सामयिक खबरें अंतर्राष्ट्रीय

डेनमार्क करेगा विश्व के पहले ऊर्जा द्वीप का निर्माण


डेनमार्क सरकार ने 4 फरवरी, 2021 को दुनिया के पहले कृत्रिम ऊर्जा द्वीप के निर्माण की योजना के लिए अपनी मंजूरी दे दी है। इस ऊर्जा द्वीप का निर्माण उत्तरी सागर में किया जाएगा।

महत्वपूर्ण तथ्य: इस ऊर्जा द्वीप का उपयोग लगभग 3 मिलियन यूरोपीय घरों की बिजली की मांगों को पूरा करने के लिए पर्याप्त हरित ऊर्जा का उत्पादन और भंडारण करने के लिए किया जाएगा।

  • इस ऊर्जा परियोजना पर लगभग 210 बिलियन डेनिश क्राउन का निवेश किया जायेगा। इसका निर्माण डेनमार्क के पश्चिमी तट से 80 किलोमीटर दूर किया जाएगा।
  • ऊर्जा द्वीप पवन टरबाइन से घिरा होगा और इसकी शुरूआती क्षमता 3 गीगावाट होगी। डेनमार्क ने 2033 तक ऊर्जा द्वीप को चालू करने की योजना बनाई है।
  • डेनमार्क ने 1990 के स्तरों की तुलना में 2030 तक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में 70% तक कटौती करने के प्रयास के रूप में इस ऊर्जा द्वीप के निर्माण का फैसला लिया है। यह लक्ष्य देश का सबसे महत्वाकांक्षी लक्ष्य है जो कानूनन बाध्यकारी है।

उत्तरी सागर: यह अटलांटिक महासागर का एक समुद्र है। यह समुद्र ग्रेट ब्रिटेन से घिरा हुआ है, इसके अलावा डेनमार्क, जर्मनी, नॉर्वे, बेल्जियम, फ्रांस और नीदरलैंड से भी इसकी सीमा लगती है। उत्तरी सागर उत्तर में नॉर्वेजियन सागर से और इंग्लिश चैनल द्वारा दक्षिण में अटलांटिक महासागर से जुड़ता है।

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रोजगार गारंटी परिषद की 22वीं बैठक


केन्द्रीय ग्रामीण विकास, कृषि और किसान कल्याण, पंचायती राज मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने 23 फरवरी, 2021 को रोजगार गारंटी परिषद 22वीं बैठक की अध्यक्षता की।

महत्वपूर्ण तथ्य: महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, 2005 की धारा 10 के तहत केंद्रीय रोजगार गारंटी परिषद का गठन किया गया है।

  • चालू वित्त वर्ष 2020-21 में कोविड-19 महामारी के साये में, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना ने काम के इच्छुक लोगों को रोजगार प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
  • अब तक कुल 344 करोड़ मानव दिवस रोजगार सृजित किए गए हैं, जो अब तक एक वर्ष में सृजित सबसे अधिक मानवदिवस है और पिछले वर्ष में समान अवधि के दौरान सृजित मानवदिवस की तुलना में 44% अधिक है।
  • लगभग 72 लाख टिकाऊ और उपयोगी परिसंपतियों का सृजन भी इसी दौरान हुआ। राज्य सरकारों और केंद्र सरकार के समन्वित प्रयासों के साथ कुल 4.29 करोड़ परिसंपत्तियों को जियोटैग किया जा चुका है।
  • वर्तमान वितीय वर्ष में कुल मानवदिवस में से 52% महिला मानवदिवस सृजित हुए है, जो कार्यक्रम में महिलाओं की महत्वपूर्ण भागीदारी को दर्शाता है।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

राष्ट्रीय गैर-संचारी रोग निगरानी सर्वेक्षण


25 जनवरी, 2021 को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा ‘राष्ट्रीय गैर-संचारी रोग निगरानी सर्वेक्षण (National Non-communicable Disease Monitoring Survey- NNMS) जारी किया गया।

महत्वपूर्ण तथ्य: यह सर्वेक्षण 2017-18 की अवधि के लिए आयोजित किया गया था। गैर-संचारी रोग पर यह इस तरह का एक व्यापक सर्वेक्षण है। इसमें शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के 15-69 वर्ष के आयु वर्ग के पुरुषों और महिलाओं को शामिल किया गया है।

  • भारत में गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) के लिए पांच में से दो वयस्कों में तीन या अधिक जोखिम कारक हैं।
  • प्रत्येक चार वयस्कों में से एक से अधिक और 6.2% किशोर अधिक वजन वाले हैं। दस वयस्कों में से तीन में उच्च रक्तचाप की समस्या थी, जबकि 9.3% में रक्त शर्करा अधिक थी।
  • प्रत्येक तीन वयस्कों में से एक और पुरुषों का एक-चौथाई से अधिक अनुपात तंबाकू सेवन में शामिल था और उन्होंने पिछले 12 महीनों में शराब का सेवन किया था।
  • पांच में से दो वयस्क और चार किशोरों में से एक अपर्याप्त शारीरिक गतिविधि कर रहे हैं। नमक का औसत दैनिक सेवन 8 ग्राम था।

राष्ट्रीय गैर-संचारी रोग निगरानी सर्वेक्षण: यह गैर-संचारी रोग (एनसीडी) के जोखिम कारकों और स्वास्थ्य प्रणालियों की तैयारियों पर सबसे बड़ा व्यापक राष्ट्रीय सर्वेक्षण है। यह कैंसर, हृदय रोग, मधुमेह और आघात (stroke) के लिए टेलीमेडिसिन के उपयोग पर भी रूपरेखा प्रदान करता है।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

गैर अल्कोहॉलिक फैटी लिवर बीमारियों से संबंधित दिशा-निर्देश


केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने 22 फरवरी, 2021 को ‘गैर अल्कोहॉलिक फैटी लिवर बीमारियों’ (एनएएफएलडी) (Non-Alcoholic Fatty Liver Disease -NAFLD) को ‘कैंसर, मधुमेह, ह्रदय रोग और स्ट्रोक से बचाव और नियंत्रण के राष्ट्रीय कार्यक्रम’ (एनपीसीडीएस) से जोड़ने के प्रक्रियागत दिशा-निर्देश जारी किए।

महत्वपूर्ण तथ्य: NAFLD फैटी लिवर के अन्य कारणों जैसे कि नुकसानदेह शराब के सेवन, वायरल हैपेटाइटिस या चिकित्सागत कारण न होने के बाद भी लिवर में वसा (फैट) का असामान्य रूप से जमा होना है।

  • NAFLD यकृत की कई अन्य बीमारियों को जन्म देता है जैसे कि सामान्य गैर अल्कोहॉलिक फैटी लिवर (साधारण फैटी लिवर बीमारी) से लेकर ज्यादा गंभीर ‘गैर अल्कोहॉलिक स्टेटोहैपेटाइटिस’ (Non-Alcoholic Steatohepatitis-NASH), सिरोसिस और यहां तक कि लिवर कैंसर भी।
  • पिछले दो दशकों के दौरान ‘गैर अल्कोहॉलिक स्टेटोहैपेटाइटिस’ (NASH) का दुनिया पर बोझ दोगुना हो गया है। 1990 में दुनिया भर में NASH में सिरोसिस के 40 लाख मामले आए जो कि 2017 में बढ़कर 94 लाख हो गए।
  • NAFLD भारत में लिवर की बीमारियों के प्रमुख कारण के रूप में सामने आ रहा है। भारत में सामान्य जनसंख्या में 9% से 32% NAFLD की व्याप्ति है। मोटापे से पीड़ित या अत्यधिक वजनी और जिनको मधुमेह है या मधुमेह-पूर्व की स्थिति है, ऐसे लोगों में यह अधिक है।
  • मौजूदा एनपीसीडीएस कार्यक्रम की रणनीतियों जैसे जीवनशैली में परिवर्तन, शीघ्र निदान और संबंद्ध गैर संक्रामक बीमारियों के प्रबंधन को, एनएएफएलडी से बचाव के लिए भी जोड़ा जा सकता है।

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भ्रष्टाचार बोध सूचकांक 2020


28 जनवरी‚ 2021 को ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल द्वारा ‘भ्रष्टाचार बोध सूचकांक 2020’ (Corruption Perception Index 2020) जारी किया गया।

महत्वपूर्ण तथ्य: इस सूचकांक में कुल 180 देशों/क्षेत्रों को रैंकिंग प्रदान की गई है। सूचकांक में 0 से 100 तक का स्कोर है‚ जिसमें 0 का अर्थ सर्वाधिक भ्रष्ट तथा 100 का अर्थ सर्वाधिक ईमानदार (Very Clean) है।

  • इस वर्ष सूचकांक में 88 के स्कोर के साथ न्यूजीलैंड और डेनमार्क संयुक्त रूप से शीर्ष स्थान पर रहे।
  • इसके पश्चात 85 के स्कोर के साथ फिनलैंड‚ सिंगापुर, स्वीडन एवं स्विट्जरलैंड संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर रहे।
  • सूचकांक में सोमालिया और दक्षिणी सूडान 12 के स्कोर के साथ संयुक्त रूप से सबसे अंतिम अर्थात 179वें स्थान पर रहे। अर्थात ये देश सर्वाधिक भ्रष्ट देश हैं।

भारत की स्थिति: इस सूचकांक में भारत 40 के स्कोर के साथ मोरक्को‚ बुर्किनाफासो‚ त्रिनिदाद एवं टोबैगो‚ तुर्की एवं तिमोर-लेस्ते के साथ संयुक्त रूप से 86वें स्थान पर रहा। वर्ष 2019 में भारत भ्रष्टाचार बोध सूचकांक में 41के स्कोर के साथ 80वें स्थान पर था।

  • भारत के पड़ोसी देशों में भूटान 24वें‚ चीन 78वें‚ श्रीलंका 94वें‚ नेपाल 117वें‚ पाकिस्तान 124वें तथा बांग्लादेश 146वें स्थान पर रहा।

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कोविड प्रदर्शन सूचकांक


28 जनवरी, 2021 को सिडनी स्थित ऑस्ट्रेलियाई थिंक टैंक ‘लोवी इंस्टीट्यूट’ (Lowy institute) द्वारा कोविड-19 रिस्पांस से संबंधित ‘कोविड प्रदर्शन सूचकांक’ (Covid performance Index) जारी किया गया।

महत्वपूर्ण तथ्य: अध्ययन ने छ: मानकों पर महामारी के प्रबंधन में देशों के प्रदर्शन की तुलना की- पुष्टि किए गए मामले; मौतें; प्रति मिलियन लोगों पर मामले; प्रति मिलियन लोगों पर मौतें; परीक्षणों के अनुपात के रूप में पुष्टि किए गए मामले; और प्रति हजार पर परीक्षण।

  • सूचकांक के अनुसार न्यूजीलैंड ने दुनिया भर के किसी भी अन्य देश की तुलना में महामारी को अधिक प्रभावी ढंग से संभाला है। सूचकांक में न्यूजीलैंड के बाद वियतनाम, ताइवान, थाईलैंड और साइप्रस का स्थान है।
  • 98 देशों के बीच सूचकांक में भारत 86वें स्थान पर है। भारत अन्य देशों पाकिस्तान, केन्या, नेपाल, नाइजीरिया, इथियोपिया, घाना और इजरायल से नीचे रहा।
  • श्रीलंका दक्षिण एशिया में सबसे ऊपर 10वें स्थान पर रहा, जबकि मालदीव 25वें, पाकिस्तान 69वें, नेपाल 70वें और बांग्लादेश 84वें स्थान पर रहा।।
  • अमेरिका को 94वें स्थान के साथ पांचवें सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले देश के रूप में स्थान दिया गया है। इस सूची में सबसे नीचे ब्राजील को रखा गया है।
  • चीन की परीक्षण दरें सार्वजनिक रूप से उपलब्ध न होने के कारण उसे अध्ययन में शामिल नहीं किया गया।
  • लोवी इंस्टीट्यूट को अप्रैल 2003 में फ्रैंक लोवी द्वारा स्थापित किया गया था। यह थिंक टैंक अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक और आर्थिक मुद्दों के बारे में अनुसंधान करता है।

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इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय


इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा 25 फरवरी, 2021 को ओवर द टॉप प्लेटफॉर्म- (ओटीटी), ऑनलाइन स्ट्रीमिंग और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए दिशा-निर्देश हेतु सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती संस्थानों के लिए दिशा-निर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम 2021 अधिसूचित किए।

महत्वपूर्ण तथ्य: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को नग्नता का प्रदर्शन करने वाले और काट-छांट कर बनाए गए महिलाओं के अभद्र चित्रों को 24 घंटे के भीतर हटाना होगा।

  • सोशल मीडिया प्लेटफार्म को मासिक अनुपालन रिपोर्ट प्रकाशित करनी होगी, जिसमें प्राप्त हुई शिकायतों के विवरण के साथ-साथ उन पर की गई कार्रवाई और हटाई गई सामग्री का ब्यौरा देना होगा।
  • ओटीटी प्लेटफॉर्म्स प्रदर्शित की जाने वाली सामग्री को आयु वर्ग के आधार पर पांच श्रेणियों में वर्गीकृत करेंगे और उसके बारे में दर्शकों को जानकारी देंगे।
  • डिजिटल मीडिया पर समाचार प्रदर्शित करने वालों को पत्रकारों से संबंधित भारतीय प्रेस परिषद की आचार संहिता के मानदंडों का पालन करना होगा। इसके अलावा उन्हें केबल टेलीविजन नेटवर्क विनियमन कानून के तहत कार्यक्रम संहिता को मानना होगा।
  • नियमों में स्वनियमन के जरिये तीन स्तरों वाली शिकायत निवारण प्रणाली कायम करने की व्यवस्था गई है।
  • डिजिटल मीडिया आचार संहिता का भी विमोचन किया गया, जो डिजिटल मीडिया और ओटीटी प्लेटफार्म्स की डिजिटल सामग्री को विनियमित करने के लिए बनायी गयी है।

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राष्ट्रीय समुद्री कछुआ कार्य योजना 2021-2026


विशाल समुद्री जीवों और कछुओं के संरक्षण के लिए पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा 28 जनवरी, 2021 को नई दिल्ली में राष्ट्रीय समुद्री कछुआ कार्य योजना 2021-2026 (National Marine Turtle Action Plan 2021-2026) पर दिशा-निर्देश जारी किया।

विजन: समुद्री कछुओं के दीर्घकालिक अस्तित्व को सुनिश्चित करने के लिए एक समन्वित और भागीदारी तंत्र के माध्यम से समुद्री कछुओं और संबद्ध प्रजातियों के लिए एक व्यवहार्य और स्वस्थ समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करना।

महत्वपूर्ण तथ्य: समुद्री कछुओं का समुद्री जैव विविधता की संरचना और क्रियाओं पर बहुत बड़ा प्रभाव है। समुद्री कछुए स्वस्थ समुद्री पर्यावास को बनाए रखने के लिए कई तरह की पारिस्थितिक भूमिकाएँ निभाते हैं।

  • समुद्री कछुओं की प्रजातियों, उनके आवास का संरक्षण करना और उन पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों को कम करना।
  • एक समन्वित तंत्र के माध्यम से समुद्री कछुए और उनके आवास की समझ में सुधार करना।
  • समुद्री कछुए और उनके निवास स्थान के संरक्षण पर जागरूकता और शिक्षा को बढ़ावा देना।
  • सतत इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के माध्यम से तटीय समुदायों की आजीविका में वृद्धि करना।
  • समुद्री कछुआ संरक्षण के लिए राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाना।

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दिग्गज टेनिस खिलाड़ी अख्तर अली का निधन


7 फरवरी‚ 2021 को भारत के दिग्गज टेनिस खिलाड़ी और पूर्व कोच अख्तर अली का निधन हो गया। वे 81 वर्ष के थे।

  • उन्होंने 1958 और 1964 के बीच पाकिस्तान, मलेशिया, ईरान, मैक्सिको, जापान और मोनाको के खिलाफ आठ डेविस कप मुकाबलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
  • वह 1966 से 1993 तक राष्ट्रीय टीम के कोच थे। उनके मार्गदर्शन में, भारतीय टीम 1966 में डेविस कप फाइनल में पहुँची थी।
  • उन्होंने लिएंडर पेस के अलावा विजय अमृतराज‚ रमेश कृष्णन‚ आनंद अमृतराज‚ एनरिको पिपेरनो‚ सोमदेव वर्मन जैसे दिग्गज टेनिस खिलाड़ियों को भी कोचिंग दी।
  • उन्होंने मलेशिया (1968-70 और 1991-93) और बेल्जियम (1980-84) की राष्ट्रीय टीमों को भी कोचिंग दी थी।
  • अख्तर को टेनिस में उनके आजीवन योगदान के लिए वर्ष 2000 में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। भारतीय डेविस कप टीम के वर्तमान कोच जीशान अली अख्तर अली के पुत्र हैं।

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फोनपे और एक्सिस बैंक साझेदारी


डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म 'फोनपे' ने 8 फरवरी, 2021 को एक्सिस बैंक के साथ यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) मल्टी-बैंक मॉडल में साझेदारी की घोषणा की।

  • साझेदारी 'फोनपे' (PhonePe) उपयोगकर्ताओं को एक्सिस बैंक के '@axl' हैंडल के साथ कई UPI आईडी बनाने और उपयोग करने का विकल्प प्रदान करेगी। एक्सिस बैंक के साथ साझेदारी के अलावा फोनपे एक्सिस बैंक के मर्चेन्ट बेस को भी एक्सेस कर सकेगा।
  • एक्सिस बैंक लिमिटेड एक भारतीय निजी क्षेत्र का बैंक है, जिसका मुख्यालय मुंबई, महाराष्ट्र में है।
  • 1993 में स्थापित एक्सिस बैंक ने 1994 में परिचालन शुरू किया था। अमिताभ चौधरी बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

राष्ट्रीय शहरी डिजिटल मिशन


23 फरवरी, 2021 को आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में ‘राष्ट्रीय शहरी डिजिटल मिशन’ (National Urban Digital Mission- NUDM) लॉन्च किया गया।

महत्वपूर्ण तथ्य: राष्ट्रीय शहरी डिजिटल मिशन (एनयूडीएम) शहरों और नगरों को समग्र सहायता प्रदान करने के लिए लोगों, प्रक्रिया और प्लेटफॉर्म जैसे तीन स्तंभों पर काम करते हुए शहरी भारत के लिए साझा डिजिटल बुनियादी ढांचा विकसित करेगा।

  • यह मिशन वर्ष 2022 तक 2022 शहरों और 2024 तक भारत के सभी शहरों और नगरों में शहरी शासन और सेवा वितरण के लिए नागरिक केन्द्रित और इकोसिस्टम द्वारा संचालित दृष्टिकोण को साकार करने का काम करेगा।
  • NUDM ने फरवरी 2019 में आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा शुरू किए गए नेशनल अर्बन इनोवेशन स्टैक (एनयूआईएस) की रणनीति और दृष्टिकोण आधारित प्रौद्योगिकी डिजाइन सिद्धांतों का अनुसरण किया है।
  • ये सिद्धांत लोगों, प्रक्रिया और प्लेटफॉर्म के तीन स्तंभों में मानकों, विनिर्देशों और प्रमाणन को बढ़ावा देते हैं।

अन्य तथ्य: शहरों को स्थायी एवं बेहतर बनाने के लिए देशभर की 100 स्मार्ट सिटी में ‘जलवायु स्मार्ट शहरों का आकलन ढांचा’ (Climate Smart Cities Assessment Framework) की शुरुआत की गई है, जो शहरों को जलवायु परिवर्तन के नजरिए से शहरी योजना और शासन व्यवस्था का निर्माण करने में मदद करेगा।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

भारत शहरी डेटा एक्सचेंज


आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा 23 फरवरी, 2021 को ‘भारत शहरी डेटा एक्सचेंज’ (India Urban Data Exchange- IUDX) पहल लॉन्च की गई।

महत्वपूर्ण तथ्य: ‘भारत शहरी डेटा एक्सचेंज’ को स्मार्ट सिटी मिशन और भारतीय विज्ञान संस्थान बेंगलुरु द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया गया है।

  • IUDX शहरों, शहरी प्रशासन और शहरी सेवा वितरण से संबंधित डेटासेट को साझा करने, अनुरोध करने और एक्सेस करने के लिए शहरी स्थानीय निकायों सहित डेटा प्रदाताओं और डेटा उपयोगकर्ताओं को निर्बाध इंटरफेस की सुविधा प्रदान करता है।
  • आईयूडीएक्स एक ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म है, जो विभिन्न डेटा प्लेटफॉर्म, थर्ड पार्टी प्रमाणन एवं अधिकृत एप्लिकेशंस और अन्य स्रोतों के बीच डाटा के सुरक्षित, प्रमाणित और व्यवस्थित आदान-प्रदान की सुविधा देता है।
  • आईयूडीएक्स डेटा प्रदाताओं को पूरे नियंत्रण के साथ डेटा साझा करने के लिए एक सुरक्षित और विश्वसनीय चैनल प्रदान करता है। इसके डिजाइन से डाटा और गोपनीयता की सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सकता है।
  • इस अवसर पर स्मार्ट सिटी 2.0 वेबसाइट और भू-स्थानिक प्रबंधन सूचना प्रणाली अर्थात् जियोस्पैशियल मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (जीएमआईएस) को भी लॉन्च किया गया।

पीआईबी न्यूज विज्ञान और तकनीक

विज्ञान ज्योति कार्यक्रम का दूसरा चरण


11 फरवरी‚ 2021 को ‘विज्ञान में महिलाओं और बालिकाओं के अंतरराष्ट्रीय दिवस’ के अवसर पर विज्ञान ज्योति कार्यक्रम के दूसरे चरण की शुरुआत की गई।

महत्वपूर्ण तथ्य: दूसरे चरण के तहत विज्ञान में लड़कियों की रुचि बढ़ाने तथा विज्ञान‚ प्रौद्योगिकी‚ इंजीनियरिंग और गणित (एसटीईएम) विषयों के माध्यम से उन्हें अपना करियर बनाने में मदद करने हेतु देश के 50 और जिलों को इस कार्यक्रम के दायरे में लाया गया है।

  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) द्वारा छात्राओं को एसटीईएम क्षेत्रों में उच्च शिक्षा और करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु वर्ष 2019 में 50 जिलों में विज्ञान ज्योति कार्यक्रम शुरू किया गया था।
  • यह कार्यक्रम एसटीईएम के कुछ क्षेत्रों में महिलाओं के कम प्रतिनिधित्व की समस्या का समाधान करता है।
  • प्रारंभिक चरण में यह कार्यक्रम 9वीं से 12वीं कक्षा की मेधावी लड़कियों के लिए स्कूल स्तर पर शुरू किया गया है।
  • ‘विज्ञान ज्योति कार्यक्रम’ से जुड़ी गतिविधियों में छात्र-अभिभावक परामर्श‚ प्रयोगशालाओं और ज्ञान केंद्रों का दौरा‚ विज्ञान शिविर‚ शैक्षणिक सहायता कक्षाएं‚ संसाधन सामग्री वितरण और टिंकरिंग गतिविधियां शामिल हैं।
  • डीएसटी इस कार्यक्रम के अलावा अन्य महिला-उन्मुख कार्यक्रम जैसे कि करियर में ब्रेक लेने वाली महिलाओं को दोबारा अवसर प्रदान करने हेतु ‘महिला वैज्ञानिक योजना’ तथा अनुसंधान और विकास बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए 'महिला विश्वविद्यालयों में नवाचार और उत्कृष्टता के लिए विश्वविद्यालय अनुसंधान का एकीकरण कार्यक्रम- क्यूरी' (Consolidation of University Research for Innovation and Excellence in Women Universities- CURIE) आदि।

सामयिक खबरें राष्ट्रीय

भारत में स्वास्थ्य सुविधाओं में वॉश लागत अनुमान


'बीएमजे ग्लोबल हेल्थ' (BMJ Global Health) में फरवरी 2021 में प्रकाशित एक लेख में सेंटर फॉर डिसीज डायनेमिक्स, इकोनॉमिक्स एंड पॉलिसी (सीडीडीडीपी), मैरीलैंड, यूएस के शोधकर्ताओं ने पूरे भारत में स्वास्थ्य सुविधाओं में एक वर्ष के लिए 'वॉश' यानी जल, सफाई और स्वच्छता (water, sanitation and hygiene- WASH) सुनिश्चित करने और संक्रमण की रोकथाम और नियंत्रण के लिए उठाए गए कदमों का लागत अनुमान लगाया है।

महत्वपूर्ण तथ्य: भारत में जन स्वास्थ्य सुविधाओं में WASH में सुधार और एक साल तक इसे बनाए रखने के लिए पूंजीगत लागत 354 मिलियन डॉलर होगी और लगभग 289 मिलियन डॉलर आवर्ती खर्च होंगे।

  • अध्ययन के अनुसार सबसे खर्चीला स्वच्छ पानी प्रदान करना, लिनन पुनर्प्रसंस्करण और स्वच्छता रहा, जबकि सबसे कम खर्चीला हाथ की स्वच्छता (hand hygiene), चिकित्सा उपकरण रिप्रोसेसिंग और पर्यावरणीय सतह की सफाई रहा।
  • डब्ल्यूएचओ और यूनिसेफ की 'संयुक्त वैश्विक आधारभूत रिपोर्ट 2019' के अनुसार वैश्विक स्तर पर, चार स्वास्थ्य सुविधाओं में से एक में बुनियादी जल सुविधा की कमी थी, पांच में से एक में स्वच्छता सुविधा नहीं थी और 42% देखभाल केंद्रों में कोई स्वच्छता सुविधाएं नहीं थीं।
  • स्वास्थ्य सुविधाओं में जल, सफाई और स्वच्छता (WASH) की स्थिति विकास में एक महत्वपूर्ण मुद्दा है।

वॉश का प्रभाव: स्वास्थ्य सुविधाओं में WASH पर एक डब्ल्यूएचओ दस्तावेज के अनुसार निम्न और मध्यम आय वाले देशों में 8,27,000 लोग हर साल अपर्याप्त जल, सफाई और स्वच्छता के परिणामस्वरूप मर जाते हैं।

इसके अलावा, बेहतर जल, सफाई और स्वच्छता (WASH) उपलब्ध कराकर पांच साल से कम उम्र के 2,97,000 बच्चों की मौत को हर साल रोका जा सकता है।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप विविध

भारतीय नौसेना का जहाज ‘प्रलय’


भारतीय नौसेना के जहाज ‘प्रलय’ ने संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी में 20 से 25 फरवरी 2021 तक एनएवीडीईएक्स 21 (नौसेना रक्षा प्रदर्शनी) और आईडीईएक्स 21 (अंतरराष्ट्रीय रक्षा प्रदर्शनी) में हिस्सा लिया।

उद्देश्य: प्रधानमंत्री के 'आत्मनिर्भर भारत' के दृष्टिकोण के अनुरूप भारत के स्वदेशी जहाज निर्माण की ताकत का प्रदर्शन करना।

  • स्वदेश निर्मित (गोवा शिपयार्ड लिमिटेड में निर्मित) ‘प्रबल श्रेणी मिसाइल पोत’ के दूसरे जहाज ‘आईएनएस प्रलय’ को 2002 में भारतीय नौसेना में शामिल किया गया था।
  • यह 56 मीटर लंबा जहाज, लगभग 560 टन वजन ले जाने में सक्षम तथा 35 नॉट्स से अधिक की गति से चलने में सक्षम है एवं हथियारों और सेंसरों के एक प्रभावशाली व्यूह-रचना से लैस है।
  • दोनों नौसेनाओं के बीच संपर्क एवं बातचीत बढ़ाने की दिशा में भारतीय नौसेना-यूएई नौसेना के बीच द्विपक्षीय अभ्यास ‘गल्फ स्टार-1’ (GULF STAR- 1) का उद्घाटन संस्करण मार्च 2018 में आयोजित किया गया था।

सामयिक खबरें राज्य उत्तर प्रदेश

जेवर हवाई अड्डे को एशिया के सबसे बड़े हवाई अड्डे के रूप में विकसित करने की योजना


उत्तर प्रदेश सरकार ने जेवर हवाई अड्डे को छ: रनवे के साथ एशिया के सबसे बड़े हवाई अड्डे के रूप में विकसित करने की की योजना बनाई है।

  • राज्य सरकार ने 2021-22 के बजट में जेवर हवाई अड्डे के लिए 2,000 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए हैं।
  • राज्य सरकार ने जेवर हवाई अड्डे के रनवे की संख्या बढ़ाकर छ: कर दी है, जो पहले से दो प्रस्तावित थी।
  • जेवर हवाई अड्डा (आधिकारिक तौर पर नोएडा अंतरराष्ट्रीय ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा), उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर में जेवर कस्बे के पास प्रस्तावित एक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) को जेवर हवाई अड्डे की कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में नियुक्त किया गया है।
  • अयोध्या में निर्माणाधीन हवाई अड्डे का नाम 'मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम हवाई अड्डा' होगा। बजट में इसके लिए 101 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। अयोध्या हवाई अड्डे को भी बाद में एक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनाया जाएगा।

सामयिक खबरें राज्य नागालैंड

नागालैंड: कक्षा शिक्षण और संसाधन सुधार परियोजना


भारत सरकार, नागालैंड सरकार और विश्व बैंक ने 23 फरवरी, 2021 को नागालैंड के स्कूलों के प्रशासनिक कामकाज में सुधार के साथ ही चुनिंदा स्कूलों में शिक्षा की प्रक्रियाओं और पढ़ाई के माहौल को बेहतर बनाने के लिए 6.8 करोड़ डॉलर की ‘नागालैंड: कक्षा शिक्षण और संसाधन सुधार परियोजना’ पर हस्ताक्षर किए।

  • इस परियोजना से कक्षा में पढ़ाई में सुधार होगा; शिक्षकों के व्यावसायिक विकास के लिए अवसर पैदा होंगे; और विद्यार्थियों व शिक्षकों को उपलब्ध कराने के लिए तकनीक प्रणाली बनाई जाएंगी।
  • इस रणनीति के तहत, नागालैंड के 44 उच्चतर माध्यमिक स्कूलों में से 15 को ऐसे स्कूल परिसरों के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां परियोजना अवधि के दौरान परिकल्पित प्रवीणता (envisioned learning के माहौल को तैयार किया जा सकता हो।

सामयिक खबरें खेल चर्चित खेल व्यक्तित्व

अंकिता रैना किसी ग्रैंडस्लैम के मुख्य ड्रा में जगह बनाने वाली 5वीं भारतीय महिला टेनिस खिलाड़ी


भारतीय महिला टेनिस खिलाड़ी अंकिता रैना 7 फरवरी‚ 2021 को किसी ग्रैंडस्लैम के मुख्य ड्रा में जगह बनाने वाली 5वीं भारतीय महिला टेनिस खिलाड़ी बन गई।

  • इससे पूर्व ग्रैंडस्लैम के मुख्य ड्रॉ में जगह बनाने वाली भारतीय खिलाड़ी निरूपमा माकंड (1971)‚ निरुपमा वैद्यानाथन (1998)‚ सानिया मिर्जा और भारतीय-अमेरिकी शिखा ओबेरॉय (2004) थीं।
  • 6 बार की ग्रैंडस्लैम चैंपियन सानिया मिर्जा के बाद अंकिता दूसरी भारतीय हैं‚ जिन्होंने ग्रैंडस्लैम टूर्नामेंट के महिला युगल में भाग लिया है।
  • अंकिता रैना ने साल के पहले ग्रैंडस्लैम ऑस्ट्रेलियन ओपन में रोमानिया की मिहेला बुजारनेकु के साथ जोड़ी बनाई थी, लेकिन वे पहले ही दौर में बाहर हो गई।

सामयिक खबरें बैंकिंग, फाइनेंस, सेवा और बीमा

मास्टरकार्ड और रेजरपे साझेदारी


मास्टरकार्ड और रेजरपे ने भारतीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के परिचालन को डिजिटल बनाने, चुनौतीपूर्ण वातावरण में व्यावसायिक निरंतरता बनाए रखने और नकदी से परे भविष्य की तैयारी के लिए फरवरी 2021 में एक रणनीतिक साझेदारी शुरू की है।

  • यह साझेदारी विशेष रूप से टियर 2 और टियर 3 शहरों में, उद्योग की अग्रणी प्रौद्योगिकियों के साथ व्यापार को सुनिश्चित करने में मदद करेगी। रेजरपे भारत में एकमात्र भुगतान सॉल्यूशन है, जो व्यवसायों को अपने उत्पाद सूट के साथ भुगतान स्वीकार करने, प्रोसेसिंग और भुगतान करने की अनुमति देता है।
  • रेजरपे भारत का सबसे युवा यूनिकॉर्न है। उद्यम पूंजी उद्योग में यूनिकॉर्न शब्द किसी भी उस स्टार्टअप को संदर्भित करता है, जिसकी वैल्यू 1 बिलियन डॉलर तक पहुंच गई हो।
  • रेजरपे को 2014 में हरसिल माथुर और शशांक कुमार द्वारा स्थापित किया गया था। इसका मुख्यालय बैंगलोर में है।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

प्रमुख बंदरगाह प्राधिकरण विधेयक 2020


संसद द्वारा 10 फरवरी, 2021 को प्रमुख बंदरगाह प्राधिकरण विधेयक 2020 को पारित किया गया।

लक्ष्य: निर्णय लेने की प्रक्रिया का विकेंद्रीकरण और प्रमुख बंदरगाहों के प्रशासन में पेशेवर रवैये का समावेश करना।

मुख्य विशेषताएं: बंदरगाह प्राधिकरण बोर्ड में विभिन्न हितों का प्रतिनिधित्व करने वाले मौजूदा 17 से 19 सदस्यों की जगह 11 से 13 सदस्य ही होंगे।

  • प्रमुख बंदरगाह की अवस्थिति वाले राज्य सरकार, रेल मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, सीमा शुल्क, राजस्व विभाग के प्रतिनिधियों के अलावा सरकार की तरफ से एक नामित सदस्य और प्रमुख बंदरगाह प्राधिकरण के कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाले एक सदस्य को इस बोर्ड में सदस्य के तौर पर शामिल करने का प्रावधान किया गया है।
  • बंदरगाह प्राधिकरण को अब तटकर तय करने के अधिकार दिए गए हैं, जोकि सार्वजनिक - निजी साझेदारी (पीपीपी) वाली परियोजनों के लिए बोली लगाने के उद्देश्यों के लिए एक संदर्भ तटकर के तौर पर काम करेगा।
  • पीपीपी परियोजनाओं की समीक्षा करने के तरीके और ऐसी परियोजनाओं को पुनर्जीवित करने के उपाय सुझाने तथा संबंधित विवादों को देखने के लिए एक न्यायिक निर्णय करने वाला (एडजुडीकेटरी) बोर्ड बनाने का प्रस्ताव किया गया है।
  • बंदरगाह प्राधिकरण बोर्डों को अनुबंध करने, योजना और विकास, राष्ट्र हित को छोड़कर शुल्क तय करने, सुरक्षा और निष्क्रियता व डिफॉल्ट के चलते उपजी आपातकालीन स्थिति से निपटने के मामले में पूरी शक्तियां दी गई हैं।
  • इस विधेयक का उद्देश्य सफल वैश्विक प्रथाओं के अनुरूप केन्द्रीय बंदरगाहों में प्रशासन के मॉडल का पुनर्विन्यास लैंडलॉर्ड पोर्ट मॉडल के रूप में करना है। यह विधेयक मेजर पोर्ट ट्रस्ट्स एक्ट, 1963 (Major Port Trusts Act, 1963) का स्थान लेगा।

पीआईबी न्यूज विज्ञान और तकनीक

‘लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर’


5 फरवरी, 2021 को बेंगलुरू के एयरफोर्स स्टेशन येहलंका में आयोजित एयरो इंडिया 2021 के दौरान भारतीय सेना के लिए ‘लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर’ (Light Utility Helicopter- LUH) को ‘सेंटर फॉर मिलिट्री एयरक्वालिटी एंड सर्टिफिकेशन (Centre for Military Airworthiness and Certification- CEMILAC) से प्रारंभिक परिचालन मंजूरी प्राप्त हुई।

महत्वपूर्ण तथ्य: LUH एक तीन टन वर्ग का नई पीढ़ी का एकल इंजन हेलीकॉप्टर है, जिसे भारत के लिए अद्वितीय विविध परिचालन स्थितियों में संचालन के लिए उपयुक्त सुविधाओं के साथ हिंदुस्तान एयरोनोटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के ‘रोटरी विंग रिसर्च एंड डिजाइन सेंटर’ (Rotary Wing Research and Design Centre) द्वारा स्वदेशी रूप से डिजाइन और विकसित किया गया है।

  • ‘लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर’ सेना के अंगों द्वारा संचालित चीता/चेतक हेलीकॉप्टरों के पुराने बेड़े की जगह लेगा।
  • LUH को सैफरान हेलीकॉप्टर इंजन, फ्रांस से एक टर्बो शाफ्ट इंजन आर्डिडेन 1यू (turbo shaft engine Ardiden 1U) द्वारा संचालित किया जाता है, जिसमें हिमालय में अधिक ऊंचाई वाले मिशनों को आसानी से पूरा करने के लिए पर्याप्त पावर मार्जिन होता है ।
  • LUH ‘स्मार्ट कॉकपिट डिस्प्ले सिस्टम’ (ग्लास कॉकपिट) (Smart Cockpit Display System), अत्याधुनिक स्वास्थ्य और उपयोग निगरानी प्रणाली से लैस है तथा इसे विभिन्न ‘उपयोगिता और सशस्त्र भूमिकाओं’ (utility and armed roles) के लिए डिजाइन किया गया है।

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प्रवासी श्रमिकों पर राष्ट्रीय मसौदा नीति


फरवरी 2021 में नीति आयोग ने प्रवासी श्रमिकों पर राष्ट्रीय मसौदा नीति तैयार की है।

महत्वपूर्ण तथ्य: मसौदा नीति डिजाइन के दो दृष्टिकोणों का वर्णन करता है: पहला नकद हस्तांतरण, विशेष कोटा, और श्रमिकों के आरक्षण पर ध्यान केंद्रित; दूसरा दृष्टिकोण समुदाय और एजेंसी की क्षमता को बढ़ाने का प्रयास करता है और उनकी स्वाभाविक क्षमता में बाधक पहलुओं को हटाने का प्रयास करता है।

प्रमुख अनुशंसाएं: पंचायती राज मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय और आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय को उच्च प्रवास क्षेत्रों में प्रवास संसाधन केंद्र बनाने में मदद करने के लिए जनजातीय मामलों के प्रवासन डेटा का उपयोग करना चाहिए।

  • कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय को इन प्रवास संसाधन केंद्रों में कौशल निर्माण पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
  • शिक्षा मंत्रालय को शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत प्रवासी बच्चों की शिक्षा को मुख्यधारा की शिक्षा में लाने के लिए प्रयास और प्रवासी बच्चों को स्थानीय भाषा के शिक्षकों की उपलब्धता करानी चाहिए।
  • आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय को शहरों में प्रवासियों के लिए रैन बसेरों, छोटे स्टे-होम और मौसमी आवास (seasonal accommodation) के मुद्दों का समाधान करना चाहिए।
  • राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण (एनएएलएसए) और श्रम मंत्रालय को प्रवासी श्रमिकों के लिए तस्करी, न्यूनतम मजदूरी उल्लंघन, कार्यस्थल पर दुर्व्यवहार और दुर्घटनाओं के लिए शिकायत निवारण कक्ष और फास्ट ट्रैक कानूनी व्यवस्था स्थापित करनी चाहिए।

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भारत में बुजुर्गों से दुर्व्यवहार चिंता का विषय


हाल में जारी ‘लॉन्गिट्यूडिनल एजिंग स्टडी ऑफ इंडिया’ (Longitudinal Ageing Study in India- LASI) के अनुसार, भारत के कम से कम 5% बुजुर्गों (60 वर्ष और उससे अधिक आयु के) ने 2020 में अपने साथ दुर्व्यवहार होने का अनुभव किया है।

महत्वपूर्ण तथ्य: LASI भारत में बुजुर्ग आबादी के स्वास्थ्य, आर्थिक, और सामाजिक निर्धारकों और परिणामों की वैज्ञानिक जांच का एक राष्ट्रीय सर्वेक्षण है।

  • भारत के बिहार राज्य में बुजुर्गों के साथ दुर्व्यवहार होने के सर्वाधिक मामले (11.7%) पाए गए।
  • बुजुर्ग महिलाओं और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के साथ बुरा बर्ताव अधिक होता है।
  • लगभग 23.7% बुजुर्गों ने शारीरिक दुर्व्यवहार का अनुभव किया, शारीरिक रूप से दुर्व्यवहार का अनुभव करने वाले सर्वाधिक बुजुर्ग सबसे अधिक अरुणाचल प्रदेश (45%) और उत्तर प्रदेश (43%) से थे।
  • जिन बुजुर्गों के साथ बुरा बर्ताव किया गया किया, उनमें से 77.3% ने आत्म-सम्मान या भावनात्मक चोट पहुंचाने वाले मौखिक / भावनात्मक दुर्व्यवहार की शिकायत की है।
  • लगभग 26.5% बुजुर्गों ने आर्थिक शोषण का अनुभव किया, जिसका अर्थ है बुजुर्ग व्यक्ति के धन, संपत्तियों का दुरुपयोग। 52.6% बुजुर्गों ने उपेक्षा का अनुभव किया।
  • सर्वेक्षण में भाग लेने वाले मौखिक / भावनात्मक दुर्व्यवहार का अनुभव करने वाले सबसे अधिक (100%) बुजुर्ग उत्तराखंड राज्य से थे।

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डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी आयुर्विज्ञान एवं शोध संस्थान


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 23 फरवरी, 2021 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आईआईटी, खड़गपुर में ‘डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी आयुर्विज्ञान एवं शोध संस्थान’ का उद्घाटन किया।

  • शिक्षा मंत्रालय के सहयोग से भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, खड़गपुर द्वारा इस सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की स्थापना की गई है।
  • स्वास्थ्य देखभाल के क्षेत्र में प्रौद्योगिकी उत्पादों को विकसित करने में आईआईटी खड़गपुर की विरासत को आगे बढ़ाते हुए अस्पताल, मजबूत जैव चिकित्सा, क्लिनिकल और ट्रांसलेशनल रिसर्च, दूरस्थ निदान के विकास और टेलीमेडिसिन के साथ दवा डिजाइन और वितरण में अनुसंधान पर ध्यान केंद्रित करेगा।

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इंडियन बैंक ने किया आईआईएससी की पहल के साथ समझौता


