पद्म पुरस्कार 2020


राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने 8 नवंबर, 2021 को पद्म पुरस्कार 2020 प्रदान किए।

  • वर्ष 2020 में राष्ट्रपति ने 4 जोड़ी पुरस्कार सहित 141 पद्म पुरस्कार प्रदान किए।
  • इस सूची में 7 पद्म विभूषण, 16 पद्म भूषण और 118 पद्म श्री पुरस्कार शामिल हैं।
  • पुरस्कार पाने वालों में 34 महिलाएं, विदेशियों या एनआरआई / पीआईओ / ओसीआई की श्रेणी के 18 व्यक्ति तथा 12 मरणोपरांत पुरस्कार विजेता शामिल हैं।

1)पद्म विभूषण

  • जन सेवा: जॉर्ज फर्नांडीस (मरणोपरांत) (बिहार), अरुण जेटली (मरणोपरांत) (दिल्ली), अनिरुद्ध जगन्नाथ (मॉरीशस) तथा सुषमा स्वराज (मरणोपरांत) (दिल्ली)।
  • कला: छन्नूलाल मिश्र (उत्तर प्रदेश)
  • खेल: एम. सी. मैरी कॉम (मणिपुर)
  • अन्य: विश्वेशतीर्थ स्वामीजी (मरणोपरांत) (अध्यात्म- कर्नाटक)

2)पद्म भूषण

  • जन सेवा: सैयद मुअज्जम अली (मरणोपरांत) (बांग्लादेश), मुजफ्फर हुसैन बेग (जम्मू - कश्मीर), एस. सी. जमीर (नागालैंड), एन आर माधव मेनन (मरणोपरांत) (केरल) तथा मनोहर परिकर (मरणोपरांत) (गोवा)।
  • कला: अजय चक्रवर्ती (पश्चिम बंगाल)
  • साहित्य और शिक्षा: मनोज दास (पुडुचेरी) तथा जगदीश सेठ (अमेरिका)।
  • चिकित्सा: सेरिंग लैंडोल (लद्दाख)
  • सामाजिक कार्य: कृष्णम्मल जगन्नाथन (तमिलनाडु) तथा अनिल प्रकाश जोशी (उत्तराखंड)।
  • व्यापार एवं उद्योग: आनंद महिंद्रा (महाराष्ट्र) तथा वेणु श्रीनिवासन (तमिलनाडु)।
  • खेल: पी वी सिंधु (तेलंगाना)
  • अन्य: एम. मुमताज अली (अध्यात्म - केरल) तथा बालकृष्ण दोषी (वास्तुकला - गुजरात)।

3)महत्वपूर्ण पद्म श्री

  • जन सेवा: बॉब ब्लैकमैन (यूनाइटेड किंगडम) तथा बैरी गार्डिनर (यूनाइटेड किंगडम)।
  • कला: इंदिरा पी. पी. बोरा (असम), ललिता और सरोजा चिदंबरम (जोड़ी) (तमिलनाडु), शांति जैन (बिहार), सरिता जोशी (महाराष्ट्र), करण जौहर (महाराष्ट्र), एकता कपूर (महाराष्ट्र), मनमोहन महापात्र (मरणोपरांत) (ओडिशा), कंगना रनौत (महाराष्ट्र), अदनान सामी (महाराष्ट्र), मूझिक्कल पंकजाक्षी (केरल), केएस महबूब और एसएम सुबानी (जोड़ी) (तमिलनाडु), सुरेश वाडकर (महाराष्ट्र), तथा वजीरा चित्रसेना (श्रीलंका)।
  • साहित्य और शिक्षा: ग्लोरिया एरिएरा (ब्राजील), दमयंती बेशरा (ओडिशा), केवी संपत और विदुषी जयलक्ष्मी (जोड़ी) (कर्नाटक), मीनाक्षी जैन (दिल्ली), सी. कमलोवा (मिजोरम), प्रशांत कुमार पटनायक (अमेरिका), बिनापाणि मोहंती (ओडिशा), रॉबर्ट थुरमन (अमेरिका), एसपी कोठारी (अमेरिका), इंद्र दसानायके (मरणोपरांत) (श्रीलंका) तथा पृथ्वीन्द्र मुखर्जी (फ्रांस)।
  • चिकित्सा: पद्मावती बंदोपाध्याय (उत्तर प्रदेश), लीला जोशी (मध्य प्रदेश), नरेंद्र नाथ खन्ना (उत्तर प्रदेश), योगी एरोन (उत्तराखंड), सैंड्रा देसा सूजा (महाराष्ट्र) तथा शांति रॉय (बिहार)।
  • सामाजिक कार्य: उषा चौमर (राजस्थान), तुलसी गौड़ा (कर्नाटक), हरेकला हजब्बा (कर्नाटक), अब्दुल जब्बार (मरणोपरांत) (मध्य प्रदेश), टेत्सु नाकामुरा (मरणोपरांत) अफगानिस्तान), कल्याण सिंह रावत (उत्तराखंड), मोहम्मद शरीफ (उत्तर प्रदेश), अगुस इंद्र उदयन (इंडोनेशिया) तथा लिया डिस्किन (ब्राजील)।
  • व्यापार और उद्योग: संजीव बिखचंदानी (उत्तर प्रदेश), रोमेश टेकचंद वाधवानी (अमेरिका) तथा प्रेम वत्स (कनाडा)।
  • खेल: जहीर खान (महाराष्ट्र), जीतू राय (उत्तर प्रदेश), तरुणदीप राय (सिक्किम), रानी रामपाल (हरियाणा), ओइनम बेमबेम देवी (मणिपुर) तथा एम. पी. गणेश (कर्नाटक)।
  • विज्ञान एवं इंजीनियरिंग: रमन गंगाखेडकर (महाराष्ट्र) तथा वशिष्ठ नारायण सिंह (मरणोपरांत) (बिहार)।
  • अन्य: एनामुल हक (पुरातत्व - बांग्लादेश), रहीबाई सोमा पोपेरे (कृषि - महाराष्ट्र), ट्रिनिटी सैयू (कृषि - मेघालय), राधामोहन और साबरमती (जोड़ी) (कृषि - ओडिशा)।

पद्म पुरस्कार 2021


राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने 9 नवंबर, 2021 को पद्म पुरस्कार 2021 प्रदान किए।

  • वर्ष 2021 के लिए राष्ट्रपति ने 1 जोड़ी पुरस्कार (एक जोड़ी पुरस्कार में 2 व्यक्तियों को दिये जाने वाले पुरस्कार को एक के रूप में गिना जाता है) सहित 119 पद्म पुरस्कार प्रदान किए।
  • इस सूची में 7 पद्म विभूषण, 10 पद्म भूषण और 102 पद्म श्री पुरस्कार शामिल हैं।
  • पुरस्कार पाने वालों में 29 महिलाएं, विदेशियों या एनआरआई / पीआईओ / ओसीआई श्रेणी के 10 व्यक्ति, 16 मरणोपरांत और 1 ट्रांसजेंडर पुरस्कार विजेता शामिल हैं।

पद्म विभूषण: शिंजो आबे (जन सेवा - जापान), एसपी बालासुब्रमण्यम (मरणोपरांत) (कला-तमिलनाडु), डॉ. बेल्ले मोनप्पा हेगड़े (चिकित्सा - कर्नाटक), नरिंदर सिंह कापनी (मरणोपरांत) (विज्ञान और इंजीनियरिंग- अमेरिका), मौलाना वहीदुद्दीन खान (अन्य- अध्यात्म - दिल्ली), बी बी लाल (अन्य- पुरातत्व - दिल्ली) तथा सुदर्शन साहू (कला - ओडिशा)।

पद्म भूषण: कृष्णन नायर शांताकुमारी चित्रा (कला - केरल), तरुण गोगोई (मरणोपरांत) (जनसेवा - असम), चंद्रशेखर कंबर (साहित्य और शिक्षा - कर्नाटक), सुमित्रा महाजन (जन सेवा - मध्य प्रदेश), नृपेंद्र मिश्र (सिविल सेवा - उत्तर प्रदेश), राम विलास पासवान (मरणोपरांत) (जन सेवा - बिहार), केशुभाई पटेल (मरणोपरांत) (जनसेवा - गुजरात), कल्बे सादिक (मरणोपरांत) (अन्य-अध्यात्म - उत्तर प्रदेश), रजनीकांत देवीदास श्रॉफ (व्यापार व उद्योग - महाराष्ट्र) तथा तरलोचन सिंह (जन सेवा- हरियाणा)।

महत्वपूर्ण पद्म श्री: गुलफाम अहमद (कला - उत्तर प्रदेश), पी. अनीता (खेल- तमिलनाडु), राम स्वामी अन्नावरापु (कला - आंध्र प्रदेश), सुब्बू अरुमुगम (कला- तमिलनाडु), प्रकाशराव असवादी (साहित्य और शिक्षा - आंध्र प्रदेश), भूरी बाई (कला - मध्य प्रदेश), लखीमी बरुआ (सामाजिक कार्य - असम), बीरेन कुमार बसाक (कला - पश्चिम बंगाल), रजनी बेक्टर (व्यापार और उद्योग - पंजाब), पीटर ब्रुक (कला - यूनाइटेड किंगडम), संगखुमी बुआलछुआक (सामाजिक कार्य - मिजोरम), बिजॉय चक्रवर्ती (जन सेवा - असम), जगदीश चौधरी (मरणोपरांत) (सामाजिक कार्य - उत्तर प्रदेश), मौमा दास (खेल - पश्चिम बंगाल), श्रीकांत दातर (साहित्य और शिक्षा - संयुक्त राज्य अमेरिका), छुटनी महतो (सामाजिक कार्य- झारखण्ड), दुलारी देवी (कला - बिहार), हंजबम राधे शर्मी (कला - मणिपुर), शांति देवी (सामाजिक कार्य - ओडिशा), वायन डिबिया (कला - इंडोनेशिया), अंशु जमसेनपा (खेल - अरुणाचल प्रदेश), पूर्णमासी जनी (कला - ओडिशा), मंजम्मा जोगती (ट्रांसजेंडर) (कला - कर्नाटक), महेशभाई और नरेशभाई कनोड़िया (जोड़ी) (मरणोपरांत) (कला - गुजरात), रजत कुमार कार (साहित्य और शिक्षा - ओडिशा), प्रकाश कौर (सामाजिक कार्य - पंजाब), निकोलस कजानस (साहित्य और शिक्षा - ग्रीस), गुलाम रसूल खान (कला - जम्मू और कश्मीर), लाखा खान (कला- राजस्थान), संजीदा खातून (कला - बांग्लादेश), नीरू कुमार (सामाजिक कार्य - दिल्ली), लाजवंती (कला- पंजाब), रतन लाल (विज्ञान एवं इंजीनियरिंग - अमेरिका), अली मानिकफन (अन्य- जमीनी स्तर पर नवाचार लक्षद्वीप), रामचंद्र मांझी (कला - बिहार), नानाद्रो बी मारक (अन्य - कृषि - मेघालय), डॉ. रतन लाल मित्तल (चिकित्सा - पंजाब), माधवन नांबियार (खेल- केरल), डॉ. चंद्रकांत संभाजी पांडव (चिकित्सा - दिल्ली), डॉ. जे एन पांडे (मरणोपरांत) (चिकित्सा - दिल्ली), पप्पम्मल (अन्य- कृषि तमिलनाडु), डॉ. कृष्ण मोहन पथी (चिकित्सा - ओडिशा), जसवंतीबेन जमनादास पोपट (व्यापार और उद्योग - महाराष्ट्र), नंदा प्रुस्टी (साहित्य और शिक्षा - ओडिशा), बालन पुथेरी (साहित्य और शिक्षा - केरल), बिरुबाला राभा (सामाजिक कार्य - असम), बॉम्बे जयश्री रामनाथ (कला - तमिलनाडु), मैत्यराम रियांग (कला - त्रिपुरा), अशोक कुमार साहू (चिकित्सा - उत्तर प्रदेश), डॉ. भूपेंद्र कुमार सिंह संजय (चिकित्सा - उत्तराखंड), सिंधुताई सपकाल (सामाजिक कार्य - महाराष्ट्र), चमन लाल सप्रू (मरणोपरांत) (साहित्य और शिक्षा - जम्मू और कश्मीर), प्रेमचंद शर्मा (अन्य - कृषि - उत्तराखंड), अर्जुन सिंह शेखावत (साहित्य और शिक्षा - राजस्थान), राम यत्न शुक्ल (साहित्य एवं शिक्षा - उत्तर प्रदेश), जितेंद्र सिंह शंटी (सामाजिक कार्य - दिल्ली), करतार सिंह (कला - पंजाब), डॉ. दिलीप कुमार सिंह (चिकित्सा - बिहार), चंद्रशेखर सिंह (अन्य - कृषि - उत्तर प्रदेश), सुधा हरि नारायण सिंह (खेल - उत्तर प्रदेश), वीरेंद्र सिंह (खेल - हरियाणा), मृदुला सिन्हा (मरणोपरांत) (साहित्य और शिक्षा - बिहार), के सी शिवशंकर (मरणोपरांत) (कला- तमिलनाडु), गुरु माँ कमली सोरेन (सामाजिक कार्य - पश्चिम बंगाल), पी सुब्रमण्यन (मरणोपरांत) (व्यापार और उद्योग - तमिलनाडु), निदुमोलु सुमति (कला - आंध्र प्रदेश), कपिल तिवारी (साहित्य एवं शिक्षा - मध्य प्रदेश), फादर वालेस (मरणोपरांत) (साहित्य और शिक्षा - स्पेन), डॉ. तिरुवेंगदम वीरराघवन (मरणोपरांत) (चिकित्सा - तमिलनाडु), के वाई वेंकटेश (खेल - कर्नाटक), उषा यादव (साहित्य एवं शिक्षा - उत्तर प्रदेश), कर्नल काजी सज्जाद अली जहीर (जन सेवा - बांग्लादेश)

पृष्ठभूमि: पद्म पुरस्कार (पद्म विभूषण) को वर्ष 1954 में स्थापित किया गया था। बाद में इन्हें 8 जनवरी, 1955 को राष्ट्रपति भवन की अधिसूचना के माध्यम से पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री तीन अलग-अलग पुरस्कारों में पुनर्वर्गीकृत किया गया था।

  • यह पुरस्कार तीन श्रेणियों में दिया जाता है, अर्थात् असाधारण और विशिष्ट सेवा के लिए ‘पद्म विभूषण’; उच्च क्रम की विशिष्ट सेवा के लिए ‘पद्म भूषण’; तथा विशिष्ट सेवा के लिए ‘पद्म श्री’।
  • पद्म पुरस्कार विभिन्न विषयों / गतिविधियों के क्षेत्रों, अर्थात - कला, सामाजिक कार्य, जनसेवा, विज्ञान और इंजीनियरिंग, व्यापार और उद्योग, चिकित्सा, साहित्य और शिक्षा, खेल, सिविल सेवा आदि में दिए जाते हैं।

बुकर पुरस्कार 2021


3 नवंबर, 2021 को दक्षिण अफ्रीका के लेखक डेमन गलगुट ने अपने उपन्यास 'द प्रॉमिस' (The Promise) के लिए 2021 का बुकर पुरस्कार जीता है।

  • उन्हें इससे पहले 2003 में "द गुड डॉक्टर" और 2010 में "इन ए स्ट्रेंज रूम" के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया था, लेकिन वे दोनों बार हार गए थे।
  • वह 1974 में नादिन गोर्डिमर और 1983 और 1999 में दो बार जीतने वाले जेएम कोएत्जी के बाद बुकर पुरस्कार जीतने वाले तीसरे दक्षिण अफ्रीकी उपन्यासकार हैं।
  • बुकर पुरस्कार की शुरूआत 1969 में हुई थी। यह किसी भी देश के लेखकों द्वारा अंग्रेजी में लिखे जाने वाले और यूनाइटेड किंगडम या आयरलैंड में प्रकाशित होने वाले कथा साहित्य (Fiction) के लिए दिया जाता है। पुरस्कार के रूप में 50 हजार पाउंड की राशि दी जाती है।
  • स्कॉटलैंड के लेखक 44 वर्षीय डगलस स्टूर्ट को उनके पहले ही उपन्यास ‘शग्गी बैन’ (Shuggie Bain) के लिए बुकर पुरस्कार 2020 दिया गया था।

एबीयू- यूनेस्को पीस मीडिया अवार्ड्स 2021


दूरदर्शन और आकाशवाणी द्वारा प्रोड्यूस क्रमशः टीवी और रेडियो शो ने मलेशिया के कुआलालंपुर में 17 नवंबर, 2021 को आयोजित 'एबीयू - यूनेस्को पीस मीडिया अवार्ड्स 2021' (ABU - UNESCO Peace Media Awards 2021) में कई पुरस्कार हासिल किए।

(Image Source: https://twitter.com/ABU_HQ)

  • दूरदर्शन के कार्यक्रम 'डेफिनिटली लीडिंग द वे' (DEAFinitely Leading the Way) ने 'लिविंग वेल विद सुपर डायवर्सिटी' श्रेणी के तहत एक पुरस्कार जीता, जबकि ऑल इंडिया रेडियो के कार्यक्रम 'लिविंग ऑन द एज - द कोस्टल लाइव्स' (Living on the edge – The coastal lives) ने 'प्रकृति के साथ नैतिक और सतत संबंध' की श्रेणी में पुरस्कार जीता।
  • यूनेस्को द्वारा एशिया पैसिफिक ब्रॉडकास्टिंग यूनियन (एबीयू) के सहयोग से 'टुगेदर फॉर पीस' (Together for Peace: T4P) पहल के तहत पुरस्कार दिए गए।
  • ABU - UNESCO Peace Media Awards 2021 मानव मन में सकारात्मक शांति के लिए स्वतंत्र, नैतिक पत्रकारिता और नागरिकों की मीडिया साक्षरता की महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर करते हैं और बढ़ावा देते हैं।
  • पुरस्कार अभिनव और रचनात्मक सामग्री का सम्मान करते हैं, जो दर्शकों को सकारात्मक शांति के निर्माण की सर्वोत्तम प्रथाओं के बारे में सूचित और शिक्षित करता हो तथा जिसमें सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने और कोविड-19 महामारी से बेहतर ढंग से निपटने की सोच झलकती हो।

जेसीबी साहित्य पुरस्कार 2021


नवंबर 2021 में मलयालम लेखक एम मुकुंदन की अंग्रेजी में अनुवादित 'दिल्ली: ए सोलिलोक्यी' (Delhi: A Soliloquy) ने 'जेसीबी साहित्य पुरस्कार 2021' (JCB Prize for literature 2021) जीता है।

(Image Source: https://twitter.com/TheJCBPrize/)

  • मूल रूप से मलयालम में लिखी गई इस पुस्तक का अंग्रेजी में अनुवाद फातिमा ई.वी. और नंदकुमार के. द्वारा किया गया।
  • एस हरीश की 'मस्टाश' (Moustache) (2020) और बेन्यामिन की 'जैस्मीन डेज' (2018) के बाद जेसीबी पुरस्कार जीतने वाला यह तीसरा अनुवाद है।
  • पुरस्कार के बारे में: 25 लाख रुपये राशि का जेसीबी साहित्य पुरस्कार हर साल एक भारतीय लेखक को उपन्यास के एक विशिष्ट कार्य के लिए दिया जाता है।
  • पुरस्कार को वैश्विक निर्माण उपकरण निर्माता (construction equipment manufacturer) जेसीबी द्वारा वित्त पोषित किया जाता है और जेसीबी लिटरेचर फाउंडेशन द्वारा प्रशासित किया जाता है। पहली बार यह पुरस्कार 2018 में दिया गया था।

भारतीय अमेरिकी वैज्ञानिक डॉ. विवेक लाल को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड


भारतीय अमेरिकी वैज्ञानिक डॉ. विवेक लाल को अक्टूबर 2021 में दुबई में रिटोसा फैमिली समिट्स (Ritossa Family Summits) में लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।

(Image Source: https://spsnavalforces.com)

  • डॉ. लाल, को भारत-अमेरिका रक्षा व्यापार बढ़ाने और दोनों देशों के बीच कुछ शीर्ष सौदों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए जाना जाता है।
  • रिटोसा फैमिली समिट्स दुनिया का प्रमुख फैमिली ऑफिस इन्वेस्टमेंट कॉन्फ्रेंस है, जहां दुनिया के नेता और कुलीन फैमिली ऑफिस निवेशक (family office investors) एक साथ निवेश करने और उज्जवल भविष्य बनाने के लिए एकजुट होते हैं।

शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार 2021


सितंबर 2021 में वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) द्वारा 'शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार 2021' की घोषणा की गई।

इस पुरस्कार हेतु 7 श्रेणियों में घोषित वैज्ञानिकों के नाम इस प्रकार हैं।

  • जैव विज्ञान: डॉ. अमित सिंह और डॉ. अरुण कुमार शुक्ला
  • रसायन विज्ञान: डॉ. कनिष्क विश्वास और डॉ. टी गोविंदराजू
  • पृथ्वी, वायुमंडल, महासागर और ग्रह विज्ञान: डॉ. बिनॉय कुमार सैकिया
  • इंजीनियरिंग विज्ञान: डॉ. देबदीप मुखोपाध्याय
  • गणितीय विज्ञान: डॉ. अनीश घोष और डॉ. साकेत सौरभ
  • चिकित्सा विज्ञान: डॉ. जीमन पन्नीयम्माकल और डॉ. रोहित श्रीवास्तव
  • भौतिक विज्ञान: डॉ. कनक साहा

साखरोव पुरस्कार 2021


कैद रूसी विपक्षी नेता एलेक्सी नवालनी को 20 अक्टूबर, 2021 को यूरोपीय संघ के शीर्ष मानवाधिकार पुरस्कार 'साखरोव पुरस्कार 2021' से सम्मानित किया गया है।

(Image Source: https://multimedia.europarl.europa.eu/ & https://www.newyorker.com/)

  • एलेक्सी नवलनी एक रूसी विपक्षी नेता, वकील और भ्रष्टाचार विरोधी कार्यकर्ता हैं, जो सरकार विरोधी प्रदर्शनों के आयोजन और रूस में सत्ताधारी पार्टी के सबसे मजबूत विपक्षी उम्मीदवार के रूप में खुद को स्थापित करने के लिए जाने जाते हैं।
  • 45 वर्षीय कार्यकर्ता को पिछले साल एक जहरीला नर्व एजेंट दे दिया गया था; जर्मनी में इलाज के बाद मॉस्को लौटने पर उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया और बाद में कैद कर लिया गया।
  • पुरस्कार के बारे में: पुरस्कार का नाम सोवियत वैज्ञानिक और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता आंद्रेई साखरोव (1921-1989) के नाम पर रखा गया है।
  • यूरोपीय संसद उन व्यक्तियों, समूहों और संगठनों को यह पुरस्कार प्रदान करती है, जिन्होंने विचारों की स्वतंत्रता की रक्षा और मानवाधिकार में उत्कृष्ट योगदान दिया हो। पुरस्कार राशि 50,000 यूरो है।
  • 1988 में पहली बार नेल्सन मंडेला और अनातोली मार्चेंको को इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
  • 2020 का साखरोव पुरस्कार 'बेलारूस के डेमोक्रेटिक ओपोजिशन' (Democratic opposition of Belarus) को प्रदान किया गया, जो बहादुर महिलाओं की एक पहल थी।
  • यूरोपीय संसद यूरोपीय संघ के स्तर पर राजनीतिक बहस और निर्णय लेने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है।

तमिल फिल्म 'कूझंगल' ऑस्कर 2022 में भारत की आधिकारिक प्रविष्टि


  • फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा गठित 15 सदस्यीय चयन समिति के अध्यक्ष शाजी एन करुण ने 23 अक्टूबर, 2021 को नवोदित निर्देशक पीएस विनोथराज की तमिल फिल्म ‘कूझंगल’ (कंकड़) को ऑस्कर 2022 में भारत की आधिकारिक प्रविष्टि के रूप में घोषित किया है।
  • चयन होने पर फिल्म अगले साल सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय फीचर फिल्म के अकादमी पुरस्कार के लिए प्रतिस्पर्धा करेगी।
  • थॉमस विंटरबर्ग द्वारा निर्देशित डेनिश फिल्म अदर राउंड ने 2021 में सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय फीचर फिल्म पुरस्कार जीता था।
  • 94वें अकादमी पुरस्कार समारोह 27 मार्च, 2022 को लॉस एंजिल्स में आयोजित किए जाएंगे।
  • विग्नेश शिवन और नयनतारा द्वारा निर्मित 'कूझंगल' फिल्म में मायके चली गई पत्नी को वापस लाने के लिए एक शराबी पिता गणपति और उनके बेटे वेलु की यात्रा दिखाई गई है।
  • इस साल की शुरुआत में, कूझंगल ने अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव रॉटरडैम 2021 के 50वें संस्करण में प्रतिष्ठित 'टाइगर पुरस्कार' भी जीता था।
  • हाल के वर्षों में ऑस्कर के लिए भारत की प्रविष्टियों में लिजो जोस पेलिसरी की ‘जल्लीकट्टू’ (ऑस्कर 2021) और जोया अख्तर की ‘गली बॉय’ (ऑस्कर 2020) शामिल हैं।
  • सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय फीचर फिल्म श्रेणी में नामांकन की अंतिम सूची में जगह बनाने वाली भारतीय फिल्म मदर इंडिया (1958), सलाम बॉम्बे (1989) और आशुतोष गोवारिकर की लगान (2001) थी।

अर्थशॉट पुरस्कार 2021


  • 17 अक्टूबर, 2021 को लंदन में एक भव्य समारोह में अर्थशॉट पुरस्कार 2021 (Earthshot Prize 2021) की घोषणा की गई।

(Image Source: https://earthshotprize.org/)

  • इस पुरस्कार के तहत जलवायु संकट से लड़ने के लिए समाधान विकसित करने के लिए 2021 और 2030 के बीच पांच फाइनलिस्ट को पांच संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्यों- प्रकृति की बहाली और संरक्षण, वायु स्वच्छता, महासागरों की पुनर्बहाली, अपशिष्ट मुक्त जीवन और जलवायु कार्रवाई में योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा।
  • अर्थशॉट पुरस्कार को 2020 में प्रिंस विलियम और रॉयल फाउंडेशन द्वारा स्थापित किया गया था। इस पुरस्कार को 'इको ऑस्कर' की भी संज्ञा दी जाती है। इसमेंपुरस्कार राशि 10 लाख ब्रिटिश पाउंड है।
    1. 'वायु स्वच्छता' (clean our air) श्रेणी: दिल्ली के उद्यमी विद्युत मोहन के नेतृत्व वाली कृषि अपशिष्ट पुनर्चक्रण परियोजना 'तकाचर' (Takachar) को फसल अवशेषों को विक्रय योग्य जैव-उत्पादों में बदलने के लिए सस्ते प्रौद्योगिकी नवाचार के लिए यह पुरस्कार दिया गया है।
      • ‘तकाचर' ने एक सस्ती, छोटे पैमाने की, पोर्टेबल तकनीक विकसित की है, जो दूरदराज के खेतों में ट्रैक्टरों से जुड़ जाती है। यह तकनीक धुएं के उत्सर्जन को 98% तक कम करती है।
    2. प्रकृति की रक्षा और पुनर्बहाली (Protect and Restore Nature) श्रेणी: कोस्टा रिका गणराज्य।
    3. महासागरों की पुनर्बहाली (Revive our Oceans) श्रेणी: कोरल वीटा, बहामास (दुनिया की समाप्त होती हुई प्रवाल भित्तियों को पुनर्स्थापित करने की परियोजना)।
    4. अपशिष्ट मुक्त विश्व का निर्माण (Build a Waste-Free World): 'द सिटी ऑफ मिलान फूड वेस्ट हब्स', इटली (अप्रयुक्त भोजन एकत्र करने और इसे जरूरतमंदों को देने की पहल)।
    5. जलवायु कार्रवाई (Fix our Climate): थाईलैंड, जर्मनी और इटली की हाइड्रोजन बनाने के लिए अक्षय ऊर्जा परियोजना 'एईएम इलेक्ट्रोलाइजर' (AEM Electrolyser)।

लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई पुरस्कार 2021


उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने 3 अक्टूबर, 2021 को गुवाहाटी में एक विशेष समारोह में असम सरकार के द्विवार्षिक 'राष्ट्रीय एकता और राष्ट्रीय योगदान के लिए लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई पुरस्कार 2021' प्रदान किए।

(Image Source: @mygovassam Twitter)

  • पुरस्कार पाने वालों में कस्तूरबा गांधी राष्ट्रीय स्मारक ट्रस्ट की असम शाखा, जर्मनी में रहने वाले असमिया साहित्यकार डॉ. निरोद कुमार बरूआ और श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र में 'शिलांग चैंबर चोइर' (Shillong Chamber Choir) शामिल हैं।
  • पुरस्कार में प्रत्येक को पांच लाख रुपये, एक प्रशस्ति पत्र और एक अंगवस्त्रम दिया जाता है।
  • इस पुरस्कार का नाम असम के पहले मुख्यमंत्री गोपीनाथ बोरदोलोई के नाम पर रखा गया है; वे एक स्वतंत्रता सेनानी थे। उन्हें 1999 में मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।

अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार 2021


11 अक्टूबर, 2021 को अमेरिका के अर्थशास्त्री डेविड कार्ड (David Card), जोशुआ एंग्रिस्ट (Joshua Angrist) और गुइडो इम्बेन्स (Guido Imbens) को आर्थिक नीति और अन्य घटनाओं के कारण प्रभावों को समझने के लिए "प्राकृतिक प्रयोगों" (natural experiments) के उपयोग के लिए 2021 के अर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

(Image Source: Nobel Prize Twitter)

  • कनाडा में जन्मे कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, बर्कले के डेविड कार्ड को 'श्रम अर्थशास्त्र में उनके अनुभवजन्य योगदान' के लिए पुरस्कार का आधा हिस्सा दिया गया।
  • जबकि अन्य आधा हिस्सा मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के जोशुआ एंगिस्ट और नीदरलैंड्स में जन्मे स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के गुइडो इम्बेन्स को 'कारण संबंधों के विश्लेषण में उनके पद्धतिगत योगदान के लिए' (for their methodological contributions to the analysis of causal relationships) दिया गया।
  • प्राकृतिक प्रयोग क्या है? ‘प्राकृतिक प्रयोग’ वास्तविक जीवन की परिस्थितियों का उपयोग दुनिया पर प्रभाव का पता लगाने के लिए करते हैं।
  • अध्ययन का निष्कर्ष: डेविड कार्ड ने प्राकृतिक प्रयोगों का उपयोग करते हुए न्यूनतम मजदूरी, आप्रवास (immigration) और शिक्षा के श्रम बाजार प्रभावों का विश्लेषण किया है। उन्होंने पाया कि न्यूनतम वेतन में वृद्धि का कर्मचारियों की संख्या पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा।
  • एक देश में पैदा हुए लोगों की आय नए आप्रवासन (immigration) से लाभान्वित हो सकती है।
  • जोशुआ एंग्रिस्ट और गुइडो इम्बेन्स ने यह प्रदर्शित किया कि प्राकृतिक प्रयोगों से कारण और प्रभाव के बारे में कैसे सटीक निष्कर्ष निकाले जा सकते हैं।
  • अन्य तथ्य: एलिनोर ऑस्ट्रोम (2009) अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार जीतने वाली पहली महिला हैं।
  • एस्थर डफ्लो (2019) में अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार जीतने वाली दूसरी महिला हैं। एस्थर अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार जीतने वाली सबसे युवा विजेता भी हैं।
  • औपचारिक रूप से इस पुरस्कार का नाम 'अल्फ्रेड नोबेल की स्मृति में आर्थिक विज्ञान में स्वेरिगेस रिक्सबैंक पुरस्कार' (The Sveriges Riksbank Prize in Economic Sciences in Memory of Alfred Nobel) है।

केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण प्राणि मित्र पुरस्कार 2021


सरदार पटेल प्राणी उद्यान,केवडिया (गुजरात) की मेजबानी में केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण द्वारा 10 - 11 अक्टूबर, 2021 को आयोजित 'चिड़ियाघर निदेशकों और पशु चिकित्सकों के दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन’ के दौरान केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण द्वारा स्थापित ‘प्राणि मित्र पुरस्कार 2021’ भी प्रदान किए गए।

(Image Source: @CZA_Delhi Twitter)

  • प्राणि मित्र पुरस्कार हर साल 4 श्रेणियों के तहत दिए जाते हैं। ये 4 श्रेणी हैं- चिड़ियाघर के निदेशक/क्यूरेटर, जीवविज्ञानी/ शिक्षाविद, पशु चिकित्सक और पशु रक्षक/चिड़ियाघर की अग्रिम पंक्ति द्वारा उत्कृष्ट योगदान।

वर्ष 201 के विजेता -

  • उत्कृष्ट पशु रक्षक – लखी देवी (भगवान बिरसा प्राणी उद्यान, रांची, झारखंड)।
  • उत्कृष्ट शिक्षाविद्/जीवविज्ञानी -- हरपाल सिंह (शिक्षाविद) (महेंद्र चौधरी प्राणी उद्यान, चटबीर पंजाब)।
  • उत्कृष्ट पशु चिकित्सक -- डॉ. इलियाराजा (आगरा भालू बचाव सुविधा केंद्र, उत्तर प्रदेश)।
  • उत्कृष्ट निदेशक – डॉ. विभु प्रकाश माथुर (निदेशक, गिद्ध संरक्षण प्रजनन केंद्र, पिंजौर, हरियाणा)।

नोबेल शांति पुरस्कार 2021


नॉर्वेजियन नोबेल समिति ने 8 अक्टूबर, 2021 को नोबेल शांति पुरस्कार 2021 की घोषणा की।

(Image Source: Nobel Prize Twitter)

  • फिलीपींस की मारिया रेसा (Maria Ressa) और रूस के दिमित्री मुराटोव (Dmitry Muratov) को अभिव्यक्ति की आजादी की रक्षा के प्रयासों के लिए यह पुरस्कार दिया गया है, जो लोकतंत्र और स्थायी शांति के लिए एक पूर्व शर्त है।
  • मारिया रेसा: वह अपने मूल देश फिलीपींस में सत्ता के दुरुपयोग, हिंसा के इस्तेमाल और बढ़ते अधिनायकवाद को उजागर करने के लिए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उपयोग करती हैं।
  • 2012 में, उन्होंने खोजी पत्रकारिता के लिए एक डिजिटल मीडिया कंपनी रैपलर (Rappler) की सह-स्थापना की, जिसकी वह अभी भी प्रमुख हैं। एक पत्रकार और रैपलर के सीईओ के रूप में, रेसा ने खुद को अभिव्यक्ति की आजादी के एक निर्भीक रक्षक के रूप में पेश किया है।
  • रैपलर ने राष्ट्रपति रोड्रिगो दुतेर्ते शासन के विवादास्पद, जानलेवा ड्रग-विरोधी अभियान पर आलोचनात्मक दृष्टि से ध्यान केंद्रित किया है।
  • रेसा और रैपलर ने इस बात को भी उजागर किया कि कैसे फेक न्यूज फैलाने, विरोधियों को परेशान करने और सार्वजनिक संवाद में हेरफेर करने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया जा रहा है।
  • दिमित्री आंद्रेयेविच मुराटोव:मुराटोव रूस में चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद दशकों तक अभिव्यक्ति की आजादी के पैरोकार रहे हैं।
  • 1993 में, वह स्वतंत्र समाचार पत्र 'नोवाजा गजेटा' (Novaja Gazeta) के सह-संस्थापकों में से एक थे। 1995 से वे 24 वर्षों तक इसके प्रधान संपादक रहे हैं। सत्ता के प्रति मौलिक रूप से आलोचनात्मक रवैये के साथ नोवाजा गजेटा आज भी रूस में सबसे स्वतंत्र समाचार पत्र है।
  • 1993 में अपनी शुरुआत के बाद से, नोवाजा गजेटा ने भ्रष्टाचार, पुलिस हिंसा, गैरकानूनी गिरफ्तारी, चुनावी धोखाधड़ी से लेकर रूस के भीतर और बाहर रूसी सैन्य बलों के उपयोग तक के विषयों पर महत्वपूर्ण लेख प्रकाशित किए हैं।
  • अन्य तथ्य: आज तक, सबसे कम उम्र की नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मलाला यूसुफजई हैं, जो 2014 के नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित होने के समय 17 वर्ष की थीं। कैलाश सत्यार्थी और मलाला यूसुफजई को संयुक्त रूप से नोबेल शांति पुरस्कार 2014 प्रदान किया गया था।
  • अब तक के सबसे वयोवृद्ध नोबेल शांति पुरस्कार विजेता जोसेफ रोटब्लैट हैं, जो 1995 के नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित होने के समय 87 वर्ष के थे।

22वां लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय उत्कृष्टता पुरस्कार 2021


उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने 11 अक्टूबर, 2021 को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निदेशक और प्रख्यात पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. रणदीप गुलेरिया को '22वां लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय उत्कृष्टता पुरस्कार 2021' प्रदान किया।

(Image Source: www.lbsim.ac.in/)

  • हाल के दिनों में कोविड-19 महामारी के बारे में जागरूकता पैदा करने में डॉ. रणदीप गुलेरिया की शानदार भूमिका के लिए उन्हें इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
  • डॉ. रणदीप गुलेरिया को एक अत्यधिक कुशल और समर्पित अस्पताल प्रशासक के रूप में भी जाना जाता है।
  • 'लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय उत्कृष्टता पुरस्कार' को लाल बहादुर शास्त्री प्रबंधन संस्थान, दिल्ली द्वारा स्थापित किया गया है। यह पुरस्कार प्रति वर्ष अपने चुने हुए क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले एक विशिष्ट व्यक्ति को दिया जाता है।

साहित्य का नोबेल पुरस्कार 2021


7 अक्टूबर, 2021 को जंजीबार में जन्मे ब्रिटेन के 73 वर्षीय लेखक अब्दुल रजाक गुरनाह को ‘2021 के साहित्य के नोबेल पुरस्कार’ से सम्मानित किए जाने की घोषणा की गई।

(Image Source: Nobel Prize Twitter)

  • गुरनाह को उपनिवेशवाद के प्रभावों और संस्कृतियों व महाद्वीपों के बीच शरणार्थियों की स्थिति के करुणामय चित्रण के लिए सम्मानित किया गया है।
  • गुरनाह का जन्म 1948 में तंजानिया के जंजीबार द्वीप में हुआ था। लेकिन 1960 के दशक के अंत में वे एक शरणार्थी के रूप में इंग्लैंड पहुंच गए थे।
  • उनके दस उपन्यास और कई लघु कथाएँ प्रकाशित हो चुकी हैं। उनके उपन्यासों में शरणार्थियों का मार्मिक वर्णन मिलता है।
  • उनका सबसे प्रसिद्ध उपन्यास 'पैराडाइज' (Paradise) है, जिसे 1994 में बुकर पुरस्कार के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया था।
  • अन्य तथ्य: 2020 में साहित्य के लिए नोबेल पुरस्कार अमेरिकी कवयित्री लुईस ग्लूक को दिया गया था।
  • 1901 में पहली बार साहित्य का नोबेल पुरस्कार फ्रांसीसी कवि सुली प्रुधोमी (Sully Prudhomme) को दिया गया था।

भौतिकी का नोबेल पुरस्कार 2021


2021 के लिए भौतिकी के नोबेल पुरस्कार का आधा हिस्सा जापान में जन्में प्रिंसटन यूनिवर्सिटी, अमेरिका के जलवायु विज्ञानी 'स्यूकुरो मनाबे' (Syukuro Manabe) और मैक्स प्लैंक इंस्टीट्यूट फॉर मेटेरोलॉजी, हैम्बर्ग, जर्मनी के जलवायु विज्ञानी 'क्लॉस हैसलमैन' (Klaus Hasselmann) तथा शेष आधा हिस्सा इटली के सैपिएंजा यूनिवर्सिटी, रोम के भौतिक विज्ञानी 'जियोर्जियो परिसी' (Giorgio Parisi) को दिया गया है।

(Image Source: Newsonair.gov.in)

  • क्यों दिया गया? "जटिल भौतिक प्रणालियों की हमारी समझ में अभूतपूर्व योगदान" के लिए।
  • प्रोफेसर मनाबे और हैसलमैन ने "पृथ्वी की जलवायु के भौतिक मॉडलिंग, परिवर्तनशीलता की मात्रा निर्धारित करने और ग्लोबल वार्मिंग की मजबूती से भविष्यवाणी करने" के लिए पुरस्कार जीता, जबकि प्रोफेसर परिसी ने "परमाणु से ग्रहों के मानदंडों तक भौतिक प्रणालियों में विकार और उतार-चढ़ाव की परस्पर क्रिया की खोज के लिए" पुरस्कार जीता।
  • 1901 में इस पुरस्कार की स्थापना के बाद पहली बार जलवायु विज्ञानियों को नोबेल पुरस्कार दिया जा रहा है।
  • तीनों का योगदान: मनाबे ने वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड के बढ़े हुए स्तर से पृथ्वी की सतह पर तापमान में वृद्धि को प्रदर्शित किया; 1960 के दशक में, उन्होंने पृथ्वी की जलवायु के भौतिक मॉडल के विकास का नेतृत्व किया।
  • लगभग दस साल बाद, क्लॉस हैसलमैन ने एक मॉडल विकसित किया, जो इस सवाल का जवाब देता है कि मौसम के परिवर्तनशील होने के बावजूद जलवायु मॉडल क्यों विश्वसनीय हो सकते हैं; उन्होंने जलवायु परिवर्तन पर मानव फिंगरप्रिंट की पहचान करने के लिए तरीके भी विकसित किए।
  • 1980 के आसपास, परिसी ने अव्यवस्थित जटिल सामग्रियों में छिपे हुए पैटर्न की खोज की। यादृच्छिकता (randomness) और अव्यवस्थित (disorder) होने की विशेषता के चलते जटिल प्रणालियों (Complex systems) को समझना मुश्किल होता है।

रसायन विज्ञान नोबेल पुरस्कार 2021


6 अक्टूबर, 2021 को रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज ने मैक्स प्लैंक इंस्टीट्यूट के जर्मन वैज्ञानिक 'बेंजामिन लिस्ट' (Benjamin List) और यूनाइटेड किंगडम में जन्मे प्रिंसटन यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक 'डेविड डब्ल्यूसी मैकमिलन' (David WC MacMillan) को 2021 का रसायन विज्ञान का नोबेल पुरस्कार प्रदान करने की घोषणा की।

  • उन्हें यह पुरस्कार 'एसिमेट्रिक ऑर्गेनोकैटालिसिस' (asymmetric organocatalysis) के विकास के लिए दिया गया।
  • डॉ. लिस्ट और डॉ. मैकमिलन द्वारा 'एसिमेट्रिक ऑर्गेनोकैटालिसिस' विकसित करने से पहले रसायनज्ञों द्वारा दो बहुत अलग प्रकार के 'धातु उत्प्रेरक' और 'एंजाइम उत्प्रेरक' नियमित रूप से उपयोग किए जाते थे।
  • किसी रासायनिक अभिक्रिया की गति किसी पदार्थ (उत्प्रेरक) की उपस्थिति मात्र से बढ़ जाती है तो इसे उत्प्रेरण (Catalysis) कहते हैं।
  • एसिमेट्रिक ऑर्गेनोकैटालिसिस: यह छोटे कार्बनिक अणुओं पर बनता है। 2000 में इन दोनों वैज्ञानिकों द्वारा विकसित, उत्प्रेरण (Catalysis) की यह नई तकनीक नए अणुओं को विकसित करने का एक कुशल, "सटीक, सस्ता, तेज और पर्यावरण अनुकूल" तरीका है।
  • एंजाइम उत्प्रेरक (जो विशाल होते हैं) के विपरीत, एसिमेट्रिक ऑर्गेनोकैटालिसिस एक ही अमीनो एसिड से बने होते हैं।
  • एसिमेट्रिक ऑर्गेनोकैटालिसिस अणु की केवल एक मिरर इमेज (mirror image) की अनुमति देते हैं। दवाओं का उत्पादन करते समय रसायनज्ञ को अक्सर इन मिरर इमेज में से केवल एक की ही आवश्यकता होती है।
  • अन्य तथ्य: ब्रिटिश जैव-रसायनविद फ्रेडरिक सेंगर ने 1958 और 1980 में दो बार रसायन विज्ञान का नोबेल पुरस्कार जीता है।

चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार 2021


4 अक्टूबर‚ 2021 को स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम स्थित कारोलिंस्का इंस्टीट्यूट की नोबेल सभा (The Nobel Assembly at Karolinska) द्वारा ‘चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार 2021’ (Nobel Prize in physiology or Medicine 2021) की घोषणा की गई।

(Image Source: Nobel Prize Twitter)

  • अमेरिका के दो वैज्ञानिकों 'डेविड जूलियस' (David Julius) और 'अर्डेम पटापाउटियन' (Ardem Patapoutian) को 'तापमान और स्पर्श के लिए रिसेप्टर्स (receptors) की अपनी खोजों के लिए' शरीर विज्ञान या चिकित्सा में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
  • इनका कार्य 'सोमैटोसेंसेशन' (somatosensation) पर केंद्रित था, जो कि विशेष अंगों जैसे कि आंख, कान और त्वचा की क्रमश: देखने, सुनने और महसूस करने की क्षमता है।
  • डेविड जूलियस ने मिर्च के एक तीखे और जलन पैदा करने वाले यौगिक कैप्साइसिन (capsaicin) का उपयोग कर जलन महसूस करने पर प्रतिक्रिया देने वाले त्वचा की तंत्रिका के अंत में पाये जाने वाले एक सेंसर की पहचान की है।
  • अर्डेम पटापाउटियन ने दबाव के प्रति संवेदनशील कोशिकाओं का उपयोग कर त्वचा और आंतरिक अंगों में यांत्रिक उत्तेजनाओं के लिए जिम्मेदार सेंसर के एक नवीन वर्ग की खोज की।
  • इन सफल खोजों ने गहन शोध गतिविधियों को शुरू किया, जिससे तंत्रिका तंत्र द्वारा गर्मी, ठंड और यांत्रिक उत्तेजनाओं को महसूस किए जाने संबंधी हमारी समझ में तेजी से बढ़ोतरी हुई है।

राष्ट्रीय सेवा योजना पुरस्कार 2019-20


राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 24 सितंबर, 2021 को राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली से वर्चुअल माध्यम में राष्ट्रीय सेवा योजना पुरस्कार 2019-20 प्रदान किए।

  • वर्ष 2019-20 के लिए राष्ट्रीय सेवा योजना पुरस्कार तीन अलग-अलग श्रेणियों- विश्वविद्यालय/+2 परिषद, एनएसएस इकाइयों एवं उनके कार्यक्रम अधिकारी तथा एनएसएस स्वयंसेवक को दिए गए। इन श्रेणियों में कुल 42 पुरस्कार दिए गए।
  • युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय का युवा कार्यक्रम विभाग हर साल एनएसएस स्वयंसेवकों द्वारा स्वैच्छिक सामुदायिक सेवा के लिए दिए गए उत्कृष्ट योगदान के लिए राष्ट्रीय सेवा योजना पुरस्कार प्रदान करता है।
  • राष्ट्रीय सेवा योजना एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है, जिसे वर्ष 1969 में स्वैच्छिक सामुदायिक सेवा के माध्यम से छात्र युवाओं के व्यक्तित्व और चरित्र के विकास के प्राथमिक उद्देश्य के साथ शुरू किया गया था।

रेमन मैग्सेसे पुरस्कार 2021


31 अगस्त, 2021 को नोबेल पुरस्कार के एशियाई संस्करण के रूप में माने जाने वाले ‘रेमन मैग्सेसे पुरस्कार 2021’ की घोषणा की गई।

विजेता:

  1. खोजी पत्रकारिता के लिए इंडोनेशियाई संगठन 'वॉचडॉक' (Watchdoc);
  2. पाकिस्तान के सूक्ष्म वित्त क्षेत्र में अग्रणी ' मुहम्मद अमजद साकिब';
  3. फिलीपीन्स के मछुआरे और सामुदायिक पर्यावरणविद् 'रॉबर्टो बैलोन';
  4. दक्षिण-पूर्व एशिया में मानवीय कार्य और शरणार्थी सहायता के लिए अमेरिकी 'स्टीवन मुंसी';
  5. बांग्लादेशी वैक्सीन वैज्ञानिक, 'फिरदौसी कादरी';
  • रेमन मैग्सेसे पुरस्कार का नाम फिलीपींस के तीसरे राष्ट्रपति 'रेमन मैग्सेसे' के नाम पर रखा गया है। इसे 1957 में स्थापित किया गया था।
  • यह पुरस्कार जाति, पंथ, लिंग या राष्ट्रीयता की परवाह किए बिना एशिया में उन व्यक्तियों और संगठनों को दिया जाता है, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में विशिष्टता हासिल की है। ऐसे कुछ उदाहरण हैं जहां विजेता गैर-एशियाई देशों से हैं लेकिन उन्होंने एशिया में कुछ कार्य किया है।

प्रो. एस.के. जोशी प्रयोगशाला उत्कृष्टता पुरस्कार


भारतीय गुणवत्ता परिषद (QCI) ने 16 सितंबर, 2021 को सरकार और उद्योग जगत के प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्तियों के बीच प्रो. एस.के. जोशी प्रयोगशाला उत्कृष्टता पुरस्कार का शुभारंभ किया।

  • यह पुरस्कार देश में प्रयोगशाला गुणवत्ता और प्रदर्शन में सुधार को बढ़ावा देने के लिए स्थापित किया गया देश का अपनी तरह का पहला प्रयोगशाला उत्कृष्टता पुरस्कार है।
  • स्वास्थ्य, सुरक्षा और पर्यावरण सहित प्रचलित राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता प्रणाली कानूनों के अनुरूप उच्च गुणवत्ता परीक्षण के अनुरुप सेवाएं प्रदान करने वाली प्रयोगशाला की प्रतिबद्धता सुनिश्चित करने के लिए इस पुरस्कार की शुरुआत की गई है।
  • पद्म भूषण और पद्म श्री से सम्मानित स्वर्गीय प्रो. एस.के. जोशी ने भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी (INSA) के अध्यक्ष, सीएसआईआर के महानिदेशक, एनपीएल के निदेशक और एनएबीएल के अध्यक्ष के रूप में कार्य करके भारत में वैज्ञानिक अनुसंधान में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

साहित्य अकादमी फैलोशिप


प्रख्यात अंग्रेजी लेखक रस्किन बॉन्ड, हिंदी लेखक विनोद कुमार शुक्ला और छ: अन्य को 18 सितंबर, 2021 को साहित्य अकादमी फैलोशिप के लिए चुना गया।

  • फेलोशिप पाने वाले अन्य लोगों में सिरशेंदु मुखोपाध्याय (बंगाली), एम लीलावती (मलयालम), डॉ. भालचंद्र नेमडे (मराठी), डॉ. तेजवंत सिंह गिल (पंजाबी), स्वामी रामभद्राचार्य (संस्कृत), इंदिरा पार्थसारथी (तमिल) शामिल हैं।
  • 24 भारतीय भाषाओं में साहित्य अकादमी अनुवाद पुरस्कार 2020 की भी घोषणा की गई।
  • विवेक शानभाग द्वारा लिखित और श्रीनाथ पेरूर द्वारा अनुवादित कन्नड़ उपन्यास "घाचर घोचर" का अंग्रेजी अनुवाद और टीईएस राघवान द्वारा तिरुवल्लुवर के 'थिरुक्कुरल' के हिंदी अनुवाद ने 22 अन्य लोगों के साथ पुरस्कार जीता।
  • अनुवाद पुरस्कार में प्रत्येक पुस्तक के अनुवादकों को 50,000 रुपये और एक तांबे की पट्टिका प्रदान की जाती है।

हुनरबाज पुरस्कार


25 सितंबर, 2021 को पंडित दीन दयाल उपाध्याय की जयंती पर अंत्योदय दिवस के अवसर पर ग्रामीण विकास मंत्रालय के तत्वावधान में राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान, हैदराबाद ने 15 राज्यों के 75 दिव्यांगजनों को हुनरबाज पुरस्कार (Hunarbaaz Awards) प्रदान किए।

  • पुरस्कार समारोह का आयोजन राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान द्वारा ग्रामीण विकास मंत्रालय के साथ मिलकर राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थानों के सहयोग से किया गया था।
  • पुरस्कार उन उम्मीदवारों को दिया गया, जिन्हें दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्या योजना (DDU-GKY) और मंत्रालय की ग्रामीण स्व-रोजगार प्रशिक्षण संस्थान योजनाओं के माध्यम से विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षित किया गया था, बाद में उन्हें एक वर्ष से अधिक समय तक संगठनों में कार्य पर रखा गया या फिर वह स्वरोजगार के रूप में अपनी पसंद के व्यापार में सफलतापूर्वक जुटे थे।

ब्रिगेडियर सरस्वती को राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार 2020


15 सितंबर, 2021 को एक आभासी समारोह में, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सैन्य नर्सिंग सेवा (MNS) की उप महानिदेशक ब्रिगेडियर एस.वी. सरस्वती को राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल अवार्ड 2020 से सम्मानित किया।

(Image Source: PIB)

  • उन्हें सैन्य नर्सिंग सेवा में नर्स प्रशासक के रूप में उनके अपार योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
  • एक प्रसिद्ध ऑपरेशन थिएटर नर्स के रूप में, ब्रिगेडियर सरस्वती ने 3,000 से अधिक जीवन रक्षक और आपातकालीन सर्जरी में सहायता की है।
  • ब्रिगेडियर सरस्वती आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले के रहने वाली हैं और उन्होंने 28 दिसंबर, 1983 को सैन्य नर्सिंग सेवा में कार्य करना शुरू किया था।
  • उनकी सराहनीय और विशिष्ट सेवा के सम्मान में, उन्हें जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ कमेंडेशन (2005), संयुक्त राष्ट्र मेडल (MONOC) (2007) और चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ कमेंडेशन (2015) से भी सम्मानित किया गया है।
  • ब्रिगेडियर सरस्वती के आलावा 50 अन्य नर्सों को भी राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार 2020 प्रदान किया गया।

राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार: यह एक ऐसा सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान है, जिसे किसी नर्स को उनकी निःस्वार्थ सेवा और असाधारण कार्यकुशलता के लिए प्रदान किया जाता है।

  • वार्षिक पुरस्कार की स्थापना 1973 में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा की गई थी।
  • विजेताओं को 50,000 रुपये का नकद पुरस्कार, एक प्रमाण पत्र, एक प्रशस्ति पत्र और एक पदक से सम्मानित किया जाता है।

बैंगलोर की आध्या अरविंद शंकर को वर्ष 2021 का चिल्ड्रन पीस इमेज ऑफ द ईयर पुरस्कार


21 सितंबर, 2021 को वियना में ऑस्ट्रियाई संसद में आयोजित एक समारोह में, बैंगलोर की रहने वाली सात वर्षीय लड़की आध्या अरविंद शंकर को प्रतिष्ठित 'ग्लोबल पीस फोटो अवॉर्ड 2021' (Global Peace Photo Award 2021) में 'चिल्ड्रन पीस इमेज ऑफ द ईयर' (Children’s Peace Image of the Year) श्रेणी में सम्मानित किया गया।

(Image Source: UNESCO)

