पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों के लिए पुरस्कार धनराशि बढ़ाने की घोषणा


29 अगस्त, 2020 को राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर खेल मंत्री किरेन रिजिजू ने राष्ट्रीय खेल एवं साहसिक पुरस्कारों की सात श्रेणियों में से चार के लिए पुरस्कार धनराशि बढ़ाने की घोषणा की।

  • राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार के लिए पुरस्कार राशि 7.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये, अर्जुन पुरस्कार की पुरस्कार राशि 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 15 लाख रुपये, द्रोणाचार्य (जीवनकाल) पुरस्कार के लिए नकद पुरस्कार 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 15 लाख रुपये कर दिया गया है।
  • वहीं द्रोणाचार्य (नियमित) पुरस्कार तथा ध्यानचंद पुरस्कार के लिए प्रति विजेता नकद पुरस्कार 5 लाख रुपये के बजाय अब 10 लाख रुपये दिए जाएंगे।
  • खेल पुरस्कारों के लिए पुरस्कार राशि की समीक्षा पिछली बार 2008 में की गई थी।

पीआईबी न्यूज आर्थिक

17वें आसियान-भारत आर्थिक मंत्रियों की परामर्श बैठक


केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग और रेल मंत्री पीयूष गोयल तथा वियतनाम के उद्योग और व्यापार मंत्री त्रान तुआन अन्ह ने 29 अगस्त, 2020 को वर्चुअल रूप में आयोजित 17वें आसियान-भारत आर्थिक मंत्रियों के परामर्श बैठक की सह-अध्यक्षता की।

महत्वपूर्ण तथ्य: बैठक में सभी 10 आसियान देशों - ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमार, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड और वियतनाम के व्यापार मंत्रियों ने भाग लिया।

  • बैठक में महामारी के आर्थिक प्रभाव को कम करने के लिए सामूहिक कार्यों हेतु प्रतिबद्धता की पुष्टि की गई।
  • डब्ल्यूटीओ के नियमों के अनुपालन के तहत क्षेत्र में विशेष रूप से आवश्यक वस्तुओं और दवाओं के प्रवाह के लिए आर्थिक और वित्तीय स्थिरता तथा आपूर्ति श्रृंखला कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने का संकल्प लिया गया।
  • भारत ने मूल-स्थान संबंधी प्रावधान के नियमों को मजबूत करने, गैर-प्रशुल्क बाधाओं को दूर करने की दिशा में काम करने और बेहतर बाजार पहुंच प्रदान करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

आसियान भारत व्यापार परिषद (एआईबीसी) रिपोर्ट: एआईबीसी रिपोर्ट ने सिफारिश की है कि पारस्परिक लाभ के लिए आसियान भारत वस्तु व्यापार समझौता (ASEAN India Trade in Goods Agreement) की समीक्षा की जाए। ताकि मुक्त व्यापार समझौते को और अधिक उपयोगकर्ता-अनुकूल, सरल और व्यवसायों के लिए अधिक सुविधाजनक बनाया जा सके।

सामयिक खबरें अंतर्राष्ट्रीय

तुर्की द्वारा काले सागर में प्राकृतिक गैस भंडार की खोज


21 अगस्त, 2020 को तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने काले सागर के तट में बड़े प्राकृतिक गैस भंडार की खोज की घोषणा की। खोजी गई प्राकृतिक गैस की मात्रा 320 बिलियन क्यूबिक मीटर है।

महत्वपूर्ण तथ्य: तुर्की 2023 से खोजे गए प्राकृतिक गैस का उपयोग शुरू करेगा। हालांकि यह खोज तुर्की के लिए महत्वपूर्ण है, परन्तु यह भंडार पूर्वी भूमध्य सागर में की गई खोजों की तुलना में छोटा है।

  • तुर्की अपने ऊर्जा संसाधनों के लिए ईरान, इराक और रूस, पर अत्यधिक निर्भर है। 2019 में, इन देशों से तुर्की का ऊर्जा आयात 41 बिलियन डॉलर था। इस प्रकार, तेल की खोज से इसके आयात को कम करने में मदद मिलेगी।
  • नाटो सहयोगी ग्रीस और तुर्की के बीच चल रहे तनाव के बीच यह खोज सामने आई है।
  • वर्तमान में, इन दोनों देशों के बीच बड़ा संघर्ष गैस को लेकर है। हाल ही में, तुर्की साइप्रस के उन क्षेत्रों में ड्रिलिंग पोत ‘फतिह’ से ड्रिलिंग कर रहा है, जिन पर तुर्की का कब्जा है। तुर्की के कब्जे को अंतरराष्ट्रीय समुदाय द्वारा मान्यता प्राप्त नहीं है।

सामयिक खबरें अंतर्राष्ट्रीय

माउंट सिनाबुंग ज्वालामुखी में पुनः उद्गार


10 अगस्त, 2020 को इंडोनेशिया के उत्तरी सुमात्रा द्वीप पर स्थित माउंट सिनाबुंग ज्वालामुखी में पुनः उद्गार हुआ।

महत्वपूर्ण तथ्य: इस विस्फोट के बाद आसमान में 5000 मीटर की ऊंचाई तक राख का गुबार और धुआँ छा गया।

  • लगभग 400 वर्षों की निष्क्रियता के बाद ज्वालामुखी में वर्ष 2010 में उद्गार हुआ था। 2013 से यह लगातार पुनः सक्रिय है।
  • वर्ष 2010 के बाद वर्ष 2014 और 2016 में भी इस ज्वालामुखी में उद्गार (विस्फोट) हो चुका है। माउंट सिनाबुंग इंडोनेशिया में 120 से अधिक सक्रिय ज्वालामुखियों में से एक है।
  • इंडोनेशिया के ‘रिंग ऑफ फायर’ या परिप्रशांत महासागरीय मेखला में अवस्थित होने के कारण यहां कई सक्रिय ज्वालामुखी हैं और यह क्षेत्र भूकंप प्रवण क्षेत्र के अंतर्गत आता है।
  • दुनिया के लगभग 75 प्रतिशत ज्वालामुखी और लगभग 90 प्रतिशत भूकंप 'रिंग ऑफ फायर' में ही हैं।

संक्षिप्त खबरें सार-संक्षेप चर्चित दिवस

राष्ट्रीय खेल दिवस


29 अगस्त

महत्वपूर्ण तथ्य: हॉकी के जादूगर कहे जाने वाले मेजर ध्यानचंद का जन्मदिन भारत में राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्हें ‘हॉकी विजार्ड’ के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने भारत को 1928, 1932 और 1936 में हॉकी में 3 ओलंपिक स्वर्ण पदक जीतने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

खेल समाचार चर्चित खेल व्यक्तित्व

रोहित शर्मा स्पोर्ट्स आईवियर 'ओकले' के ब्रांड एंबेसडर नियुक्त


स्पोर्ट्स आईवियर (sports eyewear) ब्रांड 'ओकले' ने 18 अगस्त, 2020 को क्रिकेटर रोहित शर्मा को भारत में दो साल की अवधि के लिए अपना नया ब्रांड एंबेसडर नियुक्त करने की घोषणा की।

  • साझेदारी के तहत रोहित शर्मा विशेष रूप से स्पोर्ट्स लेंस के लिए तैयार किए गए पेटेटेंड प्रिज्म तकनीक (Prizm Technology) से लैस ओकले आईवियर का प्रचार करेंगे।

खेल समाचार चर्चित खेल व्यक्तित्व

प्रिंसपाल सिंह का एनबीए में चयन


जुलाई 2020 में अंतरराष्ट्रीय स्तर के बास्केट बॉल टूर्नामेंट नेशनल बास्केट बॉल एसोसिएशन (एनबीए) में पंजाब के गुरदासपुर के खिलाड़ी प्रिंसपाल सिंह का चयन हुआ है। भारतीय फारवर्ड प्रिंसपाल सिंह एनबीए जी लीग के अगले सीजन में खेलेंगे।

  • 2017 में एनबीए अकादमी इंडिया में शामिल हुए थे। वह एनबीए जी लीग के साथ अनुबंध हस्ताक्षर करने वाले पहले एनबीए अकादमी स्नातक है।
  • एनबीए अमेरिका की प्रोफेशनल बास्केटबॉल लीग है, जिसमें 30 टीमें शामिल है। उनमें से अमेरिका की 29 और 1 कनाडा की टीम है। प्रिंसपाल सिंह ये गौरव हासिल करने वाले देश के चौथे खिलाड़ी है।

राज्य समाचार छत्तीसगढ़

शहीद महेन्द्र कर्मा तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना


छत्तीसगढ़ केमुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 5 अगस्त, 2020 को राज्य में तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए ‘शहीद महेन्द्र कर्मा तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना’ लॉन्च की।

  • 2013 में नक्सली हमले में मारे गए कांग्रेस नेता महेंद्र कर्मा की स्मृति में चलाई जा रही इस योजना का लाभ लगभग 12.5 लाख परिवारों को मिलेगा, जिसमें ज्यादातर आदिवासी और वनवासी हैं, जो इसके संग्रह में लगे हुए हैं।

योजना में प्रावधान: पंजीकृत तेंदू पत्ते के संग्रहकर्ताओं के परिवार के मुखिया (यदि परिवार के मुखिया की आयु 50 वर्ष से अधिक नहीं है) की सामान्य मृत्यु के मामले में नामांकित व्यक्ति या वारिस को 2 लाख रुपये की वित्तीय सहायता।

  • जबकि दुर्घटना के कारण मृत्यु होने पर 2 लाख रुपये की अतिरिक्त वित्तीय सहायता, पूर्ण दिव्यांगता की स्थिति में 2 लाख रुपये की सहायता और आंशिक दिव्यांगता की स्थिति में 1 लाख रुपये की सहायता।

  • पंजीकृत तेंदू पत्ते के संग्रहकर्ताओं के परिवार के मुखिया (यदि परिवार के मुखिया की आयु 50-59 वर्ष है) की सामान्य मृत्यु के मामले में नामांकित व्यक्ति या वारिस को 30,000 रुपये तथा दुर्घटना में मृत्यु/ पूर्ण दिव्यांगता पर 75,000 रुपए और आंशिक दिव्यांगता पर 37, 500 रुपए की वित्तीय सहायता।

जीके फैक्ट: महेंद्र कर्मा को ‘बस्तर टाइगर’ के नाम से भी जाना जाता था।

संक्षिप्त खबरें बिजनेस और सार्वजनिक उपक्रम

रिलायंस रिटेल ने खरीदा फ्यूचर समूह का खुदरा और थोक कारोबार


मुकेश अंबानी के स्वामित्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की सहायक कंपनी रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड (आरआरवीएल) ने 29 अगस्त, 2020 को फ्यूचर समूह के खुदरा और थोक कारोबार तथा लॉजिस्टिक्स और भंडारण कारोबार के 24,713 करोड़ रुपये के सौदे के साथ अधिग्रहण की घोषणा की।

  • किशोर बियानी की अगुवाई वाले फ्यूचर समूह का फ्यूचर रिटेल 1,550 स्टोर का संचालन करता है और इसके प्रमुख ब्रांडों में बिग बाजार, एफबीबी, फूडहॉल, ईजीडे हैं।

पीआईबी न्यूज आर्थिक

प्रधानमंत्री जन धन योजना के लागू होने के छ: साल पूरे


28 अगस्त, 2020 को वित्तीय समावेशन के लिए राष्ट्रीय मिशन- ‘प्रधानमंत्री जन धन योजना’ (पीएमजेडीवाई) ने सफलतापूर्वक लागू होने के छह साल पूरे किए।

उद्देश्य: किफायती मूल्य पर वित्तीय उत्पादों और सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना।

योजना के सिद्धांत: बैंकिंग पहुंच से दूर रहने वाले लोगों को बैंकिंग प्रणाली में शामिल करना; असुरक्षित को सुरक्षित करना; तथा वित्‍त पोषण की सुविधा।

उपलब्धियां: पीएमजेडीवाई के तहत अब तक 40.35 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को बैंकिंग से जोड़ा गया, जिसमें कुल रकम 1.31 लाख करोड़ रुपये है। जबकि प्रति खाता औसत जमा 3,239 रुपए हैं।

  • 63.6% ग्रामीण पीएमजेडीवाई खाते तथा 55.2% महिला पीएमजेडीवाई खाते हैं।
  • लगभग 8 करोड़ पीएमजेडीवाई खाताधारक सरकार से विभिन्न योजनाओं के तहत प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) प्राप्त करते हैं।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो की स्वर्ण जयंती


पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो (बीपीआरएंडडी) द्वारा 28 अगस्त, 2020 को नई दिल्ली में स्वर्ण जयंती वर्षगांठ समारोह मनाया गया।

  • पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो की संस्थापना भारत सरकार के गृह मंत्रालय के एक प्रस्ताव के जरिये 28 अगस्त, 1970 को नीति निर्माण करने, पुलिस समस्याओं के त्वरित एवं प्रणालीगत अध्ययन को बढ़ावा देने, पुलिस द्वारा पद्धति एवं तकनीकों में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के अनुप्रयोग करने के अधिदेश के साथ की गई थी।
  • पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो के महानिदेशक वी. एस. के कौमुदी हैं।

पीआईबी न्यूज विज्ञान और तकनीक

‘चुनौती’ – नेक्सट जनरेशन स्टार्टअप चैलेंज प्रतियोगिता


केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने 28 अगस्त, 2020 को भारत के टियर-2 शहरों पर विशेष ध्यान देने के साथ स्टार्टअप्स और सॉफ्टवेयर उत्पादों को और बढ़ावा देने के लिए ‘चुनौती’ – नेक्सट जनरेशन स्टार्टअप चैलेंज प्रतियोगिता का शुभारम्भ किया।

उद्देश्य: चिन्हित क्षेत्रों में काम कर रहे लगभग 300 स्टार्टअप्स की पहचान करना और उन्हें 25 लाख रुपये तक की प्रारंभिक राशि (सीड फंड) तथा अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराना।

  • सरकार ने इस कार्यक्रम के लिए तीन वर्षों की अवधि के लिए 95.03 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है।

 

सामयिक खबरें राष्ट्रीय

एससी-एसटी आरक्षण के भीतर उप-वर्गीकरण मामला


जस्टिस अरुण मिश्रा की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की पीठ ने 27 अगस्त, 2020 को सबसे जरूरतमंद तक आरक्षण का लाभ पहुंचाने के लिए आरक्षण के भीतर आरक्षण यानी ‘कोटे में कोटा’ को सही ठहराया है।

महत्वपूर्ण तथ्य: पीठ के अनुसार आरक्षण का लाभ सभी तक समान रूप से पहुंचाने के लिए राज्य सरकार को एससी/एसटी श्रेणी में वर्गीकरण का अधिकार है। राज्य सरकार आरक्षित श्रेणी में उप-वर्गीकरण कर सकती है।

  • 2005 में ‘ई वी चिन्नैया बनाम आंध्र प्रदेश’ मामले में सुप्रीम कोर्ट के ही पांच जजों की एक पीठ ने इससे विपरीत फैसला देते हुए कहा था कि एससी/एसटी में उप-वर्गीकरण का राज्यों को अधिकार नहीं है।
  • ई वी चिन्नैया मामले में कहा गया था कि अनुच्छेद 341 (1) के तहत राष्ट्रपति के आदेश में सभी जातियां सजातीय समूह के एक वर्ग का गठन करती हैं, और उन्हें आगे विभाजित नहीं किया जा सकता है।
  • समान क्षमता वाली दो पीठ के विपरीत फैसलों को देखते हुए प्रधान न्यायाधीश से मामले को सात जजों या उससे बड़ी पीठ के समक्ष विचार के लिए आग्रह किया गया है।
  • सुप्रीम कोर्ट द्वारा यह फैसला पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के उस फैसले के बाद दायर की गई अपील के बाद आया है, जिसमें पंजाब अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग (सेवा में आरक्षण) अधिनियम, 2006 की धारा 4 (5) को रद्द कर दिया गया था।
  • इसके तहत प्रत्यक्ष भर्ती में अनुसूचित जाति के लिए आर‌क्षित रिक्तियों का 50%, यदि उपलब्ध हो, तो पहली वरीयता के रूप में ‘बाल्मीकि और मजहबी सिखों’ को देने का प्रावधान था।

सामयिक खबरें राष्ट्रीय

डीआरडीओ प्रयोगशालाओं से संबंधित समिति


भविष्य की रक्षा प्रौद्योगिकियों के स्वदेशी विकास पर ध्यान देने के साथ, रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) की सभी प्रयोगशालाओं के लिए कर्तव्यों के चार्टर की समीक्षा हेतु 24 अगस्त, 2020 को एक पांच सदस्यीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया है।

महत्वपूर्ण तथ्य: पांच सदस्यीय समिति की अध्यक्षता भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT), दिल्ली के निदेशक प्रोफेसर वी. रामगोपाल राव करेंगे।

समिति की प्रमुख कार्य-शर्तें: डीआरडीओ के सभी प्रयोगशालाओं के कर्तव्यों के चार्टर का अध्ययन और समीक्षा करना; वर्तमान और भविष्य की रक्षा और युद्धक्षेत्र परिदृश्य पर प्रयोगशालाओं के कर्तव्यों के चार्टर को फिर से परिभाषित करना; और प्रयोगशालाओं के बीच प्रौद्योगिकियों के अतिव्याप्त (overlap) को कम करना।

अन्य तथ्य: डीआरडीओ की अंतिम प्रमुख समीक्षा 2008 में पी. रामाराव समिति द्वारा की गई थी, जिसने डीआरडीओ को सात प्रौद्योगिकी समूहों में विकेंद्रीकृत करने और केवल सामरिक महत्व की मुख्य प्रौद्योगिकियों पर ध्यान केंद्रित करने का सुझाव दिया था।

  • डीआरडीओ के पास 52 प्रयोगशालाओं का एक नेटवर्क है, जिसमें वैमानिकी, आयुध, इलेक्ट्रॉनिक्स, युद्धक वाहन, मिसाइल, नौसेना प्रणाली, जीवन विज्ञान और कृषि जैसे कई विषयों पर काम किया जाता है।

संक्षिप्त खबरें सार-संक्षेप निधन

अर्नोल्ड स्पीलबर्ग का निधन


जाने-माने फिल्मकार स्टीवन स्पीलबर्ग के पिता एवं नवोन्मोषी इंजीनियर अर्नोल्ड स्पीलबर्ग का 25 अगस्त, 2020 को निधन हो गया। वे 103 वर्ष के थे।

  • अर्नोल्ड स्पीलबर्ग और चार्ल्स प्रॉप्स्टर ने ‘जनरल इलेक्ट्रिक’ के लिए काम करते हुए 1950 के दशक में जीई-225 मेनफ्रेम कंप्यूटर बनाया था।
  • इस मशीन की मदद से ही डार्टमाउथ कॉलेज के कंप्यूटर विज्ञानी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज ‘बेसिक’ विकसित कर सके थे, जो 1970 तथा 1980 के दशक में पर्सनल कंप्यूटर बनाने के लिए बेहद आवश्यक थी।

संक्षिप्त खबरें सार-संक्षेप पुरस्कार/सम्मान

नीदरलैंड्स की लेखिका मारिके लुकास रिजनेवेल्ड को ‘अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार’


26 अगस्त, 2020 को नीदरलैंड्स की लेखिका मारिके लुकास रिजनेवेल्ड (Marieke Lucas Rijneveld) को वर्ष 2020 के प्रतिष्ठित ‘अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया।

  • 1991 में जन्मी रिजनेवेल्ड यह पुरस्कार जीतने वाली सबसे कम उम्र की लेखिका (Author) बन गई हैं।
  • उन्हे यह पुरस्कार उनकी पुस्तक ‘द डिसकम्फर्ट ऑफ इवनिंग’ (The Discomfort of Evening) के लिए प्रदान किया गया। वे पुरस्कार में मिली 50,000 पाउंड की राशि को अनुवादक मिशेल हचिसन के साथ साझा करेंगी।
  • पुस्तक एक 10 वर्षीय लड़की जस पर केन्द्रित है, जो अपने भाई मैथ्यूज के साथ आइस-स्केटिंग के लिए जाने की अनुमति न मिलने से क्रोधित है।
  • यह पुरस्कार प्रति वर्ष किसी भी भाषा के काल्पनिक लघु कथा और उपन्यास को दिया जाता है, जिसका अनुवाद अंग्रेजी में हुआ हो और प्रकाशन ब्रिटेन अथवा आयरलैंड में हुआ हो।
  • वर्ष 2019 का यह पुरस्कार ओमान की लेखिका जोखा अल्हार्थी को उनके उपन्यास ‘सेलेस्टियल बॉडीज’ के लिए प्रदान किया गया था।

संक्षिप्त खबरें सार-संक्षेप अभियान/सम्मेलन/आयोजन

नौसेना के कमांडरों का वार्षिक सम्‍मेलन


नौसेना के कमांडरों का तीन दिवसीय वार्षिक सम्‍मेलन 19 से 21 अगस्त, 2020 तक नई दिल्‍ली में आयोजित किया गया।

  • इसमें नौसेनाध्‍यक्ष कमांडर्स-इन-चीफ के साथ वर्ष के दौरान की गयी संचालन प्रकियाओं, साजो-सामान और लॉजिस्टिक्‍स संबंधी प्रमुख गतिविधियों के साथ-साथ मानव संसाधन, प्रशिक्षण और प्रशासनिक कामकाज की समीक्षा की गई।

राज्य समाचार मध्य प्रदेश

चम्‍बल प्रोग्रेस वे की तर्ज पर नर्मदा एक्‍सप्रेसवे


मध्‍य प्रदेश में चम्‍बल प्रोग्रेस वे की तर्ज पर नर्मदा एक्‍सप्रेसवे बनाया जाएगा। इससे मध्‍य प्रदेश और गुजरात में औद्योगिक विकास तेज होगा और रोजगार के अवसरों का सृजन होगा।

  • ये एक्‍सप्रेसवे अमरकंटक से अलीराजपुर होता हुआ गुजरात तक जाएगा। लगभग 1300 किमी. लंबाई के इस एक्सप्रेसवे के साथ औद्योगिक क्लस्टर भी बनाए जाएंगे, जिससे व्यावसायिक गतिविधियों के विकास में मदद मिलेगी।
  • ज्ञात हो कि इससे पहले मध्‍य प्रदेश में लगभग 6000 करोड़ रुपये की लागत से 309 किमी. लंबाई का चंबल प्रोग्रेस वे बनाया जा रहा है, जो कि श्योपुर, मुरैना एवं भिण्ड जिले से होता हुआ राजस्थान और उत्तर प्रदेश की सीमाओं को जोड़ेगा।

संक्षिप्त खबरें बैंकिंग, फाइनेंस, सेवा और बीमा

कर्नाटक विकास ग्रामीण बैंक और एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड समझौता


धारवाड़ मुख्यालय वाले कर्नाटक विकास ग्रामीण बैंक (KVGB) और एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड ने 21 अगस्त, 2020 को कर्नाटक विकास ग्रामीण बैंक की शाखाओं के माध्यम से सामान्य बीमा उत्पादों को बेचने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।

  • कर्नाटक विकास ग्रामीण बैंक की स्थापना 12 सितंबर, 2005 को हुई थी। बैंक के चेयरमैन पी. गोपी कृष्ण हैं।

 

संक्षिप्त खबरें बिजनेस और सार्वजनिक उपक्रम

एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया ने लॉन्च किया ऑनलाइन स्टोर


उपभोक्ताओं द्वारा कोविड महामारी के समय उपकरण खरीदने के लिए डिजिटल माध्यम की ओर रुख को देखते हुए, एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया ने अगस्त 2020 में औपचारिक रूप से देश में अपना कंपनी-स्वामित्व वाला ऑनलाइन स्टोर लॉन्च किया है।

  • पहले चरण में, कंपनी दिल्ली, मुंबई तथा कोलकाता जैसे शीर्ष नौ मेट्रो शहरों में उत्पादों की एक चुनिंदा श्रेणी प्रस्तुत करेगी।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

उड़ान 4.0 के तहत 78 नए हवाई मार्गों को मंजूरी


नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा 27 अगस्त, 2020 को क्षेत्रीय संपर्क (कनेक्टिविटी) योजना (आरसीएस)- उड़े देश का आम नागरिक (उड़ान- यूडीएएन) के चौथे दौर उड़ान 4.0 के तहत 78 नए हवाई मार्गों को मंजूरी दी गई है।

महत्वपूर्ण तथ्य: इन नए मार्गों के लिए अनुमोदन प्रक्रिया में उत्तर-पूर्वी क्षेत्र, पहाड़ी राज्यों और द्वीपों को प्राथमिकता दी गई है।

  • उत्तर पूर्वी राज्यों में गुवाहाटी से तेजू, रूपसी, तेजपुर, पासीघाट, मीसा और शिलांग के हवाई मार्गों के साथ कनेक्टिविटी को विशेष बढ़ावा दिया जा रहा है।
  • उड़ान 4.0 के लिए मंजूर किए गए इन मार्गों से लोग हिसार से चंडीगढ़, देहरादून और धर्मशाला के लिए उड़ान भर सकेंगे।
  • वाराणसी से चित्रकूट और श्रावस्ती के लिए हवाई मार्गों को भी मंजूरी दी गई है। लक्षद्वीप के अगात्ती, कवारत्ती और मिनिकॉय द्वीपों को भी उड़ान 4.0 के नए मार्गों से जोड़ा गया है।
  • उड़ान योजना के तहत अब तक 766 हवाई मार्गों को मंजूरी दी गई है। उड़ान के चौथे दौर को दिसंबर 2019 में पूर्वोत्तर क्षेत्रों, पहाड़ी राज्यों और द्वीपों पर विशेष ध्यान देने के साथ शुरू किया गया था।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

टेक्सटाइल ग्रैंड चैलेंज 2019


कपड़ा मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय कपास बोर्ड और उद्योग और औद्योगिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) की स्टार्ट अप इंडिया टीम के सक्रिय सहयोग से टेक्सटाइल ग्रैंड चैलेंज 2019 का आयोजन किया गया।

उद्देश्य: प्‍लास्टिक थैलों को हटाने के लिए जूट बायोमास, जूट प्लांट आधारित बायो- पॉलीमर और कपास फाइबर के कचरे का उपयोग करके किफायती और कम वजन वाले कैरी बैग तैयार करने के लिए स्टार्ट-अप/ व्‍यवसायियों के नवीन विचारों को आगे लाना।

  • इसके अंतर्गत (i) एक बार उपयोग में आने वाले प्‍लास्टिक थैलों का विकल्‍प और (ii) घरेलू रूप से विकसित प्राकृतिक फाइबर जैसे जूट और कपास का उपयोग करके बहु-उपयोग वाले प्लास्टिक थैलों के विकल्‍प के लिए नवीन समाधान मांगे गए थे।

पीआईबी न्यूज पर्यावरण

राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित अंशदान- एशिया के लिए परिवहन पहल


नीति आयोग द्वारा 27 अगस्त, 2020 को राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित अंशदान- एशिया के लिए परिवहन पहल [Nationally Determined Contributions (NDC)–Transport Initiative for Asia (TIA): NDC– TIA] के भारत घटक की शुरूआत की गई।

महत्वपूर्ण तथ्य: यह जर्मनी के पर्यावरण मंत्रालय के अंतरराष्ट्रीय जलवायु पहल (International Climate Initiative– IKI), प्रकृति संरक्षण और परमाणु सुरक्षा (Nature Conservation and Nuclear Safety) द्वारा समर्थित एक संयुक्त कार्यक्रम है।

  • इस पहल का उद्देश्य भारत, वियतनाम और चीन में कार्बनमुक्त परिवहन हेतु एक व्यापक दृष्टिकोण को बढ़ावा देना है।
  • इसे सात अन्य संगठनों के समूह द्वारा कार्यान्वित किया जा रहा है। भारत सरकार की ओर से इस कार्यक्रम को नीति आयोग द्वारा कार्यान्वित किया जाएगा।
  • NDC-TIA कार्यक्रम की अवधि 4 वर्ष है। यह कार्यक्रम सदस्य देशों को राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित अंशदान (NDCs) लक्ष्य को प्राप्त करने तथा परिवहन क्षेत्र में उनकी महत्वाकांक्षा को वर्ष 2025 तक पूरा करने में योगदान करेगा।
  • NDC-TIA भारत घटक भारत में कार्बनमुक्त परिवहन के लिए एक बहु-हितधारक संवाद मंच स्थापित करने, परिवहन मॉडलिंग क्षमताओं को मजबूत करने, ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी हेतु तकनीकी सहायता प्रदान करने, परिवहन में जलवायु कार्रवाई के लिए वित्तपोषण, इलेक्ट्रिक वाहन पर मांग और आपूर्ति संबन्धित नीतिगत सिफारिशें पेश करने पर ध्यान केंद्रित करेगा।

