सामयिक खबरें राज्य ओडिशा

ओडिशा आवश्यक सेवाएं (रखरखाव) संशोधन विधेयक 2020


राज्य विधान सभा द्वारा 23 नवंबर, 2020 को 'ओडिशा आवश्यक सेवाएं (रखरखाव) संशोधन विधेयक 2020' पारित किया गया।

  • इस विधेयक में राज्य में आवश्यक सेवाओं के कर्मचारियों द्वारा हड़ताल को प्रतिबंधित करने के लिए 1988 के मौजूदा अधिनियम में संशोधन किया गया है।
  • आवश्यक सेवाओं के दायरे का विस्तार करते हुए, विधेयक में अग्निशमन सेवा, आबकारी, वन, जेल सुधार, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना और संचार विभाग जैसी सेवाएं शामिल हैं।
  • अवैध हड़ताल का समर्थन करने वाले या हड़ताल के लिए उकसाने वाले या उसकी फंडिंग करने वालों को एक वर्ष तक के कारावास या पाँच हजार रुपये तक के जुर्माने या दोनों की सजा हो सकती है।

सामयिक खबरें राष्ट्रीय कृषि

कृषि सुधार विधेयक


  • 20 सितंबर, 2020 को, राज्य सभा में तीन में से दो कृषि सुधार विधेयक पारित किये गए।उनमें से एक कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक, 2020, और दूसरा कृषक (सशक्तिकरण व संरक्षण) क़ीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर क़रार विधेयक, 2020 है।

विधेयक के बारे में

कृषि बाजार (Agriculture Market) पर विधेयक

कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक, 2020

प्रमुख प्रावधान

  • एक ऐसा परितंत्र निर्मित करना जहां किसानों और व्यापारियोंको राज्य की कृषि उपज मंडी समितियों (एग्रीकल्चर प्रोड्यूस मार्केट कमिटी - APMCs) के तहत पंजीकृत मंडियों के बाहर कृषि उपज की ख़रीद फ़रोख़्त की आज़ादी हो।
  • कृषक उपज के अवरोध मुक्त अंतः-राज्यीय और अंतर-राज्यीय व्यापार को बढ़ावा देना।
  • मार्केटिंग व ट्रांसपोर्टेशन ख़र्च को कम करना तथा फ़सलों के बेहतर मूल्य प्राप्त करने में किसानों की मदद करना।
  • इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग (व्यापार) हेतु एक सुविधाजनक ढांचा प्रदान करना।

प्रभाव

  • यह विधेयक व्यापारियों के एकाधिकार को समाप्त करता है।
  • ख़रीददारों के बीच प्रतिस्पर्धा पैदा करता है।
  • किसानों को बेहतर लाभ देता है और आय में वृद्धि करता है।
  • कृषि उपज, अधिशेष उत्पादन वाले क्षेत्रों से कम उत्पादन वाले क्षेत्रों में स्वतंत्र रूप से स्थानांतरित हो सकता है।
  • यह एक राष्ट्रीय बाजार बनाता है; जिससे मंडियों में लगाने वाले ख़र्चे समाप्त हो जाएंगे।
  • उपभोक्ता को बेहतर और सस्ते उत्पाद मिलेंगे।

विरोध का कारण

  • इस विधेयक के तहत यदि राज्य अपनी उपज को पंजीकृत कृषि उपज मंडी समिति (एग्रीकल्चर प्रोड्यूस मार्केट कमिटी - APMC) बाजारों के बाहर बेचते हैं तो राज्य अपना राजस्व खो देंगे, क्योंकि उन्हें 'मंडी शुल्क' नहीं प्राप्त होगा।
  • यदि पूरा कृषि व्यापार मंडियों से बाहर चला जाए तो राज्यों में 'कमीशन एजेंटों' का क्या होगा?
  • यह विधेयक अंततः न्यूनतम समर्थन मूल्य (Minimum Support Price- MSP) आधारित ख़रीद प्रणाली को समाप्त कर सकता है।
  • इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग (व्यापार) जैसे, ई-राष्ट्रीय कृषि बाजार (E-NAM) में भौतिक 'मंडी' संरचना का उपयोगहोता है। यह इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग पोर्टल की कार्यक्षमता और उपयोगिता को बाधित करेगा।

अनुबंध खेती (Contract Farming) पर विधेयक

कृषक (सशक्तिकरण व संरक्षण) क़ीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर क़रार विधेयक, 2020

प्रमुख प्रावधान

  • इस विधेयकके तहत, किसान पूर्व-सहमत मूल्य पर कृषि उत्पादों की बिक्री के लिए कृषि बिज़नेस फ़र्मों, प्रोसेसर्स, थोक विक्रेताओं,बड़े खुदरा विक्रेताओं और निर्यातकों के साथ अनुबंध स्वीकार सकते हैं।
  • यह विधेयक पांच हेक्टेयर से कम भूमि वाले सीमांत और छोटे किसानों को एकत्रीकरण (समुच्चयन) औरअनुबंध के माध्यम से सशक्त करता है (भारत में कुल किसानों का 86% सीमांत और छोटे किसान है)।
  • बाजार की अप्रत्याशितता के जेखिम को किसानों से हटाकर आर्थिक संरक्षकों(Sponsors)पर स्थानांतरित करता है।
  • किसानों को आधुनिक तकनीकियों का उपयोग करने और बेहतर निवेश प्राप्त करने में सक्षम बनाता है।
  • मार्केटिंग के ख़र्च को कम करके और किसान की आय को बढ़ावा देता है।
  • किसान फ़सलों की लागत का पूर्ण मूल्य प्राप्त करने के लिए बिचौलियों से जुड़ाव समाप्त करके प्रत्यक्ष मार्केटिंग से जुड़ सकते हैं।
  • यह विधेयक निवारण समयसीमा के साथ प्रभावी विवाद समाधान तंत्र प्रदान करता है।

प्रभाव

  • यह विधेयक, किसानों को बुवाई से पहले फ़सलों की कीमत का आश्वासन देगा।
  • बाजार के जोखिम को किसानों से हटाकर आर्थिक संरक्षकों(Sponsors) पर स्थानांतरित करेगा।
  • किसानों तक उच्च गुणवत्ता वाले बीज, उर्वरक, कीटनाशकों की पहुंच प्रदान करेगा।
  • खेती में निजी निवेश को आकर्षित करेगा और खेतों को वैश्विक बाजारों से जोड़ देगा।

विरोध का कारण

  • अनुबंध खेती (कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग) व्यवस्था में किसान कमज़ोर कड़ी साबित होगा क्योंकि किसान उनकी क्षमता के संदर्भ में कि उन्हें क्या चाहिए, की बात करने अक्षम होंगे।
  • आर्थिक संरक्ष कों(Sponsors) छोटे और सीमांत किसानों की बड़ी तादाद से सौदा करना पसंद नहीं कर सकते हैं।
  • बड़ी निजी कंपनियों, निर्यातकों, थोक विक्रेताओं और प्रोसेसर्स होने के कारण,आर्थिक संरक्षकों(Sponsors) के साथ अत्यधिक विवाद होंगे।

विधेयकों पर सरकार का रुख

  • कृषि विकास में तेजी: यह कृषि बुनियादी ढांचे के निर्माण में निजी क्षेत्र के निवेश के माध्यम से कृषि विकास को गति देगा और राष्ट्रीय और वैश्विक बाजारों में भारतीय कृषि उपज के लिए आपूर्ति श्रृंखलाओं का निर्माण करेगा।
  • सुदृढ़ीकरण अर्थव्यवस्था: विधेयकों का उद्देश्य रोजगार के अवसर पैदा करना और अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।

ई-राष्ट्रीय कृषि बाजार (E-NAM)

  • ई-राष्ट्रीय कृषि बाजार (E-NAM) को अप्रैल 2016 में शुरू किया गया था।यह किसानों, व्यापारियों और ख़रीददारों को ऑनलाइन ट्रेडिंग (व्यापार) और आसान मार्केटिंग द्वारा बेहतर कीमत पाने में मदद करने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। यह कृषि उपज के लिए एक ऑनलाइन ट्रेडिंग (व्यापार)मंच है।

लाभ

  • किसानों के लिए, यह बिक्री के अत्यधिक विकल्प प्रदान करता है। यह गोदाम आधारित बिक्री के माध्यम से किसानों की पहुंच बाजारों तक बढ़ाएगा और इस तरह से किसानों को अपनी उपज को बेचने के लिए मंडी तक ले जाने की की ज़रूरतनहीं होगी।
  • स्थानीय व्यापारी के लिए, यह एक बड़े राष्ट्रीय बाजार तक पहुंचने का अवसर प्रदान करता है।
  • थोक ख़रीददारों, प्रोसेसर्स, निर्यातक आदि कोराष्ट्रीय कृषि बाजार(NAM)मंच के माध्यम से स्थानीय मंडी / बाजार स्तर पर सीधे ट्रेडिंग (व्यापार) में भाग लेने में सक्षम होने से लाभ होता है, जिससे उनके बिचौलियों का ख़र्च कम हो जाता है।
  • यह देश भर में प्रमुख कृषि पण्यों/वस्तुओं (Agricultural commodities) में मूल्य श्रृंखलाओं के उद्गमन की सुविधा प्रदान करता है तथा वैज्ञानिक भंडारण और कृषि उपजों की आवाजाही को बढ़ावा देने में मदद करता है।

सामयिक खबरें राष्ट्रीय रैंकिंग, रिपोर्ट, सर्वेक्षण और सूचकांक

स्टार्टअप परितंत्र के समर्थन पर राज्यों की रैंकिंग


  • 11 सितंबर, 2020 को वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने स्टार्टअप परितंत्र-2019 के समर्थन में राज्यों की रैंकिंग का दूसरा संस्करण ज़ारी किया। इसका संचालन उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) द्वारा किया गया।
  • उत्तर पूर्व भारत के चार राज्यों सहित कुल 22 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों ने इसमें हिस्सा लिया।

उद्देश्य

  • स्टार्टअप परितंत्र के समर्थन पर राज्यों की रैंकिंग का उद्देश्य स्टार्टअप परितंत्र को बढ़ावा देने के लिए राज्यों / संघ राज्य क्षेत्रों द्वारा की गई प्रगति को सामने लाने में मदद करना है।
  • इसके साथ राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों को लगातार इस क्षेत्र में कार्य करने के लिए प्रेरित करना और उनके बीच प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना है।
  • साथ ही साथ राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों को अच्छी प्रथाओं की पहचान करने, सीखने और दोहराने की सुविधा प्रदान करना है।

राज्य स्टार्टअप रैंकिंग 2019 के बारे में

सुधार के लिए हस्तक्षेपित क्षेत्र

  • इस वर्ष राज्यों की रैंकिंग की रूपरेखा, 7 क्षेत्रों में सुधार के साथ कुल 30 क्रिया बिंदुओं में विस्तार हुआ है जबकिपिछले वर्षों की रैंकिंग रूपरेखा में कुल38 क्रिया बिंदु थें।

राज्यों की 7 स्तंभ वार भागीदारी

  • यह संस्थागत समर्थन,सरलीकृत विनियमन, सार्वजनिक खरीद मानदंडों में छूट, उद्भवन समर्थन(Incubation Support), बीज अनुदान सहायता (Seed Funding support), उद्यम अनुदान सहायता तथा जागरूकता और पहुँचजैसे मापदंडों को कवर करता है।

वर्गीकरण

  • रैंकिंगप्रक्रिया में एकरूपता स्थापित करने और मानकीकरण सुनिश्चित करने के लिए, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को दो समूहों में विभाजित किया गया है।
    • श्रेणी X:शेष अन्य राज्यों एवं केंद्रशासित क्षेत्र दिल्ली को ‘श्रेणी X’ में रखा गया है।
    • श्रेणी Y:दिल्ली को छोड़कर सभी केंद्रशासित क्षेत्र एवं असम को छोड़कर पूर्वोत्तर के सभी राज्य ‘श्रेणी Y’ में रखे गए हैं।
  • रैंकिंग के उद्देश्य से राज्यों को 5 श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है:
    • सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्य
    • उत्तम प्रदर्शन करने वाले राज्य
    • अग्रणी राज्य
    • आकांक्षी अग्रणी राज्य
    • उभरते हुए स्टार्टअप परितंत्र वाले राज्य

परिणाम

श्रेणी X

  • सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्य:गुजरात (राज्य), अंडमान और निकोबार द्वीप समूह (केंद्रशासित)
  • उत्तम प्रदर्शन करने वाले राज्य:कर्नाटक और केरल
  • अग्रणी राज्य:बिहार, महाराष्ट्र, ओडिशा, राजस्थान, चंडीगढ़
  • आकांक्षी अग्रणी राज्य:हरियाणा, झारखंड, पंजाब, तेलंगाना, उत्तराखंड
  • उभरते हुए स्टार्टअप परितंत्र वाले राज्य:आंध्र प्रदेश, असम, छत्तीसगढ़, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, सिक्किम, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश

श्रेणी Y

  • सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्य:अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
  • अग्रणी राज्य:चंडीगढ़
  • आकांक्षी अग्रणी राज्य:नागालैंड
  • उभरते हुए स्टार्टअप परितंत्र वाले राज्य:मिज़ोरम, सिक्किम

महत्त्व

  • रैंकिंग न सिर्फ़ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को, बल्कि उद्यमियों को भी मदद करेगी और इससे स्टार्टअप के विस्तार और नए उपक्रमों को शुरू करने में मदद मिलेगी।
  • रैंकिंग, क्षमता विकास अभ्यास पर आधारित है, यह सभी राज्यों के बीच आपसी सीख को प्रोत्साहित करने तथा नीतियों के निर्माण और उनके क्रियान्वयन में सहायता प्रदान करेगी।

स्टार्टअप

  • एक स्टार्टअप को एक नए व्यवसाय के रूप में परिभाषित किया जा सकता है, जिसकी कार्यप्रणाली शुरुआती चरणों में है, और जो अभी विकसित हो रहा है। यह आमतौर पर एक व्यक्ति या व्यक्तियों के छोटे समूह द्वारा वित्तपोषित होता है।
  • एक इकाई को एक स्टार्टअप माना जाएगा यदि वह नीचे उल्लिखित शर्तों को पूरा करती है:

इकाई का प्रकार

  • एक निजी लिमिटेड कंपनी के रूप में निगमित (जैसा कि कंपनी अधिनियम, 2013 में परिभाषित है) या
  • एक साझेदारी फर्म (कंपनी) के रूप में पंजीकृत (भागीदारी अधिनियम, 1932 की धारा 59 के तहत) या
  • भारत में सीमित देयता भागीदारी (सीमित देयता भागीदारी अधिनियम, 2008 के तहत) के रूप में पंजीकृत।

आयु (स्टार्टअप कहलाने हेतु समयसीमा)

  • किसी फर्म (कंपनी) की निगमन की तारीख़ से 10 साल तक उस फर्म (कंपनी) को स्टार्टअप कहा जा सकता है।

व्यापार की मात्रा (टर्नओवर)

  • किसी भी वित्तीय वर्ष में उस फर्म (कंपनी) का टर्न ओवर एक सौ करोड़ रुपये से अधिक नहीं होना चाहिए।

गतिविधि की प्रकृति

इकाई निम्न क्षेत्रों में काम कर रही है-

  • नवाचार (Innovation)
  • उत्पादों या प्रक्रियाओं या सेवाओं का विकास या सुधार
  • मापनीयता (Scalability)
  • रोज़गार निर्माण
  • धन सृजन

स्टार्टअप्स के लिए अवसर

भारतीय बाजार स्टार्टअप के लिए कई अवसर प्रदान करते हैं।

  • भारत की बड़ी जनसंख्या:भारत की जनसंख्या देश के लिए एक बड़ी संपत्ति है। 2020 तक, यह उम्मीद की जाती है कि कामकाजी उम्र की आबादी ग़ैर-कामकाजी आबादी को पार कर जाएगी। यह अद्वितीय जनसांख्यिकीय लाभ किसी भी स्टार्टअप को एक शानदार अवसर प्रदान करेगा। विभिन्न बुनियादी ढांचोंकी ज़रूरतें और बाज़ार कामूल आधार स्टार्टअप्स के लिए बड़े अवसर प्रदान करेंगे।
  • श्रमिक वर्ग कीमानसिकता बदलना:पारंपरिक कामकाज भारतीय स्टार्टअप के लिए नई राह बनेंगे। चुनौतीपूर्ण कार्य, अच्छे मुआवजों का पैकेज प्रतिभाशाली लोगों को स्टार्टअप के लिए आकर्षित करेंगे। इसके अलावा, यह देखा गया है कि कई हाई-प्रोफाइल अधिकारी स्टार्टअप शुरू करने या काम करने के लिए अपनी नौकरी छोड़ रहे हैं।
  • स्टार्टअप्स में भारी निवेश:स्टार्टअप परितंत्र को विदेशी और भारतीय निवेशकों से पर्याप्त समर्थन मिल रहा है, जिन्होंने उद्योग में अधिक विश्वास दिखाया है और इन कंपनियों को आगे बढ़नेतथाइनकी क्षमता और सीमा बढ़ाने में मदद करने के लिए धन प्रदान किया है।
  • सरकारी पहल:सरकारी और अर्ध-सरकारी पहलें वर्तमान में बुनियादी ढांचे, वित्तीय और तकनीकी सहायता और आसान अनुपालन मानदंडों के माध्यम से स्टार्टअप्स का समर्थन कर रही हैं।

भारत में स्टार्टअप परिदृश्य

  • 31 मार्च 2020 को भारत की स्टार्टअप वृद्धि की कहानी के कुछ प्रमुख परिणाम इस प्रकार हैं -

स्टार्टअप्स के मुद्दे और चुनौतियां

  • वित्तीय संसाधनों की कमी:स्टार्टअप के लिए वित्त की उपलब्धता महत्वपूर्ण है और हमेशा पर्याप्त मात्रा में वित्तकी उपलब्धता एक बड़ी समस्या है। स्टार्टअप की सफलता के लिए नकद प्रबंधन महत्वपूर्ण है। हालिया रिपोर्ट में 85% नई कंपनियोंने विफलता के संकेत के साथ एक उदास तस्वीर पेश की है।
  • खराब राजस्व सृजन:व्यापार बढ़ने के साथ-साथ खराब राजस्व के कारण कई स्टार्टअप विफल हो जाते हैं। जैसे-जैसे संचालन बढ़ता है, व्यय राजस्व में कमी के साथ बढ़ते हैं, जिससे स्टार्टअपनिधीकरण (Funding) के पहलू पर ध्यान केंद्रित करना शुरू कर देते है। इसलिए, चुनौती पर्याप्त पूंजी उत्पन्न करना नहीं है, बल्कि विकास का विस्तार करना और उसे बनाए रखना है।
  • सहायक मूलभूत ढांचें:विभिन्न समर्थन तंत्र जो स्टार्टअप्स के जीवन चक्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं जिसमें इनक्यूबेटर, विज्ञान और प्रौद्योगिकी पार्क, व्यवसाय विकास केंद्र आदि शामिल हैं। इस तरह के समर्थन तंत्रों के अभाव में विफलता का खतरा बढ़ जाता है।
  • बाजारों में जागरूकता की कमी:बाजारों में सीमाओं पर ध्यान न देने के कारण स्टार्टअप विफल हो जाते हैं। उत्पाद की विशिष्टता के कारण किसी स्थापित कंपनी की तुलना में स्टार्टअप के लिए वातावरण आमतौर पर अधिक कठिन होता है।
  • जटिल नियामक पर्यावरण:व्यवसाय शुरू करने के लिए सरकारी एजेंसियों से कई अनुमतियों की आवश्यकता होती है। हाल के वर्षों में अवधारणात्मक परिवर्तन के बावजूद, कंपनी को पंजीकृत करना अभी भी एक चुनौती है। इसके अलावा, श्रम कानूनों, बौद्धिक संपदा अधिकारों, विवाद समाधान आदि से संबंधित विनियम भारत में कठोर हैं।
  • संरक्षण का अभाव:उचित मार्गदर्शन और संरक्षक का अभाव भारतीय स्टार्टअप परितंत्र में मौजूद सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है। अधिकांश स्टार्टअप के पास शानदार विचार और / या उत्पाद हैं, लेकिन उत्पादों को बाजार में लाने के लिए कोई उद्योग या व्यवसाय और बाजार का अनुभव नहीं है।
  • एक प्रभावी ब्रांडिंग रणनीति का अभाव:एक प्रभावी ब्रांडिंग रणनीति की अनुपस्थिति एक और मुद्दा है जो स्टार्टअप को फलने-फूलने से रोकता है। ब्रांडिंग स्टार्टअप्स के लिए सबसे महत्वपूर्ण है क्योंकि यह एक पहचान देता है और उपभोक्ताओं के दिमाग में जगह बनाता है।

स्टार्टअप्स के प्रति हाल ही में किये गए विनियामक सुधार

  • कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय ने मार्च 2020 में कंपनियों की फ्रेश स्टार्ट योजनाकी शुरुआत की है जो कंपनियों को अवसर प्रदान करने करने, समय के अपेक्ष के बिना किसी भी फाइलिंग संबंधित चूक को कम करने और पूरी तरह से अनुवर्ती इकाई को फ्रेश स्टार्ट मुहैया करेगी।
  • भारत सरकार की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (EODB) पहल केरूप में,कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय ने मौजूदा SPICe फॉर्म की जगह एक नया एकीकृत वेब फॉर्म IC‘SPICe+’शुरू किया है।SPICe+, 3 केंद्रीय सरकार के मंत्रालयों व विभागों (कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय, श्रम मंत्रालय और वित्त मंत्रालय में राजस्व विभाग) और एक राज्य सरकार (महाराष्ट्र) द्वारा 10 सेवाओं की पेशकश करेगा, जिससे भारत में एक व्यवसाय शुरू करने की प्रक्रियाओं, समय और लागत की बचत होगी।
  • कंपनियों अधिनियम (निगमन) का 5वां संशोधित नियम 2019,मौजूदा कंपनी नाम के साथ उपनामके लिए नए नियम प्रदान करता है और किसी कंपनी के अवांछनीय नामों की नई श्रेणियों और शब्दों का उपयोग अनुमोदन प्राप्त करने के बाद ही किया जा सकता है।
  • कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालयने अगस्त 2019 में एक अधिसूचना ज़ारी की, जिसमें ईएसओपी (ESOP) को स्टार्टअप्स के प्रवर्तकों और निदेशकों (10% से अधिक इक्विटी धारण) को निगमन की तारीख से 5 साल से लेकर 10 साल तक के लिए पुनर्निवेशित किया जा सकता है।
  • आयकर अधिनियम की धारा 54GB में संशोधन1 अप्रैल 2020 (अगस्त 2019)।
  • आयकर अधिनियम (अगस्त 2019) की धारा 79 में संशोधन।
  • एक स्टार्टअप में श्रेणी- I वैकल्पिक निवेश कोष (AIF) के वेंचर कैपिटल फंड द्वारा किए गए निवेश को आईटी अधिनियम की धारा 56 (2) (viib) के प्रावधानों की व्यावहारिकता से छूट दी गई।यह छूट उक्त अनुभाग (अगस्त 2019) में "निर्दिष्ट निधियों" की शुरूआत के ज़रिये श्रेणी- I वैकल्पिक निवेश कोष (AIF) और श्रेणी- II वैकल्पिक निवेश कोष (AIF) की सभी उप-श्रेणियों में विस्तारित की गई है।
  • वित्त अधिनियम 2020 मेंयोग्य स्टार्टअप्स को आयकर छूट के लिए (दस वर्षों में से तीन लगातार मूल्यांकन वर्षों की अवधि के लिए) धारा 80-IAC में संशोधन का प्रावधान है। इसके लिए टर्नओवर 100 करोड़ से अधिक नहीं होना चाहिए।
  • एक स्टार्टअप की परिभाषा में संशोधन:एक इकाई को एक स्टार्टअप तब तक माना जाएगा जब तक उस इकाई के निगमन / पंजीकरण से दस वर्ष की अवधि न पूरी हो जाती और उस इकाई का टर्न ओवर एक वित्त वर्ष में 100 करोड़ से अत्यधिक नहीं होना चाहिए। (फरवरी 2019)।

सरकारी की तरफ से किये गए पहल

आत्मानिर्भर भारत- अटल न्यू इंडिया चैलेंज (ANIC) की शुरुआत

  • 9 सितंबर, 2020 को सरकार द्वारा आत्मानिर्भर भारत- अटल न्यू इंडिया चैलेंज (ANIC) कार्यक्रम की शुरुआत की गयी, जो अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने तथा भारतीय स्टार्टअप्स और सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यमों (MSMEs) की प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाने के लिए एक राष्ट्रीय पहल है।

एआईएम-आईसीआरईएसटी (AIM-iCREST) कार्यक्रम

  • जुलाई, 2020 में अटल इनोवेशन मिशन (AIM) द्वारा आईसीआरईएसटी (iCREST) को लॉन्च किया गया, यह एक उच्च प्रदर्शन स्टार्टअप बनाने पर केंद्रित एक मजबूत परितंत्र के लिए एक इनक्यूबेटर क्षमता संवर्धन कार्यक्रम है।
  • इसे समूचे देश में एआईएम (AIM)और इनक्यूबेटरों के विकास में समर्थन करने के लिए तैयार किया गया है।

राष्ट्रीय स्टार्टअप सलाहकार परिषद

  • जनवरी, 2020 में सरकार ने नवाचार और स्टार्टअप के विकास हेतु एक मजबूत परितंत्र के गठन के लिए आवश्यक उपायों पर सरकार को सलाह देने के लिए राष्ट्रीय स्टार्टअप सलाहकार परिषद बनाई, जो देश में सतत आर्थिक विकास को बढ़ावा देने और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करेगा।

स्टार्टअप इंडिया

  • 15 अगस्त 2015 को केंद्र सरकार द्वारा घोषित इस पहल का उद्देश्य देश में नवाचार और स्टार्टअप को विकसित करने के लिए एक मजबूत परितंत्र का निर्माण करना है जो स्थायी आर्थिक विकास को बढ़ावा देगाऔर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करेगा।
  • स्टार्टअप इंडिया पहल के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए, 16 जनवरी 2016 को स्टार्टअप इंडिया के लिए एक एक्शन प्लान लाया गया। एक्शन प्लान में क्षेत्रों में फैले हुए कुल 19 एक्शन आइटम शामिल हैं जैसे- "सरलीकरण और प्रारंभिक सहायता (Simplification and handholding)", "समर्थन और प्रोत्साहन अनुदान (Funding support and incentives)" तथा "उद्योग-एकेडेमिया भागीदारी और उद्भवन Industry academia partnership and incubation)”।

मेक इन इंडिया

  • इसे 2014 में लॉन्च किया गया था, इसका अंतिम उद्देश्य भारत को एकमहत्वपूर्ण निवेश एवं निर्माण, संरचना तथा अभिनव प्रयोगों के वैश्विक केंद्र के रुप में तब्दील करना है। यह पहल निवेश, कौशल विकास को बढ़ावा देती है, नवाचार को प्रोत्साहित करती है, इस उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए बौद्धिक संपदा अधिकारों की रक्षा करती है।

मुद्रा योजना

  • इस योजना के माध्यम से, स्टार्टअप्स को अपने व्यवसायों को स्थापित करने, विकसित करने और मजबूत करने के लिए बैंकों से ऋण मिलता है।

स्व-रोजगार और प्रतिभा उपयोग कोष (SETUFund)

  • सरकार ने स्वरोजगार और मुख्य रूप से प्रौद्योगिकी संचालित डोमेन में नई नौकरियों के अवसर पैदा करने के लिए 1,000 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।

ई-बिज़ पोर्टल (E-Biz Portal)

सरकार ने ई-बिज़ पोर्टल शुरू किया जो एक स्रोत पर 14 विनियामक अनुमतियों और लाइसेंसों को एकीकृत करता है इससे लाइसेंसों को मंजूरी देने में तेजी आएगी तथा भरता में ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस में सुधार होगा।

आगे का रास्ता

  • स्टार्टअप वर्तमान में एक महत्वपूर्ण संपत्ति है जिसे तेजी से विकसित बुनियादी ढांचे के विकास के माध्यम से समर्थित होने की आवश्यकता है। इसके अतिरिक्त, सरकार को नवीन स्टार्टअप्स को कम ब्याज वाले ऋण देने के लिए बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों पर ज़ोर देना चाहिए। इन स्टार्टअप को नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए ताकि वे प्रतिस्पर्धी बाजार से बच सकें।
  • भारत का एक बड़ा जनसांख्यिकीय आधार है। आवश्यक कौशल और शिक्षा की कमी भारत को मानव पूंजी की क्षमता को महसूस करने से रोक रही है। इन पहलुओं में सुधार, समय की ज़रुरत है।
  • सामूहिक पहल के रूप में,केंद्र और राज्यों को एक साथ काम करने और सभी आयु समूहों के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचों, समर्पित प्रणालियों, बुद्धि और वित्तीय संसाधनों के समुच्चय निर्मित करने की ज़रुरत है।
  • वर्तमान प्रतिबंधात्मक विधायी संरचना और विनियामक मानदंडों में सुधार इस तरह से किया जाना चाहिए जिससे स्टार्टअप पूरे देश में पनप सकें और विकसित हो सकें।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

प्रधानमंत्री द्वारा उत्तराखंड में छ: मेगा परियोजनाओं का उद्घाटन


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 29 सितंबर, 2020 को ‘नमामि गंगे मिशन’ के तहत उत्तराखंड में छ: मेगा परियोजनाओं का वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से उद्घाटन किया।

  • हरिद्वार में जगजीतपुर में स्थित 68 मिलियन लीटर प्रतिदिन (एमएलडी) की क्षमता वाले एक नए अप-शिष्ट जल शोधन संयंत्र (एसटीपी) का निर्माण तथा 27 एमएलडी क्षमता वाले एसटीपी का उन्नयन; और हरिद्वार के ही सराय में 18 एमएलडी क्षमता वाले एसटीपी का निर्माण;
  • जगजीतपुर का 68 एमएलडी क्षमता वाला एसटीपी, सार्वजनिक निजी भागीदारी से पूरी की गई पहली हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल वाली परियोजना है।
  • ऋषिकेश में लक्कड़घाट पर 26 एमएलडी क्षमता वाले एक एसटीपी का उद्घाटन; मुनि की रेती शहर में चंद्रेश्वर नगर में 900 वर्ग मीटर से कम क्षेत्र में निर्मित 7.5 एमएलडी क्षमता वाला एसटीपी देश में पहला 4 मंजिला अपशिष्ट जल शोधन संयंत्र है।
  • चोरपानी में 5 एमएलडी क्षमता वाले एक एसटीपी और बद्रीनाथ में 1 एमएलडी तथा 0.01 एमएलडी क्षमता वाले दो एसटीपी का उद्धाटन।
  • गंगा नदी के कायाकल्प को समर्पित हरिद्वार के चंडी घाट में स्थित अपने तरह के पहले संग्रहालय ‘गंगा अवलोकन’ का भी उद्घाटन किया।
  • ‘राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन’ और ‘भारतीय वन्यजीव संस्थान’ द्वारा सह-प्रकाशित पुस्तक ‘रोविंग डाउन द गंगेज’ (Rowing down the Ganges) का भी विमोचन किया।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

डिफेंस इंडिया स्‍टार्ट अप चैलेंज-4


रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इनोवेशन फॉर डिफेंस एक्सीलेंस (आईडीईएक्स) इकोसिस्टम का विस्तार करने के उद्देश्य से की गई पहल के साथ 29 सितंबर, 2020 को आईडीईएक्स कार्यक्रम के दौरान ‘डिफेंस इंडिया स्टार्टअप चैलेंज 4’ (डिस्क 4) लॉन्च किया।

महत्वपूर्ण तथ्य: डिस्क 4 के तहत, सशस्त्र बलों, आयुध निर्माणी बोर्ड और रक्षा क्षेत्र के पीएसयू की

ग्यारह चुनौतियों पर संभावित स्टार्टअप्स, नवोन्मेषक, एमएसएमई के प्रौद्योगिकियों पर अपने अभिनव विचार प्रदान करेंगे।

चुनौतियां: स्वतंत्र अंतर्जलीय समूह ड्रोन; भविष्यसूचक, निवारक और निर्देशात्मक मशीन निगरानी; स्पेशल रेजोल्यूशन (Spatial Resolution) में सुधार हेतु सुपर रेजोल्यूशन; एआई आधारित सैटेलाइट इमेज विश्लेषण; वायुमंडलीय दृश्यता की भविष्यवाणी और पूर्वानुमान;

  • वर्चुअल प्रशिक्षण के लिए कंप्यूटर में तैयार लक्ष्य; विमान चालक दल के सदस्यों की रिमोट रियल टाइम स्वास्थ्य निगरानी; एमएफ-टीडीएमए वाइडबैंड सेटकॉम मॉडेम (SATCOM Modem); पर्ण-छिद्रण (FOPEN) रडार; नौसैनिक युद्धपोतों के आरसीएस (Radar cross section- RCS) में कमी; तथा चाफ (सैन्य विमान द्वारा जारी एक रेडियोफ्रीक्वेंसी उपाय) माहौल में लक्ष्य का पता लगाना।

आईडीईएक्स पहल: रक्षा उत्पादन विभाग की आईडीईएक्स पहल को अप्रैल 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भारतीय रक्षा क्षेत्र में नवाचारों को प्रोत्साहित करने और विकसित करने के उद्देश्य से शुरू किया गया था।

  • इसका उद्देश्य एक ऐसा इकोसिस्टम तैयार करना है, जहाँ स्टार्टअप, एमएसएमई और व्यक्तिगत नवाचारकर्ता भारतीय रक्षा प्रतिष्ठानों के साथ आसानी से संवाद कर सकें और विशिष्ट चुनौतियों के लिए नवीनतम तकनीकी नवाचार प्रदान कर सकें।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

‘आईडीईएक्‍स4फौजी’ पहल


रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 29 सितंबर, 2020 को ‘आईडीईएक्स4फौजी’ पहल (iDEX4Fauji) और उत्पाद प्रबंधन दृष्टिकोण (पीएमए) दिशा-निर्देश जारी किए।

महत्वपूर्ण तथ्य: ‘आईडीईएक्स4फौजी’ अपनी तरह की पहली पहल है, जो भारतीय सशस्त्र बलों के सदस्यों द्वारा पहचाने गए नवाचारों को सहयोग देने के लिए शुरू की गई है।

  • ज्ञात हो कि फील्ड में और सीमाओं पर 13 लाख से अधिक सेवा कर्मी काम कर रहे हैं, जो अत्यन्त कठिन परिस्थितियों का निर्वाह कर रहे हैं और उपकरणों को संभाल रहे हैं।
  • यह पहल इस तरह के उपकरणों को बेहतर बनाने के लिए सैनिकों के अनेक विचार और नवीन अविष्कारों में सहयोग करने के लिए एक तंत्र प्रदान करेगा और फौजियों को नवाचार प्रक्रिया का हिस्सा बनने और मान्यता देने का अवसर प्रदान करेगा।
  • एक 'सही उत्पाद और उत्पाद सही' (right product and the product right) विकसित करने के लिए, रक्षा नवाचार संगठन (डीआईओ) ने बाजार के लिए तैयार उत्पाद का प्रोटोटाइप विकसित करने के लिए उत्पाद प्रबंधन दृष्टिकोण अपनाया है।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

एनसीआरपीबी परियोजना प्रबंधन सूचना प्रणाली पोर्टल


आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा 29 सितंबर, 2020 को नई दिल्ली में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्रीय योजना बोर्ड (एनसीआरपीबी) का ‘परियोजना प्रबंधन सूचना प्रणाली’ (पी-आईएमएस) पोर्टल लॉन्च किया गया।

उद्देश्य: परियोजनाओं और ऋण प्रबंधनों की प्रगति की निगरानी में पारदर्शिता और जवाबदेही को बेहतर बनाने के लिए डिजिटल/मोबाइल प्रौद्योगिकी का उपयोग करना।

  • पी-एमआईएस परियोजनाओं की समीक्षा और प्रबंधन में सरलता लाएगा और नागरिकों को प्रतिक्रिया देने के लिए आवश्यक सूचना और अवसर प्रदान करेगा।
  • एनसीआरपीबी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में क्षेत्रीय और उप-क्षेत्रीय योजनाओं को मंजूरी देता है और बाजार में बॉन्ड्स जारी करके या द्विपक्षीय/बहुपक्षीय एजेंसियों से ऋण लेकर सस्ती दरों पर परियोजनाओं का वित्त पोषण करता है।


पीआईबी न्यूज विज्ञान और तकनीक

हिमालयन चंद्र टेलिस्कोप


हिमालयन चन्द्र टेलीस्कोप के 20 वर्ष पूरे होने पर 28 सितंबर, 2020 को कार्यशाला का आयोजन किया गया।

  • 2 मीटर व्यास वाले इस ऑप्टिकल–इन्फ्रारेड टेलिस्कोप को लद्दाख में भारतीय खगोलीय वेधशाला के भीतर स्थापित किया गया है।
  • हिमालयी चन्द्र टेलीस्कोप का उपयोग कई समन्वित अंतरराष्ट्रीय अभियानों में नक्षत्रीय धमाकों, धूमकेतु, छोटे तारों और बहिर्ग्रह निगरानी के लिए किया जाता है।
  • इसे विज्ञान और प्रौद्योगिकी में अनुसंधान और शिक्षा केंद्र (CREST) से प्राप्त एक समर्पित उपग्रह संचार लिंक का उपयोग करके भारतीय तारा भौतिकी संस्थान (IIA), बेंगलुरु द्वारा सुदूर संचालित किया जाता है।

सामयिक खबरें विज्ञान-पर्यावरण

सैंडलवुड स्पाइक डिजीज


सितंबर 2020 में भारत में चंदन के वृक्ष अर्थात् सैंडलवुड विनाशकारी ‘सैंडलवुड स्पाइक डिजीज’ (Sandalwood Spike Disease- SSD) के कारण एक गंभीर खतरे का सामना कर रहे हैं।

महत्वपूर्ण तथ्य: कर्नाटक एवं केरल के चंदन वृक्षों में इस रोग का संक्रमण फिर से फैल गया है। वर्तमान में इस संक्रमण का तेजी से फैलाव काफी हद तक जंगलों में हरित वनस्पति की कटाई पर लगे प्रतिबंध के कारण हुआ है।

  • सैंडलवुड स्पाइक डिजीज एक संक्रामक रोग है, जो पौधे के ऊतकों के जीवाणु परजीवी 'फाइटोप्लाज्मा' के कारण होता है। वे कीट वैक्टर (Insect Vectors) द्वारा प्रेषित होते हैं।
  • यह रोग सर्वप्रथम वर्ष 1899 में कर्नाटक के कोडागु (Kodagu) जिले में देखा गया था।
  • अभी इसके रोकथाम के लिए कोई उपाय नहीं है। वर्तमान में, बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए संक्रमित पेड़ को काटने और हटाने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।
  • प्राकृतिक आवासों में विनाशकारी प्रभाव के कारण चंदन को 1998 में इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर द्वारा 'अतिसंवेदनशील' (vulnerable) के रूप में वर्गीकृत किया गया था।
  • 1792 की शुरुआत में, टीपू सुल्तान ने इसे मैसूरु का 'रॉयल ट्री' घोषित किया था।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप पुरस्कार/सम्मान

उषा मंगेशकर को ‘गानसम्राज्ञी लता मंगेशकर पुरस्‍कार 2020-21’


महाराष्ट्र सरकार ने 28 सितंबर, 2020 को पार्श्व गायिका उषा मंगेशकर को ‘गानसम्राज्ञी लता मंगेशकर पुरस्कार 2020-21’ प्रदान करने की घोषणा की।

  • राज्य के संस्कृति विभाग द्वारा यह पुरस्कार प्रदान किया जाता है। पुरस्कार के अंतर्गत पांच लाख रुपये और प्रशस्ति पत्र तथा एक स्मृति चिन्ह दिया जाता है।
  • उषा मंगेशकर फिल्मों में मराठी, हिन्दी और अनेक भारतीय भाषाओं में गीत गा चुकी है। सुबह का तारा, जय संतोषी मां, आजाद, चित्रलेखा, खट्टा-मीठा, काला पत्थर, नसीब, खूबसूरत, डिस्को डांसर और इंकार जैसी फिल्मों में उनके गाने काफी लोकप्रिय हैं।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप विविध

दूध दूरंतो स्‍पेशल ट्रेन


28 सितंबर, 2020 तक दूध दूरंतो स्पेशल ट्रेन से आंध्र प्रदेश में रेनीगुंटा से तीन करोड़ लीटर दूध नई दिल्ली पहुंचाया जा चुका है।

  • लॉकडाउन के दौरान दक्षिण मध्य रेलवे द्वारा राष्ट्रीय राजधानी के लोगों को दूध की आपूर्ति के लिए रेनीगुंटा से हजरत निजामुद्दीन के लिए दूध दूरंतो स्पेशल शुरू की गई थी। यह नियमित आधार पर चलाई जा रही है।
  • यह ट्रेन 26 मार्च, 2020 से शुरू हुई थी। 15 जुलाई, 2020 से इसे दैनिक आधार पर चलाया जा रहा है।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप चर्चित दिवस

खाद्य नुकसान और हानि न्यूनीकरण पर जागरूकता का अंतरराष्ट्रीय दिवस


29 सितंबर

2020 का विषय: खाद्य की कमी और बर्बादी रोकें। लोगों के लिए, ग्रह के लिए

महत्वपूर्ण तथ्य: इस वर्ष पहली बार यह दिवस मनाया गया।

सामयिक खबरें खेल टेनिस

अमेरिकी ओपन टेनिस टूर्नामेंट 2020


अमेरिकी ओपन टेनिस टूर्नामेंट 31 अगस्त से 13 सितंबर, 2020 तक न्यूयॉर्क सिटी, अमेरिका में संपन्न हुई।

  • ऑस्ट्रिया के डोमनिक थियम ने जर्मनी के अलेक्जेंडर जेवरेव को 2-6, 4-6, 6-4, 6-3 7-6 से हराकर अमेरिकी ओपन टेनिस प्रतियोगिता का एकल खिताब जीता। यह डोमिनिक थियम का पहला ग्रेंडस्लैम खिताब है।
  • जापान की नाओमी ओसाका ने बेलारूस की विक्टोरिया अजारेंका को हराकर अमेरिकी ओपन टेनिस प्रतियोगिता का महिला एकल खिताब जीता।
  • यह ओसाका का तीसरा ग्रेंडस्लैम खिताब है। वे तीन ग्रेंडस्लैम एकल खिताब जीतने वाली पहली एशियाई खिलाड़ी बन गई हैं।
  • इस वर्ष मिश्रित युगल स्पर्धा को रद्द कर दिया गया था।

अन्य विजेता:

  • पुरुष युगल: विजेता-मैट पाविक (क्रोएशिया) और ब्रूनो सोआरेस (ब्राजील); उपविजेता-वेस्ले कूलहॉफ (नीदरलैंड्स) और निकोल मेक्टिक (क्रोएशिया)
  • महिला युगल: विजेता-लौरा सीजेमुंड (जर्मनी) एवं वेरा जोनारेवा (रूस); उपविजेता-जू यिफान (चीन) एवं निकोल मेलिचार (अमेरिका)

सामयिक खबरें राज्य ओडिशा

झुग्गी उन्नयन कार्यक्रम


ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने 28 सितंबर, 2020 को राज्य को तीन वर्ष के भीतर झुग्गी- झोपड़ियों से मुक्त कराने के लिए ‘झुग्गी उन्नयन कार्यक्रम’ (slum upgradation programme) की शुरुआत की।

  • इस कार्यक्रम के अंतर्गत झुग्गी-झोपड़ी निवासियों के लिए नल द्वारा पानी उपलब्ध कराने, बिजली की सुविधा सुनिश्चित करने, पक्की सडकों और मनोरंजन स्थलों के निर्माण की व्यवस्था जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
  • तीन वर्षों में राज्य के करीब 3000 झुग्गी बस्तियों के इस कल्याणकारी कार्यक्रम की शुरुआत 100 झुग्गी- झोपड़ी बस्तियों से की जाएगी।
  • आवास और शहरी विकास विभाग और दिल्ली स्थित सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च (सीपीआर) के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। सीपीआर परियोजना के कार्यान्वयन के लिए ज्ञान साझेदार होगा।

सामयिक खबरें राष्ट्रीय सरकार की नीतियां और हस्तक्षेप

फेम इंडिया योजना- द्वितीय चरण (Fame India SchemePhase- II)


  • 26 सितंबर, 2020 को भारतसरकार ने फेमइंडिया योजना के चरण- II के तहत देश में विद्युत गतिशीलता (Electric Mobility) को बढ़ावा देने के लिए 670 इलेक्ट्रिक बसों और 241 चार्जिंग स्टेशनों को मंजूरी दी है।

फेम इंडिया योजना के बारे में

  • वर्ष 2015 में बड़े उद्योग एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्रालय ने इलेक्ट्रिक वाहनों और हाइब्रिड(संकर) वाहनों सहित पर्यावरण के अनुकूल वाहनों के उत्पादन और संवर्धन को प्रोत्साहित करने के लिए फेम (FAME- Faster Adoption and Manufacture of Hybrid and Electric Vehicles) इंडिया योजना की शुरुआत की थी।
  • यह राष्ट्रीय विद्युत गतिशीलता मिशन योजना का एक अंग है।
  • इस योजना के तहत दो पहिया, तीन पहिया, इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड कार तथा इलेक्ट्रिक बस जैसे वाहनों की ख़रीद पर सब्सिडी का प्रावधान है।
  • इसमें इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड (संकर) तकनीकी जैसे- हल्के हाइब्रिड (Mild Hybrid), मजबूत हाइब्रिड (Strong Hybrid), प्लग इन हाइब्रिड (Plug in Hybrid) और बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन भी शामिल है।

फेम-इंडिया (FAME-India)के दो चरण

  • प्रथम चरण: वर्ष 2015 में शुरू हुआऔर 31 मार्च2019 को पूरा हुआ।
  • द्वितीय चरण:1 अप्रैल, 2019 से शुरू हुआ और 31 मार्च,2022 तक पूरा होगा।

केंद्रित क्षेत्र

  • तकनीकी (प्रौद्योगिकी) विकास
  • मांग का सृजन
  • अग्रगामी परियोजना (Pilot project)
  • चार्जिंग के लिए बुनियादी ढाँचा तैयार करना

फेम इंडिया योजना चरण- II

  • फेम इंडिया योजना चरण- II का उद्देश्यइलेक्ट्रिक वाहनों (EV- Electric Vehicles) की ख़रीद पर अग्रिम प्रोत्साहन (Upfront Incentive)तथाइलेक्ट्रिक वाहनों के चार्जिंग के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचों के निर्माण के माध्यम सेइलेक्ट्रिक और हाइब्रिड (संकर) वाहनों को तेजी से अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है।
  • यह निर्माताओं को प्रोत्साहन (Incentives) प्रदान करता है, जो इलेक्ट्रिक वाहनों और इसके घटकों (Components) को विकसित करने में निवेश करते हैं, जिसमें लिथियम-आयन बैटरी और इलेक्ट्रिक मोटर्स शामिल हैं।

प्रभाव

  • प्रदूषण पर नियंत्रण: देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने से जीवाश्म ईंधन के अंधाधुंध उपयोग के कारण वायु प्रदूषण की भया वह समस्या को दूर करने में मदद मिलेगी।
  • जीवाश्म ईंधन का सतत उपयोग: यह ईंधन सुरक्षा प्रदान करता है क्योंकि यह जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता को कम करने में मदद करता है जिससे जीवाश्म ईंधन के टिकाऊ और कुशल उपयोग का मार्ग प्रशस्त होता है।

राष्ट्रीय विद्युत गतिशीलता मिशन योजना (NEMMP- National Electric Mobility Mission Plan)

  • यह योजना भारत सरकार द्वारा 2013 में देश में इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड(संकर) वाहनों को बढ़ावा देकर राष्ट्रीय ईंधन सुरक्षा प्राप्त करने के उद्देश्य से शुरू की गई थी।
  • वर्ष 2020 से साल दर साल 60-70 लाख हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री हासिल करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य है।
  • यह विभिन्न नीति-प्रभाविता का उपयोग करके तैयार की गयी एक समग्र योजना है, जैसे-
    • हाइब्रिड / इलेक्ट्रिक वाहनों के अधिग्रहण की सुविधा के लिए मांग करने वाले को प्रोत्साहन (Demand side incentives)।
    • बैटरी तकनीकी, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, मोटर्स, सिस्टम एकीकरण सहित तकनीकी में अनुसंधान और विकास (R&D) को बढ़ावा देना।
    • चार्जिंग के बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देना।
    • आपूर्ति पक्ष के लिए प्रोत्साहन (incentives)।
    • ऑन-रोड वाहनों को रेट्रो-फिटमेंट के लिए प्रोत्साहित करना, यह एक हाइब्रिड किट है।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

2,290 करोड़ रूपये के रक्षा उपकरणों की खरीद की मंजूरी


रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रक्षा खरीद परिषद - डीएसी ने 28 सितंबर, 2020 को सशस्त्र बलों द्वारा करीब 2290 करोड़ रुपए के विभिन्न उपकरणों और हथियारों की खरीद के प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है।

महत्वपूर्ण तथ्य: इनमें घरेलू उद्योग के साथ-साथ विदेशी वेंडरों से की जाने वाली खरीद के प्रस्ताव भी शामिल है।

  • भारतीय कम्पनियों से खरीद की श्रेणी (Buy Indian Category) के तहत स्टेटिक एचएफ ट्रांस - रिसीवर सेट (Static HF Tans-receiver sets) और स्मार्ट एंटी एयर फील्ड वैपन (Smart Anti Airfield Weapon- SAAW) खरीदने की स्वीकृति दी गई।
  • एचएफ रेडियो सेट से थलसेना और वायुसेना की क्षेत्रीय इकाईयों के लिए संचार सुविधा बाधारहित होगी। इस खरीद पर लगभग 5 अरब 40 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
  • स्मार्ट एंटी एयर फील्ड वैपन की खरीद पर लगभग 9 अरब 70 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इससे नौसेना और वायुसेना की मारक क्षमता बढ़ेगी।
  • सेना की अग्रिम इकाई को मजबूत बनाने के लिए ‘एसआईजी - एसएयूईआर असॉल्ट राइफलें’ (SIG SAUER Assault Rifles) खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इन राइफलों की खरीद पर लगभग 7 अरब 80 करोड़ रुपए खर्च होंगे।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

कोविड वैक्सीन और क्लीनिकल रजिस्ट्री पोर्टल


केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने 28 सितंबर, 2020 को एक कोविड वैक्सीन और क्लीनिकल रजिस्ट्री पोर्टल और आईसीएमआर की मोबाइल स्ट्रोक यूनिट (पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए) का उद्घाटन किया।

  • यह पोर्टल वैक्सीन विकास से संबंधित उपयोगी और महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करता है।
  • उन्होंने भारत की प्रमुख अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की 108 वर्ष की यात्रा को दर्शाते हुए आईसीएमआर के इतिहास के घटनाक्रम का अनावरण किया।
  • 1911 में आईसीएमआर की स्थापना की गयी थी और तब इसे भारतीय अनुसंधान निधि संघ (आईआरएफए) के नाम से जाना जाता था।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

पूर्व-आईएनएस विराट को विदाई


केंद्रीय जहाजरानी राज्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने 28 सितंबर, 2020 को गुजरात के अलंग में एक समारोह में पूर्व-आईएनएस विराट को विदाई दी।

महत्वपूर्ण तथ्य: आईएनएस विराट 30 साल की शानदार सेवा के बाद भारतीय नौसेना से अलग हो गया था, इसे अलंग में विघटित (Dismantle) किया जाएगा।

  • दूसरा सेंटोर-श्रेणी विमान वाहक आईएनएस विराट ने भारतीय नौसेना में 30 साल और ब्रिटिश रॉयल नेवी में 27 साल सेवा की। इसे 6 मार्च, 2017 को भारतीय नौसेना ने सेवानिवृत्त कर दिया था।
  • आईएनएस विराट ने दुनिया के सबसे लंबे समय तक सेवारत युद्धपोत होने का गिनीज बुक विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किया है। इस ऐतिहासिक युद्धपोत ने 10, 94,215 किमी. की यात्रा की है।
  • गुजरात में अलंग दुनिया के सबसे बड़े जहाज रीसाइक्लिंग यार्डों में से एक है, जहाँ लगभग 30% वैश्विक जहाजों (250-280) को प्रतिवर्ष रिसाइकिल किया जाता है। अलंग 30,000 से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान करता है।

पीआईबी न्यूज अंतरराष्ट्रीय

भारत-डेनमार्क हरित रणनीतिक साझेदारी


28 सितंबर, 2020 को आयोजित भारत-डेनमार्क वर्चुअल शिखर सम्मेलन में भारत और डेनमार्क के प्रधानमंत्रियों ने भारत-डेनमार्क संबंधों को आगे बढ़ते हुए भारत-डेनमार्क हरित रणनीतिक साझेदारी पर सहमति व्यक्त की।

महत्वपूर्ण तथ्य: यह साझेदारी भारत और डेनमार्क के बीच एक संयुक्त सहयोग आयोग (6 फरवरी 2009 को हस्ताक्षरित) स्थापित करने वाले मौजूदा समझौते पर आधारित है, जिसमें राजनीतिक क्षेत्र; आर्थिक और वाणिज्यिक क्षेत्र; विज्ञान और तकनीक; पर्यावरण; ऊर्जा; शिक्षा और संस्कृति पर सहयोग की परिकल्पना की गई थी।

  • इसके अलावा, यह अक्षय ऊर्जा, शहरी विकास, पर्यावरण, कृषि और पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण पर मौजूदा संयुक्त कार्य समूहों को आगे बढ़ाएगा।
  • यह पेरिस समझौते को लागू करने और संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने की महत्वाकांक्षा पर ध्यान देने के साथ वैश्विक चुनौतियों से निपटने में सहयोग बढ़ाने और रोजगार के अवसर सृजित करने का समझौता है।
  • हरित ऊर्जा परिवर्तनकाल और जलवायु परिवर्तन की वैश्विक चुनौतियों और समाधानों के लिए यह साझेदारी अपतटीय पवन और नवीकरणीय ऊर्जा पर रणनीतिक सहयोग, क्षमता निर्माण पर भारत-डेनमार्क ऊर्जा भागीदारी (INDEP); पवन ऊर्जा पर ज्ञान-साझाकरण और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, ऊर्जा मॉडलिंग और नवीकरणीय ऊर्जा का एकीकरण के लिए साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप नियुक्ति

पी. डी. वाघेला ट्राई के अध्‍यक्ष नियुक्‍त


भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी डॉ. पी. डी. वाघेला को 28 सितंबर, 2020 को भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण-ट्राई का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

  • वे 1 अक्टूबर को आर. एस. शर्मा का स्थान लेंगे। वाघेला का कार्यकाल तीन वर्ष या उनके 65 वर्ष की आयु पूरी करने तक का होगा।
  • 1986 बैच के गुजरात कैडर के अधिकारी वाघेला इस समय औषधि विभाग के सचिव हैं।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप चर्चित दिवस

सूचना तक सार्वभौमिक पहुंच हेतु अंतरराष्ट्रीय दिवस


28 सितंबर

2020 का विषय: 'सूचना तक पहुँच - जीवन बचाना, विश्वास बनाना, उम्मीद लाना' (Access to Information – Saving lives, Building Trust, Bringing Hope)

महत्वपूर्ण तथ्य: यूनेस्को द्वारा 2015 में इस दिवस की घोषणा की गई थी। 2019 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा भी यह दिवस मनाने की घोषणा की गई।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप चर्चित दिवस

विश्व हृदय दिवस


29 सितंबर

2020 का विषय/अभियान: 'हृदय रोग को हराने के लिए हृदय का उपयोग करें' (Use Heart to beat cardiovascular disease)

महत्वपूर्ण तथ्य: इस दिवस का उद्देश्य हृदय रोगों और संबंधित समस्याओं के प्रति लोगों को जागरूक बनाना है। विश्व हृदय परिसंघ ने वर्ष 2000 में इस दिवस की शुरूआत की थी, तब से हृदय रोगों की रोकथाम के प्रयास और जीवन-शैली में बदलाव के आह्वान के साथ 29 सितंबर को यह दिवस मनाया जा रहा है।

सामयिक खबरें खेल चर्चित खेल व्यक्तित्व

विराट कोहली ‘ग्रेट लर्निंग’ के ब्रांड एंबेसडर


14 सितंबर, 2020 को एडटेक (शिक्षा प्रौद्योगिकी) कंपनी ‘ग्रेट लर्निंग’ ने भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली को अपना ब्रांड एंबेसडर नियुक्त करने की घोषणा की। कोहली इस ब्रांड के नवीनतम ‘पावर अहेड’ अभियान का नेतृत्व करेंगे।

  • ग्रेट लर्निंग एक ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफार्म है जो मुख्य रूप से कृत्रिम बुद्धिमता (एआई) और मशीन लर्निंग पर केंद्रित है।

सामयिक खबरें बैंकिंग, फाइनेंस, सेवा और बीमा

कर्नाटक विकास ग्रामीण बैंक की विशेष स्वर्ण ऋण योजना


धारवाड़ मुख्यालय वाले कर्नाटक विकास ग्रामीण बैंक (KVGB) ने 18 सितंबर, 2020 को 7.25% की कम ब्याज दर के साथ एक विशेष स्वर्ण ऋण योजना 'विकास लघु सुवर्णा' शुरू की है।

  • इस योजना के तहत, बैंक सोने के बाजार मूल्य का 80 प्रतिशत (अधिकतम 3200 रुपए प्रति ग्राम) प्रदान कर रहा है। अधिकतम 15 लाख रुपए तक का ऋण प्रदान किया जाएगा। ऋण को छ: महीने के भीतर चुकाना होगा। इस बैंक के अध्यक्ष पी. गोपी कृष्ण हैं।

सामयिक खबरें बिजनेस और सार्वजनिक उपक्रम

IKEA रिटेल का बेंगलुरू में नया वैश्विक कार्यालय


सितंबर 2020 में IKEA रिटेल (Ingka Group) ने बेंगलुरू में एक नए वैश्विक कार्यालय में निवेश किया है, जो एक बहुआयामी केंद्र के रूप में काम करने के लिए तैयार है।

  • इस वैश्विक व्यापार संचालन में डिजिटल और विशेषज्ञता के केंद्र (सीओई) शामिल हैं, जो काम करने और संचालन के तरीकों को सुव्यवस्थित, सरल और मानकीकृत करने में मदद करेंगे। IKEA स्वीडिश फर्नीचर कंपनी है।

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भारत में प्रमाणीकरण चिन्ह


भारतीय संसद ने कई बार विभिन्न एजेंसियों द्वारा प्रबंधित उत्पाद प्रमाणीकरण की एक व्यापक प्रणाली को संचालित करने के लिए कई कानून बनाए हैं। इनमें से कुछ चिन्ह ऐसे उत्पादों के विनिर्माण के लिए या भारतीय बाजार के लिए अनिवार्य हैं, जबकि कुछ केवल परामर्श के तौर पर हैं। सभी औद्योगिक मानकीकरण और औद्योगिक उत्पाद प्रमाणीकारण भारत के राष्ट्रीय मानक संगठन 'भारतीय मानक ब्यूरो' द्वारा शासित होते हैं, जबकि अन्य क्षेत्रों (जैसे कृषि उत्पादों) के लिए मानकों को अन्य सरकारी एजेंसियों द्वारा विकसित और प्रबंधित किया जाता है।

1.आईएसआई चिन्ह

आईएसआई (भारतीय मानक ब्यूरो का पिछला नाम), भारत में औद्योगिक उत्पादों के लिए एक प्रमाणीकरण चिह्न है। भारत में बेचे जाने वाले उत्पादों को प्रमाणित करने के लिए आईएसआई चिन्ह अनिवार्य है। आईएसआई संस्थान 6 जनवरी, 1947 को अस्तित्व में आया।

  • भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) की भूमिका उपभोक्ता सुरक्षा के लिए उत्पादों की सर्वोत्तम गुणवत्ता बनाए रखना है।
  • भारतीय मानक ब्यूरो अधिनियम 1986 में संसद द्वारा पारित किया गया था और बीआईएस 1 अप्रैल, 1987 को अस्तित्व में आया था।
  • यह उत्पादों की गुणवत्ता, सुरक्षा और विश्वसनीयता के लिए जाँच के बाद आईएसआई मार्क प्रमाणन को तीसरे पक्ष की गारंटी के रूप में व्यवसायों को आवंटित करता है।
  • यह आईएस / आईएसओ 9000 श्रृंखला के अनुसार गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली स्थापित करने का एक विश्वव्यापी अभियान है।
  • आईएसओ 9001 एक गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली मानक है, जो संगठन की विभिन्न गतिविधियों जैसे खरीद, भंडार, बिक्री, प्रसंस्करण को मानकीकृत और प्रलेखित करता है।
  • पर्यावरण के अनुकूल औद्योगिक गतिविधि के लिए बढ़ती चिंता के साथ, अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण संगठन (आईएसओ) 14,000 श्रृंखला मानक विकसित किए गए थे। इन मानकों को राष्ट्रीय मानकों के रूप में अपनाने के बाद बीआईएस ने पर्यावरण प्रबंधन प्रणाली प्रमाणन भी शुरू किया है, जिसके तहत इकाइयां आईएसओ 14000 मानकों के अनुपालन प्रदर्शित कर सकती हैं।
  • हेजर्ड एनालिसिस क्रिटिकल कंट्रोल प्वॉइंट्स (HACCP) प्रमाणीकरण, जिसने खाद्य विनिर्माण प्रक्रिया की सुरक्षा को प्रमाणित करने के लिए फिर से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान हासिल कर ली है, BIS द्वारा भी शुरू किया गया है। भारतीय मानक ब्यूरो ने IS 15000: 1998 भी तैयार किया है जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृत कोडेक्स मानकों के बराबर है।

2. FPO चिन्ह

भारत में बेचे जाने वाले सभी प्रसंस्कृत फलों के उत्पादों पर एफपीओ चिन्ह अनिवार्य है - जैसे कि डिब्बाबंद फल पेय, फ्रूट-जैम, स्क्वैश, अचार, निर्जलित फल उत्पाद।

  • यह चिन्ह गारंटी देता है कि उत्पाद एक स्वच्छ 'खाद्य-सुरक्षित' वातावरण में निर्मित किया गया है, इस प्रकार यह सुनिश्चित करता है कि उत्पाद FSSAI के दिशा-निर्देशों के अनुसार उपभोग के लिए सुरक्षित है।
  • यह मानक फल उत्पाद आदेश (Fruit Products Order) कानून द्वारा 1955 से लागू किया गया है, जिसके बाद इसे FPO नाम दिया गया है, लेकिन खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 के बाद ही इस चिन्ह को अनिवार्य किया गया है।
  • भारत में एक फल प्रसंस्करण उद्योग शुरू करने के लिए एक एफपीओ लाइसेंस आवश्यक है।

3.एगमार्क

AGMARK चिन्ह कृषि उत्पादों पर दिया जाता है, यह सुनिश्चित करता है कि वे भारत सरकार की एक एजेंसी, विपणन और निरीक्षण निदेशालय द्वारा अनुमोदित मानकों के अनुरूप हैं।

  • यह चिन्ह भारत में कृषि उपज (ग्रेडिंग और मार्किंग) अधिनियम, 1937 (1986 में संशोधित) द्वारा कानूनी रूप से लागू किया गया है।
  • वर्तमान AGMARK मानकों में 227 विभिन्न वस्तुओं के लिए गुणवत्ता दिशा-निर्देश शामिल हैं, जिसमें विभिन्न प्रकार की दालें, अनाज, आवश्यक तेल, वनस्पति तेल, फल और सब्जियां और अर्ध-प्रसंस्कृत उत्पाद शामिल हैं।
  • एगमार्क प्रमाणन देश भर में स्थित पूरी तरह से राज्य के स्वामित्व वाली एगमार्क प्रयोगशालाओं के माध्यम से दिया जाता है, जो परीक्षण केंद्रों और प्रमाणीकरण केन्द्रों के रूप में कार्य करते हैं।
  • नागपुर में केंद्रीय एगमार्क प्रयोगशाला (सीएएल) के अलावा, 11 नोडल शहरों मुंबई, नई दिल्ली, चेन्नई, कोलकाता, कानपुर, कोच्चि, गुंटूर, अमृतसर, जयपुर, राजकोट, भोपाल में क्षेत्रीय कृषि प्रयोगशालाएँ हैं।

4.गैर प्रदूषणकारी वाहन चिह्न

यह भारत में बेचे जाने वाले सभी नए मोटर वाहनों पर अनिवार्य प्रमाणन चिन्ह है। यह चिन्ह प्रमाणित करता है कि मोटर वाहन भारत उत्सर्जन मानकों के प्रासंगिक संस्करण के अनुरूप है।

  • एक नए वाहन के लिए पहले पंजीकरण की तारीख से एक वर्ष की अवधि समाप्त होने के बाद, प्रत्येक मोटर वाहन को एक वैध प्रमाणपत्र की आवश्यकता होती है। इसके बाद, कार कंपनियों के गैरेज में नए सिरे से वाहन का परीक्षण किया जाता है। इस प्रकार उपयोग किए गए वाहन पर जारी प्रमाण पत्र 'पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल' (Pollution Under Control) प्रमाण पत्र है।
  • इस प्रक्रिया को पूर्व निर्धारित समय पर दोहराया जाता है। विभिन्न वाहनों के लिए आवृत्ति भिन्न होती है।

5.बीआईएस हॉलमार्क

यह सोने के साथ-साथ भारत में बिकने वाले चांदी के आभूषणों की एक हॉलमार्किंग प्रणाली है, जो धातु की शुद्धता को प्रमाणित करती है।

  • सोने के आभूषणों की हॉलमार्किंग की बीआईएस प्रणाली अप्रैल 2000 में शुरू हुई। बीआईएस ने दिसंबर 2005 में IS 2112 के तहत चांदी के आभूषणों के लिए हॉलमार्किंग की शुरुआत की।

सोने के आभूषणों के लिए BIS हॉलमार्क में पाँच घटक होते हैं-

  1. BIS चिन्ह का लोगो;
  2. दूसरा शुद्धता का चिन्ह है। यह सोने के कैरेटे को संदर्भित करता है और इसे 1000 भागों में से सोने की मात्रा के रूप में दर्शाया जाता है। इसलिए, यदि चिन्ह 916 कहता है, तो इसका मतलब है कि सोना कुल धातु का 91.6 प्रतिशत है।
  3. हॉलमार्क का तीसरा भाग परख केंद्र का चिह्न है, जो लोगो द्वारा प्रमाणन प्रक्रिया को दर्शाता है।
  4. चौथा भाग जौहरी (ज्वैलर्स) का लोगो है;
  5. अंतिम भाग हॉलमार्क का वर्ष है, जिसे BIS द्वारा अनुमोदित कोड द्वारा दर्शाया गया है। उदाहरण के लिए, 'ए' वर्ष 2000, 'बी' 2001 और इसी तरह यह आगे चलता जाता है।

सोना एक झलक

सोने की कीमत दिन में दो बार 10.30 बजे और अपराह्न 3.00 बजे से एन एम रोथ्सचाइल्ड के परिसर में पांच मुख्य बुलियन हाउस - ड्यूश बैंक, एचएसबीसी, एनएम रोथ्सचाइल्ड, स्कोटिया मोकाटा और सोसाइटे जेनरल द्वारा निर्धारित की जाती है।

  • एक धातु में सोने की सामग्री को कैरेट्स ("के" या "केटी") के रूप में मापा जाता है। शुद्ध सोना या 100% सोना को 24 कैरेट सोना कहा जाता है।
  • कैरेट एक प्रतिशत नहीं है, बल्कि यह एक उपाय है जिसमें रत्न को तौला जाता है। 1 कैरेट लगभग 200 मिलीग्राम या एक ग्राम के लगभग 1/5 वें हिस्से के बराबर होता है।
  • सोना अपने शुद्धतम रूप में पीले रंग का होता है। यहां तक कि जब यह 14k या 18k गोल्ड बनाने के लिए अन्य धातुओं जैसे चांदी, निकल या पैलेडियम के साथ मिश्रधातु है, तो यह पीले रंग को बरकरार रखता है।
  • कुछ अन्य धातुओं का जोड़ इसका रंग बदल सकता है; उदाहरण यदि तांबा मिश्र धातु में जोड़ा जाता है, तो सोना लाल दिखाई देगा; यदि किसी भी सफेद धातु को मिश्र धातु में जोड़ा जाता है तो यह सफेद दिखाई देगा।
  • सफेद सोना सोने और कम से कम एक सफेद धातु का एक मिश्र धातु है , आमतौर पर निकल, मैंगनीज या पैलेडियम।
  • लाल और गुलाबी सोना तांबे को मिलाकर बनाया जाता है। तांबे की सामग्री जितनी अधिक होगी, लाल रंग मजबूत होगा।
  • हरे सोने को मिश्र धातु के मिश्रण से तांबे को छोड़कर सिर्फ सोने और चांदी का उपयोग करके बनाया जाता है। यह वास्तव में हरे रंग के बजाय हरे पीले रंग के रूप में दिखाई देता है।
  • सोने के लिए विशिष्ट अनुपात में चांदी, मैंगनीज और तांबा जोड़कर भूरा सोना (Grey gold) बनाया जाता है।

कैरेट के अनुसार सोने की शुद्धता

कैरेट माप

हॉलमार्क

सोने की शुद्धता

24 कैरेट

--

100%

23 कैरेट

958

95.8%

22 कैरेट

916

91.6%

21 कैरेट

875

87.5%

18 कैरेट

750

75.0%

14 कैरेट

585

58.5%

9 कैरेट

375

37.5%


6.इंडिया ऑर्गेनिक चिन्ह

भारत में निर्मित जैविक खाद्य उत्पादों के लिए इंडिया ऑर्गेनिक चिन्ह जारी किया जाता है। यह प्रमाणित करता है कि एक जैविक खाद्य उत्पाद कार्बनिक उत्पाद 2000 के लिए राष्ट्रीय मानकों के विनिर्देशों के अनुरूप है।

  • उन मानकों से यह सुनिश्चित होता है कि उत्पाद या उत्पाद में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल को रासायनिक उर्वरकों, कीटनाशकों या प्रेरित हार्मोन के उपयोग के बिना जैविक खेती के माध्यम से उगाया गया था।
  • प्रमाणन भारत सरकार के जैविक उत्पादन के राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) द्वारा मान्यता प्राप्त परीक्षण केंद्रों द्वारा जारी किया जाता है।
  • यद्यपि मानक 2000 से प्रभावी हैं, लेकिन 2002 में प्रमाणन चिह्न अस्तित्व में आया।

7.इकोमार्क

यह प्रमाणीकरण चिह्न बीआईएस द्वारा पारिस्थितिक तंत्र पर कम से कम प्रभाव के उद्देश्य से मानकों के एक सेट के अनुरूप उत्पादों को जारी किया जाता है।

  • 1991 में शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य पर्यावरण के प्रभाव को कम करने के प्रति उपभोक्ताओं में जागरूकता बढ़ाना है।
  • ECOMARK जारी करने के लिए तीन चरण हैं-
  1. एक संचालन समिति योजना के तहत कवरेज के लिए उत्पाद श्रेणियों का निर्धारण करती है और योजना के काम में संवर्धन, कार्यान्वयन, भविष्य के विकास और सुधार के लिए रणनीति तैयार करती है।
  2. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में गठित एक तकनीकी समिति, चुने जाने वाले विशिष्ट उत्पाद की पहचान करती है और एक या एक से अधिक (प्राथमिकता के अनुसार) मानदंड को अपनाती है।
  3. बीआईएस उत्पादों का आकलन करता है और निर्माताओं के साथ अनुबंध करता है। बीआईएस प्रमाणित करता है और शुल्क के भुगतान पर, लेबल के उपयोग की अनुमति देता है।

8.शाकाहारी चिह्न (हरा बिंदु) और मांसाहारी चिह्न (भूरा बिंदु)

शाकाहारी और मांसाहारी भोजन में अंतर करने के लिए पैकेज्ड खाद्य उत्पाद के लिए ये चिन्ह अनिवार्य हैं।

9.विषाक्तता लेबल

यह चार स्तरों में कीटनाशक के विषाक्तता के स्तर की पहचान करता है: लाल लेबल, पीला लेबल, नीला लेबल और हरा लेबल।

  • भारत में कीटनाशक कंटेनरों पर नियोजित विषाक्तता वाले लेबल अनिवार्य लेबल होते हैं, जो निहित कीटनाशक के विषाक्तता (अर्थात विषाक्तता वर्ग) के स्तर की पहचान करते हैं।

लेबल

नाम

विषाक्तता का स्तर

ओरल घातक डोज मिग्रा/ किग्रा

सूचीबद्ध रसायन

लाल लेबल

अत्यंत विषैला

1-50

मोनोक्रोटोफॉस, जिंक फास्फाइड, एथाइल मरकरी एसीटेट और अन्य।

पीला लेबल

अत्यधिक विषैला (Highly Toxic)

51-500

एंडोसल्फान, कार्बेरिल, क्विनालफोस और अन्य।

नीला लेबल

मामूली रूप से विषाक्त

501-5000

मैलाथियान, थीरम, ग्लाइफोसेट और अन्य।

हरा लेबल

थोड़ा विषैला

5000 से अधिक

मैनकोजेब, ऑक्सीफ्लोरफेन और अधिकांश अन्य घरेलू कीटनाशक।


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गैर-वैधानिक प्रमाणन चिह्न


1. सिल्क मार्क

यह चिह्न प्रमाणित करता है कि कपड़ा शुद्ध प्राकृतिक रेशम से बना है।

  • प्रमाणन योजना की स्थापना 2004 में केंद्रीय रेशम बोर्ड द्वारा की गई थी। प्रमाणन का प्रबंधन 'सिल्क मार्क ऑर्गनाइजेशन ऑफ इंडिया' द्वारा किया जाता है।
  • चिन्ह केवल परामर्श प्रकृति का है और कानूनी रूप से समर्थित नहीं है।

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अन्य चिन्ह


1.आयुष चिन्ह

क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया आयुर्वेद सिद्ध यूनानी (एएसयू) उत्पादों की गुणवत्ता के स्वैच्छिक प्रमाणीकरण में लगी हुई है।

  • इस योजना के माध्यम से दवा निर्माताओं को गुणवत्ता के तीसरे पक्ष के मूल्यांकन के आधार पर उत्पादों को गुणवत्ता सील प्रदान किया जाता है।

पीआईबी न्यूज आर्थिक

फेम इंडिया योजना दूसरा चरण


केंद्र सरकार ने फेम इंडिया योजना के दूसरे चरण के तहत महाराष्ट्र, गोवा, गुजरात एवं चंडीगढ़ राज्यों में 670 इलेक्ट्रिक बसों और मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, केरल, गुजरात एवं पोर्ट ब्लेयर में 241 चार्जिंग स्टेशनों को मंजूरी दी है।

उद्देश्य: देश में इलेक्ट्रिक/ हाइब्रिड वाहनों को अपनाने को प्रोत्साहित करना।

महत्वपूर्ण तथ्य: भारी उद्योग एवं लोक उद्यम मंत्रालय के अंतर्गत भारी उद्योग विभाग अप्रैल 2015 से फास्टर अडॉप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑफ (हाइब्रिड एंड) इलेक्ट्रिक व्हीकल स्कीम यानी ‘फेम इंडिया योजना’ का संचालन कर रहा है।

  • दूसरे चरण को 3 वर्ष की अवधि के लिए लागू किया जा रहा है। इसे कुल 10,000 करोड़ रुपये के बजटीय आवंटन के साथ 1 अप्रैल, 2019 से प्रभावी किया गया है।
  • इस चरण के तहत सार्वजनिक एवं साझा परिवहन के विद्युतीकरण पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
  • साथ ही लगभग 7,000 ई-बसों, 5 लाख ई-तिपहिया वाहनों, 55,000 ई -यात्री कारों और 10 लाख ई-दोपहिया वाहनों को सब्सिडी के जरिये समर्थन करने का लक्ष्य रखा गया है।

योजना का पहला चरण: इस योजना के पहले चरण में 31 मार्च, 2019 तक लगभग 2,80,987 हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों को मांग प्रोत्साहन के माध्यम से लगभग 359 करोड़ रुपये की सहायता दी गई थी।

  • बेंगलुरू, चंडीगढ़, जयपुर और दिल्ली एनसीआर जैसे शहरों में करीब 43 करोड़ रुपये की लागत से 520 चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने को भी मंजूरी दी गई थी।

पीआईबी न्यूज आर्थिक

अगरबत्ती उद्योग के लिए पहुंच और समर्थन हेतु दिशा-निर्देश


सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) ने अगरबत्ती बनाने में शामिल कारीगरों और अगरबत्ती उद्योग के लिए पहुंच और समर्थन के विस्तार हेतु 4 सितंबर, 2020 को नए दिशा-निर्देश जारी किए।

महत्वपूर्ण तथ्य: एमएसएमई मंत्रालय की ‘स्फूर्ति’ (पारंपरिक उद्योगों के उत्थान के लिए फंड योजना) के तहत उचित विपणन व्यवस्था के साथ कुल 50 करोड़ रुपये की लागत से 10 क्लस्टर स्थापित किए जाएंगे।

  • देश भर में 20 पायलट परियोजनाओं के माध्यम से 400 स्वचालित अगरबत्ती बनाने की मशीनें और अतिरिक्त 500 पेडल संचालित मशीनें 'स्वयं सहायता समूह (एसएचजी)' और व्यक्तियों को वितरित की जाएंगी।
  • उत्पाद के सभी पहलुओं पर काम करना इस उद्देश्य के लिए एफएफडीसी (फूल और सुगंध विकास केंद्र) कन्नौज में 'उत्कृष्टता केंद्र' स्थापित किया जा रहा है।
  • एमएसएमई मंत्रालय के तहत वैधानिक संगठन, खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) कार्यक्रम को कार्यान्वित करेगा।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

डेस्टिनेशन नॉर्थ ईस्ट-2020


केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 27 सितंबर, 2020 को वर्चुअल माध्यम से चार दिवसीय महोत्सव ‘डेस्टिनेशन नॉर्थ ईस्ट-2020’ का उद्घाटन किया। केंद्रीय गृहमंत्री पूर्वोत्तर परिषद के अध्यक्ष भी हैं।

उद्देश्य: पूर्वोत्तर के पर्यटन स्थलों के साथ-साथ देश की विभिन्न संस्कृतियों का एक दूसरे के साथ परिचय कराना।

डेस्टिनेशन नॉर्थ ईस्ट 2020 का विषय: ‘द इमर्जिंग डिलाइटफुल डेस्टिनेशंस’ (The Emerging Delightful Destinations) है, जो पर्यटन सेक्टर के गति पकड़ने पर पर्यटन स्थलों को मजबूत और अधिक आकर्षक बनाने की बात करता है।

  • यह कार्यक्रम मुख्य रूप से पर्यटन पर केंद्रित है। डेस्टिनेशन नॉर्थ ईस्ट पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय का एक कैलेंडर ईवेंट है, जिसे पूर्वोत्तर क्षेत्र को देश के अन्य हिस्सों के करीब लाने और राष्ट्रीय एकीकरण को मजबूत करने के उद्देश्य से संकल्पित किया गया है।
  • 14वें वित्त आयोग ने पूर्वोत्तर के लिए आवंटन में 251 प्रतिशत की बढ़ोतरी करते हुए 3,13,375 करोड़ रुपये दिये।

सामयिक खबरें आर्थिकी

अर्थव्यवस्था की सतत रिकवरी पर विशेष रिपोर्ट


वर्तमान कोविड-19 संकट की पृष्ठभूमि में, अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) ने 18 सितम्बर 2020 को नीति आयोग के साथ मिलकर ‘अर्थव्यवस्था की सतत रिकवरी पर विशेष रिपोर्ट’ लॉन्च की।

महत्वपूर्ण तथ्य: 1930 के दशक के बाद से सबसे बड़ा वैश्विक आर्थिक झटका ऊर्जा सहित सभी क्षेत्रों में रोजगार और निवेश पर गंभीर प्रभाव डाल रहा है।

  • रिपोर्ट में कई कार्यों का प्रस्ताव रखा गया है, जो ऊर्जा व्यवस्था को स्वच्छ और अधिक लचीला बनाते हुए अर्थव्यवस्थाओं में नई जान डालने और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए अगले तीन वर्षों में उठाए जा सकते हैं।
  • भारत के लिए प्रमुख अवसरों में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए समर्थन बढ़ाना, बिजली क्षेत्र में निरंतर निवेश और स्वच्छ खाना पकाने के कार्यक्रम में सुधार के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में ऊर्जा पहुंच में सुधार करना शामिल है।
  • रिपोर्ट में नौकरियों के सृजन के लिए जिन प्रमुख क्षेत्रों का उल्लेख किया गया है उनमें बिजली, परिवहन, भवन, उद्योग और स्थायी जैव ईंधन और नवाचार शामिल हैं।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप नियुक्ति

सुनील सेठी केवीआईसी के सलाहकार नियुक्त


खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) ने 25 सितंबर, 2020 को भारतीय फैशन उद्योग की जानी मानी हस्ती सुनील सेठी को अपना सलाहकार नियुक्त किया है।

  • सेठी भारत और विदेशों में खादी के प्रचार के साथ-साथ तैयार कपड़ों के क्षेत्र में नवीनतम डिजाइनों के बारे में आयोग को सलाह देंगे।
  • सेठी की नियुक्ति एक वर्ष की अवधि के लिए की गई है। इससे पहले, प्रसिद्ध फैशन डिजाइनर रितु बेरी केवीआईसी के सलाहकार के रूप में कार्य कर चुकी हैं। उनका कार्यकाल हाल ही में समाप्त हुआ है।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप युद्धाभ्यास/सैन्य अभियान

भारतीय नौसेना और रॉयल ऑस्ट्रेलियाई नौसेना का 'पासेज आभ्यास'


भारतीय नौसेना ने 23- 24 सितंबर, 2020 को पूर्वी हिंद महासागर क्षेत्र में रॉयल ऑस्ट्रेलियाई नौसेना (RAN) के साथ एक 'पासेज आभ्यास' (PASSEX) में हिस्सा लिया।

उद्देश्य: अंतर-क्षमता को बढ़ाना, एक-दूसरे से सर्वोत्तम अभ्यासों को आत्मसात करना और समझ में सुधार लाना।

  • इस अभ्यास में ऑस्ट्रेलिया की ओर से 'एचएमएएस होबार्ट' और भारत को ओर से भारतीय नौसेना जहाज ‘सह्याद्रि’ और ‘कर्मुक’ ने हिस्सा लिया।
  • अभ्यास में उन्नत सतह और एंटी-एयर एक्सरसाइज, हथियार फायरिंग, जहाजरानी अभ्यास, नौसैनिक युद्धाभ्यास और क्रॉस डेक फ्लाइंग ऑपरेशंस शामिल था।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप चर्चित दिवस

विश्व पर्यटन दिवस


27 सितंबर

2020 का विषय: पर्यटन और ग्रामीण विकास' (Tourism and Rural Development)

महत्वपूर्ण तथ्य: संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन (UNWTO) संविधि को अपनाने की 10वीं वर्षगांठ के अवसर पर वर्ष 1980 में पहली बार यह दिवस मनाया गया था। UNWTO संविधि को 27 सितंबर, 1970 को अपनाया गया था।

सामयिक खबरें खेल चर्चित खेल व्यक्तित्व

डीन जोंस का निधन


महान ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर और कॉमेंटेटर डीन जोंस का 24 सितंबर, 2020 को मुंबई में निधन हो गया।

  • जोन्स ने 52 टेस्ट मैचों में 3,631 रन तथा 164 अंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय मैचों में 6,068 रन बनाए।
  • वे ऑस्ट्रेलिया की 1987 विश्व कप विजेता टीम के सदस्य भी थे। खेल के अपने विश्लेषणों के लिए उन्हें 'प्रोफेसर डीनो' के नाम से भी जाना जाता था।

सामयिक खबरें बिजनेस और सार्वजनिक उपक्रम

विप्रो लिमिटेड ने की प्रोसेसमेकर के साथ साझेदारी


विप्रो लिमिटेड ने 14 सितंबर, 2020 को अमेरिकी सॉफ्टवेयर कंपनी प्रोसेसमेकर के साथ साझेदारी की घोषणा की है।

  • इसके तहत प्रोसेसमेकर लैटिन अमेरिका में विप्रो के ग्राहकों को कामकाज की गति के स्वचालित प्रबंधन समाधान (workflow automated management solutions) उपलब्ध कराएगी।
  • इस साझेदारी से विप्रो के प्रौद्योगिकी प्लेटफॉर्म आईसास ((Intelligent Content as a Service- iCaaS) के साथ प्रोसेसमेकर के कामकाज की गति के स्वचालन मंच से ग्राहकों को ‘संज्ञानात्मक सामग्री स्वचालन समाधान’ (Cognitive Content Automation solutions) की डिलिवरी करने में आसानी होगी।

सामयिक खबरें बैंकिंग, फाइनेंस, सेवा और बीमा

बंधन बैंक द्वारा इमर्जिंग एंटरप्रेन्योर्स बिजनेस वर्ट्टिकल की स्थापना


बंधन बैंक, जिसने हाल ही में एक बैंक के रूप में पांच साल का परिचालन पूरा किया है, ने सितंबर 2020 में इमर्जिंग एंटरप्रेन्योर्स बिजनेस (EEB) नामक एक नए वर्ट्टिकल की स्थापना की है।

  • यह ग्राहकों के अनबैंक (बैंकिंग सेवा का उपयोग न करने वाले) और अंडरबैंक (बैंक खाते होने के बजाय अन्य वित्तीय सेवाओं का उपयोग करने वाले) सेगमेंट की उभरती जरूरतों का समर्थन करता है।
  • वर्टिकल ग्राहकों के इस सेगमेंट को उद्यमी बनने की यात्रा में का समर्थन करने पर ध्यान केंद्रित करेगा। सूक्ष्म-ऋण के अलावा, वर्टिकल माइक्रो होम लोन, सूक्ष्म-बाजार ऋण और सूक्ष्म उद्यम ऋण का भी प्रबंधन करेगा।
  • बैंक ने कुमार आशीष को EEB के कार्यकारी अध्यक्ष और प्रमुख के रूप में नियुक्त किया है।

सामयिक खबरें संस्थान-संगठन

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो


केंद्रीय एजेंसी नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB), बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत से संबंधित ड्रग्स मामले की जांच कर रही है।

  • नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो को देश में ड्रग कानून से संबंधित मामलों में विभिन्न केंद्रीय / राज्य एजेंसियों के कार्यों के समन्वय के लिए शीर्ष ड्रग कानून प्रवर्तन एजेंसी के रूप में स्थापित किया गया है।
  • भारत सरकार द्वारा नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट, 1985 के तहत वर्ष 1986 में इसका गठन किया गया। गृह मंत्रालय के तहत इस शीर्ष समन्वय एजेंसी की प्राथमिक भूमिका मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध पदार्थों के उपयोग से निपटना है।
  • यह मादक पदार्थों से संबंधित मामलों के संबंध में अन्य संबंधित मंत्रालयों, विभागों और संगठनों द्वारा उठाए गए कार्यों का समन्वय भी करता है।
  • NCB के महानिदेशक भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारी राकेश अस्थाना हैं।

सामयिक खबरें संस्थान-संगठन

शंघाई सहयोग संगठन


सितंबर 2020 में ‘शंघाई सहयोग संगठन’ (Shanghai Cooperation Organisation- SCO) के रक्षा मंत्रियों, विदेश मंत्रियों तथा संस्कृति मंत्रियों की बैठकें आयोजित की गईं।

  • SCO एक स्थायी अंतर सरकारी संगठन है। इसके गठन की घोषणा 15 जून, 2001 को शंघाई (चीन) में कजाकिस्तान गणराज्य, पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना, किर्गिस्तान गणराज्य, रूसी संघ, ताजिकिस्तान गणराज्य और उजबेकिस्तान गणराज्य द्वारा की गई थी।
  • शंघाई सहयोग संगठन चार्टर पर जून 2002 में हस्ताक्षर किए गए और 19 सितंबर, 2003 को लागू हुआ।
  • 2017 में भारत और पाकिस्तान को पूर्ण सदस्यता प्रदान की गई। SCO की आधिकारिक भाषाएं रूसी और चीनी हैं।
  • SCO के मुख्य लक्ष्य सदस्य देशों के बीच आपसी विश्वास को मजबूत करना; राजनीति, व्यापार, अर्थव्यवस्था, अनुसंधान, प्रौद्योगिकी और संस्कृति के साथ-साथ शिक्षा, ऊर्जा, परिवहन, पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण और अन्य क्षेत्रों में उनके प्रभावी सहयोग को बढ़ावा देना है।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग का गठन


देश में चिकित्सा शिक्षा और व्यवसाय के शीर्ष नियामक के तौर पर 25 सितंबर, 2020 को राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) का गठन किया गया ।

महत्वपूर्ण तथ्य: 25 सितंबर, 2020 से एनएमसी अधिनियम के प्रभावी होने के साथ ही भारतीय चिकित्सा परिषद अधिनियम 1956 को खत्म कर दिया गया है और भारतीय चिकित्सा परिषद द्वारा नियुक्त किए गए शासक मंडल को भी तत्काल प्रभाव से खत्म कर दिया गया है।

  • साथ ही 4 स्वायत्त बोर्डों का गठन भी किया गया है। एनएमसी के साथ-साथ स्नातक और परास्नातक चिकित्सा शिक्षा बोर्डों, चिकित्सा आकलन और मानक बोर्ड, और नैतिक एवं चिकित्सा पंजीकरण बोर्ड का गठन किया गया है, जो एनएमसी को दिन प्रतिदिन के काम काज में मदद करेंगे।
  • दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ईएनटी विभाग के सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ. एस. सी. शर्मा को तीन वर्ष के लिए आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
  • एनएमसी के अध्यक्ष के अलावा 10 अन्य अधिकारी सदस्य होंगे, जिनमें चारों स्वायत्त बोर्डों के अध्यक्ष शामिल हैं।
  • आयोग का मुख्य कार्य नियामक व्यवस्था को सुव्यवस्थित करना, संस्थाओं का मूल्यांकन, एचआर आकलन और शोध पर अधिक ध्यान देना है।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

राष्ट्रीय सेवा योजना पुरस्कार 2018-19


राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 24 सितंबर, 2020 को राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में वर्चुअल माध्यम से वर्ष 2018-19 के लिए राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) पुरस्कार प्रदान किए।

  • युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, युवा मामलों का विभाग देश में एनएसएस को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विश्वविद्यालयों/कॉलेजों, एनएसएस इकाइयों/कार्यक्रम अधिकारियों और एनएसएस स्वयंसेवकों द्वारा की गई स्वैच्छिक सामुदायिक सेवा में उत्कृष्ट योगदान की पहचान करने और उन्हें पुरस्कृत करने के लिए प्रत्येक वर्ष राष्ट्रीय सेवा योजना पुरस्कार प्रदान करता है।
  • एनएसएस एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है, जिसे वर्ष 1969 में शुरू किया गया था और इसका प्राथमिक उद्देश्य स्वैच्छिक सामुदायिक सेवा के माध्यम से युवा छात्रों के व्यक्तित्व और चरित्र को विकसित करना है। एनएसएस का आदर्श वाक्य ‘मैं नहीं, बल्कि आप’ (स्वयं से पहले आप) है।
  • एनएसएस स्वयंसेवक सामाजिक रूप से प्रासंगिक मुद्दों पर काम करते हैं। इन मुद्दों में (i) साक्षरता एवं शिक्षा, (ii) स्वास्थ्य, परिवार कल्याण और पोषण, (iii) पर्यावरण संरक्षण, (iv) सामाजिक सेवा कार्यक्रम, (v) महिल सशक्तिकरण कार्यक्रम, (vi) आर्थिक विकास गतिविधियों से जुड़े हुए कार्यक्रम, (vii) आपदा के दौरान राहत और बचाव कार्य आदि शामिल हैं।

पीआईबी न्यूज विज्ञान और तकनीक

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग का ‘मानक’ कार्यक्रम


सितंबर 2020 में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के ‘मिलियन माइंड्स ऑगमेंटिंग नेशनल एस्पिरेशन्स एंड नॉलेज मानक’ कार्यक्रम के लिए वर्ष 2020-21 के लिए ऑनलाइन नामांकन फिर से शुरू हो गए हैं।

  • यह कार्यक्रम स्कूली बच्चों को विज्ञान और प्रौद्योगिकी को आधार बनाकर दिन-प्रतिदिन की समस्याओं के समाधान ढूंढने के लिए प्रोत्साहित करता है।
  • इसके अलावा मेधावी छात्रों को जिला, राज्य, और राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनी आयोजित करने के साथ-साथ सलाह प्रदान करने के लिए 10,000 रुपये की पुरस्कार राशि भी प्रदान की जाती है।
  • विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग ने 2017 में राष्ट्रीय नवप्रवर्तन प्रतिष्ठान (एनआईएफ) के साथ मिलकर मानक कार्यक्रम की शुरुआत की थी।

सामयिक खबरें अंतर्राष्ट्रीय

साइनोबैक्टीरिया विषाक्तता से बोत्सवाना में हाथियों की मौत


सितंबर 2020 में बोत्सवाना में अधिकारियों ने जाँच में पाया कि जल में साइनोबैक्टीरिया द्वारा उत्पादित विषाक्त पदार्थों के कारण इस वर्ष बोत्सवाना में 300 से अधिक हाथियों की मृत्यु हो गई थी।

महत्वपूर्ण तथ्य: साइनोबैक्टीरिया सूक्ष्म जीव हैं, जो आमतौर पर जल में पाए जाते हैं और कभी-कभी ये मृदा में भी पाए जाते हैं।

  • सभी साइनोबैक्टीरिया विषाक्त पदार्थों का उत्पादन नहीं करते हैं, किंतु वैज्ञानिकों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण वैश्विक तापमान बढ़ने से विषाक्तता की घटना बार-बार हो रही है।
  • हालांकि इस बात का पता लगाया जाना बाकी है, कि केवल हाथी ही क्यों इससे प्रभावित हुये और केवल उस क्षेत्र में ही यह घटना क्यों हुई?
  • बोत्सवाना अफ्रीकी महाद्वीप के दक्षिण में स्थित एक भू-आबद्ध देश है। बोत्सवाना दुनिया की सबसे बड़ी हाथी आबादी वाला देश है जहाँ हाथियों की अनुमानित संख्या लगभग 130,000 है

सामयिक खबरें सार-संक्षेप निधन

पार्श्‍व गायक एस.पी. बालासुब्रमण्‍यम का निधन


जाने-माने पार्श्व गायक एस.पी. बालासुब्रमण्यम का 25 सितंबर, 2020 को कोरोना संक्रमण के कारण चेन्नई में निधन हो गया। वे 74 वर्ष के थे।

  • बालासुब्रमण्यम ने 16 भारतीय भाषाओं में चालीस हजार से अधिक गानों का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने कई फिल्मों में भी महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाईं।
  • पांच दशकों से अधिक के करियर में, उन्होंने 25 नंदी पुरस्कारों के अलावा सर्वश्रेष्ठ पुरुष पार्श्व गायक के लिए छ: राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी जीते।
  • भारत सरकार ने गायक-अभिनेता को 2001 में पद्म श्री और 2011 में पद्म भूषण से सम्मानित किया।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप निधन

रेल राज्य मंत्री सुरेश अंगड़ी का निधन


रेल राज्य मंत्री सुरेश अंगड़ी का 23 सितंबर, 2020 को कोरोना संक्रमण के चलते दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में निधन हो गया। वे 65 वर्ष के थे।

  • चार बार सांसद रहे अंगड़ी पेशे से एक वकील थे। वह पहली बार 2004 में लोक सभा के लिए चुने गए और बेलगावी निर्वाचन क्षेत्र से लगातार जीतते रहे।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप विविध

एंटी सैटेलाइट मिसाइल पर डाक टिकट


डाक विभाग द्वारा 15 सितंबर, 2020 को अभियंता दिवस के अवसर भारत के पहले एंटी सैटेलाइट मिसाइल (A-SAT) पर विशिष्ट रूप से निर्मित ‘मेरा डाक टिकट’ (Customized My Stamp) जारी किया गया।

  • रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने 27 मार्च, 2019 को ओडिशा के डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से एंटी-सैटेलाइट (A-SAT) मिसाइल परीक्षण ‘मिशन शक्ति’ का सफल परीक्षण किया था।
  • डीआरडीओ द्वारा निर्मित A-SAT मिसाइल ने सफलतापूर्वक पृथ्वी की निचली कक्षा (Low Earth Orbit-LEO) में परिक्रमा कर रहे भारतीय सैटेलाइट को ‘हिट टू किल’ मोड में निशाना बनाया। इंटरसेप्टर मिसाइल तीन चरण की मिसाइल थी, जिसमें दो ठोस रॉकेट बूस्टर थे।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप विविध

भारतीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग कार्यक्रम दिवस का आयोजन


बांग्लादेश की राजधानी ढाका में भारतीय उच्चायोग द्वारा 15 सितंबर, 2020 को 56वाँ भारतीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग कार्यक्रम-आईटीईसी दिवस ऑनलाइन मनाया गया।

  • भारतीय उच्चायोग के अनुसार 2007 के बाद से 4000 से अधिक बांग्लादेशी युवा पेशेवरों ने विभिन्न आईटीईसी कार्यक्रमों का लाभ उठाया है।

भारतीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग कार्यक्रम : यह कार्यक्रम 1964 में विदेश मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया था और भारत सरकार द्वारा पूरी तरह से वित्त पोषित है।

  • कार्यक्रम अनिवार्य रूप से द्विपक्षीय प्रकृति का है। हालाँकि, हाल के वर्षों में, आईटीईसी संसाधनों का उपयोग क्षेत्रीय और अंतर-क्षेत्रीय संदर्भों में किए गए सहयोग कार्यक्रमों के लिए भी किया गया है, जैसे कि अफ्रीका के लिए आर्थिक आयोग, राष्ट्रमंडल सचिवालय आदि।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप चर्चित दिवस

परमाणु हथियारों के सम्पूर्ण उन्मूलन का अंतरराष्ट्रीय दिवस


26 सितंबर

महत्वपूर्ण तथ्य: इस दिवस का उद्देश्य परमाणु हथियारों से मानवता के लिए उत्पन्न खतरे और उनके सम्पूर्ण उन्मूलन के लिए लोगों की जागरूकता और शिक्षा को बढ़ाना।

सामयिक खबरें बैंकिंग, फाइनेंस, सेवा और बीमा

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों द्वारा 'डोरस्टेप बैंकिंग' सेवा


वित्त और कॉर्पोरेट मामलों के मंत्री निर्मला सीतारमण ने 9 सितंबर, 2020 को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) द्वारा 'डोरस्टेप बैंकिंग' सेवाओं का उद्घाटन किया।

  • डोरस्टेप बैंकिंग, जो ‘ईज बैंकिंग सुधारों’ (Enhanced Access and Service Excellence- EASE) का एक हिस्सा है, कॉल सेंटर, वेब पोर्टल या मोबाइल ऐप के सार्वभौमिक टच पॉइंट्स के माध्यम से ग्राहकों को उनके द्वार पर बैंकिंग सेवाओं की सुविधा प्रदान करेगी। ग्राहक इन चैनलों के माध्यम से अपने सेवा अनुरोध को ट्रैक भी कर सकते हैं।
  • देश भर के 100 केंद्रों पर चयनित सेवा प्रदाताओं द्वारा तैनात डोरस्टेप बैंकिंग एजेंटों द्वारा सेवाओं का प्रतिपादन किया जाएगा।

सामयिक खबरें राष्ट्रीय बैंकिंग व वित्त

शहरी सहकारी बैंकों के लिए “साइबर सुरक्षा के लिए प्रौद्योगिकी विज़न- 2020-2023” प्रकाशित किया


  • 24 सितंबर, 2020 को, भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने शहरी सहकारी बैंकों (UCBs) के लिए साइबर सुरक्षा विज़नकी रूपरेखा ज़ारी किया।

आवश्यकता

  • हाल के समय में शहरी सहकारी बैंकों (UCB) सहित वित्तीय क्षेत्र में साइबर घटनाओं / हमलों की संख्या, आवृत्ति और प्रभाव कई गुना बढ़ गए हैं।
  • इसलिए, यह आवश्यक है कि साइबर हमलों से बचाव, पता लगाने, प्रतिक्रिया करने और पुनर्प्राप्ति के लिए शहरी सहकारी बैंकों (UCBs) की सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ाया जाए।

मिशन

रूपरेखा का उद्देश्य शहरी सहकारी बैंकों की साइबर सुरक्षा व्यवस्था को पांच-स्तंभ वाले सामरिक दृष्टिकोण-GUARD के माध्यम से बढ़ाना है-

  • शासन प्रणाली प्रबंध(Governance Oversight)
  • उपयोगी तकनीकी निवेश(Utile Technology Investment)
  • उपयुक्त विनियमन और पर्यवेक्षण(Appropriate Regulation and Supervision)
  • मजबूत सहयोग(Robust Collaboration)
  • आईटी और साइबर सुरक्षा कौशल का विकास करना(Developing IT and Cyber Security Skills Set)

मिशन - विशिष्ट कार्रवाई बिंदु शासन प्रणाली प्रबंध Governance Oversight

बोर्ड प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित करना

  • निदेशक मंडल शहरी सहकारी बैंकों (UCB) की सूचनाओं की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार होगा तथा एक प्रभावी सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और सूचना सुरक्षा (IS) प्रशासन को सुनिश्चित करने में सक्रिय भूमिका निभाएगा।

प्रौद्योगिकी विज़न दस्तावेज़

  • शहरी सहकारी बैंक वित्तीय समावेशन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
  • इसलिए, शहरी सहकारी बैंकों को अपने कारोबार को अत्यधिक सुरक्षित करने के लिए आईटी समाधानों को सम्मिलित करते हुए अपनी खुद की प्रौद्योगिकी विज़न दस्तावेज़ विकसित करने की आवश्यकता है।

उपयोगी तकनीकी निवेश (Utile Technology Investment)

साइबर सुरक्षा परियोजनाओं के कार्यान्वयन हेतु निधि का निर्माण

  • साइबर सुरक्षा परियोजनाओं के लिए धनशहरी सहकारी बैंकों के वार्षिक शुद्ध लाभ (Annual Net Profits) से कुछ समय में बनाया जा सकता है।

बिजनेस आईटी संपत्तियोंका प्रबंधन

  • अपनी आईटी संपत्तियों की पूरी प्रक्रिया की उचित निगरानी करने के लिए, हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर दोनों क्षेत्रों में शहरी सहकारी बैंकअपनेउद्यम आईटी अवसंरचना के लिए के निवेश करेंगे।
  • इसके अलावा, सॉफ्टवेयर लाइसेंस प्रबंधन (Software License Management - SLM) के लिए एक व्यापक प्रक्रिया शहरी सहकारी बैंकों द्वारा कार्यान्वित की जाएगी।

बैंकिंग सेवाओं की उपलब्धता

  • प्रमुखप्रक्रियाओं से संबंधित अवरोधों से बचने के लिए, शहरी सहकारी बैंकों के पास एक व्यावसायिक निरंतरता योजना (Business Continuity Plan- BCP) होगी।
  • बिजनेस को सुचारू रूप से और सुरक्षित रूप से संचालित करने के लिए सिस्टम और प्रक्रियाओं की प्राथमिकता पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

उपयुक्त विनियमन और पर्यवेक्षण(Appropriate Regulation and Supervision)

पर्यवेक्षी रिपोर्टिंग रूपरेखा (Supervisory Reporting Framework)

  • बड़ी संख्या में शहरी सहकारी बैंकों को देखते हुए,साइबर सुरक्षा दिशानिर्देशों के संबंध मेंशहरी सहकारी बैंकों की प्रभावी निगरानी के लिए एक तंत्र स्थापित किया जायेगा।

सुरक्षित प्रथाओं को लागू करने में उचित मार्गदर्शन

  • सभी सहकारी बैंकों के लिए एक समान साइबर सुरक्षा दस्तावेज़ज़ारी किया जाएगा।
  • यह विशेषाधिकार प्राप्त प्रबंधन (Privileged access management), नेटवर्क का विभाजन (network segmentation), सुरक्षित व्यवस्था का प्रारूप (secure configuration) और आकस्मिक मामलों में सुरक्षा (security incident) जैसी विभिन्न सर्वोत्तम प्रथाओं को सांझा करेगा।

मजबूत सहयोग(Robust Collaboration)

सर्वश्रेष्ठ प्रथाओं को साझा करने के लिए मंच

  • शहरी सहकारी बैंक (UCB) विभिन्न बैंकों के हितधारकों के साथ राज्य / क्षेत्रीय स्तर पर एक मंच स्थापित करने की संभावना तलाश सकते हैं।

क्लाउड सेवाओं को अपनाना

  • उचित ज़ेखिम का मूल्यांकन करने के बाद आईटी समाधान और साइबर सुरक्षा नियंत्रण कोकरने के लिए लागत प्रभावी प्रौद्योगिकियों (Cost effective technologies) जैसे, क्लाउड आधारित सेवाओं का उपयोग किया जा सकता है।

आईटी और साइबर सुरक्षा कौशल का विकास करना (Developing IT and Cyber Security Skills Set)

आईटी और साइबर सुरक्षा का प्रबंधन करने के लिए तकनीकी कौशल प्रदान करना

  • साइबर सुरक्षा के ज़ेखिम के प्रबंधन के लिए कर्मियों को तकनीकी कौशल प्रदान करने के लिए लक्षित कौशल-उन्मुख प्रशिक्षण (Targeted skill-oriented training) और प्रमाणपत्र कार्यक्रम (certification programmes) डिज़ाइन (तैयार) किए जाएंगे।
  • क्षेत्रीय भाषाओं में इस तरह का प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए देश भर के विभिन्न संस्थानों / विश्वविद्यालयों में उपलब्ध विशेषज्ञता का सदुपयोग करने के लिए कदम उठाए जाएंगे।

साइबर सुरक्षा पर सभी शहरी सहकारी बैंकों (UCB) के लिए प्रशिक्षण प्रदान करना

  • आरबीआई के विभिन्न प्रशिक्षण संस्थानों और आरबीआई द्वारा अनुमोदित ऐसे अन्य संस्थानों के माध्यम से सभी शहरी सहकारी बैंकों (UCB) को जागरूकता प्रशिक्षण कार्यक्रम उपलब्ध किए जाएंगे।
  • साइबर सुरक्षा की बेहतर समझ के लिए स्थानीय भाषा में शहरी सहकारी बैंकों (UCB) को साइबर सुरक्षा चुनौतियों और विनियामक अपेक्षाओं को संप्रेषित करना मुख्य उद्देश्य है।

महत्व

  • प्रौद्योगिकी विज़न दस्तावेज़ में उल्लिखित दृष्टिकोण के कार्यान्वयन से शहरी सहकारी बैंकों के साइबर लचीलापन पारिस्थितिकी तंत्र मजबूत होगा।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

आपराधिक पृष्ठभूमि प्रकाशन हेतु समयसीमा


11 सितंबर, 2020 को निर्वाचन आयोग (Election Commission– EC) द्वारा उम्मीदवारों तथा उनको चुनाव में उतारने वाले राजनीतिक दलों को उनके संबंध में आपराधिक पृष्ठभूमि के प्रकाशन से संबंधित समयसीमा को संशोधित करने का फैसला किया गया है।

संशोधित दिशानिर्देश: संशोधित दिशानिर्देश के तहत, आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों के साथ- साथ उन्हें चुनाव में उतारने वाले राजनीतिक दलों को उनकी आपराधिक पृष्ठभूमि होने की स्थिति में निम्नलिखित तरीके से इसका प्रकाशन समाचार पत्रों और टेलीविजन पर करना होगा:

पहला प्रकाशन: नाम वापसी की अंतिम तारीख से पहले 4 दिनों के भीतर।

दूसरा प्रकाशन: नाम वापसी की अंतिम तारीख से 5 से 8 दिनों के भीतर।

तीसरा प्रकाशन: 9वें दिन से प्रचार के अंतिम दिन तक (मतदान के दो दिन पहले तक)।

पीआईबी न्यूज विज्ञान और तकनीक

लेजर गाइडेड एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल का सफल परीक्षण


22 सितंबर 2020 को अहमदनगर में केके रेंज, आर्मर्ड कॉर्प्स सेंटर एंड स्कूल (एसीसीएंडएस) में एमबीटी अर्जुन टैंक से लेजर गाइडेड एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल (एटीजीएम) का सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया।

महत्वपूर्ण तथ्य: इन परीक्षणों में, एटीजीएम ने 3 किमी. की दूरी पर स्थित लक्ष्य को सफलतापूर्वक अपना निशाना बनाया।

  • लेजर गाइडेड एटीजीएम डेजिग्नेशन की सहायता से अपने निर्धारित लक्ष्य पर जाकर सटीकता से हमला करना सुनिश्चित करती है।
  • इसके अलावा इसमें ‘हीट’ ( High speed Expendable Areal Target- HEAT) वारहेड के जरिए एक्सप्लोसिव रिऐक्टिव आर्मर (ईआरए) संरक्षित बख्तरबंद वाहनों को भी उड़ाने की क्षमता है।
  • एटीजीएम को कई-प्लेटफॉर्म लॉन्च क्षमता के साथ विकसित किया गया है और वर्तमान में एमबीटी अर्जुन में लगी बंदूक से फायर कर इसका तकनीकी मूल्यांकन किया जा रहा है।
  • आर्मामेंट रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट (एआरडीई) पुणे ने हाई एनर्जी मेटेरियल रिसर्च लेबोरेटरी (एचईएमआरएल) पुणे और इंस्ट्रूमेंट्स रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट (आईआरडीई) देहरादून के सहयोग से यह मिसाइल विकसित की है।

सामयिक खबरें राष्ट्रीय

शिक्षा पर राष्ट्रीय सांख्यिकी संगठन (NSO) की नवीनतम रिपोर्ट


सितंबर 2020 में शिक्षा पर राष्ट्रीय सांख्यिकी संगठन (NSO) की नवीनतम रिपोर्ट प्रकाशित की गई। यह रिपोर्ट जून 2017 और जुलाई 2018 के बीच आयोजित नेशनल सैंपल सर्वे के 75वें दौर में शिक्षा से जुड़े व्यय पर परिवारों के सर्वेक्षण पर आधारित है।

महत्त्वपूर्ण तथ्य: भारत में प्रति पांच छात्रों में से एक छात्र अपनी स्कूली शिक्षा को निजी कोचिंग के साथ पूरी करता है, जिसमें माध्यमिक स्कूल स्तर पर तथा कक्षा 9 और 10 में लगभग प्रति तीन छात्रों में से एक छात्र निजी कोचिंग लेता है।

  • माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में शिक्षा की कुल लागत का लगभग 20% निजी कोचिंग की फीस में व्यय होता है।
  • अनुसूचित जनजाति समुदायों के मात्र 13.7% ग्रामीण लड़के और लड़कियां निजी कोचिंग लेते है, इनकी तुलना में उच्च जाति के शहरी छात्रों में 52% से अधिक निजी कोचिंग लेते हैं।
  • पूर्वी भारत के कुछ राज्य देश के बाकी हिस्सों की तुलना में निजी कोचिंग पर अधिक व्यय करते हैं।

सामयिक खबरें आर्थिकी

तीन श्रम संहिता विधेयक पारित


संसद द्वारा 23 सितंबर, 2020 को श्रमिकों के कल्याण और सुरक्षा के लिए श्रम संहिता संबंधी तीन विधेयक पारित किए गए। तीन संहिताओं में सामाजिक सुरक्षा, व्यावसायिक सुरक्षा और स्वास्थ्य, और औद्योगिक संबंध शामिल हैं।

सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020: जोखिमकारी क्षेत्रों में कार्यरत प्रतिष्ठान अनिवार्य रूप से ईएसआईसी से संबद्ध किए जाएंगे।

  • असंगठित क्षेत्र और गिग कामगारों (गैर-स्थायी श्रमिकों) को ईएसआईसी से संबद्ध करने के लिए योजना बनाने हेतु प्रावधान।
  • ईपीएफओ की कवरेज 20 या इससे अधिक कामगारों वाले सभी प्रतिष्ठानों पर लागू होगी।
  • असंगठित क्षेत्र के कामगारों को व्यापक सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए विभिन्न योजनाएं तैयार करने हेतु 'सामाजिक सुरक्षा निधि' सृजित की जाएगी।

व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य दशा संहिता, 2020: नियोक्ता द्वारा एक निर्धारित आयु से अधिक आयु वाले कामगारों के लिए वर्ष में एक बार निःशुल्क चिकित्सा जांच।

  • पहली बार कामगारों को नियुक्ति पत्र प्राप्त करने का कानूनी अधिकार दिया गया है।
  • दूसरे राज्य के स्व-नियोजित श्रमिकों को शामिल करने के लिए 'अंतर-राज्य प्रवासी श्रमिकों' की परिभाषा का विस्तार किया गया।

औद्योगिक संबंध संहिता, 2020: जिन कंपनियों में 300 तक कर्मचारी हैं, उन्हें कर्मचारियों की भर्ती या छंटनी के लिए श्रम विभाग की इजाजत लेने की जरूरत नहीं होगी।

  • इसके अलावा अनुबंध पर काम करने वालों कर्मचारियों की सीमा को 20 से बढ़ाकर 50 कर दिया गया है।

सामयिक खबरें आर्थिकी

आवश्यक वस्तु (संशोधन) विधेयक 2020


संसद द्वारा 22 सितंबर, 2020 को आवश्यक वस्तु (संशोधन) विधेयक, 2020 पारित किया गया।

मुख्य प्रावधान: यह विधेयक केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा जून 2020 में आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 में संशोधन हेतु मंजूर किए गए ‘आवश्यक वस्तु (संशोधन) अध्यादेश 2020’ का स्थान लेगा।

  • अनाज, दलहन, तिलहन, खाद्य तेलों, प्याज और आलू जैसी वस्तुओं को आवश्यक वस्तुओं की सूची से हटाने का प्रावधान।
  • केवल असाधारण परिस्थितियों जैसे युद्ध, अकाल, असाधारण मूल्य वृद्धि और गंभीर प्रकृति की प्राकृतिक आपदा में ही केंद्र सरकार इन्हें नियंत्रित कर सकती है।
  • हालांकि, एक मूल्य श्रृंखला भागीदार की स्थापित क्षमता और निर्यातक की निर्यात मांग को ऐसे स्टॉक सीमा लागू करने से छूट प्रदान की जाएगी, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि कृषि में निवेश हतोत्साहित न हो।
  • खाद्य पदार्थों के नियमन और स्टॉक सीमा को लागू करने संबंधी प्रावधान सार्वजनिक वितरण प्रणाली या लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली से संबंधित किसी भी सरकारी आदेश पर लागू नहीं होंगे।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप वेब पोर्टल/ऐप

केंद्रीकृत कृषि मशीनरी परीक्षण पोर्टल


केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमार ने 24 सितंबर, 2020 को आम लोगों के लिए ‘केंद्रीकृत कृषि मशीनरी परीक्षण पोर्टल’ लॉन्च किया।

  • इसे कृषि, सहकारिता और किसान कल्याण विभाग द्वारा कृषि मशीनरी परीक्षण संस्थानों की सेवाओं में सुधार और मशीनों के परीक्षण और मूल्यांकन की पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए एक कदम के रूप में विकसित किया गया है।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप चर्चित दिवस

अंतरराष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस


23 सितंबर

2020 का विषय: 'सांकेतिक भाषाएं सभी के लिए हैं' (Sign Languages are for Everyone)

महत्वपूर्ण तथ्य: बधिरता से पीड़ित लोगों के मानवाधिकारों की पूर्ण प्राप्ति में सांकेतिक भाषा के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए यह दिवस मनाया जाता है।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप चर्चित दिवस

विश्व समुद्री दिवस


24 सितंबर

2020 का विषय: 'एक सतत ग्रह के लिए सतत नौवहन' (Sustainable Shipping for a Sustainable Planet)

महत्वपूर्ण तथ्य: यह दिवस सितंबर माह के अंतिम बृहस्पतिवार को मनाया जाता है। दुनिया भर में लोगों और समुदायों के लिए वैश्विक व्यापार का 80 प्रतिशत से अधिक परिवहन अंतरराष्ट्रीय नौवहन द्वारा किया जाता है।

सामयिक खबरें राज्य मध्य प्रदेश

मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना


मध्य प्रदेश में प्रधानमंत्री किसान कल्याण योजना की तर्ज पर 22 सितंबर, 2020 को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य में 'मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना' लागू करने की घोषणा की।

  • इस योजना के तहत, प्रधान मंत्री किसान सम्मान निधि योजना के पात्र लाभार्थियों को सालाना 4000 रुपये की अतिरिक्त वित्तीय सहायता दी जाएगी। अब वे 10 हजार रुपये की वार्षिक सहायता प्राप्त कर सकेंगे।
  • मध्य प्रदेश के लगभग 80 लाख किसान मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना से लाभान्वित होंगे।

सामयिक खबरें राज्य गुजरात

ई-स्कूटर और ई-रिक्शा के लिए सब्सिडी योजनाएं


गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपानी ने 17 सितंबर, 2020 को राज्य में बैटरी चालित दोपहिया और तिपहिया वाहनों के उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए एक सहायता योजना की घोषणा की।

  • राज्य सरकार 9वीं कक्षा से कॉलेज तक पढ़ने वाले स्कूली छात्रों को बैटरी चालित दोपहिया वाहनों के लिए 12,000 रुपये की सब्सिडी प्रदान करेगी। ऐसे 10,000 वाहनों के लिए सब्सिडी देने का लक्ष्य तय किया गया है।
  • इसी प्रकार, व्यक्तिगत और संस्थागत लाभार्थियों के लिए तिपहिया ई-रिक्शा के लिए 48,000 रुपये की सब्सिडी दी जाएगी। यह सब्सिडी 5,000 ई-रिक्शा के लिए दी जाएगी।
  • ई-वाहनों की चार्जिंग सुविधा के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा तैयार करने के लिए 50 लाख रुपये की योजना की भी घोषणा की गई।

सामयिक खबरें बिजनेस और सार्वजनिक उपक्रम

बजाज फिनसर्व का स्वास्थ्य तकनीक समाधान व्यवसाय


बजाज फिनसर्व ने 22 सितंबर, 2020 को अपने स्वास्थ्य तकनीक समाधान व्यवसाय के शुभारंभ के साथ स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में प्रवेश किया।

  • बजाज फिनसर्व की पूरी तरह से स्वामित्व वाली सहायक कंपनी 'बजाज फिनसर्व हेल्थ' बाजार में अपनी मुख्य पेशकश 'आरोग्य केयर' लेकर आई है, जो उपभोक्ताओं को निवारक, व्यक्तिगत, प्रीपेड स्वास्थ्य देखभाल पैकेज प्रदान करता है।
  • इसका लक्ष्य स्मार्ट, कनेक्टेड और समग्र देखभाल योजनाओं के माध्यम से भारतीय उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य परिणामों में सुधार करना है।

सामयिक खबरें बिजनेस और सार्वजनिक उपक्रम

डेलीहंट का लघु वीडियो ऐप 'जोश'


भारतीय स्थानीय भाषा सामग्री खोज प्लेटफॉर्म डेलीहंट द्वारा 9 सितंबर, 2020 को एक लघु वीडियो ऐप 'जोश' औपचारिक रूप से लॉन्च किया गया।

  • इसे चीनी ऐप टिक-टॉक के विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है। जोश उपयोगकर्ता 120 सेकंड तक के लघु वीडियो का आनंद ले सकते हैं।

पीआईबी न्यूज विज्ञान और तकनीक

केरल में चिकित्सकीय उपकरण पार्क स्थापित करने की योजना


केरल में शीघ्र ही देश का पहला चिकित्सकीय उपकरण पार्क स्थापित किया जाएगा।

केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने 24 सितंबर, 2020 को इस चिकित्सा उपकरण पार्क का शिलान्यास किया।

उद्देश्य: चिकित्सकीय उपकरण उद्योग को अनुसंधान एवं विकास, परीक्षण और मूल्यांकन जैसी सेवाओं की एक पूर्ण श्रृंखला उपलब्ध कराना।

महत्वपूर्ण तथ्य: यह भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के ‘श्री चित्रा तिरूनाल चिकित्सा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान’ (एससीटीआईएमएसटी) और केरल सरकार की औद्योगिक एवं निवेश संवर्धन एजेंसी ‘केरल राज्य औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड’ (केएसआईडीसी) की संयुक्त पहल है।

  • परिकल्पित मैड्स पार्क, यानी चिकित्सकीय उपकरण पार्क, तिरूवनंतपुरम जिले के थोनक्कल स्थित ‘लाइफ साइंस पार्क’ में स्थापित किया जाएगा ।
  • यह चिकित्सकीय उपकरण पार्क चिकित्सकीय प्रत्यारोपण एवं शरीरेतर (extracorporeal) उपकरणों समेत उच्च जोखिम वाले चिकित्सकीय उपकरणों पर केंद्रित होने के कारण विशिष्ट होगा।

सामयिक खबरें अंतर्राष्ट्रीय

वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिग्स 2021


2 सितंबर, 2020 को टाइम्स हायर एजुकेशन द्वारा ‘वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिग्स 2021’ जारी की गई।

महत्वपूर्ण तथ्य: इस सूची में 93 देशों के 1500 विश्वविद्यालयों को शामिल किया गया है।

  • विश्वभर के विश्वविद्यालयों में अध्यापन का स्तर, अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण, शोध और ज्ञान के आदान-प्रदान को ध्यान में रखते हुए यह रैंकिंग जारी की जाती है।
  • इस सूची में यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड (यू.के.) को शीर्ष स्थान प्राप्त हुआ है। स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी (यूएसए) दूसरे, हॉवर्ड यूनिवर्सिटी (यूएसए) तीसरे, कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (यूएसए) चौथे तथा मेसाचुसैट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (यूएसए) पांचवें तथा यूनिवर्सिटी ऑफ कैंब्रिज छठे स्थान पर है।
  • इस वर्ष रैंकिंग में रिकॉर्ड 63 भारतीय विश्वविद्यालयों को शामिल किया गया है। लेकिन कोई भी शीर्ष 300 में स्थान नहीं पा सका।
  • इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ सांइस (IISc), बेंगलुरू (301-350 के समूह में) भारतीय विश्वविद्यालयों की सूची में शीर्ष पर है। इसके पश्चात आईआईटी, रोपड़ (351-400 के समूह में); आईआईटी, इंदौर (401-500 के समूह में)’ बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (601-800 के समूह में) स्थान हासिल कर सका।
  • रैंकिंग में शीर्ष 200 में 59 प्रविष्टियों के साथ संयुक्त राज्य अमेरिका सबसे अधिक प्रतिनिधित्व वाला देश है।

सामयिक खबरें अंतर्राष्ट्रीय

शीर्ष 20 वैश्विक डेयरी कंपनी सूची 2020


अमूल, गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (GCMMF), राबोबैंक (Rabobank) द्वारा अगस्त 2020 में जारी वैश्विक शीर्ष 20 सूची में जगह बनाने वाली पहली भारतीय डेयरी फर्म बन गई है।

महत्वपूर्ण तथ्य: राबोबैंक एक डच बहुराष्ट्रीय बैंकिंग और वित्तीय सेवा कंपनी है। इस सूची में डेयरी कंपनियों को वर्ष 2019 के कारोबार के आधार पर रैंकिंग दी गई।

  • सूची के अनुसार, स्विट्जरलैंड की नेस्ले 22.1 बिलियन डॉलर के कारोबार के साथ शीर्ष पर रही, इसके बाद फ्रांस की 'लैक्टालिस' 21 बिलियन डॉलर कारोबार के साथ दूसरे स्थान पर रही।
  • अमेरिका की 'डेयरी फार्मर्स ऑफ अमेरिका' जो 2019 की सूची में 6वें स्थान पर थी, 20.1 बिलियन डॉलर के कारोबार के साथ तीसरे स्थान पर रही। फ्रांस की 'दानोन' चौथे, चीन की 'यिली' पांचवें स्थान पर है।
  • अमूल ने 5.5 बिलियन डॉलर का वार्षिक कारोबार किया है। वह पहली बार 16वें स्थान पर रही।

जीके फैक्ट: भारत दुनिया में 21 फीसदी दूध का उत्पादन करता है और वैश्विक दुग्ध बाजार में 1.8 फीसदी की वृद्धि के मुकाबले भारत का दुग्ध बाजार 5 फीसदी की दर से बढ़ रहा है।

सामयिक खबरें विज्ञान-पर्यावरण

सूर्य का नया सौर चक्र शुरू


15 सितंबर, 2020 को नासा और ‘नेशनल ओशनिक एंड एटमॉस्फेरिक एडमिनिस्ट्रेशन’ (National Oceanic and Atmospheric Administration- NOAA) ने संयुक्त रूप से एक सहमति पत्र जारी कर ‘सौर चक्र 25’ (Solar Cycle 25) के शुरू होने की घोषणा की।

महत्वपूर्ण तथ्य: सूर्य विद्युत आवेशित गर्म गैस की एक विशाल गेंद है। यह एक शक्तिशाली चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करता है। सूर्य का चुंबकीय क्षेत्र एक चक्र से गुजरता है, जिसे सौर चक्र कहा जाता है।

  • हर 11 साल बाद, सूर्य का चुंबकीय क्षेत्र पूरी तरह से पलट जाता है। इसका अर्थ है कि सूर्य के उत्तर और दक्षिण ध्रुव परस्पर स्थान बदलते हैं।
  • सौर चक्र सूर्य की सतह पर गतिविधि को प्रभावित करता है, जैसे कि सौर-कलंक (sunspot) जो सूर्य के चुंबकीय क्षेत्र के कारण होते हैं। वैज्ञानिक, सौर-कलंकों (Sunspots) के माध्यम से सौर चक्र का पता लगाते हैं।
  • सौर चक्र 25 के लिए ’सौर न्यूनतम’ (Solar Minimum) दिसंबर 2019 में घटित हुआ था। सौर न्यूनतम तब होता है जब सौर कलंकों की संख्या न्यूनतम होती है। इस समय नया सौर चक्र शुरू होता है
  • वैज्ञानिकों के अनुसार सौर चक्र 25 के लिए ‘सौर अधिकतम’ (Solar maximum) जुलाई 2025 में घटित होगा। सौर अधिकतम तब होता है जब सौर कलंको की संख्या अधिकतम होती है। यह सौर चक्र के मध्य में होता है। इसके बाद यह सौर न्यूनतम पर पहुंचता है।
  • यह सौर चक्र पिछले सौर चक्र 24 की भांति होगा। पिछला सौर चक्र ‘औसत से कम’ सक्रिय चक्र था।
  • वैज्ञानिकों ने सौर चक्र 24 (Solar Cycle 24) के समाप्त होने की घोषणा की जिसकी अवधि दिसंबर, 2008 से दिसंबर, 2019 तक थी।

सामयिक खबरें विज्ञान-पर्यावरण

राष्‍ट्रीय फोरेन्सिक विज्ञान विश्‍वविद्यालय विधेयक 2020


संसद द्वारा 22 सितंबर, 2020 को राष्ट्रीय फोरेन्सिक विज्ञान विश्वविद्यालय विधेयक 2020 पारित किया गया।

मुख्य प्रावधान: विधेयक में गांधीनगर स्थित गुजरात फोरेन्सिक विज्ञान विश्वविद्यालय और नई दिल्ली स्थित लोकनायक जयप्रकाश नारायण राष्ट्रीय अपराध विज्ञान और फोरेन्सिक विज्ञान संस्थान के विलय से गुजरात में राष्ट्रीय फोरेन्सिक विज्ञान विश्वविद्यालय की स्थापना किए जाने का प्रावधान है।

  • विधेयक में गुजरात के राष्ट्रीय फोरेन्सिक विज्ञान विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के रूप में घोषित करने की भी व्यवस्था की गई है। इसके परिसर दिल्ली और गुजरात में होंगे।
  • विश्वविद्यालय का उद्देश्य व्यवहार विज्ञान अध्ययन, कानून और अन्य संबद्ध क्षेत्रों के साथ संयोजन के रूप में फोरेंसिक विज्ञान के क्षेत्र में अनुसंधान को बढ़ावा देना है।
  • विश्वविद्यालय के प्रमुख कार्य फोरेंसिक विज्ञान, अनुप्रयुक्त व्यवहार विज्ञान (applied behavioural science), कानून और अपराध विज्ञान पर प्रशिक्षण और अनुसंधान प्रदान करना है।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप चर्चित दिवस

विश्व अल्जाइमर माह


सितंबर

2020 का विषय: 'लेट्स टॉक अबाउट डिमेंशिया' (Let’s talk about dementia)

महत्वपूर्ण तथ्य: यह माह जागरूकता बढ़ाने, शिक्षित करने, समर्थन देने और डिमेंशिया से सम्बंधित कलंक को चुनौती देने के लिए हर वर्ष सितंबर में चलाया जाने वाला एक अंतरराष्ट्रीय अभियान है। सितंबर 2020 में 9वां विश्व अल्जाइमर माह है। यह अभियान 2012 में शुरू किया गया था। 21 सितंबर को विश्व अल्जाइमर दिवस भी मनाया जाता है।

सामयिक खबरें खेल चर्चित खेल व्यक्तित्व

अली खान आईपीएल में शामिल होने वाले पहले अमेरिकी खिलाड़ी


सितंबर, 2020 में आईपीएल टीम कोलकाता नाइट राइडर्स ने तेज गेंदबाज अली खान को हैरी गर्नी के स्थान पर टीम में शामिल किया है। अली खान आईपीएल में शामिल होने वाले पहले अमेरिकी खिलाड़ी हैं।

  • अली कैरेबियाई प्रीमियर लीग, 2020 में त्रिनबागो नाइट राइडर्स टीम से खेले थे। वे बांग्लादेश प्रीमियर लीग और पाकिस्तान सुपर लीग में भी खेल चुके हैं।

सामयिक खबरें बैंकिंग, फाइनेंस, सेवा और बीमा

राजेश खुल्लर विश्व बैंक के कार्यकारी निदेशक नियुक्त


14 सितंबर, 2020 को केंद्र सरकार ने राजेश खुल्लर को विश्व बैंक के कार्यकारी निदेशक के रूप में नियुक्त किया है।

  • खुल्लर हरियाणा कैडर के 1988 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी हैं, उनका विश्व बैंक में तीन साल का कार्यकाल होगा।
  • विश्व बैंक के कार्यकारी निदेशक के रूप में, खुल्लर विश्व बैंक में भारत, बांग्लादेश, भूटान और श्रीलंका का प्रतिनिधित्व करेंगे।
  • वर्तमान में, वे मुख्यमंत्री, हरियाणा के प्रधान सचिव और हरियाणा राज्य औद्योगिक और अवसंरचना विकास निगम के अध्यक्ष हैं।

सामयिक खबरें बैंकिंग, फाइनेंस, सेवा और बीमा

आईसीआईसीआई बैंक की 'आईस्टार्टअप 2.0' योजना


आईसीआईसीआई बैंक ने सितंबर 2020 में स्टार्टअप के लिए 'आईस्टार्टअप 2.0' (iStartup2.0) योजना शुरू की है, जो ग्राहकों की विनियामक सहायता, विश्लेषिकी, स्टाफिंग, लेखा, ग्राहक अधिग्रहण और डिजिटल पहुँच जैसी गैर-बैंकिंग आवश्यकताओं के साथ-साथ उनकी बैंकिंग आवश्यकता को पूरा करेगी।

  • कार्यक्रम के तहत, भागीदारी, निजी और सार्वजनिक लिमिटेड कंपनियों के साथ-साथ सीमित देयता भागीदारी सहित नए व्यवसाय (10 वर्ष पुराने), एक चालू खाते का विकल्प चुन सकते हैं, जिसके तीन संस्करण होंगे - प्लैटिनम, गोल्ड और सिल्वर।
  • चालू खाते के अन्य लाभों में एक समर्पित रिलेशनशिप मैनेजर की उपलब्धता, प्रमोटरों के लिए प्रीमियम बचत खाते और कर्मचारियों के लिए वेतन खाते शामिल हैं।

सामयिक खबरें बैंकिंग, फाइनेंस, सेवा और बीमा

समीर कुमार खरे एशियाई विकास बैंक के कार्यकारी निदेशक नियुक्त


14 सितंबर, 2020 को केंद्र सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी समीर कुमार खरे को एशियाई विकास बैंक (एडीबी) के कार्यकारी निदेशक के रूप में नियुक्त किया है।

  • उनका तीन साल का कार्यकाल होगा। एडीबी के कार्यकारी निदेशक के रूप में, वे अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, लाओ पीडीआर, ताजिकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान के साथ भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।
  • असम-मेघालय कैडर के 1989 बैच के आईएएस अधिकारी खरे वर्तमान में केंद्रीय वित्त मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव हैं।

सामयिक खबरें बिजनेस और सार्वजनिक उपक्रम

फेसबुक द्वारा भारत के छोटे कारोबारियों को अनुदान


लॉकडाउन की वजह से आर्थिक संकट का सामना कर रहे भारत के छोटे कारोबारियों की मदद के लिए सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक ने 15 सितंबर, 2020 को 4.3 मिलियन डॉलर यानी करीब 32 करोड़ रुपए अनुदान की घोषणा की है।

  • यह फेसबुक की ओर से छोटे कारोबारियों के लिए मार्च में घोषित 100 मिलियन डॉलर के ‘वैश्विक अनुदान’ का हिस्सा है।
  • यह सहायता दिल्ली, गुरुग्राम, मुंबई, हैदराबाद और बेंगलुरू के 3000 से अधिक छोटे कारोबारियों दी जाएगी। इसमें नकद और क्रेडिट शामिल है, जिसमें नकद का हिस्सा अधिक है। वे इसके इस्तेमाल को लेकर स्वतंत्र होंगे।

सामयिक खबरें राष्ट्रीय आंतरिक सुरक्षा

सरकारी गोपनीयता अधिनियम


  • 14 सितंबर, 2020 को दिल्ली के एक पत्रकार कोचीनी खुफिया अधिकारियों को सीमा पर भारतीय सैनिकों की तैनाती जैसी सूचनाओं कोपहुंचानेके लिए सरकारी गोपनीयता अधिनियम के तहत गिरफ़्तार किया गया था।

सरकारी गोपनीयता अधिनियम(OSA) के बारे में

  • भारत का पहला आधिकारिक सरकारी गोपनीयता अधिनियम, ब्रिटिश सरकार की नीतियों का विरोध करने वाले राष्ट्रवादी प्रकाशनों की आवाज़ों को दबाने के लिए 1889 में लाया गया था
  • इसे वायसराय लार्ड कर्ज़न (1899-1904) के शासन काल के दौरान 1904 में संशोधित किया गया था
  • आख़िरकार, 1904 के अधिनियम को 1923 के भारतीय सरकारी गोपनीयता अधिनियमद्वारा बदल दिया गया जो अपने दायरे के भीतर देश में गुप्तता और गोपनीयता के सभी मामलों को लाया।

सरकारी गोपनीयता अधिनियम (OSA) का दायरा

  • यह कानून मोटे तौर पर दो पहलुओं से संबंधित है:
    • अधिनियम कीधारा 3, जिसके तहत जासूसी या गुप्तचरी से संबंधित मामले आते हैं।
    • अधिनियम की धारा 5, जिसके तहत उन जानकारियों का उल्लेख है जिन्हें सरकार गुप्त मानती है (यह जानकरी सरकार से संबंधित या उसके कब्जे वाले स्थान, दस्तावेज़, तस्वीरें, रेखाचित्र, नक्शे, योजना, मॉडल, आधिकारिक कोड या पासवर्डआदि के संदर्भ में हो सकती है)।

अभियोग और दंड

  • यदि कोई व्यक्ति इस मामल में दोषी पाया जाता है, तो उस व्यक्ति को 14 साल तक का कारावास, जुर्माना या दोनों मिल सकता है।
  • इस अधिनियम के तहत, व्यक्ति के ऊपर अपराध का आरोप लगाकर मुक़दमा चलाया जा सकता है, भले ही उसके द्वारा की गयी कार्रवाई अनजाने में हुई हो और राज्य की सुरक्षा को खतरे में डालने का इरादा न हो।

महत्व

  • नागरिकों और सरकारी नौकरी करने वालों के लिए लागू यह कानून, राष्ट्र की अखंडता के लिए जासूसी, देशद्रोह और अन्य संभावित ख़तरों से निपटने के लिए रूपरेखा प्रदान करता है।

सरकारी गोपनीयता अधिनियम(OSA)की आलोचना

सूचना के अधिकार अधिनियम (2005) का उलंघन

  • किसी दस्तावेज़, सरकारी मंत्रालय या विभागको वर्गीकृत करने के लिएविभागीय सुरक्षा निर्देश-1994 के मैनुअल का पालन करता होता है, ऐसा सरकारी गोपनीयता अधिनियम (OSA) के तहत नहीं है।
  • इसके अलावा, सरकारी गोपनीयता अधिनियम (OSA) ख़ुद यह नहीं बताता है कि "गुप्त" दस्तावेज़ क्या है। "गुप्त" दस्तावेज़ के दायरे में क्या आता है, यह तय करना सरकार का विवेक है, उन्हीं तय दस्तावेज़ों को सरकारी गोपनीयता अधिनियम (OSA) के अधीन स्वीकृत किया जाता है।
  • अक्सर यह तर्क दिया गया है कि यह कानून, सूचना के अधिकार अधिनियम, 2005 के सीधे विरुद्ध है।

प्राधिकारियों द्वारा दुरुपयोग

  • "गुप्त" दस्तावेज़ों या सूचनाओं की स्पष्ट परिभाषा के नहीं होने कारण, सरकारी अधिकारी अपनी सुविधानुसार कुछ जानकारियों या दस्तावेज़ों को आधिकारिक रहस्यों के रूप में चित्रित करके अधिनियम का दुरुपयोग कर सकते हैं।

सरकारी गोपनीयता अधिनियम (OSA) में संशोधन के लिए सुझाव

  • 2006 में, द्वितीय प्रशासनिक सुधार आयोग (Administrative Reforms Commission - ARC) ने सिफारिश की कि सरकारी गोपनीयता अधिनियम (OSA) को निरस्त किया जाए, और उसकी जगहराष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम पर एक अध्याय शामिल किया जाए, जिसमें आधिकारिक रहस्यों से संबंधित प्रावधान मौजूद हों।
  • इसके अलावा, 2015 में, सरकार ने RTI अधिनियम के संदर्भ में सरकारी गोपनीयता अधिनियम (OSA)के प्रावधानों की जाँच करने के लिए एक समिति का गठन किया था।
  • इसने 16 जून, 2017 को कैबिनेट सचिवालय को अपनी रिपोर्ट सौंपी, जिसमें सिफारिश की गई कि सरकारी गोपनीयता अधिनियम (OSA)को अधिक पारदर्शी और RTI अधिनियम के अनुरूप बनाया जाए।

हाल के मामले जहां सरकारी गोपनीयता अधिनियम (OSA) को लागू किया गया है

  • अधिनियम के तहत सबसे हालिया सज़ा 2018 में हुई थी, जब दिल्ली की एक अदालत ने इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग में सेवा देने वाली पूर्व राजनयिक माधुरी गुप्ता को सरकारी गोपनीयता अधिनियम (OSA) के तहत दोषी ठहराया था। पाकिस्तान को ख़ुफ़िया जानकारी पहुंचाने के लिए उन्हें जेल भेजा गया था।

पीआईबी न्यूज आर्थिक

2020-21 के खरीफ फसल उत्पादन के पहले अग्रिम अनुमान


22 सितंबर, 2020 को कृषि, सहकारिता और किसान कल्याण विभाग द्वारा 2020-21 की प्रमुख खरीफ फसलों के उत्पादन के पहले अग्रिम अनुमान जारी किए गए हैं। विभिन्न फसलों के उत्पादन का आकलन राज्यों से प्राप्त आंकड़ों पर आधारित है।

महत्वपूर्ण तथ्य: 2020-21 के लिए पहले अग्रिम अनुमानों (केवल खरीफ) के अनुसार, देश में कुल खाद्यान्न उत्पादन 144.52 मिलियन टन होने का अनुमान है।

  • 2020-21 के दौरान उत्पादन पिछले पांच वर्षों के औसत खाद्यान्न उत्पादन (2014-15 से 2018-19) के मुकाबले 9.83 मिलियन टन अधिक है।
  • 2020-21 के दौरान खरीफ चावल का कुल उत्पादन 102.36 मिलियन टन होने का अनुमान है। यह पिछले पांच वर्षों के औसत उत्पादन 95.66 मिलियन टन की तुलना में 6.70 मिलियन टन अधिक है।
  • पोषक तत्वों / मोटे अनाजों का उत्पादन 32.84 मिलियन टन होने का अनुमान है, जो 31.39 मिलियन टन के औसत उत्पादन की तुलना में 1.45 मिलियन टन अधिक है।

पीआईबी न्यूज पर्यावरण

भारत में गैंडा संरक्षण प्रयास


22 सितंबर, 2020 को विश्व गैंडा दिवस के अवसर पर वर्चुअल माध्यम में आयोजित कार्यक्रम आयोजित किया गया। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अनुसार भारत ने अपने गैंडों का संरक्षण सफलतापूर्वक किया है।

महत्वपूर्ण तथ्य: बीसवीं सदी के आखिर में विलुप्ति के कगार पर पहुँच गए एक सींग और विशाल आकार वाले गैंडों की संख्या उस समय महज 200 के आसपास रह गई थी।

  • संरक्षण के आवश्यक उपाय करने से इस समय भारत में एक सींग वाले गैंडों की कुल संख्या का 75% तीन प्रमुख राज्यों असम, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में है।
  • मंत्रालय द्वारा गंभीर रूप से लुप्तप्राय प्रजातियों के लिए रिकवरी कार्यक्रम के लिए पहचानी जाने वाली 21 प्रजातियों में एक-सींग वाला गैंडा भी है। वर्तमान में आईयूसीएन द्वारा इसे ‘अतिसंवेदनशील’ श्रेणी में रखा गया है।
  • मंत्रालय ने भारतीय गैंडों के लिए 'राष्ट्रीय संरक्षण रणनीति' भी शुरू की है। इंडियन राइनो विजन (आईआरवी) 2020 कार्यक्रम के तहत इस प्रजाति का वितरण बढ़ाने पर भी काम किया जा रहा है।
  • विश्व धरोहर स्थल ‘मानस राष्ट्रीय उद्यान’ में एक वन से दूसरे वन में गैंडों के आदान-प्रदान का प्रयास सफल रहा है।
  • विश्व गैंडा दिवस का उद्देश्य जंगली जीवों की इस प्रजाति के संरक्षण और इसके प्रवास के महत्व को उल्लेखित करना है।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान कानून (संशोधन) विधेयक 2020


संसद द्वारा 22 सितंबर, 2020 को भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान कानून (संशोधन) विधेयक, 2020 पारित किया गया।

मुख्य प्रावधान: भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान कानून (संशोधन) विधेयक, 2020 के पारित होने से भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान अधिनियम, 2014 तथा भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (सार्वजनिक-निजी भागीदारी) अधिनियम, 2017 के प्रमुख प्रावधानों में संशोधन होगा।

  • यह विधेयक सूरत, भोपाल, भागलपुर, अगरतला तथा रायचूर स्थित 5 भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी) को सार्वजनिक-निजी भागीदारी मोड में राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के रूप में घोषित करेगा।
  • इन संस्थानों को किसी विश्वविद्यालय या राष्ट्रीय महत्व के संस्थान की तरह बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी (B.Tech) या मास्टर ऑफ टेक्नोलॉजी (M.Tech) या पीएचडी डिग्री जारी करने का अधिकार होगा।

पृष्ठभूमि: सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए आईआईआईटी की परिकल्पना की गई है।

  • कुल 20 नए भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थानों को सार्वजानिक निजी भागीदारी (आईआईआईटी पीपीपी) मोड में स्थापित करने की केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा 2010 में मंजूरी दी गई।
  • योजना के तहत, 15 आईआईआईटी पहले ही आईआईआईटी (पीपीपी) अधिनियम, 2017 द्वारा स्थापित किये जा चुके हैं।

सामयिक खबरें आर्थिकी

बैंकिंग नियमन (संशोधन) विधेयक 2020


22 सितंबर, 2020 को संसद द्वारा बैंकिंग नियमन (संशोधन) विधेयक, 2020 पारित किया गया।

उद्देश्य: जमाकर्ताओं के हितों की रक्षा करना।

मुख्य प्रावधान: संशोधित विधेयक जून 2020 में जारी अध्यादेश का स्थान लेगा। विधेयक में बैंकिंग विनियमन अधिनियम 1949 की धारा-3, धारा-45 और धारा-56 में संशोधन का प्रस्ताव है। इससे नियम कानून की दृष्टि से सहकारी बैंकों और वाणिज्यिक बैंकों में एकरूपता लाई जा सकेगी।

  • विधेयक के तहत रिजर्व बैंक को ऋण स्थगन (Moratorium) के बिना पुनर्गठन या एकीकरण की योजना शुरू करने की अनुमति दी गई है। अगर मौजूदा प्रतिबंधों के अलावा ऋण स्थगन किया जाता है तो बैंक इस दौरान कोई ऋण मंजूर नहीं कर सकेंगे या किसी ऋण पत्र में निवेश नहीं कर सकेंगे।
  • आरबीआई सहकारी बैंकों के चेयरपर्सन के रोजगार की शर्तों और योग्यता को निर्दिष्ट कर सकता है। आरबीआई ऐसे चेयरपर्सन को हटा सकता है जोकि ‘फिट और उचित’ के मानदंड पर खरा न उतरे और उपयुक्त व्यक्ति को नियुक्त कर सकता है।
  • प्राथमिक कृषि ऋण समितियों को इस विधेयक के दायरे में नहीं रखा गया है। जो सहकारी समितियां अपने नाम के साथ ‘बैंक’ शब्द का इस्तेमाल नहीं करती हैं और चेकों का समाशोधन नहीं करतीं हैं उन्हें इस विधेयक के दायरे से बाहर रखा गया है।

सामयिक खबरें विज्ञान-पर्यावरण

डीआरडीओ द्वारा ‘अभ्यास’ का सफल परीक्षण


रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन( डीआरडीओ) ने 22 सितंबर, 2020 को ‘अभ्यास’ नाम के ‘तेज रफ्तार एक्सपेंडेबल एरियल टारगेट यान’ (High-speed Expendable Aerial Target- HEAT) का अंतरिम परीक्षण केंद्र बालासोर, ओडिशा में सफल उड़ान परीक्षण किया।

महत्वपूर्ण तथ्य: इस परीक्षण के दौरान दो परीक्षण यानों को सफलतापूर्वक उड़ाया गया, जिनका उपयोग विभिन्न मिसाइल प्रणालियों की क्षमताओं के आकलन के लिए लक्ष्य के रूप में किया जा सकता है।

  • ‘अभ्यास’ यान का डिजाइन और निर्माण डीआरडीओ के वैमानिक विकास प्रतिष्ठान (Aeronautical Development Establishment) ने किया है।
  • यह एक छोटे गैस टरबाइन इंजन द्वारा संचालित है और इसमें मार्गदर्शन और नियंत्रण के लिए उड़ान नियंत्रण कंप्यूटर (एफसीसी) के साथ नेविगेशन के लिए इनरशियल नेविगेशन सिस्टम (आईएनएस) है। यान को पूरी तरह से स्वायत्त उड़ान के लिए क्रमादेशित किया गया है।
  • परीक्षण के दौरान 'अभ्यास' को 5 किमी. की ऊंचाई, 0.5 मैक स्पीड, 30 मिनट की स्थिरता की दरकार थी, जिसे उसने सफलतापूर्वक हासिल किया।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप निधन

अभिनेत्री आशालता का निधन


जानी-मानी मराठी अभिनेत्री और बॉलीवुड की चरित्र अभिनेत्री आशालता वाबगांवकर का 22 सितंबर, 2020 को महाराष्ट्र के सतारा में कोविड-19 संक्रमण के कारण निधन हो गया। वे 79वर्ष की थीं।

  • उन्होंने बॉलीवुड में अपने-पराए, जंजीर, नमक हलाल, शराबी, शौकीन और मराठी में माहेरची साडी, वहिणीची माया, उम्बर्था, सूत्रधार जैसी फिल्मों में काम किया था।

सामयिक खबरें खेल क्रिकेट

कैरेबियाई प्रीमियर लीग 2020


10 सितंबर, 2020 को त्रिनिदाद के ब्रायन लारा स्टेडियम में खेले गए कैरेबियाई प्रीमियर लीग (सीपीएल) 2020 के फाइनल मुकाबले में ‘त्रिनबागो नाइट राइडर्स’ ने ‘सेंट लूसिया जोउक्स’ को 8 विकेट से हराकर खिताब जीत लिया।

  • त्रिनबागो नाइट राइडर्स ने चौथी बार इस लीग का खिताब जीता है। इससे पहले वह 2015, 2017 और 2018 में इस लीग का खिताब जीत चुकी है।
  • कीरोन पोलार्ड (त्रिनबागो नाइट राइडर्स) को ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ चुना गया। फाइनल मुकाबले में लेंडल सिमंस को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया।
  • त्रिनबागो नाइट राइडर्स के लेंडल सिमन्स ने लीग में सर्वाधिक 356 रन बनाए। जबकि सेंट लूसिया जोउक्स के गेंदबाज स्कॉट कुगलेइजन ने सर्वाधिक 17 विकेट हासिल किए।
  • त्रिनिबागो नाइट नाइडर्स टीम की कप्तानी कीरोन पोलार्ड तथा सेंट लूसिया जोउक्स टीम की कप्तानी डैरेन सैमी ने की।
  • यह लीग 18 अगस्त से 10 सितंबर, 2020 तक वेस्टइंडीज में आयोजित की गई।

सामयिक खबरें राज्य पंजाब

स्मार्ट राशन कार्ड योजना


पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने 12 सितंबर राज्य भर में 1.41 करोड़ लाभार्थियों को शामिल करने के लिए स्मार्ट राशन कार्ड योजना शुरू की।

  • राज्य भर में 100 स्थानों के कनेक्शन के साथ, इस योजना को लगभग पूरा करते हुए, इस महीने पात्र लाभार्थियों को 37.5 लाख कार्ड वितरित किए जाएंगे।
  • इसके अलावा, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत शामिल नौ लाख लाभार्थियों को रियायती राशन (subsidized rations) प्रदान करने के लिए एक अलग राज्य-पोषित योजना की भी घोषणा की गई।
  • योजना से लाभार्थियों को राज्य के किसी भी डिपो से राशन कोटा खरीदने की आजादी मिलेगी।

सामयिक खबरें बैंकिंग, फाइनेंस, सेवा और बीमा

केनरा बैंक द्वारा ग्राहक सेवाओं हेतु 'आई-लीड 2.0' लॉन्च


सितंबर 2020 में ग्राहकों को कहीं भी अपनी सेवाएं प्रदान करने के लिए, सार्वजनिक क्षेत्र के ऋणदाता केनरा बैंक ने लीड मैनेजमेंट सिस्टम (LMS) 'आई-लीड 2.0' (इंस्पायरिंग लीड्स सिस्टम संस्करण 2.0) लॉन्च किया है।

उद्देश्य: नए ग्राहकों और बैंक के मौजूदा ग्राहकों के साथ व्यापार संबंधों को कायम रखना।

  • LMS के माध्यम से, ग्राहक इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, कॉल सेंटर, एसएमएस और मिस्ड कॉल जैसे सरल मोड के माध्यम से पूछताछ कर सकते हैं और प्रदान की गई सेवाओं को प्राप्त कर सकते हैं।

सामयिक खबरें बिजनेस और सार्वजनिक उपक्रम

देवेंद्र वी.दरदा 2020-21 के लिए एबीसी के अध्यक्ष नियुक्त


सितंबर 2020 में लोकमत मीडिया समूह के प्रबंध निदेशक देवेंद्र वी.दरदा को वर्ष 2020-2021 के लिए ऑडिट ब्यूरो ऑफ सर्कुलेशन (एबीसी) का अध्यक्ष चुना गया है।

  • लोकमत मीडिया समूह भारत के सबसे बड़े क्षेत्रीय मीडिया समूहों में से एक है और इसकी प्रिंट, डिजिटल, टीवी और अन्य मीडिया में मौजूदगी है।
  • एबीसी भारत में समाचार पत्रों और पत्रिकाओं सहित प्रमुख प्रकाशनों के प्रसार को प्रमाणित और लेखा-परीक्षण (audit) करता है।

पीआईबी न्यूज आर्थिक

राष्ट्रीय रबी अभियान 2020


केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने 21 सितंबर, 2020 को आत्मनिर्भर खेती अभियान के लिए ‘राष्ट्रीय रबी अभियान 2020’ की शुरुआत की।

महत्वपूर्ण तथ्य: रबी अभियान 2020 के लिए आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन ने 2020-21 में 301 मिलियन टन खाद्यान्न उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसमें क्रमशः 108.00, 5.00, 9.57, 29.00 और 47.80 मिलियन टन गेहूं, ज्वार, बाजरा, मक्का और अन्य मोटे अनाज शामिल हैं।

  • इस बार दालों और तिलहनी फसलों के उत्पादन पर अधिक ध्यान केंद्रित किया जा रहा है, जिसमें 25.60 मिलियन टन दलहनी तथा 37 मिलियन टन तिलहनी फसलों के उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
  • वनस्पति तेलों के आयात को घटाने के लिए तिलहनी उत्पादन को बढ़ाने पर व्यापक रूप से जोर दिया जा रहा है, जिसमें ऑयल पाम पौधों (Oil palm plant) की खेती बढ़ाना भी शामिल है।
  • तिलहनी फसलों में सबसे अधिक जोर सरसों के उत्पादन पर रहेगा। इसीलिए इस रबी सीजन के लिए सरसों के उत्पादन का लक्ष्य 9.2 मिलियन टन से बढ़ाकर 12.5 मिलियन टन किया गया है।

पीआईबी न्यूज आर्थिक

अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण समिति रिपोर्ट


सितंबर 2020 में अंतरराष्ट्रीय खुदरा व्यापार के विकास पर अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण (IFSCA) समिति ने अंतरिम रिपोर्ट प्रस्तुत की है।

महत्वपूर्ण तथ्य: अंतरिम रिपोर्ट में अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (IFSC) में अंतरराष्ट्रीय खुदरा व्यवसायों के तीव्र और कुशल विकास के उद्देश्य से कई सुझावों को शामिल किया गया है, जो मुख्य रूप से बैंकिंग क्षेत्र पर केंद्रित है।

  • समिति का गठन 'इंडएशिया फंड एडवाइजर्स’ के चेयरमैन प्रदीप शाह की अध्यक्षता में अगस्त 2020 में किया गया था।
  • IFSCA का गठन भारत में अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र में वित्तीय सेवा बाजार के विकास और नियमन के लिए इस वर्ष की शुरुआत में इंजेती श्रीनिवास की अध्यक्षता में किया गया था।

सुझाव: समिति का सुझाव है कि IFSC इसका लक्ष्य बना सकता है-

  • अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों और व्यापार के लिए भारत के विकास की कहानी का प्रवेश द्वार बनना;
  • एशिया और अफ्रीका के भारतीय प्रवासियों और व्यक्तियों को IFSC से वित्तीय सेवाओं की एक व्यापक श्रेणी प्रदान करना;
  • उदारीकृत प्रेषण योजना (liberalized remittance scheme) का लाभ उठाने वाले घरेलू निवासियों को सेवा प्रदान करना।

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विदेशी अंशदान नियमन संशोधन विधेयक 2020


संसद द्वारा 21 सितंबर, 2020 को विदेशी अंशदान नियमन संशोधन विधेयक, 2020 को मंजूरी प्रदान की गई।

उद्देश्य: देश के सामाजिक ताने-बाने या आंतरिक सुरक्षा को बिगाड़ने में विदेशी निधि के इस्तेमाल को रोकना।

मुख्य प्रावधान: विधेयक मे विदेशी अंशदान नियामक अधिनियम, 2010 में संशोधन किया गया है, जो देश में व्यक्तियों, संगठनों, गैर-सरकारी संगठनों और कंपनियों द्वारा विदेशी अंशदान की स्वीकृति और उपयोग को नियमित करने से संबंधित है।

  • लोक सेवकों को किसी भी विदेशी अंशदान को स्वीकार करने के लिए निषिद्ध संस्थाओं की सूची में शामिल करने का भी प्रावधान किया गया है।
  • इस सूची में चुनाव उम्मीदवार, समाचार पत्रों के संपादक या प्रकाशक, न्यायाधीश, सरकारी कर्मचारी, किसी भी विधायिका के सदस्य, राजनीतिक दल और अन्य पहले से ही शामिल हैं।
  • देश में किसी भी संस्था द्वारा प्राप्त विदेशी अंशदान को किसी व्यक्ति, संघ या कंपनी को अंतरित करने पर रोक का प्रावधान किया गया है। पंजीकरण के लिए आधार को अनिवार्य बनाये जाने का प्रावधान है।
  • 'संक्षिप्त जांच’ के माध्यम से सरकार अप्रयुक्त विदेशी अंशदान के उपयोग को भी प्रतिबंधित कर सकती है, जिन्हें इस तरह के अंशदान को प्राप्त करने की पूर्व अनुमति दी गई हो।

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भारतीय चिकित्सा केंद्रीय परिषद संशोधन विधेयक 2020


संसद द्वारा 21 सितंबर, 2020 को भारतीय चिकित्सा केंद्रीय परिषद संशोधन विधेयक, 2020 और होम्योपैथी केंद्रीय परिषद संशोधन विधेयक, 2020 को पारित किया गया।

भारतीय चिकित्सा केंद्रीय परिषद संशोधन विधेयक 2020: इस विधेयक को 1970 के भारतीय चिकित्सा केन्द्रीय परिषद कानून में संशोधन के लिए लाया गया है। यह अधिनियिम आर्युवेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा सहित भारतीय चिकित्सा पद्धति की शिक्षा और प्रेक्टिस को नियंत्रित करता है।

  • यह विधेयक पारित होने पर इस सम्बंध में अप्रैल 2020 में जारी अध्यादेश का स्थान लेगा।
  • इस विधेयक में एक वर्ष के अंदर केन्द्रीय परिषद के पुनर्गठन का प्रस्ताव है। अन्तरिम अवधि तक केन्द्र सरकार निदेशक मंडल का गठन करेगी, जिसे केन्द्रीय परिषद के अधिकार होंगे। निदेशक मण्डल में अधिकतम दस सदस्य होंगे।

होम्योपैथी केंद्रीय परिषद संशोधन विधेयक 2020: इस विधेयक द्वारा होम्योपैथी केंद्रीय परिषद अधिनियम, 1973 में संशोधन किया गया है। इस अधिनियम में केंद्रीय होम्योपैथी परिषद की व्यवस्था की गई है, जो होम्योपैथिक शिक्षा और प्रेक्टिस को नियंत्रित करता है।

  • यह विधेयक अप्रैल 2020 में जारी होम्योपैथी केंद्रीय परिषद संशोधन अध्यादेश का स्थान लेगा। इसके तहत केंद्रीय परिषद के पुनर्गठन की अवधि को दो वर्ष से बढ़ाकर तीन वर्ष किया गया है।
  • अन्तरिम अवधि तक केन्द्र सरकार निदेशक मंडल का गठन करेगी, जिसे केन्द्रीय परिषद के अधिकार होंगे।

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ग्लोबल स्मार्ट सिटी इंडेक्स 2020


‘सिंगापुर यूनिवर्सिटी फॉर टेक्नोलॉजी एंड डिजाइन’ के साथ इंस्टीट्यूट फॉर मैनेजमेंट डेवलपमेंट (IMD) द्वारा 17 सितंबर, 2020 को ‘ग्लोबल स्मार्ट सिटी इंडेक्स 2020’ जारी किया गया।

महत्वपूर्ण तथ्य: स्मार्ट सिटी इंडेक्स में इस साल पूरे विश्व में 109 शहरों को स्थान दिया है।

यह प्रत्येक शहर में यादृच्छिक (randomly) रूप से चुने गए 120 निवासियों की धारणाओं को रिकॉर्ड करके तैयार किया गया है।

  • चयनित निवासियों को उनके संबंधित शहरों में स्वास्थ्य और सुरक्षा, परिवहन (mobility), गतिविधियों, शासन और अवसरों सहित पांच क्षेत्रों में तकनीकी प्रावधानों पर सवाल पूछे गए थे।
  • इंडेक्स में सिंगापुर सबसे शीर्ष पर है। हेलसिंकी दूसरे, ज्यूरिख तीसरे, ऑकलैंड चौथे, ओस्लो पांचवें,

कोपेनहेगन छठे, जिनेवा सातवें, ताइपे आठवें, एम्स्टर्डम नौवें तथा न्यूयॉर्क दसवें स्थान पर है।

भारत की स्थिति: भारतीय शहरों ने अपनी रैंकिंग में गिरावट दर्ज की है।

  • हैदराबाद 85वें स्थान पर है। जबकि 2019 के इंडेक्स में हैदराबाद 67वें स्थान पर था।

नई दिल्ली 2019 में 68वें स्थान से 2020 में 86वें स्थान पर पहुंच गया।

  • मुंबई 2019 में 78वें से 2020 में 93वें स्थान पर पहुँच गया है। जबकि बेंगलुरु 2019 में 79वें स्थान से 2020 में 95वें स्थान पर पहुंच गया।
  • मुंबई और बेंगलुरु में ट्रेफिक की समस्या काफी गंभीर है। जबकि दिल्ली और हैदराबाद बुनियादी सुविधाओं में पिछड़ गए।

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आयुष्मान खुराना यूनिसेफ इंडिया के सेलिब्रिटी एडवोकेट


यूनिसेफ इंडिया ने बच्चों के अधिकारों को बढ़ावा देने के लिए #ForEveryChild अभियान के लिए 11 सितंबर को भारतीय फिल्म अभिनेता,आयुष्मान खुराना को अपना सेलिब्रिटी एडवोकेट नियुक्त करने की घोषणा की।

  • आयुष्मान देश में बच्चों के खिलाफ होने वाली हिंसाओं पर लोगों को जागरुक करेंगे और उन्हें कम करने के लिए काम करेंगे।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप निधन

रुथ बेडर गिन्सबर्ग का निधन


अमेरिका के उच्चतम न्यायालय की न्यायाधीश रुथ बेडर गिन्सबर्ग का कैंसर के कारण 18 सितंबर, 2020 को निधन हो गया। वे 87 वर्ष की थीं।

  • अमेरिका की शीर्ष अदालत में न्यायाधीश के पद पर पहुंचने वाली गिन्सबर्ग दूसरी महिला थीं। उन्हें महिला अधिकार और सामाजिक न्याय का पुरोधा माना जाता है।
  • उन्होंने पूरी जिदंगी लैंगिक समानता की वकालत की और उनकी ख्याति सतर्क और संयमित न्यायाधीश की रही।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप पुरस्कार/सम्मान

राष्ट्रीय राजमार्ग उत्कृष्टता पुरस्कार 2020


सितंबर 2020 में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने ‘राष्ट्रीय राजमार्ग उत्कृष्टता पुरस्कार 2020’ के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं।

उद्देश्य: उन कंपनियों को सम्मानित करना, जो राजमार्ग विकास के निर्माण, संचालन, रखरखाव और टोल प्रबंधन के साथ-साथ सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में असाधारण रूप से अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं।

  • पुरस्कार दिसंबर 2020 में घोषित किए जाएंगे। यह पुरस्कार वर्ष 2018 में स्थापित किया गया था।
  • हर साल सात श्रेणियों में पुरस्कार दिए जाते हैं- परियोजना प्रबंधन में उत्कृष्टता, संचालन और रखरखाव में उत्कृष्टता, हरित राजमार्ग, नवोन्मेष, राजमार्ग सुरक्षा में उत्कृष्टता, टोल प्रबंधन में उत्कृष्टता और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में उत्कृष्ट कार्य।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप चर्चित दिवस

अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस


21 सितंबर

  • 2020 का विषय: ‘शेपिंग पीस टूगैदर’ (Shaping Peace Together)
  • महत्वपूर्ण तथ्य: इस दिवस का उद्देश्य वैश्विक शान्ति को बढ़ावा देना है। इस दिवस की स्थापना 1981 में की गई थी।

सामयिक खबरें खेल चर्चित खेल व्यक्तित्व

सत्येंद्र सिंह लोहिया को तेनजिंग नोर्गे एडवेंचर पुरस्कार


मध्य प्रदेश के पैरा-तैराक सत्येंद्र सिंह लोहिया देश के पहले दिव्यांग भारतीय खिलाड़ी हैं, जिन्हें 29 अगस्त, 2020 को तेनजिंग नोर्गे एडवेंचर पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

  • वह केवल 11 घंटे 34 मिनट में अमेरिका में 42 किमी. के कैटलिना चैनल को पार करने वाले पहले एशियाई दिव्यांग तैराक भी हैं।
  • विश्व दिव्यांग दिवस पर उप-राष्ट्रपति वेंकैया नायडू द्वारा उन्हें सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी के राष्ट्रीय पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया।

सामयिक खबरें खेल चर्चित खेल व्यक्तित्व

सुरेश रैना करेंगे क्रिकेट अकादमी की स्थापना


सितंबर 2020 में पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुरेश रैना ने जम्मू-कश्मीर में क्रिकेट अकादमी की स्थापना करने का निर्णय लिया है। इसमें क्रिकेटरों, विशेष रूप से केंद्र शासित प्रदेश के दूरदराज के इलाकों के युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा।

  • वे इच्छुक क्रिकेटरों को प्रशिक्षित करने के लिए कश्मीर डिवीजन में पांच तथा जम्मू डिवीजन में भी पांच प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करेंगे।

सामयिक खबरें बिजनेस और सार्वजनिक उपक्रम

जूही चावला इमामी के स्वच्छता उत्पादों की ब्रांड एंबेसडर


कोलकाता स्थित एफएमसीजी कंपनी इमामी लिमिटेड ने सितंबर 2020 में अभिनेत्री जूही चावला को 'बोरोप्लस’ ब्रांड के तहत अपनी नई लॉन्च की गई स्वच्छता रेंज के लिए ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किया है।

  • बोरोप्लस ब्रांड के तहत सैनिटाइजर्स को अप्रैल 2020 में लॉन्च किया गया था। रेंज अब हैंडवॉश (बोरोप्लस एंटीसेप्टिक + मॉइस्चराइजिंग हैंडवाश) के साथ खुदरा बाजार में आने को तैयार है।

पीआईबी न्यूज आर्थिक

कृषि उपज व्यापार एवं वाणिज्य (संवर्धन एवं सरलीकरण) विधेयक 2020


संसद द्वारा 20 सितंबर, 2020 को कृषि उपज व्यापार एवं वाणिज्य (संवर्धन एवं सरलीकरण) विधेयक, 2020 पारित किया गया।

मुख्य प्रावधान: राज्यों की अधिसूचित मंडियों के अतिरिक्त राज्य के भीतर एवं बाहर देश के किसी भी स्थान पर किसानों को स्वतंत्रता प्रदान करते हुए अपनी उपज निर्बाध रूप से बेचने के लिए अवसर एवं व्यवस्थाएं प्रदान करना।

  • किसानों को अपने उत्पाद के लिए कोई उपकर नहीं देना होगा और उन्हें माल ढुलाई का खर्च भी वहन नहीं करना होगा।
  • ई-ट्रेडिंग (इलेक्ट्रोनिक माध्यम) मंच से निर्बाध व्यापार सुनिश्चित करना ।
  • मंडियों के अतिरिक्त व्यापार क्षेत्र में फॉर्मगेट, कोल्ड स्टोरेज, वेयर हाउस, प्रसंस्करण यूनिटों पर भी व्यापार की स्वतंत्रता।
  • किसान खरीददार से सीधे जुड़ सकेंगे जिससे बिचौलियों को मिलने वाले लाभ के बजाए किसानों को उनके उत्पाद की पूरी कीमत मिल सके।

पीआईबी न्यूज आर्थिक

कृषक (सशक्तिकरण व संरक्षण) कीमत आश्वासन


संसद द्वारा 20 सितंबर, 2020 को कृषक (सशक्तिकरण व संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक, 2020 पारित किया गया।

मुख्य प्रावधान: कृषकों को व्यापारियों, कंपनियों, प्रसंस्करण इकाइयों, निर्यातकों से सीधे जोड़ना। कृषि करार के माध्यम से बुवाई से पूर्व ही किसान को उसकी उपज के दाम निर्धारित करना। दाम बढ़ने पर न्यूनतम मूल्य के साथ अतिरिक्त लाभ।

  • मूल्य पूर्व में ही तय हो जाने से बाजार में कीमतों में आने वाले उतार-चढ़ाव का प्रतिकूल प्रभाव किसान पर नहीं पड़ेगा।
  • किसानों की अत्याधुनिक कृषि प्रौद्योगिकी, कृषि उपकरण एवं उन्नत खाद बीज तक पहुँच होगी। विपणन की लागत कम होगी और किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित होगी।
  • किसी भी विवाद की स्थिति में उसका निपटारा 30 दिन में स्थानीय स्तर पर करने की व्यवस्था की गई है।
  • कृषि क्षेत्र में शोध एवं नई तकनीकी को बढ़ावा देना।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

आयुष मंत्रालय और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के समझौता


पोषण अभियान के तहत कुपोषण को नियंत्रित करने के लिए 20 सितंबर, 2020 को नई दिल्ली में आयुष मंत्रालय और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।

  • दोनों मंत्रालयों के बीच परस्पर सहयोग के विशिष्ट क्षेत्रों में (i) पोषण अभियान में आयुष प्रणालियों को एकीकृत करना और (ii) आयुर्वेद, योग और अन्य आयुष प्रणालियों के सिद्धांतों और प्रथाओं के माध्यम से कुपोषण पर नियंत्रण करना शामिल है।
  • निकट भविष्य में प्रत्येक आंगनवाड़ी में ‘न्यूट्री-गार्डन’ और ‘औषधीय उद्यान’ स्थापित किए जाएंगे।
  • डिजिटल मीडिया पर कुपोषण से निबटने के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए हैशटैग ‘#आयुष4 आंगनवाड़ी’ शुरू करने का भी फैसला किया है।
  • पोषण अभियान या ‘राष्ट्रीय पोषण मिशन’ भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के तहत बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए पोषण परिणामों में सुधार करने के लिए चलाया गया भारत सरकार का प्रमुख कार्यक्रम है।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

एचओसीएल उत्पादों को भारतीय मानक ब्यूरो का प्रमाणन


19 सितंबर, 2020 को रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के अधीन एक सार्वजानिक उपक्रम ‘हिंदुस्तान ऑर्गेनिक केमिकल्स लिमिटेड’ (एचओसीएल) को उसके सभी उत्पादों के लिए भारतीय मानक ब्यूरो –बीआईएस प्रमाणन प्रदान किया गया।

  • एचओसीएल एक ISO 9001 एवं ISO 14001 प्रमाणित संगठन भी है। रसायन उद्योग में अग्रणी एचओसीएल की उत्पादन इकाई केरल के कोच्चि में है।
  • यह औषधि एवं दवा, रेजिन एवं परत, विरंजक एवं संबंधित उत्पाद, कीटनाशक तथा वस्त्र उद्योग जैसे महत्वपूर्ण उद्योगों के लिए आवश्यक बुनियादी कार्बनिक रसायन प्रदान करता है। एचओसीएल का गठन 1960 में किया गया था।

पीआईबी न्यूज पर्यावरण

एनसीआर में वायु प्रदूषण प्रबंधन हेतु पीएमओ पैनल अग्रिम पहल


प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. पी.के. मिश्रा के नेतृत्व में उच्चस्तरीय कार्यबल ने एजेंसियों द्वारा किए गए कार्यों की समीक्षा की और आगामी सीजन के लिए योजनाएं तैयार करने के लिए 18 सितंबर 2020 को कई दिशा-निर्देश जारी किए।

उद्देश्य: पराली जलाने एवं अन्य मामलों में समय पर कार्रवाई सुनिश्चित करना।

महत्वपूर्ण तथ्य: पड़ोसी राज्यों पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में फसल जलाने की घटनाएं पिछले साल भी काफी अधिक थीं। इसलिए योजनाबद्ध कार्यों को तेज किया जाए, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पराली जलाने की घटनाएं बंद हों।

  • फसलों के अवशेष आधारित बिजली/ ईंधन संयंत्रों को हाल में भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा प्राथमिकता वाले ऋण क्षेत्र में शामिल किए जाने के बाद ऐसे संयंत्रों की तेजी से तैनाती के लिए केंद्र और राज्य सरकारों को संयुक्त रूप से एक कार्य योजना तैयार करनी चाहिए।
  • राज्य सरकारें यह सुनिश्चित करें कि चालू वर्ष के दौरान तैनात की जाने वाली नई मशीनरी कटाई के मौसम की शुरुआत से पहले किसानों तक पहुंच जाए।
  • पराली जलाने को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त संख्या में टीमों को जमीनी स्तर पर तैनात किया जाए। साथ ही खुले में कचरे को जलाने को नियंत्रित करने के लिए भी टीमों की तैनाती की जानी चाहिए।

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वैश्विक जैव विविधता आउटलुक- 5 रिपोर्ट


15 सितंबर, 2020 को संयुक्त राष्ट्र जैव विविधता अभिसमय (CBD) द्वारा जारी ‘वैश्विक जैव विविधता आउटलुक- 5 रिपोर्ट’ के अनुसार पिछले 10 वर्षों के 20 सहमत संरक्षण लक्ष्यों (आईची जैव विविधता लक्ष्यों) में से विश्व द्वारा कोई भी लक्ष्य पूरा नहीं किया गया है।

महत्वपूर्ण तथ्य: 2020 की समय सीमा के साथ सहमत इन लक्ष्यों में से 14 लक्ष्य हासिल नहीं किए गए हैं। इनमें सतत कृषि, प्रदूषण में कमी करने, प्रजातियों, प्रवाल, मछली / महासागरों, जंगलों / निवासों, आनुवंशिक सामग्री और पारिस्थितिक तंत्र के संरक्षण तथा अन्य से संबंधित लक्ष्य शामिल हैं। केवल 6 को ‘आंशिक रूप’ से हासिल किया गया है।

  • 2011 से 2016 तक मानवता द्वारा उपयोग किए जाने वाले जैविक संसाधनों को पुन: उत्पन्न करने के लिए दुनिया को अब एक से अधिक 'पृथ्वी' (1.7) की आवश्यकता होगी।
  • प्रति वर्ष महासागरों में 10 मिलियन टन कचरा प्रवेश कर रहा है। अत्यधिक मछ्ली पकड़ने (overfishing) से 60% से अधिक प्रवाल के लिए खतरा पैदा हो गया है।

सुझाव: जैव विविधता के लिए 2050 के विजन को हासिल करने के लिए आठ प्रकार के बदलाव को लागू करने की आवश्यकता है।

  • वनों तथा स्थानीय पारितंत्र की बहाली, सतत कृषि, सतत खाद्य प्रणाली (पादप आधारित भोजन की सलाह और कम मांसाहारी भोजन), जलवायु परिवर्तन में कमी हेतु प्रकृति-आधारित समाधान;
  • कृषि और शहरी पारिस्थितिक तंत्र के साथ वन्यजीवों का एकीकृत प्रबंधन, सतत मत्स्य पालन तथा महासागर प्रबंधन, ताजे जल का सतत प्रबंधन, शहरों और बुनियादी ढांचे का सतत विकास।

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योशीहिदे सुगा जापान के नए प्रधानमंत्री


जापान में मुख्य सत्ताधारी दल-लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के योशीहिदे सुगा को 16 सितंबर, 2020 को देश के नए प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाई गई। उन्होंने शिंजो आबे का स्थान लिया, जिन्होंने स्वास्थ्य कारणों से प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।

  • सुगा, इससे पहले शिंजो आबे सरकार में मुख्य कैबिनेट सचिव थे।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप निधन

पूर्व लोक सभा सांसद रोजा देशपांडे का निधन


प्रसिद्ध कम्युनिस्ट नेता और पूर्व लोक सभा सांसद रोजा देशपांडे का 19 सितंबर, 2020 को मुम्बई में निधन हो गया। वे 91 वर्ष की थीं।

  • वे श्रीपद अमृत डांगे की पुत्री थीं, जो भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के संस्थापकों में से एक थे।
  • देशपांडे ने संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन और गोवा मुक्ति संघर्ष में भाग लिया था। उन्हें 1974 में बम्बई-दक्षिण मध्य निर्वाचन क्षेत्र से लोक सभा के लिए चुना गया था।
  • उन्होंने कामकाजी महिलाओं के लिए सुरक्षित मातृत्व अवकाश के लिए अभियान भी चलाया था।


सामयिक खबरें सार-संक्षेप पुरस्कार/सम्मान

'कौशल्याचार्य समादर 2020' पुरस्कार


कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) द्वारा 10 सितंबर, 2020 को 'कौशल्याचार्य समादर 2020' पुरस्कार प्रदान किए गए।

उद्देश्य: व्यावसायिक प्रशिक्षण पारितंत्र में कौशल प्रशिक्षकों द्वारा किए गए योगदान को मान्यता देना।

  • विभिन्न क्षेत्रों में 92 प्रशिक्षकों को देश के कौशल पारितंत्र के निर्माण और भविष्य के लिए कार्यबल तैयार करने में उनके असाधारण योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप चर्चित दिवस

अंतरराष्ट्रीय समान वेतन दिवस


18 सितंबर

महत्वपूर्ण तथ्य: पहली बार मनाया गया यह दिवस, समान मूल्य के काम के लिए समान वेतन की उपलब्धि की दिशा में लंबे समय के प्रयासों का प्रतिनिधित्व करता है। यह मानवाधिकारों के प्रति और सभी प्रकार के भेदभावों के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबद्धता को दोहराता है।

सामयिक खबरें खेल चर्चित खेल व्यक्तित्व

द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित पुरुषोत्तम राय का निधन


वरिष्ठ एथलेटिक्स कोच पुरुषोत्तम राय का 28 अगस्त, 2020 को बेंगलुरु में निधन हो गया। वे 79 वर्ष के थे।

  • उन्हें इसी वर्ष आजीवन श्रेणी में प्रतिष्ठित द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया। राय ने ओलंपियन क्वार्टरमाइलर वंदना राव, हेप्टाथलीट प्रमिला अयप्पा, अश्विनी नचप्पा, मुरली कुट्टन, एमके आशा, ईबी शैला, रोजा कुट्टी और जीजी प्रमिला जैसे शीर्ष एथलीटों को प्रशिक्षित किया था।

पीआईबी न्यूज आर्थिक

घरेलू बांस उद्योग को बढ़ावा देने की योजना


केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने 18 सितंबर, 2020 को 'विश्व बांस दिवस' के अवसर पर बांस वेबिनार को संबोधित करते हुये कहा कि केंद्र सरकार ने घरेलू बांस उद्योग को बढ़ावा देने की योजना बनाई है।

महत्वपूर्ण तथ्य: पुराने भारतीय वन अधिनियम में संशोधन किया गया है, ताकि घरेलू बांस को वन अधिनियम के दायरे से बाहर रखा जा सके। इससे लोगों की आजीविका के अवसरों को बढ़ाने में मदद मिलेगी।

  • कच्चे बांस की वस्तुओं पर आयात शुल्क 25% बढ़ाया गया है, जिससे घरेलू बांस उद्योगों जैसे फर्नीचर, हस्तशिल्प और अगरबत्ती बनाने में बड़े पैमाने पर मदद मिलेगी।
  • जम्मू क्षेत्र में कटरा, जम्मू और सांबा कस्बों में बांस की टोकरी, अगरबत्ती और बांस चारकोल बनाने के लिए तीन बांस क्लस्टर विकसित किए जाएंगे, जो लगभग 25,000 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर प्रदान करेंगे।
  • इसके अलावा जम्मू के पास एक मेगा बांस औद्योगिक पार्क और बांस प्रौद्योगिकी प्रशिक्षण केंद्र भी इस क्षेत्र में खोला जाएगा।
  • बांस उद्योग पूर्वोत्तर सहित पूरे देश की अर्थव्यवस्था को एक नया आकार देने के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन्त्र ‘वोकल फॉर लोकल’ पर ध्यान केंद्रित करते हुए 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान को एक नई ऊर्जा प्रदान करेगा।

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कोसी रेल महासेतु


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18 सितंबर, 2020 को बिहार में ऐतिहासिक कोसी रेल महासेतु को राष्ट्र को समर्पित किया।

  • कोसी महासेतु और किऊल पुल के उद्घाटन, रेल विद्युतीकरण परियोजनाओं सहित 3000 करोड़ रुपये की लागत की एक दर्जन से अधिक परियोजनाएं शुरू की गई।
  • 1934 में भारत और नेपाल में आए भूकम्प और बाढ़ के कारण मिथिला और कोसी क्षेत्र को जोड़ने वाला रेल सम्पर्क बह गया था।
  • इस नई कोसी रेल लाइन की परिकल्पना 2003 में की गई थी।
  • सुपौल-आसनपुर-कुपहा रेल मार्ग राष्ट्र को समर्पित किया गया। 1.9 किमी. कोसी महासेतु के माध्यम से निर्मली से सरायगढ़ की 300 किमी. की यात्रा केवल 22 किमी. हो गई है।
  • कोसी महासेतु की तरह, किऊल नदी पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सुविधा के साथ एक नये रेल मार्ग के कारण पूरे रेल मार्ग पर 125 किमी. प्रति घंटे की गति से रेलगाड़ियां चलने में सक्षम होंगी।
  • बरौनी में बिजली के इंजनों के रख-रखाव के लिए बिहार का पहला लोको शेड का भी उदघाटन किया गया। बिहार में रेल नेटवर्क के लगभग 90% हिस्से का विद्युतीकरण पूरा किया जा चुका है।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

स्मार्ट जल आपूर्ति मापन और निगरानी प्रणाली के लिए ‘आईसीटी ग्रैंड चैलेंज’


18 सितंबर, 2020 को राष्ट्रीय जल जीवन मिशन ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) के साथ मिलकर ग्रामीण स्तर पर तैनात की जाने वाली एक 'स्मार्ट जल आपूर्ति मापन और निगरानी प्रणाली' को विकसित करने के उद्देश्य से एक नवीन, आधुनिक और किफायती उपाय के तौर पर ‘आईसीटी ग्रैंड चैलेंज’ शुरू किया है।

  • आईसीटी ग्रैंड चैलेंज के तहत भारतीय तकनीकी स्टार्ट-अप, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम-एमएसएमई, भारतीय कंपनियों तथा भारतीय सीमित देयता भागीदारी-एलएलपी से प्रस्ताव आमंत्रित किए जायेंगे।
  • ग्रैंड चैलेंज परियोजना की शुरुआत 100 गांवों में की जाएगी। सबसे अच्छा समाधान प्रदान करने वाले विजेता को 50 लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा।
  • जल जीवन मिशन का उद्देश्य 2024 तक प्रत्येक ग्रामीण परिवार को क्रियाशील घरेलू नल कनेक्शन प्रदान करना है।

पीआईबी न्यूज पर्यावरण

भारत के आठ समुद्र तट ब्लू फ्लैग प्रमाणीकरण के लिए अनुशंसित


18 सितंबर, 2020 को अंतरराष्ट्रीय तटीय स्वच्छता-दिवस की पूर्व संध्या पर केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने एक वर्चुअल कार्यक्रम में पहली बार भारत के 8 समुद्र तटों को प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय इको-लेबल, ब्लू फ्लैग प्रमाणीकरण करने के लिए अनुशंसित किया है।

महत्वपूर्ण तथ्य: यह अनुशंसा प्रख्यात पर्यावरणविदों और वैज्ञानिकों की एक स्वतंत्र राष्ट्रीय जूरी द्वारा की गई है।

  • ब्लू फ्लैग समुद्र तटों को दुनिया का सबसे साफ समुद्र तट माना जाता है। ब्लू फ्लैग प्रमाणन डेनमार्क की एक संस्था ‘फाउंडेशन फॉर एनवायरमेंटल एजुकेशन’ (FEE) द्वारा दिया जाता है।
  • इसके लिए चार प्रमुख आधारों पर आकलन किया जाता है, जिनमें पर्यावरण शिक्षा एवं सूचना, जल गुणवत्ता, पर्यावरण प्रबंधन और समुद्र तटों की सुरक्षा एवं सेवा शामिल है।
  • ये 8 समुद्र तट गुजरात में शिवराजपुर, दमन और दीव में घोघला, कर्नाटक में कसरकोड और पादुबिद्री समुद्र तट, केरल में कप्पड़, आंध्र प्रदेश में रुशिकोंडा, ओडिशा का गोल्डन समुद्र तट और अंडमान और निकोबार में राधानगर समुद्र तट हैं।

बीम्स: इस कार्यक्रम के दौरान भारत ने अपने ‘एकीकृत तटीय क्षेत्र प्रबंधन परियोजना’ के तहत अपना इको-लेबल 'बीम्स' (Beach Environment & Aesthetics Management Service- BEAMS) भी लॉन्च किया।

  • BEAMS कार्यक्रम का उद्देश्य तटीय जल प्रदूषण को कम करना, समुद्र तट की सुविधाओं के सतत विकास को बढ़ावा देना, तटीय पारिस्थितिक तंत्र और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना और समुद्र तटों के लिए सफाई, स्वच्छता और सुरक्षा के उच्च मानकों को बनाए रखना है।
  • यह कार्यक्रम प्रकृति के साथ पूर्ण सामंजस्य में समुद्र तट मनोविनोद को बढ़ावा देता है।

सामयिक खबरें आर्थिकी

मानव पूंजी सूचकांक 2020


विश्व बैंक ने 16 सितंबर, 2020 को ‘मानव पूंजी सूचकांक 2020 अपडेट: कोविड-19 के समय में मानव पूंजी' रिपोर्ट जारी की।

महत्वपूर्ण तथ्य: अद्यतन मानव पूंजी सूचकांक 2020 में 174 देशों के लिए स्वास्थ्य और शिक्षा डेटा को शामिल किया गया है। इसमें मार्च 2020 तक दुनिया की 98% आबादी को कवर किया गया है। इससे पूर्व यह सूचकांक वर्ष 2018 में जारी किया गया था।

  • महामारी से पहले अधिकांश देशों ने बच्चों की मानव पूंजी निर्माण में लगातार प्रगति की, जिसमें सबसे ज्यादा प्रगति निम्न-आय वाले देशों में हुई।
  • हालांकि, इस प्रगति के बावजूद एक औसत देश में शिक्षा और स्वास्थ्य मानकों के सापेक्ष कोई बच्चा अपनी संभावित मानव विकास क्षमता का केवल 56% ही हासिल करने की उम्मीद कर सकता है।
  • सूचकांक में सिंगापुर सबसे शीर्ष पर है। इसके बाद हांगकांग दूसरे, जापान तीसरे, दक्षिण कोरिया चौथे तथा कनाडा पांचवें स्थान पर रहा। सेंट्रल अफ्रीकन रिपब्लिक सूचकांक में सबसे अंतिम 174वें स्थान पर है।

भारत की स्थिति: भारत को मानव पूंजी सूचकांक 2020 में 174 देशों में 116वें स्थान पर रखा गया है। 2018 में भारत की रैंक 157 देशों में 115 थी। हालांकि, 2018 में भारत का स्कोर 0.44 से बढ़कर 0.49 हो गया है।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप निधन

प्रमुख आयुर्वेद चिकित्सक पी.आर. कृष्णकुमार का निधन


तमिलनाडु में, प्रमुख आयुर्वेद चिकित्सक और प्रतिष्ठित कोयंबटूर आर्य वैद्य फार्मेसी के प्रबंध निदेशक पी.आर. कृष्णकुमार का 16 सितंबर, 2020 को कोयंबटूर में निधन हो गया। वे 69 वर्ष के थे।

  • कोयंबटूर में प्रसिद्ध अविनाशिलिंगम विश्वविद्यालय के चांसलर रहे कृष्णकुमार ने संधिवात गठिया (Rheumatoid arthritis) पर आयुर्वेदिक उपचार की प्रभावकारिता का अध्ययन करने के लिए डब्ल्यूएचओ और आईसीएमआर साझेदारी के तहत 1977 में पारंपरिक दवाओं में पहली बार नैदानिक अनुसंधान की शुरुआत की।
  • आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति की लोकप्रियता के लिए सेवा प्रदान करने वाले कृष्णकुमार को 2009 में पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
  • 2016 में भारत सरकार ने आयुर्वेद शिक्षा, स्वास्थ्य और सामुदायिक सेवाओं के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें ‘धनवंतरी पुरस्कार’ से सम्मानित किया था।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप चर्चित दिवस

विश्व बांस दिवस


18 सितंबर

  • 2020 का विषय: ‘बंबू नाउ’ (Bamboo Now)
  • महत्वपूर्ण तथ्य: इस दिवस को मनाने का उद्देश्य विश्व स्तर पर बांस के बारे में जागरूकता बढ़ाना है।

सामयिक खबरें राज्य उत्तराखंड

उत्तराखंड में ‘संस्कृत ग्राम’ विकसित करने की योजना


सितंबर 2020 में दैनिक संवाद के साधन के रूप में संस्कृत के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने राज्य भर में ‘संस्कृत ग्राम’ विकसित करने का निर्णय लिया है। इन मॉडल गांवों के लोग दैनिक आधार पर प्राचीन भारतीय भाषा में एक-दूसरे से संवाद करेंगे।

  • हरिद्वार स्थित संस्कृत अकादमी उत्तराखंड को शुरू में जिलों में और फिर ब्लॉक स्तर पर ऐसे गांवों को विकसित करने की जिम्मेदारी दी गई है।
  • राज्य के लगभग सभी जिलों से एक गांव, जहां संस्कृत विद्यालय हैं, को इस अद्वितीय कार्यक्रम के कार्यान्वयन के लिए चुना गया है।
  • एक प्रयोगात्मक परियोजना पहले चमोली जिले के किमोठा गांव और बागेश्वर जिले के भंटोला में चलाई गई थी, वहां के निवासी न केवल अपने दैनिक संवाद में संस्कृत का उपयोग करते हैं, बल्कि इसमें लोक गीत भी गाते हैं।
  • संस्कृत अकादमी उत्तराखंड का नाम बदलकर ‘उत्तरांचल संस्कृत संस्थानम हरिद्वार, उत्तराखंड’ करने का भी निर्णय लिया गया।

सामयिक खबरें राज्य जम्मू-कश्मीर

जम्मू - कश्मीर में ‘राष्ट्रीय जेनेरिक दस्तावेज पंजीकरण प्रणाली’ का शुभारंभ


केंद्र-शासित प्रदेश जम्मू - कश्मीर में, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 18 सितंबर, 2020 को श्रीनगर में राष्ट्रीय जेनेरिक दस्तावेज पंजीकरण प्रणाली (एनजीडीआरएस) का शुभारंभ किया।

  • इस प्रणाली में भूमि की बिक्री-खरीद और लेनदेन मौजूदा मैनुअल पंजीकरण प्रणाली की जगह ऑनलाइन होगा। स्टांप पेपर को ई-स्टांप द्वारा बदल दिया गया है।
  • पहले चरण में, जिला श्रीनगर के अलावा चार अन्य जिलों- जम्मू, सांबा, कठुआ और उधमपुर को भी एनजीडीआरएस कवरेज के तहत शामिल किया गया है।
  • एनजीडीआरएस का हिस्सा बनने वाले राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों में जम्मू-कश्मीर 10वां राज्य/ केंद्र-शासित प्रदेश है।

पीआईबी न्यूज आर्थिक

विद्युत (उपभोक्ताओं के अधिकार) नियम, 2020 मसौदा


सितंबर 2020 में केंद्रीय विद्युत मंत्रालय द्वारा पहली बार विदुयत (उपभोक्ताओं के अधिकार) नियम, 2020 मसौदा तैयार किया गया है।

उद्देश्य: बिजली उपभोक्ता को बिजली प्रदान करने और उपभोक्ता संतुष्टि पर ध्यान देने हेतु प्रमुख सेवाओं की पहचान करना, इन सेवाओं के संबंध में न्यूनतम सेवा स्तर और मानकों को निर्धारित करना।

मुख्य विशेषताएं : बिजली वितरण कंपनियों डिस्कॉम के लिए प्रति वर्ष उपभोक्ताओं की औसत संख्या और आउटेज की अवधि तय करने के लिए राज्य विद्युत नियामक आयोग (एसईआरसी)।

  • 10 किलोवाट भार तक के विद्युत कनेक्शन के लिए केवल दो दस्तावेज और कनेक्शन देने में तेजी लाने के लिए 150 किलोवाट तक भार के लिए कोई अनुमानित मांग शुल्क नहीं।
  • नया कनेक्शन प्रदान करने और मौजूदा कनेक्शन को संशोधित करने की समय अवधि मेट्रो शहरों में अधिक से अधिक 7 दिन, अन्य नगरपालिका क्षेत्रों में 15 दिन तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 30 दिन से ज्यादा नहीं होगी।
  • साठ दिनों या अधिक की देरी के साथ सेवारत बिलों पर 2-5% की छूट।
  • नकद, चेक, डेबिट कार्ड और नेट बैंकिंग आदि से बकाया बिलों का भुगतान करने का विकल्प लेकिन 1000 रुपये या उससे अधिक के बिल का ऑनलाइन भुगतान किया जा सकता है।
  • बिजली वितरण कंपनियों- डिस्कॉम द्वारा सेवा में देरी के लिए मुआवजा या दंड का प्रावधान।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

‘डिग्निटी’ परियोजना


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन का प्रतीक, सेवा दिवस को मनाने के लिए खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) ने 17 सितंबर, 2020 को नई दिल्ली में ‘डिग्निटी’ (DigniTEA) परियोजना की शुरुआत की।

उद्देश्य: गरीब से गरीब व्यक्ति को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रदान करना।

  • परियोजना के अंतर्गत 6 अभिनव साइकिल आसज्जित चाय/कॉफी बिक्री इकाइयों का वितरण किया गया।
  • प्रत्येक साइकिल आसज्जित चाय/कॉफी बिक्री इकाई की कीमत 18,000 रुपये है और इसमें गैस चूल्हा, गैस सिलेंडर, एक छाता, बर्तन का प्रावधान होने के साथ ही चाय, चीनी, कप और स्नैक्स को ठीक प्रकार से रखने के लिए अलग-अलग कंटेनर की व्यवस्था है।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

द्वितीय उत्‍कृष्‍ट संस्‍थान विश्‍वकर्मा पुरस्‍कार


शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने 17 सितंबर, 2020 को विश्वकर्मा दिवस कार्यक्रम के अंतर्गत वीडियो कांफ्रेंस के जरिये एआईसीटीई के संस्थानों को द्वितीय उत्कृष्ट संस्थान विश्वकर्मा पुरस्कार प्रदान किए।

उद्देश्य: एआईसीटीई से मान्यता प्राप्त संस्थानों को उनके विशिष्ट कार्य क्षेत्र में उनका उत्साहवर्धन, पहचान और सम्मान देना, ताकि वे समाज के विकास और उत्थान में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए प्रोत्साहित हो सकें।

  • 14 श्रेणियों के अंतर्गत 34 संस्थानों का पुरस्कार के लिए चयन किया गया। कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग पुणे ने समग्र श्रेणी में पहला पुरस्कार हासिल किया।
  • एआईसीटीई ने अपने उत्कृष्ट संस्थान विश्वकर्मा पुरस्कार (यूएसवीए) 2020 के तहत इस वर्ष का विषय ‘इंडिया फाइट्स कोरोना’ के रूप में प्रस्तावित किया है।

पीआईबी न्यूज अंतरराष्ट्रीय

ब्रिक्स संचार मंत्रियों की छठवीं बैठक


17 सितंबर, 2020 को ब्रिक्स संचार मंत्रियों की छठवीं बैठक वर्चुअल रूप में आयोजित की गई।

  • ब्रिक्स देशों के बीच व्यापक सहमति के क्षेत्र: कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (ICTs) की भूमिका; ICTs के उपयोग में विश्वास और सुरक्षा की बहाली; बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा; दिव्यांगों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को कनेक्टिविटी तथा पहुँच प्रदान करना; और सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में डिजिटल अर्थव्यवस्था की भूमिका।

पीआईबी न्यूज पर्यावरण

भू-क्षरण कम करने और प्रवाल भित्ति संरक्षण कार्यक्रम की वैश्विक पहल


16 सितंबर, 2020 को सऊदी अरब की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित 'जी-20 देशों की पर्यावरण मंत्रिस्तरीय बैठक' में 'भू-क्षरण कम करने और प्रवाल भित्ति संरक्षण कार्यक्रम की वैश्विक पहल' लॉन्च की गई।

  • महत्वपूर्ण तथ्य: इस पहल के अलावा इस वर्ष जी-20 के तहत उत्सर्जन और जलवायु परिवर्तन अनुकूलन के प्रबंधन से संबंधित जलवायु परिवर्तन पर दो दस्तावेज भी लॉन्च किए गए।
  • भू-क्षरण कम करने के लिए वैश्विक पहल: इस पहल का उद्देश्य अन्य सतत विकास लक्ष्यों की उपलब्धि पर संभावित प्रभाव को ध्यान में रखते हुए और कोई नुकसान नहीं करने के सिद्धांत का पालन करते हुए जी-20 सदस्य देशों के भीतर और विश्व स्तर पर भू-क्षरण को रोकने, विराम देने तथा पूर्व स्थिति में लाने के लिए मौजूदा कार्ययोजना को मजबूती प्रदान करना है।
  • प्रवाल भित्ति संरक्षण कार्यक्रम: वैश्विक प्रवाल भित्ति अनुसंधान एवं विकास त्वरक प्लेटफॉर्म एक अभिनव पहल है, जिसका उद्देश्य वैश्विक अनुसंधान और विकास (आरएंडडी) कार्यक्रम तैयार करना है, जो प्रवाल भित्ति संरक्षण, बहाली और अनुकूलन के सभी पहलुओं में अनुसंधान, नवाचार और क्षमता निर्माण को गति देकर इस दिशा में किये गए प्रयासों को मजबूत करता है।
    • इसके अलावा इस पहल का प्रयास प्रवाल भित्ति के संरक्षण और उनके नुकसान को रोकने के लिए किए गए उपायों और प्रतिबद्धताओं को मजबूती प्रदान करना है।

सामयिक खबरें आर्थिकी

कृषि भूमि के पट्टे के नियमितीकरण रोडमैप हेतु समिति गठित


सितंबर 2020 में केंद्र सरकार ने कृषि क्षेत्र में भूमि के पट्टे के नियमितीकरण के लिए एक रोडमैप तैयार करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है।

उद्देश्य: सुधार के माध्यम से कल्याणकारी लाभों से चूक जाने वाले भूमिहीन कृषि श्रमिकों के अधिकारों को निर्धारित करना।

महत्वपूर्ण तथ्य: ग्रामीण विकास मंत्रालय के तहत भूमि संसाधन विभाग के सचिव की अध्यक्षता में यह समिति गठित की गई है।

  • समिति भूमि पट्टे पर मॉडल कानून पर मंत्रियों के एक समूह को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
  • समिति केंद्र सरकार की योजनाओं के लाभ को एक ओर वास्तविक जुताई करने वालों और कृषकों तक पहुंचाने और दूसरी ओर भू-स्वामियों के हितों की रक्षा के लिए भूमि-पट्टे पर आगे का रास्ता सुझाएगी।
  • हालाँकि, भारत के सकल घरेलू उत्पाद में कृषि की हिस्सेदारी केवल 14% है, लेकिन यह देश के कार्यबल का 49% और ग्रामीण कर्मचारियों का 64% नियोजित करता है।
  • टी. हक की अध्यक्षता वाली एक नीति आयोग विशेषज्ञ समिति ने कृषि दक्षता और गरीबी में कमी करने और भू-स्वामी के स्वामित्व अधिकारों के साथ-साथ पट्टेदार की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भूमि पट्टे को वैध करने का प्रस्ताव दिया था।

रोडमैप की आवश्यकता क्यों? छोटे किसानों को अपने परिचालन जोत के आकार को बढ़ाने में सक्षम करने के लिए भूमि-पट्टे को कानूनी रूप देना।

सामयिक खबरें विज्ञान-पर्यावरण

शुक्र गृह पर जीवन के संकेत


14 सितंबर, 2020 को खगोलविदों की अंतरराष्ट्रीय टीम ने निर्जन शुक्र ग्रह पर जीवन के संभावित संकेतों का पता लगाए जाने की घोषणा की। इन खगोलविदों ने शुक्र ग्रह के अम्लीय बादलों में फॉस्फीन नामक एक गैस का पता लगाया है।

महत्वपूर्ण तथ्य: हवाई में जेम्स क्लर्क मैक्सवेल टेलीस्कोप का उपयोग करके शोधकर्ताओं ने शुक्र ग्रह में पहली बार फॉस्फीन की उपस्थिति को देखा। बाद में चिली में ‘अटाकामा लार्ज मिलिमीटर / सबमिलिमिटर एरे (ALMA) रेडियो टेलीस्कोप का उपयोग करके इस खोज की पुष्टि की गई।

  • फॉस्फीन ( PH3) रंगहीन, ज्वलनशील एवं विषैली गैस है। इस गैस को सूक्ष्म-बैक्टीरिया ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में उत्सर्जित करते हैं।
  • इसे केवल जीवित जीवों, मानव या सूक्ष्म जीव द्वारा निर्मित किया जा सकता है। इसे प्रथम विश्व युद्ध के दौरान एक रासायनिक हथियार के रूप में भी उपयोग किया गया था।
  • इस अध्ययन को 'नेचर एस्ट्रोनॉमी' (Nature Astronomy) में प्रकाशित किया गया है।
  • शुक्र को पृथ्वी का जुड़वा ग्रह माना जाता है, क्योंकि इसका आकार एवं आकृति लगभग पृथ्वी के समान है।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप चर्चित स्थल

सोलन जिले में स्‍वच्‍छता कैफे का उदघाटन


हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने 17 सितंबर, 2020 को शिमला से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर सोलन जिले में नालागढ़ में ‘स्वच्छता कैफे’ का उदघाटन किया।

  • स्वच्छता कैफे का संचालन ‘लक्ष्मी और दुर्गा महिला स्वयं सहायता समूह’ द्वारा किया जा रहा है। कैफे का मुख्य आकर्षण मक्का की रोटी, सरसों का साग, मक्खन और लस्सी जैसे पारम्परिक व्यंजन को परोसना है।
  • शिमला जिले के कुफरी में भी स्वच्छता पार्क शुरू किया जा रहा है।



सामयिक खबरें सार-संक्षेप चर्चित दिवस

विश्व रोगी सुरक्षा दिवस


17 सितंबर

  • 2020 का विषय: 'स्वास्थ्यकर्मी सुरक्षा: रोगी सुरक्षा के लिए एक प्राथमिकता' (Health Worker Safety: A Priority for Patient Safety)
  • महत्वपूर्ण तथ्य: इस वर्ष का नारा 'सुरक्षित स्वास्थ्यकर्मी, सुरक्षित रोगी' है। इस दिवस को मनाने का उद्देश्य रोगी सुरक्षा की वैश्विक समझ को बढ़ाना और रोगी की सुरक्षा बढ़ाने और रोगी की परेशानी को कम करने के लिए वैश्विक कार्रवाई को बढ़ावा देना है।

सामयिक खबरें अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य से संबंधित मुद्दे

क्रमिक अंतराल (Serial Interval) के ज़रियेकोविड -19 पर नियंत्रण


  • हाल ही में विज्ञान पत्रिका में छपे एक लेख के अनुसार,चीन में पिछले एक महीने से अधिक समय से स्थानीय स्तर पर कोविड-19 के प्रसार से जुड़े एक भी मामले सामने नहीं आये हैं। ऐसा इसलिए संभव हुआ क्योंकि चीन ने ‘क्रमिक अंतराल (serial interval)’के प्रबंधन से कोविड-19 के प्रसार पर नियंत्रण प्राप्त कर लिया।

क्रमिक अंतराल (serial interval) के बारे में

  • किसी संक्रमण के पहले मामले के शुरूआती लक्षण और पहले मामले द्वारा फैलाये गए दूसरे मामले के शुरूआती लक्षण (संपर्क से) के बीच के अवधिक्रमिक अंतराल (serial interval) को कहते हैं।
  • आसान भाषा में कहें तो,क्रमिक अंतराल (Serial Interval), कोविड के संक्रमण से पीड़ित किसी व्यक्ति द्वारा किसी दुसरे व्यक्ति को संकमित होने के बीच का समय है।
  • क्रमिक अंतराल (Serial Interval) व्यापक रूप से भिन्न हो सकते हैं, विशेषकर कुछ आजन्म रोगों (एचआईवी संक्रमण, चिकनपॉक्स, दाद) के लिए।
  • सीवियर एक्यूट रिस्पेरेटरी सिंड्रोम (SARS) के लिए क्रमिक अंतराल 7 दिनों का था।
  • प्रकाशित लेख में कोविड-19 के क्रमिक अंतराल (serial interval) को 4-8 दिन अनुमानित किया गया है।

इतिहास

  • यह शब्द पहली बार ब्रिटिश चिकित्सक विलियम पिक्लेस द्वारा उपयोग किया गया था,जिन्होंने 1942-45 के दौरान शुरुआत में ही यूनाइटेड किंगडम में हेपेटाइटिस महामारी के संदर्भ में प्रसार अंतराल (transmission interval) के रूप में इसका उल्लेख किया था।
  • बाद में, एक अन्य ब्रिटिश चिकित्सक ‘आरई होप सिम्पसन’ ने “क्रमिक अंतराल (serial interval)” का उपयोग किया, उन्होंने इसे क्रमिक (सिलसिलेवार) बीमारी के बीच के अंतराल के रूप में परिभाषित किया।

क्रमिक अंतराल (serial interval) को प्रभावित करने वाले कारक

  • क्रमिक अंतराल (serial interval) अन्य महामारी विज्ञान मापदंडों पर निर्भर करता है, जैसे रोगोद्भवन काल (Incubation Period), जो किसी वायरस के संपर्क में आए एक व्यक्ति और उसके शुरुआती लक्षणों के बीच का समय है और प्रजनन दर (Rnaught), एक संक्रमित व्यक्ति द्वारा संक्रमित लोगों की संख्या।

महत्त्व

  • क्रमिक अंतराल (serial interval) बढ़ती जनसंख्या प्रतिरक्षा और भविष्य की घटनाओं का संकेत देने के अलावा संक्रमण नियंत्रण हस्तक्षेपों की प्रभावशीलता का अनुमान लगाने में मदद करता है।
  • इस प्रकार, इसके ज़रिये कोविड -19 से संक्रमितव्यक्ति को अधिक शीघ्रता से पहचाना जा सकता है और उसे अलग-थलग (Isolated) किया जा सकता है,जिससे क्रमिक अंतराल (serial interval) छोटे बन जाते हैं और वायरस के संचरण के अवसरों में भारी गिरावटआ जाती है।
  • क्रमिक अंतराल (serial interval) का प्रबंधन करने के लिए, संपर्क ट्रेसिंग, क्वारंटाइन (संगरोध) और अलग-थलग करने (Isolation) के प्रोटोकॉल की एक मजबूत प्रणाली होनी चाहिए।

उदाहरण

चीन

  • वुहान में जनवरी की शुरुआत और फरवरी की शुरुआत के बीच क्रमिक अंतराल (serial interval) 7.8 दिनों से घटकर 2.6 दिन हो गया था।
  • लक्षण शुरुआत से 1 दिन के भीतर क्वारंटाइन करके बाहरी संपर्क को ख़त्म करने से कोविड-19 संचरण को 60 प्रतिशत तक कम करने में मदद मिली।

दक्षिण कोरिया

  • दक्षिण कोरिया में क्रमिक अंतराल (serial interval) 3.63 दिनों का था।
  • यह आक्रामकसंपर्क ट्रेसिंग, क्वारंटाइन (संगरोध) और अलग-थलग करने (Isolation)के कारण संभव हुआ, संक्रमित व्यक्तियों को अलग-थलग करने से संक्रमण चक्र रुक गया और अधिक लोग संक्रमित नहीं हुए।
  • अन्य हस्तक्षेपित क़दम जैसे कि शहरों के भीतर यात्राओं को स्थगित करना, और विभिन्न कोरियाई शहरों में व्यापक रूप से लागू किए गए सामाजिक भेद के विभिन्न रूपों ने क्रमिक अंतराल (serial interval) को कम रखा।

पीआईबी न्यूज आर्थिक

फुटवियर एवं चमड़ा उद्योग के लिए विकास परिषद की स्थापना


15 सितंबर, 2020 को आंतरिक व्यापार एवं उद्योग संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने फुटवियर एवं चमड़ा उद्योग के लिए एक विकास परिषद- डेवपमेंट काउंसिल फॉर फुटवियर एंड लेदर इंडस्ट्री (डीसीएफएलआई) की स्थापना करने के लिए एक अधिसूचना जारी की है।

  • आर. के. गुप्ता 2 साल के लिए डीसीएफएलआई की अध्यक्षता करेंगे। साथ ही 24 अन्य सदस्यों को भी नामित किया गया है।
  • इस परिषद की स्थापना भारत में व्यापक श्रम आधारित फुटवियर एवं चमड़ा क्षेत्र के विकास के लिए प्रचार एवं विकासात्मक उपाय करने और उनके कार्यान्वयन के लिए की गई है।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

आयुर्वेद शिक्षण और अनुसंधान संस्‍थान विधेयक 2020


16 सितंबर, 2020 को राज्य सभा द्वारा आयुर्वेद शिक्षण और अनुसंधान संस्थान विधेयक- 2020 को पारित करने के साथ ही संसद ने इसे अपनी स्वीकृति दे दी है। लोक सभा द्वारा इसे पहले ही पारित किया जा चुका है।

महत्वपूर्ण तथ्य: विधेयक के तहत एक आधुनिक आयुर्वेदिक संस्थान की स्थापना का प्रस्ताव किया गया है।

  • जामनगर, गुजरात में स्थापित होने वाले इस संस्थान का नाम आयुर्वेद शिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (आईटीआरए) होगा। इसे राष्ट्रीय महत्व के संस्थान (आईएनआई) का दर्जा दिया जाएगा।
  • इसमें गुजरात के जामगर में स्थित आयुर्वेद के तीन संस्थानों का एक ही संस्थान में विलय करने का भी प्रावधान है।
  • इन संस्थानों में आयुर्वेद शिक्षण और अनुसंधान स्नातकोत्तर संस्थान, श्री गुलाब कुंवर्बा आयुर्वेद महाविद्यालय और भारतीय आयुर्वेदिक औषधि विज्ञान संस्थान शामिल हैं।
  • इसके अलावा इसमें महर्षि पतंजलि योग नेचुरोपैथी शिक्षा और अनुसंधान संस्थान (इसे प्रस्तावित आईटीआरए के स्वस्थवृत्त विभाग का हिस्सा बनाया जाना है) को भी शामिल किया जाएगा।

पीआईबी न्यूज अंतरराष्ट्रीय

रक्षा प्रौद्योगिकी और व्यापार पहल समूह की दसवीं बैठक


भारत-अमेरिका द्विपक्षीय रक्षा सहयोग के तहत ‘रक्षा प्रौद्योगिकी और व्यापार पहल’ समूह की दसवीं बैठक 15 सितंबर, 2020 को वर्चुअल माध्यम से आयोजित की गई।

  • उद्देश्य: द्विपक्षीय रक्षा व्यापार संबंधों पर निरंतर नेतृत्व का ध्यान बनाए रखना और रक्षा उपकरणों के संयुक्त उत्पादन तथा विकास के लिए अवसर तैयार करना।
  • महत्वपूर्ण तथ्य: रक्षा मंत्रालय में रक्षा उत्पादन सचिव राज कुमार और अमेरिकी रक्षा विभाग में उपसचिव ऐलेन एम. लॉर्ड ने बैठक की अध्यक्षता की।
    • इस पहल का गठन 2012 में किया गया था। परस्पर सहमति की परियोजनाओं को प्रोत्साहन देने के लिए इस पहल के तहत जल, थल, वायु और विमान वाहक पोत से संबंधित प्रौद्योगिकी पर आधारित चार संयुक्त कार्यकारी समूह बनाए गए हैं।
    • इस समूह की बैठकें आमतौर से वर्ष में दो बार होती हैं। एक बार यह बैठक भारत में और एक बार अमेरिका में होती है।

सामयिक खबरें अंतर्राष्ट्रीय

भारत बतौर पर्यवेक्षक जिबूती आचार संहिता में शामिल


16 सितंबर, 2020 को विदेश मंत्रालय के अनुसार भारत पर्यवेक्षक के तौर पर जिबूती आचार संहिता / जेद्दा संशोधन (DCOC / JA) में शामिल हो गया है। यह फैसला 26 अगस्त को जिबूती आचार संहिता / जेद्दा संशोधन की वर्चुअली आयोजित उच्च स्तरीय बैठक के बाद लिया गया।

महत्वपूर्ण तथ्य: जिबूती आचार संहिता समुद्री मामलों पर एक समूह है, जिसमें लाल सागर, अदन की खाड़ी, अफ्रीका के पूर्वी तट से सटे और हिंद महासागर क्षेत्र में द्वीपीय देशों के18 सदस्य देश शामिल हैं।

  • भारत जिबूती आचार संहिता के लिए पर्यवेक्षक के रूप में जापान, नॉर्वे, ब्रिटेन और अमेरिका के साथ शामिल हो गया है।
  • जनवरी 2009 में स्थापित जिबूती आचार संहिता का उद्देश्य पश्चिमी हिंद महासागर क्षेत्र, अदन की खाड़ी और लाल सागर में जहाजों के खिलाफ समुद्री डकैती और सशस्त्र डकैती का दमन करना है।
  • भारत पर्यवेक्षक के रूप में, सदस्य देशों के साथ मिलकर हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को बढ़ाने में सहयोग देगा।
  • जिबूती अफ्रीका के पूर्वी तट पर स्थित देश है, इसकी सीमा इरिट्रिया, इथियोपिया और सोमालिया से लगती है।

सामयिक खबरें विज्ञान-पर्यावरण

नवाचार, उद्यमिता और इन्क्यूबेशन के समर्थन पर आधारित रिपोर्ट


10 सितंबर, 2020 को विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग ने नवाचार, उद्यमिता, और इन्क्यूबेशन में सहयोग देने के लिए राष्ट्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी उद्यमिता विकास बोर्ड (एनएसटीईडीबी) की एक रिपोर्ट जारी की।

महत्वपूर्ण तथ्य: एनएसटीईडीबीद्वारा शुरू किए गए ‘नेशनल इनिशिएटिव फॉर डेवलपिंग एंड हारनेसिंग इनोवेशन-निधि’(National Initiative for Developing and Harnessing Innovation- NIDHI ) ने स्टार्टअप इंडिया और स्टैंडअप इंडिया जैसे कार्यक्रमों से समन्वय किया है और इनक्यूबेटर के मार्गदर्शन में नवाचार मूल्य श्रंखला को सक्रिय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

  • डीएसटी द्वारा सृजित 153 इनक्यूबेटरों के नेटवर्क के माध्यम से इन्क्यूबेशन के तहत 3,681 स्टार्टअप का पोषण किया गया है तथा 1992 बौद्धिक संपदाओं का भी सृजन हुआ है।
  • इसके अलावा पिछले पांच वर्षों में, 61,138 प्रत्यक्ष रोजगार का सृजन (संचयी) हुआ है और 27,262 करोड़ रुपये की आर्थिक संपदा का सृजन हुआ है।
  • रिपोर्ट में सीड फंडिंग प्राप्त स्टार्टअप द्वारा एंजेल, वेंचर कैपिटल व अन्य हितधारकों के वित्तपोषण में हुई पांच गुनी वृद्धि का भी उल्लेख किया गया है।
  • विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के तत्वावधान में भारत सरकार द्वारा 1982 में स्थापित ‘राष्ट्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी उद्यमिता विकास बोर्ड’ ज्ञान संचालित और प्रौद्योगिकी गहन उद्यमों को बढ़ावा देने में मदद करने के लिए एक संस्थागत तंत्र है।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप चर्चित स्थल

कारवेट्टी पक्षी अभयारण्य


सितंबर 2020 में तमिलनाडु में, त्रिची के पास, अरियालुर जिले में लोकप्रिय कारवेट्टी पक्षी अभयारण्य में बड़े पैमाने पर वनीकरण अभियान चलाया जा रहा है।

  • अभयारण्य, 453 हेक्टेयर के क्षेत्र के साथ, तमिलनाडु में प्रवासी जल पक्षियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण ताजे पानी के आहार स्थलों (feeding grounds) में से एक है। अभयारण्य में दर्ज पक्षियों की 188 प्रजातियों में से 82 जल पक्षी हैं।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप निधन

पद्म विभूषण विदुषी कपिला वात्स्यायन का निधन


भारतीय शास्त्रीय नृत्य, कला, वास्तुकला और कला इतिहास की अग्रणी विदुषी, डॉ.कपिला वात्स्यायन का 16 सितंबर, 2020 को दिल्ली में निधन हो गया। वे 91 वर्ष की थीं।

  • 2006 में उन्हें राज्यसभा के लिए नामित किया गया था, लेकिन बाद में उन्हें लाभ के पद के विवाद के आकार कारण अपनी सीट छोड़नी पड़ी थी। अप्रैल 2007 में, उन्हें पुन: उच्च सदन के लिए नामित किया गया।
  • उन्होंने शिक्षा मंत्रालय में सचिव के रूप में तथा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के संस्थापक निदेशक के रूप में भी कार्य किया। वे इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (IIC) की पूर्व अध्यक्ष और IIC अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान प्रभाग की अध्यक्षा थीं।
  • 2011में पद्म विभूषण से सम्मानित कपिला हिंदी के यशस्वी दिवंगत साहित्यकार सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' की पत्नी थीं।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप पुरस्कार/सम्मान

प्रथम 'एआईसीटीई विश्वेश्वरया सर्वश्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार'


शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने 15 सितंबर, 2020 को अभियंता दिवस के अवसर पर एआईसीटीई द्वारा अनुमोदित संस्थानों के 12 संकाय सदस्यों को प्रथम 'एआईसीटीई विश्वेश्वरया सर्वश्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार' प्रदान किए।

उद्देश्य: राष्ट्रीय स्तर पर हर साल अभियंता दिवस पर मेधावी संकायों की पहचान करना और उन्हें वैश्विक स्तर पर उच्च शिक्षा की बदलती जरूरतों के अनुरूप खुद को तैयार करने के लिए प्रोत्साहित करना।

  • डिग्री और डिप्लोमा प्रदान करने वाले संस्थानों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर उच्च तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में असाधारण शिक्षकों की पहचान करने और उनकी उत्कृष्टता, सर्वोत्तम कार्यविधि और नवाचार के लिए पहली बार यह पुरस्कार दिए गए हैं।
  • शिक्षा मंत्री ने छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए उनके बीच स्वस्थ सह-पाठ्यक्रम (को-करिकुलर) गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए ‘छात्रों के बीच रुचि, रचनात्मकता और मूल्यों को बढ़ाने की योजना -स्पाइसेज’ (Scheme for Promoting Interests, Creativity and Ethics among Students -SPICES) का भी उद्घाटन किया।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप चर्चित दिवस

ओजोन परत के संरक्षण का अंतरराष्ट्रीय दिवस


16 सितंबर

2020 का विषय: 'जीवन के लिए ओजोन: ओजोन परत संरक्षण के 35 वर्ष' (Ozone for life: 35 years of ozone layer protection)

महत्वपूर्ण तथ्य: इस दिवस की घोषणा संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 19 दिसम्बर, 1994 में की गयी थी। 1987 में मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किये गये थे। इसका उद्देश्य ओजोन परत के संरक्षण के बारे में जागरूकता फैलाना तथा इसकी संरक्षण के लिए समाधान खोजना है।

सामयिक खबरें राज्य जम्मू-कश्मीर

'बैकयार्ड बागवानी' कार्यक्रम


सितंबर 2020 में जम्मू - कश्मीर में, बागवानी विभाग ने जम्मू जिले के मरह ब्लॉक में जसवान पंचायत में पूंजीगत व्यय (CAPEX) योजना के तहत फ्लैगशिप कार्यक्रम 'बैकयार्ड बागवानी' (Backyard Horticulture) शुरू किया है।

उद्देश्य: घर के उपभोग के लिए जैविक फल उत्पादन को बढ़ावा देना और व्यक्तिगत आवश्यकता को पूरा करना।

  • कार्यक्रम के तहत, 200 रूपये की लागत के कम से कम तीन फलों के पौधे 90% सब्सिडी पर किसानों के बीच वितरित किए जाएंगे। इसके तहत 600 परिवारों को कवर किया जायेगा।
  • घरों के पीछे के आँगन में इन फलों के पौधों को लगाते समय कीटों और बीमारियों से दूर रखने के लिए अपनाई जाने वाली सांस्कृतिक प्रथाओं के बारे में किसानों को जागरूक किया गया।

सामयिक खबरें खेल विविध

आठ खेलो इंडिया राज्य उत्कृष्टता केंद्र को अपग्रेड करने की योजना


खेल मंत्रालय ने 16 सितंबर, 2020 को 95.19 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से आठ खेलो इंडिया राज्य उत्कृष्टता केंद्र (KISCE) को अपग्रेड करने की योजना बनाई है।

उद्देश्य: भविष्य के ओलंपिक चैंपियन की पहचान करना और उन्हें तैयार करना।

  • प्रत्येक KISCE को 14 ओलंपिक खेलों में खेल-विशिष्ट सहयोग दिया जाएगा, जिसमें एक राज्य या केंद्र-शासित प्रदेश को अधिकतम 3 खेलों के लिए सहयोग दिया जाएगा।
  • पहले चरण में KISCE की स्थापना के लिए अनुमोदित आठ राज्यों में ओडिशा, मिजोरम, तेलंगाना, मणिपुर, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश, कर्नाटक और केरल शामिल हैं।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

बिहार के शहरी बुनियादी ढांचे से संबंधित सात परियोजना लॉन्च


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 15 सितंबर, 2020 को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये ‘नमामि गंगे’ और ‘अमृत योजना’ के तहत बिहार में शहरी बुनियादी ढांचे से संबंधित सात परियोजनाओं का उद्घाटन किया और आधारशिला रखी।

महत्वपूर्ण तथ्य: इनमें से चार परियोजनाएं जलापूर्ति से संबंधित हैं जबकि दो, मलजल उपचार और एक, नदी क्षेत्र के विकास से जुड़ी है। इन परियोजनाओं की कुल लागत 541 करोड़ रुपये है।

  • केन्द्र सरकार की इन परियोजनाओं का कार्यान्वयन राज्य सरकार के शहरी विकास और आवासन विभाग के अंतर्गत बिहार शहरी बुनियादी ढांचा विकास निगम-बुडको द्वारा किया जा रहा है।
  • उन्होंन सीवान और छपरा में अटल मिशन के तहत निर्मित जल आपूर्ति परियोजनाओं का उद्घाटन किया तथा अमृत मिशन के तहत मुंगेर और जमालपुर में जलापूर्ति योजना का शिलान्यास किया।
  • पटना नगर निगम में बेउर और कर्मालीचक में नमामि गंगे के तहत निर्मित मलजल उपचार संयंत्र (sewerage treatment plants) का उद्घाटन किया।
  • नमामि गंगे के तहत बनाई जा रही मुजफ्फरपुर नदी क्षेत्र विकास योजना की भी आधारशिला रखी। इस परियोजना के तहत, मुजफ्फरपुर के तीन घाटों- पूर्वी अखाड़ा घाट, सिद्धि घाट और चंद्रवाड़ा घाट का विकास किया जाएगा।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

प्रधानमंत्री गरीब कल्‍याण पैकेज बीमा योजना


15 सितंबर को कोविड-19 के खिलाफ लड़ने वाले स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज बीमा योजना’ को अगले छ: माह के लिए बढ़ा दिया गया है।

महत्वपूर्ण तथ्य: यह योजना 30 मार्च, 2020 को 90 दिनों की अवधि के लिए घोषित की गई थी और फिर इसे 25 सितंबर तक 90 दिनों के लिए और बढ़ा दिया गया था।

  • इस योजना के तहत प्रदान किया गया बीमा लाभार्थी द्वारा प्राप्त किसी अन्य बीमा कवर के अलावा है। इस योजना के लिए कोई आयु सीमा नहीं है।
  • योजना के लिए प्रीमियम की पूरी राशि स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा वहन की जा रही है। मंत्रालय ने बीमा राशि प्रदान करने के लिए न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के साथ सहयोग किया है।

लाभार्थी: यह केंद्रीय योजना सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं सहित उन स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को 50 लाख रुपये के बीमा के दायरे में लाती है, जिन्हें कोविड-19 रोगियों के सीधे संपर्क और देखभाल में रहना पड़ता है तथा संक्रमित होने का जोखिम बना रहता है तथा जो कोविड-19 के कारण दुर्घटनावश मौत के शिकार हो जाते हैं।

  • इस योजना में निजी अस्पताल के कर्मचारी, सेवानिवृत्त, स्वयंसेवक, स्थानीय शहरी निकाय, अनुबंध या दैनिक वेतनभोगी, तदर्थ और आउटसोर्स कर्मचारी शामिल हैं।

पीआईबी न्यूज विज्ञान और तकनीक

जीएम फसलों की खेती पर अध्ययन


केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने 15 सितंबर, 2020 को संसद में 'जीएम फसलों की खेती पर अध्ययन' की जानकारी दी।

महत्वपूर्ण तथ्य: बीटी कपास एकमात्र आनुवंशिक रूप से संवर्द्धित (जीएम) फसल है, जिसे 2002 में भारत सरकार द्वारा व्यावसायिक खेती के लिए अनुमोदित किया गया था।

  • आईसीएआर द्वारा बीटी कपास के प्रभाव पर दीर्घकालिक अध्ययन किए गए थे जो मृदा, और पशु स्वास्थ्य पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं दिखाते थे।
  • हालांकि, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, पर्यावरण और वन संबंधी संसदीय स्थायी समिति ने 2017 में संसद में प्रस्तुत 'आनुवंशिक रूप से संवर्द्धित फसलों और पर्यावरण पर इसके प्रभाव' पर अपनी रिपोर्ट में जीएम फसलों के लाभ और सुरक्षा के महत्वपूर्ण वैज्ञानिक मूल्यांकन के बाद ही देश में पेश किए जाने की सिफारिश की थी।
  • बीटी बैंगन को 2009 में GEAC द्वारा अनुमोदित किया गया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त तकनीकी विशेषज्ञ समिति (टीईसी) द्वारा जीएम फसलों पर लगाए गए 10 वर्षों के स्थगन के कारण, व्यावसायीकरण पर आगे कोई कार्रवाई नहीं की गई।
  • GEAC द्वारा पर्यावरण जैव सुरक्षा पर पूर्ण सुरक्षा मूल्यांकन की सलाह के चलते दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा विकसित जीएम सरसों 'धारा मस्टर्ड हाइब्रिड 11' (DMH 11) व्यावसायिक रिलीज के लिए लंबित है।
  • आईसीएआर द्वारा 2005 में तुअर, चना, ज्वार, आलू, बैंगन, टमाटर और केले से संबंधित जीएम फसलों के विकास के लिए 'फसलों में ट्रांसजेनिक पर नेटवर्क परियोजना' (वर्तमान में फसल में क्रियाशील जीनोमिक्स और अनुवंशिक संशोधन पर नेटवर्क परियोजना) शुरू की गई थी।

सामयिक खबरें राष्ट्रीय

वायुयान संशोधन विधेयक-2020


15 सितंबर, 2020 को राज्यसभा द्वारा वायुयान संशोधन विधेयक-2020 पारित करने के साथ ही यह विधेयक संसद से पारित हो गया है।

महत्वपूर्ण तथ्य: इस विधेयक के जरिये वायुयान अधिनियम, 1934 में संशोधन करने का प्रस्ताव है।

  • इसमें नागर विमानन मंत्रालय के अंतर्गत तीन मौजूदा प्राधिकरणों को वैधानिक दर्जा दिये जाने का भी प्रावधान है। यह प्राधिकरण हैं- नागरिक विमानन महानिदेशालय, नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो और वायुयान दुर्घटना जांच ब्यूरो।
  • प्रत्येक संस्था की अध्यक्षता महानिदेशक स्तर के अधिकारी करेंगे, जिनकी नियुक्ति केन्द्र सरकार करेगी। विधेयक में इन प्राधिकरणों को नये सिरे से परिभाषित किया गया है।
  • विधेयक में जुर्माने की मौजूदा राशि अधिकतम 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये की गई है।
  • ये जुर्माना विमान में हथियार, विस्फोटक और अन्य घातक सामग्री ले जाने तथा हवाई अड्डे के एक चिन्हित विशेष स्थान के आसपास के दायरे के भीतर निर्माण या कोई ढांचा खड़ा करने पर लगाया जायेगा।


सामयिक खबरें आर्थिकी

'सिंगापुर मध्यस्थता अभिसमय' हई प्रभावी


कॉर्पोरेट विवादों के समाधान हेतु 'सिंगापुर मध्यस्थता अभिसमय' (Singapore Convention on Mediation) 12 सितंबर, 2020 से प्रभावी हो गई है।

उद्देश्य: अंतरराष्ट्रीय व्यापार को सुविधाजनक बनाना; तथा सीमा पार वाणिज्यिक विवादों के समाधान के लिए मध्यस्थता को बढ़ावा देना।

महत्वपूर्ण तथ्य: अभिसमय, जिसे 'मध्यस्थता से अंतरराष्ट्रीय समाधान समझौतों पर संयुक्त राष्ट्र अभिसमय' भी कहा जाता है, सिंगापुर के नाम पर होने वाली संयुक्त राष्ट्र की पहली संधि है।

  • 7 अगस्त, 2019 को 46 देशों ने 'सिंगापुर मध्यस्थता अभिसमय' पर हस्ताक्षर किए।
  • 1 सितंबर, 2020 तक, अभिसमय में भारत, चीन और संयुक्त राज्य अमेरिका सहित 53 हस्ताक्षरकर्ता शामिल हैं। इक्वेडोर अभिसमय की पुष्टि करने वाला सबसे हालिया देश है।
  • यह अभिसमय भारत और अभिसमय के हस्ताक्षरकर्ता अन्य देशों में व्यवसायों से जुड़े कॉर्पोरेट विवादों की मध्यस्थता को लागू करने के लिए अधिक प्रभावी तरीका प्रदान करेगी।

अभिसमय की विशेषताएं: अभिसमय मध्यस्थता के परिणामस्वरूप अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक समाधान समझौतों पर लागू होती है।

  • यह अभिसमय न्यायिक और पंचाट फैसलों द्वारा प्रभावी होने वाले समाधान समझौतों पर लागू नहीं होती है।
  • यह किसी पक्षकार (एक उपभोक्ता) के निजी, पारिवारिक या घरेलू उद्देश्यों के समाधान समझौते के साथ ही पारिवारिक विरासत या रोजगार कानून से संबंधित समाधान समझौतों पर लागू नहीं होती है।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप चर्चित दिवस

अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस


15 सितंबर

2020 का विषय: 'कोविड-19: ए स्पॉटलाइट ऑन डेमोक्रेसी' (COVID-19: A Spotlight on Democracy)

  • महत्वपूर्ण तथ्य: यह दिवस दुनिया में लोकतंत्र की स्थिति की समीक्षा करने का अवसर प्रदान करता है। इसे 2007 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा स्थापित किया गया था।

सामयिक खबरें राज्य हरियाणा

हरियाणा आर्बिटल रेल कॉरिडार परियोजना


केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने 15 सितंबर, 2020 को सोहना-मानेसर-खरखौदा के रास्ते पलवल से सोनीपत तक 121.7 किमी. की हरियाणा आर्बिटल रेल कॉरिडार परियोजना को मंजूरी प्रदान की।

  • ये रेललाइन पलवल से शुरू होकर दिल्ली-अम्बाला खंड पर हरसाना कलां स्टेशन पर समाप्त होगी।
  • इस परियोजना को हरियाणा रेल अवसंरचना विकास निगम पूरा करेगा, जो रेल मंत्रालय और हरियाणा सरकार का संयुक्त उपक्रम है। इसमें निजी निवेश भी होगा।
  • परियोजना को 5 वर्ष में पूरा किया जाएगा और इस पर करीब 5, 617 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

सामयिक खबरें राज्य बिहार

बिहार के दरभंगा में नए एम्‍स की स्‍वीकृति


केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 15 सितंबर, 2020 को बिहार के दरभंगा में प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत एक अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान-एम्स के गठन की स्वीकृति दे दी है। इसमें निदेशक के पद की भी मंजूरी दे दी गई है।

  • इसमें एमबीबीएस की अंडर ग्रेजुएट की 100 और बीएससी नर्सिंग की 60 सीटें होंगी। यह 750 बिस्तरों वाला अस्पताल होगा।
  • इसका निर्माण 4 वर्षों में 1,264 करोड़ रूपये की लागत से किया जाएगा।

सामयिक खबरें राज्य महाराष्ट्र

‘मेरा परिवार-मेरी जिम्मेदारी’ अभियान


महाराष्ट्र में कोविड-19 को नियंत्रित करने के लिए 15 सितंबर, 2020 से राज्यव्यापी अभियान ‘मेरा परिवार-मेरी जिम्मेदारी’ शुरू किया गया।

  • मेरा परिवार-मेरी जिम्मेदारी कार्यक्रम के तहत स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सहायता से स्वास्थ्य दल प्रत्येक घर में जाकर परिवार के सदस्यों की स्वास्थ्य संबंधी जानकारी लेगा और उनकी समस्याओं का वर्गीकरण करेगा।
  • प्रत्येक व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति की जांच करने के बाद उसके उपचार का निर्णय लिया जाएगा।

सामयिक खबरें बैंकिंग, फाइनेंस, सेवा और बीमा

सचिन तेंदुलकर पेटीएम के ब्रांड एंबेसडर


डिजिटल वित्तीय सेवा प्लेटफॉर्म पेटीएम की सहायक कंपनी पेटीएम फर्स्ट गेम्स (पीएफजी) ने 14 सितंबर, 2020 को क्रिकेट के दिग्गज सचिन तेंदुलकर को अपना ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किया है।

  • तेंदुलकर गेमिंग प्लेटफॉर्म पीएफजी और इसके सभी फेंटसी स्पोर्ट्स को बढ़ावा देंगे।
  • कंपनी ने चालू वित्त वर्ष में तेजी से बढ़ते फेंटसी खेलों और अन्य ऑनलाइन गेमिंग कार्यक्रमों में 300 करोड़ रुपये के निवेश की योजना बनाई है।

सामयिक खबरें बिजनेस और सार्वजनिक उपक्रम

एमएसएमई में सहयोग हेतु गुजरात सरकार और सिडबी में समझौता


गुजरात सरकार ने 15 सितंबर, 2020 को भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक-सिडबी (SIDBI) के साथ आत्म-निर्भरता बढ़ाने और राज्य के 35 लाख सूक्ष्म-लघु-उद्यमों (MSMEs) को क्षमता निर्माण और बाजार सहयोग प्रदान करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

  • इसका उद्देश्य प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण कार्यक्रमों के माध्यम से राज्य एमएसएमई में प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और नवाचार में तेजी लाना है।

सामयिक खबरें राष्ट्रीय सरकार की नीतियां और हस्तक्षेप

कीटनाशक प्रबंधन विधेयक- 2020


  • विशेषज्ञों के अनुसार, यदि कीटनाशक प्रबंधन विधेयक (PMB)-2020 मौजूदा रूप में पारित हो जाता है तो इसका भारतीय कृषि और लोगों की आजीविका पर दूरगामी प्रभाव पड़ेगा।
  • इसलिए, विशेषज्ञों ने विधेयक पर व्यापक विचार-विमर्श का आह्वान किया है और इसे एक चयन समिति के समक्ष रखने को कहा है।
  • वर्तमान में,कीटनाशक अधिनियम, 1968 के तहत भारत में कीटनाशकों का पंजीकरण, विनिर्माण, निर्यात, बिक्री और उपयोग का नियंत्रण होता है।

कीटनाशक प्रबंधन विधेयक- 2020 के बारे में

  • यह विधेयक सुरक्षित कीटनाशकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा मनुष्यों, जानवरों और पर्यावरण के लिए जोखिम को कम करने के लिए कीटनाशकों के विनिर्माण, आयात, बिक्री, भंडारण, वितरण, उपयोग और निपटान (Disposal) को विनियमित करने का प्रयास करता है।
  • यह विधेयक,कीटनाशक अधिनियम, 1968 की जगह लेगा।

प्रमुख प्रावधान

  • कीटनाशक प्रबंधन विधेयक- 2020, कीटनाशकों की ताकत और कमजोरी, जोखिम और विकल्पों के बारे में सभी जानकारियां प्रदान करेगा जिससे किसानों में कीटनाशकों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।सभी जानकारियां डिजिटल प्रारूप में और सभी भाषाओं में डेटा के रूप में खुले तौर पर उपलब्ध होगी।
  • प्रत्येक व्यक्ति जो कीटनाशक का आयात, निर्माणया निर्यात करना चाहता है, उसे नए विधेयक के तहत पंजीकरण कराना होगा और उस कीटनाशक को स्टॉक करने के लिए उपलब्ध किसी भी दावे, अपेक्षित प्रदर्शन, प्रभावकारिता, सुरक्षा, उपयोग के निर्देशों और बुनियादी ढांचे के बारे में सभी प्रकार के विवरण प्रदान करने होंगे।
  • उन्हीं जानकारियों में पर्यावरण पर कीटनाशक के संभावित प्रभावों का विवरण भी शामिल होगा।
  • इस विधेयकमें कीटनाशकों के संयमी या निम्न गुणवत्ता के उपयोग के कारण नुकसान होने की स्थिति में किसानों को क्षतिपूर्ति करने का प्रावधान भी शामिल है।
  • यह विधेयक केंद्र सरकार को मुआवजे की ख्याल रखने के लिए एक केंद्रीय कोष बनाने के लिए बाध्य करता है।
  • इस विधेयक में कीटनाशक उद्योगों और निर्माताओं द्वारा भ्रामक दावों की जाँच करने और कीटनाशकों से संबंधित विज्ञापनों को विनियमित करने की योजना है।
  • यह विधेयक जैविक कीटनाशकों को बढ़ावा देने का भी इरादा रखता है।

महत्व

  • यह कीटनाशक प्रबंधन विधेयक, कीटनाशकों के उपयोग को कम करने तथा सुरक्षित पंजीकृत कीटनाशक और जैविक कीटनाशकों के उपयोग को बढ़ाने के प्रयासों को मजबूत करेगा।
  • इसके अलावा, यह हमारे देश की खाद्य और खेती प्रणाली को बेहतर करने का अवसर है, लेकिन कीटनाशक निर्माताओं के लिए पंजीकरण प्रक्रिया को और अधिक कठोर बनाने की आवश्यकता है।

कीटनाशक प्रबंधन विधेयक- 2020 के साथ मुख्य मुद्दे

  • यह विधेयक भारत में कीटनाशक उपयोग हेतु पंजीकरण के बिना कीटनाशकों के निर्माण और निर्यात की अनुमति नहीं देगा, भले ही ये अन्य देशों में अनुमोदित हों।
  • वर्तमान कीटनाशक प्रबंधन विधेयक निर्मित कीटनाशकों के आयात को बढ़ाएगा और कृषि-रसायनों के निर्यात को नुकसान पहुंचाएगा। यह सीधे तौर पर भारत से घरेलू और स्वदेशी उद्योगों और कृषि निर्यात को बढ़ावा देने के लिए 2018 में गठित अशोक दलवई समिति द्वारा प्रस्तुत मांगों के ख़िलाफ़ है, जो कीटनाशक प्रबंधन विधेयक- 2020 से गायब है।समिति ने आयात और आयात पर निर्भरता में कमी की सिफारिश की थी।
  • यह विधेयक पंजीकरण समिति (RC) को एक कीटनाशक के पंजीकरण की समीक्षा करने, फिर इसके उपयोग को निलंबित करने, रद्द करने और यहां तक कि प्रतिबंध लगाने की शक्तियां देता है। यह बिना किसी वैज्ञानिक मूल्यांकन के किया जाएगा। कुछ परिदृश्य भारतीय किसानों के कामकाज और उत्पादकता को बाधित कर सकते हैं।
  • इसके अलावा, यह 1968 अधिनियम के तहत पहले से पंजीकृत कीटनाशकों को पुन: पंजीकरण प्रदान करता है। यह देश भर में कीटनाशकों के उद्योग में अस्थिरता लाएगा।
  • इस विधेयक में किसी भी कीट-संक्रमण आपातकाल के दौरान कीटनाशकों के आपातकालीन उपयोग की मंजूरी का प्रावधान नहीं है।

आगे का रास्ता

  • कीटनाशक प्रबंधन विधेयक के वर्तमान रूप में काफ़ी अंतर हैं जो केंद्र सरकार के लक्ष्य, “2022 तक किसानों की आय को दोगुना करना”, को प्रभावित कर सकता है।
  • किसानों को सस्ते और प्रभावोत्पादक उत्पाद (affordable and efficacious products) प्रदान करने वाली घरेलू फसल संरक्षण उद्योग की क्षमताओं को हाशिए पर रखकर (जिनमें से अधिकांश में छोटे किसान हैं), कीटनाशक प्रबंधन विधेयक- 2020 किसानों की आजीविका को खतरे में डाल सकता है और खाद्य सुरक्षा के बारे में चिंता पैदा कर सकता है।
  • कीटनाशक प्रबंधन विधेयक किसानों को पेश आ रही समस्याओं के विज्ञान आधारित समाधानों को प्रोत्साहित करके और कृषि को अधिक लाभदायक और टिकाऊ बनाने के लिए कृषि क्षेत्र में सुधार का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है।
  • मजबूत प्रशासन सुनिश्चित करने और पंजीकरण समिति (Registration Committee) के फैसलों की देखरेख और समीक्षा करने के लिए एक सक्षम निकाय की आवश्यकता है।यह धारा 23 और 24 में संशोधन करके और कीटनाशक प्रबंधन बिल में संबंधित अनुभाग,जहाँ पंजीकरण समिति को अपने निर्णयों की समीक्षा करती है, द्वारा आसानी से हासिल किया जा सकता है।
  • यह भारतीय किसानों और कीटनाशक उद्योगों के हित में है कि उनका प्रशासन पारदर्शी, स्थिर और जवाबदेह हो।
  • किसान समुदाय केसाथ ही साथ समाज और उद्योग के सर्वोत्तम हित में,संसद के भीतरइस विधेयक की व्यापक चर्चा की आवश्यकता है।
  • आदर्श रूप से, इस विधेयक कोकिसानों, भारतीय कृषि और कीटनाशकों उद्योग की जरूरतों को संबोधित करते हुएमहत्वपूर्ण समीक्षा और आवश्यक परिवर्तन के लिए सांसदों की एक चयन समिति के समक्ष रखा जाना चाहिए।
  • यह अत्यावश्यक है यदि भारत आत्मनिर्भर (Self-Reliant) होना चाहता है तोखाद्य सुरक्षा उद्देश्यों को बढ़ावा देना होगा और अपने लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करते हुए दुनिया के लिए एक विश्वसनीय निर्माता और कीटनाशकों के आपूर्तिकर्ता के रूप में उभरना पड़ेगा।

भारत में कीटनाशकों का उपयोग

  • बाजार विभाजन के साथ मुख्य रूप से कीटनाशकों की ओर झुकाव हुआ और वर्तमान में भारत दुनिया में कीटनाशकों का चौथा सबसे बड़ा उत्पादक है।
  • घरेलू बाजार में, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा सबसे अधिक खपत वाले राज्यों में शामिल हैं।
  • महाराष्ट्र ने 2014-15 और 2018-19 के बीच अपने कीटनाशक की खपत में 35.6% की वृद्धि हुई, जबकि यूपी ने 14.17% की वृद्धि दर्ज की गयी।
  • 2014-15 और 2017-18 के बीच देश भर में कीटनाशक की खपत 13.07% बढ़ी है।
  • जैव कीटनाशकों की खपत औसतनकुल कीटनाशकों की केवल 10% के लिए होती है।
  • देश में 292 कीटनाशक पंजीकृत हैं और यह अनुमानित है कि भारत में लगभग 104 कीटनाशकों का उत्पादन / उपयोग ज़ारी है जो दुनिया में दो या अधिक देशों में प्रतिबंधित हैं।

पीआईबी न्यूज आर्थिक

श्री हरमंदिर साहिब को एफसीआरए के तहत अनुमति


केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 9 सितंबर, 2020 को पंजाब के अमृतसर में स्थित हरमंदिर साहिब को विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) के तहत एफसीआरए पंजीकरण की अनुमति प्रदान की।

महत्वपूर्ण तथ्य: एफसीआरए पहली बार 1976 में अधिनियमित किया गया था, इसे 2010 में संशोधित किया गया।

  • एफसीआरए का उद्देश्य विदेशी अंशदान की स्वीकृति और उपयोग को विनियमित करने तथा राष्ट्रीय हित के लिए हानिकारक गतिविधियों के लिए इसके उपयोग को रोकना है।
  • इसके अंतर्गत किसी विदेशी श्रोत से निजी उपयोग हेतु उपहार तथा प्रतिभूतियों के अतिरिक्त प्राप्त होने वाली धनराशि तथा सामग्री को सम्मिलित किया जाता है।
  • अधिनियम की धारा 50 में केंद्र सरकार को, लोक हित में आवश्यक लगने पर, शर्तो के साथ किसी संगठन (राजनीतिक दल के अतिरिक्त) एफसीआरए के प्रावधानों से छूट देने संबंधी आदेश जारी करने की अनुमति दी गयी है।
  • कोई व्यक्ति अथवा संस्था एफसीआरए के अंतर्गत पंजीकरण अथवा केंद्र सरकार की पूर्व अनुमति प्राप्त करने के बाद ही विदेशी अनुदान को स्वीकार कर सकता है।
  • स्वर्ण मंदिरके नाम से प्रसिद्ध, सचखंड श्री हरमंदिर साहिब, श्री दरबार साहिब संस्था की स्थापना 1925 में सिख गुरुद्वारा अधिनियम के तहत हुई थी।
  • इसका उद्देश्य जनता/श्रद्धालुओं को चौबीस घंटे फ्री लंगर उपलब्ध कराना, गरीब और जरूरतमंदों को वित्तीय सहायता तथा चिकित्सा हेतु वित्तीय मदद देना है।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

भारतीय संस्कृति के उद्भव और विकास के अध्ययन हेतु समिति


केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल ने 14 सितंबर, 2020 को संसद को सूचित किया कि सरकार ने आज से 12,000 साल पहले भारतीय संस्कृति के उद्भव और विकास तथा दुनिया की अन्य संस्कृतियों के साथ इसके समन्वय का समग्र अध्ययन करने के लिए एक समिति गठित की है।

  • 16 सदस्यीय समिति में भारतीय पुरातत्व सोसाइटी, नई दिल्ली के अध्यक्ष और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के पूर्व संयुक्त महानिदेशक के. एन. दीक्षित समेत अन्य शामिल हैं।


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राष्‍ट्रीय होम्‍योपैथी आयोग विधेयक-2020


14 सितंबर, 2020 को लोकसभा की मंजूरी के साथ संसद द्वारा राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग विधेयक-2020 और राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा पद्धति विधेयक-2020 पारित कर दिया गया। इस वर्ष बजट सत्र के दौरान राज्यसभा इन विधेयकों को पारित कर चुकी है।

उद्देश्य: होम्योपैथी तथा भारतीय चिकित्सा पद्धति के लिए उच्चस्तरीय चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना।

राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग विधेयक-2020: यह विधेयक होम्योपैथी केंद्रीय परिषद अधिनियम 1973 का स्थान लेगा और राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग की स्थापना करेगा।

  • होम्योपैथी आयोग में 20 सदस्य होंगे, जिसमें एक अध्यक्ष के अलावा होम्योपैथी शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष, राष्ट्रीय होम्योपैथी संस्थान के महानिदेशक और होम्योपैथी के लिए चिकित्सा समीक्षा और रेटिंग बोर्ड के अध्यक्ष सदस्य के रूप में शामिल होंगे। इसमें कुछ अन्य सदस्यों को भी शामिल किया जाएगा।

राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा पद्धति आयोग विधेयक-2020: यह विधेयक भारतीय चिकित्सा केंद्रीय परिषद अधिनियम 1970 का स्थान लेगा और राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा पद्धति आयोग का गठन करेगा।

  • आयोग में 29 सदस्य होंगे, जिसमें अध्यक्ष, आयुर्वेद बोर्ड के अध्यक्ष, यूनानी, सिद्धा और सोवारिग्पा बोर्ड के अध्यक्ष, सहित अन्य सदस्य होंगे।

सलाहकार परिषद: इन दोनों विधेयकों में होम्योपैथी तथा भारतीय चिकित्सा पद्धति के लिए सलाहकार परिषदों के गठन का प्रस्ताव किया गया है।

  • इन परिषद के माध्यम से राज्य और केंद्र-शासित प्रदेश दोनों आयोगों के समक्ष अपने विचार और समस्याएं रख सकेंगे। साथ ही यह देश में चिकित्सा शिक्षा के मानकों को निर्धारित करने और निगरानी के लिए आयोग को उपाय भी सुझाएंगी।

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भारत बना 'महिलाओं की स्थिति पर आयोग' का सदस्य


सितंबर 2020 में भारत को संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक परिषद (ECOSOC) के निकाय, 'महिलाओं की स्थिति पर आयोग' (Commission on Status of Women- CSW) के सदस्य के रूप में चुना गया है।

महत्वपूर्ण तथ्य: भारत, अफगानिस्तान और चीन ने महिला आयोग की स्थिति के आयोग के लिए चुनाव में हिस्सा लिया था। जिसमें भारत और अफगानिस्तान ने ECOSOC के 54 सदस्यों के बीच मतदान में जीत हासिल की। जबकि चीन आधे से अधिक का समर्थन हासिल करने में विफल रहा।

  • भारत 2021 से 2025 तक चार वर्षों के लिए इस प्रतिष्ठित निकाय का सदस्य रहेगा।
  • 'महिलाओं की स्थिति पर आयोग’ प्रमुख वैश्विक अंतर सरकारी निकाय है, जो विशेष रूप से लैंगिक समानता को बढ़ावा देने और महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए समर्पित है। इसे 21 जून, 1946 के ECOSOC संकल्प 11 (II) द्वारा स्थापित किया गया था।
  • यह महिलाओं के अधिकारों को बढ़ावा देता है, दुनिया भर में महिलाओं के जीवन की वास्तविकता को उजागर करता है और लैंगिक समानता और महिला सशक्तीकरण पर वैश्विक मानकों को आकार देने में मदद करता है।
  • संयुक्त राष्ट्र के 45 सदस्य देश इस आयोग के सदस्य के रूप में कार्य करते हैं।

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पांच सूत्रीय बिंदुओं पर भारत तथा चीन में सहमति


10 सितंबर, 2020 को भारत और चीन ने वास्तविक नियंत्रण रेखा- एलएसी पर स्थिति के बारे में पांच बिन्दुओं पर सहमति जताई है।

महत्वपूर्ण तथ्य: यह सहमति मॉस्को में शंघाई सहयोग संगठन देशों के मंत्रियों के सम्मेलन के अवसर पर विदेश मंत्री डॉक्टर एस. जयशंकर और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच द्विपक्षीय बैठक के दौरान हुई।

पांच सूत्रीय बिंदु: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई आम सहमति के बाद 'मतभेदों को विवाद नहीं बनने देने’ पर सहमति;

  • तनाव को कम करने के लिए शीघ्रता से सैनिकों की वापसी करना;
  • मौजूदा भारत-चीन सीमा प्रोटोकॉल का पालन करना और तनाव बढ़ाने जैसी कार्रवाई से बचना;
  • विशेष प्रतिनिधियों, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और वांग के साथ-साथ अन्य तंत्र के माध्यम से बातचीत जारी रखना;
  • और नए विश्वास-बहाली के उपायों (Confidence-building measures) की दिशा में काम करना।

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हरिवंश नारायण सिंह फिर राज्यसभा के उप-सभापति निर्वाचित


14 सितंबर, 2020 को एनडीए के उम्मीदवार और जनता दल यूनाटेड के हरिवंश नारायण सिंह को फिर से राज्यसभा का उप-सभापति चुन लिया गया है।

  • राज्यसभा में सदस्यों ने ध्वनि मत से उनके नाम का अनुमोदन किया। भारतीय जनता पार्टी के जे. पी. नड्डा ने उनके नाम का प्रस्ताव किया।
  • बतौर उप-सभापति सिंह का ये दूसरा कार्यकाल होगा। वो पहली बार अगस्त 2018 में चुने गए थे और उनका कार्यकाल इस साल अप्रैल में खत्म हो गया था।
  • विपक्ष ने हरिवंश के खिलाफ राष्ट्रीय जनता दल के मनोज झा को उप-सभापति के लिए नामित किया था।

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पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह का निधन


प्रसिद्ध समाजवादी नेता, पूर्व केंद्रीय मंत्री और पूर्व राष्ट्रीय जनता दल के सांसद रघुवंश प्रसाद सिंह का 13 सितंबर, 2020 को निधन हो गया वे 74 वर्ष के थे।

  • उन्होंने पांच बार लगातार लोक सभा में बिहार से वैशाली निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया और तीन बार केंद्रीय मंत्रिमंडल में रहे।
  • वे मनमोहन सिंह सरकार (यूपीए-एक) में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री थे और उन्हें नरेगा (राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) की अवधारणा और कार्यान्वयन का श्रेय दिया जाता है।

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बांग्लादेश द्वारा भारत को हिलसा मछली के निर्यात की अनुमति


सितंबर 2020 में बांग्लादेश के वाणिज्य मंत्रालय ने आगामी दुर्गा पूजा के मद्देनजर व्यापारियों को भारत में सीमित पैमाने पर हिलसा मछली के निर्यात की विशेष अनुमति दी है। वाणिज्य मंत्रालय ने नौ निर्यातकों को भारत में लगभग 1,500 टन हिलसा भेजने की अनुमति दी है।

  • हिलसा या 'ईलिश' को बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल में स्वादिष्ट और बेशकीमती माना जाता है। ‘पद्मर ईलिश’ (बांग्लादेश में पद्मा नदी की हिलसा) को बेहतर गुणवत्ता वाली माना जाता है।
  • विश्व में हिलसा मछली के उत्पादन में बांग्लादेश की हिस्सेदारी 75% के करीब है।

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अभियंता दिवस


15 सितंबर

महत्वपूर्ण तथ्य: प्रसिद्ध भारतीय इंजीनियर भारत रत्न मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की जयंती के उपलक्ष में भारत में अभियंता (इंजीनियर) दिवस मनाया जाता है। ‘सर एम.वी.’ के नाम से विख्यात सिविल इंजीनियर, विश्वेश्वरैया मैसूरु शहर के उत्तर पश्चिम उपनगर में कृष्णा राज सागर बांध के मुख्य अभियंता थे।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

एकीकृत सड़क दुर्घटना डाटा बेस परियोजना


सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय एकीकृत सड़क दुर्घटना डाटा बेस परियोजना-आईआरएडी लागू करने की प्रक्रिया में है, जो जल्दी ही पूरे देश में लागू होगी।

महत्वपूर्ण तथ्य: सूचना प्रौद्योगिकी (ऐप)आधारित प्रणाली पर प्रस्तावित इस परियोजना को पहले चरण में छ: राज्यों में लागू करने का फैसला किया गया है। यह राज्य महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु हैं।

  • यह ऐप आईआरएडी संबंधित राज्यों की आवश्यकताओं के अनुसार विकसित किया गया है। आईआरएडी मोबाइल ऐप के विकास और कार्यान्वयन की जिम्मेदारी आईआईटी मद्रास और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र सेवा दी गई है।
  • इस मोबाइल ऐप के माध्यम से दुर्घटना स्थल पर ही डेटा एकत्र करके इसका उपयोग विभिन्न उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है। इनमें सड़क के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए दुर्घटनाओं और उपचारात्मक उपायों का पता लगाना और पुलिस, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य संबंधित विभागों के लिए दुर्घटनाओं का डेटा रिकॉर्ड करना शामिल है।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

परिवहन वाहनों में उत्सर्जन और सुरक्षा उपायों के अंतरराष्ट्रीय मानक संबंधित कार्यक्रम


सितंबर 2020 में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने परिवहन वाहनों में उत्सर्जन और सुरक्षा उपायों के अंतरराष्ट्रीय मानकों को लागू करने का एक कार्यक्रम शुरू किया है।

उद्देश्य: भारतीय मोटर वाहन उद्योग को विकसित देशों के बराबर लाना तथा वाहन उद्योग का सकल घरेलू उत्पाद में योगदान बढ़ाना।

महत्वपूर्ण तथ्य: मंत्रालय ने भारतीय वाहन उद्योग में उत्सर्जन और सुरक्षा सुविधाओं में उन्नयन के लिए कई नियमों को अधिसूचित किया है। इनमें एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम, एयरबैग, स्पीड अलर्ट सिस्टम, रिवर्स पार्किंग असिस्ट, क्रैश मानकों आदि के लिए मसौदा अधिसूचना शामिल हैं।

  • इलेक्ट्रॉनिक स्थिरता नियंत्रण प्रणाली (Electronic Stability Control systems-ESC) और संबंधित श्रेणियों के लिए ब्रेक असिस्ट सिस्टम के मानकों को अगले दो साल तक कार्यान्वयन में लाया जाएगा।
  • इस क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण के लिए कुछ प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की पहचान की गई है। इनमें कुछ खास श्रेणी के वाहनों में लगने वाला ‘टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम’ शामिल है। इसके अक्टूबर 2020 तक लागू होने की संभावना है।
  • वाहन के आकार और वाहन निर्माण उपकरण की सुरक्षा के मानकों को भी अधिसूचित किया गया है।

पीआईबी न्यूज पर्यावरण

कृष्णा-गोदावरी बेसिन मीथेन ईंधन का एक उत्कृष्ट स्रोत


सितंबर 2020 में भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के एक स्वायत्त संस्थान अघारकर अनुसंधान संस्थान (एआरआई), के शोधकर्ताओं द्वारा किये गये एक अध्ययन में पाया गया है, कि कृष्णा-गोदावरी (केजी) बेसिन में जमा मीथेन हाइड्रेट जीव-जनित (बायोजेनिक) मूल के हैं।

महत्वपूर्ण तथ्य: इस बेसिन में जमा होने वाला मीथेन हाइड्रेट एक समृद्ध स्रोत है, जो प्राकृतिक गैस मीथेन की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करेगा।

  • यह अध्ययन डीएसटी-एसईआरबी ‘युवा वैज्ञानिक परियोजना’ के एक हिस्से के रूप में किया गया था, जिसका शीर्षक ‘एलुसिडेटिंग द कम्युनिटी स्ट्रक्चर ऑफ मेथोनोजेनिक आर्किया इन मीथेन हाइड्रेट’ (Elucidating the community structure of methanogenic archaea in methane hydrate) था।
  • मीथेन हाइड्रेट का निर्माण उस समय होता है, जब महासागरों में उच्च दबाव एवं कम तापमान पर हाइड्रोजन-बंध युक्त जल और मीथेन गैस एक-दूसरे के संपर्क में आते हैं।
  • मीथेन एक स्वच्छ एवं किफायती ईंधन है। अनुमान के अनुसार एक घन मीटर मीथेन हाइड्रेट में 160-180 घन मीटर मीथेन होता है। यहां तक कि केजी बेसिन में मीथेन हाइड्रेट्स में मौजूद मीथेन का सबसे कम अनुमान दुनिया भर में उपलब्ध तमाम जीवाश्म ईंधन भंडार का दोगुना है।
  • यह अध्ययन 'मरीन जीनोमिक्स' नामक जर्नल में प्रकाशित किया जाएगा।

सामयिक खबरें अंतर्राष्ट्रीय

वैश्विक आर्थिक स्वतंत्रता सूचकांक 2020


कनाडा स्थित फ्रेजर इंस्टीट्यूट द्वारा 10 सितंबर, 2020 को ‘वैश्विक आर्थिक स्वतंत्रता सूचकांक 2020' रिपोर्ट जारी की गई। यह रिपोर्ट ‘विश्व की आर्थिक स्वतंत्रता: 2020' शीर्षक से जारी की गई।

महत्वपूर्ण तथ्य: रिपोर्ट में 162 देशों और क्षेत्रों की नीतियों और संस्थानों की आर्थिक स्वतंत्रता का आकलन किया गया है।

  • आर्थिक स्वतंत्रता को पांच व्यापक क्षेत्रों में मापा जाता है। विनियमन, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापार करने की स्वतंत्रता, सरकार का आकार, कानूनी प्रणाली और संपत्ति के अधिकार और स्थिर मुद्रा।
  • रिपोर्ट के अनुसार, 2018 के आंकड़ों के आधार पर, सूचकांक में हांगकांग पहले और सिंगापुर दूसरे स्थान पर रहे। न्यूजीलैंड तीसरे, स्विट्जरलैंड चौथे, ऑस्ट्रेलिया पांचवें स्थान पर हैं।
  • कुछ अन्य प्रमुख देशों में संयुक्त राज्य अमेरिका छठे, जापान 20वें, जर्मनी 21वें, इटली 51वें, फ्रांस 58वें, मैक्सिको 68वें, रूस 89वें और ब्राजील 105वें स्थान पर हैं।
  • इस सूचकांक में दस सबसे कम रैंक वाले देश, मध्य अफ्रीकी गणराज्य 153वें, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य 154वें, जिम्बाब्वे 155वें, कांगो गणराज्य 156वें, अल्जीरिया 157वें, ईरान 158वें, अंगोला 159वें, लीबिया 160वें, सूडान 161वें और वेनेजुएला 162वें स्थान पर हैं।

भारत की स्थिति: भारत 26 स्थानों की गिरावट के साथ सूचकांक में 105वें स्थान पर पहुँच गया। पिछले वर्ष भारत 79वें स्थान पर था।

  • चीन कुल मिलाकर भारत से भी बदतर स्थिति में था और सूचकांक में 124वें स्थान पर है।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप निधन

सामाजिक कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश का निधन


सामाजिक कार्यकर्ता और आर्य समाज के अग्रणी नेता स्वामी अग्निवेश का 11 सितंबर, 2020 को नई दिल्ली में निधन हो गया। वे 80 वर्ष के थे।

  • आंध्र प्रदेश में जन्मे अग्निवेश ने 1970 में आर्य समाज के सिद्धांतों पर आधारित एक राजनीतिक दल 'आर्य सभा' की स्थापना की। उनका असली नाम 'वेपा श्याम राव' था।
  • अग्निवेश 1977 में हरियाणा विधानसभा के लिए चुने गए और 1979 में उन्होंने राज्य में शिक्षा मंत्री के रूप में कार्य किया।
  • उन्होंने 1981 में बंधुआ मजदूर मुक्ति मोर्चा की स्थापना की और बंधुआ मजदूरी के खिलाफ काम किया। साथ ही शराबबंदी के खिलाफ कई आंदोलनों का भी नेतृत्व किया।
  • स्वामी अग्निवेश ने ‘आर्य समाज की विश्व परिषद’ (2004–2014) के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया, जो आर्य समाज का सर्वोच्च अंतरराष्ट्रीय निकाय है।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप पुरस्कार/सम्मान

वेनिस फिल्‍म समारोह में फिल्‍म निर्देशक चैतन्‍य तम्‍हाणे को सर्वोत्‍तम पटकथा का पुरस्‍कार


सितंबर 2020 में 77वें वेनिस फिल्म समारोह में, फिल्म निर्देशक चैतन्य तम्हाणे को शास्त्रीय संगीतकार पर बनी मराठी फिल्म 'द डिसाइपल' (The Disciple) के लिए सर्वोत्तम पटकथा का पुरस्कार दिया गया।

  • 2001 में वेनिस में मीरा नायर की ‘मॉनसून वेडिंग’ के बाद से यूरोपीय फिल्म महोत्सव की मुख्य श्रेणी में भाग लेने वाले तम्हाणे भारत के पहले निर्देशक बन गए हैं।
  • यह पुरस्कार 'द इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ फिल्म क्रिटिक्स (FIPRESCI) द्वारा दिया गया। 1930 में बेल्जियम के ब्रुसेल्स में स्थापित इस संगठन में पेशेवर फिल्म समीक्षक और दुनिया भर के फिल्म पत्रकार सदस्य हैं।
  • FIPRESCI पुरस्कार से सम्मानित होने वाली अंतिम भारतीय फिल्म 'मैथिलुकल' (1990) थी, जिसका निर्देशन अडूर गोपालकृष्णन ने किया था।
  • समारोह में, चीनी मूल के अमेरिकी फिल्म निर्माता श्लो चाओ ने ‘नोमैडलैंड’ फिल्म के लिए ‘गोल्डन लायन पुरस्कार’ जीता।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप वेब पोर्टल/ऐप

जम्‍मू-कश्‍मीर एकीकृत शिकायत समाधान और निगरानी प्रणाली


जमू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 11 सितंबर, 2020 को जम्मू-कश्मीर एकीकृत शिकायत समाधान और निगरानी प्रणाली की शुरूआत की।

  • इस पहल से शिकायत निवारण प्रणाली का विकेन्द्रीकरण होगा। अब जिला अधिकारी और उपायुक्त शिकायत, समाधान और निगरानी प्रणाली के प्राथमिक स्तर के रूप में काम करेंगे।
  • यह देश की पहली ऑनलाइन शिकायत प्रबंधन प्रणाली और पोर्टल है, जो उच्च स्तर पर केन्द्र सरकार तथा निम्न स्तर पर जिलों, तहसील और विकास खंडों से जुड़ी है।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप विविध

एससीटीआईएमएसटी द्वारा डीप वेन थ्रोम्बोसिस रोकथाम हेतु उपकरण विकसित


सितंबर 2020 में विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के एक स्वायत्त संस्थान श्री चित्रा तिरुनल इंस्टीट्यूट फॉर मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी, त्रिवेंद्रम (एससीटीआईएमएसटी), ने डीप वेन थ्रोम्बोसिस (डीवीटी) की रोकथाम के लिए एक उपकरण विकसित किया है।

  • शरीर की भीतरी शिराओं (डीप वेन थ्रौमबोसिस-डीवीटी) में या पैर की नसों में खून के थक्के जमने से जीवन को खतरा पैदा हो सकता है।
  • यह उपकरण पैरों की नसों में रक्त के प्रवाह को आसान कर कता है, जिससे डीवीटी को रोका जा सकता है।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप चर्चित दिवस

हिंदी दिवस


14 सितंबर

महत्वपूर्ण तथ्य: 14 सितंबर, 1949 को संविधान सभा ने देवनागरी में लिखी गई हिंदी को देश की आधिकारिक भाषा के रूप में अपनाया था। इसका उद्देश्य हिंदी भाषा को बढ़ावा देना है और हिंदी को मातृ भाषा के रूप में प्रसारित करना है। आज, हिंदी दुनिया में व्यापक रूप से बोली जाने वाली भाषाओं में से एक है और 520 मिलियन से अधिक लोगों की पहली भाषा है।

सामयिक खबरें राज्य उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा एक विशेष सुरक्षा बल गठित करने का निर्णय


उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 सितंबर, 2020 को एक विशेष सुरक्षा बल गठित करने का निर्णय लिया है।

  • यह उच्च न्यायालय, जिला अदालतों, प्रशासनिक कार्यालयों और भवनों, मेट्रो रेल, हवाई अड्डों, बैंकों, वित्तीय संस्थानों, शैक्षणिक संस्थानों और औद्योगिक इकाइयों को सुरक्षा प्रदान करेगा।
  • इस विशेष बल में 9,919 कर्मी होंगे। पहले चरण में पांच बटालियन का गठन किया जाएगा और इसकी अध्यक्षता एडीजी-रैंक के अधिकारी करेंगे। पहले चरण में इसमें लगभग 1,747 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
  • विशेष बल के गठन का प्रस्ताव पिछले साल दिसंबर में अदालत परिसरों में हिंसा की घटनाओं के बाद इलाहाबाद उच्च न्यायालय के निर्देश पर आया था।

पीआईबी न्यूज आर्थिक

राज्‍य स्‍टार्टअप रैंकिंग-2019


11 सितंबर, 2020 को वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के ‘उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) द्वारा संचालित ‘राज्य स्टार्टअप रैंकिंग-2019’ जारी की गई।

  • उद्देश्य: राज्यों और केंद्र- शासित क्षेत्रों के बीच प्रतिस्पर्धा को बढ़ाना और मजबूत स्टार्टअप पारितंत्र का विकास करना।
  • महत्वपूर्ण तथ्य: वर्ष 2019 की स्टार्ट अप रैंकिंग में गुजरात और केन्द्र- शासित प्रदेश अंडमान निकोबार द्वीपसमूह का ‘सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन’ (Best performer) है, जबकि कर्नाटक और केरल ने उत्तम प्रदर्शन (Top performer) किया।
    • रैंकिंग 2019 में 7 व्यापक सुधार क्षेत्र हैं, जिसमें 30 कार्य बिंदु (एक्शन पॉइंट) हैं। इन कार्य बिन्दुओं में शामिल हैं- संस्थागत समर्थन, आसान अनुपालन, सार्वजनिक खरीद मानदंडों में छूट, इन्क्यूबेशन समर्थन, सीड फंडिंग सहायता, उद्यम अनुदान सहायता और जागरूकता एवं आउटरीच।
    • रैंकिंग में कुल 22 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों ने भाग लिया। रैंकिंग के उद्देश्य से, राज्यों को 5 श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है: सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन, उत्तम प्रदर्शन, अग्रणी (Leaders), आकांक्षी अग्रणी (Aspiring leaders) और उभरता हुआ स्टार्टअप पारितंत्र।
  • अग्रणी श्रेणी: बिहार, महाराष्ट्र, ओडिशा, राजस्थान तथा चंडीगढ़।
  • आकांक्षी अग्रणी श्रेणी: हरियाणा, झारखंड, पंजाब, तेलंगाना, उत्तराखंड तथा नागालैंड।
  • उभरते हुए स्टार्टअप पारितंत्र श्रेणी: आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ, हिमाचल प्रदेश, मिजोरम, तमिलनाडु, असम, दिल्ली, मध्य प्रदेश, सिक्किम और उत्तर प्रदेश।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

रक्षा मंत्री की अध्‍यक्षता में अधिकार प्राप्‍त मंत्री समूह


केंद्र सरकार ने 11 सितंबर, 2020 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में अधिकार प्राप्त मंत्री समूह का गठन किया है।

महत्वपूर्ण तथ्य: रक्षा मंत्रालय के अधीनस्थ कार्यालय आयुध निर्माणी बोर्ड को सरकार के शत प्रतिशत स्वामित्व वाले एक या अधिक कॉरपोरेट निकायों में बदलने के सरकार के फैसले को लागू करने के लिए यह कदम उठाया गया है।

  • मंत्री समूह इस समूची प्रक्रिया की निगरानी और मार्गदर्शन करेगा। इस दौरान कर्मचारियों के स्थानांतरण और पुन: तैनाती के दौरान उनके वेतन और सेवानिवृत्ति लाभ का भी ध्यान रखा जाएगा।
  • मंत्री समूह में गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, विधि मंत्री रविशंकर प्रसाद, श्रम और रोजगार मंत्री संतोष कुमार गंगवार तथा कार्मिक मंत्री जितेन्द्र सिंह शामिल हैं।

मंत्री समूह की कार्य-शर्तें: आयुध निर्माणी बोर्ड को रक्षा क्षेत्र का एक या अधिक सार्वजनिक उपक्रम में बदलना;

  • मौजूदा कर्मचारियों के वेतन और पेंशन के संरक्षण सहित कर्मचारियों की विभिन्न श्रेणियों से संबंधित मामलों के बारे में फैसले करना;
  • इन उपक्रमों को आर्थिक रूप से वहनीय और आत्मनिर्भर बनाने के लिए आर्थिक सहायता जैसे निर्णय लेना।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

स्ट्रीट्स फॉर पीपल चैलेंज


आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 11 सितंबर, 2020 ‘स्ट्रीट्स फॉर पीपल चैलेंज’ (Streets for People Challenge) का शुभारंभ किया।

लक्ष्य: शहरों में कम लागत से लोगों के चलने योग्य रास्तों एवं गलियों का निर्माण करना।

  • यह चैलेंज देशभर के शहरों को एक समान गलियों के निर्माण में मदद करेगा, जो विभिन्न पक्षकारों और नागरिकों से परामर्श पर आधारित होगा।
  • इसके लिए प्रतिस्पर्धी प्रारूप अपनाया जाएगा, ताकि विभिन्न शहर अपने खुद के डिजाइन तैयार कर सकें और विभिन्न पेशेवर लोगों या संस्थाओं से कम कीमत वाले उपयोगी सर्वमान्य डिजाइन सामने आ सकें।

सामयिक खबरें राष्ट्रीय

जलवायु स्मार्ट शहरों का आकलन प्रारूप- सीएससीएएफ 2.0


आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 11 सितंबर, 2020 को जलवायु स्मार्ट शहरों का आकलन प्रारूप -सीएससीएएफ 2.0 का शुभारंभ किया।

उद्देश्य: निवेश एवं अन्य योजनाओं के क्रियान्वयन में शहरों को जलवायु परिवर्तन से निपटने का रोड- मैप उपलब्ध कराना तथा शहरी योजना और विकास के लिए जलवायु- संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाना।

महत्वपूर्ण तथ्य: आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने स्मार्ट सिटी मिशन के तहत 100 स्मार्ट शहरों में समग्र, जलवायु उत्तरदायी विकास को प्रोत्साहित करने के लिए ‘जलवायु स्मार्ट शहरों का आकलन प्रारूप’ की शुरुआत की है।

  • प्रारूप में पांच श्रेणियों में 28 संकेतक हैं, जिसमें (i) ऊर्जा एवं हरित निर्माण (ii) शहरी नियोजन, हरित आवरण और जैव विविधता (iii) आवागमन तथा वायु गुणवत्ता (iv) जल प्रबंधन एवं (v) कचरा प्रबंधन शामिल हैं।
  • 'नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स' (NIUA) के तहत शहरों के लिए जलवायु केंद्र (Climate Centre for Cities) इस प्रारूप के कार्यान्वयन में मंत्रालय का सहयोग कर रहा है।

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लिविंग प्लैनेट रिपोर्ट 2020


10 सितंबर 2020 को अंतरराष्ट्रीय गैर-लाभकारी संगठन 'वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर' (WWF) द्वारा ‘लिविंग प्लैनेट रिपोर्ट 2020’ जारी की गई।

महत्वपूर्ण तथ्य: रिपोर्ट के अनुसार 1970 और 2016 के बीच वैश्विक वन्यजीव आबादी में 68% की कमी आई है।

  • पृथ्वी की बर्फ-मुक्त भूमि का 75% हिस्सा पहले ही काफी बदल चुका है, अधिकांश महासागर प्रदूषित हैं और इस अवधि में आर्द्रभूमि का 85% से अधिक क्षेत्र लुप्त हो गया है।
  • पिछले कई दशकों में जैव विविधता के नुकसान का सबसे महत्वपूर्ण प्रत्यक्ष कारण भू-उपयोग परिवर्तन रहा है, मुख्य रूप से प्राचीन आवासों को कृषि प्रणालियों में परिवर्तित कर दिया गया है।
  • वैश्विक स्तर पर भूमि उपयोग परिवर्तन के कारण सबसे अधिक जैव विविधता का नुकसान यूरोप और मध्य एशिया में 57.9%, उत्तरी अमेरिका में 52.5%, लैटिन अमेरिका और कैरेबियाई देशों में 51.2%, अफ्रीका में 45.9% और फिर एशिया में 43% हुआ है।
  • लिविंग प्लेनेट इंडेक्स के अनुसार, सबसे बड़ा वन्यजीव आबादी नुकसान लैटिन अमेरिका में 94% के खतरनाक स्तर पर हुआ है।
  • विश्व स्तर पर सबसे अधिक संकटग्रस्त जैव विविधता में से एक ताजे पानी की जैव विविधता है, जो महासागरों या जंगलों की तुलना में तेजी से घट रही है।
  • आईयूसीएन रेड लिस्ट के अनुसार, दुनिया के केवल 2.4% भूमि क्षेत्र में 45,000 से अधिक प्रजातियों के साथ एक 'मेगाडायवर्स देश' भारत, पहले ही छ: पौधों की प्रजातियां विलुप्त हो चुकी हैं।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप नियुक्ति

परेश रावल राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय-एनएसडी के अध्यक्ष नियुक्त


सितंबर 2020 में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा अभिनेता और पूर्व भाजपा सांसद परेश रावल को राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय-एनएसडी (National School of Drama) के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया है।

  • पद्म श्री पुरस्कार प्राप्तकर्ता रावल 2014 से 2019 तक अहमदाबाद से लोक सभा सांसद थे।
  • 2017 में नाटककार रतन थियाम का कार्यकाल समाप्त होने के बाद से यह पद रिक्त था। रावल को चार साल के कार्यकाल के लिए नियुक्त किया गया है।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप वेब पोर्टल/ऐप

एयरो इंडिया 2021 वेबसाइट लॉन्च


रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 11 सितंबर, 2020 को नई दिल्ली में एयरो इंडिया 2021 की वेबसाइट https://aerozia.gov.in लॉन्च की।

  • एयरो इंडिया 2021 वेबसाइट एशिया के सबसे बड़े एयरो शो के लिए एक संपर्क रहित ऑनलाइन इंटरफेस होगी।
  • एयरो इंडिया का 13वां संस्करण 3 से 7 फरवरी, 2021 तक बेंगलुरु, कर्नाटक के वायु सेना स्टेशन, येलहंका में आयोजित किया जाएगा।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप विविध

टीआईएफआर के वैज्ञानिकों ने विकसित किया सिम्‍यूलेशन मॉडल


सितंबर 2020 में टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च (टीआईएफआर) के वैज्ञानिकों ने भारतीय विज्ञान संस्थान के वैज्ञानिकों के साथ मिलकर मुंबई में कोविड-19 महामारी के संक्रमण की रफ्तार के विश्लेषण के लिए सिम्यूलेशन मॉडल विकसित किया है।

  • इस मॉडल के आधार पर लगाए गए अनुमानों के अनुसार मुंबई में दिसम्बर 2020 या जनवरी 2021 तक लोगों में महामारी के लिए हर्ड इम्यूनिटी यानी सामूहिक प्रतिरोध क्षमता उत्पन्न हो जाएगी।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप चर्चित दिवस

दक्षिण-दक्षिण सहयोग के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस


12 सितंबर

महत्वपूर्ण तथ्य: दक्षिण-दक्षिण सहयोग के लिए संयुक्त राष्ट्र दिवस हाल के वर्षों में दक्षिण में क्षेत्रों और देशों द्वारा किए गए आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक विकास के बारे में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से मनाया जाता है।

सामयिक खबरें राज्य जम्मू-कश्मीर

सभी निवासियों के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना की घोषणा


जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने 11 सितंबर, 2020 को केंद्र-शासित प्रदेश के सभी निवासियों को मुफ्त स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराने की घोषणा की।

  • इसके दायरे में वे सभी लोग आएंगे, जो आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में शामिल नहीं हैं।
  • योजना के तहत राज्य के निवासियों को केन्द्र सरकार के पैनल में शामिल देशभर के अस्पतालों में नकदीरहित इलाज की सुविधा मिलेगी।
  • योजना में नैदानिक देखभाल और दवाओं सहित अस्पताल में उपचार पूर्व के 3 दिन, अस्पताल में उपचार और उपचार के 15 दिनों के बाद के खर्च को कवर किया जाएगा।
  • इसका लाभ सेवारत और सेवानिवृत्त कर्मचारियों तथा उनके परिजनों को भी दिया जाएगा।

सामयिक खबरें राज्य गुजरात

गुजरात की पहली ‘धरोहर पर्यटन नीति 2020-25’


गुजरात सरकार ने 11 सितंबर, 2020 को राज्य की पहली ‘धरोहर पर्यटन नीति 2020-25’

की घोषणा की।

  • नीति में 1 जनवरी, 1950 से पहले के ऐतिहासिक महलों, किलों और इमारतों के अंदर धरोहर होटल, संग्रहालय, बैंक्वेट हॉल और रेस्तरां खोलने की अनुमति दी गई है।
  • इससे राज्य में ऐतिहासिक इमारतों को पर्यटकों के आकर्षण के केन्द्र के रूप में विकसित करने का रास्ता साफ हो गया है।
  • राज्य सरकार मौजूदा और नये धरोहर होटलों के रख-रखाव तथा विस्तार के लिए 5-10 करोड़ रूपये तक की सहायता राशि उपलब्ध कराएगी।
  • डेवलपर्स को नई इकाई स्थापित करने या किसी मौजूदा धरोहर संग्रहालय, रेस्टोरेंट और बैंक्वेट हॉल की मरम्मत के लिए 45 लाख से 1 करोड़ रूपये तक की सहायता राशि दी जाएगी।
  • यदि निवेश 25 करोड़ रुपये तक है तो सरकार 20% सब्सिडी (अधिकतम 5 करोड़ रुपये) देगी। यदि निवेश 25 करोड़ रुपये से अधिक है, तो अधिकतम सब्सिडी 10 करोड़ रुपये होगी।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में अमृत परियोजना की प्रगति समीक्षा


सितंबर 2020 में हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में ‘अटल मिशन ऑफ रेजूवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफोर्मेशन’ (अमृत) परियोजना की प्रगति की समीक्षा की गई।

महत्वपूर्ण तथ्य: हरियाणा द्वारा 136 अमृत परियोजनाओं में से 63 परियोजनाओं का काम 693 करोड़ रुपए की लागत से पूरा हो चुका है।

  • चंडीगढ़ में 57 करोड़ रुपए के स्वीकृत राज्य वार्षिक कार्य योजना की सभी 12 परियोजनाओं के लिए 100% अनुबंध दिए गए हैं।
  • पंजाब में 2,767 करोड़ रुपए की 185 स्वीकृत राज्य परियोनाओं में से 2,132 करोड़ रुपए की परियोजनाओं के लिए अनुबंध दे दिए गए हैं।
  • अमृत की राष्ट्रीय रैंकिंग में चंडीगढ़ दूसरे, हरियाणा 12वें और पंजाब 26वें स्थान पर है।
  • अमृत परियोजना को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 25 जून, 2015 को देश भर में 500 शहरों में बुनियादी ढांचा विकसित करने के लिए शुरू किया गया था। देश की 60 प्रतिशत शहरी आबादी को इसके दायरे में लाया गया है।
  • यह 1,00,000 करोड़ रुपए के परिव्यय के साथ केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसमें वित्तीय वर्ष 2015-2016 से वित्त वर्ष 2019-2020 तक की अवधि के लिए 50,000 करोड़ रुपए की केंद्रीय सहायता का प्रावधान भी शामिल है।

पीआईबी न्यूज पर्यावरण

पेट्रोलियम मंत्री द्वारा 56 सीएनजी स्टेशन राष्ट्र को समर्पित


केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस तथा इस्पात मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 10 सितंबर, 2020 को 56 सीएनजी स्टेशन राष्ट्र को समर्पित किये।

  • ये सीएनजी स्टेशन 13 राज्यों- बिहार, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश तथा 1 केन्द्र शासित प्रदेश चंडीगढ में हैं।
  • पिछले 6 वर्षों में, सीएनजी स्टेशनों की संख्या 947 से बढ़कर 2300 हो चुकी है। वर्तमान में देश के 400 से अधिक जिलों को सिटी गैस वितरण नेटवर्क के दायरे में लाया जा चुका है।

सामयिक खबरें आर्थिकी

प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना


10 सितंबर, 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना’ लांच की। इस योजना के साथ, उन्होंने ‘ई-गोपाला’ एप्लिकेशन का भी शुभारंभ किया।

महत्वपूर्ण तथ्य: यह योजना भारत में मत्स्य पालन के सतत विकास पर केंद्रित है। इसे 2020-21 और 2024-25 के बीच लागू किया जायेगा।

  • आत्मानिभर भारत पैकेज के हिस्से के रूप में योजना के तहत मत्स्यपालकों के लिए आवंटित धनराशि 20,050 करोड़ रुपये है, जो मत्स्य क्षेत्र के लिए सबसे अधिक निवेश राशि है।
  • लगभग 12,340 करोड़ रुपये का निवेश समुद्री, अंतर्देशीय मत्स्य पालन और जलीय कृषि में लाभार्थी केन्द्रित गतिविधियों पर तथा 7,710 करोड़ रुपये का निवेश मत्स्यपालन अवसंरचना के लिए प्रस्तावित है।
  • योजना के तहत मत्स्य विभाग ने पहले चरण में 21 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 1723 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को मंजूरी दी है।

योजना का लक्ष्य: 2024-25 तक मछली उत्पादन को 70 लाख टन तक बढ़ाना; 2024-25 तक मछली निर्यात से आय 1,00,000 करोड़ रुपये तक करना; मछुआरों और मत्स्य किसानों की आय को दोगुना करना; पैदावार के बाद के नुकसान को 20-25% से घटाकर 10% करना तथा मत्स्य क्षेत्र में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 55 लाख रोजगार सृजित करना।

-गोपाला एप्लीकेशन: यह एप्लीकेशन पशुपालकों के प्रत्यक्ष उपयोग के लिए नस्ल सुधार मार्केटप्लेस और सूचना पोर्टल है। पशुपालकों को इससे उन्नत पशुधन को चुनने में आसानी होगी, उनको बिचौलियों से मुक्ति मिलेगी।

  • इसमें रोग मुक्त जर्मप्लाज्म की खरीद और बिक्री और गुणवत्ता प्रजनन सेवाओं की उपलब्धता शामिल है।

सामयिक खबरें अंतर्राष्ट्रीय

बाल मृत्यु दर में स्तर और रुझान रिपोर्ट 2020


9 सितंबर, 2020 को संयुक्त राष्ट्र की अन्य एजेंसियों के साथ यूनिसेफ द्वारा ‘बाल मृत्यु दर में स्तर और रुझान रिपोर्ट 2020’ जारी की गई।

महत्वपूर्ण तथ्य: रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक स्तर पर पाँच साल से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर 1990 में 12.5 मिलियन से घटकर 2019 में 5.2 मिलियन हो गई है।

  • विश्व में पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों की एक तिहाई मौतें भारत और नाइजीरिया में होती हैं।
  • 2000-2009 की तुलना में ओशिनिया (ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड को छोड़कर), मध्य और दक्षिणी एशिया के क्षेत्रों में 2010-19 के बीच पाँच साल से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर में तेजी से गिरावट देखी गई।
  • 2019 में उप-सहारा अफ्रीका में 53% पांच वर्ष से कम आयु की मृत्यु हुई, जबकि मध्य और दक्षिणी एशिया में 28% मौतें हुईं।

भारत की स्थिति: देश में बाल मृत्युदर में 1990 और 2019 के बीच गिरावट आई है। भारत में 1990 में पांच वर्ष की उम्र से पहले बाल मृत्यु दर (प्रति 1000 जन्मों में मृत्यु) 126 थी, जो 2019 में घटकर केवल 34 रह गई। भारत ने बाल मृत्यु दर में 1990 और 2019 के बीच 4.5% वार्षिक कमी दर्ज की।

  • भारत में नवजात (neonatal) मृत्यु दर (प्रति 1000 जन्मों में मृत्यु) 1990 में 57 से घटकर 2019 में 22 तक हो गई। जबकि शिशु (Infant) मृत्यु दर 1990 में 89 से घटकर 2019 में 28 हो गई।
  • 1990 में, पांच वर्ष से कम आयु के लड़कों की मृत्यु दर 122 तथा लड़कियों में यह दर 131 थी। 2019 में यह दर लड़कों में घटकर 34 और लड़कियों में 35 हो गई।

सामयिक खबरें संस्थान-संगठन

अमेरिका-भारत सामरिक साझेदारी फोरम


अमेरिका-भारत सामरिक साझेदारी फोरम (यूएसआईएसपीएफ) का तीसरा वार्षिक नेतृत्व शिखर सम्मेलन 31 अगस्त से 4 सितंबर, 2020 तक आयोजित किया गया।

सम्मेलन का विषय: ‘यूएस-इंडिया: नेविगेटिंग न्यू चैलेंजेस’ (US-India: Navigating New Challenges)

  • यूएसआईएसपीएफ एक गैर-लाभकारी संगठन है, जो भारत और अमेरिका के बीच साझेदारी के लिए कार्य करता है। इसकी स्थापना 2017 में की गई थी।
  • यूएसआईएसपीएफ के छ: स्तम्भ हैं, जिन पर यह कार्य करता है- व्यापार नीति का पक्ष-समर्थन, दोनों देशों के कंपनी सदस्यों और संसद के बीच तालमेल, व्यापार और सरकार के बीच सहयोग, समावेशी विकास, क्षेत्रीय चुनौतियों हेतु रणनीतिक भागेदारी तथा शिक्षा, नवाचार और उद्यमशीलता।
  • डॉ. मुकेश अघी यूएसआईएसपीएफ के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं।

पीआईबी न्यूज आर्थिक

‘सरोद- पोर्ट्स का शुभारंभ


केंद्रीय जहाजरानी राज्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने 10 सितंबर, 2020 को नई दिल्ली में वर्चुअल समारोह के माध्यम से ‘सरोद-पोर्ट्स’ [Society for Affordable Redressal of Disputes - Ports (SAROD-Ports)] का शुभारंभ किया।

उद्देश्य: न्यायपूर्ण तरीके से विवादों का किफायती और समयबद्ध समाधान करना।

महत्वपूर्ण तथ्य: सरोद -पोर्ट्स समुद्री क्षेत्र में मध्यस्थों के माध्यम से विवादों के निपटान में सलाह और सहायता प्रदान करेंगे, जिनमें प्रमुख बंदरगाह और निजी बंदरगाह, जेटी, टर्मिनल, गैर-प्रमुख बंदरगाह, पोर्ट और शिपिंग क्षेत्र शामिल हैं।

  • यह प्राधिकरण और लाइसेंसधारी / रियायत प्राप्तकर्ता / ठेकेदार देने के बीच के विवादों को भी कवर करेगा।
  • केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जनवरी, 2018 में मॉडल रियायत समझौते (एमसीए) में संशोधन को मंजूरी दी थी, जिसमें, प्रमुख बंदरगाहों की पीपीपी परियोजनाओं के लिए विवाद समाधान तंत्र के रूप में ‘सरोद – पोर्ट्स’ की परिकल्पना की गई है।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

फाइव स्टार गांव योजना


डाक विभाग ने 10 सितंबर, 2020 को देश के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रमुख डाक योजनाओं का 100% कवरेज सुनिश्चित करने के लिए, फाइव स्टार गांवों के नाम से एक योजना शुरू की है।

महत्वपूर्ण तथ्य: योजना के तहत सभी डाक उत्पादों और सेवाओं को ग्रामीण स्तर पर उपलब्ध एवं विपणन और प्रचारित किया जाएगा।

  • इस योजना को पांच ग्रामीण डाक सेवकों की टीम द्वारा कार्यान्वित किया जाएगा, जिन्हें डाक विभाग के सभी उत्पादों, बचत और बीमा योजनाओं के विपणन के लिए एक गांव सौंपा जाएगा।
  • फाइव स्टार योजना के अंतर्गत आने वाली योजनाओं में शामिल हैं- 1- बचत बैंक खाते, आवर्ती जमा खाते, 2- सुकन्या समृद्धि खाते / पीपीएफखाते, 3- भारतीय डाक पेमेंट बैंक खाते, 4- डाक जीवन बीमा पॉलिसी, 5- प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना खाता / प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना खाता।
  • यह योजना महाराष्ट्र में प्रायोगिक तौर पर शुरू की जा रही है; यहां के अनुभव के आधार पर, इसे देश भर में लागू किया जाएगा।
  • वर्तमान वित्तीय वर्ष 2020-2021 के दौरान प्रत्येक जिले के कुल 50 गाँवों को शामिल किया जाएगा।

सामयिक खबरें राष्ट्रीय बैंकिंग व वित्त

कोविड -19 से संबंधित तनाव हेतु संकल्प रूपरेखा परके वी कामत समिति की रिपोर्ट


  • 7 सितंबर, 2020 को भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने केवी कामथ समिति द्वारा लायी गयी रिपोर्ट ज़ारी किया।यह समिति कोविड से संबंधित दबावों के लिए संकल्पित रूपरेखा (Resolution Framework) के तहत संकल्प योजना में आवश्यक वित्तीय मापदंडों (क्षेत्र विशिष्ट मापदंडश्रेणियों के साथ)पर सिफारिश करने के लिए बनाई गई थी।

मुख्य बिंदु

  • समिति मानती है कि:
    • कोविड -19 महामारी ने सर्वश्रेष्ठ कंपनियों को प्रभावित किया है।
    • अन्यथा पूर्व-कोविड -19 परिदृश्य में ये व्यवसाय व्यवहार्य (जीवक्षम) थे।
    • कोविड -19 महामारी का प्रभाव हर एक क्षेत्र में व्याप्त है, लेकिन अलग- अलग क्षेत्रों के साथ यह प्रभाव - निम्न, मध्यम और गंभीर है।
  • समिति ने लीवरेज (उद्यामन), लिक्विडिटी (नकदी - चल निधि) और डेब्ट सर्विसबिलिटी (ऋण उपयोगिता)से जुड़े पहलुओं सहित वित्तीय मापदंडों की सिफारिश की है।
  • समिति ने संकल्प योजना (RP) पर विचार करते हुए अपनी प्रासंगिकता के आधार पर पांच मापदंडों का चयन किया। ये अनुपात संकल्प योजना के लिए अपेक्षित मूल्यांकन ढांचा प्रदान करेंगे। इसमें निम्न शामिल हैं:
    • कुल व्यक्तिगत देयता अनुपात और समायोजित मूर्त निवल मूल्य(TOL/Adjusted TNW)
    • कुल ऋण / EBIDTA अनुपात(Earnings Before Interest, Depreciation, Taxes and Amortisation - ब्याज, मूल्यह्रास, कर और परिशोधन से पहले कमाई)
    • चालू अनुपात
    • ऋण सेवा कवरेज अनुपात (DSCR)
    • औसत ऋण सेवा कवरेज अनुपात (adscr)
  • इसमें 26 क्षेत्रों के लिए वित्तीय अनुपात का सुझाव दिया गया है, जो एक उधारकर्ता के लिए एक संकल्प योजना को अंतिम रूप देते समय, उधार देने वाले संस्थानों द्वारा एक सकारात्मक क़दम हो सकता है।इनमें वैमानिकी (aviation), आतिथ्य(hospitality), स्थावर संपदा क्षेत्र (Real estate sector) शामिल हैं जो कोविड -19 महामारी के प्रभाव के कारण अर्थव्यवस्था में सबसे अधिक तनाव वाले क्षेत्रों में से एक हैं।

Source: Business Standard

  • प्रस्तावित योजना के तहत निम्न, मध्यम और गंभीर तनावपूर्ण श्रेणियों वाली संस्थाओं कोआवश्यक सामर्थ्य पहुचाने के लिए एक उचित दृष्टिकोणअपनाकरत्वरित बदलाव सुनिश्चित किया जा सकता है।
  • इस कार्य को पूरा करने के लिए निम्न और मध्यम तनाव श्रेणियों का पुनर्गठन किया जा सकता है। गंभीर तनाव के मामलों में व्यापक पुनर्गठन की आवश्यकता होगी।

क्षेत्र विशिष्ट मापदंड पर मुख्य सिफारिशें

  • निर्दिष्ट क्षेत्र में एक उधारकर्ता के लिए क्षेत्र विशिष्ट मापदंडों को संकल्प योजना की तैयारी के लिए मार्गदर्शन माना जा सकता है।
  • उधारकर्ताओं के पूर्व कोविड-19 संचालन और वित्तीय प्रदर्शन तथा कोविड-19 के कारण वित्तीय वर्ष 2021 के पहली और दूसरी तिमाही में पड़ने वाले प्रभाव के आधार परसंकल्प योजना की तैयारी की जा सकती है ताकि वित्तीय वर्ष 2021-22 और उसके बाद के वर्षों में नकदी प्रवाह की पहुँच बनाई जा सके। इन वित्तीय अनुमानों के अनुसार, वित्त वर्ष 2023 को कुल व्यक्तिगत देयता अनुपात / समायोजित मूर्त निवल मूल्य (TOL/Adjusted TNW) औरकुल ऋण / EBIDTA अनुपात को पूरा किया जाना चाहिए।
  • वित्त वर्ष 22 से शुरू होने वाले प्रत्येक अनुमानित वर्ष में अन्य तीन सीमानुपातों को पूरा किया जाना चाहिए।मूल वित्तीय अनुमानों को संकल्प योजना के अनुसार तैयार किया जाना चाहिए।
  • उन क्षेत्रों में जहां समिति द्वारा सीमामापदंड निर्दिष्ट नहीं किए गए हैं,उधारदाता, ऋण चुकाने की क्षमता का अनुपात (solvency ratios)के लिए अपने स्वयं का आंतरिक आकलन कर सकते हैंजैसे- TOL/Adjusted TNWऔर कुल ऋण / EBIDTA। हालाँकि, वर्तमान अनुपात और ऋण सेवा कवरेज अनुपात (DSCR)1.0 या उससे उससे अधिक होगाऔर औसत ऋण सेवा कवरेज अनुपात (ADSCR)1.2 या उससे अधिक होगा।
  • समिति ने अधिकांश क्षेत्रों मेंवर्तमान अनुपात, ऋण सेवा कवरेज अनुपात (DSCR)और औसत ऋण सेवा कवरेज अनुपात (ADSCR)के लिए समान रूप से सीमाएं प्रस्तावित की हैं।
  • वर्तमान ढांचे के तहत उधारकर्ता स्टैण्डर्ड अकाउंट के योग्य हैं और इस तरह, उन्हें पूर्व-कोविड -19 के स्तर पर अपनी स्थिति को बहाल करने के लिए कुछ समय की आवश्यकता हो सकती है।
  • सिफारिशों के अनुसार, संकल्प प्रक्रियाके स्वरुप कोइस तरह से व्यवहार्य होना चाहिए कि 75% ऋणदाताओंका प्रतिनिधित्व मिल सके 60 प्रतिशत ऋणदाता ऐसा करने के लिए सहमत हैं।

विश्लेषण

  • विशेषज्ञों के अनुसार, के वी कामथ पैनल की ऋण पुनरावृत्ति सिफारिशें,पूर्ववर्ती कॉर्पोरेट ऋण पुनर्गठन (CDR) तंत्र से बेहतर हैं, लेकिन इससे बैंकों को अल्पकालिक राहत तो ज़रूर है मगर भविष्य में तनाव की स्थिति का सामना करना पड़ सकता है।
  • CDR का उपयोग बड़े पैमाने पर गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों को दबाने के लिए किया जा चुका है और इसकी सफलता दर 15 प्रतिशत है।
  • यह रूपरेखा, सीमित समय के लिए हैऔर उच्च प्रावधान, योग्यता और पर्यवेक्षी तंत्र हेतु कठोर वित्तीय सीमा पर ज़ोर देती है।
  • सरकार द्वारा पेश किए जाने वाले आर्थिक पुनरुद्धार और क्षेत्र-विशिष्ट पैकेजों की अनुपस्थिति में,नया तंत्र "चुनौतीपूर्ण" होगाऔर ऋण बाजारों में अनिश्चितता को भी समाप्त कर सकता है।
  • रियल स्टेट, व्यापारियों, होटल / रेस्तरां क्षेत्रों में तनावग्रस्त उधारकर्ताओं की मदद की जाएगी,लेकिन इस तंत्र के माध्यम सेसरकार के पहल अर्थात क्षेत्र-विशिष्ट पैकेज और आर्थिक पुनरुद्धार के बिना अनियमित बिजली और बुनियादी ढांचा क्षेत्रों में तनाव को हल करनाचुनौतीपूर्ण होगा।
  • यह ‘अच्छी स्थिति’ वाली कंपनियों के खातों के लिए डरावना है जिसके पुनर्गठन के बाद गैर-निष्पादित (non-performing) होने का डर है, दरअसल यह सिर्फ़ "अल्पकालिक राहत"प्रदान करता है।
  • यह रूपरेखा बहुत व्यापक है, लेकिन विषय-वस्तु के लिए कुछ गुंजाइश छोड़ देता है जैसे मूल वित्तीय अनुमानों के आधार पर समय सीमा को 2021-22 के बाद पूरा किया जाना है।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

आत्मनिर्भर भारत अराइज-अटल न्यू इंडिया चैलेंजेज


भारतीय एमएसएमई और स्टार्टअप्स में अनुसंधान और नवाचार को लागू करने के लिए अटल इनोवेशन मिशन (एआईएम), नीति आयोग ने 9 सितंबर, 2020 को अपने सबसे बहुप्रतीक्षित कार्यक्रमों में से एक ‘आत्मनिर्भर भारत अराइज-अटल न्यू इंडिया चैलेंजेज’ (Aatmanirbhar Bharat ARISE-Atal New India Challenges) की शुरुआत की।

  • यह कार्यक्रम भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो), चार मंत्रालयों- रक्षा मंत्रालय, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और आवास एवं शहरी मामलों का मंत्रालय- और संबंधित उद्योगों द्वारा संचालित किया जाएगा। जिससे अलग-अलग सेक्टर की समस्याओं का अभिनव समाधान खोजा जा सके।
  • यह कार्यक्रम प्रस्तावित प्रौद्योगिकी समाधान और / या उत्पाद के त्वरित विकास के लिए योग्य अनुसंधान आधारित नवाचारों को 50 लाख रुपये तक की सहायता करेगा।

सामयिक खबरें आर्थिकी

तीन श्रम संहिता में संशोधन को मंजूरी


8 सितंबर, 2020 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने तीन श्रम संहिता में संशोधन को मंजूरी दी। ये तीन श्रम कोड औद्योगिक संबंध संहिता, 2019 में प्रस्तावित किए गए थे। तीन संहिताओं में व्यावसायिक सुरक्षा और स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और औद्योगिक संबंध शामिल हैं।

महत्वपूर्ण तथ्य: औद्योगिक संबंध संहिता, 2019 विधेयक का उद्देश्य ट्रेड यूनियंस एक्ट, 1926, औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 तथा औद्योगिक रोजगार (स्थायी आदेश) अधिनियम,1946 को समेकित करके औद्योगिक सम्बन्धों को सुव्यवस्थित करना है।

  • यह चार विधेयकों की श्रृंखला में तीसरा विधेयक है, जिसका उद्देश्य श्रमिकों से संबंधित 44 कानूनों को समामेलित और युक्तिसंगत बनाना है। अन्य दो विधेयक हैं : व्यावसायिक सुरक्षा और स्वास्थ्य और कार्य परिस्थितयां संहिता 2019 और वेतन संहिता 2019।

संशोधन: गैर-स्थायी श्रमिकों (gig workers) को पेंशन और चिकित्सा लाभ में शामिल करना।

  • व्यावसायिक सुरक्षा पर 'उपयुक्त प्राधिकरण' की स्पष्ट परिभाषा शामिल है।
  • औद्योगिक संबंध संहिता में कर्मचारियों (Employer) और श्रमिकों के बीच अंतर को दूर करना।
  • स्पष्ट रूप से उन क्षेत्रों और स्थितियों को परिभाषित करना, जिनमें निश्चित अवधि के रोजगार की अनुमति होगी।

सामयिक खबरें आर्थिकी

ऋण पुनर्गठन के लिए 26 क्षेत्रों की पहचान : कामथ रिपोर्ट


सितंबर 2020 में भारतीय रिजर्व बैंक ने कोरोना वायरस महामारी की वजह से बैंकों को वाहन, बिजली, उड्डयन और पर्यटन सहित 26 क्षेत्रों के कर्जदारों को कुछ स्पष्ट वित्तीय कसौटियों के आधार पर ऋण पुनर्गठन की अनुमति दे दी है।

महत्वपूर्ण तथ्य: पहचाने गए 26 क्षेत्र महामारी से प्रभावित ऋणों के एकमुश्त पुनर्गठन हेतु

गठित के.वी. कामथ समिति की सिफारिशों पर आधारित है। समिति ने 4 सितंबर को आरबीआई को अपनी रिपोर्ट सौंपी।

  • समिति के अनुसार महामारी से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले क्षेत्र कपड़ा उद्योग, थोक व्यापार, सड़क और इंजीनियरिंग हैं।
  • ऐसे क्षेत्र जो पहले से ही दबावग्रस्त थे, जैसे कि गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (एनबीएफसी), बिजली, इस्पात, और रियल एस्टेट, महामारी के कारण और अधिक संकट का सामना कर रहे हैं।

प्रमुख सिफारिशें: समाधान योजनाओं को अंतिम रूप देते समय 26 क्षेत्रों के संबंध में पांच विशिष्ट वित्तीय अनुपात और प्रत्येक अनुपात के लिए सेक्टर-विशिष्ट सीमा को निर्दिष्ट किया है। जिसमें कुल बकाया देनदारियां, कुल ऋण, वर्तमान अनुपात (संपत्ति और देनदारी का अनुपात), ऋण सेवा कवरेज अनुपात (वर्तमान ऋण दायित्वों का भुगतान करने हेतु कंपनी का उपलब्ध नकदी प्रवाह) तथा औसत ऋण सेवा कवरेज अनुपात शामिल है।

  • ऋण पुनर्गठन योजना की रूपरेखा तैयार करने के लिए बैंकों को कंपनी की पूर्व-कोविड वित्तीय स्थिति और कोविड प्रभावों पर विचार करना चाहिए।
  • अंतर-लेनदार समझौते को उन सभी मामलों में अनिवार्य किया गया है, जिसमें कई उधार देने वाले संस्थान शामिल हैं।

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‘हेल्थ इन इंडिया’ रिपोर्ट


सितंबर 2020 में ‘राष्ट्रीय सांख्यिकी संगठन (National Statistical Organisation– NSO) द्वारा ‘हेल्थ इन इंडिया’ रिपोर्ट का प्रकाशन किया गया है।

महत्वपूर्ण तथ्य: यह रिपोर्ट स्वास्थ्य संबंधी पारिवारिक सामाजिक उपभोग पर राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण (जुलाई 2017-जून 2018) के 75वें दौर के आंकड़ों पर आधारित है।

  • देश भर में, पाँच वर्ष से कम आयु के मात्र 59.2% बच्चे पूरी तरह से प्रतिरक्षित (Immunised) हैं। प्रति पांच में से दो बच्चों का प्रतिरक्षण टीकाकरण कार्यक्रम पूरा नहीं हो पता है।
  • देश भर में लगभग 97% बच्चों का कम से कम एक टीकाकरण हो पाता है, जिसमें अधिकतर BCG और / अथवा जन्म के समय OPV की पहली खुराक सम्मिलित होती है।
  • मात्र 67% बच्चे ही खसरे से सुरक्षित हैं। 58% को पोलियो बूस्टर खुराक दी गई, जबकि 54% बच्चों को डीपीटी बूस्टर खुराक दी गई है।
  • राज्यों में, मणिपुर (75%), आंध्र प्रदेश (73.6%) और मिजोरम (73.4%) में पूर्ण टीकाकरण की उच्चतम दर दर्ज की गई।
  • नागालैंड में, केवल 12% बच्चों का पूर्ण टीकाकरण किया गया, इसके बाद पुडुचेरी (34%) और त्रिपुरा (39.6%) का स्थान रहा।
  • पूर्ण टीकाकरण के अंतर्गत एक शिशु को जन्म के पहले वर्ष में आठ टीकों की खुराक दी जाती है।

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पहला विश्व सौर प्रौद्योगिकी शिखर सम्मेलन


8 सितंबर, 2020 को अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन द्वारा पहले विश्व सौर प्रौद्योगिकी शिखर सम्मेलन का आयोजन किया गया । सम्मलेन में चार समझौतों पर हस्ताक्षर किये गए।

महत्वपूर्ण तथ्य: नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, भारत सरकार, विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन के बीच एक एक विश्व, एक सूर्य, एक ग्रिड (One World, One Sun, One Grid) पर एक साझेदारी समझौता किया गया।

  • ‘ग्लोबल ग्रीन ग्रोथ इंस्टिट्यूट’ (Global Green Growth Institute) और अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन के बीच एक मिलियन सौर पंपों के संवर्धन हेतु साझेदारी।
  • ‘इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ रेफ्रिजरेशन, पेरिस (International Institute for Refrigeration) तथा अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन के मध्य एक समझौता ज्ञापन।
  • अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन और राष्ट्रीय ताप विद्युत् निगम (NTPC) के बीच 47 परियोजनाओं के कार्यान्वयन पर भागीदारी समझौता।
  • इस अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) द्वारा प्रौद्योगिकी पत्रिका, ‘सोलर कंपास 360’ भी लॉन्च की गई।
  • जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र के कॉप-21 सम्मेलन में 30 नवंबर, 2015 को पेरिस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व फ्रांसीसी राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलान्द द्वारा अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन संयुक्त रूप से शुरू किया गया था। आईएसए का लक्ष्य 2030 तक वैश्विक स्तर पर 1,000 गीगावाट के सौर प्रतिष्ठानों को स्थापित करना है।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप चर्चित दिवस

हमले से शिक्षा की रक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस


9 सितंबर

2020 का विषय: 'शिक्षा की रक्षा करें, एक पीढ़ी को बचाएं' (Protect Education, Save a Generation)

महत्वपूर्ण तथ्य: 2020 में पहली बार मनाए गए इस दिवस का उद्देश्य 35 संकटग्रस्त देशों में रहने वाले 3 से 18 साल के 75 मिलियन बच्चों की दुर्दशा और उनकी शैक्षिक सहायता की तत्काल आवश्यकता पर ध्यान आकर्षित करना है।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप चर्चित दिवस

विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस


10 सितम्बर

2020 का विषय: 'आत्महत्या को रोकने के लिए मिलकर काम करना' (Working together to prevent suicide)

महत्वपूर्ण तथ्य: इस दिवस का उद्देश्य विश्व भर में आत्महत्याओं को रोकना है। विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस को वर्ष 2003 से प्रतिवर्ष 10 सितम्बर को मनाया जा रहा है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, हर साल लगभग 8 लाख लोग आत्महत्या करते हैं।

सामयिक खबरें राज्य आंध्र प्रदेश

वाईएसआर सम्पूर्ण पोषण योजना


7 सितंबर, 2020 को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने ‘वाईएसआर सम्पूर्ण पोषण योजना’ और ‘वाईएसआर सम्पूर्ण पोषण प्लस योजना’ लांच की।

उद्देश्य: स्तनपान कराने वाली माताओं और गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक भोजन प्रदान करना।

  • इन योजनाओं के माध्यम से लगभग 30.16 लाख बच्चों और माताओं को लाभान्वित किया जायेगा।
  • इसके तहत मुख्य रूप से गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं में कुपोषण और एनीमिया पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। यह योजना आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से पूरक पोषण प्रदान करेगी।
  • ‘वाईएसआर सम्पूर्ण पोषण प्लस योजना’ विशेष रूप से 77 जनजातीय क्षेत्रों को कवर करेगी। शेष शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों को ‘वाईएसआर सम्पूर्ण पोषण योजना’ के अंतर्गत शामिल किया जाएगा।
  • योजना के लिए राज्य सरकार को प्रति वर्ष 1,863 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे, जिसमें प्रति माह 1,100 रुपये प्रति लाभार्थी खर्च शामिल है।
  • आंध्र प्रदेश में लगभग 52.9% गर्भवती महिलाएं एनीमिया से पीड़ित हैं। इसके अलावा, राज्य में 31.9% बच्चे जन्म के समय कम वजन वाले हैं।

पीआईबी न्यूज आर्थिक

पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन की परिसंपत्तियों के मौद्रिकरण को मंजूरी


8 सितंबर, 2020 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने अवसरंचना निवेश न्यास मॉडल के माध्यम से पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया की परिसंपत्तियों के मौद्रिकरण को मंजूरी प्रदान की।

महत्वपूर्ण तथ्य: पावरग्रिड, भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत एक सार्वजनिक क्षेत्र की महारत्न कंपनी है, जिसने वर्ष 1992-93 में अपना व्यावसायिक संचालन शुरू किया था।

  • बिजली पारेषण के व्यवसाय में लगी यह कंपनी अपने पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनियों के साथ मिलकर शुल्क आधारित प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के माध्यम से अधिग्रहण कर अखिल भारतीय पारेषण नेटवर्क का स्वामित्व और संचालन करती है।
  • परिसंपत्ति मौद्रिकरण से प्राप्त होने वाली राशि का उपयोग पारेषण नेटवर्क विस्तार और कंपनी की अन्य पूंजीगत योजनाओं में नए निवेश के लिए किया जाएगा।
  • पहले ब्लॉक में, पावरग्रिड 7,000 करोड़ रुपये से अधिक के सकल ब्लॉक के साथ परिसंपत्तियों का मौद्रिकरण करेगा।

पीआईबी न्यूज आर्थिक

दिल्‍ली-मेरठ रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम गलियारा


भारत और एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने 8 सितंबर, 2020 को दिल्ली-मेरठ रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) गलियारे के निर्माण के लिए 50 करोड डॉलर के ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए। यह एक अरब डॉलर की पहली किश्त है।

  • ऋण राशि की पहली किस्त से ‘राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्रीय योजना 2021’ के तहत प्राथमिकता के आधार पर बनाये जाने वाले तीन रेल गलियारे में से पहले गलियारे के निर्माण के लिए आवश्यक सहयोग दिया जाएगा।
  • ‘राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्रीय योजना-2021’ के अंतर्गत दिल्ली को आसपास के राज्यों से जोड़ने की व्यवस्था की गई है।
  • 82 किमी. लम्बा यह गलियारा, दिल्ली में सराय काले खां को उत्तर प्रदेश में मेरठ के मोदीपुरम से जोड़ेगा।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

सरकारी विज्ञापनों में विषय-वस्तु विनियमन समिति


4 सितंबर, 2020 को उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित ‘सरकारी विज्ञापनों में विषय-वस्तु विनियमन समिति’ (Committee on Content Regulation in Government Advertising – CCRGA) की 19वीं बैठक आयोजित की गई।

महत्वपूर्ण तथ्य: वर्ष 2015 में उच्चतम न्यायालय द्वारा जारी किए गए निर्देशों के अनुसार भारत सरकार ने सरकारी विज्ञापन एजेंसियों द्वारा सभी मीडिया प्लेटफार्मों पर जारी विज्ञापनों की विषय वस्तु पर निगरानी रखने के लिए वर्ष 2016 में तीन सदस्यीय समिति का गठन किया था।

  • उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुसार सरकारी विज्ञापनों की सामग्री सरकार के संवैधानिक और कानूनी दायित्वों के साथ-साथ नागरिक अधिकारों के नजरिए से भी प्रासंगिक होनी चाहिए।
  • समिति को उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देशों के उल्लंघन के संबंध में मिली जन शिकायतों को निबटाने तथा इस बारे में आवश्यकतानुसार सुझाव देने का अधिकार दिया गया है।
  • उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुसार, राज्यों के लिए भी सरकारी विज्ञापनों की विषयवस्तु की निगरानी हेतु तीन सदस्यीय समितियों का गठन अनिवार्य बनाया गया है।
  • कर्नाटक, गोवा, मिजोरम और नागालैंड जैसे राज्य पहले ही इस तरह की समितियों का गठन कर चुके हैं।

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केरल साक्षरता दर में सबसे शीर्ष पर


7 सितंबर, 2020 को राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा जारी सर्वेक्षण में केरल 96.2% साक्षरता के साथ देश में पहले स्थान पर तथा आंध्र प्रदेश 66.4% के साथ सबसे निचले स्थान पर है।

रिपोर्ट का शीर्षक: 'घरेलू सामाजिक उपभोग: जुलाई 2017 से जून 2018 तक - राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण के 75वें दौर के हिस्से के रूप में भारत में शिक्षा' (Household Social Consumption: Education in India as part of 75th round of National Sample Survey)।

महत्वपूर्ण तथ्य: सर्वेक्षण जुलाई 2017 और जून 2018 की अवधि के बीच 7 वर्ष या उससे अधिक आयु के व्यक्तियों के बीच साक्षरता का राज्यवार विवरण प्रदान करता है।

  • केरल के बाद साक्षरता में दिल्ली (88.7%) दूसरे, उत्तराखंड (87.6%) तीसरे, हिमाचल प्रदेश (86.6%) चौथे और असम (85.9%) पांचवें स्थान पर है।
  • राजस्थान 69.7% साक्षरता दर के साथ आंध्र प्रदेश के बाद दूसरा सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला राज्य था। इसके बाद बिहार (70.9%), तेलंगाना (72.8%), उत्तर प्रदेश (73%) और मध्य प्रदेश (73.7%) का स्थान है।
  • भारत में कुल साक्षरता दर 77.7% है। ग्रामीण क्षेत्रों में साक्षरता दर 73.5% जबकि शहरी क्षेत्रों में साक्षरता दर 87.7% है।
  • अखिल भारतीय स्तर पर, महिलाओं की साक्षरता दर (70.3%) की तुलना में पुरुष साक्षरता दर (84.7%) अधिक है।
  • पुरुष साक्षरता दर सभी राज्यों में महिला साक्षरता दर से अधिक है। केरल में पुरुष साक्षरता दर 97.4% और महिला साक्षरता दर 95.2% है। दिल्ली में पुरुष साक्षरता दर 93.7% है और महिला साक्षरता दर 82.4% है।
  • आंध्र प्रदेश में पुरुष साक्षरता दर 73.4% और महिला साक्षरता दर 59.4% है। राजस्थान में यह अंतर व्यापक है, वहाँ पुरुष साक्षरता दर 80.8% और महिला साक्षरता दर सिर्फ 57.6% है।

सामयिक खबरें विज्ञान-पर्यावरण

अंतरराष्‍ट्रीय सौर गठबंधन में शामिल होंगी पांच पेट्रोलियम पीएसयू


पेट्रोलियम मंत्रालय ने 8 सितंबर, 2020 को पहले विश्व सौर प्रौद्योगिकी शिखर सम्मेलन के दौरान मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले सार्वजनिक क्षेत्र के पांच उपक्रमों की कॉरपोरेट भागीदार के रूप में ‘सतत जलवायु कार्रवाई के लिए अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन’ [International Solar Alliance Coalition for Sustainable Climate Action (ISA-CSCA)] में शामिल होने की घोषणा की।

महत्वपूर्ण तथ्य: ओएनजीसी, इंडियन ऑयल (आईओसीएल), भारत पेट्रोलियम निगम लिमिटेड- (बीपीसीएल), हिंदुस्तान पेट्रोलियम निगम लिमिटेड (एचपीसीएल) और गेल इंडिया लिमिटेड आईएसए की समग्र निधि में योगदान देंगे।

  • कार्बन उत्सर्जन कम करने की दिशा में ये कंपनियां नवीकरणीय और जैव ईंधन जैसे हरित ऊर्जा निवेश पर अधिक ध्यान केंद्रित करेंगी।
  • तेल और गैस कंपनियां अपने परिचालन की मूल्य श्रृंखला में सौर पैनल तैनात करने के प्रयास कर रही हैं, और वर्तमान स्थापित सौर ऊर्जा क्षमता 270 मेगावाट है। आगामी वर्ष में अतिरिक्त 60 मेगावाट सौर क्षमता को जोड़ा जाएगा।
  • अगले पांच वर्षों में सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों के स्वामित्व वाले लगभग 50% ईंधन स्टेशनों को सौरीकरण का मिशन शुरू किया गया है। इंडियन ऑयल के 5000 से अधिक ईंधन स्टेशनों को पिछले वर्ष सौर ऊर्जा से संचालित किया गया था।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप निधन

ऑस्कर विजेता फिल्म निर्देशक जिरी मेनजेल का निधन


ऑस्कर विजेता चेक गणराज्य के फिल्म निर्देशक जिरी मेनजेल का 5 सितंबर, 2020 को निधन हो गया। वे 82 वर्ष के थे।

  • मेनजेल ने 1968 में द्वितीय विश्व युद्ध ड्रामा 'क्लोजली वॉच्ड ट्रेन्स' (Closely Watched Trains) के लिए सर्वश्रेष्ठ विदेशी भाषा की फिल्म के लिए अकादमी पुरस्कार जीता।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप पुरस्कार/सम्मान

डेविड एटनबरो को इंदिरा गाँधी शांति पुरस्कार 2019


प्रसिद्ध अंग्रेजी प्रसारक व प्रकृतिवादी इतिहासकार डेविड एटनबरो को 7 सितंबर, 2020 को इंदिरा गाँधी शांति, निशस्त्रीकरण व विकास पुरस्कार 2019 से सम्मानित किया गया।

  • यह पुरस्कार उन्हें ‘विश्व के प्राकृतिक अजूबों को विश्व के सामने लाने तथा ग्रह की जैव विविधता को सुरक्षित और संरक्षित करने की आवश्यकता के लिए अपनी फिल्मों और किताबों के माध्यम से मानव पीढ़ियों को शिक्षित करने और उनके मनोरंजन करने के अथक प्रयासों के लिए दिया गया।
  • यह पुरस्कार देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी की स्मृति में इंदिरा गाँधी ट्रस्ट द्वारा 1986 से प्रदान किया जा रहा है। यह पुरस्कार उन लोगों अथवा संगठनों को दिया जाता है जो अंतरराष्ट्रीय शांति व विकास को बढ़ावा देने के लिए कार्य करते हैं। इस पुरस्कार के तहत एक प्रशस्ति पत्र के साथ 25 लाख रुपये इनामस्वरुप दिए जाते हैं।

पुरस्कार के अन्य प्रमुख प्राप्तकर्ता: विज्ञान और पर्यावरण केंद्र (2018), मनमोहन सिंह (2017), शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र उच्चायोग (2015), इसरो (2014), एंजेला मार्केल (2013), कोफी अन्नान (2003), एम एस स्वामीनाथन (1999), राजीव गांधी (1991) तथा यूनिसेफ (1989) हैं।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप अभियान/सम्मेलन/आयोजन

लूज डायमंड्स के लिए पहली वर्चुअल क्रेता विक्रेता बैठक


4-5 सितंबर, 2020 को ‘लूज डायमंड्स’ के लिए अब तक की ‘पहली वर्चुअल क्रेता विक्रेता’ बैठक का आयोजन किया गया।

  • बैठक का आयोजन रत्न एवं आभूषण निर्यात के लिए शीर्ष निकाय ‘भारतीय रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद (जीजेईपीसी) द्वारा किया गया।
  • लूज डायमंड्स अर्थात ऐसे हीरे, जिन्हें आभूषणों में नहीं जड़ा गया है और उनका इस्तेमाल किसी भी प्रकार/आकार में किया जा सकता है।

वर्चुअल क्रेता विक्रेता बैठक की मुख्य विशेषताएं: सुरक्षित ऑनलाइन ट्रेडिंग के लिए क्लाउड स्टोरेज, क्रेता विक्रेता मैचिंग; क्रेताओं एवं विक्रेताओं के लिए प्रदर्शकों द्वारा प्रदर्शित विविध विकल्पों में से ईष्टतम चयन।


सामयिक खबरें सार-संक्षेप चर्चित दिवस

अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस


8 सितंबर

2020 का विषय: ‘कोविड-19 महामारी के दौरान साक्षरता, शिक्षा और पठन-पाठन पर विशेष जोर’ (Literacy, teaching and learning in the COVID-19 crisis and beyond)

महत्वपूर्ण तथ्य: यह दिवस व्यक्तियों, समुदायों और समाज सभी के लिए साक्षरता के महत्व को दर्शाता है। यह दिवस पहली बार 1967 में मनाया गया था। निरक्षरता को समाप्त करने और प्रौढ़ शिक्षा को कार्यात्मक साक्षरता और आजीवन शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा 1988 में राष्ट्रीय साक्षरता अभियान शुरू किया गया था।

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सुमित नागल


सितंबर 2020 में भारत के सुमित नागल पिछले सात वर्षों में ग्रैड स्लैम के सिंगल्स मुकाबले के मुख्य ड्रॉ में मैच जीतने वाले पहले भारतीय बन गए।

  • दुनिया के 122वें नम्बर के खिलाडी सुमित ने अमेरिकी ओपन टेनिस टूर्नामेन्ट के पहले दौर में अमेरिका के ब्रैडली क्लाहन को पहले दौर में 6-1, 6-3, 3-6, 6-1 से हराया। हालांकि दूसरे दौर में पहुंचने के बाद वे ऑस्ट्रिया के डॉमिनिक थिएम से हार गए।
  • इससे पहले 2013 में सोमदेव देवबर्मन ऑस्ट्रेलियन ओपन, फ्रैंच ओपन और अमेरिकी ओपन के दूसरे दौर में पहुंचे थे।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

अटल नवाचार मिशन और फ्रेशवर्क्स के बीच साझेदारी


देश में नवोन्मेषकों और उद्यमियों को मजबूत आधार प्रदान करने के उद्देश्य से नीति आयोग के अटल नवाचार मिशन, एआईएम ने 7 सितंबर, 2020 को सॉफ्टवेयर कंपनी, फ्रेशवर्क्स के साथ साझेदारी की है।

  • इस साझेदारी के तहत फ्रेशवर्क्स अटल नवाचार मिशन और उसके लाभार्थियों को अपने उत्पादों के लिए ऋण प्रदान करेगा; एआईएम के स्टार्टअप के लिए बिक्री, विपणन और ग्राहक सहायता तथा बेहतर ग्राहक अनुभव के लिए क्लाउड टेक्नोलॉजी में प्रशिक्षण की सुविधा प्रदान करेगा।

पीआईबी न्यूज विज्ञान और तकनीक

डीआरडीओ द्वारा हाइपरसोनिक प्रौद्योगिकी वाहन का सफल परीक्षण


रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने 7 सितंबर, 2020 को हाइपरसोनिक प्रौद्योगिकी प्रदर्शन वाहन (एचएसडीटीवी) का ओडिशा के व्हीलर द्वीप स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्रक्षेपण केन्द्र से सफल प्रक्षेपण किया। इसके माध्यम से हाइपरसोनिक स्क्रैमजेट प्रौद्योगिकी का सफल प्रदर्शन किया गया।

महत्वपूर्ण तथ्य: हाइपरसोनिक क्रूज वाहन को एक ठोस रॉकेट मोटर का उपयोग करके प्रक्षेपित किया गया, जो इसे 30 किमी. की ऊंचाई तक ले गया, जहां हाइपरसोनिक गति के अनुरूप इसके वायुगतिकीय ताप कवच को अलग किया गया।

  • इस दौरान ईंधन के रूप में हाइपरसोनिक दहन की प्रक्रिया निरंतर जारी रही, जिससे यह अपने वांछित उड़ान पथ पर ध्वनि की गति से छ: गुना यानी 2 किमी. प्रति सेंकेंड की गति से 20 सेकेंड से ज्यादा तक चलता रहा।
  • हाइपरसोनिक प्रौद्योगिकी के माध्यम से हवा में दक्ष परिचालन के साथ, प्रज्वलन के लिए स्क्रैमजेट प्रणोदन का उपयोग और हाइपरसोनिक प्रवाह में निरंतर दहन, उच्च तापमान सामग्री के तापीय-संरचनात्मक लक्षण और हाइपरसोनिक वेग पर पृथक्करण प्रणाली की दक्षता साबित की गई।
  • भारत अब उन चुनिंदा राष्ट्रों में शामिल हो गया है, जिन्होंने हाइपरसोनिक प्रौद्योगिकी का प्रदर्शन किया है। इन देशों में अमेरिका, रूस और चीन शामिल हैं।

पीआईबी न्यूज पर्यावरण

ब्रह्मपुत्र नदी घाटी पर निम्न ओजोन


सितंबर 2020 में शोधकर्ताओं ने भारत के अन्य शहरी स्थानों की तुलना में ब्रह्मपुत्र नदी घाटी पर (गुवाहाटी के ऊपर) ओजोन की अपेक्षाकृत कम सांद्रता पाई है।

महत्वपूर्ण तथ्य: भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत एक स्वायत्त अनुसंधान संस्थान आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान, नैनीताल के वैज्ञानिकों ने ब्रह्मपुत्र नदी घाटी के निकट ओजोन सतह का मूल्यांकन किया।

  • यह शोध 'एटमोस्फीयरिक पॉल्यूशन रिसर्च' जर्नल में प्रकाशित हुआ है।
  • शोध के अनुसार यह क्षेत्र आस-पास के प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग जैसे स्थानीय स्रोतों से अच्छी तरह से प्रभावित है। दिन के उजाले के दौरान, यह क्षेत्र ओजोन सांद्रता पर कार्बनिक प्रजातियों के कम प्रभाव का संकेत देता है या फिर एक फोटो-स्टेशनरी स्थिति में या उसके करीब रहता है।
  • क्षोभमंडलीय या जमीनी-स्तर का ओजोन नाइट्रोजन के ऑक्साइड्स (NOx) और वाष्पशील कार्बनिक यौगिकों (वीओसी) के बीच रासायनिक प्रतिक्रियाओं द्वारा बनता है।
  • यह आमतौर पर तब बढ़ता है जब कारों, विद्युत संयंत्रों, औद्योगिक बॉयलरों, रिफाइनरियों, रासायनिक संयंत्रों और अन्य स्रोतों से सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में उत्सर्जित प्रदूषक रासायनिक प्रतिक्रिया करते हैं, जिससे मानव स्वास्थ्य प्रभावित होता है।

सामयिक खबरें विज्ञान-पर्यावरण

काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में विस्तार को मंजूरी


असम सरकार ने सितंबर 2020 में 884 वर्ग किमी. क्षेत्र में विस्तृत काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में 30.53 वर्ग किमी. (3053 हेक्टेयर) और क्षेत्र जोड़ने की मंजूरी प्रदान की है।

महत्वपूर्ण तथ्य: दो जिलों नागांव और सोनितपुर के ये अतिरिक्त क्षेत्र काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान और टाइगर रिजर्व (KNPTR) को 1085.53 वर्ग किमी. तक विस्तारित करेंगे।

  • जोड़े गए अतिरिक्त क्षेत्र आवास गलियारे हैं और ये काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान से ब्रह्मपुत्र नदी के पार ओरंग और नामेरी राष्ट्रीय उद्यानों को जोड़ने में मदद प्रदान करेंगे।
  • इसके अतिरिक्त, इससे उद्यान के दक्षिण में स्थित कार्बी आंगलोंग की पहाड़ियों से भी सम्पर्क स्थापित होगा। कार्बी आंगलोंग की पहाड़ियों में गैंडा, बाघ, हिरण और अन्य जानवर बाढ़ के दौरान शरण लेते हैं।
  • यह 1974 में राष्ट्रीय उद्यान के रूप में घोषित किया गया है। यह एक सींग वाले गैंडों की दुनिया की सबसे बड़ी आबादी का पर्यावास है। 2007 में इसे टाइगर रिजर्व घोषित किया गया था।
  • 1985 में यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल के रूप में नामित, काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान और टाइगर रिजर्व में अनुमानित 2,413 गैंडे और 121 बाघ हैं।

सामयिक खबरें अंतर्राष्ट्रीय

दिव्यांगों के लिए सामाजिक न्याय तक पहुंच हेतु संयुक्त राष्ट्र दिशा-निर्देश


संयुक्त राष्ट्र ने दिव्यांगों के लिए सामाजिक न्याय तक पहुंच सुनिश्चित करने हेतु अगस्त 2020 में अपनी तरह के पहले दिशा-निर्देश जारी किए, जिससे उनकी दुनिया भर में न्याय प्रणाली तक पहुंच आसान हो सके।

महत्वपूर्ण तथ्य: दिशा निर्देशों में 10 सिद्धांतों के समूह की एक रूपरेखा तथा उसके कार्यान्वयन के लिये आवश्यक विभिन्न कदमों का उल्लेख किया गया है।

  • सिद्धांत 1: दिव्यांगता के आधार पर किसी को भी न्याय तक पहुंच से वंचित नहीं किया जाएगा।
  • सिद्धांत 2: दिव्यांगों को भेदभाव के बिना न्याय तक समान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए सुविधाएं और सेवाएं सार्वभौमिक रूप से सुलभ होनी चाहिए।
  • सिद्धांत 3: दिव्यांग बच्चों सहित, दिव्यांग व्यक्तियों को कानूनी प्रक्रिया में मदद का अधिकार है।
  • सिद्धांत 4: उन्हें अन्य व्यक्तियों की तरह कानूनी नोटिस और सूचना को समय पर सुलभ तरीके से प्राप्त करने का अधिकार है।
  • सिद्धांत 5: वे अंतरराष्ट्रीय कानूनों में मान्यता प्राप्त सभी मौलिक और प्रक्रियात्मक सुरक्षा उपायों के हकदार हैं।
  • सिद्धांत 6: उन्हें मुफ्त या सस्ती कानूनी सहायता का अधिकार है।
  • सिद्धांत 7: उन्हें न्याय प्रशासन प्रणाली में दूसरों के साथ समान आधार पर भाग लेने का अधिकार है।
  • सिद्धांत 8: उन्हें मानवाधिकारों के उल्लंघन और अपराधों के बारे में शिकायत करने और कानूनी कार्यवाही शुरू करने के अधिकार हैं।
  • सिद्धांत 9: प्रभावी और मजबूत निगरानी तंत्र दिव्यांगों के लिए न्याय तक पहुंच का समर्थन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
  • सिद्धांत 10: न्याय प्रणाली में कार्यरत सभी लोगों को दिव्यांगों के अधिकारों, विशेष रूप से न्याय तक पहुंच के संदर्भ में जागरूक और प्रशिक्षित किया जाना चाहिए।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप निधन

रेडियो खगोलशास्‍त्री गोविंद स्वरूप का निधन


लोकप्रिय वैज्ञानिक और रेडियो खगोलशास्‍त्री प्रोफेसर गोविंद स्वरूप का 7 सितंबर, 2020 को महाराष्ट्र के पुणे में निधन हो गया। वे 91 वर्ष के थे।

  • उन्हें व्यापक रूप से भारत में 'भारतीय रेडियो खगोल विज्ञान के मार्गदर्शक’ के रूप में जाना जाता है। वे टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च के पुणे स्थित नेशनल सेंटर फॉर रेडियो एस्ट्रोफिजिक्स (NCRA) के संस्थापक निदेशक थे।
  • उन्होंने पुणे के पास विशालकाय मीटरवेव रेडियो टेलीस्कोप और ऊटी रेडियो टेलीस्कोप की अवधारणा, डिजाइन और स्थापना में प्रमुख भूमिका निभाई थी ।
  • उन्हें 1973 में पद्म श्री, 1972 में शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार और 2007 में ग्रोट रेबर मेडल से सम्मानित किया गया था। वे 1975-77 के दौरान भारतीय खगोल सोसायटी के अध्यक्ष भी रहे।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप चर्चित दिवस

अंतरराष्ट्रीय परोपकार दिवस


5 सितम्बर

महत्वपूर्ण तथ्य: इस दिवस का उद्देश्य परोपकार के बारे में जागरूकता फैलाना तथा इससे सम्बंधित लोगों व संस्थाओं को एक मंच पर लाना है। 5 सितम्बर का चुनाव संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा मदर टेरेसा की पुण्यतिथि के स्मरण में किया गया था। उन्हें 1979 में नोबेल शान्ति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप चर्चित दिवस

नीले आसमान के लिए अंतरराष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस


7 सितंबर

2020 का विषय: 'सभी के लिए स्वच्छ वायु' (Clean Air for All)

महत्वपूर्ण तथ्य: संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 19 दिसंबर, 2019 को वर्ष 2020 से हर साल 7 सितंबर को ‘नीले आसमान के लिए अंतरराष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस’ मनाने का संकल्प लिया था। पहली बार मनाए जा रहे इस दिवस पर राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत वायु प्रदूषण के लिए एकीकृत उपायों पर एक विवरणिका का शुभारंभ किया, जिसमें चिन्हित 122 शहरों में शहर विशिष्ट योजना पर जोर दिया गया है।

सामयिक खबरें राज्य तमिलनाडु

तमिलनाडु की इलेक्ट्रॉनिक हार्डवेयर विनिर्माण नीति -2020


तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ई पलानीस्वामी ने 7 सितंबर, 2020 को राज्य की इलेक्ट्रॉनिक हार्डवेयर विनिर्माण नीति -2020 जारी की।

  • 2025 तक 100 अरब डॉलर के इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं के विनिर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
  • इसमें यह लक्ष्‍य भी रखा गया है कि देश के कुल इलेक्‍ट्रॉनिक हार्डवेयर निर्यात में तमिलनाडु की हिस्‍सेदारी एक चौथाई हो।
  • इसका उद्देश्य राज्य में अर्धचालक निर्माण इकाइयों को आकर्षित करना है।
  • नई नीति में मोबाइल फोन, एलईडी, मुद्रित सर्किट बोर्ड, सौर फोटोवोल्टिक सेल और मेडिकल और ऑटोमोबाइल इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों पर ध्यान केन्द्रित किया जाएगा।

सामयिक खबरें राष्ट्रीय बैंकिंग व वित्त

फोर्स मेजर क्लॉज


  • वस्तु एवं सेवा कर (GST) की 41वीं बैठक में आर्थिक विनाश के परिमाण की झलक सामने आई है, जिसमें इस वर्ष क्षतिपूर्ति उपकर में लगभग 2.35 लाख करोड़ रुपये की कमी का अनुमान लगाया गया है।
  • वित्त मंत्रालय ने खुलासा किया कि इस कमी कि भरपाई केंद्र नहीं कर पायेगा।
  • अब देश के व्यापार एक कानूनी प्रावधान -फोर्स मेजर या "एक्ट ऑफ गॉड" क्लॉज की ओर देख रहे हैं। इस शब्द की उत्पत्ति नेपोलियन कोडसे हुई है इसका अर्थ “घाटे की कटौती” होता है।
  • इससे पहले फरवरी, 2020 मेंमंत्रालय ने एक आधिकारिक ज्ञापन जारी किया था जिसमें स्पष्ट किया गया था कि “महामारी को प्राकृतिक आपदा का मामला माना जाना चाहिए और जहाँ उचित समझा जायेगा, फोर्स मेजर क्लॉज का आह्वान किया जा सकता है”।

फोर्स मेजर क्लॉज के बारे में

  • फोर्स मेजर शब्द को ब्लैक लॉ डिक्शनरी (शब्दकोष) में परिभाषित किया गया है, जिसका अर्थ है ‘एक ऐसी घटना या प्रभाव जिसे न तो अनुमानित किया जा सकता है और न ही नियंत्रित किया जा सकता है’।
  • यह एक संविदात्मक प्रावधान है जो किसी पार्टी के प्रदर्शन के असंभव या अव्यवहारिक होने पर नुकसान के जोखिम को आवंटित करता है,विशेष रूप से ऐसी घटनाओं के परिणामस्वरूप जिसका पूर्वानुमान या नियंत्रणपार्टियों द्वारा नहीं किया जा सकता।

फोर्स मेजर की अवधारणा पर भारतीय न्यायशास्त्रका मत

  • भारतीय विधियों के तहत फोर्स मेजर की अवधारणा को न तो सरोकार नज़र आता है और न ही इसे परिभाषित किया गया है।
  • हालाँकि, इससे जुड़े हुए कुछ संदर्भ भारतीय अनुबंध अधिनियम, 1872 ("अनुबंध अधिनियम") की धारा 32 में पाए जा सकते हैं।
  • इसका उल्लेख, व्यय विभाग द्वारा जारी किए गए माल की खरीद के लिए 2017 कीनियमावली(Manual) में भी किया गया है।

"एक्ट ऑफ़ गॉड" और "फोर्स मेजर" के बीच अंतर

  • आमतौर पर, "एक्ट ऑफ़ गॉड" को सिर्फ़ प्रकृति अप्रत्याशित परिस्थितियों के रूप में समझा जाता है,जबकि "फोर्स मेजर" का दायरा बड़ा व्यापक है इसमें प्रकृति अप्रत्याशितपरिस्थितियों के आलावा मानव हस्तक्षेप के कारण उत्पन्न परिस्थितियां भी शामिल है।

फोर्स मेजर के उपयोग के लिए कानूनी तौर पर पात्रता

आम तौर पर ‘फोर्स मेजर’ के लिए निम्न स्थितियाँ सूचीबद्ध हैं-

  • युद्ध, दंगे, प्राकृतिक आपदाएँ या एक्ट ऑफ़ गॉड,हड़तालें, सरकार द्वारा नई नीति लागू करकेएक महाभियोग थोपना, बहिष्कार और महामारी का प्रकोप।
  • यदि कोई ऐसी घटना घटित होती है जिसका वर्णन नहीं किया जा सकता है, तो ऐसी घटनाओं की व्याख्या इस प्रकार से की जाती है कि वह वर्णित घटनाओं की श्रेणी में आ जाए।

फोर्स मेजरक्लॉज लागू होने की स्थिति में

  • जब फोर्स मेजर क्लॉज को लागू किया जाता है, तो पार्टियां अनुबंध का उलंघन किए बिनास्थायी या अस्थायी रूप से अपने दायित्वों से पीछे हटने का फैसला कर सकती हैं।
  • ऐसी स्थितियों में पार्टी इस क्लॉज का उपयोग अपनी जिम्मेदारियों से बचते हुए एक सुरक्षित निकास मार्ग के रूप में करती हैं, कभी-कभी अनुबंध उलंघन करने की वज़ह से लगने वाले जुर्माने से बचने के लिए इसका उपयोग अवसरवादी तरीकों से किया जाता है।
  • यदि एक पार्टी अनुबंध को स्वीकार करती है जबकि दूसरी पार्टीफोर्स मेजर क्लॉज (FMC) का आह्वान करती है तो इस अन्यायपूर्ण स्थिति में अनुबंध को लेकर अदालत का रुख किया जा सकता है।

अनुबंध में फोर्स मेजर क्लॉज (FMC) की अनुपस्थिति की स्थिति में

  • यदि अनुबंध में फोर्स मेजर क्लॉज नहीं होता है, तो सामान्य कानून की कुछ सुरक्षाएं होती हैं जिसका उपयोग पार्टियों द्वारा किया जा सकता है।
  • उदाहरण के लिए, भारतीय अनुबंध अधिनियम, 1872 यह प्रावधान करता है कि यदि अनुबंध पर हस्ताक्षर किए जाने के बाद एक ऐसी घटना घटित हो जाये जिसे किसी पार्टी द्वारा रोकना असम्भव हो तो किया गया अनुबंध व्यर्थ हो जाता है।

फोर्स मेजर क्लॉज पर न्यायालय का दृष्टिकोण

  • कोर्ट के फैसलों नेस्थापित किया है कि अनुबंध के क्रियान्वयन में कठिनाई होने परनहीं, बल्कि असंभव की स्थिति में फोर्स मेजर को लागू किया जा सकता है।
  • यह ध्यान दिया जाता है कि अनुबंध के क्रियान्वयन की असंभवता का तर्क देने वाली पार्टी ने फोर्स मेजर के आह्वान से पहले अपनी देनदारियों को पूरा करने के लिए अन्य सभी तरीकों की कोशिश की है या नहीं।
  • अदालत इस तरह की बारीकियों पर गौर करेगी कि क्या स्थानीय स्तर पर लागू की गयी तालाबंदी अनुबंध के क्रियान्वयन को रोकती है।
  • अदालत इस बात पर भी गौर करेगी कि वास्तव में अनुबंध कोफोर्स मेजर की सूची में सूचीबद्ध होने के लिए उद्धृत परिस्थिति कितनी अप्रत्याशित है।
  • अप्रैल, 2020 में, बॉम्बे उच्च न्यायालयने एक मामले में फोर्स मेजर को स्वीकार नहीं किया जिसमें याचिकाकर्ता ने तर्क दिया था कि कोविड -19 के कारण हुई तालाबंदी ने स्टील की आपूर्ति के लिए एक अनुबंध को बुरी तरह प्रभावित किया।

व्यवसायों के लिए फोर्स मेजर क्लॉज (FMC) का महत्व

  • फोर्स मेजर क्लॉज आमतौर पर विभिन्न अनुबंधों में पाया जा सकता है जैसे बिजली खरीद समझौते, आपूर्ति अनुबंध, विनिर्माण अनुबंध, वितरण समझौते, परियोजना वित्त समझौते, रियल एस्टेट के निर्माणकर्ताओं और घर खरीदारों के बीच समझौते, आदि।
  • यह पार्टियों को उस अवधि के दौरान अनुबंध और परिणामी देनदारियों के तहत किये गए दायित्वों को पूरा करने से रोकता है। उपरोक्त अनुबंधों की शर्तें पूरी होनेके बाद ही फोर्स मेजर क्लॉज लागू कियाजाता है।

FMC को आमंत्रित करने के वैश्विक उदाहरण

  • चीन में, जहां कोविड -19 प्रकोप की उत्पत्ति हुई, काउंसिल फॉर प्रमोशन ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड ने व्यवसायों को फोर्स मेजर प्रमाण पत्र ज़ारी किया है।
  • इसके अलावा, इसने 2002 SARS के प्रकोपको एक फोर्स मेजर घटना के रूप में मान्यता दी थी।
  • सिंगापुर ने अप्रैल, 2020 में कोविड -19 (अस्थायी उपाय) अधिनियम बनाया, ताकि उन व्यवसायों को राहत मिल सके जो महामारी के कारण अपने संविदात्मक दायित्वों को नहीं निभा सकते हैं।
  • जुलाई, 2020 में पेरिस वाणिज्यिक न्यायालय ने फैसला सुनाया कि महामारी को फोर्स मेजर घटना के बराबर किया जा सकता है।

फोर्स मेजर (FMC) पर आचार संहिता

  • इंटरनेशनल चैंबर ऑफ कॉमर्स ने मौजूदा अंतर्राष्ट्रीय अभ्यास को ध्यान में रखते हुए फोर्स मेजर क्लॉज पर एक आचार संहिताविकसित किया है।
  • इसमें कहा गया है कि फोर्स मेजर क्लॉज के संचालन की गति में अवरोध का नियंत्रण पार्टीसे परे होना चाहिए और अनुबंध के समापन के समय फोर्स मेजर क्लॉज यथोचित पूर्वानुमानित नहीं हो सकता है तथा अवरोध के प्रभाव को यथोचित रूप से टाला या दूर नहीं किया जा सकता है

पीआईबी न्यूज आर्थिक

राज्य व्यापार सुधार कार्य योजना रैंकिंग 2019


केन्द्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने 5 सितंबर, 2020 को कारोबारी सुगमता के आधार पर राज्यों की रैंकिंग के चौथे संस्करण ‘राज्य व्यापार सुधार कार्य योजना रैंकिंग 2019’ की घोषणा की।

महत्वपूर्ण तथ्य: कारोबार में सुगमता राज्यों में समग्र कारोबारी माहौल में सुधार के लिए 'उद्योग संवर्द्धन और आंतरिक व्यापार विभाग' (DPIIT) और विश्व बैंक की एक संयुक्त पहल है।

  • कार्य योजना 2018-19 में करोबार की स्थितियां बेहतर बनाने के लिए 180 मुख्य मानक तय किए गए, जिनमें 12 व्यावसायिक विनियामक क्षेत्र जैसे कि सूचना तक पहुंच, एकल खिड़की प्रणाली, श्रम और पर्यावरण आदि शामिल हैं।
  • रैंकिंग के तहत शीर्ष दस राज्य हैं- 1- आंध्र प्रदेश, 2- उत्तर प्रदेश, 3- तेलंगाना, 4- मध्य प्रदेश, 5-झारखंड, 6- छत्तीसगढ़, 7- हिमाचल प्रदेश, 8- राजस्थान, 9- पश्चिम बंगाल, 10- गुजरात।
  • उत्तर भारत से उत्तर प्रदेश, दक्षिण भारत से आंध्र प्रदेश, पूर्वी भारत से झारखंड, पश्चिम भारत से मध्य प्रदेश और पूर्वोत्तर भारत से असम ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। केंद्र शासित प्रदेशों में दिल्ली 12वें स्थान के साथ शीर्ष पर है।
  • व्यापार सुधार कार्य योजना के आधार पर राज्यों की रैंकिंग तय करने का काम 2015 में शुरू किया गया था। अबतक राज्यों की इस आधार पर रैंकिंग की सूची वर्ष 2015, 2016 और 2017-18 में जारी की गई थी।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

भारत और रूस के बीच नौसैनिक अभ्यास ‘इन्द्र नेवी-2020’


4-5 सितंबर, 2020 को भारत और रूस के बीच 11वां द्विवार्षिक संयुक्त नौसैनिक अभ्यास ‘इन्द्र नेवी- 2020’ बंगाल की खाड़ी में किया गया।

उद्देश्य: अंतर-क्षमता और दोनों नौसेनाओं द्वारा अपनाई जाने वाली सर्वोत्तम प्रथाओं के बारे में आपसी समझ को बढ़ाना तथा उनमें सुधार लाना।

  • इस संयुक्त नौसैनिक अभ्यास की शुरुआत 2003 में हुई थी।
  • संयुक्त अभ्यास में भारतीय नौसेना का प्रतिनिधित्व निर्देशित मिसाइल विध्वंसक ‘रणविजय’, स्वदेशी फ्रिगेट ‘सह्याद्री और फ्लीट टैंकर ‘शक्ति’ ने किया।
  • फ्रिगेट सह्याद्री को वर्तमान में ‘एमटी न्यू डायमंड’ (MT New Diamond) को सहायता प्रदान करने के काम पर लगाया गया है। एमटी न्यू डायमंड में श्रीलंका के तट पर आग लग गई थी।
  • रूसी संघ की नौसेना का प्रति​निधित्व विध्वंसक ‘एडमिरल विनोग्रादोव’, विध्वंसक ‘एडमिरल ट्रिब्यूट्स’ और फ्लीट टैंकर ‘बोरिस बुटोमा’ द्वारा किया गया।
  • अभ्यास में जमीन और हवा में विमान रोधी मारक क्षमता का अभ्यास, गोले दागे जाने का अभ्यास, हेलीकॉप्टर संचालन, जहाजों पर तैनात कर्मियों के लिए काम करने के नए तौर तरीके इजाद करना आदि शामिल थे।
  • इससे पूर्व यह अभ्यास विशाखापत्तनम में दिसंबर 2018 में आयोजित किया गया था।

पीआईबी न्यूज अंतरराष्ट्रीय

जी-20 सदस्य देशों के शिक्षा मंत्रियों की वर्चुअल बैठक


5 सितंबर, 2020 को जी-20 सदस्य देशों के शिक्षा मंत्रियों की वर्चुअल बैठक आयोजित की गई।

  • बैठक में ‘शिक्षा निरंतरता’, ‘आरंभिक बाल्यावस्था शिक्षा’ एवं ‘शिक्षा में अंतरराष्ट्रीयकरण’ के क्षेत्रों में एक साथ मिल कर काम करने का संकल्प किया गया।
  • शिक्षा मंत्रियों ने बैठक में एक शासकीय सूचना को अंगीकार किया, जो संकट के समय में शिक्षा की निरंतरता सुनिश्चित करने के संबंध में शासकीय सूचना दूरस्थ और मिश्रित शिक्षण एवं अध्ययन के महत्व को स्वीकार करती है।

 

सामयिक खबरें राष्ट्रीय

असम राइफल्स पर दोहरे नियंत्रण का मामला


5 सितंबर, 2020 को दिल्ली उच्च न्यायालय ने असम राइफल्स के लिए दोहरी नियंत्रण संरचना को भंग करने या बनाए रखने के बारे में निर्णय लेने के लिए केंद्र सरकार को 12 सप्ताह का समय दिया है।

महत्वपूर्ण तथ्य: असम राइफल्स गृह मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत छह केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) में से एक है। अन्य बलों में सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, सीआईएसएफ और सशस्त्र सीमा बल (SSB) शामिल हैं।

  • यह भारतीय सेना के साथ उत्तर पूर्व में कानून और व्यवस्था बनाए रखने के साथ इस क्षेत्र में भारत-म्यांमार सीमा की रक्षा भी करता है।
  • यह एक दोहरी नियंत्रण संरचना वाला एकमात्र अर्धसैनिक बल है। बल का प्रशासनिक नियंत्रण गृह मंत्रालय के पास है, जबकि इसका परिचालन नियंत्रण भारतीय सेना के पास है, जो कि रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत है।
  • असम राइफल्स के लिए वेतन और बुनियादी ढांचा गृह मंत्रालय द्वारा प्रदान किया जाता है, लेकिन कर्मियों की तैनाती, पोस्टिंग, स्थानांतरण और प्रतिनियुक्ति का निर्णय सेना द्वारा किया जाता है। बल की कमान भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट जनरल के पास है।
  • गृह मंत्रालय ने तर्क दिया है कि सभी सीमा रक्षक बल मंत्रालय के परिचालन नियंत्रण में हैं और इसलिए गृह मंत्रालय के तहत आने वाली असम राइफल्स सीमा की सुरक्षा को व्यापक और एकीकृत दृष्टिकोण प्रदान करेगी।
  • असम राइफल्स की स्थापना 1835 में की गई थी।

सामयिक खबरें अंतर्राष्ट्रीय

त्रिपुरा तक शुरू हुआ भारत-बांग्लादेश अंतरदेशीय जलमार्ग


त्रिपुरा और बांग्लादेश के बीच 93 किमी. लंबे सोनामुरा-दाउकांडी अंतरदेशीय जलमार्ग की औपचारिक शुरुआत हो गई। एक बांग्लादेशी पोत दाउकांडी से 55 टन सीमेंट लेकर गोमती (गुमती) नदी के माध्यम से 5 सितंबर, 2020 को त्रिपुरा के सोनामुरा पहुंचा।

महत्वपूर्ण तथ्य: भारत में अगरतला से लगभग 60 किमी. दूर, सिपाहीजला जिले में सोनामुरा और बांग्लादेश में चटगांव की दाउकांडी को जोड़ने वाला मार्ग भारत-बांग्लादेश प्रोटोकॉल (आईबीपी) मार्गों की सूची में शामिल किया गया था।

  • 4 जुलाई को भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय अंतरदेशीय जलमार्ग संपर्क परियोजना के हिस्से के रूप में गोमती नदी पर एक अस्थायी तैरता सेतु (jetty) बनाया गया था।
  • 1972 से भारत और बांग्‍लादेश के बीच अंतर-देशीय जलमार्ग से व्‍यापार का प्रोटोकॉल कायम है। इसके तहत दोनों देशों के बीच, विशेष रूप से पूर्वोत्‍तर भारत से आपसी व्‍यापार को बढावा मिला है।
  • 2019-20 में विभिन्‍न मार्गों से भारत और बांग्‍लादेश के बीच लगभग 30 लाख 50 हजार मीट्रिक टन माल का आदान-प्रदान हुआ।
  • गोमती नदी त्रिपुरा की सबसे विशाल और सबसे लंबी नदी है, जिसकी भारत- बांग्लादेश की सीमा तक कुल लंबाई 167.4 किमी. है।

सामयिक खबरें अंतर्राष्ट्रीय

जर्मनी ने लॉन्च की हिन्द-प्रशांत रणनीति


यूरोपीय संघ के वर्तमान अध्यक्ष जर्मनी ने 2 सितंबर, 2020 को भारत के साथ अपनी हिन्द-प्रशांत रणनीति लॉन्च की।

महत्वपूर्ण तथ्य: व्‍यापार मार्गों को आक्रामक चीन से सुरक्षित रखने के लिए यह कदम उठाया गया है।

  • फ्रांस के बाद हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए औपचारिक रणनीति तय करने वाला जर्मनी दूसरा देश बन गया है।
  • रणनीति ने उन संस्थानों के साथ संवाद शुरू करने का सुझाव दिया, जहां भारत एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है- जैसे बिम्सटेक और हिंद महासागर रिम एसोसिएशन।
  • यह इस क्षेत्र में व्यापार और समुद्री सुरक्षा के क्षेत्रों के साथ ही साथ आपदा जोखिम प्रबंधन में कार्य करेगा।
  • जर्मनी हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भागीदारों के साथ मिलकर नियम-आधारित व्यवस्था बनाए रखने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा सुधारों के लिए भारत और जापान के साथ सहयोग करेगा।

हिन्द-प्रशांत रणनीति लॉन्च करने का कारण: विश्व के 90% से अधिक विदेशी व्यापार समुद्र द्वारा संचालित किए जाते हैं, जिसका एक बड़ा हिस्सा हिंद महासागर और प्रशांत महासागर के माध्यम से होता है। विश्व का 25% समुद्री व्यापार मलक्का जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है।

  • हिंद महासागर और दक्षिण चीन सागर के बीच प्रति दिन 2000 से अधिक जहाजों का परिवहन होता है। इन समुद्री व्यापार मार्गों में व्यवधान यूरोप से और यूरोप तक आपूर्ति श्रृंखलाओं को प्रभावित करेगा।
  • जर्मनी में लाखों नौकरियां इन व्यापार और निवेश संबंधों पर निर्भर करती हैं।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप चर्चित व्यक्ति

नूर इनायत खान के सम्मान में 'ब्लू पट्टिका' की घोषणा


28 अगस्त, 2020 को द्वितीय विश्व युद्ध की जासूस रही नूर इनायत खान भारतीय मूल की पहली महिला हैं, जिनके सम्मान में 'ब्लू पट्टिका' (Blue Plaque) की घोषणा की गई है।

  • अंग्रेजी विरासत के गौरव का प्रतीक, पट्टिका को टाविटोन स्ट्रीट, ब्लूम्सबरी, लंदन में उस घर पर रखा गया है, जहां इनायत कभी रहा करती थी।
  • 1944 में मात्र 30 वर्ष की आयु में इनायत की गोली लगने के कारण मौत हो गई थी। इनायत यूरोप में ब्रिटेन की पहली मुस्लिम युद्ध नायिका थीं और उन्हें 1949 में मरणोपरांत जॉर्ज क्रॉस से सम्मानित किया गया था।
  • वर्तमान में, नीली पट्टिका योजना चैरिटी संगठन 'इंगलिश हैरिटेज’ द्वारा चलाई जा रही है।
  • ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण इमारतों पर स्मारक पट्टिका रखने का विचार पहली बार 1863 में आया था। इसका उद्देश्य उन महत्वपूर्ण लोगों और संगठनों को सम्मानित करना था, जो लंदन की इमारतों में रहते थे या काम करते थे।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप निधन

केशवानंद भारती का निधन


संविधान के 'मूल संरचना सिद्धांत' को निर्धारित करने वाले ऐतिहासिक फैसले के प्रमुख याचिकाकर्ता रहे केशवानंद भारती का 6 सितंबर, 2020 को केरल के कासरगोड जिले में स्थित इडनीर आश्रम (हिंदू मठ) में निधन हो गया है। वे 79 वर्ष के थे।

  • 24 अप्रैल,1973 को सुप्रीम कोर्ट ने 'केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य' मामले में एक ऐतिहासिक निर्णय सुनाया था, जिसके अनुसार संविधान के मूल ढांचे को बदला नहीं जा सकता।
  • हालांकि अदालत ने मूल संरचना को परिभाषित नहीं किया। इसने केवल कुछ सिद्धांतों को सूचीबद्ध किया - उनमें से, संघवाद, पंथ-निरपेक्षता, और लोकतंत्र प्रमुख हैं।
  • वर्तमान में 'मूल संरचना' की व्याख्या में संविधान की सर्वोच्चता, कानून का शासन, न्यायपालिका की स्वतंत्रता, शक्तियों के पृथक्करण का सिद्धांत, संघवाद, पंथ-निरपेक्षता, संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य, सरकार की संसदीय प्रणाली, निष्पक्ष चुनाव सिद्धांत शामिल हैं।
  • मामले की सुनवाई 68 दिनों तक चली और मुख्य न्यायाधीश एस. एम. सिकरी की अध्यक्षता वाली 13 जजों की बेंच ने 7-6 के बहुमत से यह फैसला दिया था।

सामयिक खबरें राष्ट्रीय पर्यावरण प्रदूषण, गिरावट और जलवायु परिवर्तन

संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों ने पर्यावरण प्रभाव आकलन की अधिसूचना पर चिंता ज़ाहिर की


  • हाल ही में, संयुक्त राष्ट्र के एक विशेष प्रतिवेदक समूह ने प्रस्तावित पर्यावरण प्रभाव आकलन (EIA) अधिसूचना-2020 पर चिंता व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार से प्रश्न किया है।
  • पश्न यह है कि अधिसूचना के प्रावधान भारत के "अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत दायित्वों" के अनुरूप कैसे है?इस पर सरकार से प्रतिक्रिया मांगी गई है।

संयुक्त राष्ट्र के विशेष प्रतिवेदकों द्वारा उठाई गई महत्वपूर्ण चिंताएं

  • संयुक्त राष्ट्र के विशेष प्रतिवेदकों द्वारा उठाई गई चिंताओं में से एक यह है कि अधिसूचना के खण्ड 14 (2) और 26 के तहत,पर्यावरण प्रभाव मूल्यांकन प्रक्रिया के हिस्से के रूप में बड़े उद्योगों जैसे रासायनिक उत्पादन और पेट्रोलियम व्यापार, निर्माण, राष्ट्रव्यापी राजमार्गों के चौड़ीकरण आदि के लिएसार्वजनिक परामर्श से छूट प्रदान की गयी है।
  • जून, 2020 में असम के डिब्रूगढ़ में तेल गैस का विस्फोट और12 मई, 2020 को विशाखापट्टनम में (LG पॉलिमर) रासायनिक संयंत्र से एक गंभीर और ख़तरनाक गैस रिसाव को लेकर प्रतिवेदकों ने तर्क दिया कि दी गयी छूट अनपेक्षित थी।
  • अधिसूचना में ‘सामरिककारोबार को शामिल किया गया है’, अब केंद्रीय अधिकारियों द्वारा वर्गीकृत किए गए कार्योंके डेटा के प्रकाशन या सार्वजनिक करनेकी आवश्यकता नहीं होती है।
  • "पोस्ट-फैक्टो क्लीयरेंस" का अनुच्छेदभी चिंताजनक है।यहपर्यावरणीय अनुमति या अनुमति प्राप्त किए बिना परियोजनाओं को शुरू करने में मदद करता है।
  • कुल मिलाकर, यह विनियमन के पर्यावरणीय नियम से जुड़े मौलिक विचारों का खंडन करता है।यहएक सुरक्षित, स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण के लिए लोगों के अधिकारों को बाधित किया है।

चिंता को लेकर भारत सरकार की प्रतिक्रिया

  • सरकार ने कहा कि प्रस्तावित पर्यावरण प्रभाव आकलन- 2020 में संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकारों की घोषणा का उल्लंघन नहीं किया गया औरसंयुक्त राष्ट्र केप्रतिवेदकों की चिंताएं ग़लत हैं।
  • प्रस्तावित पर्यावरण प्रभाव आकलन (EIA) अभी भी एक मसौदा है और इसे सार्वजनिक परामर्श के लिए ज़ारी किया गया था। मौजूदा पर्यावरण प्रभाव आकलन (EIA) में कई खामियां थीं जिन्हें नए अधिसूचना में संशोधित किया जाना था।
  • पोस्ट-फैक्टो क्लीयरेंस के संबंध में, पूर्व अनुमोदन नहीं लेने का अपराध करने वालों को कानून के अनुसार दंडित किया जाएगा औरकेवल योग्यता के आधार परपहले से चल रही परियोजनाओंपर विचार किया जाएगा।

संयुक्त राष्ट्र के विशेष प्रतिवेदक

  • ये संयुक्त राष्ट्र की ओर से काम करने वाले स्वतंत्र विशेषज्ञहैं।
  • मानवाधिकार परिषद द्वारा अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून और मानकोंके आलोक में राय और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा और बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रतिवेदकों का अधिदेश बनाया गया था।

पर्यावरणीय प्रभाव आकलन (EIA)–2020 पर हंगामा

  • पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा प्रस्तावित मसौदा, पर्यावरणीय प्रभाव आकलन (EIA) - 2020 को भारी विरोध का सामना करना पड़ा है।

पर्यावरण प्रभाव आकलन (EIA) - 2020 मसौदे केविवादास्पद अनुच्छेद

  • परियोजनाओं का पुन: वर्गीकरण:यहश्रेणी A से लेकर श्रेणी B2 तक की विभिन्न बीमारियों औरथोक दवाओं के उत्पादन से संबंधित सभी परियोजनाओं और गतिविधियों को फिर से वर्गीकृत करता है। यह पुनः वर्गीकरण पर्यावरण को गंभीर रूप से प्रभावित करेगा, क्योंकि वर्गीकरण बिना किसी निगरानी के किया जाएगा।
  • पोस्ट-फैक्टो स्वीकृति:नया मसौदा परियोजनाओं के लिए पोस्ट-फैक्टो अनुमोदन के लिए अनुमति देता है। इसका मतलब है कि यदि किसी परियोजना का निर्माण कार्य की शुरुआत हो गयी है या किसी स्तर तक निर्माण हो चुका हो तो पर्यावरणीय अनुमति हासिल किए बिनापरियोजनाके लिए मंजूरी दी जा सकती है।इसका तात्पर्य यह है कि पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 (EPA) का उल्लंघन करने वाली परियोजनाएं भी मंजूरी प्राप्त कर सकती हैं।
  • सार्वजनिक भागीदारी को कम करना:नए पर्यावरण प्रभाव आकलन (EIA) के कई प्रावधान सार्वजनिक भागीदारी के मूल सिद्धांतों को भी खतरे में डालती हैं।सार्वजनिक परामर्श की अवधि 30 दिन से घटाकर 20 दिन कर दी गई है।आमतौर पर विकास परियोजनाओं से प्रभावित कमजोर आबादी के सामाजिक-राजनीतिक संदर्भ को ध्यान में रखते हुए,यह कटौती वस्तुतः लोगों के कुछ समूहों को परामर्श से बाहर कर सकती है।
  • सामरिक परियोजनाओं की छूट:“सामरिक परियोजनाओं” की एकश्रेणी की शुरुआतकी गयी है,जो रक्षा परियोजनाओं के साथ जुड़ी हुई है,यहभी चिंता का कारण है। उन्हें सार्वजनिक परामर्शऔर जानकारी को सार्वजनिक करने की आवश्यकता नहीं है। यह अत्यधिक शासनात्मक विवेक की ओर इशारा करता है।
  • अनुपालन प्रतिवेदन में समस्या:2006 पर्यावरण प्रभाव आकलन (EIA) को यह आवश्यक था कि परियोजना प्रस्तावक हर छह महीने में एक रिपोर्ट प्रस्तुत करे, जिसमें दिखाया गया हो कि वे अपनी गतिविधियों को उन शर्तों के अनुसार चला रहे हैं जिन पर अनुमति दी गई है। हालाँकि, नए मसौदे में संस्थापक को हर साल केवल एक बार रिपोर्ट प्रस्तुत करने की आवश्यकता होती है।रिपोर्टिंग समय में वृद्धि के कारण,इस अवधि के दौरानपरियोजना के कुछ अपरिवर्तनीय पर्यावरणीय, सामाजिक या स्वास्थ्य परिणामों पर किसी का ध्यान नहीं जा सकता है।
  • 150,000 वर्ग मीटर तकपरियोजनाओं के निर्माण की छूट:यह150,000 वर्ग मीटर तक के क्षेत्र में परियोजनाओंके निर्माण की छूट देता है। अबराज्य स्तरीय विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति द्वारा जांच के बाद इन परियोजनाओं को पर्यावरण मंजूरी मिल सकती है। इससे पहले20,000 वर्ग मीटर तक परियोजनाओं के निर्माण के लिए छूट दी गई थी।

महत्वपूर्ण विश्लेषण

  • यद्यपिपर्यावरण प्रभाव आकलन (EIA) प्रक्रिया,पर्यावरण की सुरक्षा के लिए स्थापितकरना हैलेकिन येपर्यावरण के कर्मठ कार्यकर्ताओं से उलझते हैं और अक्सर उद्योगपतियों द्वारा मलाई खाने के चक्कर में कानूनी कागजी कार्रवाई ठीक विपरीत करतें है, जो पर्यावरण के प्रतिकूल है।
  • उदाहरण के लिए, पर्यावरण पर परियोजना की संभावित (हानिकारक) प्रभावों पर रिपोर्ट– इसमें पर्यावरण प्रभाव आकलन (EIA) प्रक्रिया का आधार एकदम घटिया था और इसके लिए पैसे लेकर रिपोर्ट तैयार करने वाली सलाहकार एजेंसियों को शायद ही कभी जवाबदेह ठहराया गया है।
  • अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक क्षमता का अभाव,इस प्रक्रिया में निकासी की शर्तों की लंबी सूचियों को अर्थहीन बना देतीहैं।
  • दूसरी ओर, उद्योगों की शिकायत है कि पर्यावरण प्रभाव आकलन (EIA) प्रशासन ने उदारीकरण की भावना को कम कर दिया है,जिससे लालफीताशाही बढ़ जाती है। UPA-II के दौरान प्रोजेक्ट क्लीयरेंसनियम में देरी, 2014 में एक चुनावी मुद्दा बन गया था।तब तत्कालीन प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए दावा किया कि पर्यावरण मंत्रालय में फाइलें तब तक आगे नहीं बढ़तीजब तक कि "जयंती कर" का भुगतान नहीं किया जाता।
  • 2020 का मसौदा राजनीतिक और नौकरशाही पर केंद्रित पर्यावरण प्रभाव आकलन (EIA) प्रक्रिया मेंकोई सुधार नहीं करता है।इसके बजाय, यह पर्यावरण की सुरक्षा में सार्वजनिक सहभागिता को सीमित करते हुए सरकार की विवेकाधीन शक्ति को बढ़ाने का प्रस्ताव करता है।
  • पर्यावरण विनियमन पर सरकार की कार्रवाइयाँ बताती हैं कि पर्यावरण प्रभाव आकलन (EIA),ईज़ ऑफ़ डूइंग बिजनेसको एक बाधा मानता है।

निष्कर्ष

  • भारत, 1992 में पर्यावरण और विकास पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (UNCED) द्वारा अपनाई गई रियो घोषणा का एक अंग है,जिसमें सतत विकास, एहतियाती सिद्धांत और पर्यावरण प्रभाव आकलन (EIA) सहित पर्यावरणीय सिद्धांतों की एक सूची शामिल है।
  • भारत जैव विविधता पर सम्मेलन (CBD) और जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क (UNFCCC) के लिए भी अंग है,जिसमें पर्यावरण के लिए महत्वपूर्ण खतरा होने वाली स्थितियों में एक अग्रिम पर्यावरण प्रभाव आकलन (EIA)की आवश्यकता होती है
  • पर्यावरण प्रभाव आकलन (EIA) प्रक्रिया को कमजोर करना अनिवार्य रूप से अलोकतांत्रिक है।जहां स्थानीय वातावरण में भूकंपीय बदलाव से आजीविका को खतरा हो सकता है, घाटी में बाढ़ आ सकती है या जंगल नष्ट हो सकते हैं, ऐसे में प्रभावित समुदायों के लिए, सार्वजनिक परामर्श अस्तित्व संबंधी खतरों पर एक जनमत संग्रह है।
  • पर्यावरण मंत्रालय को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि अंतिम पर्यावरण प्रभाव आकलन (EIA)मसौदा पर्यावरण, विकास और स्थानीय समुदायों के बीच के जटिल संबंधों के साथ न्याय करता हो, जिससे सार्वजनिक परामर्श प्रक्रिया उजागर हो सके।
  • पर्यावरण प्रभाव आकलन (EIA)में पर्यावरण मानकों के गिरावट का मूल्यांकन राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर संचालित मजबूत पर्यावरण सिद्धांतों की पृष्ठभूमि में किया जाना चाहिए।
  • इसके अलावा,पेरिस समझौते की प्रक्रिया के तहत भारत की प्रतिबद्धताओं के मद्देनज़र दीर्घकालिक रूप से बंदकार्बन-सघन अवसंरचनाकीदोबारा जाँच करने के बाद निर्णय लिया जाना चाहिए।
  • पर्यावरण मंत्रालय को अपनी भूमिका के बारे में स्पष्ट करने की आवश्यकता है - इसका शासनादेशएक नियामक ढांचा बनाना और बनाए रखना है जो हमारे प्राकृतिक संसाधनों की लूट को रोकता हो,न कि पर्यावरणीय तबाही की गति को सक्रिय रूप से तेज करना है।
  • जैसा कि भारत एक अत्यधिक संवेदनशील देश है,यह सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए कि नियामक अनुमोदन देश के कुछ हिस्सों को अधिक संवेदनशील या समुदायों की अनुकूली क्षमताओं पर प्रतिकूल प्रभाव न डालें।

पर्यावरण प्रभाव आकलन (EIA)

  • यह एक प्रस्तावित परियोजना या विकास के संभावित पर्यावरणीय प्रभावों का मूल्यांकन करने की एक प्रक्रिया है,जो अंतर-संबंधित सामाजिक-आर्थिक, सांस्कृतिक और मानव-स्वास्थ्य प्रभावों को ध्यान में रखते हुए लाभकारी और प्रतिकूल दोनों है।
  • यह प्रस्तावित गतिविधि / परियोजना को उचित निरीक्षण के बिना अनुमोदित (प्रतिकूल परिणामों को ध्यान में रखते हुए) होने से रोकता है
  • संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP),पर्यावरण प्रभाव आकलन (EIA) को एक तंत्र के रूप में परिभाषित करता हैजिसका उपयोगएक परियोजना शुरू करने के निर्णय लेने से पहले उससे पड़ने वाले पर्यावरणीय, सामाजिक और आर्थिक प्रभावों की पहचान करने के लिए किया जाता है।
  • इसका उद्देश्य किसी परियोजना की योजना और डिजाइन के प्रारंभिक चरण में पर्यावरणीय प्रभावों की भविष्यवाणी करना है,प्रतिकूल प्रभावों को कम करने के तरीके और साधन खोजना, स्थानीय पर्यावरण के अनुरूप परियोजनाओं को आकार देना तथा अंतिम निर्णय लेने वाली संस्थाओं के लिए भविष्यवाणियों और विकल्पों को प्रस्तुत करना है।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

राष्ट्रीय जनजातीय अनुसंधान सम्मेलन


3-4 सितंबर, 2020 को जनजातीय कार्य मंत्रालय तथा भारतीय लोक प्रशासन संस्थान (आईआईपीए), नई दिल्ली द्वारा राष्ट्रीय जनजातीय अनुसंधान सम्मेलन आयोजित किया गया।

  • केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा ने राष्ट्रीय जनजातीय अनुसंधान सम्मेलन का उद्घाटन किया।
  • सम्मेलन में राष्ट्रीय जनजाति अनुसंधान संस्थान (एनआईटीआर) की स्थापना के लिए जनजातीय कार्य मंत्रालय और भारतीय लोक प्रशासन संस्थान के बीच एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।
  • प्रस्तावित राष्ट्रीय संस्थान अगले कुछ महीनों में काम करना शुरू करेगा और देश भर के प्रतिष्ठित सरकारी तथा गैर- सरकारी एनजीओ के साथ मिलकर गुणवत्तापूर्ण जनजातीय अनुसंधान करेगा।

पीआईबी न्यूज अंतरराष्ट्रीय

पांचवीं ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की बैठक


केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन राज्य मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने 3 सितंबर, 2020 को रूस की अध्यक्षता में वर्चुअल रूप से आयोजितपांचवीं ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लिया।

  • ब्रिक्स के भीतर ‘संयुक्त सांस्कृतिक ऑनलाइन परियोजनाओं’ के संभावित कार्यान्वयन की समीक्षा की गई।

भारत द्वारा प्रस्तावित कुछ सुझाव/कार्यक्रम: ‘ब्रिक्स एलायंस ऑफ म्यूजियम्स’ (BRICS Alliance of Museums) के तत्वाधान में 2021 के आखिर में साझा विषय वस्तुओं पर एक डिजिटल ऑनलाइन प्रदर्शनी की मेजबानी करने की संभावनाओं की खोज करना।

  • ब्रिक्स एलायंस ऑफ लाइब्रेरीज’ (BRICS Alliance of Libraries) के तत्वाधान में 2021 में भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान ब्रिक्स कॉर्नर खोला जाना। यह कॉर्नर ब्रिक्स देशों के इतिहास एवं संस्कृति से संबंधित सूचना प्रसारित करेगा।
  • राष्ट्रीय आधुनिक कला दीर्घा, नई दिल्ली ‘ब्रिक्स एलायंस ऑफ म्यूजियम्स एंड गैलरीज’ के तत्वाधान में ‘बॉंडिंग रीजंस एंड इमेजिनिंग कल्चरल सिनर्जीज’ (Bonding Regions & Imagining Cultural Synergies) शीर्षक की ब्रिक्स संयुक्त प्रदर्शनी की मेजबानी करेगा।
  • ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की पांचवीं बैठक के ‘बैठक घोषणापत्र’ पर सहमति जताई गई और इस पर ब्रिक्स देशों के सभी प्रतिनिधियों ने हस्ताक्षर किए।

सामयिक खबरें राष्ट्रीय

आत्महत्या करने वालों में एक चौथाई दैनिक वेतनभोगी: एनसीआरबी


सितंबर 2020 में केंद्रीय गृह मंत्रालय के राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) द्वारा भारत में आकस्मिक मृत्यु और आत्महत्या 2019’ रिपोर्ट जारी की गई।

महत्वपूर्ण तथ्य: 2018 की तुलना में 3.4% की वृद्धि के साथ 2019 में भारत में 1, 39,123 आत्महत्याओं की सूचना दर्ज की गई। 2018 में 1,34,516 आत्महत्याओं की सूचना दर्ज की गई थी।

  • दैनिक वेतनभोगी या दिहाड़ी मजदूरों के वर्ग ने सबसे अधिक (23.4%) आत्महत्या की है। इनकी कुल संख्या 32,559 है।
  • 2019 में कुल 97,613 पुरुषों ने आत्महत्या की। इनमें सबसे अधिक 29,092 दैनिक वेतनभोगी श्रेणी से थे। जबकि 2019 में 41,493 महिलाओं ने आत्महत्या की। इनमें सबसे अधिक (21,359) गृहणियां थी, जबकि इसके बाद दूसरे नंबर पर छात्राएं रहीं।
  • 2019 में, देश में खेती से जुड़े 10,281 लोगों ने आत्महत्या की। इनमें से 5,957 किसान हैं, जबकि 4,324 खेतिहर मजदूर थे। इस श्रेणी में भारत की सभी आत्महत्याओं का 7.4% हिस्सा है।
  • महाराष्ट्र, यहां इस बार भी सबसे अधिक खेती से जुड़ी 38.2% आत्महत्याएं दर्ज की गई। इसके बाद कर्नाटक में 19.4%, आंध्र प्रदेश में 10% और मध्य प्रदेश में 5.4% खेती से जुड़ी आत्महत्याएं दर्ज की गई।
  • 2018 के मुकाबले 2019 में आत्महत्या में वृद्धि दर्ज करने वाले राज्यों और केंद्र -शासित प्रदेशों में बिहार (44.7%), पंजाब (37.5%), दमन और दीव (31.4%), झारखंड (25.0%), उत्तराखंड (22.6%) और आंध्र प्रदेश (21.5%) हैं।
  • आत्महत्या करने वालों में सर्वाधिक (23.3%) मैट्रिक स्तर तक शिक्षित थे, जबकि केवल 3.7% ही स्नातक थे।

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भारत के पूर्व राजदूत कात्यायनी शंकर बाजपेयी का निधन


संयुक्त राज्य अमेरिका, चीन और पाकिस्तान में भारत के राजदूत रहे कात्यायनी शंकर बाजपेयी का 30 अगस्त, 2020 को निधन हो गया। वे 92 वर्ष के थे।

  • बाजपेयी 1952 में भारतीय विदेश सेवा (IFS) में शामिल हुए थे। 1986 में सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त होने के बाद, वे 1987-88 में कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय और 1989-92 कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, बर्कले में विजिटिंग प्रोफेसर भी रहे।
  • उन्होंने 2008 से 2010 तक राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया।

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नाबार्ड ने लॉन्च किया ऋण गारंटी उत्पाद


अगस्त 2020 में राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) ने कोविड-19 महामारी से प्रभावित ग्रामीण क्षेत्र में बिना किसी अड़चन के ऋण प्रवाह सुनिश्चित करने के लिये एक समर्पित ऋण गारंटी उत्पाद की शुरुआत की है।

  • यह उत्पाद एनबीएफसी- सूक्ष्म वित्त संस्थानों को वित्त एवं आंशिक गारंटी कार्यक्रम के अनुरूप तैयार किया गया है।
  • इसमें लघु एवं मध्यम आकार के सूक्ष्म वित्त संस्थानों (एमएफआई) को सामूहिक तौर पर दिये जाने वाले कर्ज पर आंशिक गारंटी उपलब्ध कराई जायेगी।
  • इसके लिए नाबार्ड ने विवृत्ति कैपिटल और उज्जीवन स्माल फाइनेंस बैंक के साथ इस महीने की शुरुआत में एक समझौते पर हस्ताक्षर किये हैं। शुरुआती चरण में इससे 2,500 करोड़ रुपये तक का वित्तपोषण होगा।

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एचएसबीसी इंडिया का 'ग्रीन डिपॉजिट कार्यक्रम'


एचएसबीसी इंडिया ने अगस्त 2020 में कॉर्पोरेट ग्राहकों के लिए हरित पहलों हेतु एक 'ग्रीन डिपॉजिट कार्यक्रम' शुरू किया है।

  • यह कार्यक्रम पर्यावरण-हितैषी परियोजनाओं का समर्थन करने के लिए कंपनियों को सक्षम करने के लिए अक्षय ऊर्जा, स्वच्छ परिवहन, प्रदूषण रोकथाम और नियंत्रण, हरित भवन, सतत जल प्रबंधन, अपशिष्ट जल प्रबंधन और अन्य जैसे पर्यावरण अनुकूल परियोजनाओं को वित्तपोषित करेगा।
  • एक उत्पाद के रूप में 'ग्रीन डिपॉजिट' सामान्य बैंक जमा के समान स्तर की सुरक्षा के साथ स्थिर तथा पूर्व-सहमत रिटर्न प्रदान करता है।

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स्पेशल फ्रन्टियर फोर्स


लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चीनी कब्जे को रोकने में 'स्पेशल फ्रन्टियर फोर्स' (एसएफएफ) इकाई जिसे ‘विकास बटालियन’ के रूप में भी जाना जाता है, ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

  • इसे 1962 के चीन-भारत युद्ध के तुरंत बाद स्थापित किया गया था। भारत में बसे तिब्बती शरणार्थियों (अब इसमें तिब्बतियों और गोरखाओं का मिश्रण है) को इसमें भर्ती किया जाता था। उन्हें शुरू में शत्रु इलाकों में गुप्त ऑपरेशन के लिए इंटेलिजेंस ब्यूरो, रॉ द्वारा प्रशिक्षित किया गया था।
  • शुरू में इसे 'इस्टेब्लिशमेंट 22' (Establishment 22) के नाम से जाना जाता था, क्योंकि इसे खड़ा करने की जिम्मेदारी 22-माउंटेन रेजिमेंट के मेजर जनरल सुजान सिंह उबन को सौंपी गई थी।
  • यह अब कैबिनेट सचिवालय के दायरे में आता है। इसका नेतृत्व एक महानिरीक्षक (Inspector General) करता है, जो मेजर जनरल रैंक का एक सैन्य अधिकारी होता है।
  • SFF इकाइयां सेना का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन वे सेना के संचालन नियंत्रण में कार्य करती हैं।
  • 1971 के युद्ध में चटगांव की पहाड़ियों को ‘ऑपरेशन ईगल’ के तहत सुरक्षित करने में, 1984 में ‘ऑपरेशन ब्लूस्टार’ और 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान ‘ऑपरेशन विजय’ में एसएफएफ की अहम भूमिका थी।

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मानसून सत्र में 'प्रश्नकाल' और 'शून्यकाल' प्रतिबंधित


  • हाल ही में, कोरोना महामारी के मद्देनजर, संसद ने सूचित किया है कि संसद के मानसून सत्र के दौरान कोई प्रश्नकाल नहीं होगा और दोनों सदनों में शून्यकाल प्रतिबंधित रहेगा।
  • विपक्षी सांसदों ने इस कदम की आलोचना करते हुए कहा कि इससे वे सरकार पर सवाल उठाने का अधिकार खो देंगे।

प्रश्नकाल

  • प्रश्नकाल, संसदीय प्रक्रिया नियमों में उल्लिखित नहीं है।
  • प्रश्नकाल के दौरान संसद सदस्य (सांसद) मंत्रियों से सवाल पूछते हैं और उन्हें अपने मंत्रालयों के कामकाज के लिए जवाबदेह ठहराते हैं अर्थात मंत्री, पूछे गए प्रश्नों के उत्तर देते हैं।
  • सांसद जो प्रश्न पूछते हैं, वो मंत्रालयों द्वारा की गयी उपयुक्त कार्रवाई की जानकारी प्राप्त करने और उसेसक्रियता प्रदान करने के लिए तैयार किये जाते हैं।
  • हालांकि, सवाल अन्य सदस्यों (सांसद जो मंत्री नहीं हैं) से भी पूछे जा सकते हैं।
  • आमतौर पर प्रश्नकाल एक संसदीय बैठक का पहला घंटा होता है।

विनियमन

  • संसद में प्रश्नकाल के दौरान हर पहलू से निपटने के लिए एक व्यापक नियम हैं।
  • दोनों सदनों के पीठासीन अधिकारी प्रश्नकाल के संचालन के संबंध में अंतिम प्राधिकारी होते हैं।

पूछे जाने वाले प्रश्नों के प्रकार

तारांकित प्रश्न

  • सदन के पटल पर ऐसे प्रश्नों का उत्तर मंत्री द्वारा मौखिक रूप में दिया जाता है अथवा जिन प्रश्नों पर अनुपूरक प्रश्न पूछे जाने की अनुमति होती है।
  • ये तारांकन द्वारा मुद्रित सूचियों (printed lists) में उत्कृष्ट हैं।
  • इन सवालों की सूची हरे रंग में छापी जाती है।

अतारांकित प्रश्न

  • ये ऐसे प्रश्न हैं जिनका उत्तर मंत्रियों द्वारा लिखित रूप में दिया जाता है, जिन्हें माना जाता है कि प्रश्नकाल के अंत में सदन के पटल पर रखा गया अथवा जिन प्रश्नों पर अनुपूरक प्रश्न पूछने का अवसर नहीं मिलता है।
  • इन सवालों की सूची सफेद रंग में छापी जाती है।

लघु सूचना प्रश्न

  • इस प्रकार के प्रश्नों को कम-से-कम 10 दिन का पूर्व नोटिस देकर पूछा जाता है, तथा प्रश्नों का उत्तर मंत्री द्वारा मौखिक रूप से दिया जाता है।
  • ये प्रश्न सभापति द्वारा जरूरी सार्वजनिक महत्व के विषय से संबंधित होना चाहिए।
  • इन सवालों की सूची हल्के गुलाबी रंग में छापी जाती है।

निजी सदस्यों को प्रश्न

  • इन प्रश्नों का उल्लेख लोकसभा में व्यापार की प्रक्रिया और आचरण के नियम - 40 के तहत किया गया है।
  • इस प्रकार के प्रश्न को एक निजी सदस्य से पूछा जा सकता हैयदि प्रश्न का विषय किसी विधेयक या प्रस्ताव से संबंधित है, जिसके लिए वह सदस्य जिम्मेदार है।
  • इन सवालों की सूची पीले रंग में छापी जाती है।

आवृत्ति

  • अब, सत्र के सभी दिनों में दोनों सदनों में प्रश्नकाल आयोजित किया जाता है। लेकिन दो दिन अपवाद स्वरूप होते हैं।
  • जिस दिन राष्ट्रपति सेंट्रल हॉल में दोनों सदनों के सांसदों को संबोधित करते हैं, उस दिन कोई प्रश्नकाल नहीं होता है।
  • साथ ही साथ जिस दिन वित्त मंत्री बजट पेश करते हैं उस दिन प्रश्नकाल निर्धारित नहीं होता है।

शून्यकाल

  • शून्यकाल एक भारतीय संसदीय नवाचार है। संसदीय प्रक्रिया नियमों में इसका उल्लेख नहीं है।
  • यह बिना किसी पूर्व सूचना के मामलों को उठाने के लिए सदस्यों के लिए एक अनौपचारिक व्यवस्था है।
  • यह प्रश्नकाल के बाद शुरू होता है और तब तक रहता है जब तक कि संसद में नियमित विषय नहीं प्रकट किये जाते। इस प्रकार, प्रश्नकाल के अंत और संसद की नियमित प्रक्रिया की शुरुआत के बीच के समय को शून्यकाल कहा जाता है।

आधे घंटे की चर्चा

  • सदस्यों को सवालों के माध्यम से सार्वजनिक चिंता के किसी भी मामले पर सरकार से जानकारी प्राप्त करने का अधिकार है।
  • जब किसी सदस्य को लगता है कि उसके किसी प्रश्न (तारांकित, अतारांकित अथवा लघुसूचना प्रश्न) का दिया गया उत्तर पूर्ण नहीं है या वांछित जानकारी नहीं देता है या किसी मामले में और अत्यधिक स्पष्टता की आवश्यकता है, तो उन्हें अध्यक्ष द्वारा आधे घंटे के लिए सदन में चर्चा करने की अनुमति दी जा सकती है।
  • इसलिए, इस प्रक्रिया को 'आधे घंटे की चर्चा' कहा जाता है।

पूछे जाने वाले प्रश्नों की प्रकृति

  • संसदीय नियम सांसदों द्वारा पूछे जाने वाले प्रश्नों के बारे में दिशानिर्देश प्रदान करते हैं।
  • यह प्रश्न भारत सरकार के उत्तरदायित्व के क्षेत्र से भी संबंधित होना चाहिए।
  • प्रश्नों को उन मामलों के बारे में जानकारी नहीं लेनी चाहिए जो गुप्त हैं या अदालतों के समक्ष निर्णय के अधीन हैं।
  • दोनों सदनों के पीठासीन अधिकारी अंत में तय करते हैं कि क्या सरकार द्वारा जवाब देने के लिए एक सांसद द्वारा उठाए गए प्रश्न को स्वीकार किया जाएगा या नहीं।

उत्तर देने की प्रक्रिया

  • सांसदों द्वारा उठाए गए सवालों के जवाब को कारगर बनाने के लिए, मंत्रालयों को पांच समूहों में रखा जाता है।
  • प्रत्येक समूह इसे आवंटित दिन पर सवालों के जवाब देता है।
  • मंत्रालयों का यह समूह दोनों सदनों के लिए अलग-अलग है ताकि मंत्रियों को सवालों के जवाब देने के लिए एक सदन में उपस्थित किया जा सके।

पूछे जाने वाले प्रश्नों की संख्या की सीमा

  • लोकसभा में, 1960 के दशक के उत्तरार्ध तक, एक दिन में पूछे जा सकने वाले अतारांकित प्रश्नों की संख्या की कोई सीमा नहीं थी।
  • अब, संसद के नियम तारांकित और अतारांकित प्रश्नों की संख्या को सीमित करते हैं जो एक सांसद एक दिन में पूछ सकता है।
  • तब तारांकित और अतारांकित श्रेणियों में सांसदों द्वारा पूछे गए प्रश्नों की कुल संख्या एक यादृच्छिक मतपत्र में डाल दी जाती है।
  • लोकसभा में मतपत्र से, प्रश्नकाल के दौरान 20 तारांकित प्रश्न उत्तर के लिए चुने जाते हैं और 230 लिखित उत्तरों के लिए चुने जाते हैं।

महत्व

  • प्रश्नकाल के दौरान है संसद सदस्य प्रशासन और सरकारी गतिविधि के हर पहलू पर प्रश्न पूछ सकते हैं।
  • क्योंकि सदस्य प्रश्नकाल के दौरान प्रासंगिक जानकारी प्राप्त करने का प्रयास करते हैं अतः राष्ट्रीय के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय क्षेत्र में सरकार की नीतियों पर ज़ोर दिया जाता है।
  • इससे वित्तीय अनियमितताएं उजागर हुई हैतथा डेटा और जानकारी निकालने में मदद मिली है।

हाल के प्रक्रियात्मक परिवर्तन

  • 15 वीं लोकसभा के 5 वें सत्र के बाद से निम्नलिखित प्रक्रियात्मक परिवर्तन लागू हुए हैं-
  • संसद में एक प्रश्न का उत्तर देने के लिए मंत्री को 15 दिनों की अवधि दी जाती है(न्यूनतम और अधिकतम सूचना अवधि की अवधारणा को हटा दिया गया है)। नोटिस की अवधि न्यूनतम 10 दिन और अधिकतम 21 दिन की होती है।
  • नाम पुकारे जाने वाले दिन में अनुपस्थिति के मामले में एक सदस्य द्वारा पूछे गए तारांकित प्रश्न का सीधा जवाब देने का अधिकार अब अध्यक्ष के पास है।
  • एक सदस्य को अब सदन में एक बयान देने की आवश्यकता है जो किसी मंत्री द्वारा दिए गए उत्तर को सही करता है, चाहे वह उत्तर तारांकित, अतारांकित या लघु सूचना प्रश्न से संबंधित हो।
  • अब कोई सदस्य प्रति दिन अधिकतम 10 तारांकित या अतारांकित प्रश्न करनेका हकदार है।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

मिशन कर्मयोगी - राष्ट्रीय सिविल सेवा क्षमता विकास कार्यक्रम


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 2 सितंबर, 2020 को ‘मिशन कर्मयोगी- राष्ट्रीय सिविल सेवा क्षमता विकास कार्यक्रम’ (एनपीसीएससीबी) को शुरू करने की मंजूरी प्रदान की।

  • लक्ष्य: भारतीय सिविल सेवकों को और भी अधिक रचनात्मक, सृजनात्मक, विचारशील, नवाचारी, अधिक क्रियाशील, सक्षम, पारदर्शी और प्रौद्योगिकी-समर्थ बनाते हुए भविष्य के लिए तैयार करना।
  • महत्वपूर्ण तथ्य: इस कार्यक्रम के तहत संस्थागत ढांचे में ‘प्रधानमंत्री की सार्वजनिक मानव संसाधन परिषद’; ‘क्षमता विकास आयोग’; डिजिटल परिसम्पत्तियों के स्वामित्व तथा प्रचालन और ऑनलाइन प्रशिक्षण के लिए प्रौद्योगिकीय प्लेटफार्म हेतु विशेष प्रयोजन कंपनी (एसपीवी); तथा ‘मंत्रिमंडल सचिव की अध्यक्षता में समन्वयन इकाई’ शामिल है।
  • मुख्य विशेषताएं: इस कार्यक्रम को ‘एकीकृत सरकारी ऑनलाइन प्रशिक्षण-आईगॉट कर्मयोगी’ (iGOTKarmayogi) प्लेटफार्म की स्थापना करके कार्यान्वित किया जाएगा।
    • लगभग 46 लाख केन्द्रीय कर्मचारियों को कवर किया जाएगा।
    • वित्तीय परिव्यय वर्ष 2020-2021 से 2024-25 तक 5 वर्षों की अवधि के दौरान 510.86 करोड़ रुपये।
    • इस कार्यक्रम के मुख्य मार्गदर्शक सिद्धांत:

(i)नियम आधारितमानव संसाधन प्रबंधन से भूमिका आधारितप्रबंधन के परिवर्तन को सहयोग प्रदान करना।

(ii) ‘ऑफ साइट सीखने की पद्धतिको बेहतर बनाते हुए ऑन साइट सीखने की पद्धतिपर बल देना।

(iii) सिविल सेवा से संबंधित सभी पदों को भूमिकाओं, गतिविधियों तथा दक्षता के ढांचे संबंधी दृष्टिकोण के साथ अद्यतन करना।

  • प्रधानमंत्री की सार्वजनिक मानव संसाधन परिषद: प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में चयनित केन्द्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों, शिक्षाविद, और लोक सेवा प्रतिनिधियों वाली एक सार्वजनिक मानव संसाधन परिषद शीर्ष निकाय के तौर पर कार्य करेगी, जो सिविल सेवा- सुधार कार्य और क्षमता विकास को कार्यनीतिक दिशा प्रदान करेगी।
  • क्षमता विकास आयोग: इसके प्रमुख कार्य वार्षिक क्षमता विकास योजनाओं के संबंध में ‘पीएम सार्वजनिक मानव संसाधन परिषद’ की सहायता करना; सिविल सेवा क्षमता विकास से जुड़े सभी केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थानों का कार्यात्मक पर्यवेक्षण करना तथा प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास, शिक्षण शास्त्र और पद्धति के मानकीकरण पर सिफारिशें पेश करना है।
  • विशेष प्रयोजन कंपनी: गैर-लाभ अर्जककंपनी के रूप में एक विशेष प्रयोजन कंपनी (एसपीवी) की स्थापना की जाएगी, जो ‘आईगॉट- कर्मयोगी’ प्लेटफॉर्म का स्वामित्व रखेगी और प्रबंधन करेगी।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

‘वॉटर हीरोज- शेयर योर स्टोरीज’ 2.0 प्रतियोगिता


जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण विभाग, जल शक्ति मंत्रालय ने जल संरक्षण एवं प्रबंधन जैसे अहम विषय पर लोगों तक पहुंच बनाने के उद्देश्य से 1 सितंबर, 2020 से ‘वॉटर हीरोज- शेयर योर स्टोरीज’ (जल नायक- अपनी कहानी बताएं) 2.0 प्रतियोगिता का शुभारम्भ किया है।

  • प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए सभी भागीदारों को 1-5 मिनट (300 शब्दों के लेख और कुछ फोटोग्राफ सहित) के विशेष वीडियो के माध्यम से जल संरक्षण पर अपनी सफलता की कहानी माईगॉव पोर्टल पर पोस्ट करनी होगी। यह प्रतियोगिता 31 अगस्त, 2021 को समाप्त हो जाएगी।

सामयिक खबरें आर्थिकी

वैश्विक नवाचार सूचकांक 2020


विश्व बौद्धिक संपदा संगठन (WIPO), कॉर्नेल यूनिवर्सिटी और इन्सीड बिजनेस स्कूल द्वारा 2 सितंबर, 2020 को संयुक्त रूप से वैश्विक नवाचार सूचकांक 2020 जारी किया गया।

महत्वपूर्ण तथ्य: इस वर्ष सूचकांक में कुल 131 देशों का विश्लेषण किया गया।

  • सूचकांक में संस्थान, मानव पूंजी और अनुसंधान, बुनियादी ढांचा, बाजार परिष्कार और व्यापार परिष्कार, ज्ञान और प्रौद्योगिकी आउटपुट और रचनात्मक आउटपुट जैसे मानदंड शामिल हैं।
  • सूचकांक में शीर्ष 10 में उच्च आय वाले देशों का प्रभुत्व है। स्विट्जरलैंड पहले स्थान पर है। 2019 में भी स्विट्जरलैंड पहले स्थान पर था।
  • स्वीडन दूसरे, अमेरिका तीसरे, यूनाइटेड किंगडम चौथे, नीदरलैंड पांचवें, डेनमार्क छठे, फिनलैंड सातवें, सिंगापुर आठवें, जर्मनी नौवें तथा कोरिया गणराज्य दसवें स्थान पर है।
  • सूचकांक में अंतिम 131वें स्थान पर यमन रहा।

भारत की स्थिति: भारत पहली बार वैश्विक नवाचार सूचकांक में शीर्ष 50 देशों के समूह में शामिल हो गया है, भारत चार पायदान ऊपर 48वें स्थान पर है। 2019 में भारत 52वें स्थान पर था।

  • भारत दुनिया में तीसरी सबसे अभिनव (innovative) निम्न मध्यम आय वाली अर्थव्यवस्था बन गया है।
  • भारत आईसीटी (सूचना और संचार प्रौद्योगिकी) सेवाओं के निर्यात, सरकारी ऑनलाइन सेवाओं, विज्ञान और इंजीनियरिंग में स्नातक और आर एंड डी- संबंधित वैश्विक कंपनियों जैसे संकेतकों में शीर्ष 15 में शामिल है।
  • सूचकांक में भारत के पड़ोसी देशों में चीन 14वें, नेपाल 95वें, श्रीलंका 101वें, पाकिस्तान 107वें, बांग्लादेश 116वें स्थान पर है।

सामयिक खबरें अंतर्राष्ट्रीय

टोगो 'मानव अफ्रीकी ट्रिपेनोसोमियासिस' को खत्म करने वाला अफ्रीका का पहला देश


विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा 27 अगस्त, 2020 को प्रमाणित होने के बाद टोगो 'मानव अफ्रीकी ट्रिपेनोसोमियासिस' या नींद की बीमारी को खत्म करने वाला अफ्रीका का पहला देश बन गया है, जो परजीवी के कारण होता है।

महत्वपूर्ण तथ्य: वर्ष 2000 से नियंत्रण उपायों को लागू करने के बाद पिछले 10 वर्षों में टोगो में इस बीमारी का कोई मामला दर्ज नहीं किया गया।

  • डब्ल्यूएचओ के अनुसार, 36 उप-सहारा अफ्रीकी देशों में वर्तमान में नींद की बीमारी पायी जाती है। यदि इसका उपचार न किया जाए, तो यह घातक हो सकती है।
  • पांच और देशों - बेनिन, बुर्किना फासो, कैमरून, आइवरी कोस्ट और घाना ने भी डब्ल्यूएचओ प्रमाणन के लिए आवेदन किया है। बेनिन और बुर्किना फासो में वर्ष 2001 के बाद से किसी भी नींद की बीमारी के मामले नहीं दर्ज किए गए।
  • अफ्रीका में नींद की बीमारी के दो प्रकार पाये गए हैं। पहला प्रकार 'ट्रिपैनोसोमा ब्रूसी गाम्बिएंस' (Trypanosoma brucei gambiense) परजीवी, जबकि दूसरा प्रकार 'ट्रायपैनोसोमा ब्रूसी रोड्सेंस' (Trypanosoma brucei rhodesiense) परजीवी के कारण होता है। अफ्रीका में 2019 में पाये गए कुल मामलों में से 88% 'ट्रिपैनोसोमा ब्रूसी गाम्बिएंस' परजीवी के कारण थे।
  • 1999 और 2019 के बीच, मानव अफ्रीकी ट्रिपेनोसोमियासिस के चिरकारिक (chronic) नए मामलों की संख्या में 97% की गिरावट दर्ज की गई।

सामयिक खबरें विज्ञान-पर्यावरण

जलवायु संकट के युग में खाद्य प्रणालियों को मजबूत करने संबंधित यूएनईपी रिपोर्ट


1 सितंबर, 2020 को संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) द्वारा 'जलवायु संकट के युग में खाद्य प्रणालियों को मजबूत करने संबंधित’ एक रिपोर्ट प्रकाशित की गई है।

महत्वपूर्ण तथ्य: रिपोर्ट 'खाद्य प्रणालियों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (एनडीसी) बढ़ाना' (Enhancing Nationally Determined Contributions (NDCs) for Food Systems) शीर्षक से जारी की गई।

  • रिपोर्ट के अनुसार ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने के महत्वपूर्ण अवसरों से दुनिया चूक गई है, लेकिन अभी बहुत देर नहीं हुई है।
  • खाद्य प्रणालियाँ, जिसमें भोजन का उत्पादन, प्रसंस्करण, वितरण, तैयारी और उपभोग से संबंधित सभी तत्व और गतिविधियां शामिल हैं, सभी ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में 37% तक योगदान करती है।
  • खाद्य हानि (Food loss) और कचरे की व्यापक रूप से अनदेखी की गई है। हालाँकि, राष्ट्रीय जलवायु योजनाओं में इन पहलुओं को जोड़कर, नीति निर्माता अपने शमन और खाद्य प्रणालियों में अनुकूलन योगदान में 25% तक सुधार कर सकते हैं। यह 2030 तक सतत विकास (एसडीजी) लक्ष्यों को प्राप्त करने की प्रक्रिया को बढ़ाएगा।

सामयिक खबरें राज्य गुजरात

गुजरात के पांच शहरों में 70 मंजिला या इससे भी अधिक ऊंची इमारत बनाने की मंजूरी


अगस्त 2020 में राज्य सरकार ने गुजरात के पांच शहरों- अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत, राजकोट और गांधीनगर में 70 मंजिला या इससे भी अधिक ऊंची इमारतें बनाने की मंजूरी प्रदान की।

  • राज्‍य सरकार ने इस तरह की इमारतों के निर्माण के लिए 2017 के मौजूदा नियमों में संशोधन का फैसला लिया है।
  • नये नियमों के अनुसार पांच बड़े शहरों में 100 से 150 मीटर तक की ऊंचाई वाली इमारतों के लिए भूखंड का आकार 2,500 वर्ग मीटर से अधिक होना जरूरी होगा।
  • 150 मीटर से अधिक ऊंचाई की इमारत बनाने के लिए 3,500 वर्ग मीटर से अधिक भूखंड की आवश्‍यकता होगी।
  • फिलहाल राज्‍य में 22-23 मंजिलों से अधिक ऊंची इमारतें बनाने पर पाबंदी है।

सामयिक खबरें बैंकिंग, फाइनेंस, सेवा और बीमा

एक्सिस बैंक ने लॉन्च किया ‘लिबर्टी सेविंग्स अकाउंट'


एक्सिस बैंक ने अगस्त 2020 में युवाओं की जरूरतों को पूरा करने के लिए एक नया बचत खाता 'लिबर्टी सेविंग्स अकाउंट' लॉन्च किया है।

  • यह ग्राहकों को प्रति माह 25,000 रुपए का न्यूनतम बैलेंस बनाए रखने या बैंक के डेबिट कार्ड का उपयोग करके हर महीने इतनी ही राशि खर्च करने का विकल्प प्रदान करता है।
  • यह, 20,000 रुपए का बीमा कवर भी प्रदान करता है, जिसमें कोविड-19 से संबंधित अस्पताल का खर्च भी शामिल है। उत्पाद 35 वर्ष से कम आयु के वेतनभोगी पेशेवरों के उद्देश्य से लाया गया है।

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इम्यूनिटी पासपोर्ट


दुनिया भर में, देश 'इम्यूनिटी पासपोर्ट' (immunity passports) के उपयोग पर विचार कर रहे हैं। 'इम्यूनिटी पासपोर्ट' को 'जोखिम-मुक्त प्रमाण पत्र' के रूप में भी जाना जाता है।

  • ये इस आधार पर उन लोगों को यात्रा के लिए जारी किया जाएगा, जो कोविड -19 से ठीक हो चुके हैं तथा जिनमें एंटीबॉडीज पर्याप्त मात्रा में विकसित हो चुकी है।
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि, ऐसे प्रमाण-पत्रों के उपयोग से निरंतर संक्रमण का जोखिम हो सकता है।

सामयिक खबरें राष्ट्रीय राजव्यवस्था और शासन

सिविल सेवामें सुधारों के लिए केबिनेट ने दी 'मिशन कर्मयोगी' को मंजूरी


  • 2 सितंबर, 2020 कोकेंद्रीय मंत्रिमंडल ने 'मिशन कर्मयोगी' - राष्ट्रीय सिविल सेवा क्षमता विकास कार्यक्रम (एनपीसीएससीबी) को मंजूरी दी।

उद्देश्य

  • मिशन कर्मयोगी उद्देश्य मानकीकृत प्रशिक्षण के साथसाझा संकाय (सहयोगात्मक विभाग)और संसाधन को निर्मित करना, जो सिविल सेवा के अधिकारियों और सरकारी कर्मचारियों के प्रदर्शनको बेहतर करने का अवसर प्रदान करे।
  • इसके साथ भविष्य के लिए भारतीय सिविल सेवक को अधिक रचनात्मक, कल्पनाशील, सक्रिय, पेशेवर, प्रगतिशील, ऊर्जावान, सक्षम, पारदर्शी और प्रौद्योगिकी-सक्षम बनाकर तैयार करना है।

पृष्ठभूमि

  • सेवाओं की एक विस्तृत विविधता प्रदान करने में, कल्याणकारी कार्यक्रमों को लागू करने और मूलभूत शासन कार्यों को करने मेंसिविल सेवा की क्षमता एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है
  • भारतीय सिविल सेवक को अधिक रचनात्मक, रचनात्मक, कल्पनाशील, नवीन, सक्रिय, पेशेवर, प्रगतिशील, ऊर्जावान, सक्षम, पारदर्शी और प्रौद्योगिकी-सक्षम बनाकर भविष्य के लिए तैयार करना।

मुख्य विशेषताएं

कवरेज (कार्यक्षेत्र व्याप्ति)

  • इसमें 46 लाख केंद्र सरकार के कर्मचारी सभी स्तरों पर शामिल होंगे।

नागरिक केंद्रित सिविल सेवा:

  • ‘मिशन कर्मयोगी’ मूल रूप से “नागरिक केंद्रित सिविल सेवा” के निर्माण पर केंद्रित है जो आर्थिक विकास और लोक कल्याण के लिए अनुकूल सेवाएं बनाने और वितरित करने में सक्षम हो।
  • ‘मिशन कर्मयोगी’में "नियम आधारित प्रशिक्षण के बजाय भूमिका आधारित प्रशिक्षण" पर ध्यान केंद्रित किया गया है।इसमें व्यवहारिकबदलाव पर ज़ोर दिया गया है।

आईजीओटी-कर्मयोगी मंच (iGOT Karmayogi Platform)

  • एकीकृत सरकारी ऑनलाइन प्रशिक्षण, आईजीओटी-कर्मयोगी मंच स्थापित करके 'मिशन कर्मयोगी' कार्यक्रम को वितरित किया जाएगा।
  • आईजीओटी-कर्मयोगी मंच के सभी उपयोगकर्ताओं के प्रदर्शन मूल्यांकन के लिए एक उपयुक्त निगरानी और मूल्यांकन ढांचा भी तैयार किया जाएगा ताकि एक विस्तृत रूपरेखा तैयार करके उनका आकलन किया जा सके।

विशेष प्रयोजन व्हीकल (SPV)

  • कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 8 के अधीन एनपीसीएससीबी के लिए पूर्णत स्वामित्व वाले विशेष प्रयोजन व्हीकल (एसपीवी) की स्थापना की जाएगी।
  • एसपीवी भारत सरकार की ओर से सभी बौद्धिक संपदा अधिकारों का मालिक होगा।

सार्वजनिक मानव संसाधन परिषद

  • केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों, प्रख्यात मानव संसाधन पेशेवरों, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों के साथ प्रधान मंत्री की अध्यक्षता में एक सार्वजनिक मानव संसाधन परिषद विकसित किया जाएगा जोसंपूर्ण क्षमता निर्माण अभ्यास की देखरेख करेगा।

क्षमता निर्माण आयोग

  • प्रशिक्षण मानकों के सामंजस्य स्थापित करने, साझा संकाय और संसाधन बनाने और सभी केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थानों पर पर्यवेक्षी भूमिका निभाने के लिए क्षमता निर्माण आयोग नामक एक विशेषज्ञ निकाय को स्थापित किया जाएगा।
  • आयोग "सिविल सेवा रिपोर्ट की वार्षिक स्थिति" को सार्वजानिक रूप से ज़ारी करेगा।

महत्व

  • सरकार के मानव संसाधन में सुधार: यह आम तौर पर सरकार के मानव संसाधन प्रबंधन प्रथाओं में सुधार करेगा और यह सिविल सेवकों की क्षमता बढ़ाने के लिए अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे का उपयोग करेगा।
  • मौजूदा प्रभाव का मुकाबला करना: यह आजीवन और निरंतर सीखने के वातावरण की कमी,भारत की विकास आकांक्षाओं और विविधताओं की साझा समझ को रोकने वाले विभाग स्तर पर प्रकियाओं या प्रणालियोंजैसी मौजूदा बाधाओं को दूर करने में मदद करेगा।
  • मूल्य-परिवर्धन:यह निरंतर क्षमता निर्माण, प्रतिभा निकाय के लगातारअपडेट के लिए एक तंत्र प्रदान करेगा और पेशेवर के साथ-साथ व्यक्तिगत विकास और सभी स्तरों पर मूल्य संवर्धन के लिए स्व-प्रशिक्षण का एक समान अवसर प्रदान करेगा।
  • न्यू इंडिया का साकार रूप: यह कार्यक्रम सिविल सेवकों को अधिक पेशेवर, प्रगतिशील, ऊर्जावान बनाने के साथ-साथ सही रवैया, प्रौद्योगिकी-सक्षम बनाने में भी मदद करेगा, जो "न्यू इंडिया" के उद्देश्य से जुड़ा है।

पीआईबी न्यूज विज्ञान और तकनीक

राष्ट्रीय औषधि शिक्षा और अनुसंधान संस्थान


केन्द्रीय रसायन और उर्वरक मंत्री डी.वी. सदानंद गौड़ा और रसायन और उर्वरक राज्‍य मंत्री मनसुख मंडाविया ने 1 सितंबर, 2020 को राष्ट्रीय औषधि शिक्षा और अनुसंधान संस्थान (एनआईपीईआर) मोहाली और रायबरेली के कामकाज की समीक्षा बैठक की।

  • राष्ट्रीय औषधि शिक्षा और अनुसंधान संस्थान (एनआईपीईआर) फार्मास्यूटिकल विज्ञान में एक ‘राष्ट्रीय स्तर’ का संस्थान है, इसका उद्देश्‍य फार्मास्‍यूटिकल विज्ञान में ‘उन्‍नत अध्ययन और अनुसंधान’ के लिए उत्कृष्टता का केंद्र बनना है।
  • वर्तमान में देश भर में 7 एनआईपीईआर- मोहाली, अहमदाबाद, हैदराबाद, रायबरेली, गुवाहाटी, हाजीपुर और कोलकाता में स्थित हैं। भारत सरकार ने एनआईपीईआर को 'राष्ट्रीय महत्व का संस्थान' घोषित किया है।

पीआईबी न्यूज पर्यावरण

‘ग्रीन टर्म अहेड मार्केट’ प्लेटफॉर्म


भारतीय अल्पकालिक बिजली बाजार को हरित बनाने की दिशा में पहले कदम के रूप में,केन्द्रीय विद्युत तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री आर.के. सिंह ने 1 सितंबर, 2020 को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से विद्युत क्षेत्र में पूरे देश के लिए ‘ग्रीन टर्म अहेड मार्केट’- जीटीएएम (Green Term Ahead Market- GTAM) प्लेटफॉर्म की शुरुआत की।

महत्वपूर्ण तथ्य: इस प्लेटफॉर्म की शुरूआत नवीकरणीय-समृद्ध राज्यों पर बोझ कम करेगी और अपने नवीकरणीय खरीद दायित्व (आरपीओ) से नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को और अधिक विकसित करने के लिए उन्हें रियायत देकर प्रोत्साहित करेगी।

  • इस प्लेटफॉर्म से पूरे देश के बाजार तक पहुंच प्राप्त करने से नवीकरणीय ऊर्जा विक्रेताओं को भी लाभ होगा।

विशेषताएं: जीटीएएम के माध्यम से लेन-देन द्विपक्षीय होगा, जिसमें खरीदार और विक्रेता की स्पष्ट पहचान होगी, इससे आरपीओ के लेखांकन में कोई कठिनाई नहीं होगी।

  • जीटीएएम अनुबंधों को सौर आरपीओ और गैर-सौर आरपीओ में अलग किया जाएगा।
  • इसके अलावा, दो सेगमेंट के भीतर जीटीएएम अनुबंधों में ग्रीन इंट्राडे (Green Intraday), डे अहेड कंटिजेंसी (Day Ahead Contingency), दैनिक और साप्ताहिक अनुबंध होंगे।

पीआईबी न्यूज अंतरराष्ट्रीय

उच्‍च गुणवत्तापूर्ण वस्त्रों के क्षेत्र में सहयोग हेतु भारत और जापान के बीच सहमति


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 2 सितंबर, 2020 को जापानी बाजार हेतु भारतीय वस्त्रों और परिधानों की गुणवत्ता एवं परीक्षण को बेहतर करने के लिए वस्‍त्र समिति, भारत और निसेनकेन क्वालिटी इवैल्यूएशन सेंटर, जापान के बीच एक सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए जाने को मंजूरी प्रदान की।

  • एमओयू निसेनकेन क्वालिटी इवैल्यूएशन सेंटर, जापान को वस्‍त्र और परिधान उत्पादों के लिए भारत में अपने सहकारी परीक्षण एवं निरीक्षण सेवा प्रदाता के रूप में वस्त्र समिति को निर्दिष्‍ट करने में सक्षम करेगा।

पीआईबी न्यूज अंतरराष्ट्रीय

भू-विज्ञान और खनिज संसाधनों के क्षेत्र में सहयोग हेतु भारत और फिनलैंड में समझौता


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने 2 सितंबर, 2020 को भू-विज्ञान और खनिज संसाधनों के क्षेत्र में सहयोग के लिए भारत सरकार के खान मंत्रालय के भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण विभाग तथा फिनलैंड के रोजगार और आर्थिक मंत्रालय के भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण विभाग (जियोलॉजियन तुत्कीमुस्केस्कुस) के बीच समझौता ज्ञापन को मंजूरी प्रदान की।

  • यह समझौता ज्ञापन भू-विज्ञानप्रशिक्षणखनिज पूर्वानुमान और उपयुक्तता विश्लेषण, 3/4 डी मॉडलिंगभूकंपीय और अन्य भू-भौतिकीय सर्वेक्षणों के लिए दोनों संगठनों के बीच वैज्ञानिक सहयोग को मजबूत बनाने की सुविधा प्रदान करता है।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप निधन

भारत की पहली महिला हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. एस पद्मावती का निधन


भारत की पहली महिला हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. एस पद्मावती का 29 अगस्त, 2020 को कोविड -19 संक्रमण के कारण निधन हो गया। वे 103 वर्ष की थी।

  • उन्हें लोकप्रिय रूप से 'गॉड मदर ऑफ कार्डियोलॉजी' के रूप में जाना जाता है।
  • 1917 में बर्मा (अब म्यांमार) में जन्मी, डॉ पद्मावती द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान 1942 में भारत आई थीं, उन्होंने अपनी स्नातक की पढ़ाई रंगून मेडिकल कॉलेज से की थी।
  • उन्होंने 1962 में ऑल इंडिया हार्ट फाउंडेशन और 1981 में राष्ट्रीय हृदय संस्थान (NHI) की स्थापना की थी।
  • उन्हें अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी एंड एफएएमएस द्वारा फेलोशिप और भारत में कार्डियोलॉजी के विकास में उनकी उपलब्धियों और योगदान के लिए, भारत सरकार द्वारा 1967 में पद्म भूषण और 1992 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप चर्चित दिवस

विश्व नारियल दिवस


2 सितंबर

2020 का विषय: 'दुनिया को बचाने के लिए नारियल में निवेश करें' (Invest in Coconut to save the world)

महत्वपूर्ण तथ्य: इस दिवस को मनाने का उद्देश्य दुनिया भर में नारियल के महत्व, इसके उपयोग और इसके बारे में जागरूकता पैदा करना। मुख्य रूप से, एशियाई और प्रशांत क्षेत्रों में यह दिवस मनाया जाता है, क्योंकि इन क्षेत्रों में दुनिया के सबसे अधिक नारियल उत्पादन केंद्र हैं।

सामयिक खबरें खेल विविध

भारत और रूस फिडे शतरंज ओलंपियाड के संयुक्त विजेता


भारत और रूस को 30 अगस्त, 2020 को फिडे शतरंज ओलंपियाड का संयुक्त विजेता घोषित किया गया। पहली बार ओलंपियाड ऑनलाइन आयोजित किया गया था।

  • मूल रूप से, रूस को विजेता घोषित किया गया था, लेकिन भारत ने अपील दायर की और जांच के बाद, भारत और रूस दोनों को संयुक्त विजेता घोषित किया गया।
  • यह पहली बार था जब भारत फिडे शतरंज ओलंपियाड के फाइनल में पहुंचा। इससे पहले ओलंपियाड में भारत का सबसे अच्छा प्रदर्शन 2014