  • आध्या को 'द लैप ऑफ पीस' (The Lap of Peace) नामक एक तस्वीर के लिए पुरस्कृत किया गया, जिसमें उनकी मां को उनकी नानी की गोद में दिखाया गया है।
  • वह वयस्क या बच्चों की श्रेणी में पुरस्कार पाने वाली पहली भारतीय हैं। उन्हें एक डिप्लोमा, एक पदक और 1,000 यूरो का चेक प्रदान किया गया।

ग्लोबल पीस फोटो अवॉर्ड: यह पुरस्कार दुनिया भर के उन फोटोग्राफरों को मान्यता देता है और बढ़ावा देता है, जिनकी तस्वीरें शांतिपूर्ण दुनिया के लिए मानवीय प्रयासों को दर्शाती हैं।

  • यह पुरस्कार लैमरहुबेर एडिशंस (Lammerhuber Editions) द्वारा यूनेस्को और ऑस्ट्रियाई संसद के साथ साझेदारी में प्रतिवर्ष प्रदान किया जाता है।

ICRISAT ने जीता अफ्रीका खाद्य पुरस्कार 2021


8 सितंबर, 2021 को 'अंतरराष्ट्रीय अर्ध-शुष्क उष्णकटिबंधीय फसल अनुसंधान संस्थान' (ICRISAT) को उप-सहारा अफ्रीका में 13 देशों में ‘खाद्य सुरक्षा में सुधार करने वाले कार्य’ के लिए 'अफ्रीका खाद्य पुरस्कार 2021' से सम्मानित किया गया है।

  • 2007 और 2019 के बीच, ICRISAT ने 'ट्रॉपिकल लेग्यूम्स प्रोजेक्ट' (Tropical Legumes Project) का नेतृत्व किया।
  • इस परियोजना ने 266 उन्नत फलियां किस्म और लगभग आधा मिलियन टन बीज विकसित किए, जिसमें लोबिया, अरहर, चना, सेम, मूंगफली और सोयाबीन शामिल हैं।

ICRISAT: यह एक गैर-लाभकारी, गैर-राजनीतिक सार्वजनिक अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान संगठन है, जो एशिया और उप-सहारा अफ्रीका में विकास के लिए दुनिया भर में भागीदारों की एक विस्तृत शृंखला के साथ कृषि अनुसंधान करता है। इसका वैश्विक मुख्यालय हैदराबाद के पास पाटनचेरु में स्थित है।

पुरस्कार के बारे में: अफ्रीका खाद्य पुरस्कार उत्कृष्ट अफ्रीकी व्यक्तियों और संस्थानों को निम्न क्षेत्रों में अग्रणी प्रयासों के लिए पुरस्कृत करता है-

  • अफ्रीका की खाद्य प्रणालियों का परिवर्तन; टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना; आय बढ़ाने हेतु छोटे किसानों के लिए समर्थन; जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के मद्देनजर लचीलापन; और उच्च गुणवत्ता वाले कृषि आदानों (inputs), ज्ञान और उपकरणों तक पहुंच।
  • अफ्रीका खाद्य पुरस्कार समिति द्वारा दिए जाने वाले इस पुरस्कार की राशि 100,000 डॉलर है।

बहलर कछुआ संरक्षण पुरस्कार 2021


सितंबर 2021 में भारतीय जीव-विज्ञानी शैलेंद्र सिंह को तीन 'गंभीर रूप से संकटग्रस्त' कछुआ प्रजातियों को विलुप्त होने से बचाने के लिए 'बहलर कछुआ संरक्षण पुरस्कार 2021' (Behler Turtle Conservation Award 2021) से सम्मानित किया गया है।

  • ये प्रजातियां रेड-क्राउंड रूफ्ड टर्टल (बटागुर कछुगा), नॉर्दर्न रिवर टेरापिन (बटागुर बस्का), और ब्लैक सॉफ्टशेल टर्टल (निल्सोनिया नाइग्रिकन्स) हैं।
  • रेड-क्राउंड रूफ्ड टर्टल को चम्बल में; नॉर्दर्न रिवर टेरापिन को सुंदरबन में; तथा ब्लैक सॉफ्टशेल टर्टल को असम के विभिन्न मंदिरों में संरक्षित किया जा रहा है।

पुरस्कार के बारे में: यह पुरस्कार टर्टल सर्वाइवल एलायंस (TSA), आईयूसीएन/स्पीशीज सर्वाइवल कमीशन कछुआ और मीठे पानी का कछुआ विशेषज्ञ समूह (TFTSG), टर्टल कंजर्वेंसी (TC) और कछुआ संरक्षण कोष (TCF) चार संगठनों द्वारा सह-प्रस्तुत किया गया है।

  • इस पुरस्कार को 2006 में एंडर्स रोडिन और रिक हडसन द्वारा स्थापित किया गया था। इसे व्यापक रूप से कछुआ संरक्षण और जीव विज्ञान का "नोबेल पुरस्कार" माना जाता है।
  • यह पुरस्कार ब्रोंक्स जू, वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन सोसाइटी, न्यूयॉर्क में सरीसृप विज्ञान के पूर्व संग्रहाध्यक्ष जॉन बहलर की कछुआ संरक्षण विरासत से जुड़ा हुआ है।
  • पहली बार 2006 में अमेरिका के एडवर्ड ओ. मोल को यह पुरस्कार प्रदान किया गया था।

7वें विजिटर पुरस्‍कार 2021


25 अगस्त, 2021 को राष्ट्रपति भवन ने केन्द्रीय विश्वविद्यालयों के संकाय सदस्यों और छात्रों से 7वें विजिटर पुरस्कार 2021 (7th Visitor's Awards 2021) के लिए विभिन्न श्रेणियों में आवेदन आमंत्रित किए।

  • इन श्रेणियों में 1. नवाचार के लिए विजिटर पुरस्कार, 2. (अ) मानविकी, कला और सामाजिक विज्ञान (ब) भौतिक विज्ञान और (स) जैविक विज्ञान में शोध के लिए विजिटर पुरस्कार तथा 3. प्रौद्योगिकी विकास के लिए विजिटर पुरस्कार शामिल हैं।
  • इन पुरस्कारों की स्थापना 2014 में केन्द्रीय विश्वविद्यालयों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने और उत्कृष्टता हासिल करने की दिशा में विश्व भर की बेहतर पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से की गई थी।
  • भारत के राष्ट्रपति केन्द्रीय विश्वविद्यालयों के विजिटर के रूप में इन पुरस्कारों को प्रदान करते हैं।

एनआईओएस को यूनेस्को किंग सेजोंग साक्षरता पुरस्कार 2021


8 सितंबर, 2021 को राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) को प्रतिष्ठित यूनेस्को किंग सेजोंग साक्षरता पुरस्कार 2021 के विजेताओं में से एक के रूप में चुना गया है।

  • एनआईओएस को 'भारतीय सांकेतिक भाषा (Indian Sign Language: ISL) आधारित सामग्री पर ध्यान देने के साथ, प्रौद्योगिकी-सक्षम समावेशी शिक्षण सामग्री के माध्यम से दिव्यांगजनों की शिक्षा को सक्षम करने' के लिए यह पुरस्कार दिया गया है।
  • यूनेस्को किंग सेजोंग साक्षरता पुरस्कार 2021 के अन्य विजेता दक्षिण अफ्रीका और ग्वाटेमाला हैं। जबकि आइवरी कोस्ट, मिस्र और मैक्सिको को 'साक्षरता के लिए यूनेस्को कन्फ्यूशियस पुरस्कार 2021' से सम्मानित किया गया।
  • इस वर्ष यूनेस्को अंतरराष्ट्रीय साक्षरता पुरस्कार का विषय 'समावेशी दूरस्थ और डिजिटल साक्षरता अधिगम' (inclusive distance and digital literacy learning) था।

यूनेस्को किंग सेजोंग साक्षरता पुरस्कार: इसकी स्थापना 1989 में कोरिया गणराज्य की सरकार के सहयोग से की गई थी।

  • यह पुरस्कार उन सरकारों या सरकारी एजेंसियों और गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) की गतिविधियों को दिया जाता है, जो साक्षरता की लड़ाई में योगदान देने में विशेष रूप से प्रभावी परिणाम प्राप्त करते हैं।
  • यह विकासशील देशों में मातृभाषाओं के निर्माण, विकास और प्रसार पर विशेष ध्यान देता है।
  • पुरस्कार में 20,000 डॉलर की राशि, एक रजत पदक और एक डिप्लोमा शामिल है।

इंस्पायर - मानक पुरस्कार


केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने 8 सितंबर, 2021 को एक आभासी समारोह के दौरान '8वें इंस्पायर - मानक पुरस्कार' (8th INSPIRE – MANAK Awards) प्रदान किये।

  • 'इंस्पायर' (Innovation in Science Pursuit for Inspired Research: INSPIRE) योजना विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी), भारत सरकार के प्रमुख कार्यक्रमों में से एक है।
  • इंस्पायर पुरस्कार - मानक (Million Minds Augmenting National Aspirations and Knowledge: MANAK) को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन - इंडिया (NIF) के साथ संयुक्त रूप से कार्यान्वित किया जा रहा है।
  • वर्ष 2016 में, इंस्पायर योजना को नया रूप दिया गया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई 'स्टार्ट-अप इंडिया' पहल हेतु कार्य योजना के साथ जोड़ा गया।
  • ‘इंस्पायर पुरस्कार – मानक’ योजना का लक्ष्य कक्षा 6 से 10वीं के 10-15 वर्ष के आयु वर्ग के छात्रों को भविष्य के नवप्रवर्तक और महत्वपूर्ण विचारक बनने के लिए प्रेरित करना है।
  • योजना का उद्देश्य स्कूली बच्चों में रचनात्मकता और नवीन सोच की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए विज्ञान और सामाजिक अनुप्रयोगों में निहित दस लाख मूल विचारों / नवाचारों को लक्षित करना है।

प्रधानमंत्री श्रम पुरस्कार


भारत सरकार द्वारा 12 अगस्त, 2021 को वर्ष 2018 के लिए प्रधानमंत्री श्रम पुरस्कारों की घोषणा की गयी।

उद्देश्य: सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों के संगठनों में काम करने वालों द्वारा किए गए उत्कृष्ट योगदानों का सम्मान करना है।

  • प्रधानमंत्री श्रम पुरस्कार तीन श्रेणियों में दिए गए। ये श्रेणियां हैं:
  1. श्रम भूषण पुरस्कार (प्रत्येक को 1,00,000 रुपये का नकद पुरस्कार);
  2. श्रम वीर / श्रम वीरांगना पुरस्कार (प्रत्येक को 60,000 रुपये का नकद पुरस्कार);
  3. श्रम श्री / श्रम देवी पुरस्कार (प्रत्येक को 40,000 रुपये का नकद पुरस्कार)

पुरस्कारों के बारे में: यह पुरस्कार, औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 में परिभाषित एवं केंद्र एवं राज्य सरकारों के विभागीय उपक्रमों, केन्द्र और राज्य के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और निजी क्षेत्र में नियुक्त और कार्यरत न्यूनतम 500 कामगारों को प्रदान किए जाते हैं।

  • ये पुरस्कार श्रमिकों को उनके विशिष्ट प्रदर्शन, नवाचार क्षमताओं, उत्पादकता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान और असाधारण साहस व बुद्धिमत्ता का प्रदर्शन करने के लिए दिए जाते हैं।
  • रूटीन सेवा कार्यों में लगे श्रमिक, इन पुरस्कारों के लिए पात्र नहीं होंगे।

स्टार्ट-अप महिला उद्यमी पुरस्कार 2020-21


17 अगस्त, 2021 को यूएन वूमेन (UN Women) के साथ साझेदारी में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय-नेसकॉम ‘स्टार्ट-अप महिला उद्यमी पुरस्कार 2020-21’ के विजेताओं की घोषणा की गई।

  • तकनीकी स्टार्ट-अप महिला उद्यमियों की भागीदारी हेतु इस पुरस्कार में 159 आवेदन प्राप्त हुए थे।
  • 12 महिला उद्यमियों को विजेताओं के रूप में चुना गया, जबकि 2 महिला उद्यमियों को जूरी च्वाइस पुरस्कार विजेता घोषित किया गया और एक महिला उद्यमी को विशेष उल्लेख के रूप में सम्मानित किया गया।
  • प्रत्येक विजेता और जूरी च्वाइस पुरस्कार विजेताओं को 2 लाख रुपये प्रदान किए गए।
  • महिला उद्यमियों को प्रोत्साहन देते हुए, 33 महिलाओं को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय -नैस्कॉम ‘टेक महिला उद्यमी प्रेरक कार्यक्रम’ (Tech Women Entrepreneur Accelerator Program) के लिए भी चुना गया है ताकि उन्हें लाभदायक और वैश्विक व्यवसाय तैयार करने के लिए आवश्यक नेटवर्क, कनेक्ट, सीखने और संसाधनों तक पहुंच प्रदान की जा सके।

लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार 2021


पुणे स्थित वैक्सीन निर्माता सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) के अध्यक्ष डॉ. साइरस पूनावाला को 2021 के लिए प्रतिष्ठित लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

  • पूनावाला को कोविड-19 महामारी के दौरान कोविशील्ड वैक्सीन का निर्माण करके कई लोगों की जान बचाने में मदद करने के लिए सम्मानित किया गया।
  • इस पुरस्कार में एक लाख रुपये का नकद पुरस्कार और एक स्मृति चिन्ह शामिल है।
  • यह पुरस्कार 1983 में शुरू किया गया था। यह पुरस्कार प्रतिवर्ष लोकमान्य तिलक की पुण्यतिथि 1 अगस्त को लोकमान्य तिलक ट्रस्ट द्वारा दिया जाता है।
  • समाजवादी नेता एसएम जोशी, पूर्व प्रधानमंत्रियों इंदिरा गांधी, डॉ मनमोहन सिंह, अटल बिहारी वाजपेयी, पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और इंफोसिस के संस्थापक एन आर नारायण मूर्ति को इस पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।

एमके भान फैलोशिप-यंग रिसर्चर फेलोशिप कार्यक्रम 2020-21


भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के जैव प्रौद्योगिकी विभाग (DBT) ने 5 अगस्त, 2021 को पहले ‘एमके भान फेलोशिप- यंग रिसर्चर फेलोशिप कार्यक्रम 2020-21’ (MK Bhan Fellowship-Young Researcher Fellowship Programme 2020-21) के परिणामों की घोषणा की।

  • यह फेलोशिप प्रोग्राम प्रसिद्ध वैज्ञानिक और DBT के पूर्व सचिव दिवंगत एमके भान के सम्मान में स्थापित किया गया है।
  • फेलोशिप कार्यक्रम की स्थापना 35 वर्ष से कम आयु के प्रतिभाशाली युवा शोधकर्ताओं को पीएचडी के बाद जीवन विज्ञान/जैव प्रौद्योगिकी/संबद्ध क्षेत्रों में देश में अपना शोध जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से की है।
  • यह योजना युवा पोस्ट-डॉक्टरल शोध छात्रों को 3 साल के लिए एक स्वतंत्र शोध अनुदान प्रदान करती है।
  • इस फेलोशिप के तहत 75,000 रुपये का मासिक परिलाभ दिया जाता है।

गोल्डमैन पर्यावरण पुरस्कार 2021


जून 2021 में विश्वभर के 6 पर्यावरणविदों को ‘गोल्डमैन पर्यावरण पुरस्कार 2021’ (Goldman Environmental Prize 2021) प्रदान किए जाने की घोषणा की गई।

पुरस्कार विजेता-

  1. ग्लोरिया माजिगा- कामोटो (Gloria Majiga- Kanoto), मलावी/अफ्रीका।
  2. थाई वैन न्गुयेन (Thai Van Nguyen), वियतनाम/एशिया।
  3. किमिको हिराता, जापान/द्वीप एवं द्वीपीय राष्ट्र।
  4. मैयदा बिलाल, बोस्निया एवं हर्जेगोविना/यूरोप।
  5. शेरॉन लाविग्ने, यूएसए/उत्तरी अमेरिका।
  6. लिज चिगाजे चुरे (Liz Chicaje Churay), पेरू/दक्षिण एवं मध्य अमेरिका।
  • यह पुरस्कार दुनिया के 6 महाद्वीपीय क्षेत्रों- अफ्रीका‚ एशिया‚ यूरोप‚ द्वीप एवं द्वीपीय राष्ट्रों‚ उत्तरी अमेरिका, तथा दक्षिणी एवं मध्य अमेरिका में पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्तियों को दिया जाता है।
  • इस वार्षिक पुरस्कार को 1989 में रिचर्ड और रोडा गोल्डमैन द्वारा स्थापित किया गया था। इस पुरस्कारको ‘ग्रीन नोबेल पुरस्कार’ के नाम से भी जाना जाता है।
  • यह पुरस्कार गोल्डमैन पर्यावरण फाउंडेशन द्वारा प्रदान किया जाता है।
  • भारत से प्रफुल्ल सामंतारा (वर्ष 2017), रमेश अग्रवाल (2014) राशिदा बी एवं चंपा देवी शुक्ला (2004), एमसी मेहता (1996), मेधा पाटकर (1992) गोल्डमैन पर्यावरण पुरस्कार के प्राप्तकर्ता रह चुके हैं।

फुकुओका पुरस्कार 2021


28 जून‚ 2021 को प्रख्यात भारतीय पत्रकार पी. साईनाथ को जापान के प्रतिष्ठित 'फुकुओका पुरस्कार 2021' (Fukuoka Prize 2021) के तीन प्राप्तकर्ताओं में से एक के रूप में चुना गया है।

  • साईनाथ को फुकुओका पुरस्कार का 'ग्रैंड पुरस्कार' (Grand Prize) दिया जाएगा, जबकि 'शैक्षणिक पुरस्कार' (Academic Prize) जापान के प्रो. किशिमोतो मियो (इतिहास) और 'कला और संस्कृति का पुरस्कार' (Prize for Arts and Culture) थाईलैंड के फिल्म निर्माता प्रब्डा यून को दिया जाएगा।
  • फुकुओका पुरस्कार प्रतिवर्ष विशिष्ट लोगों को एशियाई संस्कृतियों को बढ़ावा देने और जागरूकता बढ़ाने के लिए दिया जाता है।
  • फुकुओका पुरस्कार 1990 में स्थापित किया गया था।
  • 'ग्रैंड पुरस्कार' इससे पहले बांग्लादेश के मुहम्मद यूनुस, इतिहासकार रोमिला थापर और सरोद वादक अमजद अली खान को प्रदान किया जा चुका है। पी. साईनाथ से पहले फुकुओका पुरस्कार 11 भारतीयों को मिल चुका है।

74वें कान फिल्म महोत्सव पुरस्कार


17 जुलाई, 2021 को ग्रैंड थिएटर लुमियर, फ्रांस में समापन समारोह में ‘74वें कान फिल्म महोत्सव पुरस्कार’ प्रदान किए गए।

  • ‘टाइटन’ (Titane) फिल्म की फ्रांसीसी निर्देशक जूलिया डुकोर्नौ (Julia Ducournau) पिछले 28 वर्षों में कान्स फिल्म फेस्टिवल में ‘पाल्मे डी’ओर’ (Palme d’or) जीतने वाली पहली महिला निर्देशक बनीं।
  • न्यूजीलैंड की जेन कैंपियन वर्ष 1993 में ‘द पियानो’ के लिए पाल्मे डी’ओर जीतने वाली पहली महिला थीं।
  • 'ग्रांड प्रिक्स' (Grand Prix) जिसे उत्सव का उपविजेता पुरस्कार माना जाता है, को दो फिल्मों- ईरान के असगर फरहादी की ‘ए हीरो’ और फिनलैंड के निर्देशक जुहो कुओसमैनन की ‘कम्पार्टमेंट नंबर 6’ द्वारा साझा किया गया था।
  • पॉप-ओपेरा म्यूजिकल ‘एनेट’ (Annette) के लिए लेओस कैरैक्स (Leos Carax) ने सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का पुरस्कार जीता।
  • कालेब लैंड्री जोन्स ने ‘निट्राम’ में अपने मुख्य प्रदर्शन के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार जीता।
  • नॉर्वे की रेनेट रीन्सवे (Renate Reinsve) ने ‘द वर्स्ट पर्सन इन द वर्ल्ड’ में अपने प्रदर्शन के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार जीता।

कान्स फिल्म समारोह: यह एक वार्षिक फिल्म समारोह है जो कान्स, फ्रांस में आयोजित किया जाता है। इस उत्सव में दुनिया भर से डाक्यूमेंट्री सहित सभी शैलियों की नई फिल्मों की झलकियां (previews) प्रस्तुत की जाती है। इस उत्सव की स्थापना वर्ष 1946 में हुई थी।

अलेक्जेंडर डेलरिम्पल पुरस्कार 2019


भारत सरकार के मुख्य जल-सर्वेक्षक (Chief Hydrographer) वाइस एडमिरल विनय बधवार ने 23 जुलाई, 2021 को नई दिल्ली में ब्रिटिश उच्चायुक्त एलेक्स एलिस से अलेक्जेंडर डेलरिम्पल पुरस्कार 2019 (Alexander Dalrymple award 2019) प्राप्त किया।

  • वाइस एडमिरल विनय बधवार को न केवल भारत सरकार के मुख्य जल-सर्वेक्षक के रूप में बल्कि पूरे हिंद महासागर क्षेत्र में हाइड्रोग्राफी और समुद्री मानचित्रकारी (nautical cartography) के विषयों में उनके अद्वितीय समर्पण, व्यावसायिक कुशलता और नेतृत्व को मान्यता प्रदान करने के लिए अलेक्जेंडर डेलरिम्पल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
  • अलेक्जेंडर डेलरिम्पल पुरस्कार का नाम ब्रिटिश एडमिरल्टी के पहले हाइड्रोग्राफर अलेक्जेंडर डेलरिम्पल के नाम पर रखा गया है और इसे 2006 में स्थापित किया गया था।

राष्ट्रीय लॉजिस्टिक उत्कृष्टता पुरस्कार


लॉजिस्टिक क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करने के उद्देश्य से, केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय ने 19 जुलाई, 2021 को 'राष्ट्रीय लॉजिस्टिक उत्कृष्टता पुरस्कार' (National Logistics Excellence Award) शुरू करने की घोषणा की है।

  • पुरस्कार की दो श्रेणियां हैं, पहले समूह में लॉजिस्टिक इन्फ्रास्ट्रक्चर/ सेवा प्रदाता शामिल हैं और दूसरी विभिन्न उपयोगकर्ता उद्योगों के लिए है।
  • इन पुरस्कारों में प्रक्रिया मानकीकरण, तकनीक सुधार, डिजिटल बदलावों और टिकाऊ प्रक्रियाओं सहित सर्वश्रेष्ठ प्रक्रियाओं पर जोर दिया जाएगा। विजेताओं का ऐलान 31 अक्टूबर, 2021 को किया जाएगा।
  • भारतीय लॉजिस्टिक क्षेत्र 2020 में लगभग 215 बिलियन डॉलर तक पहुंचने के साथ 10.5% चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) से बढ़ रहा है।

कौशिक बसु को अर्थशास्त्र के लिए हम्बोल्ट रिसर्च अवॉर्ड 2021


भारतीय अर्थशास्त्री और कॉर्नेल विश्वविद्यालय में प्रोफेसर कौशिक बसु को ‘अर्थशास्त्र के लिए हम्बोल्ट रिसर्च अवॉर्ड 2021’ (Humboldt Research Award for Economics for 2021) से सम्मानित किया गया है।

  • उन्हें जर्मनी के हैम्बर्ग में बुकेरियस लॉ स्कूल के प्रोफेसर डॉ हंस-बर्न्ड शेफर द्वारा हम्बोल्ट रिसर्च अवॉर्ड के लिए नामांकित किया गया था।
  • जर्मनी स्थित अलेक्जेंडर वॉन हंबोल्ट फाउंडेशन द्वारा प्रायोजित, हम्बोल्ट रिसर्च अवॉर्ड किसी व्यक्ति के संपूर्ण करियर में उत्कृष्टता को मान्यता देता है और अनुसंधान सहयोग के अवसर प्रदान करता है।
  • बसु ने कानून और अर्थशास्त्र के साथ-साथ 'नैतिक दर्शन' (moral philosophy) और गेम थ्योरी (game theory) पर शोध करने हेतु इस अवॉर्ड का उपयोग करने का फैसला किया है।
  • लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से स्नातक बसु ने 2012-2016 तक विश्व बैंक में सीनियर वाइस प्रेजीडेंट और मुख्य अर्थशास्त्री के रूप में कार्य किया। वे 2009 से 2012 तक तीन वर्षों के लिए भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार का पद भी संभाल चुके हैं।
  • बसु को इससे पहले भारत के तीसरे सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था।

सामाजिक विज्ञान के लिए प्रिंसेस ऑफ ऑस्टुरियस अवॉर्ड 2021


26 मई‚ 2021 को भारतीय मूल के प्रसिद्ध अर्थशास्त्री एवं नोबेल पुरस्कार विजेता प्रो. अमर्त्य सेन को स्पेन के प्रतिष्ठित ‘सामाजिक विज्ञान के लिए प्रिंसेस ऑफ ऑस्टुरियस अवॉर्ड 2021’ (Princess of Asturians Award for social Science 2021) प्रदान किए जाने की घोषणा की गई।

  • उन्हें अकाल पर उनके शोध और मानव विकास के उनके सिद्धांत, कल्याणकारी अर्थशास्त्र और गरीबी के बुनियादी तंत्र तथा अन्याय, असमानता, बीमारी और अज्ञानता के खिलाफ लड़ाई में योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
  • यह पुरस्कार ऑस्टुरियस प्रिंसेस फाउंडेशन द्वारा प्रतिवर्ष दिया जाने वाला कला‚ साहित्य, संचार और खेल सहित 8 पुरस्कारों में से एक है।
  • यह पुरस्कार स्पेनिश क्राउन प्रिंसेस लियोनोर के नाम पर रखा गया है, इस पुरस्कार के तहत 50,000 यूरो की राशि, एक डिप्लोमा, एक प्रतीक चिन्ह प्रदान किया जाता है।
  • प्रो. अमर्त्य सेन को 1998 में अर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

पुलित्जर पुरस्कार 2021


अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टिंग 'बजफीड न्यूज' (BuzzFeed News) की भारतीय मूल की पत्रकार मेघा राजगोपालन को अन्य दो योगदानकर्ताओं के साथ 11 जून, 2021 को नवीन खोजी रिपोर्टों के लिए पुलित्जर पुरस्कार 2021 से सम्मानित किया गया है।

  • मेघा ने अशांत शिनजियांग क्षेत्र में सैकड़ों हजारों मुसलमानों को हिरासत में लेने के लिए चीन द्वारा गुप्त रूप से बनाए गए जेलों और सामूहिक नजरबंदी शिविरों के एक विशाल बुनियादी ढांचे को उजागर किया।
  • 'टैम्पा बे टाइम्स' के भारतीय मूल के पत्रकार नील बेदी ने स्थानीय रिपोर्टिंग के लिए पुलित्जर पुरस्कार जीता। बेदी को कैथलीन मैक्ग्रोरी के साथ एक सीरीज के लिए पुरस्कार से सम्मानित किया गया है, इसमें अधिकारियों की उस पहल को उजागर किया गया है, जिसमें भविष्य के अपराध संदिग्ध लोगों की पहचान करने के लिए कंप्यूटर मॉडलिंग का उपयोग किया गया था।

पुलित्जर पुरस्कार: पुलित्जर पुरस्कार संयुक्त राज्य अमेरिका के भीतर समाचार पत्र, पत्रिका और ऑनलाइन पत्रकारिता, साहित्य और संगीत रचना में उपलब्धियों के लिए एक पुरस्कार है। इसकी स्थापना 1917 में जोसेफ पुलित्जर की वसीयत के प्रावधानों के द्वारा की गई थी।

  • पुलित्जर पुरस्कार प्रतिवर्ष इक्कीस श्रेणियों में प्रदान किए जाते हैं। बीस श्रेणियों में, प्रत्येक विजेता को एक प्रमाण पत्र और 15,000 डॉलर नकद पुरस्कार प्रदान किया जाता है। सार्वजनिक सेवा श्रेणी में विजेता को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया जाता है।

लैंड फॉर लाइफ अवॉर्ड 2021


16 जून‚ 2021 को यूएनसीसीडी (UN Convention to Combat Desertification- UNCCD) द्वारा ‘लैंड फॉर लाइफ अवॉर्ड 2021 (Land for life award 2021) की घोषणा की गई।

  • इस वर्ष यह पुरस्कार भारत के राजस्थान राज्य के पर्यावरण संरक्षण संगठन ‘फैमिलियल फॉरेस्ट्री’ (Familial forestry) को प्रदान किया गया है। फैमिलियल फॉरेस्ट्री‚ राजस्थान के बीकानेर के प्रोफेसर श्याम सुंदर ज्याणी द्वारा शुरू किया गया पर्यावरण संरक्षण अभियान है।
  • फैमिलियल फॉरेस्ट्री या पारिवारिक वानिकी का अर्थ है परिवार में पेड़ और पर्यावरण की देखभाल को स्थानांतरित करना ताकि एक पेड़ परिवार की चेतना का हिस्सा बन जाए। यह अभियान वर्ष 2003 में शुरू हुआ था।
  • लैंड फॉर लाइफ अवॉर्ड भूमि संरक्षण की दिशा में किए गए प्रयासों के तहत उत्कृष्टता तथा नवाचार को मान्यता प्रदान करता है। इसे वर्ष 2011 में यूएनसीसीडी कॉप-10 में कोरिया गणराज्य में ‘चांगवोन पहल’ (Changwon Initiative) के हिस्से के रूप में लांच किया गया था।

अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार 2021


2 जून, 2021 को फ्रांस के उपन्यासकार डेविड डिओप को ‘अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार 2021’ (International Booker Prize 2021) से सम्मानित किया गया है।

  • वह यह पुरस्कार जीतने वाले फ्रांस के पहले लेखक हैं। उन्हें यह पुरस्कार उनकी अंग्रेजी में अनुवादित पुस्तक ‘एट नाइट ऑल ब्लड इज ब्लैक’ (At Night All Blood is Black) के लिए दिया गया है।
  • वे पुरस्कार की 50,000 पाउंड की राशि को अनुवादक अन्ना मोस्कोवाकिस (Anna Moschovakis) के साथ साझा करेंगे।
  • यह पुरस्कार प्रतिवर्ष किसी भी भाषा के काल्पनिक कथा उपन्यास को दिया जाता है, जिसका अनुवाद अंग्रेजी में हुआ हो और प्रकाशन ब्रिटेन अथवा आयरलैंड में हुआ हो।
  • वर्ष 2020 में यह पुरस्कार नीदरलैंड्स की लेखिका ‘मारिके लुकास रिजनेवेल्ड’ को उनके उपन्यास 'द डिस्कम्फर्ट ऑफ इवनिंग' (The Discomfort of Evening) के लिए प्रदान किया गया था।

जीके फैक्ट: अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार, जिसे पहले मैन बुकर अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार के रूप में जाना जाता था, 2005 से प्रदान किया जाता है, जब इसे अल्बानियाई लेखक इस्माइल कदरे ने जीता था।

भारतीय अमेरिकी रसायनशास्त्री सुमिता मित्रा को प्रतिष्ठित यूरोपियन इन्वेंटर अवॉर्ड 2021


भारतीय अमेरिकी रसायनशास्त्री सुमिता मित्रा को प्रतिष्ठित यूरोपियन इन्वेंटर अवॉर्ड 2021 (European Inventor Award 2021) से सम्मानित किया गया है।

  • उन्हें 'गैर-यूरोपीय पेटेंट कार्यालय देशों' की श्रेणी में सम्मानित किया गया है।
  • सुमिता मित्रा ने दांतों में मजबूत और अधिक सौंदर्यपूर्ण रूप से मनभावन भरावट (aesthetically pleasing fillings) करने के लिए पहली बार नैनो तकनीक को दंत सामग्री में सफलतापूर्वक एकीकृत किया है।
  • यह पुरस्कार, यूरोप के सबसे प्रतिष्ठित नवोन्मेष पुरस्कारों में से एक है, जो यूरोप और उसके बाहर के उत्कृष्ट अन्वेषकों को मान्यता देने के लिए यूरोपीय पेटेंट कार्यालय (European Patent Office-EPO) द्वारा प्रतिवर्ष प्रस्तुत किया जाता है।
  • पांच श्रेणियों - उद्योग, अनुसंधान, छोटे और मध्यम आकार के उद्यमों, गैर-यूरोपीय पेटेंट कार्यालय देशों और लाइफटाइम उपलब्धि में फाइनलिस्ट और विजेताओं का चयन किया गया था।
  • यूरोपियन इन्वेंटर अवॉर्ड वर्ष 2006 में यूरोपीय पेटेंट कार्यालय द्वारा शुरू किया गया था।

आईजीएसटीसी औद्योगिक फेलोशिप कार्यक्रम


14 जून 2021 को इंडो-जर्मन विज्ञान और प्रौद्योगिकी केंद्र (IGSTC) के 11वें स्थापना दिवस के अवसर पर भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा 'आईजीएसटीसी औद्योगिक फेलोशिप कार्यक्रम’ (IGSTC Industrial Fellowship programme) की शुरुआत की गई।

उद्देश्य: युवा भारतीय शोधकर्ताओं को अनुप्रयुक्त अनुसंधान के लिए प्रेरित करना और उन्नत जर्मन औद्योगिक वातावरण में प्रदर्शन/अनुभव के माध्यम से नवाचार व प्रौद्योगिकी विकास को बढ़ावा देने की क्षमता का निर्माण करना।

  • IGSTC की स्थापना भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) और जर्मनी सरकार के संघीय शिक्षा और अनुसंधान मंत्रालय (BMBF) द्वारा उद्योग की भागीदारी, अनुप्रयुक्त अनुसंधान और प्रौद्योगिकी विकास पर जोर देने के साथ भारत-जर्मन अनुसंधान एवं विकास नेटवर्किंग की सुविधा के लिए की गई थी।
  • ‘आईजीएसटीसी औद्योगिक फेलोशिप’ जर्मन उद्योगों और औद्योगिक अनुसंधान एवं विकास संस्थानों में औद्योगिक प्रदर्शन के लिए विज्ञान और इंजीनियरिंग में युवा भारतीय पीएचडी छात्रों और पोस्ट-डॉक्टरेट शोधकर्ताओं की सहायता करेगी।

पीएचडी औद्योगिक प्रदर्शन/अनुभव फेलोशिप: 28 वर्ष तक की आयु सीमा के साथ युवा शोधकर्ता, जिन्होंने भारत से विज्ञान/इंजीनियरिंग में पीएचडी पाठ्यक्रम का एक वर्ष पूरा कर लिया है, पात्र हैं।

  • फेलोशिप की अवधि छ: माह तक है। 1500 यूरो प्रति माह सहायता।

पोस्ट डॉक्टरल इंडस्ट्रियल फेलोशिप: 35 वर्ष की आयु सीमा के साथ विज्ञान / इंजीनियरिंग में नए पीएचडी (और भारतीय संस्थानों / विश्वविद्यालयों से पीएचडी पूरा होने के 2 साल के भीतर) पात्र हैं।

  • फेलोशिप की अवधि 12 माह तक है। 2500 यूरो प्रति माह सहायता।

झलक पुरस्कार 2021


युगांडा की लेखिका ‘जेनिफर नानसुबुगा मकुंबी’ को उनके उपन्यास 'द फर्स्ट वुमन' (The First Woman) और ब्रिटिश लेखिका ‘पैट्रिस लॉरेंस’ को उनके युवा वयस्क कथा साहित्य 'एट पीसेज ऑफ सिल्वा' (Eight Pieces of Silva) के लिए 'झलक पुरस्कार 2021' प्रदान किया गया है।

  • 2020 में प्रकाशित ‘द फर्स्ट वूमन’ युगांडा के एक गांव में पली-बढ़ी एक युवा लड़की किराबो पर केंद्रित है।
  • झलक पुरस्कार लेखक निकेश शुक्ला, सनी सिंह और मीडिया डायवर्सिफाइड द्वारा स्थापित किया गया है। यह पहली बार 2017 में दिया गया था।
  • झलक पुरस्कार ब्रिटिश या ब्रिटेन-निवासी अश्वेत, एशियाई और अल्पसंख्यक जाति के लेखकों को दिया जाने वाला एक वार्षिक साहित्यिक पुरस्कार है। इसमें 1,000 पाउंड की पुरस्कार राशि प्रदान की जाती है।

डबलिन साहित्य पुरस्कार 2021


मैक्सिको की लेखिका ‘वेलेरिया लुसेली’ ने अपने काल्पनिक उपन्यास 'लॉस्ट चिल्ड्रन आर्काइव' (Lost Children Archive) के लिए डबलिन साहित्य पुरस्कार 2021 जीता है।

  • यह काल्पनिक उपन्यास मैक्सिकन-अमेरिकी सीमा पर बच्चों को उनके माता-पिता से दूर रखने की अमेरिकी नीति से प्रेरित था। इसने 2020 में राथबोन्स फोलियो पुरस्कार (Rathbones Folio prize) भी जीता था।
  • 1994 में स्थापित, अंतरराष्ट्रीय डबलिन साहित्य पुरस्कार को 100,000 यूरो की पुरस्कार राशि के साथ साहित्य के लिए दुनिया के सबसे अधिक राशि वाले पुरस्कारों में से एक माना जाता है। यह पुरस्कार अंग्रेजी में लिखित या अनुवादित उपन्यास को दिया जाता है।
  • पुरस्कार नामांकन दुनिया भर के सार्वजनिक पुस्तकालयों द्वारा किए जाते हैं और लेखक और अनुवादक दोनों पुरस्कार के लिए पात्र हैं।

अंतरराष्ट्रीय एनी पुरस्कार 2020


भारत रत्न प्रोफेसर सी.एन.आर. राव को ‘’अक्षय ऊर्जा स्रोतों और ऊर्जा भंडारण में अनुसंधान’’ के लिए ‘अंतरराष्ट्रीय एनी पुरस्कार2020’ (International Eni Award 2020) से सम्मनित किया गया है।

  • इस पुरस्कार को ‘एनर्जी फ्रंटियर पुरस्कार’ (Energy Frontier award) भी कहा जाता है।
  • उन्हें एनर्जी फ्रंटियर्स पुरस्कार धातु ऑक्साइड (metal oxides), कार्बन नैनोट्यूब, अन्य सामग्रियों और द्वि-आयामी प्रणालियों (two-dimensional systems) पर उनके काम के लिए प्रदान किया गया है, जिसमें ऊर्जा अनुप्रयोगों और हरित हाइड्रोजन उत्पादन के लिए ग्रेफीन, बोरॉन-नाइट्रोजन-कार्बन हाइब्रिड सामग्री, और मोलिब्डेनम सल्फाइड (MoS2) शामिल हैं।
  • एनी अवार्ड्स 2020 रोम के क्विरिनल पैलेस में 14 अक्टूबर, 2021 को आयोजित एक आधिकारिक समारोह के दौरान प्रदान किया जाएगा।
  • ऊर्जा और पर्यावरण अनुसंधान के क्षेत्र में वर्षों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त इस पुरस्कार का उद्देश्य ऊर्जा स्रोतों के बेहतर उपयोग को बढ़ावा देना और शोधकर्ताओं की नई पीढ़ियों को उनके काम के लिए प्रोत्साहित करना है।
  • इस पुरस्कार में नगद राशि और विशेष रूप से ढाला गया स्वर्ण पदक शामिल है। इसे ‘ऊर्जा अनुसंधान क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार’ माना जाता है। सी. एन. आर राव का पूरा नाम ‘चिंतामणि नागेश रामचंद्र राव’ है।

मिस यूनिवर्स 2020


16 मई‚ 2021 को मैक्सिको की एंड्रिया मेजा (Andrea Meza) ने वर्ष 2020 का मिस यूनिवर्स का खिताब जीता।

  • मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता का 69वां संस्करण फ्लोरिडा (यूएसए) में संपन्न हुआ। इसमें विभिन्न देशों की 74 प्रतियोगियों ने भाग लिया था।
  • वर्ष 2019 की मिस यूनिवर्स दक्षिण अफ्रीका की जोजिबिनी टूंजी ने एंड्रिया मेजा को मिस यूनिवर्स 2020 का ताज पहनाया।
  • इस प्रतियोगिता की प्रथम उपविजेता (Ist Runner UP) ब्राजील की जूलिया गामा‚ द्वितीय उपविजेता पेरू की जेनिक मैकेटा (Janick Maceta) रहीं।
  • प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली एडलिन कास्टेलिनो (Adline Castelino) तृतीय उपविजेता (IIIrd Runner UP) रहीं।
  • एडलिन को फरवरी 2020 में मिस दिवा यूनिवर्स 2020 का ताज पहनाया गया। 'मिस दिवा' फेमिना मिस इंडिया पेजेंट का एक हिस्सा है, जो मुख्य रूप से मिस यूनिवर्स के लिए भारत के प्रतिनिधियों का चयन करती है।

व्हिटली पुरस्कार 2021


12 मई‚ 2021 को नागालैंड के प्रसिद्ध पर्यावरणविद् नुक्लू फोम (Nuklu Phom) समेत 6 व्यक्तियों को ‘व्हिटली पुरस्कार 2021’ (Whitley Award 2021) प्रदान किए जाने की घोषणा की गई।

  • नुक्लू फोम ‘जैव विविधता शांति गलियारे’ (Biodiversity Peace Corridors) बना रहे हैं। वे अमूर फाल्कन के संरक्षण के लिए समुदायिक स्वामित्व वाले वनों का एक नया नेटवर्क भी तैयार कर रहे हैं।
  • वह यह पुरस्कार पाने वाले एकमात्र भारतीय हैं।
  • वर्ष 2021 का ‘व्हिटली गोल्ड पुरस्कार’ केन्या के पाऊला कहम्बु (Paula Kahumbu) को प्रदान किया गया।
  • ब्रिटश संस्था व्हिटली फंड फॉर नेचर (Whitley Fund for Nature) द्वारा प्रतिवर्ष व्हिटली पुरस्कार प्रदान किया जाता है। इसे जमीनी स्तर के संरक्षण नेताओं को सम्मानित करने के लिए प्रस्तुत किया जाता है।
  • व्हिटली पुरस्कार को ‘ग्रीन ऑस्कर’ (Green Oscar) के नाम से भी जाना जाता है। विजेताओं को 40,000 पाउंड पुरस्कार राशि प्रदान की जाती है।
  • व्हिटली पुरस्कार की स्थापना 1993 में एडवर्ड व्हिटली द्वारा की गई थी, 1994 में पहली बार यह पुरस्कार दिया गया।

विश्व खाद्य पुरस्कार 2021


11 मई, 2021 को भारतीय मूल की अग्रणी पोषण विशेषज्ञ डॉ. शकुंतला हरकसिंह थिलस्टेड (Dr. Shakuntala Haraksingh Thilsted) को ‘विश्व खाद्य पुरस्कार 2021’ (World Food Prize 2021) से सम्मानित किया गया है।

  • उन्हें दुनिया भर में लाखों लोगों के लिए पोषण, स्वास्थ्य और आजीविका में सुधार करने के लिए मछली आधारित खाद्य प्रणालियों के क्षेत्र में उनकी उपलब्धियों के लिए यह पुरस्कार दिया गया है।
  • डॉ. शंकुतला ने समुद्री भोजन और खाद्य तंत्र के लिए समग्र और पोषण के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण विकसित करने में अनुसंधान को बढ़ावा दिया है।
  • डॉ शकुंतला द्वारा बांग्लादेश की छोटी मछली की प्रजातियों पर किये गए शोध की मदद से एशिया एवं अफ्रीका में रहने वाले लाखों गरीब लोगों को बेहद पोषक आहार मिल सकेगा।
  • डॉ. शंकुतला अंतरराष्ट्रीय कृषि अनुसंधान केंद्र कंसोर्टियम (CGIAR) के अनुसंधान केंद्र ‘वर्ल्डफिश’ (WorldFish) में पोषण और सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए वैश्विक नेतृत्वकर्ता हैं, जिसका मुख्यालय पेनांग, मलेशिया में स्थित है।
  • डॉ. शंकुतला त्रिनिदाद और टोबैगो की मूल निवासी हैं और डेनमार्क की नागरिक हैं, इनका जन्म 1949 में कैरेबियन द्वीप त्रिनिदाद के छोटे से गाँव रिफॉर्म (Reform) में हुआ था। उनके परिवार सहित अधिकांश निवासी भारतीय हिंदू प्रवासियों के वंशज थे।

विश्व खाद्य पुरस्कार: यह पुरस्कार उन व्यक्तियों की उपलब्धियों के लिए दिया जाने वाला एक अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार है, जिन्होंने दुनिया में भोजन की गुणवत्ता, मात्रा या उपलब्धता में सुधार करके मानव विकास में योगदान दिया है।

  • ‘वर्ल्ड फूड प्राइज फाउंडेशन’ द्वारा प्रदान किये जाने वाले इस पुरस्कार में 250,000 डॉलर की राशि प्रदान की जाती है। इस पुरस्कार को 'खाद्य और कृषि का नोबेल पुरस्कार' भी कहा जाता है।
  • एम.एस स्वामीनाथन को भारत में उच्च उपज वाले गेहूं और चावल की किस्मों को पेश करने और विकसित करने के लिए 1987 में पहले विश्व खाद्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

इंटरनेशनल रेंजर अवार्ड 2021


तमिलनाडु में रामनाथपुरम वन रेंज अधिकारी सुंदरम सतीश को मन्नार मरीन नेशनल पार्क की खाड़ी में उनके कार्यों के लिए अप्रैल 2021 में 'इंटरनेशनल रेंजर अवार्ड 2021' (International Ranger Award 2021) से सम्मानित किया गया।

  • राजाजी टाइगर रिजर्व, उत्तराखंड के वन रेंजर महेंद्र गिरि को भी यह पुरस्कार दिया गया। गिरि को राजाजी और उसके आसपास मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने में उनके प्रयासों के लिए पुरस्कार दिया गया।
  • प्रकृति के संरक्षण के लिए अंतरराष्ट्रीय संघ, संरक्षित क्षेत्रों पर विश्व आयोग; अंतरराष्ट्रीय रेंजर फेडरेशन; और वैश्विक वन्यजीव संरक्षण और संरक्षण सहयोगी ने संयुक्त रूप से दुनिया भर में 10 सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले वन रेंजरों को पुरस्कार प्रदान किये।
  • अन्य आठ वन रेंजरों को कंबोडिया, म्यांमार, रूस, जॉर्जिया, जाम्बिया, मेडागास्कर, आइवरी कोस्ट और कोलंबिया से चुना गया था।

74वें बाफ्टा पुरस्कार


ब्रिटिश एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन आर्ट्स (British Academy of Film and Television Arts- BAFTA) ने 10-11 अप्रैल, 2021 को ‘74वें ब्रिटिश एकेडमी फिल्म (बाफ्टा) पुरस्कार 2021’ (74th edition of BAFTA Award 2021) की घोषणा की।

  • नोमैडलैंड ने 4 पुरस्कार जीते। भारत की नेटफ्लिक्स फिल्म, 'द व्हाइट टाइगर' को दो श्रेणियों 'सर्वश्रेष्ठ अभिनेता' और ‘सर्वश्रेष्ठ अनुकूलित पटकथा’ के फिल्म पुरस्कारों के लिए नामांकित किया गया था, लेकिन यह पुरस्कार जीतने में विफल रही।

विजेताओं की सूची-

  • सर्वश्रेष्ठ फिल्म: नोमैडलैंड
  • सर्वश्रेष्ठ निर्देशक: क्लो झाओ (नोमैडलैंड)
  • सर्वश्रेष्ठ अभिनेता: एंथनी हॉपकिंस (द फादर)
  • सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री: फ्रांसेस मैकडरमंड (नोमैडलैंड)
  • सहायक भूमिका में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता: डेनियल कालूया (जुडास एंड द ब्लैक मसीहा)
  • सहायक भूमिका में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री: यूं युह-जंग (मीनारी)
  • बेस्ट ओरिजिनल स्क्रीनप्ले: प्रॉमिसिंग यंग वुमन (एमरल्ड फेनेल)
  • सर्वश्रेष्ठ अनुकूलित स्क्रीनप्ले: द फादर (क्रिस्टोफर हैम्पटन और फ्लोरियन ज़ेलर)
  • सर्वश्रेष्ठ लघु एनिमेशन: द आउल एंड द पुसीकैट (मोल हिल और लॉरा डनकाफ)
  • सर्वश्रेष्ठ लघु फिल्म: द प्रेजेंट (फराह नबुलसी)
  • सर्वश्रेष्ठ एनिमेटेड फिल्म: सोल (पीट डोक्टर और दाना मुर्रे)
  • सर्वश्रेष्ठ वृत्तचित्र: माई ऑक्टोपस टीचर (पिप्पा एर्लिच, जेम्स रीड और क्रेग फोस्टर)
  • अंग्रेजी भाषा से इतर सर्वश्रेष्ठ फिल्म: अनदर राउंड
  • सर्वश्रेष्ठ कास्टिंग: रॉक्स (लुसी पारडी)
  • सर्वश्रेष्ठ छायांकन: नोमैडलैंड (जोशुआ जेम्स रिचर्ड्स)
  • सर्वश्रेष्ठ कॉस्ट्यूम डिजाइन: मा राइनीज ब्लैक बॉटम (एन रोथ)
  • सर्वश्रेष्ठ संपादन: साउंड ऑफ मेटल (मिकेल ई.जी. नीलसन)

नेल्सन मंडेला विश्व मानवतावादी पुरस्कार 2021


हैदराबाद की सॉफ्टवेयर-इंजीनियर से सामाजिक उद्यमी बनी, रुमाना सिन्हा सहगल को अप्रैल 2021 में 'डिप्लोमैटिक मिशन ग्लोबल पीस' (Diplomatic Mission Global Peace) द्वारा प्रतिष्ठित 'नेल्सन मंडेला विश्व मानवतावादी पुरस्कार 2021' से सम्मानित किया गया है।

  • उन्हें विभिन्न सामग्रियों के पुनर्चक्रण और गैर-बायोडिग्रेडेबल (non-biodegradable) सामग्रियों के रचनात्मक उपयोग से नवीन और कार्यात्मक हरित उत्पादों को विकसित करने के उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया है।
  • वे बिजनेस मिंट द्वारा 'सामाजिक उद्यमिता के लिए अंडर-50 बिजनेस लीडर राष्ट्रव्यापी पुरस्कार 2021' की प्राप्तकर्ता भी हैं। उन्होंने जनवरी 2021 में इन्फ्लुएंसर शिखर सम्मेलन में 'इंटरनेशनल इन्फ्लुएंसर ऑफ द इयर 2021' पुरस्कार भी प्राप्त किया।
  • उन्होंने महिला और बाल सशक्तिकरण के क्षेत्र में अपने काम के लिए रेक्स कर्मवीर चक्र (रजत) और ग्लोबल फेलोशिप पुरस्कार 2019 भी जीता है। उन्हें 'मिसेज यूनिवर्स सक्सेसफुल 2018' (Mrs Universe Successful 2018) का ताज भी पहनाया गया था।

93वें ऑस्कर पुरस्कार


25 अप्रैल, 2021 को लॉस एंजिल्स में 93वें अकादमी पुरस्कार (ऑस्कर पुरस्कार) के समारोह का आयोजन किया गया।

  • यह पुरस्कार अकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेज (AMPAS) द्वारा प्रतिवर्ष प्रदान किया जाता है।

  • अमेरिकी ड्रामा नोमैडलैंड (Nomadland) ने सबसे ज्यादा तीन पुरस्कार जीते।
  • नोमैडलैंड की निर्देशक ‘क्लो झाओ’ (Chloe Zhao) को सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का पुरस्कार दिया गया, वह इस पुरस्कार को हासिल करने वाली एकमात्र दूसरी महिला और पहली एशियाई महिला बन गई हैं।
  • भारतीय अभिनेता इरफान खान और भारत की पहली ऑस्कर पुरस्कार विजेता कॉस्ट्यूम डिजाइनर भानु अथैया को 93वें अकादमी पुरस्कार समारोह के ‘स्मृति’ खंड में सम्मानित किया गया। हर साल की तरह, अकादमी पुरस्कार ने तीन मिनट के ‘इन मेमोरियम’ मोंटाज (‘In Memoriam’ montage) में फिल्मी जगत के उन दिग्गज सितारों को याद किया, जिनका पिछले एक साल में निधन हुआ था।

पुरस्कार सूची-

  • सर्वश्रेष्ठ फिल्म: नोमैडलैंड
  • सर्वश्रेष्ठ निर्देशक: क्लो झाओ (नोमैलैंड)
  • सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री: फ्रांसिस मैकडरमंड (नोमैलैंड)
  • सर्वश्रेष्ठ अभिनेता: एंथनी हॉपकिंस (द फादर)
  • सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री: यूं युह-जंग (मिनारी)
  • सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता: डेनियल कालूया (जुडास एंड द ब्लैक मसीहा)
  • सर्वश्रेष्ठ ओरिजनल स्क्रीनप्ले: प्रॉमिसिंग यंग वुमन
  • सर्वश्रेष्ठ अनुकूलित पटकथा: द फादर (The Father)
  • सर्वश्रेष्ठ एनिमेटेड फीचर फिल्म: सोल (Soul)
  • सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय फीचर फिल्म: अनदर राउंड (Another Round) (डेनमार्क)
  • सर्वश्रेष्ठ ओरिजनल स्कोर: सोल (Soul)
  • सर्वश्रेष्ठ ओरिजिनल सॉन्ग: फाइट फॉर यू (जुडास एंड द ब्लैक मसीहा)
  • सर्वश्रेष्ठ वृत्तचित्र: माय ऑक्टोपस टीचर (My Octopus Teacher)
  • सर्वश्रेष्ठ लघु वृत्तचित्र:: कोलेट (Colette)
  • सर्वश्रेष्ठ लघु फिल्म लाइव एक्शन: 'टू डिस्टेंट स्ट्रेंजर्स' (Two Distant Strangers)
  • सर्वश्रेष्ठ एनिमेटेड लघु फिल्म: इफ एनीथिंग हैपन्स आई लव यू (If Anything Happens I Love You)
  • सर्वश्रेष्ठ साउंड: साउंड ऑफ मेटल (Sound Of Metal)
  • सर्वश्रेष्ठ प्रोडक्शन डिजाइन: मांक (Mank)
  • सर्वश्रेष्ठ छायांकन : मांक
  • सर्वश्रेष्ठ कॉस्ट्यूम डिजाइन: मा राइनीज ब्लैक बॉटम (Ma Rainey’s Black Bottom)
  • सर्वश्रेष्ठ फिल्म संपादन: साउंड ऑफ मेटल
  • सर्वश्रेष्ठ विजुअल इफेक्ट्स: टेनेट (Tenet)



वाइल्ड इनोवेटर अवार्ड 2021


अप्रैल 2021 में बेंगलुरू स्थित सेंटर फॉर वाइल्डलाइफ स्टडीज (CWS) की मुख्य संरक्षण वैज्ञानिक डॉ. कृति के. कारंथ को 'वाइल्ड इनोवेटर अवार्ड 2021’ (WILD Innovator Award 2021) के लिए चुना गया है।

  • इस अवार्ड के लिए चुनी जाने वाली वह पहली भारतीय और एशियाई महिला हैं।
  • यह पुरस्कार ‘वाइल्ड एलिमेंट्स फाउंडेशन' (WILD ELEMENTS Foundation) द्वारा दिया गया, जो नवप्रवर्तकों, अधिवक्ताओं और साझेदारों को सतत विकास, जलवायु परिवर्तन और वन्य संरक्षण के समाधान की पहचान करने के लिए एक साथ लाता है।
  • जलवायु परिवर्तन का समाधान करने के लिए फाउंडेशन का विशिष्ट दृष्टिकोण ‘पावर ऑफ थ्री’ (Power of Three) है, जो हमारे साझा घर के भविष्य के ग्रह कल्याण के लिए पशु-जाति, मानव जाति, और वनस्पतियों की अंतर-संबद्धता को पहचानता है।

कलिंग रत्न पुरस्कार 2021


2 अप्रैल, 2021 को आंध्र प्रदेश के राज्यपाल बिस्वा भूषण हरिचंदन को वर्ष 2021 के लिए 'कलिंग रत्न पुरस्कार' (Kalinga Ratna award 2021) से सम्मानित किया गया।

  • भारत के उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने आदिकवि सारला दास की 600वीं जयंती और सारला साहित्य संसद के 40वें वार्षिक समारोह के दौरान कटक में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल बिस्वा भूषण हरिचंदन को यह पुरस्कार प्रदान किया।
  • इस पुरस्कार को 'सारला साहित्य संसद' द्वारा स्थापित किया गया है। कलिंग रत्न पुरस्कार में देवी सरस्वती की एक चांदी की प्रतिमा और एक तांबे की पट्टिका प्रदान की जाती है।
  • वर्ष 2007 से कलिंग रत्न पुरस्कार हर साल ओडिशा के एक योग्य व्यक्ति को राष्ट्रीय / अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया जाता है।
  • आदिकवि सारला दास ओडिया साहित्य के क्षेत्र में एक प्रतिभाशाली व्यक्तित्व थे। 15वीं शताब्दी में सारला दास द्वारा लिखित 'सारला महाभारत' एक क्षेत्रीय भाषा में पहला पूर्ण महाभारत है।
  • ओडिया भाषा और साहित्य में सारला दास के योगदान के कारण उन्हें 'ओडिया साहित्य का जनक' (Father of Odia literature) कहा जाता है।

राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार 2021


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 अप्रैल, 2021 को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार 2021 प्रदान किए।

  • राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार 2021 निम्नलिखित श्रेणियों के अंतर्गत दिए गए :
    • दीन दयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तिकरण पुरस्कार (224 पंचायतों को);
    • नानाजी देशमुख राष्ट्रीय गौरव ग्राम सभा पुरस्कार (30 ग्राम पंचायतों को);
    • ग्राम पंचायत विकास योजना पुरस्कार (29 ग्राम पंचायतों को);
    • बच्चों के अनुकूल ग्राम पंचायत पुरस्कार (30 ग्राम पंचायतों को);
    • और ई-पंचायत पुरस्कार (12 राज्यों को- श्रेणी 1 में उत्तरप्रदेश, श्रेणी 2 में तेलंगाना और श्रेणी 3 में कर्नाटक को प्रथम पुरस्कार)।
  • प्रधानमंत्री ने 5 लाख रुपये से 50 लाख रुपये तक पुरस्कार धनराशि (अनुदान सहायता के रूप में) रियल टाइम आधार पर पंचायतों के बैंक खाते में सीधे हस्तांतरित की।

अभिनेता रजनीकांत को 51वां दादा साहेब फाल्के पुरस्कार 2019


केंद्र सरकार ने 1 अप्रैल, 2021 को अभिनेता रजनीकांत को 51वां दादा साहेब फाल्के पुरस्कार 2019 प्रदान करने की घोषणा की।

  • अभिनेता, निर्माता और पटकथा लेखक के रूप में उनके योगदान के लिए उन्हें इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
  • रजनीकांत ने फिल्म इंडस्ट्री में बतौर अभिनेता अपनी शुरुआत 1975 में के बालाचंदर की तमिल फिल्म 'अपूर्व रागंगल' (Apoorva Raagangal) से की थी। रजनीकांत को वर्ष 2000 में पद्म भूषण और वर्ष 2016 में पद्म विभूषण पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
  • इस पुरस्कार का निर्णय जूरी के पांच सदस्यों - आशा भोसले, निर्देशक सुभाष घई, मोहनलाल, शंकर महादेवन और अभिनेता बिस्वजीत चटर्जी द्वारा लिया गया था।
  • इससे पूर्व 2018 में अमिताभ बच्चन को 50वां दादा साहेब फाल्के पुरस्कार प्रदान किया गया था।
  • 1969 में स्थापित, यह पुरस्कार भारतीय सिनेमा में एक कलाकार के लिए सर्वोच्च सम्मान है, जिसे सूचना और प्रसारण मंत्रालय के एक संगठन, फिल्म समारोह निदेशालय द्वारा राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में प्रदान किया जाता है।
  • इस पुरस्कार में एक स्वर्ण कमल, दस लाख रूपये का नकद पुरस्कार, प्रमाणपत्र, सिल्क स्क्रॉल तथा एक शॉल दिया जाता है।
  • भारतीय सिनेमा के जनक धुंदीराज गोविंद फाल्के (दादासाहेब फाल्के) के सम्मान में यह पुरस्कार दिया जाता है, जिन्होंने वर्ष 1913 में पहली भारतीय फीचर फिल्म 'राजा हरीशचन्द्र' बनाई थी। इस पुरस्कार की पहली विजेता देविका रानी थीं।

एयरपोर्ट सर्विस क्वालिटी अवार्ड्स 2020


एयरपोर्ट काउंसिल इंटरनेशनल (ACI) द्वारा मार्च 2021 में ‘एयरपोर्ट सर्विस क्वालिटी अवार्ड्स 2020’ (Airport Service Quality Awards 2020) घोषित किए गए।

  • एशिया प्रशांत क्षेत्र से भारत के आठ हवाई अड्डों को 2020 के एयरपोर्ट सर्विस क्वालिटी अवार्ड के लिए चुना गया है।
  • दिल्ली के ‘इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे’ और मुंबई के ‘छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे’ को प्रति वर्ष 40 मिलियन से अधिक यात्रियों की श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ हवाई अड्डे के पुरस्कार के लिए चुना गया है।
  • बेंगलुरू के 'केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे' को प्रति वर्ष 25-40 मिलियन यात्रियों और हैदराबाद के 'राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे’ को प्रति वर्ष 15-25 मिलियन यात्रियों की श्रेणियों में शामिल किया गया है।
  • कोचीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को प्रति वर्ष 5-15 मिलियन यात्रियों की श्रेणी में शामिल किया गया है।
  • 2-5 मिलियन यात्री श्रेणी में चंडीगढ़ हवाई अड्डा, बाबतपुर (वाराणसी के पास) में लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और अमृतसर में श्री गुरु राम दास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा शामिल है।
  • ACI ने कोविड-19 महामारी के मद्देनजर 'क्षेत्रवार सर्वश्रेष्ठ स्वच्छता उपाय' के लिए एक नया पुरस्कार शुरू किया है। इसमें 3 भारतीय हवाई अड्डों को शमिल किया गया है- ये हैं चंडीगढ़ हवाई अड्डा, पुणे हवाई अड्डा और कोलकाता में नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा।
  • ASQ एक विश्व स्तरीय कार्यक्रम है, जो हवाई अड्डे से यात्रा करते समय यात्रियों की संतुष्टि का आकलन करता है। एयरपोर्ट काउंसिल इंटरनेशनल (ACI) हवाई अड्डा संचालकों की एक स्वतंत्र एजेंसी है, जिसकी स्थापना 1991 में की गई थी।

78वां गोल्डन ग्लोब पुरस्कार 2021


28 फरवरी‚ 2021 को 78वें गोल्डन ग्लोब पुरस्कार (78th Golden Globe Awards 2021) वितरण समारोह का आयोजन बेवेरली हिल्टन‚ लॉस एंजेल्स‚ कैलिफोर्निया में किया गया।

प्रमुख पुरस्कार-

  • सर्वश्रेष्ठ मोशन फिल्म (ड्रामा) - नोमैडलैंड(Nomadland)
  • मोशन फिल्म-ड्रामा में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले अभिनेता - चैडविक बोसमैन (फिल्म- मा रेनीज ब्लैक बॉटम (Me Rainey’s Black Bottom)
  • मोशन फिल्म-ड्रामा में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली अभिनेत्री - एंड्रा डे (फिल्म- द यूनाइटेड स्टेट्स वर्सेज बिली हॉलीडे (The United States Vs. Billie Holiday)
  • सर्वश्रेष्ठ मोशन फिल्म-संगीत या हास्य वर्ग - बोराट सब्सीक्वेंट मूवीफिल्म (Borat Subsequent Moviefilm)
  • मोशन फिल्म संगीत या हास्य में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले अभिनेता - सचा बैरन कोहेन (फिल्म-बोराट सब्सीक्वेंट मूवीफिल्म)
  • मोशन फिल्म संगीत या हास्य में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली अभिनेत्री - रोसमंड पाइक (Rosamund Pike) फिल्म-आई केयर ए लॉट(I Care a Lot)।
  • मोशन फिल्म में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले सहायक अभिनेता − डेनियल कालूया (Daniel Kaluuya) फिल्म- जुडास एंड द ब्लैक मसीयाह (Judas and the Black Messiah)
  • मोशन फिल्म में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली सहायक अभिनेत्री− जूडी फोस्टर (फिल्म- द मौरीटानियन (The Mauritanian)
  • सर्वश्रेष्ठ निर्देशक मोशन फिल्म − क्लो झाओ (Chloe Zhao) (फिल्म- नोमैडलैंड)
  • सर्वश्रेष्ठ स्क्रीनप्ले मोशन फिल्म − आरोन सॉर्किन (Aaron Sorkin) (फिल्म- द ट्रायल ऑफ द शिकागो7)
  • सर्वश्रेष्ठ एनीमेटेड फीचर फिल्म − साउल (Soul)
  • सर्वश्रेष्ठ विदेशी भाषा फिल्म − मीनारी (USA)
  • सर्वश्रेष्ठ ड्रामा सीरीज − द क्राउन
  • सर्वश्रेष्ठ टेलीविजन मोशन पिक्चर - द क्वींस गैम्बिट (The Queen's Gambit)

व्यास सम्मान 2020


जाने-माने हिंदी लेखक प्रो. शरद पगारे को उनके उपन्यास 'पाटलिपुत्र की सम्राज्ञी' के लिए प्रतिष्ठित 'व्यास सम्मान 2020' से सम्मानित किया जाएगा।


  • 1991 में शुरू किया गया व्यास सम्मान, के के बिड़ला फाउंडेशन द्वारा पिछले 10 वर्षों के दौरान प्रकाशित एक भारतीय नागरिक द्वारा लिखित हिंदी में उत्कृष्ट साहित्यिक कार्य के लिए दिया जाता है।
  • इसमें एक प्रशस्ति पत्र और पट्टिका के साथ चार लाख रुपये का पुरस्कार प्रदान किया जाता है।

आशा भोसले को 'महाराष्ट्र भूषण पुरस्कार 2020'


महाराष्ट्र सरकार द्वारा 25 मार्च, 2021 को गायिका आशा भोसले को राज्य सरकार के सर्वोच्च सम्मान 'महाराष्ट्र भूषण पुरस्कार 2020' के लिए चुना गया है।

  • यह पुरस्कार 1996 में राज्य सरकार द्वारा राज्य के प्रतिष्ठित व्यक्तियों द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में प्रतिष्ठित कार्य और उपलब्धियों को सम्मानित करने के लिए स्थापित किया गया था, जिसमें 10 लाख रुपये का नकद पुरस्कार और एक प्रशस्ति पत्र शामिल हैं।
  • महाराष्ट्र के सांगली जिले में 8 सितंबर, 1933 को जन्मी भोसले को उनके पिता, प्रसिद्ध मराठी रंगमंच अभिनेता-गायक दीनानाथ मंगेशकर ने संगीत में दीक्षा दी थी।
  • भोसले को वर्ष 2000 में दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उनकी बहन लता मंगेशकर ने 1997 का महाराष्ट्र भूषण पुरस्कार जीता था।
  • प्रथम महाराष्ट्र भूषण पुरस्कार प्राप्तकर्ता मराठी लेखक पी.एल. देशपांडे थे और इस पुरस्कार के अंतिम विजेता इतिहासकार बाबासाहेब पुरंदरे थे, जिन्हें वर्ष 2015 में यह पुरस्कार दिया गया था।

साहित्‍य अकादमी पुरस्कार 2020


12 मार्च, 2021 को साहित्य अकादमी ने 20 भारतीय भाषाओं में वार्षिक साहित्य अकादमी पुरस्कार 2020 की घोषणा की।

  • सात कविता संग्रह, चार उपन्यास, पांच कहानी संग्रह, दो नाटक, एक-एक संस्मरण और महाकाव्य के लिए ये पुरस्कार घोषित किए गए।
  • मलयालम, नेपाली, ओड़िया और राजस्थानी भाषाओं में पुरस्कार बाद में घोषित किये जाएंगे।
  • भारत की राष्ट्रीय साहित्यिक संस्था साहित्य अकादमी की स्थापना 1954 में की गई थी। हर साल अकादमी द्वारा मान्यता प्राप्त 24 भारतीय भाषाओं में प्रकाशित सबसे उत्कृष्ट पुस्तकों को साहित्य अकादमी पुरस्कार प्रदान किया जाता है।

कविता संग्रहों के लिए पुरस्कृत कवि: अरुंधति सुब्रमण्यम (अंग्रेजी), हरीश मीनाक्षी (गुजराती), अनामिका (हिंदी), आर.एस. भास्कर (कोंकणी), ईरूंगबम देवेन (मणिपुरी), रूपचंद हांसदा (संताली) और निखिलेश्वर (तेलुगु)।

उपन्यास: नंदा खरे (मराठी), डॉ. महेशचंद्र शर्मा गौतम (संस्कृत), इमाइयम (तमिल) और हुसैन-उल-हक (उर्दू)।

कहानी संग्रह: अपूर्व कुमार सैकिया (असमिया), धरणीधर औवारी (बोडो), हृदय कौल भारती (कश्मीरी), कमलकांत झा (मैथिली) और गुरुदेव सिंह रूपाणा (पंजाबी)।

नाटक: ज्ञान सिंह (डोगरी) एवं जेठो लालवानी (सिंधी)।

संस्मरण: एम. वीरप्पा मोइली (कन्नड़)।

महाकाव्य: मणिशंकर मुखोपाध्याय (बांग्ला)।

गांधी शांति पुरस्कार


22 मार्च, 2021 को वर्ष 2019 और वर्ष 2020 के लिए गांधी शांति पुरस्कारों की घोषणा की गई।


  • वर्ष 2019 का गांधी शांति पुरस्कार ओमान के (दिवंगत) महामहिम सुल्तान काबूस बिन सैद अल सैद को प्रदान किया जाएगा, जबकि वर्ष 2020 के लिए गांधी शांति पुरस्कार बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान को प्रदान किया जाएगा।
  • गांधी शांति पुरस्कार भारत सरकार द्वारा स्थापित एक वार्षिक पुरस्कार है, जिसे 1995 से प्रदान किया जा रहा है। इस पुरस्कार की स्थापना महात्मा गांधी की 125वीं जयंती पर की गई।
  • यह पुरस्कार राष्ट्रीयता, नस्ल, भाषा, जाति, पंथ से परे सभी व्यक्तियों के लिए है।
  • गांधी शांति पुरस्कार से संबंधित जूरी की अध्यक्षता प्रधानमंत्री द्वारा की जाती है और भारत के मुख्य न्यायाधीश एवं लोक सभा में सबसे बड़े विपक्षी दल के नेता इसके दो पदेन सदस्य होते हैं। दो अन्य प्रतिष्ठित सदस्य लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला एवं सुलभ इंटरनेशनल सामाजिक सेवा संगठन के संस्थापक बिंदेश्वर पाठक भी इस जूरी का हिस्सा हैं।
  • पुरस्कार के तहत 1 करोड़ रुपए की राशि, एक प्रशस्ति पत्र, एक पट्टिका और एक अति सुंदर पारंपरिक हस्तकला/हथकरघा से बनी वस्तु प्रदान की जाती है।

प्रित्जकर आर्किटेक्चर पुरस्कार 2021


16 मार्च, 2021 को फ्रांसीसी आर्किटेक्चर स्टूडियो लैकेटॉन और वासल (Lacaton & Vassal) के संस्थापक ऐनी लैकेटॉन (Anne Lacaton) और जीन-फिलिप वासल (Jean-Philippe Vassal) को प्रित्जकर आर्किटेक्चर पुरस्कार 2021(Pritzker Architecture Prize 2021) का विजेता घोषित किया गया।

  • उन्हें इमारतों को फिर से बनाने और सामाजिक आवास परियोजनाओं(social housing) के लिए यह पुरस्कार दिया गया।
  • यह, किसी जीवित वास्तुकार को उसके विश्वस्तरीय उल्लेखनीय योगदान हेतु प्रतिवर्ष दिया जाने वाला अंतरराष्ट्रीय शीर्ष स्तर का पुरस्कार है।
  • इस पुरस्कार की स्थापना 1979 में जय और उनकी पत्नी सिंडी प्रित्जकर के द्वारा हयात फाउंडेशन के अंतर्गत की गई थी। पुरस्कार में 1 लाख डॉलर की राशि और कांस्य पदक प्रदान किया जाता है।
  • इसे वास्तुकला में दुनिया के प्रमुख पुरस्कारों में से एक माना जाता है, और अक्सर इसे ‘वास्तुकला का नोबेल पुरस्कार’ कहा जाता है।

30वां बिहारी पुरस्कार 2020


के.के. बिड़ला फाउंडेशन ने 4 मार्च, 2021 को 30वें बिहारी पुरस्कार 2020 की घोषणा की।

  • मोहनकृष्ण बोहरा को उनकी आलोचना की हिंदी पुस्तक 'तस्लीमा: संघर्ष और साहित्य' के लिए यह पुरस्कार दिया जाएगा। यह पुस्तक 2016 में प्रकाशित हुई थी।
  • बिहारी पुरस्कार में 2 लाख 50 हजार रुपये की पुरस्कार राशि, एक प्रशस्ति पत्र और एक पट्टिका प्रदान की जाती है। यह पुरस्कार 1991 में के.के. बिड़ला फाउंडेशन द्वारा स्थापित तीन साहित्यिक पुरस्कारों में से एक है।
  • प्रसिद्ध हिंदी कवि बिहारी के नाम पर यह पुरस्कार, हर साल राजस्थानी लेखक द्वारा विगत 10 वर्षों में प्रकाशित हिंदी या राजस्थानी में उत्कृष्ट कृति के लिए दिया जाता है।
  • डॉ. आएदन सिंह भाटी को उनके कविता संग्रह, 'आंख हीयै रा हरियल सपना' (Green Dreams of the Heart’s Eye) के लिए 29वें बिहारी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

आईसीएआर को मिला एफएओ का 'किंग भूमिबोल विश्व मृदा दिवस- 2020' पुरस्कार


4 मार्च, 2021 को थाईलैंड में भारत की राजदूत सुचित्रा दुरई ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) की तरफ से खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) का प्रतिष्ठित 'किंग भूमिबोल विश्व मृदा दिवस- 2020 पुरस्कार' (King Bhumibol World Soil Day - 2020 Award) ग्रहण किया।

  • एफएओ, रोम ने विश्व मृदा दिवस- 2020 की पूर्व संध्या पर 2019 के दौरान ‘मृदा क्षरण रोको, हमारा भविष्य बचाओ’ विषय पर ‘मृदा स्वास्थ्य जागरूकता’ में योगदान के लिए आईसीएआर को अंतरराष्ट्रीय सम्मान देने का ऐलान किया था।
  • आईसीएआर- मृदा विज्ञान संस्थान, भोपाल, मध्य प्रदेश ने विश्व मृदा दिवस 2019 के आयोजन के तहत 'मृदा- हमारी धरती माँ' के संरक्षण के लिए व्यापक जागरूकता अभियान का आयोजन किया था।
  • 2018 में शुरू किया गया, किंग भूमिबोल विश्व मृदा दिवस पुरस्कार उन व्यक्तियों या संस्थानों को प्रदान किया जाता है, जो सफल और प्रभावशाली विश्व मृदा दिवस समारोह का आयोजन करके मृदा के बारे में जागरूकता बढ़ाते हैं।
  • यह पुरस्कार थाईलैंड के साम्राज्य द्वारा प्रायोजित है, थाईलैंड के राजा भूमिबोल अदुल्यादेज के सतत मृदा प्रबंधन के महत्व और खाद्य सुरक्षा तथा गरीबी उन्मूलन के लिए जागरूकता बढ़ाने के लिए की गई उनकी आजीवन प्रतिबद्धता के कारण पुरस्कार उनके नाम पर रखा गया है।
  • विश्व मृदा दिवस 5 दिसंबर को मनाया जाता है।

अंजलि भारद्वाज को अंतरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार रोधी चैंपियंस पुरस्कार


आरटीआई (सूचना का अधिकार) एक्टिविस्ट अंजलि भारद्वाज उन 12 साहसी लोगों में शामिल हैं, जिन्हें संयुक्त राज्य अमेरिका की सरकार ने एक नए 'अंतरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार रोधी चैंपियंस पुरस्कार' से सम्मानित किया है।

  • यह पुरस्कार ऐसे व्यक्तियों को दिया जाता है, जिन्होंने अपने देशों में अक्सर विपरीत परिस्थितियों का सामना करते हुए, भ्रष्टाचार का मुकाबला करने, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए अथक प्रयास किया हो।
  • अंजलि 'सूचना के जन अधिकार का राष्ट्रीय अभियान’ (National Campaign for People’s Right to Information) की सह-संयोजक हैं और दो दशक से ज्यादा समय से भारत में सूचना के अधिकार आंदोलन में सक्रिय रही हैं।
  • वे सरकार में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देने और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए एक नागरिक समूह, 'सतर्क नागरिक संगठन' की संस्थापक हैं।

भारतीय विज्ञान अनुसंधान फेलोशिप 2021


6 मार्च, 2021 को विश्व स्तरीय भारतीय शोध संस्थानों और विश्वविद्यालयों में शोध कार्य करने के लिए 6 देशों के 40 छात्रों को ‘भारतीय विज्ञान एवं अनुसंधान फेलोशिप 2021’ (ISRF 2021) के लिए चुना गया है।

  • इन शोधार्थियों का चयन उनके द्वारा प्रस्तुत किए गए शोध प्रस्ताव, अनुभव, अकादमिक योग्यता तथा उनके शोध पत्रों के प्रकाशन आदि के आधार पर किया गया है।
  • पड़ोसी देशों के साथ सहयोग और साझेदारी बढ़ाने की भारत की पहल के अंतर्गत भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी साझेदारी विकसित करने के उद्देश्य से विश्व स्तरीय भारतीय विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों में शोध करने के लिए आईएसआरएफ कार्यक्रम का आरंभ अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, मालदीव, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड के शोधार्थियों के लिए किया है।
  • कार्यक्रम का क्रियान्वयन 2015 से किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री 'सेरावीक ग्लोबल एनर्जी एंड एनवायरमेंट लीडरशिप अवॉर्ड' से सम्मानित


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 5 मार्च, 2021 को 'सेरावीक ग्लोबल एनर्जी एंड एनवायरमेंट लीडरशिप अवॉर्ड' (CERAWeek Global Energy and Environment Leadership Award) से सम्मानित किया गया।

  • सेरावीक ग्लोबल एनर्जी एंड एनवायरनमेंट लीडरशिप अवार्ड 2016 में स्थापित किया गया था। यह अवॉर्ड वैश्विक ऊर्जा और पर्यावरण के भविष्य पर नेतृत्व की प्रतिबद्धता तथा ऊर्जा पहुंच, सामर्थ्य और पर्यावरण प्रबंधन के लिए समाधान और नीतियों की पेशकश के लिए प्रदान किया जाता है।
  • CERAWeek की स्थापना 1983 में डॉ. डैनियल येरगिन ने की थी। इसे दुनिया का प्रमुख वार्षिक ऊर्जा मंच माना जाता है। यह 1983 से हर साल मार्च में ह्यूस्टन (अमेरिका) में आयोजित किया जाता है।
  • CERAWeek 2021 का आयोजन वर्चुअल माध्यम में 1 मार्च से 5 मार्च, 2021 तक किया गया।

फेमिना मिस इंडिया 2020


10 फरवरी‚ 2021 को फेमिना मिस इंडिया2020 सौंदर्य प्रतियोगिता का आयोजन मुंबई में हुआ।

  • प्रतियोगिता में तेलंगाना की इंजीनयर मानसा वाराणसी (Manasa Varansi) ने फेमिना मिस इंडिया (वर्ल्ड)‚ 2020 का खिताब जीता।
  • फेमिना मिस ग्रैंड इंडिया 2020 का खिताब हरियाणा की मनिका श्योकंद (Manika Sheokand) को दिया गया।
  • उत्तर प्रदेश की मान्या सिंह को इस प्रतियोगिता में उपविजेता (First Runner- up) घोषित किया गया।
  • इस प्रतियोगिता में 31 प्रतियोगियों ने भाग लिया था।
  • ‘फेमिना मिस इंडिया 2019’ का खिताब राजस्थान की सुमन राव ने जीता था।

एसईआरबी महिला उत्कृष्टता पुरस्कार 2021


विज्ञान और अभियांत्रिकी अनुसंधान बोर्ड-एसईआरबी (SERB) ने 11 फरवरी, 2021 को महिलाओं और बालिकाओं के अंतरराष्ट्रीय दिवस-2021 के अवसर पर विज्ञान में ‘एसईआरबी महिला उत्कृष्टता पुरस्कार 2021’ (SERB Women Excellence Award 2021) की घोषणा की।

  • महिलाओं और बालिकाओं के राष्ट्रीय विज्ञान अकादमियों की चार युवा महिलाओं को ‘विज्ञान और अभियांत्रिकी’ के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया है।
  • विजेताओं में आईआईटी बॉम्बे की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. शोभना कपूर, साइंटिस्ट बी नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर रिसर्च इन रिप्रोडक्टिव हेल्थ, मुंबई की डॉ. अंतरा बैनर्जी, साइंटिस्ट डी नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एनिमल बायोटेक्नोलॉजी, हैदराबाद की डॉ. सोनू गांधी और आईआईटी जोधपुर, राजस्थान की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रितु गुप्ता हैं।
  • पुरस्कार विजेताओं को अपने शोध विचारों को आगे बढ़ाने के लिए 3 साल की अवधि के लिए 15 लाख रुपये का अनुदान प्रदान किया जाता है।
  • विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के एक सांविधिक निकाय, विज्ञान और अभियांत्रिकी बोर्ड (एसईआरबी) द्वारा विज्ञान और अभियांत्रिकी के प्रमुख क्षेत्रों में बुनियादी अनुसंधान का समर्थन करने वाला यह पुरस्कारवर्ष 2013 में शुरू किया गया था। यह पुरस्कार 40 वर्ष से कम आयु की महिला वैज्ञानिकों को प्रदान किया जाता है।

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी पुरस्कार 2020


अभिनव स्वदेशी प्रौद्योगिकियों के सफल व्यावसायीकरण के लिए राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी पुरस्कार 2020 के लिए कुल 12 कंपनियों का चयन किया गया है। उनका चयन तीन श्रेणियों- स्वदेशी प्रौद्योगिकी, एमएसएमई और स्टार्टअप्स के तहत किया गया है।

  • हर साल अपने दायरे को बढ़ाने के लिए प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (Technology Development Board- TDB) इन तीन श्रेणियों के तहत प्रौद्योगिकियों के व्यावसायीकरण के लिए प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कारों के लिए प्रविष्टियां मांगता है।
  • यह पुरस्कार प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड द्वारा 2019-20 के लिए दिए गए। प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड भारत सरकार का सांविधिक निकाय है, जो विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत कार्य कर रहा है।
  • प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड की स्थापना 1996 में अभिनव स्वदेशी प्रौद्योगिकियों के व्यावसायीकरण के लिए भारतीय कंपनियों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी।

सीडीआरआई अवार्ड -2021


17 फरवरी, 2021 को सीएसआईआर-केंद्रीय औषधि अनुसंधान संस्थान, लखनऊ (सीडीआरआई) के 70वें वार्षिक दिवस समारोह के अवसर पर ‘औषधि अनुसंधान में उत्कृष्टता के लिए सीडीआरआई अवार्ड -2021’ (CDRI Awards-2021 for Excellence in Drug Research) की घोषणा की गई।

  • ये पुरस्कार सितंबर 2021 में सीएसआईआर के स्थापना दिवस पर प्रदान किए जाएंगे।
  • ‘रसायन विज्ञान’ श्रेणी में उत्कृष्ट औषधि अनुसंधान के लिए सीडीआरआई पुरस्कार डॉ. विशाल राय, एसोसिएट प्रोफेसर, आईआईएसईआर, भोपाल को प्रदान किया गया है।
  • ‘लाइफ साइंसेज’ (Life sciences) श्रेणी में, डॉ. सिद्धेश शशिकांत कामत,एसोसिएट प्रोफेसर, आईआईएसईआर, पुणे और डॉ. चंद्रिमा दास, एसोसिएट प्रोफेसर, साहा इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर फिजिक्स, कोलकाता को सीडीआरआई पुरस्कार के लिए चुना गया है।

एशिया पर्यावरण प्रवर्तन पुरस्कार 2020


केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के तहत वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB) को संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) द्वारा 17 फरवरी, 2021 को ‘नवाचार’ श्रेणी में ‘एशिया पर्यावरण प्रवर्तन पुरस्कार 2020’ से सम्मानित किया गया है।

  • वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB) को भारत में वन्यजीव अपराधों को रोकने के लिये प्रतिबद्धता हेतु बीते तीन वर्ष में दो बार यह पुरस्कार दिया जा चुका है। इससे पूर्व वर्ष 2018 में भी ब्यूरो को इसी श्रेणी में पुरस्कृत किया गया था।
  • एशिया पर्यावरण प्रवर्तन पुरस्कार एशियाई देशों में सरकारी संस्थाओं और प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा पर्यावरण संबंधी अपराधों को नियंत्रित करने हेतु किये गए प्रयासों को मान्यता प्रदान करता है।
  • वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो देश में संगठित वन्यजीव अपराध से निपटने के लिये पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अधीन भारत सरकार द्वारा स्थापित एक सांविधिक बहु-अनुशासनिक इकाई है। वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो को वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत अधिनियमित किया जाता है।
  • ऑनलाइन अवैध वन्यजीव व्यापार की लगातार बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए, वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो ने संभावित व्यापारियों को रोकने और अपराधियों को पकड़ने के लिए 'ऑपरेशन WILDNET-II' शुरू किया है।

प्राणी मित्र पुरस्कार 2021


भारतीय पशु कल्याण बोर्ड (एडब्ल्यूबीआई) ने 16 फरवरी, 2021 को जीव-जन्तु कल्याण और सुरक्षा के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों, संगठनों और कॉरपोरेट्स को वर्ष 2021 के लिए 14 प्राणी मित्र और जीवदया पुरस्कार 2021 प्रदान किए।

  • भारत सरकार के मत्स्य पालन, पशु पालन एवं डेयरी विकास मंत्री गिरिराज सिंह ने एक समारोह में ये पुरस्कार प्रदान किए।
    • प्राणी मित्र पुरस्कार (व्यक्तिगत): योगेंद्र कुमार, मनीष सक्सेना और श्यामलाल चौबीसा।
    • प्राणी मित्र पुरस्कार (शौर्य): अनिल गणदास और स्वर्गीय कल्पना वासुदेवन।
    • प्राणी मित्र पुरस्कार (ताउम्र पशु सेवा): मेजर जनरल(सेवानिवृत्त) डॉ. आर. एम. खरब, डॉ. एस. चिन्नी कृष्णा और डॉ. एस.आर. सुंदरम।
    • प्राणी मित्र पुरस्कार (पशु कल्याण संगठन): वर्ल्ड संकीर्तन टूर ट्रस्ट, होडल (हरियाणा), श्री करुणा फाउंडेशन ट्रस्ट, राजकोट (गुजरात) और पीपल फॉर ऐनिमल्स अहमदाबाद (गुजरात)।
    • प्राणी मित्र पुरस्कार (कॉरपोरेट): टाटा ट्रस्ट फाउडेशन, मुंबई (महाराष्ट्र)।
    • जीव दया पुरस्कार (पशु कल्याण संगठन): ध्यान फाउंडेशन, नई दिल्ली और एनिमल एड चेरीटेबल ट्रस्ट, उदयपुर (राजस्थान)।
  • ‘भारतीय पशु कल्याण बोर्ड’ को पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 4 के अनुसार 1962 में स्थापित किया गया था। बोर्ड हर साल बसंत पंचमी के दिन को ‘जीव-जन्तु कल्याण दिवस’ के रूप में मनाता है।

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 25 जनवरी, 2021 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार (पीएमआरबीपी) के विजेताओं के साथ बातचीत की।

  • भारत सरकार ‘प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार’ के तहत ‘बाल शक्ति पुरस्कार’ प्रदान करती है।
  • नवाचार, शैक्षिक उपलब्धियों, खेल, कला और संस्कृति, सामाजिक सेवा और बहादुरी के क्षेत्र में असाधारण क्षमताओं और उत्कृष्ट उपलब्धि वाले बच्चों को बाल शक्ति पुरस्कार प्रदान किये जाते हैं।
  • इस वर्ष, बाल शक्ति पुरस्कार की विभिन्न श्रेणियों के तहत देश भर के 32 आवेदकों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2021 के लिए चुना गया है।

सुभाष चंद्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार 2021


वर्ष 2021 के लिए सस्टेनेबल एनवायरमेंट एंड इकोलॉजिकल डेवलपमेंट सोसायटी (संस्थागत श्रेणी में) तथा डॉ. राजेंद्र कुमार भंडारी (व्यक्तिगत श्रेणी में) को आपदा प्रबंधन में उत्कृष्ट कार्य के लिए सुभाष चंद्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार के लिए चुना गया है।

  • भारत में आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में संगठनों और व्यक्तिगत स्तर पर दिए गए अमूल्य योगदान और निःस्वार्थ सेवा को मान्यता और सम्मान देने के लिए भारत सरकार ने सुभाष चंद्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार के नाम से एक वार्षिक पुरस्कार की शुरुआत की है।
  • इस पुरस्कार की घोषणा नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर हर साल 23 जनवरी को की जाती है।
  • इस पुरस्कार में संस्थागत श्रेणी में 51 लाख रुपये नकद और एक प्रमाण पत्र व व्यक्तिगत श्रेणी में 5 लाख रुपये और एक प्रमाण पत्र दिया जाता है।

पद्म पुरस्कार 2021


25 जनवरी, 2021 को गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पद्म पुरस्कार 2021 की घोषणा की गई।

  • इन पुरस्कारों को राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में भारत के राष्ट्रपति द्वारा प्रदान किया जाता है।
  • इस वर्ष राष्ट्रपति ने 1 जोड़ी मामले (एक जोड़ी मामले में 2 व्यक्तियों को दिये जाने वाले पुरस्कार को एक के रूप में गिना जाता है) सहित 119 पद्म पुरस्कारों को मंजूरी दी है।
  • इस सूची में 7 पद्म विभूषण, 10 पद्म भूषण और 102 पद्म श्री पुरस्कार शामिल हैं।
  • पुरस्कार पाने वालों में से 29 महिलाएं हैं और इस सूची में विदेशियों की श्रेणी के 10 व्यक्ति या एनआरआई / पीआईओ / ओसीआई, 16 मरणोपरांत और 1 ट्रांसजेंडर पुरस्कार विजेता शामिल हैं।

पद्म विभूषण: शिंजो आबे (जनसेवा), एसपी बालासुब्रमण्यम (मरणोपरांत) (कला), डॉ. बेल्ले मोनप्पा हेगड़े (चिकित्सा), नरिंदर सिंह कपानी (विज्ञान और प्रौद्योगिकी), मौलाना वहीदुद्दीन खान (अध्यात्म), बी बी लाल (पुरातत्व) तथा सुदर्शन साहू (कला)।

पद्म भूषण: कृष्णन नायर शांताकुमारी चित्रा (कला), तरुण गोगोई (मरणोपरांत) (जनसेवा), चंद्रशेखर कंबारा (साहित्य और शिक्षा), सुमित्रा महाजन (जनसेवा), नृपेंद्र मिश्र (सिविल सेवा), राम विलास पासवान (मरणोपरांत) (जनसेवा), केशुभाई पटेल (मरणोपरांत) (जनसेवा), कल्बे सादिक (मरणोपरांत) (अध्यात्म), रजनीकांत देवीदास श्रॉफ (व्यापार व उद्योग) तथा तरलोचन सिंह (जनसेवा)।

पृष्ठभूमि: पद्म पुरस्कार (पद्म विभूषण) को वर्ष 1954 में स्थापित किया गया था। बाद में इन्हें 8 जनवरी, 1955 को राष्ट्रपति भवन की अधिसूचना के माध्यम से पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री तीन अलग-अलग पुरस्कारों में पुनर्वर्गीकृत किया गया था।

  • यह पुरस्कार तीन श्रेणियों में दिया जाता है, अर्थात् असाधारण और विशिष्ट सेवा के लिए ‘पद्म विभूषण’; उच्च क्रम की विशिष्ट सेवा के लिए ‘पद्म भूषण’; तथा विशिष्ट सेवा के लिए ‘पद्म श्री’।
  • पद्म पुरस्कार विभिन्न विषयों / गतिविधियों के क्षेत्रों, अर्थात- कला, सामाजिक कार्य, जनसेवा, विज्ञान और इंजीनियरिंग, व्यापार और उद्योग, चिकित्सा, साहित्य और शिक्षा, खेल, सिविल सेवा आदि में दिए जाते हैं।

कायाकल्प पुरस्कार


केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्द्धन ने सार्वजनिक और निजी स्वास्थ्य सुविधाओं को 12 जनवरी, 2021 को स्वच्छता के उच्च मानकों के लिए 'कायाकल्प पुरस्कार' (Kayakalp award) से सम्मानित किया गया।

  • भारत में सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं में स्वच्छता और साफ-सफाई सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने 15 मई, 2015 को एक राष्ट्रीय पहल 'कायाकल्प’ शुरू की थी।
  • इस योजना, में पहले वर्ष में 716 जिला अस्पतालों और केंद्र सरकार के संस्थानों की भागीदारी हुई थी, जो अब 26,172 सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुँच गई है।
  • स्वास्थ्य मंत्रालय ने पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय के साथ साझेदारी में ‘स्वच्छ स्वस्थ सर्वत्र कार्यक्रम' (Swachh Swasth Sarvatra programme) शुरू किया था, जिसके तहत ओडीएफ ब्लॉक के भीतर स्थित एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) को सुधार गतिविधियों के लिए 10 लाख रुपये का एकमुश्त अनुदान दिया जाता है, ताकि सीएचसी एक कायाकल्प सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बन सके।

भारत के अंतरराष्ट्रीय विज्ञान फिल्म पुरस्कार 2020


25 दिसंबर, 2020 को भारत के अंतरराष्ट्रीय विज्ञान फिल्म पुरस्कार2020 की घोषणा की गई। इसमें 6 फिल्मों को अंतरराष्ट्रीय और 14 फिल्मों को राष्ट्रीय श्रेणी में पुरस्कृत किया गया।

अंतराष्ट्रीय श्रेणी: जर्मनी के एंड्रयूज एवेल्स द्वारा निर्देशित अंग्रेजी भाषा की फिल्म ‘द इंसेक्ट रेस्क्यूअर्स’को ‘आत्मनिर्भर भारत और/या विश्व कल्याण के लिए विज्ञान’ विषय पर केंद्रित फिल्म का सर्वोच्च पुरस्कार।

  • ईरान के अश्कान हतामी द्वारा निर्देशित पारसी भाषा की फिल्म ‘नाइट नर्स’ को ‘विज्ञान तथा कोविड-19पर जागरूकता और अन्य स्वास्थ्य आपात स्थितियां’ विषय पर केंद्रित समारोह का सर्वोच्च पुरस्कार।
  • 3 जूरी पुरस्कारों में यू.के. की क्रिस्टिना स्यूका द्वारा निर्देशित अंग्रेजी फिल्म ‘ए नेचुरल कोड’, ऑस्ट्रेलिया के राधेया जेगथेवा द्वारा निर्देशित अंग्रेजी फिल्म ‘आइरनी’ (iRony) और ईरान के हसन मुख्तारी द्वारा निर्देशित बिना डायलॉग की फिल्म ‘कीप योर स्माइल’ शामिल है।
  • इटली के ‘विटोरियो कैरेतोज्जोलो एंड क्लास-3ए’ (Vittorio Caratozzolo & Class 3 A) द्वारा निर्देशित इतालवी भाषा की फिल्म ‘केमिकल इंडस्ट्रीज वर्सेज कोविड-19’ को एक विशेष जूरी पुरस्कार।
  • अंतरराष्ट्रीय श्रेणी में पुरस्कृत सभी फिल्मों को ट्रॉफी एवं प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।

भारतीय फिल्म श्रेणी: इस श्रेणी में पुरस्कार दो श्रेणियों के अंतर्गत प्रदान किए गए, जिनमें स्वतंत्र फिल्म निर्माताओं और कॉलेज / स्कूली छात्रों की फिल्में शामिल हैं।

  • स्वतंत्र फिल्म निर्माताओं द्वारा निर्मित फिल्मों में विवेक कन्नादी द्वारा निर्मित और राहुल अय्यर द्वारा निर्देशित अंग्रेजी फिल्म 'द ट्रायल्स ऐंड ट्रिअम्फ्स ऑफ जी.एन. रामचंद्रन' (The Trials and Triumphs of G.N.Ramachandran) को 'आत्मनिर्भर भारत और / या वैश्विक कल्याण के लिए विज्ञान' विषय पर समारोह का सर्वोच्च पुरस्कार।
  • 'कोविड-19 जागरूकता तथा विज्ञान और अन्य स्वास्थ्य आपात स्थितियां' विषय पर बीकन टेलीविजन द्वारा निर्मित और सीमा मुरलीधरा द्वारा निर्देशित हिंदी फिल्म ‘राजा, रानी और वायरस’ को भी स्वतंत्र फिल्मकारों की श्रेणी में समारोह का सर्वोच्च पुरस्कार।
  • इन दोनों पुरस्कारों के रूप में प्रत्येक को एक लाख रुपये नकद, ट्रॉफी और प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।

डिजिटल इंडिया पुरस्कार- 2020


राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 30 दिसंबर, 2020 को सरकारी संस्थाओं के 24 डिजिटल गवर्नेंस पहलों/उत्पादों को 7 श्रेणियों में ‘डिजिटल इंडिया पुरस्कार- 2020’ प्रदान किए।

  • महामारी में नवाचार; डिजिटल प्रशासन में उत्कृष्टता-मंत्रालय/विभाग (केन्द्र); डिजिटल प्रशासन में उत्कृष्टता-राज्य/केन्द्र-शासित प्रदेश; डिजिटल प्रशासन में उत्कृष्टता-जिला; ओपन डाटा चैम्पियन, अनुकरणीय उत्पाद और जूरी की पसंद श्रेणियों में पुरस्कार प्रदान किए गए।

महामारी में नवाचार: ई-संजीवनी - राष्ट्रीय टेलीमेडिसिन सेवा, कोविड-19 नमूना संग्रह प्रबंधन प्रणाली, आपदा सम्पूर्ति पोर्टल तथा प्रवासी श्रमिक और रोजगार सेतु पोर्टल।

डिजिटल प्रशासन में उत्कृष्टता-मंत्रालय/विभाग (केन्द्र): ई-समिति (भारत का सर्वोच्च न्यायालय, न्याय विभाग), डाक विभाग, उर्वरक विभाग तथा भूमि संसाधन विभाग।

डिजिटल प्रशासन में उत्कृष्टता-राज्य/केन्द्र-शासित प्रदेश: हरियाणा, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश तथा

पश्चिम बंगाल।

डिजिटल प्रशासन में उत्कृष्टता-जिला: खरगोन (मध्य प्रदेश), चांगलांग (अरूणाचल प्रदेश) तथा कामारेड्डी(तेलंगाना)।

ओपन डेटा चैंपियन: ओजीडी प्लेटफॉर्म इंडिया पर हेल्थ सेक्टर डेटा, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, भारतीय खाद्य निगम तथा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय।

अनुकरणीय उत्पाद: पोर्ट कम्युनिटी सिस्टम पीसीएस1एक्स (नेशनल मैरीटाइम सिंगल विंडो), सर्विस प्लस (एक मेटाडेटा-आधारित सेवा वितरण प्लेटफॉर्म) तथा एकीकृत मंदिर प्रबंधन प्रणाली।

जूरी की पसंद: आरोग्य सेतु तथा ई-ऑफिस।

टाइम मैग्जीन पर्सन ऑफ द इयर 2020


टाइम मैग्जीन ने अमरीका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडेन और उपराष्ट्रपति कमला हैरिस को संयुक्त रूप से 2020 का पर्सन ऑफ द इयर मनोनीत किया है। मैग्जीन ने 10 दिसंबर, 2020 को ऑनलाइन प्रकाशित एक लेख में इसकी जानकारी दी है।

  • आमतौर पर पर्सन ऑफ द इयर किसी एक व्यक्ति को नामित करने की परंपरा रही है। लेकिन अतीत में एक से अधिक लोगों को भी इसके लिए मनोनीत किया गया है। टाइम मैग्जीन ने पर्सन ऑफ द एयर घोषित करने की शुरुआत 1927 से की।
  • 2019 में जलवायु संबंधी मुद्दों को लेकर आंदोलन करने वाली स्वीडन की किशोरी ग्रेटा थनबर्ग को मैग्जीन ने पर्सन ऑफ द एयर घोषित किया था, जो यह सम्मान पाने वाली सबसे कम उम्र की विजेता बनी थी।

इन्फोसिस पुरस्कार 2020


दिसंबर 2020 में एमआईटी, हॉर्वड तथा स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालयों के वैज्ञानिकों समेत छ: प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों को अनुसंधान और नवाचार में उनके योगदान के लिये इन्फोसिस पुरस्कार 2020 से सम्मानित किया गया है।

  • इन्फोसिस साइंस फाउंडेशन (आईएसएफ) के इस वार्षिक पुरस्कार में स्वर्ण पदक, प्रशस्ति पत्र तथा एक लाख डॉलर अथवा इतनी ही भारतीय मुद्रा का पुरस्कार दिया जाता है।
  • डिजिटल माध्यम से हुए पुरस्कार समारोह में छ: श्रेणियों में पुरस्कार दिये गए, जिनमें जीव विज्ञान, इंजीनियरिंग एवं कम्प्यूटर साइंस, मानविकी, , गणित विज्ञान, भौतिक विज्ञान तथा समाज विज्ञान शामिल हैं।
    • जीव विज्ञान: राजन शंकरनारायणन (कोशीय एवं आणविक जीव विज्ञान केंद्र हैदराबाद);
    • इंजीनियरिंग एवं कंप्यूटर साइंस: प्रोफेसर हरि बालाकृष्णन (मैसाच्यूसेट्स प्रौद्योगिकी संस्थान -एमआईटी);
    • मानविकी: प्राची देशपांडे (समाज विज्ञान अध्ययन केन्द्र कोलकाता);
    • गणित विज्ञान: प्रोफेसर सौरव चटर्जी (स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी अमेरिका);
    • भौतिक विज्ञान: प्रोफेसर अरिंदम घोष (भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु);
    • समाज विज्ञान: प्रोफेसर राज चेट्टी (हार्वर्ड विश्वविद्यालय अमेरिका)।

'हेल्पएज इंडिया' को संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या पुरस्कार 2020


दिसंबर 2020 में 'हेल्पएज इंडिया' को 'संस्थागत श्रेणी' के लिए संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या पुरस्कार 2020 प्रदान किया गया है।

  • संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 1981 में स्थापित, संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या पुरस्कार 'जनसंख्या' और 'प्रजनन स्वास्थ्य' के क्षेत्र में योगदान को मान्यता देता है।
  • संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या पुरस्कार के इतिहास में पहली बार, किसी भारतीय संस्था को यह सम्मान प्रदान किया गया है।
  • 1978 में स्थापित हेल्पएज इंडिया, चार दशकों से 'वंचित वर्ग के वृद्धों की देखभाल और कल्याण द्वारा उनके जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए' काम कर रहा है, यह पुरस्कार पाने वाली पहली भारतीय संस्था है।
  • पिछली बार एक भारतीय को 28 साल पहले वर्ष 1992 में यह पुरस्कार मिला था, जब जे.आर.डी टाटा को व्यक्तिगत तौर पर सम्मानित किया गया था।

प्रधानमंत्री नरेन्द्रय मोदी को ‘लीजन ऑफ मैरिट’ पुरस्कायर


अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प ने 21 दिसंबर, 2020 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी आगे ले जाने और भारत को वैश्विक शक्ति बनाने में सक्षम नेतृत्व के लिए प्रतिष्ठित ‘लीजन ऑफ मैरिट’ (Legion of Merit) पुरस्कार प्रदान किया।

  • मोदी को उच्चतम स्तर के मुख्य कमांडर के तौर पर ‘लीजन ऑफ मैरिट’ पुरस्कार दिया गया, जो किसी राष्ट्राध्यक्ष या शासनाध्यक्ष को ही दिया जाता है।
  • अमेरिका में भारत के राजदूत तरनजीत सिंह संधू ने अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार राबर्ट ओ ब्रायन से व्हाइट हाउस में प्रधानमंत्री की ओर से यह पुरस्कार ग्रहण किया।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन और जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे को भी लीजन ऑफ मैरिट पुरस्कार प्रदान किए।

सोशल एंटरप्रेन्योर ऑफ द इयर पुरस्कार 2020


महिला और बाल विकास मंत्री स्मृति जुबिन ईरानी द्वारा अशरफ पटेल को 'श्वाब फाउंडेशन' और 'जुबिलेंट भरतिया फाउंडेशन' द्वारा स्थापित 'सोशल एंटरप्रेन्योर ऑफ द इयर पुरस्कार 2020' प्रदान किया गया।

  • 'यूनिसेफ दक्षिण एशिया क्षेत्रीय कार्यालय' के साथ साझेदारी में, उन्होंने 8 दक्षिण एशियाई देशों में किशोरों के जीवन पर कोविड- 19 के प्रभाव का आकलन करने के लिए एक जांच उपकरण विकसित किया है।
  • अशरफ पटेल, 'प्रवाह' (Pravah) और 'कॉम्यूटिनी यूथ कलेक्टिव' (ComMutiny Youth Collective) की सह-संस्थापक हैं।
  • 1993 में स्थापित, प्रवाह मनो-सामाजिक हस्तक्षेपों के माध्यम से भारत में सहानुभूतिपूर्ण, संवेदनशील युवा परिवर्तन-कर्ताओं (Young changemaker) की एक पीढ़ी के विकास की सुविधा प्रदान कर रहा है। 'कॉम्यूटिनी यूथ कलेक्टिव' को 2008 में स्थापित किया गया था।
  • यह पुरस्कार पहली बार 2010 में दिया गया था।

गोल्डन पीकॉक पर्यावरण प्रबंधन पुरस्कार 2020


भारतीय इस्पात प्राधिकरण लिमिटेड (सेल) को इंस्टीट्यूट ऑफ डायरेक्टर्स द्वारा इस्पात के क्षेत्र में वर्ष 2020 के प्रतिष्ठित ‘गोल्डन पीकॉक पर्यावरण प्रबंधन पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया।

  • भारतीय इस्पात प्राधिकरण लिमिटेड, पर्यावरण संरक्षण की अपनी कॉरपोरेट जिम्मेदारी के प्रति सजग रहते हुए लगातार पर्यावरण के अनुकूल विभिन्न उपायों को अपनाने पर ध्यान केंद्रित करता है।
  • यह पुरस्कार उद्योग जगत को अपने पर्यावरण संबंधी प्रदर्शन को बेहतर करने और एक मानक स्थापित करने के लिए अपने साथी उद्यमों के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए प्रोत्साहित करता है।
  • सेल लगातार दो वर्षों से इस पुरस्कार का विजेता रहा है। इस पुरस्कार की स्थापना इंस्टीट्यूट ऑफ डायरेक्टर्स, भारत द्वारा 1991 में की गई थी।

युवा गणितज्ञों का रामानुजन पुरस्कार 2020


9 दिसंबर, 2020 को एक वर्चुअल समारोह में ब्राजील के रियो डी जनेरियो स्थित 'इंस्टीट्यूट फॉर प्योर एंड एप्लाइड मैथेमेटिक्स (IMPA) की गणितज्ञ डॉ. कैरोलिना अरुजो को 'युवा गणितज्ञों के रामानुजन पुरस्कार 2020’ से सम्मानित किया गया।

  • उन्हें यह पुरस्कार बीजगणितीय ज्यामिति (algebraic geometry) में उत्कृष्ट कार्य के लिए दिया गया। उनका शोध कार्य 'बाइरेशनल ज्यामिति' (birational geometry) पर केंद्रित है, जिसका उद्देश्य बीजगणित के विभिन्न प्रकारों की संरचना को वर्गीकृत करना और उनका वर्णन करना है।
  • भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा वित्त पोषित यह पुरस्कार एक विकासशील देश के एक शोधार्थी को प्रतिवर्ष 'इंटरनेशनल सेंटर फॉर थियोरेटिकल फिजिक्स (ICTP) और अंतरराष्ट्रीय गणितीय संघ के सहयोग से दिया जाता है।
  • डॉ. अरुजो, जो अंतरराष्ट्रीय गणितीय संघ में ‘गणित में महिलाओं के लिए समिति’ की उपाध्यक्ष हैं, इस पुरस्कार को प्राप्त करने वाले पहली गैर-भारतीय हैं।

बंगबंधु के नाम पर ’रचनात्मक अर्थव्यवस्था’ के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार


यूनेस्को ने दिसंबर 2020 में बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान के नाम पर ‘रचनात्मक अर्थव्यवस्था’ के क्षेत्र में एक अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार शुरू करने का निर्णय लिया है।

  • नवंबर 2021 से, युवाओं की वैश्विक आर्थिक पहल के लिए दो साल में एक बार 50 हजार डॉलर का पुरस्कार दिया जाएगा।
  • यह पुरस्कार रचनात्मक अर्थव्यवस्था के विकास में सांस्कृतिक कार्यकर्ताओं और संगठनों द्वारा की गई असाधारण पहल को मान्यता देगा।
  • वर्तमान में, अंतरराष्ट्रीय हस्तियों और संगठनों के नाम पर 23 यूनेस्को अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार हैं
  • यूनेस्को ने 2021 को 'सतत विकास के लिए रचनात्मक अर्थव्यवस्था का अंतरराष्ट्रीय वर्ष' घोषित किया है।
  • मुजीबुर रहमान बांग्लादेश के राजनेता थे और उन्हें बांग्लादेश में 'राष्ट्रपिता' भी कहा जाता है। वे बांग्लादेश के पहले राष्ट्रपति थे और बाद में वे देश के प्रधानमंत्री के पद पर भी रहे।

डॉ. समीर दामारे को वरिष्ठ वैज्ञानिक पुरस्कार


सीएसआईआर- राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान, गोवा में प्रमुख वैज्ञानिक और प्रमुख विश्लेषणात्मक सेवा प्रभाग के प्रमुख डॉ. समीर दामारे को माइक्रोबायोलॉजिस्ट सोसायटी, इंडिया द्वारा वर्ष 2020 के लिए वरिष्ठ वैज्ञानिक पुरस्कार के लिए चुना गया है।

  • यह पुरस्कार विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे माइक्रोबायोलॉजिस्ट को प्रतिवर्ष प्रदान किया जाता है।
  • डॉ. दामारे को यह पुरस्कार माइक्रोबायोलॉजी, एक्सट्रीमोफाइल्स (Extremophiles), जैव-प्रौद्योगिकी और आणविक जीवविज्ञान के क्षेत्र में उनके शोध के लिए दिया गया है।
  • माइक्रोबायोलॉजिस्ट सोसाइटी, इंडिया की स्थापना मार्च 1996 में हुई थी। इसकी भारत भर में 30 उप-इकाइयाँ और भारत के बाहर 6 इकाइयाँ हैं, और पूरे भारत के विभिन्न कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में 70 से अधिक छात्र इकाइयाँ हैं। सोसायटी में 528 से अधिक आजीवन सदस्य हैं।

महाराष्ट्र के रंजीत सिंह दिसाले को ग्लोबल टीचर पुरस्कार 2020


3 दिसंबर, 2020 को महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के एक प्राथमिक स्कूल के शिक्षक रंजीत सिंह दिसाले ने एक मिलियन डॉलर राशि का ‘ग्लोबल टीचर पुरस्कार 2020’ (Global Teacher Prize 2020) जीता।

  • उन्हें लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने और भारत में एक त्वरित प्रतिक्रिया (क्यूआर) कोडित पाठ्यपुस्तक क्रांति शुरू करने के उनके प्रयासों के लिए सम्मानित किया गया।
  • यह पुरस्कार लंदन स्थित वर्की फाउंडेशन द्वारा स्थापित किया गया था और यूनेस्को के साथ साझेदारी में दिया गया है।
  • सोलापुर जिले के पारितेवाडी के जिला परिषद स्कूल के 32 वर्षीय शिक्षक रंजीत सिंह दिसाले ने पुरस्कार राशि का आधा हिस्सा प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले अन्य नौ शिक्षकों को देने की घोषणा की है, जिससे वे अपने बेहतर काम को जारी रख सकें।
  • दिसाले को 'वर्ष 2016 के अभिनव शोधकर्ता' (Innovative Researcher of the Year 2016) के रूप में नामित किया गया था।
  • माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला ने अपनी पुस्तक 'हिट रिफ्रेश' में रंजीत सिंह के काम को भारत की तीन कहानियों में से एक के रुप में चुना है।

राष्ट्रीय जल पुरस्कार 2019


  • जल शक्ति मंत्रालय द्वारा नवंबर 2020 में दूसरे राष्ट्रीय जल पुरस्कार 2019 प्रदान किए गए।
  • प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान के लिए ‘सर्वश्रेष्ठ राज्य पुरस्कार’ क्रमश: तमिलनाडु, महाराष्ट्र और राजस्थान को दिए गए।
  • मिजोरम ने ‘विशेष श्रेणी’ के राज्यों में पहला पुरस्कार जीता।
  • सर्वश्रेष्ठ जिला पुरस्कार को छ: क्षेत्रों, उत्तर, दक्षिण, पश्चिम, पूर्व, पूर्वोत्तर और आकांक्षी और दो उप- श्रेणियों ‘नदियों का पुनरुद्धार’ और ‘जल संरक्षण’ में विभाजित किया गया था।
  • उत्तर में, नदियों और जल संरक्षण के पुनरुद्धार में सर्वश्रेष्ठ जिले का पुरस्कार अयोध्या और अल्मोड़ा को; दक्षिण में, वेल्लोर और वाईएसआर कडप्पा को; पश्चिम में, सांगली और कच्छ को; पूर्व में बिलासपुर और सूरजपुर को; पूर्वोत्तर में पश्चिम त्रिपुरा (डब्ल्यूसी) को और आकांक्षी जिले की श्रेणी में क्रमशः खंदाना और विजयनगरम को दिए गये।

मत्स्य क्षेत्र में पुरस्कार


भारत सरकार के मत्स्य विभाग ने 21 नवंबर, 2020 को विश्व मत्स्य दिवस के अवसर पर राज्यों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के लिए पहली बार मत्स्य क्षेत्र में 2019-20 के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्यों को पुरस्कृत किया।

  • सर्वश्रेष्ठ राज्य: ओडिशा (समुद्री राज्यों के बीच); उत्तर प्रदेश (अंतर्देशीय राज्यों के बीच); और असम (पहाड़ी और पूर्वोत्तर राज्यों के बीच)।
  • सर्वश्रेष्ठ संगठन: तमिलनाडु मत्स्य विकास निगम लिमिटेड (समुद्री क्षेत्र के लिए); तेलंगाना राज्य मछुआरा सहकारी समितियां फेडरेशन लिमिटेड (अंतर्देशीय क्षेत्र के लिए); और असम एपेक्स सहकारी मछली विपणन और प्रसंस्करण फेडरेशन लिमिटेड (पहाड़ी क्षेत्र के लिए)।
  • सर्वश्रेष्ठ जिला: आंध्र प्रदेश का कृष्णा जिला (समुद्री जिला); ओडिशा का कालाहांडी (अंतर्देशीय जिला); और असम का नगांव (पहाड़ी और पूर्वोत्तर जिला)।

बुकर पुरस्‍कार 2020


19 नवंबर, 2020 को स्कॉटलैंड के लेखक 44 वर्षीय डगलस स्टूर्ट को उनके पहले ही उपन्यास ‘शग्गी बैन’ (Shuggie Bain) के लिए बुकर पुरस्कार 2020 दिया गया है।

  • यह उपन्यास एक ऐसे लड़के के जीवन पर आधारित है, जो 1980 के दशक में ग्लासगो में पला-बढ़ा और जिसकी मां नशे की समस्या से जूझ रही है। स्टूअर्ट ने अपना यह उपन्यास अपनी मां को समर्पित किया है, जिसकी मृत्यु तब हुई थी, जब वह केवल 16 साल के थे।
  • दुबई में बसी भारतीय मूल की लेखिका अवनि दोषी का पहला उपन्यास ‘बर्न्ट शुगर’ (Burnt Sugar) भी इस श्रेणी में नामित था, लेकिन अंतिम समय में वे दौड़ में पिछड़ गईं।
  • बुकर पुरस्कार की शुरूआत 1969 में हुई थी। यह किसी भी देश के लेखकों द्वारा अंग्रेजी में लिखे जाने वाले और यूनाइटेड किंगडम या आयरलैंड में प्रकाशित होने वाले कथा साहित्य (Fiction) के लिए दिया जाता है। पुरस्कार के रूप में 50 हजार पाउंड की राशि दी जाती है।
  • 2019 का बुकर पुरस्कार 'द टेस्टामेंट्स' (The Testaments) के लिए मार्गरेट एटवुड और 'गर्ल, वुमन, अदर' (Girl, Woman, Other) के लिए बर्नार्डिन एवारिस्टो को दिया गया था।

2020 के लिए स्वर्ण जयंती अध्येताओं का चयन


  • 12 नवंबर 2020 को जीवन विज्ञान, रसायन विज्ञान, गणित, पृथ्वी और वायुमंडलीय विज्ञान, भौतिक विज्ञान, और इंजीनियरिंग के क्षेत्रों में नवीन अनुसंधान विचारों से जुड़े और अनुसंधान एवं विकास पर प्रभाव बनाने की क्षमता रखने वाले कुल 21 वैज्ञानिकों को स्वर्ण जयंती फैलोशिप के लिए चुना गया।
  • स्वर्ण जयंती फैलोशिप योजना भारत सरकार द्वारा भारत की 50वीं स्वतंत्रता जयंती के अवसर पर शुरू की गई थी, जो विज्ञान और प्रौद्योगिकी के प्रमुख क्षेत्रों में बुनियादी अनुसंधान को आगे बढ़ाने में बेहतर प्रदर्शन करने वाले चयनित वैज्ञानिकों को सहायता और सहयोग प्रदान करती है।
  • योजना के तहत, पुरस्कार विजेताओं को विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार द्वारा पांच साल के लिए 25,000 रुपये प्रति माह की फेलोशिप के अतिरिक्त, डीएसटी पुरस्कार विजेताओं को 5 वर्षों के लिए 5 लाख रुपये का अनुसंधान अनुदान दिया जाता है। फैलोशिप उनके मूल संस्थान से मिलने वाले वेतन के अतिरिक्त प्रदान की जाती है।

बांग्लादेश के सादत रहमान को अंतरराष्ट्रीय बाल शांति पुरस्कार 2020


बांग्लादेश के एक 17 वर्षीय किशोर सादत रहमान को साइबर बाल अपराध को रोकने की दिशा में कार्य करने के लिए अंतरराष्ट्रीय बाल शांति पुरस्कार 2020 से सम्मानित किया गया है।

  • उन्हें यह पुरस्कार नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मलाला यूसुफजई ने 13 नवंबर, 2020 को नीदरलैंड्स में एक समारोह के दौरान प्रदान किया।
  • रहमान को 42 देशों के 142 आवेदकों में से चुना गया है। सादत ने साइबर अपराध से पीड़ित किशोरों की मदद के लिए साइबर अपराध निरोधी ऐप ‘साइबर टीन्स’ (Cyber Teens) बनाया है।
  • यह ऐप युवाओं को इंटरनेट सुरक्षा के बारे में जानकारी प्रदान करता है और उन्हें गोपनीय रूप से साइबर बुलिंग (cyber bullying) के बारे में रिपोर्ट करने के लिए एक मंच भी प्रदान करता है।
  • यह पुरस्कार अंतरराष्ट्रीय बाल अधिकार संगठन ‘किड्सराइट्स’ (KidsRights) द्वारा ऐसे बच्चे को दिया जाता है, जो बाल अधिकारों के लिए संघर्ष करता है। 2005 में यह प्रतिष्ठित पुरस्कार लॉन्च किया गया था।

गांधी युवा तकनीकी नवाचार पुरस्कार 2020


विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने नई दिल्ली में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 5 नवंबर, 2020 को ‘गांधी युवा तकनीकी नवाचार पुरस्कार 2020’ प्रदान किए।

उद्देश्य: छात्रों में तकनीकी को बढ़ावा देकर, उन्हें जैव- प्रौद्योगिकी और स्टार्टअप की दिशा में आगे बढ़ाना।

  • दो श्रेणियों ‘छात्रों द्वारा शोध की दिशा में किए गए नवाचार के लिए गांधी युवा तकनीकी नवाचार’ (सितारे-जीवाईटीआई) [Students Innovations for Advancement of Research Explorations - Gandhian Young Technological Innovation (SITARE-GYTI)] और ‘सोसायटी फॉर रिसर्च एंड इनीशिएटिव्स फॉर सस्टेनेबल टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन- गांधीवादी युवा तकनीकी नवाचार' (सृष्टि-जीवाईटीआई) [Society for Research and Initiatives for Sustainable Technological Innovations-Gandhian Young Technological Innovation (SRISTI-GYTI)] में पुरस्कार दिए गए।
  • ‘सितारे-जीवाईटीआई’ श्रेणी में 14 प्रमुख पुरस्कार और 11 प्रोत्साहन पुरस्कार तथा ‘सृष्टि-जीवाईटीआई’ श्रेणी में 7 प्रमुख पुरस्कार और 16 प्रोत्साहन पुरस्कार दिए गए।
  • सितारे-जीवाईटीआई को ‘बॉयोटेक्नोलॉजी इंडस्ट्री रिसर्च असिस्टेंट काउंसिल’ (बीआईआरएसी), जैव-प्रौद्योगिकी विभाग और सृष्टि-जीवाईटीआई को ‘सृष्टि’ (Society for Research and Initiatives for Sustainable Technological Innovations) के तहत शामिल किया गया है।

अर्थशॉट पुरस्कार


ब्रिटेन के प्रिंस विलियम ने 8 अक्टूबर, 2020 को एक नया 50 मिलियन पाउंड का 'अर्थशॉट पुरस्कार' (Earthshot Prize) लॉन्च किया।

उद्देश्य: दुनिया की कुछ सबसे अधिक दबाव वाली पर्यावरणीय चुनौतियों के लिए सबसे नवीन समाधानों का वित्तपोषण करना।

  • प्रत्येक 1 मिलियन पाउंड के पांच पुरस्कार अगले 10 वर्षों के लिए प्रत्येक वर्ष प्रदान किए जाएंगे, जो 2030 तक दुनिया की सबसे बड़ी पर्यावरणीय समस्याओं के लिए लगभग 50 समाधान प्रदान करेगा।
  • यह पुरस्कार पांच अर्थशॉट्स’ (Earthshot) चुनौतियों पर केंद्रित है- प्रकृति की रक्षा एवं पुनर्स्थापना;

स्वच्छ वायु; महासागरों को पुनर्जीवित करना; अपशिष्ट मुक्त दुनिया का निर्माण तथा जलवायु को ठीक करना।

  • यह पुरस्कार अर्थशॉट्स समाधान में महत्त्वपूर्ण योगदान देने वाले व्यक्तियों, वैज्ञानिकों, कार्यकर्त्ताओं, अर्थशास्त्रियों, सामुदायिक परियोजनाओं, नेताओं, सरकारों, बैंकों, व्यवसायों, शहरों एवं देशों को प्रदान किया जा सकता है। पुरस्कार राशि का उपयोग परियोजनाओं को मदद करने के लिए किया जाएगा।

शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार 2020


सितंबर 2020 में वैज्ञानिक एवं अनुसंधान परिषद (CSIR) द्वारा शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार की घोषणा की गई।

    • इस पुरस्कार हेतु 7 श्रेणियों में घोषित वैज्ञानिकों के नाम इस प्रकार हैं।
  • जैव विज्ञान: डॉ. शुभादीप चटर्जी एवं डॉ. वत्सला थिरूमलाई
  • रसायन विज्ञान: डॉ. ज्योर्तिमयी दास एवं डॉ. सुबी जैकब जॉर्ज
  • पृथ्वी, वायुमंडल, महासागर तथा ग्रहीय विज्ञान: डॉ. अभिजीत मुखर्जी एवं डॉ. सूर्येन्दु दत्ता
  • इंजीनियरिंग विज्ञान: डॉ. अमोल अरविंद राव कुलकर्णी एवं डॉ. किंशुक दास गुप्ता
  • गणित विज्ञान: डॉ. रजत शुभ्रा हजरा एवं डॉ. यू.के. आनंदवर्धनन
  • चिकित्सा विज्ञान: डॉ. बुशरा अतीक एवं डॉ. रितेश अग्रवाल
  • भौतिक विज्ञान: डॉ. राजेश गनपथी एवं डॉ. सुरजीत धारा
    • यह पुरस्कार विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया जाता है। पहली बार यह पुरस्कार 1958 में दिया गया था।

मारियो मोलिना


7 अक्टूबर, 2020 को रसायन विज्ञान में नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक मारियो मोलिना (Mario Molina) का मैक्सिको शहर में निधन हो गया।

  • वर्ष 1995 में वैज्ञानिक मारियो मोलिना को अमेरिकी वैज्ञानिक फ्रैंक शेरवुड रोलैंड और नीदरलैंड्स के पॉल क्रुटजेन के साथ संयुक्त रूप से रसायन विज्ञान का नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया था।
  • तीनों रसायनविदों को यह पुरस्कार वायुमंडलीय रसायन विज्ञान, विशेष रूप से ओजोन के निर्माण और विघटन संबंधी कार्य के लिए दिया गया था।

राइट लाइवलीहुड अवॉर्ड 2020


  • 1 अक्टूबर, 2020 को ‘द राइट लाइवलीहुड फाउंडेशन’ द्वारा ‘राइट लाइवलीहुड अवॉर्ड 2020’ (Right Livelihood Award) की घोषणा की गई।
  • इस वर्ष 4 व्यक्तियों को इस पुरस्कार से सम्मानित किए जाने की घोषणा की गई है।
  • ईरान की नसरीन सोतौडेह को ‘ईरान में राजनीतिक स्वतंत्रता और मानवाधिकारों को बढ़ावा देने हेतु निडर सक्रियता के लिए'।
  • संयुक्त राज्य अमेरिका के ब्रायन स्टीवेंसन को ‘अमेरिका के आपराधिक न्याय प्रणाली में सुधार और नस्लीय सुलह को आगे बढ़ाने के उनके प्रेरक प्रयास के लिए’।
  • निकारागुआ की लोट्टी कनिंघम रेन (Lottie Cunningham Wren) को ‘स्वदेशी भूमि और समुदायों को शोषण और दुर्दशा से बचाने के लिए उनके समर्पण के लिए’।
  • बेलारूस के एलेस बालियात्स्की और एनजीओ वियासना (Ales Bialiatski/Viasna) को ‘बेलारूस में लोकतंत्र और मानव अधिकारों की स्थापना के लिए उनके दृढ़ संघर्ष के लिए’
  • राइट लाइवलीहुड अवार्ड 1980 में 'वैश्विक समस्याओं को सुलझाने वाले साहसी लोगों के सम्मान और समर्थन' के लिए स्थापित किया गया था। इसे व्यापक रूप से 'वैकल्पिक नोबेल पुरस्कार' के रूप में जाना जाता है।

सस्त्र रामानुजन पुरस्कार 2020


वर्ष 2020 का प्रतिष्ठित सस्त्र रामानुजन पुरस्कार (Sastra Ramanujan Prize) प्रिंसटन यूनिवर्सिटी, यूएसए और हिब्रू यूनिवर्सिटी ऑफ जेरूशलम, इस्राइल के शाई एव्रा (Shai Evra) को प्रदान किया जाएगा।

  • उन्हें यह पुरस्कार कॉम्बीनेटोरियल और ज्यामितिय टोपोलॉजी (combinatorial and geometric topology) के क्षेत्र में उच्च आयामी विस्तारकों पर उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रदान किया जाएगा।
  • यह पुरस्कार तमिलनाडु के कुंभकोणम स्थित, सस्त्र विश्वविद्यालय द्वारा विश्वभर के उस गणितज्ञ को प्रदान किया जाता है, जिसकी उम्र 32 वर्ष से कम हो।
  • प्रसिद्ध गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन की स्मृति में इस पुरस्कार की स्थापना वर्ष 2005 में हुई थी।
  • यह पुरस्कार ‘22 दिसंबर’ को श्रीनिवास रामानुजन के जन्म दिवस पर प्रदान किया जाता है।

सीडीआरआई पुरस्कार 2020


29 सितंबर, 2020 को केंद्रीय औषधि अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर-सीडीआरआई), लखनऊ ने युवा शोधकर्ताओं को दवाओं की खोज और उसके विकास में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सीडीआरआई पुरस्कार 2020 से सम्मानित किया।

  • डॉ. बुशरा अतीक, डॉ. सुरजीत घोष और डॉ. रवि मंजीथ्या को प्रतिष्ठित सीडीआरआई पुरस्कार, 2020 दिया गया।
  • देश में वैज्ञानिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने और औषधि अनुसंधान एवं विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान को मान्यता देने के लिए सीडीआरआई पुरस्कार की स्थापना 2004 में की गई थी। ये प्रतिष्ठित पुरस्कार, 45 वर्ष से कम आयु के भारतीय नागरिकों को दिए जाते हैं।

डॉ. बुशरा अतीक: आईआईटी, कानपुर के जैविक विज्ञान एवं बायो इंजीनियरिंग विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर बुशरा को ‘प्रोस्टेट कैंसर के लिए नए चिकित्सीय उपायों की खोज’ के लिए पुरस्कार दिया गया।

डॉ. सुरजीत घोष: आईआईटी, जोधपुर में जैविक विज्ञान एवं बायो इंजीनियरिंग विभाग में प्रोफेसर सुरजीत को ‘कैंसर-प्रतिरोधक दवा के लिए परमाणु स्थानीयकरण सेल पेनेट्रेटिंग पेप्टाइड (Cell Penetrating Peptide -CPP) की खोज’ के लिए पुरस्कार दिया गया।

डॉ. रवि मंजीथ्या: जवाहरलाल नेहरू सेंटर फॉर एडवांस साइंटिफिक रिसर्च, बैंगलोर में एसोसिएट प्रोफेसर रवि को रासायनिक आनुवांशिता पर आधारित ऑटोफैगी मॉडयूलेटिंग (autophagy-modulating) छोटे अणुओं की पहचान हेतु पुरस्कार दिया गया।

सैंड्रा नीस लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड


भारतीय मूल के परोपकारी हरीश कोटेचा को बेघर बच्चों और युवाओं की जरूरतों को पूरा करने के लिए अमेरिका में उनके काम की मान्यता में प्रतिष्ठित 'सैंड्रा नीस लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड' से सम्मानित किया गया है।

  • 9 अक्टूबर, 2020 को अपने 32वें वार्षिक सम्मेलन में नेशनल एसोसिएशन फॉर द एजुकेशन ऑफ होमलेस चिल्ड्रन एंड यूथ (NAEHCY) की ओर से यह अवार्ड अमेरिका ‘हिंदू चैरिटीज फॉर अमेरिका’ (HC4A) के संस्थापक और अध्यक्ष, कोटेचा को प्रदान किया गया।
  • सैंड्रा नीस लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड उन लोगों को हर साल दिया जाता है, जिन्होंने अथक परिश्रम करके बच्चों के लिए सुरक्षा और आश्रय सुनिश्चित करने के लिए काम किया हो।

रसायन विज्ञान का नोबेल पुरस्कार 2020


7 अक्टूबर, 2020 को 'रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज' ने 2020 का रसायन विज्ञान का नोबेल पुरस्कार इमैनुएल चार्पेंटीयर (Emmanuelle Charpentier) और जेनिफर ए. डौडना (Jennifer A. Doudna) को प्रदान करने की घोषणा की।

क्यों दिया गया? उन्होंने जीनोम एडिटिंग के लिए एक विधि 'क्रिस्पर कैस-9 जेनेटिक सीजर्स' (CRISPR / Cas9 genetic scissors) विकसित की। इसे जीन प्रौद्योगिकी में एक महत्वपूर्ण उपकरण माना जाता है।

  • इनका उपयोग करते हुए, शोधकर्ता जानवरों, पौधों और सूक्ष्मजीवों के डीएनए को उच्च परिशुद्धता के साथ बदल सकते हैं।
  • फ्रांस में जन्मी चार्पेंटीयर वर्तमान में बर्लिन, जर्मनी में विज्ञान के लिए मैक्स प्लैंक यूनिट के निदेशक के रूप में कार्यरत हैं। जबकि अमेरिका में जन्मी डौडना, कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय में बायोकेमिस्ट्री की प्रोफेसर हैं।
  • पहली बार रसायन विज्ञान के क्षेत्र में केवल महिलाओं की टीम (Only women team) को एक साथ इस पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की गई।
  • इनसे पूर्व 5 महिलाओं को रसायन का नोबेल पुरस्कार दिया गया है। मैरी क्यूरी (1911), इरेन जोलियोट-क्यूरी (1935), डोरोथी क्रोफूट हॉजकिन (1964), एडा योनथ (2009) और फ्रांसिस एच. अर्नोल्ड (2018)।

चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार 2020


5 अक्टूबर, 2020 को 'हेपेटाइटिस सी वायरस' की खोज के लिए ‘शरीर क्रिया विज्ञान या चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार 2020’ हार्वे जे ऑल्टर (अमेरिका), माइकल हॉटन (ब्रिटेन) चार्ल्स एम. राइस (अमेरिका) को संयुक्त रूप से प्रदान करने की घोषणा की गई।

  • इनकी खोज ने रक्त-जनित हेपेटाइटिस के एक प्रमुख स्रोत की व्याख्या करने में मदद की, जिसे हेपेटाइटिस ‘ए’ और ‘बी’ वायरस द्वारा नहीं समझाया जा सकता।
  • यह पुरस्कार 'कारोलिंस्का इंस्टीट्यूट में नोबेल असेंबली स्टॉकहोम, स्वीडन' द्वारा दिया जाता है।
  • हेपेटाइटिस 'सी' एक रक्त जनित वायरस है और हेपेटाइटिस सी रोग का कारण बनता है जो यकृत को प्रभावित करता है।
  • हेपेटाइटिस यकृत की सूजन है। यह स्थिति स्व-सीमित हो सकती है या फाइब्रोसिस (निशान), सिरोसिस या यकृत कैंसर तक बढ़ सकती है। 5 मुख्य हेपेटाइटिस वायरस हैं, जिन्हें ‘ए’, ‘बी’, ‘सी’, ‘डी’ और ‘ई’ प्रकार के रूप में संदर्भित किया जाता है।
  • हेपेटाइटिस 'ए' और 'ई' आमतौर पर दूषित भोजन या पानी के अंतर्ग्रहण के कारण होते हैं। हेपेटाइटिस 'बी' और 'डी' वायरस संक्रामक रक्त, वीर्य और शरीर के अन्य तरल पदार्थों के संपर्क से फैलता है।
  • हेपेटाइटिस ‘ए’, ‘बी’, ‘डी’ और ‘ई’ के लिए वैक्सीन उपलब्ध है, लेकिन हेपेटाइटिस ‘सी’ के लिए कोई वैक्सीन उपलब्ध नहीं है।
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार दुनिया भर में 7 करोड़ से अधिक हेपेटाइटिस रोगी हैं, जिनमें से हर वर्ष 4 लाख लोगों की मृत्यु हो जाती है।

अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार 2020


12 अक्टूबर, 2020 को अमेरिका के दो अर्थशास्त्रियों पॉल आर. मिलग्रोम और रॉबर्ट बी. विल्सन को संयुक्त रूप से 2020 के अर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कार के लिए चुना गया है। दोनों अर्थशास्त्री कैलिफोर्निया के स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से जुड़े हैं।

क्यों दिया गया? ‘नीलामी के सिद्धांत (auction theory) में सुधार और नए नीलामी प्रारूपों के आविष्कारों के लिए’।

  • नए नीलामी प्रारूप इस बात का उदाहरण हैं कि बुनियादी अनुसंधान कैसे बाद में समाज को लाभ पहुंचाने की महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
  • 2019 में, यह पुरस्कार भारतीय-अमेरिकी अर्थशास्त्री अभिजीत बनर्जी, एस्थर डुफ्लो और माइकल क्रेमर द्वारा साझा किया गया था। तीनों को वैश्विक गरीबी को कम करने के लिए उनके प्रयोगात्मक दृष्टिकोण के लिए सम्मानित किया गया था।
  • तकनीकी रूप से इसे ‘अल्फ्रेड नोबेल की स्मृति में अर्थशास्त्र के लिए स्वेरिग्स रिक्सबैंक पुरस्कार’ के नाम से जाना जाता है। यह पुरस्कार 1969 में शुरू किया गया था और अब इसे नोबेल पुरस्कारों के रूप में व्यापक पहचान मिली है।

नोबेल शांति पुरस्कार 2020


  • 9 अक्टूबर, 2020 को नॉर्वेजियन नोबेल समिति ने संयुक्त राष्ट्र संघ (यूएन) के विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) को नोबेल शांति पुरस्कार 2020 से सम्मानित करने की घोषणा की।
  • क्यों दिया गया? भुखमरी से निपटने के प्रयासों, संघर्ष से प्रभावित क्षेत्रों में शांति के लिए अपने योगदान के लिए और युद्ध और संघर्ष के हथियार के रूप में भूख के उपयोग को रोकने के लिए।
  • विश्व खाद्य कार्यक्रम को यमन से लेकर उत्तर कोरिया तक लाखों लोगों को भुखमरी से उबारने के लिए सम्मानित किया गया।
  • संयुक्त राष्ट्र का विश्व खाद्य कार्यक्रम आपात स्थितियों युद्धों से लेकर नागरिक संघर्षों, प्राकृतिक आपदाओं और अकाल के समय खाद्य सहायता प्रदान करता है।
  • यह 12वीं बार है, जब संयुक्त राष्ट्र की एक एजेंसी या व्यक्तित्व को शांति पुरस्कार दिया गया है।

प्राणि मित्र पुरस्कार 2020


  • 5 अक्टूबर, 2020 को केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावडेकर की अध्यक्षता में एक विशेष ऑनलाइन समारोह में प्राणि मित्र पुरस्कार 2020 के विजेताओं को सम्मानित किया गया।
  • केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण- प्राणि मित्र पुरस्कार, बंदी पशु प्रबंधन और कल्याण के लिए चिड़ियाघर अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदान किए जाते हैं।
  • पुरस्कार चार श्रेणियों में दिए गए। उत्कृष्ट निदेशक / क्यूरेटर, उत्कृष्ट पशु चिकित्सक, उत्कृष्ट जीवविज्ञानी / शिक्षाविद, और उत्कृष्ट पशु रक्षक।

साहित्य का नोबेल पुरस्कार 2020


  • 8 अक्टूबर, 2020 को स्वीडिश एकेडमी द्वारा साहित्य के लिए 2020 के नोबेल पुरस्कार की घोषणा की गई। इस वर्ष 77 वर्षीया अमेरिकी कवयित्री लुईस ग्लूक को यह पुरस्कार दिया गया।

  • ग्लूक को ‘’उनकी बेमिसाल काव्यात्मक आवाज के लिए सम्मानित किया गया, जो खूबसूरती के साथ व्यक्तिगत अस्तित्व को सार्वभौमिक बनाता है’’।
  • येल विश्वविद्यालय की प्रोफेसर, ग्लुक ने 1968 में 'फर्स्टबोर्न' (Firstborn) शीर्षक से अपने संग्रह की शुरुआत की।
  • उन्होंने 1993 में अपने संग्रह 'द वाइल्ड आइरिस' (The Wild Iris) के लिए पुलित्जर पुरस्कार और 2014 में 'फेदफुल' (Faithful) और 'वर्चुअस नाइट' (Virtuous Nigh) के लिए 'नेशनल बुक अवार्ड' जीता था।
  • वह साहित्य का नोबेल पुरस्कार जीतने वाली 16वीं महिला हैं और पिछले दशक में ओल्गा टोकार्चुक (2018), स्वेतलाना अलेक्सीविच (2015) और एलिस मुनरो (2013) के बाद साहित्य का नोबेल पुरस्कार जीतने वाली चौथी महिला हैं।

भौतिकी का नोबेल पुरस्कार 2020


स्वीडन स्थित ‘रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज’ द्वारा 6 अक्टूबर, 2020 को भौतिकी के नोबेल पुरस्कार 2020 की घोषणा की गई।

  • यह पुरस्कार रोजर पेनरोज (Roger Penrose) को रेनहार्ड गेनजेल (Reinhard Genzel) और एंड्रिया गेज (Andrea Ghez) के साथ संयुक्त रुप से ब्रह्मांड में सबसे अनोखी घटना, ब्लैक होल के बारे में उनकी खोजों के लिए दिया गया है।

रोजर पेनरोज: पुरस्कार का आधा हिस्सा यूनाइटेड किंगडम के रोजर पेनरोज (ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक) को दिया गया।

खोज: ब्लैक होल का निर्माण सापेक्षता के सामान्य सिद्धांत का एक मजबूत पूर्वानुमान ( robust prediction) है।

रेनहार्ड गेनजेल और एंड्रिया गेज: पुरस्कार का बाकी आधा हिस्सा जर्मनी के रेनहार्ड गेनजेल (मैक्स प्लांक इंस्टीट्यूट जर्मनी और कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, बर्कले, संयुक्त राज्य अमेरिका से संबद्ध) और अमेरिका की एंड्रिया गेज (कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, लॉस एंजेल्स संयुक्त राज्य अमेरिका से संबद्ध) को दिया गया।

खोज: हमारी आकाशगंगा के केंद्र में एक सुपरमैसिव कॉम्पैक्ट ऑब्जेक्ट (supermassive compact object) ‘सुपरमैसिव ब्लैक होल’ की खोज के लिए।

अन्य तथ्य: 1903 में मैरी क्यूरी (Marie Curie), 1963 में मारिया गोएपर्ट-मेयर (Maria Goeppert-Mayer) और 2018 में डोन्ना स्ट्रिकलैंड (Donna Strickland) के बाद एंड्रिया गेज चौथी महिला हैं, जिन्हें भौतिकी के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

राष्ट्रीय स्टार्टअप पुरस्कार 2020


  • रेल, वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने राष्ट्रीय स्टार्टअप पुरस्कारों के पहले संस्करण के परिणाम 6 अक्टूबर, 2020 को नई दिल्ली में जारी किए।
  • उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) ने उत्कृष्ट स्टार्टअप्स और इकोसिस्टम को सक्षम करने वालों को मान्यता देने और पुरस्कृत करने के लिए राष्ट्रीय स्टार्टअप पुरस्कारों की शुरूआत की है।
  • पहले संस्करण के लिए 12 क्षेत्रों से आवेदन आमंत्रित किए गए थे। ये 12 क्षेत्र हैं- कृषि, शिक्षा, उद्यम प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, वित्त, खाद्य, स्वास्थ्य, उद्योग 4.0, अंतरिक्ष, सुरक्षा, पर्यटन और शहरी सेवाएं।
  • इनके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में प्रभाव पैदा करने वाले, महिला नेतृत्व वाले और शैक्षणिक परिसरों में स्थापित स्टार्टअप को भी इन पुरस्कारों के लिए चुना जाता है।
  • कार्यक्रम के दौरान 'स्टार्टअप इंडिया शोकेस' और स्टार्टअप्स के प्रमाणपत्र हेतु 'ब्लॉकचेन-आधारित प्रमाणपत्र सत्यापन प्रणाली' भी लॉन्च की गई।
  • स्टार्टअप इंडिया शोकेस, स्टार्टअप इंडिया पोर्टल का हिस्सा है। यहाँ प्रदर्शित स्टार्टअप्स को विशेषज्ञों का साथ मिलेगा और उनके दायरों का विस्तार सामाजिक प्रभाव समेत फिनटेक, एडटेक (शिक्षा प्रौद्योगिकी) व अन्य क्षेत्रों में भी होगा।

स्वच्छ भारत पुरस्कार 2020


जल शक्ति मंत्रालय द्वारा 2 अक्टूबर, 2020 को स्वच्छ भारत दिवस मनाया गया तथा स्वच्छ भारत पुरस्कार 2020 प्रदान किए गए।

  • विभिन्न श्रेणियों और अभियानों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों, जिलों, ब्लॉकों, ग्राम पंचायतों तथा अन्य को स्वच्छ भारत पुरस्कार प्रदान किए।

स्वच्छ सुंदर सामुदायिक शौचालय अभियान: गुजरात (सर्वश्रेष्ठ राज्य); तिरुनेलवेली, तमिलनाडु (सर्वश्रेष्ठ जिला); मध्य प्रदेश में उज्जैन का खाचरौद (सर्वश्रेष्ठ ब्लॉक); तमिलनाडु सलेम में चिन्नानूर (सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत)।

  • यह अभियान 1 नवंबर, 2019 से 30 अप्रैल, 2020 तक चलाया गया।

सामुदायिक शिक्षा अभियान: सर्वश्रेष्ठ राज्य श्रेणी में उत्तर प्रदेश (गरीब कल्याण रोजगार अभियान- जीकेआरए) और गुजरात (गैर-जीकेआरए); सर्वश्रेष्ठ जिला श्रेणी में प्रयागराज (जीकेआरए) और बरेली (गैर-जीकेआरए) तथा सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत असम में बोरीगांव, बोंगईगांव।

  • यह अभियान 15 जून से 15 सितंबर, 2020 तक चलाया गया।

गंदगी मुक्त भारत अभियान: तेलंगाना को अधिकतम श्रमदान भागीदारी के लिए शीर्ष पुरस्कार, वहीं हरियाणा को अधिकतम ओडीएफ प्लस गांव घोषित करने के लिए प्रथम पुरस्कार।

  • पंजाब के मोगा जिला को दीवार पर चित्रों के माध्यम से अधिकतम आईईसी (सूचना और शिक्षा) संदेशों को प्रसारित करने के लिए प्रथम पुरस्कार।
  • 8 अगस्त 2020 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा सप्ताह भर का गंदगी मुक्त भारत अभियान चलाया गया।

उषा मंगेशकर को ‘गानसम्राज्ञी लता मंगेशकर पुरस्‍कार 2020-21’


महाराष्ट्र सरकार ने 28 सितंबर, 2020 को पार्श्व गायिका उषा मंगेशकर को ‘गानसम्राज्ञी लता मंगेशकर पुरस्कार 2020-21’ प्रदान करने की घोषणा की।

  • राज्य के संस्कृति विभाग द्वारा यह पुरस्कार प्रदान किया जाता है। पुरस्कार के अंतर्गत पांच लाख रुपये और प्रशस्ति पत्र तथा एक स्मृति चिन्ह दिया जाता है।
  • उषा मंगेशकर फिल्मों में मराठी, हिन्दी और अनेक भारतीय भाषाओं में गीत गा चुकी है। सुबह का तारा, जय संतोषी मां, आजाद, चित्रलेखा, खट्टा-मीठा, काला पत्थर, नसीब, खूबसूरत, डिस्को डांसर और इंकार जैसी फिल्मों में उनके गाने काफी लोकप्रिय हैं।

राष्ट्रीय राजमार्ग उत्कृष्टता पुरस्कार 2020


सितंबर 2020 में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने ‘राष्ट्रीय राजमार्ग उत्कृष्टता पुरस्कार 2020’ के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं।

उद्देश्य: उन कंपनियों को सम्मानित करना, जो राजमार्ग विकास के निर्माण, संचालन, रखरखाव और टोल प्रबंधन के साथ-साथ सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में असाधारण रूप से अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं।

  • पुरस्कार दिसंबर 2020 में घोषित किए जाएंगे। यह पुरस्कार वर्ष 2018 में स्थापित किया गया था।
  • हर साल सात श्रेणियों में पुरस्कार दिए जाते हैं- परियोजना प्रबंधन में उत्कृष्टता, संचालन और रखरखाव में उत्कृष्टता, हरित राजमार्ग, नवोन्मेष, राजमार्ग सुरक्षा में उत्कृष्टता, टोल प्रबंधन में उत्कृष्टता और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में उत्कृष्ट कार्य।

'कौशल्याचार्य समादर 2020' पुरस्कार


कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) द्वारा 10 सितंबर, 2020 को 'कौशल्याचार्य समादर 2020' पुरस्कार प्रदान किए गए।

उद्देश्य: व्यावसायिक प्रशिक्षण पारितंत्र में कौशल प्रशिक्षकों द्वारा किए गए योगदान को मान्यता देना।

  • विभिन्न क्षेत्रों में 92 प्रशिक्षकों को देश के कौशल पारितंत्र के निर्माण और भविष्य के लिए कार्यबल तैयार करने में उनके असाधारण योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

प्रथम 'एआईसीटीई विश्वेश्वरया सर्वश्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार'


शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने 15 सितंबर, 2020 को अभियंता दिवस के अवसर पर एआईसीटीई द्वारा अनुमोदित संस्थानों के 12 संकाय सदस्यों को प्रथम 'एआईसीटीई विश्वेश्वरया सर्वश्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार' प्रदान किए।

उद्देश्य: राष्ट्रीय स्तर पर हर साल अभियंता दिवस पर मेधावी संकायों की पहचान करना और उन्हें वैश्विक स्तर पर उच्च शिक्षा की बदलती जरूरतों के अनुरूप खुद को तैयार करने के लिए प्रोत्साहित करना।

  • डिग्री और डिप्लोमा प्रदान करने वाले संस्थानों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर उच्च तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में असाधारण शिक्षकों की पहचान करने और उनकी उत्कृष्टता, सर्वोत्तम कार्यविधि और नवाचार के लिए पहली बार यह पुरस्कार दिए गए हैं।
  • शिक्षा मंत्री ने छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए उनके बीच स्वस्थ सह-पाठ्यक्रम (को-करिकुलर) गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए ‘छात्रों के बीच रुचि, रचनात्मकता और मूल्यों को बढ़ाने की योजना -स्पाइसेज’ (Scheme for Promoting Interests, Creativity and Ethics among Students -SPICES) का भी उद्घाटन किया।

वेनिस फिल्‍म समारोह में फिल्‍म निर्देशक चैतन्‍य तम्‍हाणे को सर्वोत्‍तम पटकथा का पुरस्‍कार


सितंबर 2020 में 77वें वेनिस फिल्म समारोह में, फिल्म निर्देशक चैतन्य तम्हाणे को शास्त्रीय संगीतकार पर बनी मराठी फिल्म 'द डिसाइपल' (The Disciple) के लिए सर्वोत्तम पटकथा का पुरस्कार दिया गया।

  • 2001 में वेनिस में मीरा नायर की ‘मॉनसून वेडिंग’ के बाद से यूरोपीय फिल्म महोत्सव की मुख्य श्रेणी में भाग लेने वाले तम्हाणे भारत के पहले निर्देशक बन गए हैं।
  • यह पुरस्कार 'द इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ फिल्म क्रिटिक्स (FIPRESCI) द्वारा दिया गया। 1930 में बेल्जियम के ब्रुसेल्स में स्थापित इस संगठन में पेशेवर फिल्म समीक्षक और दुनिया भर के फिल्म पत्रकार सदस्य हैं।
  • FIPRESCI पुरस्कार से सम्मानित होने वाली अंतिम भारतीय फिल्म 'मैथिलुकल' (1990) थी, जिसका निर्देशन अडूर गोपालकृष्णन ने किया था।
  • समारोह में, चीनी मूल के अमेरिकी फिल्म निर्माता श्लो चाओ ने ‘नोमैडलैंड’ फिल्म के लिए ‘गोल्डन लायन पुरस्कार’ जीता।

डेविड एटनबरो को इंदिरा गाँधी शांति पुरस्कार 2019


प्रसिद्ध अंग्रेजी प्रसारक व प्रकृतिवादी इतिहासकार डेविड एटनबरो को 7 सितंबर, 2020 को इंदिरा गाँधी शांति, निशस्त्रीकरण व विकास पुरस्कार 2019 से सम्मानित किया गया।

  • यह पुरस्कार उन्हें ‘विश्व के प्राकृतिक अजूबों को विश्व के सामने लाने तथा ग्रह की जैव विविधता को सुरक्षित और संरक्षित करने की आवश्यकता के लिए अपनी फिल्मों और किताबों के माध्यम से मानव पीढ़ियों को शिक्षित करने और उनके मनोरंजन करने के अथक प्रयासों के लिए दिया गया।
  • यह पुरस्कार देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी की स्मृति में इंदिरा गाँधी ट्रस्ट द्वारा 1986 से प्रदान किया जा रहा है। यह पुरस्कार उन लोगों अथवा संगठनों को दिया जाता है जो अंतरराष्ट्रीय शांति व विकास को बढ़ावा देने के लिए कार्य करते हैं। इस पुरस्कार के तहत एक प्रशस्ति पत्र के साथ 25 लाख रुपये इनामस्वरुप दिए जाते हैं।

पुरस्कार के अन्य प्रमुख प्राप्तकर्ता: विज्ञान और पर्यावरण केंद्र (2018), मनमोहन सिंह (2017), शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र उच्चायोग (2015), इसरो (2014), एंजेला मार्केल (2013), कोफी अन्नान (2003), एम एस स्वामीनाथन (1999), राजीव गांधी (1991) तथा यूनिसेफ (1989) हैं।

नीदरलैंड्स की लेखिका मारिके लुकास रिजनेवेल्ड को ‘अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार’


26 अगस्त, 2020 को नीदरलैंड्स की लेखिका मारिके लुकास रिजनेवेल्ड (Marieke Lucas Rijneveld) को वर्ष 2020 के प्रतिष्ठित ‘अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया।

  • 1991 में जन्मी रिजनेवेल्ड यह पुरस्कार जीतने वाली सबसे कम उम्र की लेखिका (Author) बन गई हैं।
  • उन्हे यह पुरस्कार उनकी पुस्तक ‘द डिसकम्फर्ट ऑफ इवनिंग’ (The Discomfort of Evening) के लिए प्रदान किया गया। वे पुरस्कार में मिली 50,000 पाउंड की राशि को अनुवादक मिशेल हचिसन के साथ साझा करेंगी।
  • पुस्तक एक 10 वर्षीय लड़की जस पर केन्द्रित है, जो अपने भाई मैथ्यूज के साथ आइस-स्केटिंग के लिए जाने की अनुमति न मिलने से क्रोधित है।
  • यह पुरस्कार प्रति वर्ष किसी भी भाषा के काल्पनिक लघु कथा और उपन्यास को दिया जाता है, जिसका अनुवाद अंग्रेजी में हुआ हो और प्रकाशन ब्रिटेन अथवा आयरलैंड में हुआ हो।
  • वर्ष 2019 का यह पुरस्कार ओमान की लेखिका जोखा अल्हार्थी को उनके उपन्यास ‘सेलेस्टियल बॉडीज’ के लिए प्रदान किया गया था।

सशस्त्र और अर्धसैनिक बलों के कार्मिकों को 84 वीरता पुरस्कार


सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर और राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने 14 अगस्त, 2020 को सशस्त्र बलों के कार्मिकों और अर्द्धसैनिक बलों के सदस्यों के लिए 84 पुरस्कारों और अन्य सम्मानों को मंजूरी प्रदान की।

  • इन पुरस्कारों में 1 कीर्ति चक्र, 9 शौर्य चक्र, 5 बार टू सेना मेडल (वीरता), 60 सेना मेडल (वीरता), 4 नौसेना मेडल (वीरता), 5 वायु सेना मेडल (वीरता) शामिल हैं।
  • जम्मू-कश्मीर पुलिस के हेड कांस्टेबल अब्दुल रशीद कलास को मरणोपरांत ‘कीर्ति चक्र’ प्रदान किया गया।
  • इस बार चार रक्षा कर्मियों को शौर्य चक्र प्रदान किया गया है। ‘जम्मू- कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियानों’ के लिए थलसेना के ले. कर्नल कृष्ण सिंह रावत, मेजर अनिल उर्स और हवलदार आलोक कुमार दुबे को शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। इसके अलावा भारतीय वायु सेना के विंग कमांडर विशाख नायर को भी शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया है।
  • राष्ट्रपति ने विभिन्न सैनिक कार्रवाइयों में उल्लेखनीय योगदान के लिए सेना के कार्मिकों के लिए 19 मेंशन-इन-डिस्पैच (Mention-in-Despatches) की भी मंजूरी दी है, जिसमें ऑपरेशन मेघदूत और 'ऑपरेशन रक्षक' के लिए 8 मरणोपरांत शामिल हैं।
  • सियाचिन ग्लेशियर की ऊंचाइयों पर नियंत्रण के लिए 1984 में ऑपरेशन 'मेघदूत' शुरू किया गया था। 'ऑपरेशन रक्षक' जम्मू-कश्मीर में 1990 से शुरू आतंकवाद विरोधी अभियान है।

खाद्य प्रणाली विजन 2050 पुरस्कार


अगस्त 2020 में भारतीय खाद्य संरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) को अमेरिका स्थित रॉकफेलर फाउंडेशन द्वारा ‘खाद्य प्रणाली विजन 2050 पुरस्कार’ के लिए शीर्ष दस फाइनलिस्टों में चुना गया है।

  • 'एफएसएसएआई' को 'ईट राइट इंडिया' (Eat Right India) पहल के लिए चुना गया है। यह पहल खाद्य अपशिष्ट को कम करने के सिस्टम-आधारित दृष्टिकोण के माध्यम से स्वस्थ आहार की दिशा में एक राष्ट्रीय अभियान है।
  • हैदराबाद स्थित गैर-लाभकारी संगठन 'नंदी फाउंडेशन' को भी नए एकीकृत आर्थिक मॉडल 'अराकुनोमिक्स' हेतु पुरस्कार के लिए चुना गया है, जो अराकू में आदिवासी किसानों के साथ काम पर आधारित है।
  • खाद्य प्रणाली विजन पुरस्कार, 2050 तक 'पुनरुत्पादक और पौष्टिक खाद्य प्रणाली का विजन' विकसित करने के लिए दुनिया भर के संगठनों को प्रोत्साहित करने पर केंद्रित है। दस फाइनलिस्ट में से प्रत्येक को 200,000 डॉलर का पुरस्कार दिया जाएगा।

जनजातीय कार्य मंत्रालय को स्कॉच गोल्ड अवॉर्ड


30 जुलाई, 2020 को जनजातीय कार्य मंत्रालय को मंत्रालय के छात्रवृत्ति प्रभाग की आईटी सक्षम छात्रवृत्ति योजनाओं के माध्यम से आदिवासियों के सशक्तीकरण के लिए एसकेओसीएच (स्कॉच) गोल्ड अवॉर्ड दिया गया।

  • 66वीं स्कॉच 2020 प्रतियोगिता का शीर्षक 'डिजिटल गवर्नेंस के माध्यम से कोविड का मुकाबला कर रहा भारत' था।
  • स्कॉच पुरस्कार वर्ष 2003 में स्थापित किया गया था। स्कॉच समूह समावेशी विकास पर ध्यान देने के साथ ही सामाजिक-आर्थिक मुद्दों से संबंधित भारत का अग्रणी थिंक टैंक है।

पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय राष्ट्रीय पुरस्कार


29 जुलाई, 2020 को पृथ्वी प्रणाली विज्ञान में उत्कृष्टता के लिए पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय राष्ट्रीय पुरस्कार घोषित किए गए।

  • लाइफ टाइम उत्कृष्टता पुरस्कार: प्रोफेसर अशोक साहनी को जियोलौजी, कशेरुकी जंतु विज्ञान तथा बायोस्ट्रेटीग्राफी के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए।
  • समुद्र विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार: विशाखापत्तनम के सीएसआईआर-राष्ट्रीय समुद्रशास्त्र संस्थान के वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक डॉ. वी. वी. एस. एस. शर्मा (हिन्द महासागर के जैव-भूरसायन की समझ में उल्लेखनीय योगदान के लिए) तथा गोवा के राष्ट्रीय ध्रुवीय केंद्र एवं समुद्र अनुसंधान के निदेशक डॉ. एम रविचंद्रन (इंडियन आर्गो प्रोजेक्ट के प्रतिपादन एवं निष्पादन के लिए)
  • वातावरण विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार: डॉ. एस. सुरेश बाबू (वातावरण की स्थिरता एवं जलवायु पर ब्लैक कार्बन एयरोसोल के विकिरण प्रभावों को समझने की दिशा में असाधारण योगदान के लिए)
  • भू-विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार: वाराणसी के बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के जियोलॉजी विभाग के एन. वी. चलापति राव [डीपर मैंटल पेट्रोलॉजी (deeper mantle petrology) तथा भू-रसायन पर स्थायी अनुसंधान के लिए]
  • समुद्र प्रौद्योगिकी के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार: चेन्नई के राष्ट्रीय समुद्र प्रौद्योगिकी संस्थान के निदेशक डॉ. एम. . आत्मानंद (गहरे समुद्र प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में प्रवर्तक कार्य के लिए)
  • महिला वैज्ञानिक का डॉ. अन्ना मणि राष्ट्रीय पुरस्कार: गोवा के सीएसआईआर- राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. लिदिता डी. एस. खांडेपारकर (जलीय सूक्ष्मजीव पारिस्थितिकी, मैरीन बायोफिल्म तथा महासागरों में उनकी प्रासंगिकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए)
  • यंग रिसर्चर अवार्ड: आईआईटी कानपुर के डॉ. इंद्र शेखर सेन तथा अहमदाबाद के भौतिकी अनुसन्धान प्रयोगशाला के डॉ. अरविंद सिंह (पृथ्वी प्रणाली विज्ञान में उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए)

सिंगापुर में भारतीय मूल की नर्स कला नारायणसामी को राष्ट्रपति पुरस्कार


22 जुलाई, 2020 को सिंगापुर में 59 वर्षीय भारतीय मूल की नर्स कला नारायणसामी को कोविड-19 महामारी के दौरान फ्रंटलाइन पर सेवा देने के लिए ‘नर्सों के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। उनके अलावा 4 अन्य नर्सों को भी यह सम्मान दिया गया।

  • नारायणसामी, जो 'वुडलैंड्स हेल्थ कैंपस' में नर्सिंग की उप निदेशक हैं, को मौजूदा महामारी में 'संक्रमण नियंत्रण प्रक्रियाओं' (Infection control practices) का उपयोग करने के लिए सम्मानित किया गया, जिसका उन्हें 2003 के गंभीर तीव्र श्वसन सिंड्रोम (SARS) प्रकोप के दौरान अनुभव हुआ था।
  • प्रत्येक पुरस्कार प्राप्तकर्ता को ट्रॉफी, राष्ट्रपति हलिमाह याकूब द्वारा हस्ताक्षरित एक प्रमाण पत्र और 10,000 सिंगापुर डॉलर (7,228 अमेरिकी डॉलर) से सम्मानित किया गया।
  • वर्ष 2000 में स्थापित नर्सों के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार उन नर्सों को मान्यता देता है, जिन्होंने रोगी देखभाल, शिक्षा, अनुसंधान और प्रशासन में निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन और योगदान दिया हो।

सिद्धार्थ मुखर्जी और राज चेट्टी '2020 ग्रेट इमिग्रेंट्स' ऑनरीज से सम्मानित


संयुक्त राज्य अमेरिका में, दो प्रसिद्ध भारतीय-अमेरिकी जिन्होंने कोविड -19 स्वास्थ्य संकट को कम करने के प्रयासों में योगदान दिया है, को इस वर्ष अमेरिकी स्वतंत्रता दिवस समारोह से पहले 1 जुलाई, 2020 को एक प्रतिष्ठित अमेरिकी फाउंडेशन द्वारा सम्मानित गया है।

  • पुलित्जर पुरस्कार विजेता लेखक और कैंसर रोग विशेषज्ञ सिद्धार्थ मुखर्जी और हार्वर्ड विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र के प्रोफेसर राज चेट्टी को कार्नेगी कॉरपोरेशन ऑफ न्यूयॉर्क ने '2020 ग्रेट इमिग्रेंट्स' ऑनरीज (2020 Great Immigrants' honorees) के तौर पर सम्मानित किया है।

  • सिद्धार्थ वर्ष 2009 से कोलंबिया विश्वविद्यालय संकाय में सेवारत हैं, जहां वे एक एसोसिएट प्रोफेसर ऑफ मेडिसिन हैं।

फ्रीया ठकराल को 2020 का डायना पुरस्कार


ब्रिटिश स्कूल, नई दिल्ली की एक 13 वर्षीय छात्रा, फ्रीया ठकराल को 1 जुलाई, 2020 को दिवंगत राजकुमारी डायना की जयंती पर अन्य चेंजमेकर्स के साथ डायना पुरस्कार 2020 से सम्मानित किया गया है।

  • ठकराल को उनके 'रिसाइक्लर ऐप' (Recycler App) के लिए चुना गया है, जो उपयोगकर्ताओं को अपशिष्ट-संचालकों से जोड़ने के लिए एक वेब-आधारित मोबाइल एप्लिकेशन है।

  • यह डोर-टू-डोर सेवा उन लोगों के लिए पुन: प्रयोज्य कचरे के आसान निपटान में मदद करती है, जिनके पास अपने कचरे के निपटान का साधन या समय नहीं है।

  • डायना पुरस्कार की स्थापना 1999 में ब्रिटिश सरकार द्वारा दुनिया भर में युवाओं के सामाजिक कार्यों और मानवीय प्रयासों को पहचानने के लिए राजकुमारी डायना की स्मृति में की गई थी, जिनकी 1997 में कार दुर्घटना में मौत हो गई थी।