राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2021


भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 13 नवंबर, 2021 को राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2021 प्रदान किए।

(Image Source: https://twitter.com/IndiaSports)

  • इस वर्ष 12 खिलाड़ियों को 'मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार' से सम्मानित किया गया जबकि 2021 में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए 35 खिलाड़ियों को 'अर्जुन पुरस्कार' से सम्मानित किया गया।
  • इस वर्ष की पुरस्कार चयन समिति की अध्यक्षता न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) मुकुंदकम शर्मा (सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश) ने की थी।
  • राष्ट्रपति ने इस अवसर पर 'तेनजिंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार-2020 भी प्रदान किए।

पुरस्कार विजेताओं का विवरण-

  • मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार 2021: नीरज चोपड़ा (एथलेटिक्स), रवि कुमार (कुश्ती), लवलीना बोरगोहेन (मुक्केबाजी), पीआर श्रीजेश (हॉकी), अवनि लेखरा (पैरा निशानेबाजी), सुमित अंतिल (पैरा एथलेटिक्स), प्रमोद भगत (पैरा बैडमिंटन), कृष्णा नागर (पैरा बैडमिंटन), मनीष नरवाल (पैरा निशानेबाजी), मिताली राज (क्रिकेट), सुनील छेत्री (फुटबॉल), मनप्रीत सिंह (हॉकी)।
  • अर्जुन पुरस्कार 2021: अरपिंदर सिंह (एथलेटिक्स), सिमरनजीत कौर (बॉक्सिंग), शिखर धवन (क्रिकेट), सीए भवानी देवी (फेंसिंग), मोनिका (हॉकी), वंदना कटारिया (हॉकी), संदीप नरवाल (कबड्डी), हिमानी उत्तम परब (मल्लखंब), अभिषेक वर्मा (निशानेबाजी), अंकिता रैना (टेनिस), दीपक पुनिया (कुश्ती), दिलप्रीत सिंह (हॉकी), हरमन प्रीत सिंह (हॉकी), रूपिंदर पाल सिंह (हॉकी), सुरेंद्र कुमार (हॉकी), अमित रोहिदास ( हॉकी), बीरेंद्र लाकड़ा (हॉकी), सुमित (हॉकी), नीलकांत शर्मा (हॉकी), हार्दिक सिंह (हॉकी), विवेक सागर प्रसाद (हॉकी), गुरजंत सिंह (हॉकी), मनदीप सिंह (हॉकी), शमशेर सिंह (हॉकी), ललित कुमार उपाध्याय (हॉकी), वरुण कुमार (हॉकी), सिमरनजीत सिंह (हॉकी), योगेश कथुनिया (पैरा एथलेटिक्स), निषाद कुमार (पैरा एथलेटिक्स), प्रवीण कुमार (पैरा एथलेटिक्स), सुहास यतिराज (पैरा बैडमिंटन) सिंहराज अधाना (पैरा निशानेबाजी), भाविना पटेल (पैरा टेबल टेनिस), हरविंदर सिंह (पैरा तीरंदाजी) और शरद कुमार (पैरा एथलेटिक्स)।
  • उत्कृष्ट कोच के लिए द्रोणाचार्य पुरस्कार 2021 (जीवन-पर्यंत श्रेणी): टी. पी. ओसेफ (एथलेटिक्स), सरकार तलवार (क्रिकेट), सरपाल सिंह (हॉकी), अशन कुमार (कबड्डी) और तपन कुमार पाणिग्रही (तैराकी)।
  • उत्कृष्ट कोच के लिए द्रोणाचार्य पुरस्कार 2021 (नियमित श्रेणी): राधाकृष्णन नायर पी (एथलेटिक्स), संध्या गुरुंग (मुक्केबाजी), प्रीतम सिवाच (हॉकी), जय प्रकाश नौटियाल (पैरा निशानेबाजी) और सुब्रमण्यन रमन (टेबल टेनिस)।
  • लाइफटाइम अचीवमेंट 2021 के लिए ध्यानचंद पुरस्कार: लेखा के.सी (मुक्केबाजी), अभिजीत कुंटे (शतरंज), दविंदर सिंह गरचा (हॉकी), विकास कुमार (कबड्डी) और सज्जन सिंह (कुश्ती)।
  • राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार 2021: मानव रचना शैक्षिक संस्थान (श्रेणी - नवोदित और युवा प्रतिभा की पहचान और तराशना) और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (श्रेणी - कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के माध्यम से खेल को प्रोत्साहन)।
  • मौलाना अबुल कलाम आजाद ट्रॉफी: पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़।
  • तेनजिंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार 2020: प्रियंका मंगेश मोहिते (महाराष्ट्र - भूमि साहस), जय प्रकाश कुमार (झारखंड - भूमि साहस), कर्नल अमित बिष्ट (उत्तराखंड- भूमि साहस), शीतल (उत्तराखंड - भूमि साहस), श्रीकांत विश्वनाथन (कर्नाटक) - जल साहस), लेफ्टिनेंट कर्नल सर्वेश धडवाल (पंजाब - वायु साहस), जय किशन (दिल्ली - लाइफ टाइम अचीवमेंट)।

पहला साई संस्थागत पुरस्कार


केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने 17 नवंबर, 2021 को नई दिल्ली में 246 एथलीटों और प्रशिक्षकों को ‘भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के पहले संस्थागत पुरस्कार' (first-ever SAI Institutional Awards) से सम्मानित किया।

  • नकद पुरस्कारों के साथ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उनके प्रदर्शन के लिए कुल 162 एथलीटों और 84 प्रशिक्षकों को 'उत्कृष्ट पुरस्कार' और 'सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार' श्रेणी में पुरस्कार प्रदान किए गए।
  • पुरस्कार 2016 से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न खेल प्रोत्साहन योजनाओं के तहत SAI एथलीटों और प्रशिक्षकों के असाधारण प्रदर्शन को मान्यता प्रदान करते हैं।
  • इस प्रकार वर्ष 2016-17, 2017-18, 2018-19 और 2019-20 के लिए योग्य उम्मीदवारों को पुरस्कार प्रदान किए गए हैं।
  • पुरस्कारों की श्रेणियां उत्कृष्ट पुरस्कार (राष्ट्रीय स्तर की उपलब्धियों के लिए) और सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार (अंतरराष्ट्रीय स्तर की उपलब्धियों के लिए) थीं।

भारत का पहला ‘क्वांटम कंप्यूटर सिम्युलेटर टूलकिट’


  • इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने 27 अगस्त, 2021 को भारत का पहला ‘क्वांटम कंप्यूटर सिम्युलेटर (QSim) टूलकिट’ लॉन्च किया है।
  • उद्देश्य: शोधकर्ताओं और छात्रों को क्वांटम कंप्यूटिंग में लागत प्रभावी तरीके से अनुसंधान करने में सक्षम बनाना।
  • QSim स्वदेशी रूप से विकसित होने वाला अपनी तरह का पहला टूलकिट है।
  • यह परियोजना भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सहयोग से आईआईएससी बैंगलुरू, आईआईटी रुड़की और सी-डेक के समन्वय से निष्पादित की जा रही है।
  • इस टूलकिट को शोधकर्ताओं और छात्रों को क्वांटम कंप्यूटिंग में लागत प्रभावी तरीके से शोध करने में सक्षम बनाने के लिए लॉन्च किया गया है।
  • QSim, क्वांटम प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में छात्रों/शोधकर्ताओं को आकर्षित करने के लिए एक उत्कृष्ट माध्यम प्रदान करने के मामले में एक महत्वपूर्ण शैक्षिक/अनुसंधान उपकरण के रूप में कार्य कर सकता है और 'प्रोग्रामिंग' के कौशल के साथ-साथ वास्तविक क्वांटम हार्डवेयर को 'डिजाइन' करने के लिए एक मंच प्रदान करता है।

समर्थ योजना


  • वस्त्र उद्योग क्षेत्र में कौशल की कमी को पूरा करने के लिए वस्त्र मंत्रालय इस क्षेत्र में क्षमता निर्माण के लिए ‘समर्थ’ योजना कार्यान्वित कर रहा है।
  • उद्देश्य: संगठित क्षेत्र में कताई और बुनाई को छोड़कर, वस्त्र और संबंधित क्षेत्रों में रोजगार सृजित करने में उद्योग के प्रयासों को सहायता प्रदान करने के लिए मांग संचालित, रोजगार उन्मुख कौशल कार्यक्रम प्रदान करना।
  • 63 प्रशिक्षण केंद्रों में प्रत्येक केंद्र में पहले बैच ने सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा कर लिया है, जिससे 1,565 कारीगर लाभान्वित हुए हैं। इसके अतिरिक्त, प्रशिक्षण कार्यक्रम को विस्तारित करने के लिए 65 नए हस्तशिल्प प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं।
  • योजना की मुख्य विशेषताएं: वस्त्र उद्योग/उद्योग संघों, राज्य सरकार की एजेंसियों और वस्त्र मंत्रालय के क्षेत्रीय संगठनों के माध्यम से योजना लागू की गई।
  • योजना को कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय द्वारा अपनाए गए व्यापक कौशल ढांचे के अनुसार तैयार किया गया।
  • इसमें शुरुआती कौशल (नए कर्मचारी) और कौशल विस्तार (मौजूदा कर्मचारी) शामिल हैं।
  • प्रशिक्षुओं की अनिवार्य नियुक्ति (Mandatory placement) - प्रवेश स्तर के लिए 70% और संगठित क्षेत्र के तहत कौशल विस्तार (Up-skilling) के लिए 90% है।

‘जीएम सोया खली’ के आयात के नियमों में छूट


  • वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने 24 अगस्त, 2021 को क्रश्ड (तोड़ी हुई) और बिना तेल वाली ‘जीएम सोया खली’ (केवल निर्जीव हिस्सा) के आयात के नियमों में छूट दी है।
  • आईटीसी (एचएस) 2017 [ITC (HS) 201] की आयात नीति अनुसूची-I (आयात) संबंधी प्रावधान के आवेदन में, न्हावा शेवा पोर्ट और एलसीएस पेट्रापोल से आईटीसी एचएस कोड 23040020 और 23040030 के तहत 31 अक्टूबर, 2021 तक 12 लाख मीट्रिक टन क्रश्ड (तोड़ी हुई) और बिना तेल वाली जीएम सोया खली (केवल निर्जीव हिस्सा) की आयात संबंधी अनुमति में छूट दी गई है।
  • उक्त छूट पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से स्पष्टीकरण और पूर्व अनुमति मिलने के बाद दी गई है, मंत्रालय को पर्यावरण के दृष्टिकोण से सोया खली के आयात के लिए कोई चिंता और कोई आपत्ति नहीं है।
  • यह निर्णय किसानों, कुक्कुट पालकों और मछुआरों पर सकारात्मक प्रभाव डालेगा।

राष्ट्रीय पशु जैव प्रौद्योगिकी संस्थान


राष्ट्रीय पशु जैव प्रौद्योगिकी संस्थान (NIAB), हैदराबाद को वैक्सीन के परीक्षण और उनके बैच जारी करने के लिए केन्द्रीय औषधि प्रयोगशाला (CDL) के रूप में अधिसूचित किया गया है।

  • कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम और उसके उपचार के लिए वैक्सीन बैचों को शीघ्र जारी करने हेतु जनहित में कोविड-19 टीकों के परीक्षण को विनियमित करने हेतु और अधिक सुविधाएं स्थापित करना आवश्यक है।
  • इसी को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने जैव प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत दो स्वायत्त संस्थानों अर्थात राष्ट्रीय पशु जैव प्रौद्योगिकी संस्थान, हैदराबाद और राष्ट्रीय कोशिका विज्ञान केंद्र, पुणे काCDL के रूप में उन्नयन हेतु पहचान की है।
  • पीएम-केयर्स फंड से इसके लिए वित्त पोषण किया गया था।
  • NIAB, हैदराबाद की सुविधा को 17 अगस्त, 2021 को CDL के रूप में अधिसूचित कर दिया गया है, जबकि राष्ट्रीय कोशिका विज्ञान केंद्र, पुणे स्थित सुविधा को 28 जून, 2021 को CDL के रूप में पहले ही अधिसूचित किया जा चुका है।
  • NIAB का मिशन नवीन प्रौद्योगिकी के माध्यम से स्थायी और विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी पशुधन उद्योग (Livestock Industry) का विकास करना है।

रक्षा परीक्षण अवसंरचना योजना


घरेलू रक्षा और एयरोस्पेस निर्माण को बढ़ावा देने के लिए, रक्षा मंत्रालय ने निजी उद्योग के साथ साझेदारी में अत्याधुनिक परीक्षण बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए 400 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ ‘रक्षा परीक्षण अवसंरचना योजना’ (Defence Testing Infrastructure Scheme- DTIS) शुरू की है।

  • यह योजना 8 मई, 2020 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा शुरू की गई थी। योजना की अवधि पांच वर्ष है।
  • इस योजना में रक्षा और एयरोस्पेस से संबंधित उत्पादन के लिए आवश्यक 6-8 ग्रीनफील्ड रक्षा परीक्षण अवसंरचना सुविधाओं की स्थापना की जाएगी।
  • योजना के तहत परियोजनाओं को 'अनुदान-सहायता' के रूप में 75% तक सरकारी वित्त पोषण प्रदान किया जाएगा। परियोजना लागत का शेष 25% विशेष प्रयोजन वाहन (SPV) घटकों द्वारा वहन किया जाएगा, जिनमें भारतीय निजी संस्थाएं और राज्य सरकारें होंगी।

हथकरघा डिजाइन संसाधन केंद्र


हथकरघा उद्योग को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देने के लिए वस्त्र मंत्रालय ने कई नई पहल की हैं। राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (NIFT) द्वारा कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद, कन्नूर, इंदौर, नागपुर, मेरठ, भागलपुर और पानीपत के बुनकर सेवा केंद्रों में 10 ‘हथकरघा डिजाइन संसाधन केंद्र’ (Handloom Design Resource Centres) स्थापित किए जा रहे हैं।

उद्देश्य: हथकरघा क्षेत्र में डिजाइन-आधारित उत्कृष्टता का निर्माण करना और बुनकरों, निर्यातकों, निर्माताओं व डिजाइनरों के नमूनों/ बेहतर उत्पाद और उनके विकास के लिए डिजाइन भंडार (design repositories) तक पहुंच की सुविधा प्रदान करना।

  • शुरू में, मुंबई, चेन्नई और वाराणसी में हथकरघा डिजाइन केंद्र वर्ष 1956 में स्थापित किए गए थे। बाद में इन डिजाइन केंद्रों की गतिविधियों का विस्तार हथकरघा वस्त्रों के अन्य क्षेत्रों को कवर करने के लिए किया गया, जिन्हें बाद में बुनकर सेवा केंद्र के रूप में नामित किया गया।
  • 1986 में स्थापित, NIFT देश में फैशन शिक्षा का अग्रणी संस्थान है और कपड़ा और परिधान उद्योगों (textile and apparel industry) को पेशेवर मानव संसाधन प्रदान करने में सबसे अग्रणी है।

भारत ने हासिल किया 100 गीगावॉट की स्थापित अक्षय ऊर्जा क्षमता का महत्वपूर्ण पड़ाव


अगस्त 2021 में बड़ी जलविद्युत परियोजनाओं को छोड़कर भारत में कुल स्थापित अक्षय ऊर्जा क्षमता 100 गीगावॉट के महत्वपूर्ण पड़ाव को पार गई है।

  • भारत स्थापित अक्षय ऊर्जा क्षमता के मामले में विश्व में चौथे स्थान पर, सौर ऊर्जा में पांचवें और पवन ऊर्जा में चौथे स्थान पर है।
  • यदि बड़ी जलविद्युत परियोजनाओं को शामिल कर लिया जाए तो स्थापित अक्षय ऊर्जा क्षमता 146 गीगावॉट बढ़ जाती है।
  • 100 गीगावॉट की क्षमता स्थापित की जा चुकी है, 50 गीगावॉट क्षमता स्थापित करने का काम जारी है, और 27 गीगावॉट के लिए निविदा की प्रक्रिया चल रही है।
  • भारत ने 2030 तक 450 गीगावॉट अक्षय ऊर्जा क्षमता स्थापित करने की अपनी महत्वाकांक्षा को भी बढ़ा दिया है।

सोनचिरैया


आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने 13 अगस्त, 2021 को शहरी स्वयं- सहायता समूह (SHGs) उत्पादों के विपणन के लिए ‘सोनचिरैया’ (SonChiraiya) एक ब्रांड और लोगो लॉन्च किया।

  • दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) ने शहरी गरीब महिलाओं को पर्याप्त कौशल और अवसर उपलब्ध कराने और टिकाऊ सूक्ष्म उद्यमों को प्रोत्साहन देने में सक्षम बनाने पर जोर दिया है।
  • DAY-NRLM शहरी गरीब परिवारों की महिलाओं को SHGs और उनके संगठनों में एकजुट करती हैं।
  • इनमें से कई SHGs आजीविका गतिविधियों, हस्तशिल्प, कपड़े, खिलौने, खाने के सामान आदि कार्यरत हैं।
  • ‘सोनचिरैया’ पहल निश्चित रूप से एसएचजी महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पादों के लिए दृश्यता और वैश्विक पहुंच बढ़ाने की दिशा में उठाया गया कदम साबित होगी।

'काकोरी ट्रेन षड्यंत्र' का नाम बदलकर 'काकोरी ट्रेन कार्यवाही' किया गया


9 अगस्त, 2021 को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 'काकोरी ट्रेन षड्यंत्र' का नाम बदलकर 'काकोरी ट्रेन कार्यवाही' कर दिया गया है क्योंकि ‘षड्यंत्र’' शब्द भारत के स्वतंत्रता संग्राम के तहत इस घटना के अपमान की भावना को दर्शाता है।

  • इस निर्णय के पश्चात किसी भी आधिकारिक दस्तावेज में इस घटना को संदर्भित करने के लिये ‘काकोरी ट्रेन षड्यंत्र’ के बजाय ‘काकोरी ट्रेन कार्यवाही’ शब्द का प्रयोग किया जाएगा।
  • काकोरी ट्रेन कार्यवाही या काकोरी षड्यंत्र एक ट्रेन डकैती थी, जो 9 अगस्त, 1925 को ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के खिलाफ भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान लखनऊ के पास काकोरी में हुई थी। इस डकैती की योजना ‘हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन’ द्वारा की गयी थी।
  • स्वतंत्रता प्राप्त करने के उद्देश्य से भारत में ब्रिटिश साम्राज्य के खिलाफ क्रांतिकारी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए ‘हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन’ संगठन की स्थापना की गई थी।
  • 19 दिसंबर, 1927 को स्वतंत्रता सेनानियों राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाकउल्ला खान और रोशन सिंह को लूट में शामिल होने के आरोप में फांसी दे दी गयी थी।

दीनदयाल अंत्योदय योजना - राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 12 अगस्त, 2021 को ‘आत्मनिर्भर नारीशक्ति से संवाद'’ में भाग लिया और दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (Deendayal Antyodaya Yojana-National Rural Livelihoods Mission: DAY-NRLM) के तहत महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्यों/सामुदायिक संसाधन सदस्यों के साथ संवाद किया।

  • DAY-NRLM मिशन का उद्देश्य ग्रामीण गरीब परिवारों को चरणबद्ध तरीके से स्वयं सहायता समूहों (SHGs) में संगठित करना और उनकी आजीविका में विविधता लाने, उनकी आय और जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए दीर्घकालिक सहायता प्रदान करना है।
  • मिशन की कई पहलों को स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा कार्यान्वित किया जा रहा है, जिन्हें सामुदायिक संसाधन सदस्यों के रूप में प्रशिक्षित किया जाता है - जैसे कृषि सखी, पशु सखी, बैंक सखी, बीमा सखी, बैंक संवाद सखी, आदि।
  • मिशन घरेलू हिंसा, महिला शिक्षा और अन्य लैंगिक मुद्दों, पोषण, स्वच्छता, स्वास्थ्य आदि जैसे मुद्दों पर जागरूकता पैदा करने और व्यवहार परिवर्तन संचार के माध्यम से SHGs महिलाओं को सशक्त बनाने पर भी काम कर रहा है।
  • 'आजीविका - राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन' ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जून 2011 में शुरू किया गया था। नवंबर 2015 में, कार्यक्रम का नाम बदलकर 'दीनदयाल अंत्योदय योजना - राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन' (DAY-NRLM) कर दिया गया था।

2020 -21 के लिए मुख्‍य फसलों के उत्‍पादन का चौथा अग्रिम अनुमान (


11 अगस्त, 2021 को कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा वर्ष 2020-21 के लिए मुख्य फसलों के उत्पादन का चौथा अग्रिम अनुमान जारी किया।

  • वर्ष 2020-21 के लिए चौथे अग्रिम अनुमान के अनुसार, देश में कुल खाद्यान्न उत्पादन रिकॉर्ड 308.65 मिलियन टन अनुमानित है, जो वर्ष 2019-20 के उत्पादन की तुलना में 11.14 मिलियन टन अधिक है।
  • वर्ष 2020-21 के दौरान खाद्यान्न उत्पादन विगत पांच वर्षों (2015-16 से 2019-20) के औसत खाद्यान्न उत्पादन की तुलना में 29.77 मिलियन टन अधिक है।
  • मुख्य फसलों के अनुमानित उत्पादन इस प्रकार है-
    • चावल- 122.27 मिलियन टन (रिकॉर्ड);
    • गेहूं- 109.52 मिलियन टन (रिकॉर्ड);
    • पोषक/मोटा अनाज- 51.15 मिलियन टन;
    • मक्का- 31.51 मिलियन टन (रिकॉर्ड);
    • दलहन- 25.72 मिलियन टन (रिकॉर्ड);
    • तिलहन- 36.10 मिलियन टन (रिकॉर्ड);
    • गन्ना- 399.25 मिलियन टन;
    • कपास- 35.38 मिलियन गांठें (प्रति 170 किग्रा.)
    • पटसन एवं मेस्टा- 9.56 मिलियन गांठें (प्रति 180 किग्रा.)