इंडियन बैंक ने स्टार्ट-अप और एमएसएमई के लिए विशेष क्रेडिट सुविधा प्रदान करने के लिए, भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरू की एक पहल 'सोसाइटी फॉर इनोवेशन एंड डेवलपमेंट' (SID) के साथ समझौता किया है।

  • एमओयू के तहत, SID अपनी विश्वसनीयता और पिछले अनुभव के आधार पर स्टार्ट-अप्स और एमएसएमई की पहचान करेगा और वित्तीय सहायता की आवश्यकता वाले स्टार्टप्स और एमएसएमई की सूची बैंक को देगा।
  • बैंक इन स्टार्ट-अप्स को उनकी कार्यशील पूंजी आवश्यकताओं या मशीनरी, उपकरण आदि की खरीद के लिए 50 करोड़ रुपए तक का ऋण प्रदान करेगा।

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फ्लिपकार्ट की आईसीआईसीआई लोम्बार्ड के साथ साझेदारी


फ्लिपकार्ट ने अपने ग्राहकों को होस्पिकैश बीमा की पेशकश करने के लिए फरवरी 2021 में आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस के साथ साझेदारी की है।

  • यह उपभोक्ताओं को अस्पताल में भर्ती होने के प्रत्येक दिन के लिए एक निश्चित राशि का लाभ प्रदान करेगा। निश्चित दैनिक राशि उपभोक्ताओं को आकस्मिक चिकित्सा या आपातकालीन खर्चों के लिए भुगतान करने में सक्षम बनाती है।
  • बीमा में आकस्मिक उपचार या नियोजित सर्जरी/उपचार या दोनों शामिल हैं।
  • फ्लिपकार्ट 2007 में सचिन बंसल और बिन्नी बंसल द्वारा स्थापित ई-कॉमर्स कंपनी है। कंपनी सिंगापुर में पंजीकृत है, लेकिन इसका मुख्यालय बैंगलोर, कर्नाटक में है। कल्याण कृष्णमूर्ति इसके सीईओ हैं।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

समग्र मिशन इंद्रधनुष 3.0


केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने 19 फरवरी, 2019 को कोविड-19 महामारी के दौरान टीकाकरण से वंचित बच्चों और गर्भवती महिलाओं पर केंद्रित 'समग्र मिशन इंद्रधनुष 3.0' (Intensified Mission Indradhanush- IMI 3.0) का शुभारंभ किया।

समग्र इन्द्रधनुष अभियान 3.0 का उद्देश्य: सर्व टीकाकरण कार्यक्रम (यूआईपी) के तहत टीकों की पहुंच उन लोगों तक हो, जिन्हें अभी तक उसका लाभ नहीं मिल पाया है।

महत्वपूर्ण तथ्य: अभियान का तीसरा चरण 22 फरवरी और 22 मार्च से दो चरणों में होगा और यह 29 राज्यों/ केंद्र- शासित प्रदेशों के 250 पूर्व-निर्धारित जिलों और शहरी क्षेत्रों में चलाया जाएगा।

  • IMI 3.0 अभियान पिछले चरणों के लाभ से मिले अनुभवों पर आधारित है। टीकाकरण अभियान के तहत इन्द्रधनुष अभियान के पहले चरण के बाद से, मिशन इन्द्रधनुष ने 690 जिलों को कवर किया और 3.76 करोड़ बच्चों और 94.6 लाख गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण किया है।
  • मौजूदा आठवें अभियान के तहत देश के सभी जिलों में 90 फीसदी तक टीकाकरण करने का लक्ष्य रखा गया है।
  • IMI 3.0 द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, 313 जिले कम जोखिम, 152 जिले मध्यम जोखिम और 250 जिले सबसे ज्यादा जोखिम वाले वर्ग में रखे गए हैं।
  • इन्द्रधनुष अभियान को 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लॉन्च किया गया था, जिसका उद्देश्य देश के सभी नागरिकों को सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य सेवा प्रदान करना है।

सामयिक खबरें आर्थिकी

आरबीआई द्वारा प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंकिंग (UCB) क्षेत्र हेतु समिति गठित


भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 15 फरवरी, 2021 को शहरी सहकारी बैंकिंग (UCB) क्षेत्र को मजबूत करने के लिए एक रोड मैप प्रदान करने हेतु आठ सदस्यीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया है।

महत्वपूर्ण तथ्य: आरबीआई के पूर्व डिप्टी-गवर्नर एन एस विश्वनाथन की अध्यक्षता में समिति, बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 में हाल के संशोधनों (सहकारी समितियों पर लागू) के तत्वाधन में वर्तमान नियामक / पर्यवेक्षी दृष्टिकोण की समीक्षा करेगी।

समिति की संदर्भ शर्तें: UCB के संबंध में RBI और अन्य प्राधिकारियों द्वारा उठाए गए विनियामक उपायों की जांच करना और उनके सामाजिक-आर्थिक उद्देश्य की पूर्ति में प्रमुख बाधाओं, यदि कोई हो, की पहचान करने के लिए पिछले पांच वर्षों में उनके प्रभाव का आकलन करना।

  • UCB के तेजी से पुनरूद्धार / समाधान के लिए प्रभावी उपाय सुझाना और क्षेत्र में समेकन की क्षमता का आकलन करना।
  • सहयोग के सिद्धांतों के साथ-साथ जमाकर्ताओं के हित और प्रणालीगत मुद्दों को ध्यान में रखते हुए एक जीवंत और लचीले शहरी सहकारी बैंकिंग क्षेत्र के लिए एक विजन दस्तावेज तैयार करना।

सामयिक खबरें आर्थिकी

न्यू डेवलपमेंट बैंक की एनआईआईएफ के ‘फंड ऑफ फंड्स’ हेतु 100 मिलियन डॉलर की प्रतिबद्धता


ब्रिक्स देशों द्वारा स्थापित बहुपक्षीय विकास बैंक ‘न्यू डेवलपमेंट बैंक’ (NDB) ने फरवरी 2021 में राष्ट्रीय निवेश और अवसंरचना कोष (NIIF) के 'फंड ऑफ फंड्स' (FoF) में 100 मिलियन डॉलर की प्रतिबद्धता की घोषणा की है।

महत्वपूर्ण तथ्य: NDB के निवेश के साथ, FoF ने प्रतिबद्धताओं में 800 मिलियन डॉलर हासिल किए हैं।

  • NDB इस निवेश के साथ भारत सरकार, एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (एआईआईबी) और एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) के साथ 'फंड ऑफ फंड्स' में बतौर निवेशक शामिल हो गया है।
  • एनडीबी का यह निवेश भारत में पहला इक्विटी निवेश और 'फंड ऑफ फंड्स' में पहला निवेश है।
  • 'फंड ऑफ फंड्स' की स्थापना 2018 में भारतीय निजी इक्विटी फंड प्रबंधकों को बड़े पैमाने पर संचालित होने वाले भारत-केंद्रित संस्थागत निवेशक तक पहुँच प्रदान करने के उद्देश्य के साथ की गई थी।
  • देश के बुनियादी ढाँचे के क्षेत्र में दीर्घकालिक पूंजी प्रदान करने के लिए को 2015 में राष्ट्रीय निवेश और अवसंरचना कोष (NIIF) स्थापित किया गया था।

सामयिक खबरें विज्ञान-पर्यावरण

हेलिना और ध्रुवस्त्र


19 फरवरी, 2021 को नाग एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल के थल सेना (हेलीकॉप्टर-लॉन्च) संस्करण 'हेलिना' (Helina) और वायु सेना संस्करण 'ध्रुवस्त्र’ (Dhruvastra) का पोखरण रेगिस्तान में एक संयुक्त उपयोगकर्ता परीक्षण (joint user trial) किया गया।

महत्वपूर्ण तथ्य: मिसाइल प्रणालियों को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा स्वदेशी रूप से डिजाइन और विकसित किया गया है।

  • इन दोनों प्रणालियों का परीक्षण करने के लिए कुल पांच मिशन स्वदेशी रूप से विकसित एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (ALH) प्लेटफॉर्म से संचालित किए गए थे।

हेलिना: नाग मिसाइल प्रणाली का हेलीकॉप्टर-लॉन्च संस्करण, एक तीसरी पीढ़ी का 'दागो और भूल जाओ' (fire and forget) श्रेणी की एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल है।

  • इस प्रणाली में सभी मौसम में दिन और रात के समय परिचालन की क्षमता है और पारंपरिक कवच वाले टैंक के साथ-साथ विस्फोटक प्रतिक्रियाशील कवच वाले युद्धक टैंकों को पराजित करने की क्षमता भी है।
  • हेलिना मिसाइल डायरेक्ट हिट मोड (direct hit mode) के साथ-साथ टॉप अटैक मोड (top attack mode) दोनों में लक्ष्य पर निशाना साधने में सक्षम है।
  • नाग मिसाइल की अधिकतम सीमा 4 किमी. है, जबकि हेलिना की मारक क्षमता सीमा 4-8 किमी. तक की है।
  • इन्फ्रारेड इमेजिंग सीकर (IIR) द्वारा निर्देशित इस मिसाइल को DRDO द्वारा दुनिया के सबसे उन्नत एंटी-टैंक हथियारों में से एक के रूप में वर्णित किया गया है।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप पुरस्कार/सम्मान

एसईआरबी महिला उत्कृष्टता पुरस्कार 2021


विज्ञान और अभियांत्रिकी अनुसंधान बोर्ड-एसईआरबी (SERB) ने 11 फरवरी, 2021 को महिलाओं और बालिकाओं के अंतरराष्ट्रीय दिवस-2021 के अवसर पर विज्ञान में ‘एसईआरबी महिला उत्कृष्टता पुरस्कार 2021’ (SERB Women Excellence Award 2021) की घोषणा की।

  • महिलाओं और बालिकाओं के राष्ट्रीय विज्ञान अकादमियों की चार युवा महिलाओं को ‘विज्ञान और अभियांत्रिकी’ के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया है।
  • विजेताओं में आईआईटी बॉम्बे की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. शोभना कपूर, साइंटिस्ट बी नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर रिसर्च इन रिप्रोडक्टिव हेल्थ, मुंबई की डॉ. अंतरा बैनर्जी, साइंटिस्ट डी नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एनिमल बायोटेक्नोलॉजी, हैदराबाद की डॉ. सोनू गांधी और आईआईटी जोधपुर, राजस्थान की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रितु गुप्ता हैं।
  • पुरस्कार विजेताओं को अपने शोध विचारों को आगे बढ़ाने के लिए 3 साल की अवधि के लिए 15 लाख रुपये का अनुदान प्रदान किया जाता है।
  • विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के एक सांविधिक निकाय, विज्ञान और अभियांत्रिकी बोर्ड (एसईआरबी) द्वारा विज्ञान और अभियांत्रिकी के प्रमुख क्षेत्रों में बुनियादी अनुसंधान का समर्थन करने वाला यह पुरस्कारवर्ष 2013 में शुरू किया गया था। यह पुरस्कार 40 वर्ष से कम आयु की महिला वैज्ञानिकों को प्रदान किया जाता है।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप अभियान/सम्मेलन/आयोजन

विश्व सतत विकास शिखर सम्मेलन 2021


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 10 फरवरी, 2021 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विश्व सतत विकास शिखर सम्मेलन 2021 का उद्घाटन किया।

शिखरसम्मेलन का विषय: 'हमारे सामान्य भविष्य को पुनर्परिभाषित करना: सभी के लिए सुरक्षित एवं संरक्षित वातावरण' (Redefining Our Common Future: Safe and Secure Environment for All)।

  • ऊर्जा और संसाधन संस्थान (The Energy and Resources Institute’s-TERI) के प्रमुख कार्यक्रम विश्व सतत विकास शिखर सम्मेलन का 20वां संस्करण 10 से 12 फरवरी, 2021 तक ऑनलाइन माध्यम से आयोजित किया गया।
  • सम्मेलन के दौरान प्रमुख विषयों जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा एवं उद्योग परिवर्तन, अनुकूलन तथा लचीलापन, प्रकृति आधारित समाधान, जलवायु वित्त, चक्रीय अर्थव्यवस्था, स्वच्छ महासागर और वायु प्रदूषण पर चर्चा की गई।

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11वां भारत-यूरोपीय संघ मैक्रो-इकॉनमिक संवाद


19 फरवरी, 2021 को अर्थव्यवस्था के विभिन्न पहलुओं को लेकर ‘11वां भारत-यूरोपीय संघ मैक्रो-इकॉनमिक संवाद’ (11th India-EU Macroeconomic dialogue) वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित हुआ। आर्थिक मामलों के सचिव तरुण बजाज ने भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया।

  • संवाद में दोनों पक्षों ने अपने अनुभवों को साझा किया, इसके तहत वित्तीय मामले, जी-20 के फ्रेमवर्क के कार्यकारी समहू के कार्य, जी-20 कार्य-योजना, कर्ज संबंधित मुद्दे और डिजिटल अर्थव्यवस्था में अंतरराष्ट्रीय कर प्रणाली पर भी चर्चा की गई।
  • भारत-यूरोपीय संघ संबंध एक बहुपक्षीय साझेदारी के रूप में विकसित हुए हैं, जिसमें राजनीतिक, आर्थिक, सुरक्षा, व्यापार और निवेश, पर्यावरण, अनुसंधान और नवोन्मेष जैसे सभी आयाम शामिल हैं।
  • यूरोपीय संघ, भारत के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों में से एक है। वह भारत में सबसे बड़े निवेशकों में से एक है तथा प्रौद्योगिकी, नवोन्मेष और सर्वोत्तम कार्य-प्रथाओं के लिए एक महत्वपूर्ण स्रोत है।

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एलआईसी की ‘बीमा ज्योति’ योजना


भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने 22 फरवरी, 2021 को ‘बीमा ज्योति’ नाम से एक एक नयी योजना शुरू की है।

  • यह एक गैर-संबद्ध, गैर-भागीदारी, व्यक्तिगत, बचत योजना है। इसमें पॉलिसीधारक को सुरक्षा के साथ बचत का भी विकल्प मिलेगा।
  • इस योजना के तहत परिपक्वता पर एकमुश्त भुगतान किया जाएगा। साथ ही पॉलिसीधारक के असमय निधन पर उसके परिजनों को वित्तीय समर्थन भी दियाजाएगा।
  • प्रत्येक पॉलिसी वर्ष के अंत में मूल बीमित राशि पर प्रति 1000 रुपये पर 50 रुपये अतिरिक्त जुड़ेंगे। इसमें न्यूनतम मूल निश्चित बीमित राशि एक लाख रुपये होगी। इसकी कोई ऊपरी सीमा नहीं है।
  • यह पॉलिसी 15 से 20 साल के लिए ली जा सकेगी। पॉलिसी अवधि की तुलना में 5 वर्ष कम प्रीमियम का भुगतान करना होगा। 90 दिन के बच्चे से लेकर 60 साल से कम के व्यक्ति यह पॉलिसी ले सकेंगे।

सामयिक खबरें बैंकिंग, फाइनेंस, सेवा और बीमा

एसबीआइ योनो मर्चेंट ऐप


फरवरी 2021 में भारतीय स्टेट बैंक की सहायक एसबीआइ पेमेंट्स (SBI payments) ने व्यापारिक भुगतान के लिए एसबीआइ योनो मर्चेंट (SBI YONO merchant) ऐप पेश किया है।

  • इस पेशकश से मोबाइल के माध्यम से व्यापारी डिजिटल भुगतान करने में सक्षम होंगे। एसबीआइ ने अगले दो वर्षों में रिटेल और एंटरप्राइजेज सेगमेंट (Retail and Enterprises segment) में दो करोड़ संभावित व्यापारियों को लक्ष्य कर कम लागत वाली इस अवसंरचना को पेश किया है।

पीआईबी न्यूज आर्थिक

‘महाबाहु-ब्रह्मपुत्र’ कार्यक्रम


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 18 फरवरी 2021 को असम में ‘महाबाहु- ब्रह्मपुत्र’ कार्यक्रम (Mahabahu-Brahmaputra) का शुभारंभ किया।

उद्देश्य: भारत के पूर्वी हिस्सों में निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करना और इसमें ब्रह्मपुत्र और बराक नदी के आसपास रहने वाले लोगों के लिए विभिन्न विकास गतिविधियां शामिल करना।

महत्वपूर्ण तथ्य: महाबाहु-ब्रह्मपुत्र के शुभारंभ के साथ नीमाटी-माजुली द्वीप, उत्तरी गुवाहाटी-दक्षिण गुवाहाटी और धुबरी-हाटसिंगिमारी के बीच रो-पैक्स (यात्री सेवा) पोत संचालन का उद्घाटन किया गया।

  • कार्यक्रम के तहत जोगीघोपा में एक स्थायी अंतर्देशीय जल परिवहन टर्मिनल का शिलान्यास किया गया, जो जोगीघोपा में बनने वाले मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक पार्क से जुड़ेगा। यह टर्मिनल कोलकाता और हल्दिया की ओर सिलीगुड़ी कॉरिडोर पर यातायात को कम करने में मदद करेगा।
  • पर्यटन मंत्रालय की 9.41 करोड़ रुपये की सहायता से चार स्थानों नीमाटी, बिश्वनाथ घाट, पांडु और जोगीघोपा पर पर्यटक जेटी के निर्माण का शिलान्यास भी किया गया।
  • ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को आगे बढ़ाने के लिए दो ई-पोर्टल का भी शुभारंभ किया गया। कार-डी (कार्गो डेटा) Car-D (Cargo Data) पोर्टल रियलटाइम आधार पर कार्गो और क्रूज डेटा को मिलाएगा। ‘पानी पोर्टल’ (Portal for Asset and Navigation Information- PANI) नदी जल पर्यटन और बुनियादी ढांचे के बारे में जानकारी प्रदान करने के लिए एक ही जगह पर समाधान प्रदान करने के रूप में कार्य करेगा।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

अग्नि सुरक्षा प्रशिक्षण के लिए कौशल विकास केंद्र


रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 22 फरवरी, 2021 को वर्चुअल माध्यम से उत्तर प्रदेश के पिलखुवा में रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) के ‘अग्नि सुरक्षा प्रशिक्षण के लिए कौशल विकास केंद्र’ (Skill Development Centre for Fire Safety) का उद्घाटन किया।

उद्देश्य: जानमाल के नुकसान को बचाने हेतु प्रशिक्षित मानव संसाधन, अग्नि सुरक्षा प्रौद्योगिकी और उत्पादों को विकसित करना।

  • इस सुविधा को दिल्ली स्थित डीआरडीओ के ‘अग्नि, विस्फोटक और पर्यावरण सुरक्षा प्रयोगशाला केन्द्र’ (Centre for Fire, Explosive and Environment Safety- CFEES) द्वारा तैयार किया गया है।
  • पिलखुवा में 24 एकड़ क्षेत्र में फैली डीआरडीओ की इस सुविधा का उपयोग अग्निशमन रोकथाम और अग्निशमन प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए भारतीय सशस्त्र बलों, डीआरडीओ, आयुध कारखानों, तटरक्षक बल और रक्षा उपक्रमों के अग्निशमन सेवा कर्मियों द्वारा किया जाएगा।
  • इसके अलावा भूटान, श्रीलंका और अन्य पड़ोसी देशों के प्रशिक्षुओं को भी इस केंद्र में प्रशिक्षण दिया जाएगा।

पीआईबी न्यूज विज्ञान और तकनीक

देवस्‍थल टेलीस्‍कोप


22 फरवरी, 2021 को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अनुसार देवस्थल में स्थापित विश्व स्तरीय 3.6 मीटर ऑप्टिकल टेलीस्कोप (दूरबीन) ने वैश्विक महत्व हासिल कर लिया है।

महत्वपूर्ण तथ्य: देवस्थल, नैनीताल उत्तराखंड में मनोहारी पर्वत चोटी है।

महत्वपूर्ण तथ्य: समय की दृष्टि से गंभीर ब्रम्हाण्डीय विस्फोटक घटनाओं (time-critical cosmic explosive events) जैसे गामा किरण विस्फोट, सुपरनोवा के प्रेक्षण से इस दूरबीन का वैश्विक महत्व बढ़ गया है।

  • यह एशिया की सबसे बड़ी पूर्ण रूप से संचालन योग्य ऑप्टिकल दूरबीन है। विश्व के विभिन्न भागों के शोधकर्ता अपने शोध प्रस्ताव प्रस्तुत करके इस अंतरराष्ट्रीय सुविधा का उपयोग करते हैं।
  • इसकी स्थापना विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के स्वायत्त अनुसंधान संस्थान ‘आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान’ (Aryabhatta Research Institute of Observational Sciences- ARIES) द्वारा 2016 में बेल्जियम की सरकार के समर्थन से की गई थी। टेलीस्कोप ने खगोल विज्ञान शोध में भारत को वैश्विक रूप में स्थापित किया है।
  • टेलीस्कॉप के विकास से मिली प्रौद्योगिकी जानकारी तथा पीछे के उपकरण (back-end instruments) 30 मीटर की टेलीस्कॉप (Thirty Meter Telescope) जैसे भविष्य की ऑप्टिकल सुविधाओं के लिए लाभकारी है। भारत 30 मीटर का टेलीस्कोप बनाने की मेगा परियोजना में भाग ले रहा है।

सामयिक खबरें राष्ट्रीय

आईआईटी परिषद द्वारा अधिक स्वायत्तता के लिए कार्य दल का गठन


केन्द्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ की अध्यक्षता में 22 फरवरी, 2021 को ऑनलाइन माध्यम में आयोजित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों की परिषद की 54वीं बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 से संबंधित मुद्दों पर विचार-विर्मश के लिए चार कार्य दलों का गठन किया गया है।

महत्वपूर्ण तथ्य: 4 कार्य दल का गठन आईआईटी परिषद की स्थायी समिति के अध्यक्ष डॉ. के. राधाकृष्णन की अनुशंसा के आधार पर इन मुद्दों के लिए किया गया।

  • समूह- 1: श्रेणीबद्ध स्वायत्ता, सशक्त और जवाबदेह निदेशक बोर्ड और निदेशक।
  • समूह- 2: आईआईटी के निदेशक पद के लिए प्रतिष्ठित शिक्षाविदों को तैयार करना।
  • समूह- 3: अकादमिक सीनेट (संस्था के लिए सर्वोच्च शैक्षणिक प्राधिकरण) का सुधार और पुनर्गठन।
  • समूह- 4: अभिनव फंडिग तंत्र।
  • इस दौरान सभी आईआईटी में प्रौद्योगिकी के उपयोग की समीक्षा करने और आईआईटी में डिजिटल उपकरणों को स्थापित करने के काम को गति देने के लिए एक कार्यबल का गठन करने की अनुशंसा की गई।
  • इस दौरान आईआईटी की जरूरत के हिसाब से कर्मचारियों की संख्या की समीक्षा करने की अनुशंसा भी की गई।
  • आईआईटी परिषद की अध्यक्षता शिक्षा मंत्री द्वारा की जाती है और इसमें सभी IIT के निदेशक और प्रत्येक IIT के निदेशक बोर्ड के अध्यक्ष शामिल होते हैं।
  • आईआईटी परिषद प्रवेश मानकों, पाठ्यक्रमों की अवधि, डिग्री और अन्य शैक्षणिक विषयों पर सलाह देने के साथ ही कैडर, भर्ती के तरीकों और सभी IIT के कर्मचारियों की सेवा शर्तों के बारे में नीति भी तैयार करता है।

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मिशन इनोवेशन


22 फरवरी, 2021 को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अनुसार भारत 'मिशन इनोवेशन' (Mission Innovation) में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

उद्देश्य: स्वच्छ ऊर्जा को व्यापक रूप से वहनीय बनाना।

महत्वपूर्ण तथ्य: मिशन इनोवेशन ‘स्वच्छ ऊर्जा नवाचार’ में तेजी लाने के लिए 24 देशों और यूरोपीय आयोग (यूरोपीय संघ की ओर से) की एक वैश्विक पहल है।

  • मिशन के उद्देश्यों में सार्वजनिक क्षेत्र के निवेश को बढ़ावा, अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाना, निजी क्षेत्र को शामिल कर निवेश में वृद्धि तथा ऊर्जा नवाचार की परिवर्तनकारी क्षमता के बारे में जागरूकता बढ़ाना शामिल है।
  • भारत ने ’मिशन इनोवेशन’ के नींव रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिसे 2015 में 20 देशों की साझेदारी में लॉन्च किया गया था।
  • भारत ने 17 भारतीय संस्थानों, 22 विदेशी संस्थानों और 15 उद्योगों और 8 इनोवेटरों को शामिल करते हुए स्मार्ट ग्रिड के तहत 9 अनुसंधान विकास एवं प्रदर्शन (RD & D) परियोजनाओं को वित्त पोषित किया है।
  • भारत सदस्य देशों के साथ समन्वय में 'स्मार्ट ग्रिड इनोवेशन चैलेंज' में सह-नेतृत्व की भूमिका में है, जो विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में क्षेत्रीय, वितरण और माइक्रो-ग्रिड स्तर पर विश्वसनीय, कुशल और सस्ती स्मार्ट ग्रिड प्रौद्योगिकियों के नवाचार और तैनाती को लक्षित करता है, ताकि पावर ग्रिड में 100% नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को समाहित करने की क्षमता प्राप्त हो सके।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप पुरस्कार/सम्मान

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी पुरस्कार 2020


अभिनव स्वदेशी प्रौद्योगिकियों के सफल व्यावसायीकरण के लिए राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी पुरस्कार 2020 के लिए कुल 12 कंपनियों का चयन किया गया है। उनका चयन तीन श्रेणियों- स्वदेशी प्रौद्योगिकी, एमएसएमई और स्टार्टअप्स के तहत किया गया है।

  • हर साल अपने दायरे को बढ़ाने के लिए प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (Technology Development Board- TDB) इन तीन श्रेणियों के तहत प्रौद्योगिकियों के व्यावसायीकरण के लिए प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कारों के लिए प्रविष्टियां मांगता है।
  • यह पुरस्कार प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड द्वारा 2019-20 के लिए दिए गए। प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड भारत सरकार का सांविधिक निकाय है, जो विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत कार्य कर रहा है।
  • प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड की स्थापना 1996 में अभिनव स्वदेशी प्रौद्योगिकियों के व्यावसायीकरण के लिए भारतीय कंपनियों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी।

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डच इंडियन वॉटर एलायंस फॉर लीडरशिप इनिशिएटिव


जल से संबंधित चुनौतियों के समाधान खोजने के लिए 'डच इंडियन वॉटर एलायंस फॉर लीडरशिप इनिशिएटिव' (Dutch Indian Water Alliance for Leadership Initiative- DIWALI) नामक एक प्लेटफॉर्म विकसित किया गया है, जिसमें जल चुनौतियों के समाधान डिजाइन के लिए भारत और नीदरलैंड भाग ले सकते हैं।

  • इस पहल के अंतर्गत ‘वाटर फॉर चेंज इंटीग्रेटिव एंड फिट फोर पर्पज, वॉटर सेंसिटिव, डिजाइन फ्रेमवर्क फॉर फास्ट ग्रोइंग, लिवेबल सिटीज’ (Water for Change. Integrative and Fit-for-Purpose Water Sensitive Design Framework for Fast Growing Livable Cities) नामक डच कंसोर्टियम 2019 में बनाया गया।
  • इस कंसोर्टियम का नेतृत्व आईआईटी रुड़की कर रहा है और एमएएनआईटी, भोपाल, सीईपीटी यूनिवर्सिटी, अहमदाबाद, आईआईटी गांधीनगर तथा सीडब्ल्यू आरडीएम कालीकट इस कंसोर्टियम के सदस्य हैं।
  • गंगा प्रणाली की सफाई के लिए अनुसंधान और विकास आवश्यकताओं के मूल्यांकन तथा गंगा बेसिन में जल गुणवत्ता और मात्रा पर कृषि प्रभाव के अध्ययन के आधार पर विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग तथा ‘नीदरलैंड्स ऑर्गेनाइजेशन फॉर साइंटिफिक रिसर्च’ दोनों देशों के बीच अनुसंधान सहयोग को गति दे रहे हैं।

सामयिक खबरें राज्य असम

असम में महत्वपूर्ण तेल एवं गैस परियोजनाओं की शुरुआत


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 फरवरी 2021 को असम में महत्वपूर्ण तेल एवं गैस परियोजनाओं की शुरुआत की।

इंडमैक्स इकाई: प्रधानमंत्री ने इंडियन ऑयल की बोंगाईगांव रिफाइनरी में इंडमैक्स (INDMAX) इकाई को राष्ट्र को समर्पित किया। INDMAX इंडियन ऑयल द्वारा एक स्वदेशी रूप से विकसित तकनीक है, जो विभिन्न पेट्रोलियम अंशों से एलपीजी और उच्च-ऑक्टेन गैसोलीन का उत्पादन करती है।

  • यह इकाई रिफाइनरी की क्रूड प्रसंस्करण क्षमता को 2.35 एमएमटीपीए (मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष) से बढ़ाकर 2.7 एमएमटीपीए कर देगी। इसका परिचालन शुरू होने से एलपीजी का उत्पादन 50 टीएमटी (हजार मीट्रिक टन) से बढ़कर 257 टीएमटी और मोटर स्पिरिट (पेट्रोल) का उत्पादन 210 टीएमटी से बढ़कर 533 टीएमटी हो जाएगा।

सेकेंडरी टैंक फार्म: उन्होंने डिब्रूगढ़ के मधुबन में ऑयल इंडिया लिमिटेड के सेकेंडरी टैंक फार्म का भी उदघाटन किया। इसका निर्माण लगभग 40,000 किलोलीटर कच्चे तेल के सुरक्षित भंडारण के लिए किया गया है।

  • 490 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना में प्रतिदिन 10,000 किलो लीटर की क्षमता वाली निर्जलीकरण इकाई भी शामिल होगी।

गैस कंप्रेशर स्टेशन: उन्होंने तिनसुकिया के मकुम के हेबड़ा गांव में एक गैस कंप्रेशर स्टेशन को भी राष्ट्र को समर्पित किया। स्टेशन देश के कच्चे तेल की उत्पादन क्षमता में प्रति वर्ष लगभग 16500 मीट्रिक टन की वृद्धि करेगा।

पीआईबी न्यूज विज्ञान और तकनीक

सामान्य अनुसंधान और प्रौद्योगिकी विकास हब


17 फरवरी, 2021 को केन्द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान विभाग और सीएसआईआर द्वारा संयुक्त रूप से समर्थित ‘सामान्य अनुसंधान और प्रौद्योगिकी विकास हब’ (Common Research and Technology Development Hub-CRTDH) का उद्घाटन किया।

उद्देश्य: औषधि निर्माण विकास (Pharmaceutical Formulation Development) और राष्ट्रीय नैदानिक परीक्षण बैच उत्पादन सुविधा (National Clinical Trial Batch Production Facility) स्थापित करना और संचालित करना।

  • गुड लैबोरेटरी प्रेक्टिस अनुपालन वाले पूर्व नैदानिक और नैदानिक जैव-विश्लेषण तथा औषधि परीक्षण के लिए एक इकाई की स्थापना और संचालन।
  • यह नैदानिक परीक्षण केंद्र, फार्मा इंडस्ट्री, एमएसएमई और अनुसंधानकर्ताओं के लिए उन्नत अनुसंधान में मददगार होगा।

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केरल में बिजली और शहरी क्षेत्र की प्रमुख परियोजना


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 19 फरवरी, 2021 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से केरल में बिजली और शहरी क्षेत्र की प्रमुख परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।

पुगलुर - त्रिशूर पावर ट्रांसमिशन परियोजना: प्रधानमंत्री ने 320 केवी पुगलुर (तमिलनाडु) - त्रिशूर (केरल) हाई वोल्टेज डायरेक्ट करंट प्रणाली परियोजना का उद्घाटन किया।

  • 5070 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित, यह पश्चिमी क्षेत्र से 2000 मेगावाट बिजली भेजने की सुविधा प्रदान करेगा।

कासरगोड सौर ऊर्जा परियोजना: प्रधानमंत्री ने 50 मेगावाट कासरगोड सौर ऊर्जा परियोजना को राष्ट्र को समर्पित किया।

  • कासरगोड जिले के पिवलीक, मींजा और चिप्पर गांवों में 250 एकड़ से ज्यादा जमीन पर फैली यह परियोजना ‘राष्ट्रीय सौर ऊर्जा मिशन’ के तहत विकसित की गई है।

एकीकृत कमान और नियंत्रण केंद्र: प्रधानमंत्री ने तिरुवनंतपुरम में एकीकृत कमान और नियंत्रण केंद्र की आधारशिला रखी। 94 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस केंद्र की स्थापना का उद्देश्य तिरुवनंतपुरम नगर निगम के लिए स्मार्ट सॉल्यूशंस उपलब्ध कराना है।

स्मार्ट सड़क परियोजना: प्रधानमंत्री ने तिरुवनंतपुरम में स्मार्ट सड़क परियोजना की आधारशिला भी रखी। 427 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत की यह परियोजना तिरुवनंतपुरम की मौजूदा 37 किमी. सड़कों को विश्व स्तरीय स्मार्ट सड़कों में बदलेगी।

अन्य तथ्य: प्रधानमंत्री ने अमृत (AMRUT) मिशन के तहत अरुविकारा में बने 75 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) जल प्रशोधन संयंत्र का उद्घाटन भी किया।

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नीति आयोग की शासी परिषद की छठी बैठक


20 फरवरी, 2021 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में नीति आयोग की शासी परिषद की छठी बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई।

महत्वपूर्ण तथ्य: छठी बैठक के एजेंडा में शामिल विषय थे- भारत को विनिर्माण पावरहाउस बनाना, कृषि को फिर से जीवंत करना, बुनियादी ढांचे में सुधार, मानव संसाधन विकास में तेजी लाना, जमीनी स्तर पर सेवा देने में सुधार तथा स्वास्थ्य और पोषण।

  • परिषद ने भारत को एक विनिर्माण पावरहाउस बनाने के लिए कई कदमों पर विचार-विमर्श किया, जैसे अनुपालन बोझ को कम करना, राज्य स्तर पर सुधार शुरू करना, लॉजिस्टिक में सुधार करना, जिला-स्तरीय प्रतियोगिता के माध्यम से निर्यात को बढ़ावा देना आदि।
  • बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए मुख्यमंत्रियों ने राष्ट्रीय अवसंरचना पाइपलाइन के तहत सार्वजनिक पूंजी निवेश बढ़ाने और परियोजनाओं को पूरा करने की आवश्यकता, अंतिम-मील कनेक्टिविटी में सुधार, ऊर्जा लागत को कम करने पर जोर दिया।
  • प्रधानमंत्री ने सभी राज्यों को ‘कृषि-जलवायु क्षेत्रीय योजना’ पर रणनीति बनाने के साथ ही नुकसान को कम करने के लिए ‘कृषि उत्पादों के भंडारण और प्रसंस्करण’ पर ध्यान देने का भी अनुरोध किया।
  • शासी परिषद अंतर-क्षेत्रीय, अंतर-विभागीय और संघीय मुद्दों पर विचार-विमर्श के लिए एक मंच प्रदान करती है। नीति आयोग की शासी परिषद में भारत के प्रधानमंत्री, सभी राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्र-शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल, केंद्रीय मंत्री, पदेन सदस्य और विशेष आमंत्रित सदस्य शामिल होते हैं।
  • शासी परिषद नियमित रूप से बैठक करती है और इसकी पहली बैठक 8 फरवरी, 2015 को हुई।

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पशु चुनौती अध्ययन मंच


18 फरवरी, 2021 को जैव प्रौद्योगिकी विभाग के स्वायत्त संस्थान, इंस्टीट्यूट ऑफ लाइफ साइंसेज, भुवनेश्वर के 32वें स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर केंद्रीय विज्ञान- प्रौद्योगिकी एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने इंस्टीट्यूट ऑफ लाइफ साइंसेज (ILS) भुवनेश्वर में संभावित दवा और वैक्सीन उम्मीदवारों के मूल्यांकन अध्ययन के लिए 'पशु चुनौती अध्ययन मंच' (Animal Challenge Study platform) की आधारशिला रखी।

महत्वपूर्ण तथ्य: इस सुविधा का उपयोग दवाओं और टीकों के पशु परीक्षण के लिए किया जायेगा।

  • इस प्लेटफॉर्म में पशुओं के अध्ययन के लिए जैव सुरक्षा स्तर -3 (बीएसएल -3) की सुविधा होगी।
  • पशु चुनौती अध्ययन मंच 12 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत के साथ परिसर के अंदर स्थापित किया जाएगा।
  • यह केंद्र सरकार के जैव प्रौद्योगिकी (डीबीटी) विभाग के ‘जैव प्रौद्योगिकी उद्योग अनुसंधान सहायता परिषद’ (BIRAC) द्वारा वित्त पोषित किया जाएगा।
  • इस अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कोविड-19 नैदानिक नमूनों के लिए जैव निक्षेपस्थल यानी ‘बायोरिपॉजिटरी’ का उद्घाटन भी किया।

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'कार्बन वॉच' ऐप


व्यक्तिगत कार्बन पदचिह्न का आकलन करने के लिए मोबाइल एप्लिकेशन लॉन्च करने वाला चंडीगढ़ भारत का पहला राज्य/ केंद्र-शासित प्रदेश बन गया है। इस ऐप का नाम 'कार्बन वॉच' (Carbon Watch) है।

महत्वपूर्ण तथ्य: यद्यपि एप्लिकेशन को सभी के द्वारा एक्सेस किया जा सकता है, लेकिन चंडीगढ़ के निवासियों के लिए एक विस्तृत अध्ययन संकलित करने के लिए विशिष्ट विकल्प है।

  • एप्लिकेशन को एंड्रॉइड स्मार्ट सेल फोन में एक क्यूआर कोड के माध्यम से डाउनलोड किया जा सकता है।
  • एप्लिकेशन डाउनलोड करने पर चार श्रेणी में विवरण भरना होगा- जल, ऊर्जा, अपशिष्ट उत्पादन और परिवहन (वाहन आवाजाही)।
  • जल श्रेणी के अंतर्गत व्यक्ति को पानी के उपभोग तथा ऊर्जा श्रेणी में, घर में हर महीने खपत होने वाली बिजली यूनिट, मासिक बिल आदि और सौर ऊर्जा के उपयोग के बारे में विवरण प्रस्तुत करना होगा।
  • अपशिष्ट श्रेणी में, व्यक्ति को घरेलू अपशिष्ट तथा परिवहन श्रेणी में, व्यक्ति को उनके द्वारा उपयोग किए जाने वाले परिवहन के मोड जैसे चार पहिया, दोपहिया या साइकिल के बारे में सूचित करना होगा।
  • उल्लिखित जानकारी के साथ, मोबाइल एप्लिकेशन व्यक्तिगत रूप से कार्बन पदचिह्न की गणना करेगा। एप्लिकेशन उत्सर्जन की राष्ट्रीय और विश्व औसत तथा व्यक्तिगत स्तर पर उत्सर्जन जैसी जानकारी भी प्रदान करेगा। मोबाइल एप्लिकेशन कार्बन पचिह्न को कम करने के तरीकों का सुझाव भी देगा।
  • कार्बन पदचिह्न एक विशेष मानव गतिविधि द्वारा वातावरण में निर्मुक्त ग्रीनहाउस गैसों-विशेष रूप से कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा है।

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हैदराबाद ने जीती हरित प्रतियोगिता


हैदराबाद ने भारत के शहरों के बीच एक हरित प्रतियोगिता जीती है और 'विश्व के ट्री सिटीज' (Tree Cities of the World) में से एक बनकर उभरा है।

महत्वपूर्ण तथ्य: हैदराबाद को यह खिताब 'आर्बर डे फाउंडेशन' (Arbor Day Foundation) और खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) ने दिया है।

  • हैदराबाद को राज्य सरकार के 'हरिता हरम कार्यक्रम' (Haritha Haram programme) और 'शहरी वन पार्कों की योजना' के तहत शहरी वानिकी को बढ़ाने और बनाए रखने की उसकी प्रतिबद्धता के लिए चुना गया है।
  • शहर का मूल्यांकन पांच पैमानों 'उत्तरदायित्व निर्धारण', 'नियम निर्धारण’, 'अपने बारे में जानकारी’ , ’संसाधन का आवंटन’ और 'उपलब्धियों का जश्न मनाने’ पर किया गया था।
  • इस सम्मान के साथ, शहर 23 देशों के 120 अन्य शहरों में शामिल हो गया है, जिनमें अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप चर्चित दिवस

विश्व सामाजिक न्याय दिवस


20 फरवरी

2021 का विषय/अभियान: 'डिजिटल अर्थव्यवस्था में सामाजिक न्याय के लिए आह्वान' (A Call for Social Justice in the Digital Economy)।

महत्वपूर्ण तथ्य: 26 नवंबर 2007 को, महासभा ने 20 फरवरी को प्रतिवर्ष सामाजिक न्याय दिवस के रूप में मनाये जाने की घोषणा की। अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) ने सर्वसम्मति से 10 जून, 2008 को निष्पक्ष भूमंडलीकरण के लिए सामाजिक न्याय पर ILO घोषणा को अपनाया।

  • इस दिवस का मुख्य उद्देश व्यक्ति विशेष में बिना किसी भेदभाव और असमानता के समान अधिकार देने के साथ ही साथ लोगों को सामाजिक न्याय और समानता के प्रति जागरूक करना है।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप चर्चित दिवस

अन्तरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस


21 फरवरी

2021 का विषय/अभियान: ‘शिक्षा और समाज में समावेशन के लिए बहुभाषिता को बढ़ावा देना’ (Fostering multilingualism for inclusion in education and society)।

महत्वपूर्ण तथ्य: वर्ष 1999 में संयुक्त राष्ट्र शैक्षणिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन- यूनेस्को ने 21 फरवरी को अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के रूप में घोषित किया था। वर्ष 2000 से यह दिवस मनाया जा रहा है। भारत में केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय वर्ष 2015 से मातृभाषा दिवस के रूप में मनाता आ रहा है।

  • इसका उद्देश्य लोगों के बीच मातृभाषा और अपनी संस्कृति के प्रति सम्मान के साथ-साथ साहित्य और कला जैसे रचनात्मक कार्यों में मातृभाषा के उपयोग के प्रति ध्यान आकर्षित करने के साथ ही साथ लोगों को अपनी मातृभाषा के अलावा एक अन्य भाषा सीखने के लिए भी प्रेरित करना है।