सामयिक खबरें आर्थिकी

राष्ट्रीय जीआईएस-सक्षम भूमि बैंक प्रणाली


वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 27 अगस्त, 2020 को 'राष्ट्रीय जीआईएस-सक्षम भूमि बैंक प्रणाली' (national GIS-enabled land bank system) की शुरूआत की।

उद्देश्य: निवेशकों को औद्योगिक भूमि और संसाधनों की उपलब्धता के बारे में रियलटाइम जानकारी प्राप्त करने में मदद करना।

महत्वपूर्ण तथ्य: अभी छ: राज्यों के लिए परियोजना लॉन्च की गई। यह अभी केवल प्रारम्भिक अवस्था (प्रोटोटाइप) में ही है और इसे भूमि की पहचान एवं खरीद का एक प्रभावी, पारदर्शी तंत्र बनाने के लिए राज्यों से मिले इनपुट के साथ और आगे विकसित किया जाएगा।

  • यह प्रणाली औद्योगिक सूचना प्रणाली (आईआईएस) को राज्यों की भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) के साथ एकीकृत करके विकसित की जा रही है।
  • प्रणाली में लगभग 475,000 हेक्टेयर भूमि को कवर करते हुए 31 राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों में 3,300 से अधिक औद्योगिक पार्कों का मानचित्रण किया गया है।
  • इस प्रणाली में उपलब्ध और खाली भूखंडों, इलाके के सैटेलाइट व्यू और वहां के प्राकृतिक संसाधनों पर 'हीट मैप' (ग्राफ में डेटा को रंगो के रूप में प्रदर्शित करना) की जानकारी शामिल है।

सामयिक खबरें अंतर्राष्ट्रीय

‘ईट आउट टू हेल्प आउट’ योजना


कोविड-19 लॉकडाउन के बाद आतिथ्य व्यवसायों (Hospitality Businesses) को कारोबार शुरू करने में सहायता हेतु यूनाइटेड किंगडम सरकार द्वारा अगस्त 2020 में एक आर्थिक सुधार उपाय के रूप में ‘ईट आउट टू हेल्प आउट’ ( Eat Out to Help Out-EOHO) योजना शुरू की गई।

महत्वपूर्ण तथ्य: EOHO योजना के अंतर्गत, सरकार अगस्त महीने में प्रति सप्ताह सोमवार से बुधवार तक, रेस्तरां में भोजन (केवल खाद्य और गैर-मादक पेय) पर 50 प्रतिशत की सब्सिडी दे रही है।

  • इस छूट की अधिकतम सीमा 10 ब्रिटिश पौंड प्रति व्यक्ति है, तथा यह योजना रेस्टोरेंट से खाना पैक करा के ले जाने तथा किसी पार्टी कैटरिंग पर लागू नहीं होती है।
  • ग्राहकों को इस योजना का लाभ उठाने के लिए खर्च की कोई न्यूनतम सीमा निर्धारित नहीं है तथा न ही कोई संख्या सीमा तय की गयी है, इस योजना का उद्देश्य ग्राहकों को रेस्टोरेंट्स में भोजन करने को प्रोत्साहित करना है।
  • EOHO योजना की कुल लागत 500 मिलियन ब्रिटिश पौंड होगी।

संक्षिप्त खबरें सार-संक्षेप निधन

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस ए. आर. लक्ष्मणन का निधन


सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति ए. आर. लक्ष्मणन का 27 अगस्त, 2020 को तिरुचि में निधन हो गया। वे 78 वर्ष के थे।

  • न्यायमूर्ति लक्ष्मणन ने 20 दिसंबर, 2002 से 21 मार्च, 2007 तक उच्चतम न्यायालय में सेवाएं दी।
  • इससे पहले, वे मद्रास उच्च न्यायालय और केरल उच्च न्यायालय में न्यायाधीश थे। उन्होंने आंध्र प्रदेश और राजस्थान उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीश के रूप में भी कार्य किया।
  • सेवानिवृत्ति के बाद, उन्हें भारत के अठारहवें विधि आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था।

संक्षिप्त खबरें सार-संक्षेप विविध

ग्रेट अंडमानी जनजाति


विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG), ग्रेट अंडमानी जनजाति के सदस्य कोविड -19 से संक्रमित पाये गए। यह इस क्षेत्र के लुप्तप्राय PVTGs के बीच कोविड -19 संक्रमण के पहले मामलों में से एक है।

  • अंडमान और निकोबार द्वीपों में छह अधिसूचित जनजातियाँ हैं। निकोबारियों को छोड़कर, बाकी पांच जनजातियाँ - ग्रेट अंडमानी, जारवा, सेंटीनलीज, ओन्गे और शोम्पेन को PVTG के रूप में मान्यता प्राप्त है।
  • ग्रेट अंडमानी, जिनकी आबादी 2012 के अध्ययन अनुसार सिर्फ 51 है, आपस में जेरू बोली बोलते हैं।
  • 75 आदिवासी समूहों को गृह मंत्रालय द्वारा विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTG) के रूप में वर्गीकृत किया गया है। PVTGs 18 राज्यों और अंडमान-निकोबार द्वीपों में रहते हैं।

संक्षिप्त खबरें सार-संक्षेप चर्चित दिवस

महिला समानता दिवस


26 अगस्त

महत्वपूर्ण तथ्य: संयुक्त राज्य अमेरिका में 26 अगस्त को महिला समानता दिवस की 100वीं वर्षगांठ मनाई गई। यह दिवस मुख्य रूप से अमेरिका में मनाया जाता है। इसी दिन 1920 में संयुक्‍त राज्‍य अमेरिका में 19वें संविधान संशोधन के जरिए महिलाओं को समानता का अधिकार दिया गया था। पहली बार इसे 1972 में मनाया गया था।

खेल समाचार चर्चित खेल व्यक्तित्व

भास्कर मैती का निधन


19 अगस्त, 2020 को भारत के पूर्व गोलकीपर भास्कर मैती का निधन हो गया। वे 67 वर्ष के थे।

  • उन्होंने 1978 में बैंकॉक में आयोजित एशियाई खेलों के दौरान भारत का प्रतिनिधित्व किया था। वह संतोष ट्रॉफी में महाराष्ट्र के लिए वर्ष 1975 से 1979 तक खेले।

खेल समाचार फुटबॉल

यूएफा चैम्पियंस लीग 2019-20


23 अगस्त, 2020 को जर्मन क्लब बायर्न म्युनिख (Bayern Munich) ने यूएफा चैम्पियंस लीग 2019-20 का खिताब छठी बार जीत लिया है। फाइनल मुकाबले में बायर्न के किंग्सले कोमान के गोल की बदौलत बायर्न ने पेरिस सेंट जर्मेन (Paris Saint-Germain) को 1-0 से हराने में सफलता पाई।

  • बायर्न चैम्पियंस लीग में एक भी मुकाबला नही गवां कर खिताब जीतने वाली पहली टीम भी बन गई है।
  • बायर्न ने हंसी फ्लिक की कोचिंग में इस सत्र में खिताबी हैट्रिक लगाने में सफलता पाई। चैम्पियंस लीग से पहले उन्होने बुंदेसलीगा और जर्मन कप का खिताब भी जीता था।

संक्षिप्त खबरें बिजनेस और सार्वजनिक उपक्रम

एन शिवरामन आईसीआरए लिमिटेड के प्रबंध निदेशक नियुक्त


  • आईसीआरए लिमिटेड के निदेशक मंडल ने 10 अगस्त, 2020 से एन शिवरामन को तीन साल के लिए क्रेडिट रेटिंग एजेंसी के प्रबंध निदेशक और समूह मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में नियुक्त किया है। आईसीआरए लिमिटेड की स्थापना 1991 में की गई थी।

पीआईबी न्यूज आर्थिक

निर्यात तैयारी सूचकांक 2020 रिपोर्ट


नीति आयोग ने प्रतिस्पर्धात्मकता संस्थान की साझीदारी में 26 अगस्त, 2020 को निर्यात तैयारी सूचकांक 2020 रिपोर्ट जारी की।

उद्देश्य: भारतीय राज्यों की निर्यात तैयारी और निष्पादन की जांच करने के लिए चुनौतियों और अवसरों की पहचान करना, सरकारी नीतियों की प्रभावोत्पादकता को बढ़ाना और एक सुविधाजनक नियामकीय संरचना को प्रोत्साहित करना।

महत्वपूर्ण तथ्य: सूचकांक की संरचना में 4 स्तंभ- नीति, व्यवसाय परितंत्र, निर्यात परितंत्र, निर्यात निष्पादन तथा 11 उप स्तंभ - निर्यात संवर्धन नीति, संस्थागत संरचना, व्यवसाय वातावरण, अवसंरचना, परिवहन संपर्क, वित्त की सुविधा, निर्यात अवसंरचना, व्यापार सहायता, अनुसंधान एवं विकास अवसंरचना, निर्यात विविधीकरण और विकास अनुकूलन शामिल हैं।

  • अधिकांश भारतीय राज्यों ने निर्यात विविधीकरण, परिवहन संपर्क एवं अवसंरचना के उप स्तंभों में 50 प्रतिशत से अधिक के औसत स्कोर के साथ औसतन अच्छा प्रदर्शन किया है।
  • : तटीय राज्य शीर्ष दस रैंकिंग में शामिल हैं, जो निर्यात को बढ़ावा देने के लिए मजबूत सक्षमकारी और सुगमकारी कारकों की उपस्थिति का संकेत देते हैं। गुजरात, महाराष्ट्र एवं तमिलनाडु क्रमशः शीर्ष तीन स्थानों पर काबिज हैं।
  • भूमि से घिरे हुए राज्यों में, राजस्थान का प्रदर्शन सर्वश्रेष्ठ रहा है, जिसके बाद तेलंगाना और हरियाणा का स्थान है।
  • हिमालयी राज्यों में उत्तराखंड शीर्ष पर है, जिसके बाद त्रिपुरा और हिमाचल प्रदेश का स्थान है। केंद्र- शासित प्रदेशो में दिल्ली ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है जिसके बाद गोवा और चंडीगढ़ हैं।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के सात नए सर्किल की घोषणा


संस्कृति मंत्रालय ने 26 अगस्त, 2020 को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के 7 नए सर्किल की घोषणा की।

  • जबलपुर (मध्य प्रदेश), त्रिची (तमिलनाडु), झांसी और मेरठ (उत्तर प्रदेश), हम्पी (कर्नाटक), रायगंज (पश्चिम बंगाल) और राजकोट (गुजरात) को नए सर्कल के रूप में घोषित किया गया है। हम्पी मिनी सर्किल को पूर्ण विकसित सर्किल में बदल दिया गया है।
  • नए सर्किल पुरातात्विक स्मारकों के संरक्षण और पंजीकरण की प्रक्रिया को मजबूत करेंगे।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

एनएचएआई द्वारा एक 'वेंडर प्रदर्शन मूल्यांकन प्रणाली’ विकसित


अपने कंसल्टेंट्स, ठेकेदारों और रियायत पाने वालों के लिए एक पारदर्शी और व्यापक 'प्रदर्शन रेटिंग प्रणाली' स्थापित करने के लिए, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने अगस्त 2020 में एक 'वेंडर प्रदर्शन मूल्यांकन प्रणाली’ विकसित की है।

  • पोर्टल एनएचएआई वेबसाइट पर 'वेंडर प्रदर्शन मूल्यांकन प्रणाली' के तहत उपलब्ध है। इस पोर्टल के तहत, वेंडर को स्व-मूल्यांकन करने और उनके द्वारा कार्यान्वित परियोजना गतिविधियों से संबंधित दस्तावेजों को पोर्टल पर अपलोड करना आवश्यक है।
  • पोर्टल में बिल्ड ऑपरेटर ट्रांसफर-बीओटी (टोल), बीओटी (एन्यूटी), हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल, ईपीसी कार्यों और डीपीआर कंसल्टेंट्स के तहत कार्यान्वयन की स्थिति और पूरा होने की स्थिति के अनुसार परियोजनाओं को रेटिंग देने का प्रावधान है।

सामयिक खबरें अंतर्राष्ट्रीय

अफ्रीका महाद्वीप पोलियो मुक्त घोषित


विश्व स्वास्थ्य संगठन के अफ्रीका क्षेत्र के कार्यालय द्वारा अफ्रीका के अंतिम देश नाइजीरिया को पोलियो मुक्त देश घोषित करने के बाद 25 अगस्त, 2020 को पूरा अफ्रीका महाद्वीप पोलियो (वाइल्ड पोलियो वायरस) से मुक्त हो गया।

महत्वपूर्ण तथ्य: अफ्रीका में आखिरी बार पोलियो का मामला 2016 में नाइजीरिया में आया था। डब्ल्यूएचओ के अनुसार जब किसी देश में चार साल तक पोलियो का कोई नया मामला नहीं सामने आता, तो उसे पोलियो मुक्त मान लिया जाता है।

  • अब केवल पाकिस्तान और अफगानिस्तान ही ऐसे देश बचे हैं, जहां अभी तक पोलियो वायरस मौजूद है।
  • डब्लूएचओ ने 27 मार्च, 2014 को दक्षिण-पूर्व एशिया को पोलियो मुक्त क्षेत्र घोषित किया था। इसी के तहत भारत भी पोलियो मुक्त घोषित हो गया था। कभी भी एक देश को अकेले पोलियो मुक्त घोषित नहीं किया जाता है। डब्ल्यूएचओ क्षेत्र आधार पर पोलियो मुक्त होने की घोषणा करता है।
  • यह दूसरी बार है, जब अफ्रीका में किसी वायरस को खत्म किया गया है। चार दशक पहले अफ्रीका में चेचक (smallpox) को पूरी तरह से खत्म किया गया था।
  • पोलियो एक विषाणुजन्य रोग है, जो अधिकांशत: बच्चों को होता है। यद्यपि यह बीमारी किसी को भी हो सकती है। यह पानी या मल पदार्थ, अस्वच्छ भोजन के साथ, जल के संक्रमण से हो सकता है।
  • डब्ल्यूएचओ ने 1988 में वैश्विक पोलियो उन्मूलन पहल (जीपीईआई) शुरू की थी।

सामयिक खबरें अंतर्राष्ट्रीय

ब्रिक्स नवाचार संचालन केंद्र


24 अगस्त, 2020 को ब्रिक्स उद्योग मामलों के मंत्रियों की वर्चुअल बैठक में चीन ने पांच देशों के बीच 5जी नेटवर्क और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए 'ब्रिक्स नवाचार संचालन केंद्र' बनाने की योजना बनाई है।

महत्वपूर्ण तथ्य: भारत, समूह में एकमात्र देश है, जो देश के 5जी नेटवर्क में चीन की भागीदारी नहीं चाहता है। जबकि रूस 5जी पर चीन के साथ काम करना चाहता है।

  • दक्षिण अफ्रीका में, चीनी कंपनी हुआवे (Huawei) अपने तीन दूरसंचार प्रदाताओं को 5जी नेटवर्क के कार्यान्वयन में सेवाएं प्रदान कर रहा है। जबकि ब्राजील ने इसके परीक्षणों में भाग लेने की अनुमति दी है, किंतु अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया है।
  • भारत द्वारा गलवान घाटी में चीन से झड़प के बाद से चीन से निवेश पर कड़ा रुख करने और राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए 59 चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध लगाने के हाल के कदमों के मद्देनजर 5जी में चीनी भागीदारी की अनुमति देने की संभावना न के बराबर है।
  • ज्ञात हो कि ब्रिटेन की सरकार ने मई में चीन की दूरसंचार कंपनी हुआवे को लेकर सुरक्षा से जुड़ी दिक्कतों के मद्देनजर भारत समेत 10 लोकतांत्रिक देशों का 5जी क्लब बनाने के लिये अमेरिका से संपर्क किया था।

सामयिक खबरें पर्यावरण

एस्ट्रोसैट दूरबीन द्वारा एक सबसे पुरानी आकाशगंगा की खोज


24 अगस्त, 2020 को ‘नेचर एस्ट्रोनोमी’ में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार भारत के मल्टी वेवलेंथ वेधशाला एस्ट्रोसैटने AUDFs01 नामक एक आकाशगंगा से निकलने वाले तीव्र-पराबैंगनी (Ultraviolet- UV) प्रकाश की खोज की है। यह आकाशगंगा पृथ्वी से 9.3 बिलियन प्रकाशवर्ष की दूरी पर स्थित है।

महत्वपूर्ण तथ्य: यह खोज भारत, स्विट्जरलैंड, फ्रांस, अमेरिका, जापान और नीदरलैंड के खगोलविदों द्वारा खगोल विज्ञान के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. कनक साहा के नेतृत्व में की गई।

  • इस आकाशगंगा को आकाश के हबल एक्सट्रीम डीप फील्ड(Hubble eXtreme Deep field– XDF) नामक क्षेत्र में खोजा गया, जो कि हबल अल्ट्रा डीप फील्ड(Hubble Ultra Deep Field– HUDF) के केंद्र में स्थित है।
  • HUDF फोर्नेक्स (Fornax) तारामंडल में एक छोटा सा क्षेत्र है, जिसे वर्ष 2003 से 2004 तक हबल स्पेस टेलीस्कोप डेटा का उपयोग करके निर्धारित किया गया था। XDF नामक इस क्षेत्र में लगभग 5,500 आकाशगंगाएँ हैं।
  • एस्ट्रोसैट द्वारा अक्टूबर 2016 में 28 घंटे के लिए एक्सडीएफ के एक हिस्से को देखा गया था। किंतु इसके विश्लेषण में वैज्ञानिकों को दो साल से ज्यादा समय लग गया।
  • पराबैंगनी विकिरण का वातावरण मे अवशोषण हो जाता है, अतः इसे केवल अंतरिक्ष दूरबीन द्वारा देखा जा सकता था।
  • एस्ट्रोसैट भारत की पहली समर्पित मल्टी वेवलेंथ अंतरिक्ष वेधशाला (multi-wavelength space telescope) है। इसे 2015 में इसरो द्वारा लॉन्च किया गया था।

खेल समाचार चर्चित खेल व्यक्तित्व

जेम्स एंडरसन 600 विकेट लेने वाले पहले तेज गेंदबाज


25 अगस्त, 2020 को इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन टेस्ट क्रिकेट में 600 विकेट लेने वाले पहले तेज गेंदबाज बन गए हैं। एंडरसन ने इंग्‍लैंड के साउथऐंपटन में पाकिस्‍तान के खिलाफ तीसरे और अंतिम टेस्‍ट मैच के अंतिम दिन अजहर अली को आउट कर यह सफलता हासिल की। यह मैच ड्रॉ रहा। इंग्लैंड ने 1-0 से यह श्रृंखला जीत ली है।

  • टेस्‍ट क्रिकेट में एंडरसन से अधिक विकेट लेने वाले तीनों गेंदबाज - मुथैया मुरलीधरन, शेन वार्न और अनिल कुंबले स्पिनर रहे हैं।

संक्षिप्त खबरें संस्थान-संगठन

भारतीय बागवानी अनुसंधान संस्थान


26 अगस्त, 2020 को भारतीय बागवानी अनुसंधान संस्थान के बीज पोर्टलका एसबीआई के योनो कृषि ऐपके साथ एकीकरण किया गया।

  • भारतीय बागवानी अनुसंधान संस्थान को 1967 में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा अपने नई दिल्ली मुख्यालय में स्थापित किया गया था। वर्तमान में इसका मुख्यालय ‘बेंगलुरू’ में स्थित है।
  • संस्थान का मुख्य कार्य फलों, सब्जियों, सजावाटी, औषधीय एवं संगधीय पादपों तथा मशरूम जैसी उष्‍णकटिबंधीय और उपोष्‍णकटिबंधीय बागवानी फसलों की उत्‍पादकता और उपयोग को बढ़ाने हेतु कार्यनितियां विकसित करने के लिए मौलिक एवं अनुप्रयुक्‍त अनुसंधान करना तथा बागवानी से संबद्ध वैज्ञानिक सूचना के संग्रह-स्थल के रूप में कार्य करना है।
  • वर्ष 1999 और 2011 के दौरान भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्‍ली ने इसे ‘सर्वश्रेष्ठ संस्‍थान पुरस्‍कार प्रदान’ किया था।

पीआईबी न्यूज आर्थिक

एपीडा द्वारा कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में समन्वय हेतु समझौता


कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) ने 25 अगस्त, 2020 को एएफसी इंडिया लिमिटेड’ और 'भारतीय राष्ट्रीय सहकारी संघ' के साथ कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में समन्वय के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

  • एएफसी इंडिया लिमिटेड जैविक उत्पादन प्रणाली के साथ-साथ रासायनिक / अवशेष मुक्त उत्पादन प्रणाली के लिए आवश्यक महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी की पहचान कर इसे प्रस्तुत करेगा।
  • भारतीय राष्ट्रीय सहकारी संघ किसानों को निर्यात के अवसरों का लाभ प्रदान करके सरकार द्वारा निर्धारित किसान आय दोगुनी करने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए मिलकर काम करेगा।
  • 1968 में स्थापित एएफसी इंडिया लिमिटेड वाणिज्यिक बैंकों, नाबार्ड और एक्जिम बैंक के पूर्ण स्वामित्व वाली संस्था है। जबकि भारतीय राष्ट्रीय सहकारी संघ बहु-राज्य सहकारी समिति अधिनियम, 2002 के तहत पंजीकृत भारत के सहकारी गतिविधियों का सर्वोच्च संगठन है।

पीआईबी न्यूज विज्ञान और तकनीक

ओमेगा सेंटॉरी तारा समूह में हीलियम संवर्धित तारों की खोज


'द एस्ट्रोफिजिकल जर्नल' में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार भारतीय तारा भौतिकी संस्थान (Indian Institute of Astrophysics) के वैज्ञानिकों ने ओमेगा सेंटॉरी (Omega Centauri) तारा समूह या ग्लोबुलर क्लस्टर (Globular Cluster) में हीलियम संवर्धित चमकीले तारों की खोज की है।

महत्वपूर्ण तथ्य: ये तारे हमारी आकाश गंगा (Miky Way) में स्थित सबसे बड़े तारा समूह ओमेगा सेंटॉरी के धातु समृद्ध भाग में मिले हैं।

  • ओमेगा सेंटॉरी के इन ठंडे चमकीले तारों में हीलियम की मात्रा को मापने के लिए, दक्षिणी अफ्रीकी लार्ज टेलीस्कोप (SALT) से प्राप्त उच्च रिजॉल्यूशन स्पेक्ट्रा का उपयोग किया गया।

ग्लोबुलर क्लस्टरः ग्लोबुलर क्लस्टर लाखों तारों का एक ऐसा सघन समूह है, जो अंतरिक्ष में एक ही गैसीय बादल से निर्मित होता है। इसलिए, आम तौर पर, इससे बनने वाले तारों में मौलिक तत्वों की रासायनिक संरचना एक समान होती है।

  • लेकिन ऐसे भी क्लस्टर हैं, जिनमें यह नियम आवश्यक रूप से लागू नहीं होता है- जैसे ओमेगा सेंटौरी के विभिन्न तारों में एक ही प्रकार की धातु सामग्री नहीं पाई गई है।

  • अधिकांश तारों में, हाइड्रोजन सबसे अधिक प्रचुरता में पाया जाने वाला तत्व है, लेकिन यदि हाइड्रोजन की प्रचुरता कम होती है, तो हीलियम की प्रचुरता बढ़ जाती है क्योंकि हाइड्रोजन और हीलियम का योग एक स्थिरांक होता है, जबकि अन्य भारी तत्व भी अल्प मात्र में मौजूद होते हैं।

पीआईबी न्यूज विज्ञान और तकनीक

इमली और कपास के अपशिष्ट से सुपरकैपेसिटर इलेक्ट्रोड का निर्माण


विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत स्वायत्त संस्थान इंटरनेशनल एडवांस रिसर्च सेंटर फॉर पाउडर मेटलर्जी एंड न्यू मेटेरियल –एआरसीआई (International Advanced Research Centre for Powder Metallurgy and New Materials-ARCI) ने इमली के बीजों और औद्योगिक कपास अपशिष्ट से किफायती इलेक्ट्रोड सामग्री बनाई है।

महत्वपूर्ण तथ्य: वैज्ञानिकों ने एक्टिवेशन प्रक्रिया द्वारा अपशिष्ट पदार्थ को उच्च छिद्रित कार्बन फाइबर में परिवर्तित किया ।

  • इसके बाद छिद्रित कॉर्बन फाइबर का प्रयोग कर उच्च-क्षमता वाले सुपरकैपेसिटर इलेक्ट्रोड का निर्माण किया।
  • इलेक्ट्रोड सामग्री का सेंटर फॉर फ्यूल सेल टेक्नालॉजी,एआरसीआई चेन्नई के वैज्ञानिकों द्वारा विकसित त्वरित परीक्षण प्रारुप के द्वारा परीक्षण किया गया, जिससे विभिन्न छिद्रित इलेक्ट्रोड सामग्री का सुपरकैपेसिटर में अनुकूलता का मूल्यांकन किया गया।
  • इससे कम लागत के इलेक्ट्रिक वाहन और हाईब्रिड वाहन बनाने की दिशा में सहायता मिलेगी। ये वाहन अपनी ब्रेकिंग प्रणाली और स्टार्ट-स्टॉप के लिए सुपरकैपेसिटर पर मुख्य रुप से निर्भर हैं।
  • वैज्ञानिको की यह खोज ‘जर्नल आफ मेटेरियल साइंस : मैटेरियल इन इलेक्ट्रोनिक्स’ में प्रकाशित हुई है।

सामयिक खबरें आर्थिकी

‘प्रमुख वैश्विक शहर सूचकांक दूसरी तिमाही-2020’ रिपोर्ट


अगस्त, 2020 में प्रोपर्टी कंसल्टेंसी नाइट फ्रैंक (Knight Frank) द्वारा प्रमुख वैश्विक शहर सूचकांक दूसरी तिमाही-2020रिपोर्ट जारी की गई।

महत्वपूर्ण तथ्य: रिपोर्ट में दुनिया में आलीशान आवासीय संपत्तियों की कीमतों में सालाना आधार पर वृद्धि के मामले में प्रमुख शहरों की सूची दी गई है।

  • दुनिया के 45 शहरों में आलीशान आवासीय संपत्तियों की कीमत में औसतन 0.9% की वृद्धि हुई है।

यह पिछले 11 वर्ष में सबसे कम सालाना वृद्धि है।

  • इस सूची में फिलिपींस की राजधानी मनीला पहले स्थान पर है। मनीला में जून, 2020 तक सालाना आधार पर आलीशान आवासों की कीमत में 14.4% की वृद्धि हुई। उसके बाद जापान के टोक्यो (8.60%) तथा स्वीडन के स्टॉकहोम (4.40%) हैं।
  • थाइलैंड की राजधानी बैंकॉक का प्रदर्शन सबसे खराब रहा है। वहां सालाना आधार पर आलीशान आवासों की कीमतों में 5.8% की गिरावट दर्ज की गई।
  • दुनिया में आलीशान आवासीय संपत्तियों की कीमतों में सालाना आधार पर वृद्धि के मामले में भारतीय शहर बेंगलुरू 26वें और दिल्ली 27वें तथा मुंबई 32वें स्थान पर रहे।
  • अप्रैल-जून की तिमाही में पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही की तुलना में बेंगलुरू में आलीशान आवासीय संपत्तियों का पूंजीगत मूल्य 0.6% और दिल्ली में 0.3% बढ़ा, जबकि मुंबई में इसमें 0.6% की गिरावट दर्ज की गई।

संक्षिप्त खबरें बैंकिंग, फाइनेंस, सेवा और बीमा

एचडीएफसी बैंक ने लॉन्च किया 'शौर्य केजीसी कार्ड'


निजी क्षेत्र के एचडीएफसी बैंक ने 14 अगस्त, 2020 को सशस्त्र बलों के लिए एक 'शौर्य केजीसी कार्ड' (Shaurya KGC Card) लॉन्च किया।

