय से लड़कर बाहर आती हैं, साथ ही इसमें ऐसी मजबूत इरादों वाली महिलाओं की प्रेरक कहानियां भी हैं, जिन्होंने आत्म-मूल्य और उपलब्धियों से भरा जीवन जीने के लिए परंपराओं को तोड़ने का साहस किया।
  • 'द एक्लिप्स एंड आफ्टर' में शामिल फिल्में थी - विद द रिवर फ्लोइंग (निर्देशक- तोर्षा बनर्जी), साइलेंट वॉयसेज (पृथा चक्रवर्ती), बॉर्न बिहाइंड बार्स (मालती राव), विजी अम्मा (नवनिंद्र बहल), ब्रम्हवादिनी - महिला पौरोहित्य (सुहासिनी मुले), फूलबसन बाई (नवनिंद्र बहल), मेकअप द लॉस (प्रतिभा कौर पसरीचा), माई बेबी नॉट माइन (राखी शंडिल्य), चेसिंग टेल्स (माधवी तंगेला) और, द डे आई बिकेम अ वुमन (मौपिया मुखर्जी)।

भारत- मंगोलिया सांस्कृतिक संबंध


संस्कृति एवं पर्यटन राज्य मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल और मंगोलियाई संस्कृति मंत्री चिनबैट नोमिन के बीच 13 मई, 2021 को वर्चुअल माध्यम में एक बैठक का आयोजन किया गया।

  • दोनों देशों की साझा विरासत को और मजबूती प्रदान करने के लिए, 2020-2021 से शुरू होने वाली 'तिब्बती बौद्ध धर्म' के अध्ययन के लिए मंगोलियाई लोगों को केंद्रीय बौद्ध अध्ययन संस्थान, लेह और केंद्रीय तिब्बती अध्ययन विश्वविद्यालय, वाराणसी, वाराणसी के विशेष संस्थानों में अध्ययन करने के लिए 10 प्रतिबद्ध ‘भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद छात्रवृत्तियां’ आवंटित की गई हैं।
  • भारत और मंगोलिया के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम (सीईपी) वर्ष 2023 तक जारी रहेंगे।
  • भारत ने मंगोलिया स्थित ‘गंदन मठ’ में बौद्ध पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण के लिए प्रतिबद्धता दोहराई; भारत वहां ‘संग्रहालय-सह-पुस्तकालय’ स्थापित करने में सहायता प्रदान करने के लिए मंगोलिया के अनुरोध पर भी विचार करेगा।
  • संस्कृति मंत्रालय द्वारा मंगोलिया में प्रमुख बौद्ध केन्द्रों में वितरण के लिए अगले वर्ष तक पवित्र मंगोलियाई कंजूर (प्रत्येक 108 खंड) के लगभग 100 सेटों का पुन:मुद्रण कार्य पूरा करने की संभावना है।
  • मंगोलियाई कंजूर(Mongolian Kanjur) बौद्ध धर्म का ग्रंथ है, जिसे मंगोलिया में सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक ग्रंथ माना जाता है।

बद्रीनाथ धाम को आध्‍यात्मिक स्मार्ट नगरी के रूप में विकसित किया जाएगा


6 मई, 2021 को तेल और गैस क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रमों- इंडियन ऑयल, बीपीसीएल, एचपीसीएल, ओएनजीसी, गेल और बद्रीनाथ उत्थान धर्मार्थ न्यास ने एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत बद्रीनाथ धाम को आध्यात्मिक स्मार्ट नगरी के रूप में विकसित किया जाएगा।

  • तेल और प्राकृतिक गैस क्षेत्र के के सार्वजनिक उपक्रम पहले चरण की विकास गतिविधियों में 99.60 करोड़ रुपए का योगदान करेंगे।
  • पहले चरण की गतिविधियों में नदी तटबंध का विकास कार्य, हर मौसम के अनुकूल रास्तों का निर्माण, पुलों का निर्माण, मौजूदा पुलों का सौंदर्यीकरण, आवासीय सुविधा के साथ गुरुकुल की स्थापना, शौचालयों का निर्माण, पेयजल सुविधा उपलब्ध कराना, स्ट्रीटलाइट और भित्ति चित्रकारी शामिल है।
  • बद्रीनाथ भारत के उत्तराखंड राज्य में एक पवित्र शहर और चमोली जिले में एक नगर पंचायत है। यह भारत के चार धाम तीर्थयात्रा के चार स्थलों में से एक है और इसका नाम बद्रीनाथ मंदिर से लिया गया है।
  • बद्रीनाथ या बद्रीनारायण मंदिर एक हिंदू मंदिर है, जो विष्णु को समर्पित है। यह अलकनंदा नदी के किनारे स्थित है।
  • बद्रीनाथ को अक्सर बद्री विशाल कहा जाता है, जिसे 8वीं शताब्दी में आदि श्री शंकराचार्य ने पुनः स्थापित किया था।

महाराजा छत्रसाल कन्वेंशन सेंटर


26 मार्च, 2021 को पर्यटन एवं संस्कृति राज्य मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पर्यटन मंत्रालय की स्वदेश दर्शन योजना के तहत मध्य प्रदेश के खजुराहो में विकसित 'महाराजा छत्रसाल कन्वेंशन सेंटर' (Maharaja Chhatrasal Convention Centre) का उद्घाटन किया।

  • पूरे परिसर की संरचना और सेवाओं को पर्यावरण के अनुकूल भवन दिशा-निर्देशों के अनुसार डिजाइन किया गया है।
  • इसमें उच्च प्रदर्शन, अल्ट्रा वायलेट प्रतिरोधी तथा गर्मी प्रतिरोधी शीशे का उपयोग किया गया है; इसमें ऊर्जा कुशल एलईडी रोशनी का उपयोग किया जाता है।
  • खजुराहो स्मारक समूह जो कि एक हिन्दू और जैन धर्म के स्मारकों का एक समूह है। यह स्मारक भारतीय राज्य मध्य प्रदेश के छतरपुर क्षेत्र में हैं। इस स्मारक समूह को 1986 यूनेस्को विश्व धरोहर में शामिल किया गया है। अधिकांश खजुराहो मंदिरों का निर्माण 950 से 1050 ईस्वी के बीच चंदेल वंश द्वारा किया गया था।

मांडू महोत्सव 2021


मध्य प्रदेश में धार जिले में ऐतिहासिक शहर मांडू में 13 से 15 फरवरी, 2021 तक तीन दिवसीय ‘मांडू महोत्सव 2021’ आयोजित किया गया। प्रदेश की संस्कृति और पर्यटन मंत्री उषा ठाकुर ने मांडू महोत्सव का उद्घाटन किया।

  • महोत्सव में ‘वोकल फॉर लोकल’ के मंत्र को साकार करने के लिए स्थानीय हस्त निर्मित उत्पादों को प्रदर्शित किया गया।
  • राज्य की संस्कृति और पर्यटन मंत्री ने ‘डायनो एडवेंचर पार्क और जीवाश्म संग्रहालय’ का उद्घाटन भी किया।
  • डायनासोर पार्क देश का पहला आधुनिक जीवाश्म पार्क है, जिसमें 24 अंडे और डायनासोर के अन्य जीवाश्म हैं। पार्क, डायनासोर के जीवन से संबंधित जानकारी भी प्रदान करता है।

51वां अंतरराष्ट्रीय भारतीय फिल्म महोत्सव


गोवा में आयोजित ‘51वें अंतर्राष्ट्रीय भारतीय फिल्म महोत्सव’ (51st International Film Festival of India) का शुभारंभ 16 जनवरी, 2021 को थॉमस विन्टरबर्ग की फिल्म 'अनअदर राउंड' के इंडियन प्रीमियर के साथ हुआ।

  • 'अनअदर राउंड' फिल्म में, कानफेस्ट में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के पुरस्कार विजेता मैड्स मिकेलसन ने अभिनय किया है। यह फिल्म ऑस्कर में डेनमार्क की आधिकारिक प्रविष्टि भी है।
  • इस महोत्सव में ‘मेहरुनिसा’ का वर्ल्ड प्रीमियर भी किया गया। संदीप कुमार द्वारा निर्देशित तथा दमदार अभिनेत्री फारुख जफर की भूमिका वाली ये फिल्म एक महिला के आजीवन सपने की कहानी पर आधारित है।
  • 24 जनवरी, 2021 को कीयोशी कुरोसावा की हिस्टॉरिकल ड्रामा फिल्म ‘वाइफ ऑफ अ स्पाई' के इंडिया प्रीमियर के साथ इस महोत्सव का समापन हुआ।