सामयिक खबरें राज्य महाराष्ट्र

कृषि पंप बिजली कनेक्शन नीति


27 जनवरी, 2021 को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने औपचारिक रूप से 'कृषि पंप बिजली कनेक्शन नीति' (Agriculture Pump Power Connection Policy) की शुरुआत की।

  • कृषि पंप बिजली कनेक्शन नीति के माध्यम से किसानों को तत्काल बिजली कनेक्शन की सुविधा प्रदान की जाएगी।
  • सरकार ने बिजली बिल बकाया पर ब्याज में राहत देने और विलंबित शुल्क में राहत देने का फैसला भी किया है।
  • मुख्यमंत्री ने पावर डिस्कॉम महावितरण द्वारा तैयार कृषि उर्जा अभियान नीति वेब पोर्टल, सौर ऊर्जा भूमि बैंक पोर्टल, महा कृषि अभियान ऐप और एसीएफ ऐप का भी उद्घाटन किया।

सामयिक खबरें खेल चर्चित खेल व्यक्तित्व

अशोक डिंडा का क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास


2 फरवरी‚ 2021 को भारतीय तेज गेंदबाज अशोक डिंडा ने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने की घोषणा की।

  • डिंडा ने 13 अंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय मैचों में 12 विकेट हासिल किए तथा 9 अंतरराष्ट्रीय टी-20 मैचों में 17 विकेट लिए।
  • 2005 में बंगाल के लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण करने वाले डिंडा ने कई सत्रों के लिए राज्य टीम के आक्रमण का नेतृत्व किया और 420 विकेट हासिल लिए।
  • डिंडा ने इंडियन प्रीमियर लीग में दिल्ली डेयरडेविल्स‚ कोलकाता नाइट राइडर्स‚ पुणे वारियर्स‚ राइजिंग पुणे सुपर जाइंट्स और रॉयल चैलेंजर्स बंगलौर का प्रतिनिधित्व भी किया है।

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नीली अर्थव्यवस्था नीति प्रारूप


17 फरवरी, 2021 को पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने भारत के लिए नीली अर्थव्यवस्था नीति के प्रारूप पर हितधारकों से सुझाव आमंत्रित किए।

नीति दस्तावेज का उद्देश्य: भारत की जीडीपी में नीली अर्थव्यवस्था के योगदान को बढ़ाना, तटीय समुदाय के लोगों के जीवन में सुधार लाना, समुद्री जैव-विविधता को संरक्षित रखना तथा समुद्री क्षेत्रों, संसाधनों की राष्ट्रीय सुरक्षा को बनाए रखना।

महत्वपूर्ण तथ्य: पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने 2030 तक भारत सरकार के ‘न्यू इंडिया’ विजन के अनुरूप नीली अर्थव्यवस्था नीति तैयार की है।

  • न्यू इंडिया विजन में ‘नीली अर्थव्यवस्था’ को राष्ट्रीय विकास के लिए 10 प्रमुख आयामों में से एक माना गया है।
  • प्रारूप नीति में भारत की अर्थव्यवस्था के समग्र विकास के लिए अनेक क्षेत्रों की नीतियों पर बल दिया गया है। प्रारूप दस्तावेज में सात निम्नलिखित विषय है-
  1. नीली अर्थव्यवस्था तथा समुद्री शासन संचालन के लिए राष्ट्रीय लेखा ढांचा;
  2. तटीय समुद्री स्थानिक नियोजन तथा पर्यटन;
  3. समुद्री मत्स्य पालन और मछली प्रसंस्करण;
  4. विनिर्माण, उभरते उद्योग, व्यापार, प्रौद्योगिकी, सेवायें तथा कौशल विकास;
  5. पार-लदान सहित अवसंरचना तथा जहाजरानी;
  6. तटीय और गहरा समुद्री खनन तथा अपतटीय ऊर्जा;
  7. सुरक्षा, रणनीतिक आयाम तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग।
  • सतत विकास लक्ष्य 14 का उद्देश्य सतत विकास के लिए महासागरों, सागरों और समुद्री संसाधनों का संरक्षण और सतत उपयोग करना है। ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, ब्रिटेन, संयुक्त राज्य अमेरिका, रूस तथा नॉर्वे ने आंकने योग्य परिणामों और बजट प्रावधानों के साथ समर्पित रूप से राष्ट्रीय समुद्रीय नीति विकसित की है।

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हिमालयी गुलाबी नमक


फरवरी 2021 में पाकिस्तान ने अन्य देशों द्वारा हिमालयी गुलाबी नमक के अनधिकृत उपयोग को रोकने के लिए इसे भौगोलिक संकेतक (जीआई) के रूप में पंजीकृत करने का निर्णय लिया है।

महत्वपूर्ण तथ्य: जीआई टैग एक भौगोलिक संकेतक है, जो किसी विशेष क्षेत्र / राज्य / देश के उत्पाद, निर्माता या व्यवसायियों के समूह को अच्छी गुणवत्ता के कृषि, औद्योगिक एवं प्राकृतिक वस्तुओं के लिए दिया जाता है।

  • इस कीमती नमक का निष्कर्षण पंजाब में साल्ट रेंज से किया जाता है, जो पोतोहार पठार के दक्षिण एवं झेलम नदी के उत्तर तक फैला है।
  • गुलाबी नमक एक ऐसा नमक है, जिसमें खनिज की प्रचूरता होती है और यह स्वास्थ्य के लिये लाभप्रद है।
  • जनवरी 2021 में पाकिस्तान ने भौगोलिक संकेत अधिनियम 2020 के तहत अपने बासमती के लिए जीआई टैग प्राप्त किया है। यह चावल के विशेष किस्म के लिए एक स्थानीय पंजीकरण तैयार करने और अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थिति मजबूत करने का मार्ग प्रशस्त करेगा।
  • बासमती चावल को अपने उत्पाद के तौर पर पंजीकृत कराने के भारत के कदम के खिलाफ पाकिस्तान यूरोपीय संघ में मामला लड़ रहा है।

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वायु प्रदूषण के कारण दक्षिण पूर्व एशिया में अर्थव्यवस्था के लिए लागत विश्लेषण


18 फरवरी, 2021 को ग्रीनपीस का ‘दक्षिण पूर्व एशिया में वायु प्रदूषण के कारण अर्थव्यवस्था पर लागत’ विश्लेषण जारी किया गया।

महत्वपूर्ण तथ्य: विश्लेषण के अनुसार, वायु प्रदूषण के कारण 2020 में दिल्ली में लगभग 54,000 लोगों की मौत हुई।

  • इस विश्लेषण में छ: भारतीय शहरों - दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद और लखनऊ को शामिल किया गया है।
  • वैश्विक रूप से, पांच सबसे अधिक आबादी वाले शहरों - दिल्ली, मैक्सिको सिटी, साओ पाउलो, शंघाई और टोक्यो में लगभग 1,60,000 लोगों की मौत का कारण पीएम 2.5 वायु प्रदूषण है।
  • ग्रीनपीस दक्षिण पूर्व एशिया, आईक्यूएयर (IQAir) और ऊर्जा एवं स्वच्छ वायु पर अनुसंधान केंद्र (CREA) के बीच सहयोग में 'पीएम 2.5' वायु प्रदूषण का रियलटाइम स्वास्थ्य प्रभाव और आर्थिक लागत का अनुमान लगाने के लिए एक ऑनलाइन टूल 'कॉस्ट एस्टीमेटर' (Cost Estimator) विश्व के प्रमुख शहरों में तैनात किया गया था।
  • अर्थव्यवस्था पर वायु प्रदूषण से होने वाली मौतों के प्रभाव को दिखाने के लिए, ग्रीनपीस द्वारा 'इच्छा-से-भुगतान' (willingness-to-pay) दृष्टिकोण का उपयोग किया गया।
  • इस दृष्टिकोण के तहत एक खोया हुआ जीवन वर्ष या दिव्यांगता के साथ एक वर्ष को उस धन में परिवर्तित किया जाता है, जिसे लोग इस नकारात्मक परिणाम से बचने के लिए भुगतान करना चाहते हैं।
  • ग्रीनपीस एक गैर-सरकारी पर्यावरण संगठन है, जिसकी स्थापना 1971 में हुई थी। इसका मुख्यालय एम्स्टर्डम, नीदरलैंड में है।

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सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति पी बी सावंत का निधन


सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति पी बी सावंत का 15 फरवरी, 2021 को पुणे में निधन हो गया। वे 90 वर्ष के थे।

  • सावंत का जन्म 30 जून, 1930 को हुआ था। उन्होंने 1957 से बॉम्बे हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में विधि की सभी शाखाओं सिविल, आपराधिक, औद्योगिक, सेवा चुनाव, संवैधानिक में वकालत की।
  • उन्हें 1973 में बॉम्बे हाई कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था। एक न्यायाधीश के रूप में उन्होंने जून 1982 में एयर-इंडिया विमान दुर्घटना की जांच की।
  • वे अक्टूबर1989 में सर्वोच्च न्यायालय (सुप्रीम) की खंडपीठ में पदोन्नत हुये तथा जून 1995 को सेवानिवृत्त हुए थे।

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सीडीआरआई अवार्ड -2021


17 फरवरी, 2021 को सीएसआईआर-केंद्रीय औषधि अनुसंधान संस्थान, लखनऊ (सीडीआरआई) के 70वें वार्षिक दिवस समारोह के अवसर पर ‘औषधि अनुसंधान में उत्कृष्टता के लिए सीडीआरआई अवार्ड -2021’ (CDRI Awards-2021 for Excellence in Drug Research) की घोषणा की गई।

  • ये पुरस्कार सितंबर 2021 में सीएसआईआर के स्थापना दिवस पर प्रदान किए जाएंगे।
  • ‘रसायन विज्ञान’ श्रेणी में उत्कृष्ट औषधि अनुसंधान के लिए सीडीआरआई पुरस्कार डॉ. विशाल राय, एसोसिएट प्रोफेसर, आईआईएसईआर, भोपाल को प्रदान किया गया है।
  • ‘लाइफ साइंसेज’ (Life sciences) श्रेणी में, डॉ. सिद्धेश शशिकांत कामत,एसोसिएट प्रोफेसर, आईआईएसईआर, पुणे और डॉ. चंद्रिमा दास, एसोसिएट प्रोफेसर, साहा इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर फिजिक्स, कोलकाता को सीडीआरआई पुरस्कार के लिए चुना गया है।

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एशिया पर्यावरण प्रवर्तन पुरस्कार 2020


केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के तहत वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB) को संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) द्वारा 17 फरवरी, 2021 को ‘नवाचार’ श्रेणी में ‘एशिया पर्यावरण प्रवर्तन पुरस्कार 2020’ से सम्मानित किया गया है।

  • वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB) को भारत में वन्यजीव अपराधों को रोकने के लिये प्रतिबद्धता हेतु बीते तीन वर्ष में दो बार यह पुरस्कार दिया जा चुका है। इससे पूर्व वर्ष 2018 में भी ब्यूरो को इसी श्रेणी में पुरस्कृत किया गया था।
  • एशिया पर्यावरण प्रवर्तन पुरस्कार एशियाई देशों में सरकारी संस्थाओं और प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा पर्यावरण संबंधी अपराधों को नियंत्रित करने हेतु किये गए प्रयासों को मान्यता प्रदान करता है।
  • वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो देश में संगठित वन्यजीव अपराध से निपटने के लिये पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अधीन भारत सरकार द्वारा स्थापित एक सांविधिक बहु-अनुशासनिक इकाई है। वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो को वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत अधिनियमित किया जाता है।
  • ऑनलाइन अवैध वन्यजीव व्यापार की लगातार बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए, वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो ने संभावित व्यापारियों को रोकने और अपराधियों को पकड़ने के लिए 'ऑपरेशन WILDNET-II' शुरू किया है।

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प्राणी मित्र पुरस्कार 2021


भारतीय पशु कल्याण बोर्ड (एडब्ल्यूबीआई) ने 16 फरवरी, 2021 को जीव-जन्तु कल्याण और सुरक्षा के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों, संगठनों और कॉरपोरेट्स को वर्ष 2021 के लिए 14 प्राणी मित्र और जीवदया पुरस्कार 2021 प्रदान किए।

  • भारत सरकार के मत्स्य पालन, पशु पालन एवं डेयरी विकास मंत्री गिरिराज सिंह ने एक समारोह में ये पुरस्कार प्रदान किए।
    • प्राणी मित्र पुरस्कार (व्यक्तिगत): योगेंद्र कुमार, मनीष सक्सेना और श्यामलाल चौबीसा।
    • प्राणी मित्र पुरस्कार (शौर्य): अनिल गणदास और स्वर्गीय कल्पना वासुदेवन।
    • प्राणी मित्र पुरस्कार (ताउम्र पशु सेवा): मेजर जनरल(सेवानिवृत्त) डॉ. आर. एम. खरब, डॉ. एस. चिन्नी कृष्णा और डॉ. एस.आर. सुंदरम।
    • प्राणी मित्र पुरस्कार (पशु कल्याण संगठन): वर्ल्ड संकीर्तन टूर ट्रस्ट, होडल (हरियाणा), श्री करुणा फाउंडेशन ट्रस्ट, राजकोट (गुजरात) और पीपल फॉर ऐनिमल्स अहमदाबाद (गुजरात)।
    • प्राणी मित्र पुरस्कार (कॉरपोरेट): टाटा ट्रस्ट फाउडेशन, मुंबई (महाराष्ट्र)।
    • जीव दया पुरस्कार (पशु कल्याण संगठन): ध्यान फाउंडेशन, नई दिल्ली और एनिमल एड चेरीटेबल ट्रस्ट, उदयपुर (राजस्थान)।
  • ‘भारतीय पशु कल्याण बोर्ड’ को पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 4 के अनुसार 1962 में स्थापित किया गया था। बोर्ड हर साल बसंत पंचमी के दिन को ‘जीव-जन्तु कल्याण दिवस’ के रूप में मनाता है।

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सईको हाशिमोतो टोक्यो 2021 संचालन समिति की अध्‍यक्ष


18 फरवरी, 2021 को जापान की ओलंपिक मंत्री सईको हाशिमोतो को टोक्यो 2021 संचालन समिति का अध्यक्ष चुन लिया गया है। सात बार ओलंपिक खेलों में भाग ले चुकीं हाशिमोतो ने अपने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है।

  • ज्ञात हो कि समिति के पूर्व अध्यक्ष योशिरो मोरी ने महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी को लेकर अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।

पीआईबी न्यूज अंतरराष्ट्रीय

भारत और मॉरीशस के बीच व्यापक आर्थिक सहयोग और साझेदारी समझौता


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 17 फरवरी, 2021 को ‘भारत और मॉरीशस के बीच व्यापक आर्थिक सहयोग और साझेदारी समझौते (सीईसीपीए) (Comprehensive Economic Cooperation and Partnership Agreement- CECPA) को मंजूरी प्रदान की।

महत्वपूर्ण तथ्य: भारत-मॉरीशस सीईसीपीए, पहला व्यापार समझौता है, जो अफ्रीका के किसी देश के साथ किया जा रहा है।

  • यह एक सीमित समझौता है, जो वस्तुओं के व्यापार, मूल नियमों, सेवाओं में व्यापार, व्यापार में तकनीकी बाधाओं, स्वच्छता और पादप स्वच्छता (Sanitary and Phytosanitary - SPS) उपायों, विवाद निपटान, नागरिकों के आवागमन, दूरसंचार, वित्तीय सेवाओं, सीमा शुल्क प्रक्रियाओं और अन्य क्षेत्रों में सहयोग को कवर करेगा।
  • सीईसीपीए दोनों देशों के बीच व्यापार को प्रोत्साहित करने और बेहतर बनाने के लिए एक संस्थागत तंत्र प्रदान करता है।
  • भारत और मॉरीशस के बीच सीईसीपीए में भारत के खाद्य पदार्थों, पेय पदार्थों, बिजली और इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों, दूरसंचार, और समुद्री खाद्य जैसे 310 निर्यात वस्तुओं को शामिल किया गया है, जबकि मॉरीशस के 615 उत्पादों को शामिल किया गया है।
  • भारत ने 2016 में मॉरीशस को 353 मिलियन डॉलर का 'विशेष आर्थिक पैकेज' दिया था। सुप्रीम कोर्ट की नयी इमारत परियोजना इस पैकेज के तहत लागू होने वाली पांच परियोजनाओं में से एक है और इसका उद्घाटन जुलाई 2020 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ द्वारा संयुक्त रूप से किया गया था।

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रामनाथपुरम - थूथुकुडी प्राकृतिक गैस पाइपलाइन


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 फरवरी, 2021 को 143 किमी. लंबी ‘रामनाथपुरम - थूथुकुडी प्राकृतिक गैस पाइपलाइन’ (Ramanathapuram - Thoothukudi natural gas pipeline) राष्ट्र को समर्पित की।

महत्वपूर्ण तथ्य: इस परियोजना को रामनाथपुरम जिले के वलन्थरावई गांव में कंप्रेसर स्टेशन के साथ थूथुकुडी में प्रति दिन 8 मिलियन मीट्रिक मानक क्यूबिक मीटर प्राकृतिक गैस लाने के लिए 700 करोड़ की लागत से निष्पादित किया गया है।

  • 143 किमी. लंबी यह पाइपलाइन तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और केंद्र-शासित प्रदेश पुडुचेरी में लागू की जा रही 1,445 किमी. लंबी एन्नोर - तिरुवल्लुर- बेंगलुरु- पुडुचेरी- नागपट्टिनम - मदुरै- थूथुकुडी प्राकृतिक गैस पाइपलाइन परियोजना का एक हिस्सा है।
  • चेन्नई के पास कामराजार पोर्ट में 5 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष की क्षमता वाले तरल प्राकृतिक गैस आयात टर्मिनल से गैस की निकासी के लिए 1,445 किमी. लंबी प्राकृतिक गैस पाइपलाइन की स्थापना की जा रही है।
  • यह ओएनजीसी गैस क्षेत्रों से गैस का उपयोग करने और उद्योगों और अन्य वाणिज्यिक ग्राहकों को फीडस्टॉक के रूप में प्राकृतिक गैस वितरित करने में मदद करेगा।
  • पाइपलाइन घरों में प्राकृतिक गैस के रूप में और वाहनों को संपीड़ित प्राकृतिक गैस (CNG) के रूप में पर्यावरण अनुकूल ईंधन की आपूर्ति करेगी।

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कावेरी बेसिन रिफाइनरी विस्तार परियोजना


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 17 फरवरी, 2021 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से तमिलनाडु के नागपट्टिनम में कावेरी बेसिन रिफाइनरी विस्तार परियोजना (Cauvery Basin Refinery expansion project) की आधारशिला रखी।

महत्वपूर्ण तथ्य: नागपट्टिनम में चेन्नई पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CPCL) और भारतीय तेल निगम लिमिटेड (IOCL) के संयुक्त उद्यम में 31,500 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत के साथ प्रति वर्ष 9 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष (MMTPA) क्षमता वाली रिफाइनरी स्थापित की जा रही है।

  • मौजूदा सुविधा के स्थान पर स्थापित की जा रही रिफाइनरी, बीएस-VI विनिर्देशों को पूरा करने वाले पेट्रोल एवं डीजल और मूल्य वर्धित उत्पाद के रूप में पॉलीप्रोपाइलीन का उत्पादन करेगी।
  • 1993 में कावेरी बेसिन रिफाइनरी पनांगुड़ी (नागापट्टिनम) में स्थापित की गई थी, जिसकी वर्तमान में 1 मिलियन मीट्रिक टन क्षमता है। CPCL 9 मिलियन मीट्रिक टन की क्षमता तक अपनी इकाई का विस्तार कर रही है।
  • रिफाइनरी के लिए लगभग 80% सामग्री और सेवाओं का स्रोत स्वदेशी होगा। नई रिफाइनरी को 2024 तक चालू करने की तैयारी है।
  • प्रधानमंत्री ने चेन्नई पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (CPCL), मनाली (उत्तर चेन्नई) रिफाइनरी में गैसोलीन डीसल्फराइजेशन इकाई (Gasoline desulfurization unit) को भी राष्ट्र को समर्पित किया। लगभग 500 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित यह इकाई निम्न सल्फर (8 पीपीएम से कम) पर्यावरण अनुकूल गैसोलीन का उत्पादन करेगा, जो उत्सर्जन को कम करने में मदद करेगा।

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किशोर न्याय (देखभाल और बाल संरक्षण) विधेयक 2015 में संशोधन को मंजूरी


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 17 फरवरी, 2021 को बच्चों के हितों को सुनिश्चित करने व बाल संरक्षण व्यवस्था को मजबूत बनाने के उपायों को सुनिश्चित करने के लिये महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के किशोर न्याय (देखभाल और बाल संरक्षण) विधेयक 2015 में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

महत्वपूर्ण तथ्य: संशोधन में मामलों के तेजी से निपटारा सुनिश्चित करने तथा जवाबदेही बढाने के लिए जिला मजिस्ट्रेट तथा अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट को किशोर न्याय अधिनियम की धारा 61 के तहत गोद लेने का आदेश जारी करने का अधिकार दिया गया है।

  • जिला मजिस्ट्रेट को अधिनियम के तहत और अधिक सशक्त बनाते हुए कानून के सुचारू क्रियान्यवन का भी अधिकार दिया गया है, जिससे संकट की स्थिति में बच्चों के पक्ष में समन्वित प्रयास किए जा सकें।
  • जिला मजिस्ट्रेट स्वतंत्र रूप से बाल कल्याण समिति, विशेष किशोर सुरक्षा इकाइयों और पंजीकृत बाल देखभाल संस्थानों के कामकाज का मूल्यांकन कर सकते हैं।
  • बाल कल्याण समितियों (Child Welfare Committees) के सदस्यों की नियुक्ति संबंधी योग्यता मानदंडों को परिभाषित करने और पहले से अपरिभाषित अपराधों को 'गंभीर अपराध' (serious offence) के रूप में वर्गीकृत करने का भी इसमें प्रस्ताव किया गया है।

किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015: किशोर न्याय कानून (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2000 को प्रतिस्थापित करके यह अधिनियम लाया गया था।

  • यह अधिनियम उन किशोरों पर वयस्कों की तरह मुकद्दमा चलाने की अनुमति देता है, जिनकी उम्र 16 से 18 वर्ष है और जो जघन्य अपराध में शामिल हैं। यह भारत में सार्वभौमिक रूप से सुलभ दत्तक कानून बनाने का भी प्रावधान करता है।

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प्रसिद्ध न्यायविद और पूर्व राज्यपाल एम राम जोइस का निधन


प्रसिद्ध न्यायविद और पूर्व राज्यपाल एम राम जोइस का 16 फरवरी, 2021 को निधन हो गया। वे 89 वर्ष के थे।

  • उन्हें 1977 में कर्नाटक उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था। बाद में उन्हें 1992 में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था।
  • सेवानिवृत्ति के बाद न्यायमूर्ति जोइस 2002-2003 तक झारखंड के राज्यपाल तथा 2003-2004 तक बिहार के राज्यपाल नियुक्त किए गए थे। वे 2008 में राज्य सभा के लिए भी निर्वचित हुए थे।

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श्रम पर पांच अखिल भारतीय सर्वेक्षणों का सॉफ्टवेयर एप्लिकेशन


श्रम और रोजगार मंत्री संतोष कुमार गंगवार ने 18 फरवरी, 2021 को श्रम पर पांच अखिल भारतीय सर्वेक्षणों के प्रश्नावली के साथ सॉफ्टवेयर एप्लिकेशन और अनुदेश मैनुअल लॉन्च किए।

  • श्रम ब्यूरो द्वारा किए जा रहे ये पांच सर्वेक्षण हैं - प्रवासी कामगारों पर अखिल भारतीय सर्वेक्षण, घरेलू कामगारों पर अखिल भारतीय सर्वेक्षण, पेशेवरों द्वारा सृजित रोजगार पर अखिल भारतीय सर्वेक्षण, परिवहन क्षेत्र में रोजगार सृजन पर अखिल भारतीय सर्वेक्षण और स्थापना आधारित रोजगार के बारे में अखिल भारतीय त्रैमासिक सर्वेक्षण।
  • इन सर्वेक्षणों के परिणाम सात से आठ महीने के भीतर घोषित किए जाएंगे।
  • श्रम ब्यूरो, श्रम और रोजगार मंत्रालय से संबद्ध कार्यालय है, जो 1920 से श्रम और रोजगार के क्षेत्र में विभिन्न हितधारकों की डेटा आवश्यकताओं को पूरा करने में सबसे अग्रणी रहा है।

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भारतीय सांकेतिक भाषा शब्दकोश का तीसरा संस्करण


केंद्रीय सामाजिक न्याय तथा अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत ने17 फरवरी, 2021 को एक वर्चुअल कार्यक्रम में 10,000 शब्दों (पहले के 6,000 शब्द सहित) के साथ ‘भारतीय सांकेतिक भाषा शब्दकोश के तीसरे संस्करण’ का लोकार्पण किया।

  • यह शब्दकोश सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के अंतर्गत एक स्वायत्त संस्थान ‘भारतीय सांकेतिक भाषा अनुसंधान और प्रशिक्षण केंद्र’ (Indian Sign Language Research and Training Centre- ISLRTC) ने तैयार किया है।
  • शब्दकोश के तीसरे संस्करण में दैनिक उपयोग के शब्द, अकादमिक शब्द, कानूनी तथा प्रशासनिक शब्द, मेडिकल शब्द, तकनीकी तथा कृषि जैसे विषयों के कुल 10,000 शब्द हैं। डिक्शनरी में देश के विभिन्न भागों में उपयोग किए जाने वाले क्षेत्रीय संकेत भी शामिल किए गए हैं।
  • शब्दकोश का पहला संस्करण 3,000 शब्दों के साथ 23 मार्च, 2018 को लांच किया गया था और दूसरा संस्करण 6000 शब्दों (पहले के 3,000 शब्द सहित) के साथ 27 फरवरी, 2019 को लांच किया गया था।

पीआईबी न्यूज आर्थिक

टेक्नोग्राही


आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा 16 फरवरी, 2021 को ‘टेक्नोग्राही’ (Technograhis) के लिए ऑनलाइन नामांकन मॉड्यूल लॉन्च किया।

महत्वपूर्ण तथ्य: टेक्नोग्राही; आईआईटी, एनआईटी, इंजीनियरिंग, योजना और स्थापत्य कला कॉलेज के छात्र, संकाय सदस्य, शिक्षाविद और अन्य हितधारक हैं।

  • आवास और शहरी कार्य मंत्रालय प्रौद्योगिकी के हस्तांतरण के लिए लाइव प्रयोगशालाओं के रूप में छ: लाइट हाउस प्रोजेक्ट्स (एलएचपी) को बढ़ावा दे रहा है।
  • एलएचपी मॉडल आवास परियोजनाएं हैं। प्रत्येक स्थान पर संबद्ध बुनियादी सुविधाओं के साथ लगभग 1,000 आवास निर्मित किये जा रहे हैं।
  • इच्छुक उम्मीदवार सीखने, परामर्श, नए विचार व समाधान, अनुप्रयोग, नवाचार, और तकनीकी जागरूकता के लिए 6 एलएचपी स्थलों पर इन लाइव प्रयोगशालाओं से जुड़ने के लिए अपना पंजीकरण करा सकते हैं।
  • लाइट हाउस प्रोजेक्ट्स के पूरे होने तक 12 महीने की अवधि के लिए, टेक्नोग्राही को सूचना प्रसार के लिए साइटों से नियमित अपडेट प्राप्त होगा।

पीआईबी न्यूज आर्थिक

बीज और पौध रोपण सामग्री पर उप मिशन


कृषि, सहकारिता और किसान कल्याण विभाग द्वारा किसान कल्याण योजना ‘बीज और पौध रोपण सामग्री पर उप मिशन’ (Sub-Mission on Seeds & Planting Materials) का कार्यान्वयन किया जा रहा है।

उद्देश्य: बीज ग्राम कार्यक्रम, ग्राम पंचायत स्तर पर बीज प्रसंस्करण सह बीज भंडारण गोदामों की स्थापना, राष्ट्रीय बीज भंडार, निजी क्षेत्र में बीज उत्पादन को प्रोत्साहन और गुणवत्ता नियंत्रण अवसंरचना सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के माध्यम से देश में उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने के लिए गुणवत्तापूर्ण बीजों का उत्पादन और आपूर्ति करना।

योजना के अंतर्गत 2014-15 से 2020-21 तक हासिल प्रमुख उपलब्धियां: बीज ग्राम कार्यक्रम के अंतर्गत, 4.29 लाख बीज ग्राम तैयार किए गए हैं, जहां 170.86 लाख किसानों को रियायती दरों पर 38.01 लाख क्विंटल जड़/ प्रमाणित बीज वितरित किए जा चुके हैं।

  • स्थानीय स्तर पर दालों, तिलहन, चारा और हरित खाद फसलों के उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करने के लिए जरूरी प्रमाणित बीज उपलब्ध कराने हेतु 2.61 लाख किसानों को 75% सब्सिडी दरों पर 1.05 लाख क्विंटल जड़/ प्रमाणित बीज वितरित किए गए हैं।
  • राष्ट्रीय बीज भंडार के अंतर्गत, सूखा, चक्रवात और बाढ़ आदि प्राकृतिक आपदाओं और अप्रत्याशित स्थितियों के दौरान दुबारा बुआई के लिए किसानों को अल्प और मध्यम फसल प्रजातियों के 17.01 लाख क्विंटल बीज रखे गए हैं।
  • देश में कुपोषण के उन्मूलन के क्रम में, विभिन्न फसलों (धान, गेहूं, मक्का, बाजरा, मसूर, सरसों, सोयाबीन, फूलगोभी, शकरकंद और अनार) की 71 जैव-सक्षम प्रजातियां (bio-fortified varieties) विकसित की गई हैं।
  • देश में किसानों को बीजों की उपलब्धता बढ़ाने के उद्देश्य से बहुलीकरण के लिए राज्यों को जैव-सक्षम प्रजातियों के प्रजनक बीज (breeder seeds) आवंटित किए गए हैं।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

पायलट पेयजल सर्वेक्षण


आवास और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा 16 फरवरी, 2021 को जल जीवन मिशन-शहरी के अंतर्गत एक ‘पायलट पेयजल सर्वेक्षण’ (Pilot Pey Jal Survekshan) प्रारंभ किया गया।

महत्वपूर्ण तथ्य: शहरों में उचित जल वितरण, तथा अपशिष्ट जल के पुनःउपयोग का पता लगाने और जल की मात्रा और गुणवत्ता के संबंध में जल निकायों की मैपिंग करने के लिए पेयजल सर्वेक्षण किया जाएगा।

  • मंत्रालय ने 10 शहरों- आगरा, बदलापुर, भुवनेश्वर, चूरू, कोच्चि, मदुरै, पटियाला, रोहतक, सूरत और तुमकुर में पायलट आधार पर पेयजल सर्वेक्षण लॉन्च करने का निर्णय लिया है। पायलट सर्वेक्षण के निष्कर्ष के आधार पर सर्वेक्षण का विस्तार सभी अमृत शहरों में किया जाएगा।
  • जल जीवन मिशन (शहरी) का उद्देश्य एसडीजी लक्ष्य- 6 के अनुसार 4,378 वैधानिक शहरों में सभी परिवारों को नल द्वारा पानी की आपूर्ति करना है।
  • मिशन के सुधार कार्यक्रमों में शहर के पीने योग्य पानी का सूचकांक तैयार करना, गैर-राजस्व जल में कटौती, नगरपालिका वित्त सुधार, वर्षा जल संचयन, 2025 तक कम से कम 20% जल की मांग को पुनर्चकृत जल से पूरा करना तथा प्रति शहरी स्थानीय निकाय में तीन जल निकायों को पुनर्जीवित करना शामिल है।
  • जल जीवन मिशन (शहरी) के लिए कुल प्रस्तावित लागत 2,87,000 करोड़ रुपए है। इसमें अमृत मिशन को निरंतर वित्तीय समर्थन के लिए 10,000 करोड़ रुपए शामिल हैं।

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गोवा को मत्स्य हब बनाने के लिए निवेश


केंद्रीय पशुपालन, डेयरी व मत्स्य पालन मंत्री गिरिराज सिंह ने 7 फरवरी, 2021 को तटीय राज्य गोवा को देश का मत्स्य हब बनाने के लिए 400 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की।

महत्वपूर्ण तथ्य: केंद्र सरकार ने राज्य को पहले ही 41.47 करोड़ रुपये (उक्त राशि में से) मंजूर कर दिए हैं।

  • योजना में 30 फिश लैंडिंग जेट्टी या मछ्ली उतारने के लिए जेट्टी (fish landing jetties) का निर्माण शामिल है, ताकि मछुआरे अपनी नावों को अपने गांवों के पास लंगर डाल सकें। इन जेट्टी को सड़कों के निर्माण से मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा।
  • गोवा में पहले से ही नौ लैंडिंग जेट्टी हैं, जो मछली पकड़ने और पर्यटन के उद्देश्य से उपयोग किए जाते हैं।
  • गोवा में मछली प्रसंस्करण इकाइयों को भी आवश्यक सहायता प्रदान की जाएगी, जो कच्चे माल के लिए पड़ोसी राज्यों कर्नाटक और महाराष्ट्र पर निर्भर हैं।
  • मछुआरों को सरकार से संवाद करने में मदद के लिए केंद्र सरकार गोवा के 70 मछली पकड़ने वाले गांवों में से प्रत्येक के लिए 'सागर मित्र' भी नियुक्त करेगी।

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गोबरधन का एकीकृत पोर्टल


केंद्रीय मंत्रियों ने 3 फरवरी, 2021 को गोबरधन योजना को बढ़ावा देने और प्रगति की रियलटाइम निगरानी के लिए संयुक्त रूप से 'गोबरधन का एकीकृत पोर्टल' (Unified Portal of Gobardhan) लॉन्च किया।

  • इस एकीकृत पोर्टल के तहत प्रमुख हितधारकों में नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, कृषि सहकारिता एवं किसान कल्याण विभाग, कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग और ग्रामीण विकास विभाग के विभिन्न बायोगैस कार्यक्रम/नीतियां/योजनाएं शामिल हैं।
  • नवीन एकीकृत दृष्टिकोण के तहत इन सभी कार्यक्रमों/योजनाओं का समन्वय पेयजल और स्वच्छता विभाग द्वारा ‘स्वच्छ भारत मिशन- ग्रामीण’ के अंतर्गत किया जाएगा।
  • ओडीएफ प्लस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए ‘गोबरधन योजना’ को 2018 की शुरुआत में लॉन्च किया गया था, जिसका उद्देश्य किसानों और परिवारों को आर्थिक और संसाधनों के लाभ पहुंचाकर उनके जीवन में सुधार हेतु गावों में मवेशियों के अपशिष्ट समेत अन्य जैव-अपशिष्ट का प्रबंधन करना और उन्हें बायोगैस तथा जैविक खाद में बदलना है।

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श्री राम चन्‍द्र मिशन


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 16 फरवरी, 2021 को ‘श्री राम चन्द्र मिशन’ के 75 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया।

  • श्री राम चंद्र मिशन (Shri Ram Chandra Mission) एक गैर-लाभकारी संगठन है, जो दुनिया भर के इच्छुक साधकों को सहज मार्ग (हार्टफुलनेस मेडिटेशन) के माध्यम से आध्यात्मिक प्रशिक्षण प्रदान करता है।
  • राज योग का एक रूप ‘सहज मार्ग’ (प्राकृतिक मार्ग) ध्यान के माध्यम से आंतरिक अनुभव पर आधारित एक आध्यात्मिक अभ्यास है, जिसमें ध्यान, शुद्धि और प्रार्थना शामिल है।
  • इस मिशन की स्थापना 1945 में शाहजहांपुर के श्री राम चंद्र ने अपने आध्यात्मिक गुरु और मार्गदर्शक, फतेहगढ़ के श्री राम चंद्र के सम्मान में की थी।

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असम में दो पुल परियोजना


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 18 फरवरी, 2021 को असम में धुबरी फूलबाड़ी पुल की आधारशिला रखी और माजुली पुल के निर्माण के लिए भूमिपूजन किया।

धुबरी फूलबाड़ी पुल: धुबरी (उत्तरी तट) और फूलबाड़ी (दक्षिण तट) के बीच ब्रह्मपुत्र पर चार लेन का प्रस्तावित पुल राष्ट्रीय राजमार्ग-127बी पर स्थित होगा।

  • पुल राष्ट्रीय राजमार्ग- 27 (पूर्व-पश्चिम गलियारा) पर श्रीरामपुर से निकलता है और मेघालय में राष्ट्रीय राजमार्ग-106 पर नोंगस्टोइन पर समाप्त होता है।
  • लगभग 4997 करोड़ की लागत से बनने वाला यह पुल असम में धुबरी को मेघालय के फूलबाड़ी, तूरा, रोंग्राम और रोंगजेंग से जोड़ेगा।
  • यह सड़क से तय की जाने वाली 205 किमी. की दूरी को कम करके 19 किमी. कर देगा, जो पुल की कुल लंबाई है।

माजुली पुल: यह माजुली (उत्तरी तट) और जोरहाट (दक्षिणी तट) के बीच ब्रह्मपुत्र पर दो लेन पुल होगा।

  • पुल राष्ट्रीय राजमार्ग -715के (NH-715K) पर स्थित होगा और नीमतिघाट (जोरहाट की तरफ) और कमलाबारी (माजुली की तरफ) को जोड़ेगा।

सामयिक खबरें राज्य उत्तर प्रदेश

महाराजा सुहेलदेव स्मारक


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 16 फरवरी, 2021 को उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से महाराजा सुहेलदेव स्मारक और चित्तौरा झील के विकास कार्यों की आधारशिला रखी।

  • सुहेलदेव श्रावस्ती (वर्तमान उत्तर-पूर्वी उत्तर प्रदेश में) के एक प्रसिद्ध राजा थे।
  • सुहेलदेव को सन 1033 में बहराइच में चितौरा झील के तट पर हुए एक प्रसिद्ध युद्ध में महमूद गजनी के भतीजे और गजनवी जनरल गाजी सैय्यद सालार मसूद को हराने और मारने के लिए जाना जाता है।
  • 17वीं शताब्दी के फारसी-भाषा के ऐतिहासिक वृत्तांत ‘मिरात-ए-मसुदी' (Mirat-i-Masudi) में राजा सुहेलदेव का उल्लेख हुआ था।
  • ‘मिरात-ए-मसुदी’ सालार मसूद की जीवनी है, जो मुगल सम्राट जहांगीर (1605-1627) के शासनकाल के दौरान अब्द-उर-रहमान चिश्ती द्वारा लिखी गई थी।
  • किंवदंती के अनुसार, सुहलदेव, श्रावस्ती के राजा मोरध्वज के सबसे बड़े पुत्र थे। राजभर समुदाय के सदस्य सुहेलदेव को अपना नायक मानते हैं।
  • चितौरा झील के तट पर महाराजा जनक के गुरु महर्षि अष्टावक्र का आश्रम था, जिस कारण इसे ‘अष्टावक्र झील’ भी कहा जाता है।

पीआईबी न्यूज आर्थिक

प्रमाणित पटसन बीज वितरण कार्यक्रम


केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी ने 15 फरवरी, 2021 को ‘प्रमाणित पटसन बीज वितरण योजना' (Certified Jute seed distribution Program) की शुरुआत की।

महत्वपूर्ण तथ्य: भारतीय पटसन निगम ने पिछले साल, 2021-22 के लिए 1 हजार मीट्रिक टन प्रमाणित पटसन के बीज के वितरण के लिए राष्ट्रीय बीज निगम के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे।

  • सरकार ने पिछले 6 वर्षों में पटसन के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में लगभग 76% की वृद्धि की है। वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए पटसन के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य 4,225 रुपये है, जबकि वर्ष 2014-15 में यह 2,400 रुपये था।
  • जूट सामग्री में अनिवार्य पैकेजिंग से संबंधित केंद्र के फैसले से लगभग 40 लाख कृषि आधारित घरों सहित 4 लाख से अधिक किसानों को लाभ होगा।
  • पटसन के तनों से रेशों को अलग करने की प्रक्रिया के लिए भारत सरकार ने पटसन उत्पादक किसानों की उत्पादकता, गुणवत्ता और आय बढ़ाने के लिए 46000 रेट्टिंग टैंकों (retting tanks) के निर्माण को मंजूरी दी है।
  • भारतीय मानक ब्यूरो ने ‘पटसन जियो-टेक्सटाइल्स’ (Jute Geo-Textiles) के लिए मानकों को मंजूरी दी है। पश्चिम बंगाल में बरहमपुर में राष्ट्रीय राजमार्ग-34 पर 2.4 किमी. लंबी सड़क का निर्माण पटसन जियो टेक्सटाइल से किया गया है।

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आईएनएस करंज


मझगांव डॉक लिमिटेड (MDL) ने 15 फरवरी, 2021 को नौसेना को तीसरी स्कॉर्पीन श्रेणी की पनडुब्बी सौंप दी है। इसे 'आईएनएस करंज' (INS Karanj) के रूप में शामिल किया जाएगा।

महत्वपूर्ण तथ्य: आईएनएस करंज में सतह और पानी के अंदर से टॉरपीडो और ट्यूब लॉन्च्ड एंटी-शिप मिसाइल दागने की क्षमता है। इसमें बेहतर स्टील्थ और लड़ाकू क्षमता (stealth and combat capabilities) है।

  • MDL द्वारा फ्रांस की कंपनी के सहयोग से भारतीय नौसेना के 'प्रोजेक्ट-75' (P-75) के तहत छ: पनडुब्बियों का निर्माण किया जा रहा है।
  • 2017 में 'आईएनएस कलवरी' और 2019 में 'आईएनएस खंडेरी' को पहले ही नौसेना में शामिल किया जा चुका है।
  • 'आईएनएस वेला' का मई 2019 में जलावतरण हुआ और यह समुद्री परीक्षणों से गुजर रहा है। ‘आईएनएस वागीर’ का नवंबर 2020 में जलावतरण हुआ और यह भी समुद्री परीक्षणों से गुजर रहा है। इस श्रेणी की छठी पनडुब्बी 'आईएनएस वागशीर' का निर्माण भी अंतिम चरण में है।
  • स्कॉर्पीन पनडुब्बियां सतह-रोधी और पनडुब्बी-रोधी युद्धक मिशन के साथ-साथ खुफिया जानकारी एकत्र करने, खदान बिछाने तथा क्षेत्र की निगरानी जैसे मिशन को अंजाम दे सकती हैं।

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एक विशालकाय मछली कोएलाकैंथ के जीवाश्मों की खोज


