‘ई-अमृत’ पोर्टल


10 नवंबर, 2021 को भारत ने यूनाइटेड किंगडम के ग्लासगो में जारी कॉप-26 शिखर सम्मेलन में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) पर एक वेब पोर्टल ‘ई-अमृत’ लॉन्च किया।

(Image Source: https://twitter.com/NITIAayog)

  • ‘ई-अमृत’ इलेक्ट्रिक वाहनों से संबंधित समस्त सूचनाओं के लिए वन-स्टॉप डेस्टिनेशन या पोर्टल है।
  • इस पोर्टल को ब्रिटिश सरकार के साथ एक सहयोगात्मक ज्ञान आदान-प्रदान कार्यक्रम के तहत नीति आयोग द्वारा विकसित और होस्ट किया गया है। पोर्टल ‘ब्रिटेन-भारत संयुक्त रोडमैप 2030’ का हिस्सा है।
  • ‘ई-अमृत’ दरअसल इलेक्ट्रिक वाहनों के बारे में जागरूकता बढ़ाने और इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के लाभों से उपभोक्ताओं को अवगत कराने के लिए सरकार द्वारा की गई पहलों के पूरक के तौर पर काम करेगा।
  • नीति आयोग का उद्देश्य इस पोर्टल को और भी अधिक संवादात्मक एवं उपयोगकर्ता (यूजर) अनुकूल बनाने के लिए इसमें कई और खूबियां जोड़ना एवं अभिनव साधनों को पेश करना है।

'वाई-ब्रेक' योग प्रोटोकॉल ऐप


आयुष मंत्रालय ने पेशेवरों के लिए 5 मिनट का योग प्रोटोकॉल तैयार किया है और 'वाई-ब्रेक' ऐप विकसित किया है। आयुष मंत्री सर्बानंद सोनोवाल द्वारा 1 सितंबर, 2021 को यह ऐप लॉन्च किया गया।

  • आसन, प्राणायाम और ध्यान सहित 5-मिनट का योग प्रोटोकॉल 'वाई-ब्रेक' ऐप के माध्यम से उपलब्ध होगा।
  • 5-मिनट का योग प्रोटोकॉल, विशेष रूप से काम करने वाले पेशेवरों को उनकी उत्पादकता बढ़ाने के लिए अपने कार्यस्थल पर ही तनाव घटाने, तरोताजा होने और फिर से काम पर ध्यान केंद्रित करने के लिए डिजाइन किया गया है।
  • आयुष मंत्रालय के तहत एक स्वायत्त निकाय ‘मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान’ ने कई अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ मिलकर इस ऐप को विकसित किया है।

ई-श्रम पोर्टल


श्रम और रोजगार मंत्री भूपेंद्र यादव ने 26 अगस्त, 2021 को ई-श्रम पोर्टल लॉन्च किया और इसे देश भर में असंगठित श्रमिकों के पंजीकरण के लिए राज्यों / केंद्र-शासित प्रदेशों को सौंपा।

  • पोर्टल देश में ‘असंगठित कामगारों का एक व्यापक राष्ट्रीय डेटाबेस’ बनाने में मदद करेगा।
  • सरकार का लक्ष्य 38 करोड़ असंगठित कामगारों जैसे निर्माण मजदूरों, प्रवासी श्रमिकों, रेहड़ी-पटरी वालों और घरेलू कामगारों को पंजीकृत करना है।
  • श्रमिकों को 12 अंकों की विशिष्ट संख्या वाला ई-श्रम कार्ड जारी किया जाएगा, जो आगे चलकर इन श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में शामिल करने में मदद करेगा।
  • ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण पूरी तरह से नि:शुल्क है तथा कामगारों को कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) या कहीं भी अपने पंजीकरण के लिए कोई भुगतान नहीं करना पड़ेगा।

नाल्को माइक्रो एंड स्मॉल एंटरप्राइज योगयोग एप्लीकेशन


  • अगस्त 2021 में केंद्र के स्वामित्व वाली नेशनल एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड (नाल्को), ने सूक्ष्म एवं लघु कारोबारियों के लाभ के लिए विशेष रूप से विकसित आधुनिक और नवोन्मेषी प्लेटफॉर्म 'नाल्को माइक्रो एंड स्मॉल एंटरप्राइज योगयोग एप्लीकेशन' (NALCO Micro And Small enterprise Yogayog Application: NAMASYA) प्रदान किया है।
  • यह द्विभाषी ऐप सूक्ष्म एवं लघु वेंडर पंजीकरण प्रक्रिया, उनके द्वारा आपूर्ति की जा सकने वाली वस्तुओं, तकनीकी विनिर्देश, वेंडर विकास और नाल्को के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के बारे में जरूरी जानकारी देकर उन्हें सशक्त बनाता है।
  • खान मंत्रालय के तहत नाल्को एक नवरत्न सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है। इसकी स्थापना 1981 में हुई। इसका मुख्यालय भुवनेश्वर में है।

'प्राण' पोर्टल


केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री, भूपेंद्र यादव ने राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के तहत गैर-प्राप्ति शहरों में वायु प्रदूषण के नियमन के लिए 'प्राण' (Portal for Regulation of Air-pollution in Non-Attainment cities: PRANA) नामक एक पोर्टल का शुभारंभ किया।