  • शौर्य केजीसी कार्ड सशस्त्र बल के कर्मियों को कृषि आवश्यकताओं जैसे फसल उत्पादन, फसल के बाद के रखरखाव और उपभोग की जरूरतों के लिए वित्त की सुविधा प्रदान करेगा। ऋण सुविधा का लाभ इसकी शाखाओं या इसके ई-किसान धन ऐप के माध्यम से लिया जा सकता है।
  • किसान क्रेडिट कार्ड दिशानिर्देशों के आधार पर, शौर्य केजीसी कार्ड औसत कार्ड के लिए 2 लाख रुपए के मुकाबले 10 लाख रुपए का लाइफ कवर प्रदान करता है।

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शशिधर जगदीशन एचडीएफसी बैंक के प्रबंध निदेशक और सीईओ नियुक्त


भारतीय रिजर्व बैंक ने 3 अगस्त, 2020 को देश के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के ऋणदाता एचडीएफसी बैंक के प्रबंध निदेशक और सीईओ के रूप में शशिधर जगदीशन की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। शशिधर जगदीशन की नियुक्ति अक्टूबर 2020 से तीन साल की अवधि के लिए प्रभावी होगी।

  • जगदीशन 26 अक्टूबर को सेवानिवृत्त होने वाले आदित्य पुरी से पदभार संभालेंगे। जगदीशन, वर्तमान में एचडीएफसी बैंक के ग्रुप हेड और चेंज एजेंट हैं।

संक्षिप्त खबरें बिजनेस और सार्वजनिक उपक्रम

गूगल का 'कोरमो जॉब्स' ऐप


19 अगस्त, 2020 को दिग्गज प्रौद्योगिकी कंपनी गूगल ने रोजगार चाहने वालों को नौकरी ढूंढने और पदों के लिए आवेदन करने में मदद करने के लिए भारत में 'कोरमो जॉब्स' ऐप के लॉन्च की घोषणा की है।

  • गूगल ने 2019 में अपने पेमेंट ऐप 'गूगल पे' के साथ भारत में 'जॉब' फीचर शुरू किया था। इसी फीचर को फिर से ब्रांड करके 'कोरमो जॉब्स' नाम दिया गया है।

पीआईबी न्यूज आर्थिक

मुंबई शहरी परिवहन परियोजना- III हेतु ऋण समझौता


भारत सरकार, महाराष्ट्र सरकार, मुंबई रेलवे विकास निगम और एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (एआईआईबी) ने मुंबई में उपनगरीय रेलवे प्रणाली की नेटवर्क क्षमता, सेवा गुणवत्ता और सुरक्षा में सुधार के लिए 24 अगस्त, 2020 को 500 मिलियन डॉलर की मुंबई शहरी परिवहन परियोजना- III के ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए।

  • परियोजना की कुल अनुमानित लागत 997 मिलियन डॉलर है, जिसमें से 500 मिलियन डॉलर एआईआईबी, 310 मिलियन डॉलर महाराष्ट्र सरकार और 187 मिलियन डॉलर रेल मंत्रालय वहन करेगा।
  • एआईआईबी से 500 मिलियन डॉलर ऋण में 5 साल की छूट अवधि और 30 साल की परिपक्वता अवधि है। मुंबई महानगर क्षेत्र में लगभग 86% लोग सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर करते हैं।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए राष्ट्रीय परिषद


ट्रांसजेंडर व्यक्तियों (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019 (2019 का 40) की धारा 16 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए केंद्र सरकार ने 21 अगस्त, 2020 को ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए एक राष्ट्रीय परिषद का गठन किया।

महत्वपूर्ण तथ्य: केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री इसके अध्यक्ष (पदेन) और केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री इसके उपाध्यक्ष (पदेन) होंगे।

  • परिषद के अन्य सदस्यों में विभिन्न मंत्रालयों / विभागों के प्रतिनिधि, ट्रांसजेंडर समुदाय के पांच प्रतिनिधि, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और राष्ट्रीय महिला आयोग के प्रतिनिधि, राज्य सरकारों और केंद्र-शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
  • राष्ट्रीय परिषद का सदस्य, पदेन सदस्य के अलावा, अपने नामांकन की तारीख से तीन साल के लिए पद पर काम कर सकेगा।

परिषद के प्रमुख कार्य: ट्रांसजेंडर व्यक्तियों से संबंधित नीतियों, कार्यक्रमों, कानून और परियोजनाओं पर केंद्र सरकार को सलाह देना;

  • ट्रांसजेंडर व्यक्तियों की समानता से संबन्धित नीतियों और कार्यक्रमों के प्रभाव की निगरानी और मूल्यांकन करना;
  • ट्रांसजेंडर व्यक्तियों से संबंधित मामलों से जुड़े सभी सरकारी तथा गैर-सरकारी संगठनों की गतिविधियों की समीक्षा करना; तथा ट्रांसजेंडर व्यक्तियों की शिकायतों का निवारण करना।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

मोबाइल ऐप ‘माय आईएएफ’


वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल राकेश कुमार सिंह भदौरिया ने डिजिटल इंडिया पहल के एक हिस्से के रूप में 24 अगस्त, 2020 को वायु सेना मुख्यालय ‘वायु भवन’ में एक मोबाइल एप्लीकेशन ‘माय आईएएफ’ (MY IAF) का शुभारम्भ किया।

  • सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस कंप्यूटिंग (सी-डीएसी) के सहयोग से विकसित किया गया यह मोबाइल एप्लीकेशन भारतीय वायु सेना (आईएएफ) में शामिल होने के इच्छुक लोगों के लिए करियर संबंधी जानकारी और विवरण प्रदान करेगा।

सामयिक खबरें आर्थिकी

वित्तीय शिक्षा के लिए राष्ट्रीय कार्यनीति 2020-2025


भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा 20 अगस्त, 2020 को 'वित्तीय शिक्षा के लिए राष्ट्रीय कार्यनीति 2020-2025' (NSFE) जारी की गई।

उद्देश्य: आर्थिक रूप से जागरूक और सशक्त भारत बनाना।

प्रमुख कार्यनीतिक उद्देश्य: वित्तीय शिक्षा के माध्यम से जनसंख्या के विभिन्न वर्गों के बीच वित्तीय साक्षरता की अवधारणा को एक महत्वपूर्ण जीवन कौशल बनाना;

  • सक्रिय बचत व्यवहार को प्रोत्साहित करना; वित्तीय लक्ष्यों को पूरा करने हेतु वित्तीय बाजारों में भागीदारी को प्रोत्साहित करना;
  • क्रेडिट अनुशासन विकसित करना और आवश्यकतानुसार औपचारिक वित्तीय संस्थानों से क्रेडिट प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करना;
  • सावधानी और सुरक्षित तरीके से डिजिटल वित्तीय सेवाओं के उपयोग में सुधार करना; तथा प्रासंगिक और उपयुक्त बीमा कवर के माध्यम से जोखिम का प्रबंधन करना।

महत्वपूर्ण तथ्य: कार्यनीतिक उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए वित्तीय शिक्षा के प्रसार हेतु '5 C' (Content, Capacity, Community, Communication and Collaboration) दृष्टिकोण को अपनाने की सिफारिश की गई है।

  • स्कूलों, कॉलेजों और प्रशिक्षण प्रतिष्ठानों में पाठ्यक्रम सहित प्रासंगिक 'सामग्री' (Content) का विकास;
  • वित्तीय सेवाएं प्रदान करने में शामिल मध्यवर्ती संस्थाओं के बीच 'क्षमता' (Capacity) विकास;
  • समुचित 'संचार' (Communication) कार्यनीति के माध्यम से वित्तीय साक्षरता के लिए 'सामुदायिक' (Community) नेतृत्व वाले मॉडल के सकारात्मक प्रभाव का लाभ उठाना;
  • विभिन्न हितधारकों के बीच 'सहयोग' (Collaboration) को बढ़ाना।

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'एक सूर्य, एक विश्व, एक ग्रिड' योजना


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त, 2020 को अपने स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में दुनिया भर में सौर ऊर्जा की आपूर्ति हेतु 'एक सूर्य, एक विश्व, एक ग्रिड' (One Sun, One World, One Grid) योजना के बारे में उल्लेख किया।

महत्वपूर्ण तथ्य: यह विचार पहली बार 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) की पहली असेंबली के दौरान प्रस्तावित किया था।

  • यह 'सूर्य कभी अस्त नहीं होता' की दृष्टि पर आधारित है अर्थात सूर्य किसी भी भौगोलिक स्थान पर, वैश्विक स्तर पर, किसी भी समय पर स्थिर है।
  • यह महत्वाकांक्षी योजना 140 देशों को एक सार्वजनिक ग्रिड (Common grid) के माध्यम से जोड़ेगा जो सौर ऊर्जा को स्थानांतरित करने के लिए उपयोग किया जाएगा।
  • केंद्र में भारत के साथ, सौर स्पेक्ट्रम को आसानी से दो व्यापक क्षेत्रों में विभाजित किया जा सकता है। सुदूर पूर्व, जिसमें म्यांमार, वियतनाम, थाईलैंड, लाओ, कंबोडिया आदि देश शामिल हैं, और सुदूर पश्चिम, जो मध्य पूर्व और अफ्रीका क्षेत्र को कवर करेगा।
  • योजना को 3 चरणों में विभाजित किया गया है। चरण-1 सौर और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा संसाधनों को साझा करने के लिए पश्चिम एशिया, दक्षिण एशिया और दक्षिण पूर्व एशिया में ग्रिड के साथ भारतीय ग्रिड को जोड़ेगा।
  • चरण- 2 नवीकरणीय स्रोतों के अफ्रीकी पूल के साथ पहले चरण के राष्ट्रों को जोड़ेगा। और चरण-3 वैश्विक देशों के परस्पर कनेक्शन का अंतिम चरण होगा।

सामयिक खबरें पर्यावरण

पर्यावरण अनुकूल लिथियम-सल्फर (Li-S) बैटरी प्रौद्योगिकी


अगस्त 2020 में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) बॉम्बे और शिव नादर विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने पर्यावरण अनुकूल लिथियम-सल्फर (Li-S) बैटरी के उत्पादन के लिए एक नई प्रौद्योगिकी विकसित की है।

महत्वपूर्ण तथ्य: यह बैटरी इस समय इस्तेमाल की जा रहीं लीथियम-आयन बैटरियों की तुलना में तीन गुना अधिक ऊर्जा क्षमता वाली और किफायती होंगी।

  • लिथियम-सल्फर बैटरी प्रौद्योगिकी ‘हरित रसायन विज्ञान’ सिद्धांत पर आधारित है, जिसमें पेट्रोलियम उद्योग के सह-उत्पादों (सल्फर), कृषि-अपशिष्ट तत्व और कार्डेनॉल (काजू प्रसंस्करण का एक सह-उत्पाद) जैसे कोपॉलीमर्स और यूजीनॉल (लौंग का तेल) जैसे कैथोडिक सामग्री का उपयोग शामिल है।
  • यूजेनॉल पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊ, हैलोजन-मुक्त, लौ-मंदक है और दहनशील प्रवृत्ति को कम करता है, जिससे बैटरी उपयोग के लिए सुरक्षित हो जाती है।
  • ऐसी बैटरियों पर आधारित कारोबार जैसे तकनीकी गैजेट, ड्रोन, विद्युत चालित वाहन और कई अन्य उत्पादों के कारोबार को इस प्रौद्योगिकी में अरबों डॉलर की सहायता की क्षमता है।

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डीआरडीओ अध्यक्ष जी सतीश रेड्डी को दो साल का कार्यकाल विस्तार


केंद्र सरकार ने जी सतीश रेड्डी को रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) के अध्यक्ष के रूप में दो साल का कार्यकाल विस्तार दिया है। उन्हें दो साल के लिए अगस्त 2018 में इस पद पर नियुक्त किया गया था।

  • कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने डीआरडीओ के अध्यक्ष तथा रक्षा अनुसंधान और विकास विभाग के सचिव के रूप में रेड्डी के कार्यकाल विस्तार को 26 अगस्त के बाद 2 वर्षों के लिए मंजूरी दी है।

संक्षिप्त खबरें सार-संक्षेप चर्चित दिवस

धर्म या विश्वास आधारित हिंसा पीड़ितों का अंतरराष्ट्रीय स्मरण दिवस


22 अगस्त

महत्वपूर्ण तथ्य: पहली बार यह दिवस 2019 में मनाया गया था।

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डीसीबी बैंक की वर्चुअल वीडियो बूथ सुविधा


डीसीबी बैंक ने 5 अगस्त, 2020 को नए ग्राहकों के संपर्क के लिए वर्चुअल वीडियो बूथ सुविधा शुरू करने की घोषणा की।

  • यह किसी भी भारतीय को बिना डीसीबी बैंक शाखा में जाये या बैंक के प्रतिनिधि से मिले बगैर वीडियो-आधारित केवाईसी के माध्यम से डीसीबी बैंक सावधि जमा के लिए आवेदन करने में सक्षम बनाता है।
  • डीसीबी बैंक की स्थापना 1930 के दशक में हुई थी। डीसीबी बैंक के प्रबंध निदेशक और सीईओ मुरली एम. नटराजन हैं।

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एस.एन.राजेश्वरी ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड की प्रबंध निदेशक नियुक्त


केंद्र ने एस.एन.राजेश्वरी को सामान्य बीमाकर्ता ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक के रूप में नियुक्त किया है। इससे पहले, राजेश्वरी न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड में महाप्रबंधक थीं। वे मई 2022 के अंत तक ओरिएंटल इंश्योरेंस के सीएमडी के पद पर रहेंगी।

  • ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को 12 सितंबर,1947 को मुंबई में शुरू किया गया था।

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एयर बबल्स


केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा ‘एयर बबल्स’ (air bubbles) शब्द का इस्तेमाल किया जा रहा है। एयर बबल्स कोविड महामारी के दौरान नियमित उड़ानों के स्‍थगित होने के कारण अस्‍थायी वाणिज्‍यिक उड़ानें संचालित करने का समझौता है।

  • एयर बबल्स के तहत दो देशों द्वारा द्विपक्षीय समझौता करके एक खास एयर कॉरिडोर बनाया जाता है, ताकि हवाई यात्रा में कोई दिक्कत ना आए। तमाम शर्तों के साथ दो देश आपस में एयर बबल्स शुरू कर सकते हैं, जिसमें सुरक्षा मानकों का पालन जरूरी होता है। भारत भी कई देशों के साथ इस प्रक्रिया में जुटा है।

सामयिक खबरें राष्ट्रीय पर्यावरण प्रदूषण, गिरावट और जलवायु परिवर्तन

भूजल के वाणिज्यिक उपयोग के लिए कठोर शर्तें


  • हाल ही में, नियमों के एक बड़ा सुधार करते हुए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने भूजल के वाणिज्यिक उपयोग के लिए कठोर शर्तें तय की हैं।
  • नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने यह आदेश हरियाणा-निवासी द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। याचिका, पानीपत (हरियाणा) में एक औद्योगिक इकाई द्वारा भूजल के अवैध निष्कर्षण और नहर में प्रदूषित पानी के निकास के विरोध में दायर की गई थी।
  • इसके अलावा, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने केंद्रीय भूजल प्राधिकरण (Central Ground Water Authority’s - CGWA), 2020 के दिशानिर्देशों को भी ‘कानून के ख़िलाफ़’ बताते हुएसमाप्त किया है।
  • नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने पिछले वर्ष केंद्रीय भूजल प्राधिकरण 2018 के दिशानिर्देशों को ख़त्म किया था।

शर्तों की आवश्यकता?

  • भूजल के निष्कर्षण को उदारीकृत किया गया है जिससे संकट में और इज़ाफा हो गया है। इस ज़मीनी स्थिति से केंद्रीय भूजल प्राधिकरण बेखबर है, इसका दुस्प्रभाव पर्यावरण पर पड़ने की संभावना है।
  • पानी की गुणवत्ता सूचकांक में भारत 122 देशों की सूची में 120वें स्थान पर है।
  • भारत के 54% कुओं के भूजल स्तर में कमी आई है, देश के 21 प्रमुख शहरों में 2020 तक भूजल समाप्त होने की उम्मीद है।
  • वार्षिक वैश्विक जल के कुल हिस्से का 25 प्रतिशत निष्कर्षण अकेले भारत द्वारा किया जाता है, जो लगातार बढ़ता जा रहा है।
  • केंद्रीय जल आयोग (Central Water Commission - CWC) की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत (2017) में वार्षिक पुनर्भरणीय योग्य भूजल संसाधन 432BCM हैं,जिसमें से 393BCM वार्षिक "निष्कर्षण योग्य" भूजल उपलब्धता है।
  • भारत के किसी भी राज्य नेभूजल पुनर्भरण तंत्रों को संरक्षित और संवर्धित करने तथा भूजल उपयोग को विनियमित करने के लिए किसी प्रकार के भरोसेमंद प्रेरक प्रयास नहीं किया।
  • यदि भूजल स्तर के गिरावट की वर्तमान दर बनी रहती है, तो भारत में 2050 तक वर्तमान में उपलब्ध प्रति व्यक्ति पानी का केवल 22% ही शेष रहेगा,संभवतः देश को अपना पानी आयात करने के लिए मजबूर करना होगा।

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) द्वारा रखी गई नई शर्तें

  • नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने मुख्य रूप से भूजल निष्कर्षण की सामान्य अनुमति, विशेष रूप सेपर्यावरण प्रभाव आकलन (EIA) के बगैर स्थापित वाणिज्यिक संस्थाओं पर प्रतिबंध लगा दिया है।
  • वाणिज्यिक गतिविधियों के लिए भूजल निष्कर्षण के परमिट (अनुज्ञापत्र)जिस तरह से ज़ारी किए जाते हैं, उद्योगों को उस पक्रिया में पूर्ण कायापलट की उम्मीद करनी चाहिए।अब उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी शर्तों का अनुपालन ठीक तरीके से हो।
  • पानी की निर्दिष्ट मात्रा के लिए परमिट (इजाज़त) होना चाहिए, जिसकी निगरानी डिजिटल प्रवाह मीटर के साथ की जानी चाहिए तथा हर साल किसी तीसरे पक्ष द्वारा ऑडिट किया जाना चाहिए।
  • अभियोजन और ब्लैक-लिस्टिंग सहित ऑडिट में विफल होने वालों के ख़िलाफ़ सख्त़ कार्रवाई की जानी चाहिए।
  • नए नियमों के अनुसार, अधिकारियों को तीन महीने का समय दिया जायेगा ताकि वे सभी अति-शोषित, नाजुक और अर्ध-नाजुक क्षेत्रों के लिए जल प्रबंधन योजना बना सकें।

प्रभाव और संबद्ध चिंताएं

  • भूजल के उपयोग पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के आदेश से शुरू हुई नीति, कारोबार के सभी सेक्टरों (क्षेत्रों) को प्रभावित करती है।
  • ये निर्देश व्यवसायों पर कठोर दबाव डाल सकते हैं जब वे COVID-19 महामारी के बीच अपना रास्ता खोजने की कोशिश कर रहे थे।
  • इसके अलावा, प्रतिबंध भूजल की पहुंच को बहुत मुश्किल बनाते हैं।
  • नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) का कदम जल शक्ति मंत्रालय के विधायी कार्यों में भी हस्तक्षेप कर रहा है।

आगे का रास्ता

  • जलवायु परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए भूजल से संबंधित विभिन्न मुद्दों का समाधान करने के लिए, देश में उपलब्ध भूजल संसाधनों के वैज्ञानिक और स्थायी प्रबंधन के लिए चिन्हित रणनीतियों के साथ एक व्यापक रोड मैप तैयार करने की आवश्यकता है, ताकि पानी की किल्लत को टाला जा सके।
  • रणनीतियों को देश में भूजल विकास में असंतुलन पर भी ध्यान देना चाहिए।इसके कारण और उपाय सुझाना चाहिए जिससे भूजल विकास के निम्न चरण वाले क्षेत्रों में भूजल का त्वरित विकास होसके।
  • सख्त नियमों के साथ यथास्थिति को बदलने की तत्काल आवश्यकता है। भूजल के उचित मूल्य निर्धारण के अलावा, हर क्षेत्र में भूजल के विवेकपूर्ण उपयोग को बढ़ावा देने वाली नीतियों की आवश्यकता है।
  • समुदाय आधारित भूजल प्रबंधन को संस्थागत बनाने और मजबूत करने के लिए भी प्रयासों की आवश्यकताहै।
  • स्थानीय भूजल संसाधनों की स्थिति के बारे में जागरूकता पैदा करना चाहिए तथा शिक्षा और सामाजिक लामबंदी से समुदाय आधारित भूजल प्रबंधन के मूल तत्व तैयार होने चाहिए।
  • राज्य सरकारों को भूजल उपयोगकर्ता संघों के गठन की सुविधा के लिए नीतिगत कार्रवाई करने की आवश्यकता है,जो कुशलतापूर्वक जल संसाधनों का प्रबंधन, रखरखाव और वितरण करने की शक्ति रखते हों।
  • इसके अति-दोहन के अपूरणीय परिणामों को उजागर करने के लिए भूजल साक्षरता आंदोलन शुरू किया जाना चाहिए।

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल

  • राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम के तहत 2010 में स्थापित,यह एक विशेष पर्यावरण अदालत है जो पर्यावरण संरक्षण और वनों के संरक्षण से संबंधित मामलों से संबंधित है।
  • इसमें न्यायिक शक्तियां हैं जो इसे नागरिक पर्यावरणीय मामलों को विशेष रूप से तय करने की अनुमति देती हैं।
  • ट्रिब्यूनल (न्यायाधिकरण) प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों द्वारा निर्देशित है और यह नागरिक प्रक्रिया की मुख्यधारा के कोड से बाध्य नहीं है।

सामयिक खबरें आर्थिकी

'गन्ना और चीनी उद्योग' पर नीति आयोग कार्य बल रिपोर्ट


नीति अयोग सदस्य (कृषि) रमेश चंद की अध्यक्षता में 'गन्ना और चीनी उद्योग' पर कार्य बल की रिपोर्ट 20 अगस्त, 2020 को प्रकाशित की गई।

महत्वपूर्ण सिफारिशें: कार्य बल ने गन्ना मूल्य को चीनी दरों से जोड़ने की सिफारिश की।

  • चीनी मिलों को उत्पादन की लागत को कवर करने में मदद करने हेतु न्यूनतम चीनी की कीमत में एकमुश्त 33 रुपये प्रति किलो तक की बढ़ोतरी की सिफारिश।
  • किसानों को उपयुक्त प्रोत्साहन प्रदान करके गन्ने की खेती के तहत कुछ क्षेत्रों में कम पानी वाली फसलों को अपनाने की सिफारिश।
  • किसानों को उनके गन्ना उत्पादन के उचित मूल्य प्राप्त करने में मदद करने के लिए राजस्व साझाकरण फॉर्मूला (Revenue Sharing Formula) के साथ ही एक ‘मूल्य स्थिरीकरण कोष’ भी शुरू किया जाना चाहिए।
  • कम पानी वाली सघन फसलों के लिए प्रोत्साहन लगभग 6,000 रुपये प्रति हेक्टेयर होना चाहिए तथा छ: महीने में गन्ने के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की समीक्षा होनी चाहिए।
  • तीन साल की अवधि के लिए चीनी पर 50 रुपये प्रति क्विंटल का उपकर लगाने का प्रस्ताव भी किया गया है।

सामयिक खबरें आर्थिकी

मुक्त व्यापार में आयातित माल के ‘मूल स्थान के नियम’ को लागू करने की व्यवस्था


केंद्र सरकार ने अगस्त 2020 में मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) के तहत आयातित उत्पादों पर सीमा शुल्क की तरजीही दर (preferential rate of customs duties) की अनुमति देने के लिए 'मूल स्थान के नियमों' (Rule of origin) के प्रावधानों के प्रवर्तन के लिए मानदंडों की व्यवस्था की है।

महत्वपूर्णतथ्य: खराब गुणवत्ता वाले उत्पादों का आयात रोकने तथा एफटीए में भागीदार देश के जरिये किसी तीसरे देश के उत्पादों की डंपिंग को रोकने के लिए यह मानक तैयार किए गए हैं।

  • राजस्व विभाग ने सीमा शुल्क (व्यापार समझौतों के लिए उत्पत्ति नियमों के प्रशासन) नियम, 2020 को अधिसूचित किया है। ये नियम 21 सितंबर, 2020 से लागू होंगे।
  • ये नियम भारत में आयातित उन उत्पादों पर लागू होंगे, जिन पर आयातक व्यापार समझौते के तहत शुल्क में छूट या रियायत का दावा करते हैं।
  • व्यापार समझौते के तहत तरजीही शुल्क दर के दावे के लिए आयातक या उसके एजेंट को बिल जमा कराते समय यह घोषणा करनी होगी कि संबंधित उत्पाद तरजीही शुल्क दर के लिए पात्र है। और उसे संबंधित उत्पाद के ‘मूल स्थान का प्रमाणन’ भी देना होगा।
  • भारत ने जापान, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर और आसियान के सदस्यों सहित कई देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौता किया है। इस तरह के समझौतों में दो व्यापारिक भागीदार देश आपसी व्यापार वाले उत्पादों पर आयात/सीमा शुल्क को घटा देते हैं या पूरी तरह हटा देते हैं।

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आपूर्ति श्रृंखला लचीलापन पहल


अगस्त 2020 में भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया ने चीन का मुकाबला करने के लिए ‘आपूर्ति श्रृंखला लचीलापन पहल’ (Supply Chain Resilience Initiative-SCRI) लॉन्च करने का निर्णय लिया है।

महत्वपूर्ण तथ्य: आपूर्ति श्रृंखला लचीलापन पहल को सर्वप्रथम जापान द्वारा प्रस्तावित किया गया था। इस पहल का उद्देश्य चीन पर निर्भरता को कम करना है।

  • इस पहल का मुख्य उद्देश्य हिन्द-प्रशांत क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को आकर्षित करना है, ताकि इस क्षेत्र को आर्थिक महाशक्ति में बदला जा सके। साथ ही, इसका उद्देश्य क्षेत्र के साझेदार देशों के बीच परस्पर पूरक संबंध बनाना भी है।
  • इस पहल के विचार को आसियान देशों के लिए भी खुला रखा गया है।
  • इसकी शुरूआत करने के लिए मौजूदा द्विपक्षीय आपूर्ति श्रृंखला नेटवर्क पर निर्माण कार्य-योजना तैयार करनी होगी। उदाहरण के लिए, भारत और जापान के बीच ‘भारत-जापान औद्योगिक प्रतिस्पर्धात्मकता’ साझेदारी है, जो भारत में जापानी कंपनियों को स्थापित करने के लिए काम करती है।

सामयिक खबरें अंतर्राष्ट्रीय

अरमको द्वारा चीन में तेलशोधक परिसर बनाने का समझौता स्‍थगित


सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी अरमको ने अगस्त 2020 में चीन के उत्तरी प्रांत लियाओनिंग में 10 अरब डॉलर की लागत से तेलशोधक और पेट्रो-रसायन परिसर बनाने का समझौता स्‍थगित कर दिया है। यह फैसला बाजार के अनिश्चित माहौल को देखते हुए लिया गया है।

महत्वपूर्ण तथ्य: तेल की कीमतों में गिरावट और कोरोना संकट के चलते तेल की मांग में कमी के कारण दुनिया भर की तेल कंपनियां अपनी परियोजनाओं की समीक्षा कर रही हैं।

  • कच्चे तेल की कीमतों में कमी और बढ़ते कर्ज को देखते हुए अरामको कंपनी अपने पूंजीगत व्यय को काफी कम करने की योजना बना रही है, ताकि इसका लाभांश 75 अरब डॉलर बना रहे।
  • इस लाभांश का अधिकतर हिस्सा सऊदी सरकार को जाता है, जिसकी सार्वजनिक वित्त की स्थिति फिलहाल कमजोर बनी हुई है।
  • सऊदी सरकार और चीन के बीच इस संयुक्त उद्यम पर फरवरी 2019 में युवराज मोहम्मद बिन सलमान के बीजिंग दौरे पर हस्ताक्षर किए गए थे।