फरवरी 2021 में 'क्रिटेशियस रिसर्च' (Cretaceous Research) में प्रकाशित शोध के अनुसार ब्रिटेन के यूनिवर्सिटी ऑफ पोर्ट्समाउथ के जीवाश्म विज्ञानियों ने डायनासोरों से भी पूर्व की एक विशालकाय मछली ‘कोएलाकैंथ’ (coelacanth) के जीवाश्मों की खोज की है।

महत्वपूर्ण तथ्य: वैज्ञानिकों के अनुसार धरती पर डायनासोर के खात्मे के बाद भी मछली की यह प्रजाति जिंदा रही और समुद्र में विचरण करती रही।

  • उन्होंने 66 मिलियन वर्ष पुराने इस जीवाश्म को क्रिटेशियस युग का बताया है। कोएलाकैंथ, जिसके आकार में विशालकाय सफेद शार्क जितनी बड़ी होने का अनुमान है, को विलुप्त माना जाता था।
  • इसके फेफड़ों के आकार से संकेत मिलता है कि मछली पांच मीटर लंबी हो सकती है, जो वर्तमान समय की समुद्र में तैरती 2 मीटर लंबे कोएलाकैंथ की तुलना में बहुत बड़ी है।
  • कोएलाकैंथ पहली बार 400 मिलियन साल पूर्व (पहले डायनासोर से लगभग 200 मिलियन साल पूर्व) विकसित हुए थे।
  • इसे लंबे समय से विलुप्त माना जाता था, लेकिन 1938 में एक जीवित कोएलाकैंथ दक्षिण अफ्रीका से दूर पाई गई थी।

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सामाजिक कार्यकर्ता रानी बंग लेंसेट द्वारा सम्मानित


स्वास्थ्य से जुड़ी प्रसिद्ध पत्रिका लेंसेट ने अपने फरवरी 2021 के संस्करण में सामाजिक कार्यकर्ता रानी बंग को ‘महिला प्रजनन स्वास्थ्य’ के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए सम्मानित किया है।

  • पत्रिका ने लिखा है कि डॉ. अभय बंग और डॉ. रानी बंग के अध्ययनों ने पूरे विश्व में संसाधनों की कमी झेल रहे सिस्टम में चिकित्सा पद्धति को बदल दिया है।
  • 1988 में लेंसेट में बंग के प्रकाशित एक महत्वपूर्ण अध्ययन से पता चला था कि 92% ग्रामीण महिलाओं ने स्त्री रोग संबंधी समस्याओं का अनुभव किया, और उनमें से दस में से केवल एक ने ही कभी कोई मदद मांगी थी।
  • 69 वर्षीय वर्षीय डॉ. रानी बंग ने पूरे महाराष्ट्र में किशोरियों के लिए कई यौन शिक्षा सत्रों का संचालन किया है।
  • डॉ. अभय बंग और डॉ. रानी बंग दोनों महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में सामुदायिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम कर रहे हैं।

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नगोजी ओकोंजो-इवेला डब्ल्यूटीओ की पहली महिला महानिदेशक नियुक्त


विश्व व्यापार संगठन- डब्ल्यूटीओ ने 15 फरवरी, 2021 को आयोजित महासभा की विशेष बैठक में नाइजीरियाई अर्थशास्त्री नगोजी ओकोंजो -इवेला (Ngozi Okonjo-Iweala) को विश्व व्यापार संगठन की पहली महिला महानिदेशक के रूप में नियुक्त किया है।

  • नगोजी ओकोंजो -इवेला पहली अफ्रीकी महानिदेशक भी होंगी। उनका कार्यकाल 1 मार्च, 2021 से 31 अगस्त, 2025 तक रहेगा।
  • 66 वर्षीय नगोजी ओकोंजो -इवेला विश्व बैंक को अपनी सेवायें दे चुकी है। वे विश्व बैंक की प्रबंध निदेशक, नाइजीरिया के वित्त मंत्री और विदेश मंत्री भी रह चुकी हैं।

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भारतीय मूल की प्रीति सिन्हा यूएनसीडीएफ की कार्यकारी सचिव नियुक्त


संयुक्त राष्ट्र पूंजी विकास कोष- यूएनसीडीएफ (UN Capital Development Fund- UNCDF) ने भारतीय मूल की इन्वेस्टमेंट और डेवलपमेंट बैंकर प्रीति सिन्हा को कार्यकारी सचिव नियुक्त किया है। सिन्हा ने 15 फरवरी, 2021 को पदभार संभाल लिया है।

  • यूएनसीडीएफ के सबसे वरिष्ठ पद के तौर पर उनका फोकस उन महिलाओं, युवाओं, लघु एवं मझोले उद्यमों को छोटे कर्ज की सुविधा उपलब्ध कराने पर होगा, जो अब तक इससे वंचित रहे हैं।
  • इससे पहले, वह नई दिल्ली में सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए निजी क्षेत्र के थिंक-टैंक 'यस ग्लोबल इंस्टीट्यूट' का प्रबंधन करती थी, जो भारत में प्रभाव निवेश इकोसिस्टम (impact investment ecosystem) का निर्माण करती थी।
  • 1966 में स्थापित यूएनसीडीएफ सार्वजनिक और निजी वित्त की पूरी क्षमता का दोहन करने के लिए कम विकसित देशों को छोटे कर्ज की सुविधा (सूक्ष्म वित्त) प्रदान करता है। इसका मुख्यालय न्यूयॉर्क में है।

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इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म 'संदेस'


राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) ने व्हाट्सएप की तर्ज पर 'संदेस' (Sandes) नामक इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म (instant messaging platform) लॉन्च किया है।

  • व्हाट्सएप की तरह, नए एनआईसी प्लेटफॉर्म का उपयोग मोबाइल नंबर या ईमेल आईडी के साथ किसी भी प्रकार के संचार के लिए किया जा सकता है।
  • ऐप का लॉन्च भारत-निर्मित सॉफ्टवेयर के उपयोग को बढ़ावा देने की केंद्र सरकार की रणनीति का हिस्सा है।
  • 'संदेस' में भी अन्य इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप की तरह, पहली बार उपयोगकर्ता को पंजीकृत करने के लिए एक वैध मोबाइल नंबर या ईमेल आईडी की आवश्यकता होती है। यह ग्रुप बनाने, संदेश प्रसारित करने, संदेश को फॉरवर्ड करने (message forwarding) जैसी सुविधाएं भी प्रदान करता है।
  • हालांकि ऐप की एक सीमा है कि, यह उपयोगकर्ता को अपनी ईमेल आईडी या पंजीकृत फोन नंबर बदलने की अनुमति नहीं देता है। उपयोगकर्ता को अपने पंजीकृत ईमेल आईडी या फोन नंबर बदलने के लिएनए उपयोगकर्ता के रूप में फिर से पंजीकरण करना होगा।

सामयिक खबरें राज्य उत्तर प्रदेश

कानपुर में स्थापित होगा भारत का पहला चमड़ा पार्क


उत्तर प्रदेश सरकार कानपुर जिले में देश का पहला चमड़ा पार्क स्थापित करेगी।

  • यह परियोजना कानपुर जिले के रमईपुर गाँव में स्थापित की जाएगी। चमड़ा पार्क में 20 मिलियन लीटर प्रतिदिन की क्षमता का एक अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र होगा ताकि यह गंगा नदी को प्रदूषित न करे।
  • चमड़ा पार्क की स्थापना से कानपुर शहर देश के 10 बड़े चमड़ा विनिर्माण राज्यों के बीच अपनी स्थिति को मजबूत करने में सक्षम होगा।
  • 150 से अधिक चर्मशोधनशाला (tanneries) के यहां काम करने की संभावना है, जिससे चमड़े से बने जूते, पर्स, जैकेट से लेकर अन्य विश्वस्तरीय उत्पाद तैयार करके उनका निर्यात किया जा सकेगा।
  • पार्क से प्रत्यक्ष रूप से 50 हजार लोगों को और 1 लाख 50 हजार से अधिक लोगों को परोक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना है।

पीआईबी न्यूज आर्थिक

राजमार्ग निर्माण के लिए सभी प्रकार के इस्पात के उपयोग की अनुमति


14 फरवरी, 2021 को सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने आवश्यक मानकों को पूरा करने की शर्त पर राजमार्ग निर्माण के लिए सभी प्रकार के इस्पात को उपयोग करने की अनुमति से संबंधित आदेश जारी किया है।

महत्वपूर्ण तथ्य: यदि इस्पात विशिष्ट ग्रेड के लिए आवश्यक मानकों को पूरा करता है, तो सभी प्रकार के इस्पात को राजमार्ग निर्माण के लिए प्रयोग किया जा सकता है, चाहे वह अयस्क हो, बिल्ट (billets) हो, छर्रों (pellets) से बना हो या स्क्रैप को पिघला कर बनाया गया हो।

  • इस्तेमाल किए जाने वाले स्टील की अनुमति दिए जाने से पूर्व इसका तीसरे पक्ष द्वारा जांच के रूप में राष्ट्रीय परीक्षण और अंशशोधन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड (National Accreditation Board for Testing and Calibration Laboratories- NABL) से मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं में परीक्षण किया जाएगा।
  • इससे पहले, अनुबंध प्रावधानों में केवल प्राथमिक / एकीकृत स्टील उत्पादकों द्वारा उत्पादित इस्पात के उपयोग की आवश्यकता होती थी।
  • इस्पात की कीमतों में वृद्धि से राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण की लागत प्रभावित हो सकती है, इसी के मद्देनजर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने राजमार्ग निर्माण के लिए उपयोग की जाने वाली सामग्री पर फिर से विचार करने की आवश्यकता का सुझाव दिया था।
  • इस कदम से, राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण में प्रयुक्त स्टील के लिए आपूर्तिकर्ता आधार बढ़ेगा; बाजारों में अधिक प्रतिस्पर्धा तथा नई तकनीक के उपयोग से कीमतों में कमी होगी।

सामयिक खबरें राष्ट्रीय

कोटिया क्लस्टर


आंध्र प्रदेश और ओडिशा के बीच विवादित ‘कोटिया क्लस्टर’ (Kotia cluster) में तीन गांवों में 13 फरवरी, 2021 को आंध्र प्रदेश द्वारा पंचायत चुनाव कराये गए।

महत्वपूर्ण तथ्य: यह पहली बार है जब आंध्र प्रदेश ने इनमें से किसी भी गाँव में पंचायत चुनाव कराए हैं।

  • लगभग 5,000 की आबादी वाले ये गाँव अंतरराज्यीय सीमा पर एक सुदूर पहाड़ी इलाके में स्थित हैं और कोंध आदिवासियों द्वारा बसाए गए हैं।
  • यह क्षेत्र खनिज संसाधनों जैसे सोना, प्लैटिनम, मैंगनीज, बॉक्साइट, ग्रेफाइट और चूना पत्थर से भी समृद्ध है।
  • ये गाँव दोनों राज्यों के विधान सभा और लोक सभा चुनावों में भाग लेते हैं। वे आंध्र की सालुर विधान सभा और अराकू लोक सभा सीटों और ओडिशा की पोटंगी विधान सभा और कोरापुट लोक सभा सीटों के लिए मतदाता के रूप में पंजीकृत हैं।
  • 1980 के दशक की शुरुआत में, ओडिशा ने सुप्रीम कोर्ट में एक मामला दायर कर 21 गांवों पर अधिकार क्षेत्र और अधिकार की मांग की।
  • हालांकि 2006 में, अदालत ने फैसला दिया कि चूंकि राज्य की सीमाओं से संबंधित विवाद सर्वोच्च न्यायालय के अधिकार क्षेत्र में नहीं हैं, इसलिए यह मामला केवल संसद द्वारा हल किया जा सकता है।

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अर्जुन मुख्य युद्धक टैंक (एमके-1ए)


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 फरवरी, 2021 को चेन्नई में एक समारोह में स्वदेशी रूप से विकसित 'अर्जुन मुख्य युद्धक टैंक (एमके-1ए)' [Arjun Main Battle Tank (MK-1A)] भारतीय सेना को सौंपा।

महत्वपूर्ण तथ्य: सेना को 118 मुख्य युद्धक टैंक मिलेंगे, जो स्वदेशी रूप से डिजाइन, विकसित और निर्मित हैं।

  • अर्जुन मुख्य युद्धक टैंक परियोजना की शुरुआत 1972 में DRDO ने लड़ाकू वाहन अनुसंधान और विकास प्रतिष्ठान (CVRDE) के साथ प्रमुख प्रयोगशाला के रूप में की थी।
  • 1996 में तमिलनाडु के अवडी में भारतीय आयुध निर्माणी की उत्पादन सुविधा में बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू हुआ।
  • भारतीय सेना को 2004 में 16 टैंकों की पहली खेप मिली और उन्हें '43 बख्तरबंद रेजिमेंट' के एक स्क्वाड्रन के रूप में शामिल किया गया था।

विशेषताएं: अर्जुन टैंक में 'फिन स्टैबलाइज्ड आर्मर पियर्सिंग डिस्चार्जिंग फॉर सबोट' (Fin Stabilized Armour Piercing Discarding Sabot- FSAPDS) गोला-बारूद और 120-एमएम कैलिबर वाली राइफल्ड गन हैं।

  • इसमें स्थिर नियंत्रण के साथ एक 'कंप्यूटर-नियंत्रित एकीकृत अग्नि नियंत्रण प्रणाली' भी है, जो सभी प्रकाश स्थितियों में काम करती है।

एमके-1ए कैसे अलग है? एमके-1ए (MK-1A) संस्करण में पहले संस्करण की तुलना में 14 प्रमुख अपग्रेड हैं। इसमें डिजाइन के अनुसार मिसाइल फायरिंग क्षमता भी है, लेकिन इस सुविधा को बाद में जोड़ा जाएगा क्योंकि क्षमता का अंतिम परीक्षण अभी जारी है।

  • एमके-1ए संस्करण के साथ सबसे बड़ी उपलब्धि 54.3% स्वदेशी सामग्री है, जो पहले के मॉडल में 41% थी।

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मंदारिन बतख


8 फरवरी, 2021 को असम के तिनसुकिया जिले में मगुरी-मोटापुंग बील (Maguri-Motapung beel) या आर्द्रभूमि में तैरती हुई दुर्लभ मंदारिन बतख (Mandarin duck) देखी गई।

महत्वपूर्ण तथ्य: मंदारिन बतख या 'ऐक्स गैलेरिकुलता' (Aix galericulata) की पहचान सबसे पहले स्वीडिश वनस्पतिशास्त्री, चिकित्सक और प्राणी विज्ञानी कार्ल लीनियस ने 1758 में की थी।

  • इसे दुनिया में सबसे सुंदर बतख माना जाता है, यह छोटा-विदेशी दिखने वाला पक्षी पूर्वी एशिया में पाया जाता है।
  • प्रवासी बतख रूस, कोरिया, जापान और चीन के उत्तर-पूर्वी हिस्सों में प्रजनन करती हैं। अब यह पक्षी पश्चिमी यूरोप और अमेरिका में भी आबादी स्थापित कर चुका है।
  • हालांकि, यह बतख भारत में शायद ही कभी आती है क्योंकि यह इसके सामान्य प्रवासन मार्ग का हिस्सा नहीं है। आईयूसीएन द्वारा इसे ‘संकटमुक्त’ (Least Concern) श्रेणी में रखा गया है।
  • बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी द्वारा घोषित एक महत्वपूर्ण पक्षी क्षेत्र 'मगुरी मोटापुंग आर्द्रभूमि’ ऊपरी असम में डिब्रू सैखोवा राष्ट्रीय उद्यान के करीब स्थित है। मई 2020 में, ऑयल इंडिया लिमिटेड के स्वामित्व वाले गैस कुएं में एक विस्फोट और आग से इस आर्द्रभूमि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा था।

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राष्ट्रीय मखाना अनुसंधान केंद्र


केंद्रीय कृषि मंत्री ने 9 फरवरी, 2021 को लोक सभा को राष्ट्रीय मखाना अनुसंधान केंद्र (National Research Centre for Makhana) के बारे में जानकारी दी।

  • कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग, भारत सरकार द्वारा मखाना फसल के संरक्षण, अनुसंधान और विकास के लिए नौवीं पंचवर्षीय योजना अवधि (1997-2002) के दौरान एक नई योजना के रूप में आईसीएआर-राष्ट्रीय मखाना अनुसंधान केंद्र, दरभंगा (बिहार) को मंजूरी दी गई थी।
  • हालाँकि, दसवीं योजना अवधि (2002-2007) के दौरान, राष्ट्रीय मखाना अनुसंधान केंद्र को बिना अधिदेश बदले विलय कर ‘पूर्वी क्षेत्र के लिए आईसीएआर-अनुसंधान परिसर, पटना’ के प्रशासनिक नियंत्रण में लाया गया था।
  • विशेष रूप से दरभंगा और सामान्य रूप से मिथिला देश में प्रमुख मखाना उत्पादक क्षेत्र है।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप

विज्ञान के क्षेत्र में महिलाओं और लड़कियों का अंतरराष्ट्रीय दिवस


11 फरवरी

2021 का विषय/अभियान: ‘कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में सबसे आगे महिला वैज्ञानिक’ (Women Scientists at the forefront of the fight against COVID-19)

महत्वपूर्ण तथ्य: 22 दिसंबर, 2015 को संयुक्त राष्ट्र महासभा के प्रस्ताव द्वारा विज्ञान के क्षेत्र में महिलाओं और लड़कियों का अंतरराष्ट्रीय दिवस 11 फरवरी को चुना गया है। यह दिवस विज्ञान और प्रौद्योगिकी में महिलाओं और लड़कियों की महत्वपूर्ण भूमिका को मान्यता देता है।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप चर्चित दिवस

विश्व रेडियो दिवस


13 फरवरी

2021 का विषय/अभियान: नई दुनिया, नया रेडियो (New World, New Radio)

महत्वपूर्ण तथ्य: इस दिवस को 2011 में यूनेस्को के सदस्य देशों द्वारा घोषित किया गया था और बाद में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 2012 में इसे अंतरराष्ट्रीय दिवस के रूप में अपनाया गया था। यूनेस्को के अनुसार, रेडियो मानवता का जश्न मनाने का एक सशक्त माध्यम है।

  • वैश्विक स्तर पर सबसे व्यापक रूप में उपभोग किए जाने वाले माध्यमों में से एक रेडियो के दर्शकों तक व्यापक पहुंच बनाने की क्षमता है।

सामयिक खबरें राज्य तमिलनाडु

प्रधानमंत्री द्वारा तमिलनाडु में विभिन्न परियोजनाओं की शुरुआत


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 फरवरी, 2021 को तमिलनाडु का दौरा किया और विभिन्न परियोजनाओं की शुरुआत की तथा आधारशिला रखी।

  • प्रधानमंत्री ने 3770 करोड़ रुपये की लागत से बने चेन्नई मेट्रो रेल फेज-1 एक्सटेंशन, ‘चेन्नई बीच और अट्टिपट्टु’ के मध्य चौथी रेलवे लाइन तथा विल्लुपुरम- कुड्डालोर- मयिलादुथुरई- तंजावुर और मयिलादुथुरई- थिरुवरुर में सिंगल लाइन रेलवे खंड के विद्युतीकरण का उद्घाटन किया।
  • उन्होंने 636 किमी. ‘ग्रैंड एनीकट नहर प्रणाली’ (Grand Anicut Canal System) के विस्तार, नवीनीकरण और आधुनिकीकरण की आधारशिला भी रखी। इस नहर का आधुनिकीकरण 2,640 करोड़ रुपये की लागत से होगा, जिससे नहरों में जल वहन करने की क्षमता बढ़ेगी।
  • उन्होंने आईआईटी मद्रास के ‘डिस्कवरी कैंपस’ की आधारशिला भी रखी। 1000 करोड़ रुपये की लागत वाला यह कैंपस चेन्नई के पास थय्युर में बनाया जाएगा।
  • केंद्र सरकार ने ‘देवेंद्र कुला वेल्लालर समुदाय’ (Devendra kula Vellalar community) की लंबे समय से चली आ रही इस मांग को स्वीकार कर लिया है कि उन्हें संविधान की अनुसूची में सूचीबद्ध छ: से सात नामों से नहीं बल्कि उनके पारंपरिक नाम ‘देवेंद्र कुला वेल्लालर’ से ही जाना जाए।

सामयिक खबरें राज्य केरल

प्रधानमंत्री द्वारा केरल में विभिन्न परियोजनाओं की शुरुआत


14 फरवरी, 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोच्चि, केरल में विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया।

  • प्रधानमंत्री ने भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के प्रॉपीलीन डेरिवेटिव पेट्रोकेमिकल प्रोजेक्ट (Propylene Derivative Petrochemical Project- PDPP) को राष्ट्र को समर्पित किया। यह परिसर ऐक्रेलिक एसिड (Acrylic Acid), ऑक्सो-अल्कोहल और एक्रिलेट्स का उत्पादन करेगा, जिसे वर्तमान में बाहर से आयात किया जाता है।
  • उन्होंने बोलगाटी और विलिंगडन के बीच संचालित होने वाली आरओ-आरओ (Ro-Ro) जहाज सेवा को देश को समर्पित किया।
  • उन्होंने कोचीन बंदरगाह पर अंतरराष्ट्रीय क्रूज टर्मिनल ‘सागरिका’ का उद्घाटन किया। एर्नाकुलम घाट पर स्थित यह भारत का पहला पूर्ण अंतरराष्ट्रीय क्रूज टर्मिनल है।
  • उन्होंने कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड के समुद्र इंजीनियरिंग प्रशिक्षण संस्थान परिसर ‘विज्ञान सागर’ का उद्घाटन भी किया। यह एक प्रमुख समुद्री अध्ययन केन्द्र है और समुद्री जहाज के भीतर काम करने वाला भारत का एकमात्र समुद्री संस्थान है।
  • उन्होंने कोचीन बंदरगाह पर साउथ कोल बर्थ के पुनर्निर्माण की आधारशिला भी रखी, जिसका पुनर्निर्माण सागरमाला योजना के तहत करीब 19.19 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है।

पीआईबी न्यूज आर्थिक

संकल्प


केंद्रीय कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री डॉ. महेंद्रनाथ पांडे ने 13 फरवरी, 2021 को 'संकल्प' (Skills Acquisition and Knowledge Awareness for Livelihood Promotion- SANKALP) कार्यक्रम के तहत रणनीतिक साझेदारी के माध्यम से कौशल रूपांतरण समारोह की अध्यक्षता की।

महत्वपूर्ण तथ्य: 'संकल्प' (कौशल संवर्धन और आजीविका संवर्धन के लिए ज्ञान जागरूकता) जिला कौशल प्रशासन और जिला कौशल समितियों (DSCs) को मजबूत करने के लिए एक विश्व बैंक ऋण समर्थित कार्यक्रम है।

  • इस दो वर्षीय शैक्षणिक कार्यक्रम के तहत एक अंतर्निहित घटक के रूप में जिला प्रशासन के साथ जमीनी स्तर पर व्यावहारिक अनुभव मिलता है।
  • प्रशिक्षक से जुड़े तंत्र को और अधिक मजबूत करने के उद्देश्य से, संकल्प कार्यक्रम सार्वजनिक-निजी साझेदारी (पीपीपी) में प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण (Training of Trainer- TOT) प्रणाली का समर्थन करेगा, जो उद्योग जगत और तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा व प्रशिक्षण (टीवीईटी) से जुड़े तंत्र के बीच एक सहयोगात्मक दृष्टिकोण है।
  • कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय ने वर्ष 2018 में संकल्प कार्यक्रम के तहत 'जिला कौशल विकास योजना में उत्कृष्टता पुरस्कार' (DSDP Awards) की स्थापना की है।

पीआईबी न्यूज आर्थिक

महात्मा गांधी नेशनल फेलोशिप


केंद्रीय कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री डॉ. महेंद्रनाथ पांडे ने 13 फरवरी, 2021 को ‘महात्मा गांधी नेशनल फेलोशिप’ (Mahatma Gandhi National Fellowship - MGNF) पहल का शुभारंभ किया।

महत्वपूर्ण तथ्य: MGNF के तहत शोधार्थियों को जिला कौशल समितियों (DSCs) के साथ संलग्न होने के साथ-साथ समग्र कौशल तंत्र को समझने में अकादमिक विशेषज्ञता और तकनीकी दक्षता प्राप्त होगी।

  • यह जिला कौशल विकास योजनाओं (डीएसडीपी) के निर्माण तंत्र के माध्यम से जिला स्तर पर कौशल विकास योजनाओं का प्रबंधन करने में उनकी मदद करेगा।
  • पहले प्रायोगिक परीक्षण (एमजीएनएफ) में MGNF की सफल शुरुआत के बाद, जिसमें 69 जिलों में 69 शोधार्थी काम कर रहे थे, मंत्रालय अब MGNF का विस्तार देश के सभी बाकी जिलों में कर रहा है।
  • MGNF में अकादमिक उत्कृष्टता और प्रतिष्ठा के स्तर को बनाए रखने के लिए मंत्रालय सिर्फ भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) के साथ अकादमिक साझेदारी कर रहा है तथा MGNF की देशव्यापी शुरुआत के लिए नौ आईआईएम को शामिल किया गया है।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

11वां राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव


संस्कृति एवं पर्यटन राज्य मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने 14 फरवरी, 2021 को कूच बिहार, पश्चिम बंगाल के कूच बिहार पैलेस में 11वें राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव का उद्घाटन किया।

महत्वपूर्ण तथ्य: राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव के 11वें संस्करण का आयोजन 14 से 28 फरवरी, 2021 के बीच पश्चिम बंगाल के कूच बिहार, दार्जिलिंग और मुर्शिदाबाद में किया जा रहा है।

  • राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव ‘संस्कृति मंत्रालय’ का प्रमुख महोत्सव है।
  • सात क्षेत्रीय सांस्कृतिक केन्द्रों की सक्रिय सहभागिता के साथ वर्ष 2015 से आयोजित किया जाने वाला राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव, भारत की जीवंत संस्कृति को जनता तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
  • यह एक राज्य की लोक और जनजातीय कला, नृत्य, संगीत और खान-पान को अन्य राज्यों में प्रदर्शित करने में सहायक रहा है।
  • नवंबर 2015 से लेकर अब तक, विभिन्न राज्यों तथा शहरों जैसे दिल्ली, वाराणसी, बेंगलुरू, तवांग, गुजरात, कर्नाटक, टिहरी एवं मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव के 10 संस्करण आयोजित किए गए हैं।

सामयिक खबरें विज्ञान-पर्यावरण

मलेरिया रोगवाहक मच्छर के विस्तृत जीनोम का अनावरण


वैज्ञानिकों ने मलेरिया रोगवाहक मच्छर (malaria mosquito vector) के विस्तृत जीनोम का अनावरण किया है, जिससे रोग संचरण की आनुवंशिक नियंत्रण रणनीतियों के विकास के लिए महत्वपूर्ण हजारों नए जीनों का पता चला है।

महत्वपूर्ण तथ्य: अनुसंधानकर्ताओं में बेंगलुरु स्थित टाटा इंस्टीट्यूट फॉर जेनेटिक ऐंड सोसाइटी (TIGS) एवं इंस्टीट्यूट ऑफ बायोइंफॉर्मेटिक्स ऐंड एप्लायड बायोटेक्नोलॉजी के वैज्ञानिक शामिल थे।

  • लक्षित CRISPR और जीन आधारित रणनीतियों सहित मलेरिया संचरण के खिलाफ रक्षा के उन्नत रूपों को डिजाइन करने के लिए, वैज्ञानिकों को रोगवाहक मच्छरों के जीनोम के जटिल ज्ञान की आवश्यकता होती है।
  • CRISPR तकनीक एक जीन-संपादन तकनीक (gene-editing tool) है, जो शोधकर्ताओं को डीएनए अनुक्रमों को आसानी से बदलने और जीन को संशोधित करने की अनुमति देती है।
  • एशियाई मलेरिया रोगवाहक मच्छर 'एनोफेलीज स्टेफेंसी' (Anopheles stephensi) के लिए एक नया संदर्भ जीनोम तैयार किया गया है।
  • नए उन्नत ‘एनोफेलीज स्टेफेंसी' जीनोम के साथ, टीम ने 3,000 से अधिक जीनों का पता लगाया जो पहले से जांच किए गए थे। ये जीन मच्छरों के रक्त चूसने, रक्त को पचाने, प्रजनन एवं बीमारी फैलाने वाले जीवाणु के प्रति प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
  • यह संदर्भ जीनोम विशेष रूप से 2030 तक भारत में मलेरिया उन्मूलन के राष्ट्रीय लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए भारत में मलेरिया जीवविज्ञानियों के लिए सहायक होगा।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप नियुक्ति

मारियो द्राघी इटली के नए प्रधानमंत्री


यूरोपीय सेंट्रल बैंक के पूर्व प्रमुख मारियो द्राघी जिन्हें 'सुपर मारियो' के रूप में जाना जाता है, ने 13 फरवरी, 2021 को औपचारिक रूप से इटली के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली।

  • 73 वर्षीय मारियो द्राघी एक इतालवी अर्थशास्त्री, केंद्रीय बैंकर और राजनीतिज्ञ हैं। उन्होंने 2011 से 2019 तक यूरोपीय सेंट्रल बैंक के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया।
  • उन्होंने पूरे 'यूरोजोन संकट' में संस्था की अध्यक्षता की, वे पूरे यूरोप में यह कहने के लिए प्रसिद्ध हो गए थे कि वह यूरो को विफल होने से रोकने के लिए ''कुछ भी करने के लिए तैयार' रहेंगे।
  • द्राघी 2009 से 2011 तक वित्तीय स्थिरता बोर्ड के अध्यक्ष और 2005 से 2011 तक बैंक ऑफ इटली के गवर्नर भी रहे।
  • ज्ञात हो कि पूर्व प्रधानमंत्री जियूसेपे कोंटे ने जनवरी 2021 में इस्तीफा दे दिया था। इटली में कोविड महामारी में 93,000 से अधिक लोग मारे गए और द्वितीय विश्व युद्ध के बाद देश सबसे गहरी आर्थिक मंदी से जूझ रहा है।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप विविध

कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की रोकथाम पर कौशल प्रशिक्षण


केंद्रीय कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री डॉ. महेन्द्रनाथ पांडे ने 13 फरवरी, 2021 को 'कार्यस्थल पर लैंगिक संवेदनशीलता और यौन उत्पीड़न की रोकथाम पर कौशल प्रशिक्षण' का शुभारंभ किया।

  • यह परियोजना के लिए कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में 'प्रबंधन और उद्यमिता एवं व्यावसायिक कौशल परिषद' (MEPSC) के साथ साझेदारी में लॉन्च किया गया।
  • 1800 प्रशिक्षुओं और 240 प्रशिक्षण पेशेवरों को प्रशिक्षित करने के लिए छ: महीने की परियोजना राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के 3 राज्यों में 15 जिलों में लागू की जाएगी।

सामयिक खबरें राज्य मध्य प्रदेश

'पंख अभियान'


24 जनवरी, 2021 को राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बालिकाओं के सशक्तीकरण और विकास में सहायता के लिए 'बेटी बचाओ बेटी पढाओ' योजना के तहत 'पंख अभियान' (PANKH Abhiyan) शुरू किया।

  • पंख बेटियों की सुरक्षा, अधिकारों की जागरूकता, पोषण, ज्ञान तथा स्वास्थ्य (Protection, Awareness of their rights, Nutrition, Knowledge and Health- PANKH) का अनूठा अभियान है।
  • अभियान के अंतर्गत जिला स्तर पर विभिन्न विभागों के सहयोग से किशोरियों के स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा को सुनिश्चित किया जाएगा तथा किशोरियों का डाटाबेस तैयार किया जाएगा।
  • बालिका जन्म को प्रोत्साहन, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, पॉक्सो अधिनियम, दहेज प्रतिषेध अधिनियम के प्रचार-प्रसार, किशोरियों और उनके अभिभावकों को कुप्रथाओं की समाप्ति के लिए जागरूक करना अभियान के अंग हैं।
  • मुख्यमंत्री ने 'लाडली लक्ष्मी योजना' के तहत 26,099 लड़कियों के लिए 6.47 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति की भी घोषणा की।

सामयिक खबरें राज्य असम

कॉलेज छात्रों और राज्य साहित्यिक निकायों को मौद्रिक सहायता हेतु दो योजना


सम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने 1 फरवरी, 2021 को कॉलेज छात्रों और राज्य के साहित्यिक निकायों को मौद्रिक सहायता प्रदान करने के लिए दो योजनाओं की शुरुआत की।

प्रज्ञान भारती योजना: इस योजना के तहत, 3,26,046 कॉलेज छात्रों को, प्रत्येक को पाठ्य पुस्तकें खरीदने के लिए 1,500 रुपए दिये गए, जबकि कुल 4 लाख पात्र छात्रों को मुफ्त में प्रवेश हेतु 161 करोड़ रुपए की प्रतिपूर्ति की गई।

भाषा गौरब (Bhasha Gourab) योजना: इस योजना के तहत राज्य सरकार ने 21 साहित्य सभाओं (साहित्यिक संस्थाएँ) को उनके कोष में योगदान के रूप मे कुल मिलाकर 43 करोड़ रुपए प्रदान किए।

  • इस योजना के तहत, 600 लेखकों को उनकी साहित्यिक गतिविधियों में मदद हेतु प्रत्येक को 50,000 रुपए दिये गए हैं।

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नेटवायर


  • नेटवायर पहली बार 2012 में सामने आया था, जो एक प्रसिद्ध सक्रिय मैलवेयर (malware) में से एक है।
  • यह एक रिमोट एक्सेस ट्रोजन-आरएटी (Remote Access Trojan- RAT) है, जो एक हमलावर को संक्रमित कम्प्यूटर प्रणाली (infected system) का नियंत्रण देता है।
  • ऐसे मैलवेयर की-बोर्ड को नियंत्रण में ले सकते हैं और इसके जरिए हैकर्स पासवर्ड से जुड़ी जानकारी चुरा सकते हैं।
  • मैलवेयर अनिवार्य रूप से दो काम करते हैं। पहला डेटा चोरी करना, इसे रोकने के लिए अधिकांश कम्प्यूटरों में एंटी-वायरस सॉफ्टवेयर होता है। दूसरा एक सिस्टम में घुसपैठ करना, जो एंटी-वायरस सॉफ्टवेयर के लिए कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण है।

पीआईबी न्यूज आर्थिक

आर्थिक समीक्षा 2020-2021


केन्द्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने 29 जनवरी, 2021 को संसद में आर्थिक समीक्षा 2020-21 पेश की। ‘कोविड योद्धाओं को’ समर्पित इस आर्थिक समीक्षा 2020-21 के महत्वपूर्ण तथ्य इस प्रकार हैं।

1. शताब्दियों में होने वाले संकट के दौरान जीवन और आजीविका की सुरक्षा

  • कोविड-19 महामारी की शुरुआत के बाद भारत ने ध्यान केंद्रित किया। - जीवन और आजीविका की सुरक्षा पर
  • शुरुआत में ही कड़े लॉकडाउन के कारण लोगों के जीवन की रक्षा करने तथा मध्य और लम्बी अवधि में आर्थिक सुधार के माध्यम से आजीविका सुरक्षित करने में सहायता मिली। ‘अत्यधिक अनिश्चितता की स्थिति में कम से कम नुकसान होने’ की नीति अपनाई गई। यह रणनीति प्रेरित थी। -हैन्सेन एंड सार्जेंट (2001) की नोबेल पुरस्कार से सम्मानित शोध से
  • पहली तिमाही में जीडीपी पर 23.9 प्रतिशत की कमी, जबकि दूसरी तिमाही में जीडीपी में 7.5 प्रतिशत की कमी। यह दर्शाती है। -वी-शेप रिकवरी (V-shaped recovery)
  • कोविड महामारी ने प्रभावित किया। -मांग और आपूर्ति दोनों को
  • भारत एक मात्र देश था, जिसने उत्पादन क्षमताओं का कम से कम नुकसान सुनिश्चित करने के लिए घोषित किए। -- आपूर्ति बढ़ाने के लिए संरचनात्मक सुधार
  • मांग में वृद्धि और रिकवरी में तेजी लाने के लिए एक सार्वजनिक निवेश कार्यक्रम है। -- नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन

2. अर्थव्यवस्था परिदृश्य 2020-21: प्रमुख तथ्य

  • कोविड-19 महामारी के कारण पूरे विश्व को आर्थिक मंदी का सामना करना पड़ा। आकलन के अनुसार वैश्विक आर्थिक उत्पादन 2020 में कमी दर्ज की जाएगी। (आईएमएफ, जनवरी 2021 अनुमान) -- 3.5 प्रतिशत की
  • भारत ने चार आयामों वाली रणनीति को अपनाया। -महामारी पर नियंत्रण,राजकोषीय नीति,वित्तीय नीति और लम्बी अवधि के संरचनात्मक सुधार
  • वित्त वर्ष 2021-22 में भारत की वास्तविक जीडीपी (Real GDP) की विकास दर रहेगी। -11 प्रतिशत
  • वित्त वर्ष 2021-22 में सांकेतिक जीडीपी (Nominal GDP) की विकास दर रहेगी। - 15.4 प्रतिशत
  • ‘सरकारी खपत’ और ‘निर्यात’ ने विकास दर में और कमी नहीं आने दी, जबकि विकास दर को कम किया। -निवेश और निजी क्षेत्र खपत ने
  • वित्त वर्ष 2020-21 की दूसरी छमाही में रिकवरी ‘सरकारी खपत’ के कारण होगी, जिसकी इतने प्रतिशत वृद्धि का अनुमान लगाया गया है। -17 प्रतिशत वृद्धि का
  • वित्त वर्ष 2021 की दूसरी छमाही में निर्यात में और आयात में क्रमशः इतनी कमी आने का अनुमान है। -5.8 प्रतिशत तथा 11.3 प्रतिशत
  • वित्त वर्ष 2021 में चालू खाता अधिशेष कितना होने का अनुमान है? -जीडीपी के 2 प्रतिशत के बराबर (17 वर्षों के बाद ऐसी स्थिति)
  • आपूर्ति में वित्त वर्ष 21 के लिए सकल मूल्य वर्धन (Gross Value Added-GVA) की विकास दर -7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान, यह वित्त वर्ष 20 में थी। -3.9 प्रतिशत
  • कोविड-19 के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था को हुए नुकसान को कम करने में कृषि महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिसकी विकास दर वित्त वर्ष 21 के लिए आंकी गई है। -3.4 प्रतिशत
  • वित्त वर्ष 21 के दौरान उद्योग और सेवा क्षेत्र में क्रमशः इतनी कमी आने का अनुमान है। -9.6 प्रतिशत और 8.8 प्रतिशत की
  • इन क्षेत्रों को सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ा। -सम्पर्क आधारित सेवा क्षेत्र, विनिर्माण और निर्माण क्षेत्रों को
  • वित्त वर्ष 20-21 के दौरान निवेश के लिए सबसे पसंदीदा देश रहा। -भारत
  • इस माह में कुल एफपीआई प्रवाह 9.8 बिलियन डॉलर रहा, जो महीने के संदर्भ में सर्वाधिक है। -- नवम्बर 2020 में
  • उभरते हुए बाजारों में एक मात्र देश है, जिसे 2020 में इक्विटी के रूप में एफआईआई प्राप्त हुआ।-भारत
  • रिकॉर्ड स्तर पर जीएसटी संग्रह ने औद्योगिक और वाणिज्यिक गतिविधियां को अनलॉक किया। -राज्य के अंदर और दो राज्यों के बीच आवागमन में बढ़ोतरी से
  • वित्त वर्ष 2021 की पहली छमाही में चालू खाता अधिशेष। -जीडीपी का 3.1 प्रतिशत
  • इस क्षेत्र के निर्यात में तेजी और मांग में कमी से निर्यात (वाणिज्यिक निर्यात में 21.2 प्रतिशत की कमी) की तुलना में आयात (वाणिज्यिक आयात में 39.7 प्रतिशत की कमी) में कमी आई। -सेवा क्षेत्र
  • दिसंबर 2020 में विदेशी मुद्रा भंडार अगले कितने महीनों के आयात के लिए पर्याप्त है? -18 महीनों
  • जीडीपी के अनुपात में विदेशी कर्ज मार्च 2020 के 20.6 प्रतिशत से बढ़कर सितंबर 2020 में कितने प्रतिशत हुआ है? -21.6 प्रतिशत
  • वी (V) आकार में सुधार जारी है, जैसा कि प्रदर्शित हुआ है। -बिजली की मांग, इस्पात की खपत, ई-वे बिल, जीएसटी संग्रह आदि तेज उतार-चढ़ाव वाले संकेतकों में निरंतर बढ़ोतरी के रूप में
  • भारत 6 दिन में बन गया है। -सबसे तेजी से 10 लाख टीके लगाने वाला देश

3. क्या विकास से ऋण स्थिरता को बढ़ावा मिलता है? हां, लेकिन ऋण स्थिरता से विकास को मजबूती नहीं मिलती है!

  • विकास से ऋण स्थिरता को बढ़ावा मिलता है, लेकिन ऋण स्थिरता से विकास को गति मिलना जरूरी नहीं है। -भारतीय संदर्भ में
  • ऋण स्थिरता‘ब्याज दर विकास दर के अंतर’ (Interest Rate Growth Rate Differential -IRGD) पर निर्भर करती है। अर्थात -एक अर्थव्यवस्था में ब्याज दर और विकास दर में अंतर
  • किस नीति से सुनिश्चित हो सकता है कि उत्पादन क्षमता को होने वाले संभावित नुकसान को सीमित करके सुधारों का पूर्ण लाभ मिले? -सक्रिय राजकोषीय नीति
  • विकास को गति देने वाली राजकोषीय नीति से बढ़ावा मिलने की संभावना है। -ऋण-जीडीपी अनुपात में कमी को
  • आर्थिक सुस्ती के दौरान विकास को सक्षम बनाने के लिए इस नीति का उपयोग वांछनीय है। -चक्रीय-रोधी राजकोषीय नीति (counter-cyclical fiscal policy)

4.क्या भारत की सम्प्रभु क्रेडिट रेटिंग से उसके आधारभूत तत्वों का पता चलता है? नहीं!

