समसामयिकी - December 2022

सामयिक खबरें विज्ञान-प्रौद्योगिकी

सतही जल एवं महासागर स्थलाकृति (SWOT) उपग्रह


16 दिसंबर, 2022 को स्पेसएक्स फाल्कन 9 रॉकेट (SpaceX Falcon 9 rocket) की सहायता से सतही जल एवं महासागर स्थलाकृति (Surface Water and Ocean Topography-SWOT) अंतरिक्ष उपग्रह लांच किया गया।

SWOT उपग्रह के संदर्भ में

  • निर्माण एवं प्रबंधन: SWOT उपग्रह को कनाडा की अंतरिक्ष एजेंसी (Canadian Space Agency-CSA) एवं यूनाइटेड किंगडम की अंतरिक्ष एजेंसी (united kingdom space agency-UKSA) के योगदान से नासा (NASA) तथा फ्रांसीसी अंतरिक्ष एजेंसी- नेशनल सेंटर फॉर स्पेस स्टडीज (National Center for Space Studies) द्वारा संयुक्त रूप से विकसित और प्रबंधित किया गया है।
  • उद्देश्य: यह उपग्रह पृथ्वी के सतही जल का सर्वेक्षण (Surface water survey) करने के लिए डिजाइन किया गया है। यह अपनी तरह का पहला वैश्विक सर्वेक्षण होगा जिसमें SWOT उपग्रह द्वारा यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि पृथ्वी पर स्थित जल निकायों में परिवर्तन किस प्रकार होता है।
  • कार्य प्रणाली: SWOT द्वारा महासागर संचालन मॉडल (Ocean circulation models) और मौसम एवं जलवायु भविष्यवाणियों (Weather and climate predictions) में सुधार करने में मदद के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर स्वच्छ जल प्रबंधन (Fresh water management) में सहायता करने के लिए प्रत्येक 21 दिनों में पृथ्वी के लगभग 90% भू-भाग का सर्वेक्षण किया जाएगा। सर्वेक्षण के दौरान यह उपग्रह मुख्य रूप से झीलों, नदियों, जलाशयों और समुद्री जल निकायों को आच्छादित करेगा।
  • विस्तार क्षेत्र: ग्लोब पर इसका आच्छादन मुख्य रूप से 78 डिग्री उत्तरी तथा 78 डिग्री दक्षिणी अक्षांश के मध्य होगा। इसके द्वारा प्रति दिन लगभग एक टेराबाइट असंसाधित डेटा (Raw Data) पृथ्वी पर प्रेषित किया जाएगा।
  • अन्य विशेषता: इस अंतरिक्ष यान का वैज्ञानिक केंद्र Ka-बैंड रडार इंटरफेयरोमीटर (KaRIn) नामक एक अभिनव उपकरण है। इस उपकरण के माध्यम से उपग्रह की तकनीकी प्रगति को चिन्हित किया जाता है। KaRIn रडार अंतरिक्ष यान के दोनों ओर लगे एंटीना के माध्यम से जल सतह से परावर्तित किरणों को अवशोषित करके उसे असंसाधित डेटा के रूप में परिवर्तित किया जाएगा, जिसे अंततः पृथ्वी पर स्थित शोध संस्थान एकत्र करेंगे।

महत्व

  • ताजे जल स्रोतों की जानकारी: SWOT उपग्रह से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर वैज्ञानिक पृथ्वी पर विस्तृत ताजे जल स्रोतों की वास्तविक जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इस मिशन के तहत कम से कम 15 एकड़ में विस्तृत पृथ्वी की लगभग 90% झीलों तथा कम से कम 330 फीट चौड़ी नदियों की जानकारी प्राप्त होगी।
  • एकीकृत शोध कार्य: वर्तमान समय में विभिन्न देशों द्वारा व्यक्तिगत स्तर पर इस प्रकार की झीलों एवं नदियों के प्रवाह एवं उनके जल-स्तर की जानकारी एकत्र की जाती है। वर्तमान मिशन, वैश्विक रूप से एकीकृत शोध कार्य को बढ़ावा देगा जिससे स्वच्छ जल के संरक्षण में मदद मिलेगी।
  • समुद्री जल स्तर की वास्तविक माप: SWOT उपग्रह समुद्री जल स्तर तथा तटवर्ती क्षेत्रों में समुद्री जल के विस्तार के संदर्भ में विस्तृत आंकड़े प्रदान करेगा। इससे विभिन्न देशों को ज्वार लाइन का निर्धारण करने तथा तटवर्ती योजनाओं को लागू करने में सहायता मिलेगी। यह परियोजना तटीय पारिस्थितिक तंत्र तथा समुद्री अर्थव्यवस्था पर निर्भर समुदायों को भी लाभान्वित करेगी।
  • सतही जल पर नवीन शोध कार्यों को बढ़ावा: इस परियोजना से शोधकर्ताओं, नीति निर्माताओं और संसाधन प्रबंधकों को बाढ़ एवं सूखे के बेहतर आकलन तथा समस्याओं के निवारण हेतु योजनाओं के निर्माण में मदद मिलेगी।
  • जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का आकलन: इस परियोजना से जलवायु परिवर्तन के समुद्री एवं सतही जल संसाधनों पर पड़ने वाले प्रभावों का व्यापक आकलन किया जा सकेगा तथा संभावित चुनौतियों से बचने के लिए पहले से ही तैयारी करने में सहायता मिलेगी।

सामयिक खबरें राष्ट्रीय

आईएनएस मोरमुगाओ भारतीय नौसेना में शामिल


18 दिसंबर, 2022 को परियोजना 15बी (Project 15B) वर्ग के दूसरे युद्धपोत आईएनएस मोरमुगाओ (INS Mormugao) को मुंबई में नौसेना डॉकयार्ड में कमीशन किया गया। इस श्रेणी के पहले जहाज आईएनएस विशाखापट्टनम (INS Visakhapatnam) को नवंबर 2021 में नौसेना में शामिल किया गया था।

आईएनएस मोरमुगाओ के संदर्भ में

  • आरंभ एवं समुद्री परीक्षण: वर्ष 2016 में इस युद्धपोत का जलावतरण तत्कालीन रक्षा मंत्री मनोहर पार्रिकर द्वारा किया गया था जबकि इसका समुद्री परीक्षण गोवा मुक्ति के 60 वर्ष पूरे होने के अवसर पर वर्ष 2021 में शुरू किया गया था।
  • विशेषता: यह एक स्टील्थ गाइडेड-मिसाइल विध्वंसक युद्धपोत (Stealth guided-missile destroyer) है जो 163 मीटर लंबा और 17 मीटर चौड़ा है।
    • यह अत्याधुनिक हथियारों तथा ‘सतह से सतह’ एवं ‘सतह से हवा’ में मार करने वाली मिसाइलों से सुसज्जित है।
  • नामकरण: पश्चिमी तट पर अवस्थित ऐतिहासिक बंदरगाह शहर 'गोवा' के मोरमुगाओ पतन के नाम पर इस युद्धपोत का नाम 'मोरमुगाओ' रखा गया है।
  • निर्माण: इस युद्धपोत को भारतीय नौसेना के वॉरशिप डिजाइन ब्यूरो (Warship Design Bureau of the Indian Navy) द्वारा स्वदेशी रूप से डिजाइन किया गया है, जबकि इसके निर्माण का कार्य मुंबई के मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (Mazagon Dock Shipbuilders Limited-MDSL) द्वारा किया गया है।

महत्त्व

  • राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण: आईएनएस मोरमुगाओ सबसे शक्तिशाली स्वदेश निर्मित युद्धपोतों में से एक है, जो देश की समुद्री क्षमताओं को महत्त्वपूर्ण रूप से बढ़ाने और राष्ट्रीय हितों को सुरक्षित करने में सहायक होगा।
  • उन्नत तकनीक से सुसज्जित: यह विश्व के सबसे तकनीकी रूप से उन्नत मिसाइल वाहकों में से एक है जो परमाणु, जैविक और रासायनिक युद्ध स्थितियों में लड़ने के लिये सुसज्जित है।
  • स्वदेशी तकनीक द्वारा निर्मित: यह युद्धपोत 75% से अधिक स्वदेशी सामग्री से निर्मित है, जो डिजाइन और विकास में भारत की उत्कृष्टता और बढ़ती स्वदेशी रक्षा उत्पादन क्षमताओं का एक बेहतरीन उदाहरण है।

प्रोजेक्ट 15बी

  • आरंभ: परियोजना 15बी (Project 15B) के तहत चार युद्धपोतों के निर्माण के लिये वर्ष 2011 में अनुबंध पर हस्ताक्षर किये गए थे। इन सभी युद्धपोतों को वर्ष 2024 तक भारतीय नौसेना में शामिल किये जाने का लक्ष्य रखा गया है।
  • विशेषता: इन्हें विशाखापट्टनम श्रेणी (Visakhapatnam Series) के जहाज़ों के रूप में जाना जाता है। इसके तहत देश में स्वदेशी तकनीक की मदद से विशाखापट्टनम, मोरमुगाओ, इंफाल और सूरत (Visakhapatnam, Mormugao, Imphal and Surat) नामक चार युद्धपोतों का निर्माण किया जाना है।
  • प्रगति: इसके अंतर्गत निर्मित आईएनएस विशाखापट्टनम का वर्ष 2015 में, आईएनएस मोरमुगाओ का वर्ष 2016 में, आईएनएस इंफाल का वर्ष 2019 में तथा आईएनएस सूरत का वर्ष 2022 में जलावतरण किया गया था।

प्रोजेक्ट 15 एवं 15

  • आरंभ: भारत का स्वदेशी विध्वंसक निर्माण कार्यक्रम (Indigenous destroyer building program) 1990 के दशक के अंत में दिल्ली श्रेणी (परियोजना 15) के तीन युद्धपोतों के साथ शुरू हुआ। इसके तहत 'आईएनएस दिल्ली (INS Delhi), आईएनएस मैसूर (INS Mysore) और आईएनएस मुंबई (INS Mumbai)' नामक युद्धपोतों का निर्माण किया गया।
  • अगला चरण: इसके पश्चात् परियोजना 15ए (Project 15A) के तहत कोलकाता वर्ग के तीन युद्धपोतों को भी भारतीय नौसेना में शामिल किया गया। इस श्रेणी के तीन निर्देशित मिसाइल विध्वंसक युद्धपोतों में 'आईएनएस कोलकाता (INS Kolkata), आईएनएस कोच्चि (INS Kochi) और आईएनएस चेन्नई (INS Chennai)' को कमीशन किया गया।
  • निर्माण संस्था: इन सभी स्टील्थ गाइडेड-मिसाइल विध्वंसक युद्धपोतों का निर्माण देश के सबसे महत्त्वपूर्ण रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों में से एक मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDSL) द्वारा किया जा रहा है।

संक्षिप्त खबरें सार-संक्षेप नियुक्ति

संतोष कुमार यादव NHAI के अध्यक्ष नियुक्त


भारत सरकार ने 26 दिसंबर 2022 को वरिष्ठ आईएएस अधिकारी (उत्तर प्रदेश कैडर के 1995 बैच) संतोष कुमार यादव को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) का अध्यक्ष नियुक्त किया है।

  • संतोष यादव वर्तमान में शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग में अतिरिक्त सचिव हैं।

अन्य प्रमुख नियुक्तियां

  • आईएएस सुभाशीष पांडा - दिल्ली विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष
  • गंजी कमला वी राव - एफएसएसएआई का सीईओ

पीआईबी न्यूज विज्ञान-प्रौद्योगिकी

आंध्र प्रदेश में Reliance Jio ने 5G सेवाओं की शुरुआत की


रिलायंस जियो ने आंध्र प्रदेश में अपनी True 5G सेवाएं लॉन्च की है।

महत्वपूर्ण तथ्य :

  • इसकी शुरुआत तिरुमाला, विशाखापत्तनम, विजयवाड़ा और गुंटूर शहरों से की गई है।
  • जियो ने आंध्र प्रदेश में 5G नेटवर्क की तैनाती के लिए 6,500 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है।
  • दिसंबर 2023 तक जियो ट्रू 5जी सेवाएं आंध्र प्रदेश के हर शहर, हर तालुका और हर गांव में उपलब्ध कराई जाएंगी।
  • हाल ही में जियो ने केरल में 5जी सर्विस को रोलआउट किया है।

जियो ट्रू 5जी सेवाओं के लाभ

  • इससे ई-गवर्नेंस, शिक्षा, स्वास्थ्य, आईटी और एसएमई व्यवसाय के क्षेत्रों में विकास के नए दरवाजे खुलेंगे।
  • जियो ट्रू 5जी से आम नागरिक रियल-टाइम में सरकार के साथ जुड़ सकेंगे,
  • सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को बल मिलेगा और अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचेगा।
  • जियो ट्रू 5जी सेवाओं के लॉन्च से स्टार्ट-अप्स को बढ़ावा मिलेगा। खासतौर पर जो स्टार्ट-अप्स IoT (आईओटी), ब्लॉकचेन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और डेटा एनालिसिस जैसी नई तकनीकों पर काम कर रहे हैं।

5G तकनीक के बारे में

  • उच्च गति प्रदान करने वाली तकनीक: 5G पाँचवीं पीढ़ी की सेल्युलर तकनीक है, जो मोबाइल नेटवर्क पर डाउनलोडिंग और अपलोडिंग की गति को बढ़ाएगी।
  • 4G की 1 Gbps (गीगाबिट्स प्रति सेकंड) की तुलना में 5G के हाई-बैंड स्पेक्ट्रम में इंटरनेट स्पीड को 20 Gbps की उच्च दर तक प्राप्त करने के लिये परीक्षण किया गया है। साथ ही 5G लेटेंसी को भी कम करेगा।

पीआईबी न्यूज विज्ञान-प्रौद्योगिकी

"स्टे सेफ ऑनलाइन" अभियान


केन्द्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 28 दिसम्बर, 2022 को "स्टे सेफ ऑनलाइन" (Stay Safe Online) अभियान और "G20 डिजिटल इनोवेशन एलायंस" (G20-DIA) लॉन्च किया है।

यह अभियान भारत की G-20 की अध्यक्षता के तहत आयोजित किया गया है |

उद्देश्य : सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के व्यापक उपयोग और डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए।

महत्वपूर्ण तथ्य :

  • 'स्टे सेफ ऑनलाइन' और 'डिजिटल इनोवेशन एलायंस' किसी भी मंत्रालय द्वारा दुनिया भर में शुरू किए जाने वाले पहले कार्यक्रमों में से एक है।
  • इस अभियान के तहत सभी आयु वर्ग के नागरिकों, विशेष रूप से बच्चों, छात्रों, महिलाओं आदि को साइबर जोखिम और इससे निपटने के तरीकों के बारे में जागरुकता बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की जाएगी।
  • यह अभियान अंग्रेजी, हिंदी और स्थानीय भाषाओं में चलाया जाएगा।
  • MeitY, G20 डिजिटल इकोनॉमी वर्किंग ग्रुप (DEWG) के लिए कई कार्य समूहों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है।

G20 डिजिटल इनोवेशन एलायंस :

  • G20 डिजिटल इनोवेशन एलायंस (G20-DIA) का उद्देश्य G20 देशों के साथ-साथ अतिथि राष्ट्रों से नई टेक्नोलॉजी और इनोवेशन आइडियाज, स्टार्टअप्स आइडियाज को लेना एवं उन्हें सक्षम बनाना है।
  • जिससे एग्री-टेक, हेल्थ-टेक, एड-टेक, फिन-टेक, सिक्योर्ड डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर और सर्कुलर इकोनॉमी क्षेत्रों में मानवीय जरूरतों को पूरा किया जा सके।

संक्षिप्त खबरें सार-संक्षेप पुरस्कार/सम्मान

क्यूबा की एलिडा ग्वेरा को 'केआर गौरी अम्मा नेशनल अवार्ड'


28 दिसम्बर, 2022 को केआर गौरी अम्मा नेशनल अवार्ड की घोषणा की गयी है।

महत्वपूर्ण तथ्य :-

  • यह अवार्ड क्यूबा की सोशल एक्टिविस्ट डॉ. एलिडा ग्वेरा (Dr. Aleida Guevara) को दिया गया है।
  • यह अवार्ड केरल के मुख्यमंत्री द्वारा 5 जनवरी, 2023 को डॉ. एलिडा को प्रदान किया जायेगा।
  • इस अवार्ड के साथ एक प्रशस्ति पत्र और $ 3,000 प्रदान किये जायेंगे।
  • इस अवार्ड की शुरुआत के आर गौरी अम्मा की स्मृति में की गयी थी।

कौन है एलिडा ग्वेरा?

  • डॉ. एलिडा ग्वेरा एक मानवाधिकार कार्यकर्ता (human rights activist) है, जो क्यूबा में विकलांग बच्चों के रहने के लिए दो घरों का संचालन करती हैं। साथ ही घरेलू समस्याओं से जूझ रहे शरणार्थी बच्चों के लिए भी दो केन्द्रों का संचालन करती हैं।
  • डॉ. एलिडा , क्यूबा के मेडिकल मिशन की एक सक्रिय सदस्य भी हैं, जो लैटिन अमेरिका में बच्चों के स्वास्थ्य प्रोफाइल को बेहतर करने का कार्य करता है।

केआर गौरी अम्मा के बारें में:

  • के आर गौरी अम्मा भारत में वामपंथी आंदोलन की सबसे प्रमुख नेताओं में से एक थीं।
  • उन्होंने कुल 17 विधानसभा चुनाव लड़े थे, जिसमें से 13 बार जीत हासिल की थी।
  • उन्होंने 'आत्मकथा' (Atmakatha) नामक एक ऑटोबायोग्राफी प्रकाशित की थीं।
  • उनकी ऑटोबायोग्राफी को वर्ष 2011 में केरल साहित्य अकादमी पुरस्कार से नवाजा गया था।
  • केआर गौरी अम्मा का निधन पिछले वर्ष 11 मई, 2021 को 102 साल की उम्र में हो गया था।

पीआईबी न्यूज विज्ञान-प्रौद्योगिकी

स्टार्टअप ‘Myplan8’ ने कार्बन फुटप्रिंट सेंसिटाइज करने वाला ऐप किया लॉन्च


ग्रीन टेक स्टार्टअप फर्म Myplan8 ने हाल ही में, लोगों को उनके कार्बन फुटप्रिंट (carbon footprint) के बारे में संवेदनशील (सेंसिटाइज) बनाने और कार्बन इमिशन को कम करने में मदद के लिए एक ऐप लांच किया है।

महत्वपूर्ण तथ्य :

  • 'Myplan8' के अनुसार, यह ऐप लोगों के प्रतिदिन के क्रियाकलापों के कारण उत्पन्न होने वाले कार्बन फुटप्रिंट को ट्रैक करने में मदद करेगा।
  • इस ऐप की मदद से कोई भी व्यक्ति कुछ सवालों के माध्यम से कार्बन फुटप्रिंट इमिशन के बारें में जानकारी प्राप्त कर सकता है
  • इस कार्बन कैलकुलेटर को तैयार करने के लिए जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन (UNFCCC) के कार्बन मानकों को आधार बनाया गया है |

संक्षिप्त खबरें सार-संक्षेप विविध

सर्वश्रेष्ठ व्यंजनों की वैश्विक सूची में भारत पांचवें स्थान पर


बुल्गारिया की ट्रेवल गाइड वेबसाइट टेस्ट एटलस के अनुसार, भारत 2022 के लिए सर्वश्रेष्ठ व्यंजनों की वैश्विक सूची में पांचवें स्थान पर है।

महत्वपूर्ण तथ्य :

  • यह रैंकिंग सामग्री, व्यंजन और पेय पदार्थों के लिए दर्शकों द्वारा किये गए मतदान पर आधारित है।
  • रैंकिंग में इटली का खान-पान पहले स्थान पर है, उसके बाद ग्रीस और स्पेन का स्थान है।
  • भारत को 5 में से 4.54 अंक प्राप्त हुए और देश के सर्वोत्तम रेटेड खाद्य पदार्थों में "गरम मसाला, मलाई, घी, मक्खन लहसुन नान, कीमा" शामिल हैं।

दुनिया में शीर्ष 5 व्यंजन वाले देश

  1. इटली
  2. यूनान
  3. स्पेन
  4. जापान
  5. भारत

पीआईबी न्यूज योजना एवं कार्यक्रम

अमृत भारत स्टेशन योजना


केंद्रीय रेल मंत्रालय ने पूरे भारत में रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण के लिए अमृत भारत स्टेशन योजना का आरम्भ किया है।

उद्देश्य : रेलवे स्टेशनों में सुविधाओं के विकास हेतु मास्टर प्लान तैयार कर उसका कार्यान्वयन करना |

महत्वपूर्ण तथ्य :

  • यह योजना रेल मंत्रालय के स्टेशन पुनर्विकास अभियान और अमृत भारत स्टेशन योजना का हिस्सा होगी।
  • इस योजना के अंतर्गत रेल मंत्रालय ने आने वाले वर्ष में 1000 से अधिक छोटे स्टेशनों के आधुनिकीकरण से संबंधित कार्य किये जाएंगे।
  • यह स्टेशन की आवश्यकताओं और संरक्षण के अनुसार दीर्घकालिक मास्टर प्लान तैयार करने और मास्टर प्लान के तत्वों के कार्यान्वयन पर आधारित है।
  • स्टेशनों में रूफटॉप प्लाजा, लंबे प्लेटफॉर्म, गिट्टी रहित ट्रैक और 5G कनेक्टिविटी के प्रावधान शामिल होंगे।

पीआईबी न्यूज विज्ञान-प्रौद्योगिकी

सीमा सुरक्षा बल (BSF) के ‘प्रहरी’ मोबाइल एप और मैनुअल का लोकार्पण


केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 29 दिसम्बर, 2022 को नई दिल्ली में सीमा सुरक्षा बल (BSF) के प्रहरीमोबाइल एप और मैनुअल का लोकार्पण किया।

उद्देश्य : ऑपरेशन, एडमिनिस्ट्रेशन एवं ट्रेनिंग की कार्यों की बेहतर समझ बढ़ेगी और कार्यों में तेजी आएगी।

महत्वपूर्ण तथ्य :

  • BSF की यह ऐप Proactive Governance का एक बड़ा उदाहरण है।
  • अब जवान व्यक्तिगत एवं सेवा संबंधी जानकारी, आवास, आयुष्यमान-CAPF व अवकाश से संबंधित जानकारी अपने मोबाइल पर प्राप्त कर सकते हैं।
  • समस्या निवारण या कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी अब जवान ऐप के जरिये प्राप्त कर सकते हैं और यह ऐप उन्हें गृह मंत्रालय के पोर्टल से भी जोड़ेगा।

संक्षिप्त खबरें सार-संक्षेप विविध

'भारत में सड़क दुर्घटनाएं 2021' पर वार्षिक रिपोर्ट जारी


29 दिसम्बर, 2022 को केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने 'भारत में सड़क दुर्घटनाएं 2021' पर वार्षिक रिपोर्ट जारी की है।

प्रकाशन का उद्देश्य : भारत में सड़क दुर्घटनाओं का गहन विश्लेषण और अवलोकन प्रस्तुत करना।

महत्वपूर्ण तथ्य :

  • रिपोर्ट के मुताबिक 2021 के दौरान 4,12,432 सड़क दुर्घटनाएं हुई, जिनमें 1,53,972 लोगों की जान गई और 3,84,448 लोग घायल हुए।
  • 2021 में सड़क दुर्घटनाओं में 8.1 प्रतिशत और घायलों की संख्या में 14.8 प्रतिशत की कमी आई।
  • 2019 की समान अवधि की तुलना में 2021 में सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर में 1.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
  • साल 2020 में हुए सड़क हादसों की तुलना में साल 2021 में हुए सड़क हादसों की संख्या में कमी आई है। इसके अलावा साल 2019 की तुलना में साल 2021 में सड़क हादसों के साथ-साथ मरने वाले लोगों की संख्या में भी कमी देखी गई है।

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय

यह मंत्रालय केंद्र सरकार के तहत एक शीर्ष संगठन है जिसे अन्य केंद्रीय मंत्रालयों / विभागों, राज्य सरकारों/संघ राज्य क्षेत्र शासनों, संगठनों और व्यक्तियों से परामर्श करके देश में सड़क परिवहन व्यवस्था में गतिशीलता और कुशलता लाने के उद्देश्य से सड़क परिवहन, राष्ट्रीय राजमार्गों और परिवहन अनुसंधान के लिए नीतियां बनाने और उनके संचालन का कार्य सौंपा गया है।

पीआईबी न्यूज अंतरराष्ट्रीय

मांगदेछू जलविद्युतयु परियोजना


हाल ही में मांगदेछू जलविद्युतयु परियोजना (720 मेगावाट की) भूटान में ड्रक ग्रीन पावर कॉरपोरेशन (DGPC) को सौंपी गई।

इस परियोजना से फायदे :

  • इस पनबिजली परियोजना के चालू होने से भूटान की विद्युत उत्पादन क्षमता में 44 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, यह वर्तमान में 2,326 मेगा वाट है।
  • चालू होने के बाद से इस परियोजना ने 9,000 मिलियन यूनिट से अधिक ऊर्जा का उत्पादन किया है, जिससे हर साल 2.4 मिलियन टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आई है।
  • इस परियोजना ने 2020 में देश के जलविद्युत राजस्व में 31 प्रतिशत की वृद्धि की थी।
  • इसने 2021 में भारत को 12.13 अरब रुपये की बिजली का निर्यात किया। इससे भूटान का बिजली निर्यात बढ़कर 24.43 अरब रुपये हो गया है।

मांगदेछू जलविद्युत परियोजना क्या है?

  • मंगदेछु जलविद्युत परियोजना (Mangdechhu Hydroelectric Project), भूटान के ट्रोंगसा द्ज़ोंगखाग जिले में मंगदेछु नदी पर स्थित है।
  • इस परियोजना के निर्माण में लगभग 4,500 करोड़ रुपये की लागत आयी है। इस परियोजना को भारत द्वारा 70 प्रतिशत ऋण और 30 प्रतिशत अनुदान के माध्यम से वित्त पोषित किया गया है।
  • 720 मेगावाट की परियोजना मांगदेछू हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट का उद्घाटन भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके भूटानी समकक्ष लोटे त्शेरिंग ने 2019 में संयुक्त रूप से किया था।

खेल समाचार मुक्‍केबाजी

IBA युवा पुरुष और महिला विश्व मुक्‍केबाजी चैंपियनशिप, 2022


26 नवंबर, 2022 को संपन्न IBA युवा पुरुष और महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में भारत के कुल 11 पदक जीतकर दूसरा स्थान हासिल किया

इस प्रतियोगिता का आयोजन 11-26 नवम्वर 2022 तक किया गया था

आयोजन स्थल ;- लानुसिया (स्पेन )

शीर्ष स्थान प्राप्त देश

रैंक

देश

स्वर्ण

रजत

कांस्य

कुल पदक

1

उज्बेकिस्तान

5

3

2

10

2

भारत

4

3

4

11

3

इंग्लैंड

2

2

3

7

भारतीय स्वर्ण पदक विजेता खिलाडी

  • विश्वनाथ सुरेश, पुरुषों के 48 किग्रा में
  • देविका घोरपड़े , महिलाओं के 52 किग्रा में
  • वंशज, पुरुषों के 63.5 किग्रा में
  • रवीना महिलाओं के 63 किग्रा वर्ग में

रजत पदक विजेता

  • भावना शर्मा, महिलाओं के 48 किग्रा वर्ग में
  • आशीष, पुरुषों के 54 किग्रा वर्ग में
  • कीर्ति महिलाओं के 81+ किग्रा वर्ग में

कांस्य पदक विजेता

तमन्ना (50 किग्रा), कुंजारानी देवी थोंगम (60 किग्रा), मुस्कान (75 किग्रा) और लशु यादव (70 किग्रा) ने भारत के लिए कांस्य पदक जीता। सभी महिला खिलाडी हैं ।

खेल समाचार मुक्‍केबाजी

राष्ट्रीय महिला मुक्केबाजी प्रतियोगिता


भोपाल में आयोजित राष्ट्रीय महिला मुक्केबाजी चैम्पियनशिप में लवलीना बोरगोहेन और निकहत ज़रीन ने स्वर्ण पदक जीते हैं।

महत्वपूर्ण तथ्य:-

  • इस प्रतियोगिता में रेलवे की टीम पांच स्वर्ण, तीन रजत और दो कांस्य के साथ 10 पदकों के साथ पदक तालिका में शीर्ष पर रही।
  • मध्य प्रदेश दूसरे और हरियाणा तीसरे स्थान पर रहा।
  • फाइनल में लवलीना ने सर्विसेज की अरुंधति चौधरी को और निकहत ने रेलवे की अनामिका को पराजित कर विजय प्राप्त किया ।
  • हरियाणा की मनीषा और स्वीटी बूरा, रेलवे स्पोर्ट्स प्रमोशन बोर्ड की साक्षी, मध्य प्रदेश की मंजू बम्बोरिया ने भी अपने-अपने वर्ग में स्वर्ण पदक जीते।

सामयिक खबरें विज्ञान-प्रौद्योगिकी

परमाणु-सक्षम बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-5 का रात्रि परीक्षण


15 दिसंबर, 2022 को भारत द्वारा सबसे लंबी दूरी की परमाणु-सक्षम बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-5 (Nuclear-capable ballistic missile Agni-5) का रात्रि परीक्षण (Night Trials) सफलतापूर्वक किया गया।

  • परीक्षण स्थल: इस मिसाइल को एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप, ओडिशा (APJ Abdul Kalam Island, Odisha) से सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया।

अग्नि-5 मिसाइल

  • उन्नत बैलिस्टिक मिसाइल: अग्नि-5 एकीकृत निर्देशित मिसाइल विकास कार्यक्रम (Integrated Guided Missile Development Programme- IGMDP) के तहत विकसित सतह-से-सतह पर मार करने वाली उन्नत बैलिस्टिक मिसाइल (Advanced ballistic missile) है।
  • कार्यप्रणाली: यह दागो और भूल जाओ सिद्धांत (Fire and forgets theory) पर कार्य करती है, जिसे इंटरसेप्टर मिसाइल (Interceptor missile) के बिना रोका नहीं जा सकता है।
  • क्षमता एवं महत्त्व: तीन चरणीय तथा ठोस ईंधन इंजन पर आधारित (Based on three stage and solid fuel engine) यह मिसाइल 5,000 किलोमीटर तक के लक्ष्य को भेदने में सक्षम है।
    • इसके माध्यम से अत्यंत उच्च स्तर की सटीकता के साथ चीन के अधिकांश हिस्सों तक पहुंचा जा सकता है। यही कारण है कि इस मिसाइल को भारत की आत्मरक्षा प्रणाली (Self defense systems of India) के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जाता है।
  • परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम: अग्नि श्रृंखला की मिसाइलों को परमाणु हथियारों के परीक्षण हेतु महत्वपूर्ण माना जाता है। यह मिसाइल लगभग 1.5 टन परमाणु आयुध ले जाने में सक्षम है।

अग्नि श्रृंखला की मिसाइलें

इस श्रृंखला के तहत निर्मित मिसाइलें निम्नलिखित हैं:

  • अग्नि I: 700-800 किमी. की रेंज।
  • अग्नि II: 2000 किमी. से अधिक की रेंज।
  • अग्नि III: 2,500 किमी. से अधिक की रेंज।
  • अग्नि IV: रेंज 3,500 किमी से अधिक है और इसे रोड-मोबाइल लॉन्चर (Road-Mobile Launcher) से फायर किया जा सकता है।
  • अग्नि-V: यह अग्नि श्रृंखला की सबसे लंबी, एक अंतर-महाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (Intercontinental ballistic missile-ICBM) है, जिसकी रेंज 5,000 किमी से अधिक है।
  • अग्नि-पी (प्राइम): यह एक कैनिस्टराइज्ड मिसाइल (Canisterised Missile) है, जिसकी मारक क्षमता 1,000 से 2,000 किमी. के बीच है। यह अग्नि-I मिसाइल का स्थान लेगी।
  • विश्व के केवल कुछ ही देशों के पास अंतर-महाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलें हैं, इनमें भारत के साथ-साथ अमेरिका, चीन, रूस, फ्रांस और उत्तर कोरिया जैसे देश शामिल हैं।

एकीकृत निर्देशित मिसाइल विकास कार्यक्रम (IGMDP)

  • आरंभ: IGMDP को प्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम द्वारा वर्ष 1983 में आरंभ किया गया था।
  • उद्देश्य: मिसाइल प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करना।
  • लाभ:रणनीतिक रूप से स्वदेशी मिसाइल प्रणालियों को आकार देने के लिये इस कार्यक्रम के तहत देश के वैज्ञानिक समुदाय, शैक्षणिक संस्थानों, अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशालाओं, उद्योगों और तीनों रक्षा सेवाओं को एक साथ लाया गया।
  • शामिल मिसाइलें: रक्षा बलों की विभिन्न प्रकार की मिसाइलों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इस कार्यक्रम के तहत 5 मिसाइल प्रणालियों को विकसित करने की मंज़ूरी दी गई।
    • पृथ्वी: सतह-से-सतह पर मार करने में सक्षम कम दूरी वाली बैलिस्टिक मिसाइल।
    • अग्नि: सतह-से-सतह पर मार करने में सक्षम मध्यम दूरी वाली बैलिस्टिक मिसाइल।
    • त्रिशूल: सतह से आकाश में मार करने में सक्षम कम दूरी वाली मिसाइल।
    • नाग: तीसरी पीढ़ी की टैंक भेदी मिसाइल।
    • आकाश: सतह से आकाश में मार करने में सक्षम मध्यम दूरी वाली मिसाइल।

संक्षिप्त खबरें सार-संक्षेप चर्चित व्यक्ति

पीटी उषा राज्यसभा में उपाध्यक्ष के पैनल में नामित


दिग्गज पूर्व एथलीट और मनोनीत राज्यसभा सदस्य पीटी उषा को उपाध्यक्ष के पैनल में नामित किया गया है।

महत्वपूर्ण तथ्य-

  • सभापति जगदीप धनखड़ ने उषा के नाम की घोषणा करते हुए कहा कि यह पहली बार है, जब पैनल में किसी मनोनीत सदस्य को नियुक्त किया गया है।
  • उनके साथ वाईएसआरसीपी के सदस्य विजय साई रेड्डी को भी नामित किया गया है।
  • उषा को ‘पय्योली एक्सप्रेस’ के नाम से भी जाना जाता है और वह देश की सबसे सफल एथलीटों में से एक रही हैं।

संक्षिप्त खबरें सार-संक्षेप रिपोर्ट एवं सूचकांक

सामाजिक प्रगति सूचकांक


20 दिसम्बर, 2022 को प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार परिषद् (EAC-PM) के चेयरमेन विवेक देवरॉय ने सामाजिक प्रगति सूचकांक (social progress index) जारी किया।

महत्वपूर्ण तथ्य-

  • पुदुचेरी, लक्षद्वीप और गोवा सामाजिक प्रगति सूचकांक में सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शामिल रहे।
  • झारखण्ड और बिहार की स्थिति सबसे ख़राब रही। झारखण्ड का SPI स्कोर सबसे कम 43.95उसके बाद बिहार का SPI स्कोर 44.95 रहा।
  • रिपोर्ट के अनुसार, देश के सभी जिलों में आइजोल (मिजोरम), सोलन एवं शिमला (हिमाचल प्रदेश) सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला जिला रहा।
  • यह रिपोर्ट प्रतिस्पर्द्धा और गैर-लाभकारी संघटन ‘social progress imperative’ ने तैयार किया है।

संक्षिप्त खबरें सार-संक्षेप विविध

दुनिया के सबसे व्यस्त हवाई मार्गों दिल्ली और मुंबई


दुनिया के सर्वाधिक 10 व्यस्त अंतरराष्ट्रीय हवाई मार्गों की सूची में भारत के दो हवाई मार्ग शामिल हैं। इनमें मुंबई से दुबई और दिल्ली से दुबई मार्ग हैं।

महत्वपूर्ण तथ्य :

  • कंसल्टिंग एजेंसी ऑफिसियल एविएशन गाइड (ओएजी) द्वारा पिछले १२ महीने के आंकड़ों पर आधारित रिपोर्ट जारी की है |
  • मुंबई से दुबई मार्ग को सूची में 8वें और दिल्ली से दुबई मार्ग को 10वें स्थान पर रखा गया है।
  • विश्व के 10 व्यस्ततम घरेलू हवाई मार्गों की सूची में मुंबई से दिल्ली मार्ग को शामिल किया गया है। इसे सातवां सर्वाधिक व्यस्त घरेलू हवाई मार्ग बताया गया है।
  • दुनिया के सर्वाधिक 10 प्रतिस्पर्द्धी अंतरराष्ट्रीय हवाई मार्गों में दिल्ली से बैंकाक मार्ग को शामिल किया गया है।
  • इस मार्ग पर 7 विमान कपंनियां 2,695 उड़ानों का संचालन करती हैं। करीब 6.58 लाख यात्री प्रतिवर्ष इस मार्ग पर सफर करते हैं।
  • काहिरा से जेद्दाह तक जाने वाले हवाई मार्ग को दुनिया का सर्वाधिक व्यस्त हवाई मार्ग बताया गया है।

संक्षिप्त खबरें सार-संक्षेप पुरस्कार/सम्मान

साहित्य अकादमी पुरस्कार 2022


साहित्य अकादमी ने 22 दिसम्बर, 2022 को साहित्य अकादमी पुरस्कार 2022 की घोषित किये गए।

  • हिंदी के लिए बद्री नारायण को साहित्य अकादमी अवॉर्ड दिया जाएगा।

महत्वपूर्ण तथ्य :-

  • बद्री नारायण को उनके कविता संग्रह ‘तुमड़ी के शब्द’ को साहित्य अकादमी पुरस्कार 2022 के लिए चुना गया है।
  • अंग्रेजी के लिए अनुराधा रॉय ("ऑल द लाइब्स वी नेवर लिव्ड" उपन्यास) और उर्दू के लिए अनीस अशफाक ("ख़्वाब सराब" उपन्यास) को इस साल का साहित्य अकादमी पुरस्कार दिया जाएगा।
  • 23 भाषाओं के लिए घोषित इन पुरस्कारों में सात कविता संग्रह, छ: उपन्यास, दो कहानी संग्रह, दो साहित्य समालोचना, तीन नाटक और एक आत्मकथा समेत अन्य रचनाएं शामिल हैं।

पीआईबी न्यूज अंतरराष्ट्रीय

पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ तीसरी बार नेपाल के प्रधानमंत्री बने


सीपीएन-माओवादी सेंटर के अध्यक्ष पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ 25 दिसम्बर, 2022 को तीसरी बार नेपाल के प्रधानमंत्री बने हैं।

रोटेशन के आधार पर प्रचंड और ओली बनेंगे प्रधानमंत्री

  • रोटेशन के आधार पर सरकार का नेतृत्व करने के लिए प्रचंड और ओली के बीच समझौता हुआ है।
  • ढाई साल के लिए प्रचंड पीएम होंगे और उसके बाद ढाई साल के लिए ओली प्रधानमंत्री बनेंगे।

प्रचंड को इन पार्टियों का मिला समर्थन

  • नए गठबंधन को 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा में 165 सांसदों का समर्थन प्राप्त है, जिसमें सीपीएन-यूएमएल का 78, सीपीएन-एमसी का 32, आरएसपी का 20, आरपीपी का 14, जेएसपी का 12, जनमत का 6 और नागरिक उन्मुक्ति पार्टी के 3 वोट मिले हैं।
  • यहां हाल ही में हुए आम चुनाव में किसी दल को बहुमत नहीं मिला था।
  • राष्ट्रपति ने प्रतिनिधि सभा के वैसे किसी भी सदस्य को प्रधानमंत्री पद का दावा पेश करने के लिए आमंत्रित किया था, जो संविधान के अनुच्छेद 76(2) में निर्धारित दो या दो से अधिक दलों के समर्थन से बहुमत प्राप्त किया हो।

पीआईबी न्यूज अंतरराष्ट्रीय

सित्विनी राबुका फिजी के नए प्रधानमंत्री बने


23 दिसम्बर, 2022 को सित्विनी राबुका को फिजी का नया प्रधानमंत्री चुना गया है।

महत्वपूर्ण तथ्य:

  • फिजी की सोशल डेमोक्रेटिक लिबरल पार्टी ने राबुका के पीपुल्स एलायंस और नेशनल फेडरेशन पार्टी के साथ गठबंधन करने के लिए मतदान किया।
  • प्रधानमंत्री के लिए गुप्त संसदीय वोट में राबुका को 28 वोट मिले, जबकि संसद के 27 सदस्यों ने वोरके बैनिमारामा के लिए मतदान किया। उनके प्रतिद्वंद्वि वोरके बैनिमारामा को इस चुनाव में एक वोट से शिकस्त झेलनी पड़ी।

सित्विनी राबुका

  • सित्विनी राबुका ने फिजी के 12वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की।
  • राबुका 2021 में गठित फिजी में एक राजनीतिक दल पीपुल्स एलायंस के नेता हैं।
  • सित्विनी राबुका फिजी के पूर्व सैन्य कमांडर रह चुके हैं।
  • राबुका ने 1987 में सेना के प्रमुख के रूप में दो बार तख्तापलट किया था और 1999 में चुनावों में हटाए जाने से पहले 1992 में प्रधानमंत्री बने थे।

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इंडिया इंटरनेट गवर्नेंस फोरम-2022


11 दिसंबर, 2022 को इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी तथा कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री ने 'इंडिया इंटरनेट गवर्नेंस फोरम-2022' (India Internet Governance Forum-2022 [IIGF-2022]) के समापन समारोह को संबोधित किया।

  • इंडियाइंटरनेटगवर्नेंस फोरम-2022 की बैठक 9-11 दिसंबर, 2022 के मध्य आयोजित की गई।
  • बैठक की थीम: “भारत के सशक्तीकरण के लिये प्रौद्योगिकी के दशक का उपयोग” (Leveraging Techade for Empowering Bharat)।
  • आयोजन का उद्देश्य: डिजिटलीकरण के रोडमैप पर चर्चा करना तथा इंटरनेट गवर्नेंस पर अंतरराष्ट्रीय नीति विकास में भारत की भूमिका को उजागर करना।

IIGF के संदर्भ में

  • आरंभ: इसकी पहली बैठक वर्ष 2006 में आयोजित की गई थी।
    • इसका गठन संयुक्त राष्ट्र स्थित इंटरनेट गवर्नेंस फोरम (UN-based Internet Governance forum) के ट्यूनिस एजेंडा के IGF-पैराग्राफ 72 (GF-Paragraph 72) के अनुरूप किया गया है।
    • इस प्रकार, इंडिया इंटरनेट गवर्नेंस फोरम (IIGF) वास्तव में संयुक्त राष्ट्र इंटरनेट गवर्नेंस फोरम (UN-IGF) से जुड़ी एक भारतीय पहल है।
  • उद्देश्य/कार्य: यह फोरम इंटरनेट से संबंधित सार्वजनिक नीति के मुद्दों के बारे में चर्चा करने के लिए विभिन्न हितधारकों के लिए एक मंच के रूप में कार्य करता है।
  • प्रकृति: यह फोरम इंटरनेट से संबंधित सार्वजनिक नीति के मुद्दों के विषय में चर्चा करने के लिए विभिन्न समूहों के प्रतिनिधियों को एक मंच पर लाने के लिए एक प्रकार के 'इंटरनेट गवर्नेंस नीति विचार-विमर्श मंच' (Internet Governance Policy Consultation Forum) के रूप में कार्य करता है।

भारत की इंटरनेट कनेक्टिविटी की स्थिति

  • वर्तमान इंटरनेट क्षमता: भारत 800 मिलियन से अधिक उपयोगकर्त्ताओं के साथ विश्व का सबसे बड़ा इंटरनेट कनेक्टिविटी (Internet Connectivity) वाला देश है। साथ ही, भारत को विश्व के दूसरे सबसे बड़े ब्रॉडबैंड सदस्यता वाले देश तथा प्रति उपयोगकर्ता प्रतिमाह सर्वाधिक डेटा की खपत करने वाले देश के रूप में भी जाना जाता है।
  • भविष्य की क्षमता: 5-जी तथा ‘भारत-नेट’ ग्रामीण ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी नेटवर्क परियोजना (Rural Broadband Connectivity Network Project) के तहत आगे चलकर 1.2 अरब भारतीय उपयोगकर्ता होंगे। इस तरह वैश्विक इंटरनेट में भारत सबसे बड़ी उपस्थिति का प्रतिनिधित्व करेगा।
  • अन्य देशों को सहयोग: भारत, वैश्विक दक्षिण (Global South) के देशों के लिये भी इंटरनेट तक पहुंच में सुधार हेतु सहयोग कर रहा है। इनमें वे देश हैं जो अपनी अर्थव्यवस्थाओं के विकास में इन्टरनेट उपयोग तथा डिजिटलीकरण की कमी के कारण अर्थव्यवस्था को आवश्यक गति प्रदान करने में सक्षम नहीं हैं।
    • इंटरनेट के उपयोग एवं कनेक्टिविटी से किसी भी अर्थव्यवस्था को उत्पादकता, वित्तीय स्वतंत्रता और सूचना तक अधिक व्यापक पहुंच संबंधी लाभ प्राप्त होते हैं।

इंटरनेट गवर्नेंस

  • अर्थ एवं परिभाषा: इंटरनेट गवर्नेंस को मुख्यतः सरकारों, निजी क्षेत्र और नागरिक समाज द्वारा साझा सिद्धांतों, मानदंडों, नियमों, निर्णय लेने की प्रक्रियाओं और कार्यक्रमों की अपनी-अपनी भूमिकाओं में इंटरनेट प्रौद्योगिकी के अनुप्रयोग के रूप में परिभाषित किया जाता है।
    • समन्वित रूप में इसके अंतर्गत तकनीकी मानकों के विकास एवं समन्वय, महत्त्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे के संचालन तथा इंटरनेट से जुड़े सार्वजनिक नीति के मुद्दों को भी शामिल किया जाता है।
    • इसके तहत वे प्रक्रियाएं भी शामिल की जाती हैं, जिनसे इंटरनेट के विकास और उपयोग को बढ़ावा मिलता है।
  • इंटरनेट गवर्नेंस के क्षेत्र: इंटरनेट गवर्नेंस के अंतर्गत इंटरनेट प्रोटोकॉल एड्रेसिंग (IP Addressing), डोमेन नेम सिस्टम (DNS), रूटिंग, तकनीकी नवाचार, मानकीकरण, सुरक्षा, सार्वजनिक नीति, गोपनीयता, कानूनी मुद्दे, साइबर मानदंड, बौद्धिक संपदा और कराधान संबंधी मुद्दे शामिल हैं।
  • इंटरनेट गवर्नेंस के आयाम: इसके आयामों में भौतिक अवसंरचना, कोड या तार्किक तथ्य, विषय वस्तु तथा सुरक्षा संबंधी विषय आते हैं।

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अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र (संशोधन) विधेयक, 2022


14 दिसंबर, 2022 को राज्य सभा द्वारा पारित किये जाने के पश्चात नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र (संशोधन) विधेयक, 2022 [New Delhi International Arbitration Centre (Amendment) Bill, 2022] को संसद के दोनों सदनों की मंजूरी प्राप्त हो गई।

  • इसे 8 अगस्त, 2022 को लोक सभा द्वारा पारित किया गया था। यह ‘नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र अधिनियम, 2019’ (New Delhi International Arbitration Centre Act, 2019) में संशोधन करता है।
  • मुख्य प्रावधान: यह विधेयक नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र का नाम बदलकर "भारत अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र" (India International Arbitration Centre) करने का प्रावधान करता है।
  • विधेयक की आवश्यकता: केंद्र सरकार द्वारा यह महसूस किया गया कि संस्था का वर्तमान नाम शहर-केंद्रित होने का आभास देता है, जबकि यह केंद्र भारत को संस्थागत मध्यस्थता के केंद्र के रूप में उभारने की आकांक्षाओं का प्रतिबिंबित करता है।

विधेयक के अन्य प्रावधान

  • मूल अधिनियम के तहत, नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र (NDIAC) को 'अंतरराष्ट्रीय और घरेलू मामलों में 'मध्यस्थता और सुलह' (Arbitration & Conciliation) के संचालन की सुविधा के लिए प्रयास करने के लिए निर्देशित किया गया था। वहीं नवीन संशोधन विधेयक इस प्रक्रिया में वैकल्पिक विवाद समाधान के अन्य रूपों को भी शामिल करने के लिए क़ानून का विस्तार करता है।
  • संशोधन विधेयक के अनुसार मध्यस्थता के संचालन के तरीकों तथा वैकल्पिक विवाद समाधान के अन्य रूपों को केंद्र सरकार द्वारा विभिन्न नियमों के माध्यम से निर्दिष्ट किया जाएगा।
  • 2019 के मूल अधिनियम में केंद्र सरकार को अधिनियम के लागू होने की तारीख से 2 वर्ष के भीतर इसे लागू करने में आने वाली किसी भी कठिनाई को दूर करने की अनुमति दी गई थी। नवीन संशोधन विधेयक इस समय अवधि को 5 वर्ष तक के लिए विस्तारित करता है।

एनडीआईएसी के मुख्य उद्देश्य

  • विवादों के वैकल्पिक समाधान के मामलों से जुड़े शोध को बढ़ावा देना, प्रशिक्षण देना तथा कॉन्फ्रेंस एवं सेमिनार आयोजित करना।
  • मध्यस्थता और सुलह की कार्यवाहियों के लिए सुविधाएं और प्रशासनिक सहयोग प्रदान करना।
  • मध्यस्थता और सुलह की कार्यवाहियों के लिए मान्यता प्राप्त प्रोफेशनलों का पैनल तैयार करना।

वैकल्पिक विवाद समाधान (ADR) क्या है?

  • एडीआर (Alternative Dispute Resolution) विवाद समाधान का एक ऐसा तंत्र है जिसमें संबंधित पक्ष सहयोगपूर्ण तरीके से सर्वोत्तम समाधान तक पहुंचने के लिए आपस में मिलकर काम करते हैं।
  • वैकल्पिक विवाद समाधान, विवाद को हल करने के उन तरीकों को संदर्भित करता है, जो न्यायालयी मुकदमेबाजी के विकल्प हो सकते हैं। इनमें मध्यस्थता, सुलह, समझौता वार्ता, पंचाट तथा लोक अदालत जैसे उपाय शामिल हो सकते हैं।
  • आमतौर पर यह तंत्र, विवाद समाधान की प्रक्रिया में एक तटस्थ तीसरे पक्ष का उपयोग करता है, जो विवाद से संबंधित पक्षों को संवाद करने, मतभेदों पर चर्चा करने तथा विवाद को हल करने में मदद करता है।

वैकल्पिक विवाद समाधान का महत्व

  • समय की बर्बादी से बचाव: एडीआर के माध्यम से लोग अदालतों की तुलना में कम समय में अपने विवाद को सुलझा सकते हैं।
  • लागत प्रभावी: एडीआर की प्रक्रिया काफी कम खर्चीली है, जबकि न्यायालयों में मुकदमेबाजी की प्रक्रिया में काफी खर्च होता है।
  • तकनीकी जटिलता रहित: यह प्रक्रिया अदालतों की तकनीकी जटिलताओं से मुक्त है तथा इसमें विवाद को सुलझाने में अनौपचारिक तरीके अपनाए जाते हैं।
  • मामले के बारे में सही तथ्यों का उजागर होना: चूंकि यह प्रक्रिया अदालती प्रक्रिया की तुलना में अपेक्षाकृत अनौपचारिक प्रकृति की होती है, इसलिए इस प्रक्रिया में विवाद से जुड़े पक्ष अधिक प्रभावी रूप में अपनी बात रख पाते हैं।
  • विवाद का स्वतः निपटान: चूंकि एडीआर की प्रक्रिया में संबंधित पक्ष एक ही मंच पर अपने मुद्दों पर एक साथ चर्चा करते हैं, ऐसे में विवाद के स्वतः निपटान की संभावना भी बढ़ जाती है। साथ ही यह प्रक्रिया पक्षों के बीच संघर्ष को बढ़ने से भी रोकती है।

वैकल्पिक विवाद समाधान की सीमाएं

  • अपील का न होना: वैकल्पिक विवाद समाधान तंत्र के द्वारा दिए गए फैसलों में अपील की गुंजाइश कम या न के बराबर होती है; ऐसे में यदि फैसले के संबंध में कोई समस्या प्रकट होती है, तो उसका समाधान संभव नहीं होता। यानी इसमें अंतिम समाधान की कोई गारंटी नहीं होती।
  • विभिन्न क़ानून: घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता के लिए अलग-अलग क़ानूनों के कारण, अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता से संबंधित कानूनों की प्रयोज्यता का पता लगाना मुश्किल होता है।
  • सांस्कृतिक या भाषा संबंधी बाधाएं: दो क्षेत्रों की भाषा एवं संस्कृति में विसंगति के कारण, इस अंतर को पाटना और एक एकीकृत समाधान पर आना मुश्किल हो जाता है।
  • जागरूकता की कमी: अधिकांश लोग अपने विवादों के समाधान के लिए अभी भी अदालतों में जाना पसंद करते हैं और इन विकल्पों और कार्यप्रणाली से अनभिज्ञ हैं।
  • संस्थागत अवसंरचना की कमी: भारत में ADR को बढ़ावा देने के लिए संस्थागत अवसंरचना की कमी है, इसी कारण से इसे लागू करना चुनौतीपूर्ण है।

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17वीं एशिया और प्रशांत क्षेत्रीय बैठक


06-09 दिसंबर, 2022 के मध्य अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) की 17वीं एशिया एवं प्रशांत क्षेत्रीय बैठक (APRM) आयोजित की गई। यह बैठक 9 दिसंबर को सिंगापुर घोषणा के साथ संपन्न हुई।

  • बैठक में अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक समूहों द्वारा चार नई श्रम संहिताओं (Four new labor codes) सहित भारत की श्रम नीतियों की आलोचना की गई।

एशिया एवं प्रशांत क्षेत्रीय बैठक (APRM)

  • विस्तार: इस बैठक के माध्यम से एशिया, प्रशांत और अरब देशों की सरकारों, नियोक्ताओं तथा श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों को एक साथ लाने का प्रयास किया जाता है।
  • इसके चार प्रमुख विषयगत क्षेत्र
    • मानव-केंद्रित समावेशी, टिकाऊ और लचीली (Human-centered Inclusive, Sustainable and Resilient) संवृद्धि हेतु एकीकृत नीति एजेंडा।
    • एक ऐसे संस्थागत ढांचे की स्थापना करना जो औपचारिक तथा सभ्य कार्य दशाओं में संक्रमण (Transition to formal and civilized work conditions) हेतु प्रोत्साहित करे।
    • सामाजिक सुरक्षा, रोजगार संरक्षण तथा कार्य दशाओं में लचीलेपन (Social security, employment protection and flexibility in working conditions) हेतु मजबूत नींव का निर्माण करना।
    • गुणवत्तापरक तथा अधिक संख्या में नौकरियां सृजित करने के लिए उत्पादकता वृद्धि एवं कौशल को संरेखित (Aligning Productivity Growth & Skills) करना।

भारत की आलोचना के बिंदु

  • नवीन श्रम संहिता: भारत की नवीन श्रम संहिता के अंतर्गत निरीक्षण की शक्तियां नियोक्ताओं को प्रदान की गई है। इस प्रकार यह संहिता नियोक्ताओं को खुली छूट प्रदान करती है तथा श्रमिकों, नियोक्ताओं और सरकार के मध्य त्रिपक्षीय समझौतों का उल्लंघन करती हैं।
  • ध्यान रहे कि, वर्ष 2020 से ही केंद्र सरकार श्रम कानूनों को सुव्यवस्थित करने की दिशा में कार्यरत है। सरकार ने ने श्रम कानूनों के 29 सेटों (29 Sets) को बदलने के लिए चार व्यापक श्रम संहिताओं को अधिसूचित किया है:
    • वेतन संहिता, 2019;
    • औद्योगिक संबंध संहिता, 2020;
    • सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020; और
    • व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और काम करने की स्थिति संहिता, 2020।
  • अन्य चुनौतियां
    • व्यापक बेरोजगारी: भारत विश्व में सबसे अधिक युवा आबादी वाला देश है। साथ ही, देश भर में स्टार्ट-अप एवं छोटे व्यवसायों के अंतर्गत तकनीकी और उद्यमशीलता का उछाल देखने को मिल रहा है। अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों में मशीनीकरण तथा तकनीकी के बढ़ते प्रभाव से उच्च स्तर की बेरोजगारी होने की संभावना है।
    • असंगठित कार्यबल: भारत में लगभग 90% कार्यबल असंगठित क्षेत्र से संबंधित है जो कम वेतन वाली नौकरियों तथा खराब कार्यशील परिस्थितियों का लगातार सामना कर रहा है।
    • उत्पादकता में कमी: अर्थव्यवस्था में उत्पादकता में होने वाली गिरावट का सर्वाधिक नकारात्मक प्रभाव श्रमिकों, उद्यमों (विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु और मध्यम आकार के उद्यमों) की स्थिरता तथा समुदायों पर पड़ता है।

सिंगापुर घोषणा के प्रमुख बिंदु

  • आने वाले वर्षों में, अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) के समर्थन द्वारा राष्ट्रीय कार्रवाई के लिये संबद्ध क्षेत्रों की पहचान करना तथा ऐसे क्षेत्रों एवं ILO के घटकों के मध्य एक साझा दृष्टिकोण निर्मित करना।
  • घोषणा में, अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन द्वारा आयोजित किए जाने वाले सम्मेलनों द्वारा प्रभावी सामाजिक संवाद स्थापित करने के लिए सरकार, नियोक्ता एवं श्रमिक प्रतिनिधियों की क्षमताओं को मज़बूत करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला गया है।
  • इस घोषणा में अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन के सदस्य देशों से अंतर्राष्ट्रीय श्रम मानकों की पुष्टि करने तथा उन्हें प्रभावी ढंग से लागू करने का आग्रह किया गया है।
  • इसके अंतर्गत, यह कहा गया है कि सभी देश अनौपचारिक क्षेत्र से औपचारिक क्षेत्र में परिवर्तन लाने के लिए तेजी से प्रयास करें तथा प्रवासी श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए मजबूत कानूनी ढांचा स्थापित करें।
  • इस घोषणा में, वैश्विक सामाजिक न्याय गठबंधन को विकसित करने की दिशा में सरकारों तथा सामाजिक भागीदारों को एक साथ आने का आह्वान किया गया है।
  • यह घोषणा जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करते हुए स्थायी अर्थव्यवस्थाओं तथा सभ्य समाजों के निर्माण हेतु न्यायोचित संक्रमण (Justified Transition) को भी बढ़ावा देने की वकालत करती है।

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नागालैंड का हॉर्नबिल फेस्टिवल


1-10 दिसंबर, 2022 के मध्य देश के पूर्वोत्तर राज्य नागालैंड में हॉर्नबिल महोत्सव (Hornbill Festival) के 23वें संस्करण का आयोजन किया गया।

  • इस महोत्सव में कुल 1,40,299 लोगों ने हिस्सा लिया, जिसमें 1,026 विदेशी पर्यटक भी शामिल हुए।
  • हॉर्नबिल महोत्सव का उद्घाटन उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ द्वारा 1 दिसंबर, 2022 को नागालैंड की राजधानी कोहिमा के निकट नागा विरासत गांव 'किसामा' (Kisama) में किया गया था।

हॉर्नबिल फेस्टिवल

  • महोत्सव का उद्देश्य: नागालैंड की समृद्ध संस्कृति को पुनर्जीवित करना व उसकी रक्षा करना तथा इसकी परंपराओं को प्रदर्शित करना।
  • आयोजन का समय: नागालैंड सरकार प्रत्येक वर्ष दिसंबर के पहले सप्ताह में हॉर्नबिल महोत्सव आयोजित करती है।
    • यह महोत्सव नागालैंड के राज्य दिवस के अवसर पर 1 दिसंबर को शुरू होता है, तथा 10 दिनों तक चलने के बाद 10 दिसंबर को समाप्त हो जाता है।
  • आयोजन स्थल: हॉर्नबिल फेस्टिवल, कोहिमा से लगभग 12 किमी. दूर स्थित किसामा (Kisama) के नागा हेरिटेज विलेज (Naga Heritage Village) में आयोजित किया जाता है।
    • हालांकि इसका संगीत समारोह तथा रॉक कॉन्टेस्ट दीमापुर (Dimapur) में आयोजित किया जाता है।
  • आयोजित गतिविधियां: हॉर्नबिल महोत्सव, नृत्य, प्रदर्शन, शिल्प, परेड, खेल, भोजन मेले तथा धार्मिक समारोहों का एक अनूठा मिश्रण है।
  • महत्व: नागालैंड की लगभग सभी जनजातियां इस त्योहार में भाग लेती हैं तथा इसे "त्योहारों का त्योहार" भी कहा जाता है।
    • यह महोत्सव जनजातीय लोगों की संस्कृति और परंपरा को उजागर करता है तथा संघीय भारत में एक अद्वितीय राज्य के रूप में नगालैंड की पहचान को पुष्ट करता है।
  • महोत्सव में हिस्सा लेने वाली 17 जनजातियां: अंगामी (Angami), आओ (Ao), चाकेसांग (Chakhesang), चांग (Chang), दिमासा कचारी (Dimasa Kachari), गारो (Garo), खिआमनियुंगन (Khiamniungan), कोन्याक (Konyak), कूकी (Kuki), लोथा (Lotha), फ़ोम (Phom), पोचरी (Pochury), रेंगमा (Rengma), सांग्तम (Sangtam), सुमी (Sumi), युमचुनग्रू (Yumchungru) तथा ज़ेलियांग (Zeliang)।

पीटी फैक्ट : हॉर्नबिल पक्षी

  • इस महोत्सव का नामकरण हॉर्नबिल पक्षी के नाम पर किया गया है, जो नगालैंड का सबसे श्रद्धेय पक्षी है।
  • ग्रेट हॉर्नबिल, केरल एवं अरुणाचल प्रदेश का राजकीय पक्षी भी है।
  • संरक्षण स्थिति: आईयूसीएन (IUCN) की रेड लिस्ट में सुभेद्य श्रेणी के रूप में वर्गीकृत है,
    • साइट्स (CITES) के परिशिष्ट I के अंतर्गत सूचीबद्ध है; तथा
    • वन्यजीव संरक्षण अधिनियम,1972 की अनुसूची 1 में शामिल है।

सामयिक खबरें आर्थिकी

बहु-राज्य सहकारी समितियां (संशोधन) विधेयक, 2022


7 दिसंबर, 2022 को बहु-राज्य सहकारी समितियां (संशोधन) विधेयक, 2022 (Multi-State Co-operative Societies Act, 2022) लोक सभा में पेश किया गया। विधेयक में 2011 के 97वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम के आलोक में 'बहु-राज्य सहकारी समितियां अधिनियम, 2002' (Multi-State Co-operative Societies Act, 2002) को संशोधित करने का प्रस्ताव किया गया है।

  • वर्ष 2021 में केंद्र सरकार द्वारा पृथक रूप से एक केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय का गठन किया गया, पूर्व में इसके शासनादेशों की देख-रेख कृषि मंत्रालय द्वारा की जाती थी।

सहकारी समितियों के संदर्भ में

  • परिभाषा: अंतर्राष्ट्रीय सहकारी गठबंधन (The International Cooperative Alliance-ICA) द्वारा एक सहकारी समिति को 'सामूहिक स्वामित्त्व वाले तथा लोकतांत्रिक रूप से नियंत्रित उद्यम के माध्यम से अपनी आर्थिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक आवश्यकताओं एवं आकांक्षाओं की पूर्ति हेतु स्वैच्छिक रूप से एकजुट व्यक्तियों के स्वायत्त संघ' के रूप में परिभाषित किया गया है।
  • उद्देश्य: पारस्परिक एवं स्व-सहायता सिद्धांत (Mutualism and Self-help theory) के माध्यम से समाज के गरीब वर्गों की सेवा करना तथा उनके हितों की रक्षा करना।
  • बहु-राज्य सहकारी समितियाँ: संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार सहकारी समितियाँ एक राज्य का विषय मानी जाती हैं। किंतु, अनेक ऐसी सहकारी समितियां हैं जिनके सदस्य एवं संचालन का क्षेत्र एक से अधिक राज्यों में विस्तृत है (उदाहरण: चीनी संघ, दूध संघ तथा दूध बैंक आदि)।
  • कानूनी प्रावधान: इस प्रकार की बहु-राज्य सहकारी समितियों का संचालन करने के लिए MSCS अधिनियम, 2002 पारित किया गया था। वर्तमान विधेयक इसी अधिनियम में संशोधन हेतु लाया गया है।

संवैधानिक प्रावधान

  • संवैधानिक संशोधन: 97वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम के माध्यम से संविधान में भाग IXB को शामिल किया गया था, जिसमें सहकारी समितियों से संबंधित प्रावधान हैं।
  • मूल अधिकार का दर्जा: इसी संशोधन के माध्यम से संविधान के भाग III के अंतर्गत अनुच्छेद 19(1)(c) में 'संघ और संगठन' के पश्चात 'सहकारिता' शब्द को शामिल किया गया था। यह प्रावधान भारतीय नागरिकों को सहकारी समितियाँ बनाने के अधिकार को मौलिक अधिकार (Fundamental Right) का दर्जा प्रदान करता है।
  • राज्य पर उत्तरदायित्व: इसी प्रकार, 97वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम द्वारा ही राज्य के नीति निदेशक तत्त्वों (भाग IV) में 'सहकारी समितियों के प्रचार' के संबंध में एक नए अनुच्छेद 43B को भी शामिल किया गया था।

बहुराज्य सहकारी समितियां (संशोधन) विधेयक-2022 के महत्वपूर्ण प्रावधान

  • सहकारी चुनाव प्राधिकरण: विधेयक के अंतर्गत सहकारी क्षेत्र में 'चुनावी सुधार' (Election reform) लाने के लिए एक 'सहकारी चुनाव प्राधिकरण' (Co-operative election authority) स्थापित करने का प्रस्ताव किया गया है। प्राधिकरण में एक अध्यक्ष, एक उपाध्यक्ष और केंद्र द्वारा नियुक्त किए जाने वाले अधिकतम तीन सदस्य होंगे।
  • एक कोष की स्थापना और समवर्ती लेखापरीक्षा: विधेयक 'बीमार बहु-राज्य सहकारी समितियों' (Sick multi-state co-operative societies) के पुनरुद्धार हेतु 'सहकारी पुनर्वास, पुनर्निर्माण और विकास निधि' (Cooperative Rehabilitation, Reconstruction and Development Fund) की स्थापना से संबंधित एक नई धारा (New Section) को शामिल करने का प्रस्ताव करता है। ऐसी बहुराज्य सहकारी समितियों, जिनका वार्षिक कारोबार केंद्र द्वारा निर्धारित राशि से अधिक होता है, के लिए 'समवर्ती लेखापरीक्षा' (Concurrent audit) के प्रावधान शामिल किए गए हैं।
  • शिकायत निवारण: विधायक में एक अध्याय 'शिकायत निवारण' से संबंधित है। इसमें सदस्यों की शिकायतों की जांच करने के लिए एक निश्चित क्षेत्राधिकार के साथ एक या अधिक 'सहकारी लोकपाल' (Co-operative ombudsman) नियुक्त करने का प्रस्ताव है।
  • लोकपाल की भूमिका: यह प्रस्ताव है कि, लोकपाल शिकायत प्राप्त होने की तारीख से तीन महीने की अवधि के भीतर जांच और अधिनिर्णय की प्रक्रिया को पूरा करेगा, साथ ही लोकपाल द्वारा जांच के दौरान समिति को आवश्यक निर्देश जारी किए जा सकते हैं।
  • मौद्रिक दंड और कारावास: विधेयक में कानून के प्रावधानों का उल्लंघन करने के लिए बहु-राज्य सहकारी समितियों पर मौद्रिक दंड को अधिकतम 1 लाख रुपये तक बढ़ाने का भी प्रस्ताव किया गया है। इसी प्रकार, प्रस्तावित संशोधनों में कारावास की अवधि को वर्तमान में अधिकतम छह माह से बढ़ाकर एक वर्ष तक करने का प्रस्ताव है।
  • सहकारी सूचना अधिकारी: विधेयक के अंतर्गतत बहु-राज्य सहकारी समितियों के सदस्यों एवं मामलों के प्रबंधन की जानकारी प्रदान करने के लिए 'सहकारी सूचना अधिकारी' (Co-operative information officer) की नियुक्ति करने का भी प्रस्ताव है।

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कैक्टस रोपण और इसके आर्थिक उपयोग


8 दिसंबर, 2022 को केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह ने नई दिल्ली में 'कैक्टस रोपण और इसके आर्थिक उपयोग' (Cactus Plantation and it’s Economic Usage) विषय पर एक परामर्श बैठक आयोजित की।

  • बैठक में चिली के राजदूत जुआन अंगुलो एम; मोरक्को दूतावास के मिशन उप प्रमुख एराचिद अलौई मरानी; ब्राजील दूतावास के ऊर्जा प्रभाग की प्रमुख श्रीमती कैरोलिना सैटो तथा ब्राजील दूतावास के कृषि सहायक एंजेलो मौरिसियो भी शामिल हुए।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • बैठक में भूमि संसाधन विभाग (Department of Land Resources-DoLR) को प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के वाटरशेड विकास घटक (WDC-PMKSY) के माध्यम से कम उर्वर भूमि में सुधार करने के लिए अधिकृत किया गया है।
  • ध्यान रहे कि, भारत के भौगोलिक क्षेत्र का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा निम्न स्तर के भूमि की श्रेणी में है। विभिन्न प्रकार के वृक्षारोपण उन गतिविधियों में से एक है जो कम उर्वर भूमि को सुधार करने में सहायता करते हैं। कैक्टस की कृषि को बढ़ावा देने का उद्देश्य भी उपर्युक्त लक्ष्यों के साथ अधिदेशित है।
  • भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (Indian Council of Agricultural Research-ICAR) और शुष्क भूमि क्षेत्रों में कृषि अनुसंधान के लिए अंतर्राष्ट्रीय केंद्र (International Center for Agricultural Research in Dryland Areas-ICARDA) को मध्य प्रदेश में ICARDA के अमलाहा फार्म में भूमि संरक्षण हेतु एक पायलट परियोजना स्थापित करने के कार्य में शामिल किया जा रहा है। इसके अंतर्गत कैक्टस की कृषि को भी बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा।

कैक्टस क्या है?

  • कैक्टस एक जेरोफाइटिक पौधा (Xerophytic plant) है जो अपेक्षाकृत धीमी गति से बढ़ता है।
  • वैश्विक स्तर पर इसका वितरण असमान हैं। इसकी अधिकांश सघनता भूमध्य रेखा के 30 डिग्री उत्तरी एवं 30 डिग्री दक्षिणी अक्षांशों के मध्य पाई जाती है।
  • इस पौधे की प्रजातियों की सर्वाधिक संख्या तथा सघनता (Highest species density) दक्षिण अफ्रीका तथा उपोष्णकटिबंधीय उत्तरी एवं दक्षिणी अमेरिका में है।

कैक्टस के प्रमुख उपयोग क्या हैं?

  • जल संरक्षी: कैक्टस पारंपरिक फसलों की तुलना में जल का 80% कम उपयोग करता है, फिर भी इसके द्वारा व्यापक संख्या में फलों की पैदावार की जाती है।
  • खाद्य उपयोग: उच्च चीनी सामग्री के कारण इसके फलों का उपयोग जैम और जेली बनाने के लिए किया जाता है और शेष फसल का उपयोग मानव उपभोग और पशुओं के चारे के रूप में किया जाता है।
  • ताप सहनशील: इसके अतिरिक्त, यह फसल उच्च ताप सहनशीलता की विशेषताओं से युक्त है, अपनी इस विशिष्ट विशेषता के कारण यह पौधा उच्च तापमान वाली विषम परिस्थितियों के लिए भी अनुकूल माना जाता है।
  • oवर्तमान समय में जब संपूर्ण विश्व जलवायु परिवर्तन के कारण तापमान में होने वाली वृद्धि से निपटने के उपायों की खोज कर रहा है, तो ऐसी स्थिति में यह पौधा व्यापक संभावनाएं प्रकट करता है।
  • कृषक हितैषी: कैक्टस का व्यापक उपयोग जैव ईंधन, भोजन, चारा और जैव उर्वरक उत्पादन में भी किया जा रहा है। उत्पादन की सीमित लागत के कारण इस पौधे को गरीब किसानों के लिए अतिरिक्त रोजगार के साधन तथा उनकी आय में वृद्धि का एक महत्वपूर्ण विकल्प माना जा रहा है।

सामयिक खबरें अंतर्राष्ट्रीय

भारत-बांग्लादेश संयुक्त कार्य समूह की बैठक


5-6 दिसंबर, 2022 के मध्य भारत तथा बांग्लादेश के बीच सुरक्षा और सीमा प्रबंधन पर संयुक्त कार्य समूह (Joint Working Group-JWG) की 18वीं बैठक आयोजित की गई।

  • भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व केन्द्रीय मंत्री पीयूष गोयल तथा गृह मंत्रालय के अपर सचिव द्वारा किया गया। वहीं बांग्लादेश सरकार के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व बांग्लादेश सरकार के अतिरिक्त सचिव ए. के. मुखलेसुर रहमान ने किया।
  • इस बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने सीमा प्रबंधन और सामान्य सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर बातचीत की।

चर्चा के महत्वपूर्ण मुद्दे

  • दोनों देश सुरक्षा और सीमा संबंधी मुद्दों पर आपसी सहयोग को गहरा एवं मजबूत करने पर सहमत हुए।
  • बैठक में भारत-बांग्लादेश सीमा की प्रभावी रखवाली के लिए समन्वित सीमा प्रबंधन योजना (Coordinated Border Management Plan-CBMP) को उसकी भावना में लागू करने पर प्रमुख मुद्दे के रूप में चर्चा की गई।
  • इस दौरान, अंतर्राष्ट्रीय सीमा के 150 गज के भीतर सीमा पर बाड़ लगाने, अवैध क्रॉसिंग, उग्रवाद की जाँच में सहयोग तथा विकास कार्यों जैसे द्विपक्षीय मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
  • आतंकवाद, संगठित अपराध तथा तस्करी की समस्या का सामना करने के उपायों पर भी विचार साझा किए गए।

संबंधों में सुधार हेतु प्रयास

  • पिछले चार दशकों से अधिक समय में दोनों देशों ने अपने राजनीतिक, आर्थिक, व्यापार और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करना जारी रखा है और द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक व्यापक संस्थागत ढांचे का निर्माण किया है।
  • दोनों देश 54 नदियों को साझा करते हैं, जिनमें से गंगा जल के बंटवारे के लिए एक संधि पहले से ही मौजूद है और दोनों पक्ष अन्य नदियों के पानी के बंटवारे के लिए समझौतों को जल्द अंतिम रूप देने की दिशा में कार्यरत हैं।
  • दोनों देश सुंदरबन पारिस्थितिकी तंत्र (Sundarbans Ecosystem) के संरक्षण में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए भी प्रतिबद्ध हैं। यह एक सामान्य जैव विविधता विरासत स्थल है।

भारत बांग्लादेश संबंध

  • राजनीतिक: दिसंबर 1971 में भारत-बांग्लादेश की स्वतंत्रता के तुरंत पश्चात बांग्लादेश को मान्यता देने तथा राजनयिक संबंध स्थापित करने वाले प्रथम देशों में शामिल था।
  • अंतरराष्ट्रीय सहयोग: दोनों देश निम्नलिखित मंचों पर सहयोग करते हैं: सार्क, बिम्सटेक, हिंद महासागर तटीय क्षेत्रीय सहयोग संघ और राष्ट्रमंडल।
  • व्यापार और निवेश: बांग्लादेश दक्षिण एशिया में भारत का सबसे बड़ा व्यापार भागीदार है।
  • रक्षा सहयोग: दोनों देशों के सीमा सुरक्षा बलों, नौसेनाओं तथा वायुसेनाओं के मध्य नियमित रूप से उच्च स्तरीय वार्ताएं आयोजित की जाती हैं।
    • दोनों देश साझा रूप में संप्रीति (सेना) तथा मिलान (नौसेना) युद्धाभ्यास करते हैं।

पीआईबी न्यूज आर्थिक

जीएसटी काउंसिल की 48वीं बैठक


17 दिसंबर, 2022 को जीएसटी काउंसिल की 48वीं बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में आयोजित की गई।

महत्वपूर्ण तथ्य-

  • बैठक में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्रियों और केंद्र सरकार एवं राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। जून 2022 में जीएसटी काउंसिल की 47वीं बैठक हुई थी।
  • 48वीं बैठक में समय कम होने से परिषद में एजेंडा के 15 मदों से 8 बिंदुओं पर ही निर्णय लिया गया है।
  • GST परिषद ने एथिल एल्कोहल पर कर की दर 18% से घटाकर 5% करने का निर्णय लिया और दालों के छिल्कों पर कर की दर 5 प्रतिशत से घटाकर शून्य कर दी गई है।
  • GST परिषद कुछ अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने पर सहमत हो गई है और जीएसटी कानूनों के तहत नकली चालान को छोड़कर किसी भी अपराध में अभियोजन शुरू करने के लिए कर राशि की सीमा को एक करोड़ रुपये से बढ़ाकर दोगुना, यानि दो करोड़ कर दिया गया है।
  • ई-कॉमर्स ऑपरेटरों को अपंजीकृत विक्रेताओं, डीलरों के साथ-साथ संयोजित करदाताओं के उत्पादों की आपूर्ति करने की अनुमति देने का निर्णय लिया है।
  • वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी)- GST पूरे देश के लिए एक अप्रत्यक्ष कर है, जो भारत को एक एकीकृत साझा बाजार बनाता है। जीएसटी के तहत देश में वस्तुओं और सेवाओं पर पांच प्रकार की दरों 0%, 5%, 12%, 18% और 28% का कर लगाया जाता है।
  • GST को 101वां संविधान संशोधन अधिनियम 2016 के तहत संविधान के अनुच्छेद 279A(1) में जोड़ा गया है। भारत में जीएसटी को 1 जुलाई, 2017 से लागू किया गया है।
  • जीएसटी परिषद– 12 सितंबर, 2016 को GST परिषद की स्थापना की गई थी।
  • GST को लागू करने के लिए, 2016 में संसद के दोनों सदनों द्वारा संवैधानिक (122वां संशोधन) विधेयक पारित किया गया था।
  • जीएसटी परिषद को जीएसटी से संबंधित मुद्दों को हल करने के लिए संवैधानिक निकाय के रूप में अधिसूचित किया गया है।
  • यह केंद्र और राज्यों का एक संयुक्त मंच है, जिसे संशोधित संविधान के अनुच्छेद 279A (1) के अनुसार राष्ट्रपति द्वारा स्थापित किया गया था।

पीआईबी न्यूज आर्थिक

एडीबी द्वारा भारत की विकास दर का अनुमान- 7%


14 दिसंबर, 2022 को एशियाई विकास बैंक (एडीबी) द्वारा जारी अपनी नवीनतम रिपोर्ट "एशियन डेवलपमेंट आउटलुक" सप्लीमेंट दिसंबर 2022 में 2022-23 के लिए भारतीय अर्थव्यवस्था की 7% कीविकास दर के अपने पूर्वानुमान कोबरक़रार रखा है।

ADB द्वारा जारी भारत की विकास दर अनुमान -

वित्तीय वर्ष अनुमान

विकास दर

2021-22 में भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर

8.7%

2022-23 में भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर

7%

2023-24 में भारत की वृद्धि दर

7.2%

महत्वपूर्ण आंकड़ें

  • राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2022-23 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में भारतीय अर्थव्यवस्था में 6.3% की वृद्धि हुई
  • भारतीय रिज़र्व बैंक ने 2022-23 में भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर को पहले 7% के पूर्वानुमान को संशोधित कर 6.8% कर दिया था।
  • एडीबी के नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार 2022 (जनवरी-दिसंबर) में एशिया प्रशांत क्षेत्र में विकास दर 4.2% और 2023 में 4.6% रहने की उम्मीद है।
  • एडीबी ने 2022 के लिए चीन की विकास दर को पहले के पूर्वानुमान 3.3% से घटाकर 3% कर दिया है।
  • एशियाई विकास बैंक (एडीबी)- 1963 में इसकी स्थापना की गई थी।इसने 19 दिसंबर, 1966 से 31 सदस्य देशों के साथ काम करना शुरू किया। वर्तमान में इसके 68 सदस्य हैं, जिनमें से 49 सदस्य एशिया और प्रशांत क्षेत्र से हैं और 19 बाहर से हैं।
  • यह एक क्षेत्रीय बहुपक्षीय वित्तीय संस्थान है, जो एशिया और प्रशांत क्षेत्र के देशों पर केंद्रित है।
  • वर्तमान समय में एडीबी अध्यक्ष मसात्सुगु असाकावा हैं|

खेल समाचार विविध

हॉकी वर्ल्ड कप ट्रॉफी का अनावरण


16 दिसंबर, 2022 को केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने नई दिल्ली में ‘हॉकी विश्व कप ट्रॉफी’ का अनावरण किया।

महत्वपूर्ण तथ्य-

  • 5 दिसंबर, 2022 को ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक द्वारा भुबनेश्वर में राष्ट्रव्यापी ट्रॉफी टूर का शुभारंभ किया गया था।
  • यह ट्रॉफी पश्चिम बंगाल, मणिपुर, असम, झारखंड, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, नई दिल्ली, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और छत्तीसगढ़ में जाएगी।
  • 25 दिसंबर को ओडिशा लौटने से पहले यह ट्रॉफी 13 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश की यात्रा करेगी एवं प्रशंसकों तथा जनता को प्रतिष्ठित ट्रॉफी के साथ जुड़ने का मौका मिलेगा।

पुरुष हॉकी विश्व कप-2023

  • विश्व कप की मेजबानी 13 से 29 जनवरी, 2023 तक भुबनेश्वर और राउरकेला द्वारा संयुक्त रूप से की जाएगी।
  • मैच राउरकेला में नवनिर्मित बिरसा मुंडा हॉकी स्टेडियम और भुबनेश्वर के प्रतिष्ठित कलिंगा हॉकी स्टेडियम में खेले जाएंगे।
  • प्रत्येक 4 वर्ष में हॉकी विश्व कप का आयोजन किया जाता है।

पीआईबी न्यूज योजना एवं कार्यक्रम

प्रधानमंत्री विरासत का संवर्द्धन (पीएम विकास) योजना


15 दिसंबर, 2022 को अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय द्वारा ‘प्रधानमंत्री कौशल केंद्र (पीएमकेकेके) कार्यक्रम’ को अब ‘प्रधानमंत्री विरासत का संवर्द्धन’ (पीएम विकास) योजना नाम दिया गया है।

उद्देश्य- कौशल विकास, शिक्षा, महिला नेतृत्व और उद्यमिता के घटकों का उपयोग करके अल्पसंख्यकों, विशेष रूप से कारीगर समुदायों की आजीविका में सुधार करना है।

महत्वपूर्ण तथ्य-

  • यह एकीकृत योजना मंत्रालय की पांच पूर्ववर्ती योजनाओं- सीखो और कमाओ, उस्ताद, हमारी धरोहर, नई रोशनी और नई मंजिल को आपस में जोड़ती है।
  • इस योजना को 15वें वित्त आयोग की अवधि के लिए कैबिनेट द्वारा अनुमोदित किया गया है।

पीआईबी न्यूज विज्ञान-प्रौद्योगिकी

'अग्नि-5 मिसाइल' का सफल परीक्षण


15 दिसंबर, 2022 को भारत ने ओडिशा तट के एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से अग्नि-5 परमाणु-सक्षम बैलिस्टिक मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया।

उद्देश्य- मिसाइल बनाने में इस्तेमाल की गई नई तकनीकों और उपकरणों की जांच करने के लिए यह परीक्षण किया गया ।

महत्वपूर्ण तथ्य-

  • अब यह मिसाइल रात में भी हमला कर सकती है। परमाणु हथियारों को ले जाने में सक्षम यह मिसाइल 5,000 किमी से ज्यादा की रेंज में दुश्मनों को ढेर कर सकती है।
  • यह मिसाइल चीन-पाकिस्तान समेत यूरोप और अफ्रीकी देशों को अपनी जद में लेने में सक्षम है।
  • अग्नि-5 बैलिस्टिक मिसाइल अपने पिछले प्रारूपों की तुलना मेंकम वजनी है। इस मिसाइल में नवीनतम तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।
  • इसका वजन करीब 50 हजार किग्रा है। मिसाइल 1.75 मीटर लंबी है। इसका व्यास 2 मीटर है। यह अपने साथ 1.5 टन वारहेड ले जाने में समर्थ है।
  • यह मिसाइल भारत की सतह से सतह पर मार करने वाली सबसे घातक मिसाइल है। इसे डीआरडीओ और भारत डायनेमिक्स लिमिटेड द्वारा तैयार किया गया है।

अग्नि 5 मिसाइल-

  • अग्नि-5 एकीकृत निर्देशित मिसाइल विकास कार्यक्रम (आईजीएमडीपी) के तहत विकसितसतह से सतह पर मार करने वाली उन्नत बैलिस्टिक मिसाइल है।
  • यह दागो और भूल जाओ मिसाइल है, जिसे इंटरसेप्टर मिसाइल के बिना रोका नहीं जा सकता है।
  • इंटीग्रेटेड गाइडेड मिसाइल डेवलपमेंट प्रोग्राम (IGMDP) डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के दिमाग की उपज है, जिसका उद्देश्य मिसाइल प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाना है।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

भारत जल प्रभाव शिखर सम्मेलन-2022


15 से 17 दिसंबर, 2022 तक केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने नई दिल्ली में 7वें भारत जल प्रभाव शिखर सम्मेलन-2022 (India Water Impact Summit-2022) का शुभारम्भ किया।

थीम- 'बड़ी नदी घाटी में छोटी नदियों की बहाली और संरक्षण'

उद्देश्य- भारत में नदियों और जल निकायों की रक्षा के लिए जल और पर्यावरणीय बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में प्रोत्साहन प्रदान करना|

महत्वपूर्ण तथ्य-

  • तीन दिवसीय शिखर सम्मेलन में देश-विदेश के विशेषज्ञ उन तरीकों पर चर्चा करेंगे, जिनसे बड़ी नदी घाटियों में लगभग विलुप्त होने वाली छोटी नदियों को संरक्षित किया जा सकता है।
  • इस समिट का आयोजन डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर, नई दिल्ली में नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा (NMCG) और सेंटर फॉर गंगा रिवर बेसिन मैनेजमेंट एंड स्टडीज (cGanga) द्वारा किया जा रहा है।
  • शिखर सम्मेलन के 5 विषय विज्ञान और नीति, वित्त और अर्थशास्त्र, प्रौद्योगिकी और नवाचार, अंतरराष्ट्रीय और कार्यान्वयन चुनौतियां हैं।

पीआईबी न्यूज अंतरराष्ट्रीय

भारत, पोलैंड विदेश कार्यालय परामर्श


12 दिसंबर, 2022 को भारत और पोलैंड ने वारसॉ में विदेश कार्यालय परामर्श के 10वें दौर का आयोजन किया गया। इस बैठक में भारत का नेतृत्व विदेश मंत्रालय के सचिव संजय वर्मा ने किया।

महत्वपूर्ण तथ्य

  • दोनों देश नई दिल्ली में पारस्परिक रूप से सुविधाजनक तिथियों पर विदेश कार्यालय परामर्श के अगले दौर के आयोजन पर सहमत हुए।
  • दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार और निवेश संबंधों की क्षमता का उल्लेख किया गया।

संक्षिप्त खबरें सार-संक्षेप चर्चित व्यक्ति

अरबिंदो की 150वीं जयंती


13 दिसंबर, 2022 को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अरबिंदो की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में इस कार्यक्रम में भाग लिया।

महत्वपूर्ण तथ्य-

  • प्रधानमंत्री ने आजादी का अमृत महोत्सव के तत्वावधान में कंबन कलई संगम, पुडुचेरी में आयोजित इस कार्यक्रम में अरबिंदो के सम्मान में एक स्मारक सिक्का और डाक टिकट जारी किया।

अरबिंदो का जीवन परिचय-

  • अरबिंदो घोष का जन्म 15 अगस्त, 1872 को कलकत्ता में हुआ था तथा इनका निधन 5 दिसंबर, 1950 को हुआ। वे एक क्रांतिकारी, राष्ट्रवादी, कवि, शिक्षाविद्, योगी और दार्शनिक थे।
  • मात्र 7 वर्ष की आयु में ये शिक्षा के लिए इंग्लैंड गए। वहां उन्होंने सेंट पॉल स्कूल, लंदन और किंग्स कॉलेज, कैम्ब्रिज में अध्ययन किया। वर्ष 1893 में भारत लौटने पर वे एक राज्य सेवा अधिकारी बन गए।
  • इन्होने तेरह वर्षों तक बड़ौदा की रियासत में महाराजा की सेवा में और बड़ौदा कॉलेज में प्रोफेसर के रूप में कार्य किया।
  • ब्रिटिश शासन से छुटकारा पाने के लिए अरबिंदो की व्यावहारिक रणनीतियों ने उन्हें "भारतीय राष्ट्रवाद के पैगंबर" के रूप में चिह्नित किया।
  • वर्ष 1902 से 1910 तक, उन्होंने भारत को अंग्रेजों से मुक्त करने के संघर्ष में भाग लिया। इनकी राजनीतिक गतिविधियों के कारण इन्हें वर्ष 1908 (अलीपुर बम कांड) में कैद कर लिया गया था।
  • पांडिचेरी में इनके द्वारा आध्यात्मिक साधकों के एक समुदाय की स्थापना की, जिसने वर्ष 1926 में अरबिंदो आश्रम के रूप में स्थान लिया।

संक्षिप्त खबरें सार-संक्षेप युद्धाभ्यास/सैन्य अभियान

संयुक्त सैन्य अभ्यास "काजिंद-2022"


15 से 28 दिसंबर, 2022 तक भारत-कजाकिस्तान संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यास काजिंद-2022 का छठा संस्करण उमरोई, मेघालय में आयोजित किया गया।

उद्देश्य- संयुक्त राष्ट्र शांति प्रवर्तन शासनादेश के तहत सकारात्मक सैन्य संबंध बनाना, एक-दूसरे की सर्वोत्तम प्रथाओं को आत्मसात करना और अर्द्धशहरी/जंगल परिदृश्य में काउंटर टेररिस्ट ऑपरेशन करते हुए एक साथ काम करने की क्षमता को बढ़ावा देना|

महत्वपूर्ण तथ्य-

  • अभ्यास के दौरान, प्रतिभागी संयुक्त योजना, संयुक्त सामरिक अभ्यास, विशेष हथियार कौशल, एचएडीआर और शत्रुतापूर्ण लक्ष्य पर हमला करने से लेकर विभिन्न मिशनों में शामिल हुए।
  • अभ्यास "काज़िन्द"- यह संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण अभ्यास 2016 में अभ्यास प्रबल दोस्तिक के रूप में स्थापित किया गया था, जिसे बाद में कंपनी स्तर के अभ्यास में अपग्रेड किया गया और 2018 में इसका नाम ‘अभ्यास काजिंद’ कर दिया गया।

खेल समाचार विविध

19वें अंतर्राष्ट्रीय जूनियर साइंस ओलंपियाड-2022


2 से 12 दिसंबर, 2022 तक भारत ने कोलंबिया के बोगोटा में आयोजित 19वें अंतरराष्ट्रीय जूनियर साइंस ओलंपियाड (IJSO) 2022 में 6 स्वर्ण पदक जीतकर शीर्ष रैंक हासिल किया है।

महत्वपूर्ण तथ्य-

  • इस प्रतियोगिता में भारत के कुल 6 छात्रों ने हिस्सा लिया और प्रत्येक ने एक-एक स्वर्ण अर्जित किया।
  • इस प्रतियोगिता में 35 देशों के 203 छात्रों ने भाग लिया था।
  • यह लगातार तीसरा वर्ष है तथा कुल मिलाकर चौथा वर्ष है, जिसमे भारत ने "ऑल-गोल्ड" प्रदर्शन किया है।
  • IJSO में कुल 20 स्वर्ण, 42 रजत और 59 कांस्य पदक प्रदान किए गए; जिसमें भारत ने 6 स्वर्ण पदक जीतने वाला एकमात्र देश होने के नाते सर्वश्रेष्ठ टीम का पुरस्कार जीता।
  • भारतीय दल के 3 सदस्यों ने भी प्रायोगिक श्रेणी में संयुक्त रूप से कांस्य पदक जीता।
  • ओलंपियाड कार्यक्रम के लिए होमी भाभा सेंटर फॉर साइंस एजुकेशन (HBCSE) देश का नोडल केंद्र है।
  • भारत के विजेता- अरित्रा मल्होत्रा (दिल्ली), राजदीप मिश्रा (गुजरात), अवनीश बंसल (उत्तराखंड), वासु विजय (राजस्थान), देवेश पंकज (महाराष्ट्र), बनीब्रता मजी (आन्ध्र प्रदेश)।
  • इंटरनेशनल जूनियर साइंस ओलंपियाड के बारे में- यह प्रतियोगिता सोलह वर्ष से कम उम्र के छात्रों के लिए प्राकृतिक विज्ञान में एक वार्षिक व्यक्तिगत और टीम प्रतियोगिता है।
  • यह युवाओं की सामान्य शिक्षा और उनके जीवन के सभी पहलुओं में प्राकृतिक विज्ञान के महत्व को मान्यता देने के लिए स्थापित किया गया है।
  • इसका उद्देश्य वैज्ञानिक प्रयास में उत्कृष्टता की खोज को बढ़ावा देना और पुरस्कृत करना है।

पीआईबी न्यूज योजना एवं कार्यक्रम

टीबी नियंत्रण कार्यक्रम


हाल ही में भारत में प्रत्येक वर्ष 2.6 मिलियन लोगों को प्रभावित करने वाली बीमारी को नियंत्रित करने के लिए मेघालय सरकार को सर्वोत्तम प्रथाओं के लिए पुरस्कृत किया गया है। मेघालय सरकार ने ‘क्षय रोग’ के खिलाफ एक 'जन आंदोलन' अपनाया है|

महत्वपूर्ण तथ्य-

  • भारतं ने डब्ल्यूएचओ के सतत विकास लक्ष्यों से 5 वर्ष पहले 2025 तक प्रत्येक वर्ष 26 लाख से अधिक भारतीयों को प्रभावित करने वाली बीमारी को खत्म करने के लिए एक राष्ट्रीय लक्ष्य रखा है।
  • टीबी उन्मूलन के लिए एक राष्ट्रीय रणनीतिक योजना (2017-25) शुरू की गई है, जो अधिक सामुदायिक जुड़ाव सुनिश्चित करती है।
  • राष्ट्रीय राजधानी में टीबी संक्रमण को समाप्त करने के उद्देश्य से एक राष्ट्रीय कार्यशाला में स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधियों को तपेदिक नियंत्रण, संचार और सामाजिक गतिशीलता में सर्वश्रेष्ठ अभ्यास के लिए पुरस्कार प्रदान किया गया।

पीआईबी न्यूज योजना एवं कार्यक्रम

राष्ट्रीय मातृ स्वास्थ्य कार्यशाला


14 दिसंबर, 2022 को स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री डॉ. भारती प्रवीण पवार द्वारा नई दिल्ली में ‘राष्ट्रीय मातृ स्वास्थ्य कार्यशाला’ का उद्घाटन किया गया।

थीम- “शून्य रोकथाम योग्य मातृ मृत्यु दर के लिए प्रयास” |

महत्वपूर्ण तथ्य-

  • वर्ष 2014 से 2016 के दौरान 130 प्रति लाख जीवित जन्म के मुकाबले वर्ष 2018 से 2020 में 97 प्रति लाख जीवित जन्म में महत्वपूर्ण गिरावट दर्ज की है।
  • इस दौरान, डॉ. पवार ने लेबर रूम के लिए मिडवाइफरी-लेड केयर यूनिट्स (MLCUs) ब्रोशर और स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोटोकॉल पोस्टर का भी अनावरण किया।
  • इस आयोजन में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) के लिए मातृ स्वास्थ्य मार्गदर्शन पुस्तिका और सुमन कम्युनिटी लिंकेज ब्रोशर भी पेश किया गया।
  • प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान" के कार्यान्वयन के लिए डॉक्टर इस अभियान के लिए प्रतिमाह एक दिन की सेवा का वचन देते हैं|
  • सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इस कार्यक्रम के तहत 3.6 करोड़ से अधिक गर्भवती महिलाओं को पूर्व सुविधा प्राप्त हुई है।
  • मातृ स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रयासों और उपलब्धियों के लिए राज्यों को पुरस्कार दिए गए, जिनमे एमएमआर को कम करने के लिए गहन प्रयास हेतु पहला स्थान केरल; जबकि दूसरा महाराष्ट्र का स्थान है|
  • बड़े राज्यों में संस्थागत प्रसव में वृद्धि में पहला स्थान पश्चिम बंगाल; जबकि दूसरा स्थान उत्तर प्रदेश का है|

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

तीन राष्ट्रीय आयुष संस्थान का उद्घाटन


11 दिसंबर, 2022 को पीएम मोदी ने गोवा में 9वीं विश्व आयुर्वेद कांग्रेस के समापन समारोह में गोवा में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान का उद्घाटन किया इस दौरान वर्चुअल माध्यम से गाजियाबाद में राष्ट्रीय यूनानी चिकित्सा संस्थान और दिल्ली में राष्ट्रीय होम्योपैथी संस्थान का भी उद्घाटन किया।

9वीं विश्व आयुर्वेद कांग्रेस की थीम-एक स्वास्थ्य के लिए आयुर्वेद’

महत्वपूर्ण तथ्य-

  • 8-11 दिसंबर, 2022 को केंद्रीय आयुष मंत्रालय द्वारा पणजी में 9वीं विश्व आयुर्वेद कांग्रेस का आयोजन किया गया था।
  • ये संस्थान देश के प्रत्येक नागरिक और प्रत्येक क्षेत्र को सस्ती स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने में मदद करेंगे।

संस्थान

विशेष तथ्य

राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान-

  • अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए) आयुर्वेद का एक शीर्ष संस्थान है, जिसे नई दिल्ली में स्थापित किया जा रहा है।
  • राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान गोवा एआईआईए, नई दिल्ली की शाखा है।

राष्ट्रीय यूनानी चिकित्सा संस्थान

  • राष्ट्रीय यूनानी चिकित्सा संस्थान (एनआईयूएम) की स्थापना 2004 में आयुष मंत्रालय के तहत एक स्वायत्त संस्थान के रूप में बेंगलुरु में की गई थी।
  • राष्ट्रीय यूनानी चिकित्सा संस्थान, गाजियाबाद ,एनआईयूएम बेंगलुरु की शाखाहै। यह उत्तरी भारत में इस तरह का पहला संस्थान होगा।

दिल्ली में राष्ट्रीय होम्योपैथी संस्थान

  • राष्ट्रीय होम्योपैथी संस्थान (एनआईएच), दिल्ली उत्तर भारत में होम्योपैथिक चिकित्सा प्रणाली विकसित करने और स्वास्थ्य देखभाल सुविधाएं प्रदान करने के लिए स्थापित होने वाला अपनी तरह का पहला संस्थान है।
  • यह राष्ट्रीय होम्योपैथी संस्थान, कोलकाता की शाखा है।

पीआईबी न्यूज अंतरराष्ट्रीय

मुद्रा विनिमय सुविधा समझौता


8 दिसंबर, 2022 को भारतीय रिजर्व बैंक ने सार्क देशों के लिए मुद्रा विनिमय सुविधा के तहत मालदीव मौद्रिक प्राधिकरण (मालदीव का केंद्रीय बैंक) के साथ मुद्रा अदला-बदली के एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।

महत्वपूर्ण तथ्य -

  • इस समझौते से मालदीव मौद्रिक प्राधिकरण, आरबीआई से अधिकतम 200 मिलियन डॉलर तक की राशि किस्तों में निकाल सकता है।
  • यह समझौता मालदीव की अल्पावधि के लिए विदेशी मुद्रा की आवश्यकताओं को पूरा करने में मददगार होगा।

दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संघ (सार्क) मुद्रा विनिमय सुविधा

  • भारतीय रिजर्व बैंक की सार्क देशों के लिए ‘मुद्रा विनिमय सुविधा’ 15 नवंबर, 2012 को परिचालन में आई थी।
  • इस सुविधा का उद्देश्य सार्क देशों कीअल्पकालिक विदेशी मुद्रा तरलता आवश्यकताओं या भुगतान संतुलन संकट से निपटने के लिए अल्पकालिक धन व्यवस्था उपलब्ध करना है;जब तकवह देश अपने लिएलंबी अवधि की व्यवस्था नहीं कर लेता।
  • भारतीय रिजर्व बैंक की सार्क मुद्रा विनिमय सुविधा का कोष 2 बिलियन अमरीकी डालर है। वर्तमान में स्वैप सुविधा अमेरिकी डॉलर, यूरो और भारतीय रुपये में उपलब्ध है।
  • यह सुविधा केवल उन सार्क देशों के लिए उपलब्ध है; जिन्होंने भारतीय रिजर्व बैंक के साथ द्विपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
  • सार्क– इसकी स्थापना 8 दिसंबर, 1985 को हुई। इस संगठन का उद्देश्य दक्षिण एशिया में आपसी सहयोग से शांति और प्रगति हासिल करना है|
  • सार्क के 7 सदस्य देश हैं- भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल, भूटान और मालदीव

पीआईबी न्यूज पर्यावरण

तीन औषधीय पौधे IUCN की लाल सूची में शामिल


हाल ही में हिमालय में पाई जाने वाली तीन औषधीय पौधों की प्रजातियों संकटग्रस्त प्रजातियों की IUCN की लाल सूची में शामिल कर लिया गया है।

महत्वपूर्ण तथ्य-

IUCN की लाल सूची में शामिल तीन प्रजातियां-

क्रम

प्रजातियाँ

विशेषताएं

1

मेईज़ोट्रोपिस पेलिटा

  • इसकी पत्तियों से निकाले गए तेल में मजबूत एंटीऑक्सिडेंट होते हैं और यह दवा उद्योगों में सिंथेटिक एंटीऑक्सिडेंट का प्राकृतिक विकल्प हो सकता है।
  • यह आमतौर पर पटवा के रूप में जाना जाता है, यह एक बारहमासी झाड़ी है, जो उत्तराखंड के लिए स्थानिक है।

2

फ्रिटिलारिया सिरोसा

  • यह एक बारहमासी बल्बनुमा जड़ी बूटी है। चीन में इस प्रजाति का उपयोग ब्रोन्कियल विकारों और निमोनिया के इलाज हेतु प्रयोग में लाया जाता है।

3

डैक्टाइलोरिजा हटागिरिया

  • इस प्रजाति को सलामपंजा भी कहा जाता है| इसे पेचिश, जठरशोथ, जीर्ण ज्वर, खांसी और पेट दर्द को ठीक करने के लिए आयुर्वेद, सिद्ध, यूनानी और चिकित्सा की अन्य वैकल्पिक प्रणालियों में इसका बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाता है।
  • यह हिंदूकुश और अफगानिस्तान, भूटान, चीन, भारत, नेपाल और पाकिस्तान के हिमालयी क्षेत्रों के लिये एक बारहमासी कंद प्रजाति है।

संक्षिप्त खबरें सार-संक्षेप युद्धाभ्यास/सैन्य अभियान

इंडिया-इंडो कार्पेट सैन्य अभ्यास


8 से 19 दिसंबर, 2022 तक भारतीय नौसेना और इंडोनेशियाई नौसेना के बीच संचालित होने वाले इंडिया-इंडोनेशिया कोऑर्डिनेटेड पेट्रोल इंडिया-इंडो कार्पेट का 39वां संस्करण आयोजित किया गया, जो पोर्ट ब्लेयर, अण्डमान और निकोबार में संपन्न हुआ।

उद्देश्य- समुद्र में अंतरराष्ट्रीय समुद्री खतरों का मुकाबला करने में दोनों नौसेनाओं के बीच आपसी समझ को मजबूत करना और अंतर-क्षमता को बढ़ाना है।

महत्वपूर्ण तथ्य-

  • भारत के तरफ से आईएनएस करमुक के साथ, एल-58 (स्वदेश निर्मित लैंडिंग क्राफ्ट यूटिलिटी जहाज) और डोर्नियर मैरीटाइम पेट्रोल एयरक्राफ्ट गश्त गतिविधि में हिस्सा लिया था।
  • इंडोनेशियाई पक्ष का प्रतिनिधित्व पट्टिमुरा क्लास कार्वेट के एक कप्तान केआरआई कट न्याक दीन ने किया।

राज्य समाचार गोवा

मोपा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा


11 दिसंबर, 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तरी गोवा के मोपा में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम गोवा के दिवंगत मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर के नाम पर कर दिया है।

  • मनोहर पर्रिकर अक्टूबर 2014 से मार्च 2017 तक केंद्रीय रक्षा मंत्री रहे।उन्हें जनवरी 2020 में मरणोपरांत पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था।
  • मोपा एयरपोर्ट- नवंबर 2016 में पीएम ने मोपा एयरपोर्ट का शिलान्यास किया था। यह राज्य का दूसरा हवाई अड्डा होगा, गोवा का पहला हवाई अड्डा डाबोलिम में है।

पीआईबी न्यूज विज्ञान-प्रौद्योगिकी

स्क्रैमजेट इंजन का हॉट टेस्ट सफलतापूर्वक संपन्न


भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने तमिलनाडु के तिरुनेलवेली जिले के महेंद्रगिरि में ISRO के प्रणोदन अनुसंधान परिसर में स्क्रैमजेट इंजन के हॉट टेस्ट (गर्म परीक्षण) का सफल परीक्षण किया है।

महत्वपूर्ण तथ्य-

  • हॉट टेस्ट (गर्म परीक्षण) प्रणाली, एक उत्पादन परीक्षण है, जिसका उपयोग इंजन के सभी ऑपरेटिंग मापदंडों की जांच करने के लिए किया जाता है कि वे वास्तविक समय में सफलतापूर्वक कार्य करेंगे।

स्क्रैमजेट इंजन

  • स्क्रैमजेट इंजन, रैमजेट इंजन का एक विकसित स्वरूप है, क्योंकि यह हाइपरसोनिक गति पर कुशलतापूर्वक संचालित होता है और सुपरसोनिक दहन की अनुमति देता है। इसलिए इसे सुपरसोनिक दहन रैमजेट या स्क्रैमजेट के रूप में जाना जाता है। यह उड़ान के दौरान वातावरण से ऑक्सीजन लेकर सुपरसोनिक दहन की अनुमति देता है।
  • स्क्रैमजेट इंजन के उड़ान परीक्षण का प्रदर्शन करने वाला भारत चौथा देश है।

खेल समाचार बैडमिंटन

बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर फाइनल्स-2022


11 दिसंबर, 2022 को बैंकाक में पुरुषों के बैडमिंटन के खिलाड़ी विक्टर एक्सेलसेन ने सीजन-एंड वर्ल्ड टूर फाइनल्स में इंडोनेशियाई ऐस एंथोनी गिंटिंग को हराकर पुरुष एकल ख़िताब जीता।

महिला एकल फाइनल-

  • मौजूदा विश्व चैम्पियन जापान की अकाने यामागुची ने ताइवान की ताई जू यिंग को पराजित कर महिला एकल का खिताब जीता।
  • यामागुची ने महिलाओं के एकल फाइनल में 21-18, 22-20 से जीत हासिल की।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

पहली भारत-मध्य एशिया बैठक


6 दिसंबर, 2022 को नई दिल्ली में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों/सुरक्षा परिषदों के सचिवों की पहली भारत-मध्य एशिया बैठक आयोजित की गई।

महत्वपूर्ण तथ्य

  • इस बैठक में सभी नेताओं द्वारा प्रत्येक 2 वर्ष में इसे आयोजित करने का निर्णय लेकर शिखर सम्मेलन तंत्र को संस्थागत बनाने पर सहमति व्यक्त की गई।
  • इस नए तंत्र का समर्थन करने के लिए नई दिल्ली में एक भारत-मध्य एशिया सचिवालय स्थापित किया जाएगा।
  • इस बैठक में मध्य एशियाई देशों से वार्षिक 100 सदस्यीय युवा प्रतिनिधिमंडलों के भारत आने और मध्य एशियाई राजनयिकों के लिए विशेष पाठ्यक्रमों पर भी सहमत हुए।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

गलत सूचना विरोधी परियोजना


हाल ही में गूगल की सहायक जिगसॉ भारत में एक नई गलत सूचना विरोधी परियोजना शुरू करने जा रही है।

उद्देश्य- उस भ्रामक जानकारी को रोकना है, जिसे हिंसा को भड़काने और मौतों के लिए दोषी ठहराया गया है।

महत्वपूर्ण तथ्य-

  • गूगल की पहल ‘प्रीबंकिंग’ वीडियो व्यापक होने से पहले झूठे दावों का मुकाबला करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। इसका उपयोग यूट्यूब प्लेटफॉर्म और अन्य सोशल मीडिया साइटों पर किया जाएगा।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

देश की पहली रीयल-टाइम गोल्ड डिस्पेंसिंग मशीन


हाल ही में ‘गोल्ड्सिका प्राइवेट लिमिटेड द्वारा हैदराबाद में एक गोल्ड एटीएम स्थापित किया है, जो देश की पहली रीयल-टाइम गोल्ड डिस्पेंसिंग मशीन है।

महत्वपूर्ण तथ्य

  • यह भारत और दुनिया का पहला रियल टाइम गोल्ड एटीएम है।
  • एटीएम मशीन 0.5 ग्राम से लेकर 100 ग्राम तक के सिक्के निकालती है। प्रत्येक एटीएम में 5 किलोग्राम तक सोना रखने की क्षमता होती है,
  • इसमें 0.5 ग्राम, 1 ग्राम, 2 ग्राम, 5 ग्राम, 10 ग्राम, 20 ग्राम, 50 ग्राम और 100 ग्राम सहित 8 विकल्प उपलब्ध हैं।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

वर्चुअल ड्रोन ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म


6 दिसंबर, 2022 को सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर द्वारा चेन्नई के अग्नि कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी में ‘वर्चुअल ड्रोन ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म का उद्घाटन किया गया।

महत्वपूर्ण तथ्य

  • इस दौरान चेन्नई स्थित गरुड़ एयरोस्पेस की विनिर्माण इकाई में पहला 1000 नियोजित ड्रोन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस लॉन्च किया और गरुड़ एयरोस्पेस की ड्रोन यात्रा 'ऑपरेशन 777' को भी हरी झंडी दिखाई।
  • इस ड्रोन यात्रा का उद्देश्य देश के 777 जिलों में विभिन्न कृषि उपयोगों के लिए ड्रोन की उपयोगिता के बारे में लोगों को शिक्षित करना है।
  • ड्रोन तकनीक रक्षा, कृषि, बागवानी, सिनेमा के लिए आवश्यक है और कई क्षेत्रों के लिए स्थानापन्न हो सकती है।
  • ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल अवैध खनन को रोकने और कृषि पर व्यापक प्रभाव पैदा कर सकता है।

संक्षिप्त खबरें सार-संक्षेप पुरस्कार/सम्मान

'दिवाली-पावर ऑफ वन' पुरस्कार-2022


5 दिसंबर, 2022 को अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में 4 अनुभवी राजनयिकों और 1 अमेरिकी सांसद को इस वर्ष के वार्षिक 'दिवाली- पावर ऑफ वन' पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

किस लिए मिला- शांतिपूर्ण और सुरक्षित दुनिया की दिशा में काम करने के प्रयासों के लिए|

महत्वपूर्ण तथ्य-

  • यह पुरस्कार सामान्य तौर पर पूर्व स्थाई प्रतिनिधियों या संयुक्त राष्ट्र सचिवालय के पूर्व उच्चाधिकारियों या सदस्य देशों या निवर्तमान अधिकारियों/राजनयिकों आदि को दिया जाता है।
  • यह ऐसे राजनयिकों को दिया जाता है, जिन्होंने सभी के लिए दुनिया को और बेहतर, शांतिपूर्ण तथा सुरक्षित बनाने की दिशा में निस्वार्थ रूप से प्रयास किया है।
  • इस पुरस्कार को 'ऑस्कर ऑफ डिप्लोमेसी' या कूटनीति का ऑस्कर के रूप में भी जाना जाता है|

पुरस्कार विजेता-2022 सूची

क्रम

विजेता

देश

1

काहा इम्नाद्ज़े

जॉर्जिया

2

कीशा मैकगायर

ग्रेनाडा

3

जॉर्जी वेलिकोव पानायोटोव

बुल्गारिया

4

जीन-क्लाउड डो रेगो

बेनिन

5

एलियट लांस एंगेल

अमेरिका

संक्षिप्त खबरें सार-संक्षेप निधन

योगिंदर के. अलघ


6 दिसंबर, 2022 को प्रसिद्ध अर्थशास्त्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री योगिंदर के. अलघ का 83 वर्ष की आयु में अहमदाबाद में निधन हो गया।

महत्वपूर्ण तथ्य-

  • वाई. के. अलघ का जन्म 1939 में चकवाल, वर्तमान पाकिस्तान में हुआ था और इन्होंने राजस्थान विश्वविद्यालय में अध्ययन किया था।
  • अलघ सरदार पटेल इंस्टीट्यूट ऑफ इकोनॉमिक एंड सोशल रिसर्च अहमदाबाद में एक एमेरिटस प्रोफेसर थे। इन्होंने पेन्सिलवेनिया विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की थी।
  • ये दिल्ली में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति भी थे।
  • ये योजना आयोग के सदस्य भी रह चुके हैं। वर्ष 1996-98 के दौरान केंद्रीय योजना और कार्यक्रम कार्यान्वयन, विज्ञान और प्रौद्योगिकी एवं ऊर्जा राज्य मंत्री थे।

संक्षिप्त खबरें सार-संक्षेप युद्धाभ्यास/सैन्य अभियान

संगम अभ्यास


दिसंबर, 2022 में भारतीय नौसेना मार्को और यूएस नेवी सील के बीच संगम अभ्यास का 7वां संस्करणगोवा में आयोजित किया गया।

उद्देश्य- मैरीटाइम स्पेशल ऑपरेशंस के विभिन्न पहलुओं पर विचारों और अनुभवों का आदान-प्रदान करना।

महत्वपूर्ण तथ्य-

  • इस संस्करण में सैन डिएगो, यूएसए स्थित सील टीम फाइव के कर्मी और आईएनएस अभिमन्यु से भारतीय नौसेना मार्को शामिल हुए।
  • संगम अभ्यास विशुद्ध रूप से अमेरिका और भारतीय विशेष बलों के बीच एक द्विपक्षीय अभ्यास है।
  • यह अभ्यास तीन सप्ताह तक किया गया, जिसमें कर्मी मैरीटाइम इंटरडिक्शन ऑपरेशंस, डायरेक्ट एक्शन मिशन, कॉम्बैट फ्री फॉल जंप, स्पेशल हेलीबोर्न ऑपरेशंस और अन्य कौशल अभ्यास किए।

संक्षिप्त खबरें सार-संक्षेप रिपोर्ट एवं सूचकांक

'दिस ईयर, नेक्स्ट ईयर 2022' रिपोर्ट


हाल ही में ग्रुप 'एम' द्वारा जारी 'दिस ईयर, नेक्स्ट ईयर 2022' रिपोर्ट में भारत को वैश्विक स्तर पर 9वें सबसे बड़े विज्ञापन बाजार के रूप में स्थान दिया है।

महत्वपूर्ण तथ्य-

  • रिपोर्ट के अनुसार, भारत में खुदरा मीडिया 2022 में 551 मिलियन डॉलर होने का अनुमान है|
  • टीवी विज्ञापन, जिसका विज्ञापन बाजार हिस्सेदारी में कुल 36% है, इस वर्ष 10.8% बढ़ने की सम्भावना है।
  • ग्रुप 'एम'के वैश्विक अंत-वर्ष के पूर्वानुमान के अनुसार, वर्ष 2023 में भारत ब्राजील को पीछे छोड़कर 8वां सबसे बड़ा विज्ञापन बाजार बन जायेगा।

दुनिया में शीर्ष विज्ञापन बाजार 2022

क्रम
शीर्ष विज्ञापन बाजार वाले देश
1
संयुक्त राज्य अमेरिका
2
चीन
3
जापान
4
यूनाइटेड किंगडम
5
जर्मनी

सामयिक खबरें आर्थिकी

बागवानी क्लस्टर विकास कार्यक्रम


30 नवंबर, 2022 को ‘बागवानी क्लस्टर विकास कार्यक्रम’ (Horticulture Cluster Development Programme) के समुचित क्रियान्वयन के लिए कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया।

  • देश में बागवानी के समग्र विकास को सुनिश्चित करने के लिए ‘बागवानी क्लस्टर विकास कार्यक्रम’ का शुभारंभ केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा 31 मई, 2021 को किया गया था।

योजना के उद्देश्य

  • लक्षित फसलों के निर्यातों में लगभग 20% का सुधार करना;
  • क्लस्टर फसलों की प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाने के लिए क्लस्टर-विशिष्ट ब्रांड (Cluster-Specific Brand) का निर्माण करना; एवं
  • देश में कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य देकर उनकी आय में वृद्धि करना।

मुख्य विशेषताएं

  • नोडल एजेंसी: राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड (National Horticulture Board) को इस केंद्रीय क्षेत्र योजना के कार्यान्वयन के लिए नोडल एजेंसी के रूप में नामित किया गया है।
  • पायलट प्रोजेक्ट: कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने इस योजना के तहत 55 बागवानी समूहों की पहचान की है, जिनमें से 12 बागवानी समूहों को पायलट प्रोजेक्ट के लिए चुना गया है। पायलट प्रोजेक्ट से मिली सीख के आधार पर कार्यक्रम को सभी 55 क्लस्टरों में बढ़ाया जाएगा।
  • कार्यान्वयन ढांचा: इस कार्यक्रम के लिए राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड वित्तीय सहायता प्रदान करेगा।
    • क्लस्टर विकास कार्यक्रम के कार्यान्वयन के लिए प्रत्येक पहचाने गए क्लस्टर में राज्य/केंद्र सरकार द्वारा अनुशंसित एक सरकारी/सार्वजनिक क्षेत्र की इकाई को क्लस्टर डेवलपमेंट एजेंसी (Cluster Development Agency) के रूप में नियुक्त किया जाएगा।
    • क्लस्टर डेवलपमेंट एजेंसी, कार्यक्रम के सुचारु कार्यान्वयन के लिए अपने अधीक्षण में अधिकारियों की एक समर्पित टीम के साथ एक क्लस्टर डेवलपमेंट सेल (Cluster Development Cell) की स्थापना करेगी।
    • जियो टैगिंग: कार्यक्रम के तहत छोटे व सीमांत किसानों को लाभ पहुंचाने, खेतों में लागू की जाने वाली गतिविधियों का पता लगाने, निगरानी उद्देश्य के लिए बुनियादी ढांचे की जियो टैगिंग (Geo Tagging) आदि की आवश्यकता है।
  • योजना की आवश्यकता: क्लस्टर विकास कार्यक्रम को बागवानी समूहों की भौगोलिक विशेषज्ञता का लाभ उठाने एवं प्रीप्रोडक्शन (Preproduction), प्रोडक्शन, लॉजिस्टिक्स, कटाई के बाद प्रबंधन ब्रांडिंग और मार्केटिंग गतिविधियों के एकीकृत एवं बाजार-आधारित विकास (Integrated and Market-Led Development) को बढ़ावा देने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

योजना का महत्व

  • क्लस्टर विकास कार्यक्रम से किसानों को अधिक पारिश्रमिक मिल सकता है।
  • इस कार्यक्रम से लगभग 10 लाख किसानों और मूल्य श्रृंखला (Value Chain )के संबंधित हितधारकों को लाभ हो सकता है।
  • क्लस्टर विकास कार्यक्रम में बागवानी उत्पादों की कुशल एवं समय पर निकासी तथा परिवहन के लिए मल्टीमॉडल परिवहन के उपयोग के साथ अंतिम-मील संपर्कता (Last-Mile Connectivity) का निर्माण करके समग्र बागवानी पारिस्थितिकी तंत्र को बदलने की क्षमता है।
  • इसके माध्यम से बागवानी क्षेत्र में सरकारी एवं निजी निवेश को भी बढाया जा सकता है।

भारत में बागवानी क्षेत्र का विकास

  • उत्पादन: वर्ष 2019-20 के दौरान देश में 25.66 मिलियन हेक्टेयर भूमि पर बागवानी क्षेत्र का अब तक का सर्वाधिक 320.77 मिलियन टन उत्पादन हुआ।
    • वर्ष 2020-21 के पहले अग्रिम अनुमान के अनुसार देश में 27.17 लाख हेक्टेयर भूमि पर बागवानी क्षेत्र का कुल उत्पादन 326.58 लाख मीट्रिक टन रहने का अनुमान है।
  • कृषि जीडीपी में योगदान: बागवानी का देश के कई राज्यों के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान है और कृषि जीडीपी में इसका योगदान 30 प्रतिशत से अधिक है।

एकीकृत बागवानी विकास मिशन

  • शुरुआत: देश में बागवानी क्षेत्र में मौजूद संभावनाओं को साकार करने के लिए कृषि मंत्रालय ‘एकीकृत बागवानी विकास मिशन’ (Mission for Integrated Development of Horticulture- MIDH) नामक केंद्र प्रायोजित योजना को वर्ष 2014-15 से लगातार कार्यान्वित कर रहा है।
  • उत्पादन में वृद्धि: इस मिशन ने खेतों में इस्तेमाल की जाने वाली सर्वोत्तम प्रणालियों को बढ़ावा दिया है, जिसने खेत की उत्पादकता और उत्पादन की गुणवत्ता में काफी सुधार किया है।
  • योगदान: एमआईडीएच के लागू होने से न केवल बागवानी क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता बढ़ी है, बल्कि इसने भूख, अच्छा स्वास्थ्य व देखभाल, ग़रीबी से मुक्ति, लैंगिक समानता जैसे सतत् विकास लक्ष्यों को हासिल करने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड

  • स्थापना: राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड की स्थापना भारत सरकार द्वारा अप्रैल 1984 में डॉ. एम.एस. स्वामीनाथन की अध्यक्षता वाले ‘विनाशवान कृषि उत्पादों पर समूह’ (Group on Perishable Agricultural Commodities) की सिफ़ारिशों के आधार पर की गई थी।
  • उद्देश्य: एनएचबी का मुख्य उद्देश्य बागवानी उद्योग के एकीकृत विकास में सुधार करना तथा फलों एवं सब्जियों के उत्पादन व प्रसंस्करण के समन्वयन व रखरखाव में मदद करना है।
  • मुख्यालय: राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड, सोसाइटी पंजीकरण अधिनियम, 1860 के अंतर्गत एक सोसाइटी के रूप में पंजीकृत है तथा इसका मुख्यालय गुरूग्राम में है।
  • पंजीकृत: इसे कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत एक स्वायत्त संगठन के रूप में स्थापित किया गया था तथा सोसायटी पंजीकरण अधिनियम 1860 के तहत पंजीकृत किया गया था। बाद में इसे हरियाणा पंजीकरण और सोसायटी विनियमन अधिनियम, 2012 के तहत पुनर्पंजीकृत किया गया।

बागवानी क्षेत्र के विकास के लिए क्या किये जाने की आवश्यकता है?

  • बुनियादी ढांचे को बढ़ावा: भारत में बागवानी क्षेत्र, फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान और फसल कटाई के बाद के प्रबन्धन एवं सप्लाई चेन के बुनियादी ढांचे के बीच मौजूद अंतर की वजह से अभी भी काफी चुनौतियों का सामना कर रहा है।
  • सघन बागवानी को बढ़ावा: बागवानी कृषि को अधिक लाभप्रद बनाने के लिये किसानों को परंपरागत खेती की बजाय सघन बागवानी को अपनाना चाहिये। इसके लिये वे वैज्ञानिकों द्वारा विकसित विभिन्न फलों की बौनी किस्मों का इस्तेमाल कर सकते हैं, जैसे- आम की आम्रपाली, अर्का व अरुणा, नींबू की कागज़ी कला, सेब की रेड चीफ, रेड स्पर आदि।

सामयिक खबरें विज्ञान-प्रौद्योगिकी

वैश्विक प्रौद्योगिकी सम्मेलन


29 नवंबर से 1 दिसंबर, 2022 के मध्य नई दिल्ली में वैश्विक प्रौद्योगिकी सम्मेलन (Global Technology Summit-GTS) का 7 वां संस्करण हाइब्रिड प्रारूप (Hybrid Format) में आयोजित किया गया।

सम्मेलन का उद्घाटन भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर द्वारा किया गया। उद्घाटन सत्र में उन्होंने भू-डिजिटल तथा इसके प्रभावों (Geo-digital and its impact) पर चर्चा की।


सम्मेलन के संदर्भ में

  • आरंभ: 2016
  • आयोजन: यह भू-प्रौद्योगिकी पर भारत का वार्षिक रूप से आयोजित किया जाने वाला प्रमुख कार्यक्रम है।
  • आयोजक: इसका आयोजन प्रति वर्ष विदेश मंत्रालय द्वारा कार्नेगी इंडिया के सहयोग से (Ministry of External Affairs in association with Carnegie India) किया जाता है।
  • थीम: इस वर्ष (2022) के सम्मेलन का विषय 'प्रौद्योगिकी की भू-राजनीति' (Geopolitics Of Technology) था।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • तीन दिवसीय सम्मेलन के समय प्रौद्योगिकी, सरकार, सुरक्षा, अंतरिक्ष, स्टार्टअप, डेटा, कानून, सार्वजनिक स्वास्थ्य, जलवायु परिवर्तन, शिक्षाविदों, अर्थव्यवस्था के संदर्भ में प्रौद्योगिकी के अनुप्रयोग तथा भविष्य में इससे संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।
  • GTS 2022 में 50 से अधिक पैनल चर्चाओं का आयोजन किया गया तथा मुख्य भाषणों, पुस्तक विमोचन और अन्य कार्यक्रमों को मिलाकर लगभग 100 से अधिक वक्ताओं ने भाग लिया।
  • सम्मेलन में अमेरिका, सिंगापुर, जापान, नाइजीरिया, ब्राजील, भूटान, यूरोपीय संघ तथा अन्य देशों के मंत्री एवं वरिष्ठ सरकारी अधिकारी भी शामिल हुए।
  • सम्मेलन के आरंभ होने से पूर्व ही दुनिया भर से लगभग 5000 से अधिक प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया। विभिन्न अनुप्रयोगों के लिए कई हजार लोगों ने GTS वेबसाइट का उपयोग किया।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

मनोरंजन मेला “डाकरूम”


4 दिसंबर, 2022 को नई दिल्ली में डाक विभाग के सहयोग से संस्कृति मंत्रालय ने पत्र-लेखन मनोरंजन मेला ‘डाकरूम’ का शुभारंभ किया।

उद्देश्य- इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से कुछ देर के लिये दूरी बनाना तथा भारत में पत्र लिखने की कला को दोबारा जीवित करना।

महत्वपूर्ण तथ्य-

  • इस मनोरंजन-मेले की अवधारणा है, कि बच्चों तथा एक बड़े समुदाय को चिट्ठी लिखने की कला से दोबारा परिचित कराया जाये। इस क्रम में चिट्ठी लिखने की नई, रचनात्मक और आत्मीय शैली को जानना भी था।
  • इस कार्यक्रम में संगीत, थियेटर, नृत्य, स्टैंड-अप कॉमेडी, शॉपिंग, खान-पान तथा डाक विभाग का संवाद आधारित प्रस्तुतीकरण तथा हर आयुवर्ग के लोगों को चिट्ठी लिखने की मनोरंजक प्रक्रिया में संलग्न करना शामिल था।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

बांस क्षेत्र विकास हेतु सलाहकार समूह


हाल ही में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बांस क्षेत्र से संबंधित विभिन्न विकासात्मक योजनाओं को सुव्यवस्थित करने हेतु एक सलाहकार समूह के गठन को स्वीकृति प्रदान कर दी है।

उद्देश्य - बांस क्षेत्र की विकासात्मक वास्तुकला को पुनर्जीवित करने में सहायता करना।

महत्वपूर्ण तथ्य-

  • इस सलाहकार समूह के प्रतिनिधित्व में शिक्षाविद, शोधकर्ता, नवप्रवर्तक, प्रगतिशील उद्यमी, डिजाइनर, किसान नेता, विपणन विशेषज्ञ एवं नीति निर्माता इत्यादि शामिल हैं।
  • केंद्र प्रायोजित योजना के रूप में पुनर्गठित ‘राष्ट्रीय बांस मिशन’ (National Bamboo Mission) को 2018-19 के दौरान प्रारंभ किया गया था।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

मिलेट्स-स्मार्ट न्यूट्रिटिव फूड कॉन्क्लेव


5 दिसंबर, 2022 को केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा नई दिल्ली में ‘मिलेट्स-स्मार्ट न्यूट्रिटिव फूड कॉन्क्लेव’ आयोजित किया गया|

उद्देश्य- बाजरा के निर्यात को बढ़ावा देना|

महत्वपूर्ण तथ्य-

  • इस कॉन्क्लेव का आयोजन वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा अपने शीर्ष कृषि निर्यात संवर्धन निकाय, कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के माध्यम से किया जा रहा है|
  • अंतरराष्ट्रीय बाजरा वर्ष-2023 के पूर्व-लांच कार्यक्रम में होने वाला यह पहला कॉन्क्लेव है।
  • इस कॉन्क्लेव में, भारतीय बाजरा तथा बाजरा आधारित उत्पादों को प्रदर्शित करने के लिए प्रदर्शनी तथा बी2बी बैठकों का भी आयोजन किया गया।
  • बाजरा निर्यात संवर्धन कार्यक्रम का आयोजन भारत द्वारा दिए गए प्रस्ताव को, जिसे 72 देशों द्वारा समर्थन प्रदान किया गया।
  • 5 मार्च, 2021 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 2023 को अंतरराष्ट्रीय बाजरा वर्ष के रूप में मनाये जाने की घोषणा की थी।

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ई-कॉमर्स उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा हेतु रूपरेखा


हाल ही में उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के उपभोक्ता मामलों के विभाग ने ई-कॉमर्स (E-commerce) में फर्जी एवं भ्रामक समीक्षाओं (fake and deceptive reviews) से उपभोक्ता हितों की सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए एक रूपरेखा का शुभारंभ किया।

प्रमुख दिशानिर्देश

  • स्वैच्छिक कार्रवाई: अमेजॉन और फ्लिपकार्ट जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों को अपने प्लेटफॉर्म पर पेश किए जाने वाले उत्पादों एवं सेवाओं से संबंधित सभी सशुल्क उपभोक्ता समीक्षाओं का स्वेच्छा से खुलासा करना होगा।
  • पहचान: समीक्षाओं (Reviews) को भ्रामक(misleading) नहीं होना चाहिए और समीक्षकों की अनुमति के बिना उनकी पहचान का खुलासा नहीं किया जाना चाहिए।
  • खरीदी गई समीक्षा: अगर कोई समीक्षा खरीदी जाती है या समीक्षा लिखने के लिए व्यक्ति को पुरस्कृत किया जाता है, तो उसे स्पष्ट रूप से खरीदी गई समीक्षा (Purchased Review) के रूप में चिह्नित करना होगा।
  • आवेदन पत्र: मानक IS 19000 : 2022, उन सभी संगठनों पर लागू होगा, जो उपभोक्ता समीक्षाओं को ऑनलाइन प्रकाशित करते हैं। इनमें उत्पादों एवं सेवाओं के आपूर्तिकर्ता शामिल होंगे जो अपने ग्राहकों, आपूर्तिकर्ताओं द्वारा अनुबंधित तृतीय पक्षों या स्वतंत्र तृतीय पक्षों से समीक्षा एकत्र करते हैं।
  • परिभाषा: भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा समीक्षाओं को अनुरोधित और अवांछित के रूप में परिभाषित किया गया है। किसी भी संगठन में समीक्षा को संभालने के लिए जिम्मेदार व्यक्ति को समीक्षा प्रशासक कहा जाएगा।
  • समय-सीमा: यदि किसी उत्पाद को 4-5 स्टार रेटिंग मिलती है, तो संगठन को डेटा एकत्र करने वाली अवधि की सूचना देनी होगी।

भारतीय ई-कॉमर्स क्षेत्र

  • वर्ष 2020 में 50 बिलियन डॉलर के कारोबार के साथ, भारत ई-कॉमर्स के लिए 8वां सबसे बड़ा बाजार बन गया है।
  • भारतीय ई-कॉमर्स क्षेत्र वर्ष 2027 में 26.93 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है, जो वित्त वर्ष 2021 में 3.95 बिलियन अमेरिकी डॉलर था।
  • भारत की उपभोक्ता डिजिटल अर्थव्यवस्था (consumer digital economy) के 2030 तक 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर का बाजार बनने की उम्मीद है, जो 2020 में 537.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर थी।
  • व्यावसायिक सेवा कंपनी ग्रांट थॉर्नटन के अनुसार, वर्ष 2025 तक भारत में ई-कॉमर्स का मूल्य 188 बिलियन अमेरिकी डॉलर होने की उम्मीद है।

-कॉमर्स से जुड़ी चुनौतियां

  • ठोस विनियामक प्रणाली का अभाव: भारत में वर्तमान में भी ई-कॉमर्स फर्मों के लिए किसी ठोस विनियामक प्रणाली का अभाव है, इन्हें कई मंत्रालयों द्वारा विनियमित किया जाता है।
  • डेटा की सुरक्षा: ई-कॉमर्स कंपनियों के संबंध में डेटा की निजता (Data Privacy) को लेकर भी सवाल उठाए जाते हैं, कुछ लोगों मानना है कि ये कंपनियां उनका व्यक्तिगत डेटा कलेक्ट कर रही हैं, जो कि चिंता की बात है।
  • असमान प्रतिस्पर्धा: ठोस विनियामक प्रणाली के अभाव की वज़ह से छोटे और मझोले उद्योगों को इन ई-कॉमर्स कंपनियों के साथ असमान प्रतिस्पर्धा की समस्या का सामना भी करना पड़ता है|
  • फेक रिव्यू: ई-कॉमर्स कंपनियों की वेबसाइट पर फेक रिव्यू के बढ़ते मामले भी देखे जाते हैं। यह उपभोक्ताओं के किसी वस्तु को खरीदने के निर्णय को प्रभावित करता है।

भारतीय मानक ब्यूरो (BIS)

  • इसे भारतीय मानक ब्यूरो अधिनियम, 2016 द्वारा स्थापित किया गया है।
  • भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) भारत सरकार के उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के उपभोक्ता मामलों के विभाग के तहत भारत का राष्ट्रीय मानक निकाय है।
  • यह वस्तुओं के मानकीकरण, अंकन और गुणवत्ता प्रमाणन की गतिविधियों के सामंजस्यपूर्ण विकास और उससे जुड़े या प्रासंगिक मामलों के लिए उत्तरदायी है।
  • इसका मुख्यालय नई दिल्ली में है तथा इसके 5 क्षेत्रीय कार्यालय कोलकाता, चेन्नई, मुंबई, चंडीगढ़ और दिल्ली में हैं।

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4500 मेगावाट बिजली की खरीद हेतु योजना


28 नवंबर, 2022 को ऊर्जा मंत्रालय ने शक्ति (SHAKTI- Scheme for Harnessing and Allocating Koyala Transparently in India) नीति के तहत 5 साल के लिए प्रतिस्पर्धी आधार पर ‘4500 मेगावाट की कुल बिजली की खरीद’ (Procurement of Aggregate Power of 4500 MW) नामक योजना का शुभारंभ किया।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • नोडल एजेंसी: पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (Power Finance Corporation) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी 'पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन कंसल्टिंग (Consulting)' को ऊर्जा मंत्रालय द्वारा नोडल एजेंसी के रूप में नामित किया गया है।
  • विद्युत की आपूर्ति: इस योजना के तहत, पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन कंसल्टिंग ने 4500 मेगावाट की आपूर्ति के लिए बोलियां आमंत्रित की हैं और अप्रैल 2023 से विद्युत की आपूर्ति शुरू हो जाएगी।
  • संशोधित बिजली खरीद समझौता: यह पहली बार है कि शक्ति योजना के तहत बोली लगाई जा रही है। साथ ही, इस बोली में मध्यम अवधि के लिए संशोधित बिजली खरीद समझौता (Power Purchase Agreement) का इस्तेमाल किया जा रहा है।
  • महत्व: इस योजना से उन राज्यों को मदद मिल सकती है, जो ऊर्जा की कमी का सामना कर रहे हैं और उत्पादन संयंत्रों को अपनी क्षमता बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।

शक्ति नीति

  • शुभारंभ: शक्ति (स्कीम फॉर हार्नेसिंग एंड अलॉटिंग कोयला ट्रांसपेरेंटली इन इंडिया) नीति की शुरुआत 2017 में वर्तमान और भविष्य के ऊर्जा संयंत्रों को कोयले के बेहतर आवंटन की पूर्ति करने हेतु की गई थी।

उद्देश्य:

  • भारत में सभी थर्मल पावर प्लांटों को कोयले की उपलब्धता सुनिश्चित करना है;
  • कोयले के लाभ अंतिम उपभोक्ताओं तक पहुंचाना;
  • आयातित कोयले पर निर्भरता कम करना और घरेलू उद्योगों को बढ़ावा देना;
  • बिजली उत्पादकों को समन्वित तरीके से ईंधन की आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद करना।

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पीएसएलवी-सी54 के जरिये ईओएस-06 सहित 9 उपग्रहों का प्रक्षेपण


26 नवंबर, 2022 को इसरो ने पीएसएलवी-सी54 से ईओएस-06 (EOS-06) उपग्रह तथा 8 नैनो-उपग्रहों को एक साथ दो अलग-अलग कक्षाओं में सफलतापूर्वक स्थापित किया। यह मिशन सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से पूरा किया गया।

  • यह पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (PSLV) की 56वीं उड़ान तथा PSLV-XL संस्करण की 24वीं उड़ान थी।

EOS-06 उपग्रह

  • यह ओशनसैट श्रृंखला में तीसरी पीढ़ी का उपग्रह है, इसी कारण से इस उपग्रह को ओशनसैट-3.0 (Oceansat-3) का नाम भी दिया गया है, जो एक प्रकार का भू-प्रेक्षण उपग्रह (Earth Observation Satellite) है|
  • EOS-06 उपग्रह में ओशन कलर मॉनिटर (Ocean Color Monitor-3 या OCM-3), सी सरफेस टेम्परेचर मॉनिटर (Sea Surface Temperature Monitor - SSTM), Ku-बैंड स्कैटरोमीटर (SCAT-3) जैसे महत्वपूर्ण पेलोड हैं।

ईओएस-06 के अतिरिक्त 8 अन्य उपग्रह

उपग्रह

संख्या

निर्माता

इसरो नैनो सैटेलाइट-2 (INS-2B)

1

यू आर राव उपग्रह केंद्र/इसरो

आनंद (Anand) नैनो उपग्रह

1

बेंगलुरू स्थिति निजी कंपनी पिक्सेल (Pixxel)

एस्ट्रोकास्ट उपग्रह (Astrocast)

4

अमेरिकी एयरोस्पेस कंपनी स्पेसफ्लाइट (Spaceflight)

थायबोल्ट (Thybolt) उपग्रह

2

भारतीय निजी एयरोस्पेस निर्माता ध्रुव स्पेस लिमिटेड

अन्य महत्वपूर्ण बिंदु

  • आईएनएस-2बी (INS-2B): आईएनएस-2बी नामक नैनो सैटेलाइट भारत और भूटान के मध्य सहयोग मिशन है।
  • आनंद (Anand): यह ‘थ्री एक्सिस स्टेबलाइज़्ड’ (Three Axis Stabilized) नैनो उपग्रह है, जो लघुकृत इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल पेलोड (miniaturized electro-optical payload) के लिए एक प्रौद्योगिकी प्रदर्शक है।
  • एस्ट्रोकास्ट (Astrocast): यह इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) के लिए एक प्रौद्योगिकी प्रदर्शक उपग्रह है।

भू-प्रेक्षण उपग्रह

  • इसरो ने वर्ष 1988 में आई.आर.एस.-1ए को प्रक्षेपित किया था, इसके पश्चात इसरो द्वारा कई सुदूर संवेदन उपग्रहों का प्रमोचन किया गया है।
  • वर्तमान में भारत के पास सबसे बड़ी संख्या में प्रचालनरत सुदूर संवेदन उपग्रहों का समूह है।
  • इनमें रिसोर्ससैट-1 और 2, 2ए, कार्टोसैट-1 एवं 2, 2ए, 2बी, रीसैट-1 एवं 2, ओशनसैट-2, मेघा-ट्रापिक्स, सरल आदि उल्लेखनीय है।
  • इन उपग्रहों से प्राप्त आंकड़ों का प्रयोग विभिन्न अनुप्रयोगों जैसे कृषि, जल संसाधन, शहरी योजना, ग्रामीण विकास, खनिज संभावना, पर्यावरण, वानिकी, समुद्री संसाधन तथा आपदा प्रबंधन में किया जाता है।

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बिहार सरकार की ‘हर घर गंगाजल’ योजना


27 नवंबर, 2022 को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नालंदा जिले के राजगीर से 'हर घर गंगाजल योजना' का शुभारंभ किया। इस योजना को दिसंबर 2019 में बिहार कैबिनेट की मंजूरी प्राप्त हुई थी।

  • इस योजना को राज्य सरकार की ‘जल, जीवन, हरियाली योजना’ के तहत आरंभ किया गया है।
  • योजना के तहत गंगा नदी के अधिशेष जल को दक्षिण बिहार के जल संकट वाले क्षेत्रों (मुख्य रूप से शहरों) में ले जाकर पेयजल के रूप में इस्तेमाल करने की अनूठी परिकल्पना पेश की गई है।
  • योजना के तहत, प्रत्येक व्यक्तिगत लाभार्थी को पेयजल तथा घरेलू उद्देश्यों के लिए प्रतिदिन 135 लीटर (दो बड़ी बाल्टी) गंगा जल प्राप्त होगा।

योजना की शुरुआत क्यों की गई है?

  • धार्मिक और पर्यटन के लिए प्रसिद्ध नालंदा, गया और बोधगया में प्रति वर्ष लाखों देशी-विदेशी पर्यटक आते हैं, किंतु इन शहरों में गर्मियों में पेयजल की कमी हो जाती है।
  • इस परियोजना का उद्देश्य इन्ही दक्षिणी क्षेत्रों में उपचारित गंगा जल की आपूर्ति करना है।

योजना का कार्यान्वयन

  • योजना का पहला चरण 4,000 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ लागू किया जा रहा है। इस चरण के तहत राजगीर, बोधगया तथा गया में लगभग 7.5 लाख घरों में जल की आपूर्ति हेतु बड़े पंपों के माध्यम से हाथीदह (मोकामा के पास) से जल एकत्र किया जाएगा।
  • एकत्रित जल को आरंभ में राजगीर और गया में जलाशयों में संग्रहीत किया जाएगा। तत्पश्चात, इस जल को तीन उपचार एवं शुद्धिकरण संयंत्रों में भेजा जाएगा।
  • इस योजना के तहत राजगीर शहर के 19 वार्डों के करीब 8031 घरों, गया शहर के 53 वार्डों के करीब 75000 घरों और बोधगया शहर के 19 वार्डों के करीब 6000 घरों में शुद्ध पेयजल के रूप में गंगाजल की आपूर्ति की जाएगी। योजना के तहत प्रतिव्य क्ति प्रतिदिन 135 लीटर शुद्ध जल की आपूर्ति का लक्ष्य है।
  • इस परियोजना के दूसरे चरण के वर्ष 2023 में आरंभ होने की संभावना है। इससे नवादा जनपद को गंगा जल प्रदान किया जाएगा।

महत्व

  • यह प्रथम बार है जब देश में गंगा नदी के बाढ़ के अतिरिक्त जल को पेयजल के रूप में परिवर्तित करके लगभग 7.5 लाख लोगों को पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
  • बिहार सरकार की ओर से वर्ष 2051 तक की जनसंख्या वृद्धि का अनुमान लगाते हुए इस परियोजना का निर्माण किया गया है। आने वाले समय में इस परियोजना से लगभग 25 लाख से अधिक लोगों को लाभ प्राप्त होने का अनुमान लगाया गया है।

सामयिक खबरें आर्थिकी

अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों का क्रेडिट-डिपॉजिट अनुपात


28 नवंबर, 2022 को भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने देश के विभिन्न क्षेत्रों के लिए अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों के क्रेडिट-डिपॉजिट अनुपात के संबंध में नवीनतम आंकड़े जारी किये गए।

अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों के ऋण-जमा अनुपात संबंधी तिमाही आंकड़े (Quarterly Statistics on Credit-Deposit Ratios of Scheduled Commercial Banks)

  • इन आंकड़ों के अनुसार भारत के उत्तरी एवं पश्चिमी क्षेत्रों के क्रेडिट-डिपॉजिट अनुपात में वर्ष 2022 में गिरावट आई है, जबकि उत्तर-पूर्वी, पूर्वी, मध्य और दक्षिणी क्षेत्रों में सुधार हुआ है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • 2022 में हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों में सुधार देखा गया है, जबकि पंजाब, चंडीगढ़ और दिल्ली जैसे केंद्रशासित प्रदेश एवं राज्यों में गिरावट देखी गई है।
  • जम्मू एवं कश्मीर तथा लद्दाख केंद्रशासित प्रदेशों ने वर्ष 2022 में क्रेडिट-डिपॉजिट अनुपात में 52.2 प्रतिशत (2021 में 48.9 प्रतिशत) और 36.9 प्रतिशत (2021 में 35.4 प्रतिशत) के साथ बेहतर सुधार किया है।

क्षेत्रवार क्रेडिट-डिपॉजिट अनुपात

क्षेत्र

2021

2022

उत्तरी

78.2 प्रतिशत

77.7 प्रतिशत

उत्तर-पूर्वी

46.1 प्रतिशत

46.4 प्रतिशत

पूर्वी

43.9 प्रतिशत

44.7 प्रतिशत

मध्य

51.3 प्रतिशत

53.1 प्रतिशत

पश्चिमी

78.1 प्रतिशत

77.5 प्रतिशत

दक्षिणी

86.3 प्रतिशत

87.6 प्रतिशत

क्रेडिट-डिपॉजिट अनुपात

  • तात्पर्य: क्रेडिट-डिपॉजिट अनुपात का तात्पर्य बैंकों की संपत्ति और देनदारियों के अनुपात से है। यह अनुपात दर्शाता है कि एक बैंक ने अपने द्वारा जुटाई गई जमाराशियों में से कितना उधार दिया है।
  • उपयोग: इसका उपयोग बैंक के कुल ऋण को प्राप्त कुल जमा राशि से विभाजित करके बैंक की तरलता को मापने के लिए किया जाता है।
  • महत्व: क्रेडिट-डिपॉजिट अनुपात बैंक के वित्तीय स्वास्थ्य का आकलन करने में मदद करता है।
    • इसका उपयोग बैंकिंग विकास में अंतर-राज्यीय असमानताओं और आर्थिक गतिविधियों में बैंकिंग की भूमिका को मापने के लिए एक व्यापक संकेतक के रूप में किया जाता है।
    • इसका निम्न अनुपात दर्शाता है कि बैंक अपने संसाधनों (अर्थात् जमा) का पूर्ण उपयोग नहीं कर रहे हैं। अर्थात यह खराब ऋण वृद्धि को दर्शाता है।
  • ऋणों की गुणवत्ता: क्रेडिट-डिपॉजिट अनुपात बैंक द्वारा जारी किए गए ऋणों की गुणवत्ता को नहीं मापता है। यह उन ऋणों की संख्या को भी नहीं दर्शाता है जो डिफ़ॉल्ट रूप में हैं या उनके भुगतान में चूक हो सकती है।

पीआईबी न्यूज आर्थिक

भारत की जैव-अर्थव्यवस्था


3 दिसंबर, 2022 को केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार पिछले 8 वर्षों में भारत की जैव-अर्थव्यवस्था 2014 में 10 अरब (बिलियन) डॉलर से बढ़कर 2022 में 80 अरब (बिलियन) डॉलर से अधिक हो गई है|

महत्वपूर्ण तथ्य-

  • जम्मू में "जैव विज्ञान और रासायनिक प्रौद्योगिकी में उभरते रुझानों पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन2022" को संबोधित करते हुए, डॉ. जितेंद्र सिंह के द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, बायोटेक स्टार्टअप पिछले 8 वर्षों में बायोटेक स्टार्टअप्स 100 गुना बढ़कर 2014 में 52 विषम स्टार्टअप से 2022 में 5300 से अधिक हो गए हैं।
  • संयुक्त राज्य अमेरिका, ग्रीस, दक्षिण कोरिया, स्कॉटलैंड, सिंगापुर, थाईलैंड, अर्जेंटीना, ब्राजील, मैक्सिको, मलेशिया और वियतनाम जैसे 14 अंतर्राष्ट्रीय प्रतिभागियों ने इस सम्मेलन में भाग लिया|
  • बायोटेक स्टार्टअप पिछले 8 वर्षों में 2014 में 52 विषम स्टार्टअप से 2022 में 100 गुणा बढ़कर 5300 + हो गए हैं|
  • जैव-अर्थव्यवस्था में निवेश 2014 में 10 करोड़ रुपये से बढ़कर 2022 में 4200 करोड़ रुपये हो गया, 400 गुना की इस वृद्धि से 25,000 से अधिक उच्च कुशल रोजगार सृजित हुए|
  • इस सम्मेलन का आयोजन श्री माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय, जम्मू के स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी द्वारा वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसन्धान परिषद – भारतीय समवेत औषधि संस्थानजम्मू और द बायोटेक रिसर्च सोसाइटी ऑफ इंडिया के सहयोग सेकिया गया।

जैव-अर्थव्यवस्था -

  • जैव-अर्थव्यवस्था शब्द भोजन, ऊर्जा, उत्पादों और सेवाओं का उत्पादन करने के लिए नवीकरणीय प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग करने वाली अर्थव्यवस्था को संदर्भित करता है। जैव-अर्थव्यवस्था में उन सभी क्षेत्रों और प्रणालियों को शामिल किया गया है, जो जैविक संसाधनों (जानवरों, पौधों, सूक्ष्म जीवों और व्युत्पन्न बायोमास, जैविक कचरे सहित), उनके कार्यों और सिद्धांतों पर निर्भर हैं।

पीआईबी न्यूज आर्थिक

भारत द्वारा 100 अरब डॉलर प्रेषण प्राप्त


हाल ही में जारी विश्व बैंक की रिपोर्ट "माइग्रेशन एंड डेवलपमेंट ब्रीफ' के अनुसार, भारत को वर्ष 2022 में प्रेषण (Remittance) के रूप में 2021 की तुलना में 12% की वृद्धि के साथ 100 बिलियन डॉलर प्राप्त होने की उम्मीद है।

  • वर्ष 2021 में भारत को प्रेषणमें 89.4 बिलियन डॉलर प्राप्त हुआ था।
  • विश्व बैंक के अनुसार, भारत दुनिया का पहला ऐसा देश है, जिसे विदेशों में प्रवासी कामगारों से 100 अरब डॉलर का प्रेषण प्राप्त हुआ है।
  • भारत दुनिया में प्रेषण का सबसे बड़ा प्राप्तकर्ता था, उसके बाद मेक्सिको (दूसरा स्थान), चीन (तीसरा), मिस्र (चौथा) और फिलीपींस (पांचवां) है ।
  • 2022 में निम्न और मध्यम आय वाले देशों में प्रेषण 5% बढ़कर लगभग 626 बिलियन डॉलर हो गया है।
  • रिपोर्ट के अनुसार, कुल प्रेषण के 23 % हिस्से के साथ, संयुक्त राज्य अमेरिका ने 2020-21 में शीर्ष स्रोत देश के रूप में संयुक्त अरब अमीरात को पीछे कर दिया है।

पीआईबी न्यूज अंतरराष्ट्रीय

अबू धाबी अंतरिक्ष बहस


5 दिसंबर, 2022 को परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में आयोजित ‘अबू धाबी अंतरिक्ष बहस’ में आधिकारिक भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया|

  • भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और यूएई अंतरिक्ष एजेंसी (यूएईएसए) ने वर्ष 2016 में शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए बाहरी अंतरिक्ष की खोज और उपयोग में सहयोग के संबंध में एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे।
  • संयुक्त अरब अमीरात का पहला नैनोसेटेलाइट- 'नायिफ-1' पर्यावरणीय अंतरिक्ष डेटा एकत्र करने के लिए श्रीहरिकोटा से पीएसएलवी द्वारा प्रक्षेपित किया गया था।

राज्य समाचार महाराष्ट्र

देश का पहला दिव्यांग विभाग – महाराष्ट्र


3 दिसंबर, 2022 को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे द्वारा विकलांग व्यक्तियों के कल्याण के लिए एक अलग दिव्यांग विभाग स्थापित करने की घोषणा की गई है|

महत्वपूर्ण तथ्य-

  • सरकार ने इस विभाग को स्थापित करने के लिए 1,143 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। महाराष्ट्र ऐसा विभाग रखने वाला देश कापहला राज्यहोगा
  • हर साल 3 दिसंबर को विकलांग व्यक्तियों के अंतर्राष्ट्रीय दिवस के रूप में मनाया जाता है।
  • यह विभाग हितधारकों के विचारों को ध्यान में रखते हुए विकलांगों के कल्याण के लिए नीतियां तैयार करेगा।
  • 1947 में स्वतंत्रता के समय इसे बॉम्बे राज्य के रूप में जाना जाता था।
  • 1 मई 1960 को बॉम्बे राज्य को मराठी भाषी महाराष्ट्र और गुजराती भाषी गुजरात में विभाजित किया गया था।

खेल समाचार बैडमिंटन

बैडमिंटन एशिया जूनियर चैंपियनशिप-2022


29 नवंबर से 4 दिसंबर 2022 तक थाईलैंड के नॉनथबुरी, में ‘बैडमिंटन एशिया जूनियर चैंपियनशिप-2022 का आयोजन किया गया।

  • भारत ने बैडमिंटन एशिया जूनियर चैंपियनशिप 2022 को 5 पदक-3 रजत और 2 कांस्य पदक के साथ समाप्त किया।
  • उन्नति बैडमिंटन एशिया जूनियर चैंपियनशिप 2022 में 17 वर्ष से कम उम्र के महिला सिंगल्स में पहुंचने वाली पहली भारतीय बन गई हैं।
  • चैंपियनशिप पुरुषों और महिलाओं की अंडर 15 और अंडर 17 वर्ग के लिए आयोजित की गई थी। इसमें एकल, युगल और मिश्रित युगल खिताब शामिल थे।
  • भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ियों ने साल 2018 में भी 5 पदक जीते थे; जबकि, 2019 संस्करण में इन्होंने 2 पदक जीते थे।

भारतीय पदक विजेता सूची -

वर्ग

विजेता

पदक

अडर-17 महिला एकल

उन्नति हुड्डा

रजत पदक

अंडर-15 महिला एकल

अनीश थोप्पानी

रजत पदक

15 पुरुष एकल

ज्ञान दत्तू

कांस्य पदक

अंडर-17 पुरुष युगल

अर्श मोहम्मद और संस्कार सारस्वत

रजत पदक

अंडर-15 पुरुष युगल

ब्योर्न जैसन और आतिश श्रीनिवास पीवी

कांस्य पदक

GK फैक्ट

  • बैडमिंटन एशिया जूनियर चैंपियनशिप पहली बार 1997 में आयोजित किया गया था
  • तब से यह प्रत्येक वर्ष आयोजित किया जा रहा है। कोविड महामारी के कारण वर्ष 2020 और 2021 संस्करण आयोजित नहीं हुआ था।

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डॉ. राजेंद्र प्रसाद


3 दिसंबर, 2022 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद को उनकी 138वीं जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित की।

  • वे एक महान विद्वान, दूरदर्शी, लेखक और वकील होने के साथ-साथ सादगी और ईमानदारी के मिसाल थे।
  • वे एकमात्र ऐसे राष्ट्रपति थे जिन्होंने दो पूर्ण कार्यकाल की सेवायें दी। जिनके लिए 1962 में, उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया था|
  • इनका जन्म बिहार के सीवान जिला के जीरादेई गांव में हुआ था|
  • बिहार के छपरा जिला स्कूल से प्रारंभिक शिक्षा लेने के बाद उन्होंने सिर्फ 18 साल की उम्र में उन्होंने कोलकाता यूनिवर्सिटी की प्रवेश परीक्षा प्रथम स्थान से पास की और फिर कोलकाता के प्रसिद्ध प्रेसीडेंसी कॉलेज में दाखिला लेकर लॉ के क्षेत्र में डॉक्टरेट की उपाधि हासिल की।
  • वे हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, बंगाली एवं फारसी भाषा जानते थे।
  • उन्होंने भारतीय संविधान निर्मात्री सभा के अध्यक्ष के रूप में संविधान के निर्माण प्रक्रिया की सम्पूर्ण देखभाल की, जिसके आधार पर भारत एक प्रभुत्व संपन्न लोकतांत्रिक गणराज्य बना।
  • वर्ष 1917 में स्थानीय किसानों की शिकायतों को दूर करने के लिए डॉ. राजेंद्र प्रसाद महात्मा गांधी के साथ बिहार के चंपारण जिले में गए थे।
  • इन्होंने 1930 के नमक सत्याग्रह और 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लिया।
  • 1946 में, कांग्रेस द्वारा गठित अंतरिम सरकार में डॉ. प्रसाद ने खाद्य और कृषि मंत्री के रूप में शपथ ली।

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अहोम राजा छोलुंग सुकफा


2 दिसंबर, 2022 को नई दिल्ली में प्रख्यात विद्वानों द्वारा महान एकीकरण करने वाले अहोम राजा सुकफा की भूमिका पर प्रकाश डालने के साथ ‘असम दिवस’ मनाया गया|

महत्वपूर्ण तथ्य-

  • सुकफा 13 वीं शताब्दी के महान शासक थे| इन्होने ‘अहोम साम्राज्य’ की नींव रखी थी| अहोम साम्राज्य ने असम पर 6 सदियों तक राज्य किया|
  • सुकफा के शासन और उनके प्रयासों का महत्त्व रखते हुए हर साल 2 दिसंबर का दिन असम दिवस के रूप में मनाया जाता है
  • तत्कालीन विद्वानों की मानें तो सुकफा का ताल्लुक बर्मा से था| ताई जाति के लोग जो बर्मा (वर्तमान में म्यांमार) के उत्तरी इलाके में रहते थे, उन्हें ही अहोम कहा जाता था। ताई राजकुमार चालूंग सुकाफा के नेतृत्व में अहोम ने ब्रह्मपुत्र घाटी में हमला करके यहां अपना साम्राज्य स्थापित कर लिया।

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श्री आर. वेंकटरमन


4 दिसंबर, 2022 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में भारत के पूर्व राष्ट्रपति आर. वेंकटरमन को उनकी जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित की।

  • भारत देश के आठवें राष्ट्रपति आर. वेंकटरमण एक भारतीय वकील, स्वतंत्रता संग्रामी और महान राजनेता रहे है. जिन्होंने देश की राजनीति को अपने जीवन के कई वर्ष दिए हैं|
  • आर. वेंकटरमणका जन्म 4 दिसंबर, 1910 को तमिलनाडु में तंजौर के पास पट्टुकोट्टय के छोटे से गाँव राजमदम में हुआ था
  • सन 1935 में मद्रास उच्च न्यायालय से वकालत शुरू की 1951 के आते आते वे कानून के प्रकांड पंडित के रूप में पहचाने जाने लगे और फिर सुप्रीम कोर्ट में वकील के रूप में अपना कार्य शुरू कर दिया|
  • वकालत के साथ-साथ आर. वेंकटरमणदेश की स्वतंत्रता की लड़ाई में हिस्सा लिया, वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सक्रिय सदस्य बने|
  • वकालत के दौरान आर. वेंकटरमण ने 1942 में भारत की स्वतंत्रता के लिए महात्मा गाँधी जी के साथ ‘भारत छोड़ो आन्दोलन’ में हिस्सा लिया|
  • वर्ष 1944 में ही उन्होंने तमिलनाडु कांग्रेस समिति में श्रमिक प्रभाव का गठन किया और प्रभारी के रूप में कार्य संभाला, कुछ समय बाद ही वे ट्रेड यूनियन लीडर के रूप में स्थापित हो गए|
  • 1949 में उन्होंने श्रमिक कानूनपत्रिका शुरू की थी |
  • रामस्वामी वेंकटरमण का निधन 98 वर्ष की आयु में 27 जनवरी, 2009 को एक लंबी बीमारी के चलते दिल्ली के आर्मी अस्पताल में हुआ था|

संक्षिप्त खबरें सार-संक्षेप पुरस्कार/सम्मान

राष्ट्रीय दिव्यांगजन सशक्तिकरण पुरस्कार


3 दिसंबर, 2022 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा ‘अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस’ के अवसर पर नई दिल्ली में वर्ष 2021 और 2022 के लिये राष्ट्रीय दिव्यांगजन सशक्तिकरण पुरस्कार प्रदान किये गए।

महत्वपूर्ण तथ्य-

  • वर्ष 2021 के लिए 25 और 2022 के लिए 29 व्यक्तियों, संस्थानों तथा संगठनों को उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों तथा दिव्यांग व्यक्तियों के सशक्तिकरण की दिशा में उल्लेखनीय कार्यों के लिए पुरस्कार प्रदान किए गए।
  • ये पुरस्कार सर्वश्रेष्ठ दिव्यांगजन, श्रेष्ठ दिव्यांगजन, श्रेष्ठ दिव्यांग बालक तथा बालिका, दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण की दिशा में कार्य करने वाले सर्वश्रेष्ठ व्यक्ति और सर्वश्रेष्ठ पुनर्वास पेशेवर कार्यकर्ता सहित विभिन्न श्रेणियों में दिए गए।
  • सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण मंत्रालय के अधीन दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग प्रत्येक वर्ष व्यक्तियों, संस्थानों, संगठनों, राज्यों/जिलों आदि को दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के क्षेत्र में किये गये अच्छे कार्यों के लिये ‘राष्ट्रीय दिव्यांगजन सशक्तिकरण पुरस्कार’ देता है।
  • संयुक्त राष्ट्र के एक अनुमान के अनुसार पूरे विश्व में एक अरब से भी अधिक दिव्यांगजन हैं। इसका अर्थ यह हुआ कि विश्व में हर 8वां व्यक्ति किसी न किसी तरह की दिव्यांगता में है।
  • भारत की दो प्रतिशत से अधिक की आबादी दिव्यांग है।

संक्षिप्त खबरें सार-संक्षेप चर्चित दिवस

नौसेना दिवस-2022


4 दिसंबर, 2022 को भारतीय ‘नौसेना दिवस’ पूर्वी नौसेना कमान मुख्यालय विशाखापत्तनम में मनाया गया। भारत के राष्ट्रपति और सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर, द्रौपदी मुर्मू अतिथि के रूप में इस कार्यक्रम में शामिल हुई।

  • यह दिन 1971 के भारत पाकिस्तान युद्ध के दौरान भारतीय नौसेना की भूमिका का सम्मान करने के लिए वर्ष 1972 से प्रत्येक वर्ष मनाया जाता है।
  • इस साल पहली बार नौसेना दिवस समारोह नई दिल्ली के बाहर पूर्वी नौसेना कमान मुख्यालय विशाखापत्तनम में आयोजित किया गया।
  • भारतीय नौसेना द्वारा उत्सव के दौरान एक 'ऑपरेशनल डिमॉन्स्ट्रेशन' के माध्यम से भारत की युद्ध कौशल और क्षमता का प्रदर्शन किया गया।
  • पहली बार नौसेना दिवस 21 अक्टूबर, 1944 को रॉयल इंडियन नेवी द्वारा मनाया गया था| 1971 तक नौसेना दिवस 15 दिसंबर को मनाया जाता था|
  • भारतीय नौसेना की स्थापना 26 जनवरी, 1950 को हुई थी।

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DRI का 65वां स्थापना दिवस समारोह


5 दिसंबर, 2022 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा नई दिल्ली में राजस्व खुफिया निदेशालय (Directorate of Revenue Rntelligence: DRI) के दो दिवसीय 65वें स्थापना दिवस समारोह का उद्घाटन किया गया।

महत्वपूर्ण तथ्य

  • इस अवसर पर निर्मला सीतारमण ने "स्मगलिंग इन इंडिया रिपोर्ट 2021-22" का वर्तमान संस्करण जारी किया।
  • यह रिपोर्ट में तस्करी विरोधी और वाणिज्यिक धोखाधड़ी के क्षेत्र में रुझानों और पिछले वित्तीय वर्ष में डीआरआई के प्रदर्शन और अनुभव से संबंधित है।
  • इस आयोजन में एशिया-प्रशांत क्षेत्र के 22 सीमा शुल्क प्रशासनों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय संगठनों को भी आमंत्रित किया गया है।
  • यह निदेशालय ड्रग्स, सोना, हीरे, इलेक्ट्रॉनिक्स, विदेशी मुद्रा और नकली भारतीय मुद्रा सहित वस्तुओं की तस्करी पर रोक लगाने का कार्य करता है।
  • राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) - इसकी स्थापना 4 दिसंबर, 1957 हुई थी।
  • इसका मुख्यालय नई दिल्ली में है|
  • DRI भारत सरकार के अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) के तत्वावधान में तस्करी विरोधी मामलों पर प्रमुख खुफिया और प्रवर्तन एजेंसी है।
  • यह अंतर्राष्ट्रीय व्यापार से संबंधित वाणिज्यिक धोखाधड़ी और सीमा शुल्क की चोरी से निपटने के लिए भी कार्य करता है।

संक्षिप्त खबरें सार-संक्षेप चर्चित स्थल

सेमेरु ज्वालामुखी


4 दिसंबर, 2022 को इंडोनेशियाई सरकार ने ‘सेमेरु ज्वालामुखीपर चेतावनी को उच्चतम स्तर तक बढ़ा दिया।

महत्वपूर्ण तथ्य-

  • 3 दिसंबर, 2022 को सेमेरु ज्वालामुखी में विस्फोट शुरू हुआ और ज्वालामुखी से निकलने वाला राख का एक स्तंभ 50,000 फीट (15 किमी) की ऊंचाई तक पहुंच गया।
  • पूर्वी जावा प्रांत में स्थित सेमेरु ज्वालामुखी में विस्फोट द्वीप के पश्चिम में भूकम्पों की एक श्रृंखला के बाद हुआ था|
  • माउंट सेमेरू आखिरी बार दिसंबर 2021 में फटा था, इंडोनेशिया पैसिफिक रिंग ऑफ फायर पर स्थित है, जहां महाद्वीपीय प्लेटों के मिलने से उच्च ज्वालामुखी और भूकंपीय गतिविधि होती है।

पीआईबी न्यूज पर्यावरण

वायु गुणवत्ता पैनल


हाल ही में केंद्र सरकार के वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (Air Quality Panel) ने उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा को 1 जनवरी, 2027 से केवल सीएनजी (संपीड़ित प्राकृतिक गैस) और इलेक्ट्रिक ऑटो पंजीकृत करने और 2026 के अंत तक राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में डीजल ऑटो को पूरी तरह से समाप्त करने का निर्देश दिया है।

महत्वपूर्ण तथ्य-

  • वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के अनुसार 1 जनवरी, 2027 से एनसीआर में सिर्फ सीएनजी और ई-ऑटो ही चलेंगे।
  • एनसीआर में दिल्ली, हरियाणा के 14 जिले, उत्तर प्रदेश के 8 जिले और राजस्थान के 2 जिले शामिल हैं।
  • दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR)- दिल्ली एनसीआर में दिल्ली के सभी 11 जिले, हरियाणा (14 जिले) और राजस्थान (2 जिले- अलवर और भरतपुर) उत्तर प्रदेश (8 जिले- मेरठ, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, बागपत, हापुड़, शामली और मुजफ्फरनगर) शामिल हैं।

सामयिक खबरें पर्यावरण

CITES की कॉप-19 बैठक


14 से 25 नवंबर 2022 के मध्य वन्य जीवों और वनस्पतियों की लुप्तप्राय प्रजातियों के अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर अभिसमय (Convention on International Trade in Endangered Species - CITES) के पक्षकारों की 19वीं बैठक (COP19) पनामा में आयोजित की गई।

  • इस सम्मेलन में विभिन्न प्रकार की प्रजातियों के संरक्षण से संबंधित विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा तथा संरक्षण संबंधी पहलों की शुरुआत की गई।

सम्मेलन के मुख्य बिंदु

  • भारत द्वारा प्रस्ताव: भारत द्वारा इस सम्मेलन में सॉफ्टशेल कछुए (Leith’s Softshell Turtle), जयपुर हिल गेको (Jeypore Hill Gecko) तथा रेड-क्राउन्ड रूफ्ड टर्टल (Red-Crowned Roofed Turtle) को CITES के परिशिष्ट II से परिशिष्ट I में स्थानांतरित करने का प्रस्ताव रखा गया था।
    • सॉफ्टशेल कछुए को निल्सोनिया लेथि (Nilssonia leithi) कहा जाता है। जयपुर हिल गेको को साइरटोडैक्टाइलस जेपोरेंसिस (Cyrtodactylus jeyporensis) तथा रेड-क्राउन्ड रूफ्ड टर्टल को बटागुर कचुगा (Batagur kachuga) कहा जाता है। भारत के इस प्रस्ताव को वर्तमान इस बैठक में अपनाया लिया गया है।
  • पैंगोलिन का संरक्षण: पैंगोलिन दुनिया में सबसे ज्यादा तस्करी किये जाने वाला जानवर है, इसको तस्करी से संरक्षित किए जाने से संबंधित पहल की शुरुआत की गई है।
    • 19वें सम्मेलन में भागीदार देशों ने पैंगोलिन के भागों और इसके ‘डेरिवेटिव’ को दवा बनाने के लिए संदर्भित न करने का आग्रह किया है ताकि इस प्रजाति को अवैध शिकार से बचाया जा सके।
  • समुद्री खीरा (Sea Cucumbers): इस सम्मलेन में समुद्री खीरे के अवैध व्यापार पर भी नियंत्रण लगाने का प्रयास किया गया तथा समुद्री खीरे को संकटग्रस्त (threatened) प्रजाति के रूप में वर्गीकृत किया गया।
  • हाथी दांत का व्यापार: CITES की CoP19 बैठक में हाथी दांत के नियंत्रित अंतरराष्ट्रीय व्यापार को फिर से खोलने के प्रस्ताव पर भी मतदान किया गया, जिसमें भारत ने भाग नहीं लिया।
    • हालांकि इस बैठक में हाथी दांत के नियंत्रित व्यापार की अनुमति देने वाला प्रस्ताव विफल हो गया, यह प्रस्ताव नामीबिया, बोत्सवाना, दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे द्वारा लाया गया था ।

वन्य जीवों और वनस्पतियों की लुप्तप्राय प्रजातियों के अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर कन्वेंशन

  • इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वन्य जीवों और वनस्पतियों के नमूनों में अंतरराष्ट्रीय व्यापार से प्रजातियों के अस्तित्व को खतरा नहीं है।
  • इसके अंतर्गत वर्तमान में जानवरों और पौधों की 37, 000 से अधिक प्रजातियों की अलग-अलग श्रेणियों को विभिन्न परिशिष्टों में रखकर सुरक्षा प्रदान की जाती है।
  • यह देशों के बीच बहुपक्षीय अंतरराष्ट्रीय समझौता (संधि) है, जिसे 1963 में IUCN के सदस्यों द्वारा अपनाए गए एक प्रस्ताव के परिणामस्वरूप तैयार किया गया था। 1975 में यह लागू हुआ।
  • इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जंगली जानवरों और पौधों के नमूनों में अंतरराष्ट्रीय व्यापार उनके अस्तित्व के लिए खतरा नहीं हो।
  • CITES सदस्य देशों पर कानूनी रूप से बाध्यकारी (legally binding) है। हालांकि यह राष्ट्रीय कानूनों का स्थान नहीं लेता है। भारत इसका एक हस्ताक्षरकर्ता है और 1976 में CITES कन्वेंशन की पुष्टि भी कर चुका है।

CITES के तीन परिशिष्ट

  • परिशिष्ट I : यह उन प्रजातियों को सूचीबद्ध करता है जिनके विलुप्त होने की संभावना हैं। इन प्रजातियों के व्यापार-नमूनों को केवल असाधारण परिस्थितियों में अनुमति दी जाती है।
  • परिशिष्ट II : वे प्रजातियां हैं जिन्हें विलुप्त होने का खतरा नहीं है, लेकिन अगर व्यापार प्रतिबंधित नहीं है तो संख्या में गंभीर गिरावट हो सकती है। प्रजातियों का व्यापार पूर्व अनुमति से हो सकता है।
  • परिशिष्ट III: इसमें वे प्रजातियां आती हैं जो कम से कम एक ऐसे देश में संरक्षित हों जो एक CITES सदस्य देश हो तथा जिसने उस प्रजाति के अंतरराष्ट्रीय व्यापार को नियंत्रित करने हेतु सहायता मांगी हो।

पीआईबी न्यूज अंतरराष्ट्रीय

बांग्लादेश को 250 मिलियन वित्तपोषण को मंजूरी


2 दिसंबर, 2022 को विश्व बैंक द्वारा बांग्लादेश को ‘पर्यावरण प्रबंधन’ को मजबूत करने और हरित निवेश में निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए 25 करोड़ डॉलर के वित्तपोषण को मंजूरी प्रदान की है।

महत्वपूर्ण तथ्य-

  • इस सहायता से बांग्लादेश पर्यावरणीय संधारणीयता और परिवर्तन परियोजना के सफल कार्यान्वयन से देश को प्रदूषण के प्रमुख मुद्दों से निपटने में मदद मिलेगी।
  • वार्षिक 3,500 मीट्रिक टन ई-कचरा संसाधित हेतु एक ‘ई-कचरा प्रबंधन सुविधा’ स्थापित की जाएगी।
  • 1 मिलियन मीट्रिक टन से अधिक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने में मदद करेगी।
  • परियोजना के अंतर्गत वास्तविक समय में बांग्लादेश की नदियों और लक्षित अंतरराष्ट्रीय नदियों की जल गुणवत्ता की निगरानी शुरू करने के लिए 22 निरंतर सतही जल गुणवत्ता निगरानी स्टेशनों का पहला नेटवर्क भी स्थापित किया जाएगा।
  • यह परियोजना प्रदूषण को बेहतर ढंग से नियंत्रित करने और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए देश के पर्यावरण संस्थानों को मजबूत करेगी।

पीआईबी न्यूज अंतरराष्ट्रीय

वासेनार अरेंजमेंट बैठक


30 नवंबर से 1 दिसंबर, 2022 को आस्ट्रिया की राजधानी वियना में ‘वासेनार अरेंजमेंट’ (डब्ल्यूए) की 26वीं वार्षिक बैठक आयोजित की गई|

उद्देश्य- अपने सदस्य देशों को उन देशों के पारंपरिक हथियारों और दोहरे उपयोग वाली वस्तुओं और प्रौद्योगिकियों के निर्यात से हतोत्साहित करना है, जो वैश्विक शांति के लिए खतरा है।

महत्वपूर्ण तथ्य-

  • भारत को 1 जनवरी, 2023 को एक वर्ष की अवधि के लिए वासेनार अरेंजमेंट (डब्ल्यूए) की अध्यक्षता ग्रहण करेगा। इस बैठक में भारत को अध्यक्षता सौंपी गई|
  • वर्ष 2017 में भारत अपने 42वें सहभागी राज्य के रूप में वासेनार व्यवस्था (डब्ल्यूए) में शामिल हुआ था।
  • वासेनार व्यवस्था- वासेनार व्यवस्था की स्थापना जुलाई 1996 में वासेनार, नीदरलैंड में हुई थी।
  • यह 42 सदस्य देशों की एक स्वैच्छिक निर्यात नियंत्रण व्यवस्था है।
  • सदस्य देश पारंपरिक हथियारों और दोहरे उपयोग वाली वस्तुओं और प्रौद्योगिकियों के हस्तांतरण पर सूचनाओं का आदान-प्रदान करते हैं।

संक्षिप्त खबरें सार-संक्षेप युद्धाभ्यास/सैन्य अभियान

अभ्यास ‘सुदर्शन प्रहार’


भारतीय सेना के सुदर्शन चक्र कोर ने राजस्थान के रेगिस्तान में ‘अभ्यास सुदर्शन प्रहार’ किया।

महत्वपूर्ण तथ्य-

  • यह अभ्यास मल्टीप्लायरों के एकीकरण के माध्यम से लड़ाकू शक्ति के समन्वित अनुप्रयोग पर केंद्रित था|
  • इससे उच्च स्तर के व्यावसायिकता और आक्रामक भावना को प्रदर्शित करने वाले एकीकृत सभी हथियारों के वातावरण में नई युद्ध तकनीकों का अभ्यास किया गया।

संक्षिप्त खबरें सार-संक्षेप नियुक्ति

संजय कुमार


1 दिसंबर, 2022 को संजय कुमार ने नई दिल्ली में ‘स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग के सचिव के रूप में पदभार ग्रहण किया।

  • उन्होंने अनीता करवाल का स्थान लिया| करवाल का कार्यकाल 28 नवंबर, 2022 तक था।
  • इससे पहले संजय कुमार युवा मामले और खेल मंत्रालय के युवा मामले विभाग के सचिव थे। वह 1990 बैच के एक भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी हैं।
  • संजय कुमार ने बिहार में शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव के रूप में भी कार्य के रूप में सेवांए दी हैं।

संक्षिप्त खबरें सार-संक्षेप निधन

राष्ट्रपति जियांग जेमिन


30 नवंबर, 2022 को पूर्व चीनी राष्ट्रपति जियांग जेमिन का 96 वर्ष की आयु में शंघाई में निधन हो गया।

  • जियांग जेमिन 1996 में भारत का दौरा करने वाले पहले चीनी राष्ट्रपतिथे|
  • जियांग वर्ष 1993 से वर्ष 2003 तक चीन के राष्ट्रपति थे।
  • इन्हें वैश्विक व्यवस्था के साथ देश के एकीकरण और विश्व शक्ति के रूप में उच्च स्थिति का श्रेय भी दिया जाता है।

संक्षिप्त खबरें सार-संक्षेप चर्चित दिवस

अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस- 3 दिसम्बर


प्रतिवर्ष 3 दिसंबर को ‘अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस’ मनाया जाता है।

वर्ष 2022 की थीम- "समावेशी विकास के लिए परिवर्तनकारी समाधान: एक सुलभ और न्यायसंगत दुनिया को बढ़ावा देने में नवाचार की भूमिका।

  • इस दिवस की शुरुआत वर्ष 1992 में संयुक्त राष्ट्र महासभा’ के प्रस्ताव 47/3 द्वारा की गई थी।
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, विश्व भर में 1 अरब से अधिक लोग विकलांगता से प्रभावित हैं।

संक्षिप्त खबरें सार-संक्षेप चर्चित दिवस

बीएसएफ का 58वां स्थापना दिवस


1 दिसंबर, 2022 को सीमा सुरक्षा बल (BSF) के 58वें स्थापना दिवस मनाया गया, इस दिन वर्ष 1965 में इस बल का गठन किया गया था।

महत्वपूर्ण तथ्य -

  • बीएसएफ की स्थापना 1965 के भारत पाकिस्तान युद्ध के बाद 1965 में ही की गई थी।
  • यह दुनिया की सबसे बड़ी सीमा सुरक्षा बल है।
  • बीएसएफ को देश की 'रक्षा की पहली पंक्ति' के रूप में भी जाना जाता है।
  • यह 7 केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) में से एक है, जो केंद्रीय गृह मंत्रालय के अंतर्गत आता है।

पीआईबी न्यूज योजना एवं कार्यक्रम

बागवानी क्लस्टर विकास कार्यक्रम


30 नवंबर, 2022 को केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा ‘बागवानी क्लस्टर विकास कार्यक्रम’ (सीडीपी) तैयार किया गया है, जिसके समुचित क्रियान्वयन के लिए केन्द्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की अध्यक्षता में बैठक हुई।

उद्देश्य- देश में कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देना और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य देकर उनकी आय में वृद्धि करना है।

महत्वपूर्ण तथ्य-

  • इस कार्यक्रम की बैठक में देश में बागवानी के समग्र विकास पर ध्यान केंद्रित किया गया।
  • बागवानी कृषि में ऐसी शाखाएं शामिल हैं, जो बगीचे की फसलों, आम तौर पर फलों, सब्जियों और सजावटी पौधों से संबंधित है।
  • सीडीपी का लक्ष्य लक्षित फसलों के निर्यात में लगभग 20% तक सुधार करना और क्लस्टर फसलों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के लिए क्लस्टर-विशिष्ट ब्रांड बनाना है।

पीआईबी न्यूज विज्ञान-प्रौद्योगिकी

ALH Mk-III हेलीकॉप्टर


30 नवंबर, 2022 को भारतीय तटरक्षक उन्नत लाइट हेलीकॉप्टर (ALH) Mk-III स्क्वाड्रन को ICG एयर स्टेशन, चेन्नई में डीजी वीएस पठानिया द्वारा कमीशन किया गया।

महत्वपूर्ण तथ्य

  • यह तमिलनाडु और आंध्र क्षेत्र के सुरक्षा संवेदनशील जल क्षेत्र में भारतीय तट रक्षक की क्षमताओं को एक बल प्रदान करेगा।
  • ALH Mk-III हेलीकॉप्टर, स्वदेशी रूप से हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा विकसित किया गया है।
  • इसमें उन्नत रडार के साथ-साथ इलेक्ट्रो ऑप्टिकल सेंसर, शक्ति इंजन, फुल ग्लास कॉकपिट, उच्च तीव्रता वाली सर्च लाइट, उन्नत संचार प्रणाली, स्वचालित पहचान प्रणाली के साथ-साथ खोज और बचाव होमर सहित अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित किया गया हैं।
  • इस सुविधा से स्क्वाड्रन को समुद्री टोह लेने में मदद करेंगी, और जहाजों से दिन और रात संचालन करते हुए विस्तारित सीमाओं पर खोज और बचाव का संचालन करेंगी।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

हॉर्नबिल महोत्सव


1 दिसंबर, 2022 को उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने नागालैंड की राजधानी कोहिमा के निकट नागा विरासत गांव किसामा में ‘हॉर्नबिल महोत्सव’ के 23वें संस्करण का उद्घाटन किया।

महत्वपूर्ण तथ्य -

  • उपराष्ट्रपति के रूप मेंधनखड़ की यह पहली नागालैंड यात्रा है, इस यात्रा के दौरान सिफी (पारंपरिक नागा टोपी) और अमुला कक्सा (नागा शॉल) देकर इन्हें सम्मानित किया गया।
  • इस मौके पर उपराष्ट्रपति ने हॉर्नबिल महोत्सव के उपलक्ष्य में एक डाक टिकट भी जारी किया।

हॉर्नबिल फेस्टिवल- प्रत्येक वर्ष नागालैंड राज्य के स्थापना दिवस (1 दिसंबर, 1963) के अवसरपर इसका आयोजन किया जाता है।

  • इस महोत्सव की शुरूआत वर्ष 2000 में नागालैंड सरकार द्वारा की गई थी| इसका आयोजन राज्य पर्यटन, कला एवं संस्कृति विभाग, नागालैंड द्वारा किया जाता है|
  • इसका उद्देश्य नागा जनजातियों को आपस में एक दूसरे से परिचित कराना व देश दुनिया को नागा समाज की संस्कृति से रूबरू कराना है।
  • हार्नबिल त्यौहार का यह नाम एक हार्नबिल चिड़िया के नाम पर रखा गया है।
  • इस चिडि़या को नागा जनजाति में पवित्र माना जाता है तथा नागाओं की पौराणिक कथाओं में इसका जिक्र भी मिलता है।
  • हॉर्नबिल उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय अफ्रीका, एशिया और मेलनेशिया (Melanesia) में पाया जाने वाला एक पक्षी है।
  • इस चिड़िया को भारत में ‘धनेश’ के नाम से भी जाना जाता है।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

डिजी यात्रा का शुभारंभ


1 दिसंबर, 2022 को केंद्रीय नागरिक विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने नई दिल्ली में इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से देश के तीन हवाई अड्डों, नई दिल्ली, वाराणसी और बेंगलुरु के लिए डिजी यात्रा का शुभारंभ किया।

महत्वपूर्ण तथ्य-

  • डिजी यात्रा की परिकल्पना हवाई अड्डों पर चेहरे की पहचान प्रौद्योगिकी पर आधारित यात्रियों के संपर्क रहित और निर्बाध आवागमन की सुविधा प्रदान करने के लिए की गई है।
  • इस सुविधा का उपयोग करने के लिए, आधार कार्ड के माध्यम से सत्यापन और एक स्व-छवि कैप्चर का उपयोग करके डिजी यात्रा ऐप पर एक बार पंजीकरण आवश्यक है।
  • पहले चरण में डिजी यात्रा 7 हवाई अड्डों पर शुरू की जाएगी। प्रारंभ में 3 हवाई अड्डों दिल्ली, बेंगलुरु और वाराणसी में शुरू किया गया है, इसके बाद मार्च 2023 तक हैदराबाद, कोलकाता, पुणे और विजयवाड़ा जैसे 4 हवाई अड्डों पर इसकी शुरुआत की जाएगी।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

विश्व की पहले इंट्रा-नेसल वैक्सीन


हाल ही में भारत द्वारा कोविड के लिए विकसित विश्वकीपहली‘इंट्रा-नेसल वैक्सीन’ को 18 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग में आपातकालीन स्थितियों में प्रतिबंधित उपयोग के लिए ‘केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन’ (’Central Drugs Standard Control Organization') से स्वीकृति प्रदान की गई है।

महत्वपूर्ण तथ्य-

  • इस वैक्सीन को प्राथमिक 2 खुराक कार्यक्रम और सजातीय उचित बूस्टर खुराक के लिए 18 वर्ष और उससे अधिक आयु के आपातकालीन स्थितियों में प्रतिबंधित उपयोग के अंतर्गत अनुमोदन प्राप्त हो गया है ।
  • यह वैक्सीन प्री-फ्यूजन स्टेबलाइज्ड स्पाइक प्रोटीन के साथ एक पुनः संयोजक की प्रतिकृति न हो सकने वाली एडेनोवायरस वेक्टरेड वैक्सीन है।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

दिव्य कला मेला 2022’


2 से 7 दिसंबर, 2022 तक सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय देश भर के दिव्यांग उद्यमियों/कारीगरों के उत्पादों और शिल्प कौशल का प्रदर्शन करने के लिए इंडिया गेट, नई दिल्ली में 'दिव्य कला मेला' का आयोजन कर रहा है।

  • यह कार्यक्रम आगंतुकों को जम्मू और कश्मीर एवं पूर्वोत्तर राज्यों सहित देश के विभिन्न भागों के जीवंत उत्पादों, हस्तशिल्प, हथकरघा, एम्ब्रोएडरी के काम और डिब्बाबंद खाद्य पदार्थ आदि को एक साथ देखने का अनुभव प्रदान करेगा।
  • यह मेला सभी के लिए 'वोकल फॉर लोकल' और दिव्यांग शिल्पकारों द्वारा अपने अतिरिक्त संकल्प के से बनाए गए उत्पादों को देखने और खरीदने का अवसर प्रदान करेगा।

संक्षिप्त खबरें सार-संक्षेप युद्धाभ्यास/सैन्य अभियान

संयुक्त अभ्यास ‘अग्नि वारियर देवलाली’


30 नवंबर, 2022 को सिंगापुर सेना एवं भारतीय सेना के बीच एक द्विपक्षीय अभ्यास ‘अग्नि योद्धा’ का 12वां संस्करण, फील्ड फायरिंग रेंज, देवलाली (महाराष्ट्र) में संपन्न हुआ।

  • अभ्यास अग्नि योद्धा के अंतर्गत दोनों देशों के सैन्य बलों ने संयुक्त रूप से फ़ायर पावर का प्रदर्शन एवं निष्पादन किया और इस अभ्यास में दोनों सेनाओं की आर्टिलरी शाखा द्वारा नई पीढ़ी के उपकरणों का उपयोग किया गया।
  • इस अभ्यास में संयुक्त योजना बनाने के अंतर्गत संयुक्त रूप से कंप्यूटर वॉरगेम में दोनों पक्षों ने भागीदारी की।
  • दोनों पक्षों ने संयुक्त प्रशिक्षण चरण के अंतर्गत आला प्रौद्योगिकी और आर्टिलरी ऑब्जर्वेशन सिमुलेटर का उपयोग किया।
  • अभ्यास के अंतिम चरण के दौरान स्वदेशी रूप से निर्मित आर्टिलरी गन और हॉवित्जर तोपों ने हिस्सा लिया।

संक्षिप्त खबरें सार-संक्षेप चर्चित दिवस

विश्व एड्स दिवस


1 दिसंबर, 2022 को केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री डॉ. भारती प्रवीण पवार ने तालकटोरा स्टेडियम नई दिल्ली में विश्व एड्स दिवस समारोह का वर्चुअली उद्घाटन किया।

थीम - इस वर्ष विश्व एड्स दिवस का थीम "समानता" है,

  • विश्व एड्स दिवस, जो 1988 से 1 दिसंबर को प्रत्येक वर्ष विश्व स्तर पर मनाया जा रहा है|
  • वैश्विक औसत 32% के मुकाबले 2010-2021 के बीच वार्षिक नए एचआईवी संक्रमणों में 46% की गिरावट आई है। वैश्विक औसत 52% के मुकाबले एड्स से संबंधित मृत्यु दर में भी 76% की गिरावट आई है।

संक्षिप्त खबरें सार-संक्षेप चर्चित व्यक्ति

‘प्रमुख स्‍वामी महाराज की जयंती


1 दिसंबर, 2022 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था’ (बीएपीएस) के प्रमुख रहे और अक्षरधाम मंदिर का निर्माण कराने वाले ‘स्वामी महाराज’ की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

महत्वपूर्ण तथ्य-

  • 15 दिसंबर, 2022 से 15 जनवरी, 2023 तक गुजरात के अहमदाबाद में एक महीने चलने वाला शताब्दी समारोह भी आयोजित किया जाएगा।
  • स्वामीनारायण के 5वें आध्यात्मिक उत्तराधिकारी के रूप में माने जाने वाले परम पूज्य प्रमुख स्वामी महाराज जी का जन्म दिसंबर 1921 में हुआ था।
  • अक्षरधाम मंदिर गुजरात राज्य के गांधीनगर में स्थित है। यह मंदिर गुजरात के प्रमुख तथा प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में गिना जाता है। यह भक्ति, वास्तुकला, कलाकार्यों ओर प्रदर्शनियों का एक दुर्लभ संयोग है।
  • यह मंदिर 'स्वामीनारायण संप्रदाय' द्वारा बनवाया गया था।

पीआईबी न्यूज अंतरराष्ट्रीय

चौथी भारत-फ्रांस वार्षिक रक्षा वार्ता


26 से 28 नवंबर, 2022 को फ्रांसीसी गणराज्य के सशस्त्र बल मंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू भारत यात्रा पर रहे, दोनों देशों ने चौथी भारत-फ्रांस वार्षिक रक्षा वार्ता की सह-अध्यक्षता की।

महत्वपूर्ण तथ्य-

  • यह फ्रांस के मंत्री के रूप में सेबेस्टियन लेकोर्नू की पहली भारत यात्रा है।
  • उन्होंने कोच्चि में दक्षिणी नौसेना कमान मुख्यालय जाकर भारत के पहले स्वदेशी विमान वाहक आईएनएस विक्रांत को देखा।
  • भारत और फ्रांस के बीच घनिष्ठ और मैत्रीपूर्ण संबंध हैं। वर्ष 1998 में दोनों देशों ने करीबी और बढ़ते द्विपक्षीय संबधों के अलावा अनेक अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर अपने वैचारिक मेल-मिलाप के मद्देनज़र रणनीतिक साझेदारी की।
  • भारत और फ्रांस रक्षा एवं आयुध क्षेत्र में भागीदार हैं, जो दोनों देशों के बीच विभिन्न प्रकार के औद्योगिक सहयोग के ज़रिए भारत की रक्षा क्षेत्र में रणनीतिक स्वायत्तता प्राप्त करने की नीति में योगदान दे रहा है।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

भारत का सारस रेडियो टेलीस्कोप


28 नवंबर, 2022 को ‘नेचर एस्ट्रोनॉमी’ पत्रिका में प्रकाशित पेपर के परिणामों ने दिखाया है कि कैसे शुरुआती ब्रह्मांड से लाइन डिटेक्शन न होने पर भी खगोलशास्त्री असाधारण संवेदनशीलता के साथ शुरुआती आकाशगंगाओं के गुणों का अध्ययन कर सकते हैं।

महत्वपूर्ण तथ्य-

  • भारत का ‘सारस’ रेडियो टेलीस्कोप खगोलशास्त्रियों को ब्रह्मांड के पहले सितारों और आकाशगंगाओं की प्रकृति के बारे में जानकारी देता है|
  • वैज्ञानिकों ने ‘बिग बैंग’ के सिर्फ 20 करोड़ वर्ष, एक अवधि जिसे अंतरिक्षीय प्रभात के रूप में जाना जाता है,के बाद बनी चमकदार रेडियो आकाशगंगाओं के गुणों का निर्धारण किया है|
  • इससे सबसे शुरुआती रेडियो लाउड आकाशगंगाओं जो आमतौर पर बेहद विशाल ब्लैक होल द्वारा संचालित होती हैं, के गुणों के बारे में जानकारी मिली है ।
  • "सारस 3 टेलीस्कोप से मिले परिणाम में पहली बार ऐसा हुआ है कि औसत 21 सेंटीमीटर लाइन का रेडियो ऑब्जर्वेशन सबसे शुरुआती रेडियो लाउड आकाशगंगाओं के गुणों के बारे में जानकारी प्रदान कर सकता है जो आमतौर पर बेहद विशाल ब्लैक होल द्वारा संचालित होती हैं"
  • वैज्ञानिक बेहद पुरानी आकाशगंगाओं के गुणों का अध्ययन इन आकाशगंगाओं के अंदर और उसके आसपास हाइड्रोजन परमाणुओं से विकिरण को देखकर करते हैं, जो कि लगभग 1,420 मेगाहर्ट्ज की आवृत्ति पर उत्सर्जित होती है।
  • मार्च 2020 में अपनी अंतिम तैनाती के बाद से, सारस 3 को अपग्रेड की एक श्रृंखला से गुजारा गया है। इन सुधारों से 21-सेमी सिग्नल का पता लगाने की दिशा में और भी अधिक संवेदनशीलता प्राप्त होने की उम्मीद है। वर्तमान में, सारस टीम अपनी अगली तैनाती के लिए भारत में कई जगहों का आकलन कर रही है।

पीआईबी न्यूज योजना एवं कार्यक्रम

हर घर गंगाजल योजना


27 नवंबर, 2022 को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा राजगीर और गया में ‘हर घर गंगाजल परियोजना’ का शुभारंभ किया गया| यह राज्य के सूखे क्षेत्रों में नल से गंगा जल उपलब्ध कराने की एक अनूठी और महत्वाकांक्षी पहल है, जो नदी के किनारे नहीं हैं।

उद्देश्य- राज्य के शुष्क क्षेत्रों में नलों पर पवित्र नदी का पानी उपलब्ध कराना ।

महत्वपूर्ण तथ्य-

  • यह योजना मानसून बाढ़ के मौसम के दौरान गंगा में अतिरिक्त पानी का संचयन करेगी, जिसे राजगीर, गया और बोधगया क्षेत्रों में उपचारित, संग्रहीत और पाइप लाइन शुरू किया जाएगा, जो लंबे समय से आसपास के जिलों के पीने के पानी के टैंकरों पर निर्भर हैं।
  • नालंदा जिले के राजगीर में 4,000 करोड़ रुपये की 'हर घर गंगाजल' योजना का उद्घाटन किया, यहाँ सभी धर्मों के धार्मिक स्थलों के लिए अपनी सरकार के कार्य को भी सूचीबद्ध किया: जिसमें हिंदू, मुस्लिम, जैन और बौद्ध है।
  • इस गंगा जल आपूर्ति योजना (GWSS) के तहत, राजगीर, गया और बोधगया के लगभग 7.5 लाख घरों को 28 नवंबर से पाइप के माध्यम से नदी का उपचारित पानी मिलेगा।
  • परियोजना के हिस्से के रूप में, गंगा नदी के बाढ़ के पानी को राजगीर, गया और बोधगया में संग्रहीत, उपचारित और आपूर्ति की जाएगी।
  • जीडब्ल्यूएसएस उपचारित पानी की आपूर्ति करके इन क्षेत्रों में पीने के पानी की मांग को पूरा करेगा।

पीआईबी न्यूज विज्ञान-प्रौद्योगिकी

PSLV-C54 रॉकेट


26 नवंबर,2022 को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (पीएसएलवी) ने आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से C-54 और 8 नैनो उपग्रहों को सफलतापूर्वक लॉन्च किया।

उद्देश्य- परिचालन अनुप्रयोगों को बनाए रखने के लिए समुद्र के रंग और पवन वेक्टर डेटा की निरंतरता सुनिश्चित करना।

महत्वपूर्ण तथ्य-

  • भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने अपने विश्वसनीय रॉकेट पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (PSLV) की सहायता से ओशियन-सैट-3 सहित 9 उपग्रहों को प्रक्षेपित कर अपनी-अपनी कक्षाओं में सफलता से स्थापित किया। वर्ष 2022 के लिए यह इसरो का 5वां और अंतिम मिशन था।
  • यह इसरो के ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान की 56वीं और PSLV-XL संस्करण की 24वीं उड़ान है।
  • ओशियन-सैट को 742 किमी ऊंचाई पर पहुंचाने के बाद रॉकेट नीचे की ओर लाया गया और बाकी 8 उपग्रह 513 से 528 किमी पर स्थापित किए गए।
  • ISRO ने PSLV C54/EOS06 लॉन्च किया, इसे ओशनसैट-3 के नाम से भी जाना जाता है।
  • पहली बार दो कक्षाओं में उपग्रह प्रक्षेपित किए गए। इसमें ऑर्बिट चेंज थ्रस्टर्स (ओसीटी) उपयोग हुए।
  • इस उपग्रह से प्राप्त विशिष्ट डेटा सरकारी विभागों द्वारा उपयोग किया जाएगा।
  • 4 अमेरिकी उपग्रह- एस्ट्रोकास्ट के रूप में तकनीकी के प्रदर्शन के लिए अमेरिका की स्पेसफ्लाइट की ओर से चार उपग्रह भेजे गए। यह इंटरनेट ऑफ थिंग्स तकनीक में उपयोग होंगे। कुल वजन 17.92 किलोग्राम था।
  • भूटान का उपग्रह : मिशन में भूटान का नैनो सैटेलाइट INS-2B शामिल है, यह 18.28 किलोग्राम वजनी था।
  • इसमें दो उपकरण नैनो एमएक्स और APRS-डिजिपीटर हैं।
  • इन्हें भूटान और बंगलूरू के यूआर राव उपग्रह केंद्र द्वारा तैयार किया गया है।