संक्षिप्त खबरें सार-संक्षेप अभियान/सम्मेलन/आयोजन

आसियान-इंडिया नेटवर्क ऑफ थिंक टैंक का छठा-गोलमेज सम्मेलन


20-21 अगस्त, 2020 को विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बैंकॉक में आयोजित आसियान-इंडिया नेटवर्क ऑफ थिंक टैंक (AINTT) में भाग लिया। यह भारत और AINTT के बीच छठा-गोलमेज सम्मेलन था।

विषय: 'आसियान-भारत: कोविड महामारी के बाद के युग में साझेदारी सुदृढ़ करना' (ASEAN-India: Strengthening Partnership in the Post COVID Era)

  • विदेश मंत्री ने सम्मेलन के दौरान वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं की चिंताओं को कम करने तथा आपूर्ति श्रृंखला का विविधीकरण और लचीलापन करने तथा भारत और आसियान देशों के बीच आपूर्ति श्रृंखला को बढ़ावा देने के लिए सहयोग का एक मॉडल लागू किए जाने पर जोर दिया।

संक्षिप्त खबरें सार-संक्षेप चर्चित दिवस

विश्व वरिष्ठ नागरिक दिवस


21 अगस्त

महत्वपूर्ण तथ्य: इस दिवस को मनाने का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों की परिस्थितियों के बारे में जागरूकता पैदा करना तथा उनकी सहायता करना है। 1988 में इस दिवस की शुरूआत संयुक्त राज्य अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन द्वारा की गई थी।

खेल समाचार चर्चित खेल व्यक्तित्व

डेविड जॉन


  • खेल मंत्रालय द्वारा सितंबर 2021 तक अनुबंध का नवीनीकरण करने के कुछ ही दिन बाद हॉकी इंडिया के उच्च प्रदर्शन निदेशक (High Performance Director) डेविड जॉन ने 21 अगस्त, 2020 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इससे टोक्यो ओलंपिक के लिए भारतीय हॉकी टीम की तैयारियों को झटका लगा है।

खेल समाचार चर्चित खेल व्यक्तित्व

गोपालस्वामी कस्तूरीरंजन


पूर्व क्रिकेटर गोपालस्वामी कस्तूरीरंजन का 19 अगस्त, 2020 को निधन हो गया। वे 89 वर्ष के थे।

  • वे पूर्व क्रिकेट-प्रशासक और बीसीसीआई के क्यूरेटर भी रहे।
  • उन्होंने अपने अधिकांश मैच रणजी ट्रॉफी में 1948 से 1963 के बीच एक दायें हाथ के तेज गेंदबाज के रूप में कर्नाटक की ‘मैसूर’ टीम की ओर से खेले।

संक्षिप्त खबरें बैंकिंग, फाइनेंस, सेवा और बीमा

अश्विनी भाटिया एसबीआई के प्रबंध निदेशक नियुक्त


अश्विनी भाटिया को 21 अगस्त, 2020 को भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के प्रबंध निदेशक (एमडी) के रूप में नियुक्त किया गया है। वे वर्तमान में एसबीआई के उप-प्रबंध निदेशक हैं।

  • भाटिया की प्रबंध निदेशक के पद पर नियुक्ति उनकी सेवानिवृति तक के लिये की गई है। वे 31 मई, 2022 को सेवानिवृत होंगे।

संक्षिप्त खबरें बिजनेस और सार्वजनिक उपक्रम

बीईएमएल का आईआईटी कानपुर और नैसकॉम से समझौता


बेंगलुरु स्थित रक्षा क्षेत्र के सार्वजनिक उद्यम भारत अर्थ मूवर्स लिमेटेड (बीईएमएल) ने 14 अगस्त, 2020 को ड्रोन (UAV) संबंधित उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने हेतु आईआईटी कानपुर के साथ तथा कृत्रिम बुद्दिमता (AI) और 'इन्टरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) के लिए नैसकॉम के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

  • बीईएमएल, पायलट रहित लक्ष्य विमान (PTA) और सामरिक मानवरहित हवाई वाहन (UAV) के संयुक्त स्वदेशी विकास के लिए आईआईटी कानपुर के साथ सहयोग करेगा।
  • बीईएमएल की स्थापना 1964 में की गई थी। दीपक कुमार होता इसके चेयरमैन तथा प्रबंध निदेशक हैं।

संक्षिप्त खबरें बिजनेस और सार्वजनिक उपक्रम

'फाइनेंशियल सॉफ्टवेयर एंड सिस्टम्स का 'एम्बार्क' प्लेटफॉर्म


डिजिटल भुगतान और वित्तीय प्रौद्योगिकी कंपनी 'फाइनेंशियल सॉफ्टवेयर एंड सिस्टम्स (एफएसएस) ने 13 अगस्त, 2020 को विश्वसनीय, लागत-कुशल भुगतान स्वीकृति उपकरणों के साथ सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) क्षेत्र को डिजिटल रूप से मजबूत करने के लिए एक सेवा के रूप में 'एम्बार्क' (EmBark) प्लेटफॉर्म की शुरुआत की।

  • एक बहुआयामी भुगतान स्वीकृति प्लेटफॉर्म के रूप में एम्बार्क बैंक, प्रोसेसर, व्यापारी अधिग्रहण संस्थान (वित्तीय संस्थान जो व्यापारी के बैंक खाते का रखरखाव करता है) और एमएसएमई के बीच कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।

पीआईबी न्यूज विज्ञान और तकनीक

आरोग्य सेतु ‘ओपन एपीआई सेवा’


आरोग्य सेतु टीम ने लोगों, व्यापार और अर्थव्यवस्था को सामान्य स्थिति में लौटने में मदद करने के लिए 22 अगस्त, 2020 को एक नई ओपन एपीआई सेवाकी शुरुआत की।

  • इस सेवा का फायदा भारत में 50 से अधिक कर्मचारियों के साथ पंजीकृत संगठन और व्यावसायिक संस्थाएं उठा सकती हैं।
  • ओपन एपीआई सेवासे कोई संगठन अपने कर्मचारियों या किसी अन्य आरोग्य सेतु उपयोगकर्ता की सेहत की स्थिति का पता उनकी डेटा गोपनीयता का उल्लंघन किए बिना लगाने में सक्षम होगा।

सामयिक खबरें राष्ट्रीय बैंकिंग व वित्त

वित्तीय शिक्षा के लिए राष्ट्रीय रणनीति


  • 20 अगस्त, 2020 को, भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने वित्तीय रूप से जागरूक और सशक्त भारत निर्माण हेतु वित्तीय शिक्षा के लिए राष्ट्रीय रणनीति (National Strategy for Financial Education NSFE): 2020-2025 दस्तावेज़ ज़ारी किया है।
  • यह दूसरी राष्ट्रीय रणनीतिहै,पहला वित्तीय शिक्षा के लिए राष्ट्रीय रणनीति (NSFE) 2013 में प्रारंभ किया गया था।

वित्तीय शिक्षा के लिए राष्ट्रीय रणनीति (NSFE) की पृष्ठभूमि और औचित्य

  • भारत में वयस्कों की एक बड़ी आबादी है। एक जीवंत और स्थिर वित्तीय प्रणाली के माध्यम से समावेशी विकास पर ज़ोर देने तथा भारत को सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनाने हेतु इस बड़ी जनसांख्यिकीय क्षेत्र से लाभ सुनिश्चित करने के लिएवित्तीय शिक्षा के लिए राष्ट्रीय रणनीति (NSFE) की आवश्यकता है।
  • पिछले कुछ वर्षों में, डिजिटलीकरण की दिशा में तेजी से प्रगति हुई हैजिससे नए अवसरों को सामने लाया हैजैसे पहले कभी नहीं था।
  • देश में डिजिटल लेनदेन और भुगतान अवसंरचना (पेमेंट इन्फ्रास्ट्रक्चर) में बदलाव (कम नकद अर्थव्यवस्था का लक्ष्य) एक मिशाल है। इन सभी विकासों के कारण, वित्तीय शिक्षा के लिए मौजूदा राष्ट्रीय रणनीति (NSFE) को संशोधित करना और इसे लागू करने के लिए नवीन उपायों को अपनाना अनिवार्य हो गया है।
  • बुनियादी वित्तीय शिक्षा प्रारंभ करने और देश में जनता के बीच वित्तीय साक्षरता बढ़ाने हेतु उपयुक्त सामग्री विकसित करने के लिए वित्तीय शिक्षा के लिए राष्ट्रीय केंद्र (NCFE) की स्थापना कंपनी अधिनियम, 2013के तहत एक खंड (8) द्वारा की गई है।

वित्तीय शिक्षा के लिए राष्ट्रीय रणनीति (NSFE) के रणनीतिक उद्देश्य

  • वित्तीय शिक्षा के लिए राष्ट्रीय रणनीति (NSFE) के रणनीतिक उद्देश्य वित्तीय शिक्षा के माध्यम से जनसंख्या के विभिन्न वर्गों के बीच वित्तीय साक्षरता की अवधारणा को एक महत्वपूर्ण जीवन कौशल बनानाहै।
  • वित्तीय लक्ष्यों और उद्देश्यों को पूरा करने के लिए वित्तीय बाजारों में भागीदारी को प्रोत्साहित करना।
  • ऋण अनुशासन विकसित करेंऔर आवश्यकता के अनुसार औपचारिक वित्तीय संस्थानों से ऋण प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करना।
  • सही और सुरक्षित तरीके सेडिजिटल वित्तीय सेवाओं के उपयोग में सुधार।
  • प्रासंगिक और उपयुक्त बीमा सुरक्षा के माध्यम से विभिन्न जीवन चरणों में जोखिम का प्रबंधन करें।
  • शिकायत निवारण के अधिकार,कर्तव्य और मार्ग के बारे में ज्ञान।

प्रमुख बिंदु

  • NSFE को नेशनल सेंटर फॉर फाइनेंशियल एजुकेशन (National Centre for Financial Education- NCFE) द्वारा वित्तीय समावेशन एवं वित्तीय साक्षरता पर तकनीकी समूह (Technical Group on Financial Inclusion and Financial Literacy- TGFIFL) के तत्त्वाधान में सभी वित्तीय क्षेत्र नियामकों जैसे- भारतीय रिज़र्व बैंक, भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI), भारतीय बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (IRDAI), पेंशन निधि नियामक एवं विकास प्राधिकरण (PFRDA) आदि के परामर्श से तैयार किया गया है।
  • लोगों की जरूरतों और देश के उपलब्ध संसाधनों के आधार पर एक व्यापक रणनीति तैयार करने के लिए, निम्नलिखित प्रक्रिया को भारतीय संदर्भ में अपनाया गया है:
    • वित्तीय साक्षरता में अंतराल का आकलन और मूल्यांकन करना।
    • वित्तीय शिक्षा के लिए राष्ट्रीय रणनीतियाँ पर OECD अंतर्राष्ट्रीय नेटवर्क वित्तीय शिक्षा के लिए नीति पुस्तिकाके साथ NFSE की तुलना।
    • यह वित्तीय सेवा प्रदाताओं और वित्तीय साक्षरता के प्रसार में शामिल अन्य मध्यस्थों के कौशल की उन्नति पर केंद्रित है।
    • यह पर्याप्त ज्ञान, कौशल, दृष्टिकोण और व्यवहार विकसित करने के लिए जनसंख्या के विभिन्न वर्गों को सशक्त बनाने के लिए भारत सरकार और वित्तीय क्षेत्र के नियामकों की दृष्टिकोण का समर्थन करता है, जिन्हें अपने पैसे का बेहतर प्रबंधन करने और भविष्य की योजना बनाने की आवश्यकता होती है।
  • रणनीतिक उद्देश्यों की परिकल्पना निम्नलिखित आयामों के माध्यम से की जाएगी।

मुख्य सिफारिशें

  • निर्धारित किए गए सामरिक उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए, दस्तावेज़ ‘5-C (सी)’ दृष्टिकोणको अपनाने की सिफारिश करता है-

सामग्री (Content)

  • स्कूली बच्चों (पाठ्यक्रम और सहशैक्षणिक सहित), शिक्षकों, युवा-वयस्कों, महिलाओं, कार्यस्थल / उद्यमियों (MSMEs) में नए प्रवेश, वरिष्ठ नागरिकों, विकलांग व्यक्तियों, निरक्षर लोगों, आदि के लिए वित्तीय साक्षरता सामग्री।

क्षमता (Capacity)

  • विभिन्न बिचौलियों की क्षमता विकसित करना जो वित्तीय साक्षरता प्रदान करने में शामिल हो सकते हैं।
  • वित्तीय शिक्षा प्रदाताओं के लिए एक 'आचार संहिता' विकसित करें।

समुदाय (Community)

  • स्थायी रूप से वित्तीय साक्षरता के प्रसार के लिए विकसित समुदाय दृष्टिकोण का नेतृत्व करें।

संचार(Communication)

  • वित्तीय शिक्षा संदेशों के प्रसार के लिए प्रौद्योगिकी, मास मीडिया चैनलों और संचार के नवीन तरीकों का उपयोग करें।
  • बड़े / केंद्रित पैमाने पर वित्तीय साक्षरता संदेशों को प्रसारित करने के लिए वर्ष में एक विशिष्ट अवधि की पहचान करें।
  • वित्तीय साक्षरता संदेशों के सार्थक प्रसार के लिए सार्वजनिक स्थानों (जैसे बस स्टेंड, रेलवे स्टेशन आदि) पर अधिक दृश्यता के साथ प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए।

सहयोग (Collaboration)

  • एक सूचना डैशबोर्ड की तैयारी।
  • वित्तीय साक्षरता के लिए अन्य हितधारकों के प्रयासों को कारगर बनाना।
  • रणनीति व रणनीति के तहत की गई प्रगति का आकलन करने के लिए एक मजबूत “निगरानी और मूल्यांकन रूपरेखा”को अपनाने का भी सुझाव।

अपेक्षित प्रभाव

  • रणनीति ऋण अनुशासन विकसित करेगी और आवश्यकता के अनुसार औपचारिक वित्तीय संस्थानों से ऋण प्राप्त करने को प्रोत्साहित करेगी।यह सुरक्षित और सुरक्षित तरीके से डिजिटल वित्तीय सेवाओं के उपयोग में सुधार करेगा।
  • सक्रिय बचत व्यवहार को प्रोत्साहित करनेके अलावा, यह वित्तीय लक्ष्यों और उद्देश्यों को पूरा करने के लिए वित्तीय बाजारों में भागीदारी को प्रोत्साहित करेगा।
  • यह वित्तीय शिक्षा में प्रगति का आकलन करने केलिएशोध और मूल्यांकन के तरीकों को बेहतर बनाने में मददकरेगा।

वित्तीय शिक्षा के लिए राष्ट्रीय रणनीतियों पर OECD / INFE नीति पुस्तिका

  • यह नीति निर्माताओं और सार्वजनिक प्राधिकरणों को वित्तीय शिक्षा और व्यक्तिगत वित्तीय शिक्षा कार्यक्रमों के लिए राष्ट्रीय रणनीतियों को तैयार करने और कार्यान्वित करने के लिए समर्थन करता है, जबकि भागीदार देशों की आबादी के बीच वित्तीय साक्षरता बढ़ाने के लिए नवीन तरीकों का प्रस्ताव भी करता है।
  • नीति पुस्तिका को मई 2014 में इस्तांबुल (तुर्की) में OECD / INFE तकनीकी बैठक में विकसित किया गया था।

वित्तीय शिक्षा से संबंधित चार प्रमुख नीतिगत क्षेत्र

  • मानक सेटिंग, कार्यान्वयन और मूल्यांकन
  • वित्तीय शिक्षा और डिजिटलीकरण का प्रभाव
  • कार्यस्थल में वित्तीय शिक्षा
  • उम्र बढ़ने की आबादी और पुराने उपभोक्ताओं की जरूरतों का प्रभाव

वित्तीय शिक्षा के बारे में

  • वित्तीय शिक्षाको उस प्रक्रिया के रूप में परिभाषित किया जाता है, जिसके द्वारा वित्तीय उपभोक्ता / निवेशक वित्तीय उत्पादों, अवधारणाओं और जोखिमों की अपनी समझ में सुधार करते हैं तथा सूचना, निर्देशया सलाह के माध्यम से वित्तीय जोखिमों और अवसरों के बारे में अधिक जागरूक बनने के लिए कौशल और आत्मविश्वास विकसित करते हैं। वित्तीय शिक्षा के ज़रिये सूचित विकल्प बनाने में, मदद के लिए कहां जाना है और अपनी वित्तीय भलाई में सुधार करने के लिए अन्य प्रभावी कार्रवाई के बारे में समझ विकसित होती है।
  • जबकि, वित्तीय साक्षरताको वित्तीय जागरूकता बनाने के लिए आवश्यक वित्तीय जागरूकता, ज्ञान, कौशल, दृष्टिकोण और व्यवहार के संयोजन के रूप में परिभाषित किया गया है और अंततः व्यक्तिगत वित्तीय कल्याण प्राप्त किया जाता है।

वित्तीय साक्षरता के घटकों की परिभाषा (OECD-INFE)

  • वित्तीय साक्षरता में ज्ञान, दृष्टिकोण और व्यवहार के पहलुओं को समाहित किया गया है, जैसे कि धन प्रबंधन, लघु और दीर्घकालिक वित्तीय लक्ष्यों की योजना और जागरूकता और वित्तीय उत्पादों की पसंद के संदर्भ में। वित्तीय ज्ञान में प्रमुख वित्तीय अवधारणाओं की समझ और वास्तविक जीवन की वित्तीय स्थितियों में लाभ का मूल्यांकन करने की क्षमता शामिल है। किसी व्यक्ति के वित्तीय ज्ञान का निर्धारण करने के लिए साधारण ब्याज, चक्रवृद्धि ब्याज, धन का सामयिक मूल्य, मुद्रास्फीति, विविधीकरण, विभाजन, जोखिम-प्रतिफल और ऋण पर दिए गए ब्याज की अवधारणा का परीक्षण किया जाता है।
  • वित्तीय व्यवहार में दिन-प्रतिदिन के धन प्रबंधन, वित्तीय नियोजन, खर्च, बचत, निवेश, दैनिक आवश्यकता को पूरा करने के लिए ऋण पर निर्भरता और भविष्य की भलाई के लिए सुरक्षा जाल का निर्माण शामिल है।
  • वित्तीय दृष्टिकोण का उद्देश्य बचत के प्रति लोगों की प्रतिक्रिया का अध्ययन करना है, अल्पकालिक प्राथमिकता देना दीर्घकालिक सुरक्षा पर निर्भर करता है।

वित्तीय शिक्षा के घटक

बुनियादी वित्तीय शिक्षा

  • बुनियादी वित्तीय शिक्षा में वित्तीय कल्याण के मूलभूत सिद्धांत शामिल हैं। भारत सरकार द्वारा वित्तीय समावेशन के लिये कई महत्त्वपूर्ण पहलों की शुरुआत की गई है जैसे- प्रधानमंत्री जन-धन योजनाव सामाजिक सुरक्षा योजनाएँ- प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री किसान धन योजना, प्रधानमंत्री श्रम योगी मन धन योजना और प्रधानमंत्री मुद्रा योजना। इन योजनाओ के कार्यान्वयन हेतु लोगों को वित्तीय शिक्षा की भी आवश्यकता होती है ताकि वे इन योजनाओं का पूरा लाभ उठा सकें।
  • इन मूल अवधारणाओं को लक्षित दर्शकों के लिए उपयुक्त, डिलीवरी (पहुँच) के विभिन्न तरीकों को अपनाकर सभी को सूचित करने की आवश्यकता है।
  • आर्थिक रूप से बहिष्कृत और नए शामिल किए गए लोगों पर विशेष ज़ोर दिया जाएगा, लेकिन उनके खातों का संचालन नहीं किया जाएगा।
  • बुनियादी वित्तीय शिक्षा क्षेत्र-विशिष्ट और प्रक्रिया शिक्षा (sector-specific and process education) के लिए एक आधार के रूप में कार्य करती है।

सेक्टर विशिष्ट वित्तीय शिक्षा (Sector Specific Financial Education)

  • वित्तीय क्षेत्र के नियामकों द्वारा सेक्टर विशिष्ट वित्तीय शिक्षा प्रदान की जा रही है जो वित्तीय सेवाओं के “क्याकरें और क्या न करें”, “अधिकार और जिम्मेदारियां”,“डिजिटल वित्तीय सेवाओं का सुरक्षित उपयोग”तथा “शिकायत निवारण” प्राधिकरण के पास जाने को लेकर जागरूकताका विस्तार करती है।

प्रक्रिया शिक्षा (Process Education)

  • प्रक्रिया शिक्षा यह सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है कि ज्ञान, व्यवहार में परिवर्तित हो।

आगे का रास्ता

  • वित्तीय शिक्षा आपूर्ति पक्ष के हस्तक्षेपों की पहल की मांग की प्रतिक्रिया बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
  • संयोग से, वित्तीय शिक्षा भी शिक्षा पर सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) नंबर 4 की उपलब्धि का समर्थन करती है,जिसका उद्देश्य समावेशी और समान गुणवत्ता वाली शिक्षा सुनिश्चित करना और सभी के लिए जीवन भर सीखने के अवसरों को बढ़ावा देना है (साक्षरता पर एसडीजी लक्ष्य 4.6 और शिक्षा पर एसडीजी 4 के तहत जीवन कौशल पर एसडीजी लक्ष्य 4.4 है)।
  • संबंधित हितधारकों द्वारा वित्तीय शिक्षा पहल लोगों को विनियमित संस्थाओं के माध्यम से उपयुक्त वित्तीय उत्पादों और सेवाओं तक पहुंच प्राप्त करके वित्तीय कल्याण हासिल करने में मदद करेगी।
  • बैंकिंग के आकार के साथ-साथ अन्य वित्तीय क्षेत्रों में भी वृद्धि करने की आवश्यकता है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि इन विकासों का लाभ आम जनता तक पहुंचे।
  • वित्तीय क्षेत्र में हो रहे व्यापक और तीव्र बदलावों को ध्यान में रखते हुए, सभी हितधारकों को वित्तीय सेवाओं के विकास की गतिशील प्रकृति और वित्तीय साक्षरता के लिए आवश्यक सहवर्ती परिवर्तन की सराहना करने की आवश्यकता है।
  • नीति निर्माताओं को प्राथमिकताओं की पहचान करने और उनके हस्तक्षेप के प्रभाव का आकलन करने में मदद करने के लिए एक मजबूत और वैज्ञानिक मूल्यांकन पद्धति एक लंबा रास्ता तय करेगी।
  • इस संबंध में कुछ व्यापक मुद्दों पर विचार करने की आवश्यकता है:
    • कार्यान्वयनविधियोंके प्रशासन, समन्वय और निगरानी तंत्र तथा हितधारकों की भूमिका और किसी भी संचार या प्रचार योजनाओं (पहल) के प्रभाव का आकलन करने के लिए राष्ट्रीय रणनीति मूल्यांकनकी आवश्यकता है।
    • प्रत्येक हितधारक को रणनीति के रूपरेखा, विकास और कार्यान्वयन में स्पष्ट रूप से योजना बनाने और उनकी भूमिका को स्पष्ट करने की आवश्यकता है जिसकी गुणात्मक और मात्रात्मक संकेतकों के माध्यम से निगरानी की जाएगी।
    • विभिन्न चैनलों के माध्यम से प्रतिक्रियाओं को एकत्र करने के लिए वैज्ञानिक रूप से तैयार किये गए ख़ाके को वित्तीय क्षेत्र में व्यापक बदलावों को ध्यान में रखते हुए तैयार करने और समय-समय पर समीक्षा करने की आवश्यकता है।
  • मूल्यांकन में शामिल चुनौतियों के मद्देनजर उपयुक्त मूल्यांकन विधियों के चयन को अंतिम रूप दिया जाना चाहिए।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

अटल नवाचार मिशन और भारत-स्वीडन हेल्थकेयर इनोवेशन सेंटर साझेदारी


20 अगस्त, 2020 को देश में नवाचार की संस्कृति के विस्तार की एक साझा दृष्टि के अनुरूप, नीति आयोग के अटल नवाचार मिशन (AIM) और 'भारत स्वीडन हेल्थकेयर इनोवेशन सेंटर' की ओर से 'बिजनेस स्वीडन' (Business Sweden) ने भारतीय उद्यमियों की उभरती क्षमता और देश भर में जीवंत स्टार्ट-अप इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए साझेदारी की।

  • साझेदारी से अटल नवाचार मिशन के तहत चल रही विभिन्न कार्यक्रम और पहलों जैसे अटल न्यू इंडिया चैलेंज (ANIC), अटल इन्क्यूबेशन केंद्र (AIC), अटल सामुदायिक नवाचार केंद्र (ACIC), अटल टिंकरिंग लैब (ATL) और छोटे उद्यमों के लिए अटल अनुसंधान और नवाचार (ARISE) को सहयोग मिलेगा।

भारत-स्वीडन हेल्थकेयर इनोवेशन सेंटर: यह एम्स दिल्ली, एम्स जोधपुर और बिजनेस स्वीडन के बीच एक साझेदारी है। इसका उद्देश्य खुले नवाचार का एक इकोसिस्टम तैयार करना है।

  • इसे भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR), स्वीडन के स्वास्थ्य और सामाजिक मामलों के मंत्रालय और भारत में स्वीडन के दूतावास के रणनीतिक मार्गदर्शन में तैयार किया गया है।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

ज्वैलर्स के लिए पंजीकरण और नवीकरण की ऑनलाइन प्रणाली


केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री रामविलास पासवान ने 21 अगस्त, 2020 को ज्वैलर्स के लिए पंजीकरण और नवीकरण की ऑनलाइन प्रणाली और जांच-परख एवं हॉलमार्किंग केंद्रों की मान्यता और नवीकरण के लिए ऑनलाइन प्रणाली की शुरुआत की।

  • इस ऑनलाइन प्रणाली को भारतीय मानक ब्यूरो के वेब पोर्टल www.manakonline.in के माध्यम से एक्सेस किया जा सकता है।
  • उपभोक्ता मामले विभाग जल्द ही देश में सभी उत्पादों के मानकीकरण के लिए एक राष्ट्र, एक मानकयोजना की शुरुआत करेगा।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

मोबाइल ऐप ‘हरित पथ’


भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), ने देशभर में हरित राजमार्गों के निर्माण की सुविधा के लिए एक मोबाइल ऐप ‘हरित पथकी शुरुआत की है। हरित पथ ऐप का उद्घाटन 21 अगस्त, 2020 को केंद्रीय सड़क और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने किया।

  • इस ऐप को राजमार्ग पर पौधारोपण, प्रतिष्ठान की क्षेत्रीय इकाइयों के प्रत्येक पौधे के स्थान, प्रजातियों के विवरण, रखरखाव और गतिविधियों तथा उपलब्धियों की निगरानी के उद्देश्य से विकसि किया गया है।
  • एनएचएआई ने हाल ही में राष्ट्र को अपनी सेवा के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर, एक राष्ट्रव्यापी वृक्षारोपण अभियान ‘हरित भारत संकल्प’ भी शुरू किया है।

सामयिक खबरें पर्यावरण

विज्ञान और प्रौद्योगिकी संकेतक, 2018


अगस्त 2020 में भारत में वैज्ञानिक अनुसंधान की स्थिति का एक आवधिक संकलन विज्ञान और प्रौद्योगिकी संकेतक (एसटीआई), 2018 जारी किया गया।

महत्वपूर्ण तथ्य: एसटीआई के अनुसार, भारत की निजी क्षेत्र की शोध कंपनियां सरकारी वित्त पोषित प्रमुख वैज्ञानिक एजेंसियों की तुलना में मुख्य अनुसंधान और विकास गतिविधियों में महिलाओं का एक बड़ा हिस्सा नियोजित करती हैं।