  • दुनिया की पांचवीं बड़ी अर्थव्यवस्था को सम्प्रभु क्रेडिट रेटिंग में कभी भी यह सबसे कम निवेश ग्रेड नहीं दिया गया है। -बीबीबी-/बीएए 3 (BBB-/Baa3)
  • अर्थव्यवस्था के आकार और उसकी कर्ज चुकाने की क्षमता प्रदर्शित करते हुए, दुनिया की पांचवीं बड़ी अर्थव्यवस्था को मुख्य रूप से रेटिंग दी गई है। -एएए (AAA)

5.भारत की सम्प्रभु क्रेडिट रेटिंग से उसके आधारभूत तत्व प्रदर्शित नहीं होते हैं:

  • किस संभावना के आधार पर क्रेडिट रेटिंग दी जाती है? -कर्ज चुकाने में चूक की संभावना (probability of default)
  • किस पृष्ठभूमि के माध्यम से निस्संदेह रूप से भारत की भुगतान की इच्छा का पता चलता है? -शून्य सम्प्रभु डिफॉल्ट की (zero sovereign default)
  • भारत की भुगतान क्षमता का आकलन किया जा सकता है। -कम विदेशी मुद्रा बहुल कर्ज और विदेशी मुद्रा भंडार के द्वारा
  • भारत की राजकोषीय नीति से गुरुदेव रबिंद्रनाथ टैगोर की यह धारणा स्पष्ट होती है। -‘एक निर्भय मन’ (a mind without fear) धारणा
  • सम्प्रभु क्रेडिट रेटिंग की विधि को अर्थव्यवस्थाओं के आधारभूत तत्वों का प्रदर्शन करते हुए होना चाहिए। -ज्यादा पारदर्शी, कम पक्षपातपूर्ण और ज्यादा व्यवस्थित

6. असमानता और विकास: संघर्ष या सम्मिलन?

  • विकसित अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में भारत में असमानता और सामाजिक-आर्थिक परिणामों के साथ ही आर्थिक विकास और सामाजिक-आर्थिक परिणामों के बीच संबंध हैं। -अलग
  • विकसित अर्थव्यवस्थाओं के विपरीत भारत में असमानता और प्रति व्यक्ति आय (विकास) का सामाजिक-आर्थिक संकेतकों के साथ संबंध हैं। -समान
  • असमानता की तुलना में गरीबी उन्मूलन पर इसका ज्यादा प्रभाव होता है। -आर्थिक विकास का
  • किसके लिए भारत का जोर आर्थिक विकास पर बना रहना चाहिए? -गरीबों को गरीबी से उबारने के लिए

7. आखिरकार, स्वास्थ्य पर हो मुख्य ध्यान!

  • महामारियों की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया हेतु भारत की स्वास्थ्य अवसंरचना। -कुशल होनी चाहिए
  • किसने गरीबों तक प्रसव पूर्व / प्रसवोत्तर देखभाल की पहुंच के रूप में असमानता को दूर करने में अहम भूमिका निभाई है और संस्थागत डिलीवरी में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की है? -राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम)
  • किसके साथ सामंजस्य से एनएचएम को जारी रखने पर जोर दिया गया? -आयुष्मान भारत
  • सार्वजनिक स्वास्थ्य देखभाल खर्च जीडीपी के 1 प्रतिशत से बढ़कर 2.5-3 प्रतिशत होने से स्वास्थ्य देखभाल पर लोगों द्वारा किए जाने वाले खर्च 65 प्रतिशत से घटकर कितना प्रतिशत होने का अनुमान है? -35 प्रतिशत
  • असमान सूचना के चलते होने वाली बाजार विफलताओं को देखते हुए विचार किया जाना चाहिए। -स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए एक नियामक के गठन पर
  • किसके द्वारा दूरस्थ चिकित्सा (telemedicine) के पूर्ण दोहन की जरूरत है? -इंटरनेट कनेक्टिविटी’ और ‘स्वास्थ्य अवसंरचना’ में निवेश

8. प्रक्रियागत सुधार

  • किसके कारण तुलनात्मक रूप से प्रक्रिया के साथ बेहतर अनुपालन के बावजूद नियम निष्प्रभावी हो जाते हैं? -भारत में अर्थव्यवस्था के ज्यादा विनियमन के कारण
  • अत्यधिक विनियमन की समस्या की मुख्य वजह वह दृष्टिकोण है, जो। -- हर संभावित निष्कर्ष के लिए प्रयास करता है
  • अत्यधिक विनियमन की समस्या का समाधान है। -नियमों को सरल बनाया जाना और निरीक्षण पर ज्यादा जोर दिया जाना

9. नियामकीय राहत एक तात्कालिक उपचार है, कोई स्थायी उपाय नहीं!

  • वैश्विक वित्तीय संकट के दौरान, नियामक राहत सहायता से कर्ज लेने वालों को अस्थायी सुविधा मिली। आर्थिक सुधार के बाद राहत सहायता लंबे समय तक जारी रही, जिससे अर्थव्यवस्था पर। -अवांछित नकारात्मक असर हुए
  • बैंकों ने अपने बहीखातों को दुरुस्त करने के लिए इस राहत सुविधा का उपयोग किया और कर्ज का गलत आवंटन किया, जिससे अर्थव्यवस्था में नुकसान हुआ। -निवेश की गुणवत्ता को
  • राहत सहायता एक तात्कालिक उपचार है। -जिसे अर्थव्यवस्था के सुधार प्रदर्शित करने के पहले अवसर पर बंद कर देना चाहिए, न कि स्थायी खुराक के रूप में इसे वर्षों तक जारी रखना चाहिए
  • राहत सहायता वापस लिए जाने के तुरंत बाद अवश्य करानी चाहिए। -- एक परिसंपत्ति गुणवत्ता जांच

10. नवोन्मेष: बढ़ रहा है, लेकिन खासतौर से निजी क्षेत्र से अधिक समर्थन जरूरी

  • भारत ने, वैश्विक नवोन्मेष सूचकांक की 2007 में शुरूआत के बाद से 2020 में पहली बार प्रवेश किया। -शीर्ष-50 नवोन्मेषी देशों के क्लब में (48वां स्थान)
  • मध्य और दक्षिण एशिया में इस संदर्भ में वह पहले नंबर पर है और निम्न-मध्य-आय वर्ग की अर्थव्यवस्थाओं में वह इस नंबर पर है। -तीसरे
  • अनुसंधान एवं विकास पर भारत का सकल घरेलू व्यय (Gross Domestic Expenditure on R&D- GERD) दस शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में है। -- सबसे कम
  • भारत के किस क्षेत्र को अनुसंधान एवं विकास के क्षेत्र में निवेश में पर्याप्त वृद्धि करने की जरूरत है? -- व्यवसाय क्षेत्र (business sector)
  • नवोन्मेष के क्षेत्र में अधिक सुधार लाने के लिए भारत को ध्यान देना चाहिए। -- संस्थानों और व्यवसाय अनुकूल नवोन्मेषी पहलों के प्रदर्शन को बेहतर बनाने पर

11. जय हो ‘पीएम-जेएवाई’ की शुरूआत और स्वास्थ्य संबंधी निष्कर्ष

  • प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई), जिसका उद्देश्य सबसे कमजोर तबके के लोगों को स्वास्थ्य देखभाल उपलब्ध कराना है, ने बहुत कम समय में स्वास्थ्य देखभाल के क्षेत्र में दृढ़ और सकारात्मक असर दिखाया है। भारत सरकार द्वारा इस महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत कब की गई थी? -2018 में
  • पीएमजेएवाई का इस्तेमाल इस जैसे बार-बार किए जाने वाले किफायती उपचार के लिए किया गया और यह कोविड महामारी और लॉकडाउन के दौरान भी जारी रहा। -डायलिसिस

12.बुनियादी आवश्यकताएं

  • 2012 के मुकाबले इस वर्ष में देश के सभी राज्यों में बुनियादी आवश्यकताओं तक लोगों की पहुंच में पर्याप्त सुधार दर्ज किया गया है। -2018 में
  • केरल, पंजाब, हरियाणा और गुजरात में यह सर्वोच्च स्तर पर पाया गया, जबकि यह सबसे कम रहा। -ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा में
  • इन पांच क्षेत्रों में काफी सुधार दिखाई दिया। -पानी, आवास, स्वच्छता, सूक्ष्म-पर्यावरण और अन्य सुविधाओं
  • 2012 से 2018 के दौरान पिछड़े राज्यों को काफी लाभ मिलने से देश के सभी राज्यों के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में। -असमानता कम हुई है
  • बुनियादी आवश्यकताओं तक पहुंच में सुधार से स्वास्थ्य संकेतकों में भी सुधार आया है। -शिशु मृत्यु दर तथा पांच साल से कम उम्र के बच्चों की मृत्युदर में कमी आई है
  • देश के सभी राज्यों के ग्रामीण और शहरी इलाकों तथा अलग-अलग आय वर्गों की बुनियादी आवश्यकताओं पर पहुंच में अंतर को कम करने के लिए ये योजनायें उपयुक्त रणनीति तैयार कर सकती हैं। -जल जीवन मिशन, स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण,प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण आदि योजनाएं
  • उचित संकेतकों और तौर-तरीकों का इस्तेमाल कर जिला स्तर पर सभी लक्षित जिलों का इस पर आधारित एक व्यापक वार्षिक परिवार सर्वेक्षण आंकड़ा तैयार किया जा सकता है, जिसमें बुनियादी आवश्यकताओं तक लोगों की पहुंच का आकलन किया गया हो। -‘बेर नैसेसिटीज इंडेक्स’ (Bare Necessities Index) (बीएनआई) आधारित

13.राजकोषीय घटनाक्रम:

  • 2020-21 में व्यय नीति का प्रारम्भिक लक्ष्य कमजोर तबकों को सहयोग और समर्थन उपलब्ध कराना था, लेकिन लॉकडाउन समाप्त होने के बाद इसमें बदलाव कर इसे बनाया गया। -सकल मांग को बढ़ाने और पूंजीगत व्यय के अनुरूप
  • जीएसटी की शुरूआत के बाद से लेकर पिछले तीन महीने में, मासिक जीएसटी संग्रह, एक लाख करोड़ के आंकड़े को पार कर गया है और इस माह में यह उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। -दिसम्बर 2020

14.वैदेशिक क्षेत्र

  • भारत का वस्तु व्यापार घाटा कम होकर अप्रैल-दिसम्बर 2020 में 57.5 बिलियन डॉलर रहा, जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि में यह था। -125.9 बिलियन डॉलर
  • सितम्बर 2020 के अंत में भारत का बाहरी ऋण 556.2 बिलियन डॉलर रहा, जोकि मार्च 2020 के अंत की तुलना में कम है। -2.0 बिलियन डॉलर (0.4 प्रतिशत)
  • निर्यात को बढ़ावा देने के लिये की गई पहल। -उत्पाद सम्बंधित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना, निर्यात किये जाने वाले उत्पादो से करों और शुल्कों में छूट (आरओडीटीईपी) तथा आवागमन ढांचे और डिजिटल पहल में सुधार

15. मौद्रिक प्रबंधन और वित्तीय मध्यस्थता

  • 2020 के दौरान सुविधाजनक मौद्रिक नीति: रेपो दर में मार्च 2020 से कमी की गई। -115 आधार अंकों की
  • वित्त वर्ष 2020-21 में क्रमबद्ध तरलता में अधिकता बनी रही। भारतीय रिजर्व बैंक ने कई तरह के परम्परागत और गैर-परम्परागत उपाय किये, इनमें शामिल हैं। -मुक्त बाजार संचालन, दीर्घावधि रेपो संचालन तथा लक्षित दीर्घावधि रेपो संचालन
  • अनुसूचित व्यावसायिक बैंकों की कुल डूबी हुई परिसंपत्तियों में मार्च 2020 के अंत तक 8.21 प्रतिशत से सितंबर 2020 के अंत में कितने प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई? -7.49 प्रतिशत
  • अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों की दिवाला एवं दिवालियापन संहिता (आईबीसी) के माध्यम से रिकवरी दर रही। -45 प्रतिशत से ऊपर

16.कीमतें और मुद्रास्फीति

  • प्रमुख उपभोक्ता मूल्य सूचकांक महंगाई दर अप्रैल से दिसंबर 2020 के दौरान औसतन 6.6 प्रतिशत पर रही, मुख्य रूप से खाद्य महंगाई दर में वृद्धि के कारण दिसंबर 2020 में आ गई। -4.6 प्रतिशत पर
  • उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) हेडलाइन और उसके उप-समूहों में मुद्रा स्फीति देखी गई। -- अप्रैल-अक्टूबर, 2020 के दौरान
  • सीपीआई मुद्रा स्फीति में ग्रामीण-शहरी अंतर में कमी दर्ज की गई। -वर्ष 2020 में
  • अप्रैल-दिसंबर, 2019 तथा अप्रैल-दिसंबर, 2020-21 के दौरान सीपीआई मुद्रा स्फीति का सबसे बड़ा कारक है। -खाद्य एवं पेय समूह
  • भोजन की थाली में शामिल वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी हुई। -जून 2020 से नवंबर 2020 की अवधि में
  • मौजूदा वर्ष में अधिकतर राज्यों में बढ़ोतरी हुई। -- ‘उपभोक्ता मूल्य सूचकांक -संयुक्त' पर आधारित (CPI-C) मुद्रा स्फीति में
  • सूचकांक में भोजन संबंधी मदों पर भारी खर्च के कारण सीपीआई-सी मुद्रा स्फीति में अहम भूमिका है। -खाद्य मुद्रास्फीति की
  • भोजन मदों की कीमतों को स्थिर करने के लिए उठाए गए कदम। -प्याज के निर्यात पर प्रतिबंध,प्याज के भंडारण की स्टॉक सीमा का निर्धारण तथा दालों के आयात पर प्रतिबंधों में कमी
  • कोविड-19 के दौरान सोने में अधिक निवेश करने से हुई। -इसकी कीमतों में जबरदस्त बढ़ोतरी

17.सतत विकास एवं जलवायु परिवर्तन

  • सतत विकास पर संयुक्त राष्ट्र उच्च स्तरीय राजनीतिक मंच (एचएलपीएफ) को पेश की गई।-स्वैच्छिक राष्ट्रीय समीक्षा (Voluntary National Review- VNR)
  • 2030 एजेंडा के तहत लक्ष्यों को प्राप्त करने के उद्देश्य से किसी भी रणनीति के लिए महत्वपूर्ण है।– सतत विकास लक्ष्यों का स्थानीयकरण
  • सतत विकास के उद्देश्यों के क्रियान्वयन के लिए संस्थागत ढांचों का निर्माण किया गया है और इनमें बेहतर समन्वय एवं समायोजन के लिए इस स्तर पर प्रत्येक विभाग में एक नोडल प्रक्रिया भी स्थापित की गई है। -जिला स्तर
  • जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रीय कार्य योजना (एनएपीसीसी) के तहत 8 राष्ट्रीय मिशनों की स्थापना की गई है, इनका मुख्य उद्देश्य है। -अनुकूलन, जलवायु परिवर्तन के संकटों से निपटने और इनसे सम्बद्ध तैयारी करने पर
  • भारत की राष्ट्रीय प्रतिबद्धता योगदान (एनडीसी) के अनुसार जलवायु परिवर्तन कार्य योजना के लिए किसकी अहम भूमिका है? -वित्त की
  • वैश्विक बॉन्ड बाजारों में कुल वृद्धि के बावजूद वर्ष 2019 से 2020 की पहली छमाही में किन बॉन्ड को जारी किए जाने की प्रक्रिया धीमी हुई है? -हरित बॉन्ड
  • अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) ने वैश्विक स्तर पर सौर ऊर्जा के क्षेत्र में क्रांति लाने के उद्देश्य से दो नई पहल शुरू की है। -‘विश्व सौर बैंक’ और ‘एक सूर्य, एक विश्व, एक ग्रिड’

18.कृषि और खाद्य प्रबंधन

  • भारत के कृषि (और सहायक कार्य) क्षेत्र में कोविड-19 के कारण हुए लॉकडाउन जैसी प्रतिकूल परिस्थितियों के बीच लचीलापन देखने को मिला, जहां 2020-21 के दौरान स्थिर मूल्यों पर वृद्धि देखने को मिली। -3.4 प्रतिशत की (पहला अग्रिम अनुमान)
  • देश के सकल मूल्य वर्धन (जीवीए) में कृषि और सहायक क्षेत्रों की हिस्सेदारी वर्ष 2019-20 के लिए स्थिर मूल्यों पर कितने प्रतिशत रही (राष्ट्रीय आय के सीएसओ-अनंतिम अनुमान 29 मई, 2020) ? -17.8 प्रतिशत
  • चौथे अग्रिम अनुमानों के अनुसार कृषि वर्ष 2019-20 में देश में कुल खाद्यान्न उत्पादन 296.95 मिलियन टन रहा, जो 2018-19 से कितने मिलियन टन अधिक है? -11.44 मिलियन टन
  • फरवरी 2020 की बजट घोषणा के बाद प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) प्रदान करने के लिए दुग्ध सहाकारिता और दुग्ध उत्पादन कंपनियों के कितने डेयरी किसानों को लक्षित किया गया? -1.5 करोड़
  • जनवरी 2021 के मध्य तक मछुआरों और मत्स्य पालकों को कितने किसान क्रेडिट कार्ड जारी किये गये? -44,673
  • प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में वर्ष-दर-वर्ष 5.5 करोड़ किसानों के आवेदनों को शामिल किया गया है। 12 जनवरी, 2021 तक कितनी राशि के दावों का भुगतान किया गया? -90,000 करोड़ रुपये
  • वर्ष 2019-20 के दौरान मत्स्य उत्पादन पहुंच गया। -सबसे अधिक 14.16 मिलियन मीट्रिक टन तक
  • खाद्य प्रसंस्करण उद्योग (एफपीआई) क्षेत्र करीब इतने प्रतिशत औसत वार्षिक वृद्धि दर (एएजीआर) पर बढ़ रहा है। -- 9.99%
  • प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत एनएफएसए अधिदेश की जरूरत से ऊपर नवम्बर 2020 तक इतने लाभार्थियों को मुफ्त अनाज प्रदान किया गया। -80.96 करोड़ लाभार्थियों

19. उद्योग और बुनियादी ढांचा

  • औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) और 8 प्रमुख सूचकांक के विभिन्न उपघटकों में कोविड संकटपूर्व स्तरों की तरफ सतत संचालन से। - ‘वी’ आकार का सुधार हुआ (V-shaped recovery)
  • भारत की जीडीपी के कितने प्रतिशत प्रोत्साहन पैकेज के साथ ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ घोषित किया गया? -15 प्रतिशत
  • ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (ईओडीबी) 2020 रिपोर्ट में वर्ष 2019 के लिए सूचकांक में भारत की रैंक ऊपर उठकर 63वें स्थान पर आ गई, जो 2018 में डूइंग बिजनेस रिपोर्ट के अनुसार था। -77वें स्थान पर

20.सेवा क्षेत्र

  • भारत का सेवा क्षेत्र कोविड-19 महामारी के बाद लागू लॉकडाउन के दौरान वित्त वर्ष 2020-21 की पहली छमाही के दौरान करीब 16 प्रतिशत तक संकुचित रहा, ऐसा हुआ। -इसकी संपर्क -गहन प्रकृति (contact-intensive nature) के कारण
  • इन प्रमुख संकेतकों में लॉकडाउन के दौरान भारी गिरावट के बाद तेजी देखने को मिली। -- सेवा खरीद प्रबंधक सूचकांक, रेल माल यातायात और बंदरगाह यातायात
  • वैश्विक स्तर पर बाधाओं के बावजूद भारत के सेवा क्षेत्र में एफडीआई अंतर्वाह अप्रैल-सितम्बर 2020 के दौरान वर्ष दर वर्ष तेजी से बढ़कर 34 प्रतिशत हो गया, जिसके परिणाम स्वरूप यह पहुँच गया। -- 23.6 बिलियन डॉलर
  • सेवा क्षेत्र, भारत के जीवीए का 54 प्रतिशत से अधिक है और सेवा क्षेत्र भारत में एफडीआई के कुल अंतर्वाह का कितना हिस्सा है? -- चार-पांचवां (four- Fifth)
  • सेवा क्षेत्र का कुल निर्यात में हिस्सा है। -48 प्रतिशत (जो हाल के वर्षों में वस्तुओं के निर्यात से अधिक है)
  • बंदरगाहों में जहाजों के आगमन और उनके रवाना होने का समय 2010-11 में 4.67 दिन था, जो 2019-20 में घटकर हो गया। -2.62 दिन
  • कोविड-19 महामारी के बीच भारतीय स्टार्ट-अप इकोसिस्टम अच्छी प्रगति कर रहा है, पिछले वर्ष इस सूची में 12 स्टार्ट-अप जुड़े हैं। नैस्कॉम टेक स्टार्ट-अप रिपोर्ट 2021 के अनुसार फिलहाल देश में कितने यूनिकॉर्न दर्जे वाले स्टार्ट-अप हैं? – 38
  • भारत का अंतरिक्ष क्षेत्र पिछले छ: दशकों में काफी तेजी से आगे बढ़ा है। वर्ष 2019-20 में अंतरिक्ष कार्यक्रम पर खर्च किए गए। -लगभग 1.8 बिलियन डॉलर

21. सामाजिक बुनियादी ढांचा, रोजगार और मानव विकास

  • जीडीपी के प्रतिशत के रूप में सामाजिक क्षेत्र का मिला-जुला (केन्द्र और राज्यों) खर्च पिछले वर्ष की तुलना में 2020-21 में। -बढ़ा है
  • भारत का प्रति व्यक्ति जीएनआई (2017 पीपीपी डॉलर) 2018 के 6,427 डॉलर के मुकाबले 2019 में बढ़कर हो गया। -6,681 डॉलर
  • जन्म के समय जीवन प्रत्याशा 2018 के 69.4 वर्ष से बढ़कर 2019 में हो गई। -69.7 वर्ष
  • महामारी के दौरान ऑनलाइन अध्ययन और रिमोट वर्किंग के कारण बढ़ गया। -डेटा नेटवर्क, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों जैसे कम्प्यूटर, लैपटॉप, स्मार्ट फोन आदि तक पहुंच का महत्व
  • जनवरी 2019 - मार्च 2020 (पीएलएफएस के तिमाही सर्वेक्षण) की अवधि के दौरान शहरी क्षेत्र में कार्यबल का अधिकतर हिस्सा कार्यरत था। -नियमित मजदूरी/वेतन के रूप में
  • इस कार्यक्रम के तहत वृद्धों, विधवाओं और दिव्यांग लाभाथियों को मार्च 2020 में घोषित प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज के अंतर्गत 1000 रुपये तक का नकद हस्तांतरण किया गया। -- राष्ट्रीय सुरक्षा सहायता कार्यक्रम
  • प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत महिला लाभार्थियों के बैंक खातों में तीन महीने तक 500 रुपये की राशि का सीधे हस्तांतरण किया गया, जिसके लिए धनराशि खर्च की गई। -कुल 20.64 करोड़ रुपये
  • 63 लाख महिला स्व-सहायता समूहों के लिए कोलेटरल मुक्त ऋण की सीमा 10 लाख रुपये से बढ़ाकर कर दी गई। -20 लाख रुपये
  • महात्मा गांधी नरेगा (MGNREGA) के अंतर्गत मजदूरी कब से 182 रुपये से बढ़ाकर 202 रुपये कर दी गई? -1 अप्रैल, 2020 से

22.देश की कोविड-19के खिलाफ लड़ाई

  • देश ने आत्मनिर्भरता हासिल की। -आवश्यक दवाओं,हैंड सेनिटाइजर, मास्क,पीपीई किट, वेंटिलेटरों,कोविड-19 जांच और इलाज सुविधाओं सहित रक्षात्मक उपकरणों में
  • देश में निर्मित दो टीकों के जरिए दुनिया के सबसे बड़े कोविड-19 टीकाकरण कार्यक्रम की शुरुआत की गई। -16 जनवरी, 2021 को

पीआईबी न्यूज आर्थिक

केंद्रीय बजट 2021-22 (भाग -1)


केन्द्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी, 2021 को संसद में केंद्रीय बजट 2021-22 पेश किया।

यह पहला डिजिटल केन्द्रीय बजट 6 स्तंभों पर आधारित है।

  1. स्वास्थ्य और कल्याण
  2. वास्तविक और वित्तीय पूंजी एवं अवसंरचना
  3. आकांक्षी भारत के लिए समावेशी विकास
  4. मानव पूंजी का पुनः शक्तिवर्धन
  5. नवोन्मेष और अनुसंधान एवं विकास
  6. न्यूनतम सरकार और अधिकतम शासन

1. स्वास्थ्य और कल्याण

  • बजट में वित्त वर्ष 2021-22 में स्वास्थ्य और कल्याण के लिए 2,23,846 करोड़ रुपये का परिव्यय रखा गया है, जबकि 2020-21 में यह 94,452 करोड़ रुपये था। यह कितनी वृद्धि को दर्शाता है? -- 137 प्रतिशत
  • स्वास्थ्य के प्रति समग्र दृष्टिकोण अपनाते हुए तीन क्षेत्रों को मजबूत करने पर ध्यान केन्द्रित। – निवारक, उपचारात्मक, सुधारात्मक और कल्याण(Preventive, Curative, and Wellbeing)

टीका:

  • वर्ष 2021-22 में कोविड-19 टीके के लिए प्रदान किए गए। -- 35,000 करोड़ रुपये
  • यह वैक्सीन वर्तमान में पांच राज्यों के साथ देश भर में आ जाएगी, जिससे हर वर्ष 50,000 बच्चों की मौतों को रोका जा सकेगा। -- मेड इन इंडिया न्यूमोकोकल वैक्सीन

स्वास्थ्य प्रणालियां:

  • 6 वर्ष में 64,180 करोड़ रुपये परिव्यय के साथ (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अतिरिक्त) एक नई केन्द्र प्रायोजित योजना शुरू की जाएगी। -- प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना
  • प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना के अंतर्गत मुख्य पहल हैं। -- एक स्वास्थ्य के लिए राष्ट्रीय संस्थान (National Institution for One Health); 17,788 ग्रामीण और 11,024 शहरी स्वास्थ्य और कल्याण केन्द्र; वायरोलॉजी के लिए 4 क्षेत्रीय राष्ट्रीय संस्थान; 15 स्वास्थ्य आपात ऑपरेशन केन्द्र और 2 मोबाइल अस्पताल; तथा सभी जिलों में एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाएं और 11 राज्यों में 33,82ब्लॉक सार्वजनिक स्वास्थ्य इकाइयां
  • प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना के अंतर्गत अन्य मुख्य पहल हैं। -- 602 जिलों और 12 केन्द्रीय संस्थानों में क्रिटिकल केयर अस्पताल ब्लॉक स्थापित करना; राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केन्द्र (एनसीडीसी) की पांच क्षेत्रीय शाखाओं और 20 महानगर स्वास्थ्य निगरानी इकाइयों को सुदृढ़ करना; एकीकृत स्वास्थ्य सूचना पोर्टल का सभी राज्यों/संघ शासित प्रदेशों में विस्तार; 17 नई सार्वजनिक स्वास्थ्य इकाइयों को चालू करना और 33 मौजूदा सार्वजनिक स्वास्थ्य इकाइयों को मजबूत करना; विश्व स्वास्थ्य संगठन दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्र के लिए क्षेत्रीय अनुसंधान प्लेटफॉर्म तथा 9 जैव सुरक्षा लेवल III प्रयोशालाएं

पोषण:

  • मिशन पोषण 2.0 का शुभारंभ होगा, जिसके तहत। -पोषणगत मात्रा, डिलीवरी, आउटरीच तथा परिणाम को सुदृढ़ बनाने हेतु संपूरक पोषण कार्यक्रम और पोषण अभियान का विलय किया जाएगा; तथा 112 आकांक्षी जिलों में पोषणगत परिणामों में सुधार लाने के लिए एक सुदृढ़ीकृत कार्यनीति अपनाई जाएगी

जल आपूर्ति का सर्वव्यापी कवरेज:

  • 2.86 करोड़ परिवारों को नल कनेक्शन, सभी 4,378 शहरी स्थानीय निकायों में सर्व सुलभ जल आपूर्ति तथा 500 अमृत शहरों में तरल कचरा प्रबंधन के उद्देश्य से पांच वर्ष में 2,87,000 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ इस कार्यक्रम का कार्यान्वयन किया जायेगा। -जल जीवन मिशन (शहरी)

स्वच्छ भारत स्वस्थ भारत:

  • शहरी स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के लिए पांच वर्ष की अवधि के लिए कुल वित्तीय आवंटन। -- 1,41,678 करोड़ रुपये
  • स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के अंतर्गत मुख्य उद्देश्य। -- पूर्ण मल-मूत्र प्रबंधन और अपशिष्ट जल शोधन; कचरे के स्रोत पर पृथक्करण; एकल उपयोग प्लास्टिक में कमी लाना; निर्माण और विध्वंस के कार्याकलापों के कचरे का प्रभावी रूप से प्रबंध करके वायु प्रदूषण में कमी लाना तथा सभी पुराने डम्प साइटों के बायो उपचार पर ध्यान केन्द्रित करना

वायु प्रदूषण:

  • वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए 10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले 42 शहरी केन्द्रों के लिए इतनी राशि मुहैया करने का प्रस्ताव। -2,217 करोड़ रुपये

स्क्रैपिंग नीति:

  • पुराने और अनुपयुक्त वाहनों को हटाने के लिए इस नीति की घोषणा। -स्वैच्छिक वाहन स्क्रैपिंग नीति
  • इसमें स्वचालित फिटनेस सेंटर में फिटनेस जांच करनी होगी। -- निजी वाहनों के मामले में 20 वर्ष के बाद तथा वाणिज्यिक वाहनों के मामलें में 15 वर्ष बाद

2. वास्तविक और वित्तीय पूंजी एवं अवसंरचना

उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना (पीएलआई):

  • 13 क्षेत्रों में पीएलआई योजना के लिए अगले पांच वर्षों में 1.97 लाख करोड़ रुपये की व्यवस्था, जिसका उद्देश्य होगा। -- आत्मनिर्भर भारत के लिए विनिर्माण वैश्विक चैंपियन बनाना, विनिर्माण कंपनियों के लिए वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं का एक अभिन्न अंग बनने के लिए सक्षमता और अत्याधुनिकी प्रौद्योगिकी रखने की आवश्यकतातथा युवाओं को नौकरियां प्रदान करना

कपड़ा:

  • कपड़ा उद्योग को वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी बनाने, बड़े निवेश आकर्षित करने तथा रोजगार सृजन को तेज करने के लिए पीएलआई योजना के अतिरिक्त यह योजना लॉन्च की जाएगी।-मेगा निवेश टेक्सटाइल पार्क (मित्र)
  • तीन वर्ष की अवधि में स्थापित किए जाएंगे। -- 7 टेक्सटाइल पार्क

अवसंरचना:

  • राष्ट्रीय अवसंरचना पाइपलाइन (एनआईपी)का विस्तार करके इसमें इतनी परियोजनाओं को शामिल कर दिया गया है। - 7400 परियोजनाओं
  • 1.10 लाख करोड़ रुपये की करीब इतनी परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं। - 217 परियोजनाएं
  • एनआईपी के लिए वित्त पोषण में वृद्धि के लिए तीन तरीकों के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। -संस्थागत संरचनाएं सृजित करके, आस्तियों के मुद्रीकरण (monetizing assets) पर जोर देकर तथा केन्द्रीय तथा राज्य बजटों में पूंजीगत व्यय के हिस्सों में बढ़ोतरी करके

संस्थागत बुनियादी ढांचे का गठन : अवसंरचना वित्त पोषण

  • बुनियादी ढांचा वित्त पोषण के लिए प्रदाता और उत्प्रेरक के रूप में कार्य करने हेतु इस संस्थान की स्थापना तथा पूंजीकरण के लिए 20,000 करोड़ रुपये की धनराशि मुहैया कराई गई है। -- विकास वित्तीय संस्थान (डीएफआई)
  • कितने वर्षों में डीएफआई के अंतर्गत कम-से-कम 5 लाख करोड़ रुपये के उधारी पोर्टफोलियो प्रस्तावित हैं? -तीन वर्षों में

परिसम्पत्ति मुद्रीकरण पर जोर:

  • राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन (National Monetization Pipeline) की शुरुआत की जाएगी महत्वपूर्ण परिसम्पत्ति मुद्रीकरण उपाय हैं। - 5,000 करोड़ रुपये के अनुमानित उद्यम मूल्य के साथ पांच परिचालित टोल सड़कें एनएचएआई आईएनवीआईटी (NHAIInvIT) को हस्तांतरित की जा रही है; 7,000 करोड़ रुपये मूल्य की ट्रांसमिशन परिसम्पत्तियां पीजीसीआईएलआईएनवीआईटी (PGCILInvIT) को हस्तांतरिक की जाएंगी; रेलवे समर्पित भाड़ा कॉरिडोर की परिसम्पत्तियों को चालू होने के बाद प्रचालन और रखरखाव के लिए मुद्रीकृत करेगा तथा विमान पत्तनों को प्रचालनों और प्रबंधन रियायत के लिए मुद्रीकृत किया जाएगा।
  • अन्य प्रमुख बुनियादी ढांचा परिसम्पत्तियों के ‘परिसम्पत्ति मुद्रीकरण कार्यक्रम’ के तहत शुरू किया जाएगा। -गेल, आईओसीएल और एचपीसीएल की तेल और गैस पाइपलाइनें; टियर II और III शहरों में एएआई विमानपत्तन; अन्य रेलवे बुनियादी ढांचा परिसम्पत्तियां; केन्द्रीय वेयरहाउसिंग निगम और नैफेड जैसे सीपीएसई की वेयरहाउसिंग परिसम्पत्तियां तथा खेल स्टेडियम

पूंजीगत बजट में तीव्र वृद्धि:

  • वर्ष 2021-22 के लिए पूंजीगत व्यय में तेज वृद्धि कर 5.54 लाख करोड़ रुपये प्रदान किए गए हैं, जो 2020-21 में आवंटित 4.12 लाख करोड़ रुपये से कितना अधिक है? -- 34.5 प्रतिशत
  • राज्यों और स्वायत्तशासी संगठनों को उनके पूंजीगत व्यय के लिए कितनी राशि प्रदान की जाएगी? -- 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक की
  • पूंजीगत व्यय की अच्छी प्रगति को देखते हुए परियोजनाओं/कार्यक्रमों/विभागों के लिए प्रदान किए जाने वाले आर्थिक कार्य विभाग के बजट में इतनी राशि रखी गई है। -- 44,000 करोड़ रुपये से अधिक की

सड़क एवं राजमार्ग अवसंरचना:

  • सड़क एवं राजमार्ग मंत्रालय को 1,81,101 लाख करोड़ रूपये का अब तक का सर्वाधिक आवंटन, जिसमें से पूंजी जुटाने के लिए हैं। -- 1,08,230 करोड़ रूपये
  • 5.35 लाख करोड़ रूपये की भारतमाला परियोजना के तहत 3.3 लाख करोड़ रूपये की लागत से इतने किमी. लंबी सड़कों का निर्माण शुरू। -- 13,000 किमी.
  • 8,500 किलोमीटर लम्बी सड़कें और बनाई जायेंगी। -मार्च, 2022 तक
  • इतने किलोमीटर के राष्ट्रीय राजमार्ग गलियारे भी मार्च, 2022 तक पूरे कर लिए जाएंगे। - 11,000 किमी.
  • तमिलनाडु में कितने करोड़ रूपये के निवेश से 3,500 किलोमीटर लम्बे राष्ट्रीय राजमार्ग बनाने का कार्य किया जाएगा? - 1.03 लाख करोड़ रुपये
  • अन्य राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण प्रस्तावित है। -केरल में 65,000 करोड़ रुपये के निवेश से 1,100 किलोमीटर; पश्चिम बंगाल में 25,000 करोड़ रुपये लागत का 675 किलोमीटर तथा असम में 19,000 करोड़ रुपये लागत का राष्ट्रीय राजमार्ग कार्य इस समय जारी है तथा अगले तीन वर्षों में 34,000 करोड़ रुपये लागत का 1,300 किलोमीटर लम्बा राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण कार्य
  • चार लेन और छ: लेन के सभी नए राजमार्गों में उन्नत यातायात प्रबंधन प्रणाली स्थापित की जाएगी। -स्पीड रडार, परिवर्तनशील संदेश साइनबोर्ड तथा जीपीएस सक्षम रिकवरी वाहन

रेलवे अवसंरचना:

  • रेलवे के लिए 1,10,055 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की गई है, जिसमें से पूंजीगत व्यय के लिए हैं। - 1,07,100 करोड़ रुपये
  • 2030 तक भविष्य के लिए तैयार रेल व्यवस्था बनाने के लिए। -भारत के लिए राष्ट्रीय रेल योजना (2030)
  • ब्रॉड-गेज मार्गों पर शत-प्रतिशत विद्युतीकरण पूरा किया जायेगा। -दिसम्बर 2023 तक
  • पश्चिमी समर्पित भाड़ा कॉरिडोर (डीएफसी) और पूर्वी डीएफसी को चालू किया जायेगा। -जून 2022 तक
  • अतिरिक्त पहल प्रस्तावित हैं। -2021-22 में पूर्वी डीएफसी का सोननगर – गोमो खण्ड (263.7 किमी) पीपीपी मोड में शुरू किया जाना
  • भावी समर्पित भाड़ा कॉरिडोर परियोजनाएं। – खड़गपुर से विजयवाड़ा तक पूर्वी तट कॉरिडोर, भुसावल से खडगपुर से दानकुनी तक पूर्वी-पश्चिमी कॉरिडोर तथा इटारसी से विजयवाड़ा तक उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर
  • यात्रियों की सुगमता और सुरक्षा के प्रस्तावित उपाय। -विस्टाडोम एलएचबी कोच का आरंभ, भारतीय रेलवे के अधिक उपयोग किए जाने वाले नेटवर्क रूटों पर मानवीय त्रुटि के कारण ट्रेनों के टकराने जैसी दुर्घटनाओं को समाप्त करने हेतु स्वचालित ट्रेन संरक्षण प्रणाली प्रदान करना

शहरी अवसंरचना:

  • सार्वजनिक बस परिवहन सेवाओं का विस्तार करने के लिए इतने करोड़ रूपये की लागत से एक नई योजना शुरू की जाएगी। -- 18,000 करोड़ रुपये
  • देश में इस समय करीब 702 किलोमीटर पारम्परिक मेट्रो ट्रेनें चल रही हैं; और 27 शहरों में निर्माण किया जा रहा है। - 1,016 किलोमीटर लम्बी मेट्रो तथा आरआरटीएस लाइनों का
  • टियर-2 शहरों और टियर-1 शहरों के आसपास के इलाकों में कम लागत में समान अनुभव, सुविधा और सुरक्षा से युक्त मेट्रो रेल प्रणालियां उपलब्ध कराने के लिए दो नई तकनीक लागू की जाएंगी। -‘मेट्रोलाइट’(MetroLite) और ‘मेट्रोनियो’ (MetroNeo)

विद्युत अवसंरचना:

  • पिछले 6 सालों में स्थापित क्षमता में 139 गीगा वाट्स का इजाफा किया गया है और 1.41 लाख किलोमीटर ट्रांसमिशन लाइनें जोड़ी गई हैं, तथा इतने कनेक्शन दिये गये हैं। -2.8 करोड़ अतिरिक्त घरों में
  • आने वाले 5 वर्षों में इतने परिव्यय से एक ‘परिष्कृत और सुधार आधारित तथा परिणाम संबद्ध विद्युत वितरण क्षेत्र योजना’ शुरू की जायेगी। - 3,05,984 करोड़ रुपये
  • 2021-22 में शुरू किया जायेगा। -एक वृहद हाइड्रोजन एनर्जी मिशन

पत्तन, नौवहन, जलमार्ग:

  • वित्त वर्ष 2021-22 में बड़े-बड़े पत्तनों पर सरकारी और निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत प्रमुख पत्तनों द्वारा 7 परियोजनाएं प्रस्तावित की जाएंगी जिनकी लागत होगी। - 2,000 करोड़ रुपये
  • आने वाले 5 वर्षों में भारतीय नौवहन कंपनियों को मंत्रालयों और सीपीएसई के वैश्विक टेंडरों में सब्सिडी प्रदान की जायेगी। - 1624 करोड़ रुपये की
  • 2024 तक रिसाइंकिलिंग (पुनर्चक्रण) की मौजूदा क्षमता को मौजूदा 4.5 मिलियन लाइट डिस्प्लेसमेंट टन (एलडीटी) से बढ़ाकर कर दिया जायेगा। -दोगुना

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस:

  • इस योजना का विस्तार कर इसमें 1 करोड़ और लाभार्थियों को शामिल किया जायेगा। -उज्ज्वला योजना
  • अगले तीन वर्ष में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क से जोड़ा जायेगा। - 100 अन्य जिलों को
  • एक नई गैस पाइप लाइन परियोजना शुरू की जायेगी। -जम्मू-कश्मीर में
  • बिना किसी भेदभाव के खुली पहुंच के आधार पर सभी प्राकृतिक गैस पाइप लाइनों की सामान्य वाहक क्षमता (common carrier capacity) की बुकिंग में सुविधा प्रदान करने हेतु गठन किया जायेगा। -एक स्वतंत्र गैस ट्रांसपोर्ट सिस्टम ऑपरेटर का

वित्तीय पूंजी:

  • सेबी अधिनियम 1992, डिपॉजिटरीज अधिनियम 1996, प्रतिभूति अनुबंध (विनियमन) अधिनियम1956 और सरकारी प्रतिभूति अधिनियम 2007 के प्रावधानों को समेकित करने का प्रस्ताव किया है । -- एकल प्रतिभूति बाजार संहिता में
  • सरकार जीआईएफटी – आईएफएससी (GIFT-IFSC) में इसे विकसित करने के लिए समर्थन देगी। -एक विश्वस्तरीय फिनटेक हब
  • सोने के विनिमय को विनियमित करने के लिए एक व्यवस्था स्थापित की जायेगी। इस उद्देश्य के लिए। -सेबी को एक विनियामक के रूप में अधिसूचित किया जाएगा तथा वेयर हाउसिंग डेवलपमेंट एंड रेगुलेट्री अथारिटी को मजबूत बनाया जायेगा
  • निवेशकों को संरक्षण देने के लिए लागू किया जायेगा। -इन्वेस्टर चार्टर (investor charter)
  • गैर परंपरागत ऊर्जा क्षेत्र को और अधिक बढ़ावा देने के लिए भारतीय सौर ऊर्जा निगम में और भारतीय नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी में क्रमशः कितनी अतिरिक्त पूंजी लगाई जायेगी? - 1,000 करोड़ रुपये और 1,500 करोड़ रुपये

बीमा क्षेत्र में एफडीआई बढ़ाना:

  • बीमा कंपनियों में स्वीकार्य एफडीआई सीमा को 49 प्रतिशत से बढ़ाकर इतना करने का प्रस्ताव किया गया है। - 74 प्रतिशत