स्वदेशी विमान वाहक पोत 'विक्रांत'


स्वदेशी विमान वाहक पोत 'विक्रांत' ने 8 अगस्त, 2021 को अपनी पहली समुद्री यात्रा सफलतापूर्वक पूरी की। वह 4 अगस्त को कोच्चि से रवाना हुआ था।

  • भारतीय नौसेना के 'नौसेना डिजाइन निदेशालय' द्वारा डिजाइन किया गया स्वदेशी विमान वाहक 'विक्रांत' पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के तहत ‘कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड’ में निर्मित किया जा रहा है।
  • 76% से अधिक स्वदेशी सामग्री वाला स्वदेशी विमानवाहक पोत 262 मीटर लंबा, 62 मीटर चौड़ा और 59 मीटर ऊंचा है।
  • इसमें 2,300 से अधिक कम्पार्टमेंट हैं, जो लगभग 1700 कर्मियों के लिए डिजाइन किए गए हैं, जिसमें महिला अधिकारियों के लिए लैंगिंक दृष्टिकोण से संवेदनशील आवास स्थान हैं।
  • कोचीन शिपयार्ड को वर्ष 1972 में भारत सरकार की पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी के रूप में स्थापित गया था। यह बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय के तहत एक मिनीरत्न कंपनी है।

राजा मिर्च


  • पूर्वोत्तर क्षेत्र के भौगोलिक संकेत (जीआई) संबंधी उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नागालैंड की 'राजा मिर्च', जिसे किंग चिली भी कहा जाता है, की एक खेप को 28 जुलाई, 2021 को लंदन निर्यात किया गया।
  • नागालैंड की इस मिर्च को ‘भूत जोलोकिया’ (Bhoot Jolokia) और ‘घोस्ट पेपर’ (Ghost pepper) भी कहा जाता है। इसने 2008 में जीआई प्रमाणीकरण हासिल किया था।
  • नागालैंड की किंग चिली ‘सोलानेसी’ (Solanaceae) परिवार के शिमला मिर्च की प्रजाति से संबंधित है।
  • राजा मिर्च को दुनिया की सबसे तीखी मिर्च माना गया है और यह ‘स्कोविल हीट यूनिट्स’ (Scoville Heat Units- SHUs) के आधार पर दुनिया की सबसे तीखी मिर्च की सूची में शीर्ष पांच में लगातार बनी हुई है।

स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) चरण- 2 के तहत ओडीएफ प्लस नियमावली


  • केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और जल शक्ति एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने 28 जुलाई, 2021को स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) चरण- 2 के तहत ओडीएफ प्लस नियमावली का विमोचन किया।
  • यह नियमावली ओडीएफ प्लस (दूषित जल प्रंबधन, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन, मलयुक्त गाद प्रबंधन, बायोडिग्रेडेबल अपशिष्ट प्रबंधन) के प्रमुख घटकों से संबंधित हैं।
  • पेयजल और स्वच्छता विभाग ने ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन पहलों को लागू करने के लिए राज्यों, जिलों और ग्रामीण स्थानीय निकायों की मदद करने के लिए ये नियमावली विकसित की हैं।
  • ओडीएफ प्लस लक्ष्य को प्राप्त करने के उद्देश्य से स्वच्छ भारत मिशन- ग्रामीण का दूसरा चरण 2020 की शुरुआत में आरंभ किया गया था, जो गांवों में व्यापक स्वच्छता के उद्देश्य से ओडीएफ स्थिरता और ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन (Solid and Liquid Waste Management) पर केंद्रित है।

जनजातीय संस्कृति को बढ़ावा


29 जुलाई, 2021 को जनजातीय मामलों के मंत्रालय द्वारा राज्य सभा में दी गई जानकारी के अनुसार मंत्रालय "जनजातीय अनुसंधान संस्थान का समर्थन" और "जनजातीय महोत्सव, अनुसंधान, सूचना और जन शिक्षा" की योजनाओं का संचालन कर रहा है, जिसके तहत जनजातीय संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न गतिविधियों का संचालन किया जाता है-

  1. जनजातीय लोगों की वीरता और देशभक्ति के कार्यों को मान्यता देने के लिए मंत्रालय ने 10 'जनजातीय स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालय’ स्थापित करने की मंजूरी दी है।
  2. जनजातीय उपचारकों और औषधीय पौधों, जनजातीय भाषाओं, कृषि प्रणाली, नृत्य और पेंटिंग आदि द्वारा ‘स्वदेशी प्रथाओं का अनुसंधान और प्रलेखन’।
  3. समृद्ध जनजातीय सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और बढ़ावा देने के लिए और दूसरों के बीच जागरूकता पैदा करने के लिए, एक खोज योग्य डिजिटल भंडार (repository) विकसित किया गया है।
  4. मंत्रालय राष्ट्रीय स्तर और राज्य स्तर पर आदि महोत्सव आयोजित करने के लिए ट्राइफेड को वित्त पोषित करता है।

भारत चीन सैन्य हॉटलाइन


उत्तरी सिक्किम के ‘कोंगरा ला’ (Kongra La) में भारतीय सेना और तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के खंबा द्जोंग (Khamba Dzong) में चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के बीच एक हॉटलाइन स्थापित की गई है।

  • ये हॉटलाइन दोनों देशों के सशस्त्र बलों के बीच स्थानीय कमांडरों के स्तर पर संचार के लिए अच्छी तरह से स्थापित तंत्र हैं।
  • यह दोनों सेनाओं के बीच स्थानीय कमांडरों के लिए छठी हॉटलाइन है - पूर्वी लद्दाख में दो, अरुणाचल प्रदेश में दो और सिक्किम में दो हॉटलाइन है।

रणजीत सागर बांध


जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में रणजीत सागर बांध में 3 अगस्त, 2021 को पायलट और सह-पायलट के साथ सेना का एक हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

  • रणजीत सागर बांध भारत के दो राज्यों, जम्मू और कश्मीर और पंजाब की सीमा पर ‘रावी नदी’ पर पंजाब सिंचाई विभाग द्वारा निर्मित एक जलविद्युत परियोजना का हिस्सा है।
  • 160 मीटर ऊँची रणजीत सागर बांध परियोजना की स्थापित क्षमता 600 मेगावाट है और यह 'पृथ्वी कोर सह बजरी खोल बांध' (earth core cum gravel shell Dam) एक विशाल बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजना है।
  • परियोजना का नाम पंजाब के प्रसिद्ध शासक महाराजा रणजीत सिंह के नाम पर रखा गया है।
  • बांध पंजाब राज्य के पठानकोट और जम्मू और कश्मीर में कठुआ दोनों से लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पर थीन गांव (जम्मू-कश्मीर) के पास स्थित है और इसलिए इसे 'थीन बांध' के नाम से भी जाना जाता है।
  • यह परियोजना वर्ष 2000 में चालू की गई थी और 2001 में भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्र को समर्पित की गई थी।

बाघों के बेहतर संरक्षण के लिए वैश्विक CA | TS मान्यता


भारत के 14 बाघ अभयारण्यों (tiger reserve) को बाघों के बेहतर संरक्षण के लिए वैश्विक 'कंजर्वेशन एश्योर्ड | टाइगर स्टैंडर्ड्स' (Conservation Assured | Tiger Standards (CA | TS) की मान्यता मिली है।

  • जिन 14 बाघ अभयारण्यों को मान्यता दी गई है, उनमें असम के मानस, काजीरंगा और ओरंग; मध्य प्रदेश के सतपुड़ा, कान्हा और पन्ना; महाराष्ट्र के पेंच; बिहार का वाल्मीकि टाइगर रिजर्व; उत्तर प्रदेश का दुधवा; पश्चिम बंगाल का सुंदरबन; केरल का परम्बिकुलम; कर्नाटक का बांदीपुर टाइगर रिजर्व और तमिलनाडु के मुदुमलाई और अनामलाई टाइगर रिजर्व शामिल हैं।

CA | TS: इसे टाइगर रेंज देशों (TRCs) के वैश्विक गठबंधन द्वारा मान्यता संबंधी उपकरण के रूप में स्वीकार किया गया है और इसे बाघ और संरक्षित क्षेत्र के विशेषज्ञों द्वारा विकसित किया गया है।

  • आधिकारिक तौर पर 2013 में लॉन्च किया गया CA | TS लक्षित प्रजातियों के प्रभावी प्रबंधन के लिए न्यूनतम मानक निर्धारित करता है और प्रासंगिक संरक्षण क्षेत्रों में इन मानकों के मूल्यांकन को प्रोत्साहित करता है।
  • CA | TS मानदंड का एक सेट है, जो बाघ से जुड़े स्थलों को यह जांचने का अवसर देता है कि क्या उनके प्रबंधन से बाघों का सफल संरक्षण संभव होगा।

एनिमेशन, दृश्य प्रभाव, गेमिंग और कॉमिक्स के लिए राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र


सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा 26 जुलाई, 2021 को राज्य सभा में दी गई जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार ने भारतीय और साथ ही वैश्विक उद्योग के लिए भारत में एक विश्व स्तरीय प्रतिभा पूल तैयार करने के लिए 'एनिमेशन, दृश्य प्रभाव, गेमिंग और कॉमिक्स के लिए राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र' (National Centre of Excellence for Animation, Visual Effects, Gaming and Comics) स्थापित करने का निर्णय लिया है।

  • इसे भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, बॉम्बे के सहयोग से स्थापित किया जाएगा।
  • एनिमेशन और दृश्य प्रभाव (VFX) क्षेत्र में कुशल श्रमशक्ति का समर्थन करने के लिए, 'सत्यजीत रे फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान' और ‘भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान' एनिमेशन और VFX पर पाठ्यक्रम संचालित करते हैं।

राष्‍ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन


केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा 26 जुलाई, 2021 को लोक सभा में दी गई जानकारी के अनुसार सरकार ने देश में अनुसंधान परितंत्र को सुदृढ़ बनाने के लिए एक ‘राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन’ (National Research Foundation - NRF) के गठन का प्रस्ताव किया है।

  • NRF की परिकल्पना एक व्यापक संरचना के रूप में की जा रही है, जो अनुसंधान एवं विकास, शिक्षा क्षेत्र तथा उद्योग के बीच संपर्कों में सुधार लाएगी।
  • राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन का प्रस्तावित कुल परिव्यय पांच वर्ष के अवधि के दौरान 50,000 करोड रुपये है।
  • NRF के मुख्य उद्देश्यों में से एक शैक्षणिक संस्थानों, विशेष रूप से विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों, जहां अनुसंधान क्षमता वर्तमान में आरंभिक चरण में है, में अनुसंधान को बढ़ावा देना, विकसित करना तथा सुविधा प्रदान करना है।

पूर्वोत्तर अंतरिक्ष उपयोग केंद्र


केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 24 जुलाई, 2021 को 'पूर्वोत्तर अंतरिक्ष उपयोग केंद्र' ( North Eastern Space Applications Centre- NESAC) के बहुउद्देश्यीय कन्वेंशन सेंटर सह अंतरिक्ष प्रदर्शनी सुविधा का शिलान्यास किया।

  • NESAC, अंतरिक्ष विभाग और पूर्वोत्तर परिषद की एक संयुक्त पहल है, जो मेघालय सोसायटी पंजीकरण अधिनियम, 1983 के तहत पंजीकृत एक सोसायटी है।
  • 5 सितंबर, 2000 को अस्तित्व में आया यह केंद्र ‘उन्नत अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी’ सहायता प्रदान करके क्षेत्र में विकास प्रक्रिया को बढ़ाने में मदद करता है।
  • NESAC मेघालय की राजधानी शिलांग से लगभग 20 किमी. दूर उमियम (बारापानी) में स्थित है।
  • NESAC सोसायटी के अध्यक्ष केंद्रीय गृह मंत्री (पूर्वोत्तर परिषद के पदेन अध्यक्ष) अमित शाह हैं।
  • NESAC का उद्देश्य रिमोट सेंसिंग का उपयोग करके क्षेत्र में मौजूद प्राकृतिक संसाधनों की खोज और उपयोग करना, पूर्वोत्तर राज्यों को उपग्रह सेवाओं तक पहुंच प्रदान करना और शैक्षणिक संस्थानों के साथ गठजोड़ करके क्षेत्र में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में अनुसंधान को बढ़ावा देना है।

मैन पोर्टेबल एंटीटैंक गाइडेड मिसाइल


रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने 21 जुलाई, 2021 को स्वदेशी रूप से विकसित कम वजन वाली, "दागो और भूल जाओ" ‘मैन पोर्टेबल एंटीटैंक गाइडेड मिसाइल’ (Man-Portable Anti-Tank Guided Missile) का सफल परीक्षण किया।

  • मिसाइल में उन्नत एवियोनिक्स के साथ अत्याधुनिक 'मिनीएचराइज्ड इन्फ्रारेड इमेजिंग सीकर' (Miniaturized Infrared Imaging Seeker) को शामिल किया गया है।
  • मानव-पोर्टेबल मिसाइल को एक ट्राईपॉड का उपयोग करके लॉन्च की गई, जिसे 15 किग्रा. से कम के लॉन्च वजन के साथ अधिकतम 2.5 किमी की दूरी के लिए डिजाइन किया गया है।
  • इस परीक्षण के बाद देश स्वदेशी तीसरी पीढ़ी के मैन पोर्टेबल एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल निर्मित करने के अंतिम चरण में पहुंच गया है।

सेला सुरंग


22 जुलाई, 2021 को सीमा सड़क के महानिदेशक (DGBR) लेफ्टिनेंट जनरल राजीव चौधरी द्वारा नई दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से निर्माणाधीन ‘सेला सुरंग’ (Sela Tunnel) के एस्केप ट्यूब का अंतिम विस्फोट किया गया।

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 फरवरी, 2019 को ‘बालीपारा- चारदुआर- तवांग रोड’ (Balipara-Charduar-Tawang Road) के माध्यम से तवांग, अरुणाचल प्रदेश को हर मौसम में कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए सेला सुरंग की आधारशिला रखी थी।
  • नवीनतम ‘न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड’ (New Austrian Tunneling Method- NATM) से निर्मित सेला सुरंग 13,000 फीट से अधिक ऊंचाई पर दुनिया की सबसे लंबी बाइ-लेन सड़क सुरंग (bi-lane road tunnel) होगी।

आलू का झुलसा रोग


जुलाई 2021में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), मंडी के शोधकर्ताओं ने शिमला में केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान, शिमला के शोधकर्ताओं के साथ मिलकर एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित समाधान विकसित किया है, जो आलू के पत्तों की तस्वीरों की जांच करके 'आलू के झुलसा' रोग का पता लगा सकता है।

  • झुलसा आलू की फसल का एक सामान्य रोग है, जो पत्ती के सिरे और किनारों के पास असमान हल्के हरे रंग के रूप में क्षति शुरू करता है और फिर बड़े भूरे से बैंगनी-काले धब्बों के रूप में फैल जाता है, जो अंततः पौधे की सड़न की ओर ले जाता है।
  • यदि इसका पता नहीं चला और अनियंत्रित छोड़ दिया गया, तो अनुकूल परिस्थितियों में झुलसा एक सप्ताह के भीतर पूरी फसल को नष्ट कर सकता है।
  • आईसीएआर- केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान (CPRI) की स्थापना अगस्त 1949 में पटना में हुई थी। आलू के प्रजनन में संकरण कार्य को सुविधाजनक बनाने और आलू के बीज स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए संस्थान को बाद में 1956 में शिमला, हिमाचल प्रदेश में स्थानांतरित कर दिया गया।

WHO- GMP/CoPP प्रमाणन


आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत उत्तराखंड के मोहान, अल्मोड़ा में स्थित 'इंडियन मेडिसिन्स फार्मास्युटिकल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IMPCL) ने 18 आयुर्वेदिक उत्पादों के लिए ‘WHO-GMP/COPP प्रमाणीकरण' के लिए आवेदन किया है।

GMP प्रमाणन: दवा कंपनियों को दवाएं बेचने में सक्षम होने के लिए अधिकांश वैश्विक बाजारों में WHO की 'अच्छी विनिर्माण पद्धतियां प्रमाणन' [Good Manufacturing Practices (GMP) certificate] अनिवार्य है।

  • एक निर्यातक देश के विनिर्माता को उस देश के नियामक प्राधिकरण द्वारा लाइसेंस प्राप्त होना चाहिए और WHO GMP दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए।

CoPP प्रमाणन: 'फार्मास्युटिकल उत्पादों का प्रमाणन' (Certificates of Pharmaceutical Products- CoPP), जो डब्ल्यूएचओ द्वारा अनुशंसित प्रारूप में है, निर्यातक देश में दवा उत्पाद और ‘प्रमाणपत्र आवेदक’ की स्थिति को स्पष्ट करता है।

ब्रिक्स श्रम और रोजगार मंत्रियों की घोषणा


भारत की अध्यक्षता में 15 जुलाई, 2021 को 7वीं ब्रिक्स श्रम और रोजगार मंत्रियों की बैठक में 'ब्रिक्स श्रम और रोजगार मंत्रियों की घोषणा' को अपनाया गया।

  • मंत्रिस्तरीय घोषणा में बेरोजगारी, सम्माननीय कार्य की कमी और असमानता को दूर करने के प्रयासों पर कोविड-19 महामारी के नकारात्मक प्रभाव को स्वीकार किया गया।
  • ब्रिक्स राष्ट्रों के बीच सामाजिक सुरक्षा समझौतों को बढ़ावा देना; श्रम बाजारों का औपचारिककरण; श्रम बल में महिलाओं की भागीदारी; और श्रम बाजार में रोज कमाने वाले तथा अस्थायी श्रमिकों की भूमिका को बढ़ाने की प्रतिबद्धता की गई।

अमेजन इंडिया 'डिजिटल केंद्र'


अमेजन इंडिया ने 8 जुलाई, 2021 को गुजरात के सूरत में अपना पहला 'डिजिटल केंद्र' लॉन्च किया, जो कंपनी द्वारा 2025 तक भारत के एक करोड़ सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को डिजिटल बनाने की पहल का हिस्सा है।

  • अमेजन डिजिटल केंद्र एमएसएमई को ई-कॉमर्स के लाभों के बारे में जानकारी प्रदान करेंगे और शिपिंग और लॉजिस्टिक सहायता जैसी तृतीय-पक्ष सेवाओं का लाभ उठाने में मदद करेंगे।
  • जनवरी 2020 में, अमेजन के पूर्व सीईओ जेफ बेजोस ने छोटे और मध्यम व्यवसायों को ऑनलाइन करने में मदद करने के लिए भारत में 1 बिलियन डॉलर के निवेश की घोषणा की थी।

स्टार्टअप इंडिया शोकेस प्लेटफॉर्म


विभिन्न क्षेत्रों के 104 स्टार्टअप वर्तमान में 'स्टार्टअप इंडिया शोकेस प्लेटफॉर्म' (Startup India Showcase Platform) पर शामिल हैं।

  • स्टार्टअप इंडिया शोकेस देश के सबसे होनहार स्टार्टअप्स के लिए एक ऑनलाइन डिस्कवरी प्लेटफॉर्म है।
  • ये नवाचार विभिन्न अत्याधुनिक क्षेत्रों जैसे फिनटेक (वित्त प्रौद्योगिकी), एंटरप्राइजटेक (उद्यम प्रौद्योगिकी), सोशल इम्पैक्ट, हेल्थटेक, एडटेक आदि में फैले हुए हैं। ईकोसिस्टम के हितधारकों ने इन स्टार्टअप्स का मूल्यांकन, समर्थन और संवारने का काम किया है।

इंटरनेशनल को-ऑपरेशन एंड कन्वेंशन सेंटर–‘रुद्राक्ष’


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 15 जुलाई, 2021 को वाराणसी में जापान की सहायता से निर्मित इंटरनेशनल को-ऑपरेशन एंड कन्वेंशन सेंटर–‘रुद्राक्ष’ (International Cooperation and Convention Centre - ‘Rudraksh’) का उद्घाटन किया।

  • वाराणसी के सिगरा क्षेत्र में लगभग 186 करोड़ रुपये की लागत से 2.87 हेक्टेयर भूमि में निर्मित इस दो मंजिला सम्मेलन केंद्र में 1200 लोगों की बैठने की क्षमता है।
  • इसमें एल्यूमीनियम के 108 बड़े "पंचमुखी रुद्राक्ष" स्थापित किए गए हैं। भवन की छत का निर्माण शिव लिंग के आकार में किया गया है। इसमें गैलरी वाराणसी की विशिष्ट संस्कृति और विरासत को प्रदर्शित करती है, जिसमें भित्ति चित्र इसकी कला और संगीत को दर्शाते हैं।
  • इसका निर्माण जापानी अंतरराष्ट्रीय सहयोग एजेंसी (JICA) की सहायता से पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए किया गया है और यह 'एकीकृत आवास मूल्यांकन के लिए ग्रीन रेटिंग' (GRIHA) के स्तर 3 के लिए उपयुक्त होगा।

प्रधानमंत्री द्वारा वाराणसी में विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 15 जुलाई, 2021 को वाराणसी में 1500 करोड़ रुपये से अधिक लागत की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।

  • उन्होंने बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में 100 बेड की मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य शाखा, गोदौलिया में मल्टीलेवल पार्किंग, गंगा नदी में पर्यटन विकास के लिए रो-रो जहाज और वाराणसी गाजीपुर राजमार्ग पर थ्री लेन फ्लाईओवर ब्रिज सहित लगभग 744 करोड़ रुपये की विभिन्न सार्वजनिक परियोजनाओं और कार्यों का उद्घाटन किया।
  • लगभग 839 करोड़ रुपये की लागत की कई परियोजनाओं और सार्वजनिक कार्यों की आधारशिला भी रखी गई। इनमें सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (CIPET) का कौशल और तकनीकी सहायता के लिए एक केंद्र, जल जीवन मिशन के तहत 143 ग्रामीण परियोजनाएं और कारखियांव में आम एवं सब्जी के लिए एकीकृत पैक हाउस शामिल हैं।

अन्य तथ्य: पहला CIPET परिसर संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) की सहायता से भारत सरकार द्वारा 1968 में चेन्नई में स्थापित किया गया था।

मकरू पुल


सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 12 जुलाई, 2021 को मणिपुर में 16 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। परियोजनाओं में तामेंगलोंग जिले में मकरू नदी पर 45 करोड़ रुपये का आरसीसी पुल शामिल है।

  • मकरू पुल राज्य की राजधानी इम्फाल से 189 किमी दूर स्थित है। यह 222 किमी. के इम्फाल-जिरीबाम राजमार्ग (राष्ट्रीय राजमार्ग 37) के प्रमुख पुलों में से एक है।
  • यह असम और मणिपुर तथा मणिपुर के अंदर के अन्य महत्वपूर्ण स्थानों के बीच संपर्क में सुधार करेगा।

ब्रायम भारतीएंसिस


पंजाब के केंद्रीय विश्वविद्यालय के भारतीय ध्रुवीय जीवविज्ञानियों ने अंटार्कटिका में लारसेमैन हिल्स (Larsemann Hills) में ‘काई’ (Moss) की एक देशी प्रजाति की खोज की है।

  • भारत और भारतीय अंटार्कटिक स्टेशन ‘भारती’ के नाम पर इस प्रजाति का नाम ‘ब्रायम भारतीएंसिस’ (Bryum bharatiensis) रखा गया है।
  • 1981 में शुरू हुए भारतीय अंटार्कटिक मिशन के चार दशकों में पहली बार किसी पादप प्रजाति की खोज की गई है।
  • तीसरे भारतीय अभियान (1983-84) के दौरान अंटार्कटिका में दक्षिण गंगोत्री नाम का पहला स्थायी भारतीय स्टेशन स्थापित किया गया था, लेकिन बर्फ की चादर में डूबे हुए स्टेशन को 1990 में त्याग दिया गया। मैत्री स्टेशन 1989 में जबकि भारती स्टेशन 2012 में चालू किया गया था। ये दोनों वर्तमान में चालू हैं।

उपराष्ट्रपति को भेंट की गईं उर्दू और तेलुगु में विभिन्न पुस्तकें


उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू को 13 जुलाई, 2021 को उर्दू और तेलुगु में विभिन्न पुस्तकें भेंट की गईं।

ऊर्दू पोएट्स एंड राइटर्स - जेम्स ऑफ डेक्कन: वरिष्ठ पत्रकार जे. एस. इफ्तिखार की लिखित यह पुस्तक

गद्य और कविता का एक संकलन है, जो दक्कन क्षेत्र के 51 उत्कृष्ट कवियों और लेखकों के जीवन व उनके कार्यों को समेटे हुए है।

  • पुस्तक हैदराबाद के संस्थापक ‘मुहम्मद कुली कुतुब शाह’ के समय से लेकर मौजूदा समय तक दक्कन की समृद्ध साहित्यिक और सांस्कृतिक परंपराओं का पता लगाती है।

मानवोत्तम राम: सत्यकाशी भार्गव की लिखित इस पुस्तक में भगवान राम के गुणों को एक आदर्श मानव के रूप में चित्रित करने का प्रयास किया गया है।

  • इसके अलावा उन्होंने तेलंगाना राज्य भाषा और संस्कृति विभाग के निदेशक ममीदी हरिकृष्णा से पूर्व प्रधानमंत्री पी.वी. नरसिम्हा राव पर लिखित पुस्तक व मल्लिकार्जुन द्वारा लिखित पुस्तक ‘नल्लागोंडा कथालू’ भी प्राप्त की।

एडेलगिव हुरून सदी के परोपकारियों की सूची


23 जून‚ 2021 को हुरून रिसर्च (Hurun Research) और ‘एडेलगिव फाउंडेशन’ (EdelGive Foundation) ने सदी के परोपकारियों की सूची (Philanthropists of the Century) जारी की। यह रैंकिंग पहली बार जारी हुई है।

  • यह पिछली सदी के विश्व के 50 सबसे उदार व्यक्तियों की रैंकिंग है।
  • 102.4 बिलियन डॉलर के दान के साथ, भारत के अग्रणी उद्योगपति और टाटा समूह के संस्थापक जमशेदजी नसरवानजी टाटा पिछली सदी के दुनिया के सबसे बड़े परोपकारी व्यक्ति हैं।
  • बिल और मेलिंडा गेट्स, 74.6 बिलियन डॉलर के दान के साथ सदी की परोपकारी लोगों की सूची में दूसरे स्थान पर हैं।
  • हेनरी वेलकम (56.7 बिलियन डॉलर) तीसरे‚ होवार्ड हगीज (38.6 बिलियन डॉलर) चौथे तथा वारेन बफेट (37. 4 बिलियन डॉलर) पांचवें स्थान पर हैं।
  • विप्रो के संस्थापक-अध्यक्ष अजीम प्रेमजी, जिन्होंने नेक कार्यों के लिए लगभग 22 बिलियन डॉलर दान किए, 12वें स्थान पर रहे। वे 50 वैश्विक परोपकारी लोगों की सूची में एकमात्र अन्य भारतीय हैं।
  • इन परोपकारियों को उनके कुल परोपकारी मूल्य के आधार पर रैंक किया गया है‚ जिसकी गणना आज की संपत्त्ति के मूल्य के साथ-साथ उपहार या वितरण के योग के रूप में की जाती है।
  • पिछली शताब्दी में दुनिया के सबसे परोपकारी व्यक्तियों का कुल दान 832 बिलियन डॉलर था, जिसमें से 503 बिलियन डॉलर फाउंडेशन के दान से और 329 बिलियन डॉलर दान से थे।
  • 38 अरबपति परोपकारियों के साथ अमेरिका सूची में शीर्ष पर है, इसके बाद ब्रिटेन से पांच, चीन से तीन, भारत से दो और पुर्तगाल और स्विट्जरलैंड से एक-एक परोपकारी हैं।
  • वॉरेन बफेट, जिन्हें 'द ऑरेकल ऑफ ओमाहा' (The Oracle of Omaha) के नाम से जाना जाता है, महत्वपूर्ण परोपकारी फाउंडेशन के बिना शीर्ष 10 में शामिल होने वाले एक एकमात्र व्यक्ति हैं।

मदुरै मल्ली


8 जुलाई, 2021 को तमिलनाडु से जीआई (भौगोलिक संकेतक) प्रमाणित ‘मदुरै मल्ली’ (Madurai malli) और अन्य पारंपरिक फूलों जैसे बटन गुलाब( button rose), लिली, चमंथी और गेंदा की खेप संयुक्त राज्य अमेरिका और दुबई को निर्यात की गई।