  • गैर-प्राप्ति वाले शहर (Non-Attainment cities) वे शहर हैं, जो 5 साल की अवधि में राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता मानकों को पूरा करने में विफल रहे।
  • पोर्टल (prana.cpcb.gov.in) शहर की वायु कार्य योजना के कार्यान्वयन की भौतिक और वित्तीय स्थिति पर नजर रखने और जनता को वायु गुणवत्ता पर सूचना प्रदान करने में सहायता करेगा।
  • पर्यावरण मंत्रालय और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड वर्ष 2019 से देश में राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) को लागू कर रहे हैं, जिसमें 2024 तक देश भर में पार्टिकुलेट मैटर (पीएम 10 और पीएम 2.5) सांद्रता में 20 से 30 प्रतिशत की कमी हासिल करने का लक्ष्य है।
  • शहर के विशिष्ट वायु प्रदूषण स्रोतों को लक्षित करने वाले 132 गैर-प्राप्ति शहरों / दस लाख से अधिक की जनसंख्या वाले शहरों के लिए वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए शहर-विशिष्ट कार्य योजनाएं तैयार की गई हैं, जो पहले से ही लागू की जा रही हैं।

भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण मोबाइल ऐप


  • खान मंत्रालय के तहत 170 साल पुराने प्रमुख भूवैज्ञानिक संस्थान 'भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण' (GSI) ने वर्ष 2020 में 'भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण मोबाइल ऐप (बीटा संस्करण) को लॉन्च किया। इसे अब समय-समय पर अपग्रेड करके जनता के लिए सुलभ बनाने और डिजिटल रूप से इसकी स्थिति को मजबूत करने का फैसला किया गया है।
  • ऐप के माध्यम से, लोग GSI की गतिविधियों के विभिन्न पहलुओं के बारे में अधिक जागरूक हों सकेंगे।
  • भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) की स्थापना 1851 में की गई थी। इसका मुख्यालय कोलकाता में है, इसके छ: क्षेत्रीय कार्यालय लखनऊ, जयपुर, नागपुर, हैदराबाद, शिलांग और कोलकाता में स्थित हैं।

इंडिया इंडस्ट्रियल लैंड बैंक


इंडिया इंडस्ट्रियल लैंड बैंक (India Industrial Land Bank- IILB) एक जीआईएस- आधारित पोर्टल है।

  • इस पर सभी औद्योगिक बुनियादी ढांचे से संबंधित सूचनाओं की एक ही स्थान पर जानकारी ( one-stop repository) उपलब्ध करायी गई है, जैसे- कनेक्टिविटी, आधारभूत अवसंरचनाओं, प्राकृतिक संसाधन और इलाके, खाली भूखंडों पर प्लॉट-स्तरीय जानकारी, कार्य प्रणाली और संपर्क विवरण (contact details)।
  • वर्तमान में IILB के पास 5.5 लाख हेक्टेयर भूमि के क्षेत्र में लगभग 4000 औद्योगिक पार्क हैं, जो दूरस्थ स्थानों से भूमि की तलाश करने वाले निवेशकों के लिए निर्णय लेने हेतु एक समर्थन प्रणाली के रूप में कार्य कर रहे हैं।
  • इस प्रणाली को 17 राज्यों के उद्योग आधारित जीआईएस सिस्टम के साथ एकीकृत करके जोड़ दिया गया है ताकि रियलटाइम आधार पर इस पोर्टल पर जानकारियों को अद्यतन किया जा सकेI
  • दिसंबर 2021 तक अखिल भारतीय स्तर पर एकीकरण हासिल कर लिया जाएगा।

आईटीएटी ई-द्वार


केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसादने 25 जून, 2021 को नई दिल्ली में आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (आईटीएटी) के ई-फाइलिंग पोर्टल ‘आईटीएटी ई-द्वार’ (itat e-dwar) की औपचारिक शुरुआत की।

  • ‘ईटीएटी ई-द्वार’ की शुरुआत पहुंच, जवाबदेही और आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण के दिन-प्रतिदिन के कामकाज में पारदर्शिता बढ़ाएगी।
  • ई-फाइलिंग पोर्टल विभिन्न पक्षों को अपनी अपीलों, विविध आवेदनों, दस्तावेजों, पेपर बुक्स इत्यादि को इलेक्ट्रॉनिक रूप से पेश करने में सक्षम बनाएगा।
  • आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण वर्ष 1941 में स्थापित एक अर्ध-न्यायिक संस्था है, जो प्रत्यक्ष कर अधिनियमों के अंतर्गत दाखिल अपीलों का निपटान करती है।

महानिदेशालय राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) मोबाइल प्रशिक्षण ऐप वर्जन 2.0


रक्षा सचिव डॉ. अजय कुमार ने 28 मई, 2021 को नई दिल्ली में ‘महानिदेशालय राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) मोबाइल प्रशिक्षण ऐप वर्जन 2.0’ (Directorate General National Cadet Corps (NCC) Mobile Training App Version 2.0) की शुरुआत की।

उद्देश्य: एनसीसी से संबंधित बुनियादी जानकारी और संपूर्ण प्रशिक्षण सामग्री (पाठ्यक्रम, सारांश, प्रशिक्षण वीडियो, अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न) को एक मंच पर उपलब्ध कराना।

  • यह एनसीसी कैडेटों को प्रशिक्षण सामग्री तक आसान पहुंच प्रदान करता है और महामारी के दौरान प्रशिक्षण देने में सहायता करता है।
  • राष्ट्रीय कैडेट कोर: राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) एक त्रि-सेवा संगठन है, जिसमें सेना, नौसेना और वायु सेना विंग शामिल हैं।
  • राष्ट्रीय कैडेट कोर का नीति-वाक्य "एकता और अनुशासन" है और यह संगठन युवाओं को अनुशासित एवं देशभक्त नागरिक के रूप में तैयार करता है।
  • एनसीसी स्वैच्छिक आधार पर स्कूलों और कॉलेजों के सभी नियमित छात्रों के लिए खुला है।
  • राष्ट्रीय कैडेट कोर का गठन राष्ट्रीय कैडेट कोर अधिनियम, 1948 के तहत किया गया था।

एमसीए21 वर्जन 3.0


कारपोरेट कार्य मंत्रालय(MCA) द्वारा 24 मई, 2021 को नवीकृत वेबसाइट, MCA अधिकारियों के लिए नई ईमेल सेवाओं और ई-बुक (e-Book) और ई-कंसल्टेशन (e-Consultation) नाम के दो नए मॉड्यूलों के साथ ‘एमसीए21 वर्जन 3.0’ (वी3.0) (MCA21 V3.0) के पहले चरण का शुभारम्भ किया गया।

एमसीए21: एमसीए21 वी3.0 दो चरणों में लागू होने जा रहा है। दूसरा और अंतिम चरण अक्टूबर, 2021 से शुरू होगा। पूरी परियोजना ‘डेटा वैश्लेषिकी’ (data analytics) और ‘मशीन लर्निंग’ पर आधारित होगी।

  • एमसीए21 वी3.0 से मौजूदा सेवाओं और मॉड्यूल्स में पूर्ण रूप से सुधार के अलावा ई-न्यायिक निर्णय, अनुपालन प्रबंधन प्रणाली, बेहतर हेल्पडेस्क, फीडबैक सेवाएं, यूजर डैशबोर्ड, आदि सेवाएं मिलेंगी।
  • एमसीए 21 भारत सरकार के मिशन मोड प्रोजेक्ट्स का हिस्सा है। ‘एमसीए21 वी3.0’ में कंपनी अनुपालन और हितधारकों के अनुभव को सुगम बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा।

राष्ट्रीय मोबाइल निगरानी सॉफ्टवेयर ऐप और क्षेत्र अधिकारी निगरानी ऐप


केंद्रीय ग्रामीण विकास, कृषि और किसान कल्याण मंत्री, नरेंद्र सिंह तोमर ने 21 मई, 2021 को ‘राष्ट्रीय मोबाइल निगरानी सॉफ्टवेयर ऐप’ (National Mobile Monitoring Software- NMMS app) और ‘क्षेत्र अधिकारी निगरानी ऐप’ (Area officer monitoring App) का लोकार्पण किया।

राष्ट्रीय मोबाइल निगरानी सॉफ्टवेयर ऐप: यह महात्मा गांधी नरेगा योजना के कार्यस्थलों पर श्रमिकों की जीओ-टैग फोटोग्राफ के साथ रियलटाइम उपस्थिति लेने की अनुमति देता है, जो संभावित रूप से भुगतान को तेजी से सक्षम करने के अलावा कार्यक्रम की नागरिक निगरानी को बढ़ाएगा।

क्षेत्र अधिकारी निगरानी ऐप: इसके जरिए महात्मा गांधी नरेगा योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना- ग्रामीण, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना जैसी ग्रामीण विकास विभाग की सभी योजनाओं के लिए टाइम स्टैंप और जीओ-कोऑर्डिनेट के साथ टैग की गई तस्वीरों (geo-coordinate tagged photograph) और निष्कर्षों का ऑनलाइन रिकॉर्ड रखने की सुविधा प्रदान करता है।

  • यह न केवल क्षेत्रीय और पर्यवेक्षी अधिकारियों को निरीक्षणों के बेहतर रिकॉर्ड रखने में सक्षम करेगा बल्कि इसके माध्यम से बेहतर कार्यक्रम कार्यान्वयन के लिए निष्कर्षों का विश्लेषण करने की भी सुविधा मिलेगी।

भारतीय भाषा सीखने वाला एक ऐप बनाने हेतु एक इनोवेशन चैलेंज


भारत सरकार के नागरिक जुड़ाव मंच MyGov, ने 17 मई, 2021 को उच्च शिक्षा विभाग के साथ साझेदारी में 'भारतीय भाषा सीखने वाला एक ऐप बनाने हेतु एक इनोवेशन चैलेंज' (Innovation Challenge for creating an Indian Language Learning App) लॉन्च किया है।

उद्देश्य: एक ऐसा ऐप बनाना, जो क्षेत्रीय भाषा साक्षरता को बढ़ावा दे सके, जिससे देश के भीतर अधिक से अधिक सांस्कृतिक समझ पैदा की जा सके।

  • MyGov ने एक ऐप बनाने के लिए इनोवेशन चैलेंज शुरू किया है, जो व्यक्तियों को किसी भी भारतीय भाषा के सरल वाक्यों को सीखने और भाषा का कामकाजी स्तर का ज्ञान हासिल करने में सक्षम बनाएगा।
  • इनोवेशन चैलेंज 27 मई, 2021 को बंद हो जाएगा। ऐप के प्रोटोटाइप प्रस्तुतियों के मूल्यांकन के बाद, शीर्ष 10 टीमों को प्रस्तुतीकरण देने के लिए आमंत्रित किया जाएगा और शीर्ष 3 का चयन जूरी द्वारा किया जाएगा।
  • इन शीर्ष तीनों चयनित प्रतियोगियों को ऐप को बेहतर बनाने के लिए 20 लाख, 10 लाख और 5 लाख रुपये की राशि दी जाएगी।

डीजीएफटी का व्यापार सुविधा मोबाइल ऐप


वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 12 अप्रैल, 2021 को व्यापार सुगमता को बढ़ावा देने और आयातकों / निर्यातकों तक सूचनाओं की तुरंत पहुंच प्रदान करने के लिए ‘डीजीएफटी का व्यापार सुविधा मोबाइल ऐप’ (DGFT Trade Facilitation App) लॉन्च किया।

  • व्यापार सुविधा ऐप उद्योग 4.0 के लिए तैयार है, यह निम्न सेवाएं प्रदान करता हैः
  1. रियल-टाइम व्यापार नीतियों की जानकारी, सूचनाएं, आवेदन स्थिति की जानकारी;
  2. वस्तुओं के आधार पर निर्यात-आयात नीति और उनके आंकड़ों का अन्वेषण;
  3. सभी के लिए सुलभ डीजीएफटी सेवाएं।

राष्ट्रीय नर्सरी पोर्टल


कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने 13 अप्रैल, 2021 को नर्सरी संचालकों को उपभोक्ताओं (खरीददारों) से जोड़ने के लिए 'राष्ट्रीय नर्सरी पोर्टल' (National Nursery Portal) शुरू किया।

  • राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड द्वारा विकसित 'राष्ट्रीय नर्सरी पोर्टल' खरीददारों को नर्सरी से जुड़ने और गुणवत्ता रोपण सामग्री की उपलब्धता और कीमतों के बारे में जानकारी प्राप्त करने में मदद करेगा।
  • पोर्टल अपने उत्पादों के लिए बाजार की मांग का आकलन करने में नर्सरी संचालकों की भी मदद करेगा।

मधुक्रांति पोर्टल


कृषि और किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने 7 अप्रैल, 2021 नई दिल्ली में राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन महासंघ (नेफेड) के ‘मधुक्रांति पोर्टल’ (Madhukranti portal) का शुभारंभ किया।

  • इस पोर्टल को शहद और अन्य मधु उत्पादों को ऑनलाइन उपलब्ध कराने के लिए विकसित किया गया है। यह शहद की गुणवत्ता और मिलावट के स्रोत की जांच करने में भी मदद करेगा।
  • यह पोर्टल, राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन और हनी मिशन के तहत गठित राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड की पहल है। इस परियोजना हेतु डिजिटल प्लेटफॉर्म के विकास के लिए ‘राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड’ ने तकनीकी और बैंकिंग सहयोगी ‘इंडियन बैंक’ के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए।
  • कृषि मंत्री ने नेफेड के स्टोरों में शहद की बिक्री के लिए समर्पित विशेष रूप से डिजाइन किया गया स्थान ‘हनी कॉर्नर’ का भी शुभारंभ किया।

श्रम पर पांच अखिल भारतीय सर्वेक्षणों का सॉफ्टवेयर एप्लिकेशन


श्रम और रोजगार मंत्री संतोष कुमार गंगवार ने 18 फरवरी, 2021 को श्रम पर पांच अखिल भारतीय सर्वेक्षणों के प्रश्नावली के साथ सॉफ्टवेयर एप्लिकेशन और अनुदेश मैनुअल लॉन्च किए।

  • श्रम ब्यूरो द्वारा किए जा रहे ये पांच सर्वेक्षण हैं - प्रवासी कामगारों पर अखिल भारतीय सर्वेक्षण, घरेलू कामगारों पर अखिल भारतीय सर्वेक्षण, पेशेवरों द्वारा सृजित रोजगार पर अखिल भारतीय सर्वेक्षण, परिवहन क्षेत्र में रोजगार सृजन पर अखिल भारतीय सर्वेक्षण और स्थापना आधारित रोजगार के बारे में अखिल भारतीय त्रैमासिक सर्वेक्षण।
  • इन सर्वेक्षणों के परिणाम सात से आठ महीने के भीतर घोषित किए जाएंगे।
  • श्रम ब्यूरो, श्रम और रोजगार मंत्रालय से संबद्ध कार्यालय है, जो 1920 से श्रम और रोजगार के क्षेत्र में विभिन्न हितधारकों की डेटा आवश्यकताओं को पूरा करने में सबसे अग्रणी रहा है।

इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म 'संदेस'


राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) ने व्हाट्सएप की तर्ज पर 'संदेस' (Sandes) नामक इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म (instant messaging platform) लॉन्च किया है।

  • व्हाट्सएप की तरह, नए एनआईसी प्लेटफॉर्म का उपयोग मोबाइल नंबर या ईमेल आईडी के साथ किसी भी प्रकार के संचार के लिए किया जा सकता है।
  • ऐप का लॉन्च भारत-निर्मित सॉफ्टवेयर के उपयोग को बढ़ावा देने की केंद्र सरकार की रणनीति का हिस्सा है।
  • 'संदेस' में भी अन्य इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप की तरह, पहली बार उपयोगकर्ता को पंजीकृत करने के लिए एक वैध मोबाइल नंबर या ईमेल आईडी की आवश्यकता होती है। यह ग्रुप बनाने, संदेश प्रसारित करने, संदेश को फॉरवर्ड करने (message forwarding) जैसी सुविधाएं भी प्रदान करता है।
  • हालांकि ऐप की एक सीमा है कि, यह उपयोगकर्ता को अपनी ईमेल आईडी या पंजीकृत फोन नंबर बदलने की अनुमति नहीं देता है। उपयोगकर्ता को अपने पंजीकृत ईमेल आईडी या फोन नंबर बदलने के लिएनए उपयोगकर्ता के रूप में फिर से पंजीकरण करना होगा।

भारत में बना माइक्रो ब्लॉगिंग साइट कू


भारत में बना माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ‘कू’ (Made in India micro blogging site ‘Koo’) तेजी से लोकपिय्र हो रहा है।

  • ‘कू’ ट्विटर की तरह ही एक माइक्रो-ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म है। यह एक वेबसाइट तथा iOS और गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है। 'कू' पर सार्वजनिक रूप से राय पोस्ट की जा सकती है और अन्य यूजर्स को भी फॉलो किया जा सकता है।
  • कू ऐप अंग्रेजी के साथ-साथ कई भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है। ऐप में 400 अक्षरों की शब्द सीमा (word limit of 400 characters) है और इसमें व्हाट्सएप तथा अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपडेट साझा(share) करने की सुविधा भी है।
  • मार्च 2020 में लॉन्च किए गए इस ऐप को भारत के एमबीए स्नातक अप्रमेय राधाकृष्ण और मयंक बिदावतका ने डेवलप किया है। राधाकृष्ण ने ऑनलाइन कैब बुकिंग सेवा ‘टैक्सी फॉर श्योर’ (TaxiForSure) की स्थापना की थी, जिसे बाद में ओला कैब्स को बेच दिया गया था।
  • यह ऐप ‘आत्मनिर्भर भारत ऐप नवाचार चैलेंज’ (Atma Nirbhar Bharat App innovation challenge) का विजेता भी है।

नियामक अनुपालन पोर्टल


जनवरी 2021 में उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) ने एक 'नियामक अनुपालन पोर्टल' (Regulatory compliance portal) शुरू किया है।

उद्देश्य: नियामकीय अनुपालन को कम करने के लिए नागरिकों, उद्योगों और सरकार के बीच एक सेतु के रूप में कार्य करना।

  • यह पोर्टल केंद्रीय और राज्य स्तर के सभी अनुपालनों के लिए अपनी तरह का पहला केंद्रीय ऑनलाइन रिपॉजिटरी (online repository) होगा।
  • सभी केंद्रीय मंत्रालय/ विभाग और राज्य/ केन्द्र-शासित प्रदेश अपने सभी कानूनों/ विनियमों/ नियमों की जांच करेंगे और सभी प्रक्रियाओं को युक्तिसंगत और सरल बनाने के लिए गैर-जरूरी अनुपालन को हटाने, कानूनों को कम करने और निरर्थक अधिनियमों को हटाने की एक कार्य योजना को लागू करेंगे। इन सभी प्रक्रियाओं को नियामकीय अनुपालन पोर्टल पर न केवल देखा जा सकेगा, बल्कि उनकी निगरानी भी की जा सकेगी।

नवोन्मेष पोर्टल


केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने 14 जनवरी, 2021 को राष्ट्रीय नवप्रवर्तन प्रतिष्ठान- भारत [National Innovation Foundation (NIF) – India] द्वारा विकसित एक ‘नवोन्मेष पोर्टल’ (Innovation Portal) राष्ट्र को समर्पित किया।

  • इस राष्ट्रीय नवोन्मेष पोर्टल पर वर्तमान में इंजीनियरिंग, कृषि, पशु चिकित्सा और मानव स्वास्थ्य को कवर करते हुए देश के आम लोगों के लगभग 1.15 लाख नवाचारों का ब्यौरा है।
  • वर्तमान में इसमें ऊर्जा, यांत्रिक, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, घरेलू, रासायनिक, सिविल, वस्त्र, खेती/फसल संबंधी, भंडारण, पौधों के प्रकार, पौधों की सुरक्षा, कुक्कुट, मवेशी प्रबंधन जैसे कई विषयों पर नवाचार को कवर किया गया है।
  • राष्ट्रीय नवप्रवर्तन प्रतिष्ठान- भारत, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST), भारत सरकार की स्वायत्तशासी संस्था है।

'कोलैबकैड' सॉफ्टवेयर


राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 14 जनवरी, 2021 को इंजीनियरिंग ग्राफिक्स पाठ्यक्रम के छात्रों और संकाय के लिए सम्पूर्ण इंजीनियरिंग समाधान प्रदान करने के लिए संयुक्त रूप से 'कोलैबकैड' (CollabCAD) सॉफ्टवेयर लॉन्च किया।

  • इस पहल का उद्देश्य पूरे देश में छात्रों को रचनात्मकता और कल्पना के मुक्त प्रवाह के साथ 3-डी डिजिटल डिजाइन बनाने और संशोधित करने के लिए एक शानदार मंच प्रदान करना है।
  • यह सॉफ्टवेयर छात्रों को पूरे नेटवर्क में डिजाइन पर सहयोग करने और भंडारण और विजुअलाइजेशन के लिए समान डिजाइन डेटा तक पहुंच में भी सक्षम करेगा।

भारत सरकार का डिजिटल कैलेंडर और डायरी लॉन्‍च


केन्द्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने 8 जनवरी, 2021 को भारत सरकार के डिजिटल कैलेंडर और डायरी को लॉन्च किया।

  • यह ऐप हिंदी और अंग्रेजी भाषा में उपलब्ध है और 15 जनवरी, 2021 से 11 भाषाओं में उपलब्ध होगा। ऐप हर साल एक नए कैलेंडर की आवश्यकता को खत्म कर देगा।
  • ऐप हर महीना एक विषय-वस्तु और एक संदेश लिए हुए होगा और एक प्रसिद्ध भारतीय हस्ती की जानकारी देगा। ऐप लोगों को विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों के शुरू होने का घटनाक्रम भी बताएगा
  • ऐप को ब्यूरो ऑफ आउटरीच एंड कम्युनिकेशन, सूचना और प्रसारण मंत्रालय द्वारा डिजाइन और विकसित किया गया है।

मोबाइल एप्लीकेशन 'स्वच्छता अभियान'


केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत ने 24 दिसंबर, 2020 को एक मोबाइल एप्लीकेशन 'स्वच्छता अभियान' का शुभारंभ किया।

उद्देश्य: अस्वच्छ शौचालयों (insanitary latrines) के स्थान पर स्वच्छ शौचालय स्थापित करना और मैला ढोने वालों (manual scavenger) का पुनर्वास कर उन्हें सम्मानजनक जीवन प्रदान करना।

  • स्वच्छता अभियान मोबाइल एप्लीकेशन को अस्वच्छ शौचालय और मैला ढोने वालों की पहचान करने और उनकी जियो टैगिंग करने के लिए विकसित किया गया है।
  • ऐप की मदद से कहीं पर भी गंदे शौचालय या मैला ढोने की व्यवस्था देखे जाने पर उसका विवरण इस मोबाइल एप्लिकेशन पर अपलोड किया जा सकता है।
  • 2011 की जनगणना के अनुसार देश में 26 लाख से अधिक ऐसे शौचालय थे, जहां स्वच्छता नहीं थी। मानव द्वारा मैला ढोने की व्यवस्था का मुख्य कारण अस्वच्छ शौचालय हैं।
  • मैला ढोने वालों का काम खत्म करने और उनके पुनर्वास हेतु 2013 में लाए गए अधिनियम के चलते मैला ढोने वालों को काम पर रखना प्रतिबंधित हो गया था, जिससे यह आवश्यक हो जाता है कि अस्वच्छ शौचालयों का सर्वेक्षण किया जाए और उन्हें गिराकर उनके स्थान पर स्वच्छ शौचालयों का निर्माण कराया जाए।

वेब पोर्टल और मोबाइल ऐप 'ई-सम्‍पदा'


नागरिकों के जीवन की सुगमता सुनिश्चित करते हुए पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देने के उद्देश्य के अनुरूप सम्पदा निदेशालय, आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने 25 दिसंबर, 2020 को एक नया वेब पोर्टल और मोबाइल ऐप 'ई-सम्पदा' (e-Sampada) राष्ट्र को समर्पित किया।

  • यह नया एप्लीकेशन एक लाख से ज्यादा सरकारी रिहायशी आवासों के आवंटन, सरकारी संगठनों के लिए कार्यालय के स्थान का आवंटन, 1,176 हॉलीडे होम रूम्स तथा सामाजिक समारोहों के लिए 5 अशोक रोड जैसे स्थलों की बुकिंग आदि जैसी सभी सेवाओं के लिए सिंगल विंडो उपलब्ध कराता है।
  • ‘एक देश, एक प्रणाली’ उपलब्ध कराने के प्रयास के तहत सम्पदा निदेशालय की पहले की चार वेबसाइट्स (gpra.nic.in, eawas.nic.in, estates.gov.in, holidayhomes.nic.in) और दो मोबाइल एप्स (m-Awasऔर m-Ashoka5) को एक में एकीकृत कर दिया गया है।

समुद्री यातायात सेवा हेतु स्वदेशी सॉफ्टवेयर


जहाजरानी राज्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने 20 अक्टूबर, 2020 को नई दिल्ली में समुद्री यातायात सेवा (Vessel Traffic Services -VTS) और पोत यातायात निगरानी व्यवस्था (Vessels Traffic Monitoring Systems- VTMS) के लिए स्वदेशी सॉफ्टवेयर समाधान के विकास का शुभारंभ किया।

  • समुद्री यातायात सेवा समुद्र में जीवन की सुरक्षा, समुद्री यातायात की सुरक्षा और दक्षता, समुद्री वातावरण सुरक्षा, आस-पास के किनारे के क्षेत्रों, कार्य स्थलों और समुद्री यातायात के संभावित दुष्प्रभावों से सुरक्षा कायम करने में सहायक है।
  • पोत यातायात प्रबंधन व्यवस्था दुनिया के कुछ सबसे व्यस्त सागरों में स्थापित है और सुरक्षित नौवहन, अधिक कुशल यातायात प्रवाह और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए बहुमूल्य योगदान दे रही है। आईएमओ कन्वेंशन ‘एसओएलएएस’ (Safety of Life at Sea- SOLAS) के तहत VTMS का पालन करना अनिवार्य है।
  • इस सॉफ्टवेयर को ‘दीपस्तम्भ और दीपपोत महानिदेशालय’ (DGLL) और ‘राष्ट्रीय बंदरगाह, जलमार्ग और तटीय प्रौद्योगिकी केंद्र’ (NTCPWC) द्वारा आईआईटी चेन्नई में विकसित किया गया।

केंद्रीकृत कृषि मशीनरी परीक्षण पोर्टल


केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमार ने 24 सितंबर, 2020 को आम लोगों के लिए ‘केंद्रीकृत कृषि मशीनरी परीक्षण पोर्टल’ लॉन्च किया।

  • इसे कृषि, सहकारिता और किसान कल्याण विभाग द्वारा कृषि मशीनरी परीक्षण संस्थानों की सेवाओं में सुधार और मशीनों के परीक्षण और मूल्यांकन की पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए एक कदम के रूप में विकसित किया गया है।

जम्‍मू-कश्‍मीर एकीकृत शिकायत समाधान और निगरानी प्रणाली


जमू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 11 सितंबर, 2020 को जम्मू-कश्मीर एकीकृत शिकायत समाधान और निगरानी प्रणाली की शुरूआत की।

  • इस पहल से शिकायत निवारण प्रणाली का विकेन्द्रीकरण होगा। अब जिला अधिकारी और उपायुक्त शिकायत, समाधान और निगरानी प्रणाली के प्राथमिक स्तर के रूप में काम करेंगे।
  • यह देश की पहली ऑनलाइन शिकायत प्रबंधन प्रणाली और पोर्टल है, जो उच्च स्तर पर केन्द्र सरकार तथा निम्न स्तर पर जिलों, तहसील और विकास खंडों से जुड़ी है।

एयरो इंडिया 2021 वेबसाइट लॉन्च


रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 11 सितंबर, 2020 को नई दिल्ली में एयरो इंडिया 2021 की वेबसाइट https://aerozia.gov.in लॉन्च की।

  • एयरो इंडिया 2021 वेबसाइट एशिया के सबसे बड़े एयरो शो के लिए एक संपर्क रहित ऑनलाइन इंटरफेस होगी।
  • एयरो इंडिया का 13वां संस्करण 3 से 7 फरवरी, 2021 तक बेंगलुरु, कर्नाटक के वायु सेना स्टेशन, येलहंका में आयोजित किया जाएगा।

‘सृजन’ पोर्टल


रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने 14 अगस्त, 2020 को ‘सृजन’ नामक एक पोर्टल का शुभारंभ किया।

  • यह एक वन स्‍टॉप ऑनलाइन पोर्टल है, जो वेंडर को स्‍वदेशी वस्‍तुओं के लिए मंच प्रदान करता है।
  • आत्‍मनिर्भर भारत की घोषणा के बाद रक्षा उत्‍पादन विभाग ने स्‍वदेशी पोर्टल ‘सृजन डिफेंस डॉट जीओवी डॉट आईएन’ विकसित किया है, जिसका लक्ष्‍य रक्षा क्षेत्र में मेक इन इंडिया के लिए अवसर उपलब्‍ध कराना है।

आत्‍मनिर्भर भारत ऐप इनोवेशन चैलेंज


माईगॉव (MyGov) ने 7 अगस्त, 2020 को 'आत्‍मनिर्भर भारत ऐप इनोवेशन चैलेंज' (Aatmanirbhar Bharat Innovation Challenge) के विजेताओं की घोषणा की।

  • मनोरंजन, समाचार, गेम्स, कार्यालय, स्‍वास्‍थ्‍य, -लर्निंग, व्यवसाय, सामाजिक तथा अन्‍य श्रेणियों में विजेताओं की घोषणा की गई।
  • स्वदेशी विकसित वीडियो ऐप 'चिंगारी' जो प्रतिबंधित चीनी ऐप टिकटॉक का एक प्रतिस्पर्धी है, 'सामाजिक श्रेणी' में विजेता रहा।
  • भारतीय फर्म जोहो ने अपने ऐप 'जोहो इनवॉयस, बुक्स एंड एक्सपेंस' (Zoho Invoice, Books & Expense) और 'जोहो वर्कप्लेस' के साथ दो श्रेणियों में पहला स्थान हासिल किया है, जो क्रमशः व्यवसाय और कार्यालय श्रेणी में विजेता घोषित किए गए हैं।
  • मनोरंजन श्रेणी- 'कैप्शनप्लस' (CaptionPlus); -लर्निंग श्रेणी- डिस्पर्ज (Disprz); गेम्स श्रेणी- हिटविकेट सुपरस्टार्स 3डी क्रिकेट स्ट्रेटेजी गेम; स्वास्थ्य श्रेणी- 'स्टेपसेटगो' (StepSetGo) अन्य विजेता रहे।
  • विजेताओं को प्रथम पुरस्‍कार के लिए 20 लाख रुपये, द्वितीय पुरस्‍कार के लिए 15 लाख रुपये और तृतीय पुरस्‍कार के लिए 10 लाख रुपये दिये जाएंगे।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकों द्वारा पहले से ही उपयोग किए जा रहे सर्वश्रेष्ठ भारतीय ऐप्स की पहचान करने और अपनी श्रेणी में विश्व स्तर के ऐप्स बनाने हेतु 4 जुलाई, 2020 को प्रौद्योगिकी समुदाय के लिए 'आत्‍मनिर्भर भारत ऐप इनोवेशन चैलेंज' लॉन्च किया था।

माईगॉव गोवा पोर्टल


गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत ने 4 अगस्त, 2020 को एक ऑनलाइन कार्यक्रम में ‘माईगॉव गोवा पोर्टल’ (MyGov Goa portal) लॉन्च किया। सहभागी प्रशासन को सक्षम बनाने के लिए गोवा ने माईगॉव नागरिक भागीदारी मंच की शुरुआत की।

  • माईगॉव (mygov.in), भारत सरकार का नागरिक सहभागिता और लोगों के विचार जानने (क्राउडसोर्सिंग) का प्लेटफॉर्म है। इसका उद्देश्य शासन और नीति निर्धारण में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा देना है।
  • 12 राज्य पहले ही अपने माईगॉव प्लेटफार्म लॉन्च कर चुके हैं। ये राज्य हैं - महाराष्ट्र, हरियाणा, मध्य प्रदेश, असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, त्रिपुरा, छत्तीसगढ़, झारखंड, नागालैंड, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड।

मोबाइल ऐप ‘मौसम‘ लॉन्च


27 जुलाई, 2020 को पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के संस्थापना दिवस के अवसर पर भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के लिए मोबाइल ऐप ‘मौसम‘ लॉन्च किया गया।

  • इसकी सहायता से उपयोगकर्ता मौसम के पूर्वानुमान, रडार से लिए गए चित्र और विषम मौसम संबंधी बाधाओं की जानकारी प्राप्‍त कर सकते है।
  • इस ऐप में 5 सेवाएं उपलब्ध हैं:
  • वर्तमान मौसम (Current Weather)- 200 शहरों के लिए वर्तमान तापमान, आर्द्रता, हवा की गति और दिशा का दिन में 8 बार अपडेट;
  • नाउकास्ट (Nowcast) - स्थानीय मौसम संबंधी घटनाओं की तीन घंटे की चेतावनी और 800 स्टेशनों और जिलों के लिए जारी की गई उनकी तीव्रता।
  • शहर का पूर्वानुमान - पिछले 24 घंटे और भारत के 450 शहरों में मौसम की स्थिति का 7 दिन का पूर्वानुमान।
  • चेतावनी- खतरनाक मौसम के प्रति नागरिकों को चेतावनी देने के लिए कलर कोड (रेड, ऑरेंज और येलो) अलर्ट।
  • रडार उत्पाद: नवीनतम स्टेशन के हिसाब से रडार उत्पाद हर 10 मिनट में अपडेट।



मोबाइल ऐप ‘बीआईएस-केयर’


केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री राम विलास पासवान ने 27 जुलाई, 2020 को उपभोक्ताओं के लिए भारतीय मानक ब्यूरो का मोबाइल ऐप ‘बीआईएस-केयर’ और www.manakonline.in पर तीन पोर्टलों- मानकीकरण, अनुरूपता आकलन (Conformity Assessment ) तथा ई-बीआईएस का प्रशिक्षण (Training of e-BIS) को लॉन्च किया।

  • मोबाइल ऐप्स बीआईएस-केयर को किसी भी एंड्रायड फोन पर संचालित किया जा सकता है। यह ऐप हिन्दी तथा अंग्रेजी में संचालन में है।
  • उपभोक्ता इस ऐप का उपयोग करके आईएसआई चिन्हित एवं हॉलमार्क्ड उत्पादों की प्रमाणिकता की जांच कर सकते हैं और अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

उद्यम पंजीकरण पोर्टल


सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय द्वारा विकसित ‘उद्यम पंजीकरण पोर्टल’ 1 जुलाई, 2020 से शुरू हो गया है। उद्यमों के ‘वर्गीकरण’ और ‘पंजीकरण’ की नई प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।

  • देश में अब सभी लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम इकाइयों की विशिष्ट पहचान संख्या होगी। वहीं साथ ही इन इकाइयों को ‘उद्यम’ के नाम से जाना जायेगा। नई या पुरानी सभी इकाइयों को इस पोर्टलपर पंजीकृत करना होगा।
  • पंजीकरण पूरा होने के बाद एक ऑनलाइन ‘उद्यम’ रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। साथ ही पंजीकरण के नवीनीकरण की कोई आवश्यकता नहीं होगी।

मोबाइल ऐप 'कूर्मा'


कछुओं के संरक्षण के उद्देश्य से 'भारतीय कछुआ संरक्षण कार्रवाई नेटवर्क (ITCAN) पहल द्वारा विकसित मोबाइल ऐप 'कूर्मा' को विश्व कछुआ दिवस के अवसर पर 23 मई, 2020 को लॉन्च किया गया।

  • ऐप को टर्टल सर्वाइवल एलायंस इंडिया (Turtle Survival Alliance India) और वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन सोसाइटी-इंडिया के सहयोग से विकसित किया गया।

  • यह न केवल उपयोगकर्ताओं को एक प्रजाति की पहचान करने के लिए एक डेटाबेस प्रदान करता है, बल्कि देश भर में कछुओं के लिए निकटतम बचाव केंद्र का स्थान भी प्रदान करता है।

‘पीएम स्‍वनिधि’ मोबाइल ऐप


रेहड़ी-पटरी और फेरी लगाने वाले दुकानदारों को घर पर लघु ऋण सुविधा देने के लिए ‘पीएम स्‍वनिधि’ मोबाइल ऐप 17 जुलाई, 2020 को नई दिल्‍ली में लॉन्च किया गया।

उद्देश्‍य: छोटे दुकानदारों के लिए ऋण की आवेदन प्रक्रिया आसान बनाना और संबंधित संस्‍थानों तक आसान पहुंच बनाना है।

  • ऐप ऋण प्रदाता संस्थानों और उनके फील्ड कार्यकर्ताओं को अनुकूल डिजिटल इंटरफेस प्रदान करेगा।

  • रेहड़ी-पटरी और फेरी लगाने वाले दुकानदारों को पूंजीगत ऋण प्रदान करने के उद्देश्य से ‘प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना’ (PM Street Vendor's AtmaNirbhar Nidhi- PMSVANidhi) को आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा 1 जून, 2020 को शुरू किया गया था।

‘एटीएल ऐप’ डेवलपमेंट मॉडयूल


नीति आयोग ने 11 जुलाई, 2020 को अटल नवाचार मिशन (एआईएम) के तहत देशभर में स्‍कूली बच्‍चों के लिए ‘एटीएल ऐप’ डेवलपमेंट मॉडयूल शुरू किया है।

उद्देश्य: एआईएम के प्रमुख कार्यक्रम अटल टिंकरिंग लैब्स के तहत आने वाले समय में स्कूली छात्रों के कौशल में सुधार करना और उन्हें ऐप उपयोगकर्ता से ऐप निर्माणकर्ता बनाना।

  • भारतीय स्टार्टअप प्लेज्मो के सहयोग से एटीएल ऐप डेवलपमेंट मॉड्यूल लॉन्च किया गया है।

  • एटीएल ऐप एक नि:शुल्‍क ऑन लाइन पाठ्यक्रम है। छह परियोजना-आधारित शिक्षण मॉड्यूल और ऑनलाइन परामर्श सत्रों के माध्यम से युवा विभिन्‍न भारतीय भाषाओं में मोबाइल ऐप बनाना सीख सकते हैं और अपनी प्रतिभा उजागर कर सकते हैं।

  • ऐप बनाने के लिए स्कूल शिक्षकों में क्षमता और कौशल निर्माण के लिए ‘एआईएम ऐप डेवलपमेंट पाठयक्रम’ पर सावधिक प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे।

‘असीम’ पोर्टल


कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय ने 10 जुलाई, 2020 को विभिन्न क्षेत्रों में कुशल कर्मचारियों की मांग-आपूर्ति की खाई को पाटने के लिए कृत्रिम बुद्धिमता- आधारित 'असीम' (Aatmanirbhar Skilled Employee Employer Mapping- ASEEM) पोर्टल (डिजिटल प्लेटफॉर्म) की शुरुआत की।

  • यह पोर्टल विभिन्न सेक्टर और स्थानीय उद्योग की मांगों के आधार पर श्रमिकों के विवरणों का खाका तैयार करेगा और कुशल श्रमिक बल की मांग और आपूर्ति के बीच सेतु का कार्य करेगा।

  • भारतीय राज्यों के प्रवासी श्रमिकों और 'वंदे भारत' मिशन के तहत विदेशों से भारत लौटे नागरिकों का डेटाबेस और ‘स्वदेस पहल’ के तहत भरे गए 'स्वदेश स्किल कार्ड' को असीम पोर्टल के साथ एकीकृत किया गया है।