तनावग्रस्त परिसंपत्ति का समाधान, पीएसबी का पुन: पूंजीकरण तथा जमा बीमा:

  • तनावग्रस्त परिसंपत्ति के समाधान हेतु गठन किया जायेगा। -एक असेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड और असेट मैनेजमेंट कंपनी का
  • सार्वजनिक क्षेत्रों (पीएसबी) की वित्तीय क्षमता को और अधिक समेकित करने के लिए 2021-22 में अतिरिक्त पुन: पूंजीकरण किया जायेगा। -20,000 करोड़ रुपये का
  • उन एनबीएफसी के लिए जिसकी न्यूनतम परिसंपत्ति 100 करोड़ रुपये तक की हो सकती है, सिक्यूरीटाइजेशन एंड रिकंस्ट्रक्शन ऑफ फाइनेंशियल असेट्स एंड इनफोर्समेंट ऑफ सिक्यूरिटी इंटरेस्ट (SARFAESI) कानून, 2002 के तहत ऋण वसूली के लिए न्यूनतम ऋण सीमा को 50 लाख रुपये के मौजूदा स्तर से कम करके किया जायेगा। - 20 लाख रुपये

कंपनी मामले:

  • लिमिटेड लाइबिलिटी पार्टनरशिप (एलएलपी) कानून 2008 को बनाया जायेगा। -- अपराध मुक्त
  • कंपनी अधिनियम 2013 के तहत लघु कंपनियों की परिभाषा में संशोधन किया जायेगा, जिसके तहत। -प्रदत्त पूंजी के लिए उनकी न्यूनतम सीमा 50 लाख रुपये से अधिक नहीं होने के स्थान पर 2 करोड़ रुपये से अधिक नहीं होना तथा कारोबार की न्यूनतम सीमा 2 करोड़ रुपये से अधिक नहीं होने के स्थान पर 20 करोड़ रुपये से अधिक नहीं होना तय किया जायेगा

विनिवेश एवं रणनीतिक बिक्री:

  • बजट अनुमान 2020-21 में विनिवेश से अनुमानित प्राप्तियां। -1,75,000 करोड़ रुपये की
  • बीपीसीएल, एयर इंडिया, शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, कंटेनर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, आईडीबीआई बैंक, बीईएमल, पवन हंस, नीलांचल इस्पात निगम लिमिटेड आदि का रणनीतिक विनिवेश पूरा हो जाएगा। - 2021-22 में
  • 2021-22 में आईपीओ लाया जायेगा। -एलआईसी का
  • रणनीतिक विनिवेश के लिए नई नीति को मंजूरी दी गई, 4 रणनीतिक क्षेत्रों के अलावा सीपीएसई का निजीकरण किया जायेगा; रणनीतिक विनिवेश के लिए सीपीएसई की नई सूची पर कौन काम करेगा? -नीति आयोग

3.आकांक्षी भारत के लिए समावेशी विकास

कृषि:

  • गेहूं के मामले में, 2020-21 में किसानों को भुगतान किया गया। -75,060 करोड़ रुपये का
  • धान के लिए, वर्ष 2020-21 में भुगतान किया गया। -1,72,752 करोड़ रुपये का
  • इसी तरह, दालों के मामले में वर्ष 2020-21 में भुगतान किया गया। -10,530 करोड़ रुपये
  • स्वामित्व योजना का सभी राज्यों/ केंद्र-शासित प्रदेशों में विस्तार किया जाएगा। 1241 गांवों में कार्ड पहले ही उपलब्ध कराए जा चुके हैं। -1.80 लाख संपत्ति मालिकों को
  • वित्तीय वर्ष 2022 में कृषि क्रेडिट लक्ष्य बढ़ाकर कर दिया गया है। - 16.5 लाख करोड़ रुपये
  • ग्रामीण अवसंरचना विकास कोष को 30 हजार करोड़ से बढ़ाकर किया जाएगा। - 40 हजार करोड़ रुपये
  • नाबार्ड के अंतर्गत 5,000 करोड़ रुपये के कोष के साथ बनाए सूक्ष्म सिंचाई कोष को दोगुना कर किया गया है।- 10 हजार करोड़ रुपये
  • कृषि और सहायक उत्पादों में मूल्य संवर्धन व उनके निर्यात को प्रोत्साहन देने के लिए की गई एक अहम घोषणा के तहत, ‘ऑपरेशन ग्रीन योजना’ के दायरे में अब जल्दी खराब होने वाले कितने उत्पाद शामिल किए जाएंगे? - 22

मछली पालन:

  • आधुनिक मछली बंदरगाहों और मछली उतारने वाले केंद्रों के विकास के लिए निवेश का प्रस्ताव तथा इन पांच प्रमुख मछली बंदरगाहों को आर्थिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। -कोच्चि, चेन्नई, विशाखापट्टनम, पारादीप और पेटुआघाट
  • सीवीड (Seaweed) उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए कहाँ बहुउद्देशीय सीवीड पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव किया गया है? -तमिलनाडु

प्रवासी कामगार और मजदूर:

  • वन नेशन, वन राशन कार्ड योजना लागू होने से अब तक 32 राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों में लाभार्थियों को शामिल किया गया है। - 86 प्रतिशत
  • सभी श्रेणी के मजदूरों के लिए न्यूनतम मजदूरी की व्यवस्था लागू होगी और उनको लाया जाएगा। -कर्मचारी राज्य बीमा निगम के अंतर्गत
  • किसे सभी श्रेणियों में काम करने की इजाजत होगी, जिसमें वह रात्रि पाली में भी काम कर सकेंगी और उन्हें पूरी सुरक्षा प्रदान की जाएगी? -महिला कामगारों को

वित्तीय समावेशन:

  • अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिलाओं के लिए चलाई गई ‘स्टैंडअप इंडिया योजना’ के तहत नकदी प्रवाह सहायता को आगे बढ़ाने की घोषणा की है। मार्जिन मनी को 25 प्रतिशत से घटाकर किया गया है। - 15 प्रतिशत
  • एमएसएमई क्षेत्र के लिए बजट में व्यवस्था की गई है। -- 15700 करोड़ रुपये की

4. मानव पूंजी का पुनः शक्तिवर्धन

विद्यालय शिक्षा:

  • इतने विद्यालयों में गुणवत्ता की दृष्टि से सुधार किया जाएगा, ताकि वहां राष्ट्रीय शिक्षा नीति के सभी घटकों का अऩुपालन हो सके। -- 15,000
  • गैर-सरकारी संगठनों / निजी स्कूलों / राज्यों के साथ भागीदारी में स्थापित किए जाएंगे। --100 नए सैनिक स्कूल

उच्चतर शिक्षा:

  • भारतीय उच्चतर शिक्षा आयोग गठित करने को लेकर इस वर्ष विधान पेश किया जाएगा। यह एक छत्रक निकाय होगा, जिसमें चार अलग-अलग घटक होंगे। -- मानक-स्थापना, मान्यता, विनियमन और वित्त पोषण के लिए
  • लद्दाख में उच्च शिक्षा तक पहुंच बनाने के लिए केन्द्रीय विश्व विद्यालय की स्थापना की जाएगी। -- लेह में

अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण:

  • जनजातीय क्षेत्रों में स्थापना करने का लक्ष्य है। -- 750 एकलव्य मॉडल आवासीय स्कूल
  • अनुसूचित जाति के कल्याण के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना पुनः प्रारंभ की गई, 2025-2026 तक 6 वर्षों के लिए कितनी केन्द्रीय सहायता की वृद्धि की गई? -- 35,219 करोड़ रुपये

कौशल:

  • अभियांत्रिकी में स्नातकों और डिप्लोमा धारकों की शिक्षा-उपरांत अप्रैन्टिसशिप, प्रशिक्षण की दिशा में मौजूदा राष्ट्रीय अप्रैन्टिसशिप प्रशिक्षण योजना (एनएटीएस) के पुनर्सृजन के लिए प्रस्तावित। --3,000 करोड़ रूपए
  • कौशल में अन्य देशों के साथ साझेदारी की पहलों को आगे बढ़ाया जाएगा। जिस तरह की साझेदारी की गई है। -- संयुक्त अरब अमीरात के साथ कौशल योग्यता, मूल्यांकन, प्रमाणीकरण और प्रमाणित श्रमिकों की तैनाती तथा जापान के साथ कौशल, तकनीक और ज्ञान के हस्तांतरण के लिए सहयोगपूर्ण अंतर-प्रशिक्षण कार्यक्रम

5.नवोन्मेष और अनुसंधान एवं विकास

  • राष्ट्रीय अनुसंधान प्रतिष्ठान (NRF) के लिए जुलाई 2019 में एक कार्य-प्रणाली तैयार की गई थी। पाँच वर्ष में NRF के लिए परिव्यय होगा। - 50,000 करोड़ रुपये
  • भुगतान के डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने की प्रस्तावित योजना के लिए प्रावधान। - 15,00 करोड़ रुपये
  • प्रमुख भारतीय भाषाओं में शासन और नीति से संबंधित ज्ञान को उपलब्ध कराने के लिए सरकार इस नई पहल की शुरुआत करेगी। - राष्ट्रीय भाषा अनुवाद मिशन
  • न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड द्वारा ‘पीएसएलवी-सीएस51’ को छोड़ा जाएगा, जो अपने साथ ले जाएगा। -ब्राजील के अमेजोनिया उपग्रह और कुछ भारतीय उपग्रहों को
  • गगनयान मिशन गतिविधियों के तहत। - 4 भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को रूस में जैनरिक स्पेस फ्लाइट के बारे में प्रशिक्षित किया जा रहा है; पहला मानवरहित प्रक्षेपण दिसंबर 2021 में होगा
  • गहरे महासागर मिशन सर्वेक्षण अन्वेषण और गहरे महासागर की जैव विविधता के संरक्षण के लिए 5 वर्षों के लिए व्यवस्था की गई है। - 4,000 करोड़ रूपए की

6.न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन

  • 56 संबंद्ध स्वास्थ्य देखभाल व्यवसायों की पारदर्शिता और दक्षता पर नियंत्रण सुनिश्चित करने हेतु पहले ही प्रस्ताव किया जा चुका है। - राष्ट्रीय संबंद्ध स्वास्थ्य देखभाल व्यवसायी आयोग (National Commission for Allied Healthcare Professionals) का
  • नर्सिंग व्यवसाय में पारदर्शिता और प्रशासनिक सुधार के लिए प्रस्तुत किया गया। - राष्ट्रीय नर्सिंग और मिडवायफरी आयोग विधेयक
  • सीपीएसई के साथ अनुबंध विवाद के तुरंत निपटारे के लिए प्रस्तावित किया गया है। - विवाद निपटान तंत्र (Conciliation Mechanism)
  • भारत के इतिहास में पहली डिजिटल जनगणना के लिए आवंटन किया गया है। - 3768 करोड़ रुपये
  • पुर्तगाल से गोवा राज्य की स्वतंत्रता की हीरक जयंती समारोह मनाने के लिए गोवा सरकार को अनुदान। - 300 करोड़ रुपये
  • असम और पश्चिम बंगाल में चाय बगान कामगारों विशेष रूप से महिला और उनके बच्चों की कल्याण के लिए विशेष योजना के लिए आवंटन। - 1000 करोड़ रुपये

राजकोषीय स्थिति:

  • 2020-21 के लिए 30.42 लाख करोड़ रुपये के मूल बजट अनुमान व्यय की तुलना में संशोधित अनुमान व्यय आंका गया है। - 34.50 लाख करोड़ रुपये
  • 2020-21 में मूल बजट अनुमान पूंजीगत व्यय 4.12 लाख करोड़ रुपये की तुलना में संशोधित अनुमान में पूंजीगत व्यय है। - 4.39 लाख करोड़ रुपये
  • संशोधित अनुमान 2020-21 में राजकोषीय घाटा बढ़कर हो गया है। - सकल घरेलू उत्पाद का 9.5 प्रतिशत
  • 2021-22 के बजट अनुमान में अनुमानित व्यय 34.83 लाख करोड़ रुपये रखा गया है, इसमें पूंजीगत व्यय के लिए शामिल है। - 5.5 लाख करोड़ रुपये
  • 2021-22 के बजट अनुमान में राजकोषीय घाटा अनुमानित है। - सकल घरेलू उत्पाद का 6.8 प्रतिशत
  • 2025-26 तक राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद का 4.5 प्रतिशत तक करने के लिए योजना है। -राजकोषीय समेकन (fiscal consolidation) के मार्ग पर अग्रसर होने की
  • वित्त विधेयक के माध्यम से भारत की आकस्मिकता निधि को 500 करोड़ रुपये से बढ़ाकर किया गया। - 30,000 करोड़ रुपये

राज्यों की कुल उधारीः

  • 15वें वित्त आयोग की सिफारिश के अनुसार वर्ष 2021-22 के दौरान राज्यों को कुल उधारी प्राप्त करने की मंजूरी दी गई। - सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) का 4 प्रतिशत
  • 15वें वित्त आयोग की सिफारिश के अनुसार राज्यों का राजकोषीय घाटा जीएसडीपी का 3 प्रतिशत तक लाना है। - 2023-24 तक

15वां वित्त आयोगः

  • 2021-26 के लिए अंतिम रिपोर्ट राष्ट्रपति को सौंपी गई, जिसमें राज्यों का ऊर्ध्वमुखी हिस्सा (vertical shares) बरकरार रखा गया है। - 41 प्रतिशत पर
  • आयोग की सिफारिश के अनुसार वर्ष 2020-21 में 14 राज्यों को राजस्व घाटा अनुदान के रूप में 74,340 करोड़ रुपये की अपेक्षा 2021-22 में 17 राज्यों को दिए गए। - 1,18,452 करोड़ रुपये

पीआईबी न्यूज आर्थिक

केंद्रीय बजट 2021-22 (भाग -2)


1. कर प्रस्ताव

(i) प्रत्यक्ष कर

  • प्रत्यक्ष कर में उपलब्धियां। -कॉरपोरेट कर की दर कम कर विश्व में सबसे कम स्तर पर लाया गया, छोटे करदाताओं पर कर का भार कम करने के लिए छूट में वृद्धि की गई, 2014 में आयकर दाखिल करने वालों की संख्या 3.31 करोड़ से बढ़कर 2020 में 6.48 करोड़ हुई तथा ‘फेसलेस मूल्यांकन’ और ‘फेसलेस अपील’ की शुरुआत
  • बजट में 75 वर्ष की आयु और उससे अधिक के वरिष्ठ नागरिक, जिन्हें पेंशन और ब्याज सहित आय प्राप्त होती है, को आयकर दाखिल करने से राहत प्रदान की गई है। -भुगतान करने वाला बैंक उनकी आय से आवश्यक कर की कटौती करेगा।

विवादों को कम करना, समाधान आसानः

  • मामलों को दोबारा खोलने की समय सीमा घटाकर 6 वर्ष से की गई। - 3वर्ष
  • कर प्रवंचना (Tax evasion) के गंभीर मामलों में जहां एक वर्ष में 50 लाख या उससे अधिक की आय को छुपाने के सबूत मिलते हैं। ऐसे मामलों में प्रधान मुख्य आयुक्त के अनुमोदन के बाद संबंधित आकलन को दोबारा खोला जा सकता है। -10 साल तक
  • 50 लाख रुपये तक की कर योग्य आय और 10 लाख रुपये तक की विवादग्रस्त आय के लिए गठन किया जायेगा। -विवाद समाधान समिति
  • यह केंद्र स्थापित करने की घोषणा की गई। -राष्ट्रीय फेसलेस आयकर अपीलीय ट्रिब्यूनल केंद्र

डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा:

  • डिजिटल लेन-देन करने को प्रोत्साहन देने और 95 प्रतिशत लेन-देन डिजिटल माध्यम से करने वाले व्यक्ति/इकाई पर अनुपालन का भार कम करने के लिए बजट में कर लेखापरीक्षा की सीमा को 5 करोड़ रुपये से बढ़ाकर किया गया है। - 10 करोड़ रुपये तक

लाभांश पर राहतः

  • आरईआईटी/आईएनवीआईटी (REIT/ InvIT) के लाभांश भुगतान को। -टीडीएस मुक्त करने का प्रस्ताव
  • विदेशी पोर्टफोलियो वाले निवेशकों के लिए प्रस्तावित है। -बजट में कम संधि दर (lower treaty rate) पर लाभांश आय में कर कटौती का

बुनियादी ढांचे के लिए विदेशी को आकर्षित करनाः

  • बुनियादी ऋण निधि (Infrastructure Debt Funds) को धन अर्जित करने योग्य बनाना। -जीरो कूपन बॉन्ड जारी कर

सबके लिए मकान’ का समर्थनः

  • सस्ते घर खरीदने के लिए मिलने वाले ऋण के ब्याज में 1.5 लाख रुपये तक की छूट का प्रावधान बढ़ा दिया जाएगा। - 31 मार्च, 2022 तक
  • सस्ते घर की योजना के तहत कर छूट का दावा करने के लिए पात्रता की समय-सीमा एक वर्ष और बढ़ाकर की गई। - 31 मार्च, 2022 तक

छोटे ट्रस्ट को राहतः

  • छोटे चैरिटेबल ट्रस्ट, जो विद्यालय और अस्पताल चला रहे है, को वार्षिक प्राप्ति की छूट सीमा 1 करोड़ रुपये से बढ़ाकर की गई। - 5 करोड़ रुपये

श्रमिक कल्याणः

  • स्टार्ट-अप्स कम्पनी की कर में छूट के दावे की समयसीमा बढ़ाई गई। -एक वर्ष और
  • स्टार्ट-अप्स में निवेश के लिए पूंजीगत लाभ में छूट दी गई। - 31 मार्च, 2022 तक

(ii) अप्रत्यक्ष कर

वस्तु एवं सेवा करः

  • वस्तु एवं सेवा कर में आज तक किए गए उपाय। -एसएमएस के माध्यम से शून्य रिटर्न; छोटे करदाताओं के लिए मासिक और त्रैमासिक भुगतान; इलेक्ट्रॉनिक प्राप्ति प्रणाली; वैध इनपुट टैक्स विवरण; पहले से भरा हुआ परिवर्तन करने योग्य जीएसटी रिटर्न; रिटर्न फाइलिंग का शीघ्र निपटान; जीएसटीएन प्रणाली की क्षमता में वृद्धि तथा कर वंचकों की पहचान के लिए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और गहन विश्लेषण का उपयोग

सीमा शुल्क को व्यवहारिक बनानाः

  • सीमा-शुल्क नीति के दोहरे उद्देश्य हैं। -घरेलू विनिर्माताओं को प्रोत्साहन देना और भारत को वैश्विक स्तर पर अच्छे उत्पादों की शृंखला में शामिल करना तथा बेहतर निर्यात
  • 400 से अधिक पुरानी छूटों की समीक्षा कर संशोधित और बाधारहित सीमा शुल्क संरचना शुरू की जायेगी। - 1 अक्टूबर, 2021 से
  • नई सीमा शुल्क में छूट की वैधता बढ़ाई गई। -उसके जारी होने के दो वर्ष के बाद 31 मार्च तक

इलेक्ट्रॉनिक और मोबाइल फोन उद्योगः

  • चार्जर के भाग और मोबाइल के कुछ अन्य भागों से छूट समाप्त की गई, मोबाइल के कुछ पुर्जों पर शुल्क शून्य दर (Nil rate) से संशोधित कर किया गया है। - 2.5 % तक

लौह और अयस्क:

  • गैर अयस्क, अयस्क और स्टैनलेस स्टील के छोटे, चपटे और लंबे उत्पादों पर एक समान सीमा शुल्क घटाया गया। - 7.5%

टेक्सटाइल्स:

  • मूलभूत सीमा शुल्क (बीसीडी) को कैप्रोलैक्टम, नायलॉन चिप्स, नायलॉन फाइबर और धागों पर कम किया गया। -5% तक

नवीकरणीय ऊर्जा:

  • सोलर सेल और सौर पैनल के लिये अधिसूचित किया जायेगा। -चरणबद्ध विनिर्माण योजना
  • घरेलू निर्माण उद्योग को बढ़ावा देने के लिये सोलर इंवर्टर पर शुल्क 5% से 20% किया गया और सोलर लालटेन पर 5% से बढ़ाया गया। -- 15% तक

सूक्ष्म, लघु एवम् मध्यम उद्योग उत्पाद:

  • झींगा मछली के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिये सीमा शुल्क पहले के 5% से बढ़ाकर किया गया -15%

कृषि उत्पाद:

  • कपास पर सीमा शुल्क शून्य से 10% और कच्चे रेशम तथा रेशम के धागों पर 10% से बढ़ाकर किया गया। - 15%

प्रक्रियाओं को युक्तिसंगत बनाना और अनुपालन को आसान बनाना:

  • प्रक्रियाओं को युक्तिसंगत बनाना और अनुपालन को आसान बनाने हेतु उपाय। -तुरंत कस्टम योजना, व्यक्ति रहित, कागज रहित और स्पर्श रहित उपाय

2. कोविड-19 महामारी के दौरान उपलब्धियां और मील के पत्थर

  • प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (पीएमजीकेवाई) के तहत। - 2.76 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान, 80 करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज,8 करोड़ परिवारों को मुफ्त रसोई गैस; 40 करोड़ से अधिक किसानों, महिलाओं, बुजुर्गों, गरीबों और जरुरतमन्दों को सीधे नकद धनराशि का अंतरण
  • आत्मनिर्भर भारत पैकेज (एएनबी 1.0)। - 23 लाख करोड़ रुपये का पैकेज जीडीपी के 10 प्रतिशत से ज्यादा
  • आरबीआई के उपायों सहित 27.1 लाख करोड़ रुपये का व्यय तीनों आत्मनिर्भर पैकेज पर हुआ, जोकि है। -जीडीपी के 13 प्रतिशत से ज्यादा
  • संरचनात्मक सुधार किए गए। -एक देश,एक राशन कार्ड; कृषि और श्रम सुधार; सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्योगों की पुन: परिभाषा तथा खनन क्षेत्र का वाणिज्यीकरण; सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों का निजीकरण तथा उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजनाएं
  • कोविड-19 के खिलाफ भारत की लड़ाई की ताजा स्थिति। - 2 मेड-इन-इंडिया टीके कोविड-19 के खिलाफ भारत के नागरिकों के साथ-साथ 100 से भी अधिक देशों के नागरिकों को चिकित्सीय सुरक्षा मुहैया कराने में कारगर साबित तथा प्रति मिलियन न्यूनतम मृत्यु दर और न्यूनतम सक्रिय मामले

3. 2021-भारतीय इतिहास में उपलब्धियों का वर्ष

  • 2021-भारतीय इतिहास में उपलब्धियों का वर्ष है। -भारत की आजादी का 75वां वर्ष; भारत में गोवा के शामिल होने के 60 साल पूरे; 1971 में हुए भारत-पाकिस्तान युद्ध के 50 वर्ष पूरे; स्वतंत्र भारत की आठवीं जनगणना का वर्ष; ब्रिक्स की अध्यक्षता के लिए अब भारत की बारी; चंद्रयान-3 मिशन का वर्ष तथा हरिद्वार महाकुंभ

4.आत्मनिर्भर भारत के लिए विजन

  • आत्मनिर्भरता कोई नया विचार नहीं है, प्राचीन भारत आत्मनिर्भर था और पूरी दुनिया का एक। -कारोबारी केंद्र था
  • केंद्रीय बजट 2015-16 में 13 वादे किए गए थे जो अनुरूप हैं। -देश की आजादी के 75वें वर्ष पर 2022 के अमृत महोत्सव के दौरान आत्मनिर्भरता के विजन के

पीआईबी न्यूज आर्थिक

राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन और शहद मिशन


11 फरवरी, 2021 को देश में एकीकृत कृषि प्रणाली के तहत मधुमक्खी पालन के महत्व को ध्यान में रखते हुए सरकार ने वर्ष 2020-21 से 2022-23 तक तीन वर्ष के लिए ‘राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन और शहद मिशन’ (National Beekeeping & Honey Mission- NBHM) को 500 करोड़ रुपये के आवंटन की मंजूरी दी है।

मिशन का लक्ष्य: ‘मीठी क्रांति’ (Sweet Revolution) का लक्ष्य हासिल करने के लिए देश में वैज्ञानिक आधार पर मधुमक्खी पालन का व्यापक संवर्द्धन और विकास करना।

महत्वपूर्ण तथ्य: राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन और शहद मिशन को ‘राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड’ के माध्यम से लागू किया जा रहा है।

  • NBHM का उद्देश्य कृषि और गैर-कृषि से जुड़े परिवारों के लिए आमदनी और रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ ही मधुमक्खी पालन उद्योग के विकास को प्रोत्साहन देना, कृषि और बागवानी उत्पादन को बढावा देना, बुनियादी ढांचे की सुविधाओं का विकास करना है।
  • बुनियादी ढांचे की सुविधाओं में एकीकृत मधुमक्खी विकास केन्द्र, शहद परीक्षण प्रयोगशाला, मधुमक्खी रोग निदान प्रयोगशाला, एपीथेरपी केन्द्र (Api-therapy centres) तथा मधुमक्खी पालन के माध्यम से महिलाओं का सशक्तिकरण शामिल है।
  • 2020-21 के लिए NBHM को 150 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।
  • दो विश्व स्तरीय अत्याधुनिक शहद परीक्षण प्रयोगशालाओं की स्थापना के लिए स्वीकृति दी गई है, जिनमें से एक एनडीडीबी, आणंद, गुजरात और दूसरी आईआईएचआर, बेंगलुरू, कर्नाटक में होगी। आणंद स्थित प्रयोगशाला का केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री द्वारा 24 जुलाई, 2020 को शुभारम्भ कर दिया गया है।

पीआईबी न्यूज विज्ञान और तकनीक

विज्ञानार्थ- द पीएचडी शोध पोर्टल


12 फरवरी, 2021 को एकेडमी ऑफ साइंटिफिक एंड इनोवेटिव रिसर्च, इंडिया (एसीएसआईआर) और वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) की एक संयुक्त पहल के तहत ‘विज्ञानार्थ- द पीएचडी शोध पोर्टल’ (Vigyangranth- the PhD Thesis Repository) का शुभारंभ किया गया।

  • इस पोर्टल का उद्देश्य प्रौद्योगिकी से जुड़े क्षेत्रों में विज्ञान और अत्याधुनिक खोजों में महत्वपूर्ण योगदानों के अलावा (i) अनुसंधान के व्यापक शीर्षों (सामाजिक आवश्यकताओं के लक्ष्य) (ii) संयुक्त राष्ट्र द्वारा स्थापित सतत विकास लक्ष्य ( (iii) अनुसंधान के राष्ट्रीय क्षेत्र (iv) विषयों की प्रासंगिकता के संदर्भ में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अभियांत्रिकी और गणित (एसटीईएम) के क्षेत्रों में भारतीय अनुसंधान अध्येताओं द्वारा शुरू किए गए अनुसंधान और विकास को समग्र दृष्टिकोण देना है।

सामयिक खबरें राष्ट्रीय

गर्भवती महिलाओं से संबंधित स्थायी समिति रिपोर्ट


12 फरवरी, 2021 को लोक सभा में प्रस्तुत 'महिला स्वास्थ्य सेवा: नीति विकल्प' (Women’s Healthcare: Policy Options) विषय पर स्थायी समिति की रिपोर्ट में गर्भवती महिलाओं को निकटतम प्रसव केंद्रों तक सुलभ परिवहन की अनुपलब्धता को उजागर किया गया है।

महत्वपूर्ण तथ्य: दुर्गम भौगोलिक इलाकों में परिवहन सुविधाओं की कमी, प्राकृतिक आपदा, देश के कुछ हिस्सों में विद्रोहियों से सुरक्षा के खतरे, कर्फ्यू, हड़ताल के साथ-साथ कई अन्य अप्रत्याशित परिस्थितियाँ गर्भवती महिलाओं के लिए गंभीर स्वास्थ्य जोखिम हैं।

समिति की सिफारिशें: सरकार प्रसव केंद्रों के पास 'प्री-डिलीवरी केंद्र' (Pre-delivery hubs) के निर्माण के लिए राज्यों / केंद्र-शासित प्रदेशों के साथ चर्चा शुरू करे, ताकि ऐसी महिलाओं को डिलीवरी की संभावित तिथि से 7 से 10 दिन पहले इन केंद्रों में लाकर उचित आहार और चिकित्सा देखभाल प्रदान की जा सके।

  • सरकार देश के निजी और सार्वजनिक क्षेत्रों में मातृत्व लाभ (संशोधन), अधिनियम 2017 के तहत भुगतानशुदा मातृत्व अवकाश की बढ़ी हुई अवधि, घर से काम करने और सभी कामकाजी माताओं के लिए शिशु-गृह या 'क्रेच' सुविधा के संबंध में उपयुक्त दिशा-निर्देश जारी करे।
  • आदिवासी समुदाय के बच्चों में कुपोषण समस्या के समाधान के लिए आदिवासी क्षेत्रों में निजी स्कूलों के साथ-साथ विद्यालयी शिक्षा से वंचित आदिवासी बच्चों को भी मध्याह्न भोजन योजना के तहत शामिल किया जाए।

अन्य तथ्य: स्वास्थ्य मंत्रालय ने सूचित किया है कि भारत सरकार ने 'प्री-डिलीवरी केंद्र' स्थापना हेतु परियोजना कार्यान्वयन योजना (पीआईपी) के लिए राज्यों / केंद्र- शासित प्रदेशों को धनराशि जारी करने का प्रावधान किया है।

  • वर्तमान में ऐसे 'प्री-डिलीवरी केंद्र' सात राज्यों - पश्चिम बंगाल, ओडिशा, केरल, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, गुजरात तथा आंध्र प्रदेश में स्थापित किए जा चुके हैं।

सामयिक खबरें राष्ट्रीय

अत्यधिक शराब के सेवन से डीएनए में स्थायी परिवर्तन


नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरो साइंसेज (NIMHANS) के शोधकर्ताओं के एक अध्ययन के अनुसार अत्यधिक शराब के सेवन से डीएनए में स्थायी परिवर्तन हो सकते हैं।

महत्वपूर्ण तथ्य: डीएनए में ये परिवर्तन शराब का सेवन न करने के बाद भी स्थायी रह सकते हैं।

  • यह अध्ययन मार्च 2015 से अप्रैल 2016 तक NIMHANS के 'सेंटर फॉर एडिक्शन मेडिसिन आउट पेशेंट क्लिनिक' (Centre for Addiction Medicine outpatient clinic) में मरीजों पर किया गया।
  • यद्यपि सभी अपने माता-पिता से जीन प्राप्त करते हैं, माता-पिता की अभिव्यक्ति प्रत्येक व्यक्ति में एक विशिष्ट तरीके से विनियमित होती है और जीवन शैली से प्रभावित हो सकती है। शराब के सेवन से जीन अभिव्यक्ति का पैटर्न प्रभावित होता है।
  • अल्कोहल (इथेनॉल) शरीर में तेजी से चयापचय होता है, और इसके दो कार्बन परमाणु (CH3 CH2 या एथिल) एकल परमाणुओं (CH3 या मिथाइल) में परिवर्तित हो जाते हैं, जो डीएनए सहित कई अन्य रसायनों के साथ प्रतिक्रिया कर सकते हैं।
  • यह परिवर्तन (मेथिलिकरण) कई जीनों की अभिव्यक्ति को संशोधित कर सकता है, यहां तक कि इनके विषाक्त परिणाम भी हो सकते हैं।
  • अध्ययन में पाया गया कि अत्यधिक शराब के सेवन से जुड़े डीएनए में रासायनिक परिवर्तन अपनी पूर्व अवस्था में नहीं लाया जा सकता।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप वेब पोर्टल/ऐप

भारत में बना माइक्रो ब्लॉगिंग साइट कू


भारत में बना माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ‘कू’ (Made in India micro blogging site ‘Koo’) तेजी से लोकपिय्र हो रहा है।

  • ‘कू’ ट्विटर की तरह ही एक माइक्रो-ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म है। यह एक वेबसाइट तथा iOS और गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है। 'कू' पर सार्वजनिक रूप से राय पोस्ट की जा सकती है और अन्य यूजर्स को भी फॉलो किया जा सकता है।
  • कू ऐप अंग्रेजी के साथ-साथ कई भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है। ऐप में 400 अक्षरों की शब्द सीमा (word limit of 400 characters) है और इसमें व्हाट्सएप तथा अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपडेट साझा(share) करने की सुविधा भी है।
  • मार्च 2020 में लॉन्च किए गए इस ऐप को भारत के एमबीए स्नातक अप्रमेय राधाकृष्ण और मयंक बिदावतका ने डेवलप किया है। राधाकृष्ण ने ऑनलाइन कैब बुकिंग सेवा ‘टैक्सी फॉर श्योर’ (TaxiForSure) की स्थापना की थी, जिसे बाद में ओला कैब्स को बेच दिया गया था।
  • यह ऐप ‘आत्मनिर्भर भारत ऐप नवाचार चैलेंज’ (Atma Nirbhar Bharat App innovation challenge) का विजेता भी है।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप चर्चित दिवस

विश्व यूनानी दिवस


11 फरवरी

महत्वपूर्ण तथ्य: यह दिवस हर साल महान यूनानी विद्वान और समाज सुधारक हकीम अजमल खान की जयंती के रूप में मनाया जाता है। आयुष मंत्रालय द्वारा इस अवसर पर 'यूनानी चिकित्सा: कोविड-19 के समय में अवसर और चुनौतियां' विषय पर राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया।

  • इस दिवस का मुख्य उद्देश्य यूनानी चिकित्सा पद्धति के निवारक और उपचारात्मक दर्शन के माध्यम से स्वास्थ्य देखभाल के बारे में जागरूकता फैलाना है।
  • यूनानी चिकित्सा पद्धति की उत्पत्ति ‘ग्रीस’ में हुई। भारत में अरबों द्वारा यूनानी चिकित्सा पद्धति की शुरुआत की गई थी।
  • यूनानी चिकित्सा पद्धति शरीर में उपस्थित चार द्रवों की उपस्थिति पर आधारित है- रक्त, बलगम (कफ), सफरा (पीला पित्त) और सौदा (काला पित्त)।
  • अजमल खान एक प्रख्यात भारतीय यूनानी चिकित्सक, एक समाज सुधारक, एक प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी, एक यूनानी चिकित्सा शिक्षाविद और यूनानी चिकित्सा पद्धति में वैज्ञानिक अनुसंधान के संस्थापक थे। वह नई दिल्ली में जामिया मिलिया इस्लामिया के संस्थापकों में से एक थे।

सामयिक खबरें राज्य छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ समावेशी ग्रामीण और त्वरित कृषि विकास परियोजना


12 फरवरी, 2021 को भारत सरकार, छत्तीसगढ़ सरकार और विश्व बैंक ने स्थायी उत्पादन प्रणाली विकसित करने के लिए 10 करोड़ डॉलर की ऋण परियोजना ‘छत्तीसगढ़ समावेशी ग्रामीण और त्वरित कृषि विकास परियोजना- चिराग’ (Chhattisgarh Inclusive Rural and Accelerated Agriculture Growth Project- CHIRAAG) पर हस्ताक्षर किए हैं।

  • यह छत्तीसगढ़ के दूरदराज के क्षेत्रों में आदिवासी परिवारों को विविधतापूर्ण और पोषण आधारित फसलों का पूरे वर्ष उत्पादन करने के लिए प्रेरित करेगा।
  • ‘चिराग’ परियोजना को राज्य के दक्षिणी आदिवासी बहुल क्षेत्र में लागू किया जाएगा, जहां एक बड़ी आबादी कुपोषित और गरीब है।
  • इस परियोजना से छत्तीसगढ़ के 8 जिलों के लगभग 1000 गांवों के 1,80,000 से अधिक परिवारों को लाभ मिलेगा। यह छोटे किसानों को किसान उत्पादक संगठनों से जोड़ेगी।

सामयिक खबरें बैंकिंग, फाइनेंस, सेवा और बीमा

डिजिटल बीमा पॉलिसी 'डिजिलॉकर' के माध्यम से जारी करने की सलाह


भारतीय बीमा नियामक प्राधिकरण (IRDAI) ने 9 फरवरी, 2021 को जारी एक परिपत्र में सभी बीमा कंपनियों को डिजिटल बीमा पॉलिसियों को 'डिजिलॉकर' (DigiLocker) के माध्यम से जारी करने की सलाह दी है।

  • इससे पॉलिसीधारक अपने सभी पॉलिसी दस्तावेजों को संरक्षित करने के लिए डिजीलॉकर का उपयोग कर सकेंगे।
  • राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस प्रभाग में डिजीलॉकर टीम, डिजीलॉकर को अपनाने की सुविधा के लिए आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन और लॉजिस्टिक सहायता प्रदान करेगी।
  • डिजीलॉकर इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा ‘डिजिटल इंडिया’ कार्यक्रम के तहत एक पहल है, जिसमें नागरिक प्रमाण पत्रों के मूल जारीकर्ताओं से डिजिटल प्रारूप में प्रामाणिक दस्तावेज और प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकते हैं। इसका उद्देश्य कागजी दस्तावेजों के इस्तेमाल को कम करना या समाप्त करना है।

पीआईबी न्यूज आर्थिक

पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए जैविक मूल्य शृंखला विकास मिशन


11 फरवरी, 2021 को कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2015 के दौरान पूर्वोत्तर क्षेत्र में वाणिज्यिक जैविक खेती के विकास के लिए एक योजना शुरू की थी, जिसे बाद में ‘पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए जैविक मूल्य शृंखला विकास मिशन’ (Mission Organic Value Chain Development for North Eastern Region- MOVCDNER) के रूप में जाना जाने लगा।

महत्वपूर्ण तथ्य: यह योजना 134 करोड़ रुपये के औसत वार्षिक आवंटन के साथ शुरू हुई थी और पिछले पांच वर्षों के दौरान इसने अब तक 74,880 हेक्टेयर क्षेत्र को कवर किया है।

  • प्रभाव को दोगुना करने के लिए 3 साल की अवधि में 200 नए किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) के तहत अतिरिक्त 1 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को कवर करने के लक्ष्य के साथ आवंटन अब बढ़कर 200 करोड़ रुपये प्रति वर्ष हो गया है।
  • इस योजना को आगे बढ़ाते हुए पारंपरिक फसलों को उगाने और मूल्य बढ़ाने के अलावा अनुबंध कृषि मॉडल के तहत उच्च मूल्य वाली फसलों को इसके साथ लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
  • किसान उत्पादक कंपनियों (एफपीसी) द्वारा कृषक समूहों के रूपांतरण से संस्थागत तंत्र, गुणवत्ता और मात्रा के लिए सामूहिक उत्पादन एवं प्रसंस्करण शक्ति के साथ किसान को सशक्त बनाने और नए जैविक कृषि-उद्यमों का अभ्युदय सुनिश्चित होता है।

पीआईबी न्यूज आर्थिक

श्रमिक शक्ति मंच- सक्षम


विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत कार्यरत एक स्वायत्त संगठन ‘प्रौद्योगिकी सूचना, पूर्वानुमान एंव मूल्यांकन परिषद्- टाइफैक’ (Technology Information, Forecasting and Assessment Council- TIFAC) ने 10 फरवरी, 2021 को अपनी स्थापना के 34वीं वर्षगांठ के अवसर पर देशभर में सूक्ष्म, लघु एंव मध्यम उद्यम (एमएसएमई) की जरूरतों और श्रमिकों के कौशल को आपस में जोड़कर एक साझा मंच के रूप में ‘श्रमिक शक्ति मंच- सक्षम' (Shramik Shakti Manch- SAKSHAM) नाम से एक जॉब पोर्टल का शुभारंभ किया।

महत्वपूर्ण तथ्य: यह एक ऐसा डाइनेमिक पोर्टल है, जो अलग- अलग भौगोलिक क्षेत्रों में श्रमिकों को उनके कौशल के अनुसार उद्योगों में संभावित रोजगार के अवसरों की जानकारी देता है।

  • इसके लिए एल्गोरिथम और कृत्रिम बुद्धिमता का इस्तेमाल किया गया है। इसमें श्रमिकों के कौशल प्रशिक्षण का विश्लेषण करने की सुविधा भी दी गई है। पायलट परियोजना के तौर पर फिलहाल इसे दो जिलों में शुरू किया गया है।

सक्षम की प्रमुख विशेषताएं: दस लाख रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की सुविधा उपलब्ध कराने वाला पोर्टल।

  • श्रमिकों और एमएसएमई के बीच सीधा संपर्क, कोई बिचौलिया नहीं।
  • श्रमिकों का विस्थापन कम होगा, आसपास के एमएसएमई में रोजगार।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

अंबेडकर सोशल इनोवेशन एंड इनक्यूबेशन मिशन


10 फरवरी, 2021 को सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के अनुसार एससी छात्रों / एससी दिव्यांग युवाओं के बीच उद्यमशीलता और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए मंत्रालय ने अनुसूचित जाति के लिए उद्यम पूंजी कोष (Venture Capital Fund for Scheduled Castes- VCF-SC) के तहत ‘अंबेडकर सोशल इनोवेशन एंड इनक्यूबेशन मिशन’ (Ambedkar Social Innovation and Incubation Mission) की शुरुआत की है।

  • इसके तहत अनुसूचित जातियों के स्वामित्व वाली कंपनियाँ / उद्यमी, जो टेक्नोलॉजी बिजनेस इन्क्यूबेटर्स (TBI) के साथ नामांकित / पंजीकृत हैं, प्रति वर्ष 10 लाख रुपये के हिसाब से 3 वर्ष की अवधि में 30 लाख रुपए की अधिकतम पूंजी प्राप्त करने के लिए पात्र हैं।
  • पात्र आवेदकों को इक्विटी फंडिंग के रूप में 3 वर्ष की अवधि के लिए कुल 30 लाख रुपये तक (प्रति वर्ष 10 लाख रुपये तक) की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।

सामयिक खबरें आर्थिकी

सीवीड मिशन


विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत कार्यरत एक स्वायत्त संगठन ‘प्रौद्योगिकी सूचना, पूर्वानुमान एंव मूल्यांकन परिषद्- टाइफैक’ (Technology Information, Forecasting and Assessment Council- TIFAC) ने 10 फरवरी, 2021 को राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के उद्देश्य से समुद्री शैवालों की व्यावसायिक खेती और इसके प्रसंस्करण के लिए 'सीवीड मिशन' (Seaweed Mission) का शुभारंभ किया।

मिशन के तहत गतिविधियां: भारत के तटवर्ती क्षेत्रों में आर्थिक रूप से फायदेमंद समुद्री शैवाल की खेती के लिए एक हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में मॉडल फार्म बनाया जाना।

  • शैवालों की खेती के लिए गुजरात / तमिलनाडु / आंध्र प्रदेश / ओडिशा / कर्नाटक में प्रस्तावित स्थान।
  • देश में आर्थिक रूप से फायदेमंद समुद्री शैवाल की बड़े पैमाने पर खेती के लिए बीज सामग्री की आपूर्ति के लिए समुद्री शैवाल नर्सरी की स्थापना।
  • समुद्री शैवालों जैसे अगर (agar), अगारोसे (agarose), कैरेगीनन (carrageenan) और अल्गीनेट्स (alginates) जैसे औद्योगिक रूप से महत्वपूर्ण शैवालों के एकीकृत उत्पादन के लिए प्रसंस्करण संयंत्र की स्थापना।

मिशन का महत्व: एक अनुमान के अनुसार यदि देश में 10 मिलियन हेक्टेयर क्षेत्र या भारत के अनन्य आर्थिक क्षेत्र के 5% में इसकी खेती की जाए तो, पांच करोड़ लोगों को रोजगार, नये समुद्री शैवाल उद्योग की स्थापना; राष्ट्रीय जीडीपी में योगदान; समुद्री उत्पादों में वृद्धि, शैवाल प्रस्फुटन में कमी, लाखों टन कार्बन डाइआक्साइड का अवशोषण और 6.6 अरब लीटर जैव-एथेनॉल का उत्पादन संभव हो सकता है।

समुद्री शैवाल: समुद्री शैवाल (Seaweed) का वैश्विक उत्पादन 32 मिलियन टन है, जिसका मूल्य लगभग 12 अरब डॉलर है।

  • कुल वैश्विक उत्पादन का 57% हिस्सा चीन, 28% इंडोनेशिया तथा इसके बाद दक्षिण कोरिया द्वारा उत्पादित किया जाता है, जबकि मात्र 0.01-0.02% भारत द्वारा उत्पादित किया जाता है।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप निधन

पूर्व अमेरिकी विदेश मंत्री जॉर्ज शुल्ट्ज का निधन


पूर्व अमेरिकी विदेश मंत्री, जॉर्ज शुल्ट्ज का 6 फरवरी, 2021 को कैलिफोर्निया में निधन हो गया। वे 100 वर्ष के थे।

  • उन्होंने तीन पूर्व राष्ट्रपतियों- ड्वाइट आइजनहावर, रिचर्ड निक्सन और रोनाल्ड रीगन के साथ विभिन्न भूमिकाओं में सेवाएं दी थी।
  • पूर्व राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन के कार्यकाल में 1982 से 1989 तक अमेरिका के शीर्ष नीति निर्धारक के रूप में उनके प्रयासों ने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद शुरू हुए चार दशक लंबे शीत युद्ध के समापन में मदद की थी।
  • शुल्ट्ज एक रिपब्लिकन थे, लेकिन वैचारिक रूप से अधिक व्यावहारिक थे।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप विविध

भारत का पहला सीएनजी ट्रैक्टर


केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी द्वारा 12 फरवरी, 2021 को भारत का पहला सीएनजी ट्रैक्टर औपचारिक रूप से लॉन्च किया गया।

  • भारत में पहली बार डीजल ट्रैक्टर को सीएनजी में परिवर्तित किया गया है।
  • रावमट टेक्नो सॉल्यूशंस और टॉमासेटो आशिल इंडिया (Rawmatt Techno Solutions & Tomasetto Achille India) द्वारा संयुक्त रूप से किए गए इस रूपांतरण से किसानों को उत्पादन लागत कम करने तथा ग्रामीण भारत में रोजगार के ज्यादा से ज्यादा अवसर पैदा करने में मदद मिलेगी।

ट्रैक्टर को सीएनजी में परिवर्तित करने के विशिष्ट लाभ: परीक्षण रिपोर्ट यह बताती है कि डीजल से चलने वाले इंजन की तुलना में रेट्रोफिटेड ट्रैक्टर उससे अधिक / बराबर शक्ति का उत्पादन करता है।

  • इससे डीजल की तुलना में कुल कार्बन उत्सर्जन में 70% की कमी आई है।
  • यह किसानों को ईंधन की लागत पर 50% तक की बचत करने में मदद करेगा, क्योंकि वर्तमान में सीएनजी केवल 42 रुपये प्रति किलोग्राम है।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप चर्चित दिवस

विश्व दलहन दिवस


10 फरवरी

2021 का विषय/ अभियान: #लव पल्सेस (#Love Pulses)

महत्वपूर्ण तथ्य: दालों के प्रति जागरूकता और पहुंच बढ़ाने के लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 2019 में 10 फरवरी को विश्व दलहन दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया।

  • 2013 में दालों के मूल्यों को मान्यता देने के बाद संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 2016 को अंतरराष्ट्रीय दलहन वर्ष के रूप में घोषित किया था।

सामयिक खबरें राज्य कर्नाटक

विजयनगर बना कर्नाटक का 31वां जिला


कर्नाटक सरकार ने 8 फरवरी, 2021 को खान समृद्ध बेल्लारी को काटकर नया विजयनगर जिला बनाने की अधिसूचना जारी की। इसके साथ ही राज्य में 31 जिले हो गए हैं ।

  • विजयनगर साम्राज्य की राजधानी के नाम पर गठित नया जिला कर्नाटक भूमि राजस्व अधिनियम, 1964 के तहत बेल्लारी से काटकर बनाया गया।
  • विजयनगर, यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थलों ‘हम्पी’ और ‘विरुपाक्ष मंदिर’ के लिए प्रसिद्ध है।
  • इस नये जिले में छ: तालुक होंगे और ‘होस्पेट’ उसका मुख्यालय होगा। कुडलिगि, हगीरभूम्मना हल्ली, कोट्टुरू, होविना हदगली और हरपनहल्ली अन्य तालुक होंगे।

सामयिक खबरें राज्य मध्य प्रदेश

शिशु मृत्यु दर को कम करने हेतु 'सांस' अभियान


मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग ने 5 फरवरी, 2021 को निमोनिया के कारण शिशु मृत्यु दर को कम करने के उद्देश्य से 'सांस' (Social Awareness and Action to Neutralise Pneumonia Successfully- SAANS) अभियान शुरू किया है।

  • 'सांस' अभियान राज्य के 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को निमोनिया रोग से बचाने के लिये संचालित होगा।
  • शिशुओं में निमोनिया के कारण मृत्यु दर को कम करने के लिए सामाजिक जागरूकता अभियान के तहत चिकित्सा कर्मियों को सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में प्रशिक्षित किया जा रहा है। इस उद्देश्य के लिए राज्य में लगभग 4,000 स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र स्थापित किए गए हैं।
  • राज्य सरकार ने पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ और यूनिसेफ के साथ साझेदारी में प्रशिक्षण मॉड्यूल भी विकसित किया है, जिसका उपयोग डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ सहित स्वास्थ्य कर्मियों के कौशल को बढ़ाने के लिए किया जाएगा।

पीआईबी न्यूज आर्थिक

ब्रह्मपुत्र वैली फर्टिलाइजर्स कॉरपोरेशन लिमिटेड को अनुदान सहायता


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने 10 फरवरी, 2021 को ब्रह्मपुत्र वैली फर्टिलाइजर्स कॉरपोरेशन लिमिटेड (Brahmaputra Valley Fertilizers Corporation Limited- BVFCL), नामरूप (असम) को यूरिया निर्माण इकाइयों के संचालन को जारी रखने के लिए 100 करोड़ रुपये की अनुदान सहायता के लिए उर्वरक विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दी।

  • ब्रह्मपुत्र वैली फर्टिलाइजर कॉरपोरेशन लिमिटेड (BVFCL), नामरूप एक सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है, जो कंपनी अधिनियम के अनुसार भारत सरकार के उर्वरक विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण के अधीन है।
  • वर्तमान में कंपनी असम के नामरूप में BVFCL के परिसर में अपने दो पुराने संयंत्रों नामरूप-2 और नामरूप-3 में कार्य कर रही है।
  • BVFCL को 100 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान करने से प्रतिवर्ष 3.90 लाख मीट्रिक टन यूरिया उत्पादन क्षमता बहाल होगी और पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र विशेषकर असम में चाय उद्योग और कृषि क्षेत्र को यूरिया की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित होगी।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

प्रवासी श्रमिकों के लिए एक राष्ट्रीय कार्य योजना हेतु एक उप-समूह


नीति आयोग ने प्रवासी श्रमिकों के लिए एक 'राष्ट्रीय कार्य योजना' तैयार करने के लिए एक 'उप-समूह' का गठन किया है। 10 फरवरी, 2021 को केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने यह जानकारी राज्य सभा को दी।

महत्वपूर्ण तथ्य: प्रवासी श्रमिकों से संबंधित मुद्दों को हल करने के लिए एक ठोस कार्य योजना तैयार करने के लिए उप-समूह में भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विषय विशेषज्ञ, गैर सरकारी संगठनों और नागरिक समाज संगठनों के सदस्य शामिल हैं।

  • प्रवासी श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए, केंद्र सरकार ने अंतर-राज्य प्रवासी कामगार (रोजगार और सेवा शर्तें विनियमन) अधिनियम, 1979 लागू किया था।
  • इस अधिनियम को अब व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य शर्तें संहिता, 2020 (OSH code) में समाहित किया गया है, जिसे सितंबर 2020 में अधिसूचित किया गया है।
  • यह संहिता प्रवासी श्रमिकों सहित संगठित और असंगठित श्रमिकों के सभी श्रेणियों में गरिमापूर्ण कार्य शर्तें, न्यूनतम मजदूरी, शिकायत निवारण तंत्र, दुर्व्यवहार और शोषण से सुरक्षा, कौशल संवर्धन और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करता है।
  • संहिता के प्रावधान ऐसे प्रत्येक प्रतिष्ठान पर लागू होते हैं, जिसमें दस या दस से अधिक अंतर-राज्य प्रवासी श्रमिक कार्यरत हैं या पूर्ववर्ती 12 महीनों के किसी भी दिन कार्यरत थे।

सामयिक खबरें आर्थिकी

भारत ऊर्जा परिदृश्य 2021


अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने 9 फरवरी, 2021 को 'भारत ऊर्जा परिदृश्य 2021' (India Energy Outlook 2021) जारी किया।

महत्वपूर्ण तथ्य: भारत अगले दो दशकों में ऊर्जा मांग में 25% की सबसे बड़ी वृद्धि करेगा तथा 2030 तक यूरोपीय संघ को पीछे छोड़कर दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऊर्जा उपभोक्ता बन जाएगा।

  • 2040 तक भारत की ऊर्जा खपत लगभग दोगुनी होने की संभावना है तथा इस समय तक देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 8.6 ट्रिलियन डॉलर तक होने का अनुमान है।
  • भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को जीवाश्म ईंधन आयात पर अधिक निर्भर करना होगा क्योंकि पेट्रोलियम अन्वेषण एवं उत्पादन और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने की सरकार की नीतियों के बावजूद भारत का घरेलू तेल और गैस का उत्पादन वर्षों से स्थिर है।
  • भारत की तेल मांग 2019 में 5 मिलियन बैरल प्रति दिन (बीपीडी) से बढ़कर 2040 में 8.7 मिलियन (बीपीडी) होने की संभावना है, जबकि इसकी शोधन क्षमता (Refining capacity) 2030 तक 6.4 मिलियन बीपीडी और 2040 तक 7.7 मिलियन बीपीडी तक पहुंचने की संभावना है।
  • तेल की बढ़ती मांग 2030 तक भारत के तेल आयात बिल को दोगुना कर 181 बिलियन डॉलर तक कर सकती है।
  • चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा शुद्ध तेल आयातक भारत वर्तमान में अपने कच्चे तेल की जरूरतों का लगभग 76% आयात करता है। विदेशी तेल पर निर्भरता 2030 तक 90% और 2040 तक 92% तक बढ़ने की संभावना है।

सामयिक खबरें अंतर्राष्ट्रीय

अमेरिका द्वारा चीनी कार्यबल का गठन


10 फरवरी, 2021 को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने चीन द्वारा पेश की जा रही चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए एक नये चीनी कार्यबल (China task force) के गठन की घोषणा की, जो रक्षा विभाग को सैन्य रणनीति पर सिफारिशें प्रदान करेगा।

महत्वपूर्ण तथ्य: कार्यबल में विभिन्न मंत्रालयों के असैन्य एवं सैन्य विशेषज्ञ शामिल होंगे, जो रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन को आगामी कुछ महीने में अहम प्राथमिकताओं एवं निर्णय संबंधी सुझाव देंगे।

  • कार्यबल प्रौद्योगिकी, खुफिया, सहयोगियों और साझेदारी की भूमिका और अन्य सामरिक क्षेत्रों का अध्ययन करेगा।
  • कार्यबल चीन से संबंधित उच्च प्राथमिकता वाले मामलों की समीक्षा करेगा, जिसमें द्विपक्षीय रक्षा संबंध, खुफिया और अमेरिकी गठबंधन और साझेदारी शामिल हैं और अगले चार महीनों के भीतर सिफारिशें देगा।
  • ज्ञात हो कि पिछले साल के दौरान कोविड -19 महामारी, हॉन्गकॉन्ग की स्वायत्तता कम करने के चीन के प्रयासों और अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध के मद्देनजर अमेरिका और चीन के बीच संबंध तेजी से बिगड़े हैं।

सामयिक खबरें विज्ञान-पर्यावरण

बालासोर में स्थापित होगा देश का पहला वज्रपात अनुसंधान परीक्षण केंद्र


5 फरवरी, 2021 को भारत के मौसम विभाग (IMD) के अनुसार ओडिशा के बालासोर में देश का पहला वज्रपात अनुसंधान परीक्षण केंद्र (Country's first thunderstorm research testbed) होगा।

उद्देश्य: आकाशीय बिजली गिरने से होने वाले जानमाल के नुकसान को रोकना।

महत्वपूर्ण तथ्य: पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय, भारत के मौसम विभाग, रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के बीच सहयोग से वज्रपात अनुसंधान परीक्षण केंद्र स्थापित किया जाएगा।

  • यह पहला अनुसंधान परीक्षण केंद्र बिजली और गरज के साथ आने वाले तूफानों का अध्ययन करेगा। ज्ञात हो कि IMD, ISRO तथा DRDO की बालासोर में इकाइयां पहले से ही हैं।
  • ज्ञात हो कि ओडिशा, पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड में हर साल अप्रैल और जून के बीच आकाशीय बिजली गिरने के कारण कई लोगों की जान चली जाती है।
  • ओडिशा में हर साल औसतन 350 से अधिक लोगों की मौत आकाशीय बिजली गिरने के कारण होती है। 2019-20 तक, बीते नौ वर्ष में ओडिशा में आकाशीय बिजली गिरने से 3,218 लोगों की जान चली गई है।
  • इसके अलावा भोपाल के पास अपनी तरह का पहला ‘मानसून परीक्षण केंद्र’ स्थापित करने की भी योजना है। दोनों ही परियोजनाएं योजना स्तर (planning stage) पर हैं और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट बनाई जा रही है।
  • आईएमडी के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्रा को अक्सर भारतीय उपमहाद्वीप में चक्रवातों की सटीक भविष्यवाणी के लिए 'सायक्लोन मैन ऑफ इंडिया' (Cyclone Man of India) के नाम से भी जाना जाता है।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप निधन

अभिनेता-निर्देशक राजीव कपूर का निधन


दिवंगत दिग्गज अभिनेता-फिल्म निर्माता राज कपूर के पुत्र एवं अभिनेता-निर्देशक राजीव कपूर का 9 फरवरी, 2021 को मुंबई में निधन हो गया। वे 58 वर्ष के थे।

  • 25 अगस्त, 1962 को जन्मे, राजीव कपूर ने 1983 में फिल्म 'एक जान हैं हम' से बॉलीवुड में पदार्पण किया था। बाद में उन्होंने सुपरहिट 'राम तेरी गंगा मैली' सहित कई अन्य फिल्मों में मुख्य भूमिकाएँ निभाईं।
  • राजीव कपूर ने 'आसमान', 'लवर बॉय’, 'हम तो चले परदेस' और 'जबर्दस्त' जैसी फिल्मों में भी अभिनय किया था।
  • राजीव ने बाद में निर्देशक और निर्माता के रूप में भी काम किया। उन्होंने ऋषि कपूर और माधुरी दीक्षित-नेने की मुख्य भूमिकाओं वाली 'प्रेम ग्रंथ' का निर्देशन किया, जो 1996 में रिलीज हुई। उन्होंने 'हीना', और 'आ अब लौट चलें' को भी प्रोड्यूस किया था।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप चर्चित दिवस

अंतरराष्ट्रीय मानव बंधुत्व दिवस


4 फरवरी

2021 का विषय/अभियान: ‘भविष्य के लिए एक रास्ता’ (A Pathway to the Future)

महत्वपूर्ण तथ्य: इस दिवस का उद्देश्य विभिन्न संस्कृतियों और धर्मों, या मान्यताओं और सहिष्णुता को बढ़ावा देने के बारे में जागरूकता बढ़ाने के महत्व को रेखांकित करना है। 21 दिसंबर, 2020 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 4 फरवरी को अंतरराष्ट्रीय मानव बंधुत्व दिवस के रूप में घोषित करते हुए एक प्रस्ताव अपनाया था।

सामयिक खबरें खेल क्रिकेट

जनवरी 2021 के आईसीसी प्लेयर ऑफ द मंथ


अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने 8 फरवरी, 2021 को 'जनवरी 2021 के आईसीसी प्लेयर ऑफ द मंथ' (ICC Player of the Month for January 2021) विजेताओं की घोषणा की।

  • भारत के विकेटकीपर- बल्लेबाज ऋषभ पंत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दो टेस्ट मैचों में अपने शानदार प्रदर्शन के लिए जनवरी ‘2021 के लिए आईसीसी मेंस प्लेयर ऑफ द मंथ’ (ICC Men’s Player of the Month for January 2021) का खिताब जीता।
  • पंत की सिडनी में 97 और ब्रिस्बेन में नाबाद 89 रन की पारियों ने भारत को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शृंखला में 2-1 से ऐतिहासिक जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
  • महिलाओं में दक्षिण अफ्रीका की शबनिम इस्माइल ‘जनवरी 2021 के लिए आईसीसी वूमेंस प्लेयर ऑफ मंथ’ (ICC Women’s Player of the Month for January 2021) अवॉर्ड के लिए चुनी गई। पाकिस्तान के खिलाफ दूसरे टी-20 मैच में पाँच विकेट लेने से पहले इस्माइल ने पाकिस्तान के ही खिलाफ विजयी एकदिवसीय शृंखला में सात विकेट लिए थे।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

इंडिया फार्मा और इंडिया मेडिकल डिवाइस 2021


रसायन और उर्वरक मंत्रालय के औषध विभाग द्वारा फिक्की और इन्वेस्ट इंडिया के साथ मिलकर औषधीय और चिकित्सा उपकरण क्षेत्र से संबंधित छठवें वार्षिक कार्यक्रम ‘इंडिया फार्मा और इंडिया मेडिकल डिवाइस 2021’ (India Pharma & India Medical Device 2021) का आयोजन 25-26 फरवरी और 1- 2 मार्च, 2021 को किया जाएगा।

इंडिया फार्मा के लिए इस वर्ष का विषय: ‘इंडियन फार्मा इंडस्ट्री: फ्यूचर इज नाउ’ (Indian Pharma Industry: Future is Now)।

इंडिया मेडिकल डिवाइस के लिए इस वर्ष का विषय: ‘इंडिया मेडटेक फ्यूचर: इनोवेट एंड मेक इन इंडिया थ्रू ग्लोबल अलायंस’ (India MedTech Future: Innovate & Make in India through Global Alliance)।

  • भारत सस्ती जेनरिक दवाओं का प्रमुख निर्यातक है और चिकित्सा उपकरणों व रोग निदान का एक प्रमुख केंद्र है। अपने फार्मा उत्पादों के साथ भारत 200 से अधिक देशों और क्षेत्रों में सेवाएं दे रहा है।
  • भारत में व्यापार सुगमता के लिए पहले ही कई उपायों की घोषणा की जा चुकी है और 4 विश्व स्तरीय चिकित्सा उपकरण पार्कों के निर्माण के लिए 400 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन देने या तीन बल्क ड्रग पार्कों के लिए 3000 करोड़ रुपये के आवंटन जैसे उपायों के माध्यम से घरेलू विनिर्माण का समर्थन जारी है।

पीआईबी न्यूज अंतरराष्ट्रीय

लालंदर ‘’शहतूत’’ बांध


9 फरवरी, 2021 को आयोजित वर्चुअल समारोह में अफगानिस्तान में लालंदर "शहतूत" बांध (Lalandar ‘’Shatoot’’ Dam) के निर्माण के लिए भारत और अफगानिस्तान के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।

महत्वपूर्ण तथ्य: यह परियोजना भारत और अफगानिस्तान के बीच नई विकास साझेदारी का एक हिस्सा है।

  • लालंदर “शहतूत” बांध काबुल शहर की सुरक्षित पेयजल संबंधी जरूरतों को पूरा करेगा, आसपास के इलाकों को सिंचाई सुविधा प्रदान करेगा, सिंचाई और जल निकासी के मौजूदा नेटवर्क को पुनर्जीवित करेगा, इस इलाके में बाढ़ सुरक्षा और प्रबंधन प्रयासों में सहायता करेगा और इस क्षेत्र को बिजली भी प्रदान करेगा।
  • भारत - अफगानिस्तान मैत्री बांध या सलमा बांध, जिसका उद्घाटन जून 2016 में किया गया था, के बाद यह भारत द्वारा अफगानिस्तान में बनाया जा रहा दूसरा बड़ा बांध है।
  • अफगानिस्तान के साथ विकास से जुड़े सहयोग के एक हिस्से के तौर पर, भारत ने अफगानिस्तान के सभी 34 प्रांतों को कवर करते हुए 400 से अधिक परियोजनाओं को पूरा किया है।

पीआईबी न्यूज विज्ञान और तकनीक

कर्नाटक में लिथियम भंडार


9 फरवरी, 2021को परमाणु खनिज निदेशालय (Atomic Minerals Directorate- AMD) ने कर्नाटक में लिथियम भंडार से संबंधित मीडिया रिपोर्टों पर स्पष्टीकरण जारी किया है।

महत्वपूर्ण तथ्य: परमाणु ऊर्जा विभाग की एक घटक इकाई 'परमाणु खनिज अन्वेषण और अनुसंधान निदेशालय' (AMD) और ‘भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण’ दो एजेंसियां खनिज अन्वेषण गतिविधियों में शामिल हैं।

  • लिथियम नई प्रौद्योगिकियों के लिए एक प्रमुख तत्व है, जिसका सिरेमिक, काँच, दूरसंचार और एयरोस्पेस उद्योगों में उपयोग होता है। लिथियम का सबसे अधिक उपयोग लिथियम आयन बैटरी में है।
  • ताप-नाभिकीय अनुप्रयोगों ( thermonuclear application) के कारण लिथियम को परमाणु ऊर्जा अधिनियम, 1962 के तहत 'नियत पदार्थ' (Prescribed substance) के रूप में घोषित किया गया है, जो देश के विभिन्न भूवैज्ञानिक क्षेत्रों में लिथियम की खोज के लिए AMD को अनुमति देता है।
  • हाल ही में, कर्नाटक के मांड्या जिले के श्रीरंगपट्टना तालुक के अल्लापटना – मार्लगल्ला (Allapatna – Marlagalla) क्षेत्र में लीथियम के अन्वेषण और संसाधन से संबंधित समाचार विभिन्न मीडिया में प्रकाशित हुए, जिसमें 14, 100 टन लीथियम के भंडार का अनुमान लगाया गया है।
  • AMD ने स्पष्टीकरण दिया है कि अन्वेषण के प्रयासों से अब तक इस क्षेत्र में लगभग 1600 टन लिथियम भंडार पाये जाने की पुष्टि हुई है।
  • AMD देश के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम का समर्थन करने के लिए आवश्यक खनिजों यूरेनियम, थोरियम, टैंटलम, लिथियम, बेरिलियम और दुर्लभ मृदा तत्वों (Rare Earth Elements) के संसाधनों का सर्वेक्षण, मूल्यांकन और विकास करता है।

सामयिक खबरें आर्थिकी

उर्वरकों का अत्यधिक उपयोग


केंद्रीय कृषि मंत्री ने 9 फरवरी, 2021 को लोक सभा को उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग के बारे में जानकारी दी।

महत्वपूर्ण तथ्य: 'दीर्घकालिक उर्वरक प्रयोगों' (Long Term Fertilizer Experiments) पर अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना के तहत निर्धारित स्थानों पर पाँच दशकों तक की गई जाँच से संकेत मिलता है कि अकेले नाइट्रोजनयुक्त उर्वरकों के निरंतर उपयोग से मृदा स्वास्थ्य और फसल उत्पादकता पर हानिकारक प्रभाव से अन्य प्रमुख और सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी दिखाई देती है।

  • 2017-18, 2018-19, 2019-20 और 2020-21 (खरीफ 2020 तक) के दौरान देश में रासायनिक उर्वरकों (उर्वरक उत्पादों जैसे यूरिया, डाई-अमोनियम फॉस्फेट; म्यूरेट ऑफ पोटाश; मिश्रण और सिंगल सुपर फॉस्फेट) की खपत क्रमशः 54.38, 56.21, 59.88 और 33.85 मिलियन टन है।
  • सरकार ने देश में मृदा परीक्षण आधारित उर्वरकों के संतुलित और विवेकपूर्ण अनुप्रयोग को बढ़ावा देने के लिए एक ‘राष्ट्रीय मृदा स्वास्थ्य कार्ड मिशन’ शुरू किया है।
  • इसी प्रकार, देश में परंपरागत कृषि विकास योजना (PKVY) और उत्तर पूर्व क्षेत्र के लिए जैविक मूल्य शृंखला विकास मिशन (MOVCD-NER) के तहत जैविक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप अभियान/सम्मेलन/आयोजन

दूसरा सीसीटीएनएस हैकाथॉन और साइबर चैलेंज 2020-21


3 फरवरी, 2021 को राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के ‘दूसरे सीसीटीएनएस हैकाथॉन और साइबर चैलेंज 2020-21’ (2nd CCTNS Hackathon and Cyber Challenge 2020-21) का उद्घाटन समारोह नई दिल्ली में आयोजित किया गया।

उद्देश्य: पुलिस कर्मियों के विश्लेषण और समझ को बढ़ाना तथा उसे गहरा करना।

  • यह हैकाथॉन मार्च 2020 में समाप्त हुई हैकाथॉन और साइबर चैलेंज की निरंतरता में है।
  • इस अवसर पर मोबाइल ऐप 'लोकेट नीयरेस्ट पुलिस स्टेशन' (Locate Nearest Police Station) भी लॉन्च किया गया।
  • इस ऐप के माध्यम से महिला यात्रियों, अंतरराज्यीय यात्रियों, घरेलू और विदेशी पर्यटकों सहित विभिन्न उपयोगकर्ताओं को विशेष रूप से किसी भी आपात स्थिति के दौरान मदद मिलेगी और 112 डायल करने की सुविधा होगी।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप विविध

मिनी काजीरंगा' में 58 जलपक्षी प्रजातियां


7 फरवरी, 2021 को आयोजित पक्षियों के वार्षिक सर्वेक्षण के अनुसार एक-सींग वाले गैंडों की अधिक संख्या के लिए प्रसिद्ध पोबितोरा वन्यजीव अभयारण्य में जलपक्षियों की 58 प्रजातियां हैं।

  • गुवाहाटी से 45 किमी पूर्व में स्थित, 16 वर्ग किलोमीटर के पोबितोरा अभयारण्य में 2018 में अनुमानित 102 गैंडे थे।
  • अभयारण्य को अक्सर 'मिनी काजीरंगा' के रूप में संदर्भित किया जाता है, क्योंकि इसका परिदृश्य और जीव जन्तु काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के समान हैं।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप चर्चित दिवस

विश्व कैंसर दिवस


4 फरवरी

2021 का विषय/ अभियान: ‘आई एम एंड आई विल’ (I Am And I Will)

महत्वपूर्ण तथ्य: कैंसर के बारे में जागरूकता पैदा करने और इसकी रोकथाम, पहचान और उपचार को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से यह दिवस मनाया जाता है।

  • विश्व कैंसर दिवस की स्थापना 2000 में पेरिस में आयोजित ‘कैंसर के खिलाफ विश्व कैंसर शिखर सम्मेलन’ में की गई थी।

सामयिक खबरें राज्य झारखंड

किसान फसल राहत योजना


29 दिसंबर‚ 2020 को झारखंड में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के स्थान पर ‘किसान फसल राहत योजना’ (Kisan Fasal Rahat Yojana) शुरू की गई।

  • यह एक क्षतिपूर्ति योजना है‚ जिसका उद्देश्य प्राकृतिक आपदा के कारण फसल क्षति के मामले में राज्य के किसानों को सुरक्षा कवर प्रदान करना है।
  • इस योजना के अंतर्गत भूमि मालिक और भूमिहीन किसान दोनों शामिल हैं। यह कोई बीमा योजना नहीं है, जहां प्रीमियम का भुगतान किया जाता है।
  • फसल क्षति का आकलन ‘ग्राउंड ट्रूथिंग’ प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा‚ जो नमूना अवलोकन का एक मिश्रित स्वरूप होगा।
  • योजना के तहत बाढ़‚ तूफान‚ बवंडर‚ ज्वालामुखी विस्फोट‚ भूकंप‚ सुनामी और अन्य भूवैज्ञानिक प्रक्रियाएं जो प्राकृतिक आपदाओं की श्रेणी में शामिल हैं‚ कवर की जाएंगी।
  • जंगली जानवरों के हमले के कारण नुकसान‚ किसानों द्वारा अवैज्ञानिक कृषि जोखिम को योजना के तहत नहीं शामिल किया जाएगा।
  • क्षतिपूर्ति राशि प्रदान करने हेतु पेआउट मैट्रिक्स विकसित किया गया है‚ नुकसान के आधार पर 0.1- 5 एकड़ भूमि हेतु 3000 रुपये से लेकर 3500 रुपये प्रति एकड़ मुआवजे के रूप में प्रदान किया जाएगा।

सामयिक खबरें राज्य मेघालय

चुनावों में सूचना प्रौद्योगिकी अनुप्रयोगों के लिए मेघालय को विशेष पुरस्कार


राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 25 जनवरी, 2021 को आयोजित राष्ट्रीय मतदाता दिवस पुरस्कार समारोह में मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय, मेघालय को राष्ट्रीय सर्वश्रेष्ठ चुनावी प्रथाओं के पुरस्कार 2020 में सूचना प्रौद्योगिकी अनुप्रयोगों के लिए एक विशेष पुरस्कार प्रदान किया।

  • मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय, मेघालय को यह पुरस्कार सम्पूर्ण नामांकन से चुनाव प्रक्रिया तक [Enrolment to Elections (E2E) process] निर्वाचक गतिविधियों में निरंतर और सुसंगत आईटी अनुप्रयोग प्रयासों और सभी श्रेणियों के मतदाताओं (दोनों सामान्य और दिव्यांग व्यक्तियों) के लाभ के लिए प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल के लिए दिया गया।

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ग्रेट रीसेट


'ग्रेट रीसेट' वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की एक पहल है। WEF के संस्थापक और कार्यकारी अध्यक्ष, क्लॉस श्वाब द्वारा इसकी अवधारणा दी गई है, जो पिछले कुछ वर्षों में विकसित हुई है।

  • यह इस आकलन पर आधारित है कि विश्व अर्थव्यवस्था गहरे संकट में है। श्वाब ने तर्क दिया है कि वैश्विक समाज पर महामारी के विनाशकारी प्रभाव, तकनीकी क्रांति और जलवायु परिवर्तन के परिणामों सहित कई कारकों से स्थिति बहुत खराब हो गई है।
  • श्वाब के अनुसार 'दुनिया को संयुक्त रूप से और तेजी से काम करना चाहिए, ताकि शिक्षा से लेकर कामकाजी परिस्थितियों तक समाजों और अर्थव्यवस्थाओं के सभी पहलुओं को पुनर्जीवित किया जा सके’। संक्षेप में, हमें पूंजीवाद के एक 'ग्रेट रीसेट' की आवश्यकता है।

पीआईबी न्यूज आर्थिक

कृषि मशीनीकरण पर उप मिशन


8 फरवरी, 2021 को कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अनुसार देश में कृषि मशीनीकरण को बढ़ावा देने के लिए, भारत सरकार द्वारा 2014-15 में एक विशेष समर्पित योजना ‘कृषि मशीनीकरण पर उप मिशन (Sub Mission on Agricultural Mechanization- SMAM) शुरू की गई है। उद्देश्य: कस्टम हायरिंग सेंटर्स (सीएचसी) की स्थापना के माध्यम से छोटे और सीमांत किसानों के लिए कृषि मशीनों को सुलभ और सस्ती बनाकर, हाई-टेक और उच्च मूल्य वाले कृषि उपकरण और फार्म मशीनरी बैंकों के लिए केन्द्र बनाकर उन लोगों तक पहुंचाना, जिनकी 'पहुंच से अब तक यह बाहर' है।

महत्वपूर्ण तथ्य: देश भर में स्थित नामित परीक्षण केंद्रों पर मशीनों का प्रदर्शन परीक्षण (performance testing) और प्रमाणन कृषि मशीनरी की गुणवत्ता, प्रभावशीलता और दक्षता सुनिश्चित कर रहा है।

  • राज्यों और अन्य कार्यान्वयन संस्थानों को इस योजना के तहत 2014-15 से 2020-21 के दौरान, 4556.93 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की गई है।
  • अब तक, 13 लाख से अधिक कृषि मशीनों का वितरण किया जा चुका है और 27.5 हजार से अधिक कस्टम हायरिंग संस्थान स्थापित किए गए हैं।
  • वर्ष 2021-22 में कृषि मशीनीकरण पर उप मिशन के लिए 1050 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है।

सामयिक खबरें आर्थिकी

लोकपाल योजनाओं की वार्षिक रिपोर्ट 2019-20


भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 8 फरवरी, 2021 को वर्ष 2019-20 के लिए लोकपाल योजनाओं की वार्षिक रिपोर्ट (Annual Report of the Ombudsman Schemes for the year 2019-20) जारी की।

महत्वपूर्ण निष्कर्ष: शिकायतों की प्राप्ति में लगभग 65% की वृद्धि हुई थी, जिनमें से लगभग 92% का निस्तारण किया जा चुका है।

  • RBI के तीन लोकपाल हैं- बैंकिंग लोकपाल, गैर-बैंकिंग वित्त कंपनी (यानी NBFC) लोकपाल और डिजिटल लेनदेन संबंधित लोकपाल। एक आम आदमी अपनी शिकायतों के लिए इन लोकपालों से संपर्क कर सकता है।
  • रिपोर्ट के अनुसार, तीनों लोकपाल को 2018-19 में 2,00,362 शिकायतों की तुलना में 2019-20 में कुल 3,30,543 शिकायतें मिलीं।
  • बैंकिंग लोकपाल को एटीएम और डेबिट कार्ड, मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग से संबंधित अधिक शिकायतें मिलीं, जबकि NBFC के लोकपालों को नियामक दिशा-निर्देशों के पालन न करने, अनुबंध / ऋण समझौते में पारदर्शिता की कमी और सूचना के बिना शुल्क वसूलने से संबंधित सबसे अधिक शिकायतें मिलीं।
  • डिजिटल लेन-देन लोकपालों को फंड अंतरण के बारे में सबसे अधिक शिकायतें मिलीं।
  • फरवरी 2021 के मौद्रिक नीति वक्तव्य में तीन लोकपाल योजनाओं को विलय कर एक एकल योजना में एकीकृत किए जाने की घोषणा की गई है, जिसे जून 2021 से शुरू किया जाएगा।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप युद्धाभ्यास/सैन्य अभियान

युद्ध अभ्यास 20


8 फरवरी, 2021 को भारत-अमेरिका संयुक्त सैन्य अभ्यास 'युद्ध अभ्यास 20' (Yudh Abhyas 20) राजस्थान में बीकानेर जिले के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में शुरू हुआ।

  • यह वार्षिक द्विपक्षीय संयुक्त अभ्यास का 16वां संस्करण है। यह अभ्यास 21 फरवरी तक जारी रहेगा।
  • दोनों सेनाएं इस अभ्यास के दौरान अपनी युद्ध-संबंधी तकनीकों, कौशल और अनुभव को एक-दूसरे के साथ साझा करेंगी।
  • संयुक्त अभ्यास का पिछला संस्करण संयुक्त राज्य अमेरिका के सिएटल में आयोजित किया गया था। दोनों सेनाओं के बीच 'युद्ध अभ्यास’ को 2004 में शुरू किया गया था।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप कला/संस्कृति

51वां अंतरराष्ट्रीय भारतीय फिल्म महोत्सव


गोवा में आयोजित ‘51वें अंतर्राष्ट्रीय भारतीय फिल्म महोत्सव’ (51st International Film Festival of India) का शुभारंभ 16 जनवरी, 2021 को थॉमस विन्टरबर्ग की फिल्म 'अनअदर राउंड' के इंडियन प्रीमियर के साथ हुआ।

  • 'अनअदर राउंड' फिल्म में, कानफेस्ट में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के पुरस्कार विजेता मैड्स मिकेलसन ने अभिनय किया है। यह फिल्म ऑस्कर में डेनमार्क की आधिकारिक प्रविष्टि भी है।
  • इस महोत्सव में ‘मेहरुनिसा’ का वर्ल्ड प्रीमियर भी किया गया। संदीप कुमार द्वारा निर्देशित तथा दमदार अभिनेत्री फारुख जफर की भूमिका वाली ये फिल्म एक महिला के आजीवन सपने की कहानी पर आधारित है।
  • 24 जनवरी, 2021 को कीयोशी कुरोसावा की हिस्टॉरिकल ड्रामा फिल्म ‘वाइफ ऑफ अ स्पाई' के इंडिया प्रीमियर के साथ इस महोत्सव का समापन हुआ।

पुरस्कार-

  • गोल्डन पीकॉक पुरस्कार: द्वितीय विश्व युद्ध पर आधारित फिल्म 'इनटू द डार्कनेस’ (DE FORBANDEDE AR)।
  • सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का सिल्वर पीकॉक पुरस्कार: ताइवान की निर्देशक, लेखिका और निर्माता ‘चेन-नियेन’ को (मंदारिन भाषा की ड्रामा फिल्म 'द साइलेंट फॉरेस्ट' के लिए)।
  • सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (पुरुष) के लिए सिल्वर पीकॉक पुरस्कार: 17 साल के त्शू शुआन-लियू ('द साइलेंट फॉरेस्ट' के मुख्य किरदार चांग चेंग के रूप में।
  • सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (महिला) का सिल्वर पीकॉक पुरस्कार: पोलैंड की अदाकारा जोफिया स्टाफिए को फिल्म 'आई नेवर क्राई / याक नाईदालेइ स्टाद' में उनकी भूमिका के लिए)।
  • आईएफएफआई-51 का विशेष ज्यूरी पुरस्कार: बुल्गारिया के निर्देशक कामिन कालेव को (उनकी फिल्म 'फेबरुएरी' के लिए)।
  • आईएफएफआई-51 स्पेशल मेंशन पुरस्कार: भारतीय निर्देशक कृपाल कलिता को उनकी असमिया फिल्म ‘ब्रिज’ के लिए दिया गया, जो ग्रामीण असम में हर साल आने वाली बाढ़ के कारण उपजे जीवन के कष्टों को दिखाती है।

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गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार लद्दाख की झांकी


इस वर्ष राजपथ पर गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार लद्दाख की झांकी प्रदर्शित की गई।

  • इसमें ऐतिहासिक ‘थिक्से बौद्ध मठ’ को दर्शाया गया, जो लेह जिले की पहाड़ी पर स्थित है और इस क्षेत्र के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में है।
  • गणतंत्र दिवस की झांकी में लेह के पास ‘हानले में स्थित भारतीय वेधशाला’ भी प्रदर्शित की गई, जहां ऑप्टिकल, इन्फ्रारेड और गामा किरणों वाला दुनिया का सबसे ऊंचा टेलिस्कोप स्थल है। ‘लद्दाख को कार्बन मुक्त बनाने के लक्ष्य’ को भी झांकी में प्रमुखता से उजागर किया गया।

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इंडिया साइंस


विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से जुड़े देश के ओटीटी (ओवर-द -टॉप) चैनल, ‘इंडिया साइंस’ (India Science) ने 15 जनवरी, 2021 को सफलतापूर्वक अपना दूसरा वर्ष पूरा कर लिया।

उद्देश्य: ओटीटी जैसी आज की प्रचलित नवीनतम तकनीक के जरिए देश के नागरिकों में वैज्ञानिक जागरूकता और चेतना पैदा करना।

  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के एक स्वायत्त संगठन ‘विज्ञान प्रसार’ द्वारा प्रबंधित इस चैनल का औपचारिक रूप से शुभारंभ 15 जनवरी, 2019 को किया गया था।
  • मोबाइल फोन पर, ‘इंडिया साइंस मोबाइल ऐप’ को गूगल प्लेस्टोर और एप्पल एप्प स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। रिलायंस जियो पर, यह जियोटीवी, जियोएसटीबी और जियोचैट के जरिए उपलब्ध है।

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छोटी इलायची के लिए क्रेता-विक्रेता बैठक


मसाला बोर्ड ने 22 जनवरी, 2021 को छोटी इलायची के लिए क्रेता-विक्रेता बैठक का आयोजन किया।

  • मसाला बोर्ड हमेशा से छोटी इलायची से संबंधित पक्षों का आपूर्ति शृंखला के विभिन्न चरणों में समर्थन करता रहा है। इसके तहत क्षेत्रीय विकास, नर्सरी प्रबंधन और फसल कटाई में सुधार के लिए विभिन्न कार्यक्रम / गतिविधियां शामिल हैं।
  • मसालों की रानी, छोटी इलायची अपनी मनमोहक सुगंध और स्वाद के कारण दुनिया भर में मशहूर है।
  • देश में केरल देश छोटी इलायची का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है। इसके अलावा तमिलनाडु और कर्नाटक अन्य प्रमुख उत्पादक राज्य हैं।
  • वित्त वर्ष 2020-21 की पहली छमाही के दौरान छोटी इलायची के निर्यात में बढ़ोतरी हुई है। इस दौरान 56.52 करोड़ रुपये मूल्य की 1900 मीट्रिक टन इलायची का निर्यात किया गया।

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दो किलोमीटर समय परीक्षण


भारत के केंद्रीय अनुबंधित क्रिकेटरों के लिए 'दो किलोमीटर के समय परीक्षण' (two-kilometre time trial) हेतु तेज गेंदबाजों के लिए 8 मिनट और 15 सेकंड तथा बल्लेबाजों, स्पिनरों और विकेटकीपरों के लिए 8 मिनट 30 सेकेंड अनिवार्य किया गया है।

  • 2 किमी समय परीक्षण एक गति-स्टेमिना परीक्षण है। एक मानक एथलेटिक्स ट्रैक पर, दूरी प्रत्येक 400 मीटर की 5 लैप में कवर की जाती है। यदि कोई एथलीट समय परीक्षण के लिए निर्धारित मानक को पूरा करता है, तो उसे 'फिट' कहा जा सकता है।
  • यह यो-यो परीक्षण से भिन्न है। यो-यो परीक्षण में, दो शंकु को 20 मीटर दूरी पर रखा जाता है। पहली बीप पर, एथलीट दौड़ना शुरू करता है और दूसरे बीप से पहले उसे दूसरे छोर पर शंकु तक पहुंचना होता है, और फिर वापस दौड़कर तीसरे बीप से पहले शुरुआती बिंदु को पार करना होता है।

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नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालय / छात्रावास


5 फरवरी, 2021 को शिक्षा मंत्रालय ने 'समग्र शिक्षा' के तहत वित्तपोषित आवासीय विद्यालयों / छात्रावासों का नाम 'नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालय / छात्रावास' के रूप में रखने का निर्णय लिया है।

महत्वपूर्ण तथ्य: समग्र शिक्षा के तहत शिक्षा मंत्रालय पहाड़ी, छोटे और कम आबादी वाले क्षेत्रों में आवासीय विद्यालयों और छात्रावासों को खोलने और इनका संचालन करने के लिए राज्यों एवं केंद्र-शासित प्रदेशों को वित्तीय सहायता प्रदान करता है।

  • इसका उद्देश्य सार्वभौमिक नामांकन सुनिश्चित करना है और उन क्षेत्रों में विद्यालय की सुविधा प्रदान करना है, जो बहुत कम आबादी वाले (ज्यादातर आदिवासी क्षेत्र) हैं तथा जहाँ स्कूल खोलना व्यवहार्य नहीं है और शहरी क्षेत्रों में जहां बच्चों की देखभाल और सुरक्षा की आवश्यकता है।
  • यह दुर्गम क्षेत्रों में इन आवासीय विद्यालयों और छात्रावासों की सुविधा के बारे में जागरूकता पैदा करने में मदद करेगा और इन विद्यालयों को गुणवत्ता शिक्षा के उच्च मानकों को प्राप्त करने के लिए प्रेरित करेगा।
  • बाल श्रम से बचाए गए बच्चों, गरीब भूमिहीन परिवारों से संबंधित प्रवासी बच्चों, बिना वयस्क संरक्षण वाले बच्चों, अपने परिवारों से बिछड़े, आंतरिक रूप से विस्थापित और सामाजिक और सशस्त्र संघर्ष और प्राकृतिक आपदाओं वाले क्षेत्रों के बच्चों को भी आवासीय सुविधा प्रदान की जाती है।
  • राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों में अब तक कुल 1063 आवासीय सुविधाएं (383 आवासीय विद्यालय और 680 छात्रावास) मंजूर की गई हैं।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

भारत रत्न पंडित भीमसेन जोशी आकाशवाणी संगीत सम्मेलन


केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने 6 फरवरी, 2021 को पुणे (महाराष्ट्र) में आयोजित पंडित भीमसेन जोशी शताब्दी स्मारक समारोह में प्रतिष्ठित ‘आकाशवाणी संगीत समारोह’ को भारत रत्न पंडित भीमसेन जोशी के नाम पर करने की घोषणा की। अब इसे ‘भारत रत्न पंडित भीमसेन जोशी आकाशवाणी संगीत सम्मेलन’ कहा जाएगा।

  • ऑल इंडिया रेडियो ने अपने नियमित संगीत प्रसारणों के अलावा, आकाशवाणी संगीत सम्मेलन के आयोजन से शास्त्रीय संगीत के श्रोताओं का प्यार प्राप्त किया है। इस सम्मेलन में देशभर के प्रसिद्ध कलाकार अपनी प्रस्तुति देते हैं।
  • पंडित भीमसेन जोशी का जन्म 4 फरवरी, 1922 को कर्नाटक के धारवाड़ स्थित गडग में हुआ था। पुणे उनकी कर्मभूमि थी, जहां उन्होंने ‘गायन के ख्याल रूप’ (Khayal form of singing) के बतौर प्रमुख प्रतिपादक प्रसिद्धि प्राप्त की। इसके अलावा उन्हें भक्ति संगीत- भजन और अभंगों के लोकप्रिय गायन के लिए भी ख्याति मिली।
  • पंडित भीमसेन जोशी को वर्ष 2009 में भारत रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप निधन

एस. एन. सुब्रह्मण्यन राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष नियुक्त


फरवरी 2021 में एस. एन. सुब्रह्मण्यन को तीन साल की अवधि के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (National Safety Council- NSC) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

  • एलएंडटी लिमिटेड के सीईओ और प्रबंध निदेशक, सुब्रह्मण्यन एक प्रतिष्ठित इंजीनियर हैं, जिन्होंने कई वर्षों तक देश के सबसे बड़े निर्माण संगठन एलएंडटी के बुनियादी ढांचे के कारोबार को गति प्रदान की है।
  • राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की स्थापना 4 मार्च, 1966 को श्रम मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा की गई थी।
  • राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद नई व्यावसायिक सुरक्षा स्वास्थ्य और कार्य शर्तें संहिता, 2020 (Occupational Safety, Health and Working Conditions Code, 2020 -- OSH Code ) के तहत कार्यस्थलों में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक प्रमुख भूमिका निभाएगी।
  • राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद देश में OSH को नियंत्रित करने वाले नियमों को फिर से बनाने में महानिदेशालय, फैक्टरी सलाह सेवा और श्रम संस्थान (DGFASLI) की सहायता करेगी, जिसे 50 वर्षों से अद्यतन नहीं किया गया है।
  • OSH Code के तहत थर्ड पार्टी ऑडिट और प्रमाणन के लिए योजना तैयार करने में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद भी शामिल होगा।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप पुरस्कार/सम्मान

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 25 जनवरी, 2021 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार (पीएमआरबीपी) के विजेताओं के साथ बातचीत की।

  • भारत सरकार ‘प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार’ के तहत ‘बाल शक्ति पुरस्कार’ प्रदान करती है।
  • नवाचार, शैक्षिक उपलब्धियों, खेल, कला और संस्कृति, सामाजिक सेवा और बहादुरी के क्षेत्र में असाधारण क्षमताओं और उत्कृष्ट उपलब्धि वाले बच्चों को बाल शक्ति पुरस्कार प्रदान किये जाते हैं।
  • इस वर्ष, बाल शक्ति पुरस्कार की विभिन्न श्रेणियों के तहत देश भर के 32 आवेदकों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2021 के लिए चुना गया है।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप युद्धाभ्यास/सैन्य अभियान

अभ्‍यास 'कवच'


जनवरी 2021 में देश के एकमात्र संयुक्त बल कमान – अंडमान एवं निकोबार कमान (एएनसी) के तहत भारतीय सेना, भारतीय नौसेना, भारतीय वायुसेना एवं भारतीय तटरक्षक बल के संसाधनों को मिलाकर एक वृहद संयुक्त सैन्य अभ्यास 'कवच' (Exercise Kavach) का संचालन किया गया।

  • इस अभ्यास में समुद्री निगरानी संसाधनों के इस्तेमाल में तालमेल कायम करना, वायु एवं समुद्री हमलों, वायु रक्षा, पनडुब्बी तथा लैंडिंग संचालनों के बीच समन्वय कायम करना शामिल था।
  • इसमें तीनों सेनाओं के विभिन्न तकनीकी, इलेक्ट्रॉनिक तथा मानवीय इंटेलिजेंस सहित सतत संयुक्त इंटेलिजेंस निगरानी एवं सैनिक सर्वेक्षण (Intelligence Surveillance and Reconnaissance- ISR) अभ्यास का संचालन किया गया।
  • तीनों सेनाओं के अभ्यास का लक्ष्य संयुक्त युद्धक क्षमताओं को बेहतर बनाना और संचालन संबंधी तालमेल बढ़ाने की दिशा में मानक संचालन प्रक्रिया तैयार करना था।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप विविध

पश्चिम बंगाल में प्रमुख अवसंरचना परियोजना


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 फरवरी, 2021 को हल्दिया, पश्चिम बंगाल का दौरा किया और देश को एलपीजी आयात टर्मिनल तथा प्रधानमंत्री ऊर्जा गंगा परियोजना के हिस्से के रूप में लगभग 350 किमी. डोभी - दुर्गापुर प्राकृतिक गैस पाइपलाइन खंड समर्पित किया।

  • 350 किलोमीटर डोभी - दुर्गापुर पाइपलाइन से न केवल पश्चिम बंगाल बल्कि बिहार और झारखंड के 10 जिले लाभान्वित होंगे।
  • उन्होंने प्रति वर्ष 270 हजार मीट्रिक टन क्षमता की हल्दिया रिफाइनरी की दूसरी कैटेलिटिक-आइसोडीवेक्सिंग इकाई (Catalytic-Isodewaxing unit) की आधारशिला भी रखी और राष्ट्रीय राजमार्ग 41 पर हल्दिया के रानीचक में 4 लेन फ्लाईओवर राष्ट्र को समर्पित किया।
  • चार परियोजनाओं से क्षेत्र में व्यापार सुगमता और जीवन सुगमता दोनों में सुधार होगा। ये परियोजनाएं हल्दिया को निर्यात-आयात के एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने में भी मदद करेंगी।

सामयिक खबरें बिजनेस और सार्वजनिक उपक्रम

वाइजली


तानला प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड ने सुरक्षित और भरोसेमंद संचार अनुभव प्रदान करने के लिए माइक्रोसॉफ्ट के साथ एक ब्लॉकचेन-सक्षम संचार प्लेटफॉर्म-एज-ए-सर्विस (Communications Platform-as-a-Service- CPaaS) 'वाइजली' लॉन्च करने के लिए साझेदारी की है।

  • प्लेटफॉर्म Microsoft Azure पर बनाया गया है। तानला और माइक्रोसॉफ्ट इस प्लेटफॉर्म लिए सह-विक्रय भागीदार होंगे।
  • हैदराबाद स्थित तानला प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड एक क्लाउड संचार प्रदाता (cloud communications provider) है।

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‘सिग्नल' ऐप


'सिग्नल' (Signal) एक एन्क्रिप्टेड ऐप है, जो इंटरनेट के माध्यम से संदेश भेजने और कॉल करने की सुविधा प्रदान करता है। सिग्नल की विशेषता निजता पर ध्यान केंद्रित करना है।

  • इससे ग्रुप चैट और ग्रुप वीडियो कॉल भी की जा सकती है। सिग्नल ओपन सोर्स है, जिसका अर्थ है कि इसकी निजता और सुरक्षा नियमित रूप से स्वतंत्र विशेषज्ञों द्वारा जाँच की जाती है।
  • सिग्नल मैसेजिंग सेवा अमेरिकी क्रिप्टोग्राफर मोक्सी मार्लिंस्पाइक द्वारा बनाई गई है। वर्तमान 'सिग्नल ऐप' को सिग्नल फाउंडेशन और सिग्नल मैसेंजर द्वारा विकसित किया गया है।
  • सिग्नल फाउंडेशन की स्थापना 2018 में मोक्सी मार्लिंस्पाइक और व्हाट्सएप के सह-संस्थापक ब्रायन एक्टन के द्वारा की गई थी।

पीआईबी न्यूज आर्थिक

तैरती हुई संरचना के लिए दिशा-निर्देश


फरवरी 2021 में पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने भारतीय तटरेखा पर विश्व स्तर का तैरता हुआ (फ्लोटिंग) बुनियादी ढांचा स्थापित करने के उद्देश्य से फ्लोटिंग स्ट्रक्चर्स के लिए अंतिम दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन दिशा-निर्देशों में भावी परियोजनाओं के लिए प्रावधान किए गए है।

महत्वपूर्ण तथ्य: दिशा-निर्देशों में बंदरगाहों, लघु बंदरगाहों, मछली पकड़ने और मछली उतारने के बंदरगाह केन्द्रों, वाटरड्रोम और तटीय क्षेत्रों, जलमार्गों, नदियों और जलाशयों में इस तरह की अन्य सुविधाओं के लिए तैरती हुई जेट्टी (Floating Jetties) और प्लेटफॉर्मों के लिए विभिन्न तकनीकी पहलुओं को निर्धारित किया गया है।

  • इन दिशा-निर्देशों का उपयोग लघु बंदरगाहों/मछली उतारने वाले केन्द्रों की सुविधाओं के साथ-साथ विभिन्न जल प्रणालियों में फ्लोटिंग पोंटूनों (floating pontoons) प्लेटफार्मों और फ्लोटिंग वेव अटेन्यूएटर्स (floating wave attenuators) के लिए उपयुक्त रूप से किया जा सकता है।
  • पारंपरिक घाटों और निश्चित कंक्रीट संरचनाओं की तुलना में फ्लोटिंग जेट्टी/संरचनाओं के कई लाभ हैं।

सामयिक खबरें अंतर्राष्ट्रीय

वैश्विक जलवायु जोखिम सूचकांक 2021


25 जनवरी, 2021 को जर्मनी के बॉन में स्थित जर्मनवाच नामक गैर-सरकारी संगठन द्वारा ‘वैश्विक जलवायु जोखिम सूचकांक 2021’ जारी किया गया।

महत्वपूर्ण तथ्य: 2021 में जारी सूचकांक, वैश्विक जलवायु जोखिम सूचकांक का 16वां अंक है। इसमें वर्ष 2019 और 2000-2019 के दशक के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया है।

  • 2019 में सबसे अधिक प्रभावित देश/क्षेत्र मोजाम्बिक, जिम्बाब्वे, बहामास, जापान, मलावी तथा अफगानिस्तान रहे, जबकि 2000-2019 के पूरे दशक में सर्वाधिक जोखिम का सामना प्यूर्टो रिको, म्यांमार और हैती ने किया है।
  • रिपोर्ट के अनुसार, 2000-2019 के बीच 11,000 से अधिक चरम मौसमीय घटनाओं के परिणामस्वरूप लगभग 4,80,000 लोगों ने प्रत्यक्ष रूप में अपना जीवन खोया और लगभग 2.56 ट्रिलियन डॉलर का आर्थिक नुकसान हुआ है।

भारत की स्थिति: सूचकांक में, भारत को उन देशों में सातवें स्थान पर रखा गया है, जो 2019 में जलवायु परिवर्तन से सबसे अधिक प्रभावित थे।

  • वर्ष 2019 में भारत में मानसून सामान्य से एक महीने अधिक तक जारी रहा। भारी बारिश के कारण भारत में भयंकर बाढ़ आई, जिसके परिणामस्वरूप 14 राज्यों में 1,800 लोग मारे गए। बाढ़ से 1.8 मिलियन लोगों का विस्थापन भी हुआ।
  • वैश्विक जलवायु जोखिम सूचकांक 2020 में भारत की रैंक 5 थी, जो वर्ष 2018 की घटनाओं के आंकड़ों पर आधारित था।

पीआईबी न्यूज अंतरराष्ट्रीय

अमेरिका द्वारा फिलिस्तीनियों के साथ संबंध बहाली की घोषणा


26 जनवरी, 2021 को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन प्रशासन द्वारा फिलिस्तीनियों के साथ संबंधों को बहाल करने तथा फिलिस्तीनी शरणार्थियों के लिए फिर से सहायता प्रदान करने घोषणा की गई।

महत्वपूर्ण तथ्य: अमेरिका का यह कदम, पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन द्वारा फिलिस्तीनियों से संबंध-विच्छेद किए जाने के विपरीत है, तथा दशकों पुराने संघर्ष को समाप्त करने के लिए इजरायल और फिलिस्तीनियों के मध्य सहमति प्राप्त ‘दो-राष्ट्र’ समाधान के लिए इसके नए सहयोग का एक प्रमुख तत्व है।

  • पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प द्वारा जनवरी 2020 में पश्चिम एशिया शांति योजना का उदघाटन किया गया था। इसके तहत, इजरायल और फिलिस्तीनियों के बीच ‘दो-राष्ट्र’ समाधान पर अवरुद्ध वार्ता को फिर से शुरू करने की योजना बनाई गई थी।
  • ‘पश्चिम एशिया शांति योजना’ में इजरायल के लिए ‘अविभाजित राजधानी’ के रूप में ‘येरुशलम’ सौंपे जाने तथा कड़ी शर्तों के आधार पर फिलिस्तीन को भविष्य में राष्ट्र का दर्जा देने की बात कही गई है। साथ ही पश्चिम तट की बस्तियों पर इजराइल की सम्प्रभुता देने का प्रस्ताव भी था।
  • इजरायल-फिलिस्तीनी संघर्ष की शुरुआत, उन्नीसवीं सदी के अंत में, मुख्यतः इस भूभाग पर अधिकार के लिए संघर्ष के रूप में हुई थी।

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जेरेंगा पोथार


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 जनवरी, 2021 को असम के शिवसागर जिले में ऐतिहासिक जेरेंगा पोथार के स्वदेशी समुदायों को एक लाख से अधिक भूमि पट्टों (दस्तावेजों) का वितरण किया।

  • शिवसागर को पूर्व में रंगपुर के रूप में जाना जाता था, इसका संबंध शक्तिशाली अहोम वंश से है, जिसने छ: शताब्दियों (1228-1826) तक असम पर शासन किया था।
  • शिवसागर शहर में जेरेंगा पोथार एक खुला मैदान है, जो 17वीं शताब्दी की अहोम राजकुमारी जॉयमती की वीरता के कारण लोकप्रिय है।
  • सन् 1671 से 1681 तक अहोम राजाओं का शासन काफी उथल-पुथल के दौर से गुजरा। अकुशल प्रधानसेवकों ने राजाओं की परेशानी बढ़ा दी थी।
  • इसी दौरान लोरा राजा के नाम से जाना जाने वाले सुलिखपा और उनके प्रधानमंत्री लालुकास्ला बोरफूकन ने राज हासिल करने के लिए अपने कई उत्तराधिकारियों को मरवा दिया था।
  • राजकुमारी जॉयमती के पति राजकुमार गोडापानी उनके अगले शिकार थे। वह उनसे बचकर नागा हिल्स भाग गए।
  • इसके बाद लोरा राजा ने उनकी पत्नी जॉयमती को पकड़ लिया। जॉयमती को इसके लिए कई दिनों तक यातनाएं दी गईं, लेकिन उन्होंने साहस नहीं छोड़ा और उनके आगे नहीं झुकीं। उन्होंने राजकुमार के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। उन्हें इसी मैदान में खूब यातनाएं दी गईं। कहा जाता है उन्हें एक कांटेदार पेड़ से बांध दिया गया था। इसके चलते उन्होंने दम तोड़ दिया था।

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सुभाष चंद्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार 2021


वर्ष 2021 के लिए सस्टेनेबल एनवायरमेंट एंड इकोलॉजिकल डेवलपमेंट सोसायटी (संस्थागत श्रेणी में) तथा डॉ. राजेंद्र कुमार भंडारी (व्यक्तिगत श्रेणी में) को आपदा प्रबंधन में उत्कृष्ट कार्य के लिए सुभाष चंद्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार के लिए चुना गया है।

  • भारत में आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में संगठनों और व्यक्तिगत स्तर पर दिए गए अमूल्य योगदान और निःस्वार्थ सेवा को मान्यता और सम्मान देने के लिए भारत सरकार ने सुभाष चंद्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार के नाम से एक वार्षिक पुरस्कार की शुरुआत की है।
  • इस पुरस्कार की घोषणा नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर हर साल 23 जनवरी को की जाती है।
  • इस पुरस्कार में संस्थागत श्रेणी में 51 लाख रुपये नकद और एक प्रमाण पत्र व व्यक्तिगत श्रेणी में 5 लाख रुपये और एक प्रमाण पत्र दिया जाता है।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप चर्चित दिवस

विश्व आर्द्रभूमि दिवस


2 फरवरी

2021 का विषय/अभियान: 'आर्द्रभूमि और जल' (Wetlands and Water)

महत्वपूर्ण तथ्य: वर्ष 2021 को 2 फरवरी, 1971 को रामसर में रामसर समझौते पर हस्ताक्षर की 50वीं वर्षगांठ के रूप में मनाया जा रहा है, इसी दिन विश्व आर्द्रभूमि दिवस मनाया जाता है।

  • भारत में लगभग 4.6 प्रतिशत भूमि आर्द्रभूमि है, जिनका क्षेत्रफल 1.526 करोड़ हेक्टेयर है और 42 आर्द्रभूमि अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमियों (रामसर स्थल) के रूप में नामित हैं, जिनका क्षेत्रफल 10.8 लाख हेक्टेयर है।

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लियोन मेंडोंका बने भारत के 67वें शतरंज ग्रैंडमास्टर


गोवा के 14 वर्षीय लियोन मेंडोंका इटली में एक टूर्नामेंट में तीसरा और अंतिम मानक जीतकर भारत के 67वें शतरंज ग्रैंडमास्टर बन गए हैं।

  • मेंडोंका ने 14 साल, 9 महीने और 17 दिन की उम्र में यह उपलब्धि हासिल की। वे अनुराग मामल के बाद गोवा राज्य से दूसरे ग्रैंडमास्टर हैं।
  • चेन्नई के खिलाड़ी जी. आकाश, जुलाई 2020 में देश के 66वें ग्रैंडमास्टर बने थे।

सामयिक खबरें खेल चर्चित खेल व्यक्तित्व

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व सलामी बल्लेबाज कोलिन मैक्डोनाल्ड का निधन


  • 11 जनवरी‚ 2021 को ऑस्ट्रेलिया के पूर्व सलामी बल्लेबाज कोलिन मैक्डोनाल्ड का निधन हो गया। वे 92 वर्ष के थे। अपने टेस्ट कॅरियर में उन्होंने 47 टेस्ट मैच खेले‚ जिसमें उन्होंने 3107 रन बनाए।

सामयिक खबरें खेल विविध

आईटीबीपी ने जीती 10वीं राष्ट्रीय आइस हॉकी चैंपियनशिप ट्रॉफी


भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) ने 22 जनवरी, 2021 को गुलमर्ग में फाइनल में लद्दाख पर शानदार जीत दर्ज कर आइस हॉकी एसोसिएशन ऑफ इंडिया (IHAI) की 10वीं राष्ट्रीय आइस हॉकी चैंपियनशिप ट्रॉफी अपने नाम की।

  • प्रतियोगिता 8,694 फीट की ऊंचाई और हिमांक बिंदु से नीचे तापमान पर आयोजित की गई थी। इस प्रतियोगिता का आयोजन गुलमर्ग आइस रिंक में 16 से 22 जनवरी, 2021 तक किया गया था, जिसमें भारत की आइस हॉकी की शीर्ष आठ टीमों ने भाग लिया।

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क्रिप्टो बैंक संयुक्त उद्यम 'यूनिकैस'


ब्लॉकचेन आधारित फिनटेक, 'कैशा' (Cashaa) ने क्रिप्टो बैंक संयुक्त उद्यम 'यूनिकैस' (UNICAS) लॉन्च करने के लिए एक क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी ‘यूनाइटेड मल्टीस्टेट कोऑपरेटिव सोसाइटी’ के साथ साझेदारी की है।

  • यूनिकैस उपयोगकर्ताओं को एक खाते से क्रिप्टोकरेंसी और फिएट (सरकार द्वारा जारी मुद्रा) में लेन-देन करने की अनुमति देता है।
  • ज्ञात हो कि UNICAS की ऑनलाइन सेवाएं पहले ही लाइव हो चुकी हैं। एनसीआर, राजस्थान और गुजरात में 14 शाखाएँ शुरू किए जाने की योजना है।
  • उपयोगकर्ता भारत में पारंपरिक बैंकों की तरह इसमें भी बचत खाते के माध्यम से जमा और निकासी कर सकेंगे। यह दुनिया में पहली बार है, जब किसी वित्तीय संस्थान ने भौतिक शाखाओं के माध्यम से क्रिप्टोकरेंसी व्यापार को सक्षम किया है।
  • ज्ञात हो कि आरबीआई द्वारा 2018 में क्रिप्टोकरेंसी पर लगाए गए प्रतिबंध को मार्च 2020 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा हटा दिया गया था।

सामयिक खबरें बिजनेस और सार्वजनिक उपक्रम

बीपीसीएल ने लॉन्च किया स्मार्टड्राइव के लिए ग्राहक प्रोत्साहन


जनवरी 2021 में भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) ने एक खुदरा अभियान शुरू किया है, जिसमें ग्राहक प्रत्येक लेनदेन के बाद 'स्मार्ट ड्राइव ऐप' में एक स्क्रैच कार्ड के माध्यम से 100 गुना पेट्रोमाइल्स ईंधन और गति तक लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

  • BPCL स्मार्ट ड्राइव एक मोबाइल फ्यूलिंग ऐप है, स्मार्टड्राइव ऐप से निकटतम ईंधन स्टेशनों और संबंधित सेवाओं को भी खोजा जा सकता है।
  • वर्तमान '100 गुना बोनस पेट्रोमाइल्स पायें' (Get 100X Bonus Petromiles) अभियान के माध्यम से, BPCL ने अपने ग्राहक आधार को दस गुना बढ़ाकर 10 लाख करने की उम्मीद जताई है।

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बर्ड फ्लू


बर्ड फ्लू (Bird flu) या एवियन इन्फ्लूएंजा एक वायरल संक्रमण है, जो ज्यादातर पक्षियों में पाया जाता है, लेकिन इसके मनुष्यों और अन्य जानवरों को प्रभावित करने की क्षमता है।

  • H5N1वायरस का सबसे आम प्रकार है, जो पक्षियों में गंभीर श्वसन रोग का कारण बनता है; H7, H8 जैसे कई अन्य प्रकार भी संक्रमण का कारण बनते हैं।
  • इस वायरस की सूचना सबसे पहले 1996 में चीन में मिली थी। भारत में पहली बार 2006 में महाराष्ट्र के नंदुरबार में वायरस की उपस्थिति दर्ज की गई थी, जिसके कारण बड़े पैमाने पर मुर्गियों की मौत हो गई थी।
  • ‘H5N1 वायरस’ संक्रमित पक्षी से मनुष्यों को संक्रमित कर सकता है। मनुष्यों में H5N1 संक्रमण का पहला मामला 1997 में हांगकांग में सामने आया था, जब एक पोल्ट्री फार्म कर्मी इससे संक्रमित हो गया था।

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कोयला खान श्रमिकों की सुरक्षा


खान सुरक्षा महानिदेशालय के पास उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, जून 2016 से जून 2019 के दौरान खान दुर्घटनाओं के कारण 393 खनिक मारे गए, जिनमें से 213 खनिक कोयला खनिक थे।

  • अपराधियों को दंडित करने के लिए अपराधी को चेतावनी, प्रमाण पत्र का निलंबन, काम करने की विधि में संशोधन तथा पदोन्नति को रोकने जैसे कदम उठाए गए हैं।
  • खानों में कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण से संबंधित मामलों को खान अधिनियम, 1952और इसके तहत बनाए गए नियमों तथा विनियमों के तहत निपटाया जाता है।
  • श्रम और रोजगार मंत्रालय,भारत सरकार के तहत खान सुरक्षा महानिदेशालय (DGMS) देश में खानों में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस अधिनियम को प्रशासित करता है।

पीआईबी न्यूज अंतरराष्ट्रीय

भारत-फ्रांस पर्यावरण वर्ष


केन्द्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर और फ्रांस की इकोलॉजिकल ट्रांजिशन मंत्री बारबरा पोम्पिली ने 28 जनवरी, 2021 को नई दिल्ली में ‘भारत-फ्रांस पर्यावरण वर्ष’ (Indo-French Year of the Environment) की शुरुआत की।

मुख्य उद्देश्य: सतत विकास के क्षेत्र में भारत-फ्रांस सहयोग को मजबूत करना, वैश्विक पर्यावरण संरक्षण के पक्ष में होने वाली कार्रवाई के प्रभाव को बढ़ाना और और इसे अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाना।

महत्वपूर्ण तथ्य: वर्ष 2021-2022 तक आयोजित होने वाला यह भारत-फ्रांस पर्यावरण वर्ष मुख्य रूप से इन पांच विषयों पर केन्द्रित होगाः पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन, जैव-विविधता संरक्षण, सतत शहरी विकास और नवीकरणीय ऊर्जा का विकास एवं ऊर्जा दक्षता।

  • यह पर्यावरण और संबद्ध क्षेत्रों में सहभागिता से जुड़े मत्वपूर्ण क्षेत्रों के बारे में चर्चा करने का एक मंच भी है।
  • भारत की तरफ से इस कार्यक्रम का आयोजन पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा विदेश मंत्रालय, आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय और अन्य संबंधित मंत्रालय/विभाग/संगठनों के सहयोग से किया जाएगा।
  • भारत-फ्रांस पर्यावरण वर्ष के सालभर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के कैलेंडर को अंतिम रूप देने के लिए एक संयुक्त स्क्रीनिंग समिति का गठन भी किया जाएगा।

सामयिक खबरें अंतर्राष्ट्रीय

अंतरराष्ट्रीय प्रवासन 2020 हाइलाइट्स


15 जनवरी, 2021 को जारी संयुक्त राष्ट्र की ‘अंतरराष्ट्रीय प्रवासन 2020 हाइलाइट्स’ (International Migration 2020 Highlights) के अनुसार कोरोना वायरस महामारी के कारण 2020 के मध्य तक प्रवासियों के स्टॉक की संख्या में लगभग दो मिलियन वृद्धि धीमी हुई है।

महत्वपूर्ण तथ्य: 2020 में लगभग 281 मिलियन लोग अपने मूल देश से बाहर रह रहे थे।

  • रिपोर्ट के अनुसार पंजीकृत प्रवासियों में से दो-तिहाई केवल 20 देशों में रह रहे थे। 2020 में 51 मिलियन अंतरराष्ट्रीय प्रवासियों के गंतव्य के साथ संयुक्त राज्य अमेरिका सूची में सबसे ऊपर था। इसके बाद जर्मनी में 16 मिलियन, सऊदी अरब में 13 मिलियन, रूस में 12 मिलियन और ब्रिटेन में 9 मिलियन प्रवासी थे।
  • वर्ष 2020 में किसी एक देश के प्रवासियों (Diasporas) के मामले में भारत शीर्ष पर रहा। भारत के 18 मिलियन लोग अन्य देशों में निवासरत हैं। इसके प्रश्चात मेक्सिको और रूस प्रत्येक से 11 मिलियन‚ चीन से 10 मिलियन तथा सीरिया से 8 मिलियन प्रवासियों की संख्या है।
  • 2020 में, यूरोप में सबसे ज्यादा 87 मिलियन प्रवासियों की संख्या थी। अंतर-क्षेत्रीय प्रवासन का सबसे बड़ा हिस्सा यूरोप से था, जहां यूरोप में जन्में 70% प्रवासी अन्य यूरोपीय देश में रहते हैं।
  • सभी अंतरराष्ट्रीय प्रवासियों में लगभग 12% शरणार्थी हैं, जिनमें कम और मध्यम आय वाले देशों में विश्व के शरणार्थियों के लगभग 80% निवासरत हैं।

सामयिक खबरें विज्ञान-पर्यावरण

भारत लाल पांडा की दोनों प्रजातियों का वास स्थल


भारतीय प्राणी-विज्ञान सर्वेक्षण (ZSI) के अध्ययन के अनुसार भारत लाल पांडा की दोनों (उप) प्रजातियों ‘हिमालयन रेड पांडा’ (Ailurus fulgens) और ‘चीनी लाल पांडा’ (Ailurus styani) का वास स्थल है।

महत्वपूर्ण तथ्य: अरुणाचल प्रदेश में सियांग नदी लाल पांडा को इन दो जातिवृत्तीय प्रजातियों (phylogenetic species) में विभाजित करती है।

  • 2020 में वैज्ञानिकों ने भौगोलिक वितरण के संबंध में इसकी आनुवंशिक संरचना का अध्ययन किया था तथा दो प्रजातियों की संभावना का वर्णन किया था। इससे पहले तक लाल पांडा को एक ही प्रकार की प्रजाति (monotypic species) माना जाता था।
  • लाल पांडा (Ailurus fulgens) एक स्तनपायी प्रजाति है, जो पूर्वी हिमालय और दक्षिण-पश्चिमी चीन में पाई जाती है। लाल पांडा भारत के चार राज्यों अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, सिक्किम और पश्चिम बंगाल में पाया जाता है।
  • यह पेड़ो में निवास करता है और मुख्य रूप से बांस से आहार लेता है, लेकिन अंडे, पक्षी और कीड़े भी खाता है। यह एक एकान्तप्रिय जानवर है, जो मुख्य रूप से रात में सक्रिय होता है, और दिन के दौरान मुख्य रूप से निष्क्रिय रहता है।
  • IUCN रेड लिस्ट में लाल पांडा को ‘संकटग्रस्त’ (Endangered) के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। आवास स्थलों को नुकसान तथा अवैध शिकार के कारण इनकी आबादी में गिरावट जारी है।

सामयिक खबरें सार-संक्षेप पुरस्कार/सम्मान

पद्म पुरस्कार 2021


25 जनवरी, 2021 को गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पद्म पुरस्कार 2021 की घोषणा की गई।

  • इन पुरस्कारों को राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में भारत के राष्ट्रपति द्वारा प्रदान किया जाता है।
  • इस वर्ष राष्ट्रपति ने 1 जोड़ी मामले (एक जोड़ी मामले में 2 व्यक्तियों को दिये जाने वाले पुरस्कार को एक के रूप में गिना जाता है) सहित 119 पद्म पुरस्कारों को मंजूरी दी है।
  • इस सूची में 7 पद्म विभूषण, 10 पद्म भूषण और 102 पद्म श्री पुरस्कार शामिल हैं।
  • पुरस्कार पाने वालों में से 29 महिलाएं हैं और इस सूची में विदेशियों की श्रेणी के 10 व्यक्ति या एनआरआई / पीआईओ / ओसीआई, 16 मरणोपरांत और 1 ट्रांसजेंडर पुरस्कार विजेता शामिल हैं।

पद्म विभूषण: शिंजो आबे (जनसेवा), एसपी बालासुब्रमण्यम (मरणोपरांत) (कला), डॉ. बेल्ले मोनप्पा हेगड़े (चिकित्सा), नरिंदर सिंह कपानी (विज्ञान और प्रौद्योगिकी), मौलाना वहीदुद्दीन खान (अध्यात्म), बी बी लाल (पुरातत्व) तथा सुदर्शन साहू (कला)।

पद्म भूषण: कृष्णन नायर शांताकुमारी चित्रा (कला), तरुण गोगोई (मरणोपरांत) (जनसेवा), चंद्रशेखर कंबारा (साहित्य और शिक्षा), सुमित्रा महाजन (जनसेवा), नृपेंद्र मिश्र (सिविल सेवा), राम विलास पासवान (मरणोपरांत) (जनसेवा), केशुभाई पटेल (मरणोपरांत) (जनसेवा), कल्बे सादिक (मरणोपरांत) (अध्यात्म), रजनीकांत देवीदास श्रॉफ (व्यापार व उद्योग) तथा तरलोचन सिंह (जनसेवा)।

पृष्ठभूमि: पद्म पुरस्कार (पद्म विभूषण) को वर्ष 1954 में स्थापित किया गया था। बाद में इन्हें 8 जनवरी, 1955 को राष्ट्रपति भवन की अधिसूचना के माध्यम से पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री तीन अलग-अलग पुरस्कारों में पुनर्वर्गीकृत किया गया था।

  • यह पुरस्कार तीन श्रेणियों में दिया जाता है, अर्थात् असाधारण और विशिष्ट सेवा के लिए ‘पद्म विभूषण’; उच्च क्रम की विशिष्ट सेवा के लिए ‘पद्म भूषण’; तथा विशिष्ट सेवा के लिए ‘पद्म श्री’।
  • पद्म पुरस्कार विभिन्न विषयों / गतिविधियों के क्षेत्रों, अर्थात- कला, सामाजिक कार्य, जनसेवा, विज्ञान और इंजीनियरिंग, व्यापार और उद्योग, चिकित्सा, साहित्य और शिक्षा, खेल, सिविल सेवा आदि में दिए जाते हैं।

सामयिक खबरें राज्य गुजरात

'मुख्यमंत्री बागायत विकास मिशन'


गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपानी ने 19 जनवरी, 2021 को बागवानी विकास मिशन 'मुख्यमंत्री बागायत विकास मिशन' (Mukhyamantri Bagayat Vikas Mission) की घोषणा की।

उद्देश्य: औषधीय और बागवानी खेती में शामिल किसानों की आय को दोगुना करना।

  • इस मिशन के तहत, सरकार की बंजर भूमि को बागवानी और औषधीय फसलों की खेती के लिए 30 साल के पट्टे (Lease) पर दिया जाएगा।
  • सरकार ने पहले चरण में कच्छ, सुरेंद्रनगर, पाटन, साबरकांठा और बनासकांठा जिलों को शामिल किया है। इस मिशन के तहत, भूमि रूपांतरण पर कर माफ कर दिया जाएगा।
  • आवंटन के लिए उपलब्ध बेकार भूमि की एक सूची i-Khedut पोर्टल पर जारी की जाएगी।
  • यह मिशन स्प्रिंकलर और ड्रिप सिंचाई का उपयोग करके किसानों को प्राथमिकता देगा। इस मिशन ने लीज राशि 100 रुपये से 500 रुपये प्रति वर्ष प्रति एकड़ तय की है।

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कुमार संगकारा राजस्थान रॉयल्स के क्रिकेट निदेशक नियुक्त


इंडियन प्रीमियर लीग फ्रेंचाइजी राजस्थान रॉयल्स द्वारा श्रीलंका के महान बल्लेबाज कुमार संगकारा को 24 जनवरी, 2021 को आगामी सत्र के लिए फ्रेंचाइजी के क्रिकेट निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया है।

  • मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब (एमसीसी) के वर्तमान अध्यक्ष संगकारा, कोचिंग ढांचा, नीलामी योजनाओं और टीम की रणनीति, प्रतिभा खोज और विकास के साथ ही नागपुर में रॉयल्स अकादमी के विकास सहित पूरे क्रिकेट इकोसिस्टम की देखरेख करेंगे।

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भारत के पूर्व फुटबॉल गोलकीपर प्रशांत डोरा का निधन


भारत के पूर्व फुटबॉल गोलकीपर प्रशांत डोरा, जो कोलकाता फुटबॉल के बड़े तीन क्लबों के लिए खेले थे, का 25 जनवरी, 2021 को निधन हो गया। वे एक दुर्लभ रक्त रोग 'हेमोफैगोसिटिक लिम्फोहिस्टियोसाइटोसिस' (Hemophagocytic Lymphohistiocytosis-HLH) से पीड़ित थे।

  • प्रशांत ने 1999 में ओलंपिक क्वालीफायर में थाईलैंड के खिलाफ अपना पदार्पण किया था तथा सैफ कप और सैफ खेलों में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया था। उन्होंने पांच अंतरराष्ट्रीय मैच खेले।
  • उन्होंने टॉलीगंज अग्रगामी की तरफ से अपने करियर की शुरुआत की तथा कलकत्ता पोर्ट ट्रस्ट, मोहम्मडन स्पोर्टिंग, मोहन बागान और ईस्ट बंगाल की तरफ से भी खेले।
  • HLH रोग से प्रतिरोधक प्रणाली प्रभावित होती है, जो संक्रमण या कैंसर जैसी बीमारियों का कारक हो सकता है।

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नाल्को का 41वां स्थापना दिवस


  • 7 जनवरी, 2021 को ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में कंपनी के मुख्यालय में नाल्को का 41वां स्थापना दिवस समारोह मनाया गया।
  • केंद्रीय कोयला तथा खान मंत्रालय के अनुसार नाल्को वित्त वर्ष 2027-28 तक कंपनी के विस्तार और विविधिकरण योजनाओं पर 30,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।
  • नेशनल एलुमिनियम कंपनी लिमिटेड (नाल्को) भारत सरकार के खान मंत्रालय के अंतर्गत सार्वजनिक क्षेत्र की अनुसूची-ए नवरत्न कंपनी है।
  • कंपनी भारत में 32% बॉक्ससाइट, 33% एलुमिना तथा 12% एल्युमिनियम का उत्पादन करती है। इसे विश्व में एलुमिना तथा बॉक्ससाइट का सबसे कम लागत का उत्पादक माना जाता है।

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रितेश तिवारी हिंदुस्तान यूनिलीवर के मुख्य वित्तीय अधिकारी नियुक्त


  • हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (एचयूएल) ने 27 जनवरी, 2021 को रितेश तिवारी को कार्यकारी निदेशक (वित्त) और मुख्य वित्तीय अधिकारी और बोर्ड के एक सदस्य के रूप में नियुक्त करने की घोषणा की।
  • वे 1 मई, 2021 से पदभार ग्रहण करेंगे। वे दक्षिण एशिया, यूनिलीवर के वाइस- प्रेसिडेंट का पद भी संभालेंगे।

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कोविड-19 वैक्सीन 'बीबीवी154'


विशेषज्ञ निकाय ने भारत बायोटेक के प्रस्तावित नाक के द्वारा दी जाने वाली एकल-खुराक कोविड-19 वैक्सीन 'बीबीवी154' (Intranasal Covid-19 vaccine BBV154) के नैदानिक परीक्षण के लिए प्रोटोकॉल को संशोधित करने के लिए कहा है।

  • टीकों को आमतौर पर त्वचा और मांसपेशियों के बीच ऊतक में इंजेक्शन के माध्यम से लगाया जाता है। हालांकि, नाक के माध्यम से दिए जाने वाले टीकों को, नथुने में छिड़का जाता है और इसे इंजेक्ट करने के बजाय अंदर खींचा जाता है।
  • यह टीका दिए जाने का सामान्य तरीका नहीं है और, अभी तक केवल कुछ फ्लू रोगों में इस तरह के टीके दिए गए हैं।
  • नाक से दिए जाने वाले टीके, इंजेक्शन वाले टीकों के उत्पादन और वितरण के साथ आने वाली प्रशासनिक बाधाओं को दूर करते हैं।