  • इस पहल से दुबई और संयुक्त राज्य अमेरिका में भारतीय समुदाय नियमित अंतराल पर भारत से फूलों का निर्यात जारी रहने के बाद धार्मिक और सांस्कृतिक त्योहारों को मनाते हुए घर और मंदिरों दोनों में हिंदू देवताओं को ताजे फूल चढ़ा सकेंगे।
  • मदुरै मल्ली यानी चमेली (Jasminum Officinale) दुनिया के सबसे लोकप्रिय फूलों में से एक है, जो अपनी मनमोहक खुशबू के लिए जाना जाता है। इसे मदुरै मल्ली का नाम इसके मूल स्थान, तमिलनाडु के मदुरै शहर से मिला है।
  • मदुरै मल्ली (चमेली) की खुशबू मीनाक्षी मंदिर के वैभव का पर्याय है।
  • मदुरै अपने पड़ोस में उगाई जाने वाली 'मल्लिगाई' के लिए एक प्रमुख बाजार के रूप में उभरा है औरइस प्रकार भारत की 'चमेली राजधानी' के रूप में विकसित हुआ है।

प्रौद्योगिकी नवाचार मंच


केंद्रीय भारी उद्योग एवं लोक उद्यम मंत्री प्रकाश जावडेकर ने 2 जुलाई, 2021 को छ: प्रौद्योगिकी नवाचार मंचों (Technology innovation platforms) का उद्घाटन किया।

  • छ: प्रौद्योगिकी मंचों का विकास आईआईटी मद्रास, सेंट्रल मैन्युफैक्चरिंग टैक्नोलॉजी इंस्टीटयूट, इंटरनेशनल सेंटर फॉर ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी (आईसीएटी), ऑटोमोटिव रिसर्च असोसिएशन ऑफ इंडिया, भेल और आईआईएससी बैंगलुरू के साथ एचएमटी ने किया है।
  • यह मंच भारत में विश्वस्तरीय प्रतियोगी विनिर्माण के लिए तकनीकी के विकास पर ध्यान केंद्रित करेंगे।
  • यह मंच उद्योग, स्टार्टअप, डोमेन विशेषज्ञ/पेशेवरों, अनुसंधान और विकास संस्थानों और शिक्षाविदों (कॉलेज और विश्वविद्यालयों) को विनिर्माण तकनीकी के मुद्दों पर तकनीकी समाधान, सुझाव, विशेषज्ञों की राय आदि सुविधा प्रदान करेंगे।

टॉयकोनॉमी


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 23 जून, 2021 को वीडियो कॉफ्रेंसिंग के माध्यम से 'टॉयकाथॉन 2021’ (Toycathon 2021) के प्रतिभागियों से बातचीत की।

  • प्रधानमंत्री ने खिलौना तथा गेमिंग के आर्थिक पहलुओं पर बल दिया और इसे ‘टॉयकोनॉमी’ (Toyconomy) की संज्ञा दी।
  • प्रधानमंत्री ने वैश्विक स्तर पर भारतीय खिलौनों को स्पर्धी बनाने के लिए नवाचार और वित्त पोषण के नए मॉडल का आह्वान किया।
  • प्रधानमंत्री ने कहा कि विश्व का खिलौना बाजार लगभग 100 बिलियन डॉलर का है और इस बाजार में भारत की हिस्सेदारी केवल 1.5% है। भारत अपने लगभग 80% खिलौनों का आयात करता है।
  • 'टॉयकाथॉन 2021’ को 5 जनवरी, 2021 को शिक्षा मंत्रालय, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, एमएसएमई मंत्रालय, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, कपड़ा मंत्रालय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) द्वारा संयुक्त रूप से लॉन्च किया गया था।

प्रदूषण नियंत्रण जहाज


रक्षा मंत्रालय ने 22 जून, 2021 को भारतीय तटरक्षक बल के लिए लगभग 583 करोड़ रुपये की लागत से दो प्रदूषण नियंत्रण जहाजों (Pollution Control Vessels- PCV) के निर्माण हेतु गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (GSL) के साथ एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए।

  • इन विशेष भूमिका वाले जहाजों को स्वदेशी रूप से डिजाइन, विकसित और GSL द्वारा निर्मित किया जाएगा।
  • यह अधिग्रहण 'बाय इंडियन-स्वदेशी रूप से डिजाइन, विकसित और निर्मित’ (Buy Indian - Indigenously Designed Developed & Manufactured) के तहत किया गया है, जो रक्षा पूंजी खरीद के अंतर्गत सर्वोच्च प्राथमिकता श्रेणी है।
  • इन दोनों जहाजों को क्रमश: नवंबर 2024 और मई 2025 तक सौंपा जाना निर्धारित किया गया है।
  • वर्तमान में भारतीय तटरक्षक बल के पास मुंबई, विशाखापत्तनम और पोरबंदर में अपने बेड़े में तीन प्रदूषण नियंत्रण जहाज हैं।

कोविड-19 अग्रिम पंक्ति के कर्मियों के लिये ‘विशेष क्रैश-कोर्स’ कार्यक्रम


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 18 जून, 2021 को ‘कोविड-19 अग्रिम पंक्ति के कर्मियों के लिये ‘विशेष क्रैश-कोर्स’ कार्यक्रम (Customized Crash Course programme for Covid- 19 Frontline workers) लॉन्च किया।

  • यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 26 राज्यों के 111 केंद्रों में चलाया जायेगा। इस पहल के तहत लगभग एक लाख अग्रिम पंक्तियों के कर्मियों को कौशल प्रशिक्षण दिया जायेगा।
  • उन्हें छ: विशेष भूमिकाओं घरेलू देखभाल सहायक (home care support), बुनियादी देखभाल सहायक (basic care support), उन्नत देखभाल सहायक (advanced care support), आपातकालीन देखभाल सहायक,नमूना संग्रह सहायकऔर चिकित्सा उपकरण सहायक के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।
  • इस पाठ्यक्रम को ‘प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 3.0’ के केंद्रीय घटक के तहत 276 करोड़ रुपये के कुल वित्तीय परिव्यय के साथ एक विशेष कार्यक्रम के रूप में डिजाइन किया गया है।

वर्ष 2024 तक सड़क दुर्घटना मौतों को 50% कम करने का लक्ष्य


सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार सरकार ने वर्ष 2024 तक सड़क दुर्घटना से होने वाली मौतों को 50% तक कम करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

  • मंत्रालय ने हर राज्य, जिले और शहर में ‘ब्लैक स्पॉट’ (दुर्घटना संभावित स्थल) की पहचान करने की आवश्यकता पर बल दिया है।
  • विश्व बैंक और एशियाई विकास बैंक ने पहले ही एक योजना को मंजूरी दे दी है, जिसके द्वारा केंद्र सरकार राज्यों, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और अन्य हितधारकों के लिए ब्लैक स्पॉट हटाने के लिए 14,000 करोड़ रुपये आवंटित कर रही है।
  • मंत्रालय सड़क सुरक्षा के चार ‘ई’ (four 'E' of road safety), यानी इंजीनियरिंग (सड़क एवं ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग समेत), इकोनॉमी (अर्थव्यवस्था), इंफोर्समेंट (प्रवर्तन) और (एजुकेशन) शिक्षा के पुनर्गठन और सुदृढ़ीकरण से सड़क दुर्घटना में होने वाली मौतों को कम करने के लिए प्रयास कर रहा है।
  • एक सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी की अध्यक्षता में एक स्वतंत्र ‘सड़क सुरक्षा परिषद’ 15 दिनों के भीतर अस्तित्व में आ जाएगी।

चिकित्सा उपकरणों का भारतीय प्रमाणन 'आईसीएमईडी 13485 प्लस' योजना


भारतीय गुणवत्ता परिषद (Quality Council of India- QCI) ने 18 जून, 2021 को चिकित्सा उपकरणों का भारतीय प्रमाणन 'आईसीएमईडी 13485 प्लस' (Indian Certification of Medical Devices ‘ICMED 13485 PLUS') योजना शुरू की है।

  • चिकित्सा उपकरणों के प्रमाणन के लिए 'आईसीएमईडी योजना' को 2016 में शुरू किया गया था। अब इस योजना में कई अन्य सुविधाओं को जोड़ा गया है।
  • यह चिकित्सा उपकरणों की गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रभावकारिता का सत्यापन करेगी।
  • यह दुनिया की पहली योजना है, जिसके तहत 'गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली' के साथ-साथ 'उत्पाद प्रमाणन मानकों' को नियामकीय आवश्यकताओं के साथ एकीकृत किया गया है।
  • यह योजना भारत में चिकित्सा उपकरणों के क्षेत्र के लिए एंड टू एंड (end to end) ‘गुणवत्ता आश्वासन योजना’ होगी।

भारतीय गुणवत्ता परिषद: वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा इसकी स्थापना वर्ष 1997 में भारतीय उद्योग संघों के साथ संयुक्त रूप से एक स्वायत्त निकाय के तौर पर की गई थी। इसका उद्देश्य अनुरूपता मूल्यांकन निकायों के लिए राष्ट्रीय प्रत्यायन ढांचे की स्थापना करने एवं उनके प्रचालन करने के अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य तथा गुणवत्ता संवर्धन के क्षेत्र में प्रत्यायन उपलब्ध कराने के लिए की गई थी।

हिसाब की किताब


केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों के राज्य मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने 3 जून, 2021को 'विनिधानकर्ता शिक्षा और संरक्षण कोष प्राधिकरण (Investor Education & Protection Fund Authority- IEPFA) की लघु फिल्मों के छ: मॉड्यूल 'हिसाब की किताब' (Hisaab Ki Kitaab) का शुभारंभ किया।

  • 'हिसाब की किताब' 6 लघु फिल्मों की एक शृंखला है, जिसे सीएसई ई-गवर्नेंस (CSC eGov) द्वारा अपने प्रशिक्षण कार्यक्रम के एक भाग के रूप में विकसित किया गया है।
  • प्रत्येक प्रशिक्षण कार्यक्रम में 5 मिनट की अवधि की 6 लघु फिल्में/मॉड्यूल हैं। विभिन्न मॉड्यूल बजट, बचत, बीमा योजनाओं के महत्व, सरकार की विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं आदि पर प्रकाश डालते हैं

विनिधानकर्ता शिक्षा और संरक्षण कोष प्राधिकरण (IEPFA): भारत सरकार ने 7 सितंबर, 2016 को कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 125 के प्रावधानों के तहत इसकी स्थापना की है।

  • IEPFA को निवेशक शिक्षा संरक्षण कोष (आईईपीएफ) के प्रशासन, निवेशकों को शेयरों, दावा न किए गए लाभांश, परिपक्व जमा / डिबेंचर आदि के रिफंड और निवेशकों के बीच जागरूकता को बढ़ावा देने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
  • कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय के सचिव IEPFA के पदेन-अध्यक्ष हैं।

नगर निकायों के अनियमित और संविदा कर्मचारियों के लिए ईएसआई कवरेज


केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्रालय ने 10 जून, 2021 को देश में नगर निकायों में काम करने वाले सभी अनियमित और संविदा कर्मचारियों के लिए कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम, 1948 (ईएसआई अधिनियम) के तहत कवरेज का विस्तार करने की घोषणा की।

  • नगर निगमों/नगर परिषदों के कर्मचारी नियमित नहीं होने के कारण, सामाजिक सुरक्षा के दायरे से बाहर रहते हैं, जो उन्हें काफी कमजोर बना देता है।
  • अब वे ईएसआई अधिनियम के तहत उपलब्ध लाभों को प्राप्त सकेंगे। इन लाभों में बीमारी लाभ, मातृत्व लाभ, विकलांगता लाभ, आश्रित का लाभ और अंतिम संस्कार का खर्च आदि शामिल हैं।
  • इसके अलावा ये कर्मचारी पूरे देश में ईएसआई सुविधाओं के विशाल नेटवर्क यानी 160 अस्पतालों और 1500 से अधिक औषधालयों के माध्यम से चिकित्सा सेवाओं का लाभ उठाने के पात्र भी होंगे।

उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर एमके-III


भारतीय तटरक्षक बल ने 12 जून, 2021 को देश में तैयार तीन ‘उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर एमके- III’ (Advanced Light Helicopters- ALH Mk-III) अपने बेड़े में शामिल किए।

  • इन हेलीकॉप्टरों का निर्माण ‘हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड’ (HAL) ने किया है। इनका उपयोग ‘समुद्र में निगरानी’ और ‘तटीय सुरक्षा’ के लिए किया जाएगा।
  • HAL 2022 के मध्य तक भारतीय तटरक्षक बल को 16 ALH Mk-III की आपूर्ति करेगा, जिन्हें भुवनेश्वर, पोरबंदर, कोच्चि और चेन्नई में चार तटरक्षक स्क्वाड्रनों में तैनात किया जाएगा।

विशेषताए: ये हेलीकॉप्टर ‘आधुनिक निगरानी रडार’ और ‘इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल उपकरणों’ से युक्त हैं, जिनके जरिए समुद्री सीमा में टोही गतिविधियों के साथ-साथ लंबी दूरी की तलाशी और बचाव अभियान कुशलतापूर्वक संचालित किए जा सकेंगे।

बीआरओ के दो उत्कृष्टता केंद्र


रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 11 जून, 2021 को ‘सड़क सुरक्षा’ और ‘सड़क निर्माण’ को बढ़ावा देने के लिए सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) द्वारा स्थापित दो उत्कृष्टता केंद्रों का उद्घाटन किया।

  • ‘सड़क सुरक्षा और जागरूकता के लिए उत्कृष्टता केंद्र’ (The Centre of Excellence for Road Safety and Awareness- CoERSA)का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं के विश्लेषण के साझाकरण के माध्यम से सड़क सुरक्षा के बारे में जागरूकता पैदा करना और बहुमूल्य जीवन बचाने के तरीके सुझाना है।
  • ‘सड़कों, पुलों, वायु क्षेत्रों और सुरंगों के लिए उत्कृष्टता केंद्र’ (The Centre of Excellence for Roads, Bridges, Air Fields and Tunnels- CoERBAT)लगभग 60,000 किलोमीटर सड़कों, 56,000 मीटर पुलों, 19 हवाई अड्डों और देश के पूर्वी और उत्तर-पश्चिमी भाग में चार सुरंगों के विकास में वर्षों से प्राप्त ज्ञान को संस्थागत बनाने पर केंद्रित है।

रक्षा क्षेत्र में नवाचार के लिए 498.8 करोड़ रुपये की बजटीय सहायता


13 जून, 2021 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अगले पांच वर्षों के लिए ‘रक्षा उत्कृष्टता में नवाचार (iDEX)- रक्षा नवाचार संगठन (DIO)’ के माध्यम से रक्षा क्षेत्र में नवाचार हेतु 498.8 करोड़ रुपये की बजटीय सहायता को मंजूरी दे दी है।

  • ‘रक्षा उत्पादन विभाग’ द्वारा iDEX फ्रेमवर्क के निर्माण और DIO की स्थापना का उद्देश्य एमएसएमई, स्टार्ट-अप्स, व्यक्तिगत नवोन्मेषकों, अनुसंधान एवं विकास संस्थानों और शिक्षाजगत समेत उद्योगों को शामिल करके ‘रक्षा’ और ‘एयरोस्पेस’ में नवाचार और प्रौद्योगिकी विकास को बढ़ावा देने के लिए एक ईको-सिस्टम तैयार करना और उन्हें अनुसंधान और विकास करने के लिए अनुदान/वित्तपोषण और अन्य सहायता प्रदान करना है।

‘एसएचजी-95’ बिलियन सोशल मास्क


हैदराबाद स्थित परिशोधन टेक्नोलॉजीस प्रा.लि. ने कई तहों वाले मिली-जुली सामग्री से बने 'हाइब्रिड मल्टीप्लाई फेस मास्क' (hybrid multiply face mask) विकसित किया है, जो N95 मास्क का एक अच्छा विकल्प हो सकता है। इसे ‘एसएचजी-95’ बिलियन सोशल मास्क (‘SHG -95’ Billion Social Masks) कहते हैं।

  • ये ‘मेड इन इंडिया’ मास्क प्रदूषित कणों को लगभग 90% और बैक्टीरिया को लगभग 99% तक रोक सकते हैं। हाथ से धोने और दोबारा इस्तेमाल करने योग्य इन मास्कों की कीमत 50-75 रुपये प्रति मास्क है।
  • परिशोधन टेक्नोलॉजीस को एसएचजी -95 विकसित करने के लिए जैव प्रौद्योगिकी उद्योग अनुसंधान सहायता परिषद (BIRAC) और 'आईकेपी नॉलेज पार्क' द्वारा 'फास्ट-ट्रैक कोविड -19 फंड' के तहत सहयोग किया गया था।
  • परिशोधन टेक्नोलॉजीस प्रा.लि. इस समय स्वास्थ्य और आरोग्य से जुड़े उत्पादों के विकास में लगी हुई है। इसे हैदराबाद में जून 2016 में प्राइवेट-लिमिटेड कंपनी के रूप में पंजीकृत किया गया था।

आईएनएस संधायक


भारतीय नौसेना के अपनी श्रेणी के पहले स्वदेश में डिजाइन एवं निर्मित हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण जहाज ‘आईएनएस संधायक’ (INS Sandhayak) को 40 साल तक देश की सेवा करने के बाद 4 जून, 2021 को सेवामुक्त कर दिया गया।

  • संधायक की अवधारणा भारत सरकार के तत्कालीन मुख्य जल-सर्वेक्षक पद्म श्री प्राप्त रीयर एडमिरल एफएल फ्रेजर द्वारा तैयार की गई थी।
  • 1978 में जीआरएसई कोलकाता (GRSE Kolkata) में जहाज के निर्माण का आगाज हुआ था तथा इसे 26 फरवरी, 1981 को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया था।
  • इस जहाज ने अपनी सेवा के दौरान देश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों तटों, अंडमान सागर तथा पड़ोसी देशों में लगभग 200 प्रमुख हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण और कई छोटे सर्वेक्षण किए।
  • सर्वेक्षण मिशनों के अलावा, जहाज कई महत्वपूर्ण अभियानों में सक्रिय भागीदार रहा है।
  1. ऑपरेशन पवन (1987 में श्रीलंका में भारतीय शांति सेना की सहायता करना);
  2. ऑपरेशन सारंग;
  3. ऑपरेशन रेनबो (2004 की सुनामी के बाद मानवीय सहायता प्रदान करना);
  4. प्रथम संयुक्त भारत-अमेरिका मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (एचएडीआर) अभ्यास 'टाइगर-ट्रायम्फ' (Tiger-Triumph) में भागीदारी

आम का निर्यात


पूर्वी क्षेत्र से आम के निर्यात की संभावना को बढ़ावा देने के लिए, तीन जीआई प्रमाणित ‘खिर्सापति’ और ‘लक्ष्मणभोग’ (पश्चिम बंगाल), ‘जरदालु’ (बिहार) सहित आम की सोलह किस्मों का 8 जून, 2021 से बहरीन को निर्यात किया जा रहा है।

  • भारत में आम को 'फलों का राजा' भी कहा जाता है और प्राचीन शास्त्रों में इसे ‘कल्पवृक्ष’ (मनोकामना पूरी करने वाला पेड़) कहा जाता है।
  • भारत के अधिकांश राज्यों में आम के बाग हैं, उसमें से भी उत्तर प्रदेश, बिहार, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक की इस फल के उत्पादन में बड़ी हिस्सेदारी है I ‘अल्फांसो’, ‘केसर’, ‘तोतापुरी’ और ‘बंगनपल्ली’ भारत से निर्यात की जाने वाली प्रमुख किस्में हैं।
  • APEDA ने 30 मई से 5 जून, 2021 तक बर्लिन, जर्मनी में 'आम महोत्सव' (mango festival) का आयोजन किया था।

'नूरजहां' आम


मध्य प्रदेश के अलीराजपुर जिले में उगाए जाने वाले 'नूरजहाँ' आम की ऊँचे दामों पर बुकिंग की जा रही है। इस सीजन में 'नूरजहां' आम की कीमत 500 रुपये से लेकर 1,000 रुपये तक है।

  • आम की प्रजाति 'नूरजहां' अफगानिस्तानी मूल की मानी जाती है।
  • इंदौर से लगभग 250 किलोमीटर दूर गुजरात सीमा से सटे अलीराजपुर जिले के काठीवाड़ा क्षेत्र में ही इसकी खेती की जाती है।
  • नूरजहां के पेड़ों पर आमतौर पर जनवरी-फरवरी से बौर आने शुरू होते हैं और यह जून की शुरुआत में पककर बिक्री के लिए तैयार हो जाते हैं। इस बार नूरजहां के एक आम का वजन 2 किलो से 3.5 किलो के बीच है।
  • एक 'नूरजहां' आम एक फुट तक लंबा हो सकता है और इसकी गुठली का वजन 150 से 200 ग्राम के बीच होता है।

परियोजना तत्परता वित्तपोषण


एशियाई विकास बैंक और भारत सरकार ने 3 जून, 2021 को सिक्किम में प्रमुख जिला सड़कों के उन्नयन (upgrade) हेतु परियोजना की तैयारी और डिजाइन गतिविधियों का समर्थन करने के लिए 2.5 मिलियन डॉलर के परियोजना तत्परता वित्तपोषण (Project Readiness Financing- PRF) ऋण पर हस्ताक्षर किए, जो इस पूर्वोत्तर राज्य के महत्वपूर्ण कस्बों, ग्रामीण क्षेत्रों और तीर्थ एवं पर्यटन स्थलों के लिए कनेक्टिविटी में सुधार करने में मदद करेगा।

  • सिक्किम के सड़क नेटवर्क को हर मौसम में सड़कों के उन्नयन की आवश्यकता है क्योंकि बार-बार ‘भूस्खलन’ और ‘कटाव’ से सड़कों को नुकसान होता है और अंतर-राज्यीय संपर्क बाधित होता है।
  • 2011 में शुरू किए गए एडीबी द्वारा वित्त पोषित 'पूर्वोत्तर राज्य सड़क निवेश कार्यक्रम' (North Eastern State Roads Investment Program)ने पहले सिक्किम में सड़क सुधार कार्यक्रम में सहयोग किया था।
  • 1966 में स्थापित एडीबी अत्यधिक गरीबी को मिटाने के अपने प्रयासों को जारी रखते हुए एक समृद्ध, समावेशी, लचीला और टिकाऊ एशिया और प्रशांत क्षेत्र को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

उड़ान प्रशिक्षण अकादमियां


भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) की उदार उड़ान प्रशिक्षण संगठन (Flying Training Organisation- FTO) नीति के तहत भारत को 8 नई ‘उड़ान प्रशिक्षण अकादमियां’ (Flying Training Academies) मिलने वाली हैं।

  • ये अकादमियां बेलगावी, जलगांव, कलबुर्गी, खजुराहो और लीलाबाड़ी में स्थापित की जाएंगी।
  • इन 8 FTO की स्थापना का उद्देश्य भारत को ‘वैश्विक उड़ान प्रशिक्षण केंद्र बनाना’ और विदेश स्थित FTO में ‘भारतीय कैडेटों के पलायन को रोकना’ है।
  • इसके अतिरिक्त, इन FTO को भारत के पड़ोसी देशों में कैडेटों की उड़ान प्रशिक्षण आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए भी डिजाइन किया जाएगा।

शाही लीची


जीआई प्रमाणित उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए 24 मई, 2021 को बिहार से जीआई प्रमाणित ‘शाही लीची’ की पहली खेप ब्रिटेन को निर्यात की गई।

  • ‘जरदालू आम’, ‘कतरनी चावल’ और ‘मगही पान’ के बाद साल 2018 में जीआई प्रमाणन प्राप्त करने वाला शाही लीची बिहार से चौथा कृषि उत्पाद था।
  • शाही लीची के लिए जीआई पंजीकरण ‘मुजफ्फरपुर’ स्थित ‘बिहार के लीची उत्पादक संघ’ को दिया गया है।
  • चीन के बाद भारत विश्व में लीची का ‘दूसरा’ सबसे बड़ा उत्पादक है। लीची का पारदर्शी, स्वादिष्ट या खाने योग्य गुदा भारत में एक टेबल फ्रूट के रूप में लोकप्रिय है। वहीं चीन और जापान में इसे सूखे या डिब्बाबंद रूप में पसंद किया जाता है।
  • बिहार लीची के उत्पादन मामले में अव्वल है। बिहार के मुजफ्फरपुर, वैशाली, समस्तीपुर, चंपारण, बेगूसराय जिले और आसपास के क्षेत्रों में शाही लीची की बागवानी के लिए अनुकूल जलवायु है।

हाई परफोर्मेंस कोच एजुकेशन प्रोग्राम


केंद्रीय खेल मंत्री किरेन रिजिजू ने 27 मई, 2021 को एनएसएनआईएस पटियाला के तत्वावधान में 'नेशनल सेंटर फॉर स्पोर्ट्स कोचिंग' (National Centre for Sports Coaching) में औपचारिक रूप से एक 'हाई परफोर्मेंस कोच एजुकेशन प्रोग्राम' (High Performance Coach Education Programme) का शुभारंभ किया।

  • छ: माह के इस पाठ्यक्रम में सात मॉड्यूल होंगे। कम से कम 250 शीर्ष SAI कोच देश में सर्वश्रेष्ठ खेल प्रतिभाओं को कोचों के रूप में निखारने के लिए कोर ग्रुप बनाएंगे। प्रत्येक बैच में केवल 20 उम्मीदवारों की सीमित क्षमता होगी।

स्‍टारशिप एसएन-15


अमेरिका में एक निजी कंपनी स्पेसएक्स द्वारा विकसित किया गया उपग्रह को अंतरिक्ष में ले जाने वाला अंतरिक्ष यान ‘स्टारशिप एसएन-15’ (Starship SN15) 5 मई, 2021 को पहली बार पृथ्वी पर सकुशल लौट आया है।

  • एलन मस्क की कंपनी द्वारा विकसित किए गए इस अंतरिक्ष यान की पहली चार उड़ानें असफल रही थीं।
  • इस अंतरिक्ष यान की मदद से अंतरिक्ष यात्री और बड़ी मात्रा में रसद को चंद्रमा और मंगल ग्रह के अभियानों को भेजा जा सकता है।
  • 16 मंजिलों वाला तीन इंजनों से युक्त इस अंतरिक्ष यान को अमरीका के टैक्सस राज्य से छोड़ा गया था।

उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक परियोजना


  • रेल मंत्री पीयूष गोयल ने 25 मई, 2021 को ‘उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक परियोजना’ (Udhampur-Srinagar-Baramulla Rail link Project- USBRL) की प्रगति की समीक्षा की।
  • उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक परियोजना में उधमपुर से बारामूला तक 272 किलोमीटर लंबी रेलवे लाइन है, जो कश्मीर घाटी को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ती है। इसे 2002 में राष्ट्रीय परियोजना के रूप में घोषित किया गया था।
  • USBRL परियोजना के 272 किलोमीटर में से 161 किलोमीटर पर काम पूरा हो चुका है। परियोजना की पूरा होने की तिथि अप्रैल 2023 है।

खिलाड़ियों के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय कल्याण कोष


युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय (एमवाईएएस) ने कर्नाटक की वी तेजस्विनी बाई के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय कल्याण कोष के तहत 2 लाख रुपये की सहायता राशि को मंजूरी दी।

  • तेजस्विनी वर्ष 2010 तथा 2014 के एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली महिला कबड्डी टीम की सदस्य थी। तेजस्विनी ने साल 2011 में अर्जुन पुरस्कार जीता था।
  • खेल मंत्रालय द्वारा मौजूदा कोविड-19 को ध्यान में रखते हुए पूर्व अंतरराष्ट्रीय एथलीटों एवं कोचों की मदद करने हेतु पंडित दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय कल्याण कोष से इस वित्तीय सहायता को मंजूरी दी गई है।
  • खेल में देश को गौरवान्वित करने वाले और वर्तमान में दयनीय परिस्थितियों में रहने वाले उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सहायता करने के उद्देश्य से इस कोष की स्थापना मार्च 1982 में की गई थी।
  • पूर्व उत्कृष्ट खिलाड़ियों को एकमुश्त अनुग्रह सहायता प्रदान करने हेतु सितंबर 2017 में योजना को संशोधित किया गया था।

उर्वी


कोलकाता के बोबाजार में ‘उर्वी’ (Urvi) की सफलता के साथ ईस्ट वेस्ट मेट्रो कॉरिडोर में ‘टनल बोरिंग मशीन’ (Tunnel Boring Machine) द्वारा 800 मीटर सुरंग निर्माण का काम 15 मई, 2021 को पूरा हुआ।

  • इस सफलता के साथ कोलकाता ईस्ट-वेस्ट मेट्रो परियोजना के लिए टीबीएम से सुरंग बनाने का काम पूरा हो गया है।
  • इस मार्ग पर सदियों पुरानी इमारतें होने के कारण सुरंग निर्माण का काम मुश्किल था।
  • टनल बोरिंग मशीन ‘उर्वी’ ने 9 अक्टूबर, 2020 को एस्प्लेनेड (Esplanade) से सियालदह तक ईस्ट बाउंड टनल को पूरा किया था और शेष 800 मीटर (सियालदह से बोबाजार तक) को पूरा करने के लिए 9 जनवरी, 2021 को आवश्यक नवीनीकरण और निरीक्षण के बाद सियालदह से फिर से शुरू किया गया था।

आयुष कोविड-19 काउंसलिंग हेल्पलाइन


21 मई, 2021 को केंद्रीय आयुष मंत्रालय द्वारा कोविड-19 की चुनौतियों के लिए आयुष-आधारित दृष्टिकोण और समाधान प्रदान करने हेतु एक समर्पित सामुदायिक सहायता हेल्पलाइन का संचालन शुरू किया गया है।

  • इसका टोल-फ्री नंबर 14443 है। यह हेल्पलाइन पूरे देश में शुरू हो गई है और सप्ताह के सातों दिन सुबह 6 बजे से आधी रात 12 बजे तक खुली रहेगी।
  • हेल्पलाइन 14443 के जरिये आयुष की विभिन्न विधाओं, जैसे आयुर्वेद, होम्योपैथी, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी और सिद्ध के विशेषज्ञ, लोगों की समस्याओं का समाधान करने के लिये उपलब्ध रहेंगे।

आईएनएस राजपूत कार्यमुक्त


  • आईएनएस राजपूत को 21 मई, 2021 को विशाखापत्तनम के नौसेना गोदी में एक समारोह में कार्यमुक्त किया गया।
  • आईएनएस राजपूत भारतीय नौसेना का पहला विध्वंसक (destroyer) है।
  • तत्कालीन सोवियत संघ (USSR) द्वारा निर्मित ‘कशीन श्रेणी के विध्वंसक पोत’ (Ship of Kashin-class destroyers) आईएनएस राजपूत को 4 मई, 1980 को नौसेना में कमीशन किया गया था।
  • आईएनएस राजपूत का निर्माण ‘निकोलेव’ (वर्तमान यूक्रेन) में ‘61 कम्यूनर्ड शिपयार्ड’ (61 Communards Shipyard) में उसके मूल रूसी नाम 'नादेझनी' (Nadezhny) के तौर पर किया गया था, जिसका अर्थ 'आशा' होता है।
  • इस जहाज का निर्माण 11 सितंबर, 1976 को शुरू किया गया था और इसे 17 सितंबर, 1977 को लॉन्च किया गया था।
  • इस जहाज को 4 मई, 1980 को पोटी, जॉर्जिया में तत्कालीन सोवियत संघ में भारत के राजदूत आई के गुजराल ने आईएनएस राजपूत के रूप में कमीशन किया था।

शहद परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित करने की परियोजना


  • 20 मई, 2021 को विश्व मधुमक्खी दिवस के अवसर पर कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, पूसा, नई दिल्ली में ‘शहद परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित करने की परियोजना’ का शुभारंभ किया।
  • यह ‘राष्ट्रीय मधुमक्खीपालन एवं शहद मिशन’ ((National Beekeeping and Honey Mission- NBHM) के अंतर्गत, मधु एवं मधुमक्खीपालन के अन्य उत्पादों के गुणवत्ता परीक्षण हेतु भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI) में क्षेत्रीय मधु गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित करने की परियोजना है।
  • राष्ट्रीय मधुमक्खीपालन व शहद मिशन (NBHM) में समग्र संवर्धन तथा वैज्ञानिक मधुमक्खी पालन के विकास व “मीठी क्रांति“ का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए 300 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।
  • साथ ही, NBHM को आत्मनिर्भर भारत अभियान में केंद्र सरकार द्वारा 500 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

एल्डरलाइन


मई 2021 में वृद्धजनों के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन ‘एल्डरलाइन’ (ELDERLINE) कई राज्यों में शुरू हो गई है ।

  • कोविड महामारी के दौरान वृद्धजनों की समस्याओं को दूर करने के लिए, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने ‘एल्डरलाइन योजना’ के तहत प्रमुख राज्यों में राज्यवार कॉल सेंटर शुरू किए हैं।
  • यह सुविधा 5 राज्यों उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु और कर्नाटक में पहले से ही चालू है। तेलंगाना में, यह सुविधा एक साल से अधिक समय से काम कर रही है।
  • इन कॉल सेंटरों पर टोल फ्री नंबर 14567 के जरिए संपर्क किया जा सकता है। एल्डरलाइन ‘टाटा ट्रस्ट’ और एनएसई फाउंडेशन की सहायता से संचालित एक सुविधा है।
  • एनएसई फाउंडेशन एक धारा 8 कंपनी है, जो नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड और उसकी सहायक कंपनियों (एनएसई ग्रुप) की सीएसआर गतिविधियों के लिए जिम्मेदार है।

डबल्यूएजी 12बी इंजन


6 मई, 2021 को भारतीय रेलवे ने 100वां 12000 हॉर्स पावर का डबल्यूएजी 12बी इंजन (WAG 12 B Locomotive) अपने बेड़े में शामिल किया।

  • इंजन को ‘डब्लूएजी 12बी’ ((WAG 12 B) नाम दिया गया है और इसका नंबर 60100 है।
  • पहला ‘मेड इन इंडिया’ 12000 हॉर्स पावर का इलेक्ट्रिक इंजन भारत में बिहार स्थित मधेपुरा इलेक्ट्रिक लोको फैक्ट्री में निर्मित हुआ और 18 मई, 2020 को इसे भारतीय रेलवे के पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन स्टेशन पर सेवा में सम्मिलित किया गया।

सामाजिक सुरक्षा संहिता - 2020 की धारा 142 की अधिसूचना जारी


केन्द्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने 5 मई, 2021 को आधार (Aadhaar) की प्रासंगिकता को कवर करने वाली सामाजिक सुरक्षा संहिता - 2020 की धारा 142 को अधिसूचित कर दिया है।

  • यह अधिसूचना जारी होने से श्रम एवं रोजगार मंत्रालय विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के अंतर्गत अपने डेटाबेस के लिए लाभार्थियों के आधार का विवरण प्राप्त करने में सक्षम होगा।
  • राष्ट्रीय सूचना केन्द्र असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों का राष्ट्रीय डेटाबेस (National Data Base for unorganised workers- NDUW) को विकसित कर रहा है।
  • इस पोर्टल का उद्देश्य प्रवासी मजदूरों सहित असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों का डाटा एकत्रित करना है, ताकि सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ इन श्रमिकों तक पहुँचाया जा सके।
  • अंतर-राज्यीय प्रवासी मजदूर केवल आधार कार्ड के विवरण के माध्यम से अपने आप को इस पोर्टल पर पंजीकृत कर सकते हैं।

साधारण योग नियम


2 मई, 2021 को आयोजित वर्चुअल आयोजन में साधारण योग नियम (Common Yoga Protocol- CYP) को परिचय के रूप में पेश किया गया, ताकि पहली बार योग करने वालों को जानकारी मिल सके।

  • साधारण योग नियमों में योगासनों की एक साधारण शृंखला रखी गई है, जिसकी अवधि 45 मिनट की है।
  • इसे 2015 में देश के सर्वश्रेष्ठ योग गुरुओं ने विकसित किया था। इसे इस तरह तैयार किया गया है कि कोई भी आम व्यक्ति आसानी से सीख सकता है, चाहे उसकी आयु कुछ भी हो, चाहे वह स्त्री हो या पुरुष।

आयुष 64


आयुष मंत्रालय ने देशभर में ‘आयुष 64’ (AYUSH 64) की उपलब्धता बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए हैं।

  • आयुष मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्तशासी निकाय ‘केन्द्रीय आयुर्वेदीय विज्ञान अनुसंधान परिषद्’ द्वारा विकसित पॉलीहर्बल औषधि ‘आयुष - 64’ को नैदानिक परीक्षणों में कोविड-19 के हल्के से लेकर मध्यम स्तर के संक्रमण के इलाज में बहुत उपयोगी पाया गया है।
  • देश के प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों के नेतृत्व में किए गए इन परीक्षणों से पता चला है कि ‘आयुष 64’ में एंटीवायरल, इम्यून- मोडुलेटर और एंटीपायरेटिक गुण हैं।
  • आयुष- 64 को 1980 में मूल रूप से मलेरिया के उपचार के लिए विकसित किया गया था।

भारतीय नौसेना एयर स्क्वाड्रन 323


स्वदेश निर्मित ‘भारतीय नौसेना एयर स्क्वाड्रन (आईएनएएस) 323’ (Indian Naval Air Squadron 323) को गोवा में एएलएच एमके III (ALH Mk III) की पहली इकाई के रूप में नौसेना में शामिल किया गया।

  • यह स्क्वाड्रन हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा निर्मित शक्ति इंजन के साथ तीन अत्याधुनिक मल्टीरोल हेलीकाप्टर एएलएच एमके III का संचालन करेगी।
  • एएलएच के एमके III संस्करण में सभी ‘ग्लास कॉकपिट’ (glass cockpit) हैं और इसका उपयोग खोज और बचाव, विशेष अभियानों और तटीय निगरानी के लिए किया जाएगा।
  • 16 एयरक्राफ्ट की खरीद चल रही है और इनको चरणबद्ध तरीके से भारतीय नौसेना को सौंपा जा रहा है।

स्वच्छता उत्पाद 'ड्यूरोकिआ सीरीज'


केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने आईआईटी हैदराबाद के शोधकर्ताओं द्वारा विकसित विश्व की पहली सस्ती और लंबे समय तक चलने वाली स्वच्छता उत्पाद 'ड्यूरोकिआ सीरीज' (DuroKea Series) का वर्चुअल माध्यम से लोकार्पण किया।

  • शोधकर्ताओं ने कोविड-19 वायरस के प्रसार से निपटने को लेकर लंबे समय तक चलने वाली अभिनव उत्पाद ड्यूरोकिआ को विकसित किया है।
  • अगली पीढ़ी की ड्यूरोकिआ सूक्ष्मजीव रोधी तकनीक 189 रुपये से शुरू होती है, 99.99 फीसदी कीटाणुओं को तत्काल मार देती है।
  • ड्यूरोकिआ का अद्वितीय गुण कीटाणुओं को तत्काल मारना (60 सेकेंड के भीतर) और लंबे समय तक संरक्षण है, जो इस मौजूदा महामारी की स्थिति के दौरान बहुत अधिक जरूरी है।

ट्यूलिप फेस्टिवल


कश्मीर घाटी में, श्रीनगर में 3 से 7 अप्रैल, 2021 तक पांच दिवसीय ट्यूलिप फेस्टिवल का आयोजन किया गया।

  • श्रीनगर में विश्व प्रसिद्ध डल झील के किनारे जबरवान पहाड़ियों की तलहटी में एशिया का सबसे बड़ा ट्यूलिप गार्डन है।
  • कश्मीर में 'इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्यूलिप गार्डन' एशिया का सबसे बड़ा ट्यूलिप गार्डन है। इस ट्यूलिप गार्डन को पहले 'सिराज बाग' के नाम से जाना जाता था।
  • ट्यूलिप का मूल स्थान ईरान है, जिसे यूरोप में 17वीं शताब्दी में लाया गया था, जहाँ इसे विभिन्न किस्मों में विकसित किया गया था। नीदरलैंड्स (हॉलैंड) ट्यूलिप का सबसे बड़ा उत्पादक है।
  • ट्यूलिप का रोपण सर्दियों के मौसम की शुरुआत से पहले सितंबर से शुरू होता है और अप्रैल के मध्य तक उद्यान पूरी तरह खिल जाता है।

ऑनलाइन विवाद समाधान पुस्तिका


नीति आयोग ने 10 अप्रैल, 2021 को ‘अगामी और ओमिद्यार नेटवर्क इंडिया’ के साथ मिलकर आईसीआईसीआई बैंक और अन्य के सहयोग से अपनी तरह की पहली ‘ऑनलाइन विवाद समाधान पुस्तिका’ (Online Dispute Resolution Handbook) का शुभारंभ किया।

  • यह पुस्तिका भारत में ऑनलाइन विवाद समाधान को अंगीकार करने के लिए व्यवसायिक जगत के लिए एक तरह का आमंत्रण है।
  • ऑनलाइन विवाद समाधान डिजिटल प्रौद्योगिकी और विवाद समाधान की वैकल्पिक तकनीकियों का उपयोग करते हुए अदालतों के बाहर लघु और मध्यम दर्जे के विवादों को निपटाने की एक व्यवस्था है, जिसमें मध्यस्थता और बीच बचाव के उपाय किए गए हैं।

‘सदाबहार’ आम


राजस्थान के कोटा के 55 वर्षीय किसान श्रीकृष्ण सुमनने आम की एक ऐसी नई किस्म विकसित की है, जिसमें नियमित तौर पर पूरे साल ‘सदाबहार’ नाम का आम पैदा होता है।

  • आम की यह किस्म आम के फल में होने वाली ज्यादातर प्रमुख बीमारियों और आमतौर पर होने वाली गड़बड़ियों से मुक्त है।
  • इसका फल स्वाद में ज्यादा मीठा, लंगड़ा आम जैसा होता है और नाटा पेड़ होने के चलते किचन गार्डन में लगाने के लिए उपयुक्त है।
  • इसका गूदा गहरे नारंगी रंग का और स्वाद में मीठा होता है। इसके गूदे में बहुत कम फाइबर होता है, जो इसे अन्य किस्मों से अलग करता है। पोषक तत्वों से भरपूर आम स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा माना जाता है।
  • इस नई किस्म को राष्ट्रीय नवप्रवर्तन प्रतिष्ठान, भारत (NIF) ने भी मान्यता दी। NIF भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के तहत एक स्वायत्तसाशी संस्थान है।

अर्गिरिया शरदचंद्रजी


अप्रैल 2021 में दक्षिण महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले में फूलों के पौधों की एक नयी प्रजाति खोजी गई, जिसका नाम राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रमुख शरद पवार के नाम पर रखा गया है।

  • केंद्रीय कृषि मंत्री के रूप में पवार के योगदान को देखते हुए इस प्रजाति का नाम 'अर्गिरिया शरदचंद्रजी' (Argyreia sharadchandrajii) रखा गया है।
  • कोल्हापुर जिला प्रसिद्ध पश्चिमी घाट पारिस्थितिकी क्षेत्र में आता है, जो अपनी समृद्ध जैव विविधता के लिए मशहूर है।
  • ये प्रजातियां केवल एशियाई देशों में पाई जाती है। 40 उप-प्रजातियों में से 17 उप-प्रजातियां भारत की स्थानीय हैं। रामलिंग पहाड़ियों में आलमप्रभु पवित्र उपवन (Alamprabhu Sacred Grove) में यह 18वीं उप-प्रजाति खोजी गई है।
  • इस पौधे में जुलाई से सितंबर के बीच फूल लगते हैं और फल की अवधि दिसंबर तक रहती है।

फोर्ब्स की 35वीं वार्षिक दुनिया के अरबपतियों की सूची 2021


7 अप्रैल, 2021 को फोर्ब्स पत्रिका द्वारा जारी ‘35वीं वार्षिक दुनिया के अरबपतियों की सूची 2021’ (Forbes’ 35th Annual World’s Billionaires List) के अनुसार, अमेरिका और चीन के बाद भारत में दुनिया के तीसरे सबसे अधिक संख्या में अरबपति हैं।

  • फोर्ब्स की 35वीं वार्षिक सूची में अरबपतियों की संख्या अभूतपूर्व रूप से 2,755 तक पहुंच गई, जो एक साल पहले की तुलना में 660 अधिक है तथा इनकी कुल मिलाकर 13.1 ट्रिलियन डॉलर की संपत्ति है।
  • अमेरिका में दुनिया के सबसे अधिक 724 अरबपति हैं, इसके बाद चीन में 698, भारत में 140, जर्मनी में 136 तथा रूस में 117 अरबपति हैं।
  • फोर्ब्स की दुनिया के अरबपतियों की 35वीं वार्षिक सूची में अमेजॉन के सीईओ और संस्थापक जेफ बेजोस लगातार चौथे साल शीर्ष पर हैं। उनकी कुल संपत्ति 177 बिलियन डॉलर है।
  • 151 बिलियन डॉलर की कुल संपत्ति के साथ दूसरे स्थान पर स्पेसएक्स के संस्थापक एलन मस्क हैं, जिनकी संपत्ति में डॉलर की मद में सबसे अधिक बढ़ोतरी हुई।
  • फ्रेंच अरबपति बर्नार्ड अरनॉल्ट 150 बिलियन डॉलर की संपत्ति के साथ तीसरे, बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के बिल गेट्स 124 बिलियन डॉलर की संपत्ति के साथ चौथे तथा फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग 97 बिलियन डॉलर की संपत्ति के साथ पांचवें स्थान पर हैं।
  • रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी 84.5 बिलियन डॉलर की संपत्ति के साथ भारतीय अरबपतियों में शीर्ष पर हैं। वह विश्व में 10वें स्थान पर है और वे एक बार फिर एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं। उन्होंने चीन के जैक मा को पीछे छोड़ दिया है, जो एक साल पहले एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति बन गए थे।

शीर्ष भारतीय अरबपति:

रैंक

वैश्विक स्तर पर रैंकिंग

नाम

कुल संपत्ति (बिलियन डॉलर में)

1

10

मुकेश अंबानी

84.5

2

24

गौतम अदानी और परिवार

50.5

3

71

शिव नादर

23.5

4

117

राधाकिशन दमानी

16.5

5

121

उदय कोटक

15.9

6

133

लक्ष्मी मित्तल

14.9

7

168

कुमार बिड़ला

12.8

8

169

साइरस पूनावाला

12.7

9

203

दिलीप संघवी

10.9

10

213

सुनील मित्तल और परिवार

10.5

चिनाब पुल की मेहराब बंदी का कार्य पूरा


भारतीय रेल ने 5 अप्रैल, 2021 को प्रतिष्ठित चिनाब पुल का मेहराब बंदी (Arch closure) काम पूरा कर लिया है।

  • यह चिनाब पुल दुनिया का सबसे ऊंचा पुल है और यह उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक परियोजना (यूएसबीआरएल) का हिस्सा है।
  • यह पुल 1315 मीटर लंबा है। यह दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे पुल है, जो नदी के तल के स्तर से 359 मीटर ऊपर है। यह पेरिस (फ्रांस) के प्रतिष्ठित एफिल टॉवर से 35 मीटर ऊंचा है।
  • इस पुल के निर्माण में 28,660 मीट्रिक टन संरचनात्मक इस्पात का उपयोग हुआ है इस मेहराब का कुल वजन 10,619 मीट्रिक टन होगा।
  • यह पुल 1,486 करोड़ रुपए की लागत से बनाया जा रहा है तथा इसकी कार्यकारी एजेंसी कोंकण रेलवे कॉर्पोरेशन लिमिटेड है।

राग ‘मैत्री’


बंगलादेश के राष्ट्रपिता बंगबंधु शेख मुजीबुर्रहमान की जन्मशताब्दी के अवसर पर विख्यात शास्त्रीय संगीत गायक पंडित अजय चक्रवर्ती ने एक नए राग ‘मैत्री’ (Raag Moitree) की रचना की है।

  • यह नवीन राग ‘मैत्री’ बंगबंधु शेख मुजीब की स्मृति में समर्पित है। इस राग मैत्री में भारत और बंगलादेश की ऐतिहासिक मित्रता के तत्वों को शामिल किया गया है।
  • इस नए राग की रचना शास्त्रीय संगीत के परम्परागत तत्वों के आधार पर किया गया है। इस राग में निबद्ध तीन संगीत रचनायें है, जो संस्कृत हिंदी और बंगला में गाए जाएंगे।

2023 ‘अंतरराष्ट्रीय मोटा अनाज वर्ष’ घोषित


मार्च 2021 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा भारत की ओर से पेश एक प्रस्ताव को सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया है, जिसके तहत वर्ष 2023 को ‘अंतरराष्ट्रीय मोटा अनाज वर्ष’ (International Year of Millets) घोषित किया गया है। इस प्रस्ताव का 70 से अधिक देशों ने समर्थन किया।

  • इसका उद्देश्य बदलती जलवायु परिस्थितियों में मोटे अनाज के पोषण और स्वास्थ्य लाभ और इसकी खेती के लिए उपयुक्तता के बारे में जागरूकता बढ़ाना है।
  • मोटे अनाज या कदन्न (millet) में ज्वार, बाजरा, रागी, कंगनी, कुटकी, कोदो, सावां आदि शामिल हैं।
  • अप्रैल 2016 में, संयुक्त राष्ट्र महासभा ने भूख को मिटाने और दुनिया भर में कुपोषण के सभी प्रकारों की रोकथाम की आवश्यकता को मान्यता देते हुए 2016 से 2025 तक 'पोषण पर संयुक्त राष्ट्र कार्रवाई दशक' (U.N. Decade of Action on Nutrition) की घोषणा की थी।

अर्थ ऑवर 2021


27 मार्च, 2021 को ऊर्जा बचत का वैश्विक अभियान ‘अर्थ ऑवर 2021’ (Earth Hour 2021) संपूर्ण विश्व में रात्रि 8:30 से 9:30 बजे तक मनाया गया।

  • अर्थ ऑवर डब्ल्यूडब्ल्यूएफ (WWF World Wide Fund for Nature) द्वारा प्रत्येक वर्ष मार्च महीने के अंत में मनाया जाता है।
  • इसका उद्देश्य व्यक्तियों तथा विभिन्न समुदायों को ऊर्जा की खपत कम करने हेतु प्रोत्साहित करना है, जिसके लिए सभी को अपने घरों एवं प्रतिष्ठानों की गैरजरूरी लाइटों, इत्यादि को 1 घंटे के लिए बंद करने का आग्रह किया जाता है।
  • इस वैश्विक अभियान की शुरुआत वर्ष 2007 में सिडनी, ऑस्ट्रेलिआ में हुई थी।

ऊर्जा स्वराज यात्रा


केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल 'निशंक' ने 19 मार्च, 2021 को ऊर्जा स्वराज यात्रा (Energy Swaraj Yatra) बस की सवारी की।

  • बस के भीतर सौर ऊर्जा से हर कार्य किया जाता है और इसमें दफ्तर और घर की हर सुविधा दी गई है। आईआईटी बॉम्बे के प्रोफेसर डॉ. चेतन सिंह सोलंकी ने इस सौर बस का निर्माण किया है।
  • सौर ऊर्जा अपनाने को जन आंदोलन बनाने के मिशन के लिए प्रतिबद्ध डॉ. चेतन सिंह सोलंकी ने 2030 तक घर नहीं जाने और सौर बस में रहने और यात्रा करने का संकल्प लिया है। बस में सभी दैनिक गतिविधियों की सुविधा है।
  • बस में 3.2 किलोवाट का सौर पैनल और 6 किलोवाट का बैटरी स्टोरेज स्थापित किया गया है। ऊर्जा स्वराज यात्रा वर्ष 2020 में शुरू हुई और 2030 तक जारी रहेगी।
  • मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रोफेसर सोलंकी को हाल ही में मध्य प्रदेश के सौर ऊर्जा का ब्रांड एम्बेसडर नियुक्त किया है।

भारतीय नौसेना एयर स्क्वाड्रन 310


गोवा स्थित भारतीय नौसेना का एक समुद्री टोही स्क्वाड्रन 'भारतीय नौसेना एयर स्क्वाड्रन 310', द कोबरा (Indian Naval Air Squadron (INAS) 310, The Cobras) ने 21 मार्च, 2021 को अपनी हीरक जयंती (Diamond Jubilee) मनाई।

  • 21 मार्च, 1961 को फ्रांस के हाइरेस में कमीशन प्राप्त स्क्वाड्रन को भारतीय नौसेना की सबसे अलंकृत इकाई होने का गौरव प्राप्त है।
  • INAS 310 स्क्वाड्रन ने 1961 के बाद से कई ऑपरेशनों में देश के लिए अभूतपूर्व सेवा प्रदान की है और अभी भी समुद्र तट पर दैनिक निगरानी अभियानों को अंजाम दे रही है।
  • इस स्क्वाड्रन ने 1991 तक एलिज विमान (Alize aircraft) का संचालन किया और बाद में तट आधारित डोर्नियर-228 विमान को चुन लिया।

खादी मुजीब जैकेट


खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) ने खासतौर पर डिजाइन की गई 100 ‘मुजीब जैकेटों’ की आपूर्ति की है, जो 26- 27 मार्च, 2021 को होने वाली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दो-दिवसीय बांग्लादेश यात्रा के दौरान गणमान्य लोगों के द्वारा पहनी जाएगी।

  • मुजीब जैकेट ‘बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान’ द्वारा पहने जाने वाले मुख्य परिधान के रूप में प्रसिद्ध है, जिन्हें ‘बांग्लादेश का राष्ट्रपिता’ कहा जाता है।
  • बांग्लादेश शेख मुजीबुर रहमान की जन्म शताब्दी पर ‘मुजीब बोरशो’ (Mujib Borsho) मना रहा है, इसी उपलक्ष्य में ढाका में भारतीय उच्चायोग के इंदिरा गांधी सांस्कृतिक केन्द्र ने प्रधानमंत्री की यात्रा से पहले 100 मुजीब जैकेट का ऑर्डर दिया था।
  • विशेष रूप से डिजाइन की गई मुजीब जैकेट को हाथों से तैयार उच्च गुणवत्ता वाली ‘पॉली खादी फैब्रिक’ (Poly Khadi fabric) से बनाया गया है। जैकेट को जयपुर में केवीआईसी के कुमारप्पा नेशनल हैंडमेड पेपर इंस्टीट्यूट में विशेष रूप से डिजाइन किए गए हाथ से बने प्लास्टिक मिश्रित पेपर कैरी बैग में ले जाया जाएगा।

जैव-कैप्सूल


मार्च 2021 में भारतीय मसाला अनुसंधान संस्थान (IISR) ने जैव-कैप्सूल (bio-capsules) के लिए पेटेंट प्राप्त किया है, यह एक ऐसी तकनीक है जो पिछले दशक में विकसित हुई थी।

  • जैव कैप्सूल संस्थान के तीन वैज्ञानिकों आनंद राज, आर. दिनेश और वाई.के. बीनी द्वारा विकसित किए गए थे।
  • इस तकनीक में सूक्ष्म जीव शामिल होते हैं, जिन्हें एक कैप्सूल में एकत्र और संपीड़ित किया जाता है, जिसका उपयोग कृषि में उर्वरकों के विकल्प के रूप में किया जा सकता है।
  • जैव- कैप्सूल में रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के उपयोग को कम करने के अलावा मृदा की गुणवत्ता और पर्यावरणीय मानकों में सुधार करने की क्षमता पाई जाती है।
  • भारतीय मसाला अनुसंधान संस्थान (IISR), कोझीकोड (कालीकट) भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) का एक घटक निकाय है, जो मसालों पर शोध के लिए समर्पित एक प्रमुख संस्थान है। 1975 के दौरान केरल के कोझीकोड में इसने केंद्रीय बागान फसल अनुसंधान संस्थान (CPCRI) के एक क्षेत्रीय स्टेशन के रूप में शुरुआत की थी।

स्वच्छता सारथी फेलोशिप


1 मार्च, 2021 को भारत सरकार के प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार के. विजय राघवन ने मिशन ‘वेस्ट टू वेल्थ’ (Waste to Wealth) के अंतर्गत ‘स्वच्छता सारथी फेलोशिप’ (Swachhata Saarthi Fellowship) की शुरुआत की है।

उद्देश्य: अपशिष्ट प्रबंधन के समक्ष मौजूद विभिन्न चुनौतियों को वैज्ञानिक और टिकाऊ तरीके से निपटान के लिए काम कर रहे नगर निगम कर्मियों, सफाई कर्मियों, स्वयं सहायता समूहों, सामुदायिक कार्यकर्ताओं और छात्रों को मान्यता देना।

  • 'वेस्ट टू वेल्थ' प्रधानमंत्री-विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार सलाहकार परिषद (पीएम-एसटीआईए सी) के 9 राष्ट्रीय मिशनों में से एक है।
  • यह फेलोशिप उन युवा नवोन्मेषियों को सशक्त करने के लिए एक पहल है, जो अपशिष्ट प्रबंधन, जागरूकता अभियान, अपशिष्ट सर्वेक्षण/अध्ययन इत्यादि के कार्यों में सामुदायिक स्तर पर ‘स्वच्छता सारथी’ के रूप में लगे हुए हैं।
  • इस फेलोशिप के अंतर्गत प्रोत्साहन पुरस्कार को तीन अलग-अलग श्रेणियों में बाँटा गया है जो निम्न है:

श्रेणी-: यह श्रेणी 9वीं से 12वीं कक्षा तक के स्कूली विद्यार्थियों के लिए है, जो सामुदायिक स्तर पर कचरा प्रबंधन के कार्यों में लगे हैं।

श्रेणी-बी: इसके अंतर्गत सामुदायिक स्तर पर कचरा प्रबंधन में लगे कॉलेज के स्नातक, परास्नातक तथा शोध छात्रों को प्रोत्साहन मिलेगा।

श्रेणी-सी: इसके अंतर्गत स्वयं सहायता समूह के माध्यम से समुदाय में कार्य कर रहे नागरिकों, नगर निगम कर्मियों और स्वच्छता कर्मियों को प्रोत्साहन मिलेगा जो अपने उत्तरदायित्व से आगे बढ़कर कार्य कर रहे हैं।

प्रबुद्ध भारत


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 31 जनवरी, 2021 को स्वामी विवेकानंद द्वारा शुरू की गई रामकृष्ण परंपरा की मासिक पत्रिका, ‘प्रबुद्ध भारत’ के 125वें वर्षगांठ समारोह को संबोधित किया।

  • 1896 से प्रकाशित की जा रही है इस पत्रिका में ऐतिहासिक, मनोवैज्ञानिक, सांस्कृतिक और सामाजिक विज्ञान विषयों से युक्त सामाजिक विज्ञान और मानविकी पर लेख प्रकाशित होते हैं।
  • स्वामी विरेशानंद अगस्त 2020 से पत्रिका के संपादक हैं।

त्रिशूल सैन्य एयरबेस


अड्डे के हाल ही में अपग्रेड किए गए त्रिशूल सैन्य एयरबेस के लिए नई दिल्ली से पहली उड़ान को झंडी दिखाई।

  • बरेली हवाई अड्डे को भारत सरकार की रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम- उड़े देश का आम नागरिक (आरसीएस-उड़ान) के तहत वाणिज्यिक उड़ान प्रचालनों के लिए अपग्रेड किया गया है।
  • बरेली का त्रिशूल सैन्य एयरबेस भारतीय वायुसेना का है और अंतरिम नागरिक उड्डयन प्रचालनों के लिए भूमि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) को सौंप दी गई थी। 65 करोड़ रुपए की लागत के साथ एएआई द्वारा अपग्रेडेशन कार्य किया गया।
  • एलायंस एयर को पिछले वर्ष उड़ान-4 निविदा प्रक्रिया के तहत दिल्ली-बरेली रूट प्रदान किया गया था।

आर्द्रभूमि संरक्षण और प्रबंधन केंद्र


पर्यावरण मंत्रालय ने 2 फरवरी, 2021 को विश्व आर्द्रभूमि दिवस के अवसर पर भारत की आर्द्रभूमि के संरक्षण, पुनर्बहाली और प्रबंधन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के एक हिस्से के रूप में, मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले संस्थान 'राष्ट्रीय सतत तटीय प्रबंधन केंद्र, चेन्नई' (NCSCM) के एक भाग के रूप में ‘आर्द्रभूमि संरक्षण और प्रबंधन केंद्र’ (CWCM) की स्थापना की घोषणा की।

  • समर्पित केंद्र विशिष्ट अनुसंधान आवश्यकताओं और ज्ञान अंतर को दूर करेगा और आर्द्रभूमि के संरक्षण, प्रबंधन और बुद्धिमतापूर्ण उपयोग के लिए एकीकृत दृष्टिकोण के अनुप्रयोग में मदद करेगा।
  • यह केंद्र संबंधित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ साझेदारी और नेटवर्क बनाने में मदद करेगा।
  • यह एक ज्ञान केंद्र के रूप में काम करेगा और राज्य / केन्द्र-शासित प्रदेश के आर्द्रभूमि प्राधिकरणों, आर्द्रभूमि उपयोगकर्ताओं, प्रबंधकों, शोधकर्ताओं और नीति-निर्माताओं के बीच आदान-प्रदान को सक्षम करेगा।

बाबर क्रूज मिसाइल IA


11 फरवरी‚ 2021 को पाकिस्तान ने सतह से सतह पर मार करने वाली ‘बाबर क्रूज मिसाइल IA’ सफलतापूर्वक लॉन्च की।

  • यह मिसाइल 450 किमी. तक के लक्ष्य पर वार कर सकती है। इस मिसाइल को अत्याधुनिक मल्टी ट्यूब प्रक्षेपण यान से लॉन्च किया गया।
  • 3 फरवरी को पाकिस्तान ने सतह से सतह पर मार करने वाली गजनवी बैलिस्टिक मिसाइल का प्रशिक्षण प्रक्षेपण किया था, जो पारंपरिक और परमाणु दोनों तरह के हथियारों को 290 किमी. की दूरी तक ले जाने में सक्षम है।
  • 20 जनवरी को पाकिस्तान ने परमाणु-सक्षम सतह से सतह पर मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइल शाहीन-III का परीक्षण किया‚ जो 2750 किमी. तक के लक्ष्य पर हमला कर सकता है।

'द ब्रिज ऑफ कंपैशन’


ऋषिगंगा नदी पर जोशीमठ-मलारी रोड पर रैणी गांव में सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) द्वारा निर्मित 200 फीट का बेली पुल (Bailey Bridge) 3 मार्च, 2021 को जनता के लिए खोल दिया गया है।

  • बीआरओ ने 7 फरवरी, 2021 को अचानक आई बाढ़ के कारण कट गए उत्तराखंड के चमोली जिले के 13 सीमावर्ती गांवों में 26 दिन के रिकॉर्ड समय में कनेक्टिविटी बहाल कर दी।
  • बीआरओ के ‘प्रोजेक्ट शिवालिक’ के ‘21 बॉर्डर रोड टास्क फोर्स’ (बीआरटीएफ) ने इस पुल का निर्माण किया।
  • बीआरओ ने रैणी (ऋषिगंगा) पावर प्लांट और एनटीपीसी पावर प्लांट के कर्म योगियों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए पुल को 'द ब्रिज ऑफ कंपैशन’ या करुणा का पुल (The Bridge of Compassion) नाम दिया है।

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन


23 फरवरी, 2021 को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (एनएफएसएम)- शासी परिषद की 16वीं बैठक केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की अध्यक्षता में हुई।

  • राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन कार्यक्रम को चावल, गेहूं व दलहन उत्पादन बढ़ाने के लिए वर्ष 2007-08 में शुरू किया गया था।
  • दलहन उत्पादन बढ़ाने के लिए 150 सीड-हब, तिलहन हेतु 35 सीड हब और पोषक अनाजों के लिए 24 सीड हब स्थापित किए गए हैं।
  • पिछले 6 साल में और अधिक फसलों व राज्यों को शामिल करने के लिए इसका विस्तार व नवीनीकरण किया गया है। वर्ष 2014-15 के बाद से मोटे अनाज व वाणिज्यिक फसलों अर्थात कपास, जूट व गन्ने को नवीनीकृत एनएफएसएम में शामिल किया गया है। 2019-20 से तिलहन व पाम ऑयल इसका हिस्सा बन गए हैं।
  • देश में कुल खाद्यान्न उत्पादन पिछले पांच वर्षों में 18% बढ़कर वर्ष 2014-15 के 252.02 मिलियन टन से वर्ष 2019-20 के दौरान 297.50 मिलियन टन हो गया है।

कृषि में राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस योजना


केंद्र प्रायोजित योजना ‘कृषि में राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस योजना’ (National e-Governance Plan in Agriculture-NeGPA) को 31 मार्च, 2021 तक बढ़ाया गया है।

  • सूचना और संचार प्रौद्योगिकी का उपयोग करके भारत में तेजी से विकास को प्राप्त करने के उद्देश्य से यह योजना 2010-11 में 7 राज्यों में शुरू की गई थी।
  • यह किसानों को कृषि संबंधी सूचनाओं को समय पर पहुंचाने में मदद करती है।
  • वर्ष 2014-15 में, सभी शेष राज्यों और 2 केंद्र-शासित प्रदेशों को कवर करने के लिए योजना का विस्तार किया गया।

कृषि मंत्रालय को ड्रोन उपयोग की अनुमति


फरवरी 2021 में कृषि मंत्रालय को रिमोट सेंसिंग डेटा एकत्रित करने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) के तहत ड्रोन का उपयोग करने की अनुमति दी गई है।

  • नागरिक उड्डयन मंत्रालय और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय को दूरस्थ रूप से पायलट विमान प्रणाली (RPAS) या ड्रोन के उपयोग के लिए सशर्त छूट दी है।
  • प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत देश के 100 जिलों के कृषि क्षेत्रों में रिमोट सेंसिंग डेटा संग्रह के लिए ड्रोन का उपयोग करने की अनुमति दी गई है।
  • यह सशर्त छूट अनुमति पत्र जारी करने की तिथि से या डिजिटल स्काई प्लेटफॉर्म के परिचालन तक, जो भी पहले हो, से एक वर्ष के लिए मान्य होगी।

निजी बैंकों को सरकार से जुड़े कामकाज की अनुमति


24 फरवरी, 2021 को निजी बैंकों को सरकार से जुड़े कामकाज और योजनाओं को क्रियान्वित करने पर लगी रोक हटा ली गयी है। अब सभी बैंक इसमें शामिल हो सकते हैं।

  • निजी बैंक अब भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास, सरकार के सामाजिक क्षेत्र में उठाये गये कदमों और ग्राहकों की सुविधा बेहतर बनाने में समान रूप से भागीदार हो सकते हैं।
  • अब निजी बैंक सरकार से संबंधित लेनदेन जैसे कि करों और अन्य राजस्व भुगतान सेवाओं, पेंशन भुगतान और छोटी बचत योजनाओं का संचालन करने में सक्षम होंगे।

भारत-मालदीव रक्षा क्षेत्र में समझौता


21 फरवरी, 2021 को भारत ने अपनी समुद्री सीमा के पड़ोसी देश मालदीव के चौतरफा विकास और सुरक्षा के लिए रक्षा क्षेत्र में पांच करोड़ डॉलर के ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किये।

महत्वपूर्ण तथ्य: रक्षा परियोजनाओं के लिए ऋण समझौते पर मालदीव के वित्त मंत्रालय और भारत के निर्यात आयात बैंक के बीच हस्ताक्षर हुए। इस ऋण से हिन्द महासागर में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मालदीव में समुद्री क्षमताओं को बढ़ावा मिलेगा।

  • विदेश मंत्री डॉक्टर एस जयशंकर ने सिफवारु में 'मालदीव नेशनल डिफेंस फोर्स कोस्ट गार्ड हार्बर' (Maldives National Defence Force Coast Guard Harbour) के विकास, समर्थन और रखरखाव के लिए एक समझौते पर भी हस्ताक्षर किए।

भारतीय नौसेना का जहाज ‘प्रलय’


भारतीय नौसेना के जहाज ‘प्रलय’ ने संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी में 20 से 25 फरवरी 2021 तक एनएवीडीईएक्स 21 (नौसेना रक्षा प्रदर्शनी) और आईडीईएक्स 21 (अंतरराष्ट्रीय रक्षा प्रदर्शनी) में हिस्सा लिया।

उद्देश्य: प्रधानमंत्री के 'आत्मनिर्भर भारत' के दृष्टिकोण के अनुरूप भारत के स्वदेशी जहाज निर्माण की ताकत का प्रदर्शन करना।

  • स्वदेश निर्मित (गोवा शिपयार्ड लिमिटेड में निर्मित) ‘प्रबल श्रेणी मिसाइल पोत’ के दूसरे जहाज ‘आईएनएस प्रलय’ को 2002 में भारतीय नौसेना में शामिल किया गया था।
  • यह 56 मीटर लंबा जहाज, लगभग 560 टन वजन ले जाने में सक्षम तथा 35 नॉट्स से अधिक की गति से चलने में सक्षम है एवं हथियारों और सेंसरों के एक प्रभावशाली व्यूह-रचना से लैस है।
  • दोनों नौसेनाओं के बीच संपर्क एवं बातचीत बढ़ाने की दिशा में भारतीय नौसेना-यूएई नौसेना के बीच द्विपक्षीय अभ्यास ‘गल्फ स्टार-1’ (GULF STAR- 1) का उद्घाटन संस्करण मार्च 2018 में आयोजित किया गया था।

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी आयुर्विज्ञान एवं शोध संस्थान


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 23 फरवरी, 2021 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आईआईटी, खड़गपुर में ‘डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी आयुर्विज्ञान एवं शोध संस्थान’ का उद्घाटन किया।

  • शिक्षा मंत्रालय के सहयोग से भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, खड़गपुर द्वारा इस सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की स्थापना की गई है।
  • स्वास्थ्य देखभाल के क्षेत्र में प्रौद्योगिकी उत्पादों को विकसित करने में आईआईटी खड़गपुर की विरासत को आगे बढ़ाते हुए अस्पताल, मजबूत जैव चिकित्सा, क्लिनिकल और ट्रांसलेशनल रिसर्च, दूरस्थ निदान के विकास और टेलीमेडिसिन के साथ दवा डिजाइन और वितरण में अनुसंधान पर ध्यान केंद्रित करेगा।

डच इंडियन वॉटर एलायंस फॉर लीडरशिप इनिशिएटिव


जल से संबंधित चुनौतियों के समाधान खोजने के लिए 'डच इंडियन वॉटर एलायंस फॉर लीडरशिप इनिशिएटिव' (Dutch Indian Water Alliance for Leadership Initiative- DIWALI) नामक एक प्लेटफॉर्म विकसित किया गया है, जिसमें जल चुनौतियों के समाधान डिजाइन के लिए भारत और नीदरलैंड भाग ले सकते हैं।

  • इस पहल के अंतर्गत ‘वाटर फॉर चेंज इंटीग्रेटिव एंड फिट फोर पर्पज, वॉटर सेंसिटिव, डिजाइन फ्रेमवर्क फॉर फास्ट ग्रोइंग, लिवेबल सिटीज’ (Water for Change. Integrative and Fit-for-Purpose Water Sensitive Design Framework for Fast Growing Livable Cities) नामक डच कंसोर्टियम 2019 में बनाया गया।
  • इस कंसोर्टियम का नेतृत्व आईआईटी रुड़की कर रहा है और एमएएनआईटी, भोपाल, सीईपीटी यूनिवर्सिटी, अहमदाबाद, आईआईटी गांधीनगर तथा सीडब्ल्यू आरडीएम कालीकट इस कंसोर्टियम के सदस्य हैं।
  • गंगा प्रणाली की सफाई के लिए अनुसंधान और विकास आवश्यकताओं के मूल्यांकन तथा गंगा बेसिन में जल गुणवत्ता और मात्रा पर कृषि प्रभाव के अध्ययन के आधार पर विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग तथा ‘नीदरलैंड्स ऑर्गेनाइजेशन फॉर साइंटिफिक रिसर्च’ दोनों देशों के बीच अनुसंधान सहयोग को गति दे रहे हैं।

भारतीय सांकेतिक भाषा शब्दकोश का तीसरा संस्करण


केंद्रीय सामाजिक न्याय तथा अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत ने17 फरवरी, 2021 को एक वर्चुअल कार्यक्रम में 10,000 शब्दों (पहले के 6,000 शब्द सहित) के साथ ‘भारतीय सांकेतिक भाषा शब्दकोश के तीसरे संस्करण’ का लोकार्पण किया।

  • यह शब्दकोश सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के अंतर्गत एक स्वायत्त संस्थान ‘भारतीय सांकेतिक भाषा अनुसंधान और प्रशिक्षण केंद्र’ (Indian Sign Language Research and Training Centre- ISLRTC) ने तैयार किया है।
  • शब्दकोश के तीसरे संस्करण में दैनिक उपयोग के शब्द, अकादमिक शब्द, कानूनी तथा प्रशासनिक शब्द, मेडिकल शब्द, तकनीकी तथा कृषि जैसे विषयों के कुल 10,000 शब्द हैं। डिक्शनरी में देश के विभिन्न भागों में उपयोग किए जाने वाले क्षेत्रीय संकेत भी शामिल किए गए हैं।
  • शब्दकोश का पहला संस्करण 3,000 शब्दों के साथ 23 मार्च, 2018 को लांच किया गया था और दूसरा संस्करण 6000 शब्दों (पहले के 3,000 शब्द सहित) के साथ 27 फरवरी, 2019 को लांच किया गया था।

श्री राम चन्‍द्र मिशन


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 16 फरवरी, 2021 को ‘श्री राम चन्द्र मिशन’ के 75 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया।

  • श्री राम चंद्र मिशन (Shri Ram Chandra Mission) एक गैर-लाभकारी संगठन है, जो दुनिया भर के इच्छुक साधकों को सहज मार्ग (हार्टफुलनेस मेडिटेशन) के माध्यम से आध्यात्मिक प्रशिक्षण प्रदान करता है।
  • राज योग का एक रूप ‘सहज मार्ग’ (प्राकृतिक मार्ग) ध्यान के माध्यम से आंतरिक अनुभव पर आधारित एक आध्यात्मिक अभ्यास है, जिसमें ध्यान, शुद्धि और प्रार्थना शामिल है।
  • इस मिशन की स्थापना 1945 में शाहजहांपुर के श्री राम चंद्र ने अपने आध्यात्मिक गुरु और मार्गदर्शक, फतेहगढ़ के श्री राम चंद्र के सम्मान में की थी।

राष्ट्रीय मखाना अनुसंधान केंद्र


केंद्रीय कृषि मंत्री ने 9 फरवरी, 2021 को लोक सभा को राष्ट्रीय मखाना अनुसंधान केंद्र (National Research Centre for Makhana) के बारे में जानकारी दी।

  • कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग, भारत सरकार द्वारा मखाना फसल के संरक्षण, अनुसंधान और विकास के लिए नौवीं पंचवर्षीय योजना अवधि (1997-2002) के दौरान एक नई योजना के रूप में आईसीएआर-राष्ट्रीय मखाना अनुसंधान केंद्र, दरभंगा (बिहार) को मंजूरी दी गई थी।
  • हालाँकि, दसवीं योजना अवधि (2002-2007) के दौरान, राष्ट्रीय मखाना अनुसंधान केंद्र को बिना अधिदेश बदले विलय कर ‘पूर्वी क्षेत्र के लिए आईसीएआर-अनुसंधान परिसर, पटना’ के प्रशासनिक नियंत्रण में लाया गया था।
  • विशेष रूप से दरभंगा और सामान्य रूप से मिथिला देश में प्रमुख मखाना उत्पादक क्षेत्र है।

कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की रोकथाम पर कौशल प्रशिक्षण


केंद्रीय कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री डॉ. महेन्द्रनाथ पांडे ने 13 फरवरी, 2021 को 'कार्यस्थल पर लैंगिक संवेदनशीलता और यौन उत्पीड़न की रोकथाम पर कौशल प्रशिक्षण' का शुभारंभ किया।

  • यह परियोजना के लिए कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में 'प्रबंधन और उद्यमिता एवं व्यावसायिक कौशल परिषद' (MEPSC) के साथ साझेदारी में लॉन्च किया गया।
  • 1800 प्रशिक्षुओं और 240 प्रशिक्षण पेशेवरों को प्रशिक्षित करने के लिए छ: महीने की परियोजना राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के 3 राज्यों में 15 जिलों में लागू की जाएगी।

भारत का पहला सीएनजी ट्रैक्टर


केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी द्वारा 12 फरवरी, 2021 को भारत का पहला सीएनजी ट्रैक्टर औपचारिक रूप से लॉन्च किया गया।

  • भारत में पहली बार डीजल ट्रैक्टर को सीएनजी में परिवर्तित किया गया है।
  • रावमट टेक्नो सॉल्यूशंस और टॉमासेटो आशिल इंडिया (Rawmatt Techno Solutions & Tomasetto Achille India) द्वारा संयुक्त रूप से किए गए इस रूपांतरण से किसानों को उत्पादन लागत कम करने तथा ग्रामीण भारत में रोजगार के ज्यादा से ज्यादा अवसर पैदा करने में मदद मिलेगी।

ट्रैक्टर को सीएनजी में परिवर्तित करने के विशिष्ट लाभ: परीक्षण रिपोर्ट यह बताती है कि डीजल से चलने वाले इंजन की तुलना में रेट्रोफिटेड ट्रैक्टर उससे अधिक / बराबर शक्ति का उत्पादन करता है।

  • इससे डीजल की तुलना में कुल कार्बन उत्सर्जन में 70% की कमी आई है।
  • यह किसानों को ईंधन की लागत पर 50% तक की बचत करने में मदद करेगा, क्योंकि वर्तमान में सीएनजी केवल 42 रुपये प्रति किलोग्राम है।

मिनी काजीरंगा' में 58 जलपक्षी प्रजातियां


7 फरवरी, 2021 को आयोजित पक्षियों के वार्षिक सर्वेक्षण के अनुसार एक-सींग वाले गैंडों की अधिक संख्या के लिए प्रसिद्ध पोबितोरा वन्यजीव अभयारण्य में जलपक्षियों की 58 प्रजातियां हैं।

  • गुवाहाटी से 45 किमी पूर्व में स्थित, 16 वर्ग किलोमीटर के पोबितोरा अभयारण्य में 2018 में अनुमानित 102 गैंडे थे।
  • अभयारण्य को अक्सर 'मिनी काजीरंगा' के रूप में संदर्भित किया जाता है, क्योंकि इसका परिदृश्य और जीव जन्तु काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के समान हैं।

इंडिया साइंस


विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से जुड़े देश के ओटीटी (ओवर-द -टॉप) चैनल, ‘इंडिया साइंस’ (India Science) ने 15 जनवरी, 2021 को सफलतापूर्वक अपना दूसरा वर्ष पूरा कर लिया।

उद्देश्य: ओटीटी जैसी आज की प्रचलित नवीनतम तकनीक के जरिए देश के नागरिकों में वैज्ञानिक जागरूकता और चेतना पैदा करना।

  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के एक स्वायत्त संगठन ‘विज्ञान प्रसार’ द्वारा प्रबंधित इस चैनल का औपचारिक रूप से शुभारंभ 15 जनवरी, 2019 को किया गया था।
  • मोबाइल फोन पर, ‘इंडिया साइंस मोबाइल ऐप’ को गूगल प्लेस्टोर और एप्पल एप्प स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। रिलायंस जियो पर, यह जियोटीवी, जियोएसटीबी और जियोचैट के जरिए उपलब्ध है।

छोटी इलायची के लिए क्रेता-विक्रेता बैठक


मसाला बोर्ड ने 22 जनवरी, 2021 को छोटी इलायची के लिए क्रेता-विक्रेता बैठक का आयोजन किया।

  • मसाला बोर्ड हमेशा से छोटी इलायची से संबंधित पक्षों का आपूर्ति शृंखला के विभिन्न चरणों में समर्थन करता रहा है। इसके तहत क्षेत्रीय विकास, नर्सरी प्रबंधन और फसल कटाई में सुधार के लिए विभिन्न कार्यक्रम / गतिविधियां शामिल हैं।
  • मसालों की रानी, छोटी इलायची अपनी मनमोहक सुगंध और स्वाद के कारण दुनिया भर में मशहूर है।
  • देश में केरल देश छोटी इलायची का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है। इसके अलावा तमिलनाडु और कर्नाटक अन्य प्रमुख उत्पादक राज्य हैं।
  • वित्त वर्ष 2020-21 की पहली छमाही के दौरान छोटी इलायची के निर्यात में बढ़ोतरी हुई है। इस दौरान 56.52 करोड़ रुपये मूल्य की 1900 मीट्रिक टन इलायची का निर्यात किया गया।

पश्चिम बंगाल में प्रमुख अवसंरचना परियोजना


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 फरवरी, 2021 को हल्दिया, पश्चिम बंगाल का दौरा किया और देश को एलपीजी आयात टर्मिनल तथा प्रधानमंत्री ऊर्जा गंगा परियोजना के हिस्से के रूप में लगभग 350 किमी. डोभी - दुर्गापुर प्राकृतिक गैस पाइपलाइन खंड समर्पित किया।

  • 350 किलोमीटर डोभी - दुर्गापुर पाइपलाइन से न केवल पश्चिम बंगाल बल्कि बिहार और झारखंड के 10 जिले लाभान्वित होंगे।
  • उन्होंने प्रति वर्ष 270 हजार मीट्रिक टन क्षमता की हल्दिया रिफाइनरी की दूसरी कैटेलिटिक-आइसोडीवेक्सिंग इकाई (Catalytic-Isodewaxing unit) की आधारशिला भी रखी और राष्ट्रीय राजमार्ग 41 पर हल्दिया के रानीचक में 4 लेन फ्लाईओवर राष्ट्र को समर्पित किया।
  • चार परियोजनाओं से क्षेत्र में व्यापार सुगमता और जीवन सुगमता दोनों में सुधार होगा। ये परियोजनाएं हल्दिया को निर्यात-आयात के एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने में भी मदद करेंगी।

निर्वाचन आयोग का वेब रेडियो: 'हैलो वोटर्स'


भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 25 जनवरी, 2021 को 11वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर निर्वाचन आयोग के वेब रेडियो: 'हैलो वोटर्स' (ECI’s Web Radio:‘Hello Voters’) का शुभारंभ किया और वर्ष 2020-21 के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए।

  • निर्वाचन आयोग का वेब रेडियो: 'हैलो वोटर्स' ऑनलाइन डिजिटल रेडियो सेवा है, जो मतदाता जागरूकता कार्यक्रमों को प्रसारित करेगी। यह भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर एक लिंक के माध्यम से उपलब्ध होगा।
  • रेडियो ‘हैलो वोटर्स’ के कार्यक्रम की शैली लोकप्रिय एफएम रेडियो सेवाओं के अनुरूप परिकल्पित की गई है।
  • यह देश भर में हिंदी, अंग्रेजी और क्षेत्रीय भाषाओं में गीत, नाटक, परिचर्चा, स्पॉट, चुनाव संबंधी खबरों आदि के जरिये मतदाताओं को चुनाव प्रक्रिया की जानकारी एवं शिक्षा प्रदान करेगा।

सर्वश्रेष्ठ चुनावी प्रथाओं के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार: राज्य और जिला स्तर के अधिकारियों को विभिन्न क्षेत्रों जैसे आईटी पहल, सुरक्षा प्रबंधन, कोविड-19 के दौरान चुनाव प्रबंधन, सुलभ चुनाव और मतदाता जागरूकता एवं आउटरीच के क्षेत्र में योगदान जैसे कार्यों में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दिया गया।

  • मतदाताओं की जागरूकता में बहुमूल्य योगदान के लिए राष्ट्रीय हस्तियों और मीडिया समूह जैसे महत्वपूर्ण हितधारकों को भी राष्ट्रीय पुरस्कार दिए गए।

केवडिया के साथ रेल-कनेक्टिविटी


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 18 जनवरी, 2021 रेल कनेक्टिविटी के माध्यम से केवडिया (स्टैच्यू ऑफ यूनिटी) को जोड़ने वाली आठ ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

  • ये ट्रेन हैं- साप्ताहिक केवडिया - वाराणसी महामना एक्सप्रेस, दैनिक दादर- केवडिया एक्सप्रेस, दैनिक अहमदाबाद- केवडिया जनशताब्दी एक्सप्रेस, सप्ताह में दो बार चलने वाली हजरत निजामुद्दीन-केवडिया सम्पर्क क्रांति एक्सप्रेस, साप्ताहिक केवडिया -रीवा एक्सप्रेस, साप्ताहिक चेन्नई- केवडिया एक्सप्रेस, दैनिक प्रताप नगर- केवडिया एमईएमयू ट्रेन और दैनिक केवडिया -प्रताप नगर एमईएमयू ट्रेन।
  • प्रधानमंत्री ने इसके अलावा दभोई-चंदोद की परिवर्तित ब्रॉड गेज रेललाइन, चंदोद- केवडिया नई ब्रॉड गेज लाइन, प्रतापनगर- केवडिया के नए विद्युतीकृत खंड और दभोई, चंदोद तथा केवडिया स्टेशन के नए भवन का भी उद्घाटन किया।
  • नया केवडिया रेलवे स्टेशन स्टैच्यू ऑफ यूनिटी से लगभग 6. 5 किमी. की दूरी पर है। केवडिया स्टेशन 'भारतीय ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल' द्वारा हरित भवन (ग्रीन बिल्डिंग) के रूप में प्रमाणित होने वाला भारत का पहला रेलवे स्टेशन होगा।

‘जो’ नाम का कबूतर


26 दिसंबर, 2020 को ‘जो’ (Joe) नाम का कबूतर उस वक्त बहुत चर्चित हुआ, जब मेलबर्न में 'अमेरिकी पहचान' का टैग पहने इसे देखा गया था।

  • ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों ने 'जो' नामक कबूतर को संयुक्त राज्य अमेरिका से देश में प्रवेश करने के संदेह में जैव सुरक्षा जोखिम के रूप में घोषित कर मार डालने का फैसला किया था।
  • हालांकि, बाद में अधिकारियों को इस टैग पर शक हुआ और पाया कि यह स्थानीय ही है और इससे जैव सुरक्षा का खतरा नहीं है।
  • देश के बाहर का कोई भी पक्षी जैव विविधता जोखिम है, क्योंकि यह रोग वाहक हो सकता है, जैसे कि एवियन इन्फ्लूएंजा, न्यूकैसल रोग (Newcastle disease), कबूतर पैरामिक्सोवायरस टाइप 1 (पीपीएमवी -1) संक्रमण, एवियन पैरामाइक्सोवायरस टाइप 3 (APMV-3) संक्रमण आदि।

गणतंत्र दिवस परेड में बांग्लादेशी सशस्त्र बलों की एक टुकड़ी


26 जनवरी, 2021 को गणतंत्र दिवस परेड में बांग्लादेशी सशस्त्र बलों की एक टुकड़ी राजपथ पर मार्च करती हुई दिखाई देगी। इसमें बांग्लादेश की सशस्त्र सेना के एक 122 सदस्यीय सशस्त्र बल भाग लेगा।

  • बांग्लादेश सशस्त्र बलों के दल में बांग्लादेश की तीनों सेनाओं के सैनिक शामिल हैं।
  • बांग्लादेश टुकड़ी के अधिकांश सैनिक बांग्लादेश सेना की सबसे प्रतिष्ठित इकाइयों पूर्वी बंगाल रेजिमेंट और फील्ड आर्टिलरी रेजिमेंट से से आते हैं, जो 1971 के बांग्लादेश मुक्ति युद्ध में लड़े थे।
  • यह भारत के इतिहास में केवल तीसरी बार है, जब किसी विदेशी सैन्य टुकड़ी को दिल्ली के राजपथ पर राष्ट्रीय परेड में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है। इससे पहले 2016 में फ्रांस और 2017 में संयुक्त अरब अमीरात की सैन्य टुकड़ी ने परेड में हिस्सा लिया था।
  • यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि वर्ष 2021 में बांग्लादेश के मुक्ति युद्ध के 50 वर्ष पूरे हो रहे हैं।

उर्जा दक्षता हेतु उपाय


विद्युत मंत्रालय ने ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (बीईई) के साथ मिलकर 11 जनवरी, 2021 को 30वें राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार समारोह के दौरान ‘एयर कंप्रेशर और यूएचडी टीवी के लिए स्टार लेबलिंग कार्यक्रम’ शुरू किया।

  • एयर कम्प्रेशर और अल्ट्रा हाई डेफिनेशन (Ultra High Definition- UHD) टीवी के लिए स्वैच्छिक आधार पर मानक और लेबलिंग कार्यक्रम को शुरू किया गया।
  • इसके लिए ऊर्जा खपत मानक 1 जनवरी, 2021 से प्रभावी हो गए। इस पहल से 2030 तक एयर कंप्रेशर्स के लिए 8.41 बिलियन यूनिट बिजली और यूएचडी टीवी के लिए 9.75 बिलियन यूनिट बिजली की बचत होने की सम्भावना है।

साथी पोर्टल: इस अवसर पर राज्य स्तर की गतिविधियों के लिए राज्य नामित एजेंसी के लिए एक पोर्टल 'साथी' यानि ऊर्जा दक्षता पर वार्षिक लक्ष्य को लेकर राज्यवार कदम और प्रगति (State-wise Actions on Annual Targets and Headways on Energy Efficiency- SAATHEE) का भी शुभारंभ किया गया।

  • बीईई ने यह प्रबंधन सूचना प्रणाली (एमआईएस) पोर्टल विकसित किया है, जो राज्य स्तर पर विभिन्न ऊर्जा संरक्षण के प्रयासों के कार्यान्वयन की प्रगति की वास्तविक समय की निगरानी की सुविधा प्रदान करेगा।

विज्ञान और प्रौद्योगिकी केंद्रित हैदराबाद क्लस्टर


विज्ञान और प्रौद्योगिकी केंद्रित हैदराबाद क्लस्टर (Hyderabad Cluster) को 8 जनवरी, 2021 को लॉन्च किया गया।

उद्देश्य: वैज्ञानिक उद्यम को प्रोत्साहित करना और सामूहिक प्रदर्शन के प्रति व्यक्तिगत संस्थागत उत्कृष्टता को बढ़ावा प्रदान करना।

  • यह क्लस्टर ऐसे चार भौगोलिक क्लस्टर में से एक है, जिसे केंद्र ने एक सहयोगी वातावरण के माध्यम से विज्ञान, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने हेतु प्रस्तावित किया है।
  • प्रधानमंत्री की विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार सलाहकार परिषद (PM-STIAC) ने हैदराबाद, बेंगलुरु, एनसीआर-दिल्ली और पुणे में विज्ञान और प्रौद्योगिकी केंद्रित क्लस्टर के गठन की सिफारिश की थी।

भारतीय रेल का स्वर्णिम चतुर्भुज और स्वर्णिम कोणीय रूट


भारतीय रेल ने स्वर्णिम चतुर्भुज और स्वर्णिम कोणीय रूट (GQ-GD route) में 1,612 किमी. में से 1,280 किमी. लंबाई के लिए अधिकतम गति उल्लेखनीय रूप से बढ़ाकर 130 किमी. प्रति घंटा कर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है।

  • यह विजयवाड़ा - दुव्वाडा खंड (Vijayawada - Duvvada section) को छोड़कर, जहां सिग्नल अप-ग्रेडेशन कार्य प्रगति पर है, दक्षिण मध्य रेलवे के समस्त GQ-GD route को कवर करती है।
  • इन खंडों में तेज गति से बाधाओं को हटाकर ट्रैक और उसके बुनियादी ढांचे की व्यवस्थित और योजनाबद्ध मजबूती के कारण बढ़ी हुई गति सीमा प्राप्त की जा सकी।
  • सिकंदराबाद - काजीपेट (132 किमी. की दूरी) के बीच हाई-डेंसिटी नेटवर्क (High-Density Network- HDN) में अधिकतम गति सीमा पहले ही 130 किमी. प्रति घंटे तक बढ़ा दी गई थी।

विश्व हिंदी दिवस


10 जनवरी

महत्वपूर्ण तथ्य: इस दिन 1975 में, दुनिया भर में हिंदी भाषा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नागपुर में प्रथम विश्व हिंदी सम्मेलन आयोजित किया गया था। वर्ष 2006 से, विदेशों में हिंदी भाषा के उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रति वर्ष यह दिवस 10 जनवरी को मनाया जा रहा है।

जंगली बिल्ली कैराकल


राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति ने जंगली बिल्ली ‘कैराकल’ (Caracal) को केंद्र प्रायोजित योजना ‘वन्यजीव निवास स्थलों का विकास’ (Development of Wildlife Habitat) के तहत वित्तीय सहायता के साथ संरक्षण के प्रयासों के अंतर्गत ‘गंभीर रूप से संकटग्रस्त’ प्रजातियों (critically endangered species) की सूची में शामिल करने की स्वीकृति दी है।

  • कैराकल राजस्थान और गुजरात के कुछ क्षेत्रों में पाई जाने वाली एक मध्यम आकार की जंगली बिल्ली है।
  • अब, ‘गंभीर रूप से संकटग्रस्त’ प्रजातियों के लिए रिकवरी कार्यक्रम के तहत 22 वन्यजीव प्रजातियां हैं।

भारतीय मानक ब्यूरो का 74वां स्थापना दिवस


केन्द्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 6 जनवरी, 2021 को भारतीय मानक ब्यूरो के 74वें स्थापना दिवस समारोह में भाग लिया।

  • इस अवसर पर उन्होंने खिलौना परीक्षण सुविधाओं का उद्घाटन किया, जिसे भारतीय मानक ब्यूरो ने अपनी तीन प्रयोगशालाओं में तैयार किया है।
  • उन्होंने जांच-परख एवं हॉलमार्किंग के साथ-साथ गुणवत्ता नियंत्रण पर आधारित सर्टिफिकेट पाठ्यक्रमों की शुरुआत की घोषणा की।
  • इन पाठ्यक्रमों से जांच-परख एवं हॉलमार्किंग के कार्मिकों तथा गुणवत्ता नियंत्रण कार्मिकों के लिए क्षमता में अंतर को पाटने के साथ-साथ देश भर में जांच-परख एवं हॉलमार्किंग केंद्रों में सक्षम मानव संसाधनों की उपलब्धता से जुड़े दोनों उद्देश्यों की पूर्ति होगी।
  • 1986 के संसद के एक अधिनियम के माध्यम से 1 अप्रैल, 1987 को अस्तित्व में आए भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) की शुरुआत ‘भारतीय मानक संस्थान’ के नाम से 6 जनवरी, 1947 को हुई थी।
  • भारतीय मानक ब्यूरो, उत्पादों के मानकीकरण, चिह्नांकन और गुणवत्ता प्रमाणित गतिविधियों के सामंजस्यपूर्ण विकास एवं इससे संबंधित मामलों के लिए उत्तरदायी है।

भारतीय सेना में स्वदेशी सेतु प्रणाली का अधिष्ठापन


  • निजी उद्योगों और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के साथ करीबी सहयोग से भारतीय सेना ने 10 मीटर लंबाई के कम समय में तैयार तीन सेतु शामिल किए। इन्हें लार्सन एंड टूब्रो लिमिटेड के तालेगांव केंद्र में 29 दिसंबर, 2020 को औपचारिक रूप से सौंपा गया।
  • यह सेतु सैन्य कार्रवाइयों के दौरान हमारी सेना को तेजी से आवागमन संबंधी सुविधा प्रदान करने की आवश्यकता को पूरा करेंगे।
  • देश में ही डिजाइन, विकसित और तयशुदा समय में सौंपे गये इन सेतुओं की आपूर्ति विदेश में निर्मित उपकरणों पर हमारे सैन्य बलों की निर्भरता को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

तीन अवसंरचना परियोजना के निर्माण को स्वीकृति


30 दिसंबर, 2020 को आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने 3 अवसंरचना परियोजना के निर्माण के लिए उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) के प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की।

  • आंध्र प्रदेश में कृष्णापट्टनम औद्योगिक क्षेत्र में 2,139.44 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से परियोजना का निर्माण;
  • कर्नाटक में तुमकुर औद्योगिक क्षेत्र में 1,701.81 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से निर्माण;
  • उत्तर प्रदेश में 3,883.80 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से ग्रेटर नोएडा स्थित मल्टी मोडल लॉजिस्टिक हब (एमएमएलएच) और मल्टी ट्रांसपोर्ट हब (एमएमटीएच) का निर्माण।
  • ‘चेन्नई बेंगलुरु औद्योगिक गलियारा’ के अंतर्गत आंध्र प्रदेश में कृष्णापट्टनम औद्योगिक क्षेत्र और कर्नाटक में तुमकुर औद्योगिक क्षेत्र को स्वीकृति दी गई है।

विश्व-भारती विश्वविद्यालय का शताब्दी समारोह


  • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 24 दिसंबर, 2020 को विश्व-भारती विश्वविद्यालय, शांतिनिकेतन के शताब्दी समारोह को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया।
  • गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा 1921 में स्थापित विश्व-भारती देश का सबसे पुराना केंद्रीय विश्वविद्यालय है।
  • मई 1951 में संसद के एक अधिनियम द्वारा विश्व-भारती को एक केंद्रीय विश्वविद्यालय और 'राष्ट्रीय महत्व का संस्थान' घोषित किया गया था। प्रधानमंत्री इस विश्वविद्यालय के कुलाधिपति हैं।

अनुसूचित जातियों के लिए मैट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति


आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति ने 23 दिसंबर, 2020 को 'अनुसूचित जातियों के लिए मैट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति' (Post Matric Scholarship to students belonging to Scheduled Castes- PMS-SC) में रूपांतरात्मक परिवर्तनों को अनुमोदित किया।

  • अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए पांच वर्षों के लिए मैट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत 59,048 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है।
  • केन्द्र सरकार इस मद में 35, 534 करोड़ रुपये (60%) खर्च करेगी। शेष 40% हिस्सा राज्य सरकारों द्वारा वहन किया जाएगा।
  • अनुमानित 1.36 करोड़ ऐसे सबसे गरीब छात्र, जो वर्तमान में 10वीं कक्षा के बाद अपनी शिक्षा को जारी नहीं रख सकते हैं, उन्हें अगले पांच वर्षों में उच्चतर शिक्षा प्रणाली के अंतर्गत लाया जाएगा।


पीएसएलवी- सी51


भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) अगले अभियान में ‘पीएसएलवी- सी51’ (PSLV- C51) की सहायता से निजी उपग्रहों को लॉन्च करेगा।

  • इस मिशन में ‘पिक्सेल इंडिया’ नामक स्टार्ट-अप द्वारा निर्मित उपग्रह ‘आनंद’ (ANAND) लॉन्च किया जायेगा।
  • इस मिशन में स्पेस किड्स इंडिया द्वारा निर्मित ‘सतीश सैट‘ (SATISH SAT) और विश्वविद्यालयों के संघ द्वारा निर्मित ‘यूनिट सैट’ (UNIT-SAT) भी लांच किया जायेगा।

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय शताब्दी समारोह


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 22 दिसंबर, 2020 को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के शताब्दी समारोह को संबोधित किया। उन्होंने एक डाक टिकट भी जारी किया।

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय: अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय 1920 में भारतीय विधान परिषद के एक अधिनियम के माध्यम से एक विश्वविद्यालय बना। अधिनियम के तहत मोहम्मडन एंग्लो ओरिएंटल (एमएओ) कॉलेज को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा देकर एक विश्वविद्यालय बनायागया।

  • एमएओ कॉलेज की स्थापना 1877 में सर सैयद अहमद खान ने की थी।
  • इस विश्वविद्यालय का परिसर उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ शहर में स्थित है। इसके तीन अन्य परिसर केन्द्र मलप्पुरम (केरल), मुर्शिदाबाद-जंगीपुर (पश्चिम बंगाल) और किशनगंज (बिहार) में स्थित हैं।

राष्ट्रीय दिव्यांग सशक्तीकरण केंद्र


केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने 10 दिसंबर, 2020 को हैदराबाद के पास हकीमपेट में CRPF ग्रुप सेंटर में 'राष्ट्रीय दिव्यांग सशक्तीकरण केंद्र' का उद्घाटन किया।

  • राष्ट्रीय दिव्यांग सशक्तीकरण केंद्र 'केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों' (CAPF) के उन दिव्यांग योद्धाओं को फिर से कौशल और पुनर्वास के लिए अपनी तरह का पहला प्रतिष्ठान है, जिन्हें ड्यूटी के दौरान जीवन भर के लिए दिव्यांग बना देने वाली चोटों का सामना करना पड़ा।
  • कंप्यूटर कौशल और विभिन्न खेल कौशल जैसे कई बाजार संचालित विशेषज्ञता का दिव्यांग योद्धाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि उन्हें सशक्त बनाया जा सके और देश की सेवा करने में सक्षम बनाया जा सके।

विद्युत क्षेत्र में कौशल विकास हेतु प्रथम उत्‍कृष्‍टता का केंद्र


  • 18 दिसंबर, 2020 को कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय, राष्ट्रीय शिक्षा एवं युवा मंत्रालय (फ्रांस) तथा शनाइडर इलेक्ट्रिक ने देश भर में प्रमाणित प्रशिक्षकों और आकलनकर्ताओं का सुदृढ़ कैडर तैयार करने के लिए ग्वाल पहाड़ी (गुरुग्राम) स्थित राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान (एनआईएसई) के परिसर में ‘विद्युत क्षेत्र के कौशल विकास हेतु प्रथम उत्कृष्टता के केंद्र’ (First Centre of Excellence for Skill Development in Power Sector) के शुभारंभ की घोषणा की।
  • उत्कृष्टता का केंद्र विद्युत, स्वचालन (Automation) और सौर ऊर्जा के क्षेत्रों में उम्मीदवारों की रोजगारपरकता में वृद्धि करने के लिए विस्तृत प्रशिक्षण देने हेतु उच्च दक्षता प्राप्त प्रशिक्षकों और आकलनकर्ताओं का समूह तैयार करने पर ध्यान केंद्रित करेगा।

स्‍पेक्‍ट्रम नीलामी


16 दिसंबर, 2020 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने दूरसंचार विभाग के स्पेक्ट्रम नीलामी के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की।

  • यह नीलामी 700 मेगाहर्ट्ज, 800 मेगाहर्ट्ज, 900 मेगाहर्ट्ज, 1800 मेगाहर्ट्ज, 2100 मेगाहर्ट्ज, 2300 मेगाहर्ट्ज और 2500 मेगाहर्ट्ज फ्रीक्वेंसी बैंड्स के स्पेक्ट्रम के लिए होगी।
  • यह स्पेक्ट्रम 20 वर्ष की वैधता अवधि के लिए सौंपा जाएगा। कुल 3,92,332.70 करोड़ रुपये (आरक्षित मूल्य पर) के मूल्य निर्धारण के साथ कुल 2251.25 मेगाहर्ट्ज का प्रस्ताव किया जा रहा है।
  • ‘स्पेक्ट्रम नीलामी’ सफल बोलीदाताओं को स्पेक्ट्रम प्रदान करने की एक पारदर्शी प्रक्रिया है। स्पेक्ट्रम की पर्याप्त उपलब्धता उपभोक्ताओं के लिए दूरसंचार सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाती है।

स्वदेश निर्मित इंटरसेप्टर नौका


सूरत जिले के हजीरा में 15 दिसंबर, 2020 को आयोजित एक कार्यक्रम में स्वदेश निर्मित इंटरसेप्टर (शत्रु को पकड़ने वाली) नौका को भारतीय तटरक्षक बल के बेड़े में शामिल किया गया।

  • ‘सी-454’ नामक इस नौका को ‘लार्सन एंड टूब्रो’ ने अपने हजीरा संयंत्र में तैयार किया है।
  • यह इंटरसेप्टर नौका कमांडर तटरक्षक क्षेत्र (उत्तर-पश्चिम) के प्रशासनिक और परिचालन नियंत्रण के तहत गुजरात से संचालित होगी।
  • उथले पानी में 45 नॉट की गति क्षमता वाली यह नौका गश्ती बढ़ाने के साथ ही घुसपैठ, तस्करी एवं अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा पर अवैध मत्स्यिकी जैसी गतिविधियों को रोकने में भी समर्थ होगी।

आर्कटिक वर्ल्ड आर्काइव


29 नवंबर, 2020 को 'मन की बात 2.0' की 18वीं कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'आर्कटिक वर्ल्ड आर्काइव' ( Arctic World Archive-AWA) परियोजना का जिक्र किया।

  • 2017 में स्थापित, आर्कटिक वर्ल्ड आर्काइव (AWA) में 15 से अधिक योगदान करने वाले राष्ट्रों के साथ दुनिया भर से मूल्यवान डिजिटल कलाकृतियों और जानकारी का एक प्रभावशाली संग्रह है।
  • AWA वेटिकन लाइब्रेरी, राजनीतिक इतिहास, विभिन्न युगों से उत्कृष्ट कृति, वैज्ञानिक सफलताओं और समकालीन सांस्कृतिक खजाने की पांडुलिपियों का घर है।
  • यह नॉर्वे में 'स्वालबार्ड' (Svalbard) द्वीप समूह पर एक आर्कटिक पर्वत के अंदर गहराई में स्थित है। इसे इस प्रकार से रखा गया है कि यह किसी भी प्रकार की प्राकृतिक या मानव जनित आपदाओं से प्रभावित ना हो सकें।
  • अजन्ता गुफाओं की चित्रकला धरोहर को भी इस परियोजना में शामिल किया गया है।

सरदार पटेल प्राणी उद्यान


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 30 अक्टूबर, 2020 को गुजरात के केवड़िया में सरदार पटेल प्राणी उद्यान और ‘जिओडेसिक एवियरी डोम’ (geodesic aviary dome) का उद्घाटन किया।

  • जंगल सफारी एक अत्याधुनिक प्राणी उद्यान है, जो समुद्र तल से 29 मीटर से लेकर 180 मीटर तक की ऊंचाई पर स्थित है। यह 375 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है।
  • इसमें 1100 से अधिक पशु-पक्षी हैं और तकरीबन 5 लाख पौधे हैं। यह जंगल सफारी बहुत तेज गति से निर्मित किए जाने वाले जंगल सफारी में से एक है।
  • इस प्राणी उद्यान में दो अलग-अलग पक्षी अभयारण्य हैं, जिसमें एक घरेलू पक्षियों के लिए है तो दूसरा विदेश से आने वाले पक्षियों के लिए। यह दुनिया का सबसे बड़ा पक्षी उद्यान है।
  • फ्लाई हाई इंडियन एवियरी में लोग विभिन्न प्रकार के पक्षियों को देखने में रोमांच का अनुभव करते हैं।
  • उन्होंने स्टेचू ऑफ यूनिटी के लिए ‘एकता क्रूज सेवा’ को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

संविधान दिवस पर ई-संकलन का अनावरण


  • केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने 26 नवंबर, 2020 को संविधान दिवस के अवसर पर संविधान, मौलिक अधिकारों और मौलिक कर्तव्यों से संबंधित लेखों के ई-संकलन का अनावरण किया।
  • ई-पुस्तक में न्यायमूर्तियों, उद्योगपतियों और कलाकारों सहित जीवन के विविध क्षेत्रों से जुड़ी प्रतिष्ठित शख्सियतों द्वारा लिखे गए 32 लेख शामिल किए गए हैं।
  • इसमें प्रमुख रूप से योगदान करने वालों में आनंद महिंद्रा, के के वेणुगोपाल, अटॉर्नी जनरल और सोनल मान सिंह शामिल हैं।

माइक्रो इरीगेशन फंड


नवंबर 2020 में राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) ने माइक्रो इरीगेशन फंड (एमआईएफ) से अब तक कुल 1754.60 करोड़ रुपये जारी किए हैं।

  • नाबार्ड के तहत 2019-20 में 5000 करोड़ रुपए का माइक्रो इरीगेशन फंड (एमआईएफ) कोष बनाया गया था।

उद्देश्य: राज्यों को विशेष और नवीन परियोजनाओं को आगे बढ़ाते हुए सूक्ष्म सिंचाई के कवरेज के विस्तार के लिए ब्याज रहित ऋण का लाभ उठाने की सुविधा प्रदान करने के साथ ही सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली स्थापित करने के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए ‘पीएमकेएसवाई-प्रति बूंद अधिक फसल’ (PMKSY-Per Drop More Crop) के तहत उपलब्ध प्रावधानों से परे सूक्ष्म प्रावधानों को प्रोत्साहित करना है।

भूटान में रुपे कार्ड के दूसरे चरण के शुभारंभ


20 नवंबर, 2020 को आयोजित एक वर्चुअल समारोह में भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भूटान के प्रधानमंत्री डॉ. लोटे शेरिंग द्वारा संयुक्त रूप से भूटान में रुपे कार्ड के दूसरे चरण का शुभारंभ किया गया।

  • अगस्त 2019 में प्रधानमंत्री की भूटान यात्रा के दौरान भारत और भूटान के प्रधानमंत्रियों ने संयुक्त रूप से इस परियोजना के पहले चरण का शुभारंभ किया था।
  • भूटान में रुपे कार्ड के पहले चरण के कार्यान्वयन ने पूरे भूटान में एटीएम और प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) तक भारतीय आगंतुकों की पहुंच को सुगम बनाया है।
  • अब इसका दूसरा चरण भूटानी कार्डधारकों को भारत में रुपे नेटवर्क का उपयोग करने में समर्थ बनाएगा

एडलगिव हुरुन इंडिया परोपकारी लोगों की सूची 2020


हुरुन इंडिया और एडलगिव फाउंडेशन ने 10 नवंबर, 2020 को 'एडलगिव हुरुन इंडिया परोपकारी

लोगों की सूची 2020' (EdelGive Hurun India Philanthropy List 2020) जारी की।

  • यह वार्षिक सूची का सातवाँ संस्करण है। एडलगिव हुरुन इंडिया परोपकारी लोगों की सूची 1 अप्रैल, 2019 से 31 मार्च, 2020 के डेटा पर आधारित है।
  • 7,904 करोड़ रुपए के दान के साथ, विप्रो के संस्थापक-अध्यक्ष अजीम प्रेमजी 2020 के लिए भारत में परोपकारी लोगों की सूची में शीर्ष स्थान पर हैं। उन्होंने प्रति दिन 22 करोड़ रुपए का दान दिया।
  • एचसीएल टेक्नोलॉजीज के शिव नादर (795 करोड़ रुपए) दूसरे, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी (458 करोड़ रुपए) तीसरे स्थान पर रहे।
  • कुमार मंगलम बिड़ला और परिवार (276 करोड़ रुपए) तथा वेदांता समूह के संस्थापक एवं अध्यक्ष अनिल अग्रवाल और परिवार (215 करोड़ रुपए) क्रमश: चौथे और पांचवें स्थान पर रहे।
  • 37 वर्षीय बिन्नी बंसल सूची में सबसे युवा परोपकारी हैं। 47 करोड़ रुपए के दान के साथ रोहिणी नीलेकणि सूची में सबसे उदार महिला परोपकारी हैं।
  • इस सूची में सबसे अधिक 36 परोपकारी मुंबई से हैं, जबकि दिल्ली (20 परोपकारी) दूसरे और बेंगलुरु (10 परोपकारी) तीसरे स्थान पर है।
  • इस साल सूची में शामिल लोगों के कुल दान में 175 फीसदी का इजाफा हुआ और ये 12,050 करोड़ रुपये रहा। 10 करोड़ रुपए से अधिक का दान करने वालों की संख्या पिछले साल 37 थी, जो इस साल बढ़कर 78 हो गई है।

साइंटून आधारित पुस्तक ‘बाय-बाय कोरोना’


उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल द्वारा 29 अक्टूबर, 2020 को कोरोना वायरस पर विश्व की पहली साइंटून (साइंस कार्टून्स) आधारित पुस्तक ‘बाय-बाय कोरोना’ का लोकार्पण किया गया।

उद्देश्य: लोगों को आकर्षक तरीके से कोविड-19 से अवगत कराना।

  • यह पुस्तक जाने-माने साइंटूनिस्ट प्रदीप के. श्रीवास्तव द्वारा लिखी गई है। वे लखनऊ स्थित सीएसआईआर-सेंट्रल ड्रग रिसर्च इंस्टीट्यूट में वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक के पद पर रहे हैं।
  • यह पुस्तक जल्द ही ब्राजील में 'ब्राजील-भारत नेटवर्क कार्यक्रम' के तहत लोकार्पित की जाएगी और संभवत: ‘पुर्तगाली भाषा’ में अनुवादित की जाएगी।

'मेरी सहेली' पहल


  • महिला यात्रियों की सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करने के लिए भारतीय रेलवे ने 29 अक्टूबर, 2020 को मूल स्टेशन से गंतव्य स्टेशन तक की यात्रा के लिए सभी मंडल (Zone) में 'मेरी सहेली' पहल शुरू की।
  • रेल सुरक्षा बल (आरपीएफ) की इस पहल में युवा महिला आरपीएफ कर्मियों की एक टीम विशेषकर उन महिला यात्रियों को जागरूक करेंगी तथा उन्हें यात्रा के दौरान बरती जाने वाली सभी सावधानियों से अवगत कराएंगी, जो विशेषकर अकेले यात्रा कर रही हों।
  • किसी भी तरह की परेशानी होने पर वो वह तत्काल रेल सुरक्षा बल की हेल्पलाइन नं.182 डायल कर अपनी समस्याएं बता सकती हैं।
  • 'मेरी सहेली' पहल की शुरुआत सितंबर 2020 में दक्षिण पूर्वी रेलवे में एक पायलट परियोजना के रूप में की गई थी।

मैकेफी इंडिया की 'सबसे खतरनाक हस्तियों' की सूची 2020


  • एंटीवायरस बनाने वाली कंपनी मैकेफी ने 5 अक्टूबर, 2020 को 'मैकेफी इंडिया सबसे खतरनाक हस्तियों' की सूची 2020 जारी की।
  • इस सूची में उन हस्तियों को शामिल किया गया, जिन्हें इंटरनेट पर सर्च करने के परिणामस्वरूप उनके प्रशंसकों के वायरस के संपर्क से व्यक्तिगत जानकारी के उजागर होने का खतरा होता है।
  • बॉलीवुड अभिनेत्री तब्बू, तापसी पन्नू, अनुष्का शर्मा और सोनाक्षी सिन्हा उन 10 शीर्ष शख्सियतों में शामिल हैं।
  • मैकेफी की सबसे खतरनाक हस्तियों की 2020 की इस सूची में फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो पहले स्थान पर हैं।
  • अभिनेत्री तब्बू दूसरे स्थान पर, अभिनेत्री तापसी पन्नू तीसरे, फिल्म निर्माता-अभिनेत्री अनुष्का शर्मा चौथे और अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा पांचवें स्थान पर हैं।
  • अगले पांच पायदानों पर भी मनोरंजन जगत से जुड़े लोग हैं, जिनमें गायक अरमान मलिक छठे, अभिनेत्री सारा अली खान सातवें, अभिनेत्री कंगना रणौत आठवें, टीवी अभिनेत्री दिव्यांका त्रिपाठी नौवें, अभिनेता शाहरुख खान 10वें स्थान पर हैं।

टाइम मैगजीन 100 सबसे प्रभावशाली व्यक्तियों की सूची 2020


22 सितंबर, 2020 को प्रतिष्ठित टाइम मैगजीन द्वारा वर्ष 2020 के विश्व के 100 सबसे प्रभावशाली व्यक्तियों की सूची (Time: The Most Influential People of 2020) जारी की गई।

  • मैगजीन द्वारा सूची को पायनियर्स, आर्टिस्ट, लीडर्स, टाइटन्स, एवं आइकॉन्स श्रेणी में विभाजित किया गया है।
  • इस वर्ष ‘लीडर्स’ श्रेणी में भारत के प्रधामनंत्री नरेंद्र मोदी भारतीय मूल की अमेरिकी सीनेटर एवं डेमोक्रेटिक पार्टी से उपराष्ट्रपति पद की उम्मीदवार कमला हैरिस, डेमोक्रेटिक पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जो बिडेन, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो, जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल तथा चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग शामिल हैं।
  • अल्फाबेट इंक एवं गूगल के सीईओ भारतीय मूल के सुंदर पिचाई को ‘टाइटन्स’ श्रेणी में शामिल किया गया है।
  • प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेता आयुष्मान खुराना को ‘आर्टिस्ट’ श्रेणी में शामिल किया गया है।
  • भारतीय मूल के माइक्रोबॉयोलॉजिस्ट रवींद्र गुप्ता को ‘पायनियर्स’ श्रेणी में शामिल किया गया है। प्रोफेसर रवींद्र गुप्ता के नेतृत्व में एक अध्ययन के परिणामस्वरूप पिछले साल लंदन में दुनिया के दूसरे व्यक्ति का एचआईवी का सफलतापूर्वक इलाज किया गया।
  • दिल्ली के शाहीन बाग में सीएए (CAA) और एनआरसी जैसे मुद्दों पर प्रदर्शनों को लेकर चर्चा में आई 82 वर्षीय वृद्ध महिला बिलकिस को ‘आइकॉन्स’ (ICONS) की श्रेणी में शामिल किया गया है।

देश के पहले मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक पार्क की आधारशिला


केंद्रीय सड़क परिवहन, राजमार्ग और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) मंत्री नितिन गडकरी ने 20 अक्टूबर, 2020 को असम के जोगीघोपा में देश के पहले मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक पार्क की आधारशिला रखी।

  • 693.97 करोड़ रुपये की लागत वाले इस पार्क का विकास भारत सरकार की महत्वाकांक्षी ‘भारतमाला परियोजना’ के तहत किया जाएगा।
  • बोंगाईगाँव जिले में 317 एकड़ में फैले पार्क में राष्ट्रीय राजमार्ग 17, ब्रह्मपुत्र पर प्रस्तावित जोगीघोपा जलमार्ग टर्मिनल, नवनिर्मित रूपसी और गुवाहाटी हवाई अड्डों के साथ-साथ मुख्य सड़क मार्ग से सीधी कनेक्टिविटी होगी।
  • मंत्रालय द्वारा देश में 35 मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक पार्क (एमएमएलपी) विकसित करने की योजना है।

एनएसजी का 36वां स्‍थापना दिवस


16 अक्टूबर, 2020 को राष्ट्रीय सुरक्षा गारद (National Security Guard- NSG) का 36वां स्थापना दिवस मनाया गया।

  • NSG, जिसे 'ब्लैक कैट' कमांडो के रूप में भी जाना जाता है, को 1984 में एक संघीय आकस्मिक बल के रूप में स्थापित किया गया था। यह औपचारिक रूप से 1986 में अस्तित्व में आया।
  • आतंकवाद निरोधक गतिविधियों और अपहरण विरोधी क्रिया कलापों में इसके जवान केंद्रीय अर्धसैनिक बलों का सहयोग करते हैं। विशेष परिस्थितियों से निपटने के लिए इस बल का उपयोग किया जाता है।
  • इसमें 'क्लोज प्रोटेक्शन फोर्स' (Close Protection Force- CPF) नामक एक विशेष घटक है, जो शीर्ष श्रेणी Z + कवर के तहत उच्च जोखिम वाले वीआईपी को सुरक्षा प्रदान करता है। श्रीनगर में, एनएसजी ने कोड नेम 'ऑपरेशन ट्यूलिप' से एक केंद्र की स्थापना की है।

आसियान पीएचडी फैलोशिप कार्यक्रम


शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने 16 अक्टूबर, 2020 को ‘आसियान पीएचडी फैलोशिप कार्यक्रम (एपीएफपी) के प्रथम बैच के छात्रों को संबोधित किया।

  • आसियान पीएचडी फैलोशिप कार्यक्रम की घोषणा 25 जनवरी, 2018 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सभी दस आसियान सदस्य देशों के नेताओं की उपस्थिति में की गई थी।
  • एपीएफपी के तहत, विशेष रूप से आसियान नागरिकों को 1000 फैलोशिप प्रदान की जाएगी।
  • एपीएफपी विदेशी लाभार्थियों के लिए भारत सरकार द्वारा शुरू किया गया सबसे बड़ा क्षमता विकास कार्यक्रम है।

डीबीटी-बीआईआरएसी क्लीन टेक डेमो पार्क


  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने 8 अक्टूबर, 2020 को सराय काले खां, नई दिल्ली के पास बारापुल्लाह नाले की साइट पर ‘डीबीटी-बीआईआरएसी क्लीन टेक डेमो पार्क’ (DBT-BIRAC Clean Tech Demo Park) का उद्घाटन किया।
  • इस स्वच्छ तकनीक डेमो पार्क का उपयोग जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी), भारत सरकार और डीबीटी पीएसयू ‘जैव प्रौद्योगिकी उद्योग अनुसंधान सहायता परिषद’ (Biotechnology Industry Research Assistance Council- BIRAC) के समर्थन से ‘अभिनव अपशिष्ट-से-मूल्य प्रौद्योगिकियों’ (innovative Waste-to-Value technologies) को प्रदर्शित करने के लिए किया जायेगा।
  • पार्क का प्रबंधन डीबीटी, बीआरएसी और टाटा पावर द्वारा संयुक्त रूप से स्थापित सार्वजनिक-निजी भागीदारी इनक्यूबेटर ‘क्लीन एनर्जी इंटरनेशनल इनक्यूबेशन सेंटर’ (सीईआईआईसी) द्वारा किया जाएगा।

ट्राइब्स इंडिया ई-मार्केटप्लेस


केन्द्रीय जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा ने 2 अक्टूबर, 2020 को ‘ट्राइब्स इंडिया ई-मार्केटप्लेस’ का शुभारंभ किया।

लक्ष्य: देशभर में विभिन्न हस्तकला, प्राकृतिक खाद्य उत्पादों की खरीद के लिए 5 लाख जनजातीय उत्पादकों को शामिल करना और सर्वोच्च गुणवत्ता वाले जनजातीय उत्पादकों को प्रस्तुत करना।

  • पूरे भारत में ‘ट्राइब्स इंडिया’ बिक्री केन्द्रों की संख्या को बढ़ाकर 124 किया गया है। कोलकाता और ऋषिकेश में दो नए ट्राइब्स इंडिया बिक्री केन्द्रों का उद्घाटन किया गया।
  • झारखंड के ‘पाकुड़’ जिले के ‘संथाल’ और ‘पहाड़िया’ जनजातीय समुदाय के सदस्यों द्वारा संग्रहित अपने स्वयं के बहु-पुष्पीय शहद अब ट्राइब्स इंडिया बिक्री केंद्रों पर उपलब्ध होंगे।
  • ट्राइफेड (ट्राइब्स इंडिया) अब भारत के लिए अमेजन के नवाचार कार्यक्रम ‘विक्रेता फ्लेक्स’ से भी जुड़ेगा, जो ग्राहकों के लिए उत्पादों के व्यापक वर्गीकरण और अमेजन के वितरण तंत्र का लाभ उठाने की पेशकश करता है।

दूध दूरंतो स्‍पेशल ट्रेन


28 सितंबर, 2020 तक दूध दूरंतो स्पेशल ट्रेन से आंध्र प्रदेश में रेनीगुंटा से तीन करोड़ लीटर दूध नई दिल्ली पहुंचाया जा चुका है।

  • लॉकडाउन के दौरान दक्षिण मध्य रेलवे द्वारा राष्ट्रीय राजधानी के लोगों को दूध की आपूर्ति के लिए रेनीगुंटा से हजरत निजामुद्दीन के लिए दूध दूरंतो स्पेशल शुरू की गई थी। यह नियमित आधार पर चलाई जा रही है।
  • यह ट्रेन 26 मार्च, 2020 से शुरू हुई थी। 15 जुलाई, 2020 से इसे दैनिक आधार पर चलाया जा रहा है।

एंटी सैटेलाइट मिसाइल पर डाक टिकट


डाक विभाग द्वारा 15 सितंबर, 2020 को अभियंता दिवस के अवसर भारत के पहले एंटी सैटेलाइट मिसाइल (A-SAT) पर विशिष्ट रूप से निर्मित ‘मेरा डाक टिकट’ (Customized My Stamp) जारी किया गया।

  • रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने 27 मार्च, 2019 को ओडिशा के डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से एंटी-सैटेलाइट (A-SAT) मिसाइल परीक्षण ‘मिशन शक्ति’ का सफल परीक्षण किया था।
  • डीआरडीओ द्वारा निर्मित A-SAT मिसाइल ने सफलतापूर्वक पृथ्वी की निचली कक्षा (Low Earth Orbit-LEO) में परिक्रमा कर रहे भारतीय सैटेलाइट को ‘हिट टू किल’ मोड में निशाना बनाया। इंटरसेप्टर मिसाइल तीन चरण की मिसाइल थी, जिसमें दो ठोस रॉकेट बूस्टर थे।

भारतीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग कार्यक्रम दिवस का आयोजन


बांग्लादेश की राजधानी ढाका में भारतीय उच्चायोग द्वारा 15 सितंबर, 2020 को 56वाँ भारतीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग कार्यक्रम-आईटीईसी दिवस ऑनलाइन मनाया गया।

  • भारतीय उच्चायोग के अनुसार 2007 के बाद से 4000 से अधिक बांग्लादेशी युवा पेशेवरों ने विभिन्न आईटीईसी कार्यक्रमों का लाभ उठाया है।

भारतीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग कार्यक्रम : यह कार्यक्रम 1964 में विदेश मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया था और भारत सरकार द्वारा पूरी तरह से वित्त पोषित है।

  • कार्यक्रम अनिवार्य रूप से द्विपक्षीय प्रकृति का है। हालाँकि, हाल के वर्षों में, आईटीईसी संसाधनों का उपयोग क्षेत्रीय और अंतर-क्षेत्रीय संदर्भों में किए गए सहयोग कार्यक्रमों के लिए भी किया गया है, जैसे कि अफ्रीका के लिए आर्थिक आयोग, राष्ट्रमंडल सचिवालय आदि।

बांग्लादेश द्वारा भारत को हिलसा मछली के निर्यात की अनुमति


सितंबर 2020 में बांग्लादेश के वाणिज्य मंत्रालय ने आगामी दुर्गा पूजा के मद्देनजर व्यापारियों को भारत में सीमित पैमाने पर हिलसा मछली के निर्यात की विशेष अनुमति दी है। वाणिज्य मंत्रालय ने नौ निर्यातकों को भारत में लगभग 1,500 टन हिलसा भेजने की अनुमति दी है।

  • हिलसा या 'ईलिश' को बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल में स्वादिष्ट और बेशकीमती माना जाता है। ‘पद्मर ईलिश’ (बांग्लादेश में पद्मा नदी की हिलसा) को बेहतर गुणवत्ता वाली माना जाता है।
  • विश्व में हिलसा मछली के उत्पादन में बांग्लादेश की हिस्सेदारी 75% के करीब है।

एससीटीआईएमएसटी द्वारा डीप वेन थ्रोम्बोसिस रोकथाम हेतु उपकरण विकसित


सितंबर 2020 में विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के एक स्वायत्त संस्थान श्री चित्रा तिरुनल इंस्टीट्यूट फॉर मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी, त्रिवेंद्रम (एससीटीआईएमएसटी), ने डीप वेन थ्रोम्बोसिस (डीवीटी) की रोकथाम के लिए एक उपकरण विकसित किया है।

  • शरीर की भीतरी शिराओं (डीप वेन थ्रौमबोसिस-डीवीटी) में या पैर की नसों में खून के थक्के जमने से जीवन को खतरा पैदा हो सकता है।
  • यह उपकरण पैरों की नसों में रक्त के प्रवाह को आसान कर कता है, जिससे डीवीटी को रोका जा सकता है।

टीआईएफआर के वैज्ञानिकों ने विकसित किया सिम्‍यूलेशन मॉडल


सितंबर 2020 में टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च (टीआईएफआर) के वैज्ञानिकों ने भारतीय विज्ञान संस्थान के वैज्ञानिकों के साथ मिलकर मुंबई में कोविड-19 महामारी के संक्रमण की रफ्तार के विश्लेषण के लिए सिम्यूलेशन मॉडल विकसित किया है।

  • इस मॉडल के आधार पर लगाए गए अनुमानों के अनुसार मुंबई में दिसम्बर 2020 या जनवरी 2021 तक लोगों में महामारी के लिए हर्ड इम्यूनिटी यानी सामूहिक प्रतिरोध क्षमता उत्पन्न हो जाएगी।

ग्रेट अंडमानी जनजाति


विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG), ग्रेट अंडमानी जनजाति के सदस्य कोविड -19 से संक्रमित पाये गए। यह इस क्षेत्र के लुप्तप्राय PVTGs के बीच कोविड -19 संक्रमण के पहले मामलों में से एक है।

  • अंडमान और निकोबार द्वीपों में छह अधिसूचित जनजातियाँ हैं। निकोबारियों को छोड़कर, बाकी पांच जनजातियाँ - ग्रेट अंडमानी, जारवा, सेंटीनलीज, ओन्गे और शोम्पेन को PVTG के रूप में मान्यता प्राप्त है।
  • ग्रेट अंडमानी, जिनकी आबादी 2012 के अध्ययन अनुसार सिर्फ 51 है, आपस में जेरू बोली बोलते हैं।
  • 75 आदिवासी समूहों को गृह मंत्रालय द्वारा विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTG) के रूप में वर्गीकृत किया गया है। PVTGs 18 राज्यों और अंडमान-निकोबार द्वीपों में रहते हैं।

अपतटीय गश्ती पोत ‘सार्थक’ लॉन्च


13 अगस्त, 2020 को भारतीय तटरक्षक बल के लिए सार्थकनाम का एक अपतटीय गश्ती पोत (ओपीवी) लॉन्च किया गया।

  • ओपीवी ‘सार्थक’ पांच ओपीवी की श्रृंखला में चौथा है। इसे मैसर्स गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (जीएसएल) द्वारा स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित किया गया है।
  • 105 मीटर यह पोत अत्याधुनिक नेविगेशन और संचार उपकरण, सेंसर और मशीनरी से सुसज्जित है।

माइक्रोवेव उपकरण ‘अतुल्य’


केंद्रीय सड़क परिवहन, राजमार्ग तथा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री नितिन गडकरी ने 12 अगस्त, 2020 को नागपुर में ‘अतुल्य’ नामक एक माइक्रोवेव उपकरण लॉन्च किया।

  • स्वदेश में निर्मित तथा DRDO द्वारा प्रमाणित इस उपकरण का उपयोग किसी भी 5 मीटर क्षेत्र तक के परिसर, सतहों, घर और कार्यालय के फर्नीचर, बिस्तर आदि सामग्री को कीटाणु रहित करने के लिए किया जा सकता है।
  • केवल 3 किग्रा. वजन का यह उपकरण 56 से 60 डिग्री सेल्सियस तापमान में विभेदक हीटिंग (differential heating) की मदद से कोविड-19 वायरस को विघटित करता है।

राष्ट्रीय स्वच्छता केंद्र


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 8 अगस्त, 2020 को नई दिल्ली के राजघाट स्थित गांधी स्मृति और दर्शन समिति में, स्वच्छ भारत मिशन पर एक संवाद एवं अनुभव केंद्र ‘राष्ट्रीय स्वच्छता केंद्र’ का उद्घाटन किया।

  • राष्ट्रीय स्वच्छता केंद्र (आरएसके) डिजिटल और आउटडोर प्रतिष्ठानों का एक संतुलित मिश्रण है, जो कि 2014 में 50 करोड़ से ज्यादा लोगों के खुले में शौच करने से लेकर 2019 में खुले में शौच से मुक्त भारत के परिवर्तनों पर नजर डालता है।
  • राष्ट्रीय स्वच्छता केंद्र की घोषणा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पहली बार महात्मा गांधी के चंपारण सत्याग्रह के शताब्दी समारोह के अवसर पर 10 अप्रैल, 2017 को की गई थी।
  • प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर स्वच्छता के लिए चलने वाला एक सप्ताह का विशेष अभियान 'गंदगी मुक्त भारत' का भी शुभारंभ किया।

'कनेक्टिंग, कम्युनिकेटिंग, चेंजिंग' नामक पुस्तक के ई-संस्करण का विमोचन


उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने 11 अगस्त, 2020 को अपने पद पर तीन साल पूरे कर लिए हैं।

  • रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इस अवसर पर नई दिल्ली में 'कनेक्टिंग, कम्युनिकेटिंग, चेंजिंग' (Connecting, Communicating, Changing) नामक पुस्तक का के ई-संस्करण का विमोचन किया। पुस्तक में भारत के उपराष्ट्रपति के रूप में वेंकैया नायडू के तीन साल के कार्यकाल का वर्णन है।

अंडमान- निकोबार पनडुब्बी ऑप्टिकल फाइबर केबल


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 10 अगस्त, 2020 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चेन्नई एवं पोर्ट ब्लेयर को जोड़ने वाली अंडमान- निकोबार पनडुब्बी ऑप्टिकल फाइबर केबल (ओएफसी) का उद्घाटन कर इसे राष्ट्र को समर्पित किया।

  • यह पनडुब्बी केबल पोर्ट ब्लेयर को स्वराज द्वीप (हैवलॉक), लिटल अंडमान, कार निकोबार, कामोर्टा, ग्रेट निकोबार, लॉन्ग आइलैंड और रंगट से भी जोड़ेगी।
  • लगभग 1224 करोड़ रुपये की लागत से लगभग 2313 किमी. लंबी यह पनडुब्बी ओएफसी केबल परियोजना संचार मंत्रालय के दूरसंचार विभाग के अधीनस्‍थ सार्वभौमिक सेवा दायित्व कोष (यूएसओएफ) के माध्यम से भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित है। भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) ने इस परियोजना को कार्यान्वित किया है।
  • इससे भारत के अन्य हिस्सों की तरह अंडमान और निकोबार द्वीप समूह को भी तेज एवं अधिक भरोसेमंद मोबाइल और लैंडलाइन टेलीकॉम सेवाएं मिल पाएंगी। इस परियोजना की आधारशिला प्रधानमंत्री द्वारा 30 दिसंबर 2018 को पोर्ट ब्लेयर में रखी गई थी।
  • फाइबर लिंक के चालू होने के साथ, एयरटेल अंडमान और निकोबार में 'अल्ट्रा-फास्ट 4 जी' सेवाओं को शुरू करने वाला पहला मोबाइल ऑपरेटर भी बन गया है।

ट्राइफेड ने लॉन्च किया वर्चुअल ऑफिस नेटवर्क


भारतीय जनजातीय सहकारी विपणन विकास परिसंघ (ट्राइफेड) ने 6 अगस्त, 2020 को अपने स्थापना दिवस के अवसर पर अपना वर्चुअल कार्यालय लॉन्च किया।

उद्देश्य: जनजातीय लोगों को मुख्यधारा के विकास में शामिल करने की दिशा में मिशन मोड में काम करना।

  • ट्राइफेड वर्चुअल ऑफिस नेटवर्क में 81 ऑनलाइन वर्कस्टेशन और 100 अतिरिक्त कवरेज वाले राज्‍य एवं एजेंसी वर्कस्‍टेशन हैं। ये वर्कस्‍टेशन देश भर में ट्राइफेड की नोडल एजेंसियों अथवा कार्यान्वयन एजेंसियों की मदद करेंगे।
  • बहु-राज्यीय सहकारी समिति अधिनियम, 1984 के तहत पंजीकृत ट्राइफेड की स्‍थापना जनजातीय मामलों के मंत्रालय के अंतर्गत एक राष्ट्रीय नोडल एजेंसी के रूप में 1987 में की गई थी।

कृषि अवसंरचना कोष योजना की शुरुआत


प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने 9 अगस्त, 2020 को एक लाख करोड़ रूपये की कृषि अवसंरचना कोष के तहत वित्‍त पोषण सुविधा की एक नई योजना की शुरुआत की।

  • यह योजना समुदाय कृषक परिसंपत्तियों के निर्माण तथा फसल उपरांत कृषि अवसंरचना में किसानों, प्राथमिक कृषि क्रेडिट सोसाइटी, एफपीओ, कृषि उद्यमियों आदि की सहायता करेगी। ये परिसंपत्तियां किसानों को उनकी उपज के लिए अधिक मूल्‍य पाने में सक्षम बनायेंगी।
  • मंत्रिमंडल द्वारा एक माह पूर्व अनुमोदित इस योजना के तहत 2280 से अधिक कृषक सोसायटियों को 1000 करोड़ रूपये से अधिक की पहली मंजूरी दी गई।
  • इसके अलावा प्रधानमंत्री द्वारा पीएम–किसान के तहत लगभग 8.5 करोड़ किसानों को 17 हजार करोड़ रूपये हस्‍तांतरित किए गए।
  • पीएम-किसान योजना की शुरुआत 1 दिसंबर, 2018 को हुई थी। इस योजना के तहत योग्‍य लाभार्थी किसानों को तीन समान किस्‍तों में प्रतिवर्ष 6000 रूपये की वित्‍तीय सहायता उपलब्‍ध कराई जाती है।

भारत द्वारा मालदीव सरकार को 18 मिलियन डॉलर का ऋण


अगस्त 2020 में भारत ने मालदीव इंडस्ट्रियल फिशिरीज कम्‍पनी (MiFCO) में मत्‍स्‍य पालन सुविधाओं के विस्‍तार के लिए मालदीव सरकार को 18 मिलियन डॉलर का ऋण दिया है।

  • इस परियोजना में मछलियों को जमा करने और उनके भंडारण की सुविधाओं तथा टूना मछली पकाने तथा मछली के चारे की तैयारी के लिए संयत्रों की स्‍थापना में इस राशि का इस्‍तेमाल किया जाएगा।
  • ये ऋण, भारत सरकार द्वारा 800 मिलियन डॉलर ऋण की पेशकश का एक हिस्‍सा है, जिसे 20 साल में अदा करना है, तथा इसमें पांच वर्ष के लिए छूट भी दी जाएगी।

विद्यार्थी विज्ञान मंथन 2020-21 राष्ट्रीय कार्यक्रम


स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने 1 अगस्त, 2020 को विद्यार्थी विज्ञान मंथन, 2020-21 का शुभारंभ किया।

  • विज्ञान भारती (VIBHA) और विज्ञान प्रसार की यह पहल 6वीं से 11वीं कक्षा के स्कूली छात्रों के बीच विज्ञान को लोकप्रिय बनाने के लिए एक राष्ट्रीय कार्यक्रम है।
  • इसे छात्र समुदाय के बीच एक वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ उज्ज्वल छात्रों की पहचान करने के लिए डिजाइन किया गया है।

पहली ‘व्यापार माला एक्सप्रेस’


उत्तर रेलवे ने अगस्त 2020 में दिल्ली के किशनगंज से त्रिपुरा के जिरानिया के लिए पहली ‘व्यापार माला एक्सप्रेस’ चलाई है। माल ढोने वाली इस ट्रेन ने 2360 किमी की दूरी सिर्फ 68 घंटे में तय की है।

  • व्यापारमाला एक्सप्रेस ट्रेन पंजाब के फिरोजपुर के गोनियाना से एफसीआई से गेहूं और दिल्ली के किशनगंज से छोटे व्यापारियों के चावल और दाल लेकर त्रिपुरा पहुंची।
  • यह छोटे व्यापारियों को कम समय में, लागत प्रभावी, सुविधाजनक और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन के माध्यम से रेल द्वारा अपने माल को स्थानांतरित करने में मदद करेगा।

‘एक राष्ट्र एक राशन कार्ड योजना’ से जुड़े चार राज्य/ केंद्र शासित प्रदेश


1 अगस्त, 2020 को खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने राष्ट्रीय स्तर पर पोर्टेबिलिटी के लिए 4 और राज्यों/ केंद्र- शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर, मणिपुर, नागालैंड और उत्तराखंड को भी ‘एक राष्ट्र एक राशन कार्ड योजना’ में शामिल कर लिया है। कुल 24 राज्यों/ केद्र- शासित प्रदेशों को इस योजना के अंतर्गत जोड़ा जा चुका है।

  • इसके साथ ही लगभग 65 करोड़ (एनएफएसए का 80%) जनसंख्या, इन राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों में राष्ट्रीय स्तर पर राशन कार्डों की पोर्टेबिलिटी के माध्यम से कहीं भी खाद्यान्न प्राप्त करने में सक्षम है।
  • शेष राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को मार्च 2021 तक राष्ट्रीय पोर्टेबिलिटी में एकीकृत करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
  • वन नेशन वन राशन कार्ड उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की एक महत्वाकांक्षी योजना है और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 (एनएफएसए) के अंतर्गत कवर किए गए सभी लाभार्थियों को खाद्य सुरक्षा के अधिकारों की प्राप्ति को सुनिश्चित करने का एक प्रयास है।

मॉरिशस के नए उच्चतम न्यायालय भवन का शुभारंभ


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मॉरिशस के प्रधानमंत्री प्रविन्द जगन्नाथ ने 30 जुलाई, 2020 को संयुक्त रूप से मॉरिशस के नए उच्चतम न्यायालय भवन का शुभारंभ किया। इस भवन का निर्माण 28.12 मिलियन डॉलर के भारतीय अनुदान से किया गया है।

  • यह मॉरिशस की राजधानी पोर्ट लुईस में भारत की सहायता से बनी पहली बुनियादी ढांचा परियोजना है।
  • भारत सरकार ने 5 परियोजनाओं के लिए वर्ष 2016 में मॉरिशस को 353 मिलियन डॉलर का ‘विशेष आर्थिक पैकेज’ दिया था, जिसके अंतर्गत यह पहली परियोजना है।

 

प्रधानमंत्री द्वारा तीन कोविड-19 परीक्षण सुविधाओं का शुभारम्भ


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 27 जुलाई, 2020 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बेहद तेज गति से काम करने वाली तीन कोविड-19 परीक्षण सुविधाओं का शुभारम्भ किया।

  • इन तीन तेज परीक्षण सुविधाओं की स्थापना रणनीतिक रूप से नोएडा स्थित आईसीएमआर- राष्ट्रीय कैंसर रोकथाम और अनुसंधान संस्थान; मुंबई स्थित आईसीएमआर- राष्ट्रीय प्रजनन स्वास्थ्य अनुसंधान संस्थान; और कोलकाता स्थित आईसीएमआर- राष्ट्रीय कॉलरा और आंत्र रोग संस्थान, में की गई है।
  • इनमें एक दिन में 10,000 से ज्यादा नमूनों की जांच हो सकेगी। ज्यादा संख्या में जांच से बीमारी के जल्दी पता लगाने और उपचार में सहायता मिलेगी।
  • ये प्रयोगशालाएं कोविड-19 के अलावा दूसरी बीमारियों का परीक्षण करने में भी सक्षम हैं और महामारी के दौर के बाद इनमें हेपेटाइटिस बी और सी, एचआईवी, माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस, साइटोमेगालोवायरस (cytomegalovirus), क्लैमाइडिया (chlamydia), नेसिरिया (Neisseria) डेंगू आदि के परीक्षण हो सकेंगे।

 

नवाचार प्रतियोगिता 'डेयर टू ड्रीम 2.0'


रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने 27 जुलाई, 2020 को भारत के पूर्व राष्ट्रपति और विख्यात वैज्ञानिक डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की 5वीं पुण्यतिथि पर अपनी नवाचार प्रतियोगिता 'डेयर टू ड्रीम 2.0' (Dare to Dream 2.0) शुरू की।

  • प्रधानमंत्री के 'आत्मनिर्भरभारत' के आह्वान के बाद देश में रक्षा और एयरोस्पेस प्रौद्योगिकियों में नवाचार के लिए व्यक्तियों और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए उभरती प्रौद्योगिकियों के लिए योजना शुरू की जा रही है।
  • 'डेयर टू ड्रीम 2.0' देश के नवप्रवर्तकों और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए एक ओपन चैलेंज प्रतियोगिता है। विजेताओं को पुरस्कार राशि, स्टार्टअप के लिए 10 लाख रुपये और व्यक्तिगत श्रेणी में 5 लाख रुपये दिए जाएंगे।

माईगव प्लेटफॉर्म ने पूरे किए छ: साल


माईगव (MyGov) प्लेटफॉर्म ने 26 जुलाई, 2020 को सहभागी गवर्नेंस के छ: साल पूरे किए।

  • माईगव प्लेटफॉर्म का शुभारंभ 26 जुलाई, 2014 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया था।
  • माईगव प्लेटफॉर्म सरकारी विभागों, नीति निर्माताओं और कार्यान्वयनकर्ताओं के साथ सीधे संपर्क द्वारा सभी चरणों में प्रमुख गवर्नेंस या शासन संबंधी मुद्दों पर अपने विचार साझा करने के लिए दुनिया भर के नागरिकों और सभी हितधारकों को एक अवसर प्रदान करता है।

भारत का पहला 'डायलिसिस ऑन व्हील्स' कार्यक्रम


जुलाई 2020 में भारत के सबसे बड़े डायलिसिस नेटवर्क 'नेफ्रोप्लस' ने भारत का पहला 'डायलिसिस ऑन व्हील्स' कार्यक्रम शुरू किया है, जिसमें एक मरीज एम्बुलेंस के अंदर ही डायलिसिस करवा सकता है और एम्बुलेंस उसके घर तक आ सकती है।

उद्देश्य: कोविड-19 के कारण डायलिसिस करा रहे रोगियों को बार-बार अस्पताल के जोखिम भरे माहौल और इम्युनिटी से समझौता करने वाली स्थिति से बचाना।

  • भारत में पहली बार, मोबाइल वैन की यह प्रायोगिक पहल दिल्ली, गुरूग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और नोएडा के मरीजों को उपलब्ध होगी।

डब्ल्यूटीओ ने दिया तुर्कमेनिस्तान को पर्यवेक्षक का दर्जा


विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) जनरल काउंसिल द्वारा 22 जुलाई, 2020 को तुर्कमेनिस्तान को पर्यवेक्षक (Observer) का दर्जा दिया गया है।

  • तुर्कमेनिस्तान डब्ल्यूटीओ के साथ औपचारिक संबंध स्थापित करने वाला अंतिम पूर्व सोवियत गणराज्य बन गया है।
  • इसके पड़ोसी मध्य एशियाई देश - कजाकिस्तान, किर्गिज गणराज्य, ताजिकिस्तान और अफगानिस्तान विश्व व्यापार संगठन के सदस्य देश हैं, जबकि उज्बेकिस्तान 1994 के बाद से विश्व व्यापार संगठन में सदस्यता के लिए बातचीत कर रहा है।

‘ई-आईसीयू’ कार्यक्रम


कोविड-19 से होने वाली मौतों में यथासंभव कमी सुनिश्चित करने हेतु एम्‍स नई दिल्ली ने 8 जुलाई, 2020 को देश भर के आईसीयू डॉक्टरों के साथ एक वीडियो-परामर्श कार्यक्रम ‘ई-आईसीयू’ शुरू किया है।

उद्देश्य: उन डॉक्टरों के बीच मरीजों के समुचित उपचार से संबंधित चर्चाएं सुनिश्चित करना, जो देश भर के अस्पतालों और कोविड केंद्रों में कोविड-19 रोगियों के इलाज में सबसे आगे हैं।

  • कोविड-19 रोगियों का उपचार करने वाले डॉक्‍टरों के साथ-साथ आईसीयू में कार्यरत डॉक्‍टर भी इस वीडियो प्लेटफॉर्म पर एम्स, नई दिल्ली के अन्य चिकित्सकों और विशेषज्ञों से प्रश्‍न पूछ सकते हैं तथा अपने-अपने अनुभवों को प्रस्तुत कर सकते हैं।

 

पोर्टेबल अस्पताल ‘मेडिकैब’


जुलाई 2020 में आईआईटी, मद्रास में एक स्टार्टअप ‘मॉड्यूलस हाउसिंग’ (Modulus Housing) द्वारा एक पोर्टेबल अस्पताल 'मेडिकैब' (MediCab) विकसित किया गया है।

  • मेडिकैब एक 15 बेड का सूक्ष्म अस्पताल है, जिसमें आईसीयू के अलावा डॉक्टरों, आइसोलेशन और चिकित्सा जांच के लिए अलग-अलग कमरे हैं।

  • इसे केवल चार लोगों द्वारा 8 घंटे के भीतर कहीं भी स्थापित किया जा सकता है। इसका उपयोग दूरस्थ स्थानों पर भी कोविड-19 रोगियों की जांच, आइसोलेट करने और उपचार के लिए किया जा सकता है।

  • पोर्टेबल अस्पताल की पायलट परियोजना को हाल ही में केरल के ‘वायनाड’ जिले में सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया है।

  • मॉड्यूलस हाउसिंग’ को 2018 में ‘आईआईटी मद्रास इनक्यूबेशन प्रकोष्ठ’ (IIT Madras Incubation Cell )के सहयोग से दो पूर्व आईआईटी के छात्रों द्वारा स्थापित किया गया था।

डकार युवा ओलंपिक 2026 तक स्थगित


  • कोरोना वायरस महामारी के कारण 2022 में सेनेगल की राजधानी डकार में होने वाले युवा ओलंपिक को 15 जुलाई, 2020 को 2026 तक के लिए स्थगित कर दिया गया। बीजिंग शीतकालीन ओलंपिक फरवरी 2022 में आयोजित होंगे।

सस्ती कोविड-19 डायग्नोस्टिक किट ‘कोरोश्योर’


केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री श्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने 15 जुलाई, 2020 को नई दिल्ली में आईआईटी दिल्ली द्वारा विकसित की गई सस्ती कोविड-19 डायग्नोस्टिक किट कोरोश्योर’ (Corosure) को डिजिटल माध्यम से लॉन्च किया।

  • आरटी-पीसीआर पर आधारित इस डायग्नोस्टिक किट को आईसीएमआर और डीसीजीआई द्वारा स्वीकृत किया गया है तथा इसका आधार मूल्य 399 रुपये है।

 

‘पोस्ट कोविड कोच’ विकसित


  • जुलाई 2020 में भारतीय रेलवे की उत्पादन इकाई रेल कोच फैक्ट्री (कपूरथला) ने एक ‘पोस्ट कोविड कोच’ (Post-COVID Coach) विकसित किया है।
  • कोरोना काल के बाद के इस विशेष कोच’ की डिजाइनिंग को बेहतरीन करते हुए कोच में ‘हैंड्सफ्री सुविधाएं’ जैसे कि पैर से संचालित नल एवं साबुन निकालने की मशीन, पैर से संचालित शौचालय द्वार; ‘तांबा कोटिंग युक्‍त रेलिंग व चिटकनी’,क्‍योंकि तांबे के संपर्क में आने वाला वायरस कुछ ही घंटों में निष्क्रि‍य हो जाता है; ‘प्लाज्मा एयर प्यूरीफायर’ के अलावा ‘टाइटेनियम डाई-ऑक्साइड कोटिंग’ जो कि पर्यावरण अनुकूल जल-आधारित कोटिंग है जो वायरस, बैक्टीरिया, फफूंदी एवं फंगस को नष्‍ट कर इन्‍हें पनपने नहीं देती है, शामिल हैं।

डब्ल्यूएचओ द्वारा महामारी की प्रतिक्रिया की समीक्षा हेतु पैनल गठित


कोरोना वायरस संकट से निपटने के लिए अमेरिका की आलोचना झेल रहे विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने 9 जुलाई, 2020 को महामारी की प्रतिक्रिया की समीक्षा करने के लिए एक स्वतंत्र पैनल का गठन किया है।

  • इस पैनल का नेतृत्व न्यूजीलैंड की पूर्व प्रधान मंत्री हेलेन क्लार्क और पूर्व लाइबेरियाई राष्ट्रपति एलेन जॉनसन सरलीफ करेंगे।

  • 2014 के इबोला संकट पर डब्ल्यूएचओ की प्रतिक्रिया की भी व्यापक रूप से आलोचना हुई थी। इस महामारी में लगभग 11,000 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें से ज्यादातर पश्चिमी अफ्रीकी देशों गिनी, लाइबेरिया और सिएरा लियोन से थे।