पुरस्कार-

  • गोल्डन पीकॉक पुरस्कार: द्वितीय विश्व युद्ध पर आधारित फिल्म 'इनटू द डार्कनेस’ (DE FORBANDEDE AR)।
  • सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का सिल्वर पीकॉक पुरस्कार: ताइवान की निर्देशक, लेखिका और निर्माता ‘चेन-नियेन’ को (मंदारिन भाषा की ड्रामा फिल्म 'द साइलेंट फॉरेस्ट' के लिए)।
  • सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (पुरुष) के लिए सिल्वर पीकॉक पुरस्कार: 17 साल के त्शू शुआन-लियू ('द साइलेंट फॉरेस्ट' के मुख्य किरदार चांग चेंग के रूप में।
  • सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (महिला) का सिल्वर पीकॉक पुरस्कार: पोलैंड की अदाकारा जोफिया स्टाफिए को फिल्म 'आई नेवर क्राई / याक नाईदालेइ स्टाद' में उनकी भूमिका के लिए)।
  • आईएफएफआई-51 का विशेष ज्यूरी पुरस्कार: बुल्गारिया के निर्देशक कामिन कालेव को (उनकी फिल्म 'फेबरुएरी' के लिए)।
  • आईएफएफआई-51 स्पेशल मेंशन पुरस्कार: भारतीय निर्देशक कृपाल कलिता को उनकी असमिया फिल्म ‘ब्रिज’ के लिए दिया गया, जो ग्रामीण असम में हर साल आने वाली बाढ़ के कारण उपजे जीवन के कष्टों को दिखाती है।

गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार लद्दाख की झांकी


इस वर्ष राजपथ पर गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार लद्दाख की झांकी प्रदर्शित की गई।

  • इसमें ऐतिहासिक ‘थिक्से बौद्ध मठ’ को दर्शाया गया, जो लेह जिले की पहाड़ी पर स्थित है और इस क्षेत्र के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में है।
  • गणतंत्र दिवस की झांकी में लेह के पास ‘हानले में स्थित भारतीय वेधशाला’ भी प्रदर्शित की गई, जहां ऑप्टिकल, इन्फ्रारेड और गामा किरणों वाला दुनिया का सबसे ऊंचा टेलिस्कोप स्थल है। ‘लद्दाख को कार्बन मुक्त बनाने के लक्ष्य’ को भी झांकी में प्रमुखता से उजागर किया गया।

सिंधु घाटी के बर्तनों में गाय तथा भैंस के मांस के अवशेष


  • दिसंबर 2020 में एक नए अध्ययन में, वर्तमान में हरियाणा और उत्तर प्रदेश में स्थित, सिंधु घाटी सभ्यता के सात स्थलों पर लगभग 4,600 साल पुराने चीनी मिट्टी के बर्तन में गाय और भैंस के मांस सहित अन्य पशु उत्पादों की मौजूदगी पाई गई है।
  • सिंधु घाटी स्थलों पर पाई गयी पालतू पशुओं की हड्डियों में से लगभग 50-60% हड्डियां गाय/ भैंसों की है।
  • गाय/ भैंसों की हड्डियों का बड़े अनुपात में पाया जाना सिंधु सभ्यता के दौरान खाद्य पदार्थो में, गोमांस को वरीयता दिए जाने, भेड़ तथा बकरी के मांस को पूरक आहार के रूप में शामिल किए जाने का संकेत करता है।

51वां भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव 2020


सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने 19 दिसंबर, 2020 को भारत के 51वें अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव 2020 के लिए 23 फीचर फिल्मों और 20 गैर-फीचर फिल्मों के चयन की घोषणा की।

  • चयनित फिल्मों को गोवा में 16 से 24 जनवरी, 2021 तक आयोजित वाले फिल्म महोत्सव के दौरान प्रदर्शित किया जाएगा।
  • फीचर फिल्म श्रेणी: भारतीय पैनोरमा 2020 की ओपनिंग फीचर फिल्म के लिए जूरी की पसंद ‘तुषार हीरानंदानी’ द्वारा निर्देशित हिंदी फिल्म ‘सांड की आँख’ है।
  • इस श्रेणी में कृपाल कलिता द्वारा निर्देशित असमिया फिल्म ‘ब्रिज’, हिंदी फिल्म ‘छिछोरे’, गोविंद निहलानी निर्देशित अंग्रेजी फिल्म ‘अप अप एंड अप’, नील माधब पांडा निर्देशित उड़िया फिल्म ‘कालिरा अतीत’, मराठी फिल्म ‘प्रवास’ तथा विजेश मणि निर्देशित संस्कृत फिल्म ‘नमो’ भी शामिल है।
  • गैर-फीचर फिल्म श्रेणी: भारतीय पैनोरमा 2020 की ओपनिंग गैर-फीचर फिल्म के लिए जूरी की पसंद ‘अंकित कोठारी’ द्वारा निर्देशित गुजराती फिल्म ‘पांचिका’ है।
  • इस श्रेणी में बिमल पोद्दार निर्देशित बांग्ला फिल्म ‘राधा’, रमेश शर्मा निर्देशित अंग्रेजी फिल्म 'अहिंसा-गांधी द पावर ऑफ पावरलेस’ और माईबैम अमरजीत सिंह निर्देशित मणिपुरी फिल्म ‘हाईवेज ऑफ लाइफ’ भी शामिल हैं।