  • निजी अनुसंधान और विकास (आर एंड डी) कंपनियों में कार्यरत 20,351 महिलाओं में से 15,011 या लगभग तीन-चौथाई 'आर एंड डी गतिविधियों' में शामिल थीं और शेष 'सहायक या प्रशासनिक गतिविधियों' में।
  • जबकि 'प्रमुख वैज्ञानिक एजेंसियों' में कार्यरत 23,008 महिलाओं में से, आधे से भी कम या 10,138 'आर एंड डी गतिविधियों' में संलग्न थीं।
  • वर्ष 2018 तक भारत में ‘आर एंड डी’ के क्षेत्र में 3,41,818 वैज्ञानिक थे, जिनमें से लगभग 2,03,759 उच्च शिक्षा के क्षेत्र में या सरकारी संस्थानों द्वारा नियुक्त किए गए।
  • 2018 के संकेतक भारत के पुरुष वैज्ञानिकों की अत्यधिक प्रवृत्ति को दोहराते हैं। जहां निजी कंपनियों में प्रत्येक महिला के मुकाबले लगभग 6 पुरुष वैज्ञानिक हैं वहीं सरकारी एजेंसियों में प्रत्येक महिला के मुकाबले 4 पुरुष वैज्ञानिक हैं।
  • एसटीआई को विज्ञान प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के एक विभाग, राष्ट्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी प्रबंधन सूचना प्रणाली द्वारा तैयार किया गया है, और यह देश भर में कई वैज्ञानिक प्रतिष्ठानों द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों पर आधारित है।

सामयिक खबरें पर्यावरण

अटलांटिक महासागर में माइक्रोप्लास्टिक्स प्रदूषण


18 अगस्त, 2020 को 'नेचर कम्युनिकेशंस' में प्रकाशित एक नए शोध के अनुसार अटलांटिक महासागर में 11.6-21.1 मिलियन टन माइक्रोप्लास्टिक्स है, जो पहले के अनुमान से लगभग 10 गुना अधिक है।

महत्वपूर्ण तथ्य: अध्ययन में अटलांटिक महासागर के 10,000 किमी. के विस्तार में 12 स्थानों पर आमतौर पर पैकेजिंग के लिए उपयोग किए जाने वाले तीन प्लास्टिक प्रकारों-पॉलीइथाइलीन, पॉलीप्रोपाइलीन और पॉलीस्टायरीन से होने वाले प्रदूषण को मापा गया।

  • ये तीनों प्रदूषक समुद्र की 200 मीटर की गहराई तक निलंबित मात्रा में थे।
  • 1950-2015 से प्लास्टिक कचरा उत्पादन के रुझान के आधार यह अनुमान लगाया है, कि अटलांटिक महासागर में 65 वर्षों में वैश्विक प्लास्टिक कचरे का 0.3-0.8% प्रवेश किया है। साथ ही अटलांटिक महासागर में 17-47 मिलियन टन प्लास्टिक कचरा हो सकता है।
  • माइक्रोप्लास्टिक्स लंबाई में 5 मिमी. से छोटे (तिल के बीज आकार के) प्लास्टिक के टुकड़े हैं। ये विभिन्न स्रोतों से प्राप्त होते हैं, इसलिए इनका पता लगाना कठिन होता है।
  • इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर (IUCN) के अनुसार, हर साल महासागरों में कम से कम 8 मिलियन टन प्लास्टिक प्रवेश करता है, जो सभी समुद्री कचरे का लगभग 80% है।

संक्षिप्त खबरें सार-संक्षेप नियुक्ति

राजीव कुमार चुनाव आयुक्त नियुक्त


पूर्व वित्त सचिव राजीव कुमार को 21 अगस्त, 2020 को केंद्र द्वारा चुनाव आयुक्त नियुक्त किया गया। कुमार को अशोक लवासा के स्थान पर नियुक्त किया गया है, जिन्होंने एशियाई विकास बैंक में बतौर उपाध्यक्ष शामिल होने के लिए इस्तीफा दे दिया है।

  • कुमार झारखंड कैडर के 1984 बैच के पूर्व आईएएस अधिकारी हैं। सेवानिवृत्त होने के बाद, उन्हें सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम चयन बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया था।

संक्षिप्त खबरें सार-संक्षेप चर्चित दिवस

आतंकवाद पीड़ितों के स्मरण और श्रद्धांजलि का अंतरराष्ट्रीय दिवस


21 अगस्त

महत्वपूर्ण तथ्य: आतंकवाद के पीड़ितों के सम्मान और समर्थन के लिए और उनके मानवाधिकारों और मूलभूत स्वतंत्रता को बढ़ावा देने तथा उनकी रक्षा करने के लिए यह दिवस मनाया जाता है।

खेल समाचार चर्चित खेल व्यक्तित्व

राष्‍ट्रीय खेल पुरस्‍कार 2020


खेल मंत्रालय ने 21 अगस्त, 2020 को राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों की घोषणा की।

  • राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार चार वर्षों की अवधि में एक खिलाड़ी द्वारा खेल के क्षेत्र में शानदार और सबसे उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दिया जाता है; अर्जुन पुरस्कार लगातार चार वर्षों के उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दिया जाता है।

  • द्रोणाचार्य पुरस्कार प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों में पदक विजेता तैयार करने के लिए प्रशिक्षकों (कोच) को दिया जाता है; ध्यानचंद पुरस्कार खेलों के विकास में आजीवन योगदान के लिए दिया जाता है।

  • पुरस्‍कार विजेता 29 अगस्त, 2020 को राष्ट्रपति भवन में वर्चुअल मोड में विशेष रूप से आयोजित समारोह में माननीय राष्ट्रपति से यह पुरस्कार प्राप्त करेंगे।

  • राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार: रोहित शर्मा (क्रिकेट), मरियप्‍पन थंगावेलु (पैरा एथलेटिक्‍स), मनिका बत्रा (टेबल टेनिस), विनेश फोगाट (कुश्‍ती), रानी रामपाल (हॉकी)
  • द्रोणाचार्य पुरस्कार (लाइफटाइम श्रेणी): धर्मेन्‍द्र तिवारी (तीरंदाजी), पुरूषोत्‍तम राय (एथलेटिक्‍स), शिव सिंह (मुक्केबाजी), रोमेश पठानिया (हॉकी), कृष्‍ण कुमार हुडा (कबड्डी), विजय भालचंद्र मुनीश्‍वर
  • (पैरा पावर लिफ्टिंग), नरेश कुमार (टेनिस), ओम प्रकाश दहिया (कुश्‍ती)
  • द्रोणाचार्य पुरस्कार (नियमित श्रेणी): ज्‍यूड फेलिक्‍स से‍बेस्टियन (हॉकी), योगेश मा‍लवीय (मलखंभ),
  • जसपाल राणा (निशानेबाजी), कुलदीप कुमार हांडू (वुशु), गौरव खन्‍ना (पैरा बैडमिंटन)
  • अर्जुन पुरस्कार: अतनु दास (तीरंदाजी), दुती चंद (एथलेटिक्‍स), सात्विक साइराज रंकीरेड्डी (बैडमिंटन), चिराग चंद्रशेखर शेट्टी (बैडमिंटन), विशेष भृगुवंशी (बास्‍केटबॉल), सूबेदार मनीष कौशिक
  • (मुक्केबाजी), लवलीना बोरगोहेन (मुक्केबाजी), इशांत शर्मा (क्रिकेट), दीप्ति शर्मा (क्रिकेट), सावंत अजय अनंत (घुड़सवारी), संदेश झींगन (फुटबॉल), अदिति अशोक (गोल्‍फ), आकाशदीप सिंह (हॉकी)
  • दीपिका (हॉकी), दीपक (कबड्डी), काले सारिका सुधाकर (खो-खो), दत्‍तू बाबन भोकानाल (नौकायन),
  • मनु भाकर (निशानेबाजी), सौरभ चौधरी (निशानेबाजी), मधुरिका सुहास पाटकर (टेबल टेनिस), दिविज शरण (टेनिस), शिव केशवन (विंटर स्‍पोर्ट्स), दिव्‍या ककरन (कुश्‍ती), राहुल अवारे (कुश्‍ती) सुयश नारायन जाधव (पैरा तैराकी), संदीप (पैरा-एथलेटिक्‍स), मनीष नरवाल (पैरा-निशानेबाजी)
  • ध्यानचंद पुरस्कार: कुलदीप सिंह भुल्‍लर (एथलेटिक्‍स), जिन्‍सी फिलिप्स (एथलेटिक्‍स), प्रदीप श्रीकृष्‍ण गंधे (बैडमिंटन), त्रुप्‍ती मुरगुंडे (बैडमिंटन), एन. ऊषा (मुक्केबाजी), लक्खा सिंह (मुक्केबाजी), सुखविंदर सिंह संधु (फुटबॉल), अजीत सिंह (हॉकी), मनप्रीत सिंह (कबड्डी), जे. रंजीत कुमार (पैरा-एथलेटिक्‍स), सत्‍यप्रकाश तिवारी (पैरा-बैडमिंटन), मंजीत सिंह (नौकायन), स्‍वर्गीय सचिन नाग (तैराकी), नंदन पी बाल (टेनिस), नेत्रपाल हुडा (कुश्‍ती)
  • तेनजिंग नोर्गे नेशनल एडवेंचर पुरस्‍कार 2019: अनिता देवी (भू-साहस), कर्नल सरफराज सिंह
  • (भू-साहस), टका तामूत (भू-साहस), नरेन्‍द्र सिंह (भू-साहस), केवल हीरेन कक्‍का (भू-साहस), सतेन्‍द्र सिंह (जल साहस), गजानंद यादव (हवाई साहस), स्‍वर्गीय मगन बिस्‍सा (लाइफ टाइम अचीवमेंट)
  • मौलाना अबुल कलाम आजाद (एमएकेए) ट्रॉफी: पंजाब यू‍नीवर्सिटी, चंडीगढ़।
  • राष्‍ट्रीय खेल प्रोत्‍साहन पुरस्‍कार: लक्ष्‍य इंस्‍टीट्यूट तथा आर्मी स्‍पोर्ट्स इंस्‍टीट्यूट (उभरती युवा प्रतिभा की पहचान करना और उसे शिक्षित करना), ओएनजीसी लिमिटेड (कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्‍मेदारी के जरिये खेल प्रोत्‍साहन), एयर फोर्स स्‍पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड (खिलाड़ियों को रोजगार और खेल कल्‍याण उपाय), इंटरनेशनल इंस्‍टीट्यूट ऑफ स्‍पोर्ट्स मैनेजमेंट (विकास के लिए खेल)

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

स्‍वच्‍छ सर्वेक्षण 2020 रैंकिंग


आवास एवं शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी द्वारा 20 अगस्त, 2020 को स्‍वच्‍छ सर्वेक्षण 2020 रैंकिंग रिपोर्ट जारी की गई।

महत्वपूर्ण तथ्य: मध्‍य प्रदेश के इंदौर शहर को स्‍वच्‍छ सर्वेक्षण 2020 में प्रथम रैंकिंग हासिल हुई। इंदौर ने लगातार चौथी बार प्रथम स्थान प्राप्‍त किया है।

  • छत्‍तीसगढ़ को सौ से अधिक शहरों वाले राज्‍यों की श्रेणी में पहला स्थान और झारखंड को सौ से कम शहरों वाले राज्‍य की श्रेणी में प्रथम स्थान हासिल हुआ।

  • देश की सबसे स्‍वच्‍छ राजधानी शहर के लिए नई दिल्‍ली तथा देश के सबसे स्‍वच्‍छ छावनी बोर्ड में जालंधर छावनी बोर्ड को शीर्ष रैंकिंग हासिल हुई।

  • एक लाख से अधिक आबादी वाली श्रेणी: 1- इंदौर (मध्य प्रदेश), 2- सूरत (गुजरात), 3- नवी मुंबई (महाराष्ट्र), 4-अम्बिकापुर (छत्तीसगढ़), 5- मैसूर (कर्नाटक)
  • एक लाख से कम आबादी वाली श्रेणी: 1- कराड (महाराष्ट्र), 2- सासवड (महाराष्ट्र), 3- लोनावाला (महाराष्ट्र), 4- नवांशहर (पंजाब), 5- पनहाला (महाराष्ट्र)
  • दस लाख से अधिक आबादी वाली श्रेणी: 1- इंदौर (मध्य प्रदेश), 2- सूरत (गुजरात), 3-नवी मुंबई (महाराष्ट्र), 4- विजयवाड़ा (आंध्र प्रदेश), 5- अहमदाबाद (गुजरात)
  • एक लाख से दस लाख तक की आबादी वाली श्रेणी : 1- अम्बिकापुर (छत्तीसगढ़), 2- मैसूर (कर्नाटक), 3-नई दिल्ली एनडीएमसी (दिल्ली), 4- चंद्रपुर (महाराष्ट्र), 5- खरगौन (मध्य प्रदेश)
  • गंगा नदी के तट पर बसे शहर (एक लाख से अधिक आबादी श्रेणी) : 1- वाराणसी, (उत्तर प्रदेश) 2- कानपुर (उत्तर प्रदेश), 3- मुंगेर (बिहार)
  • गंगा नदी के तट पर बसे शहर ( पचास हजार - एक लाख आबादी श्रेणी): 1- कन्नौज (उत्तर प्रदेश), 2- बिजनौर (उत्तर प्रदेश), 3- शुक्लागंज/गंगाघाट (उत्तर प्रदेश)
  • गंगा नदी के तट पर बसे शहर (पचास हजार से कम आबादी श्रेणी) :1- चुनार (उत्तर प्रदेश), बिठुर(उत्तर प्रदेश), गौचर (उत्तराखंड)

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

ट्राइफूड परियोजना


केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री अर्जुन मुंडा ने 20 अगस्त, 2020 को महाराष्ट्र के रायगढ़ और छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में ट्राइफेड की ‘ट्राइफूड परियोजना’ वर्चुअल तरीके से लांच की।

लक्ष्य: जनजातीय वन संग्रहकर्ताओं द्वारा संग्रहित गौण वन ऊपज (minor forest produce) के बेहतर उपयोग एवं मूल्य वर्धन के जरिये जनजातीयों की आय को बढ़ाना।

  • खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय के सहयोग से जनजातीय मामले मंत्रालय के ट्राइफेड द्वारा कार्यान्वित किए जा रहे परियोजना के तहत दो गौण वन ऊपज तृतीयक प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित की जाएंगी।

  • महाराष्ट्र के रायगढ़ की इकाई का उपयोग महुआ, आंवला, कस्टर्ड सेब एवं जामुन के मूल्य वर्धन के लिए किया जाएगा, जबकि छत्तीसगढ़ के जगदलपुर की मल्टी कमोडिटी प्रोसेसिंग सेंटर का उपयोग महुआ, आंवला, शहद, काजू, हल्दी, एवं अन्य फलों तथा सब्जियों के लिए किया जाएगा।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

जहाजरानी मंत्रालय और कौशल विकास मंत्रालय के बीच समझौता


  • बंदरगाह और समुद्रीय क्षेत्र में कौशल विकास के लिए 20 अगस्त, 2020 को जहाजरानी मंत्रालय और कौशल विकास मंत्रालय के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।
  • उद्देश्‍य: बढ़ते हुए समुद्रीय उद्योग और तटीय समुदाय के विकास के लिए कौशल, पुन:कौशल और कौशल में वृद्धि करना।

पीआईबी न्यूज विज्ञान और तकनीक

तपेदिक और चिकनगुनिया रोधी फ्लेवोनॉइड अणुओं के लिए पहला संश्लेषित रास्ता खोजा गया


अगस्त 2020 में भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के एक स्वायत्त संस्थान अघारकर अनुसंधान संस्थान (एआरआई), पुणे के वैज्ञानिकों ने तपेदिक और चिकनगुनिया के उपचार से संबंधित फ्लेवोनॉइड अणुओं के निर्माण के लिए पहला सिंथेटिक मार्ग खोजा है।

महत्वपूर्ण तथ्य: वैज्ञानिक पत्रिका 'एसीएस ओमेगा' द्वारा हाल ही में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार वैज्ञानिकों ने रगोसाफ्लेवोनॉइड (rugosaflavonoids), पोडोकारफ्लेवोन (podocarflavone) और आइसोफ्लेवोन (isoflavone) जैसे फ्लेवोनॉइड्स के पहले पूरे संश्लेषण को विकसित किया है।

  • रगोसाफ्लेवोनॉइड्स चिकनगुनिया और तपेदिक जैसे अत्यधिक संक्रामक रोगों को रोकने में अत्यधिक शक्तिशाली पाए जाते हैं।
  • 'रगोसाफ्लेवोनॉइड ए' एक चीनी औषधीय पौधे ‘रोजा रगोसा’ (Rosa rugosa) से प्राप्त होता है। 'पोडोकारफ्लेवोन एको ‘पोडोकार्पस मैक्रोफाइलस’ (Podocarpus macrophyllus) पौधे से अलग किया जाता है।
  • ज्यादातर आयुर्वेदिक उत्पाद फ्लेवोनॉइड्स से भरपूर होते हैं। फ्लेवोनॉइड ज्यादातर टमाटर, प्याज, सलाद पत्ता, अंगूर, सेब, स्ट्रॉबेरी, आड़ू और अन्य सब्जियों में मौजूद होते हैं।
  • फ्लेवोनॉइड्स से भरपूर आहार दिल, जिगर, गुर्दा, मस्तिष्क से संबंधित और अन्य संक्रामक रोगों से बचाते हैं।

सामयिक खबरें अंतर्राष्ट्रीय

इजरायल ने किया उन्नत मिसाइल रक्षा प्रणाली का सफल परीक्षण


इजरायल ने 12 अगस्त, 2020 को लंबी दूरी के बैलिस्टिक हमलों के खिलाफ देश की उन्नत मिसाइल रक्षा प्रणाली ‘एरो -2’ (Arrow-2) का सफल परीक्षण किया।

महत्वपूर्ण तथ्य: यह परीक्षण मध्य इजरायल में संयुक्त रूप से अमेरिकी मिसाइल रक्षा एजेंसी के साथ आयोजित किया गया था।

  • एरो -2 उस बहुस्तरीय प्रणाली का हिस्सा है, जिसे इजरायल ने गाजा और लेबनान से दागे गए लघु और मध्यम-रेंज के रॉकेट और साथ ही ईरान की लंबी दूरी की मिसाइलों से बचाव के लिए विकसित किया है।
  • इसमें लौह गुंबद, डेविड'स स्लिंग David’s Sling (इजरायल रक्षा बल सैन्य प्रणाली) तथा एरो -3 प्रणाली शामिल है - जो वायुमंडल के बाहर के खतरों से बचाव करने में सक्षम है।
  • एरो 2 में एक इंटरसेप्टर वारहेड है, जो अपने लक्ष्य के 40 से 50 मीटर के भीतर विस्फोट करता है। इंटरसेप्टर की लंबाई 7 मीटर, व्यास 0.8 मीटर और वजन 1,300 किग्रा. है।
  • इजरायल और संयुक्त राज्य अमेरिका ने संयुक्त रूप से अलास्का में 2019 में सफलतापूर्वक एरो -3 का परीक्षण किया था, जो जनवरी 2017 में परिचालन में आ गया था।
  • एरो -2, एरो-3 से भी लंबे समय से इस्तेमाल हो रही है और इसे हाल के वर्षों में सीरिया की मिसाइलों का मुकाबला करने के लिए तैनात किया गया है।

संक्षिप्त खबरें सार-संक्षेप निधन

कंप्यूटर वैज्ञानिक रसेल किर्श का निधन


पिक्सल के आविष्कारक और दुनिया की पहली डिजिटल तस्वीर को स्कैन करने वाले कंप्यूटर वैज्ञानिक रसेल किर्श का 11 अगस्त, 2020 को निधन हो गया। वे 91 वर्ष के थे।

  • उन्होंने अपने बेटे की एक 2X2 इंच की छोटी ब्लैक-वाइट डिजिटल इमेज बनाई थी, जो कंप्यूटर में स्कैन की गई पहली तस्वीर थी। पिक्सल डिजिटल डॉट्स होते हैं, जिनका उपयोग फोन और कंप्यूटर स्क्रीन पर फोटो तथा वीडियो प्रदर्शित करने के लिए किया जाता है।

संक्षिप्त खबरें सार-संक्षेप चर्चित दिवस

विश्व मानवतावादी दिवस


19 अगस्त

2020 का अभियान: रियाललाइफ हीरोज’ (#RealLifeHeroes)

  • महत्वपूर्ण तथ्य: मानवीय कार्यों के दौरान मारे गए और घायल हुए कर्मियों (humanitarian workers) के सम्मान में यह दिवस मनाया जाता है।

संक्षिप्त खबरें बैंकिंग, फाइनेंस, सेवा और बीमा

टाटा कैपिटल की ‘स्विफ्ट इंस्टा पर्सनल लोन’ नामक सेवा


टाटा ग्रुप की वित्तीय सेवा शाखा, टाटा कैपिटल ने 19 अगस्त, 2020 को व्हाट्सएप पर ‘स्विफ्ट इंस्टा पर्सनल लोन’ (एसआईपीएल) नामक अपनी नई सेवा शुरू करने की घोषणा की।

  • कंपनी अब अपने मौजूदा ग्राहकों को व्हाट्सएप पर टाटा कैपिटल के चैटबोट 'टीआईए' (TIA) का उपयोग करके तत्काल व्यक्तिगत ऋण के लिए आवेदन करने और मंजूरी प्राप्त करने की अनुमति देगी।

संक्षिप्त खबरें बिजनेस और सार्वजनिक उपक्रम

सुनील दुग्गल वेदांता के सीईओ


खनन कंपनी वेदांता ने अगस्त 2020 में हिंदुस्तान जिंक के पूर्व सीईओ सुनील दुग्गल को मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के रूप में पदोन्नत किया है। मार्च 2020 में, दुग्गल को वेदांता के अंतरिम सीईओ के रूप में अतिरिक्त प्रभार दिया गया था।

  • दुग्गल पिछले 10 वर्षों से वेदांता से जुड़े हुए हैं और उनके पास 35 साल से अधिक का विविध नेतृत्व अनुभव है। वे खनन उद्योग महासंघ के अध्यक्ष और सीआईआई खनन समिति के अध्यक्ष हैं।

संक्षिप्त खबरें बिजनेस और सार्वजनिक उपक्रम

जोमैटो की ‘माहवारी अवकाश’ पहल


  • ऑनलाइन खाना डिलिवर करने वाली कंपनी जोमैटो ने 8 अगस्त, 2020 को अपने संस्थान को बेहतर बनाने के कदम में सभी महिला कर्मचारियों को प्रतिवर्ष 10 दिन की ‘माहवारी अवकाश’ (period leave) देने की घोषणा की। जोमैटो को 2008 में स्थापित किया गया था। इसके संस्थापक और सीईओ दीपिंदर गोयल हैं।

सामयिक खबरें अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य से संबंधित मुद्दे

वैक्सीन / टीका राष्ट्रवाद


  • हाल ही में, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने अमीर देशों को आगाह करते हुए "वैक्सीन राष्ट्रवाद" के लेकर चेतावनी दी है, कि यदि वे टीके (वैक्सीन) का इस्तेमाल अपने लोगों के इलाज़ के लिए करते हैं और ग़रीब देश बीमारी की जद में हैं तो वे सुरक्षित रहने की उम्मीद नहीं कर सकते हैं।
  • यह आशंका जताई जा रही है कि वैक्सीन को लेकर किये गए अग्रिम समझौतों के कारण शुरुआती टीके (वैक्सीन) लगभग अमीर देशों, जहाँ लगभग 8 अरब लोगों की आबादी रहती है, के अलावा पूरी दुनिया के लिएदुर्गम औरपहुँच से बाहर हो जाएंगे।

वैक्सीन राष्ट्रवाद

  • वैक्सीन राष्ट्रवाद तब होता है जब कोई देश अन्य देशोंसे पहले अपने नागरिकों या निवासियों के लिए वैक्सीन की ख़ुराक सुरक्षित कराता है।
  • यह किसी एक सरकार और किसी एक वैक्सीन निर्माता के बीच पूर्व ख़रीद समझौतों के माध्यम से किया जाता है।
  • उदाहरण के लिए, संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, जापान और यूरोपीय संघ ने Pfizer Inc, Johnson & Johnson और Astra Zeneca Plc जैसे वैक्सीन कंपनियों के साथ सौदों पर दसियों अरब डॉलर खर्च किए हैं।
  • अगर देश के लिहाज से देखा जाए तो अमेरिका पहले ही 6 ड्रग निर्माताओं से 800 मिलियन और यूके 5 ड्रग निर्माताओं 280 मिलियन डोज ख़रीदने के लिए तैयार हो गया है।

वैक्सीन राष्ट्रवाद का पिछला उदाहरण

एच 1 एन 1 फ्लू महामारी

  • कोविड -19 टीकों को लेकर वर्तमान दौड़ एक ऐसी ही स्थिति में वापस ले जाती है जो 2009 में H1N1 फ्लू महामारी के दौरान हुई थी।
  • ऑस्ट्रेलिया, सर्वप्रथम वैक्सीन बनाने वाला देश बना, इसने वैक्सीन के निर्यात को अवरुद्ध कर दिया।एक वैक्सीन निर्मित करने वाला पहला देश, निर्यात को अवरुद्ध कर दिया, जबकि कुछ सबसे धनी देशों ने कई दवा कंपनियों के साथ पूर्व-ख़रीद समझौतों किया था। इस समझौते के तहत अकेले अमेरिका को 600,000 ख़ुराक ख़रीदने का अधिकार प्राप्त था।
  • केवल 2009 में जब महामारी का प्रसार कम होने लगा और टीका लगाने की मांग कम होने लगी तो विकसित देशों ने गरीब देशों को वैक्सीन की ख़ुराक दान करने की पेशकश की।

वैक्सीन राष्ट्रवाद को रोकने के लिए कानून

  • दिलचस्प बात यह है कि भले ही वैक्सीन राष्ट्रवाद वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य सिद्धांतों के ख़िलाफ़ है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय कानूनों में ऐसा कोई प्रावधान नहीं हैं जो पूर्व-ख़रीद समझौतों को रोकते हों।

वैक्सीन राष्ट्रवाद द्वारा उत्पन्न समस्याएं

  • गरीब देशों पर बुरा प्रभाव: वैक्सीन राष्ट्रवाद का सबसे तात्कालिक प्रभाव यह है कि यह कम संसाधनों और सीमित शक्ति वाले देशों को और नुकसान पहुंचाता है।
  • स्वास्थ्य वस्तुओं तक ग़ैर-पहुंच: यह महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य वस्तुओं को आबादी तक तक समय पर पहुंचसे वंचित करता है।
  • धनवान देशों को प्राथमिकता देना: अपनी हद तक, यह सर्वप्रथम विकसित देशों, जहाँ कम ज़ेखिम वाली आबादी है, उसके बाद विकासशील देशों, जहाँ अत्यधिक ज़ेखिम वाली आबादी रहती है, को टीके (वैक्सीन) आवंटित करता है।
  • वैश्विक आपूर्ति श्रंखला को बाधित करना: यदि बड़ी संख्या में बीमारी के मामले वाले देश वैक्सीन प्राप्त करने में पिछड़ जाते हैं, तो बीमारी वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को बाधित करती रहेगी और परिणामस्वरूप, इससे दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाएं प्रभावित होंगी।
  • वैक्सीन विकास के मौलिक सिद्धांत के ख़िलाफ़: वैक्सीन का राष्ट्रवाद वैक्सीन विकास और वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य के मूल सिद्धांतों के ख़िलाफ़ चलता है। अधिकांश वैक्सीन विकास परियोजनाओं में कई देशों के कई दल शामिल होते हैं।

डब्ल्यूएचओ वैक्सीन राष्ट्रवाद के ख़िलाफ़ समाधान

  • वैक्सीन राष्ट्रवाद को ख़त्म करने का विकल्प वैश्विक सहयोग है।
  • सामान और व्यापक पहुंच के लिए WHO,महामारी संबंधी मुस्तैद नवाचार के लिए गठबंधन और गावी (Gavi), वैक्सीन संधि (The Vaccine Alliance) के माध्यम से एक विशेष पहल के साथ आये हैं जिसे "कोवाक्स फैसिलिटी (Covax Facility)" के रूप में जाना जाता है।
  • इस सुविधा का उद्देश्य मुख्य रूप से निम्न और मध्यम आय वाले देशों में तैनाती और वितरण के लिए अगले साल के अंत तक कोविड -19 टीकों की कम से कम दो बिलियन खुराक की ख़रीद करना है।
  • इस पहल में शामिल होने वाले देशों को वैक्सीन के अनुसंधान में सफल होने के पश्चात, टीकों की आपूर्ति का आश्वासन देना होगा।
  • इसके अलावा, विभिन्न देशों को उनकी आबादी के कम से कम 20 प्रतिशत की आबादी की सुरक्षा के लिए वैक्सीन की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।

समय की मांग

  • राष्ट्रीयता वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य सिद्धांतों के साथ है। फिर भी, अंतर्राष्ट्रीय कानूनों में कोई प्रावधान नहीं हैं जो पूर्व वर्णित समझौतों को रोकते हैं जैसे ऊपर उद्धृत है। दवा उत्पादों के लेकर पूर्व-ख़रीद समझौते किये जा सकते हैं।
  • इसके अलावा, टीके आमतौर पर अन्य चिकित्सा उत्पादों की तरह बिक्री हेतु उत्पन्न नहीं किये जाते हैं। यदि सही तरीके से उपयोग किया जाता है, तो पूर्व-ख़रीद समझौते भी कंपनियों को वैक्सीन के निर्माण के लिए एक प्रोत्साहन हो सकते हैं, अन्यथा उनका व्यावसायीकरण नहीं किया जाएगा।
  • डब्ल्यूएचओ सहित अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों को सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट के दौरान टीकों के लिए समान पहुंच के लिए एक रूपरेखा तैयार करने के लिए अगले महामारी से पहले बातचीत का समन्वय करना चाहिए।
  • भूगोल और भू-राजनीति के आगे बढ़कर दुनिया भर की आबादी के लिए टीकों की पहुंच और सामान अवसरों की पहुंच सुनिश्चित हो सके।
  • दुनिया को कोविड-19 महामारी के ख़िलाफ़ लड़ाई में क़दम बढ़ाने के लिए, रणनीतिक और वैश्विक रूप से परिमित आपूर्ति को साझा करके वैक्सीन राष्ट्रवाद को रोकने की ज़रूरत है।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी के गठन को मंजूरी


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 19 अगस्त, 2020 को सामान्य योग्यता परीक्षा (सीईटी) आयोजित करने के लिए राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी के गठन को मंजूरी प्रदान की।

महत्वपूर्ण तथ्य: राष्‍ट्रीय भर्ती एजेंसी शुरू में समूह-ख और समूह-(गैर-तकनीकी) पदों के लिए उम्‍मीदवारों के चयन के लिए ऑनलाइन सामान्य पात्रता परीक्षा आयोजित करेगी, जिसके लिए वर्तमान में कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी), रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) और आईबीपीएस द्वारा भर्ती की जाती है।

  • इस एजेंसी में रेल तथा वित्‍त मंत्रालय, कर्मचारी चयन आयोग, रेलवे भर्ती बोर्ड और बैंक कार्मिक चयन संस्‍थान (आईबीपीएस) के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
  • एनआरए द्वारा गैर-तकनीकी पदों के लिए स्नातक, इंटरमीडिएट और मैट्रिक तीनों स्तर के लिए अलग-अलग सीईटी का संचालन किया जाएगा।
  • सीईटी के अंक स्‍तर पर की गई स्‍क्रीनिंग के आधार पर, भर्ती के लिए अंतिम चयन पृथक विशे‍षीकृत टियर (II, III इत्यादि) परीक्षा के माध्‍यम से किया जाएगा, जिसे संबंधित भर्ती एजेंसी द्वारा संचालित किया जाएगा।
  • उम्‍मीदवार का सीईटी स्‍कोर, परिणाम घोषित करने की तिथि से तीन वर्ष तक मान्‍य रहेगा। शुरू में वर्ष में दो बार सीईटी का आयोजन किया जाएगा।
  • देश के 117 आकांक्षी जिलों में परीक्षा से जुड़े बुनियादी ढांचे को विकसित करने पर विशेष ध्‍यान दिया जाएगा। इस एजेंसी के लिए 1517.57 करोड़ रुपए की राशि को मंजूरी दी गई है।

पीआईबी न्यूज विज्ञान और तकनीक

एयरोस्पेस इंजीनियरिंग क्षेत्र में इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित करने हेतु साझेदारी


एयरोस्पेस इंजीनियरिंग के क्षेत्र में स्टार्ट-अप कंपनियों को आगे बढ़ाने के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान विभाग के तहत कार्यरत राष्ट्रीय अनुसंधान विकास निगम (एनआरडीसी) ने सीएसआईआर-नेशनल एयरोस्पेस लैबोरेटरी (एनएएल) के साथ अगस्त 2020 में साझेदारी की है।

  • साझेदारी के तहत दोनों संस्थान मिलकर एयरोस्पेस इंजीनियरिंग के उभरते क्षेत्रों से जुड़ी स्टार्टअप कंपनियों को प्रोत्साहित करेंगे तथा एयरोस्पेस क्षेत्र से संबंधित इनोवेशन/इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित करेंगे।
  • एनआरडीसी की स्थापना 1953 में भारत सरकार द्वारा की गई थी, जिसका उद्देश्य विभिन्न राष्ट्रीय विकास एवं अनुसंधान संस्थानों / विश्वविद्यालयों से निर्गत होने वाली प्रौद्योगिकियों / जानकारियों / आविष्कारों / पेटेंट / प्रक्रियाओं को बढ़ावा देना, विकसित करना और उनका व्यवसायीकरण करना है। एनआरडीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ एच. पुरुषोत्तम हैं।

सामयिक खबरें राष्ट्रीय

27 फीसदी छात्रों के पास ऑनलाइन कक्षाओं हेतु सुविधाएं नहीं: एनसीईआरटी


अगस्त 2020 में एनसीईआरटी के एक सर्वेक्षण के अनुसार, 27% छात्रों के पास ऑनलाइन कक्षाओं में हिस्सा लेने के लिए स्मार्टफोन या लैपटॉप की सुविधा नहीं है।

  • महत्वपूर्ण तथ्य: सर्वेक्षण में केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय और सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों के छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और प्रधानाचार्यों सहित 34,000 से अधिक प्रतिभागियों को कवर किया गया।
  • सर्वेक्षण की मुख्य बातें: 80% से अधिक छात्र ले रहे मोबाइल से ऑनलाइन कक्षा; 28% छात्र- छात्राएं और अभिभावक बिजली की समस्या से परेशान; लगभग 36% छात्रों ने पाठ्यपुस्तकों और उपलब्ध अन्य पुस्तकों का उपयोग किया; लगभग आधे छात्रों के पास स्कूल की पाठ्य पुस्तकें नहीं; गणित और विज्ञान जैसे कांसेप्ट आधारित विषय की ऑनलाइन पढ़ाई कठिन; तथा कई छात्रों और अभिभावकों ने ऑनलाइन मोड के माध्यम से शारीरिक शिक्षा कक्षाओं की आवश्यकता महसूस की।
  • अन्य तथ्य: सर्वेक्षण के निष्कर्षों के आधार पर, शिक्षा मंत्रालय ने छात्रों के अधिगम संवर्धन दिशा-निर्देश (Learning Enhancement Guidelines) तैयार किए हैं।
    • दिशा-निर्देश तीन प्रकार की स्थितियों के लिए सुझाए गए हैं। पहला, जिसमें छात्रों के पास कोई डिजिटल संसाधन नहीं हैं। दूसरा, जिसमें छात्रों के पास सीमित डिजिटल संसाधन उपलब्ध हैं। तीसरा, जिसमें छात्रों के पास ऑनलाइन शिक्षा के लिए डिजिटल संसाधन उपलब्ध हैं।

सामयिक खबरें अंतर्राष्ट्रीय

डिजिटल क्वालिटी ऑफ लाइफ इंडेक्स 2020


अगस्त 2020 में वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (Virtual Private Network- VPN) प्रदाता ‘सर्फशार्क’ (Surfshark) द्वारा ‘डिजिटल क्वालिटी ऑफ लाइफ इंडेक्स 2020’ (Digital Quality of Life Index 2020) जारी किया गया।

महत्वपूर्ण तथ्य: इस सूचकांक में इंटरनेट क्षमता, इलेक्ट्रॉनिक गुणवत्ता, इलेक्ट्रॉनिक अवसंरचना, इलेक्ट्रॉनिक सुरक्षा तथा ई-गवर्नमेंट मापदंडो के आधार पर 85 देशों को रैंकिंग दी गई है।

  • सबसे ज्यादा डिजिटल गुणवत्ता वाले शीर्ष 10 में से सात देश यूरोप से हैं, जिनमें डेनमार्क शीर्ष पर है। इसके बाद स्वीडन दूसरे, कनाडा तीसरे, फ्रांस चौथे तथा नॉर्वे पांचवें स्थान पर है।
  • अमेरिकी महाद्वीप में कनाडा; एशिया में जापान; अफ्रीकी देशों में, दक्षिण अफ्रीका; तथा ओशिनिया देशों में न्यूजीलैंड सबसे अधिक डिजिटल गुणवत्ता वाले देश हैं।
  • सूचकांक में सबसे नीचे होन्डुरस 85वें तथा अल्जीरिया 84वें स्थान पर है।

भारत की स्थिति: सूचकांक में भारत 57वें स्थान पर है।

  • भारत इलेक्ट्रॉनिक अवसंरचना संकेतक में 79वें, इंटरनेट क्षमता संकेतक में 9वें, -गवर्नमेंट संकेतक में 15वें, इंटरनेट गुणवत्ता में 78वें, इलेक्ट्रॉनिक सुरक्षा में 57वें स्थान पर है।
  • भारत के पड़ोसी देशों में चीन 38वें, बांग्लादेश 78वें, नेपाल 79वें, श्रीलंका 80वें, पाकिस्तान 83वें स्थान पर है।

सामयिक खबरें पर्यावरण

राष्ट्रीय कैंसर रजिस्ट्री कार्यक्रम रिपोर्ट 2020


18 अगस्त, 2020 को भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) और राष्ट्रीय रोग सूचना विज्ञान एवं अनुसंधान केंद्र, बेंगलुरु द्वारा ‘राष्ट्रीय कैंसर रजिस्ट्री कार्यक्रम रिपोर्ट 2020’ जारी की गई।

महत्वपूर्ण तथ्य: रिपोर्ट का अनुमान है कि 2020 में देश में कैंसर के मामले 13.9 लाख होंगे। ये अनुमान 28 'जनसंख्या आधारित कैंसर रजिस्ट्रियों' (PBCR) की सूचना पर आधारित हैं।

  • 2020 में, तंबाकू से संबंधित कैंसर का कुल कैंसर के बोझ में 3.7 लाख (27.1%) योगदान का अनुमान है, जो पूर्वोत्तर क्षेत्र में सर्वाधिक है।
  • पुरुषों में फेफड़े, मुंह, पेट और भोजन-नलिका के कैंसर सबसे आम कैंसर थे। महिलाओं के बीच स्तन और गर्भाशय के कैंसर सबसे आम कैंसर हैं।
  • कुल कैंसर बोझ में महिलाओं में, स्तन कैंसर में 2.0 लाख (14.8%) और गर्भाशय ग्रीवा कैंसर में 0.75 लाख (5.4%) के योगदान का अनुमान है, जबकि पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए, जठरांत्र संबंधी मार्ग के कैंसर का 2.7 लाख (19.7%) के योगदान का अनुमान है।
  • प्रति 1,00,000 पुरुष आबादी पर 269.4 के साथ कैंसर के सर्वाधिक मामले मिजोरम के आइजोल जिले में (भारत में सबसे अधिक) पाये गए। जबकि प्रति 1,00,000 महिलाओं की आबादी के लिए 219.8 कैंसर के सर्वाधिक मामले अरुणाचल प्रदेश के पापुंपारे जिले में पाए गए।
  • वर्तमान अनुमानित मामलों से 12% की वृद्धि के साथ देश में कैंसर के मामलों में 2025 तक 15.6 लाख की वृद्धि होने की संभावना है।

सामयिक खबरें पर्यावरण

अमेरिका द्वारा मिन्यूटमैन III मिसाइल का सफल परीक्षण


संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा 4 अगस्त, 2020 को कैलिफोर्निया स्थित वेंडेनबर्ग एयर फोर्स बेस से अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल मिन्यूटमैन III का सफल परीक्षण किया गया।

महत्वपूर्ण तथ्य: यह परीक्षण संयुक्त राज्य अमेरिका के एयर फोर्स ग्लोबल स्ट्राइक कमांड एयरमेन और नेवी सेलर्स द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।

  • मिन्यूटमैन III तीन-चरणीय ठोस ईंधन चालित मिसाइल है। इस मिसाइल की लंबाई 18.2 मीटर, व्यास 1.85 मीटर और प्रक्षेपण भार 34467 किग्रा. है। मिसाइल की मारक क्षमता 13000 किमी. है।
  • इस मिसाइल को संयुक्त राज्य अमेरिका की सेना में वर्ष 1970 में शामिल किया गया था।
  • सतह से हवा में मार करने वाली यह मिसाइल परंपरागत एवं परमाणु युद्धशीर्ष ले जाने में सक्षम है। अमेरिकी पनडुब्बियों पर इन परमाणु मिसाइलों को तैनात किया जाता है।

राज्य समाचार उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स विनिर्माण नीति-2020


राज्य सरकार ने 18 अगस्त, 2020 को नई इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स विनिर्माण नीति-2020 की घोषणा की।

उद्देश्य: राज्‍य को इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स सामान के उत्‍पादन का नया वैश्विक केन्‍द्र बनाना।

  • अगले 5 वर्षों में 40,000 करोड़ रुपये का निवेश आमंत्रित करने और 4 लाख नौकरियां सृजित करने का लक्ष्‍य रखा गया।
  • निवेशकों को 15% की पूंजीगत सब्सिडी, 1,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश पर 10% की अतिरिक्त पूंजी सब्सिडी तथा अधिसूचित बैंकों और वित्तीय संस्थाओं से लिए गए ऋण पर 5% वार्षिक ब्याज सब्सिडी का प्रावधान।
  • क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करने के लिए, बुंदेलखंड और पूर्वांचल क्षेत्रों में विनिर्माण इकाइयों की स्थापना के लिए निवेशकों को भूमि की कीमत में दोगुनी सब्सिडी का प्रावधान।
  • वर्ष 2017 में मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्‍सप्रेसवे क्षेत्रों के लिए इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स विनिर्माण नीति-2017 की घोषणा की थी। ये तीनों क्षेत्र इस समय दुनिया में मोबाइल फोन उत्‍पादन के प्रमुख केन्‍द्रों में हैं।

खेल समाचार क्रिकेट

ड्रीम-11 ने जीता आईपीएल 2020 टाइटल प्रायोजन करार


18 अगस्त, 2020 को फैंटेसी गेमिंग प्लेटफार्म ड्रीम-11 ने 222 करोड़ रुपये की बोली के साथ आईपीएल 2020 का टाइटल प्रायोजन अधिकार हासिल कर लिया है। यह सौदा साढ़े चार महीने के लिए वैध होगा, जो दिसंबर 2020 में समाप्त होगा।

  • ड्रीम-11 स्पोर्ट्स ऐप है। क्रिकेट के अलावा यह फैंटेसी स्पोर्ट्स गेमिंग ऐप हॉकी, फुटबॉल, बास्केटबॉल और कबड्डी में भी उपलब्ध है। 2008 में हर्ष जैन और भावित सेठ ने ड्रीम-11 की शुरुआत की थी।
  • ज्ञात हो कि बीसीसीआई ने चीनी मोबाइल फोन कंपनी वीवो (VIVO) के साथ आईपीएल टाइटल प्रायोजन करार को निलंबित कर दिया था।

सामयिक खबरें राष्ट्रीय पर्यावरण प्रदूषण, गिरावट और जलवायु परिवर्तन

अटलांटिक महासागर में माइक्रोप्लास्टिक प्रदूषण


  • बहु-विषयक वैज्ञानिक शोध पत्रिका “नेचर कम्युनिकेशंस (Nature Communications)” में प्रकाशित एक नए अध्ययन के अनुसार, अटलांटिक महासागर में 1.16-2.11 करोड़ टन माइक्रोप्लास्टिक प्रदूषक होने का अनुमान लगाया है।

मुख्य निष्कर्ष

  • वैज्ञानिकों ने अध्ययन में पाया कि तीन प्रकार के प्लास्टिक: पॉलीइथाइलीन, पॉलीप्रोपाइलीन और पॉलीस्टाइनिन अटलांटिक महासागर के प्रदूषण के प्रमुख कारण हैं। ये तीन प्रकार के प्लास्टिक पैकेजिंग के लिए सबसे अधिक उपयोग किए जाते हैं।
  • इन तीन प्रदूषकों की समुद्र में 200 मीटर की गहराई तक निलंबित मात्रा के आधार पर अटलांटिक महासागर में प्लास्टिक प्रदूषण का अनुमान लगाया गया है।
  • छोटे प्लास्टिक के कण बड़े ख़तरनाक होते हैं, क्योंकि उनके लिए अधिक से अधिक समुद्र की गहराई में डूबना आसान होता है।इससे सुमद्र के निचले तल में रहने वाले कुछ समुद्री प्रजातियों जैसे कि ज़ूप्लैंकटनके भोजन अथवा खाद्य श्रृंखला में प्रवेश करना आसान हो जाता है, दरअसल सुमद्र के निचले तल में रहने वाले जीव छोटे कणों को भोजन के रूप में अत्यधिकतरजीह देते हैं।
  • अटलांटिक महासागर को प्लास्टिक प्रदूषण की मात्रा का अनुमान दो आधारों पर लगाया गया है:
    1. प्रथम, वर्ष 1950-2015 से प्लास्टिक कचरे के उत्पादन के रुझान;
    2. ऐसा माना गया कि विगत 65 वर्षों में वैश्विक प्लास्टिक कचरे का 0.3-0.8% अटलांटिक महासागर ने प्राप्त किया है।
  • इसलिए अनुमानितरूप से अटलांटिक जल में 1.7-4.7 करोड़ टन प्लास्टिक कचरा प्राप्त किया जा सकता है।
  • दुनिया भर में पानी और तलछट (मैल) के विश्लेषण से संकेत मिलता है कि माइक्रोप्लास्टिक ताजे पानी, समुद्री पारिस्थितिक तंत्र और मिट्टी में सर्वव्यापी हैं।

माइक्रोप्लास्टिक

  • ये प्लास्टिक के मलबे हैं जिनकी लंबाई 5 मिमी से छोटी होती है (तिल के बीज़ के आकार के बाराबर)।
  • ये कण ज्यादातर पॉलीइथाइलीन (पीई), पॉलीप्रोपाइलीन (पीपी), पॉलीस्टाइरीन (पीएस), पॉलीइथाइलीन टेरेफ्थेलेट (पीईटी) और पॉलीएस्टर से बने होते हैं।
  • माइक्रोप्लास्टिक्स आकार, रंग और रासायनिक रचनाओं की एक विशाल विविधता में आते हैं, जिसमें फ़ोम, चद्दरें, फाइबर,छोटे-छोटे टुकड़े, गुच्छे शम्मिलित होता है।

श्रेणियाँ

  • इसे स्रोत के अनुसार दो मुख्य श्रेणियों में विभाजित किया जा सकता है:

प्राथमिक माइक्रोप्लास्टिक्स

  • जिन्हें पर्यावरण में सीधे तौर पर छोटे-छोटे कणों के रूप में छोड़ा जाता है।
  • समुद्रों में प्राथमिक माइक्रोप्लास्टिक्स की उपलब्धता 15-31% के बीच का अनुमान है।
  • मुख्य स्रोत: सिंथेटिक कपड़ों की लांड्रिंग (प्राथमिक माइक्रोप्लास्टिक का 35%); ड्राइविंग के माध्यम से टायर का घर्षण (28%); व्यक्तिगत देखभाल उत्पादों (कॉस्मेटिक्स)से जुड़े माइक्रोप्लास्टिक, जैसे- चेहरे के स्क्रब (2%) में माइक्रोबीड्स।

द्वितीयक माइक्रोप्लास्टिक्स

  • ये प्लास्टिक की थैलियों, बोतलों या मछली पकड़ने के जाल जैसी बड़ी प्लास्टिक वस्तुओं के क्षरण से उत्पन्न होते हैं।
  • इसका हिस्सा समुद्रों में पाए जाने वाले माइक्रोप्लास्टिक्स का 69-81% है।

महासागरों तक प्लास्टिक कैसे पहुंचता है?

  • माइक्रोप्लास्टिक्स के प्रमुख स्रोतों में शामिल हैं:
  • कृषि अपवाह
  • मत्स्य पालन
  • क्रूज़ पोत
  • महासागर डंपिंग ( समुद्र के भीतर कूड़ों का ढेर लगाना)
  • पानी को बहाने
  • शिपिंग और मछली पकड़ने के उद्योग
  • शहरी अपवाह
  • कचरा प्रबंधन
  • अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र

प्रभाव

समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र पर प्रभाव

  • कई ख़तरनाक कार्बनिक प्रदूषक (उदाहरण के लिए, कीटनाशक, पॉलीक्लोराइनेटेड बाइफिनाइल्स-पीसीबी, डीडीटी, और डाइऑक्सिन) कम सांद्रता में महासागरों के आसपास तैरते हैं, लेकिन उनकी हाइड्रोफोबिक प्रकृति उन्हें प्लास्टिक के कणों की सतह पर केंद्रित करती (प्लास्टिक कणों की सतहों पर चिपकना) है।
  • समुद्री जानवर गलती से इन माइक्रोप्लास्टिक्स को निगलते वक्त विषाक्त प्रदूषकों को निगल जाते हैं। विषाक्त रसायन जानवरों के ऊतकों में जमा होते हैं और चूंकि प्रदूषकों का खाद्य श्रृंखला के माध्यम से स्थानांतरण होता रहता है जिससे इन विषाक्त प्रदूषकों की मात्रा और सांद्रता बढती रहती है।विषाक्त प्रदूषकों की अधिकता समुद्री जानवरों के लिए बेहद खतरनाक है।
  • विषाक्त रासायनिकों के अलावा, समुद्री जीवों के लिए अंतर्ग्रहित प्लास्टिक सामग्री हानिकारक हो सकती है, क्योंकि इनसे पाचन अवरोध और आंतरिक क्षति होती है।
  • माइक्रोफ़ाइबर, जिन्हें अपशिष्ट जल और फ्रेशवाटर में सबसे प्रचुर मात्रा में माइक्रोप्लास्टिक्स के रूप में रिपोर्ट किया गया है, विशेष चिंता का विषय है। इसे ज़ूप्लांकटन, नदी-तल के जीवों और सीपी के आंत्र पथ में पहचाना गया है। ये आंत रुकावट और भुखमरी के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं।

मानव स्वास्थ्य पर प्रभाव

  • यदि माइक्रोप्लास्टिक्स मनुष्यों की खाद्य श्रृंखला तक पहुंचता है तो यह मनुष्यों के लिए भी हानिकारक है। उदाहरण के लिए, माइक्रोप्लास्टिक्स नल के पानी, बीयर और यहां तक कि नमक में पाए गए हैं।
  • मछली, शंख और क्रस्टेशियंस द्वारा निगले गए प्लास्टिक भी हमारे भोजन की टेबल पर पहुँच जाते हैं। मनुष्यों द्वारा भी प्रभाव महसूस किया है कि माइक्रोप्लास्टिक प्रदूषकों को मनुष्यों द्वारा निगला और अवशोषित किया जा सकता है। ये मानव अंतःस्रावी तंत्र का नुकशान कर सकते हैं और आनुवंशिक समस्या उत्पन्न कर सकते हैं।
  • मनुष्यों द्वारा प्लास्टिक का उपभोग हानिकारक है क्योंकि प्लास्टिक का उत्पादन करने के लिए उपयोग किए जाने वाले कई रसायनों से कार्सिनोजेनिक हो सकता है।

माइक्रोप्लास्टिक के उपयोग को नियंत्रित करने के लिए वैश्विक प्रयास

संयुक्त राज्य अमेरिका

  • पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने माइक्रोबीड-फ्री वाटर्स एक्ट 2015 पर हस्ताक्षर किए, जिससे टूथपेस्ट और त्वचा लोशन जैसे सौंदर्य प्रसाधनों में छोटे प्लास्टिक मोतियों के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया।

कनाडा

  • कनाडा सरकार ने भी जनवरी 2018 से माइक्रोप्लास्टिक्स वाले टॉयलेटरीज़ के उत्पादन पर रोक लगा दी थी।

यूरोप

  • यूनाइटेड किंगडम ने सभी कॉस्मेटिक उत्पादों में माइक्रोप्लास्टिक्स पर समान प्रतिबंध को अपनाया है।
  • इटली ने गैर-बायोडिग्रेडेबल कॉटन स्वैब पर प्रतिबंध लगा दिया है और सभी वाणिज्यिक गतिविधियों में बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक बैग के उपयोग की शुरुआत की है।
  • आयरलैंड इस दिशा में कदम रखने वाले पहले देशों में से एक था।जैसे कि 2002 की शुरुआत में, बेचे गए हर बैग पर एक टैक्स लागू करना (जो वर्तमान में 20 यूरो से अधिक है)। यही उपाय वेल्स, बेल्जियम और डेनमार्क में अपनाया गया था।

चीन

  • चीन ने 31 दिसंबर, 2022 तक मौजूदा स्टॉक की बिक्री के साथ 31 दिसंबर 2020 तक प्लास्टिक माइक्रोबीड्स वाले सौंदर्य प्रसाधनों के उत्पादन पर प्रतिबंध लगाने की योजना की घोषणा की है।

भारत

  • सौंदर्य प्रसाधनों में माइक्रोबीड्स के विश्लेषण के लिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) द्वारा दिए गए आदेश पर, भारतीय मानक ब्यूरो ने मई 2017 में एक अध्ययन किया और' उपयोग के लिए अनुपयुक्त (Not Fit for Use)' माइक्रोबीड उत्पादों का वर्गीकरण किया।
  • हालाँकि, उसके बाद सरकार की ओर से भारत में सौंदर्य प्रसाधनों में मैक्रोबॉइड्स के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने की कोई अधिसूचना या निर्देश नहीं आया है।

शमन और नियंत्रण के उपाय

अल्पकालिक उपाय

  • सार्वजनिक स्वास्थ्य या खाद्य सुरक्षा से समझौता किए बिना, पर्यावरण के लिए हानिकारक प्लास्टिक उत्पादों के प्रतिबंधलगाना चाहिए या करों (Taxes) के माध्यम से उत्पादन और खपत का विनियमन किया जाना चाहिए।
  • अनावश्यक पैकेजिंग (जैसे, डबल पैकेजिंग) को हटाने, लेबलिंग, जागरूकता, शिक्षा के माध्यम से प्लास्टिक की खपत को कम करना, और संभवतः प्लास्टिक को पर्यावरण के अनुकूल विकल्प प्रदान करना चाहिए।
  • नए प्लास्टिक के निर्माण पर अत्यधिक करों के माध्यम से पुनर्नवीनीकरण प्लास्टिक की मांग बढ़ाना।

मध्य अवधि के उपाय

  • अपशिष्ट संग्रह प्रणालियों का कार्यान्वयन जो अपशिष्ट उत्पादन में कमी लाते हैं, "पे-एज-यू-थ्रो (pay-as-you-throw)" सिद्धांत के अनुसार रीसाइक्लिंग दर को सुधार सकते हैं, जैसे कि डोर-टू-डोर संग्रह और जमा-वापसी सिस्टम।
  • कच्चे माल की आपूर्ति (feedstock) और अपशिष्ट-से-ऊर्जा (waste-to-energy) के साथ रीसाइक्लिंग को प्राथमिकता देना जो मूल्यवान रसायनों और ऊर्जा की पुनः प्राप्तिका आदेश देता है। भूमिका उपयोग केवल पिछली प्रक्रियाओं में उत्पादित कचरे में किया जाना चाहिए।
  • उत्पादन के दौरान बनने वाले कचरे की कमी और पुनर्चक्रण तथा उत्पादों की वजह से अपशिष्ट और प्रभावों पर जिम्मेदारी तय करना।

लंबे समय तक उपाय

  • पुनर्नवीनीकरण प्लास्टिक के पर्यावरणीय प्रभावों को कम करने के लिए अपशिष्ट और रीसाइक्लिंग के संग्रह के दौरान अक्षय ऊर्जा का उपयोग करना।
  • उत्पादों के जीवन के अपेक्षित अंत को ध्यान में रखते हुए, प्रत्येक उत्पाद और इको-डिज़ाइन (पुन: उपयोग, मरम्मत और पुनर्चक्रण सहित) को बेहतर बनाने के लिए जीवन चक्र आकलन (LCA) को लागू करना।
  • ईंधन आधारित प्लास्टिक से पर्यावरणीय प्रभावों को कम करने के लिए जैव-आधारित प्लास्टिक का उपयोग करना, हानिकारक टुकड़ों (माइक्रोप्लास्टिक्स) का उत्पादन करने वाले अवक्रमित प्लास्टिक का उत्पादन कम करना, नमूना संग्रह और अपशिष्ट उपचार प्रदान करते समय उन अनुप्रयोगों में बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक का उपयोग करना जिससे खाद बनाना फायदेमंद है।
  • ई-कचरे के पुनर्चक्रण में सुधार और अंतरिम में, अपशिष्ट-से-ऊर्जा के माध्यम से निपटान करना।

आगे का रास्ता

  • एक एकीकृत अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली (यह चार आर (R) के पदानुक्रम (रिड्यूस, रीयूज़, रिसाइकिल, रिकवर) पर केंद्रित हो) और प्लास्टिक के जीवन-चक्र में सुधार करना महत्वपूर्ण है ताकि ऊर्जा और संसाधनों की खपत को कम किया जा सके, हानिकारक उत्सर्जन से बचा जा सके, और महासागरों तक पहुंचने वाले कुप्रबंधित प्लास्टिक कचरे की मात्रा को कम किया जा सके।
  • इन उपायों के लिए सरकारों द्वारा बनाई गईकमान और नियंत्रण और आर्थिक उपायों, उद्योगों से स्वैच्छिक उपायों और उपभोक्ता व्यवहार में बदलाव की आवश्यकता होगी।
  • चूंकि प्लास्टिक मरीन कूड़े की कोई सीमा नहीं है, इसलिए सभी देशों (या कम से कम तटीय देशों) में अपशिष्ट प्रबंधन प्रणालियों को बेहतर बनाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता है।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

अभिनव उपलब्धियों पर संस्थानों की अटल रैंकिंग 2020


उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने 18 अगस्त, 2020 को अभिनव उपलब्धियों पर संस्थानों की अटल रैंकिंग (ARIIA) 2020 की घोषणा की।

महत्वपूर्ण तथ्य: रैंकिंग में संस्थानों की भागीदारी में पिछले वर्ष की तुलना में 30-35 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई।

  • इस वर्ष, रैंकिंग में दो विस्‍तृत श्रेणियों और छह उप-श्रेणियों में संस्थानों का वर्गीकरण किया गया था।

  • आईआईटी मद्रास ने ‘राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों, केंद्रीय विश्वविद्यालयों और केंद्र द्वारा वित्तपोषित तकनीकी संस्थानों’ की श्रेणी में शीर्ष स्थान हासिल किया।

  • इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी, मुंबई को ‘सरकार और सरकारी सहायता प्राप्त विश्वविद्यालयों’ के अंतर्गत शीर्ष स्थान हासिल हुआ।

  • सरकार और सरकारी सहायता प्राप्त महाविद्यालयों’ के अंतर्गत इंजीनियरिंग कॉलेज, पुणे; निजी या स्व-वित्तपोषित विश्वविद्यालयों’ के अंतर्गत कलिंग इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी, भुवनेश्वर और ‘निजी या स्व-वित्तपोषित महाविद्यालयों’ के तहत एस. आर. इंजीनियरिंग कॉलेज, वारंगल को शीर्ष स्थान दिया गया।
  • ARIIA भारत में छात्रों और संकायों के बीच ‘नवाचार और उद्यमिता विकास’ से संबंधित संकेतकों पर भारत के सभी प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थानों और विश्वविद्यालयों की रैंकिंग के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय (MHRD), सरकार की एक पहल है।
  • रैंकिंग के परिणामों का मूल्यांकन 7 मापदंडों के आधार पर किया गया है। इनमें बजट और धन सहायता, इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाएं, जागरूकता, उद्यमिता, व्यावसायीकरण, सीखने के तरीके तथा गवर्नेंस शामिल हैं।

 

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

रेलवे सुरक्षा के लिए ड्रोन आधारित निगरानी प्रणाली


अगस्त 2020 में भारतीय रेलवे ने रेलवे सुरक्षा के लिए ड्रोन आधारित निगरानी प्रणाली की शुरुआत की है।

उद्देश्य: तैनात सुरक्षा कर्मियों की प्रभावशीलता में वृद्धि करना और उन्हें सहायता प्रदान करना।

महत्वपूर्ण तथ्य: भारतीय रेलवे में मध्य रेलवे के मुंबई डिवीजन ने रेलवे परिसर, रेलवे ट्रैक सेक्शन, यार्ड, वर्कशॉप आदि जैसे रेलवे क्षेत्रों में बेहतर सुरक्षा और निगरानी के लिए दो निंजा यूएवी की खरीद की है।

  • ये ड्रोन रियल टाइम निगरानी, वीडियो स्ट्रीमिंग में सक्षम हैं और इन्हें स्वचालित विफल सुरक्षित मोड (automatic fail safe mode) पर संचालित किया जा सकता है, जिससे यात्रियों के लिए अतिरिक्त सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
  • इसका उपयोग रेलवे परिसर में ‘आपराधिक और असामाजिक गतिविधियों’ जैसे जुआ खेलने, कचरा फेंकने और फेरी लगाने वालों आदि पर निगरानी रखने तथा ‘ट्रेन के सुरक्षित परिचालन’ के लिए डेटा संग्रह के लिए भी किया जा सकता है।
  • ड्रोन को आपदा स्थलों पर विभिन्न एजेंसियों के प्रयासों में समन्वय के लिए राहत और बचाव कार्यों, रिकवरी और पुनर्निर्माण जैसी सेवाओं तथा भीड़ को नियंत्रित करने हेतु उपयोग किया जा सकता है।

 

पीआईबी न्यूज विज्ञान और तकनीक

स्वदेशी माइक्रोप्रोसेसर चैलेंज


केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने 18 अगस्त, 2020 को ‘स्वदेशी माइक्रोप्रोसेसर चैलेंज- #आत्मनिर्भर भारत के लिए नवाचार समाधान’ लॉन्च किया। इस चैलेंज के अवधि 10 महीने की है।

उद्देश्य: देश में स्टार्ट-अप, नवाचार और अनुसंधान के मजबूत इकोसिस्टम को और गति प्रदान करना।

  • इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय के ‘माइक्रोप्रोसेसर विकास कार्यक्रम’ के तत्वावधान में स्वदेशी रूप से विकसित माइक्रोप्रोसेसर ‘शक्ति’ और ‘वेगा’ को लॉन्च किया गया।
  • स्वदेशी माइक्रोप्रोसेसर चैलेंज’ के तहत इन माइक्रोप्रोसेसरों का उपयोग करते हुए विभिन्न टेक्नोलॉजी उत्पादों को विकसित करने के लिए नवोन्मेषकों, स्टार्ट-अप और छात्रों को आमंत्रित किया गया है।

सामयिक खबरें आर्थिकी

खुदरा भुगतान इकाई स्थापना हेतु रूपरेखा जारी


भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 18 अगस्त, 2020 को खुदरा भुगतान प्रणाली के लिए एक अखिल भारतीय छत्र इकाई (umbrella entity) की स्थापना के लिए रूपरेखा जारी की।

उद्देश्य: भुगतान प्रणाली में भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) के दबदबे को कम करना।

महत्वपूर्ण तथ्य: स्थापित की जाने वाली इकाई, कंपनी अधिनियम, 2013 के अंतर्गत भारत में स्थापित कंपनी होगी। बाद में यह फैसला लिया जा सकता है, कि कंपनी लाभकारी होगी या धारा 8 के तहत गैर-लाभकारी।

  • यह इकाई, एटीएम, व्हाइट लेबल पॉइंट ऑफ सेल PoS, आधार-आधारित भुगतान और विप्रेषण सेवाओं (Remittance services) में नए भुगतान प्रणालियों की स्थापना, प्रबंधन और संचालन करेगी।
  • उसे भागीदारी करने वाले बैंकों तथा गैर-बैंकों के लिए क्लियरिंग एवं निपटान प्रणाली संचालित करनी होंगी।
  • नई इकाई की न्यूतनम चुकता पूंजी (Paid-up capital) 500 करोड़ रुपये होगी और इस पूंजी में किसी भी प्रवर्तक (Promoter) / प्रवर्तक समूह की 40% से अधिक हिस्सेदारी नहीं होगी।
  • नई इकाई की स्थापना के लिए आवेदन करते समय प्रवर्तक के पास कम से कम 50 करोड़ रुपये की शुरुआती पूंजी तथा उसे भुगतान प्रणाली का कम से कम 3 वर्षों का अनुभव होना चाहिए।
  • छाता इकाई का गठन भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 के तहत अधिकृत किया गया है।

सामयिक खबरें आर्थिकी

भारत में कृषि वस्तुओं के निर्यात में बढ़ोतरी


मार्च-जून 2020 की अवधि में देश से 25552.7 करोड़ रूपए की कृषि वस्‍तुओं का निर्यात हुआ, जो कि 2019 की इसी अवधि में हुए 20734.8 करोड़ रूपए के निर्यात की तुलना में 23.24% अधिक है।

महत्वपूर्ण तथ्य: फलों और सब्जियों के उत्‍पादन के मामले में भारत का विश्‍व में दूसरा स्‍थान है। फलों में सबसे ज्‍यादा निर्यात अंगूर का होता है।

  • 2017-18 में भारत का कृषि निर्यात देश के कृषि जीडीपी का जहां 9.4% था, वहीं 2018-19 में यह 9.9% हो गया, जबकि भारत के कृषि जीडीपी के प्रतिशत के रूप में कृषि आयात 5.7% से घटकर 4.9% रह गया, जो निर्यात योग्य अधिशेष को दर्शाता है।
  • कृषि उत्पादन के मामले में शीर्ष पर होने के बावजूद कृषि उत्‍पादों के निर्यात के मामले में देश बड़े कृषि उत्‍पाद निर्यातक देशों की सूची में स्‍थान नहीं पा सका है।
  • भारत, दुनिया में गेहूं उत्पादन के मामले में दूसरे स्थान पर है, लेकिन निर्यात के मामले में यह 34वें स्थान पर है।
  • सब्जियों के उत्पादन में विश्व में तीसरे स्‍थान पर होने के बावजूद निर्यात के मामले में यह 14वें स्थान पर है। फलों के मामले में, भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है, लेकिन इस क्षेत्र में भी यह निर्यात के मामले में 23वें स्थान पर है।
  • विश्व व्यापार संगठन के आंकड़ो के अनुसार, 2017 में विश्व कृषि व्यापार में भारत के कृषि निर्यात और आयात का हिस्सा क्रमशः 2.27% और 1.90% था।

 

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सत्‍यपाल मलिक मेघालय के नए राज्यपाल


18 अगस्त, 2020 को गोवा के राज्‍यपाल सत्‍यपाल मलिक का स्‍थानांतरण कर उन्‍हें मेघालय का राज्‍यपाल नियुक्‍त किया गया है। वे तथागत रॉय का स्थान लेंगे।

  • मलिक अगस्त 2018 से अक्टूबर 2019 तक जम्मू और कश्मीर के राज्यपाल भी थे।
  • महाराष्‍ट्र के राज्‍यपाल भगत सिंह कोश्‍यारी को गोवा के राज्‍यपाल का अतिरिक्‍त प्रभार सौंपा गया है।

संक्षिप्त खबरें सार-संक्षेप नियुक्ति

राकेश अस्थाना बीएसएफ के महानिदेशक नियुक्त


18 अगस्त, 2020 को राकेश अस्थाना ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के महानिदेशक का पदभार ग्रहण किया। उन्होंने इस पद पर आईटीबीपी के महानिदेशक सुरजीत सिंह देसवाल का स्थान लिया, जो मार्च 2020 से बीएसएफ के महानिदेशक का अतिरिक्त कार्यभार देख रहे थे।

  • 1984 बैच के गुजरात कैडर के आईपीएस अधिकारी अस्थाना नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) के महानिदेशक पद पर थे और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के अतिरिक्त प्रभार के साथ काम कर रहे थे। वे एनसीबी के प्रमुख का अतिरिक्त कार्यभार जारी रखेंगे।
  • वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वी. एस. के. कौमुदी को गृह मंत्रालय में विशेष सचिव (आंतरिक सुरक्षा) नियुक्त किया गया है।

संक्षिप्त खबरें सार-संक्षेप वेब पोर्टल/ऐप

‘सृजन’ पोर्टल


रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने 14 अगस्त, 2020 को ‘सृजन’ नामक एक पोर्टल का शुभारंभ किया।

  • यह एक वन स्‍टॉप ऑनलाइन पोर्टल है, जो वेंडर को स्‍वदेशी वस्‍तुओं के लिए मंच प्रदान करता है।
  • आत्‍मनिर्भर भारत की घोषणा के बाद रक्षा उत्‍पादन विभाग ने स्‍वदेशी पोर्टल ‘सृजन डिफेंस डॉट जीओवी डॉट आईएन’ विकसित किया है, जिसका लक्ष्‍य रक्षा क्षेत्र में मेक इन इंडिया के लिए अवसर उपलब्‍ध कराना है।

खेल समाचार चर्चित खेल व्यक्तित्व

सुरेश रैना


भारत के बायें हाथ के बल्लेबाज सुरेश रैना ने 15 अगस्त, 2020 को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की।

  • वे महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई वाले 2011 आईसीसी पुरुष क्रिकेट विश्व कप और 2013 आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी विजेता भारतीय टीम के सदस्य भी रहे। उन्होंने 226 एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में 5,615 रन तथा 78 टी-20 मैचों में 1,605 रन बनाए। साथ ही उन्होंने 18 टेस्ट मैच भी खेले।

संक्षिप्त खबरें बिजनेस और सार्वजनिक उपक्रम

'हुंडई मोबिलिटी मेम्बरशिप' कार्यक्रम


  • दक्षिण कोरियाई कार निर्माता हुंडई मोटर इंडिया लिमिटेड (HMIL) ने 13 अगस्त, 2020 को 'हुंडई मोबिलिटी मेम्बरशिप' कार्यक्रम लॉन्च किया।

  • ग्राहकों की विभिन्न जरूरतों को पूरा करने के लिए यह एक 'वन-स्टॉप सॉल्यूशन' है। इस नई पहल के जरिए हुंडई ग्राहक को ‘आजीवन ग्राहक’ बनाने की रणनीति अपना रही है, जिससे ग्राहक ब्रांड के साथ हमेशा जुड़ा रहे। हुंडई इंडिया ने अपने इस कार्यक्रम के लिए 21 ब्रांडों के साथ भागीदारी की है।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

‘फिट इंडिया यूथ क्लब’ राष्ट्र व्यापी पहल


केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रत्येक नागरिक के बीच फिटनेस को बढ़ावा देने के लिए 15 अगस्त, 2020 को फिट इंडिया यूथ क्लबों की राष्ट्र व्यापी पहल आरंभ की।

उद्देश्य: फिट इंडिया आंदोलन के एक हिस्से के रूप में देश भर में फिटनेस के महत्व के बारे में आम जागरूकता पैदा करने के लिए युवाओं की शक्ति का उपयोग करना।

  • इसमें स्काउट्स एवं गाइड्स, एनसीसी एवं अन्य युवा संगठनों के साथ-साथ नेहरू युवा केंद्र संगठन और राष्ट्रीय सेवा योजना के 75 लाख स्वयंसेवक एक जिला इकाई के तत्वाधान में देश के प्रत्येक ब्लॉक में फिट इंडिया यूथ क्लब के रूप में पंजीकरण करेंगे और क्लब का प्रत्येक सदस्य समुदाय के लोगों को 30 से 60 मिनट तक फिटनेस गतिविधियों से जुड़ने के लिए प्रेरित करेगा।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

जनजातीय स्वास्थ्य एवं पोषण पोर्टल ‘स्‍वास्‍थ्‍य’


जनजातीय मामलों के मंत्रालय द्वारा 17 अगस्त, 2020 को जनजातीय स्वास्थ्य एवं पोषण पोर्टल ‘स्‍वास्‍थ्‍य’ का शुभारंभ किया गया।

  • स्वास्‍थ्‍य’ नामक ई-पोर्टल एक ही मंच पर भारत की जनजातीय आबादी के स्वास्‍थ्‍य और पोषण संबंधी जानकारी उपलब्ध कराता है। पोर्टल भारत के विभिन्‍न हिस्‍सों से एकत्र की गई नवाचारी प्रक्रियाओं, शोध रिपोर्टों, मामला अध्‍ययनों, श्रेष्‍ठ प्रक्रियाओं को साझा करेगा।

सामयिक खबरें राष्ट्रीय

नौसेना नवाचार और स्वदेशीकरण संगठन


रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 13 अगस्त, 2020 को एक ऑनलाइन वेबिनार के माध्यम से नौसेना नवाचार और स्वदेशीकरण संगठन (Naval Innovation and Indigenisation Organisation- NIIO) का शुभारंभ किया।

महत्वपूर्ण तथ्य: NIIO रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिए नवाचार और स्वदेशीकरण को बढ़ावा देने हेतु अंतिम उपयोगकर्ताओं के लिए शिक्षा और उद्योग के साथ परस्पर संवाद के लिए समर्पित संरचना तैयार करता है।

  • NIIO एक त्रि-स्तरीय संगठन है।
  • नौसेना प्रौद्योगिकी त्वरण परिषद’ Naval Technology Acceleration Council (N-TAC) नवोन्मेषण एवं स्वदेशीकरण दोनों पहलुओं को एक साथ लाएगी और शीर्ष स्तरीय निर्देश उपलब्ध कराएगी।
  • N-TAC के तहत एक कार्य समूह (Working Group) परियोजनओं को कार्यान्वित करेगा।
  • त्वरित समय सीमा में उभरती प्रौद्योगिकी के समावेशन के लिए एक ‘प्रौद्योगिकी विकास त्वरण प्रकोष्ठ’ (Technology Development Acceleration Cell- TDAC) का भी सृजन किया गया है।
  • यह कदम ‘प्रारूप रक्षा अधिग्रहण नीति 2020' (Draft Defence Acquisition Policy 2020) के अनुरूप है, जो मौजूदा संसाधनों के भीतर सेना मुख्यालयों द्वारा एक नवाचार और स्वदेशीकरण संगठन की स्थापना किए जाने की परिकल्पना करती है।

सामयिक खबरें आर्थिकी

भारत-संयुक्त राष्ट्र विकास साझेदारी निधि


भारत ने 4 अगस्त, 2020 को विकासशील राष्ट्रों को सभी सतत विकास लक्ष्यों के लिए उनकी विकास संबंधी प्राथमिकताओं हेतु सहायता करने के लिए 'भारत--संयुक्त राष्ट्र विकास साझेदारी निधि' में 15.46 मिलियन डॉलर का योगदान दिया है।

महत्वपूर्ण तथ्य: इस 15.46 मिलियन डॉलर की राशि में 6 मिलियन डॉलर की समग्र निधि भी शामिल है, जिसमें सभी विकासशील देश साझेदारी के लिए पात्र होंगे और अन्य 9.46 मिलियन डॉलर सभी सामान्य राष्ट्रमंडल देशों को समर्पित होंगे।

  • 2017 में स्थापित, भारत-संयुक्त राष्ट्र विकास साझेदारी निधि दक्षिण-दक्षिण सहयोग के लिए संयुक्त राष्ट्र निधि के भीतर एक समर्पित सुविधा है।
  • यह भारत सरकार द्वारा समर्थित तथा 'दक्षिण-दक्षिण सहयोग के लिए संयुक्त राष्ट्र कार्यालय' (United Nations Office for South-South Cooperation- UNOSSC) द्वारा प्रबंधित है, और इसे संयुक्त राष्ट्र प्रणाली के सहयोग से लागू किया गया है।
  • 2017 में इसकी स्थापना के बाद से, 55 परियोजनाओं और प्रस्तावों को अब तक स्वीकृत किया गया है, जिसमें 150 मिलियन अमेरिकी डॉलर के बहु-वर्षीय संकल्प के लिए 41.8 मिलियन डॉलर का कुल योगदान शामिल है।

संक्षिप्त खबरें सार-संक्षेप निधन

पंडित जसराज का निधन


शास्त्रीय गायक और पद्म विभूषण से सम्मानित पंडित जसराज का अमेरिका के न्यूजर्सी में 17 अगस्त, 2020 को निधन हो गया। वे 90 वर्ष के थे।

  • जसराज का ‘मेवाती’ घराने से ताल्लुक था, लेकिन उन्हें 'खयाल' की पारंपरिक गायकी के लिए जाना जाता था।
  • जसराज ने अर्ध-शास्त्रीय संगीत शैलियों को लोकप्रिय बनाने के लिए भी काम किया, जैसे हवेली संगीत, जिसमें मंदिरों में अर्ध-शास्त्रीय प्रस्तुतियां शामिल हैं।
  • उन्होंने ऑस्‍कर विजेता फिल्‍म ‘लाइफ ऑफ पाई’ में आवाज दी थी। उन्‍हें 1975 में पद्म श्री, 1990 में पद्म भूषण और वर्ष 2000 में पद्म विभूषण से सम्‍मानित किया था। 1987 में उन्‍हें संगीत नाटक अकादमी पुरस्‍कार भी प्रदान किया गया।
  • सितंबर 2019 में ‘अंतरराष्ट्रीय खगोलीय संघ’ ने 2006 में खोजे गए एक ग्रह ‘2006 VP32 (संख्या-300128)’ का नाम ‘पंडित जसराज’ ग्रह रख दिया था। संख्या 300128 पंडित जसराज की जन्म तिथि (28-01-30) के ठीक उल्टी है।

संक्षिप्त खबरें सार-संक्षेप पुरस्कार/सम्मान

सशस्त्र और अर्धसैनिक बलों के कार्मिकों को 84 वीरता पुरस्कार


सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर और राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने 14 अगस्त, 2020 को सशस्त्र बलों के कार्मिकों और अर्द्धसैनिक बलों के सदस्यों के लिए 84 पुरस्कारों और अन्य सम्मानों को मंजूरी प्रदान की।

  • इन पुरस्कारों में 1 कीर्ति चक्र, 9 शौर्य चक्र, 5 बार टू सेना मेडल (वीरता), 60 सेना मेडल (वीरता), 4 नौसेना मेडल (वीरता), 5 वायु सेना मेडल (वीरता) शामिल हैं।
  • जम्मू-कश्मीर पुलिस के हेड कांस्टेबल अब्दुल रशीद कलास को मरणोपरांत ‘कीर्ति चक्र’ प्रदान किया गया।
  • इस बार चार रक्षा कर्मियों को शौर्य चक्र प्रदान किया गया है। ‘जम्मू- कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियानों’ के लिए थलसेना के ले. कर्नल कृष्ण सिंह रावत, मेजर अनिल उर्स और हवलदार आलोक कुमार दुबे को शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। इसके अलावा भारतीय वायु सेना के विंग कमांडर विशाख नायर को भी शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया है।
  • राष्ट्रपति ने विभिन्न सैनिक कार्रवाइयों में उल्लेखनीय योगदान के लिए सेना के कार्मिकों के लिए 19 मेंशन-इन-डिस्पैच (Mention-in-Despatches) की भी मंजूरी दी है, जिसमें ऑपरेशन मेघदूत और 'ऑपरेशन रक्षक' के लिए 8 मरणोपरांत शामिल हैं।
  • सियाचिन ग्लेशियर की ऊंचाइयों पर नियंत्रण के लिए 1984 में ऑपरेशन 'मेघदूत' शुरू किया गया था। 'ऑपरेशन रक्षक' जम्मू-कश्मीर में 1990 से शुरू आतंकवाद विरोधी अभियान है।

राज्य समाचार मणिपुर

दुनिया के सबसे ऊंचे पियर ब्रिज का निर्माण मणिपुर में


भारतीय रेल मणिपुर में दुनिया के सबसे ऊंचे स्तम्भ वाले पुल (पियर ब्रिज) का निर्माण कर रही है। यह पुल नोनी के पास ‘इजाई’ नदी पर बनाया जा रहा है।

  • पुल के सबसे बड़े स्तम्भ की ऊँचाई 141 मीटर होगी। फिलहाल दुनिया का सबसे बड़ा पियर ब्रिज (pier bridge) यूरोप में मोंटेनीग्रो में ‘माला-रिजेका वायाडक्ट’ (Mala - Rijeka viaduct) को माना जाता है, जिसकी ऊंचाई 139 मीटर है।
  • पुल राजधानी इम्फाल से लगभग 65 किलोमीटर पश्चिम में, नोनी जिले के मारंगचिंग के पर्वतीय इलाके में है। इस पुल की कुल लम्बाई 703 मीटर होगी।
  • यह पुल 111 किमी. जिरिबाम-तुपुल-इम्फाल न्यू बीजी लाइन परियोजना का हिस्सा है। 280 करोड़ रुपए की लागत का यह पुल मार्च 2022 तक बनकर तैयार हो जाएगा।

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‘पारदर्शी कराधान: ईमानदार का सम्मान’ मंच की शुरुआत


  • भारत के करदाताओं को पुरस्कृत करने तथा कर व्यवस्था को और बेहतर बनाने हेतु 13 अगस्त, 2020 को भारत सरकार ने एक नये मंच “पारदर्शी कराधान - ईमानदार का सम्मान” का लोकार्पण किया।
  • यह देश के ईमानदार करदाताओं को सम्मानित करने के लिए एक मंच है।

उद्देश्य

  • इस मंच का उद्देश्य, कोरोनोवायरस (COVID-19) महामारी के बीच कर प्रणाली को "जन केंद्रित और सार्वजनहितैषी (People-Centric & Public Friendly)” बनाकर अनुपालन की प्रक्रिया को आसान करना है। इसके साथ ईमानदार करदाताओं को लाभ पहुंचाने के लिए उनके खाते में तीव्र गति से धन-वापसी(Refund) करना है।

आवश्यकता

  • 130 करोड़ लोगों के देश में कर का भुगतान करने वाले करदाताओं की संख्या सिर्फ़ 1.5 करोड़ है, जो कि काफ़ी कम है।

पृष्ठभूमि

  • यह नई योजना, “पारदर्शी कराधान - ईमानदार का सम्मान”भारत सरकार द्वारा सितंबर 2019 में शुरू किया गये ई-मूल्यांकन योजना-2019 का विस्तार है।

प्रमुख विशेषताऐं

अव्यक्तिगत कर निर्धारण (Faceless Assessment)

  • यह करदाता और आयकर विभाग के बीच के अंतराफलक (इंटरफेस) को ख़त्म करता है।
  • करदाता को आयकर कार्यालय या अधिकारी के पास जाने की कोई आवश्यकता नहीं होगी।
  • एनालिटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करने वाले सिस्टम के माध्यम से करदाता का चुनाव संभव है।
  • यह प्रणाली प्रादेशिक क्षेत्राधिकार को समाप्त कर देती है।
  • एक करदाता एक विशेष शहर से संबंधित हो सकता है लेकिन मूल्यांकन आदेश, समीक्षा और निश्चयात्मकता (Finalisation) विभिन्न शहरों में होगा।

अव्यक्तिगतदर्ख़्वास्त (Faceless Appeal)

  • इस प्रणाली के तहत, किसी के दर्ख़्वास्त का ज़िम्मादेश में किसी भी अधिकारी को यादृच्छिक रूप से दी जाएगी। दर्ख़्वास्तका फैसला करने वाले अधिकारी की पहचान अज्ञात रहेगी।
  • करदाता को आयकर कार्यालय या अधिकारी के पास जाने की आवश्यकता नहीं होगी।
  • दर्ख़्वास्त का निर्णय टीम आधारित होगी और उन दर्ख़्वास्तों की समीक्षा की जाएगी।
  • अपवाद: फेसलेस करमूल्यांकन और अपीलों का लाभ निम्न संबंधित मामलों पर लागू नहीं होता है:
    • गंभीर धोखाधड़ी
    • प्रमुख कर चोरी
    • संवेदनशील और खोजी मामलों
    • अंतर्राष्ट्रीय कर
    • काला धन अधिनियम और बेनामी संपत्ति

करदाता चार्टर (अधिकार पात्र)

  • यह कर अधिकारियों और करदाताओं दोनों के अधिकारों और जिम्मेदारियों को रेखांकित करता है।

कार्यान्वयन

  • अव्यक्तिगत कर निर्धारण (Faceless Assessment)और करदाता के अधिकार पात्र (Taxpayer’s Charter) को तत्काल प्रभाव से लागू किया गया तथा अव्यक्तिगत दर्ख़्वास्त (Faceless Appeal)25 सितंबर 2020 से प्रभावी होगी।

प्रभाव

  • कर प्रणाली को मजबूत करना: यह मंच सरकार कीकर प्रणालियोंमें सुधार और सरलीकरण के प्रयासों को मजबूती देगा। यह कई ईमानदार कर दाताओं को लाभान्वित करेगा, जिनकी कड़ी मेहनत से राष्ट्रीय प्रगति होती है। यह एक समेकित (Seamless), अव्यक्तिगत (Faceless) और कागज विहीन (Paperless) प्रशासन कोमजबूती प्रदान करेगा।
  • अत्यधिक पारदर्शिता: यह कदम आयकर व्यवस्था में पारदर्शिता लाने, कर अनुपालन को आसान बनाने और कोरोनवायरस संकट के बीच ईमानदार करदाताओं को पुरस्कृत करने के उद्देश्य से बड़े कर सुधारों की शुरूआत करेगा।
  • राष्ट्र निर्माण: देश के ईमानदार करदाताराष्ट्र निर्माण में बहुत बड़ी भूमिका निभाते हैं।जब देश के ईमानदार करदाताओं का जीवन आसान हो जाता है तो देश भी आगे बढ़ता है तब देश भी विकसित होता है। इसके अलावा, यह एक स्व-विश्वसनीय भारत, आत्म निर्भर भारतके लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद करेगा।

हाल ही में हुए कर सुधार

  • लंबित कर विवादों का समाधान करने की दृष्टि से आईटी विभाग ने प्रत्यक्ष कर "विवाद् से विश्वास अधिनियम, 2020" भी लाया, जिसके तहत वर्तमान में विवादों के निपटारे के लिए घोषणाएँ दायर की जा रही हैं।
  • मार्च, 2020 में लाभांश वितरण कर को भी समाप्त कर दिया गया।
  • दस्तावेज़ पहचान संख्या (DIN) पेश की गई थी, जिसमें विभाग का हर संचार आधिकारिक संचार में अधिक पारदर्शिता लाते हुए एक कंप्यूटर-जनित अद्वितीय दस्तावेज़ पहचान संख्या ले जाएगा।
  • सितंबर, 2019 में कॉर्पोरेट टैक्स की दरों को 30 प्रतिशत से घटाकर 22 प्रतिशत कर दिया गया था और नई विनिर्माण इकाइयों के लिए दरों को घटाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया था।
  • कर स्लैब को भी चल रहे सुधारों के एक हिस्से के रूप में युक्तिसंगत बनाया गया है जहां 5 लाख रुपये तक की आय पर शून्य कर है, जबकि शेष स्लैब में भी कर की दर कम की गई है।
  • करदाता शिकायतों / मुकदमों को प्रभावी रूप से कम करने के लिए, विभिन्न अपीलीय न्यायालयों में विभागीय अपील दायर करने के लिए मौद्रिक सीमाएं बढ़ा दी गई हैं।

शामिल किए गए मुद्दे

  • नई घोषित प्रणाली में गंभीर धोखाधड़ी, प्रमुख कर चोरी>, संवेदनशील और खोज मामलों को फेसलेस अपीलों के दायरे से बाहर रखा गया है।
  • यह अंतर्राष्ट्रीय कराधान और ब्लैक मनी अधिनियम के साथ-साथ बेनामी संपत्ति अधिनियम को भी शामिल नहीं करता है।
  • कर अधिकारी नए फेसलेस कर आकलन योजना के ख़िलाफ़ जोर दे रहे हैं। वे परिवर्तन को लागू करने के लिए परामर्श और अपर्याप्त संसाधन की कमीमें समस्याओं को देखते हैं।
  • उनके अनुसार, फेसलेस कर आकलन,कर वसूली को कम कर सकता है,जो चालू वित्त वर्ष के लिए उच्च कर लक्ष्यों को पूरा करने के लिए अधिकारियों पर दबाव बढ़ा सकता है।

आगे का रास्ता

  • भारत के कर प्रशासन को कर उत्पीड़न के लिए जाना जाता है, जहां कर राजस्व बढ़ाने के दौरान अति-इरादतन अधिकारियों ने विकास को प्रभावित किया है और कई बार फ़ायदे से अधिक नुकसान हुआ है।
  • अधिकारियों द्वारा कथित कर उत्पीड़न के मुद्दे ने भारत में बहुत ध्यान आकर्षित किया जब भारत की सबसे बड़ी कॉफी शॉप श्रृंखला के संस्थापक वीजी सिद्धार्थ ने जुलाई, 2019 में आत्महत्या कर ली और उसके पीछे एक नोट छोड़ गए जिसमें उन्होंने कर अधिकारियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया था।
  • मंच का शुभारंभ एक ऐतिहासिक निर्णय है और यह करदाताओं की सहायता के लिए सीबीडीटी द्वारा उठाए गए कई उपायों का पालन करते हुएप्रत्यक्ष कर सुधारों की यात्रा को आगे बढ़ाता है।

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राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन


  • 15 अगस्त, 2020 कोप्रधान मंत्री ने भारत के 74वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले के प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन (National Digital Health Mission- NDHM) का शुभारंभ किया।

पृष्ठभूमि

  • राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति-2017 ने एक डिजिटल स्वास्थ्य तकनीकी के निर्माण की परिकल्पना की है, जिसका उद्देश्य एक एकीकृत स्वास्थ्य सूचना प्रणाली विकसित करना है जो सभी हितधारकों की ज़रूरतों को पूरा करे तथा सार्वजनिक और निजी स्वास्थ्य सेवा के साथ जुड़ाव के साथ दक्षता, पारदर्शिता और नागरिकों के अनुभव को बेहतर बनाए।
  • इसके संदर्भ में, केंद्र सरकार के विचार मंच (थिंक-टैंक) नीति आयोग ने जून 2018 में भारत की स्वास्थ्य प्रणालीको एक डिजिटल आधार (नेशनल हेल्थ स्टैक) प्रदान करने के लिए परामर्श ज़ारी किया था।
  • अपने परामर्श के एक हिस्से में, नीति आयोग ने "रोकथाम योग्य चिकित्सा त्रुटियों के ज़ेखिम को कम करने और देखभाल की गुणवत्ता में वृद्धि"के लिए एक डिजिटल हेल्थ आईडी का प्रस्ताव रखा।
  • यह प्रस्तावकेंद्र सरकार ने स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA), तथा इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय के साथ मिलकर आगे बढ़ाया ताकि“सभी के लिए डिजिटल हेल्थकेयर सक्षम करने के साथ भारत को डिजिटल स्वास्थ्य राष्ट्र बनाने”के लिए एक रणनीति अवलोकन दस्तावेज़ तैयार किया जाये।

राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन (NDHM) की मुख्य विशेषताएं

क्रियान्वयन

  • भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन की रूपरेखा तैयार करने और इसके क्रियान्वयन का जिम्मा राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA), स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के संबद्ध कार्यालय और आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना कोअमलमें लाने के लिए जिम्मेदार शीर्ष केंद्र सरकार एजेंसीको सौंपा गया है।

अग्रगामी परियोजना

  • अपने पहले चरण में, मिशन केंद्र शासित प्रदेशों जैसे अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, चंडीगढ़,दादरा और नगर हवेली,दमन और दीव, लक्षद्वीप, लद्दाख और पुदुचेरी में शुरू होगा।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य आईडी प्रणाली का निर्माण

  • मिशन के तहत, प्रत्येक भारतीय को एक नई आधार जैसी स्वास्थ्य आईडी मिलेगी जो व्यक्ति के मेडिकल रिकॉर्ड को संग्रहित करेगी, जिसमें डॉक्टर के साथ संपर्क, बीमारियां, उपचार की रूपरेखा और ली गई दवाएं शामिल हैं।
  • यह एकीकृत रूप से टेलीमेडिसिन,ई-फार्मेसी और राष्ट्रीय स्वास्थ्य रजिस्ट्री निर्माण करने की सुविधा से युक्त होगा।
  • किसी रोगी की बीमारी के रिकॉर्ड की एक प्रति उनके डॉक्टर की फाइलों में संग्रहित की जाएगी और एक उनके स्वयं के व्यक्तिगत लॉकर में संग्रहित की जाएगी (जो किसी कंपनी या सरकार के स्वामित्व में हो सकती है)।
  • डॉक्टरों, पेशेवरों और संस्थानों की रजिस्ट्री के अलावा, यह विकेंद्रीकृत भंडारण की अनुमति देता है।
  • किसी भी उपचार के लिए डॉक्टर की अपॉइंटमेंट से लेकर अस्पताल में भर्ती होने तक, यह आईडी आवश्यक होगा।

प्रमुख पहलें

  • राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशनमें छह प्रमुख पहल या डिजिटल परिस्थितिकी तंत्र शामिल हैं- “हेल्थ आईडी, डिजी डॉक्टर, हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री, पर्सनल हेल्थ रिकॉर्ड्स, ई-फार्मेसी और टेलीमेडिसिन।”यह ‘नागरिक-केंद्रित’ दृष्टिकोण के माध्यम से समय पर, सुरक्षित और सस्ती स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच को सक्षम करेगा।
  • इसका दृष्टिकोण एक राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य पारिस्थितिकी तंत्र बनाना है जो सभी नागरिकों को समावेशी, सस्ती और सुरक्षित स्वास्थ्य सेवा के लिए समय पर और कुशल पहुँच प्रदान करता है।

प्रौद्योगिकी का बेहतरीन इस्तेमाल

  • इस मिशन की प्रमुख विशेषताइसके प्रौद्योगिकी का हिस्सा है - यह सभी के लिए उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए खुले डिजिटल सिस्टम का इस्तेमाल करेगा।
  • यह एक पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए विभिन्न डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को एकीकृत करेगा जो मौजूदा स्वास्थ्य सूचना प्रणालियों को आत्मसात कर सकता है।

महत्व

  • सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज प्राप्त करना: राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन स्वास्थ्य सेवा वितरण की दक्षता, प्रभावशीलताऔर पारदर्शिता में काफ़ी सुधार करेगा और सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज (वित्तीय ज़ेखिम सुरक्षा सहित) के संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्य दर 3.8 की उपलब्धि के लिए एक प्रमुख प्रगति होगी।
  • मौजूदा अंतर को कम करना: राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन एक समग्र, स्वैच्छिक स्वास्थ्य सेवा कार्यक्रम है जो विभिन्न हितधारकों जैसे डॉक्टर, अस्पताल और अन्य स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं, फार्मेसियों, बीमा कंपनियों और नागरिकों के बीच मौजूदा अंतर को कम करके उन्हें एक साथ लाएगाऔर उन्हें एक एकीकृत डिजिटल स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे में जोड़ेगा।
  • नागरिकों को सशक्त बनाना: नागरिकों को सही डॉक्टरों को खोजने, उनके साथ नियुक्ति करने, परामर्श शुल्क का भुगतान करने, लोगों के भीड़के बीच में पर्चे शीट के लिए अस्पतालों के कई चक्कर लगाने वाली व्यवस्था ख़त्म करके सभी भारत वासियों को सही जानकारी के माध्यम से सशक्त बनाने में मदद मिलेगी। विभिन्न स्रोत उन्हें सर्वोत्तम संभव स्वास्थ्य सेवा प्राप्त करने के लिए एक सूचित निर्णय लेने में सक्षम बनाते हैं।

चुनौतियां

  • हालाँकि, भारत में अभी भी डेटा संरक्षण पर एक कानून का अभाव है, डिजिटल स्वास्थ्य मिशन और आधार के लिए नीति की संभावना आने वाले दिनों में गोपनीयता की चिंताओं को बढ़ावा देने की उम्मीद है।

केंद्रीकृत स्वास्थ्य रिकॉर्ड प्रणाली के वैश्विक उदाहरण

  • 2005 में, यूनाइटेड किंगडम की नेशनल हेल्थ सर्विस (NHS) ने एक इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड सिस्टम की व्यवस्था शुरू की, जिसमें 2010 तक सभी मरीजों को एक केंद्रीकृत इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड के साथ शामिल करने का लक्ष्य था।
  • जबकि कई अस्पतालों ने इस प्रक्रिया के एक प्रकार के रूप में इलेक्ट्रॉनिक रोगी रिकॉर्ड सिस्टमको शुरु किया, वहां कोई राष्ट्रीय स्वास्थ्य देखभाल सूचना विनिमय नहीं था।
  • यूनाइटेड किंगडम के करदाता की लागत 12 बिलियन पाउंड से अधिक होने के बाद कार्यक्रम को अंततः समाप्त कर दिया गया। इसे सबसे महंगी हेल्थकेयर आईटी विफलताओं में से एक माना जाता है।
  • बदलते विनिर्देशों, तकनीकी चुनौतियों और आपूर्तिकर्ताओं के साथ टकराव के चलते इस परियोजना का समय और लागत अत्यधिक हो गया था।

सामयिक खबरें आर्थिकी

‘पारदर्शी कराधान - ईमानदार का सम्मान’ मंच


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 13 अगस्त, 2020 को ‘पारदर्शी कराधान - ईमानदार का सम्मान’ ('Transparent Taxation - Honoring the Honest) नाम से एक मंच (Platform) का शुभारंभ किया।

  • उद्देश्य: कर प्रणाली को सुगम, सरल और फेसलेस बनाना तथा करदाताओं का विश्वास बढ़ाना और उन्‍हें निडर बनाना।
  • महत्वपूर्ण तथ्य: इस मंच में फेसलेस असेसमेंट, फेसलेस अपील और करदाता चार्टर जैसे प्रमुख सुधारों को समाहित किया गया है।
    • फेसलेस असेसमेंट और करदाता चार्टर 13 अगस्त से लागू हो गया, जबकि फेसलेस अपील की सुविधा 25 सितंबर से उपलब्ध होगी।

  • फेसलेस असेसमेंट: इसका उद्देश्य करदाता और आयकर विभाग के बीच मानवीय इंटरफेस को समाप्त करना है।
  • फेसलेस अपील: देश भर में किसी भी अधिकारी को यादृच्छिक (randomly) रूप से अपीलें आवंटित की जाएंगी; अपील तय करने वाले अधिकारी की पहचान अज्ञात रहेगी तथा निर्णय टीम आधारित होंगे।
    • आयकर दाता को किसी भी कार्यालय जाने की जरूरत नहीं। हालांकि गंभीर अपराध, बड़ी टैक्स चोरी, अंतरराष्ट्रीय कराधान, बेनामी संपत्ति तथा ब्लैक मनी के मामले में इस सुविधा का लाभ नहीं मिलेगा।

  • करदाता चार्टर: आयकर विभाग एक 'करदाता चार्टर' को अपनाएगा जो कर अधिकारियों और करदाताओं दोनों के अधिकारों और जिम्मेदारियों को रेखांकित करता है। इसके तहत करदाता को अब उचित, विनम्र और तर्कसंगत व्यवहार का आश्वासन दिया गया है।

सामयिक खबरें अंतर्राष्ट्रीय

इस्राइल और संयुक्त अरब अमीरात आपसी संबंधों को सामान्य बनाने पर सहमत


संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और इजरायल ने 13 अगस्त, 2020 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की मध्यस्थता में पूर्ण राजनयिक संबंध स्थापित करने पर सहमति व्यक्त की।

महत्वपूर्ण तथ्य: सहमति के परिणामस्वरूप इजरायल अपने कब्जे वाले फिलिस्तीन के वेस्ट बैंक के बड़े हिस्से को शामिल करने की अपनी योजना को निलंबित कर देगा।

  • 49 वर्षों के बाद, इजरायल और संयुक्त अरब अमीरात अपने राजनयिक संबंधों को पूरी तरह से सामान्य करेंगे।
  • वे दूतावासों और राजदूतों का आदान-प्रदान करेंगे और पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, व्यापार और सुरक्षा सहित कई क्षेत्रों में सहयोग शुरू करेंगे।
  • जॉर्डन और मिस्र, केवल दो अन्य अरब राज्य हैं, जिनके इजराइल के साथ राजनयिक संबंध हैं। मिस्र ने 1979 में और जॉर्डन ने 1994 में एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।
  • यह कदम उन समझौतों की श्रृंखला में पहला होगा, जो इस क्षेत्र में 72 वर्षों की शत्रुता को समाप्त करेगा।

संक्षिप्त खबरें सार-संक्षेप पुरस्कार/सम्मान

खाद्य प्रणाली विजन 2050 पुरस्कार


अगस्त 2020 में भारतीय खाद्य संरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) को अमेरिका स्थित रॉकफेलर फाउंडेशन द्वारा ‘खाद्य प्रणाली विजन 2050 पुरस्कार’ के लिए शीर्ष दस फाइनलिस्टों में चुना गया है।

  • 'एफएसएसएआई' को 'ईट राइट इंडिया' (Eat Right India) पहल के लिए चुना गया है। यह पहल खाद्य अपशिष्ट को कम करने के सिस्टम-आधारित दृष्टिकोण के माध्यम से स्वस्थ आहार की दिशा में एक राष्ट्रीय अभियान है।
  • हैदराबाद स्थित गैर-लाभकारी संगठन 'नंदी फाउंडेशन' को भी नए एकीकृत आर्थिक मॉडल 'अराकुनोमिक्स' हेतु पुरस्कार के लिए चुना गया है, जो अराकू में आदिवासी किसानों के साथ काम पर आधारित है।
  • खाद्य प्रणाली विजन पुरस्कार, 2050 तक 'पुनरुत्पादक और पौष्टिक खाद्य प्रणाली का विजन' विकसित करने के लिए दुनिया भर के संगठनों को प्रोत्साहित करने पर केंद्रित है। दस फाइनलिस्ट में से प्रत्येक को 200,000 डॉलर का पुरस्कार दिया जाएगा।

संक्षिप्त खबरें सार-संक्षेप विविध

अपतटीय गश्ती पोत ‘सार्थक’ लॉन्च


13 अगस्त, 2020 को भारतीय तटरक्षक बल के लिए सार्थकनाम का एक अपतटीय गश्ती पोत (ओपीवी) लॉन्च किया गया।

  • ओपीवी ‘सार्थक’ पांच ओपीवी की श्रृंखला में चौथा है। इसे मैसर्स गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (जीएसएल) द्वारा स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित किया गया है।
  • 105 मीटर यह पोत अत्याधुनिक नेविगेशन और संचार उपकरण, सेंसर और मशीनरी से सुसज्जित है।

पीआईबी न्यूज आर्थिक

कृषि मेघ


केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने 11 अगस्त, 2020 को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) का डेटा रिकवरी सेंटर 'कृषि मेघ' लॉन्च किया है।

  • उद्देश्य: सरकार के प्रमुख अनुसंधान निकाय भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के कीमती आंकड़ों की सुरक्षा करना।
  • महत्वपूर्ण तथ्य: इसे हैदराबाद में राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान प्रबंधन अकादमी (NAARM) में स्थापित किया गया है। वर्तमान में, ICAR का मुख्य डेटा सेंटर राजधानी दिल्ली में भारतीय कृषि सांख्यिकी अनुसंधान संस्थान (IASRI) में है।
    • भारत सरकार और विश्व बैंक द्वारा वित्त पोषित राष्ट्रीय कृषि उच्च शिक्षा परियोजना (एनएएचईपी) के तहत कृषि मेघ की स्थापना की गई है।

    • कृषि विद्यालयों के विद्यार्थियों को ज्यादा औचित्यपूर्ण और उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से देश में राष्ट्रीय कृषि शिक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए राष्ट्रीय कृषि उच्च शिक्षा परियोजना को डिजाइन किया गया है।

  • कृषि मेघ की प्रमुख विशेषताएं: वर्तमान डाटा सेंटर को क्लाउड कम्प्यूटिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ मजबूत बनाएगा।
    • भारत में कृषि क्षेत्र में जोखिम में कमी, गुणवत्ता बढ़ाने, -प्रशासन की उपलब्धता और पहुंच प्रदान करेगा।

    • छवि विश्लेषण के माध्यम से बीमारी की पहचान, फलों की परिपक्वता और उनके पकने का पता लगाने, पशुओं आदि में बीमारी की पहचान आदि से जुड़े एप्लीकेशंस के विकास और उपयोग के लिए नवीनतम एआई/ डीप लर्निंग सॉफ्टवेयर/ टूल किट्स मौजूद हैं।

पीआईबी न्यूज आर्थिक

कंपनी जवाबदेही रिपोर्टिंग पर समिति की रिपोर्ट


कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय ने 11 अगस्त, 2020 को संयुक्त सचिव ज्ञानेश्वर कुमार सिंह की अध्यक्षता में गठित कंपनी जवाबदेही रिपोर्टिंग पर समिति की रिपोर्ट जारी की।

महत्वपूर्ण तथ्य: कंपनी जवाबदेही रिपोर्टिंग ((Business Responsibility Reporting –BRR) एक सूचीबद्ध कंपनी द्वारा अपने सभी हितधारकों को उत्तरदायी व्यावसायिक प्रथाओं को अपनाने का प्रकाशन है।

  • इस समिति का गठन 2018 में किया गया था।

समिति की सिफारिशें: गैर-वित्तीय मापदंडों पर रिपोर्टिंग के उद्देश्‍य और दायरे को बेहतर ढंग से प्रतिबिंबित करने के लिए ‘कंपनी जवाबदेही एवं निरंतरता रिपोर्ट’ (Business Responsibility and Sustainability Report– BRSR) नामक एक नई रिपोर्टिंग रूपरेखा की सिफारिश।

  • खुलासा करने (Disclosure) के लिए दो प्रारूपों की सिफारिश: एक ‘व्यापक प्रारूप’ और दूसरा ‘सहज संस्करण’।
  • रिपोर्टिंग आवश्यकताओं पर अमल क्रमिक और चरणबद्ध तरीके से किया जाना। BRSR को एमसीए21 पोर्टल के साथ एकीकृत करना। एमसीए 21 का उपयोग कंपनी कानून के तहत मंत्रालय को अपेक्षित फाइलिंग प्रस्तुत करने के लिए किया जाता है।
  • बीआरएसआर फाइलिंग के माध्यम से प्राप्‍त होने वाली जानकारियों का उपयोग कंपनियों के लिए एक ‘कंपनी जवाबदेही-निरंतरता सूचकांक’ (Business Responsibility-Sustainability Index) विकसित करने में किया जाना चाहिए।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

विद्यार्थी उद्यमशीलता कार्यक्रम 2.0


अटल नवाचार मिशन (एआईएम), नीति आयोग ने डेल टेक्नोलॉजीज के साथ भागीदारी में अटल टिंकरिंग लैब्स (एटीएल) के युवा नवाचारकर्ताओं (अन्वेषकों) के लिए 11 अगस्त, 2020 को विद्यार्थी उद्यमशीलता कार्यक्रम 2.0 (एसईपी 2.0) का शुभारम्भ किया।

  • नवाचार मिशन का उद्देश्य: देश में एक मिलियन नए अन्वेषक और संभावित रोजगार प्रदाता तैयार करना।
  • महत्वपूर्ण तथ्य: एसईपी 2.0 से विद्यार्थी अन्वेषकों को डेल के स्वयंसेवकों से परामर्श सहयोग, प्रोटोटाइपिंग और परीक्षण सहयोग; यूजर फीडबैक; बौद्धिक संपदा पंजीकरण और प्रक्रियाओं और उत्पादों का पेटेंट संरक्षण हासिल करने; तथा विनिर्माण सहयोग के साथ ही बाजार में उत्पाद के लॉन्च में भी सहयोग मिलेगा।
  • एसईपी 1.0: इसकी शुरुआत जनवरी, 2019 में हुई थी। 10 महीने लंबे कार्यक्रम के माध्यम से एक देशव्यापी प्रतियोगिता ‘एटीएल मैराथन’ में विद्यार्थियों ने सामुदायिक चुनौतियों की पहचान की और एटीएल के अंतर्गत जमीनी स्तर पर नवाचार और समाधान तैयार किए।

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वास्तुकला शिक्षा विनियम, 2020 के न्यूनतम मानक


केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने 11 अगस्त, 2020 को 'वास्तुकला शिक्षा विनियम, 2020 के न्यूनतम मानक' लॉन्च किए। ये विनियम वास्तुकला परिषद (Council of Architecture) के विशेषज्ञों द्वारा तैयार किए गए हैं।

वास्तुकला परिषद :यह एक वैधानिक निकाय है जिसका गठन भारत सरकार ने वास्तुकार अधिनियम,1972 के प्रावधानों के तहत किया है।

  • यह अधिनियम वास्तुकार के पंजीकरण, शिक्षा के मानकों तथा योग्यता की मान्यता और अभ्यास के मानकों का पालन करने की व्यवस्था प्रदान करता है।
  • वास्तुकला परिषद वास्तुकला पंजिका को प्रबंधित करने के अलावा पूरे भारत में पेशे की शिक्षा और अभ्यास (व्यवसाय) को विनियमित करने का कार्य करती है।

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स्वच्छ भारत मिशन अकादमी


केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र शेखावत ने 11 अगस्त, 2020 को नई दिल्ली में स्वच्छ भारत मिशन (एसबीएम) अकादमी शुरू की है।

  • सप्ताह भर चलने वाले व्यवहार परिवर्तन अभियान ‘गन्दगी मुक्त भारत’ के हिस्से के रूप में इसका उद्घाटन किया गया है।
  • यह एक इंटरएक्टिव वॉयस रिस्पांस (आईवीआर) आधारित ओडीएफ प्लस पर मुफ्त मोबाइल ऑनलाइन लर्निंग कोर्स है। ओडीएफ प्लस स्वच्छ भारत मिशन के तहत ओडीएफ कार्यक्रम का विस्तार है।

 

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74वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री के भाषण के प्रमुख अंश


  • वोकल फॉर लोकल: स्‍थानीय उत्‍पादों को बढ़ावा देने के लिए ‘वोकल फॉर लोकल’ (Vocal For Local) के संकल्‍प से भारत को मजबूती प्रदान करना।
  • मेक फॉर वर्ल्ड: दुनियाभर के अनेक बिजनेस भारत को आपूर्ति श्रृंखला के केंद्र के रूप में देख रहे हैं। इसलिए मेक इन इंडिया के साथ-साथ ‘मेक फॉर वर्ल्ड’ (Make for World) को लेकर आगे बढ़ना।
  • पंचायतों तक ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क: गत 5 वर्ष में डेढ़ लाख ग्राम पंचायतों तक ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क (OFN) पहुंचाया गया 1000 दिन के अंदर-अंदर देश के छ: लाख से अधिक गांवों में OFN का कार्य पूरा करने की योजना।
  • साइबर सुरक्षा: सरकार द्वारा जल्‍द ही ‘नई साइबर सुरक्षा नीति’ का पूरा खाका देश के सामने लाया जाएगा।
  • महिला स्‍वास्‍थ्‍य: गरीब महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए जन-औषधि केंद्र के माध्यम से एक रूपये में ‘सैनिटरी पैड’ पहुंचाने का काम किया गया है। लड़कियों में कुपोषण, शादी की सही उम्र के संबंध में जून 2020 में जया जेटली की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है। रिपोर्ट के अनुसार लड़कियों की शादी की उम्र के बारे में उचित फैसला लिया जाएगा।
  • राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन: स्वास्थ्य क्षेत्र में राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन( National Digital Health Mission) का 15 अगस्त से आरंभ किया जा रहा है। प्रत्‍येक भारतीय को ‘हेल्थ आईडी’ (Health ID) दी जाएगी, जो उसके स्‍वास्‍थ्‍य खाते (स्वास्थ्य संबंधित जानकारी) की तरह काम करेगी।
  • नवीकरणीय ऊर्जा: भारत one world, one sun, one grid के विजन के साथ पूरी दुनिया को खासतौर से सौर ऊर्जा के क्षेत्र में प्रेरित कर रहा है। नवीकरणीय ऊर्जा के उत्‍पादन के मामले में आज भारत दुनिया के शीर्ष पांच देशों में अपनी जगह बना चुका है।
  • प्रदूषण के लिए प्रौद्योगिकी: 100 शहरों में, प्रदूषण कम करने के लिए, एक समग्र दृष्टिकोण के साथ आधुनिक प्रौद्योगिकी का उपयोग करते हुए प्रदूषण कम करने की दिशा में मिशन मोड में काम किया जाएगा।
  • रक्षा क्षेत्र में आत्‍मनिर्भरता: