त्रिपक्षीय तटरक्षक अभ्यास 'दोस्ती'


मालदीव, भारत और श्रीलंका के द्विवार्षिक त्रिपक्षीय तटरक्षक अभ्यास 'दोस्ती' का 15वां संस्करण 20 से 24 नवंबर, 2021 तक मालदीव में सम्पन्न हुआ।

  • भारत, मालदीव और श्रीलंका के तट रक्षकों ने अंतरसंचालनीयता बढ़ाने के लिए पांच दिवसीय सैन्य अभ्यास किया।
  • भारत-मालदीव-श्रीलंका त्रिपक्षीय अभ्यास 'दोस्ती' का उद्देश्य दोस्ती को और मजबूत करना, आपसी परिचालन क्षमता को बढ़ाना और अंतरसंचालनीयता का अभ्यास करना और मालदीव, भारत और श्रीलंका के तट रक्षकों के बीच सहयोग को मजबूत करना है।
  • अभ्यास दोस्ती 1991 में भारतीय और मालदीव तटरक्षक बल के बीच शुरू की गई थी। श्रीलंका पहली बार 2012 में इस अभ्यास में शामिल हुआ था।

'दक्षिण शक्ति' अभ्यास


थल सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे ने जैसलमेर में आयोजित सैन्य अभ्यास 'दक्षिण शक्ति' का अवलोकन किया, जिसमें थल सेना और वायु सेना ने भाग लिया।

  • यह अभ्यास 20 से 26 नवंबर, 2021 तक जैसलमेर के रेगिस्तान में संपन्न हुआ।
  • T-72, T-90 के साथ-साथ सेना के विजयंत टैंक और वायु सेना के 'ध्रुव' और रुधा हेलीकॉप्टर और जगुआर लड़ाकू विमान ने संयुक्त अभ्यास में भाग लिया।
  • इस अभ्यास का उद्देश्य सशस्त्र बलों, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के स्कंध (wings) के बीच सर्वोत्तम समन्वय स्थापित करना है।
  • इस अभ्यास में नौसेना, वायु सेना, तटरक्षक बल, बीएसएफ के साथ-साथ स्थानीय प्रशासन और पुलिस भी शामिल थे। इस दौरान खुफिया ऑपरेशन भी किए गए।

भारत-थाईलैंड समन्वित गश्ती का 32वां संस्करण


  • 12 से 14 नवंबर, 2021 तक भारतीय नौसेना और रॉयल थाई नौसेना के बीच ‘भारत-थाईलैंड समन्वित गश्ती का 32वां संस्करण’ आयोजित किया गया।
  • भारतीय नौसेना के जहाज ‘आईएनएस कर्मुक’, जो एक स्वदेश निर्मित मिसाइल कार्वेट है, ने इस समन्वित गश्ती में भाग लिया।
  • दोनों देशों के बीच समुद्री संबंधों को मजबूत करने की दिशा में और हिंद महासागर के इस महत्वपूर्ण हिस्से को अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए सुरक्षित रखने के उद्देश्य से दोनों नौसेनाएं 2005 से अपनी ‘अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा’ के साथ द्वि-वार्षिक समन्वित गश्ती कर रही हैं।
  • यह तस्करी, अवैध अप्रवास की रोकथाम और समुद्र में खोज और बचाव संचालन के लिए सूचनाओं के आदान-प्रदान द्वारा अभियानगत तालमेल को बढ़ाने में मदद करता है।

अभ्यास 'प्रस्थान'


पश्चिमी नौसेना कमान के मुख्यालय के तत्वावधान में 16 नवंबर, 2021 को मुंबई से दूर अपतटीय विकास क्षेत्र (ODA) में 'प्रस्थान' कोड-नाम से एक अपतटीय सुरक्षा अभ्यास आयोजित किया गया।

  • हर छ: महीने में आयोजित होने वाला यह अभ्यास अपतटीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है।
  • इसका उद्देश्य अपतटीय विकास क्षेत्रों में विभिन्न प्रकार की आकस्मिक घटनाओं पर एसओपी और कार्रवाइयों को बेहतर करने में भारतीय नौसेना, भारतीय वायु सेना, तटरक्षक बल, ओएनजीसी, पोर्ट ट्रस्ट, सीमा शुल्क, राज्य मत्स्य पालन विभाग और समुद्री पुलिस सहित सभी समुद्री हितधारकों के प्रयासों को एकीकृत करना है।
  • अभ्यास मुंबई के पश्चिम में लगभग '94 एनएम स्थित ओएनजीसी के एमएचएन प्लेटफॉर्म' पर आयोजित किया गया था।

अभ्यास 'शक्ति 2021'


  • भारत - फ्रांस संयुक्त सैन्य अभ्यास 'शक्ति 2021' (Excercise 'SHAKTI 2021') का छठा संस्करण 15 से 26 नवंबर, 2021 तक फ्रांस के फ्रेजस में आयोजित किया जा रहा है।
  • गोरखा राइफल्स इन्फैंट्री बटालियन की एक प्लाटून इस द्विपक्षीय अभ्यास में भारतीय सेना का प्रतिनिधित्व कर रही है।
  • छठी लाइट आर्मर्ड ब्रिगेड (6th Light Armoured Brigade) की '21वीं मरीन इन्फैंट्री रेजिमेंट' (21st Marine Infantry Regiment) के सैनिकों द्वारा फ्रांसीसी पक्ष का प्रतिनिधित्व किया जा रहा है।
  • गोरखा राइफल्स दल की भारतीय टुकड़ी के पास 68 वर्षों का गौरवशाली इतिहास है। 1971 के युद्ध में उनके योगदान को 'बैटल ऑनर शिंगो रिवर वैली' (Battle Honour SHINGO River Valley) और जम्मू-कश्मीर के थिएटर ऑनर ने मान्यता दी है।
  • अभ्यास शक्ति संयुक्त राष्ट्र के तहत अर्ध- शहरी इलाके की पृष्ठभूमि में आतंकवाद विरोधी अभियानों पर ध्यान केंद्रित करेगा, जिसका उद्देश्य दोनों सेनाओं के बीच सैन्य सहयोग और अंतर-संचालन को बढ़ाना है।
  • अभ्यास शक्ति का पिछला संस्करण 2019 में महाजन फील्ड फायरिंग रेंज, राजस्थान में विदेशी प्रशिक्षण नोड में आयोजित किया गया था।
  • फ्रांस भारत के साथ तीन द्विवार्षिक प्रशिक्षण अभ्यास करता है- भारतीय वायु सेना के साथ अभ्यास 'गरुड़', भारतीय नौसेना के साथ अभ्यास 'वरुण' और भारतीय सेना के साथ अभ्यास 'शक्ति'।

सिटमेक्स - 21


भारत, सिंगापुर और थाईलैंड की नौसेना ने 15-16 नवंबर, 2021 को अंडमान सागर में त्रिपक्षीय समुद्री अभ्यास 'सिटमेक्स - 21' (SITMEX-21) के तीसरे संस्करण में भाग लिया।

(Image Source: PIB)

  • भारतीय नौसेना के जहाज आईएनएस कर्मुक ने इस अभ्यास में हिस्सा लिया, जो कि एक स्वदेश निर्मित मिसाइल कार्वेट है।
  • भारतीय नौसेना, सिंगापुर गणराज्य की नौसेना और रॉयल थाई नौसेना के बीच आपसी अंतर-संचालन को बढ़ाने और सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने के उद्देश्य से 2019 से SITMEX प्रतिवर्ष आयोजित किया जा रहा है।
  • दो दिनों के समुद्री अभ्यास में तीनों नौसेनाएं अनेक प्रकार के युद्धाभ्यास और सतही युद्धाभ्यास सहित विभिन्न सामरिक अभ्यासों में शामिल हुई।

युद्ध अभ्यास 2021


भारत और अमेरिका के बीच जारी रक्षा सहयोग के अंतर्गत संयुक्त सैन्य प्रशिक्षण अभ्यास ‘युद्ध अभ्यास 2021’ (EX YUDH ABHYAS 21) 15 से 29 अक्टूबर, 2021 तक संयुक्त बेस एल्मेंडॉर्फ रिचर्डसन, अलास्का (यूएसए) में आयोजित किया गया।

  • उद्देश्य: दोनों सेनाओं के बीच समझ, सहयोग और अंतर-संचालन को बढ़ाना तथा सामरिक स्तर के अभ्यासों को साझा करना तथा एक दूसरे से अभ्यास की सर्वश्रेष्ठ परिपाटियां सीखना।
  • यह संयुक्त अभ्यास का 17वां संस्करण था। यह अभ्यास दोनों देशों के बीच बारी-बारी से आयोजित किया जाता है।
  • भारत की ओर से सेना की '7 मद्रास इन्फैंट्री बटालियन' ने अभ्यास में हिस्सा लिया।
  • इस अभ्यास का पिछला संस्करण फरवरी 2021 में राजस्थान के बीकानेर में महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में आयोजित किया गया था।

भारतीय सेना की टीम ने कैंब्रियन गश्ती अभ्यास में जीता स्वर्ण पदक


भारतीय सेना की '4/5 गोरखा राइफल्स (फ्रंटियर फोर्स)' की एक टीम ने 13 से 15 अक्टूबर, 2021 तक ब्रिटेन के ब्रेकन, वेल्स में आयोजित ‘कैम्ब्रियन सैन्य गश्ती (पेट्रोल) अभ्यास’ में स्वर्ण पदक हासिल किया।

(Image Source: Hindustan Times)

  • उद्देश्य: सेना के नेतृत्व, आत्म-अनुशासन, साहस, शारीरिक सहनशक्ति और दृढ़ संकल्प का आकलन करना।
  • ब्रिटिश सेना के चीफ ऑफ जनरल स्टाफ जनरल सर मार्क कार्लेटन-स्मिथ ने टीम के सदस्यों को स्वर्ण पदक प्रदान किया।
  • यूनाइटेड किंगडम की सेना द्वारा आयोजित कैम्ब्रियन सैन्य गश्ती (पेट्रोल) अभ्यास को मानवीय सहनशक्ति, टीम भावना की अंतिम परीक्षा माना जाता है।
  • इस अभ्यास में कुल 96 टीमों ने हिस्सा लिया, जिसमें दुनिया भर से विशेष बलों और प्रतिष्ठित रेजिमेंटों का प्रतिनिधित्व करने वाली 17 अंतरराष्ट्रीय टीमें भी शामिल थीं।
  • इस अभ्यास को कभी-कभी दुनियाभर की सेनाओं के बीच 'सैन्य पेट्रोलिंग के ओलंपिक' (Olympics of Military Patrolling) के रूप में जाना जाता है।

अभ्यास 'अजेय वारियर'


  • भारत - यूनाइटेड किंगडम के संयुक्त कंपनी स्तर के सैन्य प्रशिक्षण अभ्यास 'अजेय वारियर' का छठा संस्करण उत्तराखंड के चौबटिया में 7 अक्टूबर, 2021 को शुरू हुआ है। इसका समापन 20 अक्टूबर, 2021 को होगा।
  • यह अभ्यास मित्र विदेशी राष्ट्रों के साथ अंतर-संचालनीयता और विशेषज्ञता साझा करने की पहल का हिस्सा है।
  • इस अभ्यास के दौरान भारतीय सेना की एक इन्फैंट्री कंपनी और यूनाइटेड किंगडम सेना अपने-अपने देशों में विभिन्न सैन्य अभियानों के संचालन के दौरान और विदेशी गतिविधियों के दौरान प्राप्त अपने अनुभवों को साझा करेगी।
  • प्रशिक्षण के अंतर्गत दोनों देशों की सेना संयुक्त सैन्य अभियानों को अंजाम देने के लिए एक-दूसरे के हथियारों, उपकरणों, रणनीति, तकनीकों और प्रक्रियाओं से परिचित होंगी।

अभ्यास 'सूर्य किरण'


  • 15वां भारत-नेपाल संयुक्त बटालियन स्तर का सैन्य प्रशिक्षण अभ्यास 'सूर्य किरण' (Exercise Surya Kiran) 20 सितंबर से 3 अक्टूबर, 2021 तक पिथौरागढ़ (उत्तराखंड) में संपन्न हुआ।
  • अभ्यास के दौरान भारतीय सेना और नेपाली सेना की एक-एक इन्फेंट्री बटालियन ने अंतर-संचालन विकसित करने और आतंकवाद विरोधी अभियानों और आपदा राहत कार्यों के अपने अनुभव को साझा करने के लिए एक साथ प्रशिक्षण लिया।
  • संयुक्त अभ्यास में भारतीय पक्ष का प्रतिनिधित्व ‘छठी गढ़वाल रेजीमेंट’ ने किया, जबकि नेपाली पक्ष का प्रतिनिधित्व नेपाली सेना की ‘रिपु दमन बटालियन’ ने किया।
  • अभ्यास सूर्य किरण का अंतिम संस्करण 2019 में नेपाल में आयोजित किया गया था।

अभ्यास 'मित्र शक्ति'


  • भारत और श्रीलंका ने 4 अक्टूबर, 2021 को श्रीलंका के पूर्वी जिले अम्पारा में कॉम्बैट ट्रेनिंग स्कूल में 12 दिवसीय सैन्य अभ्यास 'मित्र शक्ति' (Exercise 'Mitra Shakti') शुरू किया।
  • उद्देश्य: दोनों देशों की सेनाओं के बीच घनिष्ठ संबंधों को बढ़ावा देना और अंतर-संचालन को बढ़ाना और आतंकवाद विरोधी अभियानों में सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करना।
  • 'मित्र शक्ति' अभ्यास का आठवां संस्करण 4 से 15 अक्टूबर तक आयोजित किया जा रहा है।
  • कर्नल प्रकाश कुमार की अध्यक्षता में इन्फैंट्री बटालियन ग्रुप के भारतीय सेना के 120 जवानों की एक टुकड़ी इस अभ्यास में हिस्सा ले रही है।
  • अभ्यास 'मित्र शक्ति' का 7वां संस्करण दिसंबर 2019 में पुणे के औंध सैन्य स्टेशन में स्थित विदेशी प्रशिक्षण नोड में आयोजित किया गया था।

समुद्री अभ्यास 'जिमेक्स-21'


भारतीय नौसेना (IN) और जापान मैरीटाइम सेल्फ डिफेंस फोर्स (JMSDF) के बीच भारत-जापान द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास 'जिमेक्स-21' (JIMEX-21) का पांचवां संस्करण 6 से 8 अक्टूबर, 2021 तक अरब सागर में आयोजित किया गया।

  • JIMEX-21 का उद्देश्य: समुद्री अभियानों के समस्त आयामों में अनेक उन्नत अभ्यासों के संचालन के माध्यम से अभियानगत प्रक्रियाओं की सामान्य समझ विकसित करना और अंतर-संचालन क्षमता को बढ़ाना।
  • फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग वेस्टर्न फ्लीट रियर एडमिरल अजय कोचर की कमान में स्वदेश निर्मित गाइडेड मिसाइल स्टेल्थ डिस्ट्रॉयर 'कोच्चि' और गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट 'तेग' ने भारतीय नौसेना का प्रतिनिधित्व किया।
  • JIMEX का पिछला संस्करण सितंबर 2020 में उत्तरी अरब सागर में आयोजित किया गया था।
  • समुद्री सुरक्षा सहयोग पर विशेष ध्यान देने के उद्देश्य से जनवरी 2012 में JIMEX शृंखला का अभ्यास शुरू किया गया था।

ऑसिन्डेक्स-2021


रॉयल ऑस्ट्रेलियन नेवी एवं भारतीय नौसेना ने 6 से 10 सितंबर, 2021 तक द्विपक्षीय अभ्यास- 'ऑसिन्डेक्स-2021' (AUSINDEX- 2021) में हिस्सा लिया।

उद्देश्य: दोनों नौसेनाओं के अंतर-संचालन को और मजबूत करना, सर्वोत्तम प्रथाओं से लाभ उठाना और समुद्री सुरक्षा अभियानों के लिए प्रक्रियाओं की एक सामान्य समझ विकसित करना।

  • भारतीय नौसेना के जहाजों शिवालिक और कदमत ने 'ऑसिन्डेक्स' के चौथे संस्करण में हिस्सा लिया।
  • ऑसिन्डेक्स के इस संस्करण में भाग लेने वाली नौसेनाओं के जहाजों, पनडुब्बियों, हेलीकॉप्टरों और लंबी दूरी के समुद्री गश्ती विमानों के बीच जटिल सतही, उप-सतही और हवाई अभियान शामिल थे।
  • ऑसिन्डेक्स की शुरुआत 2015 में भारतीय नौसेना - रॉयल ऑस्ट्रेलियन नेवी के द्विपक्षीय अभ्यास के साथ हुई थी।

अभ्यास 'समुद्र शक्ति


  • भारतीय नौसेना और इंडोनेशिया की नौसेना ने 20 से 22 सितंबर, 2021 तक सुंडा जलडमरूमध्य के इलाके में अभ्यास 'समुद्र शक्ति' में हिस्सा लिया।
  • अभ्यास का उद्देश्य: दोनों नौसेनाओं के बीच समुद्री संचालन में आपसी समझ और अंतर-संचालन को बढ़ाना और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना।
  • भारतीय नौसेना के जहाज शिवालिक और कदमत ने इस द्विपक्षीय अभ्यास 'समुद्र शक्ति' के तीसरे संस्करण में हिस्सा लिया।
  • भारत की एक्ट ईस्ट नीति के अनुसरण में अभ्यास 'समुद्र शक्ति' की कल्पना 2018 में द्विपक्षीय भारत - इंडोनेशिया अभ्यास के रूप में की गई थी।

अभ्यास पीसफुल मिशन 2021


सेना और वायु सेना के 200 कर्मियों के एक संयुक्त बल ने रूस में अभ्यास 'पीसफुल मिशन 2021' (Exercise Peaceful Mission 2021) में हिस्सा लिया।

अभ्यास का उद्देश्य: शंघाई सहयोग संगठन सदस्य-देशों के बीच घनिष्ठ संबंधों को बढ़ावा देना और और बहुराष्ट्रीय सैन्य टुकड़ियों की कमान संभालने के लिए सैन्य कर्मियों की क्षमताओं को बढ़ाना।

  • यह अभ्यास शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्य देशों के बीच 13 से 25 सितंबर, 2021 तक दक्षिण पश्चिम रूस के ऑरेनबर्ग क्षेत्र में आयोजित किया गया, जिसमें पाकिस्तान और चीन भी शामिल थे।
  • अभ्यास पीसफुल मिशन के छठे संस्करण की मेजबानी रूस द्वारा की गई।
  • अभ्यास ने एससीओ देशों के सशस्त्र बलों को बहुराष्ट्रीय और संयुक्त वातावरण में शहरी परिदृश्य में आतंकवाद विरोधी अभियानों में प्रशिक्षित करने का अवसर भी प्रदान किया।

दक्षिण पूर्व एशिया सहयोग और प्रशिक्षण अभ्यास


  • अमेरिकी नौसेना के नेतृत्व में 10 अगस्त, 2021 को सिंगापुर में ‘दक्षिण पूर्व एशिया सहयोग और प्रशिक्षण’ (SEACAT) अभ्यास आयोजित किया गया।
  • 20 अन्य भागीदार देशों ऑस्ट्रेलिया, भारत, बांग्लादेश, ब्रुनेई, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इंडोनेशिया, जापान, मलेशिया, मालदीव, न्यूजीलैंड, फिलीपींस, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, श्रीलंका, थाईलैंड, पूर्वी तिमोर, यूनाइटेड किंगडम और वियतनाम ने भी अभ्यास में हिस्सा लिया।
  • समुद्री अभ्यास का उद्देश्य समुद्री क्षेत्र में आकस्मिकताओं या अवैध गतिविधियों से निपटने के लिए रणनीति, मानकीकृत प्रशिक्षण और प्रक्रियाओं को शामिल करके दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देना है।
  • SEACAT वर्ष 2002 में 'आतंकवाद के खिलाफ दक्षिण पूर्व एशिया सहयोग' के रूप में शुरू हुआ था।

अल-मोहद अल-हिंदी 2021


  • अगस्त 2021 में भारत और सऊदी अरब के बीच पहला संयुक्त नौसैनिक अभ्यास ‘अल-मोहद अल-हिंदी 2021’ (AL- MOHED AL- HINDI 2021) आयोजित किया गया।
  • भारत के निर्देशित मिसाइल विध्वंसक आईएनएस कोच्चि ने सऊदी अरब के अल जुबैल बंदरगाह पर इस अभ्यास में हिस्सा लिया।
  • अल-मोहद अल-हिंदी 2021 अभ्यास का हार्बर चरण 9 अगस्त, 2021 को शुरू हुआ, जबकि 11 अगस्त से समुद्र आधारित अभ्यास शुरू हुआ।
  • अन्य अभ्यास: आईएनएस कोच्चि ने अगस्त 2021 में अबू धाबी के तट पर भारत - संयुक्त अरब अमीरात नौसेना, के एक संयुक्त नौसैनिक अभ्यास 'जायद तलवार' (Zayed Talwar) में भी हिस्सा लिया ।
  • आईएनएस कोच्चि (INS Kochi): यह कोलकाता-श्रेणी का दूसरा स्टेल्थ गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर (stealth guided-missile destroyers) है। इसे प्रोजेक्ट 15A कोड नाम के तहत भारतीय नौसेना के लिए बनाया गया था। इस जहाज का निर्माण मुंबई में मझगांव डॉक लिमिटेड (MDL) द्वारा किया गया था और सितंबर 2015 में भारतीय नौसेना सेवा के लिए कमीशन किया गया था।

अभ्यास ‘इंद्र-2021’


  • भारत और रूस के बीच 12वां संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘इंद्र-2021’ (EXERCISE INDRA-21) 1 से 13 अगस्त‚ 2021 तक दक्षिणी रूस के वोल्गोग्राड क्षेत्र में आयोजित किया गया।
  • यह सैन्य अभ्यास दोनों देशों के सशस्त्र बलों के बीच सहयोग को और मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया।
  • इस अभ्यास में दोनों देशों के लगभग 250 सैन्यकर्मी शामिल हुए।
  • दोनों देशों की सेनाओं ने अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी समूहों के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई सम्बंधी संयुक्त राष्ट्र के फैसले के अनुपालन में आतंक विरोधी अभ्यास किया।
  • इस द्विपक्षीय एवं द्विवर्षीय अभ्यास की शुरुआत वर्ष 2003 में की गई थी, जिसे दोनों देशों के बीच बारी-बारी से द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास के रूप में आयोजित किया गया था। हालाँकि पहला संयुक्त त्रि-सेवा अभ्यास (Tri-Services Exercise) वर्ष 2017 में आयोजित किया गया था।
  • दोनों देशों के बीच पिछला संयुक्त त्रि-सेवा (Tri-services) अभ्यास 10-19 दिसंबर‚ 2019 को
  • बबीना (झांसी के पास)‚ पुणे और गोवा में आयोजित किया गया था।

काजिंद -21


  • सैन्य कूटनीति के हिस्से के रूप में और कजाकिस्तान के साथ बढ़ते रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने के लिए, भारत-कजाकिस्तान संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यास का 5वां संस्करण, 'काजिंद -21' (KAZIND-21) 30 अगस्त से 11 सितंबर, 2021 तक प्रशिक्षण नोड, आइशा बीबी, कजाकिस्तान में आयोजित किया जाएगा।
  • यह अभ्यास दोनों सेनाओं के बीच एक संयुक्त प्रशिक्षण है, जो भारत और कजाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देगा।
  • भारतीय सेना की टुकड़ी का प्रतिनिधित्व बिहार रेजिमेंट की एक बटालियन द्वारा किया जायेगा, जबकि कजाकिस्तान सेना का प्रतिनिधित्व एक कंपनी समूह द्वारा किया जाएगा।
  • यह अभ्यास भारत और कजाकिस्तान के सशस्त्र बलों को संयुक्त राष्ट्र के अधिदेश के तहत पर्वतीय, ग्रामीण परिदृश्य में विद्रोह रोधी / आतंकवाद निरोधी अभियान के लिए प्रशिक्षित करेगा।
  • अभ्यास भारत और कजाकिस्तान के सशस्त्र बलों के बीच आपसी विश्वास, अंतर-संचालन को मजबूत करेगा और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने में सक्षम करेगा।

कोंकण अभ्यास 2021


  • 16 अगस्त, 2021 को ‘आईएनएस तबर’ और ‘एचएमएस वेस्टमिन्स्टर’ (HMS Westminster) के बीच ‘कोंकण अभ्यास 2021’ इंग्लिश चैनल में आयोजित किया गया।
  • इस नौसैन्य अभ्यास में दोनों पोतों के सभी हेलीकाप्टरों और ‘फाल्कन इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर विमानों’ (Falcon Electronic Warfare aircraft) ने हिस्सा लिया।
  • इस दौरान समन्वित पनडुब्बी रोधी कार्यप्रणालियों, गोलीबारी अभ्यास, संयुक्त समुद्री मानचित्र संकलन, युद्ध विन्यास कौशल और समुद्र में पुनःपूर्ति सहित कई प्रकार के युद्धाभ्यास आयोजित किए गए।
  • भारतीय नौसेना यूनाइटेड किंगडम रॉयल नेवी के साथ 'कोंकण' (KONKAN) नामक एक वार्षिक द्विपक्षीय अभ्यास करती है। इस द्विपक्षीय अभ्यास की शुरुआत 2004 में हुई थी।

भारत इंडोनेशिया समन्वित गश्ती का 36वां संस्करण


  • भारतीय नौसेना के एक स्वदेश निर्मित अपतटीय गश्ती पोत ‘आईएनएस सरयू’ ने इंडोनेशियाई नौसेना पोत ‘केआरआई बंग टोमो’ (KRI Bung Tomo) के साथ 30 से 31 जुलाई, 2021 तक समन्वित गश्ती (कॉरपेट) की।
  • उद्देश्य: हिंद महासागर क्षेत्र के महत्वपूर्ण हिस्से को वाणिज्यिक शिपिंग, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और कानून सम्मत सामुद्रिक गतिविधियों के संचालन के लिए सुरक्षित बनाए रखना।
  • भारत और इंडोनेशिया के बीच कॉरपेट के 36वें संस्करण में दोनों देशों के सामुद्रिक गश्ती एयरक्राफ्ट की भी भागीदारी रही।
  • भारत और इंडोनेशिया 2002 से वर्ष में दो बार अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा (International Maritime Boundary Line: IMBL) पर समन्वित गश्ती कर रहे है।

टैलिसमैन सेबर


ऑस्ट्रेलिया 2023 में भारत को अपने सबसे बड़े युद्धक अभ्यास 'टैलिसमैन सेबर' (Talisman Sabre) में शामिल करने के लिए उत्सुक है। ऑस्ट्रेलियाई रक्षा मंत्री पीटर डटन की अगले कुछ महीनों में भारत यात्रा के दौरान इसके लिए औपचारिक निमंत्रण दिया जा सकता है।

  • जुलाई में संपन्न टैलिसमैन सेबर 2021, ऑस्ट्रेलियाई रक्षा बल (ADF) और अमेरिकी सेना के बीच सबसे बड़ी द्विपक्षीय संयुक्त प्रशिक्षण गतिविधि है।
  • इसमें थल, वायु और जल सेना के सात देशों के लगभग 17,000 सैन्य कर्मियों की भागीदारी देखी गई। अन्य देशों में कनाडा, जापान, न्यूजीलैंड, दक्षिण कोरिया और यूनाइटेड किंगडम शामिल थे।

ऑपरेशन संकल्प


14 जुलाई, 2021 को एक आधिकारिक बयान के अनुसार भारतीय नौसेना के 'ऑपरेशन संकल्प' (Operation Sankalp) ने खाड़ी क्षेत्र में प्रतिदिन औसतन 16 भारतीय ध्वज धारक व्यापारिक जहाजों (Indian-flagged merchant vessels) को सुरक्षित आवाजाही प्रदान की है।

  • ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच ओमान की खाड़ी में दो तेल टैंकर जहाजों में विस्फोट होने के बाद जून 2019 में 'ऑपरेशन संकल्प' शुरू किया गया था।
  • तब से, एक भारतीय नौसेना के जहाज को एक हेलीकॉप्टर के साथ जून 2019 से उत्तर-पश्चिम अरब सागर, ओमान की खाड़ी और फारस की खाड़ी में लगातार तैनात किया गया है।
  • भारत अपनी तेल की मांग के लगभग 85% के लिए आयात पर निर्भर है। 2019-2020 में, लगभग 66 बिलियन डॉलर मूल्य के भारत के तेल आयात का लगभग 62% खाड़ी क्षेत्र से होकर आया था।
  • उसी वर्ष, खाड़ी क्षेत्र से भारत का निर्यात और आयात क्रमश: लगभग 51 अरब डॉलर और 108.2 अरब डॉलर रहा। ये भारत के कुल निर्यात और आयात का क्रमशः 8.1% और 11.4% है।

पासेज अभ्यास


भारतीय नौसेना और वायु सेना ने 23-24 जून 2021 को युद्धपोतों और विमानों से जुड़े एक बड़े अभ्यास में, हिंद महासागर क्षेत्र से गुजरने के दौरान अमेरिकी नौसेना कैरियर स्ट्राइक ग्रुप 'रोनाल्ड रीगन' के साथ एक पासेज अभ्यास (Passage Exercise) में हिस्सा लिया।

उद्देश्य: समुद्री अभियानों में व्यापक रूप से एकीकृत और समन्वय करने की क्षमता का प्रदर्शन करके द्विपक्षीय संबंधों और सहयोग को मजबूत करना।

  • भारतीय नौसेना के जहाज आईएनएस कोच्चि और आईएनएस तेग के साथ P8I और MiG 29K विमान और भारतीय वायु सेना ने कैरियर स्ट्राइक ग्रुप के साथ संयुक्त बहु-डोमेन अभियान (Joint multi-domain operations) में हिस्सा लिया, जिसमें निमिट्ज श्रेणी के विमानवाहक पोत रोनाल्ड रीगन, आर्ले बर्क श्रेणी के गाइडेड मिसाइल विध्वंसक ‘यूएसएस हाल्सी’ (USS Halsey) और तिकोंडेरोगा श्रेणी के गाइडेड मिसाइल क्रूजर ‘यूएसएस शीलो’ (USS Shiloh) शामिल थे।

ऑपरेशन समुद्र सेतु II


भारतीय नौसेना ने ऑक्सीजन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए चलाये जा रहे राष्ट्रीय मिशन को आगे बढ़ाते हुए 1 मई, 2021 को ‘ऑपरेशन समुद्र सेतु II’ लॉन्च किया है।

  • ऑपरेशन समुद्र सेतु II के हिस्से के रूप में सात भारतीय नौसेना जहाजों आईएनएस कोलकाता, आईएनएस कोच्चि, आईएनएस तलवार, आईएनएस टाबर, आईएनएस त्रिकंद, आईएनएस जलश्व तथा आईएनएस ऐरावत को विभिन्न देशों से तरल चिकित्सा ऑॅक्सीजन युक्त क्रायोजेनिक कंटेनर्स और संबंधित चिकित्सा उपकरणों के पोत लदान के लिए तैनात किया गया है।
  • नौसेना द्वारा ‘ऑॅपरेशन समुद्र सेतु’ पिछले वर्ष आरंभ किया गया था और कोविड-19 के प्रकोप के बीच पड़ोसी देशों में फंसे लगभग 4000 भारतीय नागरिकों को सफलतापूर्वक भारत वापस लाया गया था।

वज्र प्रहार 2021


मार्च 2021 में भारत-अमेरिका संयुक्त विशेष बलों के अभ्यास का 11वां संस्करण ‘वज्र प्रहार’ (Vajra Prahar) 2021 हिमाचल प्रदेश के बकलोह में स्थित विशेष बल प्रशिक्षण स्कूल (Special Forces training school) में आयोजित किया गया।

  • 'वज्र प्रहार' अभ्यास का उद्देश्य संयुक्त मिशन योजना और परिचालन रणनीति जैसे क्षेत्रों में सर्वोत्तम प्रथाओं और अनुभवों को साझा करना है। इस अभ्यास का उद्देश्य दोनों देशों के विशेष बलों के बीच अन्तरसंक्रियता में सुधार करना भी था।

सैन्य अभ्यास ‘खंजर’


भारत और किर्गिजस्तान के विशेष बलों ने 16 अप्रैल, 2021 को आतंकवाद विरोधी गतिविधियों पर केंद्रित सैन्य अभ्यास की शुरुआत की। ‘खंजर’ नामक यह सैन्य अभ्यास किर्गिजस्तान की राजधानी बिश्केक में किया गया।

  • 2011 में पहली बार शुरू किए गए, दो सप्ताह तक संचालित इस विशेष अभ्यास में उच्च ऊंचाई वाले युद्ध क्षेत्र, आतंकवाद-निरोधक अभ्यासों पर ध्यान केंद्रित किया गया।
  • यह भारत और किर्गिजस्तान के संयुक्त विशेष बलों के बीच आयोजित होने वाले ‘खंजर' सैन्य अभ्यास का आठवाँ संस्करण था।

फ्रीडम ऑफ नैविगेशन ऑपरेशन


अमेरिकी नौसेना ने अप्रैल 2021 में लक्षद्वीप के पास हिंद महासागर क्षेत्र में ‘फ्रीडम ऑफ नैविगेशन ऑपरेशन’ (Freedom of Navigation Operation) का आयोजन किया।

  • इस ऑपरेशन के दौरान, अमेरिकी युद्धपोत गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर ‘यूएसएस जॉन पॉल जोन्स’ (USS John Paul Jones) ने भारत की आज्ञा के बिना भारत के विशेष आर्थिक क्षेत्र (Exclusive Economic Zone– EEZ) में प्रवेश किया।
  • UNCLOS के अनुसार, देश विशेष आर्थिक क्षेत्र का उपयोग करने से जहाजों को नहीं रोक सकते। हालांकि, भारतीय कानूनों के अनुसार, किसी भी विदेशी सेना को भारत के विशेष आर्थिक क्षेत्र में किसी भी गतिविधि का संचालन करने से पहले सूचित करना चाहिए था।
  • अमेरिकी नौसेना के अनुसार यह फ्रीडम ऑफ नैविगेशन ऑपरेशन अंतरराष्ट्रीय कानूनों के हिसाब से समुद्र में अधिकार, आजादी और कानूनी तरीके से इस्तेमाल पर जोर देने के लिए किया गया।
  • भारत UNCLOS का हस्ताक्षरकर्ता है, जबकि अमेरिका ने इस संधि पर हस्ताक्षर नहीं किये हैं।

वरुण-2021


भारत और फ्रांस की नौसेनाओं का द्विपक्षीय अभ्यास 'वरुण-2021' का 19वां संस्करण 25 अप्रैल से लेकर 27 अप्रैल, 2021 तक अरब सागर में आयोजित किया गया।

  • भारतीय नौसेना की ओर से गाइडेड मिसाइल स्टील्थ डिस्ट्रॉयर आईएनएस कोलकाता, आईएनएस तरकश और आईएनएस तलवार और चेतक इंटीग्रल हेलिकॉप्टरों के साथ एक कलवरी श्रेणी की पनडुब्बी और पी8आई लंबी दूरी का समुद्री टोही विमान( P8I Long Range Maritime Patrol Aircraft) इस अभ्यास में शामिल हुए।
  • वरुण-2021, दोनों देशों के बीच बढ़ती हुई सौजन्यता पर प्रकाश डालता है और साथ ही दो नौसेनाओं के बीच दोस्ताना तालमेल, समन्वय और अंतर-संचालनशीलता के स्तर में वृद्धि को भी दर्शाता है।

बहुपक्षीय सामुद्रिक अभ्यास ला पेरॉस


भारतीय नौसेना के जहाज ‘आईएनएस सतपुड़ा’ तथा ‘पी 8I लॉन्ग रेंज मैरीटाइम पैट्रोल एयरक्राफ्ट’ (P8I Long Range Maritime Patrol Aircraft) के साथ आईएनएस किल्तान ने पहली बार ‘बहुपक्षीय सामुद्रिक अभ्यास ला पेरॉस’ (Multinational Naval Exercise La Perouse) में हिस्सा लिया, जिसका संचालन 5 से 7 अप्रैल, 2021 तक पूर्वी हिंद महासागर में किया गया।

  • भारतीय नौसेना के जहाज तथा विमान ने फ्रांस की नौसेना (एफएन), रॉयल ऑस्ट्रेलियन नेवी, जापान मैरीटाइम सेल्फ डिफेंस फोर्स तथा यूनाइटेट स्टेट्स नेवी (यूएसएन) के जहाजों तथा विमान के साथ समुद्र में तीन दिनों के अभ्यास में भाग लिया।
  • ‘ला पेरॉस’ में सतह पर युद्ध, एंटी-एयर वॉरफेयर और वायु रक्षा अभ्यास, हथियार फायरिंग अभ्यास, सामरिक युद्धाभ्यास और जहाजरानी अभ्यास जैसे जटिल और उन्नत नौसैनिक अभ्यास संचालित किए गए।
  • फ्रांस की नौसेना के नेतृत्व में ला पेरॉस अभ्यास किया गया। 2019 में फ्रांस द्वारा शुरू किए गए ला पेरॉस संयुक्त अभ्यास के पहले संस्करण में ऑस्ट्रेलिया, जापान और संयुक्त राज्य अमेरिका के जहाजों ने हिस्सा लिया था।

शांतीर ओग्रोशेना 2021


4 अप्रैल, 2021 को बंगबंधु सेनानीबास, बांग्लादेश में बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास शांतीर ओग्रोशेना-2021 (SHANTIR OGROSHENA 2021) का उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया।

उद्देश्य: क्षेत्र में शांति बनाए रखने हेतु कार्यप्रणाली को मजबूत करना और पड़ोसी देशों के साथ पारस्परिकता को बढ़ावा देना।

अभ्यास का विषय: 'रोबस्ट पीस कीपिंग ऑपरेशंस' (Robust Peace Keeping Operations)।

  • बांग्लादेश के राष्ट्रपिता 'बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान की जन्मशती मनाने और मुक्ति के 50 वर्षों के गौरवशाली अवसर पर यह अभ्यास शुरू किया गया है।
  • 4 से 12 अप्रैल, 2021 तक डोगरा रेजिमेंट (Dogra Regiment) के 30 कर्मियों वाली भारतीय सेना की टुकड़ी, रॉयल भूटान आर्मी, श्रीलंकाई सेना और बांग्लादेश सेना की टुकड़ी इस अभ्यास में भाग ले रही है।
  • अभ्यास के दौरान संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्रिटेन, तुर्की, सऊदी अरब, कुवैत और सिंगापुर के सैन्य पर्यवेक्षक भी उपस्थित रहेंगे।

आईएनएस शार्दुल


भारतीय नौसेना के ‘पहले प्रशिक्षण स्क्वाड्रन’ (First Training Squadron) के एक जहाज, आईएनएस शार्दुल ने 12 मार्च, 2021 को मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस पर आयोजित समारोह में हिस्सा लिया।

  • पूर्ण रूप से स्वदेशी आईएनएस शार्दुल को गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई) कोलकाता में निर्मित किया गया है। इसे 2007 में भारतीय नौसेना में शामिल किया गया था।
  • आईएनएस शार्दुल भारतीय नौसेना का युद्धक पोत है, जो युद्धक टैंक, सैनिकों और एक साथ कई हेलीकॉप्टर ले जाने में सक्षम है।
  • आईएनएस शार्दुल ने मार्च 2020 में मेडागास्कर में 600 टन खाद्यान्न सामग्री पहुँचाने के साथ ही कोविड-19 महामारी के दौरान विभिन्न देशों में फंसे प्रवासी भारतीयों को सुरक्षित स्वदेश लाने के लिए जून2020 में चलाये गए ‘ऑपरेशन समुद्र सेतु’ में भी हिस्सा लिया था।

दस्तलिक II


भारत-उज्बेकिस्तान संयुक्त सैन्य प्रशिक्षण अभ्यास ‘दस्तलिक II’ (DUSTLIK II) 10 मार्च, 2021 को उत्तराखंड के विदेशी प्रशिक्षण केंद्र, चौबटिया, रानीखेत में शुरू हो गया। यह अभ्यास 19 मार्च, 2021 तक चलेगाI

उद्देश्य: संयुक्त राष्ट्र संघ के नियमों के अंतर्गत पर्वतीय/ग्रामीण/शहरी क्षेत्रों में आतंकवाद विरोधी अभियान चलाने के क्षेत्र में अपने-अपने कौशल और अनुभव साझा करना।

  • यह दोनों देशों की सेनाओं की वार्षिक द्विपक्षीय संयुक्त सैन्य अभ्यास प्रक्रिया का दूसरा संस्करण हैI अभ्यास का पहला संस्करण नवंबर 2019 में उज्बेकिस्तान में आयोजित किया गया था।
  • सेना की ‘13 कुमाऊं रेजिमेंट’, जिसे चीन के साथ 1962 के युद्ध में अपनी वीरतापूर्ण कार्रवाई के लिए 'रेजांग ला बटालियन' (Rezang La battalion) भी कहा जाता है, को कंपनी स्तर के आतंकवाद विरोधी अभियान के लिए भारतीय पक्ष से नामित किया गया है।

भारतीय नौसेना के जहाजों की बांग्लादेश के मोंगला बंदरगाह की पहली यात्रा


भारत और बांग्लादेश की मजबूत दोस्ती की याद में मनाए जा रहे स्वर्णिम विजय वर्ष के लिए भारतीय नौसेना के स्वदेशी गश्ती जहाज ‘सुमेधा’ एवं स्वदेशी निर्मित गाइडेड मिसाइल से लैस जहाज ‘कुलिश’ ने 8 मार्च से 10 मार्च, 2021 तक बांग्लादेश के ऐतिहासिक बंदरगाह शहर मोंगला में हुए कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

यात्रा का उद्देश्य: 1971 के मुक्ति संग्राम के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले बांग्लादेशी और भारतीय सैनिकों और नागरिकों को श्रद्धांजलि देना तथा इस क्षेत्र में शांति, स्थिरता और अच्छी व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारत के दृढ़ संकल्प और प्रतिबद्धता को दोहराना।

  • यह पहला मौका था जब भारतीय नौसेना के किसी जहाज ने बांग्लादेश के मोंगला बंदरगाह का दौरा किया है।
  • यह यात्रा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन सागर (SAGAR) अर्थात 'क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास' के अनुरूप है।

युद्ध अभ्यास 20


8 फरवरी, 2021 को भारत-अमेरिका संयुक्त सैन्य अभ्यास 'युद्ध अभ्यास 20' (Yudh Abhyas 20) राजस्थान में बीकानेर जिले के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में शुरू हुआ।

  • यह वार्षिक द्विपक्षीय संयुक्त अभ्यास का 16वां संस्करण है। यह अभ्यास 21 फरवरी तक जारी रहेगा।
  • दोनों सेनाएं इस अभ्यास के दौरान अपनी युद्ध-संबंधी तकनीकों, कौशल और अनुभव को एक-दूसरे के साथ साझा करेंगी।
  • संयुक्त अभ्यास का पिछला संस्करण संयुक्त राज्य अमेरिका के सिएटल में आयोजित किया गया था। दोनों सेनाओं के बीच 'युद्ध अभ्यास’ को 2004 में शुरू किया गया था।

अभ्‍यास 'कवच'


जनवरी 2021 में देश के एकमात्र संयुक्त बल कमान – अंडमान एवं निकोबार कमान (एएनसी) के तहत भारतीय सेना, भारतीय नौसेना, भारतीय वायुसेना एवं भारतीय तटरक्षक बल के संसाधनों को मिलाकर एक वृहद संयुक्त सैन्य अभ्यास 'कवच' (Exercise Kavach) का संचालन किया गया।

  • इस अभ्यास में समुद्री निगरानी संसाधनों के इस्तेमाल में तालमेल कायम करना, वायु एवं समुद्री हमलों, वायु रक्षा, पनडुब्बी तथा लैंडिंग संचालनों के बीच समन्वय कायम करना शामिल था।
  • इसमें तीनों सेनाओं के विभिन्न तकनीकी, इलेक्ट्रॉनिक तथा मानवीय इंटेलिजेंस सहित सतत संयुक्त इंटेलिजेंस निगरानी एवं सैनिक सर्वेक्षण (Intelligence Surveillance and Reconnaissance- ISR) अभ्यास का संचालन किया गया।
  • तीनों सेनाओं के अभ्यास का लक्ष्य संयुक्त युद्धक क्षमताओं को बेहतर बनाना और संचालन संबंधी तालमेल बढ़ाने की दिशा में मानक संचालन प्रक्रिया तैयार करना था।

भारत - फ्रांस वायुसैनिक अभ्यास डेजर्ट नाइट -21


भारतीय वायु सेना और फ्रांसीसी वायु एवं अंतरिक्ष सेना ‘आर्मी डी’एर एट डी'स्पेस’ (Armée de l’Air et de l’Espace) ने 20 से 24 जनवरी, 2021 तक जोधपुर के वायु सेना स्टेशन पर आयोजित एक द्विपक्षीय वायु अभ्यास ‘डेजर्ट नाइट-21’ (Desert Knight-21) में हिस्सा लिया।

उद्देश्य: परस्पर व्यवहार को बढ़ाने के लिए विचारों एवं सर्वोत्तम प्रक्रियाओं का आदान-प्रदान करना।

  • इस अभ्यास में दोनों ही देशों की वायु सेनाओं में राफेल विमान शामिल था और यह दो प्रमुख वायु सेनाओं के बीच बढ़ते हुए सहयोग का संकेत है।
  • मौजूदा समय में डेजर्ट नाइट -21 अभ्यास के लिए फ्रांसीसी टुकड़ी एशिया में अपने 'स्काईरोस डिप्लॉयमेंट' (Skyros Deployment) के हिस्से के रूप में तैनात है।
  • भारत और फ्रांस के बीच रक्षा सहयोग के हिस्से के रूप में, भारतीय वायु सेना और फ्रांसीसी एवं अंतरिक्ष सेना ने मिलकर 'गरुड़' नाम के वायुसैनिक अभ्यास के छ: संस्करणों का आयोजन किया है। आखिरी 'गरुड़' अभ्यास जुलाई 2019 में फ्रांस के ‘मोंट-द-मारसन एयरबेस’ में आयोजित किया गया था।

भारत-इंडोनेशिया समन्वित गश्त का 35वां संस्करण


  • 17- 18 दिसंबर, 2020 को भारत-इंडोनेशिया समन्वित गश्त (IND-INDO CORPAT) के 35वें संस्करण का आयोजन किया गया।
  • IND-INDO CORPAT का आयोजन प्रतिवर्ष भारत और इंडोनेशिया की नौसेनाओं के बीच किया जाता है। इसका उद्देश्य क्षेत्र में शिपिंग और अंतरराष्ट्रीय व्यापार की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

27वां भारत-सिंगापुर द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास सिम्बेक्स-20


भारतीय नौसेना ने अंडमान सागर में 23 से 25 नवंबर, 2020 तक 27वें भारत-सिंगापुर द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास ‘सिम्बेक्स-20’ (SIMBEX-20) की मेजबानी की।

उद्देश्य: आपसी अंतर-संचालन को बढ़ाना और एक-दूसरे की सर्वोत्तम प्रथाओं को सीखना।

  • यह अभ्यास भारतीय नौसेना और रिपब्लिक ऑफ सिंगापुर नेवी (आरएसएन) के बीच 1994 से प्रतिवर्ष आयोजित किया जाता है।
  • सिम्बेक्स-2020 में ‘चेतक’ हेलीकॉप्टर के साथ विध्वंसक ‘राणा’ और स्वदेश निर्मित लड़ाकू जलपोत कामोर्टा (Kamorta) व करमुक (Karmuk) समेत भारतीय नौसेना के जहाज शामिल हुए। इसके अलावा, भारतीय नौसेना की पनडुब्बी ‘सिंधुराज’ और ‘समुद्री टोही विमान पी8आई’ ने भी इस अभ्यास में हिस्सा लिया।
  • ‘फॉर्मीडेबल’ (Formidable) श्रेणी के युद्ध-पोत ‘इंट्रेपीड’ (Intrepid) व ‘स्टेडफास्ट’ (Steadfast), एस70बी हेलीकॉप्टर तथा ‘एंड्योरेंस’ (Endurance) श्रेणी के लैंडिंग शिप टैंक ‘इनडेवीऑर’ (Endeavour) ने अभ्यास में आरएसएन का प्रतिनिधित्व किया।
  • सिम्बेक्स-20 में दो मित्र नौसेनाओं ने समुद्र में तीन दिनों के गहन संयुक्त अभियान में वेपन फायरिंग सहित उन्नत एंटी-एयर युद्धाभ्यास और एंटी-सबमरीन युद्धाभ्यास में भाग लिया।

मालाबार नौसैन्य अभ्यास 2020


  • मालाबार नौसैन्य अभ्यास के 24वें संस्करण का आयोजन नवंबर 2020 में दो चरणों में किया गया।
  • पहले चरण का आयोजन 3 से 6 नवंबर, 2020 तक बंगाल की खाड़ी में स्थित विशाखापत्तनम में हुआ।
  • इसमें भारतीय नौसेना (आईएन), यूनाइटेड स्टेट्स नेवी (यूएसएन), जापान मैरिटाइम सेल्फ डिफेंस फोर्स (जेएमएसडीएफ) और रॉयल ऑस्ट्रेलियन नेवी (आरएएन) शामिल हुई।
  • नौसैन्य अभ्यास की मालाबार श्रृंखला की शुरुआत 1992 में भारतीय नौसेना और यूनाइटेड स्टेट्स नेवी के द्विपक्षीय अभ्यास के रूप में हुई थी। जापानी नौसेना मालाबार से 2015 में जुड़ा। 2020 के संस्करण में ऑस्ट्रेलियन नेवी इस अभ्यास में शामिल हुआ।
  • मालाबार 20 के दूसरे चरण का आयोजन 17 से 20 नवंबर, 2020 तक अरब सागर में किया गया।

त्रिपक्षीय समुद्री युद्धाभ्‍यास ‘सिटमैक्‍स-20’


भारतीय नौसेना, रिपब्लिक ऑफ सिंगापुर नेवी (आरएसएन) और रॉयल थाई नेवी (आरटीएन) के बीच त्रिपक्षीय समुद्री युद्धाभ्यास ‘सिटमैक्स-20’ (SITMEX-20) का दूसरा संस्करण अंडमान सागर में 21-22 नवम्बर, 2020 को संपन्न हुआ।

उद्देश्य: भारत, सिंगापुर और थाईलैंड की नौसेनाओं के बीच परस्पर श्रेष्ठ सहयोग और अंतर संचालन क्षमता का विकास करना।

  • 2020 के संस्करण के अभ्यास की मेजबानी रिपब्लिक ऑफ सिंगापुर नेवी ने की।
  • भारतीय नौसेना के स्वदेश निर्मित पनडुब्बी रोधी युद्धपोत ‘कामोर्टा और मिसाइल युद्धपोत ‘करमुक’ ने अभ्यास में हिस्सा लिया।
  • अभ्यास में सिंगापुर नौसेना की ओर से ‘फॉर्मीडेबल’ (Formidable) श्रेणी के युद्धपोत ‘इंट्रेपीड’ (Intrepid) व ‘एंड्योरेंस’ (Endurance) श्रेणी के लैंडिंग शिप टैंक ‘इनडेवीऑर’ (Endeavour) ने तथा थाईलैंड नौसेना की ओर से ‘चाओ फ्राया’ (Chao Phraya) श्रेणी के युद्धपोत ‘क्राबुरी’ (Kraburi ने हिस्सा लिया।
  • भारतीय नौसेना द्वारा आयोजित सिटमैक्स का पहला संस्करण सितम्बर 2019 में पोर्ट ब्लेयर से कुछ दूर सागर में किया गया था।

मालाबार नौसैन्य अभ्यास 2020


  • अक्टूबर 2020 भारत सरकार ने घोषणा की कि ऑस्ट्रेलियाई नौसेना इस वर्ष के अंत में होने वाले मालाबार नौसैन्य अभ्यास में शामिल होगी। सभी चार क्वाड देश इस अभ्यास में भाग लेंगे।
  • इस अभ्यास में भाग लेने वाले देश जापान, भारत और अमेरिका हैं। समुद्री सुरक्षा क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग प्राप्त करने की प्रक्रिया में, भारत ने अभ्यास में भाग लेने के लिए ऑस्ट्रेलिया को आमंत्रित किया है।
  • मालाबार नौसैन्य अभ्यास श्रृंखला वर्ष 1992 में भारतीय नौसेना और अमेरिकी नौसेना के द्विपक्षीय संयुक्त नौसैनिक अभ्यास से शुरू हुआ था। जापान 2015 में नौसेना अभ्यास में शामिल हुआ था।

नौसैनिक युद्ध अभ्यास 'स्लीनेक्स-20'


भारतीय नौसेना और श्रीलंका की नौसेना का संयुक्त वार्षिक द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास 'स्लीनेक्स-20' (SLINEX-20) का आठवां संस्करण 19 से 21 अक्टूबर, 2020 तक त्रिंकोमाली श्रीलंका के तट पर आयोजित किया गया।

उद्देश्य: परस्पर अंतर-संचालनशीलता को बढ़ाना, आपसी समझ को ज्यादा परिपक्व करना और दोनों नौसेनाओं के बीच बहुआयामी समुद्री संचालन के लिए सर्वोत्तम प्रथाओं तथा प्रक्रियाओं का आदान- प्रदान करना।

  • श्रीलंका की नौसेना का प्रतिनिधित्व वहां के नौसैनिक जहाज सायुरा (समुद्री गश्ती पोत) और गजाबहू (प्रशिक्षण जहाज) द्वारा किया गया। वहीं भारतीय नौसेना का प्रतिनिधित्व स्वदेश में निर्मित पनडुब्बी रोधी युद्धपोत कमोर्टा और किल्टन ने किया।
  • स्लीनेक्स-20 के दौरान सतह से और हवाई हमले का अभ्यास, हथियारों से फायरिंग, नाविक कला और जहारानी का विकास और युद्धाभ्यास तथा क्रॉस डेक उड़ान संचालन अभ्यास किया गया।
  • स्लीनेक्स का पिछला संस्करण सितंबर 2019 में विशाखापत्तनम में आयोजित किया गया था।

भारतीय नौसेना और रॉयल ऑस्ट्रेलियाई नौसेना का 'पासेज आभ्यास'


भारतीय नौसेना ने 23- 24 सितंबर, 2020 को पूर्वी हिंद महासागर क्षेत्र में रॉयल ऑस्ट्रेलियाई नौसेना (RAN) के साथ एक 'पासेज आभ्यास' (PASSEX) में हिस्सा लिया।

उद्देश्य: अंतर-क्षमता को बढ़ाना, एक-दूसरे से सर्वोत्तम अभ्यासों को आत्मसात करना और समझ में सुधार लाना।

  • इस अभ्यास में ऑस्ट्रेलिया की ओर से 'एचएमएएस होबार्ट' और भारत को ओर से भारतीय नौसेना जहाज ‘सह्याद्रि’ और ‘कर्मुक’ ने हिस्सा लिया।
  • अभ्यास में उन्नत सतह और एंटी-एयर एक्सरसाइज, हथियार फायरिंग, जहाजरानी अभ्यास, नौसैनिक युद्धाभ्यास और क्रॉस डेक फ्लाइंग ऑपरेशंस शामिल था।

भारत-अमेरिका द्वारा ‘पासएक्स’ अभ्यास का आयोजन


20 जुलाई, 2020 को अमेरिकी नौसेना के वाहकपोत ‘यूएसएस निमित्ज’ (USS Nimitz) ने अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के नजदीक भारतीय युद्धपोतों के साथ समुद्री अभ्यास ‘पासएक्स’ (PASSEX) में हिस्सा लिया।

  • यूएसएस निमित्ज दक्षिण चीन सागर से अपनी यात्रा पर था। नौसैनिक वाहक ने हाल ही में यूएसएस रोनाल्ड रीगन के साथ दक्षिण चीन सागर में आयोजित सैन्य अभ्यास में भाग लिया।

  • भारतीय नौसेना ने जापान मैरिटाइम सेल्फ डिफेंस फोर्स और फ्रांसीसी नौसेना के साथ इसी तरह का ‘पासएक्स’ संचालित किया है। ‘पासएक्स’ एक पासेज अभ्यास (Passage Exercise) है।

  • भारतीय नौसेना चीनी नौसेना के जहाजों के हिन्द महासागर क्षेत्र में गतिविधियों पर कड़ी नजर रख रही है, जिनकी उपस्थिति समुद्री जहाजों पर हमलों के खिलाफ गश्ती के नाम पर पिछले कुछ वर्षों में काफी बढ